Author: NewseDay

  • मेहनत लाई रंग! क्रीमी गर्ग ने HCS परीक्षा में मारी बाजी, मानसा का नाम किया रोशन

    मेहनत लाई रंग! क्रीमी गर्ग ने HCS परीक्षा में मारी बाजी, मानसा का नाम किया रोशन

    मानसा
     हरियाणा सिविल सर्विस परीक्षा के आए नतीजे में मानसा की प्रतिभावान बेटी क्रीमी गर्ग ने राज्य में चौथा रैंक हासिल कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। क्रीमी गर्ग हरियाणा सिविल परीक्षा में टाप 10 मैं शामिल होने वाली छह महिला उम्मीदवारों में एक है। हरियाणा सिविल सर्विस परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के बाद से परिवार में खुशी का माहौल है।

    क्रीमी गर्ग की इस कामयाबी के बाद उसके दादा सतपाल अकलिया वाले और पिता राजकुमार के घर बधाइयां मिलने का सिलसिला शुरू हो चुका है। परिवार व रिश्तेदारों द्वारा क्रीमी गर्ग का मुंह मीठा करवाने के अलावा उसे बधाई दी गई।

    बतौर SDM देंगी सेवाएं
    क्रीमी गर्ग अब हरियाणा में बतौर एसडीएम अपनी सेवाएं देगी जबकि उसका टारगेट आईएएस अफसर बनना है। क्रीमी ने बताया कि उसने हरियाणा सिविल परीक्षा के लिए 3 साल से लगातार रोजाना 6 से 7 घंटे कड़ी मेहनत की है।

    जिसमें उसके परिवार का उसे विशेष सहयोग मिला है। क्रीमी की प्राथमिक शिक्षा शहर के डीएवी स्कूल से शुरू हुई है है। प्लस टू की शिक्षा उसने एसडी कालेज चंडीगढ़ से की और बीए अर्थशास्त्र की शिक्षा दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कालेज से पूरी करने के बाद अपने ही घर सोशल मीडिया से दूर रहते हरियाणा सिविल परीक्षा के लिए तैयारी की गई।

    निष्पक्ष हो करेंगी न्याय
    क्रीमी गर्ग कहती है कि उनका पहला लक्ष्य बतौर अधिकारी निष्पक्ष होकर लोगों के साथ न्याय करना होगा। शहर के वार्ड नंबर 10 के शक्ति नगर वासी क्रीमी गर्ग के कारोबारी पिता राज कुमार और हाउस वाइफ माता आशा रानी ने बताया कि क्रीमी से हरियाणा सिविल सर्विस परीक्षा की पढ़ाई करते समय कोई काम लेने के बजाय उसे टेबल पर ही सब कुछ मुहैया करवाया जाता था और अपनी पढ़ाई में गहरी रुचि के कारण क्रीमी ने अपने भाई की शादी का समागम एक दिन ही अटेंड किया।

    जिस वक्त रिजल्ट आया जिम में थीं क्रीमी
    उन्होंने बताया कि हरियाणा सिविल सर्विस परीक्षा का नतीजा 8 अक्टूबर को इंटरनेट पर घोषित होते समय क्रीमी जिम गई हुई थी। जिसने घर पहुंचकर इस खुशी को सांझा किया। उन्होंने बताया कि बेटी की पढ़ाई प्रति लगन को देखते इस परीक्षा में रैंक हासिल करने का उन्हें यकीन था और आज बेटी ने उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

    क्रीमी के चाचा समाजसेवी सुरेश करोड़ी ने बताया कि हरियाणा सिविल सर्विस परीक्षा मैं रैंक हासिल करना क्रीमी की मेहनत को सलाम है। जिसने अपने सभी शौक को बंद करते लगातार रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई की, इसके बाद बेटी ने यह मुकाम हासिल किया है।

    क्रीमी गर्ग कि इस कामयाबी पर विधायक डा.विजय सिंगला, बाढ़ पार्षद और नगर कौंसिल अध्यक्ष भूषण मत्ती क्रीमी गर्ग को उसकी कामयाबी पर बधाई देते कहा कि ऐसे ही बच्चे समाज के अन्य बच्चों के लिए लिए प्रेरणा स्रोत बनते हैं।

  • किसानों को बीज से बाजार तक की सुविधा उपलब्ध करा रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री

    किसानों को बीज से बाजार तक की सुविधा उपलब्ध करा रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री

    प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार है 'अन्नदाता': सीएम योगी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 के पश्चात कृषि क्षेत्र में आए अभूतपूर्व परिवर्तन से प्रदेशवासियों को कराया अवगत

    किसानों को बीज से बाजार तक की सुविधा उपलब्ध करा रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री

    80 लाख से अधिक किसानों से खरीदा गया 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान, ₹1,03,833 करोड़ से अधिक भुगतान: मुख्यमंत्री

    2017 से पहले कर्ज में डूबा था किसान, अब मिल रही 'सम्मान निधि': सीएम योगी

    लखनऊ, 
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 के बाद कृषि क्षेत्र में आए अभूतपूर्व परिवर्तन से प्रदेशवासियों को अवगत कराया। उन्होंने अन्नदाता किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार भी बताया। 

    किसान को बीज से लेकर बाजार तक की सुविधा
    मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार आज अन्नदाता किसान को बीज से लेकर बाजार तक की सुविधा उपलब्ध करा रही है। वर्ष 2017 से पहले जो अन्नदाता किसान कर्ज, बदहाली व लाचारी में डूबा रहता था और बिचौलियों के चक्कर लगाने को मजबूर था, आज वही अन्नदाता किसान कर्ज से मुक्त होकर उन्नत बीज, सिंचाई, और डीबीटी के माध्यम से एमएसपी एवं पीएम सम्मान निधि का लाभ ले रहा है।

    8 से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई कृषि विकास दर 
    मुख्यमंत्री ने बताया कि दशकों से लटकी सिंचाई परियोजनाएं पूर्ण हुई हैं। प्रदेश, देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत का योगदान कर रहा है। कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई है। दुग्ध, गन्ना, गेहूं आदि के उत्पादन में यूपी देश में प्रथम स्थान पर है।

    धान किसानों को किया गया ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का भुगतान 
    मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्नदाता किसान की मेहनत का सम्मान एवं उसकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करते हुए वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की गई और ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का सीधा भुगतान किया गया। उसी प्रतिबद्धता के साथ इस बार भी धान के समर्थन मूल्य में 71 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। 

    किसान की खुशहाली सरकार की प्राथमिकता
    मुख्यमंत्री ने डबल इंजन सरकार के लिए अन्नदाता किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार बताया। उन्होंने कहा कि इसीलिए अन्नदाता किसान के अधिकार की रक्षा और उसकी खुशहाली हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • संवैधानिक संस्थाओं पर विपक्ष के रुख को लेकर नरेश चंद्र गुप्ता का बयान, राहुल गांधी पर लगाए आरोप

    संवैधानिक संस्थाओं पर विपक्ष के रुख को लेकर नरेश चंद्र गुप्ता का बयान, राहुल गांधी पर लगाए आरोप

    रायपुर
     भाजपा विधि प्रकोष्ठ के पूर्व संयोजक और वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश चंद्र गुप्ता ने कांग्रेस का नाम लिए बिना निर्वाचन आयोग के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा और जीवंत लोकतंत्र है। इसकी मजबूती चुनावी जीत-हार से ही नहीं, बल्कि उच्चतम न्यायालय, निर्वाचन आयोग, संसद और जांच एजेंसियों जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर नागरिकों तथा राजनीतिक दलों के भरोसे से तय होती है।

    गुप्ता के अनुसार, हाल के वर्षों में विरोध के बदलते तौर-तरीकों ने यह चिंता बढ़ाई है कि क्या सत्ता की होड़ में राष्ट्रहित और संस्थागत मर्यादा पीछे छूट रही है। बतादें कि कांग्रेस लगातार प्रदर्शन कर रही है। राज्य से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन किया।

    मतभेद की गरिमापूर्ण परंपरा
    गुप्ता ने कहा कि भारतीय राजनीति में मतभेद और विरोध की एक गरिमापूर्ण परंपरा रही है। जनसंघ और भाजपा के दौर से लेकर पूर्ववर्ती सरकारों के समय तक विपक्षी दल धरने-प्रदर्शन करते थे, लेकिन वे आम तौर पर सांकेतिक और अनुशासित होते थे। नेता निर्धारित स्थलों पर बैठकर वैचारिक तथा संसदीय भाषा में अपनी बात रखते और कानून का सम्मान करते हुए सांकेतिक गिरफ्तारियां देते थे।

    प्रशासनिक व्यवस्था की साख प्रभावित
    उनके मुताबिक, अब विरोध-प्रदर्शनों के दौरान संसद, अति-सुरक्षित परिसरों या प्रधानमंत्री आवास की ओर उग्र मार्च, सुरक्षा बलों और पुलिस अधिकारियों से धक्का-मुक्की तथा सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने की कोशिशें देखने को मिल रही हैं। गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री, मंत्री और सांसद जैसे जनप्रतिनिधि जब कानून-व्यवस्था को चुनौती देते दिखते हैं, तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था की साख प्रभावित होती है।

    विश्वसनीयता कम करने की कोशिश
    उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं पर उठाए जा रहे सवालों को भी चिंताजनक बताया। गुप्ता के अनुसार, सर्वोच्च अदालत अंतरिम राहत देने से मना करे या साक्ष्यों के आधार पर निर्णय दे, तो उसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए जाते हैं। इसी तरह निर्वाचन आयोग, सीबीआई, ईडी और सीएजी पर वैधानिक प्रक्रिया के तहत काम करने के बावजूद एकतरफा होने के आरोप लगाकर उनकी विश्वसनीयता कम करने की कोशिश होती है।

    राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ता है असर
    गुप्ता ने भारतीय राजनीति के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि जब व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं देशहित से ऊपर रखी जाती हैं, तो लोकतांत्रिक संस्थाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ता है। उन्होंने 1946 के सत्ता हस्तांतरण के दौर का हवाला दिया, जब उनके अनुसार प्रांतीय कमेटियों के स्पष्ट बहुमत, जो सरदार पटेल के पक्ष में था, को नकारकर पंडित जवाहरलाल नेहरू की इस जिद को प्राथमिकता दी गई कि वे किसी अन्य के अधीन काम नहीं करेंगे। गुप्ता ने इसे राष्ट्रहित के ऊपर व्यक्तिगत पद को रखने का उदाहरण बताया।

    राहुल का हठधर्मी व्यवहार
    उन्होंने कहा कि आठ दशकों बाद वही प्रवृत्ति राहुल गांधी के राजनीतिक रवैये में दिखाई देती है। उनके अनुसार, नेता प्रतिपक्ष का महत्वपूर्ण संवैधानिक पद मिलने के बावजूद राहुल गांधी का व्यवहार “जो मैं कहूं, वही सही है” वाली हठधर्मिता दर्शाता है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि चुनी हुई सरकार के अस्तित्व को खारिज करना, संसद के काम में लगातार गतिरोध पैदा करना और प्रतिकूल न्यायिक फैसलों के बाद संस्थाओं पर सवाल उठाना देश में वैचारिक तथा सामाजिक अराजकता को बढ़ावा देता है। उनके मुताबिक, हालिया घटनाक्रम राजनीतिक हताशा और संवैधानिक प्रक्रियाओं की अवहेलना को उजागर करते हैं।

     

  • भोपाल-इंदौर मेट्रो में फेस्टिवल ऑफर का ऐलान, 25% छूट के साथ ग्रुप टिकट लेना भी होगा आसान

    भोपाल-इंदौर मेट्रो में फेस्टिवल ऑफर का ऐलान, 25% छूट के साथ ग्रुप टिकट लेना भी होगा आसान

    इंदौर/भोपाल 
     भारी भरकम खर्च और यात्रियों की बेरुखी से जूझ रही मेट्रो रेल कंपनी ने त्योहार के अवसर पर ट्रेन के टिकट पर 25% तक की छूट देने का ऐलान किया है. इतना ही नहीं अब ट्रेन के ग्रुप टिकट लेने की प्रक्रिया को भी आसान किया गया है. नवरात्रि के दिन से यह ऑफर शुरू हो रहा है। 

    त्योहार के अवसर पर डिस्काउंट का ऐलान
    मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने यात्रियों को मेट्रो यात्रा पर सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से भोपाल और इंदौर मेट्रो में टिकट पर त्योहारों के अवसर पर डिस्काउंट का ऐलान किया है. इस विशेष प्रमोशनल डिस्काउंट व्यवस्था के तहत यात्रियों को मौजूदा छूट के अतिरिक्त 25 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा. यह व्यवस्था 11 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक लागू होगी। 

    ग्रुप टिकट की सुविधा को भी यात्रियों के लिए आसान बनाया गया है. पहले ग्रुप टिकट लेने के लिए कम से कम 8 यात्रियों का होना आवश्यक था, जिसे अब घटाकर केवल 2 यात्री कर दिया गया है. इससे परिवार और दोस्तों के साथ यात्रा करने वाले यात्री भी ग्रुप टिकट का लाभ ले सकेंगे. 20 रुपए के सिंगल जर्नी टिकट पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत छूट लागू नहीं होगी। 

    रिटर्न टिकट पर 30% और ग्रुप टिकट पर कुल 35% छूट

        सिंगल जर्नी टिकट (SJT): टिकट पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त छूट.
        रिटर्न जर्नी टिकट (RJT): पहले मिलने वाली 5 प्रतिशत छूट के स्थान पर अब कुल 30 प्रतिशत छूट.
        ग्रुप टिकट (GT): पहले मिलने वाली 10 प्रतिशत छूट के स्थान पर अब कुल 35 प्रतिशत छूट.

    नई छूट से यात्रियों को होगा दोहरा फायदा
    MPMRCL मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-वॉलेट रिचार्ज करने पर यात्रियों को पहले से ही रिचार्ज राशि के अनुसार 8 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक बोनस राशि का लाभ दिया जा रहा है. इसके अंतर्गत ₹200 से ₹499 तक के रिचार्ज पर 8 प्रतिशत, ₹500 से ₹999 तक पर 10 प्रतिशत, ₹1000 से ₹1499 तक पर 12 प्रतिशत और ₹1500 से ₹2000 तक के रिचार्ज पर 15 प्रतिशत बोनस राशि मिलती है। 

    अब इस मौजूदा ई-वॉलेट बोनस सुविधा के साथ नई प्रमोशनल टिकट छूट का लाभ मिलने से यात्रियों को टिकट पर अधिकतम लगभग 44 प्रतिशत का लाभ प्राप्त हो सकता है. इस पहल के साथ भोपाल और इंदौर मेट्रो में यात्रियों को देश की अन्य मेट्रो सेवाओं की तुलना में आकर्षक अतिरिक्त किराया छूट का लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है. डिजिटल टिकटिंग और ई-वॉलेट का उपयोग करने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से लाभदायक होगी। 

        डिजिटल टिकटिंग और कैशलेस भुगतान से स्मार्ट यात्रा
    भोपाल एवं इंदौर मेट्रो में यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन प्रणाली पहले से संचालित है। यात्री MPMRCL के मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल टिकट प्राप्त कर सहज, सुरक्षित और कैशलेस यात्रा कर सकते हैं. टिकट का भुगतान यूपीआई, क्यूआर कोड, ई-वॉलेट और एमपी मेट्रो मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा सकता है। 

    इस डिजिटल व्यवस्था से टिकट खरीदने की प्रक्रिया सरल और तेज होती है और नकद भुगतान की आवश्यकता भी नहीं रहती. मौजूदा डिजिटल टिकटिंग और ई-वॉलेट बोनस सुविधा के साथ नई प्रमोशनल छूट यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी। 

  • जयपुर के कुंदनपुरा में सड़क चौड़ीकरण का रास्ता साफ, अतिक्रमण हटने से जाम और हादसों का खतरा घटेगा

    जयपुर के कुंदनपुरा में सड़क चौड़ीकरण का रास्ता साफ, अतिक्रमण हटने से जाम और हादसों का खतरा घटेगा

    जयपुर
    सड़क 200 फीट थी, लेकिन अतिक्रमण के कारण एक हिस्से में रास्ता ही सिमट गया। नतीजतन वाहनों का दबाव बढ़ा और हादसों का खतरा बना रहा। आखिरकार जगतपुरा के इंदिरा गांधी नगर स्थित कुंदनपुरा के गंगा मार्ग पर राजस्थान आवासन मंडल ने कार्रवाई की। मंडल अधिकारियों के मुताबिक, हाईकोर्ट के आदेश के बाद आपसी सहमति से निर्माणकर्ताओं ने अपने निर्माण हटाए। करीब 450 मीटर लंबी लेन में जेसीबी से 20 से अधिक स्ट्रक्चर हटाए गए। इनमें आठ दुकानें, 15 ढांचे और तीन से चार मकान शामिल थे।

    सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई कार्रवाई दोपहर 1.30 बजे तक चली। हाईकोर्ट की डबल बेंच के आदेश की पालना में हुई कार्रवाई से सड़क विकास का रास्ता साफ हुआ। इससे पहले करीब दो साल पहले भी इसी स्थान से 60 स्ट्रक्चर हटाए गए थे।

    कार्रवाई शांतिपूर्ण
    इससे पहले बोर्ड प्रशासन ने नोटिस जारी कर जगह खाली करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद कुछ निर्माणकर्ताओं ने सुबह से ही सामान और निर्माण हटाने शुरू कर दिए। हाउसिंग बोर्ड के उप आवासन आयुक्त राजेश व्यास ने बताया कि गंगा मार्ग इंदिरा गांधी नगर के मास्टर प्लान की महत्वपूर्ण सड़क है। पुनर्वास योजना के तहत अब तक 25 आवेदन प्राप्त हुए हैं। संबंधित लोगों से शपथ पत्र भी लिए गए हैं।

    पात्र प्रभावितों को इंदिरा गांधी नगर के सेक्टर-5 में लॉटरी के माध्यम से व्यावसायिक और आवासीय भूखंड व दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसकी कवायद शुरू हो चुकी है। व्यास ने बताया कि पूरे गंगा मार्ग का निर्माण 2024 में किया गया था, लेकिन 450 मीटर का यह हिस्सा अधूरा छूट गया था। यह सड़क 60 मीटर चौड़ी है। यहां शांतिपूर्ण तरीके से कार्रवाई पूरी कर ली गई।

    जगतपुरा में सीबीआइ फाटक से गोनेर रोड रेलवे ओवरब्रिज तक बनी 200 फीट रोड पर फाटक से आगे अतिक्रमण के कारण एक तरफ का रास्ता बंद था। ऐसे में वाहनों को दूसरी लेन से गुजरना पड़ता था। सेक्टर रोड पर एक ही तरफ सड़क होने से वाहनों का दबाव बढ़ रहा था और रात के समय आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थीं। मास्टर प्लान के मुताबिक, यह सड़क पूरी तरह 200 फीट चौड़ी प्रस्तावित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने से आवागमन सुगम होगा और हादसों की आशंका कम होगी। उन्होंने मंडल से जल्द से जल्द सड़क निर्माण पूरा करने की मांग की। पत्रिका ने भी पिछले कई अंकों में इस मार्ग की समस्या को प्रमुखता से उठाया था।

    सर्विस लेन में अब भी कुछ निर्माण शेष
    कार्रवाई के बाद भी इस रास्ते पर कुछ स्ट्रक्चर के हिस्से नहीं हटाए गए हैं। इससे आगे सर्विस लेन बनाने में परेशानी आ सकती है। अधिकारियों के अनुसार, आपसी सहमति से संबंधित निर्माणकर्ताओं को मकानों के शेष दो से तीन फीट हिस्से स्वयं हटाने के लिए समय दिया गया है। सड़क विकास कार्य शुरू होने पर इन्हें भी हटाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि गंगा मार्ग के इस कैरिज एरिया में कोई व्यक्ति निवास नहीं कर रहा था।

  • कंगना रनौत का राहुल गांधी पर तंज, जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन को लेकर दिया बड़ा बयान

    कंगना रनौत का राहुल गांधी पर तंज, जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन को लेकर दिया बड़ा बयान

    राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर CJP का प्रदर्शन चालू है. पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश कर रही है. उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है. गंभीर मुद्दे पर कंगना रनौत ने अपनी राय रखी है. उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है. जानते हैं कि प्रदर्शन पर कंगना का क्या कहना है.

    कंगना ने साधा निशाना  
    मीडिया संग बातचीत में कंगना रनौत ने दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन पर कहा- देखिए जो देशद्रोही, आतंकी शक्तियां और जो इंटरनेशनल साजिशें हैं. वो हमारे देश के लिए इस वक्त बहुत गंभीर समस्या बन चुकी है. क्योंकि किसी ना किसी तरीके से बहाना चाहे कोई भी हो. देश को और नागरिकों किसी ना किसी तरह की समस्या हो रही है.

    वो कहती हैं- लेकिन जैसे आज हम आयोध्या जा रहे हैं. श्रीराम जी का आशीर्वाद लेने. जब श्रीराम और हनुमान जी का आशीर्वाद हमारे साथ है. देखिए कितनी शक्तियां हमें तोड़ने के लिए खड़ी हैं, लेकिन सभी भारतवासी एक-दूसरे के साथ खड़े हैं. कितने लोग जो हैं वो इनका पर्दाफाश करने में लगे हुए हैं. देशद्रोही ताकतों का. मैं तो कहती हूं कि पुलिस छोड़िए लोग ही इन्हें पकड़कर इनकी धुलाई करने वाले हैं. क्योंकि लोग परेशान हैं, क्योंकि आए दिन किसी ना किसी वजह से देश को बंद कर दिया जाता है.

    राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कंगना ने कहा कि 'राहुल गांधी का हक बनता है कि वो राष्ट्रपति को मिलकर आपात्तिजनक चीजें बताएं. हमारे क्लास में भी ऐसा होता था, जो स्टूडेंट फेल हो जाते थे, उन्हें लगता था जो पास हो गया है उसके पास दूसरा पेपर आया था. या टीचर ने उनके साथ किसी तरह की दुश्मनी निकाली है. इलेक्शन से लेकर ABVP तक सारी चीजें बीजेपी जीत रहा है. अब राहुल जी कहते हैं कि अंगूर खट्टा है. पूरा देश हंस रहा है.'

    प्रदर्शन की मांग क्या है
    CJP और कई छात्र संगठनों का ये प्रदर्शन वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताओं के खिलाफ है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के सवालों का जवाब दें.

    CJP ने 7 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस को प्रदर्शन की सूचना दी थी. लेकिन पुलिस ने कहा कि आवेदन कार्यक्रम से बहुत करीब किया गया और पिछले प्रदर्शन में शर्तों का पालन नहीं होने के कारण इजाजत नहीं दी जा रही है.

  • गांव में स्कूल नहीं, फिर भी हुनर से दुनिया में बनाई पहचान, कटिहार के दिलखुश से मिले पीएम मोदी

    गांव में स्कूल नहीं, फिर भी हुनर से दुनिया में बनाई पहचान, कटिहार के दिलखुश से मिले पीएम मोदी

    कटिहार
      छोटा सा गांव, पगडंडियों का डगर और बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव, लेकिन सीने में पल रहे सपने गगनचुंबी थे। कटिहार जिले के कदवा प्रखंड अंतर्गत सुदूरवर्ती सिहपुर गांव में आज गर्व और उल्लास की लहर है। इस मिट्टी के लाल मो. दिलखुश ने चीन के शंघाई में आयोजित विश्व कौशल प्रतियोगिता (वर्ल्ड स्किल्स) में अपनी असाधारण तकनीकी दक्षता का परचम लहराकर न केवल अपने साधारण परिवार, बल्कि पूरे बिहार और देश का मान अंतरराष्ट्रीय पटल पर स्थापित कर दिया है।

    प्रतियोगिता से लौटने के बाद नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई आत्मीय मुलाकात और पीएम द्वारा हौसला अफजाई के बाद दिलखुश की यह उपलब्धि गांव-गांव तक प्रेरणा की नई मिसाल बन चुकी है। जिस गांव में बुनियादी शिक्षा हासिल करने के लिए भी बच्चों को दूसरे गांव का रुख करना पड़ता है, वहां के एक युवा की वैश्विक कामयाबी अब सीमांचल के सुदूर इलाकों में शिक्षा, हुनर और सुनहरे भविष्य की नई उम्मीद जगा रही है।

    माता-पिता की आंखों में छलके गर्व के आंसू
    दिलखुश की इस ऐतिहासिक सफलता की सबसे मर्मस्पर्शी और भावुक तस्वीर उसके माता-पिता के आंसुओं और शब्दों में झलकती है। बेटे की उपलब्धि पर गदगद पिता मोहम्मद इमामुद्दीन कहते हैं, "जीवन भर जो मेहनत और मजदूरी की, उसका फल आज मिल गया। अब लोग मुझे मेरे नाम से नहीं, बल्कि दिलखुश के अब्बा के रूप में पहचानते हैं। किसी भी पिता के लिए इससे बड़ा सम्मान और फख्र का लम्हा क्या हो सकता है!"

    पिता बोले- बेटे के नाम से मिली पहचान
    वहीं, मां दिलबरी खातून की जुबां पर बेटे के लिए सिर्फ दुआएं हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि इस खुशी को लफ्जों में बयां नहीं किया जा सकता। तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटे दिलखुश ने कभी गरीबी और तंगहाली को अपनी राह का रोड़ा नहीं बनने दिया। उसने अपनी अटूट लगन से पिता के पसीने का मोल चुकाया है और गांव के सपनों को नई परवाज दी है।

    गांव में स्कूल तक नहीं
    दिलखुश की कामयाबी के पीछे कड़े संघर्ष की ऐसी दास्तान है, जो अभावों में जीने वाले हर नौजवान को हिम्मत देती है। सिहपुर गांव में स्कूल की सुविधा नहीं होने के कारण उसे अपनी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए रोजाना ढाई किलोमीटर दूर बलिया बेलौन जाना पड़ता था।

    संघर्ष से शंघाई तक: मो. दिलखुश की प्रोफाइल
        नाम: मोहम्मद दिलखुश

        गांव व प्रखंड: सिहपुर, कदवा प्रखंड, जिला- कटिहार (बिहार)।

        माता-पिता: मां दिलबरी खातून एवं पिता मोहम्मद इमामुद्दीन (साधारण किसान)।

        परिवार: तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटे।

        शुरुआती चुनौती: गांव में विद्यालय न होने के कारण रोज ढाई किलोमीटर दूर बलिया बेलौन पैदल जाकर पढ़ाई की।

        वैश्विक मंच: चीन के शंघाई में आयोजित 'वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता' में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व और टॉप-10 में स्थान।

        ताजा उपलब्धि: प्रधानमंत्री आवास में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा विशेष मुलाकात और उत्साहवर्धन।

    ढाई किमी दूर पैदल जाकर पूरी की तालीम
    पिता बताते हैं कि कड़ी धूप हो या बरसात की कीचड़, दिलखुश रोजाना 15 से 20 मिनट तेज कदमों से चलकर स्कूल पहुंचता था। जहां बुनियादी सुविधाओं की कमी अक्सर ग्रामीण प्रतिभाओं का दम तोड़ देती है, वहीं दिलखुश ने पढ़ाई और सीखने की ललक को अपना सबसे बड़ा संबल बनाया। उसने यह सिद्ध कर दिया कि मंजिल की राह में दूरियां और आर्थिक तंगहाली रुकावट बन सकती हैं, लेकिन मजबूत संकल्प के आगे कोई भी बाधा टिक नहीं सकती।

    एक बेटे की कामयाबी से पूरे इलाके में जगी उम्मीद की नई किरण
    गांव के मुखिया मिराज आलम, पूर्व मुखिया मो. शाहिद, प्रदीप कुमार दास, मो. शमसी और पूर्व मुखिया अब्दुल रऊफ बताते हैं कि इमामुद्दीन ने बेहद तंगहाली और कठिनाइयों के बीच अपने बच्चों की परवरिश की। दिलखुश बचपन से ही मेधावी और शांत स्वभाव का था।

    ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि दिलखुश की यह वैश्विक उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह पूरे पिछड़े इलाके की सोच बदलने में क्रांतिकारी भूमिका निभाएगी। अब गांव के बच्चों के सामने एक ऐसा रोल मॉडल मौजूद है, जिसे देखकर वे भी पगडंडियों से निकलकर आसमान छूने और तकनीकी हुनर से तकदीर संवारने का सपना देख सकेंगे।

    दिलखुश का यह सफर सिर्फ एक ग्रामीण लड़के की निजी कामयाबी का दस्तावेज नहीं है। यह उस पिता के अनथक श्रम और त्याग की कहानी है, जिसने फटेहाल होकर भी बच्चों के हाथों से कलम नहीं छूटने दी। यह उस सुदूर गांव की दास्तान है, जहां विकास की रोशनी देर से पहुंची, लेकिन हुनर का उजाला पहले जगमगा उठा।

    अब पीढ़ियों की तकदीर बदलने की आस
    जिस पिता को आज अपने बेटे के नाम से सामाजिक सम्मान मिल रहा है, उसी बेटे की कामयाबी अब आने वाली पीढ़ियों की दिशा तय करेगी। सिहपुर के लिए दिलखुश की यह उड़ान यह संदेश देती है कि संसाधनों की कमी कभी प्रतिभा की सीमा तय नहीं कर सकती। लगन, शिक्षा और हुनर जब एक साथ मिलते हैं, तो इतिहास के पन्नों पर स्वर्णिम अक्षर खुद-ब-खुद लिखे जाते हैं।

     

  • सलमान खान ने लॉन्च किया अपना ऑफिशियल YouTube चैनल, पहले वीडियो में खुद बने टीचर और स्टूडेंट

    सलमान खान ने लॉन्च किया अपना ऑफिशियल YouTube चैनल, पहले वीडियो में खुद बने टीचर और स्टूडेंट

    बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने अपना ऑफिशियल यूट्यूब लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम उन्होंने बींग द सलमान खान रखा है. इसमें वह एक्टिंग, स्टाइल, बॉडी लैंग्वेज और ऑनस्क्रीन मैनरीजम की झलक दिखाते हुए नजर आएंगे. इंस्टाग्राम स्टोरी पर उन्होंने अपने चैनल का लिंक दिया और एक वीडियो भी शेयर किया. पोस्ट के साथ भाईजान ने कैप्शन में लिखा, शुरू से शुरू करते हैं. मेरा ऑफिशियल यूट्यूब चैनल, ए से जेड तक सब यहां मिलेगा. जो लोग नहीं जानते उन्हें बता दें कि एक्स (पहले ट्विटर) पर सलमान खान के 42.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं और इंस्टाग्राम पर भाईजान के 72.7 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जिनके लिए वह अपडेट शेयर करते रहते हैं.

    यूट्यूब चैनल पर शेयर किया पहला वीडियो
    सलमान खान ने यूट्यूब चैनल लॉन्च करते ही एक वीडियो भी शेयर कर दिया है, जिसके कैप्शन में लिखा, सलमान सर की क्लास बॉडी पार्ट्स टीचर भी मैं, स्टूडेंट भी मैं. इस चैनल का फॉर्मेट अनोखा है, जिसमें सलमान दो भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं, जिसमें वह खुद एक्टिंग कोच भी हैं और एक्टिंग सीखने वाले स्टूडेंट भी वह खुद हैं. सलमान खान के यूट्यूब पेज बनाते ही 34K लोगों ने सब्सक्राइब कर लिया है. जबकि पहले वीडियो को 17K लोगों ने 9 घंटे में देख लिया है.

    इन सेलेब्स ने शुरू किया था यूट्यूब चैनल
    सलमान खान से पहले आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा, कार्तिक आर्यन और फिल्ममेकर फराह खान ने यूट्यूब के जरिए फैंस का ध्यान खींचा है. फराह खान अपने यूट्यूब चैनल पर कुक दिलीप के साथ सेलेब्स के घर की झलक दिखाती हैं और उनसे बातें करती हुईं नजर आती हैं.

    सलमान खान का वर्कफ्रंट
    सलमान खान इन दिनों रियलिटी शो बिग बॉस 20 को होस्ट करते हुए नजर आ रहे हैं. वह सैटर्डे और संडे को घरवालों की क्लास लेते हुए नजर आ रहे हैं. जबकि पिछले दिनों फिल्मों में उनका विदेशी फिल्म 7 डॉग्स में कैमियो देखने को मिला था. जबकि उनकी आने वाली फिल्म मातृभूमि है, जिसे अपूर्वा लाखिया ने डायरेक्ट किया है. वहीं चित्रांगदा सिंह लीड रोल में हैं.

  • राहुल गांधी पर कंगना रनौत ने साधा निशाना, दिल्ली प्रदर्शन को लेकर बोलीं- ‘अंगूर खट्टे हैं’

    राहुल गांधी पर कंगना रनौत ने साधा निशाना, दिल्ली प्रदर्शन को लेकर बोलीं- ‘अंगूर खट्टे हैं’

    नई दिल्ली

    राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर CJP का प्रदर्शन चालू है. पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश कर रही है. उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है. गंभीर मुद्दे पर कंगना रनौत ने अपनी राय रखी है. उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है. जानते हैं कि प्रदर्शन पर कंगना का क्या कहना है। 

    कंगना ने साधा निशाना  
    मीडिया संग बातचीत में कंगना रनौत ने दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन पर कहा- देखिए जो देशद्रोही, आतंकी शक्तियां और जो इंटरनेशनल साजिशें हैं. वो हमारे देश के लिए इस वक्त बहुत गंभीर समस्या बन चुकी है. क्योंकि किसी ना किसी तरीके से बहाना चाहे कोई भी हो. देश को और नागरिकों किसी ना किसी तरह की समस्या हो रही है। 

    वो कहती हैं- लेकिन जैसे आज हम आयोध्या जा रहे हैं. श्रीराम जी का आशीर्वाद लेने. जब श्रीराम और हनुमान जी का आशीर्वाद हमारे साथ है. देखिए कितनी शक्तियां हमें तोड़ने के लिए खड़ी हैं, लेकिन सभी भारतवासी एक-दूसरे के साथ खड़े हैं. कितने लोग जो हैं वो इनका पर्दाफाश करने में लगे हुए हैं. देशद्रोही ताकतों का. मैं तो कहती हूं कि पुलिस छोड़िए लोग ही इन्हें पकड़कर इनकी धुलाई करने वाले हैं. क्योंकि लोग परेशान हैं, क्योंकि आए दिन किसी ना किसी वजह से देश को बंद कर दिया जाता है। 

    राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कंगना ने कहा कि 'राहुल गांधी का हक बनता है कि वो राष्ट्रपति को मिलकर आपात्तिजनक चीजें बताएं. हमारे क्लास में भी ऐसा होता था, जो स्टूडेंट फेल हो जाते थे, उन्हें लगता था जो पास हो गया है उसके पास दूसरा पेपर आया था. या टीचर ने उनके साथ किसी तरह की दुश्मनी निकाली है. इलेक्शन से लेकर ABVP तक सारी चीजें बीजेपी जीत रहा है. अब राहुल जी कहते हैं कि अंगूर खट्टा है. पूरा देश हंस रहा है। 

    प्रदर्शन की मांग क्या है
    CJP और कई छात्र संगठनों का ये प्रदर्शन वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताओं के खिलाफ है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के सवालों का जवाब दें। 

    CJP ने 7 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस को प्रदर्शन की सूचना दी थी. लेकिन पुलिस ने कहा कि आवेदन कार्यक्रम से बहुत करीब किया गया और पिछले प्रदर्शन में शर्तों का पालन नहीं होने के कारण इजाजत नहीं दी जा रही है। 

  • छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 18 अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी

    छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 18 अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी

    रायपुर 
    छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य की पुलिस व्यवस्था को और अधिक कसावट देने के लिए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 18 अधिकारियों का स्थानांतरण आदेश जारी किया है. इस फेरबदल में वर्ष 2021 से 2024 बैच के युवा पुलिस अधिकारियों को नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से लेकर पुलिस मुख्यालय (PHQ) स्तर तक अधिकारियों की तैनातियों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 

    तबादला सूची के अनुसार, बीजापुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अभियान) के रूप में कार्यरत अमन कुमार रमन कुमार को अब नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में राज्य अन्वेषण एजेंसी (SIA) का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है. वहीं नारायणपुर में पदस्थ अजय कुमार को विशेष शाखा (SIB) में पुलिस अधीक्षक की कमान सौंपी गई है। 

    पुलिस मुख्यालय स्तर पर आकाश श्रीमाल को एआईजी (PHQ), अक्षय प्रमोद सबद्रा को एआईजी (योजना/प्रबंध) तथा एसटीएफ बघेरा (दुर्ग) में तैनात आकाश कुमार शुक्ला को एआईजी (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) की जिम्मेदारी दी गई है। 

    राज्य के अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नई नियुक्तियां की गई हैं. बीजापुर में पदस्थ रवींद्र कुमार मीणा को एसपी (चिटफंड एवं महिला संबंधी अपराध) बनाया गया है, जबकि सुकमा में कार्यरत रोहित कुमार शाह को बीजापुर स्थित छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) की 15वीं वाहिनी का कमांडेंट नियुक्त किया गया है। 

    इसके अतिरिक्त, बस्तर और नक्सल प्रभावित संभागों में फील्ड कमान संभाल रहे नगर पुलिस अधीक्षकों (CSP) को पदोन्नत कर एएसपी (अभियान) की जिम्मेदारी दी गई है. इनमें जगदलपुर के सीएसपी सुमीतकुमार दत्ताहारी को कांकेर, रायपुर के एसीपी इशू अग्रवाल को नारायणपुर, रायगढ़ के सीएसपी मयंक मिश्रा को सुकमा, और राजनांदगांव की सीएसपी वैशाली जैन को जगदलपुर में एएसपी (अभियान) के पद पर भेजा गया है। 

    इसी तरह कोरबा के सीएसपी विमल कुमार पाठक को नारायणपुर, दुर्ग के सीएसपी हर्षित मेहर को कोंडागांव तथा अंबिकापुर के सीएसपी राहुल बंसल को बीजापुर में एएसपी (अभियान) की कमान मिली है। 

    इसके साथ ही, नए एवं प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों को भी प्रशासनिक अनुभव के लिए महत्वपूर्ण मैदानी पदस्थापना दी गई है. प्रशिक्षु आईपीएस अंशिका जैन को जगदलपुर का नया सीएसपी बनाया गया है. वहीं साकोर मानसी नानाभाऊ को रायपुर शहर के आजाद चौक क्षेत्र में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) नियुक्त किया गया है। 

    इसके अलावा, प्रशिक्षु अधिकारी आदित्य कुमार को राजनांदगांव का सीएसपी और प्रतीक बंसोड़े को अंबिकापुर का सीएसपी पदस्थ किया गया है. राज्य सरकार द्वारा जारी इस नए आदेश से कानून-व्यवस्था के संचालन और विशेष अभियानों की गति में तेजी आने की उम्मीद है।