Author: NewseDay

  • कच्चे तेल की महंगाई और व्यापारिक दबाव के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत, UN रिपोर्ट में सामने आई तस्वीर

    कच्चे तेल की महंगाई और व्यापारिक दबाव के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत, UN रिपोर्ट में सामने आई तस्वीर

    नई दिल्‍ली
     वैश्विक स्तर पर छाई आर्थिक सुस्ती और चीन जैसे दिग्गज देशों की घटती रफ्तार के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के कदम रुकने वाले नहीं हैं. संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत सबसे तेज रफ्तार से दौड़ने वाला देश बना रहेगा. जहां एक तरफ पड़ोसी देश चीन की विकास दर धीमी पड़ रही है, वहीं भारत अपनी मजबूत घरेलू मांग, बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और बड़े पैमाने पर चल रहे बुनियादी ढांचा कार्यक्रमों के दम पर नए रिकॉर्ड बनाने को तैयार है। 

    यूएनसीटीएडी (UNCTAD) की ‘व्यापार और विकास रिपोर्ट 2026: विकास का भू-अर्थशास्त्र’ के मुताबिक, कच्चे तेल के भारी आयात और वैश्विक दबावों के बावजूद भारत की आर्थिक रफ्तार जारी रहेगी. रिपोर्ट का अनुमान है कि 2026 (वित्त वर्ष 2027) में भारत की जीडीपी 7.3 फीसदी की दर से बढ़ेगी, जबकि 2027 (वित्त वर्ष 2028) में यह 6.8 फीसदी रह सकती है। 

    चीन-इंडोनेशिया काफी पीछे, एशिया का मुख्य इंजन बना भारत
    रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि में अकेले एशिया का योगदान 59 फीसदी रहने का अनुमान है. भारत की विकास दर 7.3 फीसदी रहने का अनुमान है तो चीन की अर्थव्‍यवस्‍था महज 4.5 फीसदी की दर से बढ़ेगी. इंडोनेशिया आर्थिक विकास दर 5.2 फीसदी रहने का अनुमान है। 

    घरेलू मांग भारत की सबसे बड़ी ताकत
    भारतीय बाजार की सबसे बड़ी खूबी इसका अंदरूनी उपभोग है, जो बाहरी झटकों को आसानी से झेल लेता है. रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में भारत की घरेलू खपत 6.9 फीसदी और अगले वर्ष 5.6 फीसदी की दर से बढ़ने की संभावना है. हालांकि, बढ़ती लागत और महंगाई के चलते पिछले वर्षों की तुलना में खत की गति में हल्की नरमी देखी जा सकती है, लेकिन इसके बावजूद यह आंकड़ा अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कहीं अधिक मजबूत और स्थिर है। 

    भारत के डिजिटल मॉडल (DPI) का दुनियाभर में बजा डंका
    संयुक्त राष्ट्र ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और यूपीआई आधारित भुगतान मॉडल की सराहना की है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत एक प्रमुख तकनीकी केंद्र के रूप में भी उभर चुका है. भारत ने अपनी डिजिटल तकनीक साझा करने के लिए 23 देशों के साथ समझौते किए हैं, जिनमें से श्रीलंका और यूएई सहित आठ देशों में तकनीकी सहयोग पहले से संचालित हो रहा है. इसके जरिए भारत क्षेत्रीय और वैश्विक आर्थिक एकीकरण को नई दिशा दे रहा है। 

    विकासशील देशों की औसत चाल सुस्त
    संयुक्‍त राष्‍ट्री की इस रिपोर्ट में दुनिया भर के आर्थिक हालात को लेकर चिंता भी जताई गई है. यूएनसीटीएडी के अनुसार, 2026 में वैश्विक वृद्धि दर गिरकर 2.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष 2.9 फीसदी थी. वहीं विकासशील देशों की औसत वृद्धि दर भी 4.7 फीसदी से घटकर 4 फीसदी पर आ सकती है। 

  • आतंकियों के मुकदमे वापस लेने से लेकर पूजा के दिखावे तक, पूर्व डीजीपी ने सपा अध्यक्ष को घेरा

    आतंकियों के मुकदमे वापस लेने से लेकर पूजा के दिखावे तक, पूर्व डीजीपी ने सपा अध्यक्ष को घेरा

    रायपुर

     ईओडब्ल्यू ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कोल लेवी घोटाले में सोमवार को विशेष अदालत में छठा पूरक आरोप पत्र दाखिल कर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि कोयला परिवहनकर्ताओं से वसूले गए अवैध लेवी के 104.20 करोड़ रुपये रायपुर स्थित राजीव भवन (प्रदेश कांग्रेस कार्यालय) पहुंचाए गए। यह रकम तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल तक भेजी गई थी।

    जांच एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2020 में खनिज विभाग की आनलाइन ई-परमिट प्रणाली में बदलाव कर जिला खनिज अधिकारी (डीएमओ) का मैन्युअल अनुमोदन अनिवार्य किया गया। इसके बिना डीओ जारी होना बंद कर दिया गया और परिवहन पर रोक लगा दी गई। इसी प्रशासनिक शिकंजे की आड़ में 25 रुपये प्रति टन की दर से अवैध कोयला लेवी की वसूली शुरू हुई। वसूली का मुख्य सूत्रधार सूर्यकांत तिवारी था, जो मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और वरिष्ठ अफसरों के नाम का दुरुपयोग कर पूरा सिंडिकेट चला रहा था।

    किसे कितनी मिली अवैध रकम

    रामगोपाल अग्रवाल (तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष): डायरियों में दर्ज 'भवन' और 'सी पार्टी' कोडवर्ड की 32 प्रविष्टियों के जरिए कुल 104.20 करोड़ रुपये स्वीकार करने का आरोप।

    देवेंद्र सिंह यादव (पूर्व विधायक, भिलाई नगर): खैरागढ़ उपचुनाव और व्यक्तिगत उपयोग के लिए सहयोगी नवाज के माध्यम से 3 करोड़ रुपये लेने का विवरण।

    चंद्रदेव प्रसाद राय (पूर्व विधायक, बिलाईगढ़): नकद रकम और चुनावी खर्च के अलावा सूर्यकांत तिवारी द्वारा दिए गए लाखों रुपये के सोने के आभूषण प्राप्त किए।

    जयप्रकाश मौर्य (तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म):सिंडिकेट को मदद पहुंचाने और पैलेट उद्योगों पर 100 रुपये प्रति टन वसूली के लिए दबाव बनाने के एवज में आर्थिक लाभ प्राप्त किया।

    विनोद तिवारी व रामप्रताप सिंह (कांग्रेस नेता): राजनीतिक प्रभाव और समन्वय के लिए क्रमशः 2.12 करोड़ रुपये और अन्य लेन-देन में सहभागिता के साक्ष्य।
    शेल कंपनियों और अचल संपत्तियों में निवेश

    जांच में सामने आया कि अवैध वसूली की रकम को छिपाने के लिए रानू साहू के भाई पियूष साहू, सौम्या चौरसिया के रिश्तेदार अनुराग चौरसिया और कारोबारी सुनील कुमार अग्रवाल (इंद्रमणि समूह) व जोगेंदर सिंह का सहारा लिया गया। फर्जी लोन,राइस मिलों के खातों और शेल कंपनियों के जरिए 10.77 करोड़ से अधिक की बैंक एंट्री कराई गई तथा बेनामी जमीनें, वाशरी और फ्लैट खरीदे गए।
    व्हाट्सएप चैट व डायरियों से खुले राज

    ईओडब्ल्यू ने जब्त हस्तलिखित डायरियों, फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट्स और आरोपियों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट को पुख्ता साक्ष्य बनाया है। डायरियों में दर्ज 'डी','आरपी', 'जेपी', 'चंद्रा', 'भगत' और 'एमयू' जैसे कोडवर्ड की पहचान जांच के दौरान उजागर हो चुकी है।
    चालान में शामिल आरोपियों की भूमिका

    1. राम गोपाल अग्रवाल

    राम गोपाल अग्रवाल संबंधित अवधि में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्क्ष एवं छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष थे। जब्त डायरियों में ‘‘भवन’ एवं "C PARTY" के नाम से 32 प्रविष्टियों में कुल ₹104.20 करोड़ (एक सौ चार करोड़ बीस लाख रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में यह रकम राजीव भवन पहुंचाए जाने तथा देवेन्द्र डडसेना के माध्यम से राम गोपाल अग्रवाल द्वारा पार्टी के लिए प्राप्त किए जाने के तथ्य मिले हैं। उनके परिवार से संबंधित कंपनियों के नाम भूमि खरीदी और रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद भुगतान का विवरण भी चालान में शामिल है।

    2. देवेन्द्र सिंह यादव

    भिलाई नगर विधायक देवेंद्र सिंह यादव एवं उनके लिए रकम प्राप्त करने वाले नवाज से संबंधित 11 डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹3 करोड़ ;तीन करोड़ रुपयेद्ध दर्ज हैं। इनमें खैरागढ़ उपचुनाव के लिए भेजी गई रकम भी शामिल है। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी की ओर से रकम प्राप्त करने तथा उसका उपयोग चुनाव संबंधी कार्यों और स्वयं के लिए करने में देवेंद्र सिंह यादव की भूमिका पाई गई है।

    3. विनोद तिवारी

    विनोद तिवारी के नाम अथवा उनसे जुड़े नामों से जब्त डायरियों में 22 प्रविष्टियों में कुल दो करोड़ बारह लाख ग्यारह हजार रुपये (लगभग ₹2.12 करोड़) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने और उसका उपयोग राजनीतिक कार्यों में करने के तथ्य मिले हैं। खैरागढ़ उपचुनाव की होर्डिंग के भुगतान तथा जिला पंचायत के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के लिए रकम की व्यवस्था से संबंधित विवरण भी सामने आया है।

    4. रामप्रताप सिंह

    जब्त डायरियों में "R P Singh" एवं "RP" नाम से रामप्रताप सिंह से संबंधित 25 प्रविष्टियों में कुल दो करोड़ बानवे लाख नब्बे हजार रुपये (लगभग ₹2.93 करोड़) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने तथा उसे व्यक्तिगत खर्च, राजनीतिक कार्यों, मीडिया प्रबंधन और वाहन व्यवस्था में उपयोग करने में उनकी भूमिका पाई गई है।

    5. चंद्रदेव प्रसाद राय

    तत्कालीन बिलाईगढ़ विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय से संबंधित चार डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹49.50 लाख (लगभग उनचास लाख पचास हजार रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने और उसका उपयोग चुनाव संबंधी खर्चों में करने के तथ्य मिले हैं। इसके अलावा सूर्यकांत तिवारी द्वारा उन्हें आभूषण उपलब्ध कराए जाने का विवरण भी चालान में शामिल है।

    6. जयप्रकाश मौर्य

    तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म, जयप्रकाश मौर्य से संबंधित दो डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹1 करोड़ (लगभग एक करोड़ रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने, खनिज विभाग के मामलों में उसके साथ संपर्क रखने तथा अवैध वसूली की व्यवस्था में सहयोग करने में उनकी भूमिका पाई गई है। पैलेट उद्योगपतियों को ₹100 प्रति टन की रकम सूर्यकांत तिवारी अथवा उसके लोगों को देने के निर्देश दिए जाने का विवरण भी उनके विरुद्ध चालान में शामिल है।

    7. पियूष कुमार साहू

    पियूष कुमार साहू की भूमिका अपनी बहन रानू साहू को कोयला लेवी से प्राप्त रकम अपने एवं परिवारजनों के नाम संपत्तियों में निवेश कराने में पाई गई है। परिवार से संबंधित 13 संपत्तियों की खरीदी में बैंक खातों से भुगतान के अलावा रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद भुगतान भी किया गया। रकम के लेन-देन और संपत्ति खरीदी में उनके तथा परिवारजनों के बैंक खातों का उपयोग किया गया।

    8. जोगेन्दर सिंह

    जोगेन्दर सिंह, सूर्यकांत तिवारी के व्यावसायिक भागीदार थे। विवेचना में जय अम्बे रोड लाइन्स के माध्यम से नकद रकम की व्यवस्था करने तथा अपनी फर्मों के खातों से बैंक प्रविष्टियां उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका पाई गई है। सात फर्मों को भेजी गई लगभग ₹40 करोड़ (लगभग चालीस करोड़ रुपये) की राशि और उससे संबंधित लेन-देन का विवरण भी चालान में दिया गया है।

    9. अनुराग चौरसिया

    अनुराग चौरसिया की भूमिका सौम्या चौरसिया को कोयला लेवी से प्राप्त रकम अपने एवं परिवारजनों के नाम फ्लैट और भूमि खरीदी में लगाने में पाई गई है। इसके लिए मोटल मधुबन तथा परिवारजनों के बैंक खातों का उपयोग किया गया। इन खातों में प्राप्त रकम, आगे किए गए भुगतान और संपत्तियों में निवेश का विवरण चालान में शामिल है।

    10. दीपेश टांक

    दीपेश टांक की भूमिका भूमि सौदे में रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद रकम प्राप्त करने तथा नकद रकम को कृषि आय के रूप में दर्शाने में पाई गई है। भूमि विक्रय के बाद भी वे ओम एग्रो फार्म के कार्यों एवं भुगतान से जुड़े रहे। अवैध रकम को भूमि और फार्म के कार्यों में लगाने तथा उसे वैध आय दर्शाने से संबंधित तथ्य चालान में दिए गए हैं।

    11. सुनील कुमार अग्रवाल

    इंद्रमणि समूह के सुनील कुमार अग्रवाल की भूमिका सूर्यकांत तिवारी की ओर से भेजी गई नकद रकम अपने यहां रखने, उससे आगे भुगतान करने तथा वाशरी खरीदी में निवेश कराने में पाई गई है। इंद्रमणि समूह से संबंधित लेन-देन, वाशरी एवं भूमि खरीदी और नकद रकम के उपयोग का विवरण चालान में शामिल है।

    12. राहुल मिश्रा

    राहुल मिश्रा, सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी निर्माण परियोजनाओं में कार्य करते थे। विवेचना में उनके पास बड़ी नकद रकम रखे जाने तथा आवश्यकता पड़ने पर उसे निखिल चंद्राकर के माध्यम से सूर्यकांत तिवारी को वापस उपलब्ध कराए जाने के तथ्य मिले हैं। निर्माण कार्यों के भुगतान और नकद रकम सुरक्षित रखने में उनकी भूमिका का विवरण चालान में दिया गया है।

     

  • छत्तीसगढ़ के IPS अधिकारी संतोष सिंह की नई पोस्टिंग, दिल्ली मेट्रो में DIG पद की कमान संभाली

    छत्तीसगढ़ के IPS अधिकारी संतोष सिंह की नई पोस्टिंग, दिल्ली मेट्रो में DIG पद की कमान संभाली

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी संतोष सिंह ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के उप महानिरीक्षक (DIG) का पदभार ग्रहण कर लिया है. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात संतोष सिंह अब देश की राजधानी की सुरक्षा लाइफलाइन मानी जाने वाली दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था का नेतृत्व करेंगे। 

    सुरक्षा प्रबंधन और प्रशासनिक कुशलता में संतोष सिंह का अनुभव काफी समृद्ध रहा है. वे छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव, कोरिया, रायगढ़, महासमुंद, नारायणपुर और कोंडागांव जैसे 9 प्रमुख जिलों में एसपी व एसएसपी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इसके अतिरिक्त वे सुकमा में अतिरिक्त एसपी और दुर्ग में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के पद पर भी तैनात रहे हैं। 

    दिल्ली में इस नई जिम्मेदारी से ठीक पहले वे हैदराबाद में 'साउथ जोन-2' के डीआईजी के रूप में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे. वहां उन्होंने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तरी कर्नाटक में फैले पूर्वी तटीय बंदरगाहों तथा सामरिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की कमान संभाली थी। 

    क्षेत्रीय सुरक्षा और अति-संवेदनशील अवसंरचनाओं की रखवाली के उनके इस विस्तृत अनुभव का लाभ अब दिल्ली मेट्रो को मिलेगा। 

    उल्लेखनीय है कि दिल्ली मेट्रो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की लाइफलाइन है, जो 271 स्टेशनों के जरिए दिल्ली को उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पड़ोसी शहरों से जोड़ती है। 
    इस विशाल नेटवर्क ने बीते 17 सितंबर को ही लगभग 82.45 लाख यात्रियों के दैनिक सफर का नया रिकॉर्ड कायम किया है. इतने बड़े पैमाने पर दैनिक आवाजाही वाले इस नेटवर्क की सुरक्षा में संतोष सिंह का अनुभव बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। 

  • कांकेर माओवादी मामले में कोर्ट का फैसला, दो दोषियों को 10-10 वर्ष का कठोर कारावास

    कांकेर माओवादी मामले में कोर्ट का फैसला, दो दोषियों को 10-10 वर्ष का कठोर कारावास

    कांकेर 

    छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले स्थित भानुप्रतापपुर की विशेष एनआईए अदालत ने सुरक्षा बलों को विस्फोटकों से निशाना बनाने की साजिश रचने के मामले में दो लोगों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. विशेष एनआईए न्यायाधीश दीपक के. गुप्ता की अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर 2,000-2,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता त्रिभुवन शंकर यादव ने की। 

    यह मामला 28 अक्टूबर 2023 का है, जब कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के चिलपरस-नयापारा पहाड़ी के पास सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम गश्त कर रही थी. सर्चिंग के दौरान जंगल के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति भागने लगे, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया. पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान सानू कोमरा और अर्जुन साहू के रूप में हुई। 

    जांच के दौरान खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी प्रतिबंधित माओवादी संगठन की जन मिलिशिया शाखा से जुड़े थे और बारूदी सुरंग या विस्फोटक लगाकर सुरक्षा बलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने की साजिश में शामिल थे. आरोपियों के कब्जे से नौ डेटोनेटर, तार का बंडल, स्विच, प्लास्टिक रस्सी, छर्रों के दो पैकेट, लगभग एक किलोग्राम लोहे के टुकड़े, दो पाइप और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया था। 

    पुलिस ने मामला दर्ज कर साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया, जहां सुनवाई के बाद दोनों को दोषी करार दिया गया। 
    उल्लेखनीय है कि कांकेर जिले में माओवादी मामलों में न्यायिक कार्रवाई तेजी से चल रही है. जिले में लंबित 36 मामलों में से हाल ही में तीन में फैसले आ चुके हैं, जिससे अब लंबित मामलों की संख्या घटकर 33 रह गई है। 
    इससे पहले सितंबर 2026 में कांकेर अदालत ने स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य प्रभाकर राव और उनकी पत्नी राजे कांगे से जुड़े मामले में निर्णय सुनाया था, जबकि 16 सितंबर 2026 को भानुप्रतापपुर अदालत ने माओवादी आरोपी पोलूराम आंचला को भी 10 साल की सजा सुनाई थी.

  • झारखंड में 104 किसानों की रुकी रकम होगी वापस, हाई कोर्ट ने सरकार को दो महीने की दी मोहलत

    झारखंड में 104 किसानों की रुकी रकम होगी वापस, हाई कोर्ट ने सरकार को दो महीने की दी मोहलत

    रांची
     झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की अदालत ने पलामू जिला के पंडवा प्रखंड में धान खरीद के बकाए भुगतान मामले में 104 किसानों को बड़ी राहत दी है।

    अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि जिन 104 किसानों पर धान खरीद में अनियमितता का कोई आरोप नहीं है, उन्हें बकाया राशि का भुगतान करने के लिए दो महीने के भीतर हाई कोर्ट में राशि जमा कराई जाए।

    अदालत ने स्पष्ट किया कि इन किसानों को धान की आपूर्ति के बदले पहले ही 50 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है और उनके पास आपूर्ति की रसीद भी है। ऐसे में बिना किसी ठोस आधार के उनका शेष भुगतान रोका नहीं जा सकता। अदालत ने शेष 24 किसानों के मामले में राज्य सरकार को जांच करने की छूट दी है।

    सरकार को एक महीने के भीतर जांच की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। यदि इन किसानों के खिलाफ निर्धारित समय में कार्रवाई शुरू नहीं होती या जांच पूरी नहीं की जाती है, तो उन्हें भी बकाया राशि का भुगतान करना होगा। इसको लेकर आशा प्रसाद की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गई है।

    128 किसानों का लगभग 1.71 करोड़ रुपये था बकाया
    याचिका में कहा गया था कि पंडवा प्रखंड के पात्रा पैक्स के माध्यम से किसानों ने सरकार को धान की आपूर्ति की थी। किसानों को 50 प्रतिशत राशि का भुगतान किया गया, लेकिन शेष 50 प्रतिशत यानी लगभग 1.71 करोड़ रुपये का भुगतान लंबे समय से लंबित था। किसानों को भुगतान नहीं होने के मामले में हाई कोर्ट ने 10 जुलाई 2024 को राज्य सरकार के आश्वासन के बाद बकाया राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया था।

    सरकार की ओर से बताया गया कि उपायुक्त, पलामू की जांच रिपोर्ट में पात्रा पैक्स के माध्यम से धान खरीद में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि 104 किसानों के बकाए की राशि दो महीने के भीतर अदालत में जमा कराई जाए. इसके बाद हाई कोर्ट की रजिस्ट्री सीधे किसानों के बैंक खातों में राशि हस्तांतरित करेगी। इसके लिए याचिकाकर्ता को किसानों की पहचान और बैंक खाते से संबंधित विवरण रजिस्ट्री को उपलब्ध कराना होगा।

  • PM Kisan 24th Installment: 20 अक्टूबर को आएंगे पैसे? जानें किस्त की तारीख और ₹4,000 मिलने का पूरा गणित

    PM Kisan 24th Installment: 20 अक्टूबर को आएंगे पैसे? जानें किस्त की तारीख और ₹4,000 मिलने का पूरा गणित

    पटना
     भारत के सभी राज्यों सहित बिहार के लाखों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं। केंद्र सरकार की ओर से अब तक 23 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। अब किसानों की नजर 24वीं किस्त पर है।

    हालांकि, अगली किस्त जारी होने की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। ऐसे में किसानों के लिए जरूरी है कि वे अपनी पात्रता और भुगतान का स्टेटस पहले ही जांच लें।

    24वीं किस्त में मिल सकते हैं 4,000 रुपये?
    PM Kisan 4000 Rupees पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये तीन बराबर किस्तों में दिए जाते हैं। यानी हर किस्त में 2,000 रुपये मिलते हैं।

    जिन किसानों की पिछली किस्त किसी वजह से अटक गई थी, उन्हें बकाया राशि मिलने पर अगली किस्त के साथ कुल 4,000 रुपये मिल सकते हैं। हालांकि, यह भुगतान पात्रता और संबंधित किस्त की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

    बिहार के किसान पहले चेक करें ये जरूरी बातें
    PM Kisan Beneficiary Status किस्त का पैसा समय पर पाने के लिए किसान अपनी e-KYC पूरी रखें, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी जांचें और योजना में अपनी पात्रता सुनिश्चित करें। किसी तरह की गड़बड़ी होने पर भुगतान रुक सकता है।

    घर बैठे ऐसे चेक करें किस्त का स्टेटस
        सबसे पहले पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
        Know Your Status विकल्प पर क्लिक करें।
        अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और स्क्रीन पर मांगी गई जानकारी भरें।
        रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करें।

    इसके बाद भुगतान की स्थिति और खाते में राशि भेजे जाने से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं।

    कब आएगी अगली किस्त?
    फिलहाल 24वीं किस्त की तारीख को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। इसलिए 20 अक्टूबर को पैसा आने की खबर को निश्चित न मानें। बिहार के किसान किसी भी अपडेट के लिए सरकारी पोर्टल पर नजर रखें और अपनी जानकारी दुरुस्त कर लें।

     

  • वेस्टइंडीज ने 250 रन का लक्ष्य किया पार, शे होप के शतक से भारत हारा; श्रेयस की कप्तानी पर चर्चा तेज

    वेस्टइंडीज ने 250 रन का लक्ष्य किया पार, शे होप के शतक से भारत हारा; श्रेयस की कप्तानी पर चर्चा तेज

    रांची
     भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले के बाद सुनील गावस्कर ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर सवाल खड़े किए हैं। एक सप्ताह पहले एनसीए के हेड वीवीएस लक्ष्मण ने श्रेयस की कप्तानी की जमकर सराहना की थी। इस समय भारतीय टीम एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर लौटी थी। वीवीएस लक्ष्मण ने कहा था कि श्रेयस ने दिखाया है कि उनके अंदर बेहतरीन कप्तान बनने की क्षमता है। अब वह 249 रन का बचाव करने में असफल रहे हैं, जबकि जापान के खिलाफ उनकी कप्तानी में ही भारत ने 32 रन का स्कोर डिफेंड किया था।

    भारत की हार पर पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भारत के गेंदबाजी चयन पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मेहमान टीम के रिकॉर्ड चेज के दौरान 17वां ओवर फेंकने के लिए कुलदीप के बजाय अर्शदीप सिंह या मयंक यादव बेहतर विकल्प हो सकते थे। गावस्कर ने जियोस्टार पर कहा, 'मैं अर्शदीप या मयंक में से किसी एक को चुनता। हां, अर्शदीप ने अपने आखिरी ओवर में काफी रन दिए, लेकिन मयंक ने शुरुआती झटके दिए थे। जो विकेट गिरे थे, उनमें से उसने 3 लिए थे। उसका इकॉनमी रेट लगभग 12 प्रति ओवर था और उस समय वेस्टइंडीज को इससे ज्यादा की जरूरत थी। इसलिए, अगर उसने एक विकेट लिया होता, और कभी-कभी जब गेम आपके पक्ष में जा रहा होता है, तो कौन जानता है, आपको एक विकेट मिल जाता, भले ही वह एक अच्छी गेंद न हो।'

    दुबे को नौवां ओवर देने की जरूरत नहीं थी
    पूर्व भारतीय कप्तान ने नौवें ओवर में शिवम दुबे को गेंद देने के फैसले पर भी सवाल उठाया और कहा कि उस समय कुलदीप यादव ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकते थे। उन्होंने कहा, टएक बार जब आपको विकेट मिल जाता है, तो अचानक, विरोधी टीम बैकफुट पर आ जाती है। एक नए बल्लेबाज को आना पड़ता है। शायद यह कोशिश की जा सकती थी। मुझे लगता है कि उस समय नौवें ओवर में शिवम दुबे को गेंद देना ठीक नहीं था। जब बैट्समैन अभी भी अपनी नजरें जमा रहे थे, तो शायद कुलदीप को लाना एक बेहतर आइडिया होता।'

    250 रन चेज करने में सफल रही वेस्टइंडीज की टीम
    भारत इस मैच में 249 रन का स्कोर डिफेंड करने में नाकाम रहा और वेस्टइंडीज ने 19.2 ओवर में 4 विकेट खोकर 252 रन बना लिए और 6 विकेट से जीत हासिल की। इसके साथ ही 5 मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। मेहमान टीम का यह सफल चेज भारत के खिलाफ सबसे बड़ा चेज था। मयंक ने 3 विकेट लेकर भारत को शुरुआती ब्रेकथ्रू दिए, लेकिन मेजबान टीम वेस्टइंडीज को मोमेंटम बनाने से नहीं रोक सकी। कप्तान शे होप ने 45 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। उनके साथ शेरफेन रदरफोर्ड ने 37 गेंदों पर 84 रन बनाए। दोनों ने 120 रन की अहम साझेदारी हुई।

  • राजस्थान के प्राचीन तीर्थ खेड़ मंदिर में बढ़ेंगी सुविधाएं, 16 कमरों वाला भवन और पार्किंग होगी तैयार

    राजस्थान के प्राचीन तीर्थ खेड़ मंदिर में बढ़ेंगी सुविधाएं, 16 कमरों वाला भवन और पार्किंग होगी तैयार

    बालोतरा
     राजस्थान के बालोतरा जिले के प्रसिद्ध सनातनी तीर्थ खेड़ श्री रणछोड़राय मंदिर में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए विकास कार्यों की राह खुल गई है। देवस्थान विभाग की ओर से तीर्थ के विकास के लिए 4 करोड़ 52 लाख रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है।

    टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग ने कार्यादेश जारी कर दिए हैं। नवरात्र की शुरुआत में निर्माण कार्य शुरू होगा। एक वर्ष में काम पूरा होने पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के ठहरने से लेकर वाहनों की पार्किंग तक की सुविधाओं का विस्तार होगा। दो मंजिला भवन, म्यूजिकल फाउंटेन और चारदीवारी सहित विभिन्न विकास कार्यों से प्राचीन तीर्थ का स्वरूप निखरेगा।

    सदियों पुराना तीर्थ, लाखों श्रद्धालुओं की आस्था
    खेड़ स्थित रणछोड़राय तीर्थ कई शताब्दियों पुराना है। यह जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल होने के साथ लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में भगवान रणछोड़राय की आदमकद संगमरमर की प्रतिमा सहित अन्य देव प्रतिमाएं स्थापित हैं। राधाष्टमी पर यहां वार्षिक मेले का आयोजन होता है। इसके अलावा विभिन्न धार्मिक आयोजनों में भी श्रद्धालु उत्साह से भाग लेते हैं। तीर्थ ट्रस्ट मंडल की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समय-समय पर विकास कार्य करवाए जाते रहे हैं।

    ठहरने से लेकर पार्किंग तक की सुविधाओं का विस्तार
    देवस्थान विभाग की ओर से स्वीकृत बजट से मंदिर परिसर में यात्रियों के ठहरने के लिए सर्वसुविधायुक्त दो मंजिला भवन का निर्माण करवाया जाएगा। इसमें कुल 16 कमरे होंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए पार्किंग विकसित की जाएगी। मंदिर परिसर में म्यूजिकल फाउंटेन लगाने के साथ चारदीवारी का निर्माण भी करवाया जाएगा। अन्य आवश्यक विकास कार्य भी प्रस्तावित हैं। इन सुविधाओं के विकसित होने से धार्मिक आयोजनों और मेलों के दौरान मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।

    श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
    श्री खेड़ रणछोड़राय मंदिर शताब्दियों पुराना प्राचीन तीर्थ है। यह लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इसके विकास के लिए सरकार की ओर से बजट स्वीकृत किया जाना खुशी की बात है। प्रस्तावित कार्य पूरे होने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
    भंवरलाल टावरी, अध्यक्ष, खेड़ रणछोड़राय मंदिर ट्रस्ट मंडल

    इनका कहना है
    बजट स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्यादेश जारी किए गए हैं। नवरात्र की शुरुआत में कार्य का शुभारंभ किया जाएगा। निर्माण कार्य प्राथमिकता से करवाया जाएगा।
     गौतम कुमार, कनिष्ठ अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, बालोतरा

  • एशियन गेम्स में लंबी कूद को लेकर विवाद, शैली सिंह ने कहा- पुरानी बात छोड़कर भविष्य पर करूंगी फोकस

    एशियन गेम्स में लंबी कूद को लेकर विवाद, शैली सिंह ने कहा- पुरानी बात छोड़कर भविष्य पर करूंगी फोकस

     नई दिल्ली
    लंबी कूद की एथलीट शैली सिंह एशियाई खेलों में विवादास्पद चौथे स्थान पर रहने की निराशा से उबरकर आगामी प्रतियोगिताओं पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और वह भविष्य में भी ट्रिपल जंप में अपना भाग्य आजमाना चाहती हैं।

    जापान में एशियाई खेलों में इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने महिलाओं की लंबी कूद में 6.42 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ चौथा स्थान हासिल किया। हालांकि, भारत ने उनके चौथे प्रयास के नाप के तरीके पर आपत्ति जताई थी। इसे आधिकारिक तौर पर 6.41 मीटर दर्ज किया गया था लेकिन भारत ने आरोप लगाया था कि अधिकारियों ने कूद की लंबाई कम नापी थी।

    खेल पंचाट में पहुंचा मामला
    भारत ने प्रतियोगिता के दौरान विरोध दर्ज किया था जिसको खारिज कर दिया गया। इसके बाद भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने खेल पंचाट के सामने यह मामला उठाया। शैली में कहा कि जो कुछ हुआ वो मेरे लिए बिल्कुल नया था। उस समय मुझे कुछ भी समझ में नहीं आया। मुझे इससे उबरने में कई दिन लग गए। मैं इतने साल से मेहनत कर रही हूं लेकिन अगर मैं इसके बारे में ही सोचती रहूंगी तो उससे किसी तरह का फायदा नहीं होगा। मुझे इस घटना को भूलना होगा।

    फैसला स्वीकार होगा
    उन्होंने कहा कि हमने वहां भी आपत्ति दर्ज कराई थी और मामला अभी चल रहा है। फैसला जो भी हो मैं उसे स्वीकार करूंगी। शैली ने कहा कि वह उस घटना में उलझे रहने के बजाय आगामी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मुझे आगामी प्रतियोगिता के लिए भी तैयार होना है। इसलिए मुझे पुरानी बातों को पीछे छोड़ना होगा और नई चीजों को स्वीकार करना होगा।

     

  • MP में इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार: जबलपुर रिंग रोड के लिए मार्च 2027 की डेडलाइन, पांच पैकेज में निर्माण

    MP में इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार: जबलपुर रिंग रोड के लिए मार्च 2027 की डेडलाइन, पांच पैकेज में निर्माण

     जबलपुर
     जबलपुर में यातायात का दबाव कम करने और शहर के बाहर से वाहनों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए प्रस्तावित आउटर रिंग रोड का निर्माण पांच पैकेज में किया जा रहा है। बरेला से मानेगांव सहित अलग-अलग हिस्सों में विभाजित इस 113 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना पर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना को पहले दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन अब इसकी समयसीमा बढ़ाकर मार्च 2027 कर दी गई है।

    पांच पैकेज में होगा निर्माण
    परियोजना को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर निर्माण की योजना बनाई गई है। इसमें बरेला से मानेगांव, मानेगांव से एनएच-45 यानी बेलखाड़ू क्षेत्र, एनएच-45 से कुशनेर, कुशनेर से अमझर और अमझर से वापस बरेला तक का हिस्सा शामिल है। इन पांचों पैकेज के माध्यम से पूरी रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा।

    इन प्रमुख मार्गों से जुड़ेगी रिंग रोड
    रिंग रोड का एक हिस्सा बरेला से मानेगांव तक रहेगा। इसके बाद सड़क मानेगांव से एनएच-45 तक पहुंचेगी। आगे एनएच-45 से कुशनेर तक का हिस्सा होगा, जहां से वाराणसी-सिरोनाबाद मार्ग की ओर संपर्क मिलेगा। कुशनेर से अमझर तक का हिस्सा अमरकंटक मार्ग से जुड़ेगा। इसके बाद अमझर से बरेला तक सड़क का अंतिम हिस्सा होगा।

    दिसंबर 2025 की जगह अब मार्च 2027 की समयसीमा
    परियोजना को मूल रूप से दिसंबर 2025 तक पूरा करने की योजना बनाई गई थी। अब संशोधित लक्ष्य के अनुसार मार्च 2027 तक निर्माण पूरा करने की बात कही गई है। करीब 3500 करोड़ रुपये की इस परियोजना के पूरा होने से शहर के बाहर से गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलने और प्रमुख मार्गों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।