Author: NewseDay

  • झारखंड में दुर्गा पूजा के दौरान चप्पे-चप्पे पर नजर, संवेदनशील इलाकों में रैपिड एक्शन पुलिस संभालेगी मोर्चा

    झारखंड में दुर्गा पूजा के दौरान चप्पे-चप्पे पर नजर, संवेदनशील इलाकों में रैपिड एक्शन पुलिस संभालेगी मोर्चा

     रांची
    दुर्गा पूजा के दौरान राज्य में विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जिलों में 14 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक अतिरिक्त बल की प्रतिनियुक्ति होगी। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है।

    जारी आदेश के अनुसार सभी जिलों में दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों में जुटने वाली भारी भीड़, मेला व आयोजनों को देखते हुए उक्त प्रतिनियुक्ति की जा रही है। उन जिलों में झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप), इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी), स्पेशलाइज्ड इंडिया रिजर्व बटालियन (एसआइआरबी), झारखंड जगुआर का बम निरोधक दस्ता, अश्रु गैस दस्ता की तैनाती होगी।

    सशस्त्र व लाठी बल को विधि व्यवस्था ड्यूटी में लगाया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में रैपिड एक्शन पुलिस (रैप) के जवानों को तैनात किया जा रहा है।

    प्रशिक्षण संस्थानों से भी लिए जा रहे हैं बल
    पुलिस मुख्यालय ने पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों से भी बल की प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी किया है। इसके लिए जंगल वारफेयर स्कूल नेतरहाट के डीआईजी, झारखंड जगुआर के एसपी, सिपाही प्रशिक्षण केंद्र मुसाबनी, जैप प्रशिक्षण केंद्र पद्मा व जैप, आईआरबी, एसआइआरबी के सभी कमांडेंट को बल की प्रतिनियुक्ति संबंधित आदेश जारी किया है।

    बलों की निगरानी, उनके रहने-खाने के इंतजाम व उनपर नियंत्रण के लिए उनसे संबद्ध पदाधिकारियों के लिए भी दिशा-निर्देश दिया गया है। सभी जिलों के एसएसपी-एसपी को निर्धारित अवधि के समापन के बाद 24 अक्टूबर की सुबह में उनके पैतृक वाहिनी, संस्थान, प्रशिक्षण संस्थान व प्रतिनियुक्ति स्थल में लौटना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

  • आवारापन 2 OTT Release: इमरान हाशमी की फिल्म प्राइम वीडियो पर हुई रिलीज, घर बैठे देख सकेंगे फैंस

     साल 2026 अभिनेता इमरान हाशमी के लिए बहुत शानदार रहा है। इमरान हाशमी ने इस साल फिल्म 'आवारापन 2' में काम किया और यह फिल्म इमरान के करियर के लिए लकी जैकपॉट साबित हुई। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही और फिल्म के गाने भी खूब हिट रहे। अब फिल्म (Awarapan 2 OTT release) ओटीटी पर कब आ रही है, इसको लेकर जानकारी सामने आई है।

    ओटीटी पर कब रिलीज होगी 'आवारापन 2'?
    इमरान हाशमी (Emraan Hashmi) स्टारर फिल्म ने सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन किया, ऐसे में फैंस को इंतजार है कि फिल्म ओटीटी पर कब आए। अब इसको लेकर जानकारी सामने आई है। फिल्म को प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होना शुरू हो चुकी है। हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म Prime Video की तरफ से इसका एलान किया गया है। प्राइम वीडियो ने घोषणा की है कि 'आवारापन 2' (Awarapan 2) अब उनके प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम करने के लिए उपलब्ध है।

    इस एलान का एक वीडियो भी साझा किया गया है, जिसके कैप्शन में लिखा 'तो फिर आओ एक बार फिर शिवम पंडित से मिलने'। इसके अलावा वीडियो में फिल्म का गाना 'तेरा मेरा रिश्ता' (Tera Mera Rishta) भी बजता हुआ नजर आ रहा है। इस वीडियो पर कई फैंस ने कमेंट्स भी किए और इमरान और उनके किरदार शिवम पंडित पर खूब प्यार लुटाया है।

    हिट हुई 'आवारापन 2'
    वहीं आवारापन 2 की बात करें तो फिल्म साल 2007 में आई फिल्म आवारापन का सीक्वल है। फिल्म का निर्देशन नितिन कक्कड़ ने किया है और इसे नितिन, बिलाल सिद्दीकी और विशेष भट्ट ने लिखा है। वहीं फिल्म को विशेष फिल्म्स ने बनाया। आपको बता दें कि जब साल 2007 में आवारापन आई थी तो फिल्म ने कोई खास कमाल नहीं दिखाया था, लेकिन फिल्म के दूसरे पार्ट ने बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई की।

    सेक्निल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, आवारापन 2 ने करीब 2013 करोड़ से ज्यादा का कारोबार किया। फिल्म के जरिए इमरान हाशमी फिर से शिवम पंडित बनकर लौटे और दर्शकों ने उन पर खूब प्यार लुटाया। इसके अलावा फिल्म के गाने (Awarapan 2 Songs) खूब हिट हुए। फिल्म में इमरान के साथ दिशा पाटनी, शबाना आजमी जैसे एक्टर्स भी नजर आए।

     

  • भारत में टेक जॉब्स 1.23 लाख के पार, लेकिन फ्रेशर्स के लिए घटी नौकरियां; अनुभवी लोगों की बढ़ी मांग

    भारत में टेक जॉब्स 1.23 लाख के पार, लेकिन फ्रेशर्स के लिए घटी नौकरियां; अनुभवी लोगों की बढ़ी मांग

    भारत के टेक्नोलॉजी जॉब मार्केट से एक बहुप्रतीक्षित और राहत भरी खबर आई है. देश में टेक नौकरियों की संख्या पिछले 18 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. अक्टूबर में एक्टिव जॉब्स का आंकड़ा 1.23 लाख के पार हो गया है. लेकिन, अगर आप कॉलेज पासआउट हैं और यह सोच रहे हैं कि बाजार खुलने का सीधा फायदा आपको मिलेगा, तो ठहरिए—आंकड़ों की इस चमक के पीछे एक बड़ा कैच (पेच) छुपा है.

    स्टाफिंग फर्म 'Xpheno' की ताजा 'एक्टिव टेक जॉब्स आउटलुक' रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में नौकरियों की मांग सितंबर के मुकाबले 5% और पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 17% बढ़ी है. हालांकि, रिकवरी की यह बयार सबके लिए एक जैसी नहीं है, इस बाजार पर पूरी तरह से अनुभवी पेशेवरों का कब्जा दिख रहा है.

    1.23 लाख नौकरियां… आखिर किसे मिल रहा है मौका?
    आंकड़ों का हिसाब-किताब देखें तो मिड-सीनियर (अनुभवी) रोल्स की मांग सबसे ज्यादा है. अकेले इस सेगमेंट में 68,000 वेकेंसी हैं, जो कुल ओपनिंग्स का 55% हिस्सा हैं. इसमें सालाना आधार पर 19% का उछाल दर्ज किया गया है.

    दूसरी तरफ, फ्रेशर्स या एंट्री-लेवल नौकरियों की संख्या महज 15,000 पर सिमट कर रह गई है. हालांकि यह आंकड़ा पिछले साल से 15% ज्यादा है, लेकिन सितंबर के मुकाबले इसमें 6% की गिरावट दर्ज की गई है. साफ संदेश है कि बाजार तो बड़ा हो रहा है, लेकिन मलाई अनुभवी हाथों के हिस्से ही आ रही है.

    हायरिंग लेवल का पूरा गणित
    मिड-सीनियर: 68,000 (कुल का 55%, YoY +19%)
    एंट्री-लेवल: 15,000 (YoY +15%, लेकिन MoM -6%)
    मिड-जूनियर: 7,000 (MoM +40%, YoY +17%)
    सीनियर रोल्स: 2,000 (मांग का छोटा हिस्सा)
    अन्य/अपरिभाषित पद: 31,000

    कंपनियों को कैसी स्किल्स की तलाश है?
    इस रिकवरी को सबसे ज्यादा सहारा आईटी सर्विसेज से मिल रहा है, जहां 66,000 एक्टिव नौकरियां हैं जो पिछले साल अक्टूबर से 57% ज्यादा हैं.

    कंपनियां अब सिर्फ डिग्री देखकर नौकरियां नहीं बांट रहीं. Xpheno के मुताबिक, एआई इंजीनियरिंग (AI Engineering), डेटा एनालिस्ट और टेक्निकल लीडरशिप जैसे रोल्स की जबरदस्त डिमांड है. टॉप 6 आईटी कंपनियों के डेटा से पता चलता है कि इन खास रोल्स में टैलेंट पूल पिछले दो तिमाहियों में 14% से 22% तक बढ़ा है.

    कोर टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग रोल्स 61,000 नौकरियों के साथ सबसे आगे हैं. इसके बाद टेक बिजनेस डेवलपमेंट व सेल्स (14,000), टेक कंसल्टिंग (5,000) और आईटी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट (3,000) का नंबर आता है.

    वर्क-फ्रॉम-होम का जमाना खत्म, ऑफिस वापसी का दौर
    ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) में 18,000 वेकेंसी हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 64% ज्यादा हैं. लेकिन सबसे बड़ा बदलाव काम करने के तरीके में आया है.

    वर्क-फ्रॉम-ऑफिस (WFO): 1 लाख नौकरियां (कुल मांग का 81%) पूरी तरह ऑफिस से काम करने वाली हैं.
    रिमोट और हाइब्रिड: वर्क-फ्रॉम-होम (रिमोट) नौकरियों में 23% और हाइब्रिड रोल्स में 19% की भारी गिरावट आई है.

    बेंगलुरु का दबदबा कायम, लेकिन टियर-2 और 3 शहरों ने चौकाया
    टेक जॉब्स के मामले में 31,000 नौकरियों के साथ बेंगलुरु देश का सबसे बड़ा हब बना हुआ है. इसके बाद हैदराबाद (14,000) और दिल्ली-एनसीआर (9,000) का नंबर आता है. लेकिन असली चौंकाने वाला आंकड़ा टियर-2 और टियर-3 शहरों से आया है. छोटे शहरों में एक्टिव टेक नौकरियों की संख्या बढ़कर 40,000 पहुंच गई है, जिसमें सालाना आधार पर 67% की रिकॉर्ड तेजी देखी गई है.

  • ‘हिंदू बनना श्राप बन गया’, प्रयागराज में युवक का वीडियो वायरल; पुलिस जांच में 2024 में धर्म परिवर्तन की पुष्टि

    ‘हिंदू बनना श्राप बन गया’, प्रयागराज में युवक का वीडियो वायरल; पुलिस जांच में 2024 में धर्म परिवर्तन की पुष्टि

    लखनऊ
    यूपी के प्रयागराज में घूरपुर थानाक्षेत्र के सारंगपुर गांव के एक शख्स ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर मुख्यमंत्री से सुरक्षा की गुहार लगाई है। वीडियो पोस्ट कर उसने अतीक परिवार के खौफ से धर्म परिवर्तन कर सलीम अंसारी से देवव्रत शुक्ला बनने का भी दावा किया। लेकिन, ‘हिन्दुस्तान’ अखबार वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। इधर, जानकारी होते ही पुलिस भी सक्रिय हो गई।

    हालांकि पुलिस की जांच में करीब दो साल पहले धर्म परिवर्तन करने की पुष्टि हुई। वहीं, किराएदार से विवाद की वजह से वीडियो पोस्ट करने का मामला सामने आया। फिलहाल किराएदार ने कमरा खाली कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, कानपुर के मूल निवासी सलीम अंसारी पुत्र वाजिद अली का परिवार कई साल पहले घूरपुर के सारंगपुर गांव आकर बस गया था। सलीम अंसारी अधिवक्ता की गाड़ी चलाते हैं। घूरपुर पुलिस गुरुवार को उसके घर पहुंची और पड़ताल की तो सच्चाई का पता लगा।

    पुलिस का कहना है कि सलीम ने 12 फरवरी 2024 को स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाकर अपना नाम देवव्रत शुक्ला रखा था। उसके मकान में अतीक अहमद के चचेरे भाई हमजा की बहन किराए पर रहती थी। पिछले कुछ दिनों से देवव्रत कमरा खाली करने का दबाव बना रहा था। इसी को लेकर दोनों पक्ष में कहासुनी हुई थी।

    आरोप है कि देवव्रत ने दबाव बनाने की मंशा से वीडियो में गलत बयानबाजी कर पोस्ट कर दिया था। एसीपी कौंधियारा अब्दुस सलाम खान ने बताया कि दो साल पहले स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन किया गया था। किराएदार से विवाद की वजह से वीडियो पोस्ट किया गया था। हालांकि, किराएदार से कमरा खाली करवा दिया गया है। मामले में पुलिस जांच कर रही है

    वायरल वीडियो में…
    सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई वीडियो में देवव्रत ने सीएम योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाते हुए कहा था कि सीएम योगी आदित्यनाथ आप हिंदुत्व की बात करते हैं। हिंदू बनना मेरे लिए श्राप बन चुका है। मैंने धर्म परिवर्तन किया है। गांव के एक दबंग व्यक्ति, जिसका नाम हमजा है, उसके चार बेटों और उसका एक भांजा मुझे और मेरी वृद्ध मां को जान से मारने की धमकी देते हैं। वे कहते हैं कि मकान पर कब्जा कर लेंगे। तुम काफिर बन रहे हो। मेरा निवेदन है कि हमजा पर कार्रवाई हो और मुझे सुरक्षा प्रदान की जाए। मेरी सनातनिक धर्म भाइयों से विनती है कि मेरी वीडियो सभी तक पहुंचाएं। मैंने थाने में लिखित शिकायत दी है लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।

  • नाजिया इलाही का बड़ा बयान, उज्जैन में पितरों का तर्पण करने की तैयारी; हिंदू धर्म ग्रहण करने के संकेत

    नाजिया इलाही का बड़ा बयान, उज्जैन में पितरों का तर्पण करने की तैयारी; हिंदू धर्म ग्रहण करने के संकेत

    इंदौर
    सुप्रीम कोर्ट की वकील व भाजपा नेता सनातनी प्रवक्ता नाजिया इलाही खान गुरुवार को इंदौर पहुंची. यहां उन्होंने हिंदू धर्म ग्रहण करने के संकेत दिए. वहीं इस साल वह उज्जैन में श्राद्ध पक्ष में पितरों का विधि-विधान से तर्पण और श्राद्ध कर्म करेंगी. इसके साथ ही नाजिया ने गरबा उत्सव को लेकर बेटियों की सुरक्षा का भी मुद्दा उठाते हुए लव जिहाद का पाकिस्तान कनेक्शन बताया। 

    नाजिया इलाही ने दिया हिंदू धर्म ग्रहण करने के संकेत
    हिंदू धर्म और सनातन से प्रभावित रहीं सुप्रीम कोर्ट की तेज तर्रार वकील और भाजपा प्रवक्ता नाजिया इलाही खान ने जल्द ही सनातन धर्म ग्रहण करने का ऐलान किया है. उन्होंने आज इंदौर में स्पष्ट किया कि "उनके पूर्वजों को भी मुगल काल में हिंदू से मुस्लिम धर्म में कन्वर्ट किया गया होगा, इसीलिए अब वह इस पाप से मुक्ति पाना चाहती हैं. उन्होंने कहा मध्य प्रदेश में उनके रिश्ते के भाई हैं, जिनके साथ वह उज्जैन पहुंचकर श्राद्ध पक्ष में अपने पितरों का तर्पण भी करेंगी। 

    उज्जैन में करेंगी श्राद्ध और तर्पण
    नाजिया ने कहा पिछले कई वर्षों से उनके मन में अपने स्वर्गवासी बुजुर्गों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने की इच्छा थी, लेकिन किसी न किसी कारण से यह कार्य टलता रहा. अब उन्होंने महाकाल की नगरी उज्जैन में यह संकल्प पूरा करने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि एक मुस्लिम महिला के रूप में पितृ तर्पण के माध्यम से वह मुस्लिम समाज में मानवीयता और पूर्वजों के प्रति सम्मान का संदेश देना चाहती हैं। 

    हिंदू देवी-देवताओं पर भरोसा, गरबा को लेकर संदेश
    एक सवाल के जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह हिंदू देवी-देवताओं को मानती हैं और अध्यात्म में उनका भरोसा रहा है. इसलिए भी मुस्लिम धर्म के कई कट्टरपंथी उन्हें हिंदू धर्म में जाने की सलाह देते हैं, लेकिन मैं उनके कहने से या उनके तरीके से नहीं जाऊंगी. जब मुझे जाना होगा, तब आपको खबर मिल जाएगी. इसके साथ ही नाजिया ने आगामी नवरात्रि और गरबा उत्सव के दौरान हिंदू बेटियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि नवरात्रि के दौरान लव जिहाद के लिए बेटियों को निशाना बनाया जाता है और इसके पीछे पाकिस्तान से फंडिंग और साजिश का दावा किया। 

    लव जिहाद के मामलों का पाकिस्तान कनेक्शन
    उन्होंने सरकार से बेटियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी तंत्र तैयार करने की मांग की. नाजिया ने आतंकी शहजाद भट्टी की धमकी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यूपी एटीएस, दिल्ली क्राइम ब्रांच और देश की प्रमुख सुरक्षा एजेंसियां इस मामले से अवगत हैं. नाजिया ने हिंदू संगठनों से नवरात्रि के दौरान सतर्क रहने का आह्वान किया।

    उन्होंने कहा लव जिहाद के जितने भी मामले सामने आए हैं. उन सब का कहीं ना कहीं पाकिस्तानी कनेक्शन पाया गया है. इसलिए आगामी नवरात्रि में गरबा के दौरान हिंदू ब्राह्मण से लेकर दलित तक की बेटियों को फंसाने के बाद उनका सौदा और रेट लगाया जाता है. इसलिए सनातनियों को भी सतर्क हो जाने की जरूरत है। 

  • कैदियों के हाथों से तैयार लग्जरी फर्नीचर की सूरजकुंड मेले में होगी धूम, झज्जर जेल को मिली खास पहचान

    कैदियों के हाथों से तैयार लग्जरी फर्नीचर की सूरजकुंड मेले में होगी धूम, झज्जर जेल को मिली खास पहचान

    झज्जर.

    सलाखों के पीछे बंद हाथ इस बार सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में अपनी कहानी सुनाएंगे। जिन हाथों की पहचान अब तक अपराध और सजा से जुड़ी रही, वही हाथ लकड़ी को तराशकर टेबल, कुर्सी, बेंच, कार्नर और ट्राली तैयार कर रहे हैं।

    फरवरी में लगने वाले अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में झज्जर जिला कारागार के बंदियों का यह हुनर विदेशी और देशी खरीदारों के सामने होगा। जिला कारागार में इन दिनों लकड़ी की कटाई, घिसाई और फिनिशिंग का काम चल रहा है। बंदियों द्वारा तैयार किए जा रहे फर्नीचर को कारागार विभाग की ओर से लगाए जाने वाले विशेष स्टाल पर प्रदर्शित किया जाएगा।

  • क्लिनिक और पैथोलॉजी सेंटरों पर हेल्थ टीम की छापेमारी, तीन संचालकों को नोटिस जारी

    क्लिनिक और पैथोलॉजी सेंटरों पर हेल्थ टीम की छापेमारी, तीन संचालकों को नोटिस जारी

    खैरागढ़.

    जिले में बिना वैध दस्तावेजों के संचालित हो रहे क्लिनिकों और पैथोलॉजी लैब के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। नवपदस्थ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल शुक्ला के निर्देश पर विभागीय अमला लगातार स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर रहा है।

    अभियान शुरू होने के बाद नियमों की अनदेखी कर क्लिनिक और पैथोलॉजी संचालित करने वालों में हड़कंप की स्थिति है। इसी कड़ी में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी के नेतृत्व में गठित जांच दल ने विकासखंड खैरागढ़ के बाजार अतरिया क्षेत्र में संचालित विभिन्न क्लिनिकों और पैथोलॉजी लैब का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कुछ संस्थानों के संचालन से संबंधित आवश्यक वैध दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं पाए गए। दस्तावेजों के अभाव में स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित संचालकों को नोटिस जारी करते हुए तीन दिवस के भीतर क्लिनिक एवं पैथोलॉजी संचालन से संबंधित समस्त आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।

    जांच के दौरान जितेंद्र वर्मा की दिशा पैथोलॉजी, हिमलेश वर्मा के श्रेया क्लिनिक सहित कुल तीन क्लिनिक एवं पैथोलॉजी संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि में यदि संबंधित संचालक आवश्यक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अवैध अथवा बिना आवश्यक दस्तावेजों के संचालित किए जा रहे क्लिनिकों और पैथोलॉजी लैब के खिलाफ जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।

  • फ्लाईदुबई फ्लाइट हाईजैक करने की कोशिश रोकी, भारतीय पायलट स्मित मछार को मिलेगा बड़ा सम्मान

    फ्लाईदुबई फ्लाइट हाईजैक करने की कोशिश रोकी, भारतीय पायलट स्मित मछार को मिलेगा बड़ा सम्मान

    नई दिल्ली/तेल अवीव

    30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट को हाईजैक होने से बचाने वाले कैप्टन स्मित मछार को इजरायल सम्मानित करेगा. इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने  इस घटना से जुड़े नायकों को सम्मानित किया. उन्होंने येरुशलम में छह इजरायली नागरिकों- ताली मानेस, ज्विका मानेस, यानिव हायुन, डॉ. शोता मुसायेव, आसाफ राजुआन और ओर पारदिलोव को राष्ट्रपति नागरिक वीरता पदक प्रदान किया. इन लोगों ने हमलावर को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी। 

    हर्जोग ने उसी मौके पर भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को भी यही पुरस्कार देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि मछार की साहस, बहादुरी और पेशेवर रवैये ने इस बड़ी आपदा को टाल दिया. मछार के स्वस्थ होने के बाद उन्हें यह सम्मान दिया जाएगा. हर्जोग ने मछार के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। 

    विमान में करीब 174 यात्री सवार थे, जिनमें ज्यादातर इजरायली नागरिक शामिल थे. उड़ान के दौरान कॉकपिट में अचानक हमला हुआ. ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कैप्टन स्मित मछार पर क्रैश एक्स से हमला कर दिया. उनका मकसद विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर उसे दुर्घटनाग्रस्त करना था. विमान तेजी से नीचे गिरने लगा और कुछ ही सेकंड में हजारों फीट की ऊंचाई खो बैठा. यात्री घबरा गए और स्थिति बेहद खतरनाक हो गई। 

    कैप्टन स्मित मछार गंभीर रूप से घायल हो गए. फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. घायल अवस्था में भी उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की और सफल रहे. इससे यात्री अंदर घुस पाए. छह इजरायली नागरिकों ने हमलावर को काबू में कर लिया. विमान में मौजूद अन्य पायलटों की मदद से स्थिति संभाली गई. विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया. यह घटना आतंकवादी हमले के प्रयास के रूप में जांच के दायरे में है. मछार की बहादुरी और पेशेवर कौशल ने सैकड़ों जानें बचा लीं। 

    कैप्टन स्मित मछार फिलहाल अबू धाबी के एक अस्पताल में इलाज करा रहे हैं. वे रिकवरी कर रहे हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी उनकी हालत में सुधार की पुष्टि की है. इस घटना के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई नेताओं ने मछार को हीरो बताया. भारत और इजरायल के बीच मजबूत संबंधों का यह एक और उदाहरण बन गया है. यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं बल्कि उन सभी का है जिन्होंने मिलकर विमान को बचाया. मछार की बहादुरी दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है. उनके स्वस्थ होने और सम्मान समारोह का इंतजार सभी कर रहे हैं। 

  • वेस्ट पर रहेगा फोकस   भारत-वेस्टइंडीज मैच से दुनिया देखेगी इंदौर की स्वच्छता, टेक्नोलॉजी से होगी निगरानी; तैयारियां पूरी

    वेस्ट पर रहेगा फोकस भारत-वेस्टइंडीज मैच से दुनिया देखेगी इंदौर की स्वच्छता, टेक्नोलॉजी से होगी निगरानी; तैयारियां पूरी

    इंदौर
     देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में में हो रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के साथ स्वच्छता के संस्कारों की रोशनी दुनियाभर में फैलेगी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 11 अक्टूबर को होने वाला अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच जीरो वेस्ट थीम पर आयोजित होगा। यहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत फोर-व्हील्स सेग्रीगेशन के तहत कचरे को चार हिस्सों में संग्रहीत किया जाएगा। साथ ही विज्ञापन होर्डिंग भी पुन:उपयोग होने वाले मटेरियल से तैयार किए जाएंगे।

    मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) के साथ मिलकर स्वच्छता के लिए काम करने वाले सृष्टि फाउंडेशन के श्रीगोपाल जगताप ने बताया कि फोर-व्हील्स सेग्रीगेशन के तहत गीला, सूखा, सेनेटरी वेस्ट और हेजार्ड वेस्ट पृथक किया जाएगा। जैविक कचरे से खाद बनेगी और इस प्रक्रिया का पहला चरण स्टेडियम परिसर में ही पूरा किया जाता है। इसके बाद इसे प्लांट भेजा जाता है।

    11 अक्टूबर की शाम होलकर स्टेडियम एक बार फिर भारत और वेस्टइंडीज की भिड़ंत का गवाह बनने जा रहा है। इस बार मुकाबला T20 इंटरनेशनल का है। मैच रात 7 बजे शुरू होगा और करीब 27,500 दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। मैच से पहले दैनिक भास्कर ने स्टेडियम की तैयारियों का जायजा लिया। ग्राउंड से लेकर दर्शक दीर्घा तक तैयारियां अंतिम दौर में हैं। बाहर दर्शकों की एंट्री को व्यवस्थित करने के लिए रेलिंग लगाई जा रही है, जबकि अंदर कुर्सियों की धुलाई और सफाई का काम जारी है।

    सबसे बड़ी राहत मौसम को लेकर है। मौसम वैज्ञानिक आनंद हर्षाना के मुताबिक 8 से 12 अक्टूबर तक बारिश की संभावना नहीं है। तापमान सामान्य से कुछ अधिक चल रहा है, लेकिन न्यूनतम तापमान कम है। मौसम के ड्राई रहने की संभावना है। यानी क्रिकेट प्रेमियों को बारिश के कारण मैच रुकने की चिंता फिलहाल नहीं है।

    MPCA के सीएओ रोहित पंडित ने बताया कि मैच की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और लगभग सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। अचानक बारिश की स्थिति के लिए भी बैकअप प्लान तैयार है। जरूरत पड़ने पर पूरे ग्राउंड को कवर करने की व्यवस्था रहेगी।

    बारिश का खतरा नहीं, अब नजर ओस पर
    मैच रात में खेला जाना है, इसलिए बारिश के बाद अब मौसम को लेकर दूसरा सवाल ओस का है। मैच के दौरान तापमान, हवा और नमी की स्थिति गेंदबाजों के लिए अहम रहेगी।

    मौसम वैज्ञानिक आनंद हर्षाना के मुताबिक फिलहाल बारिश के कोई संकेत नहीं हैं। मानसून का दौर समाप्त हो चुका है और आने वाले दिनों में मौसम के ड्राई रहने की संभावना है।

    स्टेडियम के बाहर लग रही रेलिंग
    मैच से पहले होलकर स्टेडियम में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बाहर दर्शकों की एंट्री को व्यवस्थित करने के लिए रेलिंग लगाने का काम चल रहा है। मैच के दिन बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचेंगे, ऐसे में प्रवेश द्वारों के आसपास भीड़ को नियंत्रित करना अहम होगा। रेलिंग के जरिए दर्शकों की कतार और आने-जाने के रास्ते को व्यवस्थित किया जाएगा।

    स्टेडियम के अंदर कुर्सियों की सफाई और धुलाई भी की जा रही है। दर्शकों के लिए जरूरी होगा कि वे टिकट पर दर्ज प्रवेश गेट की जानकारी पहले से देख लें और पर्याप्त समय लेकर स्टेडियम पहुंचें।

    27,500 दर्शकों की भीड़ संभालना बड़ी चुनौती
    भारत का मुकाबला हो और वह भी इंदौर में, तो स्टेडियम के बाहर भी क्रिकेट का माहौल बनना तय है। करीब 27,500 दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद के चलते सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    सुरक्षा जांच में समय लग सकता है, इसलिए आखिरी समय में पहुंचने वाले दर्शकों को परेशानी हो सकती है। दर्शकों को टिकट, निर्धारित गेट और स्टेडियम की एंट्री गाइडलाइन पहले से देखनी चाहिए और मैच शुरू होने से काफी पहले पहुंचना बेहतर रहेगा।

    सुरक्षा में पुलिस के साथ टेक्नोलॉजी से निगरानी, 160 CCTV कैमरे लगे
    मुकाबले के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई है। MPCA और स्थानीय पुलिस के साथ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्टेडियम के अंदर करीब 160 CCTV कैमरे लगे हैं। आसपास के क्षेत्रों में भी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।

    इसके अलावा फेस रिकग्नाइजेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। दर्शकों की एंट्री से लेकर स्टेडियम के अंदर आवाजाही तक पर नजर रखी जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस आपसी समन्वय से काम करेंगी।

    छोटी बाउंड्री यानी चौके-छक्कों का मैदान
    होलकर स्टेडियम की सबसे बड़ी खासियत इसकी छोटी बाउंड्री है। यहां चौकोर बाउंड्री करीब 56 मीटर और सीधी बाउंड्री करीब 68 मीटर बताई जाती है। बल्लेबाज अगर गेंद को सही टाइमिंग से कनेक्ट करता है तो बाउंड्री तक पहुंचाने के लिए बहुत ज्यादा ताकत की जरूरत नहीं होती।

    T20 क्रिकेट में छोटी बाउंड्री का महत्व और बढ़ जाता है। यही वजह है कि होलकर में दर्शकों को तेज रन, बड़े शॉट और लगातार बाउंड्री देखने की उम्मीद रहती है। इस मुकाबले के लिए पिच भी T20 के हिसाब से तैयार की जा रही है। ऐसे में टॉस के बाद कप्तानों का फैसला महत्वपूर्ण होगा।

    ODI में 7 जीत के बाद पहली बार हार भी देख चुका है मैदान
    होलकर स्टेडियम लंबे समय तक वनडे में भारत के लिए अजेय मैदान रहा। भारत ने यहां लगातार सात ODI जीते, लेकिन जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रन से हराकर यह सिलसिला तोड़ा। अब यहां भारत का ODI रिकॉर्ड 8 मैचों में 7 जीत और 1 हार है।

    इस मैदान पर भारत का सबसे बड़ा ODI स्कोर 418/5 है, जो 8 दिसंबर 2011 को वेस्टइंडीज के खिलाफ बना था। इसी मुकाबले में वीरेंद्र सहवाग ने 219 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी।

    पोस्टर से बनाएंगे थैलियां 
    मैच के दौरान स्टेडियम में विज्ञापन पोस्टर प्लास्टिक या फ्लैक्स के बजाए पुन: उपयोग होने वाले मटेरियल से तैयार किए जाते हैं। मैच के बाद यह पोस्टर महिला स्व सहायता समूह को दिए जाते हैं, जिससे वे थैलियां और मोबाइल बैग बनाती हैं।

    प्रशंसकों को करेंगे जागरूक
    स्टेडियम परिसर में ही कचरे को रिसाइकल करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया जाएगा। साथ ही घर के कचरे के सही तरीके से निस्तारण के लिए प्रेरित भी किया जाएगा।

    अन्य शहरों को भी दी सीख
    श्रीगोपाल जगताप बताते हैं कि भारत में हुए महिला विश्व कप के दौरान इंदौर से सीखकर गुवाहाटी, मुंबई आदि शहरों में भी जीरो वेस्ट इवेंट किया गया था। गुवाहाटी में भी इंदौर की टीम ही गई थी।

    ऊर्जा संरक्षण
    होलकर स्टेडियम अपने दैनिक इस्तेमाल की अधिकांश बिजली सौर ऊर्जा से स्वयं उत्पादित करता है। स्टेडियम की छत पर 376 सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिससे हर साल लगभग 2,77,400 यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। इससे प्रति वर्ष करीब 277 टन कार्बन उत्सर्जन की बचत होती है।

    जल संरक्षण
    स्टेडियम में जिस मैदान पर मैच होता है, उसके नीचे 12 कुएं बनाए गए हैं। वर्षा जल को इनमें संग्रहित किया जाता है, जिससे जमीन का जल स्तर बेहतर बना होता है। इससे भीषण गर्मी में भी पूरे क्षेत्र में पानी की दिक्कत नहीं होती।

    2011 में सहवाग ने बनाया था रिकॉर्ड
    8 दिसंबर 2011 को भारत और वेस्टइंडीज आमने-सामने थे। उस दिन वीरेंद्र सहवाग ने ऐसी बल्लेबाजी की, जिसने होलकर स्टेडियम को क्रिकेट इतिहास में खास जगह दिला दी। सहवाग ने 149 गेंदों पर 219 रन बनाए। उन्होंने 25 चौके और 7 छक्के लगाए।

    सहवाग ने 41 गेंदों में अर्धशतक, 69 गेंदों में शतक, 112 गेंदों में 150 और 140 गेंदों में दोहरा शतक पूरा किया था। इस पारी के दौरान उन्होंने सचिन तेंदुलकर के 200 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए वनडे में नया व्यक्तिगत सर्वोच्च स्कोर बनाया।

    भारत ने उस मुकाबले में 50 ओवर में 418/5 का विशाल स्कोर बनाया और वेस्टइंडीज को 153 रन से हराया। सहवाग को मैन ऑफ द मैच चुना गया। अब 15 साल बाद उसी मैदान पर फिर भारत-वेस्टइंडीज की टीमें आमने-सामने होंगी। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार मुकाबला 50 ओवर का नहीं, बल्कि 20 ओवर का है।

    सहवाग से कोहली तक… होलकर ने कई ऐतिहासिक पारियां देखीं
    होलकर सिर्फ सहवाग की 219 रन की पारी का मैदान नहीं है। यहां भारतीय क्रिकेट की कई यादगार पारियां दर्ज हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ विराट कोहली की 124 रन की पारी भी लंबे समय तक याद की जाती रही है। मैदान की छोटी बाउंड्री और बल्लेबाजी के अनुकूल परिस्थितियों ने कई बार बड़े स्कोर की नींव रखी है।

    होलकर के ODI आंकड़ों में भारत का औसत पहली पारी का स्कोर 332 रन बताया गया है। मैदान पर अब तक का सर्वोच्च ODI स्कोर भी भारत के नाम है- 418/5

    अब ODI नहीं, T20 का मुकाबला
    11 अक्टूबर को होने वाला मुकाबला T20 इंटरनेशनल है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का यह तीसरा मैच है। मुकाबला रात 7 बजे शुरू होगा।

    T20 में बल्लेबाजों के पास शुरुआत से ही आक्रामक क्रिकेट खेलने का विकल्प रहता है। होलकर की छोटी बाउंड्री को देखते हुए पावरप्ले के छह ओवर खास हो सकते हैं।

    अगर शुरुआती छह ओवर में बल्लेबाजों को अच्छी शुरुआत मिलती है तो स्कोर तेजी से आगे बढ़ सकता है। दूसरी ओर, गेंदबाजों के लिए छोटी बाउंड्री पर रन रोकना बड़ी चुनौती होगी।

     

  • नवरात्र की अवधि क्यों बदलती है? तिथियों के फेर में छिपा है नौ दिनों का पूरा गणित

    नवरात्र की अवधि क्यों बदलती है? तिथियों के फेर में छिपा है नौ दिनों का पूरा गणित

    Sharadiya Navratri : शारदीय नवरात्र यानी मां दुर्गा की आराधना के नौ दिन। आमतौर पर श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखकर मां के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं, लेकिन हिंदू पंचांग में तिथियों के फेर के कारण हर साल नवरात्र का क्रम एक जैसा नहीं रहता।

    कभी तिथि के क्षय से आठ दिनों में ही पूजा संपन्न हो जाती है, तो कभी तिथि की वृद्धि के कारण नवरात्र दस दिनों तक चलता है। कई बार अष्टमी और नवमी का पूजन एक ही दिन करना पड़ता है।

    ऐसे में सवाल उठता है कि नौ दिनों का पर्व कभी आठ या दस दिनों का कैसे हो जाता है? इसका जवाब चंद्रमा की गति और पंचांग में तिथियों की अवधि में छिपा है।

    तिथि के क्षय-वृद्धि से बदलता है पूजा का क्रम
    ज्योतिषाचार्य डा. राघव नाथ झा के अनुसार, हिंदू पंचांग चंद्रमा की गति पर आधारित है। इसलिए हर तिथि की अवधि समान नहीं होती।

    जब कोई तिथि सूर्योदय के समय नहीं आती और दूसरी तिथि के साथ एक ही दिन में समाहित हो जाती है, तो उसे तिथि का क्षय कहा जाता है।

    वहीं, जब कोई तिथि दो सूर्योदय तक बनी रहती है, तो उसकी वृद्धि मानी जाती है। नवरात्र में इसका सीधा असर कलश स्थापना से लेकर अष्टमी, नवमी और विजयादशमी के पूजन क्रम पर पड़ता है। यही वजह है कि अलग-अलग वर्षों में पर्व की अवधि और प्रमुख पूजन तिथियों में अंतर देखने को मिलता है।

    2014 और 2021 में एक दिन हुआ संयुक्त पूजन
    बीते वर्षों पर नजर डालें तो तिथियों के इस बदलाव के कई उदाहरण मिलते हैं। वर्ष 2014 में नवमी तिथि के क्षय के कारण अष्टमी और नवमी का पूजन एक ही दिन हुआ था।

    उस वर्ष 25 सितंबर को कलश स्थापना हुई और तीन अक्टूबर को विजयादशमी मनाई गई। इसी तरह 2021 में चतुर्थी तिथि के क्षय के कारण तृतीया और चतुर्थी का पूजन एक ही दिन करना पड़ा।

    इस वजह से नवरात्र का पूजा क्रम आठ दिनों में पूरा हुआ। इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि धार्मिक अनुष्ठानों की तारीख तय करने में केवल दिनों की सामान्य गिनती नहीं, बल्कि पंचांग में तिथियों की वास्तविक स्थिति महत्वपूर्ण होती है।

    2016 और 2025 में दस दिनों तक चला नवरात्र
    तिथि की वृद्धि भी पर्व की अवधि को प्रभावित करती है। वर्ष 2016 में द्वितीया तिथि की वृद्धि के कारण नवरात्र का क्रम दस दिनों तक चला।

    वहीं, 2025 में चतुर्थी तिथि दो दिन पड़ने के कारण नवरात्र दस दिनों का रहा। इसके उलट, जब दो तिथियों का पूजन एक ही दिन करना पड़ता है, तो पूजा के दिन कम हो सकते हैं।

    हालांकि, तिथि के क्षय या वृद्धि का अर्थ देवी की आराधना में कमी या बढ़ोतरी नहीं है। इसका संबंध पंचांग के अनुसार व्रत और पूजन की तारीखों के निर्धारण से है।
    कभी नौका, कभी हाथी पर देवी के आगमन की मान्यता

    नवरात्र में तिथियों के साथ देवी के आगमन और प्रस्थान के वाहन को लेकर भी धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। पंचांग और परंपराओं में वार के आधार पर देवी के आगमन और गमन के वाहन का उल्लेख मिलता है।

    अलग-अलग वर्षों में हाथी, घोड़ा, नौका और डोली जैसे वाहनों का जिक्र किया जाता है। वर्ष 2018 में देवी के आगमन को नौका से, 2019 में हाथी से और 2020 में घोड़े से जोड़ा गया था।

    2021 में डोली पर आगमन की मान्यता रही, जबकि 2022 और 2023 में हाथी तथा 2024 में डोली पर आगमन बताया गया। इन मान्यताओं का संबंध धार्मिक परंपराओं से है, जबकि नवरात्र की अवधि में बदलाव का आधार पंचांग की तिथियां हैं।

    अलग-अलग वर्षों में ऐसे बदला नवरात्र का क्रम
    वर्ष 2014 से 2025 तक नवरात्र की अवधि और तिथियों में अलग-अलग तरह के बदलाव देखने को मिले। कुछ वर्षों में नौ दिनों का सामान्य क्रम रहा, कुछ में तिथि के क्षय से संयुक्त पूजन हुआ, तो कुछ वर्षों में तिथि की वृद्धि से पूजा दस दिनों तक चली।

    इसलिए नवरात्र की सही तिथियों और व्रत के दिन का निर्धारण करने के लिए संबंधित वर्ष का पंचांग देखना जरूरी है। श्रद्धालुओं के लिए यह जानकारी उपयोगी है, क्योंकि इससे अष्टमी, नवमी, कलश स्थापना और विजयादशमी की तारीखों को लेकर होने वाली उलझन दूर हो सकती है।

    प्रमुख वर्षों में नवरात्र की अवधि
    वर्ष     कलश स्थापना तिथि     पूजन क्रम
    2014      25 सितंबर          नवमी तिथि के क्षय से अष्टमी-नवमी का पूजन एक दिन
    2015     13 अक्टूबर         नवमी-दशमी के संयोग से पूजन क्रम प्रभावित
    2016     1 अक्टूबर           द्वितीया तिथि की वृद्धि से दस दिनों का नवरात्र
    2017     21 सितंबर          नौ दिनों का नवरात्र
    2018     10 अक्टूबर         द्वितीया के क्षय और पंचमी की वृद्धि का प्रभाव
    2019     29 सितंबर          नौ दिनों का नवरात्र
    2020     17 अक्टूबर          नौ दिनों का नवरात्र
    2021     7 अक्टूबर           चतुर्थी के क्षय से तृतीया-चतुर्थी का संयुक्त पूजन; आठ दिनों का क्रम
    2022     26 सितंबर           नौ दिनों का नवरात्र
    2023     15 अक्टूबर         नौ दिनों का नवरात्र
    2024     3 अक्टूबर             चतुर्थी की वृद्धि और नवमी के क्षय से अष्टमी-नवमी का संयोग
    2025     22 सितंबर            चतुर्थी तिथि दो दिन पड़ने से दस दिनों का नवरात्र