Author: NewseDay

  • ताहिर हुसैन की मुश्किलें बढ़ीं, दिल्ली दंगा मामले में अदालत ने ठहराया दोषी; सजा पर फैसला 16 नवंबर को

    ताहिर हुसैन की मुश्किलें बढ़ीं, दिल्ली दंगा मामले में अदालत ने ठहराया दोषी; सजा पर फैसला 16 नवंबर को

     नई दिल्ली

    दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े दयालपुर इलाके के एक मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया. वहीं, अदालत ने इस मामले में शामिल 12 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। 

    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने ताहिर हुसैन को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147 के साथ धारा 109 के तहत दोषी ठहराया. धारा 147 दंगा करने की सजा से संबंधित है, जबकि धारा 109 उकसाने के बाद अपराध किए जाने और उसकी सजा से जुड़ी है. अदालत ने सजा की अवधि पर दलीलें सुनने के लिए मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को तय की है। 

    इस मामले में कुल 13 आरोपी थे. इनमें ताहिर हुसैन के अलावा मोहम्मद शादाब, शाह आलम, रियासत अली, गुलफाम, राशिद, मोहम्मद रिहान, मोहम्मद आबिद, अरशद कय्यूम, इरशाद अहमद, दीपक सिंह सैनी, नवनीत और मेहक सिंह शामिल थे. इन सभी पर दंगा करने, आवासीय मकान में चोरी और आग या विस्फोटक पदार्थों से नुकसान पहुंचाने समेत कई अपराधों के 
    आरोप थे। 

    ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया गया था
    जुलाई में दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े मामले में ताहिर हुसैन और चार अन्य लोगों को दोषी ठहराया था. उस मामले में अदालत ने उन्हें दुश्मनी बढ़ाने, दंगा करने, हमला करने, आपराधिक बल का इस्तेमाल करने और हत्या का दोषी पाया था। 

    यह मामला दयालपुर पुलिस स्टेशन में अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दर्ज FIR से जुड़ा है. इस मामले में नाम आने के बाद आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन को निलंबित कर दिया था. फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी, कई अन्य घायल हुए थे और करोड़ों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था. इसी मामले में मार्च 2023 में दिल्ली की एक अदालत ने ताहिर हुसैन और 10 अन्य के खिलाफ आरोप तय किए थे। 

  • असली नोटों के बीच नकली करेंसी खपाते थे आरोपी, बदायूं पुलिस ने गिरोह की जांच शुरू की

    असली नोटों के बीच नकली करेंसी खपाते थे आरोपी, बदायूं पुलिस ने गिरोह की जांच शुरू की

    बदायूं
    नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से डेढ़ लाख रुपये से अधिक के नकली नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद हुए हैं। आरोपियों के चार साथी पहले ही कासगंज जिले की सोरों पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है। अलापुर थाना पुलिस ने थानाध्यक्ष सनी चौधरी के नेतृत्व में मुखबिर की सूचना पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    पकड़े गए आरोपियों की पहचान भसराला गांव निवासी यावर अली पुत्र मकसूद अली और नुरुलहसन पुत्र रहीसुल हसन के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से 500 रुपये के 315 नकली नोट बरामद किए हैं। इनकी कुल कीमत एक लाख 57 हजार 500 रुपये है। इसके अलावा 500 रुपये के छह अधबने नोट और नकली नोट छापने की एक डाई बरामद हुई है। पुलिस को मौके से हरे टेप का एक बंडल, ग्लू स्टिक, एक मोबाइल फोन, दो कटर ब्लेड, एक्सटेंशन बोर्ड और सफेद कागज का एक बंडल भी मिला है।

    असली के साथ नकली नोट मिलाकर खपाते
    पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे काफी समय से नकली नोट तैयार कर रहे थे और उन्हें धीरे-धीरे बाजार में चला रहे थे। इसके लिए नकली नोटों को असली नोटों के साथ आगे-पीछे लगाकर इस्तेमाल करते थे। पुलिस के मुताबिक, यावर अली कासगंज जिले के सोरों थाने में दर्ज एक मामले में वांछित चल रहा था। उसके दो साथी रूपकिशोर उर्फ राजू और गोविंद चार सितंबर को सोरों पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं। नुरुलहसन भी पहले अलापुर में नकली नोटों के मामले में पकड़ा गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    डेढ़ लाख के नकली नोट के साथ दो गिरफ्तार
    एसपी सिटी अभिषेक सिंह ने बताया कि नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाले यावर अली और नुरुलहसन को गिरफ्तार किया गया है। यावर अली पर आठ और नुरुलहसन पर नौ मुकदमे दर्ज हैं। आरोपियों के नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। इस गिरोह में कौन-कौन लोग काम कर रहे हैं।

  • खैरागढ़ में ‘नमो सेवा’ नाट्य मंचन से दिखा सेवा और समर्पण का संदेश, 500 से अधिक विद्यार्थी हुए शामिल

    खैरागढ़ में ‘नमो सेवा’ नाट्य मंचन से दिखा सेवा और समर्पण का संदेश, 500 से अधिक विद्यार्थी हुए शामिल

    रायपुर : इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में ‘नमो सेवा– अनकही कहानियां’ का जिला स्तरीय भव्य नाट्य मंचन

    500 से अधिक विद्यार्थियों की उपस्थिति में संगीत और नाट्य प्रस्तुति के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, सेवा-संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण का किया गया चित्रण

    रायपुर

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला मुख्यालय खैरागढ़ के इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय परिसर-2 में ‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ का जिला स्तरीय नाट्य मंचन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 500 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता रही। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने संगीत, अभिनय और भावपूर्ण संवादों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, सार्वजनिक सेवा के अनुभवों और राष्ट्र के प्रति समर्पण पर आधारित संगीतमय नाटक प्रस्तुत किया।  इस प्रस्तुति में भारतीय कला, संगीत और नाट्य परंपरा के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण के संदेश को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया।  इसके अतिरिक्त भारत के रंग’ की सांस्कृतिक भावभूमि पर आधारित वंदे मातरम की गौरव गाथा पर भरतनाट्यम , कथक की सामूहिक नृत्य प्रस्तुति दी गयी ।

     जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए नाटक के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से सेवा भाव, कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति जिम्मेदारी को प्रस्तुत किया। संगीत और अभिनय के समन्वय से तैयार इस प्रस्तुति ने सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का संदेश दिया।

    ‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ के मंचन का प्रमुख उद्देश्य सेवा और समर्पण के विचारों को जनसामान्य तक पहुंचाना तथा समाज में सकारात्मक योगदान देने की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जनसेवा केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जनभागीदारी, सामूहिक प्रयास और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों को केंद्र में रखकर विद्यार्थियों ने सेवा के व्यापक अर्थ को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया।

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित यह जिला स्तरीय कार्यक्रम सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से सेवा के मूल्यों को प्रसारित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को देश के सार्वजनिक जीवन, सामाजिक दायित्वों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों को समझने के साथ अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने कला और संस्कृति की भूमिका को रेखांकित करते हुए यह संदेश दिया कि संगीत एवं नाट्य मंचन जनजागरूकता, सामाजिक सहभागिता और सकारात्मक विचारों के प्रसार के प्रभावी माध्यम हैं।

    इस अवसर पर बिसेसर साहू, घम्मन साहू, शशांक ताम्रकार, जैनेन्द्र जंघेल, श्रीमती नीलिमा गोस्वामी, श्रीमती गिरिजा चंद्राकर, विकेश गुप्ता, रामाधार रजक, भावेश कोचर, गोरेलाल वर्मा, श्रीमती वंदना टांडेकर, आयूब सोलंकी, रूपेंद्र रजक और लखन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

  • जोधपुर में 8 देशों की वायुसेनाओं का अभ्यास खत्म, राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक पर दिया जोर

    जोधपुर में 8 देशों की वायुसेनाओं का अभ्यास खत्म, राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक पर दिया जोर

    जाधपुर
    राजस्थान की ऐतिहासिक और रणनीतिक सरजमीं जोधपुर एक बार फिर भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और अंतरराष्ट्रीय सामरिक संबंधों की नई मिसाल बनी है। जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास 'तरंग शक्ति-2026' के दूसरे संस्करण के भव्य समापन अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। भारतीय वायुसेना और दुनिया भर से आई मित्र देशों की वायुसेनाओं के जवानों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि आधुनिक दौर में सुरक्षा का मतलब केवल सीमा की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि नई तकनीकों और आत्मनिर्भरता के बल पर वैश्विक स्तर पर खुद को मजबूत बनाना भी है।

    जोधपुर के आसमान में गर्जते लड़ाकू विमानों की आवाज के बीच रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत लगातार अपने आसपास के क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की गतिविधियों पर बारीक नजर बनाए हुए है। उन्होंने जोधपुर की इस पावन भूमि से देश की थल, जल और नभ सेनाओं में हो रहे ऐतिहासिक बदलावों का जिक्र किया। अपने सम्बोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने भारत की सैन्य तैयारियों, स्वदेशी हथियारों, ड्रोन तकनीक, एआई और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की दिशा में तेजी से बढ़ रहे भारत के कदमों पर विस्तार से अपनी बात रखी।

    1. संकट के समय स्वदेशी तकनीक ही असली ताकत
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोधपुर में कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आधुनिक युद्ध और संकट के समय कोई भी देश लंबे समय तक युद्ध नहीं लड़ सकता, जब तक कि वह खुद अपने हथियार और महत्वपूर्ण तकनीक न बनाता हो। इसी कड़ी सोच ने भारत को रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' को अपनी राष्ट्रीय नीति बनाने के लिए प्रेरित किया है।

    2. आत्मनिर्भरता का मतलब अकेलापन नहीं
    उन्होंने स्पष्ट किया कि 'आत्मनिर्भर भारत' का मतलब दुनिया से अलग-थलग (Isolation) होना बिल्कुल नहीं है। इसका सीधा अर्थ देश के भीतर अपनी घरेलू क्षमता को इतना मजबूत बनाना है कि हम जटिल और अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों को खुद डिजाइन और विकसित कर सकें।

    3. सशस्त्र बलों का बुनियादी रूपांतरण
    भारतीय सशस्त्र बल वर्तमान में संरचनात्मक (structurally), भौतिक (materially) और रणनीतिक (strategically) रूप से एक बुनियादी बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं, जो भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत सैन्य शक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है।

    4. ड्रोन और एआई ने बदला युद्ध का स्वरूप
    अनमैन्ड सिस्टम और ड्रोन तकनीक ने सैन्य ऑपरेशन्स की गति, पैमाने और प्रकृति को पूरी तरह बदल दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब युद्ध के दौरान फैसले लेने की प्रक्रिया को नया आकार दे रही है।

    5. प्लेटफॉर्म की संख्या नहीं, फैसले लेने की स्पीड अहम
    राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य की सैन्य ताकत केवल इस बात पर निर्भर नहीं करेगी कि हमारे पास कितने फाइटर जेट या प्लेटफॉर्म हैं, बल्कि इस बात पर निर्भर करेगी कि हम कितनी तेजी से खतरों को भांपते हैं, समझते हैं, फैसले लेते हैं और एक्शन (Sensing, Understanding, Deciding, Acting) लेते हैं।

    6. तेजस और आकाश प्रणाली का विशेष उल्लेख
    भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान 'तेजस' और मिसाइल डिफेंस सिस्टम 'आकाश' का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि ये उपकरण भारत की स्वदेशी क्षमता और सैन्य आत्मनिर्भरता के सबसे बड़े प्रतीक बनकर उभरे हैं।

    7. 5th जनरेशन फाइटर जेट और भविष्य की तैयारी
    रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत पांचवीं पीढ़ी (5th Generation) के लड़ाकू विमानों की तकनीक विकसित करने की दिशा में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है और बहुत जल्द भारत इस क्षेत्र में भी बड़ी सफलता हासिल करेगा।

    8. स्पेक्ट्रम कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर पर जोर
    आधुनिक युद्ध अब केवल थल, जल और वायु तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि स्पेस, साइबर और सूचना क्षेत्र (Information Domain) की अहमियत बहुत अधिक बढ़ गई है, जहां इलेक्ट्रॉनिक्स वॉरफेयर के लिए एब्सोल्यूट स्पेक्ट्रम कंट्रोल बेहद जरूरी है।

    9. सह-विकास और सह-उत्पादन पर फोकस
    रक्षा अनुसंधान (R&D) से लेकर ट्रेनिंग और हथियारों के मेंटेनेंस तक, भारत अपने मित्र राष्ट्रों के साथ 'को-डेवलपमेंट' (Co-development) और 'को-प्रोडक्शन' (Co-production) पर विशेष जोर दे रहा है। साझा तकनीक और अनुभव से सभी देशों की परिचालन क्षमता बढ़ेगी।

    10. जोधपुर की धरा से मित्र देशों का आभार
    'तरंग शक्ति-2026' के सफल आयोजन पर भारतीय वायुसेना और शामिल हुए सभी 8 देशों की वायुसेनाओं, उनके क्रू मेंबर्स और 32 देशों के पर्यवेक्षकों का अभिनंदन करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि यह अभ्यास आपसी विश्वास, साझा अनुभव और भावी रक्षा संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

     

  • सेवा, समर्पण और जिजीविषा की मिसाल सात बार नदियां पार कर स्वास्थ्य दल पहुंचा तुमेरादी

    सेवा, समर्पण और जिजीविषा की मिसाल सात बार नदियां पार कर स्वास्थ्य दल पहुंचा तुमेरादी

    रायपुर

     ​बस्तर के सुदूर, वनांचल और दुर्गम इलाकों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाना हमेशा से एक चुनौती रहा है। लेकिन जब इरादे मजबूत हों, तो नदियां, घने जंगल और दुर्गम पहाड़ भी सेवा की राह में बाधा नहीं बन सकते। नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड के अंतिम छोर पर बसे गांव तुमेरादी की 45 वर्षीया सन्नो बाई के जीवन में आया बदलाव, शासन के 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' की संवेदनशीलता और स्वास्थ्य अमले के अप्रतिम समर्पण की बानगी प्रस्तुत करता है।

    ​सात बार नदी पार कर पहुंची 'उम्मीद की किरण'

     ​उप स्वास्थ्य केंद्र मड़पुर से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित तुमेरादी गांव तक पहुंचने की राह अत्यंत कठिन है। चारों तरफ से घने जंगलों, ऊंची पहाड़ियों और नदी-नालों से घिरे इस गांव तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य दल को एक ही नदी को सात बार पार करना पड़ता है। दुर्गम रास्तों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण तुमेरादी के ग्रामीणों के लिए समय पर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करना हमेशा से दुष्कर रहा है।

    लेकिन 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हिम्मत नहीं हारी। दुर्गम रास्तों की परवाह किए बिना टीम गांव पहुंची और ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया।

    ​शिविर में हुआ कुष्ठ रोग का खुलासा

    ​गांव में आयोजित स्वास्थ्य शिविर के दौरान 45 वर्षीया श्रीमती सन्नो बाई का परीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि सन्नो बाई लंबे समय से कुष्ठ रोग से पीड़ित थीं। उचित जानकारी के अभाव, आर्थिक तंगी और दूरस्थ भौगोलिक स्थिति के कारण वे अब तक इलाज से वंचित थीं। बीमारी इस कदर बढ़ चुकी थी कि उनके हाथ की उंगलियां प्रभावित होने लगी थीं। ​स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य दल ने तुरंत पहल की और उन्हें जिला चिकित्सालय नारायणपुर भेजा।

    ​जिला अस्पताल में शुरू हुआ त्वरित व मुफ्त इलाज

     ​जिला चिकित्सालय नारायणपुर में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा सन्नो बाई की विस्तृत जांच की गई और कुष्ठ रोग की पुष्टि होने के बाद तत्काल एमडीटी  दवाइयां उपलब्ध कराकर नियमित उपचार शुरू किया गया। इसके साथ ही सन्नो बाई और उनके परिवार को बीमारी से बचाव, सावधानियों और नियमित दवा के सेवन के महत्व के बारे में विस्तार से परामर्श दिया गया।

    समय पर बीमारी की पहचान और इलाज शुरू होने से सन्नो बाई का हाथ स्थायी रूप से विकलांग होने से बच गया। वर्तमान में उनका उपचार नियमित रूप से जारी है और उनकी स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है।

    ​अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का संकल्प

     ​सन्नो बाई की यह कहानी केवल एक मरीज के ठीक होने की कथा नहीं है, बल्कि यह उस सेवा-भाव की प्रतीक है जो राज्य सरकार के "अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा" के संकल्प को धरातल पर चरितार्थ करती है।

    ​मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान ने यह साबित कर दिया है कि शासन की स्वास्थ्य सेवाएं केवल सुगम और शहरी इलाकों तक सीमित नहीं हैं। जब सेवा का संकल्प दृढ़ हो, तो कठिन से कठिन रास्ते भी आसान हो जाते हैं। सात बार नदी पार कर और घने जंगलों को चीरते हुए तुमेरादी पहुंची स्वास्थ्य टीम के इस प्रयास ने न केवल सन्नो बाई को एक नया जीवन और नई उम्मीद दी है, बल्कि दूरस्थ अंचलों के ग्रामीणों में स्वास्थ्य तंत्र के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया है।

  • हरियाणा के इन शहरों में बढ़ेगा मेट्रो नेटवर्क, बावल से जेवर एयरपोर्ट तक नमो भारत ट्रेन जोड़ने की योजना

    हरियाणा के इन शहरों में बढ़ेगा मेट्रो नेटवर्क, बावल से जेवर एयरपोर्ट तक नमो भारत ट्रेन जोड़ने की योजना

     चंडीगढ़
     हरियाणा में मेट्रो विस्तार और नमो भारत ट्रेन परियोजनाओं को गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी अगले सप्ताह अहम बैठक करेंगे। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से बुलाई जाने वाली इस बैठक में गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के साथ नमो भारत ट्रेन के प्रस्तावित कारिडोर पर चर्चा होगी।

    बैठक में परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता, निर्माण संबंधी बाधाओं और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसे मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में गुरुग्राम के राजीव चौक से दिल्ली के यशो भूमि तक प्रस्तावित मेट्रो लाइन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप देने पर भी चर्चा हो सकती है।

    ओल्ड गुरुग्राम से फरीदाबाद-पलवल तक मेट्रो नेटवर्क का विस्तार
    हरियाणा में मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना के तहत ओल्ड गुरुग्राम से लेकर फरीदाबाद और पलवल तक नेटवर्क के विस्तार पर काम किया जा रहा है। गुरुग्राम में प्रस्तावित मेट्रो परियोजना के दो चरणों पर काम शुरू हो चुका है। आगामी बैठक में परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ उनके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के उपायों पर चर्चा होगी।

    बावल से जेवर एयरपोर्ट तक नमो भारत कनेक्टिविटी की तैयारी
    नमो भारत परियोजना के तहत दिल्ली के सराय काले खां से हरियाणा के रेवाड़ी जिले के बावल तक कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना है। इसके अतिरिक्त, गुरुग्राम और फरीदाबाद के रास्ते नमो भारत कारिडोर को नोएडा के जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ने का प्रस्ताव भी है। हरियाणा सरकार इस योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे चुकी है।

     

  • तेल टैंकर पर ड्रोन हमले के बाद राहत की खबर, सभी 22 भारतीय सुरक्षित; मंत्री सोनोवाल ने दी जानकारी

    तेल टैंकर पर ड्रोन हमले के बाद राहत की खबर, सभी 22 भारतीय सुरक्षित; मंत्री सोनोवाल ने दी जानकारी

    नई दिल्ली
    9 अक्टूबर को शारजाह एंकरेज पर पनामा झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर MT GEM NO. 2 पर ड्रोन से हमला हुआ. जहाज पर 22 भारतीय नागरिक क्रू सदस्य सवार थे. केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पुष्टि की कि सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं. भारत स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और नाविकों की सुरक्षा के लिए जहाज प्रबंधन कंपनी के संपर्क में है. यह घटना क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री परिवहन की चुनौतियों को उजागर करती है। 

    सोनोवाल ने X पर शेयर करते हुए इसकी जानकारी दी है. सोनोवाल ने 9 अक्टूबर को हुए हमले में सभी 22 भारतीयों के सुरक्षित होने की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जहाज प्रबंधन कंपनी के संपर्क में है। 

    पनामा के झंडे वाला यह कच्चे तेल का टैंकर शारजाह एंकरेज पर मौजूद था, यहां इसे ड्रोन हमले का सामना करना पड़ा. फिलहाल सभी भारतीय क्रू सदस्यों के सुरक्षित होने की पुष्टि की गई है। 

    सोनवाल ने कहा, 'मुझे यह बताते हुए राहत मिल रही है कि जहाज पर सवार हमारे सभी 22 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
    उन्होंने कहा कि भारत लगातार स्थिति पर निगरानी रख रहा है. केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, भारत अपने नाविकों की सुरक्षा और उनकी भलाई सुनिश्चित करने के लिए जहाज प्रबंधन कंपनी के संपर्क में है। 

  • वृद्धजन, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों के खातों में DBT से भेजी गई राशि, बैंक डिटेल अपडेट रखने की

    वृद्धजन, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों के खातों में DBT से भेजी गई राशि, बैंक डिटेल अपडेट रखने की

    सिवान
     जिले के तीन लाख 31 हजार 744 पेंशनधारियों के बैंक खातों में सितंबर माह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि भेजी गई। शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए पेंशन राशि हस्तांतरित की।

    इसके तहत जिले के लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल 37.61 करोड़ रुपये भेजे गए। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय सभागार में किया गया, जहां बड़ी संख्या में पेंशनधारी मौजूद रहे।

    कार्यक्रम में जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उपेंद्र यादव, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक मिनहाजुद्दीन, आइसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

    इस दौरान लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता की भी विस्तृत जानकारी दी गई।

    छह योजनाओं के लाभार्थियों को मिली पेंशन की राशि
    सहायक निदेशक ने बताया कि जिले में छह सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत राशि का हस्तांतरण किया गया। इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 64 हजार 227 लाभार्थियों को सात करोड़ छह लाख 49 हजार 700 रूपये और मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के एक लाख 86 हजार 282 लाभार्थियों को 20 करोड़ 49 लाख 10 हजार 200 रुपये भेजे गए।

    इसी प्रकार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 10 हजार 494 लाभार्थियों को एक करोड़ 15 लाख 42 हजार 400 रुपये तथा लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 40 हजार 528 लाभार्थियों को चार करोड़ 45 लाख 80 हजार 800 रुपये दिए गए।

    वहीं, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तजन पेंशन योजना के तीन हजार 114 लाभार्थियों के खातों में 34 लाख 25 हजार 400 रुपये और बिहार निःशक्तजन पेंशन योजना के 27099 लाभार्थियों को दो करोड़ 98 लाख आठ हजार 900 रुपये हस्तांतरित किए गए।

    बैंक खाते और आधार विवरण अपडेट रखने की अपील
    बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का उद्देश्य वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और अन्य पात्र लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

    डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

    जिलाधिकारी ने सभी पेंशनधारियों से अपने बैंक खातों और आधार से संबंधित विवरण अद्यतन रखने की अपील की है, ताकि पेंशन राशि के हस्तांतरण में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।

  • मोहाली विकास परियोजनाओं के लिए GAMADA जुटाएगा ₹15,000 करोड़, ₹191 करोड़ की फीस को लेकर उठे सवाल

    मोहाली विकास परियोजनाओं के लिए GAMADA जुटाएगा ₹15,000 करोड़, ₹191 करोड़ की फीस को लेकर उठे सवाल

    चंडीगढ़
     चेंज आफ लैंड यूज (सीएलयू) को लेकर उठे विवादों के बीच ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) अब 15 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है।मोहाली और आसपास के क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण और विकास परियोजनाओं के लिए जुटाई जाने वाली इस बड़ी राशि में से 191.16 करोड़ रुपये गुजरात की कंपनी टिप्सन्स कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को फीस के रूप में दिए जाएंगे।

    कंपनी को कुल जुटाई जाने वाली राशि का 1.27 प्रतिशत अरेंजर फीस मिलेगी। गमाडा ने अपनी 14 विकास परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण और विकास कार्यों पर 17,686 करोड़ रुपये की जरूरत बताई है।

    14 विकास परियोजनाओं की वित्तीय जरूरत को बनाया आधार

    गमाडा की फंड जुटाने की योजना ऐसे समय में सामने आई है, जब मोहाली क्षेत्र में जमीन और रियल एस्टेट परियोजनाओं को लेकर चेंज ऑफ लैंड यूज की प्रक्रिया चर्चा में है।

    हालांकि, प्रस्तावित 15 हजार करोड़ रुपये के फंड और सीएलयू विवादों के बीच किसी सीधे संबंध का विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है। अथॉरिटी ने अपनी योजना के पीछे 14 विकास परियोजनाओं की वित्तीय जरूरत को आधार बनाया है।

    गमाडा के मुख्य प्रशासक की ओर से दिए गए विवरण के अनुसार, अथॉरिटी ने 14 विकास परियोजनाएं शुरू की हैं। इनके लिए चिह्नित जमीन का अधिग्रहण करने और उस पर विकास कार्य करवाने के लिए कुल 17,686 करोड़ रुपये की जरूरत है। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई गई है।

    पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट, 1955 की धारा 51 के तहत जीमाडा कर्ज लेने, डिबेंचर जारी करने या बांड के माध्यम से धन जुटा सकता है। अथॉरिटी ने इसी कानूनी प्रावधान के आधार पर फंड जुटाने की योजना को उचित ठहराया है।

    191 करोड़ बतौर फीस दिए जाएंगे
    15 हजार करोड़ रुपये जुटाने की प्रक्रिया में गुजरात की कंपनी टिप्सन्स कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को 191.16 करोड़ रुपये अरेंजर फीस के रूप में दिए जाने हैं।

    यह सफलता आधारित फीस होगी और कुल प्रस्तावित राशि का 1.27 प्रतिशत है। जीमाडा ने इसके समर्थन में दूसरे राज्यों की संस्थाओं के उदाहरण दिए हैं, जिनमें हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी , आंध्र प्रदेश मिनरल डेवलपमेंट कारपोरेशन और केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड शामिल हैं। इन संस्थाओं ने भी बुनियादी ढांचा विकास के लिए बांड के जरिये धन जुटाया है।

    जमीन अधिग्रहण के लिए राज्य के खजाने में पहले से जमा राशि भी इस योजना का महत्वपूर्ण पहलू है। राइट टू फेयर कंपनसेशन एंड ट्रांसपेरेंसी इन लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रिसेटलमेंट एक्ट, 2013 के तहत संबंधित विकास अथॉरिटियों ने राज्य के खजाने में 6,400 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। इसमें गमाडा की ओर से जमा कराई गई राशि 6,210 करोड़ रुपये है। ऐसे में एक तरफ जमीन अधिग्रहण के लिए हजारों करोड़ रुपये जमा हैं, वहीं दूसरी तरफ विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी है

  • ‘मैं अयोध्या से लड़ने को तैयार’, अखिलेश यादव के चैलेंज पर CM योगी का क्या रुख? राजनीतिक बयानबाजी तेज

    ‘मैं अयोध्या से लड़ने को तैयार’, अखिलेश यादव के चैलेंज पर CM योगी का क्या रुख? राजनीतिक बयानबाजी तेज

     लखनऊ

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती पर पलटवार किया है. बलरामपुर की सभा में उन्होंने अखिलेश को भी अयोध्या से नामांकन करने को कहा और माफिया, राम मंदिर और विपक्ष की भाषा पर भी बोले. उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखिलेश पर सवाल उठाए। 

    अखिलेश दो दिन के दौरे पर अयोध्या पहुंचे थे. उन्होंने भागवत कथा में हिस्सा लिया, संतों से आशीर्वाद लिया और जनसभा में बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी लोकप्रियता पर भरोसा है तो अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं. चुनाव आयोग और प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि राज्य न्याय और मानवता से चलता है और अयोध्या की जनता चुनाव में दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। 

    इसी पर योगी ने बलरामपुर में जवाब दिया. उन्होंने कहा, “अखिलेश, अयोध्या हमारी पावन धाम है. हम सियासत के लिए नहीं, विकास के लिए अयोध्या जाते हैं.” आगे बोले, “आइए, आपको ऑफर देता हूं. आप भी अयोध्या से नामांकन करिए और मैं भी. चलिए, एक बार किस्मत आजमा लेते हैं.” योगी ने अयोध्या को अपनी आस्था की स्थली बताया। 

    योगी ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा. उनका आरोप था कि पहले माफिया जिस जमीन पर पैर रखता था, उस पर कब्जा कर लेता था. सपा के गुंडे व्यापारियों को फोन कर धमकाते और संपत्ति हड़प लेते थे. उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले बलरामपुर की सड़कें सबसे खराब थीं. अब वोट तस्करी और बदमाशों की अराजकता की जगह विकास और बदलाव का आधार बन रहा है और इलाके को आकांक्षात्मक जिले से संभावनाओं वाला जिला बनाने पर काम हो रहा है। 

    योगी ने राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का जिक्र कर कहा कि इनके निर्माण में रुकावट बनने वाले आज प्रधानमंत्री मोदी का विरोध कर रहे हैं, पर विरोध की भी एक सीमा होती है. कांग्रेस और सहयोगी दलों पर उन्होंने शिष्टाचार भूलने और अभद्र भाषा बोलने का आरोप लगाया. उनके मुताबिक ऐसे प्रयास देश को गुमराह करने और अराजकता की ओर ले जाने वाले हैं। 

    इससे पहले मौर्य ने कहा था कि अखिलेश भागवत कथा में गए, पर राम मंदिर में दर्शन करने नहीं गए. उनके मुताबिक रामलला के दर्शन न करने वालों की रामभक्ति पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि देश और दुनिया से लोग मंदिर पहुंच रहे हैं। 

    अखिलेश ने अयोध्या में वादा किया था कि सपा की सरकार बनी तो महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये मिलेंगे. उन्होंने भेदभाव न होने, दुकान और मकान न उजाड़े जाने और अयोध्या की पहचान मजबूत करने के लिए विकास कार्यों में तेजी का भरोसा भी दिया था।