Author: NewseDay

  • सलमान खान ने लॉन्च किया अपना ऑफिशियल YouTube चैनल, पहले वीडियो में खुद बने टीचर और स्टूडेंट

    सलमान खान ने लॉन्च किया अपना ऑफिशियल YouTube चैनल, पहले वीडियो में खुद बने टीचर और स्टूडेंट

    बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने अपना ऑफिशियल यूट्यूब लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम उन्होंने बींग द सलमान खान रखा है. इसमें वह एक्टिंग, स्टाइल, बॉडी लैंग्वेज और ऑनस्क्रीन मैनरीजम की झलक दिखाते हुए नजर आएंगे. इंस्टाग्राम स्टोरी पर उन्होंने अपने चैनल का लिंक दिया और एक वीडियो भी शेयर किया. पोस्ट के साथ भाईजान ने कैप्शन में लिखा, शुरू से शुरू करते हैं. मेरा ऑफिशियल यूट्यूब चैनल, ए से जेड तक सब यहां मिलेगा. जो लोग नहीं जानते उन्हें बता दें कि एक्स (पहले ट्विटर) पर सलमान खान के 42.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं और इंस्टाग्राम पर भाईजान के 72.7 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जिनके लिए वह अपडेट शेयर करते रहते हैं.

    यूट्यूब चैनल पर शेयर किया पहला वीडियो
    सलमान खान ने यूट्यूब चैनल लॉन्च करते ही एक वीडियो भी शेयर कर दिया है, जिसके कैप्शन में लिखा, सलमान सर की क्लास बॉडी पार्ट्स टीचर भी मैं, स्टूडेंट भी मैं. इस चैनल का फॉर्मेट अनोखा है, जिसमें सलमान दो भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं, जिसमें वह खुद एक्टिंग कोच भी हैं और एक्टिंग सीखने वाले स्टूडेंट भी वह खुद हैं. सलमान खान के यूट्यूब पेज बनाते ही 34K लोगों ने सब्सक्राइब कर लिया है. जबकि पहले वीडियो को 17K लोगों ने 9 घंटे में देख लिया है.

    इन सेलेब्स ने शुरू किया था यूट्यूब चैनल
    सलमान खान से पहले आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा, कार्तिक आर्यन और फिल्ममेकर फराह खान ने यूट्यूब के जरिए फैंस का ध्यान खींचा है. फराह खान अपने यूट्यूब चैनल पर कुक दिलीप के साथ सेलेब्स के घर की झलक दिखाती हैं और उनसे बातें करती हुईं नजर आती हैं.

    सलमान खान का वर्कफ्रंट
    सलमान खान इन दिनों रियलिटी शो बिग बॉस 20 को होस्ट करते हुए नजर आ रहे हैं. वह सैटर्डे और संडे को घरवालों की क्लास लेते हुए नजर आ रहे हैं. जबकि पिछले दिनों फिल्मों में उनका विदेशी फिल्म 7 डॉग्स में कैमियो देखने को मिला था. जबकि उनकी आने वाली फिल्म मातृभूमि है, जिसे अपूर्वा लाखिया ने डायरेक्ट किया है. वहीं चित्रांगदा सिंह लीड रोल में हैं.

  • राहुल गांधी पर कंगना रनौत ने साधा निशाना, दिल्ली प्रदर्शन को लेकर बोलीं- ‘अंगूर खट्टे हैं’

    राहुल गांधी पर कंगना रनौत ने साधा निशाना, दिल्ली प्रदर्शन को लेकर बोलीं- ‘अंगूर खट्टे हैं’

    नई दिल्ली

    राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर CJP का प्रदर्शन चालू है. पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश कर रही है. उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है. गंभीर मुद्दे पर कंगना रनौत ने अपनी राय रखी है. उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है. जानते हैं कि प्रदर्शन पर कंगना का क्या कहना है। 

    कंगना ने साधा निशाना  
    मीडिया संग बातचीत में कंगना रनौत ने दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन पर कहा- देखिए जो देशद्रोही, आतंकी शक्तियां और जो इंटरनेशनल साजिशें हैं. वो हमारे देश के लिए इस वक्त बहुत गंभीर समस्या बन चुकी है. क्योंकि किसी ना किसी तरीके से बहाना चाहे कोई भी हो. देश को और नागरिकों किसी ना किसी तरह की समस्या हो रही है। 

    वो कहती हैं- लेकिन जैसे आज हम आयोध्या जा रहे हैं. श्रीराम जी का आशीर्वाद लेने. जब श्रीराम और हनुमान जी का आशीर्वाद हमारे साथ है. देखिए कितनी शक्तियां हमें तोड़ने के लिए खड़ी हैं, लेकिन सभी भारतवासी एक-दूसरे के साथ खड़े हैं. कितने लोग जो हैं वो इनका पर्दाफाश करने में लगे हुए हैं. देशद्रोही ताकतों का. मैं तो कहती हूं कि पुलिस छोड़िए लोग ही इन्हें पकड़कर इनकी धुलाई करने वाले हैं. क्योंकि लोग परेशान हैं, क्योंकि आए दिन किसी ना किसी वजह से देश को बंद कर दिया जाता है। 

    राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कंगना ने कहा कि 'राहुल गांधी का हक बनता है कि वो राष्ट्रपति को मिलकर आपात्तिजनक चीजें बताएं. हमारे क्लास में भी ऐसा होता था, जो स्टूडेंट फेल हो जाते थे, उन्हें लगता था जो पास हो गया है उसके पास दूसरा पेपर आया था. या टीचर ने उनके साथ किसी तरह की दुश्मनी निकाली है. इलेक्शन से लेकर ABVP तक सारी चीजें बीजेपी जीत रहा है. अब राहुल जी कहते हैं कि अंगूर खट्टा है. पूरा देश हंस रहा है। 

    प्रदर्शन की मांग क्या है
    CJP और कई छात्र संगठनों का ये प्रदर्शन वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताओं के खिलाफ है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के सवालों का जवाब दें। 

    CJP ने 7 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस को प्रदर्शन की सूचना दी थी. लेकिन पुलिस ने कहा कि आवेदन कार्यक्रम से बहुत करीब किया गया और पिछले प्रदर्शन में शर्तों का पालन नहीं होने के कारण इजाजत नहीं दी जा रही है। 

  • छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 18 अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी

    छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 18 अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी

    रायपुर 
    छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य की पुलिस व्यवस्था को और अधिक कसावट देने के लिए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 18 अधिकारियों का स्थानांतरण आदेश जारी किया है. इस फेरबदल में वर्ष 2021 से 2024 बैच के युवा पुलिस अधिकारियों को नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से लेकर पुलिस मुख्यालय (PHQ) स्तर तक अधिकारियों की तैनातियों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 

    तबादला सूची के अनुसार, बीजापुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अभियान) के रूप में कार्यरत अमन कुमार रमन कुमार को अब नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में राज्य अन्वेषण एजेंसी (SIA) का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है. वहीं नारायणपुर में पदस्थ अजय कुमार को विशेष शाखा (SIB) में पुलिस अधीक्षक की कमान सौंपी गई है। 

    पुलिस मुख्यालय स्तर पर आकाश श्रीमाल को एआईजी (PHQ), अक्षय प्रमोद सबद्रा को एआईजी (योजना/प्रबंध) तथा एसटीएफ बघेरा (दुर्ग) में तैनात आकाश कुमार शुक्ला को एआईजी (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) की जिम्मेदारी दी गई है। 

    राज्य के अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नई नियुक्तियां की गई हैं. बीजापुर में पदस्थ रवींद्र कुमार मीणा को एसपी (चिटफंड एवं महिला संबंधी अपराध) बनाया गया है, जबकि सुकमा में कार्यरत रोहित कुमार शाह को बीजापुर स्थित छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) की 15वीं वाहिनी का कमांडेंट नियुक्त किया गया है। 

    इसके अतिरिक्त, बस्तर और नक्सल प्रभावित संभागों में फील्ड कमान संभाल रहे नगर पुलिस अधीक्षकों (CSP) को पदोन्नत कर एएसपी (अभियान) की जिम्मेदारी दी गई है. इनमें जगदलपुर के सीएसपी सुमीतकुमार दत्ताहारी को कांकेर, रायपुर के एसीपी इशू अग्रवाल को नारायणपुर, रायगढ़ के सीएसपी मयंक मिश्रा को सुकमा, और राजनांदगांव की सीएसपी वैशाली जैन को जगदलपुर में एएसपी (अभियान) के पद पर भेजा गया है। 

    इसी तरह कोरबा के सीएसपी विमल कुमार पाठक को नारायणपुर, दुर्ग के सीएसपी हर्षित मेहर को कोंडागांव तथा अंबिकापुर के सीएसपी राहुल बंसल को बीजापुर में एएसपी (अभियान) की कमान मिली है। 

    इसके साथ ही, नए एवं प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों को भी प्रशासनिक अनुभव के लिए महत्वपूर्ण मैदानी पदस्थापना दी गई है. प्रशिक्षु आईपीएस अंशिका जैन को जगदलपुर का नया सीएसपी बनाया गया है. वहीं साकोर मानसी नानाभाऊ को रायपुर शहर के आजाद चौक क्षेत्र में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) नियुक्त किया गया है। 

    इसके अलावा, प्रशिक्षु अधिकारी आदित्य कुमार को राजनांदगांव का सीएसपी और प्रतीक बंसोड़े को अंबिकापुर का सीएसपी पदस्थ किया गया है. राज्य सरकार द्वारा जारी इस नए आदेश से कानून-व्यवस्था के संचालन और विशेष अभियानों की गति में तेजी आने की उम्मीद है। 

     

  • किसानों की पराली से उड़ेंगे हवाई जहाज, यूपी में SAF उत्पादन इकाइयों को मिलेगी ब्याज सब्सिडी समेत कई छूट

    किसानों की पराली से उड़ेंगे हवाई जहाज, यूपी में SAF उत्पादन इकाइयों को मिलेगी ब्याज सब्सिडी समेत कई छूट

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में कृषि अवशेषों व कचरे से हवाई जहाज के लिए हरित ईंधन तैयार किया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश सतत विमानन ईंधन (एसएएफ) विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2026 को लागू करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

    नीति के तहत कृषि अवशेषों से किसानों की आय बढ़ाने व विमानन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन कम करने की कोशिश की जाएगी। साथ ही धान की भूसी, गेहूं का भूसा, गन्ने की खोई, तिलहन और कचरे का उपयोग कर विमानन ईंधन के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा।

    इकाइयों को मिलेंगी ब्याज सब्सिडी जैसी सुविधाएं
    नीति में निवेश के आधार पर एसएएफ विनिर्माण इकाइयों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। 200 करोड़ से 500 करोड़ रुपये तक के पूंजी निवेश वाली इकाइयों को वृहद श्रेणी, 500 करोड़ से 1500 करोड़ रुपये तक के निवेश वाली इकाइयों को मेगा और 1500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली इकाइयों को अल्ट्रा मेगा श्रेणी में रखा जाएगा।

    नीति के तहत इकाइयों को स्टांप शुल्क, भू-उपयोग परिवर्तन प्रभार और विकास शुल्क में छूट, राज्य वस्तु एवं सेवा कर की प्रतिपूर्ति, ब्याज सब्सिडी तथा कौशल विकास अनुदान जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।

    निवेशकों को बिजली शुल्क में मिलेगी शत-प्रतिशत छूट
    इसके अलावा, 10 वर्षों तक बिजली शुल्क में 100 प्रतिशत छूट, पेटेंट पंजीकरण शुल्क की प्रतिपूर्ति और भूमि आवंटन की स्थिति में शुरुआती भूमि सब्सिडी का भी प्रविधान किया गया है। गन्ने की खेती और एथेनाल उत्पादन में अग्रणी होने के कारण उत्तर प्रदेश में दूसरी पीढ़ी के जैव ईंधन और अल्कोहल से विमानन ईंधन बनाने वाली तकनीकों के विकास की व्यापक संभावना हैं।

    नीति के क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। आवेदनों के मूल्यांकन के लिए निदेशक स्तर पर समिति गठित होगी। यह नीति पांच वर्षों तक या नई नीति लागू होने तक प्रभावी रहेगी।

  • बैरावास की सान्या यादव ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में गाड़े झंडे, रजत पदक से सिर्फ 3 सेंटीमीटर पीछे रहीं

    बैरावास की सान्या यादव ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में गाड़े झंडे, रजत पदक से सिर्फ 3 सेंटीमीटर पीछे रहीं

    नारनौल
     जापान में एशियाई खेलों के दौरान पदक जीतने की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकीं बैरावास की बेटी सान्या यादव ने अब राष्ट्रीय मंच पर दमदार वापसी की है। नई दिल्ली में चल रही 65वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सान्या ने महिला डिस्कस थ्रो स्पर्धा में 52.45 मीटर चक्का फेंककर कांस्य पदक अपने नाम किया।

    अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद सान्या की यह उपलब्धि उनके लिए अहम है। साथ ही, उन्होंने दिखाया है कि एक प्रतियोगिता का नतीजा उनके हौसले और मेहनत को कमजोर नहीं कर सकता।

    इनके हिस्से आए पदक
    जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आठ से 11 अक्टूबर तक आयोजित चैंपियनशिप में महिला डिस्कस थ्रो का मुकाबला कड़ा रहा। हरियाणा की सीमा कालीरमण ने 57.63 मीटर का थ्रो फेंककर स्वर्ण पदक जीता। राजस्थान की निकिता कुमारी ने 52.48 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि सान्या 52.45 मीटर के प्रदर्शन के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। सान्या और रजत पदक विजेता के प्रदर्शन में केवल तीन सेंटीमीटर का अंतर रहा।

    वायुसेना में हैं पिता
    गांव बैरावास निवासी सान्या के पिता महेंद्र सिंह यादव वायुसेना में कार्यरत हैं। बेटी के खेल करियर को आगे बढ़ाने के लिए मां कृष्णा यादव ने देहरादून में उसके साथ रहकर प्रशिक्षण और रोजमर्रा की जरूरतों की जिम्मेदारी संभाली। कोच जगजीत सिंह के मार्गदर्शन में अभ्यास करते हुए सान्या ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और एशियन गेम्स तक पहुंचीं। अब राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतकर उन्होंने फिर अपनी क्षमता साबित की है।

     

  • टाटा न्यूक्लियर प्लांट के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध जारी, सरपंच के नाम जारी फर्जी NOC की जांच की मांग

    टाटा न्यूक्लियर प्लांट के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध जारी, सरपंच के नाम जारी फर्जी NOC की जांच की मांग

    रीवा 

    रीवा जिले की सिरमौर तहसील के सरई कला और रोझौही क्षेत्र में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर आज कंपनी, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। बोरहोल का काम कराने पहुंची टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। परियोजना स्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस, कंपनी प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच विरोध की स्थिति बनी। सरई कला, रोझौही और आसपास के गांवों के लोग मौके पर पहुंचे। उनका कहना था कि जब वे परमाणु बिजलीघर के पक्ष में नहीं हैं, तो उनकी आपत्तियों का निराकरण किए बिना आगे की प्रक्रिया क्यों की जा रही है।

    अधिकारियों ने समझाया, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े
    मौके पर सिरमौर तहसीलदार बिंदु तिवारी, गढ़ थाना प्रभारी अवनीश पांडेय, लालगांव चौकी प्रभारी शैल यादव, एमपीआईडीसी के अधिकारी यूके तिवारी, एनपीसीआईएल के वैज्ञानिक श्री जैन और टाटा कंपनी के प्रतिनिधि परशुराम मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    अधिकारियों और कंपनी प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें क्षेत्र में विकास और रोजगार के अवसर चाहिए, लेकिन परमाणु बिजलीघर से जुड़े संभावित पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों पर भी उनकी चिंताओं का समाधान होना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में दूसरे उद्योग स्थापित करने का विकल्प देने की मांग की।

    कथित फर्जी एनओसी की जांच कराने की मांग
    सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने सरपंच के नाम पर जारी कथित फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) का मामला उठाया। उन्होंने पत्र क्रमांक 170/2026 की जांच कराने की मांग की। द्विवेदी के मुताबिक, ग्राम सभा में 3 सितंबर और 5 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में प्रस्ताव पारित किए गए थे।

    उन्होंने कहा कि जब ग्राम सभा और स्थानीय ग्रामीण परियोजना का विरोध कर रहे हैं, तो उनकी सहमति और आपत्तियों को स्पष्ट किए बिना आगे की प्रक्रिया कैसे की जा सकती है। ग्रामीणों ने भी ग्राम सभा के प्रस्तावों और एनओसी से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

    विकास चाहिए, लेकिन रेडिएशन का खतरा नहीं!
    प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने परमाणु ऊर्जा परियोजना से जुड़े संभावित पर्यावरणीय प्रभावों, रेडिएशन और परमाणु कचरे को लेकर चिंता जताई। ग्रामीणों का कहना है कि इस परियोजना से उनके स्वास्थ्य, खेती, जलस्रोतों और आने वाली पीढ़ियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन के सामने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में विकास और रोजगार के अवसरों का वे विरोध नहीं कर रहे, लेकिन उनकी सहमति और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को नजरअंदाज कर परियोजना आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए।

    पुलिस बल के साथ पहुंचे अधिकारी, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े
    बोरहोल की प्रक्रिया के दौरान मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल, एमपीआईडीसी, एनपीसीआईएल और टाटा कंपनी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने और उनकी आशंकाएं दूर करने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। विरोध के चलते बोरहोल का काम आगे नहीं बढ़ सका।

    मौके पर सिरमौर तहसीलदार/नायब तहसीलदार बिंदु तिवारी, गढ़ थाना प्रभारी अवनीश पांडेय, लालगांव चौकी प्रभारी शैल यादव, एमपीआईडीसी के यूके तिवारी, एनपीसीआईएल के वैज्ञानिक श्री जैन तथा टाटा कंपनी के प्रतिनिधि परशुराम मिश्रा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। स्थानीय सरपंच, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और सामाजिक कार्यकर्ता भी विरोध के दौरान उपस्थित थे।

    कथित फर्जी एनओसी का मामला उठा, निष्पक्ष जांच की मांग
    प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने कथित फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी एनओसी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरपंच के नाम पर जारी बताए जा रहे पत्र क्रमांक 170/2026 की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका सवाल है कि यदि संबंधित ग्रामसभा और ग्रामीण परियोजना का विरोध कर रहे हैं, तो फिर एनओसी किस आधार पर जारी की गई?

    शिवानंद द्विवेदी ने दावा किया कि 3 सितंबर और 5 अक्टूबर 2026 को ग्रामसभा में इस परियोजना के विरोध में प्रस्ताव पारित किए गए थे। उन्होंने शासन-प्रशासन से ग्रामसभा के निर्णयों और स्थानीय लोगों की आपत्तियों को गंभीरता से लेने की मांग की। हालांकि, एनओसी के फर्जी होने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

    ग्रामीणों की चेतावनी—परियोजना निरस्त होने तक जारी रहेगा आंदोलन
    लगातार विरोध के बीच अब प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट का मुद्दा स्थानीय स्तर पर और अधिक गरमा गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक परियोजना को निरस्त नहीं किया जाता और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शासन-प्रशासन ग्रामीणों की आपत्तियों, ग्रामसभा के प्रस्तावों और कथित एनओसी विवाद की निष्पक्ष जांच कराएगा, या फिर परियोजना को लेकर टकराव आगे भी जारी रहेगा?

    फिलहाल, रोझौही और सरई कला क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजना को लेकर विरोध जारी है। ग्रामीण विकास के साथ पर्यावरणीय सुरक्षा, जनस्वास्थ्य और ग्रामसभा के अधिकारों पर स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे हैं।

    मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
    विरोध प्रदर्शन में सरई कला की सरपंच कोमल सिंह, लालगांव उपसरपंच प्रतिनिधि लवकुश तिवारी, सरपंच पति संजय सिंह,सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

    ग्रामीणों के विरोध के चलते बोरहोल का काम आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने कहा कि परियोजना को लेकर उनकी आपत्तियों का निराकरण और मांगों पर निर्णय होने तक विरोध जारी रहेगा। फिलहाल बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी है। अब परियोजना की आगे की प्रक्रिया और ग्रामीणों की आपत्तियों पर प्रशासन के रुख पर नजर रहेगी।

  • Mary Kom News: पूर्व पति करोंग ओंखोलर ने लगाए गंभीर आरोप, 19 नवंबर को अदालत में होगी सुनवाई

    Mary Kom News: पूर्व पति करोंग ओंखोलर ने लगाए गंभीर आरोप, 19 नवंबर को अदालत में होगी सुनवाई

      नई दिल्ली
    ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज मैरी कॉम के पूर्व पति करोंग ओंखोलर ने इस साल की शुरुआत में एक टेलीविजन साक्षात्कार में उनके खिलाफ कथित तौर पर झूठी और मानहानिकारक टिप्पणियां करने के आरोप में दिल्ली की एक अदालत में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है. छह अक्टूबर को दायर यह शिकायत समन जारी करने से पहले साक्ष्य दर्ज करने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शिवम गुप्ता की अदालत में लंबित है. अदालत में इस मामले पर 19 नवंबर को सुनवाई होनी है.

    समन जारी करने से पहले साक्ष्य (पीएसई) का मतलब निजी आपराधिक शिकायत के मामले में आरोपी को समन जारी करने का फैसला लेने से पहले मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किए जाने वाले प्रारंभिक मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य से है. ओंखोलर ने आरोप लगाया है कि दिसंबर 2023 में उनकी शादी टूटने के बाद मैरी कॉम ने इस साल 11 जनवरी को प्रसारित एक टेलीविजन साक्षात्कार में ये टिप्पणियां की थीं.

    शिकायत के अनुसार, मैरी कॉम ने कथित तौर पर उन पर धोखा देने और उन्हें छोड़ने का आरोप लगाया था. उन्होंने यह भी दावा किया था कि ओंखोलर का कोई सफल करियर नहीं है और वह उनकी कमाई पर निर्भर थे.

    शिकायतकर्ता ने दलील दी है कि इन बयानों से यह गलत धारणा बनी कि उनकी अपनी कोई स्वतंत्र पेशेवर पहचान नहीं थी और उन्हें मुक्केबाज मैरी कॉम से शादी करने के कारण आर्थिक लाभ हुआ था.

    शिकायत में उन आरोपों पर भी आपत्ति जताई गई है कि ओंखोलर ने मैरी कॉम के बैंक खातों से बिना अनुमति पैसे निकाले, उनके नाम पर कर्ज लिया और बच्चों के पालन-पोषण में योगदान नहीं दिया.

    इसमें उन कथित टिप्पणियों का भी जिक्र है, जिनमें उन्हें ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश किया गया था, जो कोई काम नहीं करता था और आर्थिक रूप से मैरी कॉम पर निर्भर था.

    शिकायत के अनुसार, दोनों की शादी 12 मार्च 2005 को हुई थी और वे फरीदाबाद में साथ रहते थे. 20 दिसंबर 2023 को पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत उनका वैवाहिक संबंध समाप्त हो गया.

    यह शिकायत अधिवक्ता आकाश कृष्ण और प्रगति शर्मा के माध्यम से दायर की गई है. ओंखोलर ने अदालत से कथित अपराध का संज्ञान लेने, समन जारी करने से पहले उनके साक्ष्य दर्ज करने और पर्याप्त आधार मिलने पर मैरी कॉम को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी करने का अनुरोध किया है.

  • गजछाया योग में पितरों का तर्पण, शिप्रा-नर्मदा में स्नान करेंगे श्रद्धालु; उज्जैन में होगी तेल की नीलामी

    गजछाया योग में पितरों का तर्पण, शिप्रा-नर्मदा में स्नान करेंगे श्रद्धालु; उज्जैन में होगी तेल की नीलामी

    उज्जैन 
    82 साल में 13वीं बार बने तीन दुर्लभ संयोग के साथ सर्वपितृमोक्ष अमावस्या पर शनिवार को शिप्रा और नर्मदा में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। गजछाया योग में पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध के लिए उज्जैन के सिद्धवट घाट पर रात से ही लोग पहुंच गए।

    उज्जैन में भक्तों द्वारा शनिश्चरी अमावस्या पर भगवान शनि को चढ़ाए गए तेल की 24 घंटे बाद नीलामी होगी। वहीं, घाटों पर जूते-चप्पल और कपड़े भी भक्त छोड़ रहे हैं। इन्हें री-साइकिल कर फाइल कवर और तेल जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे। उज्जैन के सिद्धवट घाट पर देशभर से लोग सुबह 5 बजे से ही पितरों के निमित्त तर्पण और पूजन के लिए पहुंचे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने चार पहिया वाहनों के लिए मंगलनाथ से भैरवगढ़ और भैरवगढ़ से सिद्धवट जाने वाले मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया है।

    तीन योग एक साथ, पितृ कर्म का विशेष महत्व
    पंडित अमर डिब्बेवाला ने बताया कि श्राद्ध पक्ष में अलग-अलग ग्रह योग और संयोग बनते हैं। जो लोग श्राद्ध के 15 दिनों में घाटों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना नहीं कर पाते, वे सर्वपितृ अमावस्या पर तर्पण करने आते हैं।

    इस बार अमावस्या के शनिवार को पड़ने के साथ गजछाया योग भी बन रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस योग में पितरों के निमित्त किए गए कर्मों का विशेष महत्व है। सूर्य और चंद्रमा को पितरों से जुड़े वैदिक कर्मों का साक्षी माना गया है।

    त्रिवेणी शनि मंदिर में आधी रात से लगी कतारें
    शनिश्चरी अमावस्या के चलते त्रिवेणी स्थित शनि मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालु देर रात 12 बजे से ही पहुंचने लगे थे। यहां शिप्रा नदी के पानी से स्नान की व्यवस्था की गई है।

    श्रद्धालुओं के लिए नदी में फव्वारे लगाए गए हैं, इसलिए डुबकी लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। शनि मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु तेल, काली उड़द, फूल और प्रसाद लेकर भगवान शनि के दर्शन कर रहे हैं।

    केडी पैलेस पर भी पहुंचे श्रद्धालु
    सर्वपितृ अमावस्या पर केडी पैलेस स्थित शिप्रा नदी के घाट पर भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। यहां कुछ श्रद्धालु भूत-प्रेत बाधा और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति की धार्मिक मान्यता के चलते नदी में स्नान करते नजर आए।

    कई लोग हाथों में जंजीरें और तलवारें लिए तथा अलग-अलग तरह की आवाजें निकालते हुए भी पहुंचे। यह स्थानीय धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी परंपरा है।

    कन्या राशि, सूर्य-चंद्र और हस्त नक्षत्र से बनता है गजछाया योग
    पंडित अमर डिब्बेवाला के अनुसार, जब अमावस्या हस्त नक्षत्र में आती है, तो उसे गजछाया या कुंजरछाया योग कहा जाता है। इस बार सूर्य और चंद्रमा का कन्या राशि में गोचर तथा हस्त नक्षत्र का संयोग इस योग का निर्माण कर रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, यह योग पितृ कर्म के लिए विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है।

    उन्होंने बताया कि वर्तमान ग्रह स्थिति में शनि मीन राशि में और बृहस्पति कर्क राशि में हैं। बृहस्पति की नौवीं दृष्टि शनि पर पड़ रही है। ज्योतिष शास्त्र में दोनों ग्रहों को धर्म और अध्यात्म से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में इस संयोग के दौरान किए जाने वाले धार्मिक कर्मों को विशेष महत्व दिया जाता है।

  • पठानकोट में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी, TEDx मंच पर 14 देशों के प्रतिनिधि रखेंगे अपनी बात

    पठानकोट में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी, TEDx मंच पर 14 देशों के प्रतिनिधि रखेंगे अपनी बात

    पठानकोट 
    पठानकोट में समाजसेवी और शिक्षाविद सृजल गुप्ता के प्रयासों से अंतरराष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन टेडएक्स कैलेडोनियन आयोजित होने जा रहा है। 'द वर्ल्ड कम्स टू पठानकोट' की थीम पर आधारित यह कार्यक्रम रविवार ढांगू रोड स्थित सरोवर होटल में आयोजित होगा।

    इस कार्यक्रम के मंच पर माल्टा, रोमानिया, मोल्दोवा और स्लोवाकिया के पूर्व प्रधानमंत्रियों सहित 14 देशों के मंत्री और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अधिकारी अपने विचार, विजन व प्रभाव साझा करेंगे। कार्यक्रम में सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना भी पहुंचेंगे।सृजल गुप्ता ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में 14 देशों के प्रतिनिधि और विश्वभर के दिग्गज नेता हिस्सा ले रहे हैं।

    पठानकोट की कहानी सुनानी पड़ी सृजल गुप्ता ने आयोजन के पीछे के संघर्ष को साझा करते हुए बताया कि जब मार्च-अप्रैल में इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई और विदेशी दिग्गजों को ईमेल या फोन किए गए, तो उनका पहला सवाल यही होता था कि 'पठानकोट कहां है?'। उन्हें पठानकोट की कहानी सुनानी पड़ी।

    दुनिया भर के दिग्गज यहां की धरती पर उतरेंगे इन वैश्विक नेताओं का यहां आना पठानकोट की जीत है। उन्होंने शाहरुख खान की फिल्म के गाने का जिक्र करते हुए कहा कि 11 अक्टूबर को पठानकोट का नजारा बिल्कुल वैसा होगा, जैसे 'जमीन पे उतरे सारे सितारे', क्योंकि दुनिया भर के दिग्गज यहां की धरती पर उतरेंगे।

    14 देशों के राजनीतिज्ञ होंगे शामिल कार्यक्रम के मंच पर कई देशों के पूर्व प्रधानमंत्री, मंत्री और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अधिकारी अपने विचार, विजन और प्रभाव साझा करेंगे। सम्मेलन में माल्टा के पूर्व प्रधानमंत्री जोसेफ मस्कट, रोमानिया के पूर्व प्रधानमंत्री विक्टर पोंटा, मोल्दोवा के पूर्व प्रधानमंत्री इयूरी लंका और स्लोवाकिया के पूर्व प्रधानमंत्री एडुआर्ड हेगर विशेष रूप से शामिल होंगे।

    इनके अलावा इटली के पूर्व उप-प्रधानमंत्री लुइगी डि माओ, यूके के पूर्व रक्षा मंत्री सर ग्रांट शाप्स, भारत से सीबीआई के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप राय और 'बिनांस' के राज टिमोथी नंदवानी सहित कई हस्तियां शामिल होंगी।

    3 दिन पठानकोट में रहेंगे अतिथि अतिथियों के दौरे की जानकारी देते हुए सृजल गुप्ता ने बताया कि विदेशी मेहमानों का आना शुरू हो गया है। वे तीन दिन तक यहां रुकेंगे। मुख्य कार्यक्रम से एक दिन पहले, यानी आज, सभी मेहमान श्री हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) और दुर्ग्याणा मंदिर में माथा टेकेंगे, जिसके बाद वे पठानकोट पहुंचेंगे। पठानकोट में वे मीडिया, व्यापार मंडल और इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें भी करेंगे।

    शहरवासी अपना पूरा समर्थन दें अंत में सृजल गुप्ता ने अपील करते हुए कहा कि उन्होंने इस कार्यक्रम को यहां लाने के लिए अपने 180 दिन-रात एक किए हैं, इसलिए शहरवासी इस एक दिन अपना पूरा समर्थन दें। जो वैश्विक नेता व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, उनके विशेष वीडियो संदेश भी सरप्राइज के तौर पर दिखाए जाएंगे। इस अवसर पर साहब दयाल महाजन और रोहित गुप्ता भी उपस्थित थे।

     

  • India vs West Indies T20: इंदौर पहुंचेंगी दोनों टीमें, शाम को होलकर स्टेडियम में प्रैक्टिस सेशन

    India vs West Indies T20: इंदौर पहुंचेंगी दोनों टीमें, शाम को होलकर स्टेडियम में प्रैक्टिस सेशन

    इंदौर

    होलकर स्टेडियम में 11 अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले अंतरराष्ट्रीय टी-20 मुकाबले को लेकर इंदौर में तैयारियां तेज हो गई हैं। शनिवार को दोनों टीमों के खिलाड़ी चार्टर्ड फ्लाइट से दोपहर करीब 2:40 बजे इंदौर पहुंचेंगे।

    एयरपोर्ट से दोनों टीमें सीधे अपने-अपने होटलों के लिए रवाना होंगी। भारतीय टीम रेडिसन होटल में ठहरेगी, जबकि वेस्टइंडीज की टीम के लिए मैरिएट होटल में व्यवस्था की गई है। खिलाड़ियों की आवाजाही, सुरक्षा, अभ्यास और मैदान की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

    मैच को लेकर शहर में क्रिकेट का माहौल बनने लगा है। होलकर स्टेडियम के बाहर टीम इंडिया की जर्सी, टी-शर्ट और कैप की दुकानें सज गई हैं। क्रिकेट प्रेमी खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। वहीं, आयोजन से जुड़े विभाग खिलाड़ियों की सुरक्षा और दर्शकों की सुविधाओं को लेकर तैयारियों में जुटे हैं।

    मैदान के बाहर भी तैयार कीं दो पिचें
    भारत और वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों के अभ्यास को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। बल्लेबाजों की नेट प्रैक्टिस के लिए मैदान के बाहर अमय खुरासिया एकेडमी में दो पिचें तैयार की गई हैं। इन्हें होलकर स्टेडियम की पिचों के समान परिस्थितियां देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, ताकि बल्लेबाजों को अभ्यास के दौरान मैच जैसी स्थिति मिल सके।

    इसके अलावा होलकर स्टेडियम के अंदर गेंदबाजों के अभ्यास के लिए भी दो अलग पिचें तैयार की गई हैं। जरूरत के अनुसार खिलाड़ी इनका उपयोग कर सकते हैं। दोनों टीमों के लिए कोई अनिवार्य आधिकारिक अभ्यास सत्र निर्धारित नहीं है। ऐसे में अभ्यास करने या नहीं करने का फैसला खिलाड़ी और टीम मैनेजमेंट अपनी सुविधा के अनुसार लेंगे।

    एयरपोर्ट से होटल तक तय रूट, खिलाड़ियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
    दोनों टीमों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए एयरपोर्ट से होटल और होटल से स्टेडियम तक का रूट निर्धारित किया गया है। एयरपोर्ट से खिलाड़ियों को सुपर कॉरिडोर और एमआर-10 के रास्ते होटल पहुंचाया जाएगा। अभ्यास के लिए स्टेडियम जाते समय एबी रोड का इस्तेमाल किया जाएगा।

    खिलाड़ियों के ठहरने वाले होटलों और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही है। स्टेडियम में भी खिलाड़ियों की सुरक्षा के साथ दर्शकों की आवाजाही और प्रवेश व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।

    सुरक्षा प्रबंधन में सीसीटीवी कैमरों के साथ टर्नस्टाइल और फेस रिकॉग्निशन जैसी तकनीकों के इस्तेमाल की तैयारी की जानकारी भी सामने आई है। इन व्यवस्थाओं के वास्तविक संचालन और लागू प्रोटोकॉल की पुष्टि संबंधित अधिकारियों से किया जाना जरूरी है।

    ओस की चुनौती से निपटने की कोशिश
    होलकर स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है। यहां कई मुकाबलों में बड़े स्कोर बने हैं। ऐसे में भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी-20 मैच में भी बल्लेबाजों के प्रदर्शन के साथ गेंदबाजों की रणनीति और दूसरी पारी की परिस्थितियां अहम रहेंगी।

    मैदान की तैयारी में घास और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, मैदान पर विशेष प्रकार की घास लगाई गई है, जिसका उद्देश्य ओस के असर को कम करना है। रात के टी-20 मुकाबलों में ओस गेंदबाजों के लिए चुनौती बन सकती है, क्योंकि गीली गेंद को नियंत्रित करना मुश्किल होता है। हालांकि, घास के कारण ओस का असर कितना कम होगा, यह मैदान की वास्तविक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

    टीम इंडिया में इंदौर का कोई खिलाड़ी नहीं
    भारतीय टीम में इस मुकाबले के लिए इंदौर का कोई खिलाड़ी शामिल नहीं है, लेकिन मैच के तकनीकी संचालन में शहर की भागीदारी रहेगी। इंदौर के अंतरराष्ट्रीय अंपायर नितिन मेनन को भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह होलकर स्टेडियम में होने वाले मुकाबले में थर्ड अंपायर की भूमिका निभाएंगे।

    थर्ड अंपायर टीवी रीप्ले और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मैदानी अंपायरों को फैसले लेने में सहायता करते हैं। पांच टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज में मेनन अलग-अलग भूमिकाओं में भी नजर आ सकते हैं। इस तरह भारतीय टीम में स्थानीय खिलाड़ी नहीं होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के संचालन में इंदौर का प्रतिनिधित्व रहेगा।

    स्कोरिंग से लेकर DLS तक, मध्य प्रदेश के चार लोगों को जिम्मेदारी
    मुकाबले के आयोजन में मध्य प्रदेश के चार लोगों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बीसीसीआई ने इंदौर के जयंत वानखेड़े और मयंक थनवार को स्कोरर नियुक्त किया है। एमपीसीए ने इंदौर के अमित पारखे को मीडिया बॉक्स की जिम्मेदारी दी है, जबकि ग्वालियर के सुनील गुप्ता डीएलएस से जुड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे।

    डीएलएस यानी डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धति का इस्तेमाल बारिश या अन्य कारणों से प्रभावित सीमित ओवरों के मुकाबलों में संशोधित लक्ष्य तय करने के लिए किया जाता है। स्कोरिंग, मीडिया प्रबंधन और मैच की तकनीकी प्रक्रियाओं में प्रदेश के प्रतिनिधियों की भागीदारी आयोजन में स्थानीय योगदान को दर्शाती है।

    भारत की टीम में ये 15 खिलाड़ी शामिल
    भारत की घोषित टीम में संजू सैमसन, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, शिवम दुबे, अभिषेक शर्मा, अर्शदीप सिंह, तिलक वर्मा, रवि बिश्नोई, नितीश कुमार रेड्डी, मयंक यादव, नमन धीर, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी के नाम शामिल हैं।

    स्टेडियम के बाहर सजीं जर्सी और कैप की दुकानें
    मैच से पहले होलकर स्टेडियम के बाहर क्रिकेट का उत्साह दिखाई देने लगा है। फुटपाथ पर टीम इंडिया की टी-शर्ट, जर्सी और कैप की दुकानें सज गई हैं। बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी यहां खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। मुकाबले को लेकर प्रशंसकों में उत्साह है और शहर में क्रिकेट का माहौल बनने लगा है।

    स्टेडियम की 30 हजार दर्शकों की क्षमता
    होलकर स्टेडियम का नाम मराठा होलकर राजवंश के नाम पर रखा गया है। इसकी स्थापना 1990 में हुई थी। मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के स्वामित्व और संचालन वाले इस स्टेडियम की दर्शक क्षमता करीब 30 हजार बताई जाती है। फ्लडलाइट्स और जल निकासी की व्यवस्था इसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के महत्वपूर्ण मैदानों में शामिल करती है।

    यहां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा घरेलू क्रिकेट के कई मुकाबले भी आयोजित हो चुके हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच 2016 में यहां पहला टेस्ट मैच खेला गया था। इसके साथ ही होलकर स्टेडियम भारत का 22वां टेस्ट स्थल बना। वर्ष 2017 में यहां भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे और भारत-श्रीलंका के बीच टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भी खेले गए।

    कई रिकॉर्ड का गवाह रहा मैदान
    होलकर स्टेडियम में बड़े स्कोर का इतिहास रहा है। दिसंबर 2011 में वीरेंद्र सहवाग ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मुकाबले में 219 रन की शानदार पारी खेली थी। उस समय यह वनडे क्रिकेट का दूसरा दोहरा शतक था। बाद में रोहित शर्मा ने 264 रन की पारी खेलकर वनडे क्रिकेट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड अपने नाम किया।

    स्टेडियम में पहला आईपीएल मुकाबला 13 मई 2011 को खेला गया था। वर्ष 2017 में किंग्स इलेवन पंजाब ने इसे अपने घरेलू मैदानों में शामिल किया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल मुकाबलों के आयोजन ने होलकर स्टेडियम को इंदौर की क्रिकेट पहचान का अहम हिस्सा बना दिया है।

    11 अक्टूबर के मुकाबले पर टिकीं निगाहें
    भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले टी-20 मुकाबले से पहले अब सभी की निगाहें दोनों टीमों के इंदौर पहुंचने और अभ्यास की गतिविधियों पर हैं। खिलाड़ियों की सुरक्षा, पिच की तैयारी, मैदान की परिस्थितियां और दर्शकों की सुविधाएं आयोजन के प्रमुख पहलू हैं। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि होलकर स्टेडियम एक बार फिर रोमांचक मुकाबले का गवाह बनेगा और इंदौर में क्रिकेट का उत्साह चरम पर पहुंचेगा।