Author: NewseDay

  • Jaipur Traffic Alert: आमेर से जयपुर आने वाले वाहनों के रूट बदले, मालवाहक गाड़ियों को रात में ही मिलेगी एंट्री

    Jaipur Traffic Alert: आमेर से जयपुर आने वाले वाहनों के रूट बदले, मालवाहक गाड़ियों को रात में ही मिलेगी एंट्री

    जयपुर
     टूरिस्ट सीजन में पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही और यातायात के दबाव को देखते हुए जयपुर यातायात पुलिस ने 10 और 11 अक्टूबर को चारदीवारी और आमेर क्षेत्र में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। इसके तहत वाहनों के रूट में बदलाव किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए पुरातत्व विभाग की ओर से परियों का बाग पार्किंग भी शुरू की जाएगी। आमेर से जयपुर आने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना होगा। वहीं, चारदीवारी क्षेत्र में मालवाहक वाहनों के प्रवेश का समय भी तय किया गया है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और पर्यटकों को परेशानी का सामना न करना पड़े

    आमेर किला ट्रैफिक डायवर्जन: जयपुर पुलिस ने जारी किया नया प्लान
    आमेर से जयपुर आने वाले वाहन आमेर तिराहा, दिल्ली रोड, गलता गेट चौराहा और ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा होकर गुजरेंगे। दिल्ली रोड की तरफ से आने वाले पर्यटक आमेर तिराहा से धोबीघाट चौराहा, रामगढ़ मोड़ और आमेर रोड होते हुए आमेर फोर्ट पहुंच सकेंगे।

    जयगढ़ टी-पॉइंट से रामगढ़ मोड़ की ओर ट्रैफिक बंद रहेगा। जयगढ़ से वाहन केवल आमेर की ओर जा सकेंगे। आमेर से रामगढ़ मोड़ और आमेर तिराहा से आमेर गांधी चौक की तरफ प्रवेश निषेध रहेगा।

    जयपुर चारदीवारी ट्रैफिक अपडेट: पर्यटकों के लिए पार्किंग और नए रूट
    बड़ी पर्यटक बसें रामनिवास बाग में होंगी पार्कः बड़ी टूरिस्ट बसों को रामनिवास बाग सैटेलाइट पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा। व्यापारियों से अपने वाहन जेडीए भूमिगत पार्किंग (रामनिवास बाग), चौगान स्टेडियम पार्किंग या आतिया मार्केट के अंदर पार्क करने की अपील की गई है।

    रात 11 से सुबह 7 बजे तक मालवाहक वाहनों को प्रवेशः चारदीवारी क्षेत्र में मालवाहक वाहनों को रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक ही प्रवेश मिलेगा।

    सुभाष चौक से आने-जाने का रूट बदलेगाः बड़ी चौपड़ से सुभाष चौक की ओर दोनों तरफ से वाहनों का संचालन होगा। वहीं, सुभाष चौक से बड़ी चौपड़ की ओर आने वाले यातायात को चार दरवाजा और घोड़ा निकास रोड होते हुए रामगंज चौपड़ की तरफ डायवर्ट किया जाएगा।

    गणगौरी बाजार में भी बदलावः बांदरवाल गेट से आने वाले वाहन नगर परिषद की मोरी और शार्दुल सिंह की नाल से होते हुए गणगौरी बाजार जा सकेंगे। गणगौरी बाजार से शार्दुल सिंह की नाल होते हुए सिटी पैलेस की ओर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी।

     

  • मतदाता सूची में नाम जुड़वाना हुआ आसान, चुनाव आयोग ने SIR के अतिरिक्त घोषणा पत्र की अनिवार्यता हटाई

    मतदाता सूची में नाम जुड़वाना हुआ आसान, चुनाव आयोग ने SIR के अतिरिक्त घोषणा पत्र की अनिवार्यता हटाई

     इटावा
     मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने की प्रक्रिया अब पहले की तरह आसान हो जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा की बाध्यता समाप्त कर दी है। इससे मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के इच्छुक लोगों को फॉर्म संख्या-6 के साथ अलग से घोषणा पत्र भरने की जरूरत नहीं होगी।

    अब पात्र नागरिक पूर्व की भांति ऑनलाइन या बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगे।
    एसआईआर के दौरान फॉर्म-6 के साथ अतिरिक्त घोषणा पत्र जोड़ा गया था। इसमें आवेदक से केवल उसकी व्यक्तिगत जानकारी ही नहीं, बल्कि माता-पिता और परिवार के पुराने मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित विवरण भी मांगे जाते थे।

    इस व्यवस्था को लेकर राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए थे। घोषणा पत्र की अनिवार्यता और उसमें मांगी जा रही जानकारियों को लेकर विवाद बढ़ने के बाद निर्वाचन आयोग ने एसआइआर की प्रक्रिया पूरी हो चुके राज्यों में इसे हटाने का निर्णय लिया। आयोग के इस कदम से नए मतदाताओं को आवेदन करते समय अतिरिक्त जानकारी जुटाने की परेशानी से राहत मिलेगी।

    अतिरिक्त घोषणा पत्र में आवेदक के माता-पिता अथवा अभिभावक से संबंधित विवरण भरने का प्राविधान था। इसके अलावा परिवार के सदस्यों के पुराने मतदाता रिकॉर्ड की जानकारी भी मांगी जाती थी। आवेदक या संबंधित परिजन का नाम पिछली एसआईआर की मतदाता सूची में दर्ज था या नहीं, इसकी जानकारी देनी होती थी।

    यदि नाम दर्ज था तो संबंधित विधानसभा क्षेत्र, मतदेय स्थल (बूथ), भाग संख्या और मतदाता सूची में क्रम संख्या जैसी जानकारियां उपलब्ध करानी पड़ सकती थीं। माता-पिता अथवा अन्य संबंधित परिजन का मतदाता पहचान पत्र नंबर उपलब्ध होने पर उसका विवरण भी मांगा जाता था।

    इस अतिरिक्त प्रक्रिया के चलते ऐसे युवाओं और नए आवेदकों को परेशानी हो रही थी, जिनके पास अपने माता-पिता या परिवार के पुराने मतदाता रिकॉर्ड की पूरी जानकारी नहीं थी।

    अब सामान्य प्रक्रिया से होगा आवेदन
    उप जिला निर्वाचन अधिकारी अपर जिला अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि फॉर्म-6 का इस्तेमाल 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके या निर्धारित पात्रता के तहत नए मतदाता बनने वाले नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए किया जाता है।

    आवेदन में नाम, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर, परिवार के सदस्य से संबंधित उपलब्ध विवरण और निर्धारित पहचान एवं आयु संबंधी दस्तावेजों की जानकारी देनी होती है। आवेदन की जांच और आवश्यक सत्यापन के बाद पात्र आवेदक का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाता है।

    आवेदन ऑनलाइन निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित बीएलओ की मदद से ऑफलाइन फार्म भी जमा किया जा सकता है। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया में हुए बदलाव और अन्य निर्वाचन संबंधी जानकारियों से राजनीतिक दलों को अवगत कराया जा रहा है।

  • अखिलेश को योगी की खुली चुनौती, अयोध्या में चेलों से क्यों लड़ना, आमने-सामने हो मुकाबला

    अखिलेश को योगी की खुली चुनौती, अयोध्या में चेलों से क्यों लड़ना, आमने-सामने हो मुकाबला

    बलरामपुर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी। कहा कि अखिलेश यादव अयोध्या से नामांकन करें, वह भी वहीं से चुनाव मैदान में उतरेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, 'लड़ाई चेलों से क्यों? लड़ाई तो आमने-सामने होनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि अयोध्या उनकी आस्था की स्थली है और वहां हो रहे विकास कार्यों की निगरानी के लिए वह लगातार जाते हैं। अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में चुनावी मुकाबला भी आमने-सामने हो जाए। मुख्यमंत्री बलरामपुर के रेहरा बाजार विकासखंड के बिलरिया गांव में 803 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने सपा अध्यक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सपा के बबुआ अभी से बौखला गए हैं। अभी तो विकास की शुरुआत हुई है, आगे बहुत कुछ होना बाकी है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में अयोध्या को तीन-चार घंटे बिजली मिलती थी। विकास में बाधाएं खड़ी की जाती थीं। आज वही अयोध्या रामराज्य के नए उदाहरण के रूप में त्रेतायुग का स्मरण करा रही है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में 80 प्रतिशत सीटों पर भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए जीतेगा। विपक्ष के हिस्से अधिकतम 20 प्रतिशत सीटें ही आएंगी।
     
    सीमावर्ती क्षेत्र में छांगुर जैसे लोगों को नहीं पनपने देंगे
    मुख्यमंत्री योगी ने सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी और अवैध गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां किसी छांगुर जैसे व्यक्ति को पनपने नहीं दिया जाएगा। किसी को डेमोग्राफी बदलने की छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सपा सरकार में यह क्षेत्र तस्करी और अपराधियों की गतिविधियों का केंद्र बन गया था। अब वही क्षेत्र विकास की नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।
     
    माफिया को संरक्षण देने वालों पर बरसे मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में माफिया और अपराधियों को संरक्षण मिलता था। अपराधियों के हौसले बुलंद थे और आम नागरिक भय के माहौल में रहते थे। अब प्रदेश में कानून का राज है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी माफिया को कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जाएगी। बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा तीसरा रास्ता नहीं है।
     
    सपा का पीडीए परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी
    सपा पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उसका पीडीए वास्तव में 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' है। इसका दूसरा अर्थ 'प्रदेश डुबाऊ अलायंस' भी है। राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने दलितों, पिछड़ों और अन्य वर्गों की उपेक्षा की। एक सीट परिवार के सदस्य को दी गई, जबकि दूसरी धनबल के आधार पर बांटी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के एजेंडे में परिवार के बाहर किसी के लिए स्थान नहीं है।
     
    जीत पर पुरुषार्थ, हार पर ईवीएम को दोष
    मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव जीतने पर ये दल इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, जबकि हारने पर ईवीएम को दोष देते हैं। चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हैं और न्यायालय पर टिप्पणी करते हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर भ्रष्टाचार, दंगों और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए। कहा कि प्रदेश में अब कोई दंगा नहीं कर सकता।
     
    आपदा और वन्यजीव संघर्ष में 24 घंटे में मुआवजा
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। मानव-वन्यजीव संघर्ष में जनहानि अथवा पशुहानि होने पर भी अगले 24 घंटे में मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।
     
    बलरामपुर में दस हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में बलरामपुर के लिए दस हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की धनराशि भेजी गई है। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का सत्र शुरू हो चुका है। भवन तैयार होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। रिंग रोड, चीनी मिल विस्तार, थारू संग्रहालय और मथुरा घाट पुल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बलरामपुर को विकास के मामले में पिछड़ने नहीं दिया जाएगा।
     
    लाभार्थियों को लैपटॉप, चेक और स्वीकृति पत्र
    मुख्यमंत्री योगी ने विभागीय प्रदर्शनियां देखीं और छात्रा के विज्ञान मॉडल की सराहना की। एक बच्चे का अन्नप्राशन कराया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में विकास यादव और मोहम्मद शादाब को लैपटॉप दिए। किरण वर्मा और हिमांश यादव को कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए चार-चार लाख रुपये की सहायता से संबंधित चाबियां सौंपीं। अजय कुमार पाल, हसन रजा और गुफरान अंसारी को युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत पांच-पांच लाख रुपये के चेक दिए। किसना देवी और ननका देवी को आवास स्वीकृति पत्र तथा गुड़िया वर्मा और पिंकी को आजीविका मिशन के तहत 45 लाख रुपये का चेक दिया।
     
    जनप्रतिनिधियों ने गिनाईं उपलब्धियां
    बलरामपुर विधायक पल्टूराम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश विकास के रास्ते पर है। उन्होंने 2027 में सभी 403 विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत का दावा करते हुए लोगों से योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने का आह्वान किया। उतरौला विधायक रामप्रताप वर्मा ने कहा कि 2017 से पहले व्यापारी और महिलाएं भय के माहौल में रहते थे। योगी सरकार ने अपराधियों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर प्रदेश में शिक्षा और विकास को गति दी है।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्रा और अवधेश कुमार सिंह उर्फ मंजू सिंह, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू तथा उतरौला नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सविता गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

  • ‘कॉफी विद करण’ के बाद नया चैट शो लाने की तैयारी में करण जौहर, प्रोडक्शन राइट्स भी होंगे अपने

    ‘कॉफी विद करण’ के बाद नया चैट शो लाने की तैयारी में करण जौहर, प्रोडक्शन राइट्स भी होंगे अपने

    फिल्ममेकर करण जौहर बीते कई सालों से अपने चैट शो 'कॉफी विद करण' के जरिए दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। इस शो का 9वां सीजन 14 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है और दर्शक इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर एन्जॉय कर पाएंगे। करण जौहर इस सीजन की शुरुआत के पहले ही साफ कर चुके हैं कि यह उनका आखिरी सीजन होगा। हालांकि दर्शकों को मायूस होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि एक ताजा जानकारी के मुताबिक इधर KWK खत्म होगा और उधर करण जौहर अपने नए चैट शो की तैयारी कर रहे हैं। जिसके प्रोडक्शन राइट्स उनके पास होंगे।

    अपना अलग शो शुरू करेंगे करण?
    मिड-डे की एक रिपोर्ट के मुताबिक करण जौहर का सिर्फ इसलिए 'कॉफी विद करण' छोड़ना, ताकि वह अपनी फिल्मों के डायरेक्शन पर फोकस कर सकें, पूरा सच नहीं है। खबर के मुताबिक करण जौहर अपना खुद का चैट शो शुरू करने की प्लानिंग कर रहे हैं, जिसके प्रोडक्शन राइट्स उनके बैनर के पास होंगे। इसकी मदद से वह इस शो को इसके ऑरिजनल फॉरमैट में ला सकेंगे। ऐसे कई शोज हैं जो शुरू तो यूट्यूब पर हुए थे, लेकिन फिर उनकी पॉपुलैरिटी को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर जगह मिल गई।

    अभी मिलने हैं इन सवालों के जवाब
    एक नए चैट शो फॉर्मेट से करण जौहर को अपना खुद का आईपी बनाने के साथ-साथ इस मॉडल को एक्सप्लोर करने का मौका मिल सकता है। हालांकि उनके नए चैट शो का फॉरमैट क्या होगा, यह किस प्लेटफॉर्म पर आएगा, इसकी लॉन्च डेट क्या होगी और इसके अलावा किन मेहमानों के साथ वह शुरुआत करेंगे जैसे सवालों के जवाब मिलना अभी बाकी हैं। करण जौहर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कैसे यह उनका आखिरी सीजन होगा और यह शो उनकी जिंदगी में क्या जगह रखता है। इसके अलावा करण ने यह भी बताया कि कैसे वह डायरेक्शन को प्राथमिकता देना चाहते हैं।

    शो छोड़ने के बारे में क्या कहा था?
    करण जौहर ने इसी इंटरव्यू में कहा, "मनोरंजन जगत में 'कॉफी विद करण' मेरी पहचान का अहम हिस्सा रहा है। मुझे अभी भी यकीन नहीं होता है कि 22 साल बीत चुके हैं और मैं इस शो का 9वां सीजन होस्ट करने जा रहा हूं।" यह शो खत्म करने की बात पर करण जौहर ने कहा- मैं अपनी जिंदगी का अगला दशक और ज्यादा फिल्में डायरेक्ट करते हुए बिताना चाहता हूं। लोगों को और ढेर सारी कहानियां सुनाना चाहता हूं। तो एक भारी दिल के साथ मैं इस सीजन को अपना आखिरी सीजन बनाने जा रहा हूं।"

  • पुराना भरोसा, नया कारोबार! हाउसिंग बोर्ड के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में अतुल लालवानी ने चुनी नई जगह

    पुराना भरोसा, नया कारोबार! हाउसिंग बोर्ड के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में अतुल लालवानी ने चुनी नई जगह

    सेवा संकल्प अभियान

    सेवा की कहानी: 15 वर्षों का भरोसा फिर बना नई शुरूआत का आधार, हाउसिंग बोर्ड के नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में अतुल लालवानी ने चुना कारोबार का नया ठिकाना

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आवास के साथ व्यावसायिक अधोसंरचना के विकास को मिल रहा प्रोत्साहन

    वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में व्यापारियों को बेहतर सुविधाओं के साथ व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने की पहल

    एम्स के नजदीक बेहतर लोकेशन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और किफायती कीमत बनी आकर्षण का केंद्र

    रायपुर,
     किसी भी संस्था के प्रति विश्वास उसकी सेवाओं और कार्यों से बनता है। जब यही विश्वास वर्षों तक कायम रहता है और व्यक्ति दोबारा उसी संस्था को अपनी नई शुरूआत के लिए चुनता है, तो यह उसकी विश्वसनीयता का उदाहरण बन जाता है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के प्रति ऐसा ही भरोसा राजधानी रायपुर के टाटीबंध निवासी व्यवसायी अतुल लालवानी ने व्यक्त किया है। पिछले 15 वर्षों से हाउसिंग बोर्ड के व्यावसायिक परिसर में दुकान संचालित कर रहे लालवानी ने अब मंडल के नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में भी अपना व्यवसाय आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आवासीय सुविधाओं के विस्तार के साथ व्यावसायिक अधोसंरचना के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा नागरिकों और व्यापारियों की आवश्यकताओं के अनुरूप आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं को विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य बेहतर लोकेशन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और उचित कीमत पर संपत्तियां उपलब्ध कराकर व्यापार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।

    15 वर्षों का अनुभव बना भरोसे की सबसे बड़ी वजह

    टाटीबंध स्थित हाउसिंग बोर्ड के व्यावसायिक परिसर में पिछले 15 वर्षों से अपनी दुकान संचालित कर रहे अतुल लालवानी बताते हैं कि इतने लंबे समय तक यहां व्यवसाय करने का अनुभव उनके लिए संतोषजनक रहा है। यही कारण है कि जब हाउसिंग बोर्ड ने इसी क्षेत्र में नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की पहल की, तो उन्होंने एक बार फिर मंडल की परियोजना को प्राथमिकता दी।

    लालवानी कहते हैं, “पिछले 15 वर्षों से मैं हाउसिंग बोर्ड के व्यावसायिक परिसर में अपनी दुकान चला रहा हूं। इतने वर्षों का अनुभव ही मेरे भरोसे की सबसे बड़ी वजह है। आज जब इसी क्षेत्र में हाउसिंग बोर्ड नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स लेकर आया है, तो मैंने एक बार फिर उसी भरोसे के साथ इसे चुना है।”

    एम्स के नजदीक लोकेशन और किफायती कीमत बनी खासियत

    लालवानी के अनुसार किसी भी व्यवसाय की सफलता में उसकी लोकेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। टाटीबंध क्षेत्र में एम्स के नजदीक स्थित नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स व्यापारियों के लिए उपयोगी विकल्प बन सकता है। आसपास विकसित व्यावसायिक गतिविधियां, बेहतर आवागमन और स्थापित बाजार की उपलब्धता इस परियोजना की प्रमुख विशेषताएं हैं।

    उन्होंने बताया कि अच्छी लोकेशन के साथ निर्माण की गुणवत्ता और किफायती कीमत भी इस परियोजना को आकर्षक बनाती है। नए परिसर में बेहतर व्यावसायिक सुविधाओं और स्थापित बाजार का लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे व्यापारियों को अपने कारोबार का विस्तार करने के अवसर मिल सकते हैं।

    “हाउसिंग बोर्ड पर मेरा भरोसा आज भी कायम है”

    अतुल लालवानी का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड की व्यावसायिक परियोजनाएं छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध करा सकती हैं। अच्छी लोकेशन पर उचित कीमत में दुकान या व्यावसायिक स्थान मिलने से कारोबार को स्थायित्व और विस्तार की संभावनाएं मिलती हैं।

    वे कहते हैं, “एम्स के नजदीक लोकेशन, निर्माण की गुणवत्ता और किफायती कीमत इस परिसर की खासियत हैं। हमारे जैसे व्यापारियों के लिए अच्छी जगह पर उचित कीमत में कारोबार बढ़ाने का अवसर मिलना सराहनीय है। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड पर मेरा भरोसा आज भी कायम है।”

    आवास के साथ व्यापार और स्वरोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आवासीय परियोजनाओं के साथ व्यावसायिक परिसरों के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से व्यापारियों को सुव्यवस्थित व्यावसायिक स्थान उपलब्ध कराने तथा स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

    व्यावसायिक परिसरों का विकास केवल दुकानों और भवनों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार, स्वरोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावनाएं जुड़ी हैं।

    सरकार और हाउसिंग बोर्ड के प्रति जताया आभार

    अतुल लालवानी ने छत्तीसगढ़ सरकार और हाउसिंग बोर्ड के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार आवास के साथ व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी बहुत अच्छा काम कर रही है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ सरकार और हाउसिंग बोर्ड का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”

    लालवानी की कहानी बताती है कि किसी संस्था की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल नई परियोजनाओं का निर्माण नहीं, बल्कि हितग्राहियों का लंबे समय तक कायम रहने वाला विश्वास भी है। 15 वर्षों से हाउसिंग बोर्ड के व्यावसायिक परिसर में कारोबार कर रहे लालवानी का नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स को दोबारा चुनना इसी भरोसे का उदाहरण है। उनके लिए यह नया व्यावसायिक परिसर केवल कारोबार का नया ठिकाना नहीं, बल्कि वर्षों पुराने विश्वास के साथ आगे बढ़ने और व्यवसाय के विस्तार की नई उम्मीद भी है।

  • टीम इंडिया से बाहर चल रहे शमी ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगातार प्रदर्शन के बावजूद नहीं मिल रहा मौका

    टीम इंडिया से बाहर चल रहे शमी ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगातार प्रदर्शन के बावजूद नहीं मिल रहा मौका

    नई दिल्ली
    भारतीय क्रिकेट टीम में 4 साल के लंबे इंतजार के बाद भुवनेश्वर कुमार की टी20 टीम में वापसी हुई है. दूसरी तरफ अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के लिए अभी भी टीम इंडिया का दरवाजा दोबारा नहीं खुल पाया है.

    भुवी के कमबैक और खुद को लगातार नजरअंदाज किए जाने पर मोहम्मद शमी का गुस्सा फूट पड़ा है. उन्होंने बेहद बेबाक अंदाज में अपनी भड़ास निकाली है. मोहम्मद शमी इससे पहले भी अपनी बयानों से सुर्खियां बटोरने का काम करते रहे हैं.

    रेवस्पोर्ट्स से बातचीत करते हुए जब मोहम्मद शमी से भुवनेश्वर कुमार के चयन और खुद की टीम से चल रही लंबी दूरी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा कि भुवनेश्वर कुमार को भारत के लिए खेलने का मौका मिला और यह उनके लिए अच्छी बात है.

    लेकिन उनके चयन से मेरा कोई लेना-देना नहीं है. मुझे जहां भी खेलने का मौका मिलेगा, मैं अपना शत-प्रतिशत दूंगा. फिलहाल मेरा पूरा फोकस रणजी मैच पर है. इसके आगे शमी ने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट पर तंज कसते हुए कहा कि पिछले दो-तीन साल से मेरे साथ यही सब हो रहा है.

    शमी ने कहा कि मैं लगातार प्रदर्शन कर रहा हूं और बंगाल के लिए अपनी फिटनेस साबित कर चुका हूं. इसके बावजूद अगर मुझे दोबारा टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका नहीं मिलता है तो यह मेरा नुकसान नहीं है!

    क्यों हो रही है शमी और भुवी की चर्चा?
    36 वर्षीय मोहम्मद शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला 2025 चैम्पियंस ट्रॉफी में खेला था. इसके बाद से फिटनेस समस्याओं और चयनकर्ताओं द्वारा युवा खिलाड़ियों को तरजीह दिए जाने के कारण वह लगातार बाहर चल रहे हैं.
     
    दूसरी ओर आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के दम पर भुवनेश्वर कुमार की न्यूजीलैंड दौरे के लिए टी20 टीम में वापसी हो चुकी है. माना जा रहा है कि उन्हें वनडे वर्ल्ड कप 2027 की योजनाओं के तहत परखा जा रहा है.

    ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा सीरीज में फ्लैट पिचों पर भारतीय गेंदबाजों की हो रही धुलाई के बाद फैन्स और एक्सपर्ट्स लगातार अनुभवी गेंदबाजों की वकालत कर रहे हैं, जिससे शमी का यह दर्द खुलकर सामने आ गया है.

  • योगी सरकार का मंडियों की स्वच्छता पर फोकस, 15 दिवसीय अभियान में सफाई और यातायात व्यवस्था होगी दुरुस्त

    योगी सरकार का मंडियों की स्वच्छता पर फोकस, 15 दिवसीय अभियान में सफाई और यातायात व्यवस्था होगी दुरुस्त

    प्रदेश की मंडियों में चलेगा 15 दिवसीय विशेष स्वच्छता अभियान, साफ-सफाई से बदलेगी तस्वीर

    किसानों की सुविधा और स्वच्छता पर योगी सरकार का फोकस, मंडियों में सफाई से लेकर जल निकासी तक होंगे पुख्ता इंतजाम

    ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ से चमकेंगी यूपी की मंडियां, कूड़ा निस्तारण और यातायात व्यवस्था सुधारने पर जोर

    लखनऊ, 
     योगी सरकार में उत्तर प्रदेश की कृषि उत्पादन मंडियों में साफ-सफाई की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा किसानों को स्वच्छ एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ संचालित करने का निर्देश दिया है। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने अक्टूबर, 2026 में प्रदेश की सभी मंडी एवं उपमंडी स्थलों पर व्यापक स्तर पर विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत मंडी परिसरों में जमा कूड़े, बंद नालियों, जलभराव वाले स्थानों, शौचालयों, नीलामी चबूतरों, दुकानों और किसान विश्राम गृहों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    सभी मंडियों में युद्धस्तर पर होगी साफ-सफाई
    इस अभियान के दौरान मंडी समितियों के अनुबंधित सफाई ठेकेदारों को अपने सभी सफाई कर्मियों को लगाकर युद्धस्तर पर सफाई कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंडी परिसर के प्रत्येक हिस्से की सफाई सुनिश्चित की जाएगी। विशेष रूप से नालियों में फंसे अपशिष्ट तथा पानी जमा होने वाले स्थानों को चिह्नित कर उनकी सफाई कराई जाएगी।

        धान की आवक को देखते हुए यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर
     अक्टूबर माह में धान और अन्य कृषि उत्पादों की अधिक आवक तथा आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए मंडियों में यातायात और परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। 

    नीलामी चबूतरों, दुकानों और नालियों पर ज्यादा ध्यान
    इस अभियान के अंतर्गत मंडी परिसर में स्थित नीलामी चबूतरों के आसपास की नालियों में जमा कूड़े को हटाने तथा चबूतरों और उनसे संबंधित संरचनाओं की सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन स्थानों पर नमी रहती है, वहां कूड़ा हटाने के बाद निर्देशानुसार चूना पाउडर अथवा गैमक्सीन का छिड़काव कराया जाएगा। 

    शौचालयों और किसान विश्राम गृहों में सुविधाओं पर रहेगा ध्यान
    मंडी परिसरों में बने शौचालयों, प्रसाधनों और यूरिनल की सफाई के साथ जलापूर्ति एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शौचालयों के आसपास जलभराव वाले स्थानों की विशेष सफाई कर वहां नियमित रूप से चूने का छिड़काव कराया जाएगा। कार्यालय भवनों और किसान विश्राम गृहों की साफ-सफाई तथा आवश्यक साज-सज्जा पर भी ध्यान दिया जाएगा। मंडी परिसरों में जहां नए सिविल, विद्युत अथवा मरम्मत संबंधी कार्य चल रहे हैं, उन स्थलों को अलग से चिह्नित किया जाएगा। निर्माण कार्य के बाद बची अनुपयोगी सामग्री और मलबे को भी अभियान के दौरान हटवाने के निर्देश दिए गए हैं।

  • बिहार के कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट, जानें कल कैसा रहेगा मौसम का मिजा

    बिहार के कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट, जानें कल कैसा रहेगा मौसम का मिजा

    पटना
    बिहार में मॉनसून की विदाई के बीच मौसम का मिजाज बदल गया है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई है।

    पिछले 24 घंटों में मौसम का हाल
    मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में बेगूसराय (तेघड़ा 120 मिमी) और मधुबनी (बेनीपट्टी 131.2 मिमी) जिलों में एक-दो स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा समस्तीपुर और सीतामढ़ी के कुछ इलाकों में भी मूसलाधार बारिश हुई।

    मौसम विभाग के अनुसार राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.2°C मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में और सर्वाधिक अधिकतम तापमान 35.4°C भबुआ (कैमूर) में दर्ज किया गया। वहीं, पटना जिले में 59 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।

    आज के लिए भारी बारिश का अलर्ट
    मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार राज्य के उत्तर-मध्य और उत्तर-पूर्व हिस्सों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    कल कैसा रहेगा मौसम
    मौसम विभाग ने बताया कि कल राज्य के लगभग सभी जिलों (उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व) में मौसम शुष्क (साफ) रहने की संभावना है। कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।अगले 5 दिनों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है।

     

  • ₹150 करोड़ के डंपिंग ग्राउंड प्रोजेक्ट की जांच से मचेगा हड़कंप, CBI की रडार पर चंडीगढ़ के कई अफसर

    ₹150 करोड़ के डंपिंग ग्राउंड प्रोजेक्ट की जांच से मचेगा हड़कंप, CBI की रडार पर चंडीगढ़ के कई अफसर

    चंडीगढ़
    शहर के डंपिंग ग्राउंड में कचरे के पहाड़ के साथ अब करोड़ों रुपये के खर्च का हिसाब भी जांच के दायरे में आ सकता है। पिछले पांच वर्षों में कचरे के प्रबंधन और निस्तारण पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आई है।

    अब इस रकम के इस्तेमाल, कंपनियों को काम आवंटित करने की प्रक्रिया और भुगतान के तरीके को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिकायत में टेंडर आवंटन में कथित अनियमितताओं और नियमों की अनदेखी के आरोप लगाए गए हैं।

    मामले में सीबीआइ की जांच का फोकस सरकारी धन के इस्तेमाल और ठेकों की प्रक्रिया पर रहने की संभावना है।

    अब सीबीआई रखेगी पैनी नजर
    शहर में प्रतिदिन सैकड़ों टन कचरा डंपिंग ग्राउंड पहुंचता है। इसके निस्तारण, सेग्रीगेशन और प्रबंधन के लिए नगर निगम ने अलग-अलग कंपनियों को काम सौंप रखा है। इसके अलावा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का संचालन भी निजी कंपनी के माध्यम से किया जा रहा है।

    इन कार्यों के लिए कंपनियों को प्रति टन के हिसाब से भुगतान किया जाता है। ऐसे में जांच का अहम बिंदु यह होगा कि ठेके की शर्तों के मुताबिक वास्तव में कितना काम हुआ और उसके बदले कितनी रकम जारी की गई।

    नगर निगम में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विंग भी बनाया गया है, जिसकी जिम्मेदारी इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई है। अब सवाल यह है कि इस व्यवस्था के तहत ठेकों की निगरानी किस स्तर पर हुई, काम की गुणवत्ता और मात्रा का सत्यापन कैसे किया गया और भुगतान से पहले किन दस्तावेजों के आधार पर मंजूरी दी गई।

    सैनेटरी इंस्पेक्टर का रिश्वत मामला भी गरमाया
    नगर निगम के सैनिटरी इंस्पेक्टर के पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़े जाने के मामले के बाद डंपिंग ग्राउंड से जुड़े ठेकों और भुगतान व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, रिश्वत मामले और अन्य ठेकों में अनियमितताओं के आरोपों की अलग-अलग जांच और तथ्यों के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।

    एक ही काम के अलग-अलग रेट, भुगतान की जांच अहम
    डंपिंग ग्राउंड में कचरे के निस्तारण से जुड़े कार्यों में कथित गड़बड़ियों को लेकर सबसे बड़ा सवाल अलग-अलग कंपनियों को दिए गए रेट पर है। आरोप हैं कि एक ही प्रकार के काम के लिए अलग-अलग दरों पर ठेके आवंटित किए गए। यदि काम की प्रकृति, मात्रा, तकनीकी शर्तों और अन्य परिस्थितियों में अंतर नहीं था, तो दरों में इस अंतर का आधार क्या था?

    जांच में यह देखा जाना जरूरी होगा कि कंपनियों ने निर्धारित अवधि में कितना काम पूरा किया, कितनी मात्रा में कचरे का निस्तारण किया गया और भुगतान वास्तविक काम के अनुपात में हुआ या नहीं।

    इसके लिए टेंडर दस्तावेज, वर्क ऑर्डर, बिल, माप पुस्तिकाएं, निरीक्षण रिपोर्ट और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड अहम होंगे। यदि किसी कंपनी को किए गए काम से अधिक भुगतान हुआ है, तो उसकी जिम्मेदारी तय करने के लिए दस्तावेजी साक्ष्य जरूरी होंगे।

    बिना अनुभव वाली कंपनियों को ठेके देने पर सवाल
    नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया पर दूसरा सवाल उन कंपनियों को काम सौंपने को लेकर है, जिनके पास कथित तौर पर कचरा प्रबंधन या निस्तारण का पर्याप्त अनुभव नहीं था। आरोप हैं कि कुछ कंपनियां काम अधूरा छोड़कर चली गईं। इसके बाद निगम को संबंधित कंपनियों पर पेनल्टी लगाने की कार्रवाई करनी पड़ी।

    ऐसे मामलों में जांच का विषय होगा कि टेंडर की पात्रता शर्तें क्या थीं, कंपनियों ने अनुभव और तकनीकी क्षमता से संबंधित कौन से दस्तावेज जमा किए और चयन के समय उनका सत्यापन किया गया या नहीं।

    साथ ही यह भी देखा जा सकता है कि काम अधूरा छोड़ने वाली कंपनियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई हुई या नहीं और पेनल्टी की रकम वास्तव में वसूल की गई या नहीं।

    डंपिंग ग्राउंड में कचरे का लगातार जमा होना, उसके निस्तारण पर भारी खर्च और ठेकों को लेकर उठते सवाल नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करते हैं।

    यदि रिकॉर्ड की जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं, तो संबंधित अधिकारियों और कंपनियों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही होगी।

  • CM विष्णु देव साय बोले- विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं से बढ़ेंगे खिलाड़ियों के अवसर, साझेदारी समझौते पर हुए हस्ताक्षर

    CM विष्णु देव साय बोले- विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं से बढ़ेंगे खिलाड़ियों के अवसर, साझेदारी समझौते पर हुए हस्ताक्षर

    विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं से तैयार होंगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    सेंध लेक सिटी और इलेशियम क्लब्स की साझेदारी घोषणा एवं अनुबंध हस्ताक्षर समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

    नवा रायपुर में बैडमिंटन अकादमी शुरू करेंगे पद्म भूषण पुलेला गोपीचंद, प्रदेश की प्रतिभाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय प्रशिक्षण

    खेल प्रतिभाओं को अवसर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता, खेल विकास के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान

    बस्तर ओलंपिक से सामने आ रही दूरस्थ अंचलों की प्रतिभाएं, दूसरे वर्ष लगभग 3.91 लाख खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

    खेल उत्कृष्टता, आधुनिक सुविधाओं और निवेश को प्रोत्साहित करने के राज्य सरकार के प्रयासों की गोपीचंद ने की सराहना

    रायपुर 
    छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इन प्रतिभाओं को पहचानने, तराशने और उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की है। राज्य सरकार इसी दिशा में योजनाबद्ध रूप से आगे बढ़ रही है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के जोरा में आयोजित सेंध लेक सिटी और इलेशियम क्लब्स की साझेदारी घोषणा एवं अनुबंध हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर में प्रस्तावित विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स क्लब की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में खेल संस्कृति को नई मजबूती मिलेगी और युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण एवं खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर क्लब के संस्थापकों और पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पद्म भूषण से सम्मानित प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक पुलेला गोपीचंद का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए कहा कि भारतीय बैडमिंटन को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उनके मार्गदर्शन में अनेक खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है। नवा रायपुर में उनकी बैडमिंटन अकादमी की शुरुआत प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगी।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का निर्माण भी करते हैं। खेलों में निवेश वास्तव में हमारी युवा पीढ़ी और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य में निवेश है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने पर विशेष ध्यान दे रही है।

    बस्तर ओलंपिक ने बदली तस्वीर, गांवों से निकलकर मैदान तक पहुंच रहे युवा

    मुख्यमंत्री साय ने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने का सशक्त मंच बना है। बस्तर ओलंपिक के पहले वर्ष में लगभग एक लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। दूसरे वर्ष यह संख्या बढ़कर लगभग तीन लाख 91 हजार हो गई। खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी बताती है कि बस्तर के युवाओं में खेलों को लेकर अभूतपूर्व उत्साह है और क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

    उन्होंने कहा कि बस्तर में आज युवा बंदूक और हिंसा से दूर होकर खेल, शिक्षा, कौशल और रोजगार के माध्यम से अपने भविष्य को संवारने के लिए आगे आ रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि सुदूर गांव की प्रतिभा को भी वही अवसर और मंच मिले, जो बड़े शहरों के खिलाड़ियों को उपलब्ध हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ‘खेलो इंडिया’ के अंतर्गत राष्ट्रीय जनजातीय खेलों का सफल आयोजन किया गया है। प्रदेश के खिलाड़ी भी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव तथा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां अपने परिश्रम और प्रतिभा से प्रदेश का मान बढ़ा रही हैं।

    खेल अधोसंरचना के विस्तार के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने खेलों के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए इस वर्ष के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। केंद्र सरकार की ‘खेलो इंडिया’ सहित विभिन्न योजनाओं के समन्वय से प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित की जा रही है। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, आवश्यक सुविधाएं और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि छत्तीसगढ़ का प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी, चाहे वह किसी शहर से हो या सुदूर वनांचल से, संसाधनों के अभाव में पीछे न रहे। प्रतिभा को अवसर से जोड़ना और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।

    नक्सलवाद से मुक्ति के साथ बस्तर में खुल रहे विकास के नए द्वार

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में मिली ऐतिहासिक सफलता उनकी सरकार के लगभग पौने तीन वर्ष के कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। चार दशकों से अधिक समय तक नक्सलवाद ने बस्तर सहित प्रदेश के अनेक क्षेत्रों के विकास को प्रभावित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को निर्णायक दिशा मिली है।

    उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि इस परिवर्तन में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की जनता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। स्थानीय लोगों के विश्वास और सहयोग से आज उन क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, खेल और रोजगार की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘मोदी की गारंटी’ के अंतर्गत प्रदेशवासियों से किए गए वादों को पूरा करने के साथ सुशासन और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

    वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपए की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित राज्य बनने की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए राज्य की प्राकृतिक संपदा और पारंपरिक सामर्थ्य के साथ नई तकनीक, आधुनिक उद्योग, सेवा क्षेत्र और मानव संसाधन के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा, वनोपज, जल संसाधन और ऊर्जा के क्षेत्र में समृद्ध है। प्रदेश के मेहनतकश लोग हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। इन सभी संभावनाओं का बेहतर उपयोग करते हुए रोजगार, उद्यमिता और निवेश के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति को देश और विदेश के निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। हाल ही में सिंगापुर प्रवास के दौरान डेटा सेंटर, कृषि प्रसंस्करण सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। लगभग 15 बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ आयोजित राउंड टेबल बैठक में निवेशकों ने छत्तीसगढ़ में उद्योग और व्यवसाय स्थापित करने में रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि निवेश बढ़ने से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    सुशासन और तकनीक से बदल रही प्रशासनिक कार्यसंस्कृति

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित प्रशासन के लिए लगातार सुधार कर रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के साथ शासकीय सेवाओं के डिजिटलीकरण को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि तकनीक के माध्यम से सेवाएं अधिक सरल, सुगम और पारदर्शी बनें तथा उनका लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुंचे।

    उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक, सशक्त युवा, आधुनिक अधोसंरचना और सुशासन विकसित छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से स्वस्थ, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

    वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओम प्रकाश चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान अब केवल खनिज और भारी उद्योगों तक सीमित नहीं है। राज्य में सेवा क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और आधुनिक शहरी अधोसंरचना का भी तेजी से विस्तार हो रहा है। नवा रायपुर इस बदलते छत्तीसगढ़ की नई संभावनाओं का प्रमुख केंद्र बन रहा है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास के लिए लगातार प्रतिष्ठित संस्थानों का विस्तार किया जा रहा है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी और नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान स्थापित हो रहे हैं, जबकि आईआईटी, आईआईएम, एम्स और सीपेट जैसे राष्ट्रीय संस्थान पहले से प्रदेश में युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।

    चौधरी ने कहा कि अमरावती और हैदराबाद के बाद पुलेला गोपीचंद द्वारा छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन अकादमी प्रारंभ किया जाना प्रदेश के खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने ही प्रदेश में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिल सकेगा।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर में डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर इकाई की स्थापना की दिशा में भी काम आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ‘अंजोर’ विजन दस्तावेज को आधार बनाकर दीर्घकालिक योजना के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है।

    विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वस्थ और सशक्त युवा पीढ़ी जरूरी : पुलेला गोपीचंद

    पद्म भूषण पुलेला गोपीचंद ने छत्तीसगढ़ में मिले आत्मीय स्वागत के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर के सुव्यवस्थित और सुंदर विकास को देखकर छत्तीसगढ़ के प्रति उनकी धारणा को नई दिशा मिली है। उन्होंने इलेशियम क्लब्स की पहल को खेल, स्वास्थ्य और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

    गोपीचंद ने कहा कि पिछले दस-बारह वर्षों में देश में खेलों के प्रति दृष्टिकोण में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने वर्ष 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी राष्ट्र की प्रगति में गौरव और आत्मविश्वास की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर जब कोई भारतीय खिलाड़ी विजय प्राप्त करता है और तिरंगा ऊंचा होता है, तो इससे पूरे देश का आत्मविश्वास बढ़ता है।

    उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और साक्षरता के साथ उनके शारीरिक विकास पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए। बच्चों को दौड़ने, कूदने, चढ़ने और विभिन्न खेल गतिविधियों में भाग लेने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। खेलों में किया गया निवेश केवल खिलाड़ियों के निर्माण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी समाज के निर्माण में योगदान देता है।

    गोपीचंद ने खेल उत्कृष्टता से जुड़ी योजनाओं, सुविधाओं और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार करने के लिए ऐसी युवा पीढ़ी की आवश्यकता है, जो शिक्षित होने के साथ स्वस्थ, सक्रिय, अनुशासित और शारीरिक रूप से सक्षम भी हो। इसलिए खेल और स्वास्थ्य को विकास की प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान दिया जाना आवश्यक है।

    इस अवसर पर प्रह्लाद राय अग्रवाल, दीपचंद राजलीवाल, पवित्र कुमार, डॉ. हिमांशु द्विवेदी सहित अन्य अतिथिगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।