Author: NewseDay

  • 34 देशों के 100 से अधिक और देश के 15 राज्यों के 180 टूर ट्रैवल ऑपरेटर और होटलियर सहित 600 से अधिक स्टेक होल्डर्स की सहभागिता

    34 देशों के 100 से अधिक और देश के 15 राज्यों के 180 टूर ट्रैवल ऑपरेटर और होटलियर सहित 600 से अधिक स्टेक होल्डर्स की सहभागिता

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व, विकासपरक नीतियों और सतत प्रयासों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश आज वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक सशक्त, गतिशील और बहुआयामी गंतव्य के रूप में स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राज्य की विपुल प्राकृतिक संपदा, समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, पावन आध्यात्मिक केंद्रों, सघन वन्य जीव अभयारण्यों और अनूठी जनजातीय संस्कृति को केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित न रखकर इसे स्थानीय आजीविका, रोजगार सृजन और राज्य के समग्र आर्थिक सशक्तिकरण का मुख्य आधार बनाया जाए। उनके मार्गदर्शन और समग्र विकास दृष्टि का प्रत्यक्ष प्रमाण मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 की ऐतिहासिक सफलता के रूप में सामने आया है। राजधानी भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में हुए ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026’ (एमपीटीएम) का 7वां संस्करण राज्य के पर्यटन विकास के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। इस तीन दिवसीय महाकुंभ में 34 देशों के 100 से अधिक एवं देश के 180 से अधिक टूर ऑपरेटर्स होटल व्यवसायियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ प्रदेश के 250 से अधिक ट्रैवल टूर ऑपरेटर, होटलियर और एग्जीबिटर्स को एक ही मंच पर लाकर 10 हजार से अधिक बी2बी मीटिंग्स ने प्रदेश की असीम पर्यटन संभावनाओं को वैश्विक पहचान दिलाई। आयोजन ने वन्य जीव, हेरिटेज, आध्यात्म, साहसिक और ग्रामीण पर्यटन के विविध आयामों को वैश्विक खरीदारों के समक्ष पूरी भव्यता के साथ प्रस्तुत किया। 

    ट्रैवल मार्ट में 3,729 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्तावों से राज्य में सशक्त होगी आधुनिक पर्यटन अधोसंरचना

    ट्रैवल मार्ट के 7वें संस्करण में निजी क्षेत्र से लगभग 3,729 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं। ये प्रस्ताव लक्जरी होटलों, वेलनेस रिसॉर्ट्स, गोल्फ कोर्स, वॉटरफ्रंट रिट्रीट्स और वन्यजीव लॉज के विकास से जुड़े हैं। इन पूंजीगत निवेशों से न केवल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों की आतिथ्य क्षमता में विश्वस्तरीय वृद्धि होगी, बल्कि राज्य के दुरस्थ अंचलों में आधुनिक अधोसंरचनात्मक का विस्तार होगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे। 

    व्यावसायिक नेटवर्किंग के दौरान 10,263 बी2बी बैठकों का ऐतिहासिक कीर्तिमान: 14% की हुई वृद्धि

    व्यावसायिक संवाद और साझेदारी के दृष्टिकोण से यह आयोजन ऐतिहासिक रहा, जिसमें कुल 10,263 सफल बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें संपन्न हुईं। वर्ष 2025 में आयोजित ट्रैवल मार्ट में लगभग 9,000 बैठकें हुई थीं, जिसकी तुलना में इस वर्ष 14 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्ध दर्ज की गई। इन बैठकों ने स्थानीय टूर प्रमोटर्स, होटल मालिकों और ग्रामीण होमस्टे संचालकों को अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जोड़कर आगामी वर्षों के लिए दीर्घकालिक व्यावसायिक अनुबंधों का सुदृढ़ आधार तैयार किया। 

    34 देशों के 100 विदेशी टूर ऑपरेटर्स ने दिखाई गहरी रुचि, 7 नए देश हुए शामिल

    ट्रैवल मार्ट में 34 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 100 प्रमुख विदेशी टूर ऑपरेटर्स ने सक्रिय सहभागिता की। पिछले वर्ष जहां 27 देशों के 90 विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए थे, वहीं इस बार 7 नए देश ट्रैवल मार्ट में शामिल हुए। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया,और स्पेन सहित विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता और स्मारकों का गहन अध्ययन किया, जिससे आने वाले पर्यटन सत्रों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में निश्चित ही वृद्धि होगी। 

    15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स की भागीदारी से अंतर-प्रादेशिक नेटवर्क हुआ सुदृढ़

    राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटकों के प्रवाह को गति देने के लिए देश के 15 राज्यों से 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स ने मार्ट में हिस्सा लिया। वर्ष 2025 के 150 घरेलू टूर ऑपरेटरों की तुलना में इस बार 20 प्रतिशत वृद्धि देखी गई। देश के विभिन्न हिस्सों से आए इन प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश के प्रमुख व उभरते पर्यटन केंद्रों को अपने यात्रा कार्यक्रमों में शामिल करने के लिए स्थानीय भागीदारों से अनुबंध किए। इससे राज्य के लिए एक सुदृढ़ अंतर-प्रादेशिक पर्यटन नेटवर्क स्थापित हुआ। 

    ट्रैवल मार्ट एग्जिबिशन में 177 स्टॉल्स की आधुनिक आतिथ्य और पारंपरिक हस्तशिल्प की दुनिया

    ट्रैवल मार्ट के विशाल परिसर में ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े 177 भव्य स्टॉल्स लगाए गए। इन स्टॉल्स के माध्यम से मध्यप्रदेश सहित देश-विदेश के प्रतिष्ठित होटलों, रिसॉर्ट्स, ट्रैवल एजेंसियों, साहसिक खेल अकादमियों, पारंपरिक शिल्पकारों और उभरते हुए ग्रामीण होमस्टे को एक साझा व्यावसायिक मंच मिला। प्रदर्शनी ने खरीदारों और सेवा प्रदाताओं के बीच पारदर्शी संवाद का माध्यम बनकर पर्यटन उद्योग के संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को एक ही स्थान पर जीवंत कर दिया। 

    सीहोर के रामगढ़ में ए.आर.एम. फूड्स का 848.40 करोड़ रूपये का निवेश एमओयू

    निवेश संवर्धन के क्षेत्र में सबसे बड़ा मील का पत्थर सीहोर जिले के रामगढ़ में स्थापित होने वाली मेगा परियोजना रही, जिसके लिए ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 848.40 करोड़ रूपये के निजी निवेश का एमओयू किया गया। कंपनी के चेयरमैन एवं निदेशक  अतुल अग्रवाल के नेतृत्व में प्रस्तावित इस परियोजना में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल विकसित किया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी उपक्रम क्षेत्र में 920 से अधिक कुशल व अकुशल युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगा। 

    बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा में राजसन होटल्स का 520 करोड़ रूपये का वन्य जीव निवेश

    प्रदेश के गौरवशाली वन्य जीव पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से राजसन होटल्स प्राइवेट लिमिटेड और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के बीच 520 करोड़ रूपये के निवेश का महत्वपूर्ण समझौता हुआ। कंपनी के निदेशक  विनोद सिंह राजपुरोहित द्वारा प्रस्तुत कार्य योजना अंतर्गत बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा टाइगर रिजर्व के परिधीय क्षेत्रों में अत्याधुनिक वन्य जीव रिसॉर्ट्स विकसित किए जाएंगे। धारणीय पर्यटन मानकों पर आधारित इस परियोजना से लगभग 375 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    धरोहर संरक्षण, पर्यटक प्रशिक्षण और लक्जरी रिसॉर्ट्स में बड़े निवेश की पहल

    ओरछा की धरोहर संरक्षण के लिए एसपीए, नई दिल्ली और ‘द्रोणह’ की मती शिखा जैन के साथ एमओयू किए गए। आईआईटीटीएम, ग्वालियर के साथ भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने तथा टेकनपुर बीएसएफ अकादमी में सैन्य पर्यटन के उन्नयन के लिए भी समझौते हुए। निवेश प्रस्तावों में एटमॉस्फियर ग्रुप ने उज्जैन, इंदौर और वन्यजीव क्षेत्रों में 500 करोड़ रूपये, रेनी ग्रुप ने मांडू की 350 वर्ष पुरानी लुनेरा सराय को 130 करोड़ रूपये में ‘वेलकम होटल बाय आईटीसी’ के रूप में विकसित करने और खजुराहो के कुटनी डैम पर वॉटरफ्रंट रिसॉर्ट सहित 290 करोड़ रूपये से अधिक तथा सर्व ग्रुप ने मढ़ई में ‘ताज सफारीज’ के साथ 100 करोड़ रूपये के अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट सहित कुल 300 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव रखे गए। सर्व ग्रुप ने सतपुड़ा के मढ़ई में ‘ताज सफारीज’ के साथ 100 करोड़ रूपये के अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट सहित कुल 300 करोड़ रूपये के निवेश का प्रस्ताव रखा।

    ओंकारेश्वर में सिंहस्थ पूर्व 200 करोड़ रूपये का 'रमाडा रिसॉर्ट' और वन्य जीव समूहों का उत्साह

    एमआरवीएच रिसॉर्ट्स के निदेशक  जितेंद्र सिंह ने बताया कि ओंकारेश्वर में 200 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे 'रमाडा रिसॉर्ट बाय विंडहैम' को सिंहस्थ 2028 से पूर्व, वर्ष 2026 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा, साथ ही अन्य स्थलों पर 150 करोड़ रूपये का अतिरिक्त निवेश होगा। वन्य जीव सर्किटों में रामको ग्रुप ने 120-140 करोड़ रूपये के सतत रिसॉर्ट्स, वराय होटल्स ने उज्जैन में 80 करोड़ रूपये के होटल, इवॉल्व बैक ने मांडू में 50 करोड़ रूपये और अनाशविश टाइगर कैंप ने 'द लीला' के साथ लक्जरी परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

    ओरछा में 50 करोड़ रूपये का रिसॉर्ट और पन्ना के ऐतिहासिक पैलेस में हेरिटेज होटल का प्रदान किया गया एलओए

    प्रदेश में पर्यटन परियोजनाओं की त्वरित स्थापना के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए गए। मेसर्स पालिया कंस्ट्रक्शन, ग्वालियर के पार्टनर  अनूप शर्मा को ऐतिहासिक नगरी ओरछा में 50 करोड़ रूपये के निवेश से आधुनिक रिसॉर्ट स्थापित करने के लिए एलओए सौंपा गया। वहीं  वीरेंद्र जादौन एवं मती रत्न जादौन को पन्ना जिले के ऐतिहासिक लक्ष्मीपुर पैलेस में 10 करोड़ रूपये के निवेश से हेरिटेज होटल विकसित करने का अनुबंध पत्र दिया गया, जिससे रियासतकालीन धरोहर को संवारते हुए पर्यटकों को राजसी अनुभव मिल सकेगा। विकेंद्रीकृत पर्यटन विकास के तहत ओरछा, बैतूल, नीमच, मंदसौर, रायसेन और सागर सहित विभिन्न क्षेत्रों में रिसॉर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी किए गए। खजुराहो-पन्ना, जबलपुर-भोपाल और उज्जैन-मक्सी मार्गों पर आधुनिक मार्ग सुविधा केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी गई, जहां यात्रियों को स्वच्छ प्रसाधन, खानपान और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी

    डिजिटल तकनीक और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा: एक्सप्लर्जर व ग्राम स्टे के साथ एमओयू

    मध्यप्रदेश में पर्यटन को डिजिटल और वैश्विक पहचान देने के लिए एक्सप्लर्जर के साथ एमओयू किया गया। इसके तहत 100 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 1,000 क्यूआर कोड बोर्ड और एआई आधारित बहुभाषी पर्यटक सहायता विकसित की जाएगी। वहीं, ‘ग्राम स्टे’ के साथ समझौते से ग्रामीण होमस्टे को अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण परिवारों को पर्यटन से सीधे आर्थिक लाभ मिल सकेगा।

    'द वायरल फीवर' और केआरएआरके के साथ करार: फिल्म पर्यटन का नया हब बनेगा मध्यप्रदेश

    मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख फिल्म निर्माण हब बनाने के उद्देश्य से प्रसिद्ध डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन हाउस 'द वायरल फीवर' और केआरएआरके फैमिली ऑफिस के साथ महत्वपूर्ण समझौता हुआ। टीवीएफ के संस्थापक  अरुणाभ कुमार ने 'पंचायत' और 'गुल्लक' जैसी चर्चित वेब-सीरीज की मध्यप्रदेश में हुई सफल शूटिंग का उल्लेख करते हुए राज्य को फिल्म निर्माण के अनुकूल बताया। इस करार के अंतर्गत फिल्म पर्यटन को प्रोत्साहित करने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए सिनेमैटोग्राफी और प्रोडक्शन तकनीकों में कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। 

    साहसिक पर्यटन में सुरक्षा मानक तय करने हेतु एटीओएआई और नैट्रैक्स से एमओयू

    साहसिक पर्यटन को व्यवस्थित करने के लिए एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के साथ पद्म से सम्मानित  अजीत बजाज की उपस्थिति में समझौता हुआ। इसके अंतर्गत साहसिक गतिविधियों के लिए कड़े सुरक्षा मानक, मानक संचालन प्रक्रियाएं और स्थानीय गाइडों का प्रमाणन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एशिया के सबसे बड़े ऑटोमोटिव टेस्टिंग ट्रैक 'नैट्रैक्स' के निदेशक डॉ. मनीष जायसवाल के साथ मोटरस्पोर्ट्स और ऑटो-टूरिज्म के विकास के लिए समझौता हुआ। 

    वन्य जीव पर्यटन में संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर पैनल डिस्कशन

    मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के दूसरे दिन केंद्रीय पर्यटन सचिव  भुवनेश कुमार ने कहा कि वन्यजीव पर्यटन की सफलता प्रकृति संरक्षण और स्थानीय समुदायों को मिलने वाले लाभ से तय होनी चाहिए। उन्होंने कूनो में चीता संरक्षण के साथ चंबल में डॉल्फिन व गिद्ध संरक्षण और अनूठे प्राकृतिक अनुभवों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। पर्यटन सचिव एवं एमपीटीबी के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने सतत एवं संरक्षण आधारित पर्यटन मॉडल की प्रतिबद्धता दोहराते हुए भारत में जन्मी चीता द्वारा 5 शावकों के जन्म और रातापानी को नए बाघ अभयारण्य के रूप में विकसित करने का उल्लेख किया। विशेषज्ञों ने स्थानीय आतिथ्य, सुरक्षा और गाइडों को प्रभावी कहानीकार बनाने पर भी जोर दिया।

    37,576 करोड़ रूपये का राष्ट्रीय माइस बाजार: इंदौर और भोपाल को प्रमुख आयोजन केंद्र बनाने पर विमर्श

    'माइस एवं क्रिएटिव इकोनॉमी' राउंडटेबल में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं ICPB के चेयरमैन  हरिकिशोर एस. ने बताया कि देश का माइस बाजार लगभग 37,576 करोड़ रूपये का हो चुका है। उन्होंने टियर-2 शहरों की बढ़ती मांग को देखते हुए इंदौर और भोपाल में प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र बनने की व्यापक क्षमता रेखांकित की और सिटी माइस प्रमोशन ब्यूरो के गठन का सुझाव दिया। वहीं विज़क्राफ्ट के सह-संस्थापक  सब्बास जोसेफ ने ओरछा, खजुराहो, महेश्वर और मांडू को भव्य 'डेस्टिनेशन वेडिंग्स' के लिए उपयुक्त बताते हुए संपूर्ण अनुभव पैकेज विकसित करने पर बल दिया। 

    प्रदेश के पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण राउंट टेबल सत्र

    प्रदेश को प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने के उद्देश्य से ‘माइस एवं क्रिएटिव इकोनॉमी’ और ‘एडवेंचर टूरिज्म’ पर विशेष राउंडटेबल आयोजित हुए। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं आईसीपीबी चेयरमैन  हरिकिशोर एस. ने 37,576 करोड़ रूपये के राष्ट्रीय माइस बाजार का उल्लेख करते हुए इंदौर-भोपाल को प्रमुख सम्मेलन केंद्र बनाने का सुझाव दिया। विज़क्राफ्ट के सह-संस्थापक  सब्बास जोसेफ ने ओरछा, खजुराहो, महेश्वर और मांडू में डेस्टिनेशन वेडिंग की संभावनाएं बताईं। पर्यटन सचिव एवं एमपीटीबी के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने वर्ष 2027 को ‘एडवेंचर ईयर’ के रूप में मनाकर साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही।

    एमपी टूरिज्म की बहुभाषी वेबसाइट का लोकार्पण और एआई अवतार 'मोगली' का आकर्षण

    वैश्विक पर्यटकों की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (www.mptourism.com) के बहुभाषी संस्करण का लोकार्पण किया गया, जिसमें हिंदी व अंग्रेजी के अलावा जर्मन, स्पैनिश, फ्रेंच और जापानी भाषाओं को शामिल किया गया है। साथ ही 360-डिग्री व्यू, वीआर लिंक्स और एआई स्टोरीटेलिंग से युक्त डिजिटल 'एमपी ट्रैवल हैंडबुक' का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी में इंटरैक्टिव एआई अवतार 'मोगली' ने आगंतुकों से सीधा संवाद कर उनकी रुचि के अनुरूप कस्टमाइज्ड यात्रा कार्यक्रम तैयार किए।

    पर्यावरण-अनुकूल हरित आयोजन और डेलिगेट्स के लिए रोमांचक स्थानीय गतिविधियां

    मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने पूरे आयोजन को सिंगल-यूज प्लास्टिक मुक्त और अधिक से अधिक पेपरलेस रखकर जिम्मेदार पर्यटन का उदाहरण प्रस्तुत किया। अतिथियों के आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया गया तथा मिट्टी के कुल्हड़ों को बढ़ावा दिया गया। इसके साथ ही 149 विशिष्ट प्रतिनिधियों ने भोपाल के कमला पार्क में हेरिटेज वॉक, बड़े तालाब पर 120 अतिथियों ने शिकारा बोट राइड, वन विहार में 70 अतिथियों ने बर्ड वॉक, योग सत्र और बड़ी संख्या में अतिथियों ने हेलीकॉप्टर जॉय राइड जैसी गतिविधियों का आनंद लिया। 

    'मां की रसोई' में महका पारंपरिक स्वाद और 'अमृतस्य मध्यप्रदेश' से बिखरी सांस्कृतिक छटा

    आतिथ्य भोज के दौरान 'मां की रसोई' में देशी-विदेशी मेहमानों ने कोदो-मेथी भात, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, मालवा के प्रसिद्ध दाल-बाफला, भटे का भरता और बुरहानपुर की ऐतिहासिक मावा जलेबी जैसे पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। वहीं सांस्कृतिक संध्या में सु मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 100 से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नृत्य नाटिका 'अमृतस्य मध्यप्रदेश' ने भीमबेटका, खजुराहो, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और मां नर्मदा की आरती से होते हुए सिंहस्थ कुंभ 2028 के आध्यात्मिक वैभव को जीवंत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। 

    वैश्विक टूर ऑपरेटर्स और ग्रामीण होमस्टे संचालकों ने साझा किए अपने सकारात्मक अनुभव

    केन्या के आर-12 अफ्रीका के निदेशक  रिजवान मावजी और ऑस्ट्रेलिया के  नवनीत मित्तल ने मार्ट को वैश्विक नेटवर्किंग का शानदार मंच बताया। इंदौर के कालाकुंड से  सूरज यादव, बांधवगढ़ के खितौली से  कपिल गुप्ता और डिंडौरी से जनजातीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले  जैनली समराम जैसे होमस्टे संचालकों ने कहा कि इस आयोजन ने उनके स्थानीय आतिथ्य को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति दी है। 

    मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 की अन्य मुख्य उपलब्धियाँ

    मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में में वन्य जीव एवं सतत पर्यटन, एडवेंचर टूरिज्म, माइस और क्रिएटिव इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में नीति, अधोसंरचना, सुरक्षा मानकों, स्थानीय समुदायों के प्रशिक्षण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर विचार-विमर्श हुआ। डिजिटल पर्यटन टूल्स, फैम टूर्स, मीडिया एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की सहभागिता और सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार के साथ आयोजित इन्फ्लुएंसर्स मीट के माध्यम से प्रदेश के पर्यटन स्थलों की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दृश्यता बढ़ाने पर जोर दिया गया। वहीं, इको विलेज और आर्टिजन पवेलियन में ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय हस्तशिल्प और सतत पर्यटन को प्रदर्शित किया गया।

    पिछले 10 वर्षों में 3,963 करोड़ रूपये का निजी निवेश और 2027 तक 15 नए फाइव-स्टार होटल्स का विजन

    प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों में 91 शासकीय भूमि खंड और 12 हेरिटेज संपत्तियां लीज पर देकर 3,963 करोड़ रूपये का निजी निवेश आकर्षित किया गया, जिससे 9,608 नए कमरे जुड़े और 38,432 रोजगार सृजित हुए। वर्तमान में प्रदेश में 18 फाइव-स्टार होटल संचालित हैं तथा वर्ष 2027 तक 15 और नए फाइव-स्टार होटल विकसित करने की योजना है। आयोजन के अंतिम दिन आम नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए प्रदर्शनी के द्वार खोले गए, जिसने जन-जागरूकता के साथ इस ऐतिहासिक सातवें संस्करण को पूर्णता प्रदान की।

     

  • बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही योगी सरकार, नगर विकास मंत्री ने फैजुल्लागंज-दाउदनगर में किया निरीक्षण

    बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही योगी सरकार, नगर विकास मंत्री ने फैजुल्लागंज-दाउदनगर में किया निरीक्षण

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर सक्रिय है। इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने लखनऊ के बाढ़ प्रभावित फैजुल्लागंज-दाउदनगर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री वितरित की। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

    निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और दैनिक जरूरतों की वस्तुओं की उपलब्धता में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा स्थानीय निवासियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।

    राहत शिविरों में सुविधाओं का लिया जायजा

    मंत्री ए.के. शर्मा ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं और चिकित्सा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग की टीम और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में जरूरी दवाइयां, पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहें। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने तथा जलभराव के कारण फैलने वाली बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने पर भी जोर दिया।

    प्रभावित परिवारों की सहायता सर्वोच्च प्राथमिकता

    नगर विकास मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रभावित लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप राहत सामग्री एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी क्षेत्र में सक्रिय रहकर स्थिति की निरंतर निगरानी करें और लोगों को राहत पहुंचाने के कार्यों में तत्परता बरतें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मंत्री ए.के. शर्मा ने राहत सामग्री वितरित की। राहत सामग्री मिलने पर स्थानीय निवासियों ने उनका आभार व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

  • बलरामपुर में 803 करोड़ से विकास का नया अध्याय, गांवों से शहर तक बदलेगी तस्वीर

    बलरामपुर में 803 करोड़ से विकास का नया अध्याय, गांवों से शहर तक बदलेगी तस्वीर

    बलरामपुर।

    विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलरामपुर को 803.19 करोड़ रुपये की 78 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। श्रावस्ती और गोंडा लोकसभा क्षेत्रों में फैले जनपद में 273.42 करोड़ की 30 परियोजनाओं का लोकार्पण और 529.77 करोड़ की 48 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ। गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने, रेलवे फाटक के जाम से निजात दिलाने और शहर में पेयजल व सीवरेज व्यवस्था सुधारने पर जोर रहा। सड़क, पुल-पुलिया, सिंचाई और शिक्षा से जुड़े इन कार्यों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। चुनावी सरगर्मी बढ़ने से पहले विकास परियोजनाओं की यह सौगात राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
     
    292 करोड़ के ओवरब्रिज से मिलेगी जाम से राहत

    राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर गोंडा-बलरामपुर रेलखंड के बलरामपुर और झारखंडी स्टेशनों के बीच समपार संख्या-136 पर 292 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से दो लेन का रेलवे ओवरब्रिज बनेगा। इससे रेलवे फाटक बंद होने पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। बलरामपुर से श्रावस्ती और बहराइच की ओर जाने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों का आवागमन सुगम होगा।
     
    गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ेंगे संपर्क मार्ग

    अहिरनडीह, प्रतापपुरवा-सेमरहना और रमवापुर-गुलरालीडीह संपर्क मार्गों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण से गांवों का मुख्य सड़कों से संपर्क बेहतर होगा। कुआनो नदी पर चोरघटा क्षेत्र में आरसीसी बॉक्स कल्वर्ट और कटरा सोनार जिला मार्ग पर गोपियापुर नाले के पास लघु सेतु व पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। इससे बरसात में आवागमन की बाधाएं कम होंगी। किसानों को उपज बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत मिलेगी। उतरौला-चंदनपुर मार्ग के शेष हिस्से के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर 75 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।
     
    176 करोड़ से मजबूत होंगी शहरी सुविधाएं

    बलरामपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में 123 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार सीवरेज सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के प्रथम चरण का लोकार्पण हुआ। इससे गंदे पानी के निस्तारण और शोधन की व्यवस्था बेहतर होगी। साथ ही 53 करोड़ रुपये से अधिक की पेयजल पुनर्गठन योजना भी जनता को समर्पित की गई। इससे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी।
     
    विश्वविद्यालय तक फोरलेन सड़क, शिक्षा सुविधाओं का विस्तार

    मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय तक 26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी फोरलेन सड़क का लोकार्पण किया गया। जिले में 24 करोड़ रुपये से अधिक से नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय का भवन बनेगा। जिला ग्राम्य विकास संस्थान के आवासीय और अनावासीय भवनों पर लगभग 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पुलिस लाइन में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार जी+8 ट्रांजिट हॉस्टल भी समर्पित किया गया।
     
    सिंचाई और बाढ़ से बचाव के कार्यों पर जोर

    नहरों और जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं से सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी। राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदियों के किनारे बाढ़ से बचाव के कार्य भी कराए गए हैं। नदी कटान से प्रभावित 72 परिवारों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 'मां पाटेश्वरी विला' का निर्माण हुआ है। कुल 78 परियोजनाओं में सर्वाधिक 39 लोक निर्माण विभाग और 23 सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की हैं। नगर विकास विभाग की पांच, गृह विभाग की तीन और बेसिक शिक्षा विभाग की तीन परियोजनाएं शामिल हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की दो तथा माध्यमिक शिक्षा, पर्यटन और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की एक-एक परियोजना है।

  • पर्यटन स्थलों के संयुक्त प्रचार-प्रसार, आपसी समन्वय और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने की संभावनाओं पर हुआ विचार-विमर्श

    पर्यटन स्थलों के संयुक्त प्रचार-प्रसार, आपसी समन्वय और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने की संभावनाओं पर हुआ विचार-विमर्श

    रायपुर

     देश के पर्यटन मानचित्र पर छत्तीसगढ़ को एक आकर्षक और विशिष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड लगातार  पहल कर रहा है। इसी कड़ी में 7 से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने सहभागिता करते हुए राज्य की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, जनजातीय परंपराओं और पर्यटन की विविध संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से प्रस्तुत किया। इस आयोजन ने छत्तीसगढ़ पर्यटन के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों, टूर ऑपरेटरों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के बीच संवाद एवं सहयोग को नई दिशा प्रदान की।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का विशेष जोर पर्यटन अधोसंरचना के विकास, पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय संस्कृति एवं विरासत के संरक्षण तथा पर्यटन के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने पर है। मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की सहभागिता इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही।

    विभिन्न राज्यों के पर्यटन अधिकारियों से संवाद, सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा

    मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष  नीलू शर्मा एवं प्रबंध संचालक  सौमिल रंजन चौबे की विशेष उपस्थिति रही। आयोजन के दौरान प्रबंध संचालक  चौबे ने मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के सचिव  इलैयाराजा सहित मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों के पर्यटन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों तथा प्रबंध संचालकों से मुलाकात की।

    इन बैठकों में पर्यटन क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग बढ़ाने, विभिन्न राज्यों के प्रमुख पर्यटन स्थलों के संयुक्त प्रचार-प्रसार, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा अंतर्राज्यीय पर्यटन को प्रोत्साहित करने की संभावनाओं पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।

    चर्चा के दौरान इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया कि विभिन्न राज्यों के बीच पर्यटन संबंधों को मजबूत बनाकर पर्यटकों को विविध पर्यटन अनुभवों से परिचित कराया जा सकता है। इससे पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था, होटल व्यवसाय, परिवहन, हस्तशिल्प और पर्यटन से जुड़े अन्य सेवा क्षेत्रों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

    चित्रकोट से सिरपुर और बस्तर से सरगुजा तक पर्यटन की विविधता को मिली पहचान

    मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट के माध्यम से देशभर से आए टूर ऑपरेटरों और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ की विविध पर्यटन विशेषताओं से परिचित कराने का अवसर मिला। राज्य के विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों, भोरमदेव मंदिर, मैनपाट के प्राकृतिक सौंदर्य तथा बस्तर की विशिष्ट जनजातीय संस्कृति जैसे पर्यटन आकर्षण छत्तीसगढ़ को अन्य राज्यों से अलग पहचान प्रदान करते हैं।

    छत्तीसगढ़ में प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, आध्यात्मिकता और रोमांच का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यहां के घने वन, जलप्रपात, पर्वतीय क्षेत्र, वन्यजीव अभ्यारण्य, प्राचीन मंदिर, पारंपरिक लोककलाएं, हस्तशिल्प और जनजातीय जीवनशैली पर्यटकों को विविध अनुभव प्रदान करते हैं। राज्य में इको टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म के विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

    छत्तीसगढ़ आने का दिया आमंत्रण, पर्यटन स्थलों के प्रत्यक्ष अनुभव पर जोर

    ट्रैवल मार्ट के दौरान छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक  सौमिल रंजन चौबे ने विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ भ्रमण के लिए आमंत्रित किया।

    इस आमंत्रण का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों को छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों और वन्यजीव पर्यटन की संभावनाओं से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है। ऐसे भ्रमण से राज्य के पर्यटन स्थलों की विशेषताओं को बेहतर ढंग से समझने तथा उन्हें विभिन्न पर्यटन पैकेजों और यात्रा कार्यक्रमों में शामिल करने की संभावनाओं को बल मिलेगा।

    इसके साथ ही अन्य राज्यों के टूर ऑपरेटरों और पर्यटन व्यवसायियों के साथ संपर्क बढ़ने से छत्तीसगढ़ के अपेक्षाकृत कम चर्चित किंतु अत्यंत आकर्षक पर्यटन स्थलों को भी व्यापक पहचान दिलाने में सहायता मिल सकती है।

    अंतरराज्यीय पर्यटन सर्किट और नए पर्यटन बाजारों की संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा

    छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति इसे मध्य भारत के प्रमुख पर्यटन केंद्रों से जोड़ने की महत्वपूर्ण संभावनाएं प्रदान करती है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा अन्य राज्यों के साथ पर्यटन क्षेत्र में समन्वय बढ़ने से भविष्य में संयुक्त पर्यटन सर्किट, थीम आधारित यात्रा कार्यक्रम और बहुराज्यीय पर्यटन पैकेज विकसित करने की संभावनाओं को प्रोत्साहन मिल सकता है।

    विशेष रूप से धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक एवं वन्यजीव पर्यटन के क्षेत्रों में विभिन्न राज्यों के बीच सहयोग से पर्यटकों को एक ही यात्रा में विविध अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जा सकती है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच बढ़ाने तथा राज्य को घरेलू पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित करने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

    पर्यटन के माध्यम से स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर जोर

    छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन को केवल भ्रमण और मनोरंजन तक सीमित न रखते हुए स्थानीय विकास, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक संरक्षण के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं, गाइडों, होटल एवं होमस्टे संचालकों, परिवहन व्यवसायियों, हस्तशिल्पियों और ग्रामीण समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

    राज्य में ग्रामीण एवं जनजातीय पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय समुदायों को पर्यटन विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे एक ओर पर्यटकों को छत्तीसगढ़ की मौलिक संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली का अनुभव मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय कला, शिल्प, खानपान और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को प्रोत्साहन मिलेगा।

    राष्ट्रीय पर्यटन मंचों पर लगातार मजबूत हो रही छत्तीसगढ़ की उपस्थिति

    छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित ट्रैवल मार्ट, पर्यटन प्रदर्शनियों, रोड शो और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े आयोजनों में निरंतर सहभागिता की जा रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य राज्य के पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान दिलाना, देशभर के टूर ऑपरेटरों के साथ व्यावसायिक संबंध विकसित करना और छत्तीसगढ़ को पर्यटकों के लिए एक प्रमुख पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

    मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट में सहभागिता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। आयोजन के दौरान विभिन्न राज्यों के पर्यटन अधिकारियों के साथ हुए संवाद से भविष्य में पारस्परिक सहयोग, पर्यटन विपणन और नए पर्यटन अवसरों की संभावनाओं को बल मिला है।

    छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक गौरव और अनूठी पर्यटन विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध है। मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट जैसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन छत्तीसगढ़ की पर्यटन पहचान को सशक्त बनाने, नए पर्यटन बाजारों तक पहुंच बढ़ाने और राज्य में पर्यटन आधारित समावेशी विकास की संभावनाओं को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

  • मोहनजीत शेरों केस: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का पंजाब पुलिस को समन, DGP को दस्तावेजों के साथ दिल्ली बुलाया

    मोहनजीत शेरों केस: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का पंजाब पुलिस को समन, DGP को दस्तावेजों के साथ दिल्ली बुलाया

    चंडीगढ़ 

    राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने सिख युवक मोहनजीत सिंह शेरों से जुड़े कथित पुलिस हिरासत में उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक को नई दिल्ली तलब किया है।

    इस संबंध में औपचारिक पत्र जारी करते हुए आयोग ने पंजाब के डीजीपी को 14 अक्तूबर 2026 की दोपहर 12 बजे नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में पेश होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पंजाब पुलिस को इस पूरे मामले से जुड़े सभी प्रासंगिक रिकॉर्ड और दस्तावेज भी साथ लाने को कहा गया है। इस कार्रवाई की जानकारी भाजपा नेता दामन बाजवा और हरमनदेव सिंह बाजवा ने साझा की। 

    क्या है पूरा मामला
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के गांव शेरों में आयोजित 'लोक मिलनी' (जनसंवाद) कार्यक्रम के दौरान मोहनजीत सिंह शेरों ने विरोध स्वरूप काला कपड़ा दिखाया था और इलाके में बेधड़क चल रहे नशे के कारोबार का मुद्दा उठाया था। आरोप है कि इस घटना के बाद चार पुलिस अधिकारियों ने हिरासत के दौरान मोहनजीत सिंह के साथ बर्बरता की और उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई। इसी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने पंजाब पुलिस के सर्वोच्च अधिकारी को तलब किया है। 

  • मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव के पोस्टर का विमोचन

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव के पोस्टर का विमोचन

    *रायपुर

     संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव समिति, शंकर नगर, रायपुर द्वारा बीटीआई ग्राउंड, शंकर नगर में आयोजित होने वाले गरबा उत्सव के पोस्टर का विमोचन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री माननीय श्री विष्णु देव साय एवं उपमुख्यमंत्री माननीय श्री विजय शर्मा के करकमलों से किया गया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आयोजन के 15वें वर्ष में प्रवेश करने पर समिति को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गरबा उत्सव के सफल आयोजन की कामना की।

    समिति के संयोजक संजय श्रीवास्तव ने बताया कि बीटीआई ग्राउंड, शंकर नगर, रायपुर में आयोजित होने वाला यह गरबा उत्सव अपने 15वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस वर्ष उत्सव का आयोजन 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक किया जाएगा। आयोजन के दौरान प्रत्येक दिन उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले गरबा प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा।

    श्रीवास्तव ने बताया कि नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित यह उत्सव मां दुर्गा की आराधना, भक्ति एवं पारंपरिक गरबा संस्कृति का अनूठा संगम है। समिति द्वारा प्रतिवर्ष इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है।

    समिति द्वारा गरबा उत्सव को भव्य रूप देने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। समिति ने समस्त श्रद्धालुओं, नागरिकों एवं गरबा प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर उत्सव की शोभा बढ़ाने की अपील की है।

    इस अवसर पर समिति से अनिता खंडेलवाल, संगीता मिश्रा, दीपक श्रीवास्तव, अमरजीत सिंह,  सुमन मुथा,  नेहा खंडेलवाल, ललित साहू, हर्ष वर्मा, अंकुर अग्रवाल, श्रुति जैन, ललित साहू उपस्थित रहे।

  • यूपी की महिलाओं को मिलेगी ऑनलाइन शिकायत की सुविधा, QR स्कैन से जुड़ेंगी सभी 75 जिलों की सुरक्षा व्यवस्था

    यूपी की महिलाओं को मिलेगी ऑनलाइन शिकायत की सुविधा, QR स्कैन से जुड़ेंगी सभी 75 जिलों की सुरक्षा व्यवस्था

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश की महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था तैयार कर रही है। इसके तहत महिला सुरक्षा के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल तैयार किया जा रहा है, जिसमें एप के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं के लिए शिकायत दर्ज कराने और उस पर एक्शन लेने की प्रक्रिया को और सुगम बनाने की तैयारी है।

    प्रस्तावित व्यवस्था में क्यूआर कोड स्कैन करते ही महिला अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगी। वहीं एप के माध्यम से महिलाओं को ऑनलाइन सुरक्षा तंत्र से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी।

    निगरानी के लिए व्यवस्था को प्रदेश स्तर पर जोड़ा जाएगा
    इस पहल की खास बात यह होगी कि महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों और उनसे संबंधित कार्रवाई की निगरानी के लिए व्यवस्था को प्रदेश स्तर पर जोड़ा जाएगा। लखनऊ स्थित कमांड सेंटर से सभी 75 जिलों पर नजर रखने की योजना है।

    कमांड सेंटर में तैनात विशेष सेल महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की मॉनिटरिंग के साथ ही जरूरत के अनुसार विभिन्न विभागों और संबंधित तंत्र के बीच समन्वय की भूमिका निभाएगा। इससे शिकायतों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने और उनके निस्तारण की निगरानी को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास होगा।

    क्यूआर स्कैन करते ही मिलेगी सुविधा
    प्रस्तावित व्यवस्था में महिलाओं को शिकायत के लिए अलग-अलग माध्यमों की तलाश करने की जरूरत कम होगी। क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद महिला शिकायत दर्ज कर सकेगी। इसके साथ ही एप के जरिए ऑनलाइन कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की तैयारी है। यानी तकनीक को महिला सुरक्षा के तंत्र से सीधे जोड़कर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने पर जोर है।

    महिला सुरक्षा से जुड़ी किसी समस्या की जानकारी मिलने पर संबंधित तंत्र तक उसकी पहुंच आसान हो, यही इस व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए लखनऊ में स्थापित किए जाने वाले कमांड सेंटर से जिलों की मॉनिटरिंग की जाएगी। यहां बनने वाला स्पेशल सेल जरूरत के अनुसार विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करेगा।

    लखनऊ से सभी 75 जिलों पर नजर
    प्रदेश में महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी को एकीकृत स्वरूप देने की तैयारी है। लखनऊ स्थित कमांड सेंटर को इसका प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा, जहां से प्रदेश के सभी 75 जिलों की मॉनिटरिंग की जाएगी। विशेष सेल के माध्यम से विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

    इस व्यवस्था में तकनीक आधारित शिकायत तंत्र और प्रदेश स्तर की निगरानी को एक साथ जोड़ा जा रहा है। इससे एक ओर महिला के लिए शिकायत दर्ज कराने का रास्ता आसान होगा तो दूसरी ओर प्रदेश स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी रहेगी। इसे देश में पहली बार शुरू की जा रही ऐसी पहल के रूप में तैयार किया जा रहा है।

    आयोग की भूमिका को भी मिलेगा और प्रभावी स्वरूप
    महिला सुरक्षा के इस व्यापक प्रयास के बीच उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की भूमिका को भी और प्रभावी बनाने पर जोर है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल के विस्तार के उपरांत गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की।

     

  • Teacher Recruitment Exam Postponed: हाईकोर्ट के निर्देश पर परीक्षा स्थगित, आरक्षित वर्गों को अवसर मिलने के बाद ही अगला फैसला

    Teacher Recruitment Exam Postponed: हाईकोर्ट के निर्देश पर परीक्षा स्थगित, आरक्षित वर्गों को अवसर मिलने के बाद ही अगला फैसला

     बिलासपुर
     छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शिक्षक और सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा पर रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस कृष्णराम महापात्र की डिवीजन बेंच ने भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग आरक्षण व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका पर यह आदेश दिया।इसके बाद छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल ने शुक्रवार को हाई कोर्ट के आदेश के बाद परीक्षा स्थगित कर दी। बता दें कि भर्ती परीक्षा में पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया था।

    उल्लेखनीय है कि सहायक शिक्षक भर्ती के कुल 2,292 पदों के लिए लिखित परीक्षा 11 अक्टूबर को प्रस्तावित थी। वहीं शिक्षक भर्ती के 1,654 पदों में के लिए लिखित परीक्षा 25 अक्टूबर को होनी थी।याचिकाकर्ताओं का कहना है कि भर्ती में पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आरक्षण नहीं मिला। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर इस पर जवाब मांगा है।

    हालांकि, समाज कल्याण विभाग ने 11 सितंबर 2026 को संशोधित अधिसूचना जारी कर सहायक शिक्षक पद के लिए पूर्ण दृष्टिबाधित (बी) श्रेणी को शामिल किया।हालांकि, अधिसूचना जारी होने से पहले आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। इसलिए इस श्रेणी को वर्तमान भर्ती में शामिल करना कानूनी रूप से संभव नहीं था।

    संशोधित विज्ञापन जारी कर सकती है सरकार
    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने बताया कि संशोधन केवल सहायक शिक्षक भर्ती के लिए जारी किया गया है, शिक्षक भर्ती के लिए नहीं। परीक्षा की तारीखें नजदीक होने के कारण डिवीजन बेंच ने अंतरिम आदेश जारी किया है।

    कोर्ट के आदेश के मुताबिक, 11 अक्टूबर 2026 को होने वाली सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा और 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित शिक्षक भर्ती परीक्षा तब तक नहीं होगी, जब तक विज्ञापन में सभी आरक्षित श्रेणियों को शामिल कर संबंधित अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर नहीं दिया जाता।

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य शासन नियमानुसार संशोधित विज्ञापन जारी कर सकता है या सभी आरक्षित श्रेणियों को शामिल करते हुए नया विज्ञापन निकाल सकता है।

    दिव्यांग अभ्यर्थियों के आरक्षण में गड़बड़ी के आरोप
    कोरबा की रहने वाली मीनाक्षी मंगलेकर और बाकी ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने बताया कि भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण का प्रावधान होने के बावजूद पूर्ण दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को शामिल नहीं किया गया है।

    इससे वे भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के अवसर से वंचित हो रहे हैं। याचिका में इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए भर्ती विज्ञापन की शर्तों और आरक्षण व्यवस्था को चुनौती दी गई है।

    संशोधित विज्ञापन में भी दृष्टिबाधितों को शामिल नहीं किया
    सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने बताया कि 16 अप्रैल 2026 को जारी भर्ती विज्ञापन में संशोधन की सूचना 9 अक्टूबर को रायपुर और बिलासपुर के अखबारों में प्रकाशित की गई है। इसे विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है। संशोधन में आरक्षित पदों का श्रेणीवार बंटवारा किया गया है।

    शासन ने कहा कि आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 21 अगस्त 2026 निकल चुकी है। ऐसे में पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर देना संभव नहीं है।

    इस पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि जब संशोधन के जरिए आरक्षित पदों का श्रेणीवार बंटवारा किया गया है, तो दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों की श्रेणी को शामिल नहीं करने का प्रथम दृष्टया कोई उचित कारण नजर नहीं आता।

    जानिए… क्या है दिव्यांगों के लिए आरक्षण का नियम
    दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 34 के तहत सरकारी संस्थानों में सीधी भर्ती के लिए दिव्यांग व्यक्तियों को कम से कम 4% आरक्षण देने का प्रावधान है। इसमें दृष्टिहीन और कम दृष्टि वाले व्यक्ति भी शामिल हैं।

    आरक्षण का लाभ लेने के लिए सामान्यतः 40% या उससे अधिक दिव्यांगता का प्रमाणपत्र जरूरी है। याचिका में इसी 4% आरक्षण के तहत दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए पद आरक्षित नहीं करने को चुनौती दी गई है।

     

  • छत्तीसगढ़ के यात्रियों को मिलेगी राहत? हरिद्वार और वैष्णो देवी के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग तेज

    छत्तीसगढ़ के यात्रियों को मिलेगी राहत? हरिद्वार और वैष्णो देवी के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग तेज

     रायपुर
     आगामी त्योहारी मौसम में ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़, लंबी प्रतीक्षा सूची और यात्रियों की दिक्कतों को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने रेलवे प्रशासन से विशेष प्रबंध करने का आग्रह शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडेय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के महाप्रबंधक को पत्र प्रेषित किया है। सांसद ने पत्र में नवरात्र, दीपावली, छठ पूजा और क्रिसमस पर्व के दौरान छत्तीसगढ़ के यात्रियों की सुविधा के लिए दो महत्वपूर्ण मार्गों पर नई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग की है।

    सांसद संतोष पांडेय ने अपने पत्र में रेखांकित किया कि त्योहारी सीजन में छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और दर्शन के लिए उत्तराखंड के हरिद्वार तथा ऋषिकेश की यात्रा करते हैं। वर्तमान में इस मार्ग पर नियमित ट्रेनों में भारी वेटिंग चल रही है। अत: दुर्ग से हरिद्वार के बीच एक सीधी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन का परिचालन तत्काल शुरू किया जाना चाहिए। इससे नियमित ट्रेनों पर यात्रियों का अत्यधिक दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं को कंफर्म टिकट के साथ सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा।

    गोंदिया-माता वैष्णो देवी कटरा मार्ग के लिए मांग
    सांसद ने दूसरी महत्वपूर्ण मांग जम्मू स्थित माता वैष्णो देवी धाम जाने वाले यात्रियों के लिए रखी है। उन्होंने गोंदिया से श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने की जरूरत जताई है। इस ट्रेन का मार्ग गोंदिया से प्रारंभ होकर राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, उसलापुर और कटनी मुड़वारा होते हुए निर्धारित करने का प्रस्ताव दिया गया है। इस मार्ग से उत्तर भारत जाने वाले हजारों यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।

    रेल विकास संगठन का भी मिला समर्थन
    सांसद ने अपने पत्र के साथ छत्तीसगढ़ रेल विकास संगठन द्वारा प्राप्त मांग पत्र को भी संलग्न किया है। उन्होंने महाप्रबंधक से कहा कि जनभावनाओं और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इन दोनों ट्रेनों के संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इन ट्रेनों के चलने से न केवल आम यात्रियों को दलालों और भीड़भाड़ से मुक्ति मिलेगी, बल्कि रेलवे के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज होगी।

     

  • मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित

    मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित

    बलरामपुर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर की विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्म भी देखी। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, चाबी, लैपटॉप, स्वीकृति पत्र आदि प्रदान किया। सीएम ने बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया। महिलाओं को फलों समेत पोषण की पोटली दी। उन्होंने यहां विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल आदि का भी अवलोकन किया। 

    मुख्यमंत्री ने कराया बच्चों का अन्नप्राशन 

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर बच्चों का अन्नप्राशन कराया।  साथ ही महिलाओं को फलों समेत पोषण पोटली दी। उन्होंने यहां लगे विभिन्न विभागों के स्टॉल आदि का भी अवलोकन किया। सभी से जनपदों में चल रहे विभागीय कार्यों की जानकारी भी ली। 

    सीएम के हाथों इन्हें मिला सम्मान 

    विकास यादव- उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना- लैपटॉप 
    मो. शादाब- उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना- लैपटॉप
    किरन वर्मा- कस्टम हायरिंग सेंटर- चाबी
    हिमांशु यादव- कस्टम हायरिंग सेंटर- चाबी
    अजय कुमार पाल- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक 
    हसन रजा- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक 
    गुफरान अंसारी- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक
    किशना देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र 
    उर्मिला देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
    संगीता- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
    ननका देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
    गुड़िया वर्मा/पिंकी- एनआरएलएम के तहत 45 लाख का चेक ।