Author: NewseDay

  • Starlink पर चीन का प्रतिबंध, भारत में एलन मस्क से टकराव क्यों? जानिए पूरा मामला

    Starlink पर चीन का प्रतिबंध, भारत में एलन मस्क से टकराव क्यों? जानिए पूरा मामला

     नई दिल्ली 
    भारत में स्टारलिंक के लाइसेंस का मामला बढ़ता जा रहा है. सैटकॉम कंपनी स्टारलिंक के बॉस Elon Musk ने भारत में मंजूरी ना मिलने को लेकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की है और कुछ गंभीर आरोप भी लगाए. अब Elon Musk से अब पूछा जा रहा है कि चीन में भी Starlink बैन है, तो वहां इतनी नारागजी क्यों नहीं जताते हैं। 

    दरअसल, भारतीय मूल के शोधकर्ता और लेखक राजीव मल्होत्रा ने X प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया है और Elon Musk से सवाल किया है. पोस्ट में लिखा है कि Elon Musk चीन में स्टारलिंक पर प्रतिबंध है, उसके बावजूद वह वहां के खिलाफ इस तरह की नाराजगी जाहिर क्यों नहीं करते हैं। 

    दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक मस्क ने चीन में टेस्ला बिजनेस को लेकर भारी इनवेस्टमेंट की है. इसके बावजूद वहां स्टारलिंक की सर्विस को अभी तक परमिशन नहीं मिली है। 

    X पोस्ट में राजीव मल्होत्रा ने कहा, एलन, चीन में स्टारलिंक को परमिशन क्यों नहीं मिली है. क्या वहां पर भी कोई चीनी उद्योगपति (ओलिमार्क) इसके पीछे की वजह है. चीन के अंदर आपने टेस्ला में भारी इनवेस्टमेंट किया है, फिर भी वहां स्टारलिंक की सर्विस ब्लॉक हैं। 

    राजीव मल्होत्रा का पोस्ट 
    बीते बुधवार को सोशल मीडिया का पोस्ट सर्कुलेट हो रहा था जिसमें दावा किया है कि मस्क ने भारत में स्टारलिंक की सेवाओं को रोकने के लिए 'ओलिगार्क' (कुछ प्रभावशाली उद्योगपति)  पर आरोप लगाए थे कि वे उनकी सर्विस को भारत में शुरू नहीं हो दे रहे हैं. हालांकि इस दौरान उन्होंने किसी भी शख्स का नाम नहीं लिया है। 

    अंंबानी का नाम और फिर राहुल का पोस्ट 
    इसके बाद उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की आलोचना की है और सवाल उठाया है कि क्या वह भारत के असली बॉस हैं. इसके बाद मस्क के पोस्ट के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने X प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर दिया। 

    देश की संप्रभुता से स्टारलिंक का संबंध
    मल्होत्रा ने बताया है कि स्टारलिंक का पूरा मामला सिर्फ टेक्नोलॉजी और सर्विस की क्वालिटी तक सीमित नहीं है. उन्होंने आगे बताया है कि इसका संबंध देश की संप्रभुता से भी है. उन्होंने बताया है कि देरी होने के पीछे कई वजह हैं। 

    सरकार अपनी प्रतिक्रिया दे चुकी है 
    मस्क के पोस्ट के बाद भारत सरकार भी अपनी प्रतिक्रिया दे चुकी है. सरकार बता चुकी है कि भारत में नियम सभी के लिए एक समान हैं और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया है। 

    सरकार की तरफ से साफ किया जा चुका है कि सैटकॉम के लिए तीन कंपनियों को लाइसेंस दिए हैं. इन सभी को सुरक्षा संबंधी प्रोसेस को पूरा करना होगा और फाइनल अप्रूवल का इंतजार करना होगा। 

    सरकार जिन तीन कंपनियों को मेंशन कर चुकी हैं, जिसमें Elon Musk की स्टारलिंक, रिलायंस जियो का सैटकॉम और भारती ग्रुप समर्थित यूटेलसैट वनवेब का नाम शामिल है। 

  • झारखंड-बंगाल के गांवों को मिलेगी रेल सुविधा, चांडिल से झाड़ग्राम तक बिछेगी नई रेललाइन

    झारखंड-बंगाल के गांवों को मिलेगी रेल सुविधा, चांडिल से झाड़ग्राम तक बिछेगी नई रेललाइन

     जमशेदपुर
     चांडिल को झाड़ग्राम को जोड़ने के लिए नई रेल परियोजना का फाइनल सर्वे शुरू हो गया है।
    इस परियोजना के तहत 127 किलोमीटर नया रेललाइन तैयार होगा जिससे झाड़ग्राम के लिए नई बाईपास भी बन जाएगा। जिससे रांची की ओर से आने वाली ट्रेनों को सहूलियत होगी और ट्रैफिक कम होगी।

    सांसद बिद्युत वरण महतो की पहल पर रेल मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस परियोजना को हरी झंड़ी दिखाते हुए 343.97 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।

    इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर चांडिल और नीमडीह क्षेत्र के अलावा बोड़ाम व पटमदा प्रखंड, कटिन, बांदवान और झाड़ग्राम क्षेत्र के सुदूर गांव भी रेललाइन से जुड़ जाएंगे।
    फाइनल लोकेशन सर्वे का काम शुरू

    इस परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे का काम शुरू हो गया है। इसके लिए रेल मंत्रालय द्वारा 3.81 करोड़ रुपये आवंटित किए गए है।

    इसके तहत रेलवे की तकनीकी टीम रूट का एलाइनमेंट तय करने, स्टेशनों के लिए स्थानों का चयन, ड्रोन व सैटेलाइट इमेज से जमीन का सर्वे शुरू किया है। फाइनल लोकेशन सर्वे का काम अगस्त 2027 तक चलेगी।

    इसमें मिट्टी की जांच से लेकर नदियों-नालों में बनने वाले पुलों के लोकेशन और प्रस्तावित स्टेशनों की जमीन की मापी कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।

    इस प्रोजेक्ट के तहत झारखंड में सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम बंगाल में झाड़ग्राम में प्रभावित होने वाले रैयती सहित सरकारी जमीन का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।

    चांडिल से झाड़ग्राम के लिए नई रेललाइन बनने की मांग मैंने ही रेल मंत्रालय से की थी। इस क्षेत्र में रेललाइन बनने से चांड़िल को बोड़ाम, पटमदा, कटिन और बांदवान जैसे सुदूर ग्रामीण क्षेत्र रेल सेवा से जुड़ जाएंगे। रेल मंत्रालय से स्वीकृति के बाद इसमें फाइनल लोकेशन का काम शुरू हुआ है।

    बिद्युत बरण महतो, सांसद, पूर्वी सिंहभूम

     

  • पटना में दवा के कारोबार की आड़ में शराब का खेल, छापेमारी में बरामदगी देख पुलिस भी हैरान

    पटना में दवा के कारोबार की आड़ में शराब का खेल, छापेमारी में बरामदगी देख पुलिस भी हैरान

    पटना
    बिहार की राजधानी पटना के शहरी इलाके में दवा की आड़ में दारू के धंधे का खुलासा हुआ है। राज्य औषधि नियंत्रक (ड्रग कंट्रोलर) ने शुक्रवार को कंकड़बाग पीसी कॉलोनी स्थित निजी दवा दुकान में छापेमारी की। दुकान में पहुंची छापेमारी टीम उस समय भौंचक्का रह गईं जब दुकान से एक्सपायर दवाओं के साथ-साथ बीयर और शराब की बोतलें मिलने लगीं। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। दुकान के मुख्य द्वार को सील कर दिया। छानबीन में पता चला कि दुकानदार पुलिस और प्रशासन की आंख में धूल झोंककर दवा की दुकान से ही दारू का धंधा किया जा रहा था।

    स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राज्य औषधि नियंत्रक ने पीसी कॉलोनी के डी-167 स्थित मेसर्स सेलुलस फार्मा प्राइवेट लि का कंकड़बाग थाने के साथ संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान दुकान मालिक मृत्युंजय कुमार सिंह उपस्थित रहे। विभाग ने बताया कि निरीक्षण के दौरान दवाओं की खरीद-बिक्री रिकॉर्ड एवं आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं किए गए। लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप साइनबोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया। औषधियों के भंडारण की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। प्रतिष्ठान के पास एक कमरे के लिए ड्रग लाइसेंस था, जबकि दवाएं चार कमरों में थीं। राज्य औषधि नियंत्रक ने बताया कि दो एक्सपायर दवाएं जब्त की गईं, जबकि सात के नमूने संग्रहित किए गए। प्रतिष्ठान को आवश्यक अभिलेख पांच दिनों के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

    प्रतिष्ठान के औचक निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान परिसर में बड़ी मात्रा में शराब की बोतले मिलीं जिससे ड्रग कंट्रोलर और उनकी टीम भौंचक रह गई। उन्होंने तुरंत पुलिस एवं उत्पाद विभाग को सूचित किया। पुलिस मौकेपर पहुंची और कार्रवाई की गई। शराब की बिक्री से जुड़े आरोपों के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

    बिहार में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। यहां शराब का उत्पादन,भंडारण, बिक्री, पीना या पिलाना सब गैर कानूनी है। शराबबंदी कानून के तहत अबतक लाखों लोग जेल जा चुके हैं और लाखों लीटर शराब को नष्ट किया जा चुका है। लेकिन, शातिर धंधेबाज भी मानने को तैयार नहीं हैं। तरह तरह के उपाए और जुगाड़ लगाकर शराब का धंधा कर रहे हैं। फल, सब्जी, बालू, गिट्टी, दवा जैसे सामानों के बीच छिपाकर पड़ोसी राज्यों से शराब बिहार में मंगाया जा रहा है। शराब की होम डिलेवरी धड़ल्ले से हो रही है। इस बीच राज्य के विभिन्न जिलों में जहरीली और मिलावटी शराब पीकर सैकड़ों की संख्या में लोगों की मौत भी हो चुकी है।

  • नवरात्रि से छठ तक अलर्ट मोड में यूपी पुलिस, CM योगी ने फील्ड में उतरने के दिए निर्देश

    नवरात्रि से छठ तक अलर्ट मोड में यूपी पुलिस, CM योगी ने फील्ड में उतरने के दिए निर्देश

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र, छठ पर्व और विजय दशमी के दृष्टिगत कड़े सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित कराए जाने के साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार रात वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक में कहा कि महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। नवरात्रि पर प्रमुख देवी मंदिरों में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी निगरानी सुनिश्चित किए जाने का निर्देश भी दिया। कहा कि ड्रोन से भी सघन निगरानी की जाए।

    मुख्यमंत्री ने शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा, सुगम यातायात और जनसुविधाओं में किसी स्तर पर कोई लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि बीट आरक्षी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक हर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी तत्परता और ईमानदारी से निभाए। कस्बों और नगरों में यातायात जाम की स्थिति न बने। शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक जोन और रेंज स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व पुलिस अधीक्षक फील्ड में भ्रमण करें और गश्त में शामिल हों। अधिकारी लोगों से सीधा संवाद करें। संवेदनशील क्षेत्रों व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पूरी सतर्कता बरती जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 अक्तूबर से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि, 18 अक्तूबर को दुर्गा अष्टमी, 19 अक्ब्तूबर को महानवमी और 20 अक्तूबर को विजयादशमी के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कहीं कोई चूक न हो। विंध्याचल धाम, देवीपाटन शक्तिपीठ, सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी, मां ललिता देवी शक्तिपीठ, नैमिषारण्य समेत सभी प्रमुख देवी मंदिरों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। इन स्थलों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सीसीटीवी कैमरों के से 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए। सभी पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों, यह प्रशासन और पुलिस की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    सीएम के निर्देश-
    -मिशन शक्ति केंद्र प्रभावी ढंग से संचालित हो

    -महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो

    -स्टंटबाजी करने वालों के विरुद्ध सघन अभियान चले

    -एंटी रोमियो स्क्वॉड की कार्रवाई तेज की जाए

    -पीस कमेटियों की बैठकें समय से कर ली जाएं

    -पंडालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था हो

    -डीजे का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप ही हो

    -प्रतिमाओं की ऊंचाई सुरक्षित मानकों के अनुसार ही रहे

    -माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रहे

    -शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर झूलते व ढीले बिजली तार ठीक किए जाएं

    -प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक व नाव का प्रबंध रहे

    -विसर्जन मार्गों पर चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन मौजूद रहें

    -सोशल मीडिया पर भी 24 घंटे कड़ी नजर रखी जाए

    -शिकायतकर्ता को 24 घंटे में संतोषजनक जवाब मिले

    -निर्विवाद राजस्व मामलों का निस्तारण अधिकतम 15 दिन में हो

    -किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता हो

    -कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगे

    -कोई सहकारी समिति खाद के अभाव में स्टॉक विहीन न रहे।

  • भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय

    भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय

    गन्ना किसानों के हित में बड़ा निर्णय: अब 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी गन्ने की खरीदी

    भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय

    अन्नदाता की खुशहाली और खेती को लाभकारी बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

    किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई सार्थक चर्चा, मुख्यमंत्री ने त्वरित पहल कर लिया किसान हितैषी निर्णय

    रायपुर, 
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के गन्ना किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शक्कर कारखानों में गन्ने की खरीदी अब 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किए जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता की खुशहाली ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का आधार है। किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिले, खेती लाभकारी बने और किसान परिवार आर्थिक रूप से निरंतर सशक्त हों, इसके लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री साय से आज भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में संगठन मंत्री मनीष शर्मा, महामंत्री नवीन शेष सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी उपस्थित थे।

    भेंट के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रदेश के किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। चर्चा के दौरान गन्ना उत्पादक किसानों के हितों से संबंधित विषय भी प्रमुखता से सामने आया। मुख्यमंत्री ने किसानों की भावनाओं और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर त्वरित पहल की और शक्कर कारखानों के लिए गन्ने की खरीदी 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से करने का निर्णय लिया।पेराई सत्र 2025- 26 में की गई खरीदी का भुगतान भी बढ़े हुए दर पर किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत को कम करने तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार भी किसानों के हितों को अपनी नीतियों और निर्णयों के केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है। किसानों की आवश्यकताओं और समस्याओं के प्रति सरकार संवेदनशील है तथा किसान हित से जुड़े विषयों पर प्राथमिकता से निर्णय लिए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण समृद्धि में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। खेती-किसानी मजबूत होगी तो गांव मजबूत होंगे और गांवों की समृद्धि से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का उचित और बेहतर मूल्य मिले तथा कृषि उनके लिए सम्मानजनक और लाभकारी आजीविका का सशक्त माध्यम बने।

    भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने गन्ना किसानों के हित में लिए गए इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर प्रतिफल प्राप्त होगा।

  • करमा परब महोत्सव में मुख्यमंत्री ने समाजजनों को दी शुभकामनाएं : युवाओं से शिक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक एकजुटता का किया आह्वान

    करमा परब महोत्सव में मुख्यमंत्री ने समाजजनों को दी शुभकामनाएं : युवाओं से शिक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक एकजुटता का किया आह्वान

    करमा तिहार हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    कंवर समाज ने सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत किया अनुकरणीय उदाहरण

    जनजातीय समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री साय

    करमा परब महोत्सव में मुख्यमंत्री ने समाजजनों को दी शुभकामनाएं : युवाओं से शिक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक एकजुटता का किया आह्वान

    कंवर समाज के सामाजिक भवनों एवं सांस्कृतिक मंच के लिए 90 लाख रुपए तथा राजधानी में प्रतिवर्ष करमा महोत्सव के आयोजन के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा

    रायपुर 
     करमा तिहार हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरा, आस्था और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का अनुपम प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने के साथ प्रकृति के संरक्षण, सामाजिक एकता और सामूहिकता का संदेश देता है। बदलते समय के बीच कंवर समाज ने अपनी सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और रीति-रिवाजों को सहेजकर नई पीढ़ी के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहना ही किसी समाज की वास्तविक शक्ति है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज युवा प्रभाग महानगर इकाई द्वारा आयोजित भव्य करमा परब महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री साय ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और करमा तिहार की खुशियां समाजजनों के साथ साझा कीं। उन्होंने भादो एकादशी व्रत एवं करमा तिहार की सभी समाजजनों और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कंवर समाज के लिए कोरबा जिले के मड़वारानी में सामाजिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपए, राजधानी रायपुर के टाटीबंध में सामाजिक भवन के लिए 25 लाख रुपए तथा कांकेर के ग्राम जेफरा में सांस्कृतिक मंच के लिए 15 लाख रुपए देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने राजधानी रायपुर में प्रतिवर्ष करमा महोत्सव के आयोजन के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इस भव्य आयोजन के लिए कंवर समाज युवा प्रभाग और सभी सामाजिक पदाधिकारियों की सराहना की।

    प्रकृति और मानव जीवन के अटूट संबंध का उत्सव है करमा तिहार

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि करमा तिहार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि प्रकृति और मानव जीवन के बीच अटूट संबंध का उत्सव है। इस पर्व में करम डार की पूजा की जाती है। समाज के बेटे-बेटियां श्रद्धा और आस्था के साथ उपवास रखकर विधि-विधान से करम डार की पूजा-अर्चना करते हैं। रात्रि जागरण में पारंपरिक करमा गीत और नृत्य उत्सव में उल्लास भरते हैं। अगले दिन करम डार के विसर्जन के पश्चात व्रत का पारण किया जाता है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा प्रकृति के प्रति हमारी श्रद्धा, विश्वास और संरक्षण की भावना को अभिव्यक्त करती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति को कभी केवल संसाधन नहीं माना, बल्कि उसे जीवन का आधार और हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग माना है। जल, जंगल और जमीन के साथ हमारा रिश्ता केवल आवश्यकता का नहीं, बल्कि आस्था और आत्मीयता का भी है। करमा तिहार जैसी परंपराएं इसी संबंध को पीढ़ी-दर-पीढ़ी मजबूत करती आई हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रकृति संरक्षण की इसी भावना को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के माध्यम से व्यापक जनअभियान का स्वरूप दिया है। देशभर में बड़ी संख्या में नागरिक इससे जुड़कर पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पौधरोपण को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    संस्कृति के संरक्षण के साथ शिक्षा और सामाजिक सुधार भी जरूरी

    मुख्यमंत्री साय ने कंवर समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि समाज अपनी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ शिक्षा और सामाजिक सुधार की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। विशेष रूप से नशामुक्ति को लेकर समाज के भीतर हो रही सार्थक पहल सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है।

    उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए शिक्षा, संस्कार, संगठन और जागरूकता आवश्यक हैं। हमारी युवा पीढ़ी आधुनिक शिक्षा, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़े, नए अवसरों का लाभ उठाए, लेकिन अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों को भी हमेशा साथ लेकर चले। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा सामाजिक एकजुटता को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि करमा परब महोत्सव का आयोजन युवा प्रभाग द्वारा किया जाना विशेष प्रसन्नता की बात है। यह इस बात का प्रमाण है कि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत को लेकर सजग है और उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी निभा रही है।

    जनजातीय समाज का उत्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे हैं। आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु विराजमान हैं। यह पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।

    मुख्यमंत्री साय ने आत्मीयता के साथ कहा कि आज छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री भी आपके बीच का आपका अपना ‘विष्णु भैया’ है। हमारी सरकार जनजातीय समाज के प्रत्येक परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और नई पीढ़ी को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को पक्के आवास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। इसी प्रकार धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से जनजातीय बहुल गांवों के समग्र विकास को गति दी जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ जनजातीय समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसके जीवन में वास्तविक बदलाव आए।

    युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा, रोजगार और खेल पर विशेष जोर

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय युवाओं सहित प्रदेश के सभी युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और खेल सुविधाओं का निरंतर विस्तार कर रही है। बस्तर अंचल में लंबे समय से बंद पड़े स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जनजातीय युवाओं की सुविधा के लिए दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 की गई है। इससे प्रदेश के अधिक युवाओं को देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिलेंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय रोजगार मेले के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य की नई औद्योगिक नीति में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि हमारे युवा केवल रोजगार प्राप्त करने वाले ही नहीं, बल्कि उद्यमी बनकर दूसरों को भी रोजगार देने वाले बनें।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए खेल अधोसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। जनजातीय अंचलों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सरकार का प्रयास है कि उन्हें उचित अवसर, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध हों।

    किसानों के हित में सरकार ने पूरे किए महत्वपूर्ण वादे

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार बनने के बाद किसानों से किया गया दो वर्षों के लंबित धान बोनस का वादा पूरा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती, सुशासन दिवस पर प्रदेश के  किसानों के खातों में 3,716 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीद रही है। किसानों की आर्थिक समृद्धि और कृषि क्षेत्र को मजबूत करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। सरकार का प्रयास है कि खेती लाभकारी बने और अन्नदाता किसान के जीवन में खुशहाली आए।

    वनांचल के परिवारों की आजीविका और सम्मान की चिंता

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वनांचल में रहने वाले परिवारों की आजीविका को मजबूत करने के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक को 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है। इससे प्रदेश के लाखों तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक भाई-बहनों के सम्मान और सुविधा को ध्यान में रखते हुए चरण पादुका योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है। वनांचल के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और उन्हें विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है।

    महतारी वंदन से बढ़ा माताओं-बहनों का आत्मविश्वास

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत लाखों महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि सीधे अंतरित की जा रही है। यह राशि महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति, बचत और छोटे स्तर पर आर्थिक गतिविधियां प्रारंभ करने में सहायक बन रही है।

    उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण पूरे परिवार और समाज को मजबूत करता है। महतारी वंदन योजना ने माताओं-बहनों के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी नई मजबूती दी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों के पक्के घर के सपने को पूरा करना भी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। सरकार गठन के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया। आज प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। इसी प्रकार दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के माध्यम से पात्र भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

    अपनी जड़ों से जुड़कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि करमा तिहार जैसे पर्व हमारी सामाजिक एकता, सामूहिक चेतना और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों की परंपराओं, रीति-रिवाजों और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना से परिचित होने का अवसर मिलता है।

    उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को सहेजते हुए शिक्षा, सामाजिक सुधार, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ें। अपनी जड़ों से जुड़े रहकर आधुनिक अवसरों का लाभ उठाएं और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।

    अखिल भारतीय कंवर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती कौशल्या साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का सदैव पालन करना चाहिए। पर्यावरण के साथ अनावश्यक छेड़छाड़ प्राकृतिक असंतुलन का कारण बनती है, इसलिए प्रकृति का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष डॉ. नंद कुमार साय, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, विधायक अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव, पूर्व कैबिनेट मंत्री ननकी राम कंवर, प्रदेश कंवर समाज के अध्यक्ष हरवंश सिंह मिरी, कंवर समाज रायपुर महानगर के अध्यक्ष मनोहर सिंह पैकरा सहित जनप्रतिनिधिगण, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

  • नवरात्र से छठ महापर्व तक फील्ड में रहें अधिकारी, जनता से सीधा संवाद करें: मुख्यमंत्री

    नवरात्र से छठ महापर्व तक फील्ड में रहें अधिकारी, जनता से सीधा संवाद करें: मुख्यमंत्री

    जनशिकायतों का 24 घंटे में मिले संतोषजनक जवाब, निर्विवाद राजस्व मामलों का 15 दिन में हो निस्तारण: मुख्यमंत्री

    शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक फील्ड में उतरें वरिष्ठ अधिकारी, जनता से सीधा संवाद करें: मुख्यमंत्री

    महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता, मिशन शक्ति केंद्रों को प्रभावी बनाएं, स्टंटबाजी पर कार्रवाई और एंटी रोमियो स्क्वॉड की सघन चेकिंग के निर्देश

    मुख्यमंत्री का निर्देश, अतिवृष्टि प्रभावितों को तत्काल राहत, 48 घंटे में नुकसान और राहत वितरण की रिपोर्ट दें, क्षतिग्रस्त आवासों वाले पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ मिले

    नवरात्र, दशहरा और छठ पर होंगे सुरक्षा के व्यापक प्रबंध, प्रमुख मंदिरों में होगी 24×7 सीसीटीवी निगरानी

    शोभायात्रा मार्ग, पूजा पंडालों के समीप मांस-मदिरा की दुकानों पर होगा प्रतिबंध

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन-प्रशासन के अधिकारियों को आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने और उनके समयबद्ध समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक वरिष्ठ अधिकारी स्वयं क्षेत्र में उतरें, जनता से सीधा संवाद करें और उसकी समस्याओं के समाधान की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें। शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अधिकतम 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब मिलना चाहिए। जनपद स्तर के साथ शासन स्तर पर भी जनशिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा की जाए। दाखिल-खारिज, पैमाइश, वरासत तथा जाति और आय प्रमाणपत्र से जुड़े प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण हो। निर्विवाद राजस्व मामलों का निस्तारण अधिकतम 15 दिन में किया जाए और प्रत्येक तहसील में लंबित प्रकरणों की सूची सार्वजनिक की जाए। निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा न होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

    शुक्रवार को शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों और जनहित से जुड़े विषयों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा, सुगम यातायात और जनसुविधाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बीट आरक्षी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी तत्परता और ईमानदारी से निभाए। कस्बों और नगरों में यातायात जाम की स्थिति न बने और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक जोन और रेंज स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक स्वयं क्षेत्र में भ्रमण करें, गश्त में शामिल हों और आमजन से सीधा संवाद स्थापित करें। संवेदनशील क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

    महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक थाने में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के साथ उन्हें आवश्यक सहायता, परामर्श और विधिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। स्टंटबाजी करने वालों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाने और एंटी रोमियो स्क्वॉड की कार्रवाई तेज करने को भी कहा, ताकि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

    मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। कोई भी सहकारी समिति खाद के अभाव में स्टॉक विहीन न रहे। जिलाधिकारी स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप खाद आवंटन के लिए कृषि विभाग को समय से सूचित करें। निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में समुचित व्यवस्था बनाए रखने, पात्र परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ दिलाने और सड़क कटिंग से जुड़ी समस्याओं का 31 अक्टूबर तक समाधान करने के निर्देश भी दिए।

    अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अगले 48 घंटे के भीतर वर्षा से हुए नुकसान और राहत वितरण की पूरी जानकारी राहत आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। जिन परिवारों के आवास पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को न्यूनतम करने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा।

    आगामी पर्व-त्योहारों के शांति और सौहार्दपूर्ण आयोजन के दृष्टिगत तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि, 18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी, 19 अक्टूबर को महानवमी और 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम आवागमन के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। विंध्याचल धाम (मीरजापुर), देवीपाटन शक्तिपीठ (बलरामपुर), सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी (सहारनपुर) और मां ललिता देवी शक्तिपीठ, नैमिषारण्य (सीतापुर) सहित सभी प्रमुख देवी मंदिरों में अतिरिक्त कार्मिक तैनात किए जाएं। इन स्थलों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित की जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सभी पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों, यह प्रशासन और पुलिस की सामूहिक जिम्मेदारी है। थाना, चौकी और जिला स्तर पर पीस कमेटियों की बैठकें आयोजित कर धर्मगुरुओं, आयोजन समितियों और स्थानीय नागरिकों से निरंतर संवाद बनाए रखा जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। दुर्गा पूजा पंडालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था हो और डीजे का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए। प्रतिमाओं की ऊंचाई सुरक्षित मानकों के अनुसार रखी जाए। विजयादशमी पर पुतला दहन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हों तथा माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर झूलते एवं ढीले विद्युत तारों को ठीक कराने, जर्जर खंभों और ट्रांसफार्मरों की जांच कराने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलियों और गड्ढों की मरम्मत के निर्देश दिए। मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश, साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नगर विकास एवं आवास विभाग नगरों में विशेष साफ-सफाई और साज-सज्जा कराए। प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, नाव, कुशल गोताखोर और जल पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन और चिकित्सा दल उपलब्ध रहें। मेलों एवं विसर्जन स्थलों पर खोया-पाया केंद्र, सहायता केंद्र और जन उद्घोषणा प्रणाली स्थापित की जाए। प्रमुख स्थलों की सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी के साथ सोशल मीडिया पर भी सतर्क नजर रखी जाए। शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर मांस और मदिरा की दुकानें न लगने दी जाएं। परिवहन विभाग यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन करे और बस स्टेशनों पर स्वच्छता बनाए रखे। भीड़ और वाहनों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सुगम यातायात, प्रभावी डायवर्जन और पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि शांति और कानून-व्यवस्था में बाधा डालने वाले तत्वों से सख्ती से निपटा जाए।

  • देश में बिजली की खपत बढ़ने से दबाव, छत्तीसगढ़ में बेहतर आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश जारी

    देश में बिजली की खपत बढ़ने से दबाव, छत्तीसगढ़ में बेहतर आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश जारी

    देशभर में बढ़ी बिजली की मांग के बीच छत्तीसगढ़ में आपूर्ति व्यवस्था बेहतर, पीक आवर्स में बढ़ रहा दबाव

    – मौसम परिवर्तन और उमस भरी गर्मी के साथ धान की सिंचाई के लिए कृषि पंपों का संचालन बढ़ने से मांग में वृद्धि

    रायपुर
    पूरे देश में बिजली की मांग बढ़ने के कारण विद्युत उपलब्धता पर दबाव बना हुआ है। उमस भरी गर्मी, कोयले की उपलब्धता में कमी तथा सभी राज्यों में बढ़ी हुई मांग इसके प्रमुख कारण हैं। छत्तीसगढ़ में भी बिजली की मांग बढ़ी है, हालांकि अन्य राज्यों की तुलना में यहां स्थिति बेहतर है।

    छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने बताया कि हाल के दिनों में बिजली की मांग में अचानक भारी वृद्धि दर्ज की गई है। पावर एक्सचेंज में भी बिजली की उपलब्धता सीमित होने तथा ग्रिड की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अस्थायी स्थिति बनी हुई है।
    वितरण कंपनी स्थानीय औद्योगिक इकाइयों को हो रही परिचालन समस्याओं से पूरी तरह अवगत है। उन्होंने कहा कि वन नेशन, वन ग्रिड के तहत देश की विद्युत प्रणालियां एकीकृत ग्रिड से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में ग्रिड अनुशासन, सुरक्षा और संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। विद्युत ग्रिड की सुरक्षा, स्थिरता और संतुलन बनाए रखना पावर कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
    बिजली की मांग और आपूर्ति के अंतर को दूर करने तथा उद्योगों को अधिकतम बिजली उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तकनीकी व प्रबंधकीय उपाय प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं। 
    वितरण कंपनी राज्य के उद्योगों को नियमित विद्युत आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है।  जल्द से जल्द सुचारू और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किये जा रहे हैं।
    दिन के समय प्रदेश में बिजली की उपलब्धता पर्याप्त है। शाम के पीक आवर्स में मांग में अचानक वृद्धि होने के कारण कुछ समय के लिए विद्युत व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है।  उपलब्ध बिजली का बेहतर प्रबंधन करते हुए सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

    प्रदेश में वर्तमान औसत मांग करीब 6000 मेगावाट है, इसकी पूर्ति के लिए उपलब्ध बिजली के साथ पावर एक्सचेंज से अतिरिक्त बिजली खरीदी जा रही है। देशभर के सभी राज्यों में मांग अधिक होने के कारण पावर एक्सचेंज में बिजली की उपलब्धता सीमित है। आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त बिजली मिलना कठिन हो रहा है।

    बीती रात भी प्रदेश की अतिरिक्त आवश्यकता की पूर्ति के लिए उत्तर प्रदेश से करीब 200 मेगावाट बिजली 10 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदी गई।

    धान में सिंचाई के लिए बड़ी संख्या में कृषि पंप संचालित हो रहे हैं। मौसम में परिवर्तन और उमस भरी गर्मी के कारण भी बिजली की खपत बढ़ी है।

    कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री कंवर ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियां केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देशभर में बिजली की बढ़ी मांग का असर विद्युत उपलब्धता पर पड़ा है। छत्तीसगढ़ में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए अतिरिक्त बिजली की खरीद के प्रयास किए जा रहे हैं। सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था संचालित की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि विद्युत कंपनी की प्राथमिकता विद्युत प्रणाली को सुरक्षित और स्थिर बनाए रखते हुए उपभोक्ताओं को अधिकतम संभव बिजली उपलब्ध कराना है। मांग और उपलब्धता की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार बिजली की अतिरिक्त व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं।

     

  • मुफ्त राशन योजना पर बड़ा अपडेट, मोबाइल खरीदने की खबर निकली भ्रामक; विभाग ने किया खंडन

    मुफ्त राशन योजना पर बड़ा अपडेट, मोबाइल खरीदने की खबर निकली भ्रामक; विभाग ने किया खंडन

    मुफ्त राशन के लिए मोबाइल खरीदना जरूरी नहीं: खाद्य एवं रसद विभाग ने सोशल मीडिया की भ्रामक खबरों का किया खंडन

    बायोमेट्रिक और आइरिस स्कैन ही मुख्य आधार, नहीं बदला नियम

    बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए ओटीपी मात्र वैकल्पिक व्यवस्था, नया फोन लेना अनिवार्य नहीं

    लखनऊ
    सोशल मीडिया पर मुफ्त राशन प्राप्त करने के लिए नया मोबाइल खरीदने और ओटीपी सत्यापन अनिवार्य किए जाने को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग ने विराम लगा दिया है। विभाग के अपर आयुक्त सत्यदेव द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि मुफ्त राशन प्राप्त करने के लिए किसी भी लाभार्थी को नया मोबाइल खरीदने की कोई आवश्यकता नहीं है। विभाग ने आमजन से ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न देने की अपील की है।

    बायोमेट्रिक और आइरिस स्कैन ही मुख्य आधार, नहीं बदला नियम

    खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार, प्रदेश में उचित दर दुकानों पर स्थापित ई-पॉस मशीनों से इलेक्ट्रॉनिक वेइंग स्केल के जरिए तौलकर पहले की तरह ही पारदर्शी तरीके से राशन वितरित किया जा रहा है। यदि किसी लाभार्थी का फिंगरप्रिंट पहली बार में मैच नहीं होता, तो उसे उसी दिन दो अतिरिक्त मौके दिए जाते हैं। इसके बाद भी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण न होने पर आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन का विकल्प उपलब्ध है। इसके अलावा, राशन कार्ड में दर्ज परिवार का कोई भी अन्य सदस्य सत्यापन कराकर खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है।

    बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए ओटीपी मात्र वैकल्पिक व्यवस्था, नया फोन लेना अनिवार्य नहीं

    विभाग ने स्पष्ट किया है कि ओटीपी आधारित वितरण की सुविधा कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद वर्ष 2017 से ही निरंतर प्रभावी है। यह सुविधा केवल उन अत्यंत वृद्ध, दिव्यांग या गंभीर रूप से बीमार राशन कार्ड धारकों के लिए एक वैकल्पिक उपाय है, जिनका किसी भी तरह से बायोमेट्रिक या आइरिस मिलान संभव नहीं हो पाता। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 3.41 करोड़ से अधिक राशनकार्डों में से मात्र 83,093 कार्डों पर ही ओटीपी आधारित वितरण हुआ है, जो कुल लेनदेन का नगण्य हिस्सा है। अतः इसके लिए नया मोबाइल खरीदने की बात पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक है।

  • स्वामित्व अधिकार अभिलेख हस्तांतरण योजना से ग्रामीणों को राहत, CM मोहन यादव ने सौंपे रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र

    स्वामित्व अधिकार अभिलेख हस्तांतरण योजना से ग्रामीणों को राहत, CM मोहन यादव ने सौंपे रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों को वितरित किये रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र

    स्वामित्व अधिकार अभिलेख हस्तांतरण योजना से मिला 10 हितग्राहियों को मालिकाना हक

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को हरदा जिले में आयोजित कार्यक्रम में स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण विलेख के निष्पादन योजना के अंतर्गत वर्ष 2026 के हितग्राहियों को रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम गोंदागांव के ग्रामीण निर्भयदास एवं भैयालाल को रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र प्रदान किये। इस दौरान अन्य आठ हितग्राहियों को भी रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र प्रदान किए।

    मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र ग्रामीणजन को उसकी भूमि का अधिकार मिले। स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीणों को न केवल कानूनी सुरक्षा मिल रही है, बल्कि वे आर्थिक रूप से भी सशक्त हो रहे हैं। रजिस्ट्री मिलने से उनकी संपत्ति की कीमत बढ़ेगी और वे शासकीय योजनाओं का लाभ आसानी से ले सकेंगे।

    रजिस्ट्री प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अपनी भूमि का विधिवत मालिकाना हक मिलने से उन्हें अब बैंक से ऋण लेने में आसानी होगी तथा अपनी भूमि पर वे निर्भय होकर निर्माण एवं अन्य कार्य कर सकेंगे। उन्होंने सरकार की इस योजना की प्रशंसा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को निर्देश दिये कि भू-स्वामित्व के अंतर्गत रजिस्ट्री के कार्य में गति बढ़ाएं एवं पटवारियों को बताए कि शासकीय कार्य निष्पादन में किसी के भी विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं होगी, जिसमें वह राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में निष्पादन अधिकारी घोषित है। रजिस्ट्री का निष्पादन अधिकार अभिलेख में उल्लेखित जानकारी के आधार पर ही किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति के स्वामित्व का निर्धारण अथवा नई जानकारी का सृजन नहीं किया जा रहा है।

    इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय सुदाम खाड़े तथा कमिश्नर नर्मदापुरम श्रीकांत बनोठ, आईजी चंद्रशेखर सोलंकी, कलेक्टर सिद्धार्थ जैन, पुलिस अधीक्षक शशांक सहित अन्य जनप्रतिनिधि, हितग्राही और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।