Author: NewseDay

  • किसानों की आय और खुशहाली हमारा लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव, आधुनिक खेती को मिल रहा प्रोत्साहन

    किसानों की आय और खुशहाली हमारा लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव, आधुनिक खेती को मिल रहा प्रोत्साहन

    किसानों की समृद्धि ही हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    नई तकनीक से खेती कर समृद्धि की ओर बढ़ रहे किसान
    तरक्की की नई राह बना बलराम कृषि महोत्सव

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में बलराम कृषि महोत्सव महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा  कि किसानों की बेहतरी के लिए राज्य सरकार हरसंभव कदम उठा रही है। वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाते हुए प्रदेश के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। शुक्रवार, 9 अक्टूबर तक प्रदेश के 55 में से करीब 43 जिलों में जिला स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव आयोजन हो चुके हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि ही हमारा लक्ष्य है, हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और जिला अधिकारी सीधे किसानों से संवाद कर रहे हैं। किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, आधुनिक कृषि यंत्रों और खेती में नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि कम निवेश में अधिक आमदनी प्राप्त करने के गुर सीखकर किसान अमल कर सकें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते समय में खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए परम्परागत तरीकों के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। कृषि विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही नई जानकारियां किसानों को बेहतर उत्पादन, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और आय बढ़ाने के अवसर उपलब्ध करा सकती हैं। उन्होंने किसानों से बलराम कृषि महोत्सव में अवश्य भाग लेकर कृषि विशेषज्ञों की सलाह का भरपूर लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और कृषि क्षेत्र में समृद्धि के नए अवसर पैदा करना है। इसके लिए सभी जरूरी उपाय और प्रबंधन किये जा रहे हैं।

    खेती को लाभकारी बनाने का सशक्त मंच

    इस वर्ष 15 जुलाई 2026 से शुरू हुए बलराम कृषि महोत्सव आयोजन की श्रृंखला में अब तक हजारों किसान इस महोत्सव से लाभान्वित हो चुके हैं। बलराम कृषि महोत्सव खेती-किसानी को घाटे से उबारने, आधुनिक तकनीकों को खेतों तक पहुंचाने और किसानों को सफलता एवं लाभ के नए आयामों से जोड़ने का सशक्त मंच बन रहा है।

     

  • रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI का एक्शन, डॉलर बिक्री से लेकर विदेशी मुद्रा नियमों तक बड़े बदलाव

    रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI का एक्शन, डॉलर बिक्री से लेकर विदेशी मुद्रा नियमों तक बड़े बदलाव

     नई दिल्‍ली

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये को सपोर्ट करने के लिए कई उपयों का ऐलान किया है. आरबीआई ने तीन सरकारी तेल डिस्‍ट्रीब्‍यूशन कंपनियों (OMCs) की डेली अमेरिकी डॉलर की पूरी आवश्‍यकता को पूरा करने के लिए एक स्‍पेशल विंडो खोल रहा है. इसके अलावा, सट्टेबाजी को रोकने, रिजर्व रिस्‍क और करेंसी हेजिंग संबंधी भी उपाय किए गए हैं। 

    RBI के एक बयान के अनुसार, डॉलर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) को बेचे जाएंगे. यह सोमवार, 12 अक्‍टूबर, 2026 से प्रभावी होगी और अगले आदेश तक लागू रहेगी। 

    इस व्‍यवस्‍था के तहत RBI नामित बैंकों के माध्‍यम से तीन पब्लिक सेक्‍टर की तेल कंपनियों को अमेरिकी डॉलर बेचेगा. इस सुविधा का उद्देश्‍य यह तय करना है कि कंप‍नियां अपने ऑपरेशन के लिए अपनी हर दिन की विदेशी मुद्रा आवश्‍यकताओं को पूरा कर सकें। 

    ये उपाय ऐसे समय में आए हैं जब केंद्रीय बैंक के विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप और ब्याज दरों में वृद्धि के बावजूद रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब बना हुआ है. शुक्रवार को रुपया 96.73 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो मई में दर्ज किए गए अपने सर्वकालिक निचले स्तर 96.96 रुपये के करीब है। 

    1. तेल कंपनियों के लिए स्‍पेशल डॉलर विंडो 
    केंद्रीय बैंक ने मौजूदा बाजार स्थितियों के आकलन के बाद इस उपाय की घोषणा की. हालांकि, उसने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह सुविधा कितने समय तक लागू रहेगी, केवल इतना कहा कि यह अगली सूचना तक जारी रहेगी. इस विशेष व्यवस्था के तहत तीनों तेल कंपनियों को बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से डॉलर प्राप्त करने के लिए एक चैनल उपलब्ध कराया गया है. आरबीआई ने इस व्यवस्था के तहत आपूर्ति की जाने वाली विदेशी मुद्रा की मात्रा का खुलासा नहीं किया है और न ही व्यक्तिगत लेनदेन पर किसी सीमा का विवरण दिया है। 

    तेल डिस्‍ट्रीब्‍यूशन कंपनियों को कच्‍चे तेल के आयात और अन्‍य विदेशी खर्चों के भुगतान के लिए अमेर‍िकी डॉलर की आवश्‍यकता होती है. कच्चे तेल का अंतरराष्ट्रीय व्यापार मुख्य रूप से डॉलर में होता है, इसलिए रुपये-डॉलर विनिमय दर में उतार-चढ़ाव आयात की लागत और कंपनियों की वित्तीय आवश्यकताओं को प्रभावित कर सकता है।  

    2. विदेशी करेंसी डेरिवेटिव के लिए लोअर लिमिट  
    केंद्रीय बैंक ने कुछ विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव लेनदेन करने की सीमा को 100 मिलियन डॉलर से घटाकर 5 मिलियन डॉलर कर दिया है. संशोधित सीमा रुपये से जुड़े एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी डेरिवेटिव्स में मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों पर भी लागू होती है. इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बड़े डेरिवेटिव पोजीशन, जैसे आयात भुगतान या निर्यात सपोर्टिव हों, न कि मुख्य रूप से सट्टेबाजी के उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाएं। 

    3. नया 20% विदेशी करेंसी रिजर्व रिस्‍क
    आरबीआई ने 20 लाख डॉलर से अधिक के सांकेति
    क मूल्य वाले पात्र रुपये से जुड़े विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव कॉन्‍ट्रैक्‍ट के लिए विदेशी मुद्रा रिस्‍क रिजर्व (एफईआरआर) की आवश्यकता शुरू की है. रजिस्‍टर्ड डीलरों को हर पात्र लेनदेन के रुपये मूल्य के 20% के बराबर कैश रिजर्व अमाउंट आरबीआई के पास रखनी होगी. यह आवश्यकता उन कॉन्‍ट्रैक्‍ट पर लागू होती है, जिनका उपयोग चालू खाता जोखिमों को हेज करने के लिए किया जाता है, जहां यूजर्स रुपये के मुकाबले विदेशी मुद्रा खरीदता है। 

    4. हेजिंग के लिए सख्त डॉक्‍यूमेंटेशन
    रजिस्‍टर्ड डीलरों को फॉरेक्स डेरिवेटिव कॉन्‍ट्रैक्‍ट में एंट्री करने वाले यूजर्स से एक वचन पत्र प्राप्त करना और उसे अपने पास रखना होगा, जिसमें यह पुष्टि की गई हो कि उसी रिस्‍क को किसी अन्य डीलर के माध्यम से हेज नहीं किया गया है. इस आवश्यकता का उद्देश्य एक ही तरह के जोखिम की दोहरी हेजिंग को रोकना और बाजार में सुधार करना है।  

    क्‍या इससे रुपये की गिरावट रुकेगी? 
    इन उपायों से डॉलर की सट्टा मांग कम हो सकती है और शॉर्ट टर्म अस्थिरता में राहत मिल सकती है. हालांकि, यह कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेश प्रवाह और वैश्विक डॉलर की गतिविधियों सहित व्यापक कारकों पर निर्भर करेगी. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2 अक्टूबर को समाप्त हुए सप्ताह में 12.95 अरब डॉलर घटकर 734.60 अरब डॉलर रह गया, जो लगातार चौथी साप्ताहिक गिरावट है। 

  • फ्लाईदुबई विमान में हमले के मामले में NIA की एंट्री, ओमानी को-पायलट पर लगे आरोपों की होगी जांच

    फ्लाईदुबई विमान में हमले के मामले में NIA की एंट्री, ओमानी को-पायलट पर लगे आरोपों की होगी जांच

      नई दिल्ली

    फ्लाईदुबई की फ्लाइट संख्या 1073 में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार पर हुए हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) करेगी. केंद्र सरकार ने एजेंसी को केस दर्ज कर पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया है. आरोप है कि विमान के ओमानी फर्स्ट ऑफिसर ने फ्लाइट को हाईजैक करने या क्रैश कराने की कोशिश के दौरान कैप्टन पर हमला किया था। 

    केंद्र सरकार को मिली जानकारी के अनुसार, फ्लाईदुबई की यह फ्लाइट 30 सितंबर 2026 को सुबह 7:05 बजे दुबई से रवाना हुई थी. विमान में 174 यात्री और क्रू के 6 सदस्य सवार थे. भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार और ओमानी फर्स्ट ऑफिसर विमान उड़ा रहे थे. सुबह करीब 9:21 बजे जॉर्डन और सऊदी अरब की सीमा के पास विमान तेजी से नीचे आने लगा और फिर सऊदी हवाई क्षेत्र की ओर मुड़ गया। 

    यात्रियों के मुताबिक, उड़ान के दौरान ओमानी फर्स्ट ऑफिसर ने कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर दिया. आरोप है कि वह विमान को हाईजैक करने या उसे दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश कर रहा था. इस दौरान यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने उसे काबू कर लिया. हमले में कैप्टन के सिर और हाथों पर गहरे कट लगे। 

    इसके बाद विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के अन्य पायलटों ने कमान संभाली और विमान को सुरक्षित सऊदी अरब के तबुक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर उतार दिया. विमान की लैंडिंग सुबह 10:45 बजे हुई. इसके बाद सऊदी अधिकारियों ने ओमानी फर्स्ट ऑफिसर को गिरफ्तार कर लिया। 

    NIA को सौंपी गई जांच
    केंद्र सरकार के मुताबिक, इस मामले में एंटी हाईजैकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 16 और धारा 15(1)(a) के तहत अपराध बनते हैं. ये राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008 के तहत निर्धारित अपराधों में शामिल हैं. सरकार ने मामले की गंभीरता, इसके राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभावों और किसी बड़ी साजिश का पता लगाने की जरूरत को देखते हुए जांच NIA को सौंपने का फैसला किया है. केंद्र ने एजेंसी को केस दर्ज कर पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। 

  • बिहार MLC चुनाव में BJP की सख्ती, बागी उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने का अल्टीमेटम; नहीं तो होगी कार्रवाई

    बिहार MLC चुनाव में BJP की सख्ती, बागी उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने का अल्टीमेटम; नहीं तो होगी कार्रवाई

    पटना
    बिहार में आठ एमएलसी सीटों के लिए हो रहे चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के विरोध की कहानी कुछ ज्यादा प्रबल दिख रही है। स्थित यह है कि क्या महागठबंधन क्या एनडीए सभी को अपने अपनों का विरोध झेलना पड़ रहा है। कहीं दोस्ताना संघर्ष के नाम पर कही सीधे-सीधे। भारतीय जनता पार्टी को ऐसे ही संकट से गुजरना पड़ रहा है। और यह संकट दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में विशेष है तो दरभंगा शिक्षक क्षेत्र में अपरोक्ष रूप से जदयू उम्मीदवार पर खतरा मंडरा रहा है। लेकिन बीजेपी के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्शन लेने का कर दिया ऐलान। क्या किया ऐलान जानिए !

    चार बजे तक वापस लें नामांकन
    राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में 8 सीटों पर हो रहे एमएलसी चुनाव को लेकर काफी गंभीरता के साथ कदम उठाया। इस दौरान 8 सीटों पर पार्टी के भीतर कोई पार्टी या गठबंधन विरोधी बाते न हो, सम्राट चौधरी ने एनडीए के तमाम सांसदों और विधायकों को कल की हुई बैठक के लिए आमंत्रित किया था। सूत्रों की माने तो इस बैठक में सम्मिलित रूप से 8 एमएलसी सीटों के लिए संदेश जारी हुए।

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पता चला कि दरभंगा स्नातक से भाजपा के उम्मीदवार सर्वेश सिंह को चुनाव में हराने के लिए भाजपा के ही एक नेता ने न केवल चुनाव लड़ने की घोषणा की बल्कि नामांकन भी दाखिल कर दी। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बीजेपी के विरोधी भाजपाई उम्मीदवार को सीधे सीधे आड़े हाथों लिया और निर्देश दिया कि नामांकन चार बजे तक वापस ले नहीं तो होगी कार्रवाई।

    कौन है भाजपा का विभीषण
    दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए की तरफ से भाजपा ने सर्वेश कुमार को उम्मीदवार घोषित कर एक बार फिर विश्वास किया है। ये भूमिहार समुदाय से आते हैं। इनकी पकड़ बेगूसराय जिला में सर्वाधिक है। पर इस बार के चुनाव में इन्हें भी भीतरघात का खतरा मंडरा रहा है। एक पुराने बीजेपी आदित्य झा ने खड़ा हो कर बीजेपी की मुश्किल बढ़ा दी है। दिल्ली भाजपा की राजनीति करने वाले आदित्य झा काफी धनवान है और बहुत पहले से ही इन्होंने स्नातक वोटर काफी बना रखा है। कहा जा रहा है कि ये सीएम सम्राट चौधरी के रडार पर आ गए हैं। सूत्र बताते है कि सम्राट चौधरी में साफ कहा कि विरोधी चार बजे तक नामांकन वापस लें ,नहीं भी पार्टी की और से आज करवाई होगी।

    दरभंगा पर दुर्भाग्य
    दरभंगा निर्वाचन क्षेत्र के ऊपर दुर्भाग्य छाया हुआ है। दरभंगा स्नातक क्षेत्र पर तो आमने सामने की लड़ाई नहीं पर पुराने बीजेपी नेता ने जदयू के उम्मीदवार घनश्याम राय को जन सुराज के उम्मीदवार सुरेश राय से टक्कर मिल रही है। ये सुरेश राय पुराने भाजपाई है। इनका तो भाजपा से संबंध है।

     

  • विद्युत जामवाल की हॉलीवुड में धूम, WWE स्टार कोडी रोड्स बोले- वह कमाल के इंसान हैं

    विद्युत जामवाल की हॉलीवुड में धूम, WWE स्टार कोडी रोड्स बोले- वह कमाल के इंसान हैं

    विद्युत जामवाल बॉलीवुड में एक एक्शन हीरो के रूप में मशहूर हैं. फोर्स, कमांडो- इन फिल्मों के जरिए उन्होंने एक्शन का लेवल हिंदी सिनेमा में ऊपर ले जाने का काम किया. अब वो अपना एक्शन अवतार लेकर हॉलीवुड में प्रवेश कर चुके हैं. विद्युत जल्द एक पॉपुलर गेम पर बनी लाइव एक्शन फिल्म 'स्ट्रीट फाइटर' में दिखाई देंगे, जिसमें वो धालसिम का रोल निभा रहे हैं.

    विद्युत जामवाल का रोल धालसिम एक इंडियन योगा और मार्शियल आर्ट टीचर का है, जो अपनी लड़ाई की कला के लिए जाना जाता है. इस रोल में ढलने के लिए एक्टर ने भी बड़ी मेहनत की है. फिल्म में उन्होंने जिनके साथ काम किया, वो भी विद्युत को देख हैरान हुए हैं. WWE रेसलर कोडी रोड्स, जो इस फिल्म स्ट्रीट फाइटर में विद्युत के साथ काम कर रहे हैं उन्होंने एक्टर की जमकर तारीफ की है. उनके साथ-साथ कॉमेडियन एंड्रयू शुल्ज भी बॉलीवुड स्टार के मुरीद होते नजर आए.

    विद्युत की तारीफ कर रहा हॉलीवुड
    यूट्यूब पॉडकास्ट Flagrant में दोनों ने विद्युत जामवाल के बारे में बात की. उन्होंने विद्युत का एक वीडियो देखा था, जिसमें वो मुंबई में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान करीब 15 मिनट तक ध्यान लगाते नजर आए थे. इसपर कोडी रोड्स ने उनकी तारीफ करते हुए कहा- वो कमाल के इंसान हैं. ट्रेलर लॉन्च होने वाला था और उस इवेंट में वो हमारे लिए प्रार्थना कर रहे थे. वो वाकई कुछ अलग हैं. उनके बालों को देखो.

    वहीं एंड्रयू शुल्ज ने कहा- वो बिल्कुल किसी सच्चे साधु जैसे हैं. उन्हें देखकर बहुत अच्छा लगा. वो काफी दिलचस्प इंसान हैं. सबसे पहले तो वो दुनिया के सबसे हैंडसम लोगों में से एक हैं. उनकी बॉडी भी कमाल की है. हम उनके साथ डिनर करते थे और बातें किया करते थे. वो वाकई बहुत दिलचस्प इंसान हैं.

    इस बातचीत के दौरान कोडी रोड्स ने विद्युत जामवाल के साथ अपनी पहली मुलाकात का भी जिक्र किया. उन्होंने एंड्रयू से मजाक में पूछा कि क्या उन्होंने एक्टर से इस बारे में बात की थी कि प्रोटीन एक मिथक है. कोडी ने बताया कि विद्युत शाकाहारी हैं और उन्होंने एंड्रयू से ये भी कहा था कि प्रोटीन एक मिथक है.

    विद्युत को बुलाया 'जैकी चैन'
    इसके बाद कोडी ने विद्युत की खूबसूरती की तारीफ करते हुए कहा कि उनसे मिलने के बाद हर कोई यही सोचकर गया कि उसने दुनिया के सबसे हैंडसम आदमी को देखा है. कोडी ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी ब्रैंडी को भी फोन करके यही बात कही थी. उन्होंने फिल्म की शूटिंग के दौरान विद्युत के साथ बिताए पलों को भी याद किया. उन्होंने बताया कि शूटिंग के आखिरी दिन विद्युत ने उन्हें एक खास तोहफा दिया था.

    फिल्म में कोडी जिस किरदार को निभा रहे हैं, उसके गले में खोपड़ी वाला एक नेकलेस दिखाई देता है. विद्युत ने उन्हें वैसा ही नेकलेस एक हाथ से लिखे नोट के साथ गिफ्ट किया था. उन्होंने ये तोहफा कोडी की बस में रख दिया था. कोडी ने बताया कि जब फिल्म की शूटिंग चल रही थी, उसी दौरान उनकी बेटी का जन्म हुआ था. इस मौके पर विद्युत ने उन्हें दो अलग-अलग शॉल भी गिफ्ट किए थे. कोडी ने विद्युत की तारीफ करते हुए कहा- वो बहुत दयालु और अच्छे इंसान हैं. वो किसी साधु जैसे हैं और सच में साधु की तरह जिंदगी जीते हैं.

    एंड्रयू शुल्ज ने भी विद्युत की तारीफ करते हुए उनकी तुलना मशहूर मार्शल आर्ट्स स्टार जैकी चैन से की. उन्होंने कहा- उनके परिवार की दस पीढ़ियों से मार्शल आर्ट्स की प्रैक्टिस होती आ रही है. वो भारत के जैकी चैन जैसे हैं. अगर आप उनके स्टंट वाले काम को देखेंगे, तो हैरान रह जाएंगे. उन्होंने मुझे भारत आने के लिए भी कहा था. बात करें फिल्म स्ट्रीट फाइटर की, तो ये 16 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

     

     

  • जोधपुर एयरबेस पर गूंजे लड़ाकू विमान, सारंग टीम के हवाई करतब देख विदेशी सैन्य अधिकारी हुए प्रभावित

    जोधपुर एयरबेस पर गूंजे लड़ाकू विमान, सारंग टीम के हवाई करतब देख विदेशी सैन्य अधिकारी हुए प्रभावित

    जयपुर
    राजस्थान की सामरिक और ऐतिहासिक धरा जोधपुर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सैन्य शक्ति का गवाह बनी है, जहां शनिवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष दौरे पर जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे। एयरबेस पहुंचने पर भारतीय वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों ने उनकी औपचारिक अगवानी की और भव्य स्वागत किया। रक्षा मंत्री ने यहां आयोजित बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास 'तरंग शक्ति-2026' के मुख्य कार्यक्रम में शिरकत की और युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रही विभिन्न मित्र राष्ट्रों की वायुसेनाओं के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन से राजस्थान की सीमावर्ती सुरक्षा और भारतीय वायुसेना की वैश्विक साख को एक नया आयाम मिला है।

    जोधपुर एयरबेस पर 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक आयोजित हो रहे इस विशाल युद्धाभ्यास में दुनिया भर के 8 देशों की वायुसेनाएं एक साथ मिलकर अपनी हवाई मारक क्षमता और युद्ध कौशल का प्रदर्शन कर रही हैं। इसके साथ ही विश्व के 32 से अधिक देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधि इस अभ्यास के पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुए हैं। एक साथ कई महाद्वीपों की वायुसेनाओं को एक ही मंच पर अभ्यास करते देख रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की और इसे अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग तथा वैश्विक सैन्य समन्वय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

    सारंग टीम के हैरतअंगेज हवाई करतब
    'तरंग शक्ति-2026' युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध 'सारंग' हेलीकॉप्टर एरोबैटिक टीम ने आसमान में सांसें थाम देने वाले हैरतअंगेज करतब दिखाए। सारंग टीम के पायलटों की सटीकता और कौशल को देखकर वहां मौजूद देश-विदेश के सैन्य प्रतिनिधि और दर्शक दंग रह गए। लड़ाकू विमानों की गर्जना और हेलीकॉप्टरों के जटिल फॉर्मेशन ने पूरे जोधपुर एयरबेस के माहौल को देशभक्ति और सैन्य शक्ति के रोमांच से भर दिया।

    रक्षा मंत्री ने सारंग टीम के प्रदर्शन की सराहना की और विदेशी प्रतिनिधियों के सामने भारतीय वायुसेना के इस गौरवशाली प्रदर्शन को भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता का बड़ा प्रमाण बताया। इस अभ्यास के जरिए भारतीय वायुसेना और मित्र देशों की वायुसेनाओं के बीच जटिल सामरिक परिदृश्यों में संयुक्त प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है।

    32 देशों के पर्यवेक्षक और मजबूत होता अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग
    जोधपुर में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न रक्षा संस्कृतियों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना, संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता विकसित करना और आधुनिक हवाई युद्ध रणनीतियों का आदान-प्रदान करना है। 32 से अधिक देशों के सैन्य पर्यवेक्षकों की मौजूदगी यह साबित करती है कि वैश्विक मंच पर भारत एक विश्वसनीय और शक्तिशाली रक्षा साझेदार के रूप में उभरा है।

    कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विदेशी सैन्य अधिकारियों के साथ औपचारिक बातचीत की और वैश्विक शांति तथा रणनीतिक स्थिरता में संयुक्त अभ्यासों की भूमिका पर चर्चा की। निर्धारित कार्यक्रम के समापन के बाद रक्षा मंत्री दोपहर बाद जोधपुर एयरपोर्ट से विशेष विमान द्वारा वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

  • Diwali-Chhath 2026: वाराणसी आने वाली उड़ानों में सीटों का संकट, कनेक्टिंग फ्लाइट के लिए चुकाने होंगे ज्यादा पैसे

    Diwali-Chhath 2026: वाराणसी आने वाली उड़ानों में सीटों का संकट, कनेक्टिंग फ्लाइट के लिए चुकाने होंगे ज्यादा पैसे

    बाबतपुर
    हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए आगामी त्योहारी सीजन में यात्रा महंगी होगी। फ्लाइट का किराया इंटरनेशनल विमानों इतना हो गया है। दीपावली, छठ पर नवंबर में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया दो से तीन गुना तक बढ़ गया है। अहमदाबाद और शारजाह से आने वाले विमानों में सीटें फुल हैं। लिहाजा यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे उन्हें ज्यादा किराया देना होगा, साथ ही समय भी अधिक लगेगा। एयरलाइंस कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों का दबाव और बढ़ेगा तो किराये में भी इजाफा हो जाएगा।

    बड़े शहरों में रहकर नौकरी करने वाले लोग त्योहारों पर घर जाते हैं। ट्रेनों में पहले से लंबी वेटिंग लिस्ट है तो कई गाड़ियों में रिग्रेट (नो रूम) की स्थिति बन गई है। हालांकि दिल्ली, आगरा समेत बिहार और झारखंड के कई शहरों के लिए लग्जरी बसें भी चलती हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या के हिसाब से ये नाकाफी हैं।

    सामान्य दिनों में किराया
    बाबतपुर स्थित लालबहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इस समय विजयवाड़ा, कोलकाता, दिल्ली, मुंबई, नवी मुंबई, गाजियाबाद, अहमदाबाद, चेन्नई,बेंगलुरु समेत अन्य शहरों के लिए विमान संचालित हो रहे हैं। गौर करें तो सामान्य दिनों में दिल्ली से आने के लिए हवाई किराया 4 से 5 हजार रुपये, मुंबई से 5 से 6 हजार रुपये, अहमदाबाद का 7 से 8 हजार रुपये, चेन्नई का 8 से 9 हजार रुपये और बेंगलुरु का 9 से 10 हजार होता है

    घरेलू, अंतरराष्ट्रीय विमानों से सफर महंगा
    चेन्नई से वाराणसी आने वाले विमान की 5 नवम्बर को सीटें फुल हैं। यात्रियों को 20 से 35 हजार खर्च कर कनेक्टिंग विमान का सहारा लेना पड़ेगा। अहमदाबाद से वाराणसी के विमानों में भी सीटें नहीं हैं। यहां से भी वापसी के लिए 21 से 28 हजार रुपये खर्चने होंगे। शारजाह से आने वाले एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान में भी यही स्थित है। इस अंतरराष्ट्रीय सफर के लिए कनेक्टिंग विमान से आने पर 22 से 24 हजार रुपये देने होंगे। शारजाह से दिल्ली पहुंचकर वाराणसी आ सकेंगे।

    वाराणसी का किराया कितना?
    बेंगलुरु से वाराणसी 15 से 22 हजार रुपये
    मुंबई से वाराणसी 13 से 18 हजार रुपये
    दिल्ली से वाराणसी 12 से 16 हजार रुपये
    कोलकाता से वाराणसी 8 से 11 हजार रुपये
    विजयवाड़ा से वाराणसी 11 से 14 हजार रुपये

    ट्रेनें भी फुल पैक
    दिवाली-छठ के समय दिल्ली, मुबंई, पुणे, बेंगलुरु से आने वाली ट्रेनें भी फुल पैक हैं। कई ट्रेनों में सीट देखने पर रिग्रेट (Regret) शो हो रहा है। यानी उस ट्रेन में कंफर्म सीट, RAC और वेटिंग लिस्ट की सीमा पूरी तरह से भर चुकी है। अब ऐसे में यात्रियों के पास तत्काल टिकट कराने का विकल्प बचता है।

  • प्याज के छिलके फेंकने की गलती न करें, पौधों से लेकर किचन तक इन 5 तरीकों से आएंगे काम

    प्याज के छिलके फेंकने की गलती न करें, पौधों से लेकर किचन तक इन 5 तरीकों से आएंगे काम

    सब्जी, दाल या सलाद बनाते समय प्याज हर भारतीय रसोई में रोज इस्तेमाल होता है. लेकिन हम प्याज छीलकर उसके सूखे छिलकों को बिना सोचे-समझे कूड़ेदान में फेंक देते हैं. क्या आप जानते हैं कि प्याज के छिलकों में प्याज से भी ज्यादा एंटी-ऑक्सीडेंट्स, सल्फर, पोटैशियम, कैल्सियम और क्वेर्सेटिन नाम का पाचक तत्व मौजूद होता है.

    ये सूखे छिलके न सिर्फ आपके पौधों के लिए सबसे बेहतरीन प्राकृतिक खाद का काम करते हैं बल्कि सफेद बालों को काला करने, सूप-करी का फ्लेवर बढ़ाने और त्वचा की रंगत सुधारने में कमाल का असर दिखाते हैं. अगर आप प्याज के छिलकों को फेंकने के बजाय इकट्ठा करें तो घर के 5 बड़े काम मुफ्त में हो जाएंगे. आइए जानते हैं प्याज के छिलकों के 5 शानदार इस्तेमाल.

    पौधों के लिए पोटैशियम रिच लिक्विड खाद
    इस्तेमाल: 2 मुट्ठी प्याज के छिलकों को 1 लीटर पानी में डालकर 24 घंटे के लिए ढककर छोड़ दें. 24 घंटे बाद पानी का रंग लाल-भूरा हो जाएगा. इसे छानकर पौधों की जड़ों में डालें. इसमें मौजूद पोटैशियम, आयरन और सल्फर से पौधों में कीड़े नहीं लगते और ढेरों फूल व फल आते हैं.

    सफेद बालों को काला करने का नेचुरल हेयर डाई
    इस्तेमाल: प्याज के छिलकों को कड़ाही में बिना तेल के तब तक भूनें जब तक वे पूरी तरह काले न हो जाएं. अब इस राख को पीसकर पाउडर बना लें. इसमें 1 चम्मच एलोवेरा जेल या नारियल तेल मिलाकर सफेद बालों पर लगाएं. यह बिना किसी केमिकल के बालों को तुरंत नेचुरल काला रंग देता है.

    सूप और करी का रंग व फ्लेवर बढ़ाएं
    इस्तेमाल: वेजिटेबल सूप, स्टू या किसी दाल-ग्रेवी को पकाते समय प्याज के साफ छिलकों को धोकर उबलते समय डाल दें. परोसने से पहले छिलके निकाल लें. इससे सूप या ग्रेवी को खूबसूरत नेचुरल रिच कलर और सोंधा फ्लेवर मिलता है.

    कीड़े-मकौड़ों के लिए नेचुरल पेस्टिसाइड स्प्रे
    इस्तेमाल: प्याज के छिलकों को पानी में 10-15 मिनट उबालें. ठंडा होने पर पानी को स्प्रे बोतल में भरें और 1/2 चम्मच डिशवॉश लिक्विड मिलाएं. इस स्प्रे को पौधों पर छिड़कने से कीड़े, एफिड्स और चींटियां तुरंत भाग जाती हैं.

    इम्युनिटी और गले की खराश के लिए टी
    इस्तेमाल: प्याज के छिलकों को अच्छी तरह धोकर 2 कप पानी में 5-7 मिनट तक उबालें. छानकर इसमें थोड़ा-सा शहद और नींबू का रस मिलाकर पिएं. इसमें मौजूद क्वेर्सेटिन एंटी-ऑक्सीडेंट इम्युनिटी बूस्ट करता है और मौसम बदलने पर होने वाली गले की खराश व सर्दी में राहत देता है.

  • नामांतरण प्रक्रिया हुई आसान, रजिस्ट्री होते ही मंगल सिंह सांडिया के नाम दर्ज हुई जमीन

    नामांतरण प्रक्रिया हुई आसान, रजिस्ट्री होते ही मंगल सिंह सांडिया के नाम दर्ज हुई जमीन

    सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

    अब नामांतरण के लिए महीनों का इंतजार नहीं, रजिस्ट्री होते ही मंगल सिंह सांडिया का पूरा हुआ काम

    ऑटोम्यूटेशन से मिली बड़ी राहत, तहसील कार्यालय की दौड़भाग और लंबे इंतजार से मिली मुक्ति

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सुधारों से आम नागरिकों का जीवन हो रहा आसान

    रायपुर
    जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए महीनों इंतजार करने की परेशानी अब तकनीक आधारित पंजीयन व्यवस्था से दूर हो रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम कोटकखर्रा, पोस्ट लालपुर निवासी श्री मंगल सिंह सांडिया ने इस बदलाव को स्वयं महसूस किया। पहले जिस नामांतरण के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, इस बार वह रजिस्ट्री के तुरंत बाद ही पूरा हो गया। पंजीयन विभाग की ऑटोम्यूटेशन सुविधा से उन्हें लंबी प्रक्रिया और अनावश्यक दौड़भाग से राहत मिली। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए इस नई व्यवस्था को आम नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी बताया।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में प्रदेश की पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुधार किए जा रहे हैं। संपत्ति की रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को जोड़ने वाली ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था इन्हीं सुधारों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे नागरिकों को रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से कार्यालयीन प्रक्रिया पूरी करने और लंबे इंतजार की परेशानी से राहत मिल रही है।

    पहले नामांतरण के लिए महीनों का इंतजार, अब रजिस्ट्री के साथ ही पूरा हुआ काम

    श्री मंगल सिंह सांडिया ने बताया कि पहले जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने में काफी समय लगता था। कई बार महीनों तक इंतजार करना पड़ता था। इस दौरान संपत्ति से जुड़े आगे के कार्यों को पूरा करने में भी परेशानी होती थी।

    लेकिन इस बार उनका अनुभव बिल्कुल अलग रहा। पंजीयन विभाग की ऑटोम्यूटेशन सुविधा के कारण रजिस्ट्री के तुरंत बाद उनका नामांतरण हो गया। इससे उन्हें न तो महीनों इंतजार करना पड़ा और न ही नामांतरण के लिए अलग से कार्यालयों की दौड़भाग करनी पड़ी।

    श्री सांडिया ने इस बदलाव पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण का काम पूरा हो जाना उनके लिए बड़ी राहत है। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधाओं से आम नागरिकों का समय बचता है और सरकारी कामकाज के प्रति भरोसा भी बढ़ता है।

    ऑटोम्यूटेशन से आसान हुई रजिस्ट्री के बाद की प्रक्रिया

    पंजीयन विभाग द्वारा लागू ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के अंतर्गत संपत्ति का पंजीयन होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है। इससे पंजीयन और राजस्व विभाग की संबंधित प्रक्रियाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है।

    पहले नागरिकों को जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण के लिए अलग से आवेदन और राजस्व कार्यालयों में प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। नई व्यवस्था से अनावश्यक कार्यालयीन कार्यवाही कम करने और नामांतरण की प्रक्रिया को तेज बनाने में मदद मिल रही है।

    इस सुधार का विशेष महत्व ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और भूमि स्वामियों के लिए है, जिन्हें संपत्ति संबंधी कार्यों के लिए बार-बार तहसील और राजस्व कार्यालय जाना पड़ता था। ऑटोम्यूटेशन से उनका समय बचने के साथ जमीन से जुड़े कार्यों को पूरा करना अधिक सुविधाजनक हो रहा है।

    मुख्यमंत्री और वित्त एवं पंजीयन मंत्री के प्रति जताया आभार

    श्री मंगल सिंह सांडिया ने रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण होने पर खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि नामांतरण की प्रक्रिया में आई तेजी से उन्हें बड़ी सुविधा मिली है।

    श्री सांडिया का अनुभव बताता है कि शासन द्वारा पंजीयन सेवाओं में किए जा रहे तकनीकी सुधारों का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। उनके लिए ऑटोम्यूटेशन केवल एक डिजिटल व्यवस्था नहीं, बल्कि महीनों के इंतजार से मुक्ति और समय पर सरकारी काम पूरा होने की खुशी है।

    सेवा संकल्प अभियान से सामने आ रही सुशासन की कहानियां

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से पंजीयन विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर पंजीयन सुधारों के जमीनी प्रभाव, अनुभव और सुझाव संकलित कर रहा है।

    गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के मंगल सिंह सांडिया की कहानी इसी बदलाव का उदाहरण है। जहां पहले नामांतरण के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब तकनीक आधारित व्यवस्था से रजिस्ट्री के साथ ही संबंधित प्रक्रिया पूरी होने की सुविधा मिल रही है। यह पहल नागरिकों के समय की बचत, कार्यालयीन प्रक्रियाओं के सरलीकरण और जनसेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

  • न्यूजीलैंड की बढ़ी मुश्किलें, हैमस्ट्रिंग और पिंडली की चोट से जूझ रहे ओ’रूर्के भारत दौरे से बाहर

    न्यूजीलैंड की बढ़ी मुश्किलें, हैमस्ट्रिंग और पिंडली की चोट से जूझ रहे ओ’रूर्के भारत दौरे से बाहर

    नई दिल्ली
    भारत के खिलाफ शुरू होने वाली सीरीज से पहले न्यूजीलैंड को एक और बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज विल ओ'रूर्के सीरीज से बाहर हो चुके हैं। 25 साल के ओ'रूर्के बाईं हैमस्ट्रिंग और पिंडली की चोट से जूझ रहे हैं और फिलहाल रिहैब प्रक्रिया में हैं। न्यूजीलैंड क्रिकेट के मुताबिक ओ'रूर्के को आराम दिया जा रहा है। मैनेजमेंट उन्हें लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। दिसंबर-जनवरी में टीम को ऑस्ट्रेलिया में चार टेस्ट मैचों की बेहद अहम सीरीज खेलनी है।

    न्यूजीलैंड के हेड कोच निराश
    न्यूजीलैंड के मुख्य कोच रॉब वाल्टर ने कहा, 'यह निराशाजनक है कि विल को भारत के खिलाफ घरेलू मैदान पर इतने बड़े दौरे से बाहर होना पड़ा। वह वनडे और टेस्ट दोनों सीरीज में हमारी योजना का हिस्सा थे, लेकिन बातचीत के बाद हम सभी इस बात पर सहमत हुए कि उन्हें चोटों से उबरने के लिए कुछ और समय देना चाहिए। अगले कुछ महीनों में हमारे तेज गेंदबाजी संसाधन बहुत जरूरी होंगे, इसलिए हम विल की वापसी का बेहतर तरीका अपना रहे हैं। हम चाहते हैं कि वह दोबारा मैदान पर उतरने से पहले पूरी तरह फिट हो जाएं। अच्छा होगा कि वह दिसंबर के आखिर में प्लंकेट शील्ड में कैंटरबरी के लिए वापसी कर पाए और अगर सब ठीक रहा तो 9 दिसंबर को पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए तैयार हो जाएंगे।'

    बेंगलुरु टेस्ट में झटके थे 7 विकेट
    विल ओ'रूर्के ने भारत के लिए टेस्ट में दमदार बॉलिंग की थी। 2024 में बेंगलुरु में भारत और न्यूजीलैंड के पहले टेस्ट मैच में उन्होंने कुल 7 विकेट लिए थे। पहली पारी में भारतीय टीम सिर्फ 46 रनों पर ऑलआउट हो गई थी। उसमें ओ'रूर्के 4 विकेट के थे। 14 मैचों के टेस्ट करियर में उनके 49 विकेट हैं।

    ओ'रूर्के का हालिया करियर चोटों से प्रभावित रहा है। वह पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण सात महीने बाहर रहने के बाद इस साल अप्रैल में बांग्लादेश के व्हाइट-बॉल दौरे पर लौटे थे। जून में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ तीनों टेस्ट खेले, लेकिन नॉटिंघम में तीसरे टेस्ट के आखिरी दिन उनकी हैमस्ट्रिंग खिंच गई। उसके बाद से उन्होंने कोई मैच नहीं खेला है। अगस्त में ट्रेनिंग के दौरान पिंडली में खिंचाव आने से उनकी वापसी और टल गई।