Author: NewseDay

  • मुरैना में सियासी खींचतान के बीच जनता परेशान, सड़कों पर गड्ढे और सफाई व्यवस्था बदहाल

    मुरैना में सियासी खींचतान के बीच जनता परेशान, सड़कों पर गड्ढे और सफाई व्यवस्था बदहाल

    मुरैना में महापौर बीजेपी की, विधायक कांग्रेस के, फिर भी विकास की राह देख रहा शहर

    बारिश में तालाब बनीं सड़कें, गड्ढों में तब्दील रास्ते और सफाई व्यवस्था पर सवाल; राजनीतिक खींचतान के बीच जनता की समस्याएं बरकरार

    मुरैना
     शहरवासियों ने नगर निगम चुनाव में महापौर और सभापति दोनों पदों पर कांग्रेस को चुनकर शहर की तस्वीर बदलने की उम्मीद जताई थी। लोगों को लगा था कि सड़कों की हालत सुधरेगी, नाले-नालियों की नियमित सफाई होगी और घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचेगा। इसके बाद विधानसभा चुनाव में भी मुरैना की जनता ने कांग्रेस के दिनेश गुर्जर को विधायक चुना। लेकिन समय के साथ राजनीतिक समीकरण बदल गए, महापौर शारदा सोलंकी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गईं और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद शहर की बुनियादी समस्याओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालात यह हैं कि बारिश के दौरान कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई, जबकि शहर की अनेक सड़कों की बदहाली लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।

    महापौर-विधायक अलग-अलग दलों में, जवाबदेही पर सवाल

    मुरैना में वर्तमान राजनीतिक समीकरण के तहत महापौर शारदा सोलंकी भाजपा में हैं, जबकि विधायक दिनेश गुर्जर कांग्रेस से हैं। ऐसे में शहर के विकास को लेकर दोनों जनप्रतिनिधियों की भूमिका और जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है। विपक्ष में बैठी कांग्रेस शहर की समस्याओं को लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करती रही है, लेकिन राजनीतिक विरोध का केंद्र महापौर के बजाय नगर निगम आयुक्त रहने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाएं हैं कि क्या शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों का रुख पर्याप्त रूप से स्पष्ट है? हालांकि, इस संबंध में संबंधित नेताओं का पक्ष सामने आना भी जरूरी है।

    बारिश में तालाब बने कई इलाके

    बारिश के मौसम में बस स्टैंड से लेकर न्यू हाउसिंग बोर्ड, केशव कॉलोनी, सदर बाजार और विक्रम नगर सहित कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई। बारिश के पानी की निकासी को लेकर नाले-नालियों की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। जलभराव से आम लोगों, दुकानदारों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहरवासियों की अपेक्षा है कि नगर निगम जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्थायी कार्ययोजना बनाए, ताकि हर बारिश में उन्हें इसी समस्या से न जूझना पड़े।

    गणेशपुरा से सदर बाजार तक सड़कों की हालत खराब

    शहर की सड़कों की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। गणेशपुरा, सदर बाजार, गोपीनाथ की पुलिया और केशव कॉलोनी सहित विभिन्न इलाकों में सड़कों पर गड्ढे होने और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ सड़कों के गारंटी अवधि के दौरान ही खराब होने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। यदि इन शिकायतों की पुष्टि होती है, तो संबंधित निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कर ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

    सड़क निर्माण और मरम्मत पर सरकारी राशि खर्च होने के बाद भी यदि लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा नहीं मिलती, तो यह नगर निगम की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

    ठेकेदारों की भूमिका और निर्माण कार्यों की जांच की मांग

    शहर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और ठेकेदारों की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप हैं कि राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर प्रभाव रखने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र जांच और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना जरूरी है। नगर निगम को चाहिए कि सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, भुगतान, निर्धारित समयसीमा और गारंटी अवधि की समीक्षा कर स्थिति सार्वजनिक करे।

    जनता को चाहिए समाधान, आरोप-प्रत्यारोप नहीं

    मुरैना की जनता के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि महापौर और विधायक के अलग-अलग राजनीतिक दलों में होने के बावजूद शहर की बुनियादी समस्याओं का समाधान कब होगा? शहरवासियों को राजनीतिक बयानबाजी से अधिक साफ-सफाई, बेहतर जल निकासी, स्वच्छ पेयजल और गड्ढामुक्त सड़कों की जरूरत है।

    अब नगर निगम प्रशासन, महापौर और क्षेत्रीय विधायक की जिम्मेदारी है कि वे आपसी राजनीतिक समीकरणों से ऊपर उठकर शहर की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएं। जनता ने जनप्रतिनिधियों को शहर के विकास की जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में उनके कामकाज का आकलन राजनीतिक दलों के आधार पर नहीं, बल्कि शहर में हुए विकास और लोगों को मिली सुविधाओं के आधार पर होना चाहिए।

  • राहु गोचर 2026: सिंह, वृश्चिक और मीन राशि वालों को मिल सकता है धन लाभ

    राहु गोचर 2026: सिंह, वृश्चिक और मीन राशि वालों को मिल सकता है धन लाभ

     शनि की राशि मकर में राहु का प्रवेश ज्योतिष में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 5 दिसंबर 2026 को राहु कुंभ राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. राहु को छाया ग्रह माना जाता है और इसके राशि परिवर्तन का असर सभी राशियों पर अलग-अलग देखने को मिल सकता है. ज्योतिष के अनुसार मकर राशि में राहु का गोचर कुछ जातकों के लिए अचानक आर्थिक लाभ, करियर में नए अवसर और कारोबार में तरक्की के रास्ते खोल सकता है. खासतौर पर सिंह, वृश्चिक और मीन राशि के लोगों को इस गोचर से फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है.

    सिंह राशि
    सिंह राशि के जातकों के लिए राहु का मकर गोचर कारोबार और पेशेवर जीवन में नए अवसर लेकर आ सकता है. बिजनेस करने वालों को कोई बड़ा प्रोजेक्ट या लाभ का सौदा मिल सकता है. लंबे समय से रुका हुआ काम दोबारा गति पकड़ सकता है.

    राजनीति से जुड़े लोगों की सक्रियता बढ़ सकती है और लोगों के बीच प्रभाव मजबूत होने के संकेत हैं. आमदनी के नए रास्ते खुल सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है. हालांकि बड़े फैसले जल्दबाजी में लेने से बचना होगा.

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि वालों के लिए राहु का यह गोचर करियर और कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है. जो लोग लंबे समय से अपना नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है.

    बिजनेस में नए संपर्क फायदेमंद साबित हो सकते हैं, किसी बड़े प्रोजेक्ट से लाभ मिलने की संभावना है. राजनीति से जुड़े लोगों को नई जिम्मेदारी या महत्वपूर्ण भूमिका मिल सकती है. इस दौरान सहयोगियों और प्रभावशाली लोगों का साथ भी मिल सकता है.

    मीन राशि
    मीन राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर करियर और बिजनेस में बदलाव के संकेत दे रहा है. कामकाज में ऐसा अवसर मिल सकता है, जिसका लंबे समय से इंतजार था. अटके हुए प्रोजेक्ट दोबारा शुरू होने की संभावना है.

    किसी काम में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा. आर्थिक मोर्चे पर भी स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है. अचानक धन लाभ या कमाई के नए स्रोत मिलने के योग बन सकते हैं. हालांकि किसी भी अवसर को स्वीकार करने से पहले उसके फायदे और नुकसान पर विचार जरूर करें.

    राहु गोचर के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
    राहु को भ्रम और अचानक बदलाव से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए इस अवधि में बिना पूरी जानकारी के निवेश या बड़ा आर्थिक फैसला लेने से बचना बेहतर रहेगा. किसी के कहने मात्र से पैसा लगाने के बजाय अच्छी तरह जांच-पड़ताल करें.

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनिवार को जरूरतमंद लोगों की मदद करना, पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और शनिदेव की पूजा करना शुभ माना जाता है. साथ ही इस दौरान गलत संगति और अनावश्यक विवादों से दूर रहना चाहिए.
     

  • बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पार्किंग को लेकर बड़ा बदलाव, शुल्क वसूली में आएगी पारदर्शिता; नई एजेंसी की तलाश शुरू

    बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पार्किंग को लेकर बड़ा बदलाव, शुल्क वसूली में आएगी पारदर्शिता; नई एजेंसी की तलाश शुरू

     रांची
    बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर वाहन पार्किंग के नाम पर मनमानी शुल्क वसूली और निकासी के दौरान लगने वाली कतारों से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) एयरपोर्ट की पार्किंग व्यवस्था को ऑटोमेटेड बनाने की तैयारी में है। इसके लिए नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    नई एजेंसी पार्किंग प्रबंधन के साथ ऑटोमेटेड सिस्टम से पार्किंग और पिकअप लेन शुल्क की वसूली करेगी। इससे वाहनों के प्रवेश और निकासी का समय दर्ज होगा। निर्धारित अवधि के आधार पर शुल्क की गणना होने से अधिक वसूली की शिकायतों पर अंकुश लगने की उम्मीद है।

    शुल्क को लेकर विवाद होंगे कम
    ऑटोमेटेड पार्किंग व्यवस्था लागू होने से वाहन चालकों को सबसे अधिक फायदा शुल्क वसूली में पारदर्शिता का मिलेगा। वाहन कितने बजे एयरपोर्ट परिसर में दाखिल हुआ और कब बाहर निकला, इसका रिकार्ड उपलब्ध रहेगा। इससे निर्धारित निशुल्क अवधि और पार्किंग शुल्क को लेकर होने वाले विवाद कम हो सकते हैं। साथ ही शुल्क भुगतान और निकासी की प्रक्रिया तेज होने से वाहनों की कतार घटने की उम्मीद है।

    पांच साल के लिए नई एजेंसी की तलाश
    एएआई ने 14 सितंबर को पार्किंग प्रबंधन के लिए निविदा निकाली थी। अनुबंध की अवधि पांच वर्ष निर्धारित की गई है। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 12 अक्टूबर कर दी गई है, जबकि तकनीकी निविदा 13 अक्टूबर को खोली जाएगी।

    वर्तमान एजेंसी ने कही थी पार्किंग छोड़ने की बात
    इधर, वर्तमान पार्किंग एजेंसी ने भी पार्किंग संचालन छोड़ने की बात कही थी। ऐसे में नई निविदा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, वर्तमान एजेंसी कब तक संचालन करेगी और नई एजेंसी कब कार्यभार संभालेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद शुल्क वसूली में कितनी पारदर्शिता आएगी और एयरपोर्ट परिसर में वाहनों की आवाजाही कितनी सुगम होगी।

    नई एजेंसी को पार्किंग प्रबंधन के साथ वाहनों से पार्किंग और पिकअप लेन शुल्क वसूलने की जिम्मेदारी मिलेगी। इसके लिए ऑटोमेटेड व्हीकल पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम लगाना और उसका संचालन करना होगा।

  • पटना में दुर्गा पूजा के लिए गाइडलाइन जारी, अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई; पंडालों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    पटना में दुर्गा पूजा के लिए गाइडलाइन जारी, अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई; पंडालों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    पटना
    दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण,सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पटना जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। पंडालों का फायर ऑडिट और सीसीटीवी लगाना अनिवार्य है तो विसर्जन जुलूसों की ड्रोन से वीडियोग्राफी कराई जाएगी। पटना डीएम कुंदन कुमार ने विधि-व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और विसर्जन कार्यक्रमों के सुचारू संचालन को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश जारी करते कहा कि कानून-व्यवस्था पर पैनी नजर रखना बेहद जरूरी है। दुर्गा पूजा जनभागीदारी का बड़ा पर्व है। इसमें कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्व के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी व संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतनी है।

    शांति समिति की बैठक अनिवार्य रूप से कराएं
    डीएम ने सभी थानाध्यक्षों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में दुर्गा पूजा को लेकर शांति समिति की बैठक अनिवार्य रूप से करा लें। पूजा समितियों और स्थानीय लोगों से निरंतर संवाद कर उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए। पूजा पंडाल का लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। पूजा समितियों को लाइसेंस की सभी शर्तों से अवगत कराने के साथ उन्हें पढ़कर सुनाना भी है। विसर्जन जुलूस में शामिल जिम्मेदार व्यक्तियों और आयोजकों के नाम व पहचान दस्तावेज नियमानुसार दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।

    मेन प्वाइंट्स
    ● लाउडस्पीकर का उपयोग लाइसेंस के साथ होगा और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा

    ● विसर्जन जुलूसों की ड्रोन से वीडियोग्राफी कराई जाएगी

    ● संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा

    सोशल मीडिया पर पैनी नजर
    सोशल मीडिया पर पैनी नजर, जबरन चंदा वसूली पर रोक के अलावा लाउडस्पीकर का उपयोग लाइसेंस के साथ ही होगा और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। सोशल मीडिया पर अफवाह, भ्रामक सूचना और धार्मिक वैमनस्य फैलाने वाली पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। जबरन चंदा वसूली पर भी पूरी तरह रोक लगाना है। बैठक में पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने कहा कि सभी अधिकारी अपने ड्यूटी स्थलों पर पूरी मुस्तैदी से तैनात रहें।

    सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा
    सभी पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा, बिजली व्यवस्था, सुरक्षित वायरिंग, प्रवेश-निकास के रास्ते और अन्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। बड़े और महत्वपूर्ण पंडालों का फायर ऑडिट कराना और पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। भीड़ नियंत्रण के लिए महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग, सुगम प्रवेश-निकास और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। मूर्ति विसर्जन के लिए चिह्नित कृत्रिम घाटों और तालाबों पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। सभी विसर्जन स्थलों पर रोशनी, मजबूत बैरिकेडिंग, गोताखोर, बचाव दल और आपदा प्रबंधन से जुड़े संसाधनों की उपलब्धता रहेगी। विसर्जन जुलूसों की ड्रोन से वीडियोग्राफी होगी। जुलूस के निर्धारित मार्ग, समय और शर्तों का सख्ती से पालन कराना होगा।

  • भोपाल न्यू मार्केट अग्निकांड: अतिक्रमण बना बाधा, आधे घंटे बाद पहुंची दमकल; दुकानदारों में हड़कंप

    भोपाल न्यू मार्केट अग्निकांड: अतिक्रमण बना बाधा, आधे घंटे बाद पहुंची दमकल; दुकानदारों में हड़कंप

    भोपाल

     बालाजी छोले-भटूरे की दुकान से शुरू हुई आग ऊपर तक पहुंची और देखते ही देखते पास की 5-6 चार मंजिला दुकानों को चपेट में ले लिया। मोबाइल, कुर्ता-पजामा, बर्तन और रेडीमेड गारमेंट्स की दुकानों में रखा दीवाली का स्टॉक जल गया।इनके आसपास लगी 10-12 रेहड़ियां भी पूरी तरह खाक हो गईं। दुकानदारों के मुताबिक नुकसान 4 से 5 करोड़ रुपए तक है।

    घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल आग की वजह से ज्यादा न्यू मार्केट की तैयारी और पहुंच को लेकर है। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक छोले-भटूरे बनाते समय भट्ठी से आग भड़की और ऊपर लगे बैनर तक पहुंची। दुकान में 2-3 गैस सिलेंडर रखे थे।

    सिलेंडर फटे या नहीं, इसकी पुष्टि फायर विभाग अभी नहीं कर रहा है। दूसरी तरफ आग बुझाने पहुंची दमकलों को संकरी सड़क, रेहड़ियों और अतिक्रमण के बीच रास्ता बनाकर घटना स्थल तक पहुंचना पड़ा। दुकानदार के मुताबिक इसमें 25 से 30 मिनट लग गए।

    जहां से आग शुरू हुई, वहीं सबसे बड़ा सवाल सिलेंडर को लेकर

    बालाजी छोले-भटूरे की दुकान में बाहर की तरफ ही भट्ठी लगी है। प्रत्यक्षदर्शी नीलेश पाटिल के मुताबिक दोपहर में भटूरे बनाते समय अचानक आग भड़की। दुकान में उस समय करीब 50-60 लोग मौजूद थे। आग लगते ही सभी बाहर भागे।

    नीलेश के मुताबिक दुकान में 2-3 गैस सिलेंडर भी रखे थे और धमाके हुए। हालांकि, नगर निगम के फायर ऑफिसर सौरभ पटेल ने सिलेंडर रखे होने की बात तो कही है, लेकिन इनके ब्लास्ट होने की पुष्टि नहीं की है। उनका कहना है कि दुकान पूरी तरह तहस-नहस हो गई है और यह भी जांचा जा रहा है कि सिलेंडर ब्लास्ट हुए थे या नहीं।

    मंदिर तक पहुंच सकती थी आग, दीवार ने बचाया
    आग की चपेट में दुकान से सटा खेड़ापति हनुमान मंदिर भी आ सकता था। हालांकि मंदिर की दीवार के कारण आग वहां तक नहीं पहुंच सकी और मंदिर सुरक्षित रहा।

    अतिक्रमण ने बढ़ाई दमकल की परेशानी
    इस घटना के बाद न्यू मार्केट में अतिक्रमण का मुद्दा भी सामने आया। बाजार में दुकान के बाहर और आसपास काफी अतिक्रमण होने के कारण दमकल वाहनों को अंदर पहुंचने में परेशानी हुई आग तेजी से फैल रही थी, जबकि फायर ब्रिगेड को मौके तक पहुंचने के लिए सीमित जगह में काम करना पड़ा। इससे आग पर काबू पाने में चुनौती बढ़ गई।

    विधायक सबनानी ने कहा कि घटना से सबक लेते हुए न्यू मार्केट को जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी आपात स्थिति में दमकल और राहत वाहनों को आसानी से रास्ता मिलना जरूरी है।

    25 फीट की लपटों ने ऐसे पकड़ीं एक के बाद एक दुकानें
    छोले-भटूरे की दुकान से उठी आग ऊपर की मंजिलों तक पहुंची। दुकान के अंदर फर्नीचर और पर्दे थे, जबकि ऊपरी हिस्से में फ्लैक्स और पोस्टर लगे थे। यही आग फैलने का जरिया बने। इसके बाद पास की मोबाइल, कुर्ता-पजामा, बर्तन और रेडीमेड गारमेंट्स की दुकानों तक आग पहुंच गई।

    दुकानदार संजय कुमार जैन के मुताबिक इन दुकानों में दीवाली का स्टॉक भरा था, जो पूरी तरह जल गया। सजावटी सामान, मोबाइल एक्सेसरीज और खाने-पीने की रेहड़ियां भी आसपास थीं। इनमें से 10-12 रेहड़ियां पूरी तरह जल गईं।

    दुकानदारों के अनुसार कुल नुकसान 4 से 5 करोड़ रुपए तक है। इसकी अंतिम पुष्टि नुकसान के आकलन के बाद होगी।

    दमकल को आधा घंटा क्यों लगा, जबकि फायर स्टेशन करीब 1 किमी दूर?
    न्यू मार्केट के अंदर आने-जाने के करीब 10 रास्ते हैं। टीटी नगर थाने की ओर से दो और क्वॉलिटी रेस्टॉरेंट की ओर से एक प्रमुख रास्ते से वाहन आते-जाते हैं। आग वाली दुकानें टीटी नगर थाने के सामने वाले रास्ते की तरफ हैं।

    दुकानदार संजय कुमार के मुताबिक फायर कंट्रोल रूम पर सूचना देने के बाद कर्मचारियों को घटना स्थल की लोकेशन समझाने में भी समय लगा।

    इसके बाद जब दमकलें अंदर पहुंचीं तो रास्ते में लगी रेहड़ियां और संकरी सड़क बड़ी बाधा बनीं। दुकानदार के मुताबिक दमकल को मौके तक पहुंचने में 25 से 30 मिनट लग गए। माता मंदिर फायर स्टेशन यहां से करीब एक किलोमीटर दूर है।

    सामने आया अहम सवाल – अगर फायर स्टेशन करीब एक किलोमीटर दूर है और न्यू मार्केट में कई प्रवेश मार्ग हैं तो दमकल को घटना स्थल तक पहुंचने में इतना समय क्यों लगा? क्या अतिक्रमण और रेहड़ियां सिर्फ रास्ते में थीं या पार्किंग और संकरी सड़क भी उतनी ही बड़ी बाधा बनी?

    न्यू मार्केट में 900 दुकानें, करीब 400 रेहड़ियां
    न्यू मार्केट में करीब 900 रजिस्टर्ड दुकानें हैं। इसके अलावा करीब 400 रेहड़ियां लगती हैं। खेड़ापति हनुमान मंदिर के सामने शाम के समय इतना अतिक्रमण रहता है कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है।

    आग वाली जगह के पास और सामने भी रेहड़ियां लगी थीं। आग में 10-12 रेहड़ियां पूरी तरह जल गईं। हादसे के दौरान इन्हीं रास्तों से दमकलों को अंदर लाने के लिए पुलिस और अन्य टीमों को लगातार रास्ता खाली कराना पड़ा।

    न्यू मार्केट व्यापार संरक्षण समिति के उपाध्यक्ष अजय देवनानी का कहना है कि हॉकर्स के अतिक्रमण के कारण दमकलों को अतिरिक्त समय लगा। उनके मुताबिक मल्टी लेवल पार्किंग पर एक स्टैंडिंग फायर ब्रिगेड रहती है, लेकिन न्यू मार्केट में दोपहिया फायर फाइटर की अतिरिक्त व्यवस्था भी होनी चाहिए।

    फायर सेफ्टी की तैयारी कितनी?
    न्यू मार्केट में कपड़े, सजावटी सामान, ज्वेलरी समेत कई तरह की दुकानें हैं। आग वाली लाइन में 10-12 छोले-भटूरे की दुकानें और रेस्टॉरेंट हैं। इनमें कई जगह भट्ठियां बाहर की तरफ लगी हैं।

    फायर ऑफिसर सौरभ पटेल के मुताबिक दुकानदारों को फायर सेफ्टी नियमों के पालन के लिए कहा जाता है और विभाग की टीमें निरीक्षण भी करती हैं, लेकिन हादसे ने अब यह सवाल खड़ा किया है कि सिर्फ निरीक्षण और नोटिस से आगे बाजार में वास्तविक सुरक्षा व्यवस्था कितनी है।

    जिस दुकान से आग शुरू हुई, उस पर पहले भी अतिक्रमण की कार्रवाई
    हादसे के बाद अतिक्रमण का मुद्दा अचानक सामने नहीं आया है। जिस बालाजी छोले-भटूरे की दुकान से आग शुरू हुई, उसके संचालक के खिलाफ करीब आठ महीने पहले अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। अतिक्रमण हटाने के दौरान दुकानदार से विवाद होने की बात भी सामने आई है।

    भवन अनुज्ञा शाखा की ओर से भी नोटिस दिए गए थे। भदौरिया के मुताबिक करीब एक महीने पहले अतिक्रमण करने वालों को नोटिस दिए गए थे और रेहड़ियां भी हटाई गई थीं, यानी अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि आज रास्ते में अतिक्रमण था या नहीं, बल्कि यह भी है कि जिस अतिक्रमण पर पहले कार्रवाई हुई, वह दोबारा कैसे खड़ा हो गया?

    अतिक्रमण हटेगा या फिर मामला ठंडा पड़ जाएगा?
    न्यू मार्केट व्यापारियों की ओर से लंबे समय से हॉकर्स और अतिक्रमण की समस्या उठाई जाती रही है। हादसे के बाद यह मुद्दा फिर केंद्र में है। समिति के उपाध्यक्ष अजय देवनानी ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन के नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है।

    अब सवाल यह है कि इस घोषणा के बाद कार्रवाई की समय सीमा क्या होगी? पहले दिए गए नोटिस और हटाए गए अतिक्रमण के बाद फिर से रेहड़ियां कैसे लग गईं? क्या पूरे बाजार का दोबारा सर्वे होगा और फायर एक्सेस के रास्ते स्थायी रूप से खाली रखे जाएंगे?

  • प्रेमानंद महाराज की वापसी, विराट कोहली विवाद पर फलाहारी बाबा का माफीनामा

    प्रेमानंद महाराज की वापसी, विराट कोहली विवाद पर फलाहारी बाबा का माफीनामा

    लखनऊ
    दावन के संत प्रेमानंद महाराज अपने शिष्य रसिक दुलारी की मौत और उसे लेकर चल रही चर्चाओं के बीच 14 दिन बाद गुरुवार को अपने आश्रम पहुंचे। उनके पहुंचने की खबर मिलते ही दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ जुट गई। प्रेमानंद अपने राधा केलि कुंज आश्रम और गुरु स्थान पर करीब आधा घंटे रुकने के बाद फिर से यमुनापार के लिए रवाना हो गए। वहीं, प्रेमानंद को लेकर क्रिकेटर विराट कोहली को विवाद में घसीटने वाले फलाहारी बाबा बैकफुट पर आ गए। उन्होंने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है।

    पिछले शुक्रवार को प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी ने आश्रम की इमारत से कूदकर जान दे दी थी। उनकी मौत के बाद सनसनी इसलिए ज्यादा फैली क्योंकि रसिक दुलारी का प्राइवेट पार्ट भी कटा हुआ था। पुलिस जांच के लिए पहुंची तो कमरे में प्राइवेट पार्ट का टुकड़ा और काटने में इस्तेमाल कटर भी मिला था। इसके बाद से कई तरह के रहस्य गहरा गए थे। मौत से संबंधित कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए। इसमें आत्महत्या करते रसिक दुलारी दिखाई दिए लेकिन प्राइवेट पार्ट कटने का राज सामने नहीं आया। इसी के बाद से तरह तरह की चर्चाएं तैरने लगीं। आश्रम देश दुनिया में सुर्खियों में आ गया।

    इसी बीच गुरुवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे संत प्रेमानंद महाराज अचानक राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे। करीब 20 मिनट तक आश्रम में रहकर श्री जी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। उसके बाद अपने प्रमुख शिष्यों के साथ वारहा घाट स्थित गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे और एकांत ध्यान किया। गुरुजी से आशीर्वाद लेने के बाद करीब छह बजे फिर से यमुनापार स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए रवाना हो गए। इस दौरान भक्तों की भीड़ उनकी एक झलक पाने के लिए इकट्ठा हो गई। जिन्हें महाराज के शिष्यों ने बमुश्किल काबू किया। इसके बाद संत प्रेमानंद महाराज ने यमुना विहार कुंज आश्रम पहुंचकर प्रवचन भी दिए।

    संतों के विरोध के बाद बैकफुट पर फलाहारी महाराज
    उधर, विराट कोहली को लेकर प्रेमानंद महाराज और उनके आश्रम पर आरोप लगाने वाले श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के एक पक्षकार दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी महाराज ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है। फलाहारी महाराज ने एक बयान जारी कर कहा था कि प्रेमानंद महाराज के आश्राम आने के लिए विराट कोहली को पांच करोड़ रुपए दिए गए थे। दावा किया था कि राजस्थान की एक निजी कंपनी ने विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक लाने के लिए यह रुपये खर्च किए थे।

    इन आरोपों के बाद मथुरा-वृंदावन के संतों ने फलाहारी बाबा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। सिद्ध पीठ हनुमान टेकरी पर संत समाज ने बैठक कर फलाहारी महाराज का सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार करने की घोषणा की थी। साथ ही भविष्य में किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं करने का निर्णय लिया था।

    माना जा रहा है कि संतों के इसी कदम के बाद फलाहारी बाबा बैकफुट पर आए हैं। अब माफी मांगते हुए फलाहारी महाराज ने कहा कि मैंने आज तक प्रेमानंद महाराज जी के लिए एक शब्द नहीं बोला, मैं पूज्य महाराज जी से माफ़ी मांगता हूं। कहा कि उनके बयान को मीडिया में गलत तरीके से पेश किया गया है। यह भी दावा किया कि इस मामले पर उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।

  • पंजाब में CBI रेड पर कानूनी घमासान, आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई; मान सरकार की याचिका पर नजरें

    पंजाब में CBI रेड पर कानूनी घमासान, आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई; मान सरकार की याचिका पर नजरें

    चंडीगढ़ 

    पंजाब के मुख्यमंत्री ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट आज पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई करेगा। सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें CBI को केस दर्ज कर आरोपों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। 

    सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई फाइल देर से पहुंचने के कारण टल गई थी, अब आज इस पर सुनवाई होगी।

    इस बीच गुरुवार को CM के OSD राजबीर घुम्मन CBI जांच के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे। घुम्मन ने कहा कि CBI को कार्रवाई से पहले सरकार से परमिशन लेनी चाहिए। घुम्मन ने CBI की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। इस मामले में भी आज सुनवाई होगी।

    अब तक क्या-क्या हुआ….

    ED के पत्र से सामने आए थे आरोप यह मामला ED की ओर से पंजाब के DGP को भेजे गए पत्र से सामने आया। ED ने आरोप लगाया था कि CM ऑफिस से जुड़े लोगों के जरिए ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर और प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित किया जा रहा था। आरोपों में ‘कैश फॉर ट्रांसफर’ जैसी गतिविधियों का भी जिक्र था।

    हाईकोर्ट ने CBI जांच के आदेश दिए 5 अक्टूबर को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने CM ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए CBI को मामला दर्ज करने और जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने CBI से दो महीने में रिपोर्ट देने को भी कहा।

    OSD राजबीर घुम्मन समेत 6 पर FIR हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने CM भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। FIR में कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग, प्रशासनिक फैसलों और अन्य मामलों को प्रभावित करने के आरोप शामिल हैं।

    CBI की 8 ठिकानों पर रेड 6 अक्टूबर को CBI ने पंजाब और चंडीगढ़ में 8 जगहों पर छापेमारी की। इनमें चंडीगढ़ स्थित पंजाब CM का कैंप ऑफिस, OSD राजबीर घुम्मन का घर भी शामिल था। तलाशी के दौरान दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन समेत अन्य सामग्री जब्त की गई।

    पंजाब सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दाखिल की। सरकार ने CBI जांच पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने राज्य की प्रारंभिक जांच पूरी होने का इंतजार किए बिना CBI को जांच सौंप दी।

    सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली गुरुवार को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच के सामने मामला आया। जस्टिस दत्ता ने कहा कि संबंधित फाइल जस्टिस नागू तक देर से पहुंची है, इसलिए मामले को शुक्रवार को सुना जाएगा। पंजाब सरकार की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने CBI की कार्रवाई पर अंतरिम रोक की मांग की थी।

  • IND vs WI 2nd T20: रांची में टीम इंडिया का शानदार रिकॉर्ड, 4 में से 3 मैच जीते; सीरीज में बढ़त पर नजर

    IND vs WI 2nd T20: रांची में टीम इंडिया का शानदार रिकॉर्ड, 4 में से 3 मैच जीते; सीरीज में बढ़त पर नजर

    नई दिल्ली
    भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शुक्रवार को रांची के जेएससीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। सीरीज का आगाज धमाकेदार जीत के साथ करने के बाद टीम इंडिया अपनी बढ़त को दोगुना करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। आइए आपको बताते हैं कि रांची में कैसा रहा है भारतीय टीम का टी20 में रिकॉर्ड।

    टीम इंडिया के नाम चार मैच में तीन जीत
    टीम इंडिया ने रांची के इस मैदान पर अब तक कुल चार टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं। इस दौरान टीम को तीन मुकाबलों में जीत नसीब हुई है, जबकि एक मैच में हार का सामना करना पड़ा है। भारतीय टीम ने यहां पर अपना आखिरी मैच साल 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। इस मुकाबले में टीम इंडिया को 21 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले, 2021 में भारत ने इस ग्राउंड पर न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया था। वहीं, 2017 में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रांची में 9 विकेट से जीत दर्ज की थी। 2016 में टीम श्रीलंका को 69 रनों से हराने में भी सफल रही थी।

    वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 में पलड़ा भारी
    भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में अब तक कुल 32 मुकाबले खेले गए हैं। इसमें से 21 मैचों में टीम इंडिया ने जीत दर्ज की है, जबकि 10 मुकाबलों में कैरेबियाई टीम ने बाजी मारी है। सीरीज के पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम का प्रदर्शन रहा था। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज की पूरी टीम 171 रन बनाकर ऑलआउट हुई थी। टीम की ओर से कप्तान शाई होप ने 37 गेंदों में 52 रनों की दमदार पारी खेली थी, जबकि शेरफेन रदरफोर्ड ने 34 गेंदों में 6 चौके और 3 छक्कों की मदद से 56 रन बनाए थे।

    श्रेयस अय्यर ने तूफानी शतक ठोका था
    टीम इंडिया ने 172 रनों के लक्ष्य को आसानी से सिर्फ 14.4 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया था। कप्तान श्रेयस अय्यर बेहतरीन फॉर्म में नजर आए थे और उन्होंने अपने टी20 इंटरनेशनल करियर का पहला शतक लगाया था। अय्यर ने 43 गेंदों में 102 रनों की नाबाद पारी खेली थी। भारतीय टी20 कप्तान ने अपनी इस पारी में 10 चौके और 6 छक्के लगाए थे। वहीं, ईशान किश 37 रन बनाकर नाबाद रहे थे।

  • भुल्लर केस में आज अहम सुनवाई, CBI कोर्ट में शिकायतकर्ता की गवाही; ED ने जारी कराया वारंट

    भुल्लर केस में आज अहम सुनवाई, CBI कोर्ट में शिकायतकर्ता की गवाही; ED ने जारी कराया वारंट

    चंडीगढ़ 

    पंजाब के निलंबित पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। 8 लाख रुपए रिश्वत मामले में भुल्लर और शिकायतकर्ता आकाश बत्ता को CBI कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान आकाश बत्ता ने गवाही दी।

    वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दायर अर्जी पर CBI कोर्ट ने भुल्लर के प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिए हैं। आज भुल्लर को फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस दौरान ED मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है।

    ED ने भुल्लर के खिलाफ रिश्वत की रकम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच शुरू की है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत के जरिए हासिल की गई रकम का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया। CBI की जांच के दौरान सामने आए वित्तीय लेनदेन और रिश्वत की रकम से जुड़े तथ्यों को भी ED अपनी जांच में शामिल कर रही है।

    बिचौलिए कृष्णु पहले ही ED की गिरफ्त में इस मामले में ED इससे पहले भुल्लर के कथित बिचौलिए कृष्णु शारदा को गिरफ्तार कर चुकी है। अब भुल्लर को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद ED उनसे मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में पूछताछ कर सकती है। कोर्ट में पेशी के दौरान एजेंसी उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई भी कर सकती है।

    कोठी से मिला 5 करोड़ कैश, गहने-लग्जरी घड़ियां रिश्वत मामले में कार्रवाई के बाद दिल्ली और चंडीगढ़ से आई CBI की करीब 52 सदस्यीय टीम ने भुल्लर के मोहाली स्थित ऑफिस और चंडीगढ़ के सेक्टर-40 स्थित कोठी की तलाशी ली थी। कोठी से 5 करोड़ रुपए कैश, भारी मात्रा में गहने, लग्जरी घड़ियां, विदेशी शराब और रिवॉल्वर बरामद होने की बात सामने आई थी।

    कैश गिनने के लिए नोट गिनने वाली 3 मशीनें मंगवानी पड़ी थीं। इसके अलावा 15 प्रॉपर्टी और लग्जरी गाड़ियों के दस्तावेज, BMW-मर्सिडीज कारों से जुड़े कागजात और बैंक लॉकर की चाबी भी मिली थी। CBI ने भुल्लर के कथित बिचौलिए को चंडीगढ़ के सेक्टर-21 में 8 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।

  • मुख्यमंत्री ने युवाओं से साझा किए अपने जीवन के संघर्ष और सफलता के अनुभव

    मुख्यमंत्री ने युवाओं से साझा किए अपने जीवन के संघर्ष और सफलता के अनुभव

    युवा शक्ति ही करेगी विकसित और सशक्त भारत का निर्माण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    जेन नेक्स्ट संवाद में जेन-जी और जेन-अल्फा से रूबरू हुए मुख्यमंत्री

    युवाओं से कहा – बड़े सपने देखें, लक्ष्य तय करें और मेहनत से उन्हें साकार करें

    मुख्यमंत्री ने युवाओं से साझा किए अपने जीवन के संघर्ष और सफलता के अनुभव

    विद्यार्थियों के सवालों के दिए सहज और रोचक जवाब, शिक्षा, रोजगार, जल संरक्षण और छत्तीसगढ़ के भविष्य पर खुलकर की चर्चा

    रायपुर 
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति विकसित एवं सशक्त भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बनेगी। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने, अपनी रुचि के अनुरूप लक्ष्य तय करने और पूरी मेहनत एवं समर्पण के साथ उन्हें हासिल करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए समय का सदुपयोग, निरंतर परिश्रम और अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प सबसे महत्वपूर्ण है।

    मुख्यमंत्री साय आज शाम राजधानी रायपुर के सड्डू में न्यूज 24 और लल्लूराम डॉट कॉम द्वारा आयोजित ‘जेन नेक्स्ट संवाद 'यंग माइंड्स, मीनिंगफुल कन्वर्सेशंस’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों से रूबरू हुए। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से उनके जीवन के संघर्ष, राजनीति, शिक्षा, राज्य के आर्थिक विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं और जल संरक्षण सहित विभिन्न विषयों पर सवाल किए। मुख्यमंत्री साय ने सहज और आत्मीय अंदाज में युवाओं के सवालों के जवाब दिए और अपने जीवन के अनुभव भी साझा किए।

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया में बढ़ा भारत का मान-सम्मान

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनता की सेवा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 वर्ष पूरे किए हैं। इस अवसर पर पूरे देश में सेवा संकल्प अभियान मनाया जा रहा है। 

    मुख्यमंत्री साय ने स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जब लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता का आह्वान किया था, तब इसे लेकर सवाल भी उठाए गए थे। आज स्वच्छता जन-जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। घर-घर शौचालय के निर्माण से माताओं-बहनों के सम्मान और स्वास्थ्य की रक्षा हुई तथा गांवों को खुले में शौच से मुक्ति मिली। स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता के प्रति सोच और व्यवहार दोनों में बड़ा बदलाव लाया है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर सशक्त और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत के सामर्थ्य और दृढ़ इच्छाशक्ति से परिचित कराया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक दृष्टि से भी भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है।  प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है और आज पूरी दुनिया में भारत का मान-सम्मान बढ़ा है।

    मुख्यमंत्री साय ने अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि चार दिनों के प्रवास के दौरान उनकी अनेक प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा हुई। वहां उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का उल्लेख किया।

    अपना बचपन याद कर मुख्यमंत्री ने बताया – कितना बदल गया है शिक्षा का परिदृश्य

    युवाओं से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री साय ने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि आप सभी से चर्चा करते हुए मुझे अपना बचपन याद आ रहा है। जब मैं बगिया गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ता था, तब हमारे स्कूल में पांचवीं बोर्ड की परीक्षा देने की व्यवस्था तक नहीं थी। परीक्षा देने के लिए कई किलोमीटर दूर दूसरे गांव जाना पड़ा और वहां पांच दिनों तक रुककर परीक्षा दी। उस समय स्कूल भवन भी कच्चे होते थे और बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है और उच्च शिक्षा की विभिन्न संस्थाएं प्रदेश में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज 15 मेडिकल कॉलेज हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज उन्हें शिक्षा के जो अवसर और सुविधाएं मिल रही हैं, उनका भरपूर सदुपयोग करें और अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें।

    “कभी नहीं सोचा था सरपंच भी बनूंगा, ईश्वर ने मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया”

    बीबीए के छात्र अश्मित शिंदे ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने की प्रेरणा कैसे मिली। सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री साय ने अपने जीवन के संघर्षपूर्ण दौर को याद किया। उन्होंने कहा कि मैं जशपुर के बगिया जैसे छोटे से गांव में पला-बढ़ा हूं। जब मैं लगभग 10 वर्ष का था, तब मेरे पिता का आकस्मिक निधन हो गया। भाइयों में सबसे बड़ा होने के कारण छोटी उम्र में ही छोटे भाइयों, मां और दादी की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पढ़ाई के साथ खेती-बाड़ी संभाली और छोटे भाइयों को सक्षम बनाने का प्रयास किया। उस समय कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि गांव का सरपंच बनूंगा। सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ते हुए सरपंच से विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्यमंत्री और आज मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला।

    मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से कहा कि उन्होंने हमेशा ‘कर्म ही पूजा है’ के सिद्धांत को जीवन में अपनाया। जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यदि हम अच्छे उद्देश्य से पूरी निष्ठा के साथ काम करते हैं तो ईश्वर भी हमारा साथ देता है। शायद ईश्वर को मेरे हाथों से लोगों की सेवा करानी थी, इसलिए एक छोटे से गांव के सरपंच को मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने का अवसर मिला।

    समय की कीमत समझें, अपनी रुचि को बनाएं लक्ष्य

    छात्र करण भोसले ने मुख्यमंत्री से उनके जीवन का मूल मंत्र पूछा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समय की कीमत समझनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अभी उनका समय अध्ययन और अपने भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का है। इस समय का जितना अधिक सदुपयोग करेंगे, भविष्य उतना ही बेहतर होगा। सपने हमें मेहनत करने की प्रेरणा देते हैं। हर युवा को अपनी रुचि पहचाननी चाहिए, उसी के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसे हासिल करने के लिए पूरी ऊर्जा से प्रयास करना चाहिए।

    “जल है तो कल है”—जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान

    कक्षा नवमीं के छात्र आदित्य राज तिवारी ने मुख्यमंत्री साय से पूछा कि स्कूली विद्यार्थी जल संरक्षण में किस प्रकार योगदान दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “जल है तो कल है।” जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है और यह आज पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ‘जल संचय-जनभागीदारी’ अभियान चलाया जा रहा है। 

    मुख्यमंत्री साय ने कोरिया जिले में लागू 5 प्रतिशत मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से जल संरक्षण की दिशा में अच्छे परिणाम सामने आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इसका उल्लेख किया है। राजनांदगांव में सोक पिट निर्माण की दिशा में अच्छा काम हो रहा है।उन्होंने युवाओं से वर्षा जल संचयन को अपने घर, स्कूल और समाज में प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।

    वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य

    छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के कक्षा ग्यारहवीं के छात्र मितांश सिंह ने प्रदेश के आर्थिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 को ध्यान में रखते हुए अपना विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न राज्य है और इन संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर प्रदेश की आय बढ़ाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 

    शिक्षा को संस्कार और रोजगार से जोड़ रही नई शिक्षा नीति

    छात्रा सानिया परवीन ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में सवाल किया। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालय संचालित हैं। इन संस्थानों में प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और अधोसंरचना को भी लगातार बेहतर किया जा रहा है। केंद्र सरकार की पीएमयोजना में छत्तीसगढ़ के 341 स्कूल शामिल हैं। योजना के तहत इन विद्यालयों में अधोसंरचना, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं सहित आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है, जिसका उद्देश्य शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखते हुए उसे संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ना है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के बच्चों और युवाओं को ऐसी शिक्षा मिले, जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करे।

    युवाओं के साथ सुने भक्ति गीत, प्रतिभाओं का किया सम्मान

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं के साथ ‘भजन क्लबिंग’ के अंतर्गत आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत भक्ति गीतों का आनंद लिया। मुख्यमंत्री ने खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

    इस अवसर पर गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।