Author: NewseDay

  • UP News: जेवर एयरपोर्ट को मिला नया नाम, योगी सरकार ने कैबिनेट में प्रस्ताव किया पास

    UP News: जेवर एयरपोर्ट को मिला नया नाम, योगी सरकार ने कैबिनेट में प्रस्ताव किया पास

    लखनऊ
    Narendra Modi International Airport Jewer Greater Noida: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम अब नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शुक्रवार को कैबिनेट ने प्रस्ताव पारित कर दिया है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने अभिनंदन प्रस्ताव पारित कर उनके नेतृत्व और जनसेवा की यात्रा की सराहना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ग्रेटर नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम पर रखने का प्रस्ताव कैबिनेट ने पास किया है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सात अक्टूबर देश के इतिहास में गौरवशाली अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है। प्रधानमंत्री की 25 वर्ष की अनवरत यात्रा जनसेवा से जनकल्याण और जनभागीदारी से जनविश्वास की अनूठी मिसाल है। उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद प्रधानमंत्री का हार्दिक अभिनंदन करती है।

    कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने खुद इस प्रस्ताव के पारित होने पर कहा कि प्रदेश के लिए यह विशेष गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसी धरती से लोकप्रिय जनप्रतिनिधि और सांसद के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने 'सेवा ही समर्पण' और 'राष्ट्र प्रथम' को अपना मूलमंत्र बनाते हुए राष्ट्र निर्माण को सर्वोच्च ध्येय बनाया है। उनकी 25 वर्ष की यात्रा जनकल्याण और जनभागीदारी के माध्यम से जनविश्वास मजबूत करने का उदाहरण है।

    काशी से गहरा हुआ प्रधानमंत्री का रिश्ता
    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश का रिश्ता बेहद आत्मीय है। वर्ष 2014 में काशी आने पर प्रधानमंत्री ने कहा था कि उन्हें मां गंगा ने बुलाया है। काशी और मां गंगा से शुरू हुआ यह आत्मीय संबंध समय के साथ निरंतर गहरा हुआ है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह रिश्ता आज प्रदेश के सर्वांगीण कायाकल्प का आधार बना है। केंद्र और राज्य के साझा संकल्प तथा 'टीम इंडिया' की भावना के साथ उत्तर प्रदेश अभूतपूर्व प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

    2017 के बाद बदली शासन की कार्यसंस्कृति
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश प्रशासनिक अस्थिरता, आमजन में असुरक्षा की भावना और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा था। प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता से प्रेरणा लेकर प्रदेश ने शासन की नई कार्यसंस्कृति अपनाई। इसके परिणामस्वरूप सुशासन, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, आधुनिक बुनियादी ढांचा और निवेश के अनुकूल वातावरण उत्तर प्रदेश की पहचान बनकर उभरे हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय तथा साझा प्रयासों से प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उत्तर प्रदेश अब नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

     

  • दिल्ली पुलिस के बॉडी कैमरों पर विवाद क्यों? जानें रिकॉर्डिंग से लेकर हाईकोर्ट के फैसले तक पूरी बात

    दिल्ली पुलिस के बॉडी कैमरों पर विवाद क्यों? जानें रिकॉर्डिंग से लेकर हाईकोर्ट के फैसले तक पूरी बात

     नई दिल्ली  

    दिल्ली में प्रदर्शनों का दौर जारी है. कांग्रेस की ओर से हो रहे लगातार प्रदर्शन के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी भी 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन करने की तैयारी में है. इसी बीच, दिल्ली पुलिस के जवानों की तस्वीरें शेयर हो रही हैं, जिसमें वो अपनी वर्दी पर एक डिवाइस लगाए हुए नजर आ रहे हैं. दिखने में ये पुलिस के वायरलैस जैसे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. अब पुलिस के इस डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर काफी चर्चा हो रही है और मामला कोर्ट में भी पहुंचा है. ऐसे में जानते हैं कि ये डिवाइस है क्या और इसे लेकर क्या विवाद है?

    इस डिवाइस को लेकर क्या विवाद है, इसे जानने से पहले जानते हैं कि आखिर ये है क्या… 

    दरअसल, ये डिवाइस कोई वायरलैस नहीं हैं, जबकि कैमरे हैं. इन कैमरों को बॉडी वॉर्न कैमरा कहा जाता है. ये छोटे, पोर्टेबल वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस होते हैं, जिन्हें पुलिसकर्मी अपनी यूनिफॉर्म पर (आमतौर पर छाती, कंधे या कॉलर पर) पहनते हैं. ये आमतौर पर छोटे बॉक्स जैसे होते हैं, जो आप फोटो में देखकर समझ सकते हैं. इसमें हाई-रेजोल्यूशन वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा होती है. इसे अधिकारी मैन्युअली ऑन/ऑफ कर सकते हैं, या कुछ मॉडल्स में ऑटोमैटिक एक्टिवेशन (जैसे हथियार निकालने, दौड़ने या झटके पर) की सुविधा होती है। 

    इसकी बैटरी लाइफ कई घंटों की होती है, और डेटा एन्क्रिप्टेड रहता है. पुलिस की ओर से इसका इस्तेमाल सबूत जुटाने के लिए किया जाता है, जिसमें घटनास्थल, बातचीत, गिरफ्तारी या प्रदर्शन के दौरान जो कुछ होता है उसका रियल-टाइम वीडियो-ऑडियो रिकॉर्ड रखा जाता है. पुलिस और आम नागरिक दोनों के व्यवहार का रिकॉर्ड रहता है. सीधे शब्दों में कहें तो इसका मकसद प्रदर्शन के दौरान होने वाली घटनाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग रखना है, जिससे पुलिस पर अगर किसी तरह का कोई आरोप लगे तो पुलिस वीडियो सबूत के जरिए अपना पक्ष पेश कर सके। 

    अब सवाल है कि ये चर्चा में क्यों में है?
    हाल ही में एक जनहित याचिका पुलिस और आरएएफ के उन जवानों के लिए बॉडी कैमरा जरूरी करने की मांग को लेकर दाखिल की गई थी, जो भीड़ नियंत्रण, प्रदर्शन संभालने और भीड़ हटाने की कार्रवाई में तैनात होते हैं.याचिका में मांग की गई थी कि ऐसे जवानों के लिए एक तय प्रक्रिया बनाई जाए. इसके तहत ड्यूटी पर तैनाती के समय से लेकर ड्यूटी खत्म होने तक बॉडी कैमरा लगातार चालू रहे। 

    इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स  के जवानों के लिए बॉडी-वॉर्न कैमरा अनिवार्य करने का आदेश देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने इस मामले में फैसला सरकार पर छोड़ दिया है. वहीं सोशल मीडिया पर भी इसकी काफी चर्चा हो रही है और इसका इस्तेमाल किया जाना सही है या गलत… इसे लेकर अलग अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। 

  • CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन पर मौलाना का विरोध, कहा- यह अवैध है, लोग दूर रहें

    CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन पर मौलाना का विरोध, कहा- यह अवैध है, लोग दूर रहें

     नई दिल्ली

    जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में माहौल बदल रहा है. एक तरफ प्रशासन ने सीजेपी को प्रोटेस्ट के लिए अनुमति नहीं दी है तो इसी बीच एक मौलाना ने मस्जिद से ऐलान करके लोगों से प्रोटेस्ट में शामिल न होने के लिए कहा है। 

    उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में एक मस्जिद से मौलाना ने लोगों के लिए ऐलान किया है. मौलाना ने लोगों से अपील की है कि वे जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल न हों. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जंतर-मंतर पर धारा 163 लागू की है और वहां होने वाला विरोध प्रदर्शन अवैध है। 

    मस्जिद से किए गए ऐलान में मौलाना ने कहा कि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में कोई भी व्यक्ति शामिल न हो. उन्होंने लोगों से प्रशासन का सहयोग करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। 

    मौलाना ने क्या कहा?
    मौलाना ने अपने ऐलान में कहा कि सरकार ने जंतर-मंतर पर धारा 163 लगाई है. ऐसे में वहां किसी को नहीं जाना चाहिए. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति प्रदर्शन में शामिल होने जाता है और उसके साथ कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की नहीं, बल्कि संबंधित व्यक्ति की होगी.मौलाना ने लोगों से 8, 9 और 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर नहीं जाने की अपील की. उन्होंने दोहराया कि प्रस्तावित प्रदर्शन अवैध है और लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। 

    बता दें कि, दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है. संयुक्त पुलिस आयुक्त नुपुर प्रसाद ने प्रेस वार्ता में बताया कि प्रदर्शन का आवेदन बहुत कम समय पहले मिला, जबकि नियम के मुताबिक कम से कम 10 दिन पहले पुलिस को सूचना देनी होती है. पुलिस ने यह भी कहा कि पहले जब पार्टी को अनुमति दी गई थी, तब उसने नियमों और अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया था. नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा 163 लागू है और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

  • राजस्थान में गर्मी के बीच बारिश की दस्तक, 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    राजस्थान में गर्मी के बीच बारिश की दस्तक, 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    जयपुर
     राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में नया परिसंचरण तंत्र बनने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से 10 और 11 अक्टूबर को प्रदेश के कई जिलों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

    मौसम विभाग के अनुसार, 13 और 14 अक्टूबर को भी उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और भरतपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। बारिश के दौर के बाद प्रदेश में तापमान में गिरावट होने के आसार हैं।

    राजस्थान के इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
    मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार, 10 और 11 अक्टूबर को बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

    अलवर में तेज धूप से बचने के लिए छतरी लेकर दोपहिया वाहन पर बैठी महिला (फोटोः अंशुम आहूजा)

    इसके बाद 13-14 अक्टूबर को भी उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। दूसरी ओर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और भरतपुर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

    पिलानी में सबसे ज्यादा गर्मी, माउंट आबू में सबसे कम तापमान
    राजस्थान में मौसम बदलने की संभावना के बीच दिन के तापमान में गर्मी का असर बना हुआ है। पिलानी में अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं, बाड़मेर में 38.6, चूरू और जैसलमेर में 38.5-38.5 तथा श्रीगंगानगर और फलोदी में 38-38 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 1 डिग्री अधिक था।

    रात के तापमान में भी दिखा अंतर
    प्रदेश में दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिला। माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। सिरोही में न्यूनतम तापमान 16.4, फतेहपुर में 18, चूरू में 18.3 और नागौर में 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, फलोदी में रात का तापमान 26.6 डिग्री और श्रीगंगानगर में 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में बारिश के प्रभाव के बाद तापमान में गिरावट होने की संभावना है।

     

  • काला हिरण मामले में सलमान खान की बढ़ी मुश्किलें? दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 हफ्ते में मांगा जवाब

    काला हिरण मामले में सलमान खान की बढ़ी मुश्किलें? दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 हफ्ते में मांगा जवाब

    बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान फिल्म 'काला हिरण' को लेकर चल रहे विवाद के कारण चर्चा में हैं. सलमान खान ने 'काला हिरण' फिल्म पर रोक की मांग करते हुए एक मुकदमा दायर किया था. अब दिल्ली हाईकोर्ट ने सलमान खान को फिल्म 'काला हिरण' के निर्माता की ओर से दायर याचिका पर जवाब देने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है.

    फिल्म निर्माता ने अदालत से मांग की है कि सलमान खान की ओर से फिल्म पर रोक लगाने के लिए दायर मुकदमे को वापस लेने का निर्देश दिया जाए.  निर्माता का तर्क है कि सलमान की ओर से दायर मुकदमे में दिल्ली की अदालत के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र का अभाव है.

    16 दिसंबर को अगली सुनवाई
    हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सलमान खान से जवाब मांगा है. जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट की ओर से चार हफ्ते का समय दिया गया है. अब मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी.

    क्या है विवाद?
    दरअसल, पूरा विवाद फिल्म का पोस्टर और टीजर सामने आने के बाद शुरू हुआ. सलमान की तरफ से आरोप लगाया गया कि फिल्म में एक ऐसा किरदार दिखाया गया है, जो काफी हद तक उनसे मिलता-जुलता है. उस किरदार के हाथ में सलमान खान जैसा मशहूर ब्रेसलेट भी नजर आया. सलमान का कहना है कि यह सब उनकी पहचान से जोड़कर दिखाया जा रहा है और उनकी अनुमति के बिना फिल्म में उनकी पर्सनैलिटी का इस्तेमाल किया गया है.

    फिल्म के टीजर में 1998 के काले हिरण शिकार मामले से जुड़े संदर्भ भी दिखाए गए हैं. यह वही मामला है, जिससे सलमान खान का नाम लंबे समय से जुड़ा रहा है. सलमान की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि फिल्म में उनके जीवन से जुड़े विवाद को कहानी का हिस्सा बनाया गया है और इसका इस्तेमाल फिल्म के प्रचार के लिए भी किया जा रहा है.

    उनका कहना है कि इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है और उनकी पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन हो रहा है.

    फिल्म के डायरेक्टर का क्या कहना?
    वहीं, फिल्म के डायरेक्टर भरत एस. श्रीनेत का कहना है कि यह फिल्म सलमान खान पर नहीं है. फिल्म का किरदार काल्पनिक है और उसका नाम 'अयान खान' रखा गया है. फिल्म के डायरेक्टर डायरेक्टर ने ब्रेसलेट को लेकर भी कहा था कि ऐसा ब्रेसलेट सिर्फ सलमान खान ही नहीं पहनते. वहीं अभिनेता को सलमान जैसा दिखाने के लिए किसी तरह का प्रोस्थेटिक मेकअप नहीं किया गया है.

    27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने सलमान खान की आपत्ति पर फिल्म के टीजर और उससे जुड़ी कुछ प्रचार सामग्री के ऑनलाइन लिंक हटाने का अंतरिम आदेश दिया था.

     

  • हरियाणा में अग्निवीरों को नौकरी देने की तैयारी तेज, सरकारी भर्तियों में 20% तक आरक्षण का प्रावधान

    हरियाणा में अग्निवीरों को नौकरी देने की तैयारी तेज, सरकारी भर्तियों में 20% तक आरक्षण का प्रावधान

    चंडीगढ़
    भारतीय सेना में चार साल की सेवा पूरी कर हरियाणा लौटने वाले हर अग्निवीर को राज्य सरकार नौकरी देगी। हरियाणा सरकार के पास लौटने वाले अग्निवीरों की सूची पहुंच चुकी है और उन्हें विभिन्न विभागों में नौकरी देने को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कर चुके हैं।

    नायब सरकार का ताजा फोकस अग्निवीरों के लिए नौकरियों में केवल आरक्षण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपलब्ध सरकारी पदों के साथ उन्हें जोड़कर नौकरियां देने की व्यवस्था तैयार करने पर है।

    अग्निवीरों के लिए सरकारी भर्तियों में आरक्षण और आयु में छूट
    हरियाणा सरकार ने जुलाई 2024 में ही अग्निवीरों के लिए सरकारी भर्तियों में क्षैतिज (होरिजेंटल) आरक्षण और आयु में छूट की घोषणा कर दी थी। इसके तहत ग्रुप-सी की सिविल सीधी भर्तियों में पांच प्रतिशत और ग्रुप-बी में एक प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रविधान किया गया था। पुलिस, वन रक्षक, जेल वार्डर और माइनिंग गार्ड के पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण घोषित किया गया था।

    इसके बाद सरकार ने अप्रैल 2025 में कुछ पदों पर आरक्षण बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का फैसला किया। 2026 में यह व्यवस्था और विस्तारित हुई। मौजूदा प्रविधान के तहत पुलिस कॉन्स्टेबल, आईआरबी और एसडीआरएफ कॉन्स्टेबल, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डर, माइनिंग गार्ड, वाइल्ड लाइफ गार्ड तथा फायर आपरेटर-कम-ड्राइवर जैसे पदों पर 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रविधान किया गया है।

    एक सितंबर से हुई लागू
    अन्य संबंधित ग्रुप-सी पदों में पांच प्रतिशत और कौशल-विशेषज्ञता से जुड़े ग्रुप-बी पदों में एक प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान है। यह व्यवस्था एक सितंबर 2026 से लागू हुई है। अब सरकार ने इस आरक्षण को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों, बोर्डों और निगमों से पदवार और श्रेणीवार रिक्तियों का ब्योरा मांगा है। इन पदों पर सीधी भर्ती के लिए एचपीएससी और एचएसएससी के माध्यम से प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सरकारी विभागों से पूछा गया है कि अग्निवीरों के लिए कितने पद उपलब्ध हैं और किस श्रेणी में कितनी रिक्तियां हैं।
    हरियाणा में हर अग्निवीर को मिलेगी नौकरी: CM नायब सैनी

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि हरियाणा सरकार हर अग्निवीर को नौकरी देने पर विचार कर रही है। उन्होंने सिंगापुर से लौटते ही ऐसे अग्निवीरों की सूची देखी और उन्हें विभिन्न विभागों में नौकरियां देने की हर संभावना पर अधिकारियों के साथ चर्चा की।

    उन्होंने कहा कि हमने सैद्धांतिक रूप से यह तय कर लिया है कि अग्निवीरों को कहां और किस तरह से समायोजित किया जाना है। हरियाणा से 2022-23 में 2,227 और 2023-24 में 2,893 अग्निवीर सेना में भर्ती हुए थे। पहले बैच के चार साल पूरे होने के बाद राज्य सरकार ने अगस्त से विभागवार रिक्तियां जुटाने की कवायद तेज की है।
    दो साल में 47 हजार युवाओं को मैरिट पर पक्की नौकरियां

    मुख्यमंत्री ने बताया कि अपने दो साल के कार्यकाल में अब तक करीब 47 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। 2024 में दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही करीब 25 हजार चयनित युवाओं को नियुक्तियां देने की प्रक्रिया पूरी की गई थी। अब करीब साढ़े पांच हजार पदों पर पुलिस की भर्ती चल रही है और साढ़े आठ हजार पदों पर अन्य भर्तियों के लिए पेपर कंडक्ट कराए जा रहे हैं।

     

  • छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी से स्वच्छता की पहल, रामपुर आश्रम में नदी घाट और जलकुंड की सफाई

    छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी से स्वच्छता की पहल, रामपुर आश्रम में नदी घाट और जलकुंड की सफाई

    रामपुर आश्रम में जनभागीदारी से चला सेवा संकल्प के साथ स्वच्छता  अभियान

    वन मंत्री केदार कश्यप ने लोगों के साथ किया श्रमदान, मारकंडी नदी घाट और प्राकृतिक जल कुंड की सफाई

    रायपुर
     बस्तर जिले के ग्राम पंचायत चपका स्थित रामपुर आश्रम में जनभागीदारी से सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता अभियान चलाया गया। वन मंत्री केदार कश्यप ने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ झाड़ू लगाकर श्रमदान किया। इस दौरान ऐतिहासिक मंदिर परिसर, मारकंडी नदी घाट और प्राकृतिक जल कुंड की साफ-सफाई कर स्वच्छता एवं जलस्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया गया।

          स्वच्छता अभियान में स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। सभी ने मिलकर नदी घाट, प्राकृतिक जल कुंड और मंदिर परिसर के आसपास फैले कचरे, प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट की सफाई की। वन मंत्री कश्यप ने स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने तथा धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों के साथ प्राकृतिक जलस्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। 

          इस अवसर पर ग्रामीणों ने जलस्रोतों को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का सामूहिक संकल्प भी लिया। अभियान में जिला पंचायत बस्तर की अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष दिनेश कश्यप सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों, स्वच्छ भारत मिशन की टीम और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने श्रमदान किया।

  • सिल्वर मेडलिस्ट नितेश को गिफ्ट देने के लिए जुटाई रकम गायब, ₹96,300 की चोरी से मचा हड़कंप

    सिल्वर मेडलिस्ट नितेश को गिफ्ट देने के लिए जुटाई रकम गायब, ₹96,300 की चोरी से मचा हड़कंप

    गोहाना.

    सोनीपत के गोहाना के गांव जागसी में जापान में आयोजित एशियाई खेलों में पदक जीतकर लौटे पहलवान नितेश सिवाच के सम्मान समारोह में एक व्यक्ति की जेब से 96,300 रुपये चोरी हो गए।

    पीड़ित जयभगवान ने बुटाना चौकी में शिकायत देकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जयभगवान ने बताया कि 6 अक्टूबर को गांव के शहीद स्मारक के पास पहलवान नितेश सिवाच के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया था।

    गांव ने इकट्ठा किया था चंदा
    नितेश को उपहार देने के लिए गांव में चंदा एकत्र किया गया था। चंदे की 96,300 रुपये की राशि उसके पास थी। समारोह में काफी भीड़ थी। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने भीड़ का फायदा उठाकर उसकी जेब से रुपये निकाल लिए।

  • बिहार पंचायत चुनाव 2026-27 पर सस्पेंस, ट्रिपल टेस्ट और आरक्षण के फेर में अटकी चुनावी तैयारी

    बिहार पंचायत चुनाव 2026-27 पर सस्पेंस, ट्रिपल टेस्ट और आरक्षण के फेर में अटकी चुनावी तैयारी

    पटना
     सरकार ने निर्धारित समय पर पंचायत चुनाव कराने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इसके पीछे तर्क चुनाव से पहले परिसीमन, आरक्षण की जटिल प्रक्रिया एवं ट्रिपल टेस्ट के उपरांत आरक्षण का निर्धारण है।

    पंचायत चुनाव समय पर कराने को लेकर दायर याचिका पर पांच अक्टूबर को हाई कोर्ट में हुई सुनवाई व सरकार की ओर से दिए गए उत्तर में यह जानकारी सामने आई है। हाई कोर्ट में अब अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी। ऐसे में स्पष्ट है कि अब राज्य निर्वाचन आयोग निर्धारित समय पर चुनाव नहीं करा पाएगा।

    विदित हो कि दिसंबर-2026 के मध्य से लेकर जनवरी-2027 के प्रथम सप्ताह में पंचायतों एवं ग्राम कचहरियों का वर्तमान कार्यकाल पूर्ण हो रहा है।

    हालांकि आगामी पंचायत चुनाव में अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) को आरक्षण देने के लिए ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया एक कदम आगे बढ़ी है। सरकार ने इसके लिए एएन सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान को दायित्व देने का निर्णय लिया है।

    संस्थान के शोधार्थी विशेषज्ञों के नेतृत्व में पंचायतों में जाकर अति पिछड़े वर्ग की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति का विस्तृत अध्ययन करेंगे। इसके आधार पर पंचायत चुनाव में आरक्षण की सीमा और वर्गवार प्रतिनिधित्व को लेकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

    उधर, अति पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने भी जिलेवार दौरा कर पंचायतों में विस्तृत पड़ताल शुरू कर दी है।

    विशेषज्ञाें के अनुसार, त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल पूर्ण होने पहले संविधान के अनुच्छेद 243-ई के अनुसार कार्यकाल पूर्ण होने से पहले राज्य निर्वाचन आयोग का दायित्व है कि वह चुनाव संपन्न कराएगा। लेकिन वर्तमान तैयारियों को देखते हुए ऐसा संभव नहीं दिख रहा है।

    ट्रिपल टेस्ट की जटिल है प्रक्रिया
    सरकार की ओर से त्रिस्तरीय पंचायतों एवं ग्राम कचहरियों में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान है जिसमें अति पिछड़ों को 20 प्रतिशत तक आरक्षण दिया जाना है।

    इसके लिए जरूरी ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करने का काम अति पिछड़ा वर्ग आयोग को दिया गया है। आयोग राजनीतिक पिछड़ेपन का अध्ययन कर आरक्षण के लिए सरकार को अपनी अनुशंसा देगा। आरक्षण देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार तीन स्तर पर प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

    इसमें पिछड़ेपन की स्थिति का अध्ययन करने के लिए एक समर्पित आयोग का गठन, प्रत्येक स्थानीय निकाय में आरक्षण के अनुपात का निर्धारण और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण की कुल सीमा निर्धारित सीमा से अधिक न हो।

    इसी प्रक्रिया को ट्रिपल टेस्ट कहा जाता है। राज्य सरकार द्वारा कराए गए जातिगत सर्वे में अति पिछड़ी जातियों की कुल संख्या 112 है।

    प्रतिनिधित्व पर एक नजर
        मुखिया की संख्या : 8053
        सरपंच की संख्या : 8053
        वार्ड सदस्य की संख्या : 109635
        वार्ड पंच की संख्या : 109635
        पंचायत समिति सदस्य : 11085
        जिला परिषद सदस्य : 1160

     

  • Flipkart की सेल सभी के लिए शुरू, iPhone 17 से लेकर AC तक खरीदने का मौका, जानें डील्स

    Flipkart की सेल सभी के लिए शुरू, iPhone 17 से लेकर AC तक खरीदने का मौका, जानें डील्स

    Flipkart पर बिग बिलियन डेज सेल की शुरुआत सभी के लिए हो चुकी है. सेल के दौरान कई स्मार्टफोन, iPhone, AC और मोबाइल असेसरीज आदि को सस्ते दाम में खरीदा जा सकेगा. लाइफस्टाइल प्रोडक्ट आदि को भी सस्ते दाम में खरीदा जा सकेगा.

    Flipkart Sale शुरू होने से पहले iPhone 17 की 79,999 रुपये की डील दिखाई थी लेकिन कुछ घंटे के अंदर ही कंपनी ने रेट्स में बदलाव कर दिया. अब iPhone 17 को 81,999 रुपये में लिस्ट किया है, जिसमें सभी ऑफर्स को शामिल किया है. हाल ही में iPhone 17  की सुरुआती कीमत 82,900 रुपये से बढ़ाकर 99,900 रुपये की जा चुकी है.

    iPhone 15 पर मिल रही डील्स
    Flipkart Sale में iPhone 15 को बेहद ही सस्ते दाम में खरीदने का मौका मिल रहा है. इस हैंडसेट की कीमत 59,999 रुपये में लिस्ट है. इसमें सभी ऑफर्स को शामिल किया गया है.

    दूसरे iPhone पर भी बंपर डिस्काउंट  
    फ्लिपकार्ट सेल के दौरान iPhone 17 Pro और 17 Pro Max को भी डिस्काउंट कीमत में लिस्ट किया है. सभी ऑफर्स के साथ इनकी बेहद ही कम कीमत में लिस्ट है.

    Samsung Galaxy S25 5G की इतनी है कीमत
    Samsung Galaxy S25 5G स्मार्टफोन को लॉन्चिंग प्राइस की तुलना में काफी सस्ते में खरीदने का मौका मिल रहा है. सेल के दौरान 54,999 रुपये में लिस्ट किया है,जिसमें सभी ऑफर्स को शामिल किया गया है. बीते साल इस हैंडसेट को 79,900 रुपये में लिस्ट किया था.  

    AC पर बंपर ऑफर
    फ्लिपकार्ट सेल के दौरान एयर कंडीशनर (AC) पर बंपर ऑफर दिए जा रहे हैं. सेल पेज पर बताया है कि 1 Ton AC को 22,990 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकेगा. फ्लिपकार्ट पर AC के ढेरों ऑफ्शन मौजूद हैं. यह विंडो और Split AC के कई ऑप्शन मौजूद हैं.