Author: NewseDay

  • बस्तर में पुनर्वास से रोजगार तक की प्रेरक कहानी, ‘पण्डुम कैफे’ की पहल से प्रभावित हुए केंद्रीय अधिकारी

    बस्तर में पुनर्वास से रोजगार तक की प्रेरक कहानी, ‘पण्डुम कैफे’ की पहल से प्रभावित हुए केंद्रीय अधिकारी

    बस्तर में पुनर्वास और स्वावलंबन की मिसाल बना ‘पण्डुम कैफ़े’, केंद्रीय सहकारिता सचिव ने की सराहना

    राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में आए वरिष्ठ अधिकारियों ने युवाओं से किया संवाद, आजीविका से जुड़ी पहल को सराहा

    रायपुर
    बस्तर में हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा में लौटे युवाओं द्वारा संचालित ‘कैफे पण्डुम’ पुनर्वास और स्वावलंबन की मिसाल बन रहा है। जगदलपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष भूटानी सहित केंद्र और विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को कैफे का भ्रमण किया। उन्होंने युवाओं से संवाद कर उनके प्रयासों की सराहना की और इसे आजीविका एवं सामाजिक बदलाव की महत्वपूर्ण पहल बताया।

          भ्रमण के दौरान बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने अधिकारियों को कैफे की अवधारणा, संचालन और इससे जुड़े परिवारों की आजीविका बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पहल हिंसा से प्रभावित और मुख्यधारा में लौटे लोगों को सम्मानजनक जीवन तथा आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रही है।

          वरिष्ठ अधिकारियों ने कैफे की व्यवस्थाओं, स्थानीय व्यंजनों, प्राकृतिक रंगों से सजे परिसर और आत्मीय आतिथ्य की सराहना की। उन्होंने कैफे को सादगी और स्थानीय परिवेश के साथ विकसित एक जीवंत केंद्र बताया। अधिकारियों ने कैफे का संचालन कर रहे युवाओं का उत्साहवर्धन भी किया।

  • जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए दिल्ली पहुंचेगी पैरामिलिट्री फोर्स, 115 कंपनियों के 11,500 जवान तैनात होंगे

    जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए दिल्ली पहुंचेगी पैरामिलिट्री फोर्स, 115 कंपनियों के 11,500 जवान तैनात होंगे

    नई दिल्ली
     मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से होने वाले प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में बढ़े स्तर पर पैरामिलिट्री फोर्स उतारने की तैयारी कर ली गई है।

    11 हजार से ज्यादा जवानों की तैनाती के दिए आदेश
    इसके लिए जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में लगी सीआरपीएफ, आरएएफ, एसएसबी, आईटीबीपी और सीआईएसएफ की 115 कंपनियों के 11 हजार 500 जवानों को तुरंत प्रभाव से दिल्ली में तैनाती के आदेश दिए गए हैं। प्रदर्शन में महिलाओं की भी भारी भीड़ को देखते हुए महिला जवानों की भी संख्या बढ़ाई जा रही है।

    सीएपीएफ की 111 कंपनियां तैनात
    इन कंपनियों को 8 से 12 अक्टूबर तक के लिए दिल्ली में मूव कराया जा रहा है। यह सभी एंटी रायट इक्विपमेंट (ARE) से लैस होंगे। प्रदर्शन को कंट्रोल करने के लिए दिल्ली पुलिस के अलावा सीएपीएफ की 111 कंपनियां तैनात हैं। इनमें आरएएफ की 13 कंपनियों समेत सीआरपीएफ और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की अन्य कंपनियां शामिल हैं।

    22 हजार से ज्यादा जवान दिल्ली के खास इलाके में होंगे तैनात
    कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि यहां और फोर्स की तैनाती की जाए। 115 कंपनियों के आने से दिल्ली में सीएपीएफ की 226 कंपनियां हो जाएंगे। 22 हजार से अधिक जवान दिल्ली के एक खास इलाके में तैनात होंगे।

    गृह मंत्रालय के आदेश पर होगी तैनाती
    गृह मंत्रालय के आदेश पर विभिन्न राज्यों से पैरामिलिट्री की 115 कंपनियां तैनात की जा रही है। इनमें पश्चिम बंगाल से 40, छत्तीसगढ़ से 30 और जम्मू-कश्मीर से 20 कंपनियां बुलाई गई है। एसएसबी, आईटीबीपी और सीआईएसएफ के जवानों को भी दिल्ली रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है।

  • बकरी चराने गई महिला से मारपीट का आरोप, लातेहार पुलिस को तत्काल जांच के आदेश

    बकरी चराने गई महिला से मारपीट का आरोप, लातेहार पुलिस को तत्काल जांच के आदेश

    लातेहार
     लातेहार जिले के हेरंज गांव की आदिवासी महिला पुनिया देवी के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर मारपीट और अमानवीय व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है. मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गंभीरता जताई है. उन्होंने लातेहार पुलिस को तत्काल मामले का संज्ञान लेने, जांच करने और उचित कार्रवाई करते हुए इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया है.

    बकरी चराने के दौरान मारपीट करने का आरोप
    झारखंड जनाधिकार महासभा की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, पांच अक्तूबर को दोपहर में पुनिया देवी बकरी चरा रही थी. इसी दौरान बरियातू थाना के एसएचओ कथित तौर पर तीन अन्य पुलिसकर्मियों के साथ सादे कपड़ों में वहां पहुंचे. आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने महिला की बेरहमी से पिटाई की. रास्ते में भी उनके साथ
    मारपीट की गई और अभद्र व्यवहार किया गया.

    थाने में टांगकर पीटने और जातिसूचक गालियां देने का आरोप
    महासभा की ओर से साझा की गई जानकारी में आरोप लगाया गया है कि महिला को थाने ले जाकर टांगकर पीटा गया और जातिसूचक गालियां दी गई. जानकारी के मुताबिक, उन्हें अगले दिन रात में रिहा किया गया. घटना को लेकर आदिवासी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में नाराजगी है.

    सीएम हेमंत सोरेन ने कहा- यह स्थिति स्वीकार्य नहीं
    मामले की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लातेहार पुलिस को तत्काल जांच और कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "लातेहार पुलिस तत्काल संज्ञान लें, जांच करें एवं उचित कार्रवाई करते हुए सूचना दें. यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है."

    निष्पक्ष जांच और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग
    घटना को लेकर आदिवासी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उन्होंने आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है. फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच और पुलिस की कार्रवाई से संबंधित जानकारी सामने आना बाकी है.

  • हरियाणा में अग्निवीरों को नौकरी की गारंटी? CM नायब सैनी के ऐलान से युवाओं को मिली राहत

    हरियाणा में अग्निवीरों को नौकरी की गारंटी? CM नायब सैनी के ऐलान से युवाओं को मिली राहत

    चंडीगढ़.

    भारतीय सेना में चार साल की सेवा पूरी कर हरियाणा लौटने वाले हर अग्निवीर को राज्य सरकार नौकरी देगी। हरियाणा सरकार के पास लौटने वाले अग्निवीरों की सूची पहुंच चुकी है और उन्हें विभिन्न विभागों में नौकरी देने को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कर चुके हैं।

    नायब सरकार का ताजा फोकस अग्निवीरों के लिए नौकरियों में केवल आरक्षण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपलब्ध सरकारी पदों के साथ उन्हें जोड़कर नौकरियां देने की व्यवस्था तैयार करने पर है।

    आरक्षण और आयु में छूट
    हरियाणा सरकार ने जुलाई 2024 में ही अग्निवीरों के लिए सरकारी भर्तियों में क्षैतिज (होरिजेंटल) आरक्षण और आयु में छूट की घोषणा कर दी थी। इसके तहत ग्रुप-सी की सिविल सीधी भर्तियों में पांच प्रतिशत और ग्रुप-बी में एक प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रविधान किया गया था। पुलिस, वन रक्षक, जेल वार्डर और माइनिंग गार्ड के पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण घोषित किया गया था।

  • शहडोल में खुशियों की तिहरी सौगात, 20 वर्षीय महिला ने तीन बच्चों को दिया जन्म; जच्चा-बच्चा स्वस्थ

    शहडोल में खुशियों की तिहरी सौगात, 20 वर्षीय महिला ने तीन बच्चों को दिया जन्म; जच्चा-बच्चा स्वस्थ

    शहडोल

    शहडोल मेडिकल कॉलेज में एक महिला ने सामान्य प्रसव से एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया है। नवजातों में दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। तीनों का वजन एक किलोग्राम के आसपास या उससे कम है, इसलिए उन्हें विशेष निगरानी में एसएनसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक मां और तीनों बच्चों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है। मेडिकल कॉलेज में एक साथ तीन बच्चों के सामान्य प्रसव का यह पहला मामला बताया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार सोहागपुर क्षेत्र के ग्राम पतासी निवासी 20 वर्षीय प्रीति कोल पति कृष्ण कुमार को प्रसव के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। यहां डॉक्टरों की देखरेख में 8 अक्टूबर को उन्होंने तीन बच्चों को जन्म दिया। मेडिकल रिकॉर्ड के मुताबिक महज 10 मिनट के भीतर तीनों नवजातों का जन्म हो गया। तीनों बच्चों में पहली और तीसरी संतान बेटियां हैं, जबकि दूसरी संतान बेटा है। जन्म के समय से पहले जन्म होने और कम वजन के कारण तीनों को विशेष निगरानी के लिए स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में रखा गया है। 

    मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की एचओडी डॉ. सोना सिंह के अनुसार एक साथ तीन बच्चों का जन्म होना दुर्लभ है। उन्होंने बताया कि करीब 8 से 10 हजार मामलों में ऐसा एक मामला सामने आने की बात कही जाती है। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. नागेंद्र सिंह ने भी इसे दुर्लभ मामला बताया।

    डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल मां और तीनों नवजातों की स्थिति खतरे से बाहर है। एक साथ तीन बच्चों के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल है। मेडिकल कॉलेज में सामान्य प्रसव से तीन बच्चों के जन्म का यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। 

  • Jeet Raval Retirement: 24 टेस्ट खेलने वाले जीत रावल का संन्यास, अहमदाबाद से न्यूजीलैंड तक ऐसा रहा सफर

    Jeet Raval Retirement: 24 टेस्ट खेलने वाले जीत रावल का संन्यास, अहमदाबाद से न्यूजीलैंड तक ऐसा रहा सफर

     नई दिल्ली
    न्यूजीलैंड के पूर्व टेस्ट ओपनर जीत रावल ने प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. 38 साल के रावल ने 2016 से 2020 के बीच न्यूजीलैंड के लिए 24 टेस्ट मैच खेले. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 10 हजार से ज्यादा रन दर्ज हैं. क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद वह अब चार्टर्ड अकाउंटेंट के तौर पर अपने करियर पर ध्यान दे सकते हैं.

    रावल का जन्म 22 सितंबर 1988 को गुजरात में हुआ था. किशोरावस्था में उनका परिवार न्यूजीलैंड के ऑकलैंड चला गया था. उन्होंने दिसंबर 2008 में ऑकलैंड की ओर से वेस्टइंडीज की दौरा करने वाली टीम के खिलाफ फर्स्ट क्लास डेब्यू किया. उनका क्रिकेट करियर करीब 18 साल चला.

    पार्थिव पटेल के साथ पढ़े, फिर न्यूजीलैंड के लिए खेले
    जीत रावल का भारतीय क्रिकेट से भी खास कनेक्शन रहा है. वह अहमदाबाद के विद्यानगर स्कूल में भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल के साथ पढ़े थे. न्यूजीलैंड जाने के बाद रावल ने वहां के अंडर-19 क्रिकेट से आगे बढ़ते हुए सीनियर टीम तक का सफर तय किया.

    ऑकलैंड की ओर से शुरुआत में मिडिल ऑर्डर में खेलने वाले रावल बाद में न्यूजीलैंड के घरेलू क्रिकेट के सफल ओपनरों में शामिल हो गए. उन्होंने अपने 292 फर्स्ट क्लास पारियों में से 285 में ओपनिंग की और इस दौरान 10,127 रन बनाए. ओपनर के तौर पर उनका औसत 37.36 रहा, जबकि उन्होंने 23 शतक लगाए.

    दिसंबर 2025 में नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स की कप्तानी करते हुए वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 10 हजार रन बनाने वाले न्यूजीलैंड के 30वें खिलाड़ी बने. उनका आखिरी प्रतिस्पर्धी मुकाबला इस साल मार्च में सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स के खिलाफ प्लंकेट शील्ड में था.

    न्यूजीलैंड के लिए खेले 24 टेस्ट
    रावल ने 2016 में क्राइस्टचर्च में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया. न्यूजीलैंड की ओर से 24 टेस्ट में उन्होंने 1,143 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और सात अर्धशतक निकले. अपने पहले टेस्ट शतक के लिए उन्हें 28 पारियों का इंतजार करना पड़ा.

    वह न्यूजीलैंड की उस टीम का हिस्सा थे, जिसने जून 2021 में पहले वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप (WTC) का खिताब जीता था. खिताबी जीत के बाद वह टेस्ट गदा के साथ न्यूजीलैंड के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित सप्ताह भर के दौरे में भी शामिल रहे.

    रावल ने बाद में बताया था कि उनके करियर के शुरुआती दौर में शतक नहीं आने के बावजूद केन विलियमसन, रोस टेलर और टीम के अन्य सीनियर खिलाड़ियों ने उनका समर्थन किया. इससे उन्हें दबाव के बीच भी टीम के लिए योगदान देने का भरोसा मिला.

    हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज और ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान उनका फॉर्म गिर गया. कुछ मैचों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद टीम मैनेजमेंट ने दूसरे विकल्प की ओर रुख किया. रावल ने इस फैसले पर निराशा जताई थी, लेकिन साथ ही कहा था कि उन्हें खुशी है कि किसी दूसरे खिलाड़ी ने टीम की जरूरत के मुताबिक प्रदर्शन किया.

    घरेलू क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड
    रावल ने न्यूजीलैंड के घरेलू क्रिकेट में ऑकलैंड, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स और नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स का प्रतिनिधित्व किया. प्लंकेट शील्ड में उन्होंने कुल 8,662 रन बनाए. इस टूर्नामेंट के इतिहास में उनसे ज्यादा रन माइकल पैप्स (11,463), मैथ्यू सिंक्लेयर (8,842) और पीटर फुल्टन (8,719) ने बनाए हैं.

    नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के साथ उन्होंने 2024-25 में टीम को एक दशक से ज्यादा समय बाद पहला प्लंकेट शील्ड खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने अपनी पार्ट टाइम लेग स्पिन से भी योगदान दिया और उस सीजन में 11.14 के औसत से 14 विकेट लिए. इस दौरान उन्होंने पहली बार फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पांच विकेट लेने का कारनामा भी किया.

    लिस्ट ए क्रिकेट में रावल ने 96 मैचों में 2,714 रन बनाए और 44 विकेट लिए. टी20 क्रिकेट के 76 मैचों में उनके नाम 1,484 रन हैं. उनका टी20 औसत 21.50 और स्ट्राइक रेट 121.44 रहा. मैदान के बाहर रावल ऑडिटिंग फर्म में चार्टर्ड अकाउंटेंट के तौर पर काम कर रहे हैं. करियर के आखिरी दौर में उन्होंने कोचिंग में भी हाथ आजमाए. क्रिकेट के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट भी रहेमाया और समोआ की टीम में हेड  कोच तरुण नेथुला के सहायक के रूप में काम किया.

  • LPU हिंसा मामला: हाईकोर्ट ने जताई सख्ती, सोशल मीडिया पोस्ट और प्लेटफॉर्म्स की भूमिका पर उठाए सवाल

    LPU हिंसा मामला: हाईकोर्ट ने जताई सख्ती, सोशल मीडिया पोस्ट और प्लेटफॉर्म्स की भूमिका पर उठाए सवाल

    चंडीगढ़.

    इंटरनेट मीडिया पर किसी ऐसी घटना की झूठी सूचना प्रसारित करना, जो वास्तव में हुई ही नहीं, गंभीर कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा कर सकता है।

    पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी सूचना से अचानक हिंसा भड़क सकती है और जान-माल तथा संपत्ति का नुकसान हो सकता है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि यदि किसी इंटरनेट मीडिया पोस्ट के कारण हिंसा और जान-माल का नुकसान होता है तो केवल पोस्ट डालने वाले व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त होगा या फिर संबंधित इंटरनेट मीडिया मंच की भी जवाबदेही तय करने के लिए कोई व्यवस्था होनी चाहिए।

    एलपीयू हिंसा पर क्या बोले चीफ जस्टिस?
    चीफ जस्टिस  अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस  रोहित कपूर की खंडपीठ ने पंजाब सरकार की ओर से लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में झूठी सूचना के प्रसार से हुए हंगामे की जानकारी दिए जाने के बाद ये टिप्पणियां कीं।

  • बोधघाट परियोजना के प्रभावितों से संवाद करेंगे राहुल गांधी, बस्तर दौरे पर रहेंगी सबकी नजरें

    बोधघाट परियोजना के प्रभावितों से संवाद करेंगे राहुल गांधी, बस्तर दौरे पर रहेंगी सबकी नजरें

    रायपुर.

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द ही छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ सकते हैं। बोधघाट परियोजना को लेकर राहुल गांधी का बस्तर दौरा संभावित है। इसकी जानकारी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने दी है।

    दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस ग्रामीणों की आवाज उठाएगी। प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत ने बस्तर दौरे के दौरान ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनी हैं। अब बहुत जल्द राहुल गांधी बोधघाट परियोजना को लेकर बस्तर दौरे पर आएंगे और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे।

    उत्तर प्रदेश से बिजली की खरीदी पर बोले पीसीसी चीफ
    छत्तीसगढ़ में खुद बिजली का उत्पादन होता है। इसके बावजूद दूसरे राज्य से बिजली खरीदने की तैयारी की जा रही है। सरकार इस फैसले के जरिए राज्य की जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाएगी। उन्होंने आगे कहा कि पहले से ही बिजली की दरें काफी बढ़ चुकी हैं और सरकार की नीतियों के चलते महंगाई बढ़ रही है। निजी कंपनियों को बिजली विभाग सौंपा जा रहा है।

    रेल मंत्री के छत्तीसगढ़ दौरे पर साधा निशाना
    प्रदेश में पहले से ही ट्रेनों का संचालन प्रभावित है और ऐसे में रेल मंत्री छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। यह दौरा छत्तीसगढ़ की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए नहीं बल्कि उद्योपतियों, कॉरपोरेट घरानों के हितों को साधने के लिए किया जा रहा है।

  • CM योगी का दावा- ‘स्वस्थ प्रदेश-सक्षम प्रदेश’ बन रहा यूपी, स्वास्थ्य व्यवस्था में हुआ बड़ा बदलाव

    CM योगी का दावा- ‘स्वस्थ प्रदेश-सक्षम प्रदेश’ बन रहा यूपी, स्वास्थ्य व्यवस्था में हुआ बड़ा बदलाव

    'स्वस्थ प्रदेश-सक्षम प्रदेश' बना यूपी: सीएम योगी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से साझा की स्वास्थ्य व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की तस्वीर

    2017 में मेडिकल कॉलेजों की संख्या थी मात्र 36, अब बढ़कर हुई 85 

    एमबीबीएस की सीटें 4690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हुईं

    उपचार की विवशता से स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास तक, स्वस्थ उत्तर प्रदेश की नई पहचान

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'स्वस्थ-सक्षम उत्तर प्रदेश' की कहानी अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' के जरिए शुक्रवार को प्रदेशवासियों से साझा की। मुख्यमंत्री ने उपचार की विवशता से स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास को स्वस्थ उत्तर प्रदेश की नई पहचान बताया। 

    वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज के साथ नए मानक स्थापित कर रहा यूपी
    सीएम ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन और अंत्योदय के संकल्प के साथ प्रदेश की डबल इंजन भाजपा सरकार ने वर्ष 2017 से पहले की स्वास्थ्य क्षेत्र की लचर व्यवस्था को पीछे छोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को स्वस्थ, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक गति से कार्य किया है। इस परिवर्तन का सबसे बड़ा प्रमाण है कि जिस उत्तर प्रदेश की पहचान कभी वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया से होती थी, वही उत्तर प्रदेश आज वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज के संकल्प के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।

    उपचार की सुविधा का लगातार विस्तार
    मुख्यमंत्री ने बताया कि जहां प्रदेश में वर्ष 2017 में मेडिकल कॉलेजों की संख्या मात्र 36 थी, वहीं आज यह बढ़कर 85 हो गई है। साथ ही, एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हो चुकी हैं। इससे एक ओर युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़े हैं, वहीं दूसरी ओर आमजन के लिए घर के निकट गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा का विस्तार हुआ है।

    उपचार के खर्च की चिंता से मुक्त हैं प्रदेशवासी
    मुख्यमंत्री ने लिखा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान से आच्छादित 10 करोड़ से अधिक प्रदेशवासी आज गंभीर बीमारी के उपचार के भारी खर्च की चिंता से मुक्त होकर बेहतर स्वास्थ्य, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। उपचार की विवशता से स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास तक, स्वस्थ उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनी है।

  • मध्यप्रदेश में सियासी हलचल, जगदीश देवड़ा ने OSD दीपम रायचुरा को हटाया; रिश्वत के आरोपों की होगी जांच

    मध्यप्रदेश में सियासी हलचल, जगदीश देवड़ा ने OSD दीपम रायचुरा को हटाया; रिश्वत के आरोपों की होगी जांच

    भोपाल
     डेप्युटी सीएम जगदीश देवड़ा ने अपने ओएसडी दीपम रायचुरा को पद से हटा दिया है। साथ ही मामले में विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। दीपम रायचुरा पर शराब की दुकानों के ठेके को लेकर रिश्वत के आरोप लगे थे। डेप्युटी सीएम ने कहा कि ये आरोप जिस समय को लेकर लग रहे हैं, उस समय वे हमारे ओएसडी नहीं थे।

    मेरे ओएसडी के रूप में कार्यरत नहीं थे
    डेप्युटी सीएम जगदीश देवड़ा ने आरोपों पर कहा कि आज न्यूज के माध्यम से वर्ष 2024-25 में शराब ठेकों से संबंधित अनियमितताओं का मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस अवधि में दीपम रायचुरा भोपाल में सहायक आबकारी अधिकारी के पद पर पदस्थ थे। उस समय वे मेरे OSD के रूप में कार्यरत नहीं थे।

    जांच के दिए निर्देश
    उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही मैंने संबंधित विभाग को शीघ्र जांच के निर्देश दिए हैं। जांच निष्पक्ष रूप से संपन्न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए दीपम रायचुरा को OSD के प्रभार से तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है।

     मोहित गोगिया के कथित बयान में गंभीर आरोप
    करीब 930 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में आरोपी मोहित गोगिया के नाम से प्रसारित बयान में दावा किया गया है कि वर्ष 2024-25 में भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र की दो शराब दुकानों के ठेके जसवंत कुमार के नाम पर दिलाने में मदद की गई थी। कथित बयान में दीपम रायचूरा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया है कि ठेके हासिल करने के लिए बैंक गारंटी के तौर पर इस्तेमाल की गई फर्जी एफडीआर को मंजूरी दिलाने में भी मदद की गई। बयान में कहा गया है कि ठेके दिलाने के बदले एक करोड़ रुपये दिए गए। इसमें 50 लाख रुपये नकद देने और बाकी 50 लाख रुपये आईएसबीटी क्षेत्र में होटल चलाने वाले एक व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर करने का दावा किया गया है। कथित बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि दीपक दुबे के जरिए रकम ली गई थी। इसके अलावा बिना लाइसेंस शराब बिक्री में मदद किए जाने के दावे भी किए गए हैं। 

    मुलाकात कराने और रकम देने का भी दावा
    कथित बयान के अनुसार, वर्ष 2022-23 में तनुज सेठी ने गोगिया की मुलाकात रायचूरा से कराई थी। इसके बाद रायचूरा ने उसे दीपक दुबे से मिलवाया था। बयान में दावा किया गया है कि दुबे उनके कामकाज देखते थे।  फिलहाल उपमुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को जांच के निर्देश देने और ओएसडी को प्रभार से मुक्त करने की बात कही है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि शराब दुकानों के ठेकों, एफडीआर और कथित लेनदेन के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं।

    धोखाधड़ी के आरोपी ने लगाया था आरोपी
    जांच एजेंसियों ने 1000 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी के आरोपी मोहित गोगिया को गिरफ्तार किया है। गोगिया ने पूछताछ के दौरान डेप्युटी सीएम जगदीश देवड़ा के ओएसडी दीपम रायचुरा का नाम लिया था। उसने जांच एजेंसियों को बताया था कि शराब की दुकानों के ठेके लिए दीपम रायचुरा के आदमी को एक करोड़ रुपए दिए थे।

    उठ रहे थे सवाल
    इसे लेकर विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रही थी। साथ ही जांच की मांग हो रही थी। पहले भी दीपम रायचुरा पर आरोप लग चुके हैं। अब सरकार से इस मामले को लंबा खींचने की जगह दीपम रायचुरा को तुरंत हटा दिया है। हालांकि रायचुरा इन आरोपों को खारिज कर रहे थे।