Author: NewseDay

  • गुरुग्राम जिला अदालत में वकीलों का विरोध तेज, गिरफ्तारी की मांग को लेकर कामकाज बंद

    गुरुग्राम जिला अदालत में वकीलों का विरोध तेज, गिरफ्तारी की मांग को लेकर कामकाज बंद

    गुरुग्राम.

    अधिवक्ता परवीन बूरा के साथ मारपीट के विरोध में आज शुक्रवार को गुरुग्राम जिला अदालत में न्यायिक कार्य स्थगित रहा जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने जस्टिस टावर में हड़ताल कर नारेबाजी की और आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

    जिला बार एसोसिएशन गुरुग्राम के प्रधान कुलभूषण भारद्वाज, उपप्रधान साहिल यादव,सचिव प्रशांत ठाकरान, संयुक्त सचिव विक्रम यादव, गजेंद्र तंवर, रणजीत सिंह भ्याना, ज्योति शर्मा, अंबुज श्रीवास्तव, योगिता, ज्योति पिपलानी, कपिल गलिया सहित अन्य अधिवक्ताओं ने कहा कि परवीन बूरा 16 सितंबर की रात अपने गांव से संबंधित बिजली की समस्या को लेकर बिजली निगम के केंद्र पर गए थे।

    आरोप है कि वहां उनके साथ मारपीट की गई। घटना के बाद से अधिवक्ताओं में रोष है। कुल भूषण भारद्वाज ने बताया कि सफीदों, जींद जिला और नरवाना बार एसोसिएशन में भी 20 सितंबर से इस मामले को लेकर न्यायिक कार्य स्थगित है। इसके बावजूद सभी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से अधिवक्ताओं में नाराजगी है। हमने मांग की कि सभी आरोपितों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।

  • UFC में किन वार पर है पाबंदी? जानें फाइट के नियम, रेफरी की भूमिका और जीतने का तरीका

    UFC में किन वार पर है पाबंदी? जानें फाइट के नियम, रेफरी की भूमिका और जीतने का तरीका

    नई दिल्ली
     UFC, जिसका मतलब है अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप। यह एक ऐसी संस्था है, जो मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) को प्रमोट करता है। एमएमए में दो फाइटर्स केज के अंदर पूरी दम से जीतने के लिए एक-दूसरे का खून बहाने से भी पीछे नहीं हटते हैं। एमएमए में एथलीट्स को स्ट्राइकिंग और ग्रैपलिंग का इस्तेमाल करने की अनुमति होती है। स्ट्राइकिंग का मतलब है कि फाइटर्स अपने हाथ और पैर का इस्तेमाल करते हुए पंचेस,किक्स,घुटने और कोहनी से एक-दूसरे को घायल करने की कोशिश करते हैं।

    बात करें ग्रैपलिंग की तो, इसमें फाइटर्स एक-दूसरे को रेसलिंग,ज्यू-जित्सू जैसे स्किल्स का उपयोग करते हुए सबमिशन के तहत टैप आउट कराने की कोशिश करते हैं।अगर कोई फाइटर्स टैप आउट कर देता है तो,वो फाइट हार जाता है।

    यूएफसी कैस काम करता है?
    यूएफसी फाइट ऑक्टोगन के अंदर होता है। यह एक 30 फीट चौड़ा, आठ तरफ वाला जालीदार पिंजरा होता है। ऑक्टोगन शुरुआत से ही यूएफसी का हिस्सा रहा है।यूएफसी के ज्यादातर फाइट तीन राउंड के होते हैं। हर एक राउंड पांच मिनट का होता है। वहीं मेन इंवेंट्स और चैंपियनशिप फाइट्स पांच राउंड के होते हैं।

    दो एथलीट्स के बीच फाइट, नॉकआउट, टेक्निकल नॉकआउट, सबमिशन या फिर जजेस के स्कोर के साथ खत्म होती है। अगर फाइट अंत तक जाता है यानी कोई भी फाइटर टैप आउट नहीं करता है या फिर नॉकआउट नहीं होता, तो ही जजेस के स्कोर के हिसाब से विजेता तय किया जाता है।

    जजेस हर राउंड में 10 अंको का स्कोरिंग सिस्टम फॉलो करते हैं।उनका ध्यान मुख्यत: चार चीजों पर होती है, जिसमें असरदार स्ट्राइकिंग और ग्रैपलिंग, अग्रेसन और ऑक्टोगन कंट्रोल शामिल है। हर मैच में तीन जज होते हैं, सभी जज केज के नजदीक बैठ कर अपना फैसला तय करते हैं।

    यूएफसी का नियम क्या है?
    यूएफसी फाइट में एमएमए के ही नियम लागू होते हैं, हालांकि समय के साथ इसमें भी कई बदलाव आए हैं।यूएफसी में फाइटर्स को कमर के नीचे और ऊपर मारने की अनुमति होती है। मगर इसके लिए भी कुछ स्पेशल रूल्स होते हैं।

    फाइटर्स सिर के पीछे वाले हिस्से और रीढ़ की हड्डी पर वार नहीं कर सकते।इसके अलावा आंख में उंगली करना, काटना, अपने सिर से विरोधी पर हमला करना, ग्रोइन पर मारना या ऐसी किसी मूव का इस्तेमाल करना, जो खतरनाक और हानि पहुंचाने वाले हों, यूएफसी के नियमों के खिलाफ है। अगर कोई खिलाड़ी नियमों का उल्लंघन करता है तो, उसके अंक काटे जा सकते हैं या फिर उसे मैच से बाहर भी किया जा सकता है।

    फाइट के दौरान अगर कोई फाइटर मुकाबला जारी रखने की हालत में न हो या वो अपने आप को सही से डिफेंड नहीं कर पा रहा हो तो, ऑक्टोगन के अंदर मौजूद रेफरी कभी भी फाइट को खत्म या रोक सकता है, क्योंकि फाइटर्स का सुरक्षित रहना यूएफसी की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और संस्था हर इवेंट से पहले सख्त मेडिकल नियमों का पालन करती है।

  • ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज निक के नाम जुड़ा अनचाहा रिकॉर्ड, एक दशक बाद वापसी पर 33 गेंदों में रहे शून्य पर

    ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज निक के नाम जुड़ा अनचाहा रिकॉर्ड, एक दशक बाद वापसी पर 33 गेंदों में रहे शून्य पर

    डरबन
    ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहला टेस्ट मैच डरबन में खेला जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने पहले मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। हालांकि लंच तक टीम ने तीन विकेट गंवा दिए हैं। मार्नश लाबुशेन और स्टीव स्मिथ ने पारी को संभालने की कोशिश की लेकिन लाबुशेन लंच से पहले पवेलियन लौट गए। पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम को निक मैडिन्सन और ट्रेविस हेड उम्मीद के मुताबिक शुरुआत नहीं दिला सके। ट्रेविस हेड सस्ते में पवेलियन लौटे तो वहीं निक बिना खाता खोले आउट हुए। इसके साथ ही उनके नाम बतौर ओपनर एक शर्मनाक रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है।

    बिना रन बनाए आउट होने वाले सलामी बल्लेबाज
    बतौर टेस्ट सलामी बल्लेबाज सबसे ज्यादा गेंदें खेलने के बाद बिना खाता खोले आउट होने का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के डैरिन मर्रे के नाम है। वह 1995 में श्रीलंका के खिलाफ 39 गेंद खेलकर बिना रन बनाए आउट हुए थे। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर जिम्बाब्वे के ट्रेवर ग्रिपर हैं, जिन्होंने 2000 में किंग्सटन में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट में 36 गेंदें खेलने के बाद खाता नहीं खोल सके थे। ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज निक मैडिन्सन का नाम शुक्रवार (9 अक्टूबर) को इस लिस्ट में जुड़ा। निक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में आउट होने तक 33 गेंदें खेली लेकिन खाता नहीं खोल सके। जिम्बाब्वे के मार्क डेक्कर का 1994 में श्रीलंका के खिलाफ 30 गेंद खेलने के बाद खाता नहीं खुला था। इंग्लैंड के ब्रायन लकहर्स्ट 1971 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में 29 गेंद खेलने के बाद भी रन नहीं बना सके थे।

    निक मैडिन्सन की लंबे समय बाद वापसी
    ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज निक मैडिन्सन ने करीब 10 साल बाद टेस्ट टीम में वापसी की है लेकिन वह पहली ही पारी में बिना रन बनाए पवेलियन लौट गए। उन्होंने इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के लिए अपना आखिरी मैच पाकिस्तान के खिलाफ दिसंबर 2016 में खेला था। वह करीब 9 साल और 10 महीने तक टीम से बाहर रहे।

    ऑस्ट्रेलिया ने लंच तक गंवाए तीन विकेट
    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम को ट्रेविस हेड के रूप में पहला झटका लगा। हेड 19 गेंद में 9 रन बनाकर वियान मुल्डर का शिकार बने। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 17 रन की साझेदारी हुई। इसके बाद 11वें ओवर में निक मैडिन्सन बिना खाता खोले आउट हो गए। उन्होंने 33 गेंदों का सामना किया। मार्नश लाबुशेन ने 58 गेंद में 37 रन की पारी खेली। उन्होंने 6 चौके लगाए। मार्नश ने स्मिथ के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 94 गेंद में 60 रन जोड़े। ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन लंच तक पहली पारी में तीन विकेट खोकर 84 रन बना लिए हैं।

  • रायपुर में महिला T20 क्रिकेट का रोमांच, 16 से 20 अक्टूबर तक भारत-जिम्बाब्वे के बीच होंगे मुकाबले

    रायपुर में महिला T20 क्रिकेट का रोमांच, 16 से 20 अक्टूबर तक भारत-जिम्बाब्वे के बीच होंगे मुकाबले

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में क्रिकेट प्रेमियों को अंतरराष्ट्रीय महिला T20 क्रिकेट का रोमांच देखने का मौका मिलने जा रहा है।

    नया रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 16, 18 और 20 अक्टूबर को भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच मुकाबले खेले जाएंगे। तीनों मैच शाम 7 बजे से शुरू होंगे। इन मैचों के लिए टिकटों की बिक्री 12 अक्टूबर को शाम 4 बजे से शुरू होगी।

    250 रुपए में देख सकेंगे मैच
    मैच देखने के लिए दर्शकों को अलग-अलग श्रेणियों में टिकट उपलब्ध होंगे। लोअर स्टैंड के स्टैंड नंबर 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 और 9 के टिकट की कीमत 250 रुपए रखी गई है। वहीं, तीनों मैच देखने के इच्छुक दर्शकों के लिए 499 रुपए का सीरीज टिकट उपलब्ध होगा। इसके अलावा दो टिकटों के कॉम्बो की कीमत 350 रुपए बताई गई है।

    प्लैटिनम से कॉर्पोरेट तक, जानिए टिकटों की कीमत
    आयोजकों की ओर से टिकटों की अलग-अलग श्रेणियां और उनकी कीमतें निर्धारित की गई हैं।

    • लोअर स्टैंड: 250 रुपए
    • दो टिकटों का कॉम्बो: 350 रुपए
    • तीनों मैचों का सीरीज टिकट: 499 रुपए
    • सिल्वर: 2,000 रुपए
    • गोल्ड: 2,500 रुपए
    • प्लैटिनम: 3,500 रुपए
    • सिंगल कॉर्पोरेट टिकट: 3,500 रुपए
    • कॉर्पोरेट टिकट: 70,000 रुपए

    पूरी तरह डिजिटल होगी टिकट व्यवस्था
    दर्शकों को मैच देखने के लिए फिजिकल टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी। टिकट पूरी तरह डिजिटल होंगे। टिकट के QR कोड को स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर स्कैन कराने के बाद दर्शकों को एंट्री मिलेगी। एक व्यक्ति एक आईडी से एक बार में अधिकतम छह टिकट बुक कर सकेगा। टिकटों की बिक्री 12 अक्टूबर को शाम 4 बजे से शुरू होगी।

    ग्राउंड वाटर मामले में मिली क्लीयरेंस, स्टेडियम में लगा STP
    स्टेडियम में मैचों के आयोजन को लेकर ग्राउंड वाटर के उपयोग से जुड़ा NGT प्रकरण भी चर्चा में रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मैच आयोजित करने के लिए न्यायालय से क्लीयरेंस मिल गई है। इसके साथ ही स्टेडियम में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किया गया है। ग्राउंड वाटर के उपयोग पर निगरानी रखने के लिए फ्लो मीटर भी लगाया गया है। इससे स्टेडियम में इस्तेमाल किए जा रहे पानी की मात्रा का पता लगाया जा सकेगा।

  • भोपाल में गरबा आयोजन पर दो तरफ से विरोध, मुस्लिम धर्मगुरुओं की अपील और हिंदू संगठनों के रुख से बढ़ी चर्चा

    भोपाल में गरबा आयोजन पर दो तरफ से विरोध, मुस्लिम धर्मगुरुओं की अपील और हिंदू संगठनों के रुख से बढ़ी चर्चा

    भोपाल
     नवरात्रि और गरबा का सीजन शुरू होने से पहले होते ही शहर का सियासी और सामाजिक पारा चढ़ गया है। पिछले कुछ सालों से जहां हिंदू संगठन गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री का कड़ा विरोध करते रहे हैं, वहीं इस बार समीकरण एक नया मोड़ ले चुके हैं। अब हिंदू संगठनों के बाद खुद मुस्लिम धर्मगुरुओं और संगठनों ने भी मुस्लिम युवाओं के गरबा में शामिल होने पर पूरी पाबंदी का ऐलान कर दिया है।

    मुफ्ती ने जारी किया वीडियो
    भोपाल के मुफ्ती मोहम्मद गुफरान खान
    नदवी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर हलचल मचा दी है। मुफ्ती नदवी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि मुस्लिम युवाओं का हिंदू रस्मों और गरबा में शिरकत करना सरासर 'हराम' है। उन्होंने चेतावनी दी कि दूसरी कौम की परंपराओं का अनुकरण करना समाज के लिए फितने (विवाद) का कारण बनता है, इसलिए युवाओं को अपने दोस्तों के साथ भी गरबा पंडालों में जाने से तौबा करनी चाहिए।

    मुस्लिमों से न जाने की अपील की
    इसी कड़ी में ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी भी खुलकर सामने आ गई है। कमेटी ने समुदाय के लोगों से अपील की है कि वे गरबा आयोजनों से पूरी तरह दूर रहें। अध्यक्ष शेख इस्माइल खान का कहना है कि यह कदम किसी धर्म के विरोध में नहीं, बल्कि आपसी विवादों से बचने और शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया है। इसके लिए अब जिलों में विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।

    मध्य प्रदेश में पहले भी हुए हैं विवाद
    मध्य प्रदेश में गरबा पंडाल हमेशा से सियासत का केंद्र रहे हैं। महू से बीजेपी विधायक उषा ठाकुर पहले ही गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक और पहचान पत्र की जांच की कड़ी मांग उठा चुकी हैं। पिछले वर्षों में भी पहचान छिपाकर पंडालों में एंट्री को लेकर कई बड़े विवाद और हंगामे सामने आए थे।

    गौरतलब है कि अब स्थिति यह बन गई है कि एक तरफ हिंदू संगठन पंडालों के दरवाजे बंद करने पर अड़े हैं तो दूसरी तरफ मुस्लिम उलेमाओं ने भी अपने समाज के युवाओं के लिए पाबंदी का दायरा खींच दिया है। इस दोतरफा माहौल के बीच भोपाल का इस बार का गरबा सीजन तीखी बयानबाजी और गर्माहट के साथ सुर्खियों में आ गया है।

  • करवा चौथ पर बनेंगे 3 शुभ योग, जानें 29 अक्टूबर को पूजा और चंद्र दर्शन का सही समय

     Karva Chauth 2026 :हिंदू धर्म में करवा चौथ व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे मुख्य माना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं।

    करवा चौथ कब है?
    हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस साल 2026 में चतुर्थी तिथि 29 अक्तूबर को पड़ रही है। इस तिथि का आरंभ 29 अक्तूबर की रात 1 बजकर 6 मिनट पर होगा और इसका समापन उसी दिन रात 10 बजकर 9 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, करवाचौथ का व्रत गुरुवार, 29 अक्तूबर 2026 को रखा जाएगा।

    करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त
    करवा चौथ वाले दिन व्रत रखने के साथ ही शाम के समय विधिवत रुप से पूजा की जाती है। पंचांग के अनुसार, 29 अक्तूबर को करवा चौथ पूजा का शुभ समय शाम 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक रहने वाला है। इस अवधि में महिलाएं करवा माता की पूजा करती हैं और व्रत की कथा सुनती है। पूजा में आप करवा, दीपक, रोली, अक्षत, फूल और अन्य पारंपरिक सामग्री का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    करवा चौथ में सरगी का समय
    दरअसल, करवा चौथ की सगरी सूर्योदय से पहले ग्रहण की जाती है। खासकर इसे सुबह के समय सूर्योदय से पहले खाने की परंपरा है। इस बार सरगी के लिए सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच का शुभ समय माना जा रहा है। लेकिन स्थानीय सूर्योदय के अनुसार सरगा का समय बदल सकता है। इसलिए अपने शहर के सूर्योदय के समय का ध्यान में रखकर सारगी ग्रहण करें। सरगी के बाद ही महिलाएं व्रत का संकल्प लेकर पूरे दिन अन्न और जल का त्याग करती हैं।

    करवा चौथ चंद्रोदय का समय
    करवा चौथ व्रत में मुख्य रुप से चंद्रमा के दर्शन का महत्व माना जाता है। सुहागिन महिलाएं रात में चंद्रमा के निकलने की प्रतीक्षा करती हैं। चंद्र दर्शन के बाद चंद्र देव को अर्घ्य देकर पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत खोलने की परंपरा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, 29 अक्तूबर 2026 को रात करीब 8 बजकर 17 मिनट पर चंद्रोदय होगा। लेकिन चंद्रमा के दिखाई देने का समय शहर और स्थान के अनुसार, अलग-अलग हो सकता है।

    करवा चौथ पर बन रहे हैं ये शुभ योग
    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस बार करवा चौथ के दिन चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे। इसलिए करवा चौथ पर  गौरी योग, परिधि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं में शुभ योगों को पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल रहने वाला है। लेकिन इन योगों का प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली और स्थानीय पंचांग गणना के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

     

  • Gold Price Crash: क्या सोना ₹1 लाख पर आएगा? कीमतों में गिरावट की 4 बड़ी वजहें

    Gold Price Crash: क्या सोना ₹1 लाख पर आएगा? कीमतों में गिरावट की 4 बड़ी वजहें

    मुंबई 

    सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के बाद अब तेज करेक्शन देखने को मिल रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में जनवरी के रिकॉर्ड हाई से सोना करीब 27 फीसदी नीचे आ चुका है, जबकि भारतीय बाजार में जनवरी के शिखर से करीब 23 फीसदी की गिरावट आई है. वहीं अगस्त के MCX हाई से देखें तो घरेलू बाजार में सोना 10 फीसदी से ज्यादा नीचे आ चुका है. ऐसे में त्योहारों और वेडिंग सीजन से पहले सोना खरीदने वालों के सामने सवाल है कि क्या कीमतों में अभी और गिरावट बाकी है।

    अगस्त के हाई से कितना सस्ता हुआ सोना?
    MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स अगस्त के आखिरी हफ्ते में 1,64,773 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंचा था. इसके बाद कीमतों में तेज गिरावट आई और पिछले हफ्ते भाव 1,45,991 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक आ गया यानी अगस्त के रिकॉर्ड स्तर से कीमत करीब 11 फीसदी नीचे आ चुकी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में बड़ी गिरावट आई है. स्पॉट गोल्ड अगस्त के करीब 4,698 डॉलर प्रति औंस के हाई से गिरकर पिछले हफ्ते करीब 4,130 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। 

    सोने में गिरावट की 4 बड़ी वजहें
    सोने में हाल की गिरावट के पीछे कई ग्लोबल फैक्टर हैं. रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली से शुरुआत में कीमतों पर दबाव आया. इसके बाद अमेरिकी महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंता ने भी सोने की तेजी को कमजोर किया. अमेरिकी बॉन्ड की रियल यील्ड में तेज बढ़ोतरी से बिना ब्याज देने वाला सोना निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत कम आकर्षक हुआ है. वहीं डॉलर में मजबूती ने भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने पर दबाव बढ़ाया है. इसके अलावा ऊंची महंगाई और अमेरिका की ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका ने भी सोने की कीमतों को प्रभावित किया है।
     
    क्या 1.25 लाख तक गिरेगा सोना?

    एक्सपर्ट्स के मुताबिक शॉर्ट टर्म में सोने में और करेक्शन संभव है. लेकिन 1.25 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर अभी बेस केस नहीं है. जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गोल्ड में 4,025-3,950 डॉलर प्रति औंस तक गिरावट की गुंजाइश है. इसका असर MCX गोल्ड फ्यूचर्स पर पड़ने पर कीमत करीब 1,46,200-1,44,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकती है. उनके मुताबिक 1.25 लाख रुपये का स्तर तभी देखने को मिल सकता है, जब अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में और तेजी आए और अक्टूबर में अमेरिकी CPI महंगाई का आंकड़ा अनुमान से काफी ज्यादा रहे. फिलहाल उन्हें ऐसी स्थिति की संभावना कम लगती है।

    1.34 लाख रुपये तक गिर सकता है सोना?

    जानकारों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय सोने के लिए 3,930-4,000 डॉलर प्रति औंस का सपोर्ट जोन अहम है. अगर ये सपोर्ट टूटता है तो अगला सपोर्ट 3,600-3,750 डॉलर प्रति औंस का हो सकता है. उनके मुताबिक इस सपोर्ट जोन तक पहुंचने की संभावना करीब 25 फीसदी है. ऐसी स्थिति में भारतीय बाजार में सोना करीब 1,34,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है. हालांकि ये कोई बेस केस अनुमान नहीं है, बल्कि उस स्थिति का आकलन है जब अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतें मौजूदा सपोर्ट से और नीचे जाती हैं। 
        
    1 लाख रुपये तक गिरने की कितनी संभावना?

    1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिरावट को एक्सपर्ट्स फिलहाल बेहद असंभावित मान रहे हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक घरेलू सोने को इस स्तर तक पहुंचने के लिए अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 2,800 डॉलर प्रति औंस तक गिरनी होगी. उनके मुताबिक सोने को अभी भी कई स्ट्रक्चरल फैक्टर से सपोर्ट मिल रहा है. इनमें डी-डॉलराइजेशन, जियोपॉलिटिकल तनाव, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और महंगाई को लेकर लंबी अवधि की चिंताएं शामिल हैं यानी 1 लाख रुपये का स्तर देखने के लिए मौजूदा परिस्थितियों में काफी बड़ा बदलाव जरूरी होगा।
           
    भारत में गिरावट कितनी सीमित रह सकती है?

    भारत में अंतरराष्ट्रीय बाजार के मुकाबले सोने की गिरावट कुछ हद तक सीमित रह सकती है. इसकी एक बड़ी वजह रुपये की चाल है. डॉलर में कीमत तय होने वाले सोने का घरेलू भाव रुपये की मजबूती या कमजोरी से भी प्रभावित होता है. इसके अलावा भारत में फेस्टिव और वेडिंग सीजन शुरू हो रहा है, जिससे सोने की डिमांड बढ़ने की उम्मीद है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये डिमांड कीमतों में गिरावट को कुछ हद तक सीमित कर सकती है. हालांकि ऊंची कीमतों का असर ज्वैलरी खरीदारी पर भी दिख रहा है. ग्राहक ज्यादा हल्की ज्वैलरी खरीदने पर जोर दे रहे हैं।

    क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?

    मौजूदा संकेत बताते हैं कि शॉर्ट टर्म में सोने में और करेक्शन संभव है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4,000 डॉलर के आसपास का सपोर्ट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड आगे की दिशा के लिए अहम रहेंगे. विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा करेक्शन तत्काल अवधि में जारी रह सकता है, लेकिन इसे लंबी अवधि की तेजी के बीच एक कंसोलिडेशन फेज के तौर पर भी देखा जा सकता है. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, ETF में निवेश और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता जैसे फैक्टर सोने को लंबे समय में सपोर्ट दे सकते हैं।

    विदेशी कनेक्शन 

    वहीं 1.25 लाख रुपये तक की गिरावट संभव जरूर है, लेकिन इसके लिए अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में और तेज बढ़ोतरी और अक्टूबर की महंगाई के अनुमान से काफी ऊपर आने जैसी परिस्थितियां बननी होंगी. फिलहाल एक्सपर्ट्स इसकी संभावना कम मान रहे हैं. इसलिए मौजूदा स्थिति में सोने की कीमतों को लेकर तस्वीर दोतरफा है. शॉर्ट टर्म में और गिरावट का जोखिम बना हुआ है, लेकिन 1 लाख रुपये जैसे बहुत निचले स्तर की संभावना फिलहाल बेहद कम मानी जा रही है।
     

  • हरियाणा में सुषमा स्वराज पुरस्कार के लिए आवेदन शुरू, महिला प्रतिभाओं को सम्मानित करेगी सरकार

    हरियाणा में सुषमा स्वराज पुरस्कार के लिए आवेदन शुरू, महिला प्रतिभाओं को सम्मानित करेगी सरकार

     पंचकूला
    हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

    पात्र महिलाएं विभागीय पोर्टल पर 5 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। पंचकूला के उपायुक्त सतपाल शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को 21 हजार रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

    पात्र महिलाओं से निर्धारित समय सीमा में आवेदन करने की अपील की। उपायुक्त ने बताया कि सुषमा स्वराज पुरस्कार के तहत एक महिला को पांच लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। इंदिरा गांधी महिला शक्ति पुरस्कार के तहत 1.50 लाख रुपये, जबकि कल्पना चावला शौर्य पुरस्कार और बहन शन्नो देवी पंचायती राज पुरस्कार के तहत एक-एक लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

    इसी प्रकार लाइफ टाइम अचीवर अवाॅर्ड के तहत एक पुरस्कार के लिए 51 हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। सरकारी कर्मचारी श्रेणी में चार, सामाजिक कार्यकर्ता श्रेणी में चार और महिला उद्यमी श्रेणी में दो पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इन श्रेणियों में प्रत्येक विजेता को 21-21 हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र मिलेगा।

    wcdhry.gov.in पर जाकर करें आवेदन
    उपायुक्त ने बताया कि पात्र महिलाएं wcdhry.gov.in पर 5 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा के बाद पात्र उम्मीदवारों के नाम निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा, पंचकूला को भेजे जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि पुरस्कारों से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश और अधिसूचना विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है। पात्र महिलाएं समय सीमा का ध्यान रखते हुए आवेदन करें।

  • 4600 करोड़ की फिल्म का रिलीज से पहले धमाका, दो महीने पहले ही 967 करोड़ की कमाई

    4600 करोड़ की फिल्म का रिलीज से पहले धमाका, दो महीने पहले ही 967 करोड़ की कमाई

    4600 करोड़ की फिल्म की रिलीज को अभी दो महीने बाकी हैं. लेकिन इसने बॉक्स ऑफिस पर पहले ही 10 करोड़ डॉलर यानी 967 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है. दिलचस्प यह है कि इस फिल्म में मौजूद 23 हीरो के नाम पर टिकट नहीं बिक रहे बल्कि इसके विलेन के नाम पर बिक रहे हैं. इस एक विलेन ने फैन्स के जोश को सातवें आसमान पर पहुंचा रखा है. हम बात कर रहे हैं मार्वल स्टूडियोज की सबसे बड़ी फिल्मों में गिनी जाने वाली 'अवेंजर्स डूम्सडे (Avengers Doomsday)' की. जिसने रिलीज से दो महीने पहले बॉक्स ऑफिस पर नोट छापने शुरू कर दिए हैं.

    द हॉलीवुड हैंडल के हवाले से ग्लोबल बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म की टिकट प्री-सेल विश्व स्तर पर 10 करोड़ डॉलर (लगभग 100 मिलियन डॉलर) पार कर चुकी है. दिलचस्प यह है कि यह आंकड़ा सिर्फ एडवांस बुकिंग का है. फिल्म 18 दिसंबर 2026 को रिलीज होनी है, यानी अभी दो महीने से कुछ ज्यादा वक्त बाकी है. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स का कहना है कि ‘डूम' अभी स्क्रीन पर आया भी नहीं और पैसे छापना शुरू कर चुका है.

    रिलीज से पहले ताबड़तोड़ कलेक्शन
    सितंबर की शुरुआत में डिज्नी के सीएफओ ह्यू जॉन्स्टन ने गोल्डमैन सैक्स कॉन्फ्रेंस में बताया था कि घरेलू प्री-सेल 5 करोड़ डॉलर पार कर चुकी है और इसमें से 70 प्रतिशत से ज़्यादा बुकिंग इंफिनिटी विजन जैसे प्रीमियम फॉर्मैट में हुई है. बाद में ग्लोबल बॉक्स ऑफिस ने घरेलू आंकड़ा करीब 5.5 करोड़ डॉलर बताया था. अब विश्व स्तर पर 10 करोड़ डॉलर का दावा सामने आया है. जर्मनी में प्री-सेल शुरू होने के पहले 24 घंटे में करीब 1.18 लाख टिकटें बिकीं, जो वहां अवेंजर्स एंडजगेम के शुरुआती रिकॉर्ड से आगे बताई जा रही है.

    अवेंजर्स डूम्सडे की कास्ट और कहानी
    अवेंजर्स डूम्सडे का निर्देशन एंथनी और जो रूसो कर रहे हैं. कहानी तीन अलग-अलग यूनिवर्स के हीरो को एक घातक टकराव की ओर ले जाती है. रॉबर्ट डाउनी जूनियर डॉक्टर डूम की भूमिका में हैं. क्रिस इवांस स्टीव रॉजर्स, क्रिस हेम्सवर्थ थॉर और पैट्रिक स्टीवर्ट प्रोफेसर एक्स बने हैं. पेड्रो पास्कल, वैनेसा किर्बी, जोसेफ क्विन और एबन मॉस-बैकरैक फैंटास्टिक फोर से हैं. फ्लोरेंस पू, एंथनी मैकी, सेबेस्टियन स्टेन, पॉल रुड, लेटिशिया राइट, टॉम हिडल्स्टन, इयान मैककेलन और चैनिंग टैटम भी कास्ट में हैं. फिल्म की अगली कड़ी 'अवेंजर्स सीक्रेट वार्स' 17 दिसंबर 2027 को रिलीज होगी.

  • भूमि रिकॉर्ड की त्रुटियां दूर करने पर जोर, मुख्य सचिव ने डिजिटल क्रॉप सर्वे और नक्शों के अपडेट के दिए निर्देश

    भूमि रिकॉर्ड की त्रुटियां दूर करने पर जोर, मुख्य सचिव ने डिजिटल क्रॉप सर्वे और नक्शों के अपडेट के दिए निर्देश

    डिजिटल क्रॉप सर्वे में शत-प्रतिशत गिरदावरी सुनिश्चित करें -मुख्य सचिव विकासशील

    फसल की वास्तविक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और सर्वे का क्रॉस वेरिफिकेशन करने के निर्देश

    नक्शों की त्रुटियों के निराकरण और भूमि अभिलेखों को अद्यतन करने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने पर जोर

    रायपुर
    मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में डिजिटल क्रॉप सर्वे के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वे की प्रगति, भूमि अभिलेखों की पूर्णता और शत-प्रतिशत गिरदावरी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में फसलें बोई गई है, वहां उसकी वास्तविक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए। संबंधित खसरों का सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि भूमि पर फसल लगी है या नहीं। फसल वाले क्षेत्रों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पॉलीगॉन बनाकर जानकारी दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से खेतों में बोई गई फसल का सटीक और विश्वसनीय विवरण तैयार किया जाना चाहिए।

    डिजिटल क्रॉप सर्वे का क्रॉस वेरिफिकेशन करने के निर्देश

           मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सर्वे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर टीम गठित कर विभिन्न जिलों में फील्ड वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सर्वे में दर्ज जानकारी का मौके पर सत्यापन किया जाए तथा कितने खसरों का सत्यापन हुआ है, कितने रिकॉर्ड सही पाए गए है, कहां त्रुटियां मिलीं है इसकी रिपोर्ट तैयार की जाए। त्रुटिपूर्ण रिकॉर्ड को सुधारने के साथ ही सर्वे की आंतरिक जांच भी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे के आंकड़ों का धान की खेती, किसान पंजीयन और धान उपार्जन से संबंधित आंकड़ों के साथ तुलनात्मक परीक्षण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न अभिलेखों में उपलब्ध जानकारी का मिलान कर आवश्यक सुधार करने कहा है।

    नक्शों की त्रुटियों के निराकरण के लिए तकनीकी समाधान तलाशें

            बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे के दौरान सामने आई प्रमुख बाधाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि नक्शों की अनुपलब्धता और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण कार्य अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। राजस्व विभाग इन समस्याओं के निराकरण के लिए उपयुक्त तकनीकी समाधान तलाशे। मुख्य सचिव ने कहा कि आवश्यकतानुसार नक्शों को अद्यतन करने की कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों में भौतिक सत्यापन और पॉलीगॉन सत्यापन आवश्यक है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा कर लिया जाए।

    कलेक्टरों के साथ बैठक कर कार्यों की समीक्षा करें

            मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति और सत्यापन कार्यों की समीक्षा के लिए कलेक्टरों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के संबंधित अधिकारी गांवों और खेतों के रिकॉर्ड का सत्यापन करें तथा कमियों को दूर करने के लिए समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। सर्वे की नियमित निगरानी के साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए।

         बैठक में मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव सुरीना बाबा साहब कंगाले, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी,  संचालक उद्योग प्रभात मलिक, संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार, संचालक खाद्य फरिया आलम सिद्दीकी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।