Author: NewseDay

  • कांग्रेस ने हवाई यात्रा का किया इंतजाम, कहा- पीएम मोदी, बस उड़ान भरिए, लोग आपका इंतजार कर रहे

    कांग्रेस ने हवाई यात्रा का किया इंतजाम, कहा- पीएम मोदी, बस उड़ान भरिए, लोग आपका इंतजार कर रहे

      नई दिल्ली
    असम के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक बेहद व्यंग्यात्मक पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री से हिंसा प्रभावित मणिपुर जाने की अपील की है. 

    X पर एक पोस्ट में, खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा, "चुनाव वाले राज्य हमेशा आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता होते हैं, लेकिन मणिपुर को "छोड़ा नहीं जाना चाहिए. राज्य 2023 से जल रहा है, और अब फिर से जल रहा है."

    खेड़ा ने दोनों राज्यों के बीच कम दूरी की तरफ इशारा करते हुए लिखा, “आप आज असम में हैं. मणिपुर यहां से सिर्फ एक घंटे की दूरी पर है. कृपया वहां भी जाइए. प्रधानमंत्री की उपस्थिति मणिपुर के लोगों को आश्वस्त करने में बहुत मददगार साबित हो सकती है.” 

    'मेरे पास आपका नंबर नहीं था…':
    कांग्रेस नेता ने फ्लाइट टिकट की फोटो साझा करते हुए लिखा, "आपकी आसानी के लिए हमने गुवाहाटी से इम्फाल का टिकट बुक कर दिया है, आपको बस विमान में सवार होना है. चूंकि मेरे पास आपका नंबर नहीं था, इसलिए मैं टिकट यहीं साझा कर रहा हूं." उन्होंने केंद्र के 'PM CARES' फंड पर कटाक्ष करते हुए संदेश दिया कि प्रधानमंत्री वहां जाकर दिखाएं कि वह वाकई मणिपुर की परवाह करते हैं.

    मणिपुर में 2023 से जारी हिंसा और बीच-बीच में भड़कती घटनाओं को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर सवाल उठाता रहा है. वहीं सरकार का कहना है कि शांति बहाली के प्रयास जारी हैं.

    प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. इस अनूठे राजनीतिक विरोध ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. जहां कांग्रेस समर्थक इसे मणिपुर की अनदेखी का मुद्दा बना रहे हैं, वहीं आलोचक इसे राजनीतिक नौटंकी करार दे रहे हैं.

  • Toyota की नई 3-रो इलेक्ट्रिक SUV से हटाया पर्दा, भारतीय बाजार में कब होगी एंट्री?

    Toyota की नई 3-रो इलेक्ट्रिक SUV से हटाया पर्दा, भारतीय बाजार में कब होगी एंट्री?

    मुंबई 

    जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी टोयोटा ने आखिरकार अपनी पहली फ्लैगशिप तीन-रो वाली इलेक्ट्रिक SUV से पर्दा उठा दिया है। लंबे समय से इलेक्ट्रिक सेगमेंट में मौजूद रहने के बावजूद टोयोटा के पास अब तक ऐसी कोई फुल-साइज़ EV नहीं थी, जो सीधे तौर पर फैमिली और प्रीमियम SUV खरीदारों को टारगेट कर सके। इसी खाली जगह को भरने के लिए कंपनी ने नई Toyota Highlander EV को पेश किया है, जिसे 2027 से बिक्री के लिए उतारा जाएगा। इस मॉडल को खास तौर पर Kia EV9 और Hyundai Ioniq 9 जैसी इलेक्ट्रिक SUVs को चुनौती देने के लिए तैयार किया गया है।

    बदला हुआ डिजाइन, ज्यादा दमदार रोड प्रेजेंस
    2027 Toyota Highlander EV को कंपनी की लेटेस्ट डिजाइन लैंग्वेज पर तैयार किया गया है। इसका फ्रंट लुक काफी बोल्ड रखा गया है, जिसमें हैमरहेड-स्टाइल फेस, फुल-लेंथ LED DRL और अलग से सेट किए गए LED हेडलैंप्स देखने को मिलते हैं। साइड प्रोफाइल में शार्प लाइन्स, उभरे हुए फेंडर्स और लंबा ग्लासहाउस इसे एक स्लीक लेकिन मजबूत सिल्हूट देते हैं। पीछे की तरफ कनेक्टेड LED टेललैंप्स और स्पॉइलर इसे मॉडर्न EV पहचान देते हैं।

    आकार के लिहाज से नई Highlander EV पहले से बड़ी हो गई है। इसकी चौड़ाई और व्हीलबेस में बढ़ोतरी की गई है, जिससे केबिन में तीनों रो के लिए ज्यादा स्पेस मिलता है और थर्ड रो में बैठना पहले के मुकाबले ज्यादा आरामदायक हो गया है।

    टेक-फॉरवर्ड और प्रीमियम इंटीरियर
    Toyota Highlander EV का केबिन पूरी तरह मॉडर्न अप्रोच के साथ डिजाइन किया गया है। डैशबोर्ड पर बड़ा 14-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है, जो वायरलेस कनेक्टिविटी को सपोर्ट करता है। ड्राइवर के सामने 12.3-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलता है, जिसमें फुल-स्क्रीन नेविगेशन की सुविधा दी गई है।

    इसके अलावा हेड-अप डिस्प्ले, 64-कलर एम्बिएंट लाइटिंग और कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा पैनोरमिक ग्लासरूफ इसे और प्रीमियम बनाते हैं। फ्रंट सीट्स हीटेड हैं, दूसरी रो में कैप्टन सीट्स दी गई हैं और तीनों रो में चार्जिंग पोर्ट्स की सुविधा मौजूद है, जिससे लंबी यात्राएं ज्यादा सुविधाजनक बनती हैं।

    पावरट्रेन और रेंज के विकल्प
    नई Toyota Highlander EV को XLE और Limited वेरिएंट्स में उतारा जाएगा। इसमें फ्रंट-व्हील ड्राइव और ऑल-व्हील ड्राइव, दोनों ऑप्शन मिलते हैं। बेस वेरिएंट में 77 kWh की बैटरी दी गई है, जो सिंगल मोटर सेटअप के साथ एक चार्ज में करीब 462 किलोमीटर तक की रेंज देने में सक्षम है।

    ऑल-व्हील ड्राइव वर्जन में डुअल मोटर सेटअप मिलता है, जिससे पावर और टॉर्क में बढ़ोतरी होती है, हालांकि रेंज थोड़ी कम हो जाती है। वहीं बड़े 95.8 kWh बैटरी पैक के साथ यह SUV एक चार्ज में 515 किलोमीटर तक चल सकती है, जो इसे लंबी दूरी की फैमिली EV के तौर पर मजबूत बनाता है।

    भारत में लॉन्च की क्या है संभावना?
    Toyota Highlander EV को पहले अमेरिकी बाजार में लॉन्च किया जाएगा और इसकी बिक्री 2027 की शुरुआत से शुरू होने की उम्मीद है। फिलहाल कंपनी ने भारत में इसके लॉन्च को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हालांकि, अगर इसे भारतीय बाजार में लाया जाता है, तो संभावना है कि यह CBU रूट के जरिए पेश की जाए।

    भारत में इस समय प्रीमियम तीन-रो इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में Kia EV9 अकेली मजबूत दावेदार है, जबकि लग्ज़री सेगमेंट में Mercedes-Benz EQS और Mercedes-Benz EQB मौजूद हैं। ऐसे में अगर Toyota Highlander EV भारत आती है, तो यह सीधे तौर पर Kia EV9 को कड़ी टक्कर दे सकती है।

  • दिल की बीमारियों से बचाव का आसान तरीका: गेहूं नहीं, इस अनाज की रोटी खाएं

    दिल की बीमारियों से बचाव का आसान तरीका: गेहूं नहीं, इस अनाज की रोटी खाएं

    चाहे घर में दाल बनी हो या कोई मसालेदार सब्जी, गेहूं की रोटी के बिना हमारी थाली अधूरी होती है। यह हमारे भोजन का अहम हिस्सा है, पर अब समय बदल रहा है। आजकल बदलती लाइफस्टाइल और फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण लोग अपनी डाइट में बदलाव कर रहे हैं। इसलिए, अब क्विनोआ रोटी लोगों की थाली में जगह बना रही है।

    क्विनोआ कैलोरी, प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक और अन्य जरूरी विटामिन से भरपूर होती है। यही वजह है कि इसे आज सुपरफूड कहा जाता है। बता दें कि अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में क्विनोआ रोटी की मांग बढ़ी है, लेकिन सच यह है कि दक्षिण अमेरिका में इसे हजारों सालों से उगाया और खाया जाता रहा है। चलिए जानते हैं इसे डाइट में शामिल करने के कुछ फायदों के बारे में।

    दिल की सेहत के लिए अच्छा

    दिल के मरीजों के लिए क्विनोआ रोटी को डाइट में शामिल करना काफी फायदेमंद माना गया है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि क्विनोआ खाने से मेटाबॉलिज्म बेहतर और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है। यह बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मददगार है।

    डायबिटीज के लिए फायदेमंद

    क्विनोआ की रोटी खाना डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होती है। अगर आप रोजाना इसे डाइट में शामिल करते हैं, तो यह ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करती है।  

    वजन घटाने में मददगार

    वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए क्विनोआ की रोटी किसी वरदान से कम नहीं है। एक स्टडी में पाया गया है कि क्विनोआ मोटापे को भी कम करने का एक बेहतरीन सुपरफूड है। अगर आप भी बढ़ते वजन को लेकर परेशान हैं, तो क्विनोआ की रोटी को डाइट में जरूर शामिल करें।

    ग्लूटेन-फ्री रोटी का बेस्ट ऑप्शन

    जिन लोगों को ग्लूटेन से एलर्जी है या सीलिएक डिजीज है, तो उनके लिए गेंहू की रोटी की जगह क्विनोआ की रोटी एक सुरक्षित और पौष्टिक ऑप्शन माना जाता है। क्विनोआ को खरीदने से पहले मिलावट या गंदगी की जांच के लिए पैकेट पर लगे लेबल को ध्यान से जरूर पढ़ें।

    पाचन को बनाए हेल्दी

    क्विनोआ में कई अनाजों से ज्यादा फाइबर होता है, जो पेट से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज की समस्या कम करता है। साथ ही, क्विनोआ की रोटी खाने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है।

     

  • सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई कार, सेना के 4 जवानों की सड़क हादसे में गई जान

    सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई कार, सेना के 4 जवानों की सड़क हादसे में गई जान

    जगदलपुर/मेदिनी नगर/पलामू.

    छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शनिवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में 201 कोबरा बटालियन के चार जवानों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम खपरी बाईपास के समीप हुआ।
    दुर्घटना इतनी भयावह थी कि कार ट्रक के नीचे जा घुसी और उसकी छत पूरी तरह उखड़ गई।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोबरा बटालियन के जवान जगदलपुर से लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी तेज रफ्तार डिजायर कार खपरी बाईपास पर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार सीधे ट्रक के नीचे फंस गई और उसमें सवार जवान बुरी तरह अंदर जकड़ गए।

    कार को काटकर जवानों को बाहर निकाला
    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और राहत दल ने गैस कटर की मदद से कार को काटकर जवानों को बाहर निकाला। चार जवानों को घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल जवान को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

    दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू
    मृतकों में झारखंड के पलामू जिले के हैदरनगर प्रखंड अंतर्गत रानीदेवा गांव निवासी मुकेश कुमार भी शामिल हैं। जैसे ही गांव में उनके निधन की सूचना पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार, मुकेश मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव के थे। उनके असमय निधन से गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका है कि तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े ट्रक से अचानक टकराव हादसे का कारण बना। इस हृदयविदारक घटना से सुरक्षाबलों के साथ-साथ पलामू जिले में भी गहरा शोक व्याप्त है।

  • 23 लाख लोगों पर हुई स्टडी: डायबिटीज के साथ हार्ट फेलियर का खतरा क्यों बढ़ाता है कम फिजिकल एक्टिविटी

    23 लाख लोगों पर हुई स्टडी: डायबिटीज के साथ हार्ट फेलियर का खतरा क्यों बढ़ाता है कम फिजिकल एक्टिविटी

    क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज के मरीजों में हार्ट फेलियर और दिल की अन्य बीमारियों का एक बहुत बड़ा कारण केवल 'शारीरिक निष्क्रियता' है? हाल ही में हुए एक शोध ने इस बात की पुष्टि की है कि अगर डायबिटीज के मरीज फिजिकली एक्टिव नहीं रहते हैं, तो उनके लिए जानलेवा जोखिम काफी बढ़ जाते हैं।

    भारत के लिए चिंताजनक आंकड़े

    'जर्नल ऑफ स्पोर्ट एंड हेल्थ साइंस' में प्रकाशित एक नए शोध के अनुसार, भारत में डायबिटीज के मरीजों में हार्ट फेलियर के 13 प्रतिशत से भी ज्यादा मामलों के पीछे मुख्य वजह शारीरिक गतिविधि की कमी है।

    यह शोध बताता है कि भारत में डायबिटीज पीड़ितों में:

    कोरोनरी हृदय रोग के 9.6 प्रतिशत मामले, और हृदय संबंधी अन्य जटिलताओं के 9.4 प्रतिशत मामले केवल इसलिए होते हैं क्योंकि मरीज पर्याप्त शारीरिक व्यायाम या गतिविधि नहीं करते।

    विशेषज्ञों की क्या है राय?

    ब्राजील के रियो ग्रांडे डो सुल संघीय विश्वविद्यालय की शोधकर्ता जेन फेटर ने इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि डायबिटीज होने के बाद अन्य जटिल बीमारियां होना तय है, लेकिन यह सच नहीं है।

    जेन फेटर के अनुसार, "हमारे निष्कर्ष इस पुरानी धारणा को चुनौती देते हैं। यह साफ है कि अगर डायबिटीज के मरीज अपनी शारीरिक गतिविधि को उचित तरीके से बढ़ा लें, तो इन गंभीर बीमारियों के एक बड़े हिस्से को रोका जा सकता है।"

    23 लाख लोगों पर हुआ शोध

    शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए दक्षिण एशिया सहित दुनिया भर के अलग-अलग क्षेत्रों से 23 लाख से अधिक वयस्क डायबिटीज मरीजों के डेटा का विश्लेषण किया। इसमें पाया गया कि वैश्विक स्तर पर भी बड़ी रक्त वाहिकाओं की समस्याओं और आंखों की बीमारी के दस में से एक मामले का कारण निष्क्रियता ही है।

    बीमारियों का खतरा कितना ज्यादा?

    विश्लेषण में यह बात सामने आई कि शारीरिक निष्क्रियता के कारण डायबिटीज मरीजों में कई गंभीर रोगों का खतरा बढ़ जाता है:

        स्ट्रोक: 10 प्रतिशत से अधिक मामले
        डायबिटिक रेटिनोपैथी : 9.7 प्रतिशत
        हार्ट फेलियर: 7.3 प्रतिशत
        कोरोनरी हार्ट डिजीज: लगभग 5 से 7 प्रतिशत

    क्या है बचाव का रास्ता?

    इस खतरे को कम करने का उपाय बहुत ही सरल है- व्यायाम। विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह है कि हर व्यक्ति को प्रति सप्ताह कम से कम 150 मिनट मध्यम से तीव्र शारीरिक गतिविधि जरूर करनी चाहिए। थोड़ी-सी सक्रियता डायबिटीज के मरीजों को हार्ट फेलियर और स्ट्रोक जैसे बड़े खतरों से बचा सकती है।

     

  • प्रेम बाईसा केस अपडेट: मौत अस्थमा अटैक से, जहर की संभावना खारिज

    प्रेम बाईसा केस अपडेट: मौत अस्थमा अटैक से, जहर की संभावना खारिज

    जोधपुर.

    कथावाचक प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में अब बड़ा खुलासा सामने आया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमार्टम और एफएसएल की अंतिम रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है. इन रिपोर्ट्स में प्रेम बाईसा की मौत का संभावित कारण अस्थमा अटैक बताया गया है. रिपोर्ट के अनुसार सांस रुकना उनकी मौत की मुख्य वजह मानी जा रही है. एफएसएल जांच में जहर या किसी भी प्रकार के विषाक्त पदार्थ की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे जहरीला पदार्थ देने की आशंका लगभग खत्म मानी जा रही है. गौरतलब है कि 28 जनवरी को प्रेम बाईसा की आश्रम में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. 29 जनवरी को उनके पिता ने मर्ग दर्ज कराते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की थी. इसके बाद पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया, जो महात्मा गांधी अस्पताल में किया गया. पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की गई. एफआईआर में मौत को संदिग्ध बताते हुए गहन जांच की मांग की गई थी.

    इसके बाद पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने का निर्णय लिया. महात्मा गांधी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड की देखरेख में पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया संपन्न हुई थी, ताकि मौत के कारणों को लेकर किसी भी तरह का संदेह न रहे. मामले में इंजेक्शन रिएक्शन के एंगल से भी जांच की गई थी. इसी क्रम में एमडीएम अस्पताल के कम्पाउंडर देवी सिंह से एक बार फिर पूछताछ की गई. उन्हें करीब चार घंटे तक एसीपी कार्यालय में बैठाकर सवाल-जवाब किए गए. पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इलाज के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही या गलत दवा का इस्तेमाल तो नहीं हुआ. फिलहाल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है.

    रिपोर्ट में जहर या नशीले पदार्थ के अंश नहीं मिले

    सूत्रों के मुताबिक, मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में अस्थमा अटैक के चलते अचानक सांस रुकने को मौत का संभावित कारण बताया गया है. साथ ही, एफएसएल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार के जहर या नशीले पदार्थ के अंश नहीं मिलने की पुष्टि हुई है. इससे पहले मामले में इंजेक्शन रिएक्शन के एंगल से भी गहन जांच की गई थी. पुलिस ने इस बिंदु पर भी पड़ताल करते हुए संबंधित मेडिकल स्टाफ और अस्पताल कर्मियों से पूछताछ की थी.

    एमडीएम अस्पताल के कंपाउंडर से पूछताछ लगातार जारी

    इसी क्रम में एमडीएम अस्पताल के कंपाउंडर देवी सिंह से भी लगातार पूछताछ की जा रही है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, देवी सिंह से एक बार फिर करीब चार घंटे तक एसीपी कार्यालय में पूछताछ की गई. इस दौरान इंजेक्शन देने की प्रक्रिया, इस्तेमाल की गई दवाओं और उस समय मौजूद अन्य स्टाफ के बारे में विस्तार से जानकारी ली गई. पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कहीं किसी प्रकार की लापरवाही या गलत दवा देने की स्थिति तो नहीं बनी थी.

    आपराधिक साजिश के नहीं मिले हैं ठोस सबूत

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच में किसी आपराधिक साजिश या जहरीले पदार्थ के प्रयोग के ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं. हालांकि, पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है, ताकि सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके. मेडिकल और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि प्रेम बाईसा को पहले से अस्थमा की समस्या थी या नहीं और क्या उन्हें नियमित रूप से कोई दवा दी जा रही थी.

    प्रेम बाईसा की अचानक हुई मौत से उनके अनुयायियों और स्थानीय लोगों में शोक और असमंजस का माहौल है. आश्रम से जुड़े लोग और परिजन अब भी पूरे मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और किसी भी तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा. आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.

  • मोबाइल प्रेमियों के लिए खुशखबरी: मोटोरोला का धांसू 5G फोन कम दाम में उपलब्ध

    मोबाइल प्रेमियों के लिए खुशखबरी: मोटोरोला का धांसू 5G फोन कम दाम में उपलब्ध

    मुंबई 

    मोटोरोला के फोन पर कमाल की डील मिल रही है। हम कंपनी के इस धांसू फोन की बात कर रहे हैं, उसका नाम Motorola G35 5G है। अमेजन की डील में आप 24जीबी तक की रैम (रैम बूस्ट फीचर के साथ) वाले इस फोन को 12500 रुपये से कम में खरीद सकते हैं। 8जीबी रैम और 128जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाले इस फोन की कीमत अमेजन इंडिया पर 13225 रुपये है। फोन पर 1 हजार रुपये तक का बैंक डिस्काउंट दिया जा रहा है। इस डिस्काउंट के साथ यह फोन 12500 रुपये से कम में आपका हो सकता है।

    फोन पर 661 रुपये तक का कैशबैक भी दिया जा रहा है। आप इस डिवाइस को एक्सचेंज बोनस के साथ भी खरीद सकते हैं। ध्यान रहे कि एक्सचेंज ऑफर में मिलने वाला डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन, ब्रैंड और कंपनी की एक्सचेंज पॉलिसी पर निर्भर करेगा। फोन में कंपनी 50MP का कैमरा, 5000mAh की बैटरी और डॉल्बी साउंड जैसे धांसू फीचर दिए गए है।

    मोटोरोला G35 5G के फीचर और स्पेसिफिकेशन

    मोटोरोला के इस फोन में 2400 x 1080 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.72 इंच का फुल एचडी+ LCD पैनल दिया गया है। फोन में ऑफर किया जा रहा यह डिस्प्ले 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसका पीक ब्राइटनेस लेवल 1000 निट्स का है। डिस्प्ले प्रोटेक्शन के लिए फोन में गोरिल्ला ग्लास 3 दिया गया है। फोन 4जीबी LPDDR4x रैम और 128जीबी के UFS 2.2 स्टोरेज से लैस है। फोन रैम बूस्ट फीचर के साथ आता है। इससे इसकी रैम 24जीबी तक की हो जाती है। प्रोसेसर के तौर पर फोन में कंपनी Unisoc T760 दे रही है।

    फोटोग्राफी के लिए फोन में एलईडी फ्लैश के साथ दो कैमरे दिए गए हैं। इनमें 50 मेगापिक्सल के मेन लेंस के साथ एक 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड ऐंगल कैमरा शामिल है। मोटोरोला के इस फोन में सेल्फी के लिए 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। फोन में दी गई बैटरी 5000mAh की है, जो 18 वॉट की चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

    ओएस की बात करें, तो फोन ऐंड्रॉयड 15 पर काम करता है। फोन के ओएस को कंपनी दो साल तक सिक्योरिटी पैच ऑफर कर रही है। बायोमेट्रिक सिक्योरिटी के लिए आपको इस फोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर देखने को मिलेगा। दमदार साउंड के लिए फोन में कंपनी डॉल्बी ऐटमॉस ऑफर कर रही है। यह फोन IP52 डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंट रेटिंग के साथ आता है।

  • सूर्य ग्रहण और अर्घ्य का रहस्य: शास्त्र क्या कहते हैं, क्या करना है सही?

    सूर्य ग्रहण और अर्घ्य का रहस्य: शास्त्र क्या कहते हैं, क्या करना है सही?

    भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में सूर्य और चंद्र ग्रहण का गहरा अध्यात्मिक महत्व माना जाता है. ग्रहण के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन किया जाता है. ग्रहण के दौरान सूतक काल, खान-पान के नियम और शुद्धिकरण का विशेष ध्यान रखा जाता है. आमतौर पर रोजाना लोग सूर्य देव की कृपा पाने के लिए उनको अर्घ्य यानी जल दिया करते हैं.

    मान्यताओं के अनुसार, रोजाना सूर्य को अर्घ्य देने से जीवन की नकारात्मकता दूर हो जाती है, लेकिन सूर्य ग्रहण के समय लोगों के मन में ये सवाल हमेशा उठता है कि इस दौरान सूर्य देव को अर्घ्य दिया जा सकता है या नहीं. ऐसे में आइए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य को अर्घ्य देना सही है गलत. इसको लेकर शास्त्र क्या कहते हैं?

    सूर्य ग्रहण में सूर्य को जल देना वर्जित

    वैदिक काल से ही भगवान सूर्य को सुबह के समय जल चढ़ाना दिनचर्या का एक भाग रहा है. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि तांबे के लोटे में सूर्य को अर्घ्य देने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है. सेहत अच्छी रहती है और कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, लेकिन ग्रहण काल में हालात पूरी तरह बदल जाते हैं. धार्मिक सिद्धांतों और ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण के समय सूर्य को अर्घ्य देना वर्जित है.

    मान्यता है कि ग्रहण के समय राहु-केतु का प्रभाव बढ़ता जाता है, जिससे सूर्य की सकारात्मक उर्जा बाधित होती है. ऐसे समय में जल चढ़ाने से शुभ फलों के स्थान पर प्रतिकूल प्रभाव जीवन पर पड़ सकते हैं. अर्घ्य सूर्य को देखकर दिया जाता है, लेकिन धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टियों से ग्रहण के समय सूर्य को देखना आंखों के लिए हानिकारक और अशुभ माना गया है. ग्रहण के समय से पहले सूतक काल में पूजा-पाठ करना मना होता है.

    साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण कब?

    सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन लगता है. साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण फाल्गुन माह की अमावस्या के दिन 17 फरवरी को लगेगा. ये वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ भी कहते हैं. 17 फरवरी को सूर्य ग्रहण दोपहर 03 बजकर 26 मिनट पर लगेगा. इसका समापन 07 बजकर 57 मिनट पर होगा. ये ग्रहण कुंभ राशि में लगेगा. ये ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा. ऐसे में इसका सूतक भी नहीं माना जाएगा.

  • महाशिवरात्रि 2026: 300 वर्षों बाद शुभ-राजयोग का संयोग, जानें संपूर्ण साधना विधि

    महाशिवरात्रि 2026: 300 वर्षों बाद शुभ-राजयोग का संयोग, जानें संपूर्ण साधना विधि

    सनातन धर्म में महाशिवरात्रि का एक विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हैं और उन्हें प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं. इस बार महाशिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी को रखा जाएगा. यह एक मात्र पर्व नहीं है बल्कि ये हमें याद दिलाता है कि घोर अंधकार की रात में शिव दर्शन प्रकाश के रूप में प्रकट होता है. ऐसा माना जाता है कि इस रात शिव लिंगम के रूप में समस्त सृष्टि में विराजमान होते हैं. शिव का अर्थ विनाश नहीं है. इसका अर्थ है अहंकार का नाश, अज्ञान का निवारण. मौन में ध्यान, जागृति में ज्ञान, घृणा से मुक्ति.

    महाशिवरात्रि का शुभ समय 15 से 16 फरवरी तक है. आइए इस दिन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों पर एक नजर डालते हैं.

    यह महाशिवरात्रि खास क्यों है?

    इस वर्ष शिवरात्रि में दिव्य और ज्योतिषीय शक्तियों का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. ऐसा माना जाता है कि यह शुभ योगों का ऐसा संयोजन है जो लगभग 300 सालों में एक बार ही होता है. ये विशेष राज योग और शुभ योग इस पर्व को और भी अधिक शुभ बनाते हैं.

    11 शुभ योगों की विशेषताएं

        शिव योग- शिव के लिए सबसे शुभ योग, सुबह 5.45 बजे से पूरे दिन चलता है.
        सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 6.43 बजे से 9.37 बजे तक सभी कार्यों में सफलता.
        प्रीति योग- प्रेम और मित्रता की शक्ति, सुबह 11.19 बजे से 11.23 बजे तक.
        आयुष्मान योग- दीर्घायु, दोपहर 12.17 बजे से रात 1.54 बजे तक.
        सौभाग्य योग- शाम 5.07 बजे से शाम 5.53 बजे तक.
        शोभना योग- सौंदर्य, विकास, शाम 7.47 बजे से रात 8.34 बजे तक.
        सत्य योग- साधना में सफलता, रात 8.54 बजे से रात 10.02 बजे तक.
        शुक्ल योग- शुद्ध विचार, रात 10.42 बजे से रात 11.58 बजे तक.
        ध्रुव योग- स्थिरता, सुबह 2.57 बजे से अगली सुबह 5.53 बजे तक.

    महाशिवरात्रि पर पांच दुर्लभ राजयोग

        बुद्धादित्य राज योग -बुद्धि, आदर और सम्मान की एक अद्भुत अवस्था.
        लक्ष्मी-नारायण योग- आर्थिक शक्ति, धन और सफलता
        शुक्रदित्य योग- सुख, कला और सौंदर्य
        साशा राज योग कुछ लाभ, स्थिरता
        चतुर्ग्राही योग- एक दुर्लभ स्थिति जिसमें सूर्य, बुध, शुक्र और राहु एक साथ आते हैं.

    इन पांच राज योगों के लाभ आम दिनों में शायद ही देखने को मिलते हैं. ये दुर्लभ योग धन, समृद्धि, विलासिता और व्यापार में भारी लाभ लाते हैं.

    महाशिवरात्रि पर आराधना का समय

    अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से दोपहर 12:58 बजे तक.

    शाम की पूजा का समय: राहु काल के बाद से शाम 7:28 बजे तक.

    निशीत काल (पूजा का सबसे शुभ समय): दोपहर 12:09 बजे से रात 1:00 बजे तक.

    राहु काल: 15 फरवरी, शाम 4:47 से 6:11 बजे तक. ज्योतिष के अनुसार, इस समय पूजा-अर्चना शुरू नहीं करनी चाहिए.

  • निवेश की आड़ में ठगी: मैनपुरी में श्रेयस तलपड़े समेत 12 आरोपियों पर कार्रवाई

    निवेश की आड़ में ठगी: मैनपुरी में श्रेयस तलपड़े समेत 12 आरोपियों पर कार्रवाई

    मैनपुरी

    उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की भोगांव पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद बॉलीवुड एक्टर श्रेयस तलपड़े पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है. एक्टर समेत 12 लोगों के खिलाफ दर्ज FIR में आरोप है कि स्थानीय लोगों से एक कथित हाई-रिटर्न इन्वेस्टमेंट स्कीम के जरिए लाखों रुपये ठगे गए. ANI की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह केस भोगांव के मोहल्ला मिश्राना के एक निवासी की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था. शिकायत के मुताबिक, तलपड़े और उनके साथी कथित तौर पर मुंबई की एक बैंक ब्रांच के जरिए काम करते थे, जो मोहल्ला मिश्राना इलाके में ही चलती थी. शिकायत करने वाले ने दावा किया कि गांववालों और शहर के लोगों को अच्छे फाइनेंशियल रिटर्न का भरोसा देकर बड़ी रकम इन्वेस्ट करने के लिए मनाया गया. 

    हालांकि प्रॉफिट का वादा कभी पूरा नहीं हुआ. इसके बजाय इन्वेस्टर्स को बाद में एहसास हुआ कि उनके पैसे कथित तौर पर गलत तरीके से हड़पे गए हैं. जब पैसे वापस करने की बार-बार की गई मांग का कोई जवाब नहीं मिला, तो मामला कोर्ट में चला गया, जिसने बाद में पुलिस को केस दर्ज करने और जांच शुरू करने का आदेश दिया. आरोपों की जांच करने और फंड के फ्लो का पता लगाने के लिए अब एक फॉर्मल जांच शुरू की गई है.  FIR में 12 लोगों के नाम हैं, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर और नाम जोड़े जा सकते हैं.

     यह पहली बार नहीं है, जब श्रेयस तलपड़े का नाम कथित इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के सिलसिले में सामने आया है. पिछले एक साल  उनका नाम उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में दर्ज ऐसे ही मामलों में आया, जो लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी से जुड़े हैं. अक्टूबर 2025 में बागपत पुलिस ने करोड़ों के इन्वेस्टमेंट स्कैम में तलपड़े और एक्टर आलोक नाथ समेत 22 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी. 500 से ज़्यादा इन्वेस्टर्स ने आरोप लगाया था कि उनसे 5 करोड़ रुपये से ज़्यादा की ठगी की गई, जबकि उनसे वादा किया गया था कि उनका पैसा पांच साल में दोगुना हो जाएगा. कहा जाता है कि एक्टर कंपनी से ब्रांड एंबेसडर के तौर पर जुड़े थे और उन्होंने पब्लिक इवेंट्स में इसकी स्कीम्स को प्रमोट किया था.