Author: NewseDay

  • योगी सरकार के निर्देश पर लखनऊ में बाढ़ पीड़ितों को राहत, लगातार बांटे जा रहे भोजन के पैकेट

    योगी सरकार के निर्देश पर लखनऊ में बाढ़ पीड़ितों को राहत, लगातार बांटे जा रहे भोजन के पैकेट

    योगी सरकार के निर्देश पर लखनऊ के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी

    बाढ़ प्रभावितों तक लगातार पहुंचाए जा रहे भोजन के पैकेट, जरूरतमंदों को दोनों समय मिल रहा भोजन

    महापौर सुषमा खर्कवाल ने नाव से प्रभावित क्षेत्रों में जाकर नागरिकों से किया संवाद, जानीं समस्याएं

    बाढ़ पीड़ितों को भोजन, पेयजल और दवाएं उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

    एलडीए ने 26 पंपिंग सेट से तेज की जल निकासी

    एलडीए ने राहत कार्यों के लिए मैनपावर बढ़ाया, अधिकारी तीन शिफ्ट में कर रहे 24×7 निगरानी

    लखनऊ
     बाढ़ प्रभावित नागरिकों को राहत और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन, नगर निगम, एलडीए, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। इसी क्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर आयुक्त गौरव कुमार के साथ विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।

    महापौर सुषमा खर्कवाल ने जोन-3 के लोहरामऊ, फैजुल्लागंज, दाउद नगर और मिल्लत नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इसके अलावा जोन-6 के हयात नगर, सेहठा गांव और गुल्मी खेड़ा में नाव के माध्यम से पहुंचकर प्रभावित नागरिकों से संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं जरूरतों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों को भोजन के पैकेट, पेयजल और आवश्यक दवाएं वितरित की। साथ ही अधिकारियों को राहत सामग्री की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    दाऊद नगर, मामा कॉलोनी और लोहरामऊ में 800 भोजन के पैकेट वितरित

    नगर निगम प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद नागरिकों तक भोजन के पैकेट पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दाऊद नगर, मामा कॉलोनी और लोहरामऊ में लगभग 800 भोजन के पैकेट वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रभावित बस्तियों एवं गलियों में दिन के दोनों पहरों में 1450 से अधिक भोजन के पैकेट वितरित किए गए। प्रथम पहर में गृह निर्माण संस्था क्षेत्र में करीब 250 पैकेट, दौलत खेड़ा एवं मुन्नू खेड़ा में 180, हयात नगर एवं लक्ष्मी हॉस्पिटल वाली गली में 150, तांड खेड़ा में 185, बरावन कला एवं एमसी सक्सेना के पीछे वाली गली में करीब 50 तथा हयात नगर के अन्य हिस्सों में 80 भोजन के पैकेट वितरित किए गए। वहीं, दूसरे पहर में करीब 650 भोजन के पैकेट वितरित किए गए। आवश्यकता और मांग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में दिन में दो समय भोजन के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    हेल्थ कैंप में व्यवस्थाओं की जांच

    निरीक्षण के दौरान महापौर ने प्रभावित क्षेत्र में स्थापित हेल्थ कैंप का भी निरीक्षण कर दवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य टीम से फीडबैक लेते हुए निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों को समय पर उपचार और दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा गया। इस दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए स्थापित कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से नागरिकों की ओर से प्राप्त सूचनाओं और राहत कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों को स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन के पैकेट तीनों समय नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाएं।

    एलडीए ने 26 पंपिंग सेट लगाए

    वहीं गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से इकाना स्टेडियम, प्लासियो मॉल और आसपास के क्षेत्रों में हुए जलभराव से निपटने के लिए एलडीए ने राहत अभियान तेज कर दिया है। जिस स्थान से गोमती का पानी योजना क्षेत्र में प्रवेश कर रहा था, वहां बोल्डर और मिट्टी डालकर मजबूत अस्थायी अवरोध बनाया गया है। जल निकासी के लिए 26 पंपिंग सेट लगाए गए हैं, जिससे गुरुवार शाम पांच बजे तक जलभराव की स्थिति में काफी सुधार दर्ज किया गया।

    लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार और सचिव सुशील प्रताप सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद अलग-अलग पॉकेट में मैनपावर में डेढ़ गुना वृद्धि की गई है। निगरानी और आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए एलडीए के अधिकारी, अभियंता और कर्मचारी तीन शिफ्ट में 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर सीजी सिटी अर्बन वेटलैंड और नौसेना शौर्य वाटिका को अग्रिम आदेशों तक आगंतुकों के लिए बंद कर दिया गया है।

  • Punjab Weather Update: संगरूर में 3 डिग्री गिरा तापमान, 3 जिलों में बारिश का अलर्ट; बिजली की मांग घटी

    Punjab Weather Update: संगरूर में 3 डिग्री गिरा तापमान, 3 जिलों में बारिश का अलर्ट; बिजली की मांग घटी

    अमृतसर
     वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने के बाद पंजाब के बढ़ रहे तापमान से हल्की राहत मिली है। रात का तापमान अभी भी सामान्य से अधिक बना हुआ है, जबकि बीते दिन का तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। मौसम विभाग की तरफ से आज, शुक्रवार, बारिश को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ है। लेकिन 10 अक्टूबर और 11 अक्टूबर को वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर फिर देखने को मिलेगा।  

    मौसम विभाग की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार, शुक्रवार राज्य के कुछ इलाकों में हल्की वर्षा दर्ज की गई। जिसमें पठानकोट में सबसे अधिक 15.5 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा चंडीगढ़ में 7.8 मिमी, पठानकोट शहर में 7 मिमी, होशियारपुर के सलेरन में 5.5 मिमी, भाखड़ा डैम क्षेत्र में 4 मिमी और थीन डैम पर 3.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

    आज राज्य में कोई अलर्ट नहीं
    9 अक्टूबर: आज पंजाब में बारिश को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया। जबकि हिमाचल से सटे जिलों में बारिश होने की संभावना है। अन्य सभी जिलों में मौसम सामान्य रहेगा।

    10 अक्टूबर: पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, और मोहाली के अलावा दक्षिण-पश्चिमी जिलों फाजिल्का, मुक्तसर और बठिंडा में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। अन्य सभी जिलों में मौसम सामान्य रहेगा। कुछ जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के चलने का भी अनुमान है।

    11 अक्टूबर: पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, मोहाली, फाजिल्का, मुक्तसर, और बठिंडा में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। कुछ जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के चलने का भी अनुमान है।

    12 अक्टूबर: पंजाब में कहीं भी कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया। लेकिन कुछ जिलों में छुटपुट बारिश का अनुमान है। 

    सामान्य से 2.3 डिग्री कम तापमान दर्ज
    मौसम बुलेटिन के अनुसार, राज्य के औसत अधिकतम तापमान में कल की तुलना में 1.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री बठिंडा में दर्ज किया गया। दूसरी ओर, औसत न्यूनतम तापमान में 1 डिग्री की कमी आई है, हालांकि यह अब भी सामान्य से 4.6 डिग्री अधिक बना हुआ है। राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री पठानकोट में दर्ज किया गया। 

    प्रमुख शहरों के तापमान की बात करें तो अमृतसर में अधिकतम 32.4 डिग्री और न्यूनतम 23.5 डिग्री, लुधियाना में 30.6 डिग्री और 22.2 डिग्री, पटियाला में 30.3 डिग्री और 22.4 डिग्री, चंडीगढ़ में 31.2 डिग्री और 22.2 डिग्री और जालंधर में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री और न्यूनतम 22.2 डिग्री दर्ज किया गया है।

    10 और 11 अक्टूबर को तेज हवाएं चलने के आसार मौसम विभाग ने दोनों दिन गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ तेज हवाओं की चेतावनी दी है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई।

    मौसम ठंडा होने से बिजली की मांग में कमी मौसम में ठंडक के बीच पंजाब में बिजली की मांग 8,195 मेगावाट दर्ज की गई। राज्य ने केंद्रीय पूल से 3,759 मेगावाट बिजली ली, जबकि निर्धारित शेड्यूल 4,151 मेगावाट था। यानी तय मात्रा से 392 मेगावाट कम बिजली ली गई। पंजाब में बिजली उत्पादन 4,437 मेगावाट रहा और बिजली की फ्रीक्वेंसी 50.03 हर्ट्ज दर्ज की गई।

     

  • उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का निर्देश, पुनर्वासित नक्सलियों को जमीन, आवास और रोजगार का मिलेगा लाभ

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का निर्देश, पुनर्वासित नक्सलियों को जमीन, आवास और रोजगार का मिलेगा लाभ

    रायपुर : नक्सल प्रकरणों की वापसी के लिए प्रक्रिया में तेजी लाएं, 15 दिनों में जिला स्तरीय समितियों की बैठक करें – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    पुनर्वासितों को भूमि, आवास, रोजगार और शासन की सभी सुविधाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें – उप मुख्यमंत्री शर्मा

    *गंभीर अपराध, जनहानि और यूएपीए से संबंधित मामलों को छोड़कर अन्य पात्र प्रकरणों की वापसी पर जोर*

    *5 नवंबर तक राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित करने के निर्देश, जिलावार प्रत्येक प्रकरण की हुई समीक्षा*

    *अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ लौटे लगभग 900 पुनर्वासितों पर जताया हर्ष, आजीविकापरक प्रशिक्षण और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश*

    *नक्सल घटनाओं में शहीद जवानों और मृत नागरिकों की स्मृति में बनेंगे सार्वजनिक उपयोग के स्मारक, शहीदों के नाम पर होंगे सार्वजनिक स्थलों के नामकरण*

    रायपुर

    उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में नक्सल प्रकरणों की वापसी, आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों तथा नक्सल हिंसा से प्रभावित जवानों एवं नागरिकों के परिवारों को दी जा रही सहायता की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नक्सल प्रकरणों में निरुद्ध एवं न्यायालयों में प्रक्रियाधीन लोगों के मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए। गंभीर अपराध, जनहानि तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) से संबंधित मामलों को छोड़कर अन्य पात्र प्रकरणों की वापसी के लिए निर्धारित प्रक्रिया को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रकरणों की वापसी की कार्रवाई नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाए।

         उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बैठक में सभी जिलों से प्राप्त प्रकरण वापसी संबंधी आवेदनों की जिलावार एवं प्रकरणवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक प्रकरण की वर्तमान स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने प्रकरण वापसी के लिए प्रस्तावित संपूर्ण प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करते हुए इसे जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित जिलों में जिला स्तरीय प्रकरण वापसी समितियों की बैठक अगले 15 दिनों के भीतर आयोजित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही राज्य स्तरीय समिति की बैठक 5 नवंबर तक संपन्न कराने के निर्देश दिए।

    *अन्य राज्यों में आत्मसमर्पण करने वाले छत्तीसगढ़ के निवासियों की वापसी और पुनर्वास पर विशेष जोर*

          उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अन्य राज्यों में आत्मसमर्पण करने वाले छत्तीसगढ़ के निवासियों को वापस राज्य में लाने की प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे व्यक्तियों की वापसी के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का पालन किया जाए। राज्य लौटने वाले आत्मसमर्पित व्यक्तियों को पुनर्वास केंद्रों में रखकर उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप आजीविकापरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में आत्मनिर्भर जीवन व्यतीत कर सकें।

          उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अब तक लगभग 900 पुनर्वासितों के राज्य वापस लौटने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने सभी पुनर्वासितों को मोबाइल फोन और प्रशिक्षण किट उपलब्ध कराने के साथ उनके आवश्यक पहचान पत्र एवं राशन कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुनर्वास से संबंधित व्यवस्थाओं के साथ हथियारों की मैपिंग के संबंध में भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

    *पुनर्वासितों को भूमि आवंटन, रोजगार, आवास और आर्थिक सहायता का पूरा लाभ मिले*

         उप मुख्यमंत्री शर्मा ने शासन की पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पित व्यक्तियों को प्रदान की जाने वाली सहायता एवं सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक प्रकरण पर अलग-अलग चर्चा करते हुए भूमि आवंटन, रोजगार उपलब्ध कराने, आवास वितरण और अन्य पुनर्वास सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि पुनर्वास नीति के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को मिलने वाले सभी लाभ समय पर उपलब्ध कराए जाएं और कोई भी पात्र पुनर्वासित सहायता से वंचित न रहे। उन्होंने पुनर्वासितों को मिलने वाली इनाम राशि के लंबित भुगतान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से प्रत्येक लंबित प्रकरण की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले महीने आयोजित होने वाली समीक्षा बैठक से पहले पुनर्विचार से संबंधित सभी मामलों पर चर्चा कर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

          उप मुख्यमंत्री शर्मा ने सभी पात्र पुनर्वासितों को प्रोत्साहन राशि वितरित किए जाने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए समन्वित प्रयासों की सराहना की। साथ ही सभी पुनर्वासितों के आयुष्मान कार्ड एवं राशन कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा से संबंधित योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने पुनर्वास से संबंधित जानकारियों को सार्वजनिक करने के निर्देश भी दिए, जिससे आमजन को शासन द्वारा किए जा रहे पुनर्वास प्रयासों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त हो सके।

    *इलवद पंचायत के लंबित विकास कार्यों की समीक्षा, ग्रामीणों की मांग के अनुरूप हों कार्य स्वीकृत*

          उप मुख्यमंत्री शर्मा ने इलवद पंचायत के अंतर्गत लंबित विकास कार्यों की जिलावार समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक प्रस्तावित एवं लंबित कार्य की स्वीकृति की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की स्वीकृति के समय यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्य स्थानीय ग्रामीणों की वास्तविक आवश्यकताओं और उनकी मांग के अनुरूप हों। उन्होंने ग्रामीणों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

    *नक्सल हिंसा में शहीद जवानों के परिजनों और प्रभावित नागरिकों को मिले सभी निर्धारित लाभ*

         उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने वर्ष 2001 से अब तक नक्सल घटनाओं में शहीद हुए जवानों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति एवं अन्य निर्धारित लाभ प्रदान किए जाने की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अब तक की कार्रवाई पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए लंबित प्रकरणों पर अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र परीक्षण कर नियमानुसार निराकरण किया जाए, ताकि पात्र परिजनों को निर्धारित सहायता एवं सुविधाएं प्राप्त हो सकें।

          उप मुख्यमंत्री शर्मा ने नक्सल घटनाओं में जान गंवाने वाले आम नागरिकों की जानकारी भी ली। उन्होंने मृत नागरिकों के आश्रित परिवारों को दी जा रही आर्थिक सहायता एवं अन्य लाभों की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी पात्र परिवारों को अनिवार्य रूप से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने नक्सल घटनाओं में घायल जवानों एवं घायल नागरिकों को प्रदान की जा रही सहायता, उपचार और अन्य सुविधाओं की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए।

    *शहीदों की स्मृति में बनेंगे जनोपयोगी स्मारक, बड़े घटनास्थलों पर दर्ज होगी वीर सपूतों की गाथा*

         उप मुख्यमंत्री शर्मा ने नक्सल घटनाओं में शहीद जवानों एवं जान गंवाने वाले आम नागरिकों की स्मृति में स्मारक निर्माण की योजना की समीक्षा की। उन्होंने स्मारकों के लिए तैयार किए गए मानक डिजाइन पर चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि इन स्मारकों को केवल स्मृति स्थल तक सीमित न रखकर जनोपयोगी स्वरूप भी दिया जाए। उन्होंने स्मारकों को यात्री प्रतीक्षालय एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग के केंद्रों के रूप में विकसित करने पर जोर दिया, ताकि स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को भी इनका लाभ मिल सके।

          उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्थानों पर नक्सल घटनाओं में बड़ी संख्या में जवान या आम नागरिकों की मृत्यु हुई है, वहां बड़े स्मारक बनाए जाएं। ऐसे स्मारक स्थलों पर लोगों के रुकने और ठहरने की समुचित व्यवस्था भी की जाए। इसके साथ ही संबंधित नक्सल घटना, शहीद जवानों और मृत नागरिकों के संबंध में संपूर्ण जानकारी स्मारक स्थल पर प्रदर्शित की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां बस्तर के वीर सपूतों के बलिदान और इतिहास से परिचित हो सकें।

    *शहीदों के नाम पर होंगे पंचायत भवन, स्कूल मैदान, मार्ग और सार्वजनिक स्थलों के नामकरण*

    उप मुख्यमंत्री शर्मा ने नक्सल घटनाओं में शहीद हुए जवानों की स्मृति को स्थायी सम्मान देने के लिए सार्वजनिक स्थलों के नामकरण संबंधी कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन, मार्ग, चौक-चौराहों, बाजार और स्कूल मैदान सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों का नामकरण शहीदों के नाम पर करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई अगले महीने तक पूर्ण की जाए। उन्होंने गांवों में शहीद स्मारकों के निर्माण की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्धारित मानक प्रारूप के अनुरूप इनका निर्माण जल्द से जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

    *बस्तर के रासायनिक उर्वरक मुक्त गांवों की होगी पहचान, किसानों को मिलेगा उत्पादों का उचित मूल्य*

          उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बस्तर के ऐसे गांवों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां अब तक खेती में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं हुआ है। उन्होंने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए कि ऐसे गांवों को चिन्हित कर धान उपार्जन प्रारंभ होने से पहले आवश्यक व्यवस्थाओं से जोड़ा जाए, ताकि वहां उत्पादित कृषि उपज का किसानों को उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने इस पहल में संबंधित गांवों की महिला स्वसहायता समूहों को भी जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय कृषि उत्पादों से जुड़ी गतिविधियों में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाकर उनके लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसर विकसित किए जाएं।

    *मां दंतेश्वरी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के निर्देश*

         उप मुख्यमंत्री शर्मा ने नवरात्रि के अवसर पर मां दंतेश्वरी की आराधना एवं दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं तथा उनकी सुरक्षा के लिए समुचित इंतजाम किए जाएं।

         बैठक में प्रमुख सचिव सुनिहारिका बारीक, गृह सचिव सुनेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एस.आर.पी. कल्लूरी एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बस्तर, कोण्डागांव, कबीरधाम, राजनांदगांव, महासमुंद, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, दुर्ग एवं बलरामपुर जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

  • डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा, 27 जिला अस्पतालों में नए पदों पर जोर

    डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा, 27 जिला अस्पतालों में नए पदों पर जोर

    27 जिला चिकित्सालयों में आवश्यकतानुसार नवीन पदों के सृजन की कार्यवाही समय-सीमा में करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा की

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रस्तावों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने और प्रशासनिक एवं तकनीकी विषयों में अंतर्विभागीय समन्वय के माध्यम से प्राथमिकता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने 27 जिला चिकित्सालयों में आवश्यकतानुसार नवीन पदों के सृजन से संबंधित कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालयों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पदों के सृजन से संबंधित प्रस्ताव समय पर तैयार कर आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त की जाएं।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल मेडिकल कॉलेजों में लगभग 3 हजार नवीन नर्सिंग पदों के सृजन से संबंधित प्रस्तावों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा, उपचार एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के अनुरूप आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। इसके लिए पद सृजन से संबंधित प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए।

    पांच मेडिकल कॉलेजों में कैंसर उपचार की सुविधाओं के विस्तार की समीक्षा

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेजों में पेट स्कैन, कैंसर की जांच एवं उपचार से संबंधित सुविधाओं के विकास की भी समीक्षा की। उन्होंने इन संस्थानों में ऑन्कोसर्जरी तथा मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभागों की स्वीकृति से संबंधित कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि कैंसर रोगियों को जांच एवं उपचार की समग्र सुविधाएं मेडिकल कॉलेज स्तर पर उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आधुनिक जांच एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकता है। पेट स्कैन, लिनैक सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास के साथ विशेषज्ञ विभागों की उपलब्धता सुनिश्चित करने से मरीजों को बेहतर उपचार सेवाएं प्राप्त होंगी और उन्हें उपचार के लिए अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम होगी।

    ग्वालियर में सीटीवीएस विभाग की स्थापना शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज ग्वालियर में कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग की स्थापना से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने विभाग की स्थापना से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि ग्वालियर एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी जटिल सर्जरी की विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों के प्रस्तावों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। प्रस्ताव समय पर तैयार कर आवश्यक स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने प्रशासनिक एवं तकनीकी विषयों के निराकरण में संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्यों में जहां भी अंतर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता हो, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

    पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता संबंधी कार्यवाही प्राथमिकता से पूर्ण करें

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश में पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता से संबंधित कार्यवाही की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मान्यता संबंधी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मान्यता प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं भविष्य प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित प्रकरणों का प्राथमिकता से परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही पूर्ण की जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सुखवीर सिंह, आयुक्त धनराजू एस सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • बस्तर सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर दशहरा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात

    बस्तर सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर दशहरा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात

    विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा हमारी जनजातीय संस्कृति, आस्था और सामूहिक सहभागिता की अनुपम विरासत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बस्तर दशहरा पर्व में शामिल होने का मिला आमंत्रण

    बस्तर सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर दशहरा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात

    पारंपरिक पागा पहनाकर मुख्यमंत्री का किया सम्मान, मुख्यमंत्री ने आयोजन की सफलता के लिए दी शुभकामनाएं

    75 दिनों तक चलने वाला बस्तर दशहरा आस्था, परंपरा और जनजातीय संस्कृति का अनूठा संगम

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बस्तर सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर दशहरा समिति, जगदलपुर के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व 2026 में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया। इस अवसर पर बस्तर की समृद्ध जनजातीय परंपरा के अनुरूप प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को पारंपरिक पागा पहनाकर उनका सम्मान किया।

    मुख्यमंत्री साय ने आत्मीय आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए बस्तर दशहरा के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि बस्तर की सदियों पुरानी आस्था, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और सामूहिक सहभागिता की अनुपम विरासत है। इस पर्व में बस्तर की सांस्कृतिक आत्मा और सामाजिक समरसता की सुंदर अभिव्यक्ति दिखाई देती है। हमारी सरकार बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।

    प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इससे जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों, परंपराओं तथा इस वर्ष के आयोजन की तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

    75 दिनों तक चलती है आस्था और परंपरा की अनूठी यात्रा

    प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा लगभग 75 दिनों तक चलने वाला विशिष्ट सांस्कृतिक और धार्मिक पर्व है। हरेली अमावस्या से इसकी पारंपरिक शुरुआत होती है और विभिन्न पूजा-विधानों एवं अनुष्ठानों के साथ यह पर्व आश्विन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तक चलता है।

    इस वर्ष 12 अगस्त को पाटजात्रा पूजा विधान के साथ बस्तर दशहरा पर्व का शुभारंभ हुआ। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 अक्टूबर को काछनगादी पूजा, 18 अक्टूबर को बेल पूजा तथा 23 अक्टूबर को मुरिया दरबार का आयोजन किया जाएगा। बस्तर दशहरा के विभिन्न अनुष्ठानों में अंचल के अलग-अलग समुदायों की परंपरागत और महत्वपूर्ण भागीदारी रहती है।

    मां दंतेश्वरी की आराधना से जुड़ा है बस्तर दशहरा

    बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट परंपराओं के कारण देश-दुनिया में अलग पहचान रखता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बस्तर में दशहरा भगवान श्रीराम की रावण पर विजय के उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि बस्तर अंचल की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के प्रति आस्था और आराधना के महापर्व के रूप में मनाया जाता है।

    बस्तर दशहरा की परंपरा को ऐतिहासिक मान्यताओं में चालुक्य नरेश पुरुषोत्तम देव से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि पुरुषोत्तम देव ने पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर की यात्रा की थी, जहां उन्हें ‘रथपति’ की उपाधि प्राप्त हुई। इसी ऐतिहासिक परंपरा के साथ बस्तर दशहरा में रथ का विशेष महत्व जुड़ा हुआ है।

    बस्तर दशहरा में मांझी, चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन सहित विभिन्न समुदायों और समाज के अलग-अलग वर्गों की जिम्मेदारियां परंपरागत रूप से निर्धारित हैं। धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर रथ निर्माण और आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं तक स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी इसकी विशेषता है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही सामूहिक सहभागिता की यह परंपरा बस्तर दशहरा को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समन्वय का अनूठा उदाहरण बनाती है।

    देश-दुनिया को आकर्षित करती है बस्तर की जीवंत संस्कृति

    विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा अपनी भव्य रथयात्रा, विशिष्ट पूजा-अनुष्ठानों, जनजातीय परंपराओं और लोक संस्कृति के कारण देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक आयोजन और बस्तर की जीवंत संस्कृति को करीब से देखने के लिए पहुंचते हैं।

    बस्तर दशहरा जहां सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है, वहीं यह बस्तर की लोक कला, परंपराओं और पर्यटन को भी व्यापक पहचान देता है। विभिन्न समुदायों की सामूहिक भागीदारी और मां दंतेश्वरी के प्रति अगाध आस्था इस पर्व को विशिष्ट स्वरूप प्रदान करती है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर की संस्कृति छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहर है। बस्तर दशहरा जैसी परंपराएं हमें अपनी जड़ों से जोड़ती हैं और नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराती हैं। इन परंपराओं का संरक्षण और उन्हें देश-दुनिया तक पहुंचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

    मुख्यमंत्री को आमंत्रण देने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में बस्तर सांसद महेश कश्यप, परगनाकरेकोट के मंगलु मांझी, बलराम मांझी, पदम् चालकी, समारू चालकी, डमरू चालकी, लक्ष्मण मांझी सहित अनेक मांझी, चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन एवं बस्तर दशहरा समिति के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

  • उप मुख्यमंत्री अरुण साव की पहल पर बड़ा फैसला, नगरोत्थान योजना में 38.23 करोड़ रुपये मंजूर

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव की पहल पर बड़ा फैसला, नगरोत्थान योजना में 38.23 करोड़ रुपये मंजूर

    मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना : खेल और शॉपिंग कॉप्लेक्स सहित सड़क और नाली के होंगे काम

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव की पहल पर 38.23 करोड़ मंजूर

    रायपुर
    उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की पहल पर बिलासपुर नगर निगम के लिए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत विभिन्न कार्यों के लिए 38 करोड़ 23 लाख 82 हजार रुपए की स्वीकृति मिली है। राज्य शासन द्वारा मंत्रालय से आज इसकी प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश जारी किए गए हैं।

    मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत बिलासपुर में सिरगिट्टी बन्नाक चौक के पास 12 करोड़ 21 लाख 76 हजार रुपए की लागत से खेल कॉम्पलेक्स और व्यावसायिक कॉम्पलेक्स बनाया जाएगा। योजना के तहत जोन क्रमांक-2 में नर्मदा कोल्ड ड्रिंक से गोकने नाला तक 3 करोड़ 15 लाख रुपए की लागत से नाला निर्माण तथा जोन क्रमांक-7 के खमतराई में 4 करोड़ 58 लाख 39 हजार रुपए की लागत से सड़क और नाली के कार्य होंगे। जोन क्रमांक-8 में इंदिरा विहार के पास 3 करोड़ 90 लाख रुपए से सड़क और व्यावसायिक परिसर भी बनाए जाएंगे।

    बिलासपुर नगर निगम के जोन क्रमांक-7 में बहतराई चौक के पास भक्त माता कर्मा चौक से मोपका बायपास तक 9 करोड़ 38 लाख 44 हजार रुपए की लागत से सड़क, नाली और विद्युतीकरण के कार्य किए जाएंगे। जोन क्रमांक-7 में ही 4 करोड़ 99 लाख 25 हजार रुपए की लागत से शॉपिंग कांप्लेक्स बनाया जाएगा। 

    मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से इन अधोसंरचनाओं के निर्माण से शहर में खेल गतिविधियों के लिए एक बेहतर प्लेटफॉर्म मिलेगा। साथ ही यातायात और ड्रेनेज की समस्या से मुक्ति भी मिलेगी। नए व्यावसायिक परिसरों के निर्माण से व्यावसायिक गतिविधियों को रफ्तार मिलने के साथ ही निगम के राजस्व में वृद्धि भी होगी।

  • मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलें, साफ-सफाई और जलभराव की समस्या न हो: मुख्यमंत्री

    मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलें, साफ-सफाई और जलभराव की समस्या न हो: मुख्यमंत्री

    औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ तेजी से पूरा कराएं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    हर पात्र परिवार को योजनाओं का लाभ मिले, केवल चिन्हांकन तक सीमित न रहे जीरो पावर्टी अभियान: मुख्यमंत्री

    मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलें, साफ-सफाई और जलभराव की समस्या न हो: मुख्यमंत्री

    अतिवृष्टि के बाद जहां बिजली आपूर्ति बाधित है, उसे शीघ्र बहाल करें, 24×7 सक्रिय रहे टोल फ्री नंबर: मुख्यमंत्री

    कामकाजी महिला छात्रावासों के निर्माण में तेजी के निर्देश, संचालन के लिए बनेगी नीति

    स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की 8वीं बैठक में मुख्यमंत्री ने की प्रदेश में संचालित परियोजनाओं की समीक्षा

    लखनऊ,
      मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को 'सीएम-समीक्षा' की 8वीं उच्चस्तरीय बैठक में विकास परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश, ऊर्जा, कौशल विकास, श्रमिक कल्याण और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रही बड़ी परियोजनाओं को केवल प्रक्रियाओं तक सीमित न रखा जाए, उन्हें समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी हों या फील्ड में तैनात अधिकारी, औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ तेजी से पूरा कराएं। भूमि अधिग्रहण, स्वीकृति, निविदा और अंतरविभागीय समन्वय से जुड़ी बाधाओं का तत्काल समाधान किया जाए।

    एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए चार निविदाएं प्राप्त हो चुकी हैं और अक्टूबर में निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। फर्रुखाबाद, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80 से 91 प्रतिशत तक भूमि उपलब्ध हो चुकी है। मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य-पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे के लिए सत्यापन कार्य पूरा हो चुका है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों से अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए शेष भूमि संबंधी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

    बैठक में ग्रेटर नोएडा के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब की भी समीक्षा हुई। यहां 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा प्राप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक परियोजनाओं में आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। महिला श्रम सहभागिता बढ़ाने के लिए कामकाजी महिला छात्रावासों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इनके निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों के निर्माण के साथ उनके प्रभावी संचालन के लिए भी अच्छी और उपयोगी नीति तैयार की जाए।

    जीरो पावर्टी अभियान की समीक्षा में बताया गया कि चिन्हित 12.50 लाख परिवारों में से करीब 9 लाख आवास के पात्र पाए गए हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 30,725 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। अभियान के तहत पात्र परिवारों को श्रमिक पंजीकरण, आयुष्मान कार्ड, अंत्योदय कार्ड, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान में केवल पात्र परिवारों का चिन्हांकन पर्याप्त नहीं है, प्रत्येक पात्र परिवार को संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडियों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था हो, जलभराव की स्थिति न बने और किसानों को अपनी उपज के साथ किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंडी परिसरों की नियमित निगरानी और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

    हाल के दिनों में कई क्षेत्रों में हुई अतिवृष्टि को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां कहीं भी बिजली आपूर्ति बाधित है, उसे शीघ्र बहाल किया जाए। उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 24×7 सक्रिय रखा जाए। प्रत्येक उपभोक्ता को सही और समय पर बिजली बिल उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए। बिजली चोरी और लाइन लॉस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए फीडरवार ऑडिट कर वास्तविक स्थिति सामने लाने के निर्देश दिए गए।

    अग्नि सुरक्षा की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और होटलों में वैध फायर एनओसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनओसी की अवधि समाप्त होने से पहले नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी कराने और अग्नि सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

    लोक निर्माण विभाग की ₹50 करोड़ से अधिक लागत वाली 279 परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अनुबंध के अनुसार सभी कार्य समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की प्रगति की समीक्षा में बताया गया कि ₹454 करोड़ से 11,350 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। इनमें शत-प्रतिशत एनबीटी पुस्तकें और 96 प्रतिशत फर्नीचर पहुंच चुका है तथा 99 प्रतिशत लाइब्रेरी में पठन-पाठन शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने शेष हार्डवेयर आपूर्ति में तेजी लाने और रियल टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से नियमित निगरानी के निर्देश दिए।

  • शेयर बाजार में IT स्टॉक्स की धूम, ट्रंप के झटके के बाद भी हरे निशान में कारोबार

    शेयर बाजार में IT स्टॉक्स की धूम, ट्रंप के झटके के बाद भी हरे निशान में कारोबार

    मुंबई   
       अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा TCS, इंफोसिस, विप्रो और HCLTech समेत आठ बड़ी आईटी कंपनियों को ग्रीन कार्ड से जुड़े PERM प्रोग्राम से सस्पेंड किए जाने के बावजूद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में आईटी शेयरों में तेजी देखने को मिली. 9 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई. मार्केट खुलते ही सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा चढ़ गया, जबकि निफ्टी में 200 से अधिक अंकों की बढ़त दर्ज की गई. वहीं, रुपये में भी डॉलर के मुकाबले मजबूती देखने को मिली. रुपया 4 पैसे मजबूत होकर 96.74 प्रति डॉलर पर खुला. गुरुवार को कारोबार बंद होने के समय यह 96.78 प्रति डॉलर पर था। 

    शुरुआती कारोबार में TCS, इंफोसिस, HCLTech समेत प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयर ग्रीन जोन में कारोबार करते नजर आए. शुरुआती कारोबार में इंफोसिस के शेयरों में 2.62%, टीसीएस के शेयरों में 3.39%, एचसीएल के शेयरों में 2.53% और विप्रो के शेयरों में 2.47% की तेजी देखने को मिली. अमेरिकी कार्रवाई के बीच विदेशी बाजारों में भी आईटी कंपनियों के शेयरों में मिलाजुला रुख देखने को मिला. नैस्डैक (Nasdaq) पर माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.35% तक लुढ़क गए, जबकि कॉग्निजेंट के शेयरों में 5.15% की तेजी दर्ज की गई. वहीं, पेरिस स्टॉक एक्सचेंज में कैपजेमिनी के शेयर 0.045% की मामूली बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे. नैस्डैक पर एडोबी के शेयरों में भी 3.56% का उछाल दर्ज किया गया। 

    8 IT कंपनियों पर अमेरिकी एक्शन

    अमेरिकी सरकार की ओर से TCS, इंफोसिस, विप्रो, HCLTech समेत आठ बड़ी आईटी कंपनियों को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से सस्पेंड किए जाने के बाद माना जा रहा था कि इन कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिल सकता है. वजह यह है कि प्रोग्राम इलेक्ट्रॉनिक रिव्यू मैनेजमेंट (PERM) अमेरिका में रोजगार के आधार पर विदेशी कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड पाने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है. इस पर रोक से प्रभावित कंपनियों के जरिए स्थायी निवास पाने की तैयारी कर रहे विदेशी कर्मचारियों के मामले अटक सकते हैं. इससे कंपनियों की रिक्रूटमेंट स्ट्रैटेजी और कारोबार पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर भी सवाल उठ रहे थे। 

    हालांकि, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआती चाल इसके उलट रही. भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला और प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे. इससे संकेत मिला कि निवेशकों ने फिलहाल अमेरिकी फैसले को लेकर तत्काल बड़ी बिकवाली नहीं की. हालांकि, केवल शुरुआती तेजी के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि इस कार्रवाई का कंपनियों के कारोबार या शेयरों पर आगे कोई असर नहीं पड़ेगा. आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर कंपनियों के बयानों, अमेरिकी प्रशासन के अगले कदम और इस फैसले के वास्तविक कारोबारी असर पर रहेगी। 

    इस पूरे मामले में एक अहम बात यह है कि PERM से सस्पेंशन और कंपनियों के रोजमर्रा के कारोबार पर असर, दोनों अलग-अलग पहलू हैं. PERM मुख्य रूप से रोजगार के आधार पर ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया से जुड़ा है. इस पर रोक लगने का मतलब यह नहीं है कि कंपनियां अमेरिका में कारोबार नहीं कर सकेंगी या वहां काम कर रहे सभी विदेशी कर्मचारियों के वीजा रद्द हो जाएंगे. यही वजह है कि इस फैसले का बाजार पर तत्काल असर नहीं दिखा. इसके साथ-साथ कंपनियों के कारोबार पर इसके वास्तविक प्रभाव को अगले कुछ कारोबारी सत्रों में देखना अहम रहेगा। 

    एक्शन पर IT कंपनियों ने दी प्रतिक्रया
    भारत में सॉफ्टवेयर और आईटी सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के संगठन नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (NASSCOM) ने कहा है कि अमेरिकी सरकार की ओर से आईटी कंपनियों को PERM कार्यक्रम से निलंबित करने का फैसला ग्रीन कार्ड पाने के एक खास रास्ते को प्रभावित करता है, न कि H-1B वीजा कार्यक्रम को. संगठन ने यह भी कहा कि भारतीय आईटी कंपनियों ने H-1B वीजा पर अपनी निर्भरता कम की है और अमेरिका में स्थानीय स्तर पर भर्तियां बढ़ाई हैं. ये कंपनियां अमेरिकी कारोबारों को सहयोग देने के साथ वहां जॉब क्रिएशन में भी योगदान दे रही हैं। 

    वहीं, TCS ने साफ किया है कि इस कार्रवाई से उसकी अमेरिकी भर्ती रणनीति पर खास असर पड़ने की आशंका नहीं है. कंपनी अगले पांच साल में अमेरिका में 15,000 लोगों को नौकरी देने की योजना पर कायम है. TCS के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में उसके PERM आवेदन एक अंक में रहे हैं और अमेरिका में उसकी भर्ती रणनीति स्थानीय प्रतिभाओं को रोजगार देने पर केंद्रित है. माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में उसने करीब 6,000 H-1B वीजा आवेदन किए थे। 

    इनमें से 80 फीसदी आवेदन पहले से कंपनी में काम कर रहे कर्मचारियों के वीजा की अवधि बढ़ाने या उनकी वीजा स्थिति में बदलाव के लिए थे, न कि नए लोगों को नौकरी देने के लिए. माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, नए कर्मचारियों के लिए किए गए बाकी आवेदन उन लोगों के थे, जो पहले से कानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे थे और कंपनी में नौकरी करने का फैसला लिया था. कंपनी ने कहा कि ये आवेदन अमेरिका में उसके कुल कर्मचारियों की संख्या का महज एक फीसदी थे। 

     

  • निवेशकों को प्रोत्साहन राशि के भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो, तय समयसीमा में पूरी हो प्रक्रिया: मुख्यमंत्री

    निवेशकों को प्रोत्साहन राशि के भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो, तय समयसीमा में पूरी हो प्रक्रिया: मुख्यमंत्री

    जीबीसी@5.0 के लिए ₹7.55 लाख करोड़ की 7000 परियोजनाएं तैयार, सभी 75 जिलों को मिलेगा लाभ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की GBC@5.0 की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा, परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और निवेशकों को हर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश

    लगभग 7,000 परियोजनाओं में निवेश, पश्चिमांचल से बुंदेलखंड तक औद्योगिक विकास का विस्तार

    निवेशकों को प्रोत्साहन राशि के भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो, तय समयसीमा में पूरी हो प्रक्रिया: मुख्यमंत्री

    हालिया सड़क हादसों पर मुख्यमंत्री ने जताया दु:ख, एक्सप्रेसवे पर 24×7 निगरानी और निजी क्षेत्र के सहयोग से ट्रॉमा सेंटर विकसित करने के निर्देश

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी@5.0 की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  उच्चस्तरीय बैठक में समारोह की तैयारियों के साथ प्रस्तावित निवेश परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। वर्तमान स्थिति के अनुसार जीबीसी@5.0 के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जिलों में लगभग 7,000 परियोजनाओं के जरिए ₹7.55 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतरने को तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं से जुड़ी स्वीकृतियों, भूमि, आधारभूत सुविधाओं और अन्य प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए, ताकि निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

    इन्वेस्ट यूपी की ओर से बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित परियोजनाओं में विभागों के माध्यम से लगभग साढ़े तीन हजार परियोजनाएं, जिलों के स्तर पर निवेश सारथी पोर्टल से जुड़ी साढ़े तीन हजार से अधिक परियोजनाएं तथा इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से 100 से अधिक बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। क्षेत्रीय स्तर पर पश्चिमांचल में करीब पौने पांच लाख करोड़ रुपये, पूर्वांचल में 1.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक, मध्यांचल में 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक और बुंदेलखंड में 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। बड़ी परियोजनाओं में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली करीब 90 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनमें लगभग पौने पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

    सेक्टरवार निवेश में डेटा सेंटर, ऊर्जा, रियल एस्टेट, बुनियादी ढांचा, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, इस्पात एवं सीमेंट, फार्मा एवं रसायन, वस्त्र एवं परिधान, ऑटोमोबाइल और पर्यटन प्रमुख हैं। डेटा सेंटर क्षेत्र में करीब ₹1.8 लाख करोड़, ऊर्जा क्षेत्र में ₹1.15 लाख करोड़ से अधिक और रियल एस्टेट में ₹75 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हैं। विनिर्माण क्षेत्र में करीब पौने तीन लाख करोड़ रुपये तथा बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। 

    बैठक में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के पहले से चौथे संस्करण तक की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जीबीसी 1 से 4 के माध्यम से 16 हजार से अधिक परियोजनाओं में 8 हजार से अधिक परियोजनाएं वाणिज्यिक संचालन में आ चुकी हैं, जबकि 8 हजार से अधिक परियोजनाएं क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी केवल निवेश परियोजनाओं को प्रारंभ करने का अवसर नहीं है, यह प्रदेश में रोजगार, उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं को जीबीसी@5.0 में शामिल किया जा रहा है, उनकी तैयारियों और आवश्यक अनुमतियों की विभागवार निगरानी की जाए। निवेशकों के साथ नियमित संवाद रखते हुए उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।

    निवेशकों को मिलने वाले वित्तीय प्रोत्साहनों के भुगतान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी निवेशक को स्वीकृत प्रोत्साहन राशि के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो तथा पात्र निवेशकों को निर्धारित समयसीमा में प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाए। बैठक में निवेश प्रोत्साहन के लिए स्वीकृत बजट, अब तक किए गए भुगतान और आगामी अवधि में होने वाले वितरण की भी समीक्षा की गई। 

    बैठक में प्रदेश के विभिन्न एक्सप्रेसवे पर हाल के दिनों में हुई सड़क दुर्घटनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने दुर्घटनाओं पर दु:ख व्यक्त करते हुए इनके कारणों की तकनीकी और व्यावहारिक समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने ब्लैक स्पॉट की पहचान, ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण, कोहरे के दौरान दृश्यता प्रबंधन, सुरक्षा कैमरों और रडार की निगरानी तथा टोल प्लाजा पर वाहनों की फिटनेस और चालकों की सतर्कता की जांच को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। यूपीडा, परिवहन विभाग और पुलिस को समन्वित सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से एक्सप्रेसवे के आसपास ट्रॉमा सेंटर विकसित करने की कार्ययोजना पर भी काम करने को कहा गया।

  • ‘विवाह को बेवजह न खींचें’, इंदौर हाईकोर्ट ने आपसी सहमति से तलाक पर दिया अहम फैसला

    ‘विवाह को बेवजह न खींचें’, इंदौर हाईकोर्ट ने आपसी सहमति से तलाक पर दिया अहम फैसला

    इंदौर 

    पति-पत्नी आपसी सहमति से तलाक लेना चाहते हैं तो हर मामले में 6 महीने की प्रतीक्षा अवधि पूरी करना अनिवार्य नहीं है। यदि दोनों लंबे समय से अलग रह रहे हैं, साथ रहने की कोई संभावना नहीं है और सुलह की कोशिशें भी विफल हो चुकी हैं, तो परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय प्रतीक्षा अवधि माफ कर सकता है।

    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने यह टिप्पणी करते हुए फैमिली कोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें तलाक की प्रक्रिया में 6 महीने की अवधि पूरी होने तक इंतजार करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने यह आदेश 6 अक्टूबर को जारी किया है।

    फैमिली कोर्ट ने अप्रैल 2027 की तारीख तय की थी

    15 दिन के भीतर आवेदन पर निर्णय लें
    जस्टिस संदीप एन. भट्ट ने अशुतोष की याचिका स्वीकार करते हुए इंदौर के फैमिली कोर्ट को निर्देश दिया कि 6 महीने की प्रतीक्षा अवधि माफ करने के आवेदन पर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के हालिया निर्णयों को ध्यान में रखते हुए नए सिरे से फैसला किया जाए।

    कोर्ट ने कहा है कि प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के 15 दिन के भीतर इस आवेदन पर निर्णय लिया जाए।
    पति-पत्नी ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13-बी के तहत आपसी सहमति से तलाक के लिए संयुक्त आवेदन दिया था। दोनों अप्रैल-मई 2025 से अलग रह रहे हैं। इसके बावजूद फैमिली कोर्ट ने छह महीने की प्रतीक्षा अवधि का हवाला देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 4 अप्रैल 2027 तय कर दी थी।

    पति ने मांगी थी प्रतीक्षा अवधि में छूट
    पति की ओर से छह महीने की अवधि माफ करने के लिए आवेदन दिया गया था। फैमिली कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद पति ने हाई कोर्ट का रुख किया।

    हाई कोर्ट ने मामले पर विचार करते हुए कहा कि धारा 13-बी(2) में निर्धारित छह महीने की अवधि का उद्देश्य पति-पत्नी को जल्दबाजी में तलाक लेने से रोकना और विवाह बचाने की संभावना तलाशने का अवसर देना है।

    सुलह की संभावना नहीं तो विवाह को लंबा खींचना उचित नहीं

    कोर्ट ने कहा कि जब पति-पत्नी लंबे समय से अलग रह रहे हों, उनके बीच सुलह की कोई संभावना न बची हो और समझौते की कोशिशें भी विफल हो चुकी हों, तब केवल प्रतीक्षा अवधि पूरी कराने के लिए वैवाहिक विवाद को लंबा खींचना कानून के उद्देश्य के अनुरूप नहीं होगा।

    ऐसी परिस्थितियों में कोर्ट मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए छह महीने की अवधि माफ करने पर विचार कर सकता है।

    अब फैमिली कोर्ट को नए सिरे से करना होगा फैसला
    हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के पूर्व आदेश को निरस्त करते हुए मामले को वापस भेज दिया है। अब फैमिली कोर्ट को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के हालिया फैसलों के आधार पर पति के छह महीने की प्रतीक्षा अवधि माफ करने के आवेदन पर नए सिरे से निर्णय लेना होगा।