Author: NewseDay

  • मिलावटी दूध, तेल और मसाले बेचने वालों की खैर नहीं, लैब करेंगी तुरंत जांच

    मिलावटी दूध, तेल और मसाले बेचने वालों की खैर नहीं, लैब करेंगी तुरंत जांच

      नई दिल्ली
    फेस्टिव सीजन में मिलावटी मिठाई, मावा, दूध, मसाले और तेल बेचने वालों पर नकेल कसने के लिए फूड सेफ्टी विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। खाने-पीने की चीजों के सैंपल की जांच में देरी रोकने के लिए विभाग सरकारी और प्राइवेट लैब को सूचीबद्ध कर रहा है।

    फूड सैंपलों की यहां होगी जांच
    इसके लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) से अधिसूचित और एनएबीएल से मान्यता प्राप्त लैब में भी फूड सैंपलों की जांच होगी। नई व्यवस्था के तहत लैब को सैपल मिलने के 2 से 5 दिनों में जांच रिपोर्ट देनी होगी।

    जांच में देरी की आशंका
    वहीं, गंभीर मामलों में 24 से 48 घंटे के भीतर शुरुआती रिपोर्ट देने का प्रावधान किया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहारों के दौरान विशेष जांच अभियान, अचानक छापेमारी, नियमित निगरानी और लोगों की शिकायतों के आधार पर खाद्य पदार्थों के सैंपल लेता है। ऐसे समय में सैंपल की संख्या बढ़ने से जांच में देरी की आशंका रहती है।

    जांच का काम बांटने की योजना
    इससे मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थो की बिक्री पर समय रहते रोक लगाने में मुश्किल आती है। नई व्यवस्था में सरकारी और निजी लैब के बीच जांच का काम बांटने की योजना है। लैब को त्योहारों, आपात जांच अभियानों और जन शिकायतों से जुड़े सैंपल को प्राथमिकता देनी होगी, ताकि रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने और नियमानुसार कार्रवाई करने में देरी न हो।

    क्या कहता है विभाग का सर्कुलर
    विभाग के सर्कुलर के मुताबिक, दिल्ली में स्थित सूचीबद्ध लैब को विभाग की सूचना मिलने पर उसी दिन अपने खर्च पर सैंपल लेने की सुविधा भी देनी होगी। इससे सैंपल को लैब तक पहुंचाने में लगने वाला समय कम करने में मदद मिलेगी।

    नामचीन रेस्टोरेंट के टॉयलेट में साफ कराए जा रहे थे बर्तन
    विभाग ने लैब को दिए ये निर्देश
    विभाग ने लैब को जांच के नतीजों की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं। उसकी लिखित अनुमति के बिना जांच रिपोर्ट या संबंधित जानकारी किसी बाहरी व्यक्ति अथवा खाद्य कारोबार संचालक के साथ साझा नहीं की जा सकेगी।

    असुरक्षित सैंपल की तुरत देनी होगी सूचना
    अगर कोई खाद्य पदार्थ मिलावटी, तय मानको से कम गुणवत्ता वाला या स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाया जाता है, तो लैब को इसकी रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा आयुक्त को सीधे भेजनी होगी। रिपोर्ट की हार्ड कॉपी भेजने के साथ निर्धारित पोर्टल पर भी जांच के नतीजे अपलोड करना होगा। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने एफएसएसएआई के फूड सेफ्टी कंप्लायंस सिस्टम (FoSCOS) और इन्फोलनेट (INFOLNET) पोर्टल का उल्लेख किया है। कम समय में सटीक रिपोर्ट देने वाली लैब को प्राथमिकता देने की व्यवस्था भी की गई है।

     

  • रामपुर में आयुष्मान योजना की बड़ी उपलब्धि, एक साल में 1.79 लाख लोगों के बने कार्ड; प्रदेश में अव्वल

    रामपुर में आयुष्मान योजना की बड़ी उपलब्धि, एक साल में 1.79 लाख लोगों के बने कार्ड; प्रदेश में अव्वल

    आयुष्मान कार्ड बनाने में रामपुर प्रदेश में प्रथम, एक साल में बने 1.79 लाख कार्ड

    – सीएम योगी के नेतृत्व में पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने की मुहिम को मिली रफ्तार, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने रामपुर को किया सम्मानित

    – लखनऊ में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में रामपुर को मिला प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न

    – जनता दर्शन में डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने कैंसर पीड़ित और दिव्यांग लाभार्थियों को सौंपे आयुष्मान कार्ड

    लखनऊ
     योगी सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सुरक्षा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में रामपुर ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में रामपुर ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। पिछले एक वर्ष के दौरान सर्वाधिक 1 लाख 79 हजार आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। इस उपलब्धि के लिए लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने रामपुर को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

    कैंसर पीड़ित को सौंपा आयुष्मान कार्ड
    रामपुर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए कार्ड बनाने की प्रक्रिया को गति दी जा रही है। रामपुर में विभिन्न विभागों के समन्वय और अभियान के प्रभावी संचालन से बड़ी संख्या में पात्र लोगों को योजना से जोड़ने में सफलता मिली है। आयुष्मान योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के क्रम में जिलाधिकारी ने जनता दर्शन के दौरान गंभीर बीमारियों से पीड़ित और दिव्यांग लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए। इनमें टांडा तहसील के ग्राम पोयली नायक निवासी कैंसर पीड़ित केविन्दर सिंह और मिलक तहसील के राजकुमार माहेश्वरी शामिल रहे। राजकुमार माहेश्वरी के पैर की सर्जरी होनी है। इसके अलावा स्वार तहसील क्षेत्र के 100 प्रतिशत दिव्यांग हेमराज और प्रेमशंकर को भी आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए।

    रामपुर में अब तक बने 6.91 लाख से अधिक कार्ड
    जिलाधिकारी ने बताया कि रामपुर में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अब तक कुल 6,91,928 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। पिछले एक वर्ष में 1.79 लाख कार्ड बनाकर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त करना जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। वहीं, जनता दर्शन के माध्यम से जरूरतमंद लाभार्थियों को कार्ड उपलब्ध कराने से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।

  • करुणाधाम आश्रम में महाकाली का भव्य स्वरूप, प्लैटिनम प्लाजा से निकलेगी 21 फीट प्रतिमा की शोभायात्रा

    करुणाधाम आश्रम में महाकाली का भव्य स्वरूप, प्लैटिनम प्लाजा से निकलेगी 21 फीट प्रतिमा की शोभायात्रा

     भोपाल
     शारदीय नवरात्रि 2026 के पावन अवसर पर झीलों की नगरी भोपाल में आस्था, भक्ति और कला का अनोखा दृश्य देखने को मिलने जा रहा है। नेहरू नगर स्थित प्रसिद्ध करुणाधाम आश्रम में मध्य प्रदेश की पहली 21 फीट ऊंची विशाल 'पंचमुखी महाकाली' (मां बड़ी अम्मा) की प्रतिमा स्थापित की जा रही है।

    इस ऐतिहासिक और अलौकिक प्रतिमा के भोपाल आगमन पर शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 की शाम को भव्य स्वागत समारोह और शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

    10 अक्टूबर की शाम 6:30 बजे प्लैटिनम प्लाजा पर भव्य स्वागत और आरती

    प्रतिमा के नगर आगमन पर 10 अक्टूबर को शाम 06:30 बजे प्लैटिनम प्लाजा चौराहे पर भव्य स्वागत समारोह आयोजित होगा। करुणाधाम आश्रम के पीठाधीश्वर श्री सुदेश शांडिल्य जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति में मां पंचमुखी महाकाली का शास्त्रीय विधि-विधान से पूजन और 108 या विशेष आरती संपन्न होगी।

    बारेलाल बैंड की सुमधुर धुनों के बीच निकलेगी भव्य शोभायात्रा
    प्लैटिनम प्लाजा चौराहे पर स्वागत आरती के उपरांत प्रसिद्ध बारेलाल बैंड की सुमधुर भक्ति धुनों के साथ एक विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी।

    यह शोभायात्रा प्लैटिनम प्लाजा से प्रारंभ होकर माता मंदिर चौराहा और मैनिट (MANIT) चौराहा होते हुए नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम पहुंचेगी, जहां प्रतिमा को गर्भगृह/पंडाल में विराजित किया जाएगा।

    'नौ रातें, नौ रंग और नौ दिव्य रूप' थीम पर आधारित महोत्सव

    करुणाधाम आश्रम की युवा समिति के अध्यक्ष शाश्वत शांडिल्य के अनुसार:

        विशिष्ट थीम: इस वर्ष का शारदीय नवरात्रि महोत्सव 'नौ रातें, नौ रंग और नौ दिव्य रूप' की भव्य थीम पर मनाया जा रहा है।

        भक्तों में उत्साह: प्रदेश में पहली बार 21 फीट ऊंची पंचमुखी महाकाली के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है। नवरात्रि के दौरान पूरे नौ दिनों तक प्रतिदिन विशेष धार्मिक अनुष्ठान, महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

     

  • यूपी में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की तैयारी, विभागीय जांच के लिए तय हुए नए नियम और 10 जरूरी बिंदु

    यूपी में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की तैयारी, विभागीय जांच के लिए तय हुए नए नियम और 10 जरूरी बिंदु

    भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, विभागीय जांच को योगी सरकार ने बनाया पारदर्शी और जवाबदेह

    जांच प्रक्रिया में एकरूपता के लिए लागू हुआ मानकीकृत प्रारूप और 10 बिंदुओं की अनिवार्य जांच सूची

    हर आरोप का अलग परीक्षण, साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर दर्ज होगा स्पष्ट एवं कारणयुक्त निष्कर्ष

    जांच की हर प्रक्रिया का होगा अभिलेखीकरण, कमियों वाली रिपोर्ट को पूर्णता के लिए लौटाया जाएगा

    जांच और दंड निर्धारण की भूमिका अलग, सक्षम प्राधिकारी ही करेगा नियमों के तहत अंतिम निर्णय

    समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव प्रवीण मिश्र ने जारी किया शासनादेश

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीरो टॉलरेंस की नीति और पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने विभागीय जांच व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया है। समाज कल्याण विभाग ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम-7 के तहत होने वाली विभागीय जांचों के लिए मानकीकृत प्रारूप और 10 बिंदुओं की अनिवार्य जांच सूची लागू की है। विशेष सचिव प्रवीण मिश्र ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। 

    जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता

    योगी सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभागीय जांच प्रक्रिया को स्पष्ट एवं व्यवस्थित किया है। नए मानकीकृत प्रारूप के तहत जांच अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का विधिवत अभिलेखीकरण करना होगा। इससे जांच आख्या की गुणवत्ता बेहतर होगी और शासन स्तर पर मामलों के परीक्षण में भी स्पष्टता आएगी।

    प्रत्येक आरोप का होगा स्वतंत्र और साक्ष्य आधारित परीक्षण

    नई व्यवस्था की खास बात यह है कि आरोप-पत्र में दर्ज प्रत्येक आरोप का अलग-अलग परीक्षण किया जाएगा। जांच अधिकारी को आरोप, संबंधित अधिकारी के उत्तर, उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के परीक्षण के साथ मौखिक सुनवाई का विवरण भी दर्ज करना होगा। इसके आधार पर प्रत्येक आरोप के संबंध में स्पष्ट और कारणयुक्त निष्कर्ष दिया जाएगा। इससे विभागीय जांच प्रक्रिया अधिक तथ्यपरक और निष्पक्ष बनेगी।

    10 बिंदुओं की अनिवार्य जांच सूची से मजबूत होगी व्यवस्था

    जांच आख्या के साथ 10 बिंदुओं की अनिवार्य जांच सूची और अनुपालन प्रमाण-पत्र संलग्न करना जरूरी होगा। इसमें आरोप-पत्र की तामीली, लिखित उत्तर, अभिलेखों के निरीक्षण का अवसर, गवाहों की जिरह और मौखिक सुनवाई सहित आवश्यक प्रक्रियाओं का विवरण शामिल होगा। निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरा पालन नहीं होने पर जांच आख्या को पूर्णता के लिए वापस भेजा जा सकेगा। इससे जांच प्रक्रिया में गुणवत्ता और जिम्मेदारी दोनों सुनिश्चित होंगी।

    जांच और दंड निर्धारण की भूमिका स्पष्ट, निष्पक्षता को मिलेगा बल

    योगी सरकार ने जांच अधिकारी की भूमिका भी स्पष्ट कर दी है। जांच अधिकारी उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर आरोपों के सिद्ध, आंशिक रूप से सिद्ध या असिद्ध होने का निष्कर्ष देंगे। दंड के संबंध में निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियमों के अनुसार लिया जाएगा। इससे विभागीय जांच में निष्पक्षता और संस्थागत प्रक्रिया मजबूत होगी।

  • राज्य सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कृषि आधारित उद्योगों को दे रही है बढ़ावा

    राज्य सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कृषि आधारित उद्योगों को दे रही है बढ़ावा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बिहार के बोधगया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा शाजापुर जिले में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ में सहभागिता की। उन्होंने किसानों से संवाद कर कृषि क्षेत्र के विकास एवं किसानों के कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवाद करते हुए कहा कि शाजापुर कृषि, नवाचार और विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। जिले की पहचान प्याज, आलू, सोयाबीन जैसी फसलों के साथ-साथ कृषि आधारित उद्योगों और सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रभावी रूप से बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सड़क और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं से शाजापुर जिले के विकास को गति मिलेगी तथा किसानों और स्थानीय व्यापारियों के लिए बाजारों तक पहुंच आसान होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि कृषक कल्याण वर्ष अंतर्गत राज्य सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के लिए सिंचाई, बिजली, सोलर पंप, भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। किसानों को नई सड़कों के लिए 4 गुना मुआवजा, दिन में बिजली उपलब्ध कराने, सोलर पंपों को प्रोत्साहित करने तथा कृषि उपज के उचित मूल्य और भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर देते हुए बताया कि जिले में प्राकृतिक खेती के लिए किसानों का चयन और कृषि सखियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान भाइयों से कहा कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, फूलों की खेती, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों को अपनाकर आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सांची दुग्ध संघ को सशक्त बनाया जा रहा है। गौशालाओं के संचालन के लिए प्रति गौमाता प्रतिदिन सहायता दी जा रही है तथा पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतियोगिताएं और पुरस्कार योजनाएं भी संचालित की जाएंगी। आलू और प्याज की प्रोसेसिंग, भंडारण तथा फूड पार्क की स्थापना से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस योजना के माध्यम से गांव-गांव तक बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस योजना के माध्यम से गांव-गांव तक बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण परिवारों के आवासों की नि:शुल्‍क रजिस्ट्री की सुविधा तथा किसानों को सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

    राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार निर्णय ले रही

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बोनस सहित खरीदी और भावांतर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार निर्णय ले रही है। किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई का रकबा विस्तारित करने और कृषि क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

    ‘बलराम कृषि महोत्सव’ किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों, आधुनिक तकनीकों एवं नवाचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि ‘बलराम कृषि महोत्सव’ किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे परिवर्तनों, आधुनिक तकनीकों एवं नवाचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजनों से किसानों को नई जानकारियां प्राप्त करने, उन्नत कृषि पद्धतियों को समझने तथा खेती में नवीन तकनीकों के उपयोग के प्रति जागरूक होने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से संवाद के माध्यम से कृषि क्षेत्र को सशक्त करने तथा अन्नदाताओं की खुशहाली सुनिश्चित करने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने शाजापुर जिले के किसानों और कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

    म.प्र. राज्य सहकारी बैंक मर्यादित भोपाल (अपेक्स बैंक) प्रशासक  महेन्द्र सिंह यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और किसान देश की समृद्धि का आधार हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कृषि, पशुपालन और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को सीधे आर्थिक सहायता मिल रही है।

    विधायक  अरुण भीमावद ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश के हर जिले में ‘भगवान बलराम कृषि महोत्सव’ आयोजित हो रहा है। कृषि प्रधान शाजापुर जिले में यह महोत्सव खेती को उन्नत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

     

  • खेल के मैदान में दिखा उत्साह, प्रतिभा और जीत का जज्बा, मंत्री  अग्रवाल ने खिलाड़ियों का बढ़ाया मनोबल

    खेल के मैदान में दिखा उत्साह, प्रतिभा और जीत का जज्बा, मंत्री अग्रवाल ने खिलाड़ियों का बढ़ाया मनोबल

    रायपुर

     सरगुजा की धरती खेल प्रतिभाओं से समृद्ध है। यहां के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है उन्हें उचित अवसर, प्रोत्साहन और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने की। सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को नई पहचान देने के साथ युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उक्त बातें पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने शनिवार को पीएम  विद्यालय, लखनपुर में आयोजित ब्लॉक स्तरीय सरगुजा ओलंपिक 2026 के समापन समारोह में कही। इस अवसर पर लुण्ड्रा विधायक  प्रमोद मिंज भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    समापन समारोह में शामिल होकर पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया तथा उनके खेल कौशल, जोश और जीत के जज्बे की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरगुजा ओलंपिक केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को पहचान दिलाने, युवाओं को अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने और खेलों के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे आयोजनों से युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ने के साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और आपसी सद्भाव की भावना भी मजबूत होती है।

    सरगुजा की प्रतिभाएं प्रदेश और देश का नाम करेंगी रोशन

    पर्यटन मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि सरगुजा अंचल के युवाओं में प्रतिभा, परिश्रम और संघर्ष की अद्भुत क्षमता है। यहां के खिलाड़ी यदि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और नियमित अभ्यास के साथ आगे बढ़ें, तो निश्चित रूप से राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते। सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजन ऐसे खिलाड़ियों को आगे आने, अपनी प्रतिभा निखारने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करते हैं।

    उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास और संकल्प है कि सरगुजा की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिले, युवा खेलों के प्रति प्रोत्साहित हों और अपनी उपलब्धियों से सरगुजा सहित पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें। खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में परिवार, समाज, शिक्षकों और खेल प्रशिक्षकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सभी के सामूहिक प्रयासों से ग्रामीण अंचलों में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा सकता है।

    खेलों से विकसित होता है अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व का गुण

    मंत्री  अग्रवाल ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल जीवन में सफलता प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेल हमें अनुशासन, धैर्य, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की सीख देते हैं। खेल के मैदान में मिली जीत आत्मविश्वास बढ़ाती है, वहीं हार हमें अपनी कमियों को पहचानकर और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करती है।

    उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में केवल विजेता बनना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि पूरे समर्पण, मेहनत और खेल भावना के साथ भाग लेना भी अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। प्रत्येक खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा पर विश्वास रखते हुए निरंतर अभ्यास करना चाहिए। आज ब्लॉक स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी भविष्य में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सरगुजा का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।

    प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति को मिल रहा बढ़ावा

    पर्यटन मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को बढ़ावा देने और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों ने देश के युवाओं में खेलकूद, स्वास्थ्य और शारीरिक दक्षता के प्रति नई जागरूकता पैदा की है।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भी युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने तथा खेल सुविधाओं के विकास की दिशा में कार्य कर रही है। ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उचित अवसर उपलब्ध कराना खेलों के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, ऊर्जावान और अनुशासित युवा ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    लखनपुर में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, खेल भावना और उत्साह का शानदार प्रदर्शन

    पीएम  विद्यालय, लखनपुर में आयोजित ब्लॉक स्तरीय सरगुजा ओलंपिक के दौरान खिलाड़ियों में उत्साह और प्रतिस्पर्धा का वातावरण रहा। विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिभागियों ने अपनी शारीरिक दक्षता, खेल कौशल और जीत के जज्बे का प्रदर्शन किया। ग्रामीण अंचलों से आए खिलाड़ियों की सहभागिता ने आयोजन को उत्साहपूर्ण बनाया।

    खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी क्षमताओं को परखने, प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त करने और खेलों के प्रति अपनी रुचि को नई दिशा देने का अवसर मिला। आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, उन्हें केवल उचित मंच और प्रोत्साहन की आवश्यकता है।

    खिलाड़ियों की सफलता में अभिभावकों और प्रशिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण

    मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि बच्चों और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेलकूद भी अत्यंत आवश्यक है। खेल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रेरित करें।

    उन्होंने कहा कि शिक्षकों, खेल प्रशिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग से ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों के प्रति बढ़ता उत्साह आने वाले समय में सरगुजा को खेल प्रतिभाओं के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा।

    सभी प्रतिभागी खिलाड़ी बधाई के पात्र, निरंतर मेहनत से हासिल करें नई ऊंचाइयां

    समापन समारोह में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने सरगुजा ओलंपिक में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान में उतरने वाला प्रत्येक खिलाड़ी सम्मान और प्रोत्साहन का पात्र है। प्रतियोगिता में जीत हासिल करने वाले खिलाड़ी अपनी सफलता को आगे बढ़ने की प्रेरणा बनाएं और जो खिलाड़ी इस बार विजयी नहीं हो सके, वे निराश होने के बजाय और अधिक मेहनत तथा आत्मविश्वास के साथ अगली प्रतियोगिता की तैयारी करें।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों से निकलने वाली खेल प्रतिभाएं आने वाले समय में प्रदेश और देश के विभिन्न खेल मंचों पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराएंगी। उन्होंने आयोजन से जुड़े अधिकारियों, शिक्षकों, खेल प्रशिक्षकों और सहयोगियों के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

    समापन समारोह में लुण्ड्रा विधायक  प्रमोद मिंज सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, आयोजन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, खेल प्रशिक्षक, खिलाड़ी एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित रहे।

  • डिजिटल क्रॉप सर्वे पर सरकार सख्त, मॉनिटरिंग और क्रॉस वेरिफिकेशन पर जोर; 10 नवंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य

    डिजिटल क्रॉप सर्वे पर सरकार सख्त, मॉनिटरिंग और क्रॉस वेरिफिकेशन पर जोर; 10 नवंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा बैठक सम्पन्न

    डिजिटल क्रॉप सर्वे का शेष कार्य 10 नवम्बर तक पूरा करें

    कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में डिजिटल क्रॉप सर्वे के संबंध में कलेक्टरों को दिए निर्देश

    डिजिटल क्रॉप सर्वे की मॉनिटरिंग, त्रुटियों के सुधार और डेटा के क्रॉस वेरिफिकेशन पर जोर

    रायपुर,
     मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति, खसरों की जियो-रेफरेंसिंग, पॉलीगॉन निर्माण, फसल की वास्तविक स्थिति के सत्यापन तथा सर्वे के डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
    राजस्व सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने बताया कि राज्य में अब तक 93.84 प्रतिशत डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। मुख्य सचिव ने शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का उद्देश्य प्रत्येक खसरे में बोई गई फसल के क्षेत्रफल को वास्तविक स्थिति के आधार पर दर्ज करना है। इसके लिए फसल का भौतिक सत्यापन, जियो-टैगिंग, पॉलीगॉन निर्माण तथा संबंधित जानकारी को डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज कर अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए।

    10 नवंबर तक पूरा करें सर्वे का शेष कार्य
    मुख्य सचिव ने अधिकारियों और कलेक्टरों को निर्देश दिए कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का शेष कार्य हर हाल में 10 नवंबर तक पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन खसरों का नक्शा उपलब्ध नहीं है या जिनकी जियो-रेफरेंसिंग नहीं हुई है, उनकी पहचान कर पॉलीगॉन तैयार किए जाएं और फसल संबंधी जानकारी डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज कर अपलोड की जाए। इसके लिए जिलों में उपलब्ध ग्रामवार डेटा का उपयोग करते हुए शेष खसरों में धान अथवा अन्य फसलों की वास्तविक स्थिति दर्ज की जाए। पिछले वर्ष के फसल संबंधी रिकॉर्ड का भी आवश्यकतानुसार संदर्भ लिया जाए।

    उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सर्वे का कार्य 90 प्रतिशत या उससे अधिक पूरा हो चुका है, वहां शेष कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएं। सर्वेयर, पटवारी और राजस्व विभाग के अन्य मैदानी अमले को सक्रिय कर ग्रामवार प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे का कार्य केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक फसल स्थिति के आधार पर पूरा होना चाहिए।

    ग्राम सभाओं में किसानों की समस्याओं का होगा निराकरण
    मुख्य सचिव ने बताया कि 1 नवंबर से ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं में डिजिटल क्रॉप सर्वे से संबंधित प्रकरणों का सत्यापन कर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए। किसानों को ग्राम सभाओं के आयोजन की जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि वे अपनी फसल संबंधी जानकारी में किसी भी प्रकार की त्रुटि या विसंगति होने पर अपनी आपत्ति और समस्या प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने कहा कि ग्रामवार ऐसे किसानों की सूची तैयार की जाए, जिनकी फसल संबंधी जानकारी का सत्यापन या सुधार किया जाना है। ग्राम सभाओं में किसानों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान किया जाए और आवश्यक सुधारों को रिकॉर्ड में अद्यतन किया जाए। कलेक्टर ग्रामसभा सहित सर्वे की आगे की कार्ययोजना तैयार करें तथा सुधार के लिए प्राप्त आवेदनों और प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें।

    डेटा की गुणवत्ता और क्रॉस वेरिफिकेशन पर विशेष जोर
    मुख्य सचिव ने डिजिटल क्रॉप सर्वे के डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला और राज्य स्तर पर क्रॉस वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे में किसी भी प्रकार की त्रुटि या डेटा संबंधी गड़बड़ी सामने आने पर तत्काल सुधार किया जाए। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड अंतिम रूप से फ्रीज होने के बाद त्रुटियों को गंभीरता से लिया जाएगा। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। प्रत्येक जिले में सर्वे की प्रगति के साथ उसकी गुणवत्ता की भी नियमित जांच की जाए। उन्होंने विशेष रूप से धान सहित सभी फसलों की वास्तविक स्थिति दर्ज करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी पात्र फसल क्षेत्र सर्वे से छूटने न पाए।

    विशेष श्रेणी के किसानों का भी होगा पंजीयन
    मुख्य सचिव ने विशेष श्रेणी के किसानों का अलग से पंजीयन कर उनकी जानकारी डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक में अपलोड करने के निर्देश दिए। इसमें वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के अंतर्गत आने वाले किसान, वन क्षेत्रों के ग्रामों से संबंधित किसान, ग्राम कोटवार तथा शासकीय पट्टाधारी किसानों की जानकारी शामिल करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि इन श्रेणियों के किसानों का सर्वे और पंजीयन भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा कर 10 नवंबर तक संबंधित रिपोर्ट अपलोड की जाए। उन्होंने विशेष रूप से जनजातीय जिलों और एफआरए क्षेत्रों में कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पात्र किसानों का पंजीयन और फसल संबंधी विवरण सही तरीके से दर्ज हो। मुख्य सचिव ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे की सफलता के लिए सही डेटा, पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सर्वे का कार्य वास्तविक स्थिति के आधार पर पूरा हो तथा किसानों को अपनी समस्याएं रखने और उनमें सुधार कराने का अवसर मिले।बैठक में मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को जल जीवन मिशन के कार्यों की भी समीक्षा करने और संबंधित प्रगति पर आवश्यक ध्यान देने के निर्देश दिए। 

    बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव सुरीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार, संचालक खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग  श्रीमती फरिया आलम सिद्दीकी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • प्रभावित परिवारों को शीघ्र मिले नियमानुसार मुआवजा, नुकसान के आकलन और राहत संबंधी कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश

    प्रभावित परिवारों को शीघ्र मिले नियमानुसार मुआवजा, नुकसान के आकलन और राहत संबंधी कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश

    रायपुर

     पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के हाथी प्रभावित ग्राम मरडीह, फुंगी और कुरमंतपारा का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हाथियों की गतिविधियों से प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा क्षेत्र में हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मंत्री  अग्रवाल ने वन विभाग के अधिकारियों, एसडीएम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    मंत्री  अग्रवाल ने प्रभावित गांवों के भ्रमण के दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और हाथियों के कारण उत्पन्न परिस्थितियों तथा उन्हें हो रही परेशानियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान और राहत संबंधी कार्रवाई की जानकारी प्राप्त की। मंत्री  अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हाथियों से प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो तथा उनके नुकसान का नियमानुसार आकलन कर मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया प्राथमिकता के साथ पूरी की जाए।

    प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में न हो अनावश्यक विलंब

    मंत्री  राजेश अग्रवाल ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि हाथियों के कारण हुए नुकसान का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ आकलन किया जाए। प्रभावित परिवारों के प्रकरणों में आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को समय पर राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में विभागीय समन्वय बनाए रखते हुए त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए।

    मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि हाथियों की गतिविधियों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर शासन पूरी तरह संवेदनशील है। ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को आवश्यक राहत दिलाने के लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करना होगा।

    जनता की सुरक्षा और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहना हमारी प्राथमिकता: मंत्री  अग्रवाल

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि हाथी प्रभावित क्षेत्र में हुए नुकसान की जानकारी मिलते ही आज मैं स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुंचा हूं। प्रभावित परिवारों की समस्याओं को समझना और उन्हें समय पर राहत दिलाना हमारी जिम्मेदारी है। मैंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नुकसान का शीघ्र आकलन कर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। जनता की सुरक्षा, प्रभावित परिवारों को राहत और हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़े रहना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

    उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के साथ वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को आपसी समन्वय से कार्य करना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

    ग्रामीणों से सतर्क रहने और वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील

    मंत्री  अग्रवाल ने ग्रामीणों से अपील की कि हाथियों की मौजूदगी के दौरान पूरी सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें तथा वन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की जागरूकता, सतर्कता और प्रशासन के साथ समन्वय से संभावित खतरों को कम किया जा सकता है।

    मंत्री  अग्रवाल ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शासन और प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान तथा प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा ग्रामीणों की सुरक्षा और राहत संबंधी कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी, एसडीएम, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

  • ​अबूझमाड़ के दुर्गम अंचलों में ‘स्कूल केईन्ता’ से जगी उम्मीद

    ​अबूझमाड़ के दुर्गम अंचलों में ‘स्कूल केईन्ता’ से जगी उम्मीद

    रायपुर

     जब हौसले मजबूत हों, तो दुर्गम से दुर्गम रास्ते भी सुगम हो जाते हैं। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के सुदूर अंचलों में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘स्कूल केईन्ता अभियान’ ने इस बात को सच कर दिखाया है। भौगोलिक विषमताओं और दूरी के कारण जो बच्चे कभी शिक्षा से दूर थे, आज वे अपने ही गाँव में अक्षर ज्ञान प्राप्त कर अपने स्वर्णिम भविष्य की नींव रख रहे हैं।

     ​इस संवेदनशील पहल के तहत अब तक 2,000 से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है, वहीं अत्यंत पहुँचविहीन क्षेत्रों में 34 नई वैकल्पिक प्राथमिक शालाएँ सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं।

    ​अब 10 किलोमीटर का कठिन पैदल सफर बना बीती बात

    संकुल केंद्र गारपा के अंतर्गत आने वाले गाँव घमंडी की कहानी इस बदलाव का जीवंत उदाहरण है। कभी यहाँ के मासूम बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए कोड़ेनार तक लगभग 10 किलोमीटर पैदल सफर तय करना पड़ता था। घने जंगलों, पथरीले रास्तों और लंबी दूरी के कारण बच्चे नियमित स्कूल नहीं जा पाते थे।
    बच्चों और अभिभावकों की इस पीढ़ियों पुरानी समस्या को समझते हुए ज़िला प्रशासन ने गाँव में ही वैकल्पिक प्राथमिक शाला घमंडी की शुरुआत की। वर्तमान में इस विद्यालय में 30 बच्चे पंजीकृत हैं।

    स्थानीय शिक्षा दूत कोसा राम वड्डे गाँव के ही बच्चों को नियमित अध्ययन से जोड़कर इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में एक नायक की भूमिका निभा रहे हैं। अब बच्चों को शिक्षा पाने के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ता। बच्चों को ​शिक्षा के साथ अधिकारों का उपहार मिला। ​गाँव में स्कूल खोलने के साथ-साथ प्रशासन बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रशासनिक सुविधाओं को भी उनके द्वार तक पहुँचा रहा है। हाल ही में वैकल्पिक शाला घमंडी के गत वर्ष नामांकित 22 बच्चों को उनके जाति प्रमाण पत्र तैयार कर वितरित किए गए। ​इन आवश्यक दस्तावेजों के मिल जाने से न केवल बच्चों और अभिभावकों में अपार हर्ष है, बल्कि भविष्य में मिलने वाली विभिन्न शासकीय छात्रवृत्तियों, शैक्षणिक योजनाओं और नागरिक सुविधाओं का लाभ उठाने का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है।

    इस अभियान के माध्यम से 2,000 से अधिक बच्चे शिक्षा से जुड़ चुके है। दूरस्थ क्षेत्रों में 34 नई वैकल्पिक शालाओं का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है। अपने गाँव में पढ़ाई की सुविधा मिलने से अब बच्चों को 10 किमी की थकाऊ यात्रा से मुक्ति मिल गई है।
    ​
    ​एक मिसाल बनता 'स्कूल केईन्ता अभियान'

    ज़िला प्रशासन का यह सतत प्रयास साबित करता है कि यदि प्रतिबद्धता हो, तो अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक भी विकास की किरण पहुँचाई जा सकती है। 'स्कूल केईन्ता अभियान' न केवल बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर शिक्षण व्यवस्था और आवश्यक दस्तावेज तैयार करवाकर राज्य के अन्य आकांक्षी जिलों के लिए भी एक नई मिसाल पेश कर रहा है।

  • छत्तीसगढ़ कोल लेवी केस: ₹104 करोड़ के लेनदेन को लेकर बड़ा खुलासा, कांग्रेस कार्यालय का नाम आया सामने

    छत्तीसगढ़ कोल लेवी केस: ₹104 करोड़ के लेनदेन को लेकर बड़ा खुलासा, कांग्रेस कार्यालय का नाम आया सामने

    रायपुर

     ईओडब्ल्यू ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कोल लेवी घोटाले में सोमवार को विशेष अदालत में छठा पूरक आरोप पत्र दाखिल कर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि कोयला परिवहनकर्ताओं से वसूले गए अवैध लेवी के 104.20 करोड़ रुपये रायपुर स्थित राजीव भवन (प्रदेश कांग्रेस कार्यालय) पहुंचाए गए। यह रकम तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल तक भेजी गई थी।

    जांच एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2020 में खनिज विभाग की आनलाइन ई-परमिट प्रणाली में बदलाव कर जिला खनिज अधिकारी (डीएमओ) का मैन्युअल अनुमोदन अनिवार्य किया गया। इसके बिना डीओ जारी होना बंद कर दिया गया और परिवहन पर रोक लगा दी गई। इसी प्रशासनिक शिकंजे की आड़ में 25 रुपये प्रति टन की दर से अवैध कोयला लेवी की वसूली शुरू हुई। वसूली का मुख्य सूत्रधार सूर्यकांत तिवारी था, जो मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और वरिष्ठ अफसरों के नाम का दुरुपयोग कर पूरा सिंडिकेट चला रहा था।

    किसे कितनी मिली अवैध रकम

    रामगोपाल अग्रवाल (तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष): डायरियों में दर्ज 'भवन' और 'सी पार्टी' कोडवर्ड की 32 प्रविष्टियों के जरिए कुल 104.20 करोड़ रुपये स्वीकार करने का आरोप।

    देवेंद्र सिंह यादव (पूर्व विधायक, भिलाई नगर): खैरागढ़ उपचुनाव और व्यक्तिगत उपयोग के लिए सहयोगी नवाज के माध्यम से 3 करोड़ रुपये लेने का विवरण।

    चंद्रदेव प्रसाद राय (पूर्व विधायक, बिलाईगढ़): नकद रकम और चुनावी खर्च के अलावा सूर्यकांत तिवारी द्वारा दिए गए लाखों रुपये के सोने के आभूषण प्राप्त किए।

    जयप्रकाश मौर्य (तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म):सिंडिकेट को मदद पहुंचाने और पैलेट उद्योगों पर 100 रुपये प्रति टन वसूली के लिए दबाव बनाने के एवज में आर्थिक लाभ प्राप्त किया।

    विनोद तिवारी व रामप्रताप सिंह (कांग्रेस नेता): राजनीतिक प्रभाव और समन्वय के लिए क्रमशः 2.12 करोड़ रुपये और अन्य लेन-देन में सहभागिता के साक्ष्य।

    राजीव भवन में रकम आने और राम गोपाल अग्रवाल तक पहुंचने की जानकारी
    चार्जशीट के मुताबिक, रकम पहुंचाने वाले लोगों के बयानों में कैश से भरा बैग राजीव भवन ले जाकर देवेंद्र डडसेना के पास जमा कराने की बात है। देवेंद्र डडसेना, राम गोपाल अग्रवाल के निजी सहायक के रूप में काम करता था और राजीव भवन में उनके कक्ष के पास बैठता था। राजीव भवन में देवेंद्र डउसेना के साथ कार्यरत कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए।

    रूपेंद्र यादव और सोहन साहू ने बताया कि उन्होंने कई बार भवन के बाईं ओर स्थित शटर के पास गाड़ियों से काले बैग उतरते और देवेंद्र डडसेना के कमरे में रखे जाते देखे। रूपेंद्र यादव ने एक बार में लगभग 8-10 बैग आने और कई बार उन्हें कमरे तक पहुंचाने में मदद करने की बात कही। सोहन साहू ने एक गाड़ी के नंबर में “0009” अंक होने और सफेद स्विफ्ट डिजायर का जिक्र किया।

    बैग लाने-ले जाने के दौरान कार्यालय के उस हिस्से को बंद करने और कर्मचारियों को वहां से हटाने की बात भी सामने आई है। शिशुपाल साहू और गजेंद्र यादव ने बताया कि राम गोपाल अग्रवाल और देवेंद्र डडसेना उस समय कार्यालय में मौजूद थे। उन्होंने उस हिस्से को बंद किए जाने और बैगों के बारे में बाद में मिली जानकारी भी दी।

    शेल कंपनियों और अचल संपत्तियों में निवेश

    जांच में सामने आया कि अवैध वसूली की रकम को छिपाने के लिए रानू साहू के भाई पियूष साहू, सौम्या चौरसिया के रिश्तेदार अनुराग चौरसिया और कारोबारी सुनील कुमार अग्रवाल (इंद्रमणि समूह) व जोगेंदर सिंह का सहारा लिया गया। फर्जी लोन,राइस मिलों के खातों और शेल कंपनियों के जरिए 10.77 करोड़ से अधिक की बैंक एंट्री कराई गई तथा बेनामी जमीनें, वाशरी और फ्लैट खरीदे गए।
    व्हाट्सएप चैट व डायरियों से खुले राज

    ईओडब्ल्यू ने जब्त हस्तलिखित डायरियों, फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट्स और आरोपियों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट को पुख्ता साक्ष्य बनाया है। डायरियों में दर्ज 'डी','आरपी', 'जेपी', 'चंद्रा', 'भगत' और 'एमयू' जैसे कोडवर्ड की पहचान जांच के दौरान उजागर हो चुकी है।
    चालान में शामिल आरोपियों की भूमिका

    1. राम गोपाल अग्रवाल

    राम गोपाल अग्रवाल संबंधित अवधि में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्क्ष एवं छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष थे। जब्त डायरियों में ‘‘भवन’ एवं "C PARTY" के नाम से 32 प्रविष्टियों में कुल ₹104.20 करोड़ (एक सौ चार करोड़ बीस लाख रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में यह रकम राजीव भवन पहुंचाए जाने तथा देवेन्द्र डडसेना के माध्यम से राम गोपाल अग्रवाल द्वारा पार्टी के लिए प्राप्त किए जाने के तथ्य मिले हैं। उनके परिवार से संबंधित कंपनियों के नाम भूमि खरीदी और रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद भुगतान का विवरण भी चालान में शामिल है।

    2. देवेन्द्र सिंह यादव

    भिलाई नगर विधायक देवेंद्र सिंह यादव एवं उनके लिए रकम प्राप्त करने वाले नवाज से संबंधित 11 डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹3 करोड़ ;तीन करोड़ रुपयेद्ध दर्ज हैं। इनमें खैरागढ़ उपचुनाव के लिए भेजी गई रकम भी शामिल है। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी की ओर से रकम प्राप्त करने तथा उसका उपयोग चुनाव संबंधी कार्यों और स्वयं के लिए करने में देवेंद्र सिंह यादव की भूमिका पाई गई है।

    3. विनोद तिवारी

    विनोद तिवारी के नाम अथवा उनसे जुड़े नामों से जब्त डायरियों में 22 प्रविष्टियों में कुल दो करोड़ बारह लाख ग्यारह हजार रुपये (लगभग ₹2.12 करोड़) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने और उसका उपयोग राजनीतिक कार्यों में करने के तथ्य मिले हैं। खैरागढ़ उपचुनाव की होर्डिंग के भुगतान तथा जिला पंचायत के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के लिए रकम की व्यवस्था से संबंधित विवरण भी सामने आया है।

    4. रामप्रताप सिंह

    जब्त डायरियों में "R P Singh" एवं "RP" नाम से रामप्रताप सिंह से संबंधित 25 प्रविष्टियों में कुल दो करोड़ बानवे लाख नब्बे हजार रुपये (लगभग ₹2.93 करोड़) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने तथा उसे व्यक्तिगत खर्च, राजनीतिक कार्यों, मीडिया प्रबंधन और वाहन व्यवस्था में उपयोग करने में उनकी भूमिका पाई गई है।

    5. चंद्रदेव प्रसाद राय

    तत्कालीन बिलाईगढ़ विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय से संबंधित चार डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹49.50 लाख (लगभग उनचास लाख पचास हजार रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने और उसका उपयोग चुनाव संबंधी खर्चों में करने के तथ्य मिले हैं। इसके अलावा सूर्यकांत तिवारी द्वारा उन्हें आभूषण उपलब्ध कराए जाने का विवरण भी चालान में शामिल है।

    6. जयप्रकाश मौर्य

    तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म, जयप्रकाश मौर्य से संबंधित दो डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹1 करोड़ (लगभग एक करोड़ रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने, खनिज विभाग के मामलों में उसके साथ संपर्क रखने तथा अवैध वसूली की व्यवस्था में सहयोग करने में उनकी भूमिका पाई गई है। पैलेट उद्योगपतियों को ₹100 प्रति टन की रकम सूर्यकांत तिवारी अथवा उसके लोगों को देने के निर्देश दिए जाने का विवरण भी उनके विरुद्ध चालान में शामिल है।

    7. पियूष कुमार साहू

    पियूष कुमार साहू की भूमिका अपनी बहन रानू साहू को कोयला लेवी से प्राप्त रकम अपने एवं परिवारजनों के नाम संपत्तियों में निवेश कराने में पाई गई है। परिवार से संबंधित 13 संपत्तियों की खरीदी में बैंक खातों से भुगतान के अलावा रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद भुगतान भी किया गया। रकम के लेन-देन और संपत्ति खरीदी में उनके तथा परिवारजनों के बैंक खातों का उपयोग किया गया।

    8. जोगेन्दर सिंह

    जोगेन्दर सिंह, सूर्यकांत तिवारी के व्यावसायिक भागीदार थे। विवेचना में जय अम्बे रोड लाइन्स के माध्यम से नकद रकम की व्यवस्था करने तथा अपनी फर्मों के खातों से बैंक प्रविष्टियां उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका पाई गई है। सात फर्मों को भेजी गई लगभग ₹40 करोड़ (लगभग चालीस करोड़ रुपये) की राशि और उससे संबंधित लेन-देन का विवरण भी चालान में दिया गया है।

    9. अनुराग चौरसिया

    अनुराग चौरसिया की भूमिका सौम्या चौरसिया को कोयला लेवी से प्राप्त रकम अपने एवं परिवारजनों के नाम फ्लैट और भूमि खरीदी में लगाने में पाई गई है। इसके लिए मोटल मधुबन तथा परिवारजनों के बैंक खातों का उपयोग किया गया। इन खातों में प्राप्त रकम, आगे किए गए भुगतान और संपत्तियों में निवेश का विवरण चालान में शामिल है।

    10. दीपेश टांक

    दीपेश टांक की भूमिका भूमि सौदे में रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद रकम प्राप्त करने तथा नकद रकम को कृषि आय के रूप में दर्शाने में पाई गई है। भूमि विक्रय के बाद भी वे ओम एग्रो फार्म के कार्यों एवं भुगतान से जुड़े रहे। अवैध रकम को भूमि और फार्म के कार्यों में लगाने तथा उसे वैध आय दर्शाने से संबंधित तथ्य चालान में दिए गए हैं।

    11. सुनील कुमार अग्रवाल

    इंद्रमणि समूह के सुनील कुमार अग्रवाल की भूमिका सूर्यकांत तिवारी की ओर से भेजी गई नकद रकम अपने यहां रखने, उससे आगे भुगतान करने तथा वाशरी खरीदी में निवेश कराने में पाई गई है। इंद्रमणि समूह से संबंधित लेन-देन, वाशरी एवं भूमि खरीदी और नकद रकम के उपयोग का विवरण चालान में शामिल है।

    12. राहुल मिश्रा

    राहुल मिश्रा, सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी निर्माण परियोजनाओं में कार्य करते थे। विवेचना में उनके पास बड़ी नकद रकम रखे जाने तथा आवश्यकता पड़ने पर उसे निखिल चंद्राकर के माध्यम से सूर्यकांत तिवारी को वापस उपलब्ध कराए जाने के तथ्य मिले हैं। निर्माण कार्यों के भुगतान और नकद रकम सुरक्षित रखने में उनकी भूमिका का विवरण चालान में दिया गया है।