Author: NewseDay

  • MP में कहीं आंधी-बारिश तो कहीं तेज धूप, रीवा संभाग में बरसेंगे बादल; पचमढ़ी सबसे ठंडा

    MP में कहीं आंधी-बारिश तो कहीं तेज धूप, रीवा संभाग में बरसेंगे बादल; पचमढ़ी सबसे ठंडा

    भोपाल
    मध्यप्रदेश में
    मानसून की विदाई के बाद भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफ लाइन के सक्रिय रहने से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश की संभावना बनी हुई है। रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में शनिवार को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। वहीं, भोपाल और इंदौर समेत प्रदेश के कई शहरों में धूप खिलने की संभावना है। मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के बाद प्रदेश के कई इलाकों में रात के तापमान में गिरावट आई है। हालांकि, दिन के समय गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। बड़वानी के तालुन में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    रीवा संभाग में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में धूप
    मानसून की विदाई के बाद भी मौसम प्रणालियों के सक्रिय रहने से पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में मौसमी सिस्टम का असर देखने को मिल रहा है। दूसरी ओर, भोपाल और इंदौर में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है।आने वाले तीन दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। ऐसे में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

    अमरकंटक में 37.5 मिमी बारिश, रात में बढ़ी ठंडक
    हाल के दिनों में हुई बारिश का असर रात के तापमान पर भी पड़ा है। अमरकंटक में करीब डेढ़ इंच यानी 37.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद प्रदेश के कई शहरों में रातें अपेक्षाकृत ठंडी हो गई हैं।

    प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान

    पचमढ़ी: 16.4°C

    अमरकंटक: 17.9°C

    इंदौर: 17.9°C

    छिंदवाड़ा: 18.1°C

    कटनी (करौंदी): 18.8°C

    शाजापुर: 19°C

    वहीं, दिन के तापमान में गर्मी का असर बना हुआ है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। बड़वानी जिले के तालुन में सबसे ज्यादा 37 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    3 अक्टूबर को विदा हुआ मानसून, फिर क्यों हो रही बारिश?
    मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को पूरी तरह विदा हो गया था। इस बार प्रदेश में मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा। इसके बावजूद अक्टूबर में बारिश होने की वजह चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन जैसी मौसम प्रणालियां हैं।अक्टूबर में गर्मी, बारिश और ठंड तीनों का असर देखने को मिलता है। इस दौरान सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण मानसून की विदाई के बाद भी कुछ क्षेत्रों में बारिश हो सकती है।इसलिए मानसून खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि प्रदेश में बारिश की संभावना पूरी तरह समाप्त हो गई है।

    इस बार सामान्य से 4% कम हुई बारिश
    मध्यप्रदेश में जून से सितंबर तक चले मानसून सीजन में औसतन 35.8 इंच यानी 908.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य औसत 37.3 इंच से करीब 4 प्रतिशत कम है।प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश का वितरण अलग-अलग रहा।

    पूर्वी मध्यप्रदेश: सामान्य से करीब 4% अधिक बारिश।

    पश्चिमी मध्यप्रदेश: औसत से करीब 12% कम बारिश।

    जून में बारिश का कोटा 14 प्रतिशत कम रहने से पूरे मानसून सीजन के आंकड़ों पर असर पड़ा। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश से काफी हद तक भरपाई हुई, लेकिन शुरुआती सूखे के कारण कुल बारिश सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच सकी।

    25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा, 30 में कमी
    प्रदेश के 55 जिलों में से 25 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।

    इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
    भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर।

    इन प्रमुख जिलों में सामान्य से कम बारिश
    इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, देवास, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नीमच, मंदसौर और धार सहित कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा।

    आगे कैसा रहेगा मध्यप्रदेश का मौसम?
    मौसम के मौजूदा रुख के अनुसार, पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में मौसम साफ रह सकता है। अगले तीन दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धूप निकलने का अनुमान है।रात के तापमान में गिरावट से सुबह और देर रात हल्की ठंडक महसूस हो सकती है, जबकि दिन में गर्मी बनी रहने की संभावना है। स्थानीय मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।

     

  • जालंधर में 27 अक्टूबर से हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी का आगाज, खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए होंगे खास इंतजाम

    जालंधर में 27 अक्टूबर से हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी का आगाज, खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए होंगे खास इंतजाम

    चंडीगढ़
     पंजाब में होने वाली एशियाई हाकी चैंपियंस ट्राफी के लिए पंजाब सरकार विश्वस्तरीय प्रबंध करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए। टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह 27 अक्टूबर को जालंधर में होगा, जबकि मुकाबले 27 अक्टूबर से पांच नवंबर तक खेले जाएंगे।

    चैंपियनशिप में भारत, चीन, मलेशिया, जापान, बांग्लादेश और दक्षिण कोरिया की टीमें भाग लेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की समृद्ध हॉकी विरासत को देखते हुए इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को यादगार बनाया जाना चाहिए। इससे प्रदेश को अपनी खेल उपलब्धियों, बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक परंपराओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

    शहरों की सफाई और सौंदर्यीकरण पर जोर
    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि तैयारियां केवल स्टेडियम तक सीमित नहीं रहेंगी। जालंधर और मोहाली में व्यापक सफाई अभियान चलाने, सार्वजनिक स्थानों का रखरखाव करने और स्टेडियम तक जाने वाली सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    विदेशी खिलाड़ियों और प्रतिनिधिमंडलों के लिए बेहतर आवास, भोजन, सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था करने को भी कहा गया है। होटलों और मैच स्थलों के बीच सुचारु यातायात सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

    विद्यार्थियों की भागीदारी और ट्राफी टूर
    मुख्यमंत्री ने स्कूलों और कालेजों के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय मुकाबले दिखाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए, ताकि युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिले और वे पंजाब की हॉकी विरासत से जुड़ें। टूर्नामेंट के प्रचार के लिए विशेष रूप से तैयार एसयूवी में ट्रॉफी या उसके मॉडल को प्रदर्शित करते हुए प्रदेशभर में ट्राफी टूर निकालने की योजना भी बनाई जाएगी। आयोजन की तैयारियों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए विशेष समिति गठित की जाएगी।

     

  • नवरात्रि कलश स्थापना 2026: सुबह 6:19 से 10:12 बजे तक शुभ समय, राहुकाल में भूलकर भी न करें घटस्थापना

    नवरात्रि कलश स्थापना 2026: सुबह 6:19 से 10:12 बजे तक शुभ समय, राहुकाल में भूलकर भी न करें घटस्थापना

    Shardiya Navratri 2026
    शक्ति की उपासना का पावन पर्व शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर 2026, रविवार से आरंभ हो रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होने वाले इस नौ दिवसीय महापर्व में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है. इस दौरान घरों में घटस्थापना (कलश स्थापना), अखंड ज्योति, दुर्गा सप्तशती का पाठ और कन्या पूजन जैसे अनुष्ठान किए जाते हैं. नवरात्र के पहले दिन सही समय पर कलश स्थापना करना बेहद शुभ माना जाता है, जिससे माता रानी की विशेष कृपा मिलती है.

    घटस्थापना की तिथि और पंचांग नियम
    हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर 2026 की रात 09:19 बजे से शुरू होकर 11 अक्टूबर 2026 की रात 09:30 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार, कलश स्थापना 11 अक्टूबर को ही की जाएगी. इस दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा के साथ घटस्थापना की जाती है.

    11 अक्टूबर 2026 को कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त
    यदि आप 11 अक्टूबर को कलश स्थापित करने जा रहे हैं, तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन शुभ मुहूर्तों का विशेष ध्यान रखें:

    प्रातःकाल मुख्य मुहूर्त:
    समय: सुबह 06:19 बजे से सुबह 10:12 बजे तक
    अवधि: इस बार भक्तों को कलश स्थापना के लिए करीब 4 घंटे लंबा प्रात:काल मुहूर्त मिल रहा है, जो पूजा के लिए अति उत्तम है.

    अभिजित मुहूर्त (दोपहर का शुभ समय):
    समय: सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक

    महत्व: यदि किन्हीं कारणों से आप सुबह के समय घटस्थापना न कर पाएं, तो इस अभिजित मुहूर्त में भी कलश स्थापित किया जा सकता है.

    शुभ चौघड़िया मुहूर्त (दिन के समय)
    चौघड़िया के अनुसार पूजा या शुभ कार्य करने के लिए ये समय भी बहुत अच्छे माने गए हैं:

    चर (सामान्य): सुबह 07:33 बजे से सुबह 09:00 बजे तक

    लाभ (उत्तम): सुबह 09:00 बजे से सुबह 10:28 बजे तक

    अमृत (सर्वोत्तम): सुबह 10:28 बजे से सुबह 11:56 बजे तक

    शुभ (उत्तम): दोपहर 01:24 बजे से दोपहर 02:51 बजे तक

    इस समय भूलकर भी न करें घटस्थापना (राहुकाल)
    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, किसी भी मांगलिक या शुभ कार्य में राहुकाल का त्याग करना चाहिए. 11 अक्टूबर को राहुकाल शाम 4:34 बजे से शाम 6:01 बजे तक रहेगा. इस समयावधि में कलश स्थापना या कोई भी नया कार्य करने से बचना चाहिए.

    मां दुर्गा का हाथी पर आगमन
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा का पृथ्वी लोक पर आगमन अलग-अलग वाहनों से होता है. इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का आरंभ रविवार के दिन होने के कारण मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है, जिसे बेहद शुभ, लाभकारी और उत्तम वर्षा-समृद्धि का प्रतीक माना गया है. वहीं, इस बार व्रत का समापन और मां की विदाई मुर्गे की सवारी पर हो रही है.

  • बिहार में गंगा-गंडक का रौद्र रूप, बाढ़ से 10 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान; 11 जिले प्रभावित

    बिहार में गंगा-गंडक का रौद्र रूप, बाढ़ से 10 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान; 11 जिले प्रभावित

     पटना
     गंगा, गंडक, सोन एवं कोसी समेत बिहार की प्रमुख नदियों में कई वर्ष उपरांत रिकॉर्ड पानी आने से राज्य को दस हजार करोड़ रुपये से अधिक नुकसान हुआ है। इसमें आधे से अधिक क्षति जल संसाधन विभाग के तटबंधों के टूटने एवं क्षतिग्रस्त होने से हुई है।

    हालांकि, यह नुकसान का प्रारंभिक आकलन है। कई विभागों की अंतिम रिपोर्ट मिलना अभी शेष है। ऐसे में अंतिम आकलन के बाद नुकसान का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।

    बाढ़ का कहर दो चरणों में देखने को मिला। पहले चरण में 26 अगस्त से 10 सितंबर के बीच बिहार की नदियों के राज्य से बाहर स्थित जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। इस दौरान 30 रेनगेज स्थलों पर औसतन 225 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई।

    इसके कारण गंगा नदी ने दानापुर, गांधीघाट, बंकाघाट, पंडारक, सुल्तानगंज और एकचारी में अपने पुराने उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। दरधा नदी के कोल्हाचक में भी नया रिकॉर्ड बना।

    दूसरे चरण में 24 से 30 सितंबर के बीच नेपाल और उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश से गंडक नदी में पानी का दबाव काफी बढ़ गया। इस दौरान 13 घंटे तक पांच लाख क्यूसेक और 32 घंटे तक चार लाख क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया।

    गंडक नदी ने बगहा, डुमरियाघाट, रेवाघाट और लालगंज में उच्चतम जलस्तर का नया रिकॉर्ड बनाया। पानी के भारी दबाव के कारण नदी के छह स्थानों पर तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए।

    पहले चरण में 9617 करोड़ की क्षति
    पहले चरण की बाढ़ से 9617 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। इसमें जल संसाधन विभाग ने तटबंधों के क्षतिग्रस्त होने से 5472 करोड़ रुपये की क्षति बताई है।

    आपदा प्रबंधन विभाग ने 2710 करोड़, ग्रामीण कार्य विभाग ने 1062 करोड़, कृषि विभाग ने 270 करोड़, पथ निर्माण विभाग ने 76 करोड़ और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने 27 करोड़ रुपये के नुकसान की सूचना दी है।

    वहीं, दूसरे चरण की बाढ़ से 1054 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन हुआ है। इसमें जल संसाधन विभाग की ओर से 1027.34 करोड़ और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की ओर से 26.81 करोड़ रुपये की क्षति बताई गई है। दोनों चरणों के विभागीय आकलन को जोड़ने पर नुकसान की राशि 10,671 करोड़ रुपये होती है।

    तटबंधों की मरम्मत के लिए मांगे करीब 1027 करोड़
    गंडक नदी में तटबंध क्षतिग्रस्त होने से पश्चिम चंपारण के बगहा-एक, बैरिया और योगापट्टी, गोपालगंज के बैकुंठपुर तथा सारण के मकेर और पानापुर प्रखंड प्रभावित हुए।

    जल संसाधन विभाग ने क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत के लिए 28 करोड़ 65 लाख रुपये, चंपारण, तिरहुत एवं अन्य तटबंधों के सुदृढ़ीकरण के लिए 973 करोड़ 69 लाख रुपये और बाढ़ पूर्व मरम्मत के लिए 25 करोड़ रुपये की मांग की है।

    82 हजार हेक्टेयर में फसल बर्बाद, 26 की मौत
    बाढ़ से कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग ने 11 जिलों में 82 हजार 186 हेक्टेयर में फसल बर्बाद होने का अनुमान लगाया है।

    खेतों में पानी भरने और फसल डूबने से किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। फसल क्षति का अंतिम आकलन होने के बाद प्रभावित किसानों को मिलने वाली सहायता का दायरा स्पष्ट होगा।

    दोनों चरणों की बाढ़ में राज्य में कुल 26 लोगों की मौत हुई है। पहले चरण में आठ और दूसरे चरण में 18 लोगों की जान गई। सारण में सर्वाधिक 15 लोगों की मौत हुई है।

    इसके अलावा पश्चिम चंपारण में तीन, मुंगेर में चार, भोजपुर में दो और भागलपुर में दो लोगों की मौत हुई है। राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान दे रही है।

  • हरियाणा सरकार की नई पहल, किसानों से दूध खरीदेगा वीटा; भैंस खरीदने पर ₹80 हजार की सब्सिडी का लाभ

    हरियाणा सरकार की नई पहल, किसानों से दूध खरीदेगा वीटा; भैंस खरीदने पर ₹80 हजार की सब्सिडी का लाभ

    चंडीगढ़
    हरियाणा में 1.80 लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले अंत्योदय परिवारों के लिए रोजगार के नए साधन खड़े किए जाएंगे।

    अंत्योदय परिवारों को भैंस खरीदने के लिए पशुपालन विभाग 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी दे रहा है, जबकि वीटा के माध्यम से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त मदद दी जाएगी। इतना ही नहीं, इन गरीब किसानों से दूध भी वीटा खरीद लेगा और दूध की निर्धारित कीमत के साथ प्रति लीटर दस रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

    सैनी सरकार का बड़ा तोहफा
    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना की समीक्षा बैठक में बैंक अधिकारियों को ऋण उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक हिदायतें दीं।

    महिला स्वयं सहायता समूहों तथा अनुसूचित जाति के परिवारों को ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा। इनके ब्याज का भुगतान सरकार करेगी। मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग को इस वर्ष कम से कम 15 हजार भैंसों पर ऋण उपलब्ध करवाने का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।

    नवंबर तक खुलेंगे नए वीटा बूथ
    अभी प्रदेश में 1450 हर हित स्टोर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक नवंबर तक 200 नए हर हित स्टोर तथा 300 नए वीटा बूथ, मिल्क बार तथा सांझा बाजार खोलने के निर्देश दिए।

    गांवों में पंचायती जमीन पर हर हित स्टोर व वीटा बूथ खुलवाने के लिए पंचायत विभाग तथा शहरी क्षेत्रों के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

    ‘सेवा’ विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. जी अनुपमा ने बताया कि अंत्योदय मेलों में भागीदारी करने वाले अंत्योदय परिवारों को रोजगार शुरू करवाने के लिए 19 विभागों की 47 स्कीमों के माध्यम से मदद की जाती है। 2021 में शुरू किए गए अंत्योदय मेलों के पहले चरण में 1.35 लाख परिवारों के ऋण स्वीकृत हुए हैं।

    दूसरे चरण की शुरुआत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिछले साल 11 दिसंबर को की जिसके तहत अब तक सभी जिलों में एक-एक जिला स्तरीय अंत्योदय मेला आयोजित किया जा चुका है। अगले चरण में सभी विधानसभा क्षेत्रों में अंत्योदय मेले आयोजित किए जाएंगे।

    लोन देने से न कतराएं बैंक
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक गरीबों को लोन देने से न कतराएं। यदि जरूरत हुई तो बैंकों के ब्याज की भरपाई सरकार अपने स्तर पर करेगी। अगले एक साल के दौरान लगाए जाने वाले अंत्योदय मेलों को कलेंडर तैयार किया जाए।

    सभी विभाग समय की जरूरत के अनुसार ऐसे नए स्वरोजगारों की सूची बनाएं जिनके माध्यम से अंत्योदय परिवारों को नए रोजगारों से जोड़ा जा सके।

  • पटना से दिल्ली का सफर होगा आसान, आंदोलन के कारण रद्द ट्रेनें फिर से चलने लगीं

    पटना से दिल्ली का सफर होगा आसान, आंदोलन के कारण रद्द ट्रेनें फिर से चलने लगीं

    पटना
    पटना से दिल्ली जाने वाले रेल यात्रियों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली में विपक्षी दलों के आंदोलन के कारण रद्द की गईं ट्रेनें शनिवार को फिर से बहाल कर दी गई हैं। इससे दिल्ली जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी।

    पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) सरस्वती चन्द्र ने ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू होने की पुष्टि की है। रेलवे के अनुसार, बहाल की गई ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर संबंधित स्टेशन से गंतव्य के लिए रवाना होंगी।

    तेजस राजधानी और सम्पूर्ण क्रांति एक्सप्रेस भी शामिल
    बहाल की गई ट्रेनों में राजेन्द्र नगर से दिल्ली जाने वाली तेजस राजधानी एक्सप्रेस (12309) और सम्पूर्ण क्रांति एक्सप्रेस (12393) शामिल हैं।

    इनके अलावा अमृत भारत एक्सप्रेस(22361)  और इस्लामपुर से चलने वाली मगध एक्सप्रेस (20801) का परिचालन भी फिर शुरू कर दिया गया है।

    यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस जांचें
    रेलवे की ओर से ट्रेनों को निर्धारित समय पर चलाने की जानकारी दी गई है। यात्रियों को सलाह है कि स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी ट्रेन का समय और परिचालन की स्थिति आधिकारिक रेलवे माध्यमों से जांच लें, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

     

  • टी20 में बड़े स्कोर भी नहीं आए काम, जानिए कब-कब भारत के हाथ से फिसली जीत

    टी20 में बड़े स्कोर भी नहीं आए काम, जानिए कब-कब भारत के हाथ से फिसली जीत

    नई दिल्ली
    टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में बड़ा स्कोर बनाना जीत की गारंटी नहीं है। भारतीय टीम को रांची में इसका ताजा उदाहरण देखने को मिला, जब 249 रन बनाने के बावजूद वेस्टइंडीज ने 250 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। इससे पहले भी टीम इंडिया बड़े स्कोर बनाने के बाद हार का सामना कर चुकी है। आइए, ऐसे पांच मुकाबलों पर नजर डालते हैं।

    249 रन vs वेस्टइंडीज
    रांची में भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 5 विकेट पर 249 रन बनाए। वेस्टइंडीज ने 19वें ओवर में ही टारगेट हासिल कर लिया। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में यह भारत के खिलाफ चेज किया गया सबसे बड़ा टारगेट है।

    222 रन vs ऑस्ट्रेलिया
    2023 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुवाहाटी में टी20 मैच हुआ था। भारत ने रुतुराज गायकवाड़ के शतक की मदद से 222 रन बनाए। ग्लेन मैक्सवेल ने आखिरी ओवर में 23 रन बनाकर टीम को जीत दिला दी थी। उन्होंने 104 रनों की पारी खेली थी।

    211 रन vs साउथ अफ्रीका
    ऋषभ पंत की कप्तानी में भारतीय टीम ने अरुण जेटली स्टेडियम में 2022 में 4 विकेट पर 211 रन बनाए थे। डेविड मिलर ने सिर्फ 31 गेंदों पर नाबाद 64 रन ठोके और साउथ अफ्रीका को 5 गेंद रहते जीत दिला दी थी।

    208 रन vs ऑस्ट्रेलिया
    मोहाली में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2022 में टी20 मैच हुआ थआ। हार्दिक पंड्या ने 30 गेंदों पर 71 रनों की पारी खेलकर भारत को 208 रनों तक पहुंचा दिया। कैमरून ग्रीन और मैथ्यू वेड की विस्फोटक बैटिंग से ऑस्ट्रेलिया ने टारगेट चेज कर लिया।

    199 रन vs साउथ अफ्रीका
    रोहित शर्मा ने अपने टी20 इंटरनेशनल करियर का पहला शतक 2015 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ धर्मशाला में ठोका था। भारत ने इसकी मदद से 199 रन बनाए। एबी डिविलियर्स और जेपी डुमिनी ने साउथ अफ्रीका को जीत दिला दी।

  • शारदीय नवरात्रि 2026: पूजा से पहले घर से हटा दें ये 5 चीजें, मां दुर्गा के स्वागत की करें तैयारी

    शारदीय नवरात्रि 2026: पूजा से पहले घर से हटा दें ये 5 चीजें, मां दुर्गा के स्वागत की करें तैयारी

    इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत कल यानि 11 अक्टूबर 2026, रविवार से होने जा रही है. यह पर्व पूरे नौ दिनों तक चलता है, जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. इस दौरान कई भक्त व्रत रखते हैं और कलश स्थापना कर मां दुर्गा से सुखी जीवन की कामना करते हैं. वहीं, नवरात्रि आने से पहले घरों में साफ-सफाई और पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं.

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,  घर में मौजूद कई चीजों की वजह से नकारात्मकता बढ़ सकती है. इसलिए नवरात्रि शुरू होने से पहले घर के मंदिर से लेकर दूसरे कमरों तक की सफाई कर लेनी चाहिए. अगर आपके घर में भी ये चीजें रखी हैं, तो नवरात्र शुरू होने से पहले इन्हें घर से हटा देना चाहिए. तो आइए जानते हैं, नवरात्रि से पहले घर से कौन-कौन सी चीजें हटा देनी चाहिए.

    टूटी हुई भगवान की मूर्तियां
    नवरात्रि से पहले घर के मंदिर की अच्छी तरह सफाई कर लें. वहां रखी मूर्तियों को भी देखें. अगर कोई मूर्ति टूटी हुई है, तो उसे पूजा घर से हटा दें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, टूटी हुई मूर्तियों को मंदिर में नहीं रखना चाहिए. इसलिए उन्हें पूरे सम्मान के साथ विसर्जित कर दें.

    सूखे और मुरझाए पौधे
    घर की सुंदरता बढ़ाने के लिए लोग कई तरह के पौधे लगाते हैं, लेकिन समय पर देखभाल न होने की वजह से कुछ पौधे सूख जाते हैं. इसलिए नवरात्रि से पहले ऐसे पौधों को देखें और जो पौधे पूरी तरह सूख चुके हैं, उन्हें हटा दें.

    पुरानी और टूटी झाड़ू
    हिंदू धर्म में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है.  इसलिए इसे सही तरीके से रखना चाहिए. अगर घर की झाड़ू टूट गई है या खराब हो गई है, तो उसकी जगह नई झाड़ू ले आएं. इस बात का भी ध्यान रखें कि पुरानी झाड़ू को भी घर में इधर-उधर बिखेरकर न रखें.

     बंद घड़ी और खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान
    अगर घर में कोई घड़ी लंबे समय से बंद पड़ी है, तो उसे ठीक करवा लें या घर से हटा दें. इसी तरह खराब बिजली के उपकरणों को भी घर में जमा करके न रखें. वास्तु के अनुसार, बंद घड़ी को तरक्की में रुकावट से जोड़कर देखा जाता है.

    टूटे बर्तन और खराब कांच का सामान
    नवरात्रि से पहले रसोई और घर के बाकी हिस्सों की भी अच्छी तरह सफाई कर लें. टूटे बर्तन, चटका हुआ कांच और बेकार सामान घर में जमा न रखें. इससे घर में जगह घिरती है और टूटे कांच से चोट लगने का खतरा भी रहता है. इसलिए सफाई करते समय ऐसे सामान को सावधानी से हटाएं.

    नवरात्रि से पहले घर की सफाई क्यों है जरूरी?
    नवरात्रि में भक्त अपने घरों में घटस्थापना करते हैं. इसलिए पूजा घर और उसके आसपास की जगह को साफ रखें. घर से बेकार सामान हटा दें और पूजा की सामग्री को सही तरीके से रखें. इससे घर साफ रहेगा और त्योहार की तैयारी करना भी आसान होगा.

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साफ-सुथरे घर में पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है. इसलिए नवरात्रि शुरू होने से पहले घर को व्यवस्थित करें. साथ ही,  मां दुर्गा की पूजा की तैयारी श्रद्धा के साथ करें.
     

  • मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन को मिलेगी गति, पटवारी संघ ने मुख्यमंत्री को दिया सहयोग का भरोसा

    मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन को मिलेगी गति, पटवारी संघ ने मुख्यमंत्री को दिया सहयोग का भरोसा

    स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग करेंगे पटवारी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले पटवारी संघ के पदाधिकारी

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में मध्यप्रदेश पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने भेंट की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश शर्मा और भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रस्तावित सम्मेलन के लिए भी आमंत्रित किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के पश्चात मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह बघेल ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव से उनकी सार्थक चर्चा हुई है। स्वामित्व योजना में आवश्यक न्यायिक संरक्षण की व्यवस्था कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहृदयतापूर्वक आवश्यक आदेश जारी करने की बात कही है। मध्यप्रदेश प्रांतीय पटवारी संघ के अश्विन सैनी ने कहा कि स्वामित्व योजना से जुड़े कार्यों को सभी निष्ठा से करने के लिए तत्पर रहेंगे। भारतीय मजदूर संघ के प्रांतीय मंत्री कुलदीप सिंह ने कहा कि स्वामित्व योजना से संबंधित कार्य राज्य सरकार की प्राथमिकता है। पटवारी बंधु अपने दायित्व निर्वहन में पीछे नहीं रहेंगे। जनकल्याण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रत्येक निर्णय में सभी सहभागी होंगे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने पटवारी संघ के पदाधिकारियों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का परिचय करवाया।

     

  • Starlink विवाद: भारत में सर्विस शुरू होने से पहले अटकी मंजूरी, चीन-रूस समेत कई देशों में बैन

    Starlink विवाद: भारत में सर्विस शुरू होने से पहले अटकी मंजूरी, चीन-रूस समेत कई देशों में बैन

    Elon Musk की स्टारलिंक को लाइलेंस को लेकर उठा विवाद बढ़ता जा रहा है. मस्क लगातार भारत पर तीखे बयान जारी कर रहे हैं. इस पर भारत भी अपनी प्रतिक्रिया दे चुका है. हालांकि भारत कोई इकलौता देश नहीं है, जहां स्टारलिंक की सर्विस नहीं मिलती है.

    चीन से लेकर रूस तक ना जाने कितने देश हैं, जहां ये स्टारलिंक सर्विस बैन है. और बहुत से देशों में अप्रूवल का इंतजार किया जा रहा है. ऐसे में सिर्फ भारत को लेकर Elon Musk के बयान कई लोगों को हैरान कर रहे हैं.

    Starlink ने बताया कहां-कहां उपलब्ध है सर्विस
    Starlink का ऑफिशियल पोर्टल है, जहां ग्लोबल मैप की मदद से खुद कंपनी ने दिखाया है कि कहां-कहां पर सर्विस उपलब्ध है, किन देशों जल्द शुरू होगी और कहां पर स्टारलिंक सर्विस को बैन किया जा चुका है.

    स्टारलिंक पोर्टल पर दिखाया है कि कनाडा, अमेरिका, ब्राजील, स्वीडन, लंदन, ऑस्ट्रिया जैसे देशों सर्विस उपलब्ध है.

    भारत, पाकिस्तान, नेपाल, ईरान समेत कई देशों में स्थानीय अथॉरिटी की तरफ से अप्रूवल का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद जल्द ही स्टारलिंक की सर्विस शुरू होगी.

    चीन, रूस, अफगानिस्तान, सीरिया का नाम शामिल हैं, जहां पर स्टारलिंक की सर्विस बैन है. फरवरी 2026 में एलॉन मस्क ने बताया था कि स्पेसएक्स ने अपनी सर्विस को रूस में बैन कर दिया है. यह कदम स्टारलिंक के अनाधिकृत इस्तेमाल को रोकने के लिए लिया गया है.

    ईरान में भी सरकार की पाबंदी मौजूद
    रान में इंटरनेट और कम्युनिकेशन सर्विस पर सरकारी कंट्रोल के बीच स्टारलिंक अहम टॉपिक बन चुका था. ईरान में इंटरनेट बंद होन के बाद बहुत से लोग स्टारलिंक सर्विस का इस्तेमाल करते थे. स्टारलिंक पोर्टल पर ईरान में सर्विस को बंद दिखाया है.

    जनवरी में रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि ईरान में सरकारी इंटरनेट बंद होने की वजह से कई लोग चोरी-छिपे स्टारलिंक की मदद से इंटरनेट एक्सेस कर रहे हैं.

    चीन में क्यों नहीं चलता है Starlink?
    चीन में विदेशी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के लिए सख्त नियम हैं. देश का दूरसंचार और इंटरनेट सिस्टम सख्त सरकारी कंट्रोल में है. ऐसे में स्टारलिंक को चीन में मंजूरी नहीं मिल पाई है.

    सरकार दे चुकी है अपनी प्रतिक्रिया
    भारत सरकार के मंत्रालय ने बताया है कि भारत के नियम सभी के लिए एक समान हैं. साथ ही तीन कंपनियों को लाइसेंस जारी किया है, जिसमें Elon Musk की स्टारलिंक कंपनी भी शामिल है. अभी सिक्योरिटी अप्रूवल मिलना बाकी है.

    Starlink क्या है?
    Starlink, असल में बिना मोबाइल टावर के घर तक या कहें कि यूजर तक हाई स्पीड इंटरनेट सर्विस को पहुंचाती है. इसके लिए वह सैटेलाइट का इस्तेमाल करती है. स्टारलिंक अमेरिकी कंपनी है.