Author: NewseDay

  • महाशिवरात्रि पर दी 1.20 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, CM साय ने की श्री सत्यनारायण बाबा की पूजा

    महाशिवरात्रि पर दी 1.20 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, CM साय ने की श्री सत्यनारायण बाबा की पूजा

    रायगढ़/रायपुर.

    महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ रायगढ़ प्रवास के दौरान देर रात एक बजे ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे. उन्होंने भगवान भोलेनाथ एवं श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश वासियों को महाशिवरात्रि पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी.

    इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने जिला खनिज न्यास मद के अंतर्गत 1 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया. प्रस्तावित कार्यों में मुख्य भवन के सामने ग्रेनाइट फर्श सहित शेड निर्माण, आगंतुकों के विश्राम एवं भोजन के लिए शेड निर्माण, शौचालय परिसर भवन का निर्माण तथा पार्किंग क्षेत्र के लिए सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण शामिल हैं. उन्होंने इन कार्यों के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कोसमनारा स्थित यह धाम श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है. यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा समाज को सकारात्मक दिशा और आत्मबल प्रदान करती है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गुरुजनों के आशीर्वाद और जनता के विश्वास के साथ जनकल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रही है.

    उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित यह धाम वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा एवं भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. स्थानीय जनश्रुति के अनुसार, श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा वर्ष 1998 से कठोर तपस्या में लीन हैं. वर्ष 2003 में उन्हें ‘श्री श्री 108’ की उपाधि प्राप्त हुई, जिसके बाद धाम की ख्याति और अधिक बढ़ी. बताया जाता है कि बाबा ने पत्थरों को एकत्र कर शिवलिंग का स्वरूप निर्मित किया और उसी स्थान को अपनी तपोभूमि बनाया. वर्षा, ग्रीष्म और शीत—तीनों ऋतुओं में खुले स्थान पर रहकर भगवान भोलेनाथ की साधना करना उनकी तपस्या की विशेष पहचान बन चुकी है. इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, नगर निगम सभापति डिग्रीलाल साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, सरपंच, गणमान्य नागरिक, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे.

  • एपस्टीन ने कैसे बनाया काले कारनामों का साम्राज्य: जेट, धन और नाबालिगों की कहानी

    एपस्टीन ने कैसे बनाया काले कारनामों का साम्राज्य: जेट, धन और नाबालिगों की कहानी

    आईलैंड 
    जेफरी एपस्टीन का प्राइवेट आईलैंड लिटिल सेंट जेम्स कैरिबियन सागर में स्थित है, जो अमेरिकी वर्जिन द्वीप समूह में सेंट थॉमस के दक्षिण-पूर्व में है। यह लगभग 72 एकड़ का छोटा आईलैंड है, जिसे एपस्टीन ने 1998 में करीब 80 लाख डॉलर में खरीदा था। यहां सफेद रेत के समुद्र तट, नारियल के पेड़, नीले रंग की छत वाले भवन, स्विमिंग पूल, हेलीकॉप्टर लैंडिंग पैड, मुख्य विला, गेस्ट कॉटेज और डॉक जैसी सुविधाएं थीं। 2010 तक एपस्टीन ने द्वीप का बड़े पैमाने पर नवीनीकरण किया, जिसमें नई विलाएं, स्टोन केबिन और एक रहस्यमयी नीले-सफेद धारीदार भवन शामिल था, जिसे कुछ लोग टेम्पल कहते हैं। यह द्वीप अलग-थलग होने के कारण गोपनीय गतिविधियों के लिए सही माना जाता था, जहां नाव या हेलीकॉप्टर से ही पहुंचा जा सकता था।

    इस द्वीप पर एपस्टीन और उनकी सहयोगी घिस्लेन मैक्सवेल पर नाबालिग लड़कियों और महिलाओं के साथ यौन शोषण और मानव तस्करी के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ितों के बयानों के अनुसार, यहां दुनिया भर से 12 साल की उम्र की लड़कियों को लाया जाता था, जिन्हें अमीर और प्रभावशाली लोगों को शेयर किया जाता था। वर्जीनिया गिफ्रे जैसी पीड़िताओं ने अपनी किताब में बताया कि उन्हें अपमान, मारपीट और बलात्कार का सामना करना पड़ा। 15 साल की लड़की ने कथित तौर पर द्वीप से भागने के लिए दो मील तैरकर सेंट थॉमस पहुंचने की कोशिश की। ईमेल और दस्तावेजों में स्वीट यंग कोकोनट्स जैसे संकेत और लिटिल गर्ल का जिक्र मिला है, जो यौन शोषण की ओर इशारा करते हैं। कई पीड़ितों ने बताया कि उन्हें छुट्टी के बहाने लाया गया लेकिन वे यौन हिंसा का शिकार बनीं।
    किन लोगों के नाम आए सामने

    एपस्टीन फाइल्स में अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी लाखों पन्नों के दस्तावेजों में द्वीप के ब्लूप्रिंट, फोटो, लॉगबुक और यात्रा रिकॉर्ड शामिल हैं। इनमें डोनाल्ड ट्रंप, व्लादिमीर पुतिन, प्रिंस एंड्र्यू, मार्क जुकरबर्ग, वुडी एलन जैसे कई बड़े नामों का जिक्र है। हालांकि, नाम आने से दोष सिद्ध नहीं होता और कई ने किसी गलत संबंध से इनकार किया है। फाइल्स में एपस्टीन की संपत्तियों से बरामद सीडी, फोटो और अन्य सबूतों की सूची भी है। एपस्टीन 2008 में बाल यौन अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए थे और 2019 में सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार हुए, लेकिन जेल में उनकी मौत हो गई, जिसे सुसाइड बताया गया।
    कई सवालों के जवाब बाकी

    हाल के वर्षों में द्वीप को 2023 में 6 करोड़ डॉलर में बेच दिया गया है और नए मालिक स्टीफन डेकोफ इसे एक लग्जरी रिसॉर्ट में बदलने की योजना बना रहे हैं, ताकि इसकी कुख्यात इतिहास को मिटाया जा सके। एपस्टीन फाइल्स की रिलीज से कई सवालों के जवाब अभी बाकी हैं और पीड़ितों की आवाज को न्याय मिलने की उम्मीद बनी हुई है। यह मामला शक्ति, धन और गोपनीयता के दुरुपयोग की एक दुखद मिसाल बन चुका है।

  • रद्दी अखबारों से बनेगी कला, मन रहेगा हल्का: AIIMS Bhopal में शुरू हुई अनोखी आर्ट थैरेपी पहल

    रद्दी अखबारों से बनेगी कला, मन रहेगा हल्का: AIIMS Bhopal में शुरू हुई अनोखी आर्ट थैरेपी पहल

    भोपाल
    चिकित्सा और पढ़ाई के तनावपूर्ण माहौल के बीच एम्स भोपाल ने अपने संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए एक पहल की है। संस्थान का हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर आगामी 16 से 18 फरवरी तक 'पेपर माचे' कला पर कार्यशाला आयोजित करेगा।

    लोगों को तनावमुक्त करना है टारगेट
    इसका उद्देश्य केवल कला सिखाना नहीं, बल्कि 'आर्ट थैरेपी' के माध्यम से संस्थान से जुड़े लोगों को तनावमुक्त वातावरण और मानसिक शांति प्रदान करना है। 'पेपर माचे' एक ऐसी प्राचीन विधा है, जिसमें पुराने अखबारों, गोंद और पानी के मिश्रण का उपयोग कर आकर्षक मूर्तियां, मुखौटे और सजावटी वस्तुएं बनाई जाती हैं।
     
    एम्स प्रशासन का मानना है कि जब हाथ किसी सृजनात्मक कार्य में व्यस्त होते हैं, तो मस्तिष्क को गहरा विश्राम मिलता है। यह कार्यशाला प्रतिभागियों को अपनी छिपी हुई प्रतिभा को पहचानने और दैनिक भागदौड़ से इतर कुछ नया रचने का अवसर देगी। एम्स भोपाल इन दिनों अपने कर्मचारियों और छात्रों के समग्र स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दे रहा है।

    संस्थान के अनुसार एक स्वस्थ चिकित्सक या कर्मचारी ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकता है। इसी सोच के साथ इस रचनात्मक गतिविधि को डिजाइन किया गया है। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा पेपर माचे की बारीकियां सिखाई जाएंगी, जिससे प्रतिभागी शून्य लागत में घर की रद्दी से खूबसूरत कृतियां बनाना सीख सकेंगे।

  • सफर होगा और आरामदायक: महामना एक्सप्रेस समेत इन ट्रेनों में लगेंगे आधुनिक लग्जरी कोच

    सफर होगा और आरामदायक: महामना एक्सप्रेस समेत इन ट्रेनों में लगेंगे आधुनिक लग्जरी कोच

    भोपाल
    यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित सफर को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या 22163/22164 भोपाल-खजराहो महामना एक्सप्रेस तथा 22187/22188 रानी कमलापति-आधारताल एक्सप्रेस के पारंपरिक आईसीएफ कोचों को अब आधुनिक एलएचबी कोचों में परिवर्तित किया जा रहा है।

    भोपाल-खजुराहो-भोपाल महामना एक्सप्रेस आज से तथा रानी कमलापति–आधारताल–रानी कमलापति एक्सप्रेस 16 फरवरी से एलएचबी रैक के साथ संचालित होगी। एलएचबी कोच पारंपरिक आईसीएफ कोचों की तुलना में अधिक सुरक्षित, आरामदायक और तेज गति के अनुकूल माने जाते हैं। इन कोचों में झटके कम लगते हैं और दुर्घटना की स्थिति में एंटी-टेलिस्कोपिक डिजाइन यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाता है।
     
    दोनों ट्रेनों की संशोधित कोच संरचना में दो एसी चेयरकार, दो थर्ड एसी, नो द्वितीय श्रेणी, छह सामान्य श्रेणी, एक एसएलआरडी और एक जनरेटर कार सहित कुल 21 कोच शामिल रहेंगे। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पूर्व कोच संरचना और आरक्षण स्थिति की जानकारी अवश्य जांच लें, ताकि सफर सुगम और सुविधाजनक रहे।

  • SIR प्रक्रिया पूरी: मध्य प्रदेश में वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव, 21 फरवरी को जारी होगी फाइनल सूची

    SIR प्रक्रिया पूरी: मध्य प्रदेश में वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव, 21 फरवरी को जारी होगी फाइनल सूची

    भोपाल
    मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के अंतर्गत प्राप्त 95 प्रतिशत दावे-आपत्तियों का निराकरण कर लिया गया है। एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम, उपनाम और आयु में कुछ त्रुटियां थीं, जिन्हें सुधरवाया गया है। वहीं, जिन साढ़े चार लाख मतदाताओं ने अधूरे गणना पत्रक जमा किए थे, उनकी भी सुनवाई कर ली गई है।

    मतदाता सूची में करीब आठ लाख नए नाम जुड़ेंगे और एक लाख हटेंगे। यह प्रक्रिया शनिवार को पूरी करने के बाद अब 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि प्रारूप मतदाता सूची के आधार पर हुए दावे-आपत्ति का निराकरण जिलों में कराया गया है। जो भी आवेदन प्राप्त हुए उनका परीक्षण रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने कराया है।
     
    एसआईआर में जिनके गणना पत्रक अधूरे थे, उन्हें नोटिस देकर शिविर में बुलाया गया और यदि दस्तावेज पूरे थे तो उनके पक्ष में आदेश पारित किए गए। इसी तरह साफ्टवेयर ने जिन त्रुटियों को पकड़ा था, उन्हें भी दूर कराया गया है। उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने केवल शाब्दिक या आयु गणना की त्रुटि के कारण जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, उनके नाम सूची से नहीं हटाने के लिए कहा था।

    वहीं, कांग्रेस, भाजपा सहित अन्य दलों के प्रतिनिधियों द्वारा जो शिकायतें की गई थीं, उनका भी निराकरण करवाया गया है। यदि नाम नही जुड़ा तो आगे भी विकल्प – यदि किसी पात्र मतदाता का नाम किसी भी कारण से इस सूची में शामिल नहीं हो पाता है तो ऐसा नहीं है कि उसका नाम आगे शामिल नहीं होगा। यह एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है। वह फार्म छह भरकर अपना नाम जुड़वा सकेगा। इसी तरह नाम, पता आदि जानकारी में संशोधन भी फार्म आठ के माध्यम से हो सकेगा।

    सूची प्रकाशन के बाद सत्यापन कराएगी कांग्रेस
    उधर, कांग्रेस ने तय किया है कि 21 फरवरी को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद कांग्रेस बूथवार सूची का सत्यापन कराएगी। इसमें पार्टी की ओर से जो आपत्तियां की गई थीं, उनका निराकरण नहीं हुआ तो फिर चुनाव आयोग को शिकायत की जाएगी।

  • 82 लाख परिवारों के लिए खुशखबरी, छत्तीसगढ़ में एक साथ दो महीने का राशन वितरण

    82 लाख परिवारों के लिए खुशखबरी, छत्तीसगढ़ में एक साथ दो महीने का राशन वितरण

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के राशन कार्ड धारकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत प्रदेश के लगभग 82 लाख परिवारों को फरवरी 2026 में ही दो महीने (फरवरी और मार्च) का चावल एकमुश्त प्रदान किया जाएगा। खाद्य विभाग (CG News) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य वितरण प्रणाली को सुचारू बनाना और कार्ड धारकों को अग्रिम राहत पहुँचाना है। सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को समय पर भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए हैं।
    किसे मिलेगा कौन सा राशन?

    इस विशेष वितरण योजना (CG News) के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता राशन कार्ड धारकों को उनकी निर्धारित पात्रता के अनुसार फोर्टिफाइड चावल (पोषण युक्त चावल) दिया जाएगा। वहीं, राज्य योजना के सामान्य एपीएल कार्ड धारकों को उनकी मासिक पात्रता के अनुसार चावल का वितरण होगा। चावल के अतिरिक्त, फरवरी माह के लिए नमक, शक्कर और गुड़ का आबंटन भी जारी किया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को सभी आवश्यक सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें।

    अंत्योदय और प्राथमिकता कार्ड वालों को प्राथमिकता

    राज्य योजना के दायरे में आने वाले अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित और दिव्यांग राशनकार्ड धारकों को फरवरी में ही दो माह की पात्रता का चावल मिलेगा। इन कार्ड धारकों को उनकी निर्धारित मात्रा के अनुसार सामान्य (नॉन-फोर्टिफाइड) चावल का वितरण किया जाएगा। सरकार ने इस आबंटन को एकमुश्त जारी किया है और राशन दुकानों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने गोदामों में पर्याप्त स्टॉक जमा कर लें ताकि किसी भी कार्ड धारक को खाली हाथ न लौटना पड़े।
    फोर्टिफाइड राइस का भी होगा वितरण

    राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता कार्ड धारकों को उनकी नियमित पात्रता के अनुसार फोर्टिफाइड चावल दिया जाएगा। खाद्य विभाग के मुताबिक, इन परिवारों के लिए फरवरी का नियमित कोटा जारी कर दिया गया है। फोर्टिफाइड चावल पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जिसे सरकार कुपोषण से लड़ने के लिए वितरित कर रही है। वितरण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए स्थानीय स्तर पर टीमें भी गठित की गई हैं।
    चावल के साथ नमक और शक्कर की भी व्यवस्था

    केवल चावल ही नहीं, बल्कि अन्य जरूरी खाद्य सामग्री का आबंटन भी जारी कर दिया गया है। सामान्य एपीएल (APL) कार्ड धारकों के लिए फरवरी का मासिक कोटा दुकानों तक भेज दिया गया है। इसके अलावा फरवरी महीने के लिए नमक, शक्कर और गुड़ की मात्रा भी तय कर दी गई है। उचित मूल्य की दुकानों को साफ तौर पर कहा गया है कि वे आबंटन के अनुसार ही सामग्रियों का वितरण करें और पारदर्शिता बनाए रखें।
    ई-पॉस मशीन से होगा सत्यापन

    राशन लेने के लिए हितग्राहियों को बायोमेट्रिक प्रक्रिया से गुजरना होगा। चूंकि इस बार दो महीने का चावल एक साथ मिल रहा है, इसलिए ई-पॉस मशीन में फरवरी और मार्च के लिए अलग-अलग अंगूठा लगाना (बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण) अनिवार्य होगा। खाद्य विभाग के सॉफ्टवेयर में इसके लिए जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। दुकानदारों को सलाह दी गई है कि वे उपभोक्ताओं को पहले से इसकी जानकारी दे दें ताकि सत्यापन के दौरान समय कम लगे।
    भंडारण और स्टॉक की स्थिति मजबूत

    खाद्य विभाग ने आश्वस्त किया है कि नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) के गोदामों और उचित मूल्य की दुकानों में अनाज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने वितरण की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए विशेष टीम तैनात की है जो रोजाना स्टॉक और वितरण की रिपोर्ट चेक करेगी। यदि किसी दुकान पर राशन की कमी पाई जाती है, तो वहां तुरंत अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इस फैसले से गरीब परिवारों को अग्रिम राशन मिलने से काफी मदद मिलेगी।

    बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य

    राशन वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने ई-पास (e-PoS) मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को अनिवार्य रखा है। चूंकि इस बार दो महीने का राशन एक साथ दिया जा रहा है, इसलिए हितग्राहियों को मशीन पर दो बार (पृथक-पृथक) अंगूठा लगाकर प्रमाणीकरण करना होगा। एईपीडीएस (AePDS) सॉफ्टवेयर में इसके लिए आवश्यक तकनीकी बदलाव किए गए हैं। दुकानदारों को भी निर्देशित किया गया है कि वे उपभोक्ताओं को इस प्रक्रिया के बारे में पहले से जानकारी दें ताकि दुकानों पर अनावश्यक भीड़ न लगे।
    भंडारण और निगरानी के कड़े निर्देश

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि दो महीने का राशन एकमुश्त (CG News) देने के कारण उचित मूल्य की दुकानों में पर्याप्त स्टॉक होना अनिवार्य है। खाद्य विभाग के नियंत्रकों ने पुष्टि की है कि गोदामों से चावल का उठाव तेजी से किया जा रहा है और वितरण की निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। हालांकि, मिलिंग की धीमी गति के कारण कुछ क्षेत्रों में स्टॉक की चुनौतियों की चर्चा थी, लेकिन विभाग ने दावा किया है कि वितरण में कोई बाधा नहीं आएगी और प्रत्येक पात्र परिवार को उनका हक समय पर मिलेगा।

  • ट्रैफिक से राहत की तैयारी: नोएडा में मेट्रो विस्तार को मिली रफ्तार, इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा

    ट्रैफिक से राहत की तैयारी: नोएडा में मेट्रो विस्तार को मिली रफ्तार, इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा

    नई दिल्ली
    सरकार की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि यह प्रोजेक्ट ज्यादा भीड़भाड़ वाले कॉरिडोर (ब्लू और मैजेंटा लाइन) के साथ सीधी कनेक्टिविटी भी देगा, यह नया विस्तार मौजूदा एक्वा लाइन को दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ सीधे जोड़ेगा।
     
    साकेंद्र सरकार ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों को एक बड़ी सौगात देते हुए यहां मेट्रो के विस्तार को हरी झंडी देते हुए एक नई लाइन को मंजूरी दे दी है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार ने नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक करीब 11.56 किमी लंबे एक्सटेंशन (विस्तार) कॉरिडोर को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी। इस नई लाइन पर आठ एलिवेटेड (ऊंचाई पर) स्टेशन बनाए जाएंगे। इस कॉरिडोर के बनने से ना केवल नोएडा बल्कि ग्रेटर नोएडा के यात्रियों के लिए भी दिल्ली तक का सफर बहुत आसान हो जाएगा और उनके समय की भी भारी बचत होगी।

    नोएडा व ग्रेटर नोएडा में 61.62 Km का हो जाएगा मेट्रो रेल नेटवर्क
    सरकार ने बताया कि इस नए कॉरिडोर के चालू होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल का सक्रिय नेटवर्क क्षेत्र बढ़कर 61.62 किलोमीटर हो जाएगा। शनिवार को इस फैसले के बारे में जानकारी देते हुए केंद्र सरकार ने बताया कि यह नया विस्तार कॉरिडोर, नोएडा के सार्वजनिक परिवहन ढांचे में एक मील का पत्थर साबित होगा, साथ ही यह परियोजना शहर की बुनियादी सुविधाओं में एक बड़ा सुधार भी है।

    बॉटनिकल गार्डन में ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ सीधा इंटरचेंज
    सरकार की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि यह प्रोजेक्ट ज्यादा भीड़भाड़ वाले कॉरिडोर (ब्लू और मैजेंटा लाइन) के साथ सीधी कनेक्टिविटी भी देगा, यह नया विस्तार मौजूदा एक्वा लाइन को दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ सीधे जोड़ेगा, साथ ही इससे बॉटनिकल गार्डन पर इंटरचेंज लाइन भी मिलेगी। इसका फायदा बताते हुए सरकार ने बताया कि इंटरचेंज की सुविधा मिलने से यात्रियों को दिल्ली और अन्य हिस्सों में जाने के लिए बार-बार साधन बदलने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।

    बनाया जाएगा 11.56 किलोमीटर की लम्बाई वाला ट्रैक
    बयान में कहा गया कि इस कॉरिडोर से लगभग 11.56 किलोमीटर की लम्बाई का ट्रैक बनेगा और शहर में सार्वजनिक यातायात भी बेहतर होगा। साथ ही यह प्रोजेक्ट बहुत ज्यादा चहल-पहल वाले कॉरिडोर के साथ सीधी कनेक्टिविटी भी देगा, जिसमें बॉटनिकल गार्डन पर इंटरचेंज, ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन शामिल हैं। इस कॉरिडोर की वजह से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में तरक्की दिखाई देगी और नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक का एक्सटेंशन कॉरिडोर नोएडा मेट्रो रेल नेटवर्क के एक बड़े विस्तार के तौर पर काम करेगा।

    सरकार ने कहा कि नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक एक्सटेंशन कॉरिडोर न सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ाएगा बल्कि इकॉनमिक एक्टिविटी को भी बढ़ावा देगा और शहर में रहने वालों और नौकरी, बिजनेस, एजुकेशन और दूसरे कामों से सामान्य रूप से आने-जाने वालों के लिए भी आना-जाना आसान बनाएगा।

    पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने एक्स पर दी जानकारी
    उधर इस बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लिखा, ‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक मेट्रो कॉरिडोर के एक्सटेंशन को मंजूरी दे दी है। इस कॉरिडोर की लंबाई 11.56 किलोमीटर होगी और इसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। इस कॉरिडोर के चालू होने पर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा शहर में 61.62 Km का एक्टिव मेट्रो रेल नेटवर्क होगा। नोएडा सेक्टर 142 से नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक का यह कॉरिडोर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में एक बड़ी तरक्की दिखाता है।’

  • गिलगित-बाल्टिस्तान में खनिज दोहन विवाद: रेअर अर्थ की चाह में पाकिस्तान, स्थानीयों ने लगाए ज्यादती के आरोप

    गिलगित-बाल्टिस्तान में खनिज दोहन विवाद: रेअर अर्थ की चाह में पाकिस्तान, स्थानीयों ने लगाए ज्यादती के आरोप

    वाशिंगटन
    पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान (पीओजीबी) में सियासी हालात संजीदा हो चले हैं। चीन के अलावा, पाकिस्तान अब अमेरिकी और सेंट्रल एशियाई कंपनियों से भी इस इलाके में संसाधनों के दोहन में शामिल होने की गुजारिश कर रहा है। एक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में कजाकिस्तान और इंडोनेशिया ने गिलगित- बाल्टिस्तान के सोने और तांबे की माइन्स में निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई है। कई स्थानीय कार्यकर्ता मानते हैं, "गिलगित-बाल्टिस्तान में अस्थिरता की एक मुख्य वजह स्ट्रेटेजिक लोकेशन और रेयर अर्थ्स की मौजूदगी है। पाकिस्तानी सेना स्थानीय लोगों को मुआवजा दिए बिना उनके संसाधनों का फायदा उठाना चाहती है। पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान में एक गैर-कानूनी और गैर-संवैधानिक लैंड रिफॉर्म एक्ट लागू किया है, जिससे प्राकृतिक संसाधन का गलत इस्तेमाल जारी है। जब स्थानीय सही हिस्सा मांगते हैं, तो पाकिस्तान रॉयल्टी देने से मना कर देता है, यह कहते हुए कि सियासी दिक्कत यह है कि जमीन विवादित जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बनी हुई है और इसलिए संवैधानिक और आर्थिक मजबूरियों के चलते इस पर मालिकाना हक नहीं जताया जा सकता।"
    पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान के रहने वाले सेंगे सेरिंग ने वाशिंगटन के ग्लोबल स्ट्रैट व्यू के जरिए ये खुलासा किया है।
    सेरिंग, जो अब वाशिंगटन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर गिलगित बाल्टिस्तान स्टडीज (आईजीबीएस) के प्रमुख हैं, ने विस्तार से बताया कि यह देखते हुए कि रेयर अर्थ एलिमेंट का प्रसंस्करण और आपूर्ति कुछ ही देशों में केंद्रित है, गिलगित बाल्टिस्तान की भौगोलिक स्थिति प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के रेयर अर्थ सप्लाई चेन में विविधता लाने के प्रयासों को पूरा करती है।
    उन्होंने बताया कि तंगिर और गिलगित बाल्टिस्तान की आस-पास की घाटियां दुनिया भर में जानी-मानी मिनरल हॉटस्पॉट हैं – जहां मोनाजाइट, चेवकिनाइट, लैंथेनम, समैरियम, प्रेज़ोडायमियम, नियोडिमियम, सेरियम, टाइटेनियम, थोरियम और दूसरे रेयर अर्थ एलिमेंट्स बहुत अधिक हैं। चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड की कोशिशों से पाकिस्तान को (अपने कब्जे वाले इलाके को) एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप के चौराहे पर एक रेयर-अर्थ हब बनाने में मदद मिल रही है।
    उन्होंने वर्तमान हालातों को ध्यान में रख एक अपील की है। कहा है, "इन हालात में, गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों को एकजुट रहना चाहिए और कब्जा करने वाले पाकिस्तानी औपनिवेशिक मालिकों को निकालने की अपनी कोशिशें जारी रखनी चाहिए, जो सिर्फ कुदरती दौलत और आने-जाने के रास्तों का फायदा उठाने और उनका गलत इस्तेमाल करने में दिलचस्पी रखते हैं, जबकि वहां के लोगों को उनके जरूरी सियासी और संवैधानिक अधिकार नहीं देते। यह लगन और हिम्मत आखिरकार गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों को भारत के संवैधानिक नागरिक के तौर पर लद्दाख में शामिल होने और इलाके और पहचान दोनों की रक्षा करने में मदद करेगी।"
    गुरुवार को, पाकिस्तानी मीडिया ने बताया कि पीओजीबी में डायमर की तंगिर घाटी में एक गाड़ी के पास एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) फटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक आर्मी मेजर समेत तीन अन्य घायल हो गए।
    सेरिंग, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके के सबसे जाने-माने जानकारों में से एक हैं, ने कहा कि कमांडर मौलाना आमिर हमजा से जुड़े एक आतंकवादी सेल ने हमले से पहले एक बयान दिया था, जिसमें बताया गया था कि वे गिलगित बाल्टिस्तान के डायमर जिले से हैं और पाकिस्तानी सेना, जिसमें आईएसआई और एमआई जैसी सीक्रेट एजेंसियां के अलावा पुलिस भी शामिल हैं, पर हमले करते हैं।
    सेरिंग ने ग्लोबल स्ट्रैट व्यू में लिखा, "उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना गिलगित बाल्टिस्तान को कंट्रोल करने के लिए फूट डालो और राज करो की स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल करती है। गिलगित बाल्टिस्तान के शिया और सुन्नी नेताओं, जिसमें आगा राहत भी शामिल हैं, को दिए एक बयान में, ग्रुप ने कहा कि अगर पहले आगा राहत या काजी निसार पर सांप्रदायिक हमले हुए हैं, तो यह पाकिस्तान की सेना और उनके एजेंटों का काम है ताकि स्थानीय लोगों के बीच झगड़ा और फूट पैदा की जा सके।"

  • फिल्म से मिली प्रेरणा या भटका रास्ता? उस्मान तारिक ने नौकरी छोड़ी, अब भारत के लिए चुनौती

    फिल्म से मिली प्रेरणा या भटका रास्ता? उस्मान तारिक ने नौकरी छोड़ी, अब भारत के लिए चुनौती

    इस्लामाबाद   
    पाकिस्तान के स्टार स्पिनर उस्मान तारिक भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले अपनी बॉलिंग एक्शन को लेकर काफी चर्चा में है। इस हाईवोल्टेज मैच से पहले स्पिनर उस्मान तारिक ने अपनी क्रिकेट करियर से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि एमएस धोनी की वजह से उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक ने कहा कि उन्होंने क्रिकेट छोड़कर दुबई में सेल्समैन की नौकरी कर ली थी और क्रिकेट में बड़ा नाम बनाने की उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन 2016 में एमएस धोनी की बायोपिक देखने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई। इस फिल्म ने उन पर इतना गहरा प्रभाव डाला कि उनके सोचने का तरीका ही बदल गया।

    उस्मान तारिक ने एएफपी को दिए इंटरव्यू में कहा, "मैंने क्रिकेट में नाम कमाने का ख्याल छोड़ दिया था, लेकिन एक दिन मैंने यह फिल्म देखी और उसने मुझे विश्वास दिलाया कि मैं भी ऐसा ही कुछ कर सकता हूं।" फिल्म में धोनी की संघर्षपूर्ण जिंदगी, टिकट कलेक्टर की नौकरी के साथ क्रिकेट का सपना और आखिरकार सफलता की कहानी ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने दुबई की नौकरी छोड़ दी और पाकिस्तान लौटकर क्रिकेट पर फोकस किया।

    उन्होंने आगे कहा, ''पिछले साल जब मैं अपनी शादी की रस्मों में व्यस्त था, तब मेरे कोच ने मुझे पाकिस्तान टीम में चुने जाने की खबर दी। शुरुआत में मुझे लगा कि कोई मेरे साथ मजाक कर रहा है। लेकिन वह खबर सच थी, इसलिए मुझे लगता है कि मेरी पत्नी मेरे लिए लेडी लक (किस्मत) लेकर आई हैं।"

    उस्मान तारिक अपनी रहस्यमयी स्पिन और अनोखे गेंदबाजी एक्शन (जिसमें वे गेंद फेंकने से पहले एक पल के लिए रुकते हैं) के कारण चर्चा में हैं। उन्हें भारत के खिलाफ होने वाले मैच में पाकिस्तान का एक्स फैक्टर माना जा रहा है। भारत के खिलाफ मुकाबले पहले उस्मान तारिक की गेंदबाजी एक्शन पर सवाल भी उठ रहे हैं। लेकिन उस्मान ने साफ किया कि उनकी कोहनी में 'डबल जॉइंट' (दो कोहनियां) होने के कारण उनका हाथ प्राकृतिक रूप से मुड़ता है। उन्हें आईसीसी के नियमों के तहत दो बार क्लियर किया जा चुका है।

    मैदान पर भारत पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप में आठ मैचों में सात जीत के अपने शानदार रिकॉर्ड के दम पर फेवरेट के तौर पर उतरेगा, जिसमें पिछले साल एशिया कप में मिली जीत भी शामिल है। पिच धीमे गेंदबाजों की मददगार है और पाकिस्तान के पास उस्मान तारिक, सईम अयूब, अबरार अहमद, शादाब खान और मोहम्मद नवाज जैसे स्पिनर हैं। तारिक का गेंदबाजी एक्शन पहले ही र्चा का विषय बन चुका है और भारतीय बल्लेबाजों से उनकी टक्कर रोचक रहेगी।

  • पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया के 3 ट्रम्प कार्ड, कोलंबो में SKY की रणनीति पर नजर

    पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया के 3 ट्रम्प कार्ड, कोलंबो में SKY की रणनीति पर नजर

    कोलंबो

    आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) का 27वां मुकाबला रविवार, 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान (IND vs PAK) के बीच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाएगा। तो आइए आज इस खास आर्टिकल के जरिए हम आपको बताते हैं टीम इंडिया के उन तीन खिलाड़ियों के बारे में जो कि पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में इंडियन कैप्टन सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) के ट्रम्प कार्ड साबित हो सकते हैं।

    हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya): हमने अपनी इस लिस्ट में सबसे पहले भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या का नाम रखा है। ये 32 साल का खिलाड़ी अपनी बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग तीनों के दम पर ही पाकिस्तानी टीम की धज्जियां उड़ाने की काबिलियत रखता है। टी20 इंटरनेशनल में हार्दिक के नाम 131 मैचों में लगभग 145 की स्ट्राइक रेट से 2,128 रन और 107 विकेट दर्ज हैं। बता दें कि उन्होंने T20I में पाकिस्तान के 9 मैचों में 15 विकेट निकाले हैं और 98 रन बनाए हैं।

    तिलक वर्मा (Tilak Varma): इस खास लिस्ट में हमने दूसरे नंबर पर 23 साल के युवा बल्लेबाज़ तिलक वर्मा को जगह दी है। याद दिला दें कि पिछली बार जब एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत-पाक की टक्कर हुई थी तब तिलक ही संकटमोचन साबित हुए थे। उन्होंने दुबई के मैदान पर 53 गेंदों पर नाबाद 69 रनों की पारी खेलकर भारतीय टीम को शानदार जीत दिलाई थी।

    खास बात ये है कि तिलक पाकिस्तान के सामने 3 मैचों में 130 की औसत से 130 रन ठोक चुके हैं। उनके नाम T20I में 42 मैचों में 48 की औसत से 1233 रन दर्ज हैं।

    कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav): कोलंबो के मैदान पर स्पिन गेंदबाज़ों के लिए जरूर मदद रहेगी, यही वज़ह है हमारी लिस्ट में शामिल तीसरे और आखिरी खिलाड़ी टीम इंडिया के सबसे अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव हैं। 31 साल के कुलदीप देश के लिए 53 टी20 इंटरनेशनल में 94 विकेट चटका चुके हैं। सबसे जरूरी बात उन्होंने पाकिस्तान के सामने 3 मैचों में 8 विकेट निकाले हैं। एशिया कप 2025 के फाइनल में तो उन्होंने अपने कोटे के 4 ओवर में सिर्फ 30 रन देकर पाकिस्तान के 4 खिलाड़ियों को समेट दिया था।

    चामिंडा वास ने बताया, फाइनल को लेकर की बड़ी भविष्यवाणी

     श्रीलंका के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज चामिंडा वास ने साफ कहा, भारत-पाक मैच का नतीजा स्किल से ज्यादा प्रेशर हैंडलिंग तय करेगी. वास के मुताबिक, “जो टीम दबाव को बेहतर तरीके से झेलेगी, वही बाजी मारेगी.”

    पाकिस्तान के किन खिलाड़ियों से भारत को खतरा?

    चामिंडा वास ने पाकिस्तान की ओर से दो नाम खास तौर पर लिए जो बाबर आजम और शाहीन शाह अफरीदी का रहा. उन्होंने कहा कि भारत को जीत के लिए इन दोनों के असर को सीमित करना होगा.

    भारत के मैच-विनर कौन?

    भारतीय टीम पर बात करते हुए वास ने कई खिलाड़ियों को गेम-चेंजर बताया जिसमे अभिषेक शर्मा जो तेज शुरुआत से विपक्ष पर दबाव डालते हैं और जसप्रीत बुमराह जो डेथ ओवरों के सबसे भरोसेमंद हथियार हैं. इसके साथ ही वास ने सूर्यकुमार यादव का नाम भी लिया, सूर्या 360-डिग्री शॉट्स से किसी भी अटैक को तोड़ने की क्षमता रखते है और USA के खिलाफ इसकी झलक भी दिखाई. इस कड़ी में उन्होंने हार्दिक पांड्या का भी नाम शामिल किया जो बैट-बॉल दोनों से संतुलन बनाने में माहिर हैं और संजू सैमसन को भी मैच विनर कि लिस्ट में शामिल किया जो मिडिल ऑर्डर में एक्स-फैक्टर साबित हो सकते हैं.

    वास का मानना है कि भारत की ताकत उसकी गहराई और हरफनमौला खिलाड़ी हैं, जो अलग-अलग परिस्थितियों में मैच जीता सकते हैं.

    इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें

    अभिषेक शर्मा
    भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पाकिस्तान के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो सकते हैं। अभिषेक अगर फिट होकर पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला खेलते हैं, तो ये पाक टीम के लिए बुरी खबर होगी। शर्मा ने एशिया कप में पाकिस्तानी गेंदबाजों को खूब परेशान किया था और उन्होंने शाहीन अफरीदी को पहली गेंद पर छक्का लगाया था। अभिषेक की आक्रामक बल्लेबाजी से पाकिस्तानी गेंदबाज दबाव में आ जाते हैं और इसी वजह से बाएं हाथ के बल्लेबाज पर सभी निगाहें रहने वाली हैं।

    वरुण चक्रवर्ती
    भारत के स्पिनर वरुण चक्रवर्ती अपनी स्पिन के जाल से बल्लेबाजों को फंसाने में माहिर है। वे इस समय टी20 के दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज हैं और उनकी विविधता के कारण बल्लेबाजों को पढ़ने में आसानी नहीं होती। कोलंबो की पिच आमतौर पर स्पिनर्स को मदद करती है और ऐसे में वरुण और भी घातक हो सकते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ होने इस मुकाबले में वरुण पर भी सभी की नजरें टिकी होंगी।