Author: NewseDay

  • अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में बड़ा बदलाव, नवेद खान की जगह नफीस अहमद अंसारी बने प्रॉक्टर; छात्रसंघ चुनाव पर हलचल

    अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में बड़ा बदलाव, नवेद खान की जगह नफीस अहमद अंसारी बने प्रॉक्टर; छात्रसंघ चुनाव पर हलचल

     अलीगढ़
    अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के कैंपस से इस वक्त की सबसे बड़ी और धमाकेदार खबर आ रही है! छात्रों के ज़बरदस्त आंदोलन और प्रदर्शन के आगे आखिरकार यूनिवर्सिटी प्रशासन को झुकना ही पड़ा. AMU में लंबे समय से ठप पड़े छात्रसंघ (AMUSU) चुनावों को कराने की मांग प्रशासन ने मंजूर कर ली है. यानी पूरे 8 साल के लंबे इंतजार के बाद कैंपस में एक बार फिर छात्र राजनीति और लोकतंत्र की वापसी होने जा रही है। 

    इतना ही नहीं, छात्रों के बढ़ते आक्रोश और सुरक्षा व्यवस्था के सवालों के बीच वीसी प्रो. नईमा खातून ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा एक्शन लेते हुए प्रॉक्टर को भी पद से हटा दिया है। 

    प्रो. नवेद खान की छुट्टी, प्रो. नफीस अहमद बने नए प्रॉक्टर
    कैंपस में जारी तनाव और छात्रों के प्रदर्शन के बीच वीसी प्रो. नईमा खातून ने प्रशासनिक फेरबदल का चाबुक चलाया. यूनिवर्सिटी द्वारा जारी ऑफिस मेमो के मुताबिक, राजनीति विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी को AMU का नया प्रॉक्टर नियुक्त किया गया है। 

    उन्होंने प्रो. मोहम्मद नवेद खान की जगह ली है. यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से दो साल या अगले आदेश तक के लिए की गई है। 

    8 साल का लंबा सूखा खत्म, जगी चुनाव की उम्मीद
    AMU में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से माहौल गर्म था. छात्रों का आरोप था कि लंबे समय से चुनाव न होने की वजह से उनकी आवाज़ को दबाया जा रहा था. उग्र प्रदर्शन और दबाव के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग स्वीकार कर ली है। 

    नए प्रॉक्टर प्रो. नफीस अंसारी के सामने अब कैंपस में शांति बनाए रखने के साथ-साथ 8 साल बाद पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से चुनाव संपन्न कराने की कड़ी चुनौती होगी। 

    AMU में 8 साल से क्यों ठप थे चुनाव?
    AMU में अंतिम बार छात्रसंघ (AMUSU) चुनाव वर्ष 2018-19 सत्र के लिए आयोजित किए गए थे. इसके बाद से चुनाव पूरी तरह से बंद थे. 2019 में सीएए (CAA) विरोधी प्रदर्शनों और 2020 में कोविड महामारी के कारण कैंपस की गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं. बाद में सुरक्षा कारणों, प्रशासनिक हीलाहवाली और वित्तीय अनुशासन का हवाला देकर चुनाव लगातार टाल दिए गए। 

    छात्रों का तर्क था कि बिना छात्रसंघ के उनकी आवाज दब रही है और हॉस्टल व फीस संबंधी समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही. इसी को लेकर छात्रों ने 'AMUSU पुनर्बहाली आंदोलन' शुरू किया. पिछले कई हफ्तों से छात्र वीसी दफ्तर के बाहर धरना, तालाबंदी और उग्र प्रदर्शन कर रहे थे. उनकी मुख्य मांगें तत्काल छात्रसंघ चुनाव कराने की तारीखों की घोषणा, पुलिस हस्तक्षेप पर रोक और प्रॉक्टर को हटाना थीं, जिन्हें प्रशासन ने स्वीकार कर लिया। 

  • UP में योगी कैबिनेट के बड़े फैसले, किसानों को रिकॉर्ड भुगतान; जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलने का ऐलान

    UP में योगी कैबिनेट के बड़े फैसले, किसानों को रिकॉर्ड भुगतान; जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलने का ऐलान

    लखनऊ 
     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लखनऊ के लोकभवन में एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक हुई. यह बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई. कैबिनेट बैठक के बाद सीएम योगी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने वैश्विक स्तर पर यूपी को पहचान दिलाई है. यूपी लगातार विकास की राह भर रहा है. 42 नए राजमार्ग बने हैं. आज कारोबारियों के लिए राह खुल गई है. वहीं, ऐलान किया कि अब जेवर एयरपोर्ट का नाम नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। 

    सीएम योगी ने कहा कि 7 अक्टूबर को देश के इतिहास में एक गौरवशाली अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है. सरकार के प्रमुख रूप में अनवरत चल रही समर्पित सेवा यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने पर उत्तरप्रदेश का मंत्रिपरिषद प्रधानमंत्री मोदी का हार्दिक अभिनंदन करती है. उत्तर प्रदेश के लिए विशेष गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश की धरा से ही लोकप्रिय जनप्रतिनिधि और सांसद के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने सेवा ही समर्पण, और राष्ट्र प्रथम को अपना मूलमंत्र मानते हुए राष्ट्र निर्माण को अपना सर्वोच्च ध्येय बनाया है. प्रधानमंत्री जी की 25 वर्ष की अनवरत यात्रा जनसेवा से जनकल्याण, जनभागीदारी से जनविश्वास की अनूठी मिसाल है। 

    काशी और मां गंगा से गहरा संबंध
    उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का और उत्तर प्रदेश का रिश्ता बेहद आत्मीय है. जब प्रधानमंत्री 2014 में काशी आये थे तो उन्होंने कहा था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है. काशी और मां गंगा से आरंभ हुआ आत्मीय संबंध समय के साथ निरंतर गहरा हुआ और आज राज्य के सर्वांगीण कायाकल्प का आधार बना है. केंद्र और राज्य के साझा संकल्प और टीम इंडिया भावना के साथ उत्तर प्रदेश अभूतपूर्व प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है. सर्वविदित है 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश प्रशासनिक अस्थिरता जनजन में असुरक्षा की भावना और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा था. प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शिता से प्रेरणा लेकर उत्तर प्रदेश ने गवर्नेंस की नई कार्य संस्कृति को अपनाया. परिणाम स्वरूप सुसाशन सुदृढ कानून व्यवस्था, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश अनुकूल वातावरण उत्तर प्रदेश की पहचान बनकर उभरे हैं. उत्तर प्रदेश नए आत्मविश्वास के साथ नए आयाम स्थापित कर रहा है। 

    60,000 करोड़ रुपये की लागत से बने राजमार्ग
    सीएम ने कहा कि राज्य के विकास को निरंतर अपनी प्राथमिकताओं में रखा है. प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच से आज उत्तर प्रदेश विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का नया मॉडल बनकर उभरा है. प्रदेश में करीब 60,000 करोड़ रुपये की लागत से 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हुआ है. इसी दौरान दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेस में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का निर्माण भी पूरा हुआ है। 

    रेल, मेट्रो और रीजनल रैपिड ट्रांजिट में 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित देश की पहली उच्च गति वाली दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत ट्रेन आरआरटीएस का सफल संचालन शुरू हुआ है. इसके साथ ही लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार भी हुआ है। 

    देश का पहला फ्रेट विलेज बना
    उन्होंने कहा कि नोएडा, जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रदेश अब एयर कनेक्टिविटी की एक नई ऊंचाइयों को छू रहा है. पीएम के प्रयासों से लॉजिस्टिक और आत्मनिर्भर भारत के प्रमुख केंद्र के रूप में उत्तर प्रदेश की पहचान स्थापित हुई है. दादरी में ईस्टर्न एंड वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रमुख जंक्शन स्थापित हुआ है, जिसका 1050 किलोमीटर से अधिक हिस्सा प्रदेश से गुजरता है. वाराणसी में राष्ट्रीय जलमार्ग नंबर 1 पर भारत का पहला मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल और 100 एकड़ में फैला देश का पहला फ्रेट विलेज विकसित हुआ है। 

    उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश सबका साथ सबका विकास का मूल मंत्र जमीनी धरातल पर पूरी प्रमाणिकता के साथ साकार किया है. प्रदेश के गरीब, वंचित, पिछड़ा, युवा, किसान सहित सर्व समाज के उत्थान के लिए पवित्र और परिणामोन्मुखी प्रयास सरकार द्वारा के द्वारा किए गए हैं. प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी को बल मिला है. पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक आयोग का दर्जा प्राप्त हुआ है. वहीं आर्थिक रूप से कमजोर ईडब्ल्यूएस को 10% आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय भी इसी नेतृत्व द्वारा लिया गया है। 

    किसानों के खाते में गए 1 लाख करोड़
    किसानों के कल्याण हेतु पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 3 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में अब तक 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधा हस्तांतरित हुई है. 5 करोड़ 50 लाख किसान क्रेडिट कार्ड से 13 लाख 42 हजार 978 करोड़ रुपए का फसल ऋण वितरण हुआ है. 79 लाख 51 हजार किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का भुगतान तथा गन्ना किसानों को 3 लाख 30 हजार करोड़ रुपए से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान भी सुनिश्चित किया गया है। 

    जन कल्याणकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन से 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास, 3 करोड़ 67 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों के लगभग 15 करोड़ नागरिकों को पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त खाद्यान्न प्रदान किया जा रहा है. जल जीवन मिशन के अंतर्गत 2 करोड़ 46 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल के कनेक्शन दिए गए हैं। 

    स्वास्थ्य सेवाओं में दिया ये लाभ
    स्वस्थ उत्तर प्रदेश के संकल्प के साथ हर नागरिक को सुलभ स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना माननीय प्रधानमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में 6 करोड़ 8 हजार आयुष्मान कार्ड जारी कर 9 करोड़ 90 लाख से अधिक नागरिकों को सुरक्षा कवच मिला है. इसमें 1 करोड़ 9 लाख 52 हजार गंभीर रोगियों को 18 हजार 798 करोड़ रुपये का मुफ़्त इलाज भी प्रदान किया गया है. आरोग्य मेलों में 14 करोड़ 67 लाख नागरिकों को उपचार हुआ है. गोरखपुर और रायबरेली में दो एम्स भी संचालित हो चुके हैं। 

    स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 3 करोड़ 37 लाख से अधिक शौचालयों और 59,183 सामुदायिक शौचालयों का भी निर्माण किया गया है. महिलाओं के सम्मान, उनके स्वावलंबन से लेकर श्रमयोगियों के कल्याण तक हर वर्ग का विकास की मुख्य धारा से जोड़ने में सफलता प्राप्त हुई है. महिला नेतृत्व वाले विकास के संकल्प के तहत लखपति दीदी योजना के माध्यम से 10 लाख स्वयं सहायता समूहों की 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को जोड़ने में सफलता प्राप्त हुई है। 

    रेहड़ी पटरी विक्रेताओं को वित्तीय सहायता तथा पीएम स्वामित्व योजना के तहत 91,000 से अधिक गांवों के 1 करोड़ 10 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को घरौनी संपत्ति प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति को काशी की गुलाबी मीनाकारी, जापान के प्रधानमंत्री को निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी, फ्रांसीसी राष्ट्रपति को कन्नौज का इत्र तथा लखनऊ की जरी जरदोजी उपहार स्वरूप भेंट कर माननीय प्रधानमंत्री जी ने राज्य के हस्तशिल्पियों और श्रम साधकों का मान बढ़ाया है। 

    नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में डबल इंजन सरकार के निरंतर प्रयासों से आज प्रदेश के युवाओं की आकांक्षाओं  को एक नया बल मिला है. स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत 62 लाख से अधिक युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट प्रदान कर उन्हें डिजिटल क्रांति से जोड़ा गया है. श्री काशी विश्वनाथ धाम की और भगवान बुद्ध की पवित्र पिपरहवा अवशेषों की 127 वर्षों बाद भारत वापसी संभव हो पाई. प्रयागराज महाकुंभ में रिकॉर्ड 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ, जिसे यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में स्थान मिला है। 

    एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के तहत काशी तमिल संगमम्, भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली पर अभिधम्म दिवस, बौद्ध सर्किट का विकास, सीर गोवर्धन में संत गुरु रविदास जन्मस्थली विकास परियोजना नया संग्रहालय व प्रतिमा अनावरण गोरखपुर में चौरीचौरा शताब्दी समारोह तथा लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में राष्ट्र प्रेरणा स्थल की स्थापना ने उत्तर प्रदेश के गौरव को अभूतपूर्व विस्तार दिया है। 

    जेवर एयरपोर्ट का बदला नाम
    उत्तर प्रदेश को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर की सौगात दी. जो उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट एवं भविष्य में देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने जा रहा है. मंत्रिपरिषद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम, नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा जेवर रखने का प्रस्ताव भी पास करती है। 

     

  • झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र का बड़ा निर्देश, प्रशिक्षण संस्थानों के खाली पद तत्काल भरने को कहा

    झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र का बड़ा निर्देश, प्रशिक्षण संस्थानों के खाली पद तत्काल भरने को कहा

    रांची
    केंद्र ने राज्य के जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में शिक्षकों के पद रिक्त होने पर चिंता जताई है। साथ ही झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) में भी फैकल्टी के रिक्त पदों का उल्लेख किया है।

    केंद्र ने कहा है कि इन शैक्षिक संस्थानों को सृदृढ़ कर तथा फैकल्टी की समुचित व्यवस्था कर ही राज्य में शिक्षा प्रशिक्षण को मजबूत बनाया जा सकता है। इससे उत्कृष्ट शिक्षक तैयार होंगे तथा विद्यालयों में शिक्षकों की कमी नहीं होगी।

    केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की हाल ही में हुई एक बैठक में बताया गया कि जेसीईआरटी में 11 स्वीकृत पदों के विरुद्ध चार पदों पर ही फैकल्टी कार्यरत हैं। शेष पद रिक्त हैं। राज्य स्तरीय इस संस्थान में 65 प्रतिशत पद रिक्त हैं। इसी तरह, जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के स्वीकृत 312 पदों के विरुद्ध 157 (50 प्रतिशत) पद रिक्त हैं।

    केंद्र ने कहा है कि यह देखा गया कि पिछले तीन वर्षों से रिक्त पदों की संख्या अधिक है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने उत्कृष्ट शिक्षकों के चयन के लिए इन संस्थानों की अहम भूमिका बताते हुए रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने के निर्देश दिए हैं।

    केंद्र के अनुसार, इन संस्थानों को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिनियुक्ति की व्यवस्था खत्म कर नियमित शिक्षकों की भर्ती करने की आवश्यकता है। केंद्र ने यह भी कहा है कि स्कूलों के शिक्षकों के डायट्स में प्रतिनियुक्ति का असर बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ सकता है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्य के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को रिक्त पदों की समीक्षा कर हर हाल में इस वर्ष तक भरने को कहा है।

    सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित होने हैं डायट
    राज्य के सभी जिलों के डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाना है। इन संस्थानों में शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरने का असर इस योजना पर भी पड़ सकता है। इसके लिए केंद्र से अनुदान भी मिलता है।

    डीएलएड पाठ्यक्रम संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका
    डीएलएड पाठ्यक्रम संचालित करने में डायट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विद्यालयों में कक्षा एक से पांच के बच्चों को पढ़ाने के लिए डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों की नियुक्ति होती है। इधर, राज्य सरकार डायट में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए नियमावली गठित करने जा रही है। कैबिनेट की इसपर स्वीकृति मिलने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हाे सकती है।

     

  • हैदराबाद: फर्जी वायुसेना अधिकारी बनकर घूम रहा था नीतेश कुमार पाल, युवतियों से ठगी का भी शक

    हैदराबाद: फर्जी वायुसेना अधिकारी बनकर घूम रहा था नीतेश कुमार पाल, युवतियों से ठगी का भी शक

    हैदराबाद

    हैदराबाद में भारतीय वायुसेना का अधिकारी बनकर घूम रहे एक शख्स को पुलिस ने हिरासत में लिया है. आरोपी सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड में एयरफोर्स की वर्दी पहनकर तस्वीरें खिंचवा रहा था. वहां तैनात सैन्य सुरक्षा कर्मियों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उससे पूछताछ की गई. जांच में कथित तौर पर पता चला कि वह भारतीय वायुसेना का अधिकारी नहीं है. इसके बाद सैन्य कर्मियों ने उसे बेगमपेट पुलिस के हवाले कर दिया। 

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान नीतेश कुमार पाल के रूप में हुई है. वह मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और फिलहाल हैदराबाद के नेरेडमेट इलाके में रहता है. बताया गया है कि वह पेशे से डिलीवरी एजेंट है. आरोप है कि उसने एयरफोर्स अधिकारी की झूठी पहचान बना रखी थी. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने कथित तौर पर फर्जी पहचान का इस्तेमाल किस तरह और किन उद्देश्यों के लिए किया। 

    यह घटना 7 अक्टूबर को दोपहर करीब 1:45 बजे की बताई जा रही है. उस समय सैन्य सुरक्षा कर्मियों ने सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड में एक शख्स को फ्लाइंग ऑफिसर की वर्दी में घूमते और तस्वीरें लेते देखा. उसकी गतिविधियां सामान्य नहीं लगीं, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोककर पूछताछ की. पूछताछ के दौरान उसकी पहचान और वर्दी को लेकर संदेह गहरा गया. इसके बाद जांच में उसके वायुसेना का अधिकारी नहीं होने की बात सामने आई। 

    जांच के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर पता चला कि आरोपी ने इंस्टाग्राम पर भी अपनी प्रोफाइल एयरफोर्स अधिकारी के तौर पर पेश की थी. संदेह है कि वह इस पहचान का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर युवतियों से दोस्ती करने और उन्हें आकर्षित करने के लिए करता था. जांचकर्ताओं को यह भी शक है कि वह परेड ग्राउंड पर ऐसी तस्वीरें खिंचवाने पहुंचा था, जिन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड कर अपनी फर्जी पहचान को मजबूत दिखा सके. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। 

    सैन्य सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी को बेगमपेट पुलिस को सौंप दिया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. अब आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट और इंस्टाग्राम प्रोफाइल की जांच की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने कहीं और भी युवतियों को अपनी कथित फर्जी पहचान के जरिए धोखा दिया या ऐसा करने की कोशिश की. इसके अलावा, इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका होने की आशंका की भी जांच की जा रही है। 

    फिलहाल, पुलिस की जांच का मुख्य फोकस आरोपी की सोशल मीडिया गतिविधियों, एयरफोर्स अधिकारी बनकर तस्वीरें खिंचवाने के मकसद और संभावित पीड़ितों की पहचान पर है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

  • Bajaj Finance FD Rates Hike: FD की दरें बढ़ीं, रिन्यूअल पर भी मिलेगा 0.10% अतिरिक्त ब्याज

    Bajaj Finance FD Rates Hike: FD की दरें बढ़ीं, रिन्यूअल पर भी मिलेगा 0.10% अतिरिक्त ब्याज

    बजाज फाइनेंस ने फिक्स्ड डिपॉजिट की दरों में 40 बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोतरी की;
    वरिष्ठ नागरिक 8.15% सालाना तक कमा सकते हैं;
    रिन्यूअल पर अतिरिक्त 0.10% सालाना

    • 12 से 60 महीने की सभी अवधियों के लिए FD दरों में 15-40 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी, 7 अक्टूबर 2026 से प्रभावी
    • सामान्य जमाकर्ता (नए डिपॉजिट) अब 7.75% सालाना तक कमा सकते हैं; वरिष्ठ नागरिक 8.15% सालाना तक कमा सकते हैं

    मुंबई/पुणे
     बजाज फाइनेंस लिमिटेड, भारत का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का गैर-बैंक, ने आज 12 से 60 महीने की सभी अवधियों के लिए अपने फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में 15 से 40 बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोतरी की। संशोधित दरें आज से प्रभावी हैं और नए डिपॉजिट तथा रिन्यूअल, दोनों पर लागू होती हैं। सबसे बड़ी बढ़ोतरी लंबी अवधियों पर है। 31 से 60 महीने के लिए दरों में सामान्य जमाकर्ताओं के लिए 35 बेसिस प्वाइंट और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 40 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हुई है।
    नया डिपॉजिट बुक करने वाले सामान्य जमाकर्ता अब 31 से 60 महीने के लिए संचयी आधार पर 7.75% सालाना तक कमा सकते हैं, जो पहले 7.40% था। 12 से 17 महीने के लिए दरें 6.60% से बढ़कर 6.80% सालाना और 18 से 30 महीने के लिए 6.85% से बढ़कर 7.00% सालाना हो गई हैं।

    वरिष्ठ नागरिकों को अब सभी अवधियों में सामान्य दरों के ऊपर अतिरिक्त 0.40% सालाना मिलेगा, जो पहले 0.35% था। नए वरिष्ठ नागरिक डिपॉजिट पर 31 से 60 महीने के लिए दरें 8.15% सालाना तक हैं, जो पहले 7.75% थीं। 12 से 17 महीने के लिए दरें अब 7.20% सालाना और 18 से 30 महीने के लिए 7.40% सालाना हैं।

    रिन्यूअल पर अतिरिक्त लाभ
    मैच्योर हो रहे डिपॉजिट को रिन्यू करने वाले जमाकर्ताओं को अतिरिक्त 0.10% सालाना मिलेगा। इससे सामान्य जमाकर्ताओं के लिए दर 7.85% सालाना और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.25% सालाना तक हो जाएगी, जो संशोधित संरचना में सबसे अधिक है। जमाकर्ता संचयी विकल्प चुन सकते हैं, जिसमें ब्याज का भुगतान मैच्योरिटी पर किया जाता है, या गैर-संचयी विकल्प, जिसमें मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना भुगतान होता है। गैर-संचयी दरों को भी उसी अनुरूप संशोधित किया गया है। उदाहरण के लिए, 31 से 60 महीने के डिपॉजिट पर मासिक भुगतान का विकल्प चुनने वाले वरिष्ठ नागरिक को अब 7.86% सालाना मिलेगा, जो पहले 7.49% था।

    सचिन सिक्का, सीनियर एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट – डिपॉजिट्स एंड वेल्थ मैनेजमेंट, बजाज फाइनेंस, ने कहा, “फिक्स्ड डिपॉजिट संतुलित बचत पोर्टफोलियो का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए जो अनुमानित रिटर्न चाहते हैं। हमने अपनी दर वृद्धि को लंबी अवधियों के लिए अधिक रखा है, ताकि जमाकर्ता पांच साल तक के लिए उच्च रिटर्न लॉक कर सकें, एक ऐसे AAA-रेटेड डिपॉजिट पर जिसे वे कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन खोल सकते हैं। रिन्यूअल पर अतिरिक्त लाभ उन ग्राहकों को धन्यवाद देने का हमारा तरीका है जो अपनी बचत के लिए हम पर भरोसा बनाए रखते हैं।”

    ग्राहक बजाज फाइनेंस की वेबसाइट और ऐप के माध्यम से ऑनलाइन डिपॉजिट बुक या रिन्यू कर सकते हैं, या कंपनी की शाखाओं और पार्टनर चैनलों के माध्यम से कर सकते हैं। बजाज समूह की सदी पुरानी विरासत, लाखों ग्राहकों के भरोसे और AAA-रेटेड फिक्स्ड डिपॉजिट से समर्थित, बजाज फाइनेंस ग्राहकों को स्थिरता, प्रतिस्पर्धी रिटर्न और पूर्वानुमेयता का आकर्षक संयोजन प्रदान करता है।

    बजाज फाइनेंस फिक्स्ड डिपॉजिट क्यों
    बजाज फाइनेंस फिक्स्ड डिपॉजिट प्रोग्राम को CRISIL द्वारा AAA/Stable और ICRA द्वारा AAA/Stable रेटिंग प्राप्त है, जो वित्तीय दायित्वों की समय पर सर्विसिंग के लिए उच्चतम स्तर की सुरक्षा को दर्शाती है। निवेशक कम से कम ₹15,000 से शुरुआत कर सकते हैं, संचयी या गैर-संचयी भुगतान (मासिक, तिमाही, छमाही और सालाना) चुन सकते हैं और पूरी तरह डिजिटल, पेपरलेस प्रक्रिया के माध्यम से निवेश कर सकते हैं। लोन-अगेंस्ट-एफडी सुविधा एफडी को समय से पहले तोड़े बिना तरलता उपलब्ध कराती है।

    दर में बदलाव इस प्रकार हैं:
    सामान्य जमाकर्ता
    सामान्य FD: ₹15,000 से ₹3,00,00,000 (7 अक्टूबर 2026 से प्रभावी) — तालिका 1
    अवधि    मैच्योरिटी पर
    संचयी    मासिक    तिमाही    छमाही    सालाना
    12 – 17 महीने    6.80    6.60    6.63    6.69    6.80
    18 – 30 महीने    7.00    6.79    6.82    6.88    7.00
    31 – 60 महीने    7.75    7.49    7.53    7.61    7.75

    वरिष्ठ नागरिक
    सामान्य FD: ₹15,000 से ₹3,00,00,000 (7 अक्टूबर 2026 से प्रभावी) — तालिका 2
    अवधि    मैच्योरिटी पर
    संचयी    मासिक    तिमाही    छमाही    सालाना
    12 – 17 महीने    7.20    6.97    7.01    7.08    7.20
    18 – 30 महीने    7.40    7.16    7.20    7.27    7.40
    31 – 60 महीने    8.15    7.86    7.91    7.99    8.15

    रिन्यूअल
    रिन्यूअल — सामान्य जमाकर्ता
    सामान्य FD: ₹15,000 से ₹3,00,00,000 (7 अक्टूबर 2026 से प्रभावी) — तालिका 1
    अवधि    मैच्योरिटी पर
    संचयी    मासिक    तिमाही    छमाही    सालाना
    12 – 17 महीने    6.90    6.70    6.73    6.79    6.90
    18 – 30 महीने    7.10    6.89    6.92    6.98    7.10
    31 – 60 महीने    7.85    7.59    7.63    7.71    7.85

     

    रिन्यूअल — वरिष्ठ नागरिक
    सामान्य FD: ₹15,000 से ₹3,00,00,000 (7 अक्टूबर 2026 से प्रभावी) — तालिका 2
    अवधि    मैच्योरिटी पर
    संचयी    मासिक    तिमाही    छमाही    सालाना
    12 – 17 महीने    7.30    7.07    7.11    7.18    7.30
    18 – 30 महीने    7.50    7.26    7.30    7.37    7.50
    31 – 60 महीने    8.25    7.96    8.01    8.09    8.25

     

    बजाज फाइनेंस लिमिटेड के बारे में
    बजाज फाइनेंस लिमिटेड (‘BFL’, ‘बजाज फाइनेंस’, या ‘कंपनी’), बजाज फिनसर्व लिमिटेड की एक सहायक कंपनी है, जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ पंजीकृत डिपॉजिट लेने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC-D) है और इसे NBFC-Investment and Credit Company (NBFC-ICC) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। BFL ऋण देने और डिपॉजिट स्वीकार करने के कारोबार में है। इसका रिटेल, SME और कमर्शियल ग्राहकों के बीच विविध ऋण पोर्टफोलियो है तथा शहरी और ग्रामीण भारत में महत्वपूर्ण मौजूदगी है। यह सार्वजनिक और कॉरपोरेट डिपॉजिट स्वीकार करती है और विभिन्न वित्तीय सेवा उत्पाद प्रदान करती है।
    BFL, 37 वर्ष पुराना उद्यम है, जो अब समेकित आधार पर NBFC क्षेत्र का एक अग्रणी खिलाड़ी बन चुका है। सितंबर 2026 तक इसके 128 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं। BFL का AUM ₹5,84,750 करोड़ है। BFL के पास लंबी अवधि की उधारी के लिए उच्चतम घरेलू क्रेडिट रेटिंग AAA/Stable, अल्पकालिक उधारी के लिए A1+, और इसके FD कार्यक्रम के लिए CRISIL AAA/Stable तथा ICRA AAA/Stable रेटिंग है। S&P Global Ratings द्वारा इसकी लंबी अवधि की issuer credit rating BBB/Stable और अल्पकालिक rating A-2 है।

     

  • बिहार में टीचर ट्रांसफर प्रक्रिया स्थगित, चुनाव आयोग ने नहीं दी मंजूरी; जानें नया अपडेट

    बिहार में टीचर ट्रांसफर प्रक्रिया स्थगित, चुनाव आयोग ने नहीं दी मंजूरी; जानें नया अपडेट

    पटना
    बिहार में विधान परिषद (MLC) चुनाव तक शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है। चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता के बीच टीचर ट्रांसफर की अनुमति नहीं दी है। इसके बाद शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर प्रक्रिया को फिलहाल के लिए रोक दिया है। अब एमएलसी चुनाव होने के बाद ही शिक्षकों के सामान्य ट्रांसफर के आवेदन का पोर्टल खुलेगा। ऐसे में ट्रांसफर की राह देख रहे सरकारी शिक्षकों का इंतजार और बढ़ गया है।

    शिक्षा विभाग ने गुरुवार को अधिसूचना जारी कर यह जानकारी दी। विभाग के उप सचिव अजय सतीश भेंगरा ने अधिसूचना में कहा कि बिहार के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के स्थानांतरण की गतिविधियों को स्थगित कर दिया गया है। विधान परिषद चुनाव की प्रक्रिया खत्म होने के बाद ही टीचर ट्रांसफर की नई समय सीमा जारी की जाएगी।

    दो चरण के ट्रांसफर पूरे, तीसरे में सामान्य तबादले
    बिहार के सरकारी स्कूलों में तैनात 5 लाख से अधिक शिक्षकों के ऐच्छिक तबादले किए जाने हैं। ट्रांसफर के दो चरण पूरे किए जा चुके हैं। पहले चरण में स्कूलों में तैनात सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया गया, जबकि दूसरे चरण में म्युचुअल तबादले किए गए। समायोजन और म्युचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पिछले दिनों शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में रिक्त पदों की संशोधित सूची जारी की थी। इसके आधार पर ही तीसरे चरण में सामान्य तबादले की प्रक्रिया पूरी की जानी है।

    4 अक्टूबर को खुलना था ट्रांसफर पोर्टल
    शिक्षा विभाग ने 4 अक्टूबर से सामान्य ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू करने की तारीख तय की थी। बीते रविवार से ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी। हालांकि, इससे पहले ही विभाग ने इस पर रोक लगा दी थी। बिहार में एमएलसी चुनाव के चलते आचार संहित लागू है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर चुनाव के बीच ट्रांसफर कराने के लिए अनुमति मांगी थी।

    चुनाव आयोग नहीं दी अनुमति
    राज्य निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को शिक्षा विभाग को लिखे पत्र में कहा कि स्थानांतरण प्रक्रिया को फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया जाए और एमएलसी चुनाव होने के बाद ही इसे आगे बढ़ाया जाए। इसके बाद शिक्षा विभाग ने भी शाम तक ट्रांसफर स्थगित करने की अधिसूचना जारी कर दी।

    बाढ़ की वजह से भी टल चुके हैं ट्रांसफर
    यह पहली बार नहीं है जब बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया को स्थगित किया गया है। इससे पहले बाढ़ की वजह से भी तबादले की प्रक्रिया को टाला जा चुका है। मॉनसून के दौरान बिहार के कई जिले बाढ़ की चपेट में थे। पहले 17 सितंबर से सामान्य ट्रांसफर के लिए पोर्टल खुलने वाला था, लेकिन बाढ़ की वजह से उसे स्थगित कर अक्टूबर में तारीख तय की गई थी। अब चुनाव की वजह से इन्हें टाल दिया गया है।

  • गौरव गुप्ता के कॉमेडी शो पर विवाद, महिला को ‘यादवनी’ कहने पर सोशल मीडिया पर घिरे

    गौरव गुप्ता के कॉमेडी शो पर विवाद, महिला को ‘यादवनी’ कहने पर सोशल मीडिया पर घिरे

    कॉमेडी की दुनिया में आए दिन कोई ना कोई स्टैंड-अप कॉमेडियन ट्रोल होता रहता है. कई बार मुद्दे इतने बड़े हो जाते हैं कि कंट्रोवर्सी बन जाती है. अब इस लिस्ट में स्टैंड-अप कॉमेडियन गौरव गुप्ता का नाम शुमार हो चुका है. सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में वो ऑडियंस में बैठी एक महिला से उसके यादव सरनेम पर चुटकी लेते दिख रहे हैं. महिला को “यादवनी” कहने पर उसे ट्रोल किया जा रहा है. चलिए जानते हैं कि पूरा मामला है क्या.

    विवादों में गौरव गुप्ता
    वायरल वीडियो में गौरव ऑडियंस में बैठी महिला से उनका नाम पूछते हैं और फिर उन्हें “यादवनी” कहते हैं. जवाब में महिला कहती हैं कि उन्हें इस तरह बुलाया जाना पसंद नहीं है. गौरव हैरानी जताते हुए पूछते हैं कि ये आपकी सांस्कृतिक जड़ें हैं, है ना? महिला उनसे कहती है कि मुझे यह सुनने में अच्छा नहीं लगता.

    महिला के असहमति जताने के बाद भी गौरव नहीं रुकते हैं. वो कहते हैं कि तुम्हारा पति बनिया है. इसके बाद वो महिला के बोलने के तरीके और भाषा का भी मजाक बनाते हैं. उन्होंने महिसा की भाषा का मजाक उड़ाते हुए कहा कि वो विदेश से आई हैं, जो इस तरह बात कर रही हैं. जब गौरव को पता चला कि महिला गुरुग्राम से है, तो वो उससे कहते हैं कि गुरुग्राम से हो, तो इतना एटीट्यूड किस बात का है? आपका लहजा तो ऐसा है जैसे सीधे ऑक्सफोर्ड से यहां उतरकर आई हों.

    गौरव ने महिला से ये भी कहा कि उसे कॉल सेंटर में काम करना चाहिए और गृहिणी बनकर वो अपना टैलेंट बर्बाद कर रही हैं.

    कॉमेडी पर उठे सवाल
    कॉमेडियन के जोक की आलोचना करते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण बोथरा ने कहा- अगर आपकी कॉमेडी इस बात पर निर्भर है कि आप दर्शकों में किसी एक को अपमानित करें, ताकि बाकी लोग हंसें, तो यह समझदारी भरी कॉमेडी नहीं है. लोगों को हंसाने के लिए हुनर चाहिए. किसी एक व्यक्ति को मजाक बना देना आसान है. बेहतरीन हास्य ऐसा होता है, जिसमें उस व्यक्ति समेत सभी लोग हंसें, जिसके बारे में मजाक किया जा रहा है.

    कई लोगों ने कहा कि कहा आखिर क्यों हर बार जाति, धर्म और समुदाय पर निशाना साधा जाता है. कुछ ने कहा कि लगता है कि ऐसी कॉमेडी करके विवादों में आने का शौक है. एक यूजर ने लिखा कि जाति पर जोक करना शर्मनाक है.

  • उत्तर प्रदेश में बिल्डिंग मैप पास कराना होगा आसान, योगी सरकार ने मॉडल भवन विनियम-2026 को दी मंजूरी

    उत्तर प्रदेश में बिल्डिंग मैप पास कराना होगा आसान, योगी सरकार ने मॉडल भवन विनियम-2026 को दी मंजूरी

    औद्योगिक प्राधिकरणों में भवन मानचित्र मंजूरी होगी आसान

    मॉडल भवन विनियम-2026 को योगी कैबिनेट की मंजूरी, निवेश और रियल एस्टेट क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा

    लखनऊ,
     उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के क्षेत्रों में भवन मानचित्र और भूखंड अनुमोदन की प्रक्रिया अब और सरल, पारदर्शी एवं नागरिक अनुकूल होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों हेतु मॉडल भवन विनियम, 2026’ के क्रियान्वयन को मंजूरी दी गई।

    सरकार का यह कदम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ नगरीय विस्तार, अवस्थापना विकास और निजी निवेश को गति देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए विनियमों से भवन/भूखंड मानचित्र अनुमोदन की प्रक्रिया सुगम होगी और विकसित किए जा सकने योग्य मूल्यवान भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    इससे विनिर्माण, पर्यटन, आईटी/आईटीईएस, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा और रियल एस्टेट सहित विभिन्न क्षेत्रों में निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। गुणवत्तापूर्ण आवासीय इकाइयों की उपलब्धता बढ़ने के साथ सुनियोजित नगरीय विकास को भी गति मिलेगी। निवेश और रियल एस्टेट गतिविधियों के विस्तार से रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे, जिससे व्यवसाय सुगमता और आर्थिक विकास को और मजबूती मिलेगी।

  • पंजाब CM ऑफिस रेड केस में नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस शील नागू अब नहीं करेंगे सुनवाई

    पंजाब CM ऑफिस रेड केस में नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस शील नागू अब नहीं करेंगे सुनवाई

    चंडीगढ़.

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में पंजाब सरकार को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक और कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ा।

    पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस शील नागू ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया। अब यह मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर दूसरी पीठ के समक्ष रखा जाएगा। जस्टिस नागू पहले पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं और जून 2026 में सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत हुए थे।

    दूसरी पीठ को सौंपा जाएगा मामला
    शुक्रवार को याचिका पर जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। मामला शुरू होने पर जस्टिस दत्ता ने कहा कि इस मामले की सुनवाई जस्टिस नागू नहीं कर सकते और इसे मुख्य न्यायाधीश दूसरी पीठ को सौंपेंगे।

  • राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी खबर, आयकरदाता और सरकारी कर्मचारियों की होगी जांच; अपात्रों पर कार्रवाई संभव

    राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी खबर, आयकरदाता और सरकारी कर्मचारियों की होगी जांच; अपात्रों पर कार्रवाई संभव

     कोटपूतली-बहरोड़
    राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर योजना से बाहर करने तथा पात्र एवं वंचित परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ने के उद्देश्य से गिवअप अभियान के द्वितीय चरण के तहत जिले में अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, जयपुर के निर्देशानुसार एवं जिला कलेक्टर के निर्देशन में अभियान के तहत डोर-टू-डोर सर्वे कर पात्र एवं अपात्र लाभार्थियों की स्थिति का सत्यापन किया जाएगा।

    अभियान के तहत विशेष रूप से ऐसे शहरी वार्डों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां जनगणना-2011 के अनुसार 80 प्रतिशत से अधिक आबादी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त कर रही है। प्रथम चरण में पावटा क्षेत्र एवं नारायणपुर की ग्राम पंचायत जोधपुरा में सर्वे कार्य प्रारंभ किया जाएगा। सर्वे के दौरान ऐसे व्यक्ति एवं परिवारों को चिन्हित किया जाएगा, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार बहिष्करण श्रेणी में आते हैं। इनमें आयकर दाता, सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति तथा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करने वाले लाभार्थी शामिल हैं।

    अधिकारियों एवं सर्वे दलों द्वारा ऐसे अपात्र लाभार्थियों को स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्वेच्छा से नाम नहीं हटवाने की स्थिति में नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अभियान को प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों के लिए दैनिक सर्वे लक्ष्य भी निर्धारित किए गए हैं।

    पात्र एवं जरूरतमंद परिवार लाभ से नहीं रहे वंचित
    सर्वे के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र एवं जरूरतमंद परिवार खाद्य सुरक्षा योजना के लाभ से वंचित नहीं रहे। सर्वे में चिन्हित पात्र एवं वंचित परिवारों के आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से करवाए जाएंगे, ताकि पात्र परिवारों को नियमानुसार खाद्यान्न का लाभ उपलब्ध कराया जा सके।

    पात्रता के अनुरूप किया जा रहा लाभार्थियों का सत्यापन
    जिला रसद अधिकारी निकिता राठौड़ ने बताया कि गिवअप अभियान के माध्यम से खाद्य सुरक्षा योजना में पात्रता के अनुरूप लाभार्थियों का सत्यापन किया जा रहा है। पारदर्शी डोर-टू-डोर सर्वे के माध्यम से अपात्र लाभार्थियों को योजना से हटाने तथा वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना से जोड़ने में मदद मिलेगी।

    इससे राज्य के खाद्यान्न बजट पर पड़ने वाले अनावश्यक भार को कम करने के साथ-साथ सरकार की कल्याणकारी योजना का लाभ वास्तविक पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों तक सुनिश्चित किया जा सकेगा।