Author: NewseDay

  • शारदीय नवरात्रि 2026: पूजा से पहले घर से हटा दें ये 5 चीजें, मां दुर्गा के स्वागत की करें तैयारी

    शारदीय नवरात्रि 2026: पूजा से पहले घर से हटा दें ये 5 चीजें, मां दुर्गा के स्वागत की करें तैयारी

    इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत कल यानि 11 अक्टूबर 2026, रविवार से होने जा रही है. यह पर्व पूरे नौ दिनों तक चलता है, जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. इस दौरान कई भक्त व्रत रखते हैं और कलश स्थापना कर मां दुर्गा से सुखी जीवन की कामना करते हैं. वहीं, नवरात्रि आने से पहले घरों में साफ-सफाई और पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं.

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,  घर में मौजूद कई चीजों की वजह से नकारात्मकता बढ़ सकती है. इसलिए नवरात्रि शुरू होने से पहले घर के मंदिर से लेकर दूसरे कमरों तक की सफाई कर लेनी चाहिए. अगर आपके घर में भी ये चीजें रखी हैं, तो नवरात्र शुरू होने से पहले इन्हें घर से हटा देना चाहिए. तो आइए जानते हैं, नवरात्रि से पहले घर से कौन-कौन सी चीजें हटा देनी चाहिए.

    टूटी हुई भगवान की मूर्तियां
    नवरात्रि से पहले घर के मंदिर की अच्छी तरह सफाई कर लें. वहां रखी मूर्तियों को भी देखें. अगर कोई मूर्ति टूटी हुई है, तो उसे पूजा घर से हटा दें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, टूटी हुई मूर्तियों को मंदिर में नहीं रखना चाहिए. इसलिए उन्हें पूरे सम्मान के साथ विसर्जित कर दें.

    सूखे और मुरझाए पौधे
    घर की सुंदरता बढ़ाने के लिए लोग कई तरह के पौधे लगाते हैं, लेकिन समय पर देखभाल न होने की वजह से कुछ पौधे सूख जाते हैं. इसलिए नवरात्रि से पहले ऐसे पौधों को देखें और जो पौधे पूरी तरह सूख चुके हैं, उन्हें हटा दें.

    पुरानी और टूटी झाड़ू
    हिंदू धर्म में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है.  इसलिए इसे सही तरीके से रखना चाहिए. अगर घर की झाड़ू टूट गई है या खराब हो गई है, तो उसकी जगह नई झाड़ू ले आएं. इस बात का भी ध्यान रखें कि पुरानी झाड़ू को भी घर में इधर-उधर बिखेरकर न रखें.

     बंद घड़ी और खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान
    अगर घर में कोई घड़ी लंबे समय से बंद पड़ी है, तो उसे ठीक करवा लें या घर से हटा दें. इसी तरह खराब बिजली के उपकरणों को भी घर में जमा करके न रखें. वास्तु के अनुसार, बंद घड़ी को तरक्की में रुकावट से जोड़कर देखा जाता है.

    टूटे बर्तन और खराब कांच का सामान
    नवरात्रि से पहले रसोई और घर के बाकी हिस्सों की भी अच्छी तरह सफाई कर लें. टूटे बर्तन, चटका हुआ कांच और बेकार सामान घर में जमा न रखें. इससे घर में जगह घिरती है और टूटे कांच से चोट लगने का खतरा भी रहता है. इसलिए सफाई करते समय ऐसे सामान को सावधानी से हटाएं.

    नवरात्रि से पहले घर की सफाई क्यों है जरूरी?
    नवरात्रि में भक्त अपने घरों में घटस्थापना करते हैं. इसलिए पूजा घर और उसके आसपास की जगह को साफ रखें. घर से बेकार सामान हटा दें और पूजा की सामग्री को सही तरीके से रखें. इससे घर साफ रहेगा और त्योहार की तैयारी करना भी आसान होगा.

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साफ-सुथरे घर में पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है. इसलिए नवरात्रि शुरू होने से पहले घर को व्यवस्थित करें. साथ ही,  मां दुर्गा की पूजा की तैयारी श्रद्धा के साथ करें.
     

  • मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन को मिलेगी गति, पटवारी संघ ने मुख्यमंत्री को दिया सहयोग का भरोसा

    मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन को मिलेगी गति, पटवारी संघ ने मुख्यमंत्री को दिया सहयोग का भरोसा

    स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग करेंगे पटवारी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले पटवारी संघ के पदाधिकारी

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में मध्यप्रदेश पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने भेंट की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश शर्मा और भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रस्तावित सम्मेलन के लिए भी आमंत्रित किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के पश्चात मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह बघेल ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव से उनकी सार्थक चर्चा हुई है। स्वामित्व योजना में आवश्यक न्यायिक संरक्षण की व्यवस्था कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहृदयतापूर्वक आवश्यक आदेश जारी करने की बात कही है। मध्यप्रदेश प्रांतीय पटवारी संघ के अश्विन सैनी ने कहा कि स्वामित्व योजना से जुड़े कार्यों को सभी निष्ठा से करने के लिए तत्पर रहेंगे। भारतीय मजदूर संघ के प्रांतीय मंत्री कुलदीप सिंह ने कहा कि स्वामित्व योजना से संबंधित कार्य राज्य सरकार की प्राथमिकता है। पटवारी बंधु अपने दायित्व निर्वहन में पीछे नहीं रहेंगे। जनकल्याण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रत्येक निर्णय में सभी सहभागी होंगे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने पटवारी संघ के पदाधिकारियों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का परिचय करवाया।

     

  • Starlink विवाद: भारत में सर्विस शुरू होने से पहले अटकी मंजूरी, चीन-रूस समेत कई देशों में बैन

    Starlink विवाद: भारत में सर्विस शुरू होने से पहले अटकी मंजूरी, चीन-रूस समेत कई देशों में बैन

    Elon Musk की स्टारलिंक को लाइलेंस को लेकर उठा विवाद बढ़ता जा रहा है. मस्क लगातार भारत पर तीखे बयान जारी कर रहे हैं. इस पर भारत भी अपनी प्रतिक्रिया दे चुका है. हालांकि भारत कोई इकलौता देश नहीं है, जहां स्टारलिंक की सर्विस नहीं मिलती है.

    चीन से लेकर रूस तक ना जाने कितने देश हैं, जहां ये स्टारलिंक सर्विस बैन है. और बहुत से देशों में अप्रूवल का इंतजार किया जा रहा है. ऐसे में सिर्फ भारत को लेकर Elon Musk के बयान कई लोगों को हैरान कर रहे हैं.

    Starlink ने बताया कहां-कहां उपलब्ध है सर्विस
    Starlink का ऑफिशियल पोर्टल है, जहां ग्लोबल मैप की मदद से खुद कंपनी ने दिखाया है कि कहां-कहां पर सर्विस उपलब्ध है, किन देशों जल्द शुरू होगी और कहां पर स्टारलिंक सर्विस को बैन किया जा चुका है.

    स्टारलिंक पोर्टल पर दिखाया है कि कनाडा, अमेरिका, ब्राजील, स्वीडन, लंदन, ऑस्ट्रिया जैसे देशों सर्विस उपलब्ध है.

    भारत, पाकिस्तान, नेपाल, ईरान समेत कई देशों में स्थानीय अथॉरिटी की तरफ से अप्रूवल का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद जल्द ही स्टारलिंक की सर्विस शुरू होगी.

    चीन, रूस, अफगानिस्तान, सीरिया का नाम शामिल हैं, जहां पर स्टारलिंक की सर्विस बैन है. फरवरी 2026 में एलॉन मस्क ने बताया था कि स्पेसएक्स ने अपनी सर्विस को रूस में बैन कर दिया है. यह कदम स्टारलिंक के अनाधिकृत इस्तेमाल को रोकने के लिए लिया गया है.

    ईरान में भी सरकार की पाबंदी मौजूद
    रान में इंटरनेट और कम्युनिकेशन सर्विस पर सरकारी कंट्रोल के बीच स्टारलिंक अहम टॉपिक बन चुका था. ईरान में इंटरनेट बंद होन के बाद बहुत से लोग स्टारलिंक सर्विस का इस्तेमाल करते थे. स्टारलिंक पोर्टल पर ईरान में सर्विस को बंद दिखाया है.

    जनवरी में रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि ईरान में सरकारी इंटरनेट बंद होने की वजह से कई लोग चोरी-छिपे स्टारलिंक की मदद से इंटरनेट एक्सेस कर रहे हैं.

    चीन में क्यों नहीं चलता है Starlink?
    चीन में विदेशी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के लिए सख्त नियम हैं. देश का दूरसंचार और इंटरनेट सिस्टम सख्त सरकारी कंट्रोल में है. ऐसे में स्टारलिंक को चीन में मंजूरी नहीं मिल पाई है.

    सरकार दे चुकी है अपनी प्रतिक्रिया
    भारत सरकार के मंत्रालय ने बताया है कि भारत के नियम सभी के लिए एक समान हैं. साथ ही तीन कंपनियों को लाइसेंस जारी किया है, जिसमें Elon Musk की स्टारलिंक कंपनी भी शामिल है. अभी सिक्योरिटी अप्रूवल मिलना बाकी है.

    Starlink क्या है?
    Starlink, असल में बिना मोबाइल टावर के घर तक या कहें कि यूजर तक हाई स्पीड इंटरनेट सर्विस को पहुंचाती है. इसके लिए वह सैटेलाइट का इस्तेमाल करती है. स्टारलिंक अमेरिकी कंपनी है.

  • सूर्य का चित्रा नक्षत्र में गोचर, 24 अक्टूबर तक मेष समेत 5 राशियों को मिल सकता है बड़ा लाभ

    सूर्य का चित्रा नक्षत्र में गोचर, 24 अक्टूबर तक मेष समेत 5 राशियों को मिल सकता है बड़ा लाभ

    ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य देव का स्थान बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है.  सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ-साथ उनके नक्षत्र गोचर का प्रभाव भी सभी 12 राशियों के जीवन पर सीधा असर डालता है. 11 अक्टूबर को सूर्य देव अपनी स्थिति में बदलाव करते हुए मंगल के स्वामित्व वाले चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं.  इस नक्षत्र परिवर्तन से अगले 14 दिनों तक यानी 24 अक्टूबर तक कुछ चुनिंदा राशियों के जातकों को चौतरफा लाभ मिलने के योग बन रहे हैं.

    जब भी सूर्य ग्रह ऊर्जा के कारक मंगल के नक्षत्र में गोचर करते हैं, तो जातकों के आत्मबल और नेतृत्व क्षमता में जबरदस्त वृद्धि होती है.  इस अवधि में व्यक्ति बिना किसी हिचकिचाहट के साहसी निर्णय लेते हैं, जिससे उन्हें करियर, बिजनेस और प्रॉपर्टी के मामलों में बंपर सफलता हाथ लगती है.  आइए जानते हैं कि सूर्य के इस महत्वपूर्ण नक्षत्र गोचर से किन 5 भाग्यशाली राशियों की किस्मत चमकने वाली है:

    1. मेष राशि (Aries)
    सूर्य का यह नक्षत्र गोचर मेष राशि के जातकों के लिए आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी लेकर आएगा.  कार्यक्षेत्र में आपको कोई बड़ी और नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.  लंबे समय से रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे, जिससे मन प्रसन्न रहेगा.  आर्थिक मोर्चे पर भी राहत मिलने के पूरे आसार हैं.

    2. कर्क राशि (Cancer)
    चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि के लोगों के लिए यह गोचर करियर में तरक्की के नए द्वार खोलेगा.  ऑफिस में आपके काम और मेहनत की खुलकर सराहना होगी.  यदि कोई सरकारी काम अटका हुआ था, तो उसमें सफलता मिलने से बड़ी राहत महसूस होगी.  इस दौरान परिवार का पूरा सहयोग आपके साथ रहेगा.

    3. वृश्चिक राशि (Scorpio)
    वृश्चिक राशि के जातकों को इस अवधि में अपनी छिपी हुई प्रतिभा को दुनिया के सामने साबित करने का सुनहरा मौका मिलेगा.  नौकरीपेशा और व्यवसाय से जुड़े लोगों को आगे बढ़ने के नए और बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे.  इसके साथ ही पैतृक संपत्ति या प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई विवाद सुलझ सकता है, जिससे किसी अच्छी खबर की प्राप्ति होगी.

    4. धनु राशि (Sagittarius)
    सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन से धनु राशि वालों के जीवन में एक नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होगा.  आलस्य दूर होगा. अटके हुए कार्य तेजी से पूरे होंगे.  नौकरी कर रहे जातकों को प्रमोशन या करियर में ग्रोथ के बेहतरीन मौके मिल सकते हैं, और आपकी लीडरशिप स्किल्स में भी निखार आएगा.

    5. मीन राशि (Pisces)
    मीन राशि के जातकों के लिए यह 14 दिन का समय आर्थिक दृष्टि से बेहद लाभदायक रहने वाला है.  नौकरी में आ रही बाधाएं दूर होंगी.  यदि आपने पहले कहीं निवेश किया था, तो उससे अब अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है.  जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में भी आपको अनुकूल परिणाम देखने को मिलेंगे.

  • न्यायालय के आदेश पर सरकार का अगला कदम क्या होगा? CM डॉ. यादव ने विधिक कार्रवाई को लेकर दिया संकेत

    न्यायालय के आदेश पर सरकार का अगला कदम क्या होगा? CM डॉ. यादव ने विधिक कार्रवाई को लेकर दिया संकेत

    न्यायालय के निर्णय के संदर्भ में आगामी विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करेगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि माननीय उच्‍च न्‍यायालय ने ओबीसी को 27% आरक्षण देने से जुड़े प्रकरण में वर्ष 2019-22 के बीच की गई नियुक्तियों के संबंध में महत्‍वपूर्ण निर्णय दिया है। राज्‍य सरकार मान. उच्‍च न्‍यायालय के इस निर्णय का विधिक परीक्षण कर आगामी विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि माननीय न्‍यायालय ने 13% अतिरिक्‍त नियुक्तियों को संरक्षित करते हुए आगामी भर्ती में समायोजित करने का निर्देश दिया है। माननीय न्‍यायालय ने वर्ष 2022 के पश्‍चात निर्णय दिनांक तक की गई भर्तियों के संबंध में 13% होल्‍ड किए पदों पर सामान्‍य वर्ग के अभ्‍यर्थियों को नियुक्ति प्रदान करने का निर्देश दिया है। तत्‍कालीन सरकार द्वारा अध्‍यादेश के माध्‍यम से लागू 27% आरक्षण का नोटिफिकेशन लचर और त्रुटिपूर्ण था। यह माननीय न्‍यायालय के इस निर्णय से सिद्ध हो गया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तत्‍कालीन सरकार ने कतिपय कारणों से अत्‍यंत जल्‍दबाजी में यह अध्‍यादेश लाने का कार्य किया था। इस संबंध में राष्‍ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से भी सलाह नहीं ली गई थी। माननीय न्‍यायालय के फैसले से तत्कालीन सरकार के 27% आरक्षण देने की मंशा पर संदेह उत्‍पन्‍न हुआ है।

     

  • मुख्यमंत्री सेवा संकल्प कॉन्क्लेव में हुए शामिल, विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं और विशिष्टजनों को किया सम्मानित

    मुख्यमंत्री सेवा संकल्प कॉन्क्लेव में हुए शामिल, विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं और विशिष्टजनों को किया सम्मानित

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा सशक्त और विकसित भारत का सपना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 25 वर्ष देश के लिए प्रेरणादायी : मुख्यमंत्री

    विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका

    नक्सलवाद के अंत के साथ बस्तर में खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार

    महतारी वंदन से महिलाओं को आर्थिक संबल : किसानों की समृद्धि और गरीबों के पक्के आवास के लिए प्रतिबद्ध है सरकार

    मुख्यमंत्री सेवा संकल्प कॉन्क्लेव में हुए शामिल, विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं और विशिष्टजनों को किया सम्मानित

    रायपुर, 
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर में समाचार चैनल एशियन न्यूज द्वारा आयोजित ‘सेवा संकल्प कॉन्क्लेव–जनसेवा का संकल्प, छत्तीसगढ़ का भविष्य’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा, देश में आए व्यापक बदलाव तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और संकल्पों पर विस्तार से अपने विचार रखे।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का सपना तेजी से साकार हो रहा है। दुनिया में भारत की पहचान एक मजबूत और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित हुई है। आर्थिक क्षेत्र में भी भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है और आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों में आत्मविश्वास जगाया है और भारत को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा करते हुए 25 वर्ष पूरे किए हैं। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने भूकंप की भीषण त्रासदी से जूझ रहे गुजरात को न केवल पुनर्निर्माण की राह पर आगे बढ़ाया, बल्कि विकास का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया जिसकी चर्चा पूरे देश में हुई। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसी सेवाभाव, संकल्प और दूरदृष्टि के साथ देश को आगे बढ़ाया।

    मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ से पुराना और आत्मीय जुड़ाव रहा है। उन्होंने प्रदेश के दूरस्थ अंचलों और बस्तर के क्षेत्रों में भी लंबा समय बिताया है और यहां की परिस्थितियों तथा जनजीवन को निकट से समझा है। वर्ष 2014 में उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में राज्य मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर कार्य करते हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का उनका मूलमंत्र देश की विकास यात्रा का आधार बना है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी अपनी दृढ़ता का परिचय दिया है। सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को नए भारत के सामर्थ्य और संकल्प से परिचित कराया है। यह नया भारत किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन देश की सुरक्षा और स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वालों को जवाब देना भी जानता है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से हमें सेवा की निरंतर प्रेरणा मिलती है। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के कठिन दौर में भारत ने अपनी वैज्ञानिक क्षमता और सेवा भावना का परिचय दिया। देश में विकसित वैक्सीन ने करोड़ों भारतीयों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ दुनिया के अनेक देशों तक मानवता और सहयोग का संदेश पहुंचाया। प्रधानमंत्री के इसी सेवाभाव से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के सुख, समृद्धि और बेहतर भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

     बस्तर में पहुंच रही विकास की रोशनी

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लंबे समय तक छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के विकास में नक्सलवाद सबसे बड़ी बाधा रहा। मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद जनवरी 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक ली। उस समय देश में शेष नक्सल समस्या का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ में केंद्रित था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय तथा हमारे सुरक्षाबलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है।

    उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी विकास कार्य पहुंचाना कठिन था, वहां अब सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य और दूसरी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। बस्तर के लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है और विकास के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सरकार का संकल्प है कि बस्तर शांति, विश्वास और विकास के नए युग का नेतृत्व करे।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य में छत्तीसगढ़ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश के हृदय स्थल में स्थित छत्तीसगढ़ प्राकृतिक और खनिज संसाधनों से समृद्ध है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, टिन सहित अनेक महत्वपूर्ण खनिजों के विशाल भंडार हैं। प्रदेश में हीरा और सोना जैसे बहुमूल्य खनिजों की संभावनाएं भी मौजूद हैं। इन संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए राज्य में उद्योग, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते ढाई वर्षों में राज्य के खनिज राजस्व में  वृद्धि हुई है। शासन की प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने और राजस्व बढ़ाने के लिए डिजिटलीकरण को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। भ्रष्टाचार की संभावनाओं को समाप्त करते हुए प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती उर्वरा है और यहां के लोग परिश्रमी हैं। ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ केवल एक कहावत नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों के सरल स्वभाव, परिश्रम और सामर्थ्य की पहचान है। इन्हीं विशेषताओं और उपलब्ध संसाधनों के बल पर छत्तीसगढ़ वर्ष 2047 तक अपने आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करेगा और विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी योगदान देगा।

    महतारी वंदन योजना ने माताओं-बहनों को दिया आर्थिक संबल

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला सशक्तीकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि सीधे अंतरित की जा रही है। एक दिन पहले दुर्ग से योजना की 32वीं किस्त जारी की गई है।

    मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रवास के दौरान उन्हें माताओं-बहनों से संवाद का अवसर मिलता है। महिलाएं महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा, परिवार की आवश्यकताओं, बचत और स्वरोजगार के लिए कर रही हैं। अनेक महिलाओं ने इस राशि को जोड़कर सिलाई मशीन सहित आजीविका के साधन खरीदे हैं और अब वे हर महीने अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। कुछ माताओं ने अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में खाते खुलवाए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह माताओं-बहनों के आत्मविश्वास, स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का माध्यम बनी है। माताओं-बहनों के चेहरे पर दिखाई देने वाली खुशी सरकार के लिए सबसे बड़ा संतोष है।

    किसानों की समृद्धि सरकार की प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और किसान हमारे अन्नदाता हैं। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद किसानों को दो वर्षों का लंबित बोनस दिया गया। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की नई सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। खेती के लिए उन्नत बीज, खाद और अन्य आवश्यक कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश का किसान समृद्ध हो और कृषि छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति का और मजबूत आधार बने।

    गरीब के पक्के आवास का सपना हो रहा पूरा

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्र में सरकार की जिम्मेदारी संभालते ही स्पष्ट किया था कि उनकी सरकार गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित है। गरीब परिवारों के पक्के आवास, शौचालय, रसोई गैस सहित बुनियादी सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। इन योजनाओं ने विशेष रूप से महिलाओं के जीवन में सम्मान, सुविधा और सुरक्षा बढ़ाई है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने गठन के बाद अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति देने का निर्णय लिया। आज प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में कोई भी पात्र गरीब परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों के केंद्र में गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सुशासन, पारदर्शिता, जनकल्याण और विकास को साथ लेकर छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को विकास के अवसरों से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जाए।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं और विशिष्टजनों को सम्मानित किया तथा उनकी उपलब्धियों की सराहना की।

    इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्य गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन जी महाराज सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक, विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्टजन तथा एशियन न्यूज के पदाधिकारी उपस्थित थे।

  • Starlink पर चीन का प्रतिबंध, भारत में एलन मस्क से टकराव क्यों? जानिए पूरा मामला

    Starlink पर चीन का प्रतिबंध, भारत में एलन मस्क से टकराव क्यों? जानिए पूरा मामला

     नई दिल्ली 
    भारत में स्टारलिंक के लाइसेंस का मामला बढ़ता जा रहा है. सैटकॉम कंपनी स्टारलिंक के बॉस Elon Musk ने भारत में मंजूरी ना मिलने को लेकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की है और कुछ गंभीर आरोप भी लगाए. अब Elon Musk से अब पूछा जा रहा है कि चीन में भी Starlink बैन है, तो वहां इतनी नारागजी क्यों नहीं जताते हैं। 

    दरअसल, भारतीय मूल के शोधकर्ता और लेखक राजीव मल्होत्रा ने X प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया है और Elon Musk से सवाल किया है. पोस्ट में लिखा है कि Elon Musk चीन में स्टारलिंक पर प्रतिबंध है, उसके बावजूद वह वहां के खिलाफ इस तरह की नाराजगी जाहिर क्यों नहीं करते हैं। 

    दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक मस्क ने चीन में टेस्ला बिजनेस को लेकर भारी इनवेस्टमेंट की है. इसके बावजूद वहां स्टारलिंक की सर्विस को अभी तक परमिशन नहीं मिली है। 

    X पोस्ट में राजीव मल्होत्रा ने कहा, एलन, चीन में स्टारलिंक को परमिशन क्यों नहीं मिली है. क्या वहां पर भी कोई चीनी उद्योगपति (ओलिमार्क) इसके पीछे की वजह है. चीन के अंदर आपने टेस्ला में भारी इनवेस्टमेंट किया है, फिर भी वहां स्टारलिंक की सर्विस ब्लॉक हैं। 

    राजीव मल्होत्रा का पोस्ट 
    बीते बुधवार को सोशल मीडिया का पोस्ट सर्कुलेट हो रहा था जिसमें दावा किया है कि मस्क ने भारत में स्टारलिंक की सेवाओं को रोकने के लिए 'ओलिगार्क' (कुछ प्रभावशाली उद्योगपति)  पर आरोप लगाए थे कि वे उनकी सर्विस को भारत में शुरू नहीं हो दे रहे हैं. हालांकि इस दौरान उन्होंने किसी भी शख्स का नाम नहीं लिया है। 

    अंंबानी का नाम और फिर राहुल का पोस्ट 
    इसके बाद उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की आलोचना की है और सवाल उठाया है कि क्या वह भारत के असली बॉस हैं. इसके बाद मस्क के पोस्ट के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने X प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर दिया। 

    देश की संप्रभुता से स्टारलिंक का संबंध
    मल्होत्रा ने बताया है कि स्टारलिंक का पूरा मामला सिर्फ टेक्नोलॉजी और सर्विस की क्वालिटी तक सीमित नहीं है. उन्होंने आगे बताया है कि इसका संबंध देश की संप्रभुता से भी है. उन्होंने बताया है कि देरी होने के पीछे कई वजह हैं। 

    सरकार अपनी प्रतिक्रिया दे चुकी है 
    मस्क के पोस्ट के बाद भारत सरकार भी अपनी प्रतिक्रिया दे चुकी है. सरकार बता चुकी है कि भारत में नियम सभी के लिए एक समान हैं और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया है। 

    सरकार की तरफ से साफ किया जा चुका है कि सैटकॉम के लिए तीन कंपनियों को लाइसेंस दिए हैं. इन सभी को सुरक्षा संबंधी प्रोसेस को पूरा करना होगा और फाइनल अप्रूवल का इंतजार करना होगा। 

    सरकार जिन तीन कंपनियों को मेंशन कर चुकी हैं, जिसमें Elon Musk की स्टारलिंक, रिलायंस जियो का सैटकॉम और भारती ग्रुप समर्थित यूटेलसैट वनवेब का नाम शामिल है। 

  • झारखंड-बंगाल के गांवों को मिलेगी रेल सुविधा, चांडिल से झाड़ग्राम तक बिछेगी नई रेललाइन

    झारखंड-बंगाल के गांवों को मिलेगी रेल सुविधा, चांडिल से झाड़ग्राम तक बिछेगी नई रेललाइन

     जमशेदपुर
     चांडिल को झाड़ग्राम को जोड़ने के लिए नई रेल परियोजना का फाइनल सर्वे शुरू हो गया है।
    इस परियोजना के तहत 127 किलोमीटर नया रेललाइन तैयार होगा जिससे झाड़ग्राम के लिए नई बाईपास भी बन जाएगा। जिससे रांची की ओर से आने वाली ट्रेनों को सहूलियत होगी और ट्रैफिक कम होगी।

    सांसद बिद्युत वरण महतो की पहल पर रेल मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस परियोजना को हरी झंड़ी दिखाते हुए 343.97 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।

    इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर चांडिल और नीमडीह क्षेत्र के अलावा बोड़ाम व पटमदा प्रखंड, कटिन, बांदवान और झाड़ग्राम क्षेत्र के सुदूर गांव भी रेललाइन से जुड़ जाएंगे।
    फाइनल लोकेशन सर्वे का काम शुरू

    इस परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे का काम शुरू हो गया है। इसके लिए रेल मंत्रालय द्वारा 3.81 करोड़ रुपये आवंटित किए गए है।

    इसके तहत रेलवे की तकनीकी टीम रूट का एलाइनमेंट तय करने, स्टेशनों के लिए स्थानों का चयन, ड्रोन व सैटेलाइट इमेज से जमीन का सर्वे शुरू किया है। फाइनल लोकेशन सर्वे का काम अगस्त 2027 तक चलेगी।

    इसमें मिट्टी की जांच से लेकर नदियों-नालों में बनने वाले पुलों के लोकेशन और प्रस्तावित स्टेशनों की जमीन की मापी कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।

    इस प्रोजेक्ट के तहत झारखंड में सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम बंगाल में झाड़ग्राम में प्रभावित होने वाले रैयती सहित सरकारी जमीन का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।

    चांडिल से झाड़ग्राम के लिए नई रेललाइन बनने की मांग मैंने ही रेल मंत्रालय से की थी। इस क्षेत्र में रेललाइन बनने से चांड़िल को बोड़ाम, पटमदा, कटिन और बांदवान जैसे सुदूर ग्रामीण क्षेत्र रेल सेवा से जुड़ जाएंगे। रेल मंत्रालय से स्वीकृति के बाद इसमें फाइनल लोकेशन का काम शुरू हुआ है।

    बिद्युत बरण महतो, सांसद, पूर्वी सिंहभूम

     

  • पटना में दवा के कारोबार की आड़ में शराब का खेल, छापेमारी में बरामदगी देख पुलिस भी हैरान

    पटना में दवा के कारोबार की आड़ में शराब का खेल, छापेमारी में बरामदगी देख पुलिस भी हैरान

    पटना
    बिहार की राजधानी पटना के शहरी इलाके में दवा की आड़ में दारू के धंधे का खुलासा हुआ है। राज्य औषधि नियंत्रक (ड्रग कंट्रोलर) ने शुक्रवार को कंकड़बाग पीसी कॉलोनी स्थित निजी दवा दुकान में छापेमारी की। दुकान में पहुंची छापेमारी टीम उस समय भौंचक्का रह गईं जब दुकान से एक्सपायर दवाओं के साथ-साथ बीयर और शराब की बोतलें मिलने लगीं। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। दुकान के मुख्य द्वार को सील कर दिया। छानबीन में पता चला कि दुकानदार पुलिस और प्रशासन की आंख में धूल झोंककर दवा की दुकान से ही दारू का धंधा किया जा रहा था।

    स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राज्य औषधि नियंत्रक ने पीसी कॉलोनी के डी-167 स्थित मेसर्स सेलुलस फार्मा प्राइवेट लि का कंकड़बाग थाने के साथ संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान दुकान मालिक मृत्युंजय कुमार सिंह उपस्थित रहे। विभाग ने बताया कि निरीक्षण के दौरान दवाओं की खरीद-बिक्री रिकॉर्ड एवं आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं किए गए। लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप साइनबोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया। औषधियों के भंडारण की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। प्रतिष्ठान के पास एक कमरे के लिए ड्रग लाइसेंस था, जबकि दवाएं चार कमरों में थीं। राज्य औषधि नियंत्रक ने बताया कि दो एक्सपायर दवाएं जब्त की गईं, जबकि सात के नमूने संग्रहित किए गए। प्रतिष्ठान को आवश्यक अभिलेख पांच दिनों के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

    प्रतिष्ठान के औचक निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान परिसर में बड़ी मात्रा में शराब की बोतले मिलीं जिससे ड्रग कंट्रोलर और उनकी टीम भौंचक रह गई। उन्होंने तुरंत पुलिस एवं उत्पाद विभाग को सूचित किया। पुलिस मौकेपर पहुंची और कार्रवाई की गई। शराब की बिक्री से जुड़े आरोपों के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

    बिहार में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। यहां शराब का उत्पादन,भंडारण, बिक्री, पीना या पिलाना सब गैर कानूनी है। शराबबंदी कानून के तहत अबतक लाखों लोग जेल जा चुके हैं और लाखों लीटर शराब को नष्ट किया जा चुका है। लेकिन, शातिर धंधेबाज भी मानने को तैयार नहीं हैं। तरह तरह के उपाए और जुगाड़ लगाकर शराब का धंधा कर रहे हैं। फल, सब्जी, बालू, गिट्टी, दवा जैसे सामानों के बीच छिपाकर पड़ोसी राज्यों से शराब बिहार में मंगाया जा रहा है। शराब की होम डिलेवरी धड़ल्ले से हो रही है। इस बीच राज्य के विभिन्न जिलों में जहरीली और मिलावटी शराब पीकर सैकड़ों की संख्या में लोगों की मौत भी हो चुकी है।

  • नवरात्रि से छठ तक अलर्ट मोड में यूपी पुलिस, CM योगी ने फील्ड में उतरने के दिए निर्देश

    नवरात्रि से छठ तक अलर्ट मोड में यूपी पुलिस, CM योगी ने फील्ड में उतरने के दिए निर्देश

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र, छठ पर्व और विजय दशमी के दृष्टिगत कड़े सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित कराए जाने के साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार रात वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक में कहा कि महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। नवरात्रि पर प्रमुख देवी मंदिरों में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी निगरानी सुनिश्चित किए जाने का निर्देश भी दिया। कहा कि ड्रोन से भी सघन निगरानी की जाए।

    मुख्यमंत्री ने शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा, सुगम यातायात और जनसुविधाओं में किसी स्तर पर कोई लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि बीट आरक्षी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक हर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी तत्परता और ईमानदारी से निभाए। कस्बों और नगरों में यातायात जाम की स्थिति न बने। शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक जोन और रेंज स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व पुलिस अधीक्षक फील्ड में भ्रमण करें और गश्त में शामिल हों। अधिकारी लोगों से सीधा संवाद करें। संवेदनशील क्षेत्रों व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पूरी सतर्कता बरती जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 अक्तूबर से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि, 18 अक्तूबर को दुर्गा अष्टमी, 19 अक्ब्तूबर को महानवमी और 20 अक्तूबर को विजयादशमी के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कहीं कोई चूक न हो। विंध्याचल धाम, देवीपाटन शक्तिपीठ, सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी, मां ललिता देवी शक्तिपीठ, नैमिषारण्य समेत सभी प्रमुख देवी मंदिरों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। इन स्थलों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सीसीटीवी कैमरों के से 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए। सभी पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों, यह प्रशासन और पुलिस की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    सीएम के निर्देश-
    -मिशन शक्ति केंद्र प्रभावी ढंग से संचालित हो

    -महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो

    -स्टंटबाजी करने वालों के विरुद्ध सघन अभियान चले

    -एंटी रोमियो स्क्वॉड की कार्रवाई तेज की जाए

    -पीस कमेटियों की बैठकें समय से कर ली जाएं

    -पंडालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था हो

    -डीजे का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप ही हो

    -प्रतिमाओं की ऊंचाई सुरक्षित मानकों के अनुसार ही रहे

    -माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रहे

    -शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर झूलते व ढीले बिजली तार ठीक किए जाएं

    -प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक व नाव का प्रबंध रहे

    -विसर्जन मार्गों पर चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन मौजूद रहें

    -सोशल मीडिया पर भी 24 घंटे कड़ी नजर रखी जाए

    -शिकायतकर्ता को 24 घंटे में संतोषजनक जवाब मिले

    -निर्विवाद राजस्व मामलों का निस्तारण अधिकतम 15 दिन में हो

    -किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता हो

    -कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगे

    -कोई सहकारी समिति खाद के अभाव में स्टॉक विहीन न रहे।