Author: NewseDay

  • सीएम योगी ने दी अखिलेश को खुली चुनौती- आइए, अयोध्या से किस्मत आजमाते हैं

    सीएम योगी ने दी अखिलेश को खुली चुनौती- आइए, अयोध्या से किस्मत आजमाते हैं

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां पाटेश्वरी की धरा बलरामपुर के विकास के लिए 803 करोड़ रुपये से अधिक की 78 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने अयोध्या विधानसभा सीट के लिए सपा मुखिया अखिलेश यादव को खुली चुनौती दी, कहा- चेले को हटाइए। आइए, हम और आप दोनों किस्मत आजमाते हैं। 

    बौखला गए हैं बबुआ

    मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के बबुआ बौखला गए हैं। वह मुझसे कहते हैं कि मुख्यमंत्री जी अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखा दें। अखिलेश जी, अयोध्या हमारा पावन धाम और आस्था की स्थली है। मैं वहां इसलिए बार-बार जाता हूं, जिससे विकास में कोई कोताही न हो। जिस अयोध्या को सपा तीन से चार घंटे बिजली देती थी, जहां जय श्रीराम बोलने पर आपकी सरकार ने प्रतिबंध लगाया था, वह अयोध्या फिर से राम राज्य का नया उदाहरण बनकर त्रेता युग का स्मरण करा रही है।

    आइए, अयोध्या से किस्मत आजमाते हैं 

    सीएम योगी ने अखिलेश यादव को खुला प्रस्ताव दिया। कहा कि आइए, आप भी अयोध्या से नामांकन करिए और मैं भी। एक बार दोनों किस्मत आजमा लेते हैं। लड़ाई चेलों से क्यों? लड़ाई तो आमने-सामने होनी चाहिए। सीएम ने तंज कसा कि माफिया के सामने नाक रगड़ने और उनकी कब्र पर फातिहा पढ़ने वाले हम लोगों से क्या ही लड़ पाएंगे, क्योंकि जनता तो पहले ही इनकी छुट्टी कर चुकी है। इनकी स्थिति ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ जैसी हो चुकी है। विधानसभा का चुनाव परिणाम फिर 80-20 का होगा। 80 फ़ीसदी सीटों पर भाजपा का एनडीए और 20 फीसदी पर इनका गठबंधन रहेगा। सीएम ने अपने सभी जनप्रतिनिधियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने गैंसड़ी विस क्षेत्र के लिए सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हम वहां पैसा देना चाहते हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी की विकास कार्य में रुचि नहीं है।

    पीडीए से नहीं, अखिलेश के चचाजान और धन्ना सेठ गए राज्यसभा 

    मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पीडीए पर निशाना भी साधा। कहा कि इस ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ की परिवार के बाहर कोई सोच ही नहीं है। अभी राज्यसभा चुनाव में इन्होंने दो प्रत्याशी खड़े किए, लेकिन इनमें कोई दलित, पिछड़ा (कुर्मी, पाल आदि), ब्राह्मण, कायस्थ, वैश्य, क्षत्रिय, खत्री आदि प्रत्य़ाशी नहीं था। एक सीट पर अखिलेश यादव के चचाजान (रामगोपाल यादव) थे और दूसरी इन्होंने एक धन्ना सेठ को बेच दी। परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी में जो पराया धन दे, वही अपना है। पीडीए का वास्तविक मतलब- प्रदेश डुबाऊ अलायंस है। इन्होंने प्रदेश को डुबाया, नौजवानों की नौकरी पर डकैती डाली और बलरामपुर को देश का सबसे गरीब जनपद बना कर छोड़ दिया।

    सीएम ने विधायकों की सराहना की

    सीएम ने कहा कि अपने जनप्रतिनिधियों से खूब मेहनत कराइए, हम बलरामपुर के विकास में कभी कमी नहीं आने देंगे। सीएम ने परिश्रम के लिए विधायकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां आकर लगता है कि घर आया हूं। मां पाटेश्वरी धाम ने सम-विषम परिस्थितियों में इस सीमावर्ती क्षेत्र को देश व धर्म के साथ जुड़ने और हर चुनौती का सामना करने की सामर्थ्य दी। 

    अब वोट बलरामपुर की तरक्की का कारण

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी एक वोट यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा करता था। इस क्षेत्र को तस्करी, बदमाशों, गुंडों व माफिया को लूट-खसोट का माध्यम बनाता था। मां का आशीर्वाद, मोदी जी के मार्गदर्शन और जनता का सहयोग मिला तो वही वोट तरक्की का कारण बन रहा है। एक वोट यहां के विकास का आधार बनकर पूरे क्षेत्र को परिवर्तन की नई धारा के साथ जोड़ रहा है और बलरामपुर को आकांक्षात्मक जनपद से आगे संभावना वाले जनपद के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। 

    प्रधानमंत्री जी से करेंगे विश्वविद्यालय के लोकार्पण का अनुरोध

    सीएम योगी ने कहा कि मां पाटेश्वरी के नाम पर विश्वविद्यालय का सत्र प्रारंभ हो चुका है। बहुत शीघ्र इसका भवन बनकर तैयार होगा, तो प्रधानमंत्री जी से इसके लोकार्पण का अनुरोध करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 1957 में बलरामपुर से पहली बार संसद में गए थे, अब उनके नाम पर यहां मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। रिंग रोड, चीनी मिल का विस्तार और थारू म्यूजियम के जरिए जनजातीय संस्कृति की धरोहर को बढ़ाया जा रहा है। बलरामपुर अब आकांक्षी जनपद नहीं, बल्कि गरीब, किसान, नौजवान की आकांक्षा के अनुरूप विकास के नित नए प्रतिमान रचने वाला जनपद है। यहां नाना जी ने ग्रामोदय की परिकल्पना को साकार किया था। महाराज बलरामपुर के साथ मिलकर महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने यह परिकल्पना साकार कराई थी कि अयोध्या में गुलामी के कलंक को मिटाकर भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। 

    2007 से 2017 तक नहीं बन पाया मथुरा घाट पुल

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में अराजकता थी। माफिया जहां पैर रख देता था, वहां उसका कब्ज़ा हो जाता था। सपा के गुंडे व्यापारी को फोन कर धमकी देते थे और उसकी जमीन पर कब्ज़ा कर लेते थे। सूर्यास्त के बाद कोई घर से बाहर नहीं निकल पाता था। 2017 के पहले बलरामपुर की सड़कें सबसे खराब थीं। इसकी गिनती सबसे पिछड़े जनपदों में होती थी। 2017 तक सपा सरकार में मथुरा घाट पुल नहीं बन पाया, लेकिन जब भाजपा की डबल इंजन सरकार आई तो मथुरा घाट में पुल निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया गया। 2017 से पहले बाढ़, बीमारी यहां की नियति बन चुकी थी। हमारी सरकार ने 9.5 वर्ष में 9.50 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है। अब बलरामपुर का नौजवान भी सरकारी नौकरी प्राप्त करता है। 

    अब नहीं पनप सकेगा कोई छांगुर 

    सीएम ने कहा कि सपा सरकार ने बदमाश दिए, लेकिन अब कोई भारत-विरोधी गतिविधियों में लिप्त नहीं हो सकता। अब सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी छांगुर को पनपने नहीं देंगे और डेमोग्राफ़ी भी नहीं बदलने देंगे। बीमारियां, इंसेफेलाइटिस, छांगुर, तस्करी ही सपा की पहचान थी। मुख्यमंत्री ने आपदा में जनहानि व मानव वन्यजीव संघर्ष में जनहानि-पशुहानि पर 24 घंटे के अंदर मुआवजा देने की बात भी दोहराई।

    शिष्टाचार भूलकर कांग्रेस व सहयोगी दल गाली-गलौच पर उतारू

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 वर्ष में प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में नए भारत का दर्शन हो रहा है। बलरामपुर का विकास और सरयू नहर समेत बड़ी-बड़ी परियोजनाओं का यहां आना इसका प्रमाण है। बलरामपुर में 10 वर्ष में ₹10,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का पैसा भेजा गया है। राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर के निर्माण में बाधक लोग मोदी जी का विरोध कर रहे हैं। विरोध की भी सीमा होती है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अब सामान्य शिष्टाचार भी भूल गए हैं। लोकतांत्रिक विरोध से उठकर बेशर्मी, गाली-गलौच कर रहे हैं। संस्कारों की तिलांजलि देकर ये लोग देश को गुमराह कर अराजकता की ओर बढ़ा रहे हैं। डबल इंजन की सरकार इसे स्वीकार नहीं करेगी। 

    कांग्रेस शासन में घोटाले हुए, सपा घोटालों की सरकार

    सीएम ने चेताया कि भारत की आन, बान-शान के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा। अराजकता पैदा करने वालों का वही हाल होगा, जो नक्सलवाद और आतंकवाद का हुआ है। सीएम ने विपक्ष के दोहरे चरित्र पर अंगुली उठाई, कहा कि ये लोग चुनाव जीतें तो इनका पुरुषार्थ और हारें तो ईवीएम की गलती। अपनी हार पर ईवीएम को दोषी बताते हैं। प्रशासन को धमकाते, न्यायालय पर टिप्पणी और चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करते हैं। कांग्रेस शासन में कॉमनवेल्थ, खाद्यान्न, कोल समेत अनेक घोटाले हुए। समाजवादी पार्टी तो घोटालों की ही सरकार थी। अपने समय ये लोग आयोगों में परिवार के सदस्यों को बैठा करके नौजवानों के साथ खिलवाड़ करते थे। 

    कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल पर खर्च, दंगाइयों को प्रोत्साहन

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन पैसों से आज सनातन धर्म से जुड़े स्थलों का पुनरुद्धार हो रहा है, बेहतर कनेक्टिविटी मिल रही है, 2017 से पहले ये लोग उसी पैसे का दुरुपयोग करते हुए कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल पर खर्च कर दंगाइयों को प्रोत्साहित करते थे। अब प्रदेश में कोई दंगा, अराजकता, बेटी की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं कर सकता। उसे मालूम है कि ऐसा करने पर जेल जाना होगा या जहन्नुम। 

    इस अवसर पर विधायक पल्टूराम, रामप्रताप वर्मा, कैलाश नाथ शुक्ल, विधान परिषद सदस्य अवधेश सिंह ‘मंजू’, जिला पंचायत प्रशासक आरती तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्र, पूर्व विधायक शैलेष कुमार सिंह ‘शैलू’, नगर पालिका परिषद उतरौला की चेयरमैन सविता गुप्ता व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

  • नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव ने भिलाई नगर निगम के कार्यों की समीक्षा की

    नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव ने भिलाई नगर निगम के कार्यों की समीक्षा की

    रायपुर

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने भिलाई नगर निगम के अधिकारियों को नागरिकों को समय पर सेवाएं देने और शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिक कस्टमर हैं, इसलिए सेवाओं में देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को रोज सुबह फील्ड निरीक्षण करने और दीपावली से पहले शहर को कचरामुक्त बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने 15वें वित्त आयोग के तहत चल रहे अधूरे निर्माण कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताई।

    प्रमुख सचिव  बोरा ने नवा रायपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में भिलाई नगर निगम में लंबित कार्यों और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कार्यप्रणाली में सुधार लाने और नागरिकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने को कहा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक  नीलेश क्षीरसागर, सूडा के सीईओ  सुमीत अग्रवाल और भिलाई नगर निगम की आयुक्त सु सुरुचि सिंह भी बैठक में मौजूद थीं।

    'रोज सुबह निरीक्षण कर भेजें रिपोर्ट'

    प्रमुख सचिव ने जोन कमिश्नरों, उपायुक्तों और अपर आयुक्तों को प्रतिदिन सुबह मॉर्निंग विजिट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने क्षेत्रों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर कमियों और कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट निर्धारित ग्रुप में साझा करें, ताकि समय पर सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके।

    'दीपावली से पहले शहर को करें कचरामुक्त'

    स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा के दौरान बोरा ने सभी जोन कमिश्नरों को दीपावली से पहले भिलाई को कचरामुक्त बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत कचरा प्रबंधन, प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना और संचालन से जुड़े कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कचरे के उचित प्रसंस्करण और स्वच्छता व्यवस्था की लगातार निगरानी पर भी जोर दिया।

    'अधूरे निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश'

     बोरा ने 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की धीमी प्रगति पर प्रमुख नाराजगी जताई। उन्होंने लंबित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने, तकनीकी समस्याओं का तत्काल निराकरण करने और नियमित निगरानी के जरिए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने को कहा।

    'आवास निर्माण में बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों की सुविधाओं का ध्यान रखें'

    प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 की समीक्षा के दौरान  बोरा ने आवास निर्माण में बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और बच्चों की जरूरतों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने आवासों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सभी के अनुकूल बनाने तथा पात्र हितग्राहियों के लंबित प्रकरणों का जल्द निराकरण करने को कहा। उन्होंने ई-बस सेवा योजना शुरू करने की तैयारियों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

    जल संरक्षण और राजस्व वसूली पर जोर

    प्रमुख सचिव  बोरा ने बैठक में जल प्रदाय, जल संरक्षण, मिशन अमृत और तालाबों के रखरखाव से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जल स्रोतों के संरक्षण और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  बोरा ने संपत्ति कर वसूली, ग्रीन बॉन्ड, बिजली बिलों और अन्य वित्तीय विषयों की समीक्षा करते हुए राजस्व संग्रहण सुधारने को कहा। ऑनलाइन नागरिक सेवाओं, ई-ऑफिस और डिजिटल व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।

    'निदान-1100 की शिकायतों का समय पर करें निराकरण'

    प्रमुख सचिव ने निदान-1100 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की नियमित निगरानी और निर्धारित समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निपटारा करने को कहा।

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक  पुलक भट्टाचार्य, संयुक्त संचालक  मिथिलेश अवस्थी और मुख्य अभियंता  राजेश शर्मा सहित नगरीय प्रशासन विभाग, सूडा और भिलाई नगर निगम के अधिकारी तथा अभियंता भी बैठक में उपस्थित थे।

  • राजसमंद में जिला प्रमुख की कुर्सी की जंग तेज, टिकट वितरण से समर्थन तक भाजपा-कांग्रेस की होगी परीक्षा

    राजसमंद में जिला प्रमुख की कुर्सी की जंग तेज, टिकट वितरण से समर्थन तक भाजपा-कांग्रेस की होगी परीक्षा

    राजसमंद
    जिला प्रमुख की कुर्सी पर किसका कब्जा होगा, इसकी सियासी पटकथा जिला परिषद के चुनाव से ही लिखी जाएगी। राजसमंद में जिला परिषद के 29 वार्डों का आरक्षण तय होने के बाद अब भाजपा और कांग्रेस के सामने उम्मीदवारों के चयन से लेकर चुनावी रणनीति तक कई चुनौतियां होंगी। जिला प्रमुख का पद अनारक्षित है, लेकिन जिला परिषद के 14 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होने से महिला उम्मीदवारों और चुनाव जीतकर आने वाली महिला सदस्यों की भूमिका भी अहम रहने वाली है।

    ऐसे में जिला प्रमुख की कुर्सी पर नजर लगाए बैठे दावेदारों को अपने वार्ड में जीत के साथ जिला परिषद में समर्थन का गणित भी साधना होगा। महिला आरक्षण ने चुनावी समीकरणों में एक महत्वपूर्ण पहलू जोड़ दिया है। दोनों प्रमुख दलों के लिए महिला वार्डों में मजबूत उम्मीदवार उतारना और जिला परिषद में अधिक से अधिक सदस्य जिताना अहम रहेगा। टिकट वितरण से लेकर चुनाव परिणाम के बाद बनने वाले समीकरणों तक, हर कदम जिला प्रमुख की कुर्सी की लड़ाई को प्रभावित कर सकता है।

    राजसमंद जिला परिषद के कुल 29 वार्डों में अलग-अलग श्रेणियों के तहत महिला आरक्षण निर्धारित किया गया है। इनमें सामान्य महिला के आठ, ओबीसी महिला के दो, एससी महिला के दो और एसटी महिला के दो वार्ड शामिल हैं। इस तरह कुल 14 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इन वार्डों में जीत दर्ज करने वाले सदस्य जिला परिषद की राजनीति का हिस्सा बनेंगे। जिला प्रमुख के चुनाव में उनकी भूमिका कितनी अहम होगी, यह चुनाव परिणाम और राजनीतिक दलों के संख्याबल पर निर्भर करेगा। हालांकि, महिला आरक्षण को जिला प्रमुख की कुर्सी का सीधा फैसला मानना जल्दबाजी होगी, लेकिन चुनावी रणनीति बनाते समय इसे नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकेगा।

    भाजपा-कांग्रेस की असली परीक्षा टिकट वितरण में
    जिला परिषद चुनाव में दोनों प्रमुख दलों के सामने सबसे पहली चुनौती सही उम्मीदवार चुनने की होगी। महिला आरक्षित वार्डों में टिकट के दावेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा रहेगी, वहीं अन्य श्रेणियों के वार्डों में भी पार्टी को स्थानीय समीकरणों और जीत की संभावनाओं के बीच संतुलन बनाना होगा। भाजपा और कांग्रेस के लिए टिकट वितरण केवल प्रत्याशियों की सूची तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगा। उम्मीदवारों की स्थानीय पकड़, संगठन में सक्रियता और अपने क्षेत्र में समर्थन जुटाने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी। टिकट किसे मिलता है और किस दावेदार को इंतजार करना पड़ता है, इसका असर चुनावी माहौल पर पड़ सकता है।

    जिला प्रमुख के दावेदारों को साधना होगा पूरा संख्या बल
    जिला प्रमुख का पद अनारक्षित होने से दावेदारी का दायरा खुला है। लेकिन जिला प्रमुख बनने के लिए केवल चुनाव लड़ना या अपने वार्ड में जीत दर्ज करना पर्याप्त नहीं होगा। जिला परिषद में निर्वाचित सदस्यों का समर्थन और चुनाव के बाद बनने वाले राजनीतिक समीकरण भी महत्वपूर्ण होंगे। इसी कारण जिला प्रमुख पद के संभावित दावेदारों की रणनीति अपने वार्ड से आगे तक जा सकती है। उन्हें पार्टी के भीतर समर्थन, दूसरे क्षेत्रों के निर्वाचित सदस्यों के साथ तालमेल और जिला परिषद में अपने पक्ष को मजबूत करने पर ध्यान देना होगा। भाजपा और कांग्रेस, दोनों के लिए सदस्य संख्या और समर्थन का गणित अहम रहेगा।

    आरक्षण की पूरी तस्वीर: किस श्रेणी में कितने वार्ड
    महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड
    सामान्य महिला: वार्ड 15, 18, 19, 22, 23, 25, 27 और 28
    ओबीसी महिला: वार्ड 10 और 26
    एससी महिला: वार्ड 11 और 13
    एसटी महिला: वार्ड 6 और 9

    अन्य आरक्षित वार्ड
    सामान्य: वार्ड 1, 7, 14, 16, 17, 20 और 29
    ओबीसी: वार्ड 2, 5 और 12
    एससी: वार्ड 21 और 24
    एसटी: वार्ड 3, 4 और 8

    टिकट से ताज तक, हर चाल पर रहेंगी निगाहें
    राजसमंद जिला परिषद चुनाव में अब नजरें इस बात पर रहेंगी कि भाजपा और कांग्रेस किन चेहरों पर भरोसा जताती हैं और कौन अपने वार्ड में जीत दर्ज कर जिला परिषद तक पहुंचता है। इसके बाद जिला प्रमुख की कुर्सी के लिए राजनीतिक दलों का संख्याबल और निर्वाचित सदस्यों का समर्थन अहम होगा। फिलहाल इतना तय है कि जिला प्रमुख की कुर्सी की लड़ाई केवल एक पद की दावेदारी नहीं, बल्कि जिला परिषद में राजनीतिक ताकत स्थापित करने की कवायद भी होगी। 29 वार्डों के इस चुनावी मैदान में 14 महिला आरक्षित वार्ड भी सियासी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेंगे। टिकट वितरण से लेकर चुनाव परिणाम तक, भाजपा और कांग्रेस की हर चाल पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।

     

  • अशोकनगर में पारेषण व्यवस्था हुई और अधिक विश्वसनीय: ऊर्जा मंत्री  तोमर

    अशोकनगर में पारेषण व्यवस्था हुई और अधिक विश्वसनीय: ऊर्जा मंत्री तोमर

    भोपाल 

    ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने अशोकनगर जिले की पारेषण व्यवस्था को और अधिक विश्वसनीय बनाते हुए 220 के.वी. सब स्टेशन अशोकनगर में 50 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसे ऊर्जीकृत किया है। सब स्टेशन की ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 513 एमवीए की हो गई है।

    अतिरिक्त ट्रांसफार्मर से बेहतर होगा लोड प्रबंधन

    ऊर्जा मंत्री  तोमर ने बताया कि हालांकि इस सब स्टेशन में इसके पहले 132/33 के.वी. के तीन पॉवर ट्रांसफार्मर क्रियाशील थे लेकिन बढ़ते विद्युत भार तथा पारेषण व्यवस्था की विश्वसनीयता को ध्यान में रखते हुए एक और अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। अब 4 पावर ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता से बढ़ते विद्युत भार के अनुरूप लोड प्रबंधन में सुविधा होगी और पारेषण व्यवस्था की विश्वसनीयता बढ़ेगी।

    अशोकनगर जिले की पारेषण क्षमता में वृद्धि

    एमपी ट्रांसको अशोकनगर-गुना टेस्टिंग के अधीक्षण यंत्री  सतीश कुमार धुर्वे ने जानकारी दी कि अशोकनगर 220 के.वी. सब स्टेशन में 50 एमवीए क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत होने से जिले की पारेषण व्यवस्था को अतिरिक्त क्षमता मिली है। यह अशोकनगर जिले में 14 वां पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत हुआ है। इससे अशोकनगर जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 836 एमवीए की हो गई है।

    अधीक्षक यंत्री  धुर्वे ने बताया कि जिले में एमपी ट्रांसको के 5 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण कार्य संचालित किया जा रहा है। इसमें 220 के.वी. सब स्टेशन अशोकनगर के अतिरिक्त 132 के.वी. सब स्टेशन मुंगावली,चंदेरी, ईशागढ़, एवं कोठियां शामिल है।

    एमपी ट्रांसको की ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 85,588 एमवीए

    एमपी ट्रांसको प्रदेश में 418 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण कार्य संचालित कर रही है, जिनमें 400 के.वी. के 14, 220 केवी के 88 तथा 132 केवी के 315 सब स्टेशन शामिल हैं। कंपनी के प्रदेश में कुल 1,058 पॉवर ट्रांसफार्मर क्रियाशील हैं, जिनमें 400 के.वी. स्तर के 41, 220 के.वी. स्तर के 220 तथा 132 केवी स्तर के 797 पॉवर ट्रांसफार्मर शामिल हैं।

    अशोकनगर 220 के.वी. सब स्टेशन में 50 एमवीए क्षमता का नया पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत होने से एमपी ट्रांसको की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 85,588 एमवीए हो गई है।

     

  • PM मोदी ने बढ़ाया पंकज जांगड़ा का हौसला, बोले- अपनी स्किल निखारो और नए युवाओं को भी सिखाओ

    PM मोदी ने बढ़ाया पंकज जांगड़ा का हौसला, बोले- अपनी स्किल निखारो और नए युवाओं को भी सिखाओ

    भिवानी
    लकड़ी के जिस कार्य को ज्यादा तवज्जों नहीं दी जाती, भिवानी के छोटे से गांव सिवाड़ा के युवा को कारपेंटरी के कार्य ने अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला दी है।

    महज 20 साल के युवा पंकज जांगड़ा ने शंघाई में हुई वर्ल्ड स्किल शंघाई 2026 प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के प्रतिभागियों के बीच अपनी तकनीकी दक्षता, रचनात्मकता और मेहनत का शानदार प्रदर्शन किया।

    वे भारत की ओर से पहले ऐसे प्रतिभागी बने जिन्होंने कारपेंटरी प्रतियोगिता में अपना हाउस स्ट्रक्चर का प्रोजेक्ट पूरा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी युवा की सराहना करते हुए अपनी स्कील पर और ध्यान देने और नए बच्चों को तैयार करने का संदेश दिया।

    पंकज ने अपनी प्रतिभा से दर्शा दिया है कि किताबी शिक्षा के साथ तकनीकी प्रशिक्षण के दम पर भी युवा अंतरराष्ट्रीय पहचान बना सकते है। निरंतर अभ्यास से उन्होंने कारपेंटरी के क्षेत्र में खुद को साबित किया।

    उनका यह सफर घर से शुरू हुआ। पंकज के पिता बिजेंद्र जांगड़ा गांव में ही लकड़ी का काम करते हैं। उन्होंने पिता से ही कारपेंटरी के बेसिक गुर सीखे।

    इसके बाद 2024 में स्किल प्रतियोगिता के प्रति गंभीर हुआ और जिलास्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया। यहां से महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में हुई राज्यस्तरीय और फिर राष्ट्रीय स्पर्धा में भाग लिया।

    दिल्ली में भी लिया था भाग
    राष्ट्रीय स्पर्धा में सिल्वर मेडल मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा का मौका नहीं मिला मगर इस टीस को मन में रख फिर अभ्यास पर फोकस किया। जिलास्तर पर गोल्ड जीता। पंकज ने 2026 में दिल्ली में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया और इस बार राष्ट्रीय स्पर्धा में सबसे अधिक अंक प्राप्त किए।

    प्रतियोगिता के नियमानुसार अगली बार प्रतियोगिता में भाग लेने पर पदक नहीं मिलता। इस कारण पदक तो नहीं मिला मगर सीधे प्रवेश जरूर मिला।

    उन्होंने बैंगलुरू में तीन चरण के मॉक टेस्ट में भी अपने प्रतिद्वंदियों को मात दी। जिस कारण उन्हें चीन के शंघाई में हुई विश्व कौशल प्रतियोगिता में जोहर दिखाने का मौका मिला।

    22 घंटे में बनाया हाउस स्ट्रक्चर
    पूरी तैयारी के साथ गए पंकज के सामने विभिन्न अलग-अलग देशों के 166 प्रतिभागी थे। प्रतियोगिता में पंकज को 22 घंटे में हाउस स्ट्रक्चर बनाने का प्रोजेक्ट दिया गया। अब तक 2020, 2024 में हुई विश्व कौशल प्रतियोगिता के कारपेंटिंग वर्ग में कोई भी भारतीय अपना प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर पाया।

    इस बार पंकज पदक तो नहीं जीत पाए मगर अपना प्रोजेक्ट बेहतरीन तरीके से पूरा कर खूब वाहवाही लूटी। पंकज अब राष्ट्रीयस्तरीय कारपेंटिंग का बिजनेस करने लक्ष्य रखे हैं ताकि अन्य युवाओं को भी तैयार कर सके।

    पंकज ने बताया कि पिता बिजेंद्र का उनकी सफलता में अहम भूमिका है। उन्हीं की बदौलत वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता तक पहुंच पाया।

    प्रधानमंत्री से मिलकर उत्साहित है पंकज
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विश्व कौशल प्रतियोगिता में शामिल रहे भारतीय दल के सदस्यों को मुलाकात के लिए बुलाया। भिवानी के पंकज जांगड़ा को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का मौका मिला। जिससे वह काफी उत्साहित है।

    पंकज बताते हैं कि प्रधानमंत्री ने उन्हें कहा कि अपनी स्किल पर ध्यान दो और नए बच्चों को भी सीखाओ। पंकज अहमदाबाद से बीएससी फर्नीचर डिजाइन एंड मैनूफेक्चरिंग कोर्स कर रहे है। इसके अलावा उन्होंने मणिपाल कालेज आफ हायर एजूकेशन बैंगलोर से भी छह माह की ट्रेनिंग ली है।

  • कोडीन सिरप तस्करी में दिल्ली कनेक्शन उजागर, कानपुर के गोदाम से 25 हजार शीशियां जब्त; कई शहर जांच के दायरे में

    कोडीन सिरप तस्करी में दिल्ली कनेक्शन उजागर, कानपुर के गोदाम से 25 हजार शीशियां जब्त; कई शहर जांच के दायरे में

    कानपुर
    यूपी के एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की कानपुर यूनिट को बड़ी सफलता मिली है। बाबूपुरवा के ढकनापुरवा स्थित गोदाम से प्रतिबंधित कोडीनयुक्त सिरप की 25 हजार शीशियां बरामद कर एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। प्रयागराज यूनिट से मिले इनपुट पर हुई कार्रवाई में खुलासा हुआ कि सिरप फर्जी बिल्टी के जरिए प्रयागराज-वाराणसी जाना था। यूनिट ने बाबूपुरवा थाने में रिपोर्ट दर्ज करा आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।

    एएनटीएफ कानपुर यूनिट ने इंस्पेक्टर अयनुद्दीन के नेतृत्व में ढकनापुरवा स्थित गोदाम से टर्बो-टी कंपनी के कोडीन सिरप की 25 हजार शीशियां बरामद कीं। टीम ने बिहार के मधुबनी जिले के मिहिर कुमार ठाकुर को गिरफ्तार किया है, जो बर्रा के बिहारीपुरवा में रह रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि दिल्ली के मंगोलपुरी स्थित नोवोट्रिक्स लाइफ साइंसेज फर्म के जरिए फर्जी बिल्टी बनाकर सिरप मंगाया जाता था। माल वाराणसी के कोटवा सारनाथ स्थित हनुमान ट्रेडर्स को सप्लाई होना था।

    पुलिस करेगी विवेचना
    एएनटीएफ की तहरीर पर बाबूपुरवा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। सूत्र बताते हैं कि फिलहाल इस मामले की विवेचना भी बाबूपुरवा पुलिस ही करेगी। विवेचना से कोई खास लाभ या जानकारी की संभावना हुई तो एएनटीएफ भी इसकी विवेचना कर सकती है।

    दूसरे प्रदेश की बिल्टी
    कोडीनयुक्त कफ सीरप की 25 हजार शीशियां फर्जी बिल्टी से दिल्ली से कानपुर लाई गईं थीं। पिछले महीने प्रयागराज में जब सिरप पकड़े गए थे तब दिल्ली कनेक्शन सामने आया था। इसी वजह से माल दिल्ली से हटाकर कानपुर शिफ्ट किया गया था। अब इसे प्रयागराज और वाराणसी भेजने की तैयारी थी। बाबूपुरवा से पकड़े गए तस्कर मिहिर कुमार ठाकुर से चली तीन घंटे की पूछताछ में ये जानकारियां सामने आई हैं। एएनटीएफ कानपुर यूनिट के साथ ही मुख्यालय से भी टीम ने आकर पूछताछ की है। माना जा रहा है जल्द ही प्रयागराज, वाराणसी और दिल्ली में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

    बीते महीने भी पकड़ा गया था सिरप का जखीरा
    बीते महीने 27-28 सितंबर को प्रयागराज में एसटीएफ ने कोडीनयुक्त सिरप का बड़ा जखीरा पकड़ा था। 120 गत्ते में यानी 12 हजार सिरप बरामद हुए थे। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद दिल्ली की फर्म राजधानी ट्रांसपोर्ट में रखीं सिरप की 25 हजार शीशियां बाबूपुरवा के ढकनापुरवा स्थित गोदाम में रखवाई गईं थीं। दिल्ली की फर्म राजधानी ट्रांसपोर्ट गुड़गांव हरियाणा निवासी कुंवर राज सिंह चड्ढा की बताई जा रही है। एएनटीएफ जल्द उनसे भी पूछताछ कर सकती है। इस मामले में एएनटीएफ लखनऊ मुख्यालय की एसीपी नित्या गोस्वामी ने बाबूपुरवा थाने में मिहिर ठाकुर से पूछताछ की थी। सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में कई इनपुट मिले हैं। जिसके आधार पर जल्द ही कोडीनयुक्त सिरप के अवैध कारोबार करने वालों पर नकेल सकी जाएगी।

    12 लाइसेंस हो चुके निरस्त, बड़े पैमाने पर हेरफेर
    कोडीनयुक्त कफ सिरप के नशे में उपयोग को लेकर एक साल से बड़े पैमाने पर छापेमारी चल रही है। कानपुर में अब तक 12 थोक दवा दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके है। एक दर्जन से ज्यादा रिपोर्ट हो चुकी हैं। 10 से ज्यादा लोग जेल गए हैं। खाद्य आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने खुद शहर आकर छापेमारी की थी।

  • 34 देशों के 100 से अधिक और देश के 15 राज्यों के 180 टूर ट्रैवल ऑपरेटर और होटलियर सहित 600 से अधिक स्टेक होल्डर्स की सहभागिता

    34 देशों के 100 से अधिक और देश के 15 राज्यों के 180 टूर ट्रैवल ऑपरेटर और होटलियर सहित 600 से अधिक स्टेक होल्डर्स की सहभागिता

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व, विकासपरक नीतियों और सतत प्रयासों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश आज वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक सशक्त, गतिशील और बहुआयामी गंतव्य के रूप में स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राज्य की विपुल प्राकृतिक संपदा, समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, पावन आध्यात्मिक केंद्रों, सघन वन्य जीव अभयारण्यों और अनूठी जनजातीय संस्कृति को केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित न रखकर इसे स्थानीय आजीविका, रोजगार सृजन और राज्य के समग्र आर्थिक सशक्तिकरण का मुख्य आधार बनाया जाए। उनके मार्गदर्शन और समग्र विकास दृष्टि का प्रत्यक्ष प्रमाण मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 की ऐतिहासिक सफलता के रूप में सामने आया है। राजधानी भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में हुए ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026’ (एमपीटीएम) का 7वां संस्करण राज्य के पर्यटन विकास के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। इस तीन दिवसीय महाकुंभ में 34 देशों के 100 से अधिक एवं देश के 180 से अधिक टूर ऑपरेटर्स होटल व्यवसायियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ प्रदेश के 250 से अधिक ट्रैवल टूर ऑपरेटर, होटलियर और एग्जीबिटर्स को एक ही मंच पर लाकर 10 हजार से अधिक बी2बी मीटिंग्स ने प्रदेश की असीम पर्यटन संभावनाओं को वैश्विक पहचान दिलाई। आयोजन ने वन्य जीव, हेरिटेज, आध्यात्म, साहसिक और ग्रामीण पर्यटन के विविध आयामों को वैश्विक खरीदारों के समक्ष पूरी भव्यता के साथ प्रस्तुत किया। 

    ट्रैवल मार्ट में 3,729 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्तावों से राज्य में सशक्त होगी आधुनिक पर्यटन अधोसंरचना

    ट्रैवल मार्ट के 7वें संस्करण में निजी क्षेत्र से लगभग 3,729 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं। ये प्रस्ताव लक्जरी होटलों, वेलनेस रिसॉर्ट्स, गोल्फ कोर्स, वॉटरफ्रंट रिट्रीट्स और वन्यजीव लॉज के विकास से जुड़े हैं। इन पूंजीगत निवेशों से न केवल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों की आतिथ्य क्षमता में विश्वस्तरीय वृद्धि होगी, बल्कि राज्य के दुरस्थ अंचलों में आधुनिक अधोसंरचनात्मक का विस्तार होगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे। 

    व्यावसायिक नेटवर्किंग के दौरान 10,263 बी2बी बैठकों का ऐतिहासिक कीर्तिमान: 14% की हुई वृद्धि

    व्यावसायिक संवाद और साझेदारी के दृष्टिकोण से यह आयोजन ऐतिहासिक रहा, जिसमें कुल 10,263 सफल बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें संपन्न हुईं। वर्ष 2025 में आयोजित ट्रैवल मार्ट में लगभग 9,000 बैठकें हुई थीं, जिसकी तुलना में इस वर्ष 14 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्ध दर्ज की गई। इन बैठकों ने स्थानीय टूर प्रमोटर्स, होटल मालिकों और ग्रामीण होमस्टे संचालकों को अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जोड़कर आगामी वर्षों के लिए दीर्घकालिक व्यावसायिक अनुबंधों का सुदृढ़ आधार तैयार किया। 

    34 देशों के 100 विदेशी टूर ऑपरेटर्स ने दिखाई गहरी रुचि, 7 नए देश हुए शामिल

    ट्रैवल मार्ट में 34 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 100 प्रमुख विदेशी टूर ऑपरेटर्स ने सक्रिय सहभागिता की। पिछले वर्ष जहां 27 देशों के 90 विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए थे, वहीं इस बार 7 नए देश ट्रैवल मार्ट में शामिल हुए। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया,और स्पेन सहित विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता और स्मारकों का गहन अध्ययन किया, जिससे आने वाले पर्यटन सत्रों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में निश्चित ही वृद्धि होगी। 

    15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स की भागीदारी से अंतर-प्रादेशिक नेटवर्क हुआ सुदृढ़

    राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटकों के प्रवाह को गति देने के लिए देश के 15 राज्यों से 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स ने मार्ट में हिस्सा लिया। वर्ष 2025 के 150 घरेलू टूर ऑपरेटरों की तुलना में इस बार 20 प्रतिशत वृद्धि देखी गई। देश के विभिन्न हिस्सों से आए इन प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश के प्रमुख व उभरते पर्यटन केंद्रों को अपने यात्रा कार्यक्रमों में शामिल करने के लिए स्थानीय भागीदारों से अनुबंध किए। इससे राज्य के लिए एक सुदृढ़ अंतर-प्रादेशिक पर्यटन नेटवर्क स्थापित हुआ। 

    ट्रैवल मार्ट एग्जिबिशन में 177 स्टॉल्स की आधुनिक आतिथ्य और पारंपरिक हस्तशिल्प की दुनिया

    ट्रैवल मार्ट के विशाल परिसर में ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े 177 भव्य स्टॉल्स लगाए गए। इन स्टॉल्स के माध्यम से मध्यप्रदेश सहित देश-विदेश के प्रतिष्ठित होटलों, रिसॉर्ट्स, ट्रैवल एजेंसियों, साहसिक खेल अकादमियों, पारंपरिक शिल्पकारों और उभरते हुए ग्रामीण होमस्टे को एक साझा व्यावसायिक मंच मिला। प्रदर्शनी ने खरीदारों और सेवा प्रदाताओं के बीच पारदर्शी संवाद का माध्यम बनकर पर्यटन उद्योग के संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को एक ही स्थान पर जीवंत कर दिया। 

    सीहोर के रामगढ़ में ए.आर.एम. फूड्स का 848.40 करोड़ रूपये का निवेश एमओयू

    निवेश संवर्धन के क्षेत्र में सबसे बड़ा मील का पत्थर सीहोर जिले के रामगढ़ में स्थापित होने वाली मेगा परियोजना रही, जिसके लिए ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 848.40 करोड़ रूपये के निजी निवेश का एमओयू किया गया। कंपनी के चेयरमैन एवं निदेशक  अतुल अग्रवाल के नेतृत्व में प्रस्तावित इस परियोजना में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल विकसित किया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी उपक्रम क्षेत्र में 920 से अधिक कुशल व अकुशल युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगा। 

    बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा में राजसन होटल्स का 520 करोड़ रूपये का वन्य जीव निवेश

    प्रदेश के गौरवशाली वन्य जीव पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से राजसन होटल्स प्राइवेट लिमिटेड और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के बीच 520 करोड़ रूपये के निवेश का महत्वपूर्ण समझौता हुआ। कंपनी के निदेशक  विनोद सिंह राजपुरोहित द्वारा प्रस्तुत कार्य योजना अंतर्गत बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा टाइगर रिजर्व के परिधीय क्षेत्रों में अत्याधुनिक वन्य जीव रिसॉर्ट्स विकसित किए जाएंगे। धारणीय पर्यटन मानकों पर आधारित इस परियोजना से लगभग 375 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    धरोहर संरक्षण, पर्यटक प्रशिक्षण और लक्जरी रिसॉर्ट्स में बड़े निवेश की पहल

    ओरछा की धरोहर संरक्षण के लिए एसपीए, नई दिल्ली और ‘द्रोणह’ की मती शिखा जैन के साथ एमओयू किए गए। आईआईटीटीएम, ग्वालियर के साथ भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने तथा टेकनपुर बीएसएफ अकादमी में सैन्य पर्यटन के उन्नयन के लिए भी समझौते हुए। निवेश प्रस्तावों में एटमॉस्फियर ग्रुप ने उज्जैन, इंदौर और वन्यजीव क्षेत्रों में 500 करोड़ रूपये, रेनी ग्रुप ने मांडू की 350 वर्ष पुरानी लुनेरा सराय को 130 करोड़ रूपये में ‘वेलकम होटल बाय आईटीसी’ के रूप में विकसित करने और खजुराहो के कुटनी डैम पर वॉटरफ्रंट रिसॉर्ट सहित 290 करोड़ रूपये से अधिक तथा सर्व ग्रुप ने मढ़ई में ‘ताज सफारीज’ के साथ 100 करोड़ रूपये के अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट सहित कुल 300 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव रखे गए। सर्व ग्रुप ने सतपुड़ा के मढ़ई में ‘ताज सफारीज’ के साथ 100 करोड़ रूपये के अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट सहित कुल 300 करोड़ रूपये के निवेश का प्रस्ताव रखा।

    ओंकारेश्वर में सिंहस्थ पूर्व 200 करोड़ रूपये का 'रमाडा रिसॉर्ट' और वन्य जीव समूहों का उत्साह

    एमआरवीएच रिसॉर्ट्स के निदेशक  जितेंद्र सिंह ने बताया कि ओंकारेश्वर में 200 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे 'रमाडा रिसॉर्ट बाय विंडहैम' को सिंहस्थ 2028 से पूर्व, वर्ष 2026 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा, साथ ही अन्य स्थलों पर 150 करोड़ रूपये का अतिरिक्त निवेश होगा। वन्य जीव सर्किटों में रामको ग्रुप ने 120-140 करोड़ रूपये के सतत रिसॉर्ट्स, वराय होटल्स ने उज्जैन में 80 करोड़ रूपये के होटल, इवॉल्व बैक ने मांडू में 50 करोड़ रूपये और अनाशविश टाइगर कैंप ने 'द लीला' के साथ लक्जरी परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

    ओरछा में 50 करोड़ रूपये का रिसॉर्ट और पन्ना के ऐतिहासिक पैलेस में हेरिटेज होटल का प्रदान किया गया एलओए

    प्रदेश में पर्यटन परियोजनाओं की त्वरित स्थापना के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए गए। मेसर्स पालिया कंस्ट्रक्शन, ग्वालियर के पार्टनर  अनूप शर्मा को ऐतिहासिक नगरी ओरछा में 50 करोड़ रूपये के निवेश से आधुनिक रिसॉर्ट स्थापित करने के लिए एलओए सौंपा गया। वहीं  वीरेंद्र जादौन एवं मती रत्न जादौन को पन्ना जिले के ऐतिहासिक लक्ष्मीपुर पैलेस में 10 करोड़ रूपये के निवेश से हेरिटेज होटल विकसित करने का अनुबंध पत्र दिया गया, जिससे रियासतकालीन धरोहर को संवारते हुए पर्यटकों को राजसी अनुभव मिल सकेगा। विकेंद्रीकृत पर्यटन विकास के तहत ओरछा, बैतूल, नीमच, मंदसौर, रायसेन और सागर सहित विभिन्न क्षेत्रों में रिसॉर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी किए गए। खजुराहो-पन्ना, जबलपुर-भोपाल और उज्जैन-मक्सी मार्गों पर आधुनिक मार्ग सुविधा केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी गई, जहां यात्रियों को स्वच्छ प्रसाधन, खानपान और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी

    डिजिटल तकनीक और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा: एक्सप्लर्जर व ग्राम स्टे के साथ एमओयू

    मध्यप्रदेश में पर्यटन को डिजिटल और वैश्विक पहचान देने के लिए एक्सप्लर्जर के साथ एमओयू किया गया। इसके तहत 100 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 1,000 क्यूआर कोड बोर्ड और एआई आधारित बहुभाषी पर्यटक सहायता विकसित की जाएगी। वहीं, ‘ग्राम स्टे’ के साथ समझौते से ग्रामीण होमस्टे को अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण परिवारों को पर्यटन से सीधे आर्थिक लाभ मिल सकेगा।

    'द वायरल फीवर' और केआरएआरके के साथ करार: फिल्म पर्यटन का नया हब बनेगा मध्यप्रदेश

    मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख फिल्म निर्माण हब बनाने के उद्देश्य से प्रसिद्ध डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन हाउस 'द वायरल फीवर' और केआरएआरके फैमिली ऑफिस के साथ महत्वपूर्ण समझौता हुआ। टीवीएफ के संस्थापक  अरुणाभ कुमार ने 'पंचायत' और 'गुल्लक' जैसी चर्चित वेब-सीरीज की मध्यप्रदेश में हुई सफल शूटिंग का उल्लेख करते हुए राज्य को फिल्म निर्माण के अनुकूल बताया। इस करार के अंतर्गत फिल्म पर्यटन को प्रोत्साहित करने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए सिनेमैटोग्राफी और प्रोडक्शन तकनीकों में कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। 

    साहसिक पर्यटन में सुरक्षा मानक तय करने हेतु एटीओएआई और नैट्रैक्स से एमओयू

    साहसिक पर्यटन को व्यवस्थित करने के लिए एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के साथ पद्म से सम्मानित  अजीत बजाज की उपस्थिति में समझौता हुआ। इसके अंतर्गत साहसिक गतिविधियों के लिए कड़े सुरक्षा मानक, मानक संचालन प्रक्रियाएं और स्थानीय गाइडों का प्रमाणन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एशिया के सबसे बड़े ऑटोमोटिव टेस्टिंग ट्रैक 'नैट्रैक्स' के निदेशक डॉ. मनीष जायसवाल के साथ मोटरस्पोर्ट्स और ऑटो-टूरिज्म के विकास के लिए समझौता हुआ। 

    वन्य जीव पर्यटन में संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर पैनल डिस्कशन

    मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के दूसरे दिन केंद्रीय पर्यटन सचिव  भुवनेश कुमार ने कहा कि वन्यजीव पर्यटन की सफलता प्रकृति संरक्षण और स्थानीय समुदायों को मिलने वाले लाभ से तय होनी चाहिए। उन्होंने कूनो में चीता संरक्षण के साथ चंबल में डॉल्फिन व गिद्ध संरक्षण और अनूठे प्राकृतिक अनुभवों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। पर्यटन सचिव एवं एमपीटीबी के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने सतत एवं संरक्षण आधारित पर्यटन मॉडल की प्रतिबद्धता दोहराते हुए भारत में जन्मी चीता द्वारा 5 शावकों के जन्म और रातापानी को नए बाघ अभयारण्य के रूप में विकसित करने का उल्लेख किया। विशेषज्ञों ने स्थानीय आतिथ्य, सुरक्षा और गाइडों को प्रभावी कहानीकार बनाने पर भी जोर दिया।

    37,576 करोड़ रूपये का राष्ट्रीय माइस बाजार: इंदौर और भोपाल को प्रमुख आयोजन केंद्र बनाने पर विमर्श

    'माइस एवं क्रिएटिव इकोनॉमी' राउंडटेबल में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं ICPB के चेयरमैन  हरिकिशोर एस. ने बताया कि देश का माइस बाजार लगभग 37,576 करोड़ रूपये का हो चुका है। उन्होंने टियर-2 शहरों की बढ़ती मांग को देखते हुए इंदौर और भोपाल में प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र बनने की व्यापक क्षमता रेखांकित की और सिटी माइस प्रमोशन ब्यूरो के गठन का सुझाव दिया। वहीं विज़क्राफ्ट के सह-संस्थापक  सब्बास जोसेफ ने ओरछा, खजुराहो, महेश्वर और मांडू को भव्य 'डेस्टिनेशन वेडिंग्स' के लिए उपयुक्त बताते हुए संपूर्ण अनुभव पैकेज विकसित करने पर बल दिया। 

    प्रदेश के पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण राउंट टेबल सत्र

    प्रदेश को प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने के उद्देश्य से ‘माइस एवं क्रिएटिव इकोनॉमी’ और ‘एडवेंचर टूरिज्म’ पर विशेष राउंडटेबल आयोजित हुए। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं आईसीपीबी चेयरमैन  हरिकिशोर एस. ने 37,576 करोड़ रूपये के राष्ट्रीय माइस बाजार का उल्लेख करते हुए इंदौर-भोपाल को प्रमुख सम्मेलन केंद्र बनाने का सुझाव दिया। विज़क्राफ्ट के सह-संस्थापक  सब्बास जोसेफ ने ओरछा, खजुराहो, महेश्वर और मांडू में डेस्टिनेशन वेडिंग की संभावनाएं बताईं। पर्यटन सचिव एवं एमपीटीबी के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने वर्ष 2027 को ‘एडवेंचर ईयर’ के रूप में मनाकर साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही।

    एमपी टूरिज्म की बहुभाषी वेबसाइट का लोकार्पण और एआई अवतार 'मोगली' का आकर्षण

    वैश्विक पर्यटकों की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (www.mptourism.com) के बहुभाषी संस्करण का लोकार्पण किया गया, जिसमें हिंदी व अंग्रेजी के अलावा जर्मन, स्पैनिश, फ्रेंच और जापानी भाषाओं को शामिल किया गया है। साथ ही 360-डिग्री व्यू, वीआर लिंक्स और एआई स्टोरीटेलिंग से युक्त डिजिटल 'एमपी ट्रैवल हैंडबुक' का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी में इंटरैक्टिव एआई अवतार 'मोगली' ने आगंतुकों से सीधा संवाद कर उनकी रुचि के अनुरूप कस्टमाइज्ड यात्रा कार्यक्रम तैयार किए।

    पर्यावरण-अनुकूल हरित आयोजन और डेलिगेट्स के लिए रोमांचक स्थानीय गतिविधियां

    मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने पूरे आयोजन को सिंगल-यूज प्लास्टिक मुक्त और अधिक से अधिक पेपरलेस रखकर जिम्मेदार पर्यटन का उदाहरण प्रस्तुत किया। अतिथियों के आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया गया तथा मिट्टी के कुल्हड़ों को बढ़ावा दिया गया। इसके साथ ही 149 विशिष्ट प्रतिनिधियों ने भोपाल के कमला पार्क में हेरिटेज वॉक, बड़े तालाब पर 120 अतिथियों ने शिकारा बोट राइड, वन विहार में 70 अतिथियों ने बर्ड वॉक, योग सत्र और बड़ी संख्या में अतिथियों ने हेलीकॉप्टर जॉय राइड जैसी गतिविधियों का आनंद लिया। 

    'मां की रसोई' में महका पारंपरिक स्वाद और 'अमृतस्य मध्यप्रदेश' से बिखरी सांस्कृतिक छटा

    आतिथ्य भोज के दौरान 'मां की रसोई' में देशी-विदेशी मेहमानों ने कोदो-मेथी भात, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, मालवा के प्रसिद्ध दाल-बाफला, भटे का भरता और बुरहानपुर की ऐतिहासिक मावा जलेबी जैसे पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। वहीं सांस्कृतिक संध्या में सु मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 100 से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नृत्य नाटिका 'अमृतस्य मध्यप्रदेश' ने भीमबेटका, खजुराहो, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और मां नर्मदा की आरती से होते हुए सिंहस्थ कुंभ 2028 के आध्यात्मिक वैभव को जीवंत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। 

    वैश्विक टूर ऑपरेटर्स और ग्रामीण होमस्टे संचालकों ने साझा किए अपने सकारात्मक अनुभव

    केन्या के आर-12 अफ्रीका के निदेशक  रिजवान मावजी और ऑस्ट्रेलिया के  नवनीत मित्तल ने मार्ट को वैश्विक नेटवर्किंग का शानदार मंच बताया। इंदौर के कालाकुंड से  सूरज यादव, बांधवगढ़ के खितौली से  कपिल गुप्ता और डिंडौरी से जनजातीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले  जैनली समराम जैसे होमस्टे संचालकों ने कहा कि इस आयोजन ने उनके स्थानीय आतिथ्य को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति दी है। 

    मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 की अन्य मुख्य उपलब्धियाँ

    मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में में वन्य जीव एवं सतत पर्यटन, एडवेंचर टूरिज्म, माइस और क्रिएटिव इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में नीति, अधोसंरचना, सुरक्षा मानकों, स्थानीय समुदायों के प्रशिक्षण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर विचार-विमर्श हुआ। डिजिटल पर्यटन टूल्स, फैम टूर्स, मीडिया एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की सहभागिता और सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार के साथ आयोजित इन्फ्लुएंसर्स मीट के माध्यम से प्रदेश के पर्यटन स्थलों की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दृश्यता बढ़ाने पर जोर दिया गया। वहीं, इको विलेज और आर्टिजन पवेलियन में ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय हस्तशिल्प और सतत पर्यटन को प्रदर्शित किया गया।

    पिछले 10 वर्षों में 3,963 करोड़ रूपये का निजी निवेश और 2027 तक 15 नए फाइव-स्टार होटल्स का विजन

    प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों में 91 शासकीय भूमि खंड और 12 हेरिटेज संपत्तियां लीज पर देकर 3,963 करोड़ रूपये का निजी निवेश आकर्षित किया गया, जिससे 9,608 नए कमरे जुड़े और 38,432 रोजगार सृजित हुए। वर्तमान में प्रदेश में 18 फाइव-स्टार होटल संचालित हैं तथा वर्ष 2027 तक 15 और नए फाइव-स्टार होटल विकसित करने की योजना है। आयोजन के अंतिम दिन आम नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए प्रदर्शनी के द्वार खोले गए, जिसने जन-जागरूकता के साथ इस ऐतिहासिक सातवें संस्करण को पूर्णता प्रदान की।

     

  • बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही योगी सरकार, नगर विकास मंत्री ने फैजुल्लागंज-दाउदनगर में किया निरीक्षण

    बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही योगी सरकार, नगर विकास मंत्री ने फैजुल्लागंज-दाउदनगर में किया निरीक्षण

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर सक्रिय है। इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने लखनऊ के बाढ़ प्रभावित फैजुल्लागंज-दाउदनगर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री वितरित की। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

    निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और दैनिक जरूरतों की वस्तुओं की उपलब्धता में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा स्थानीय निवासियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।

    राहत शिविरों में सुविधाओं का लिया जायजा

    मंत्री ए.के. शर्मा ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं और चिकित्सा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग की टीम और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में जरूरी दवाइयां, पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहें। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने तथा जलभराव के कारण फैलने वाली बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने पर भी जोर दिया।

    प्रभावित परिवारों की सहायता सर्वोच्च प्राथमिकता

    नगर विकास मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रभावित लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप राहत सामग्री एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी क्षेत्र में सक्रिय रहकर स्थिति की निरंतर निगरानी करें और लोगों को राहत पहुंचाने के कार्यों में तत्परता बरतें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मंत्री ए.के. शर्मा ने राहत सामग्री वितरित की। राहत सामग्री मिलने पर स्थानीय निवासियों ने उनका आभार व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

  • बलरामपुर में 803 करोड़ से विकास का नया अध्याय, गांवों से शहर तक बदलेगी तस्वीर

    बलरामपुर में 803 करोड़ से विकास का नया अध्याय, गांवों से शहर तक बदलेगी तस्वीर

    बलरामपुर।

    विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलरामपुर को 803.19 करोड़ रुपये की 78 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। श्रावस्ती और गोंडा लोकसभा क्षेत्रों में फैले जनपद में 273.42 करोड़ की 30 परियोजनाओं का लोकार्पण और 529.77 करोड़ की 48 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ। गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने, रेलवे फाटक के जाम से निजात दिलाने और शहर में पेयजल व सीवरेज व्यवस्था सुधारने पर जोर रहा। सड़क, पुल-पुलिया, सिंचाई और शिक्षा से जुड़े इन कार्यों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। चुनावी सरगर्मी बढ़ने से पहले विकास परियोजनाओं की यह सौगात राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
     
    292 करोड़ के ओवरब्रिज से मिलेगी जाम से राहत

    राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर गोंडा-बलरामपुर रेलखंड के बलरामपुर और झारखंडी स्टेशनों के बीच समपार संख्या-136 पर 292 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से दो लेन का रेलवे ओवरब्रिज बनेगा। इससे रेलवे फाटक बंद होने पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। बलरामपुर से श्रावस्ती और बहराइच की ओर जाने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों का आवागमन सुगम होगा।
     
    गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ेंगे संपर्क मार्ग

    अहिरनडीह, प्रतापपुरवा-सेमरहना और रमवापुर-गुलरालीडीह संपर्क मार्गों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण से गांवों का मुख्य सड़कों से संपर्क बेहतर होगा। कुआनो नदी पर चोरघटा क्षेत्र में आरसीसी बॉक्स कल्वर्ट और कटरा सोनार जिला मार्ग पर गोपियापुर नाले के पास लघु सेतु व पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। इससे बरसात में आवागमन की बाधाएं कम होंगी। किसानों को उपज बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत मिलेगी। उतरौला-चंदनपुर मार्ग के शेष हिस्से के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर 75 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।
     
    176 करोड़ से मजबूत होंगी शहरी सुविधाएं

    बलरामपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में 123 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार सीवरेज सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के प्रथम चरण का लोकार्पण हुआ। इससे गंदे पानी के निस्तारण और शोधन की व्यवस्था बेहतर होगी। साथ ही 53 करोड़ रुपये से अधिक की पेयजल पुनर्गठन योजना भी जनता को समर्पित की गई। इससे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी।
     
    विश्वविद्यालय तक फोरलेन सड़क, शिक्षा सुविधाओं का विस्तार

    मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय तक 26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी फोरलेन सड़क का लोकार्पण किया गया। जिले में 24 करोड़ रुपये से अधिक से नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय का भवन बनेगा। जिला ग्राम्य विकास संस्थान के आवासीय और अनावासीय भवनों पर लगभग 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पुलिस लाइन में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार जी+8 ट्रांजिट हॉस्टल भी समर्पित किया गया।
     
    सिंचाई और बाढ़ से बचाव के कार्यों पर जोर

    नहरों और जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं से सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी। राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदियों के किनारे बाढ़ से बचाव के कार्य भी कराए गए हैं। नदी कटान से प्रभावित 72 परिवारों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 'मां पाटेश्वरी विला' का निर्माण हुआ है। कुल 78 परियोजनाओं में सर्वाधिक 39 लोक निर्माण विभाग और 23 सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की हैं। नगर विकास विभाग की पांच, गृह विभाग की तीन और बेसिक शिक्षा विभाग की तीन परियोजनाएं शामिल हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की दो तथा माध्यमिक शिक्षा, पर्यटन और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की एक-एक परियोजना है।

  • पर्यटन स्थलों के संयुक्त प्रचार-प्रसार, आपसी समन्वय और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने की संभावनाओं पर हुआ विचार-विमर्श

    पर्यटन स्थलों के संयुक्त प्रचार-प्रसार, आपसी समन्वय और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने की संभावनाओं पर हुआ विचार-विमर्श

    रायपुर

     देश के पर्यटन मानचित्र पर छत्तीसगढ़ को एक आकर्षक और विशिष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड लगातार  पहल कर रहा है। इसी कड़ी में 7 से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने सहभागिता करते हुए राज्य की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, जनजातीय परंपराओं और पर्यटन की विविध संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से प्रस्तुत किया। इस आयोजन ने छत्तीसगढ़ पर्यटन के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों, टूर ऑपरेटरों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के बीच संवाद एवं सहयोग को नई दिशा प्रदान की।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का विशेष जोर पर्यटन अधोसंरचना के विकास, पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय संस्कृति एवं विरासत के संरक्षण तथा पर्यटन के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने पर है। मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की सहभागिता इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही।

    विभिन्न राज्यों के पर्यटन अधिकारियों से संवाद, सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा

    मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष  नीलू शर्मा एवं प्रबंध संचालक  सौमिल रंजन चौबे की विशेष उपस्थिति रही। आयोजन के दौरान प्रबंध संचालक  चौबे ने मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के सचिव  इलैयाराजा सहित मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों के पर्यटन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों तथा प्रबंध संचालकों से मुलाकात की।

    इन बैठकों में पर्यटन क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग बढ़ाने, विभिन्न राज्यों के प्रमुख पर्यटन स्थलों के संयुक्त प्रचार-प्रसार, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा अंतर्राज्यीय पर्यटन को प्रोत्साहित करने की संभावनाओं पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।

    चर्चा के दौरान इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया कि विभिन्न राज्यों के बीच पर्यटन संबंधों को मजबूत बनाकर पर्यटकों को विविध पर्यटन अनुभवों से परिचित कराया जा सकता है। इससे पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था, होटल व्यवसाय, परिवहन, हस्तशिल्प और पर्यटन से जुड़े अन्य सेवा क्षेत्रों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

    चित्रकोट से सिरपुर और बस्तर से सरगुजा तक पर्यटन की विविधता को मिली पहचान

    मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट के माध्यम से देशभर से आए टूर ऑपरेटरों और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ की विविध पर्यटन विशेषताओं से परिचित कराने का अवसर मिला। राज्य के विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों, भोरमदेव मंदिर, मैनपाट के प्राकृतिक सौंदर्य तथा बस्तर की विशिष्ट जनजातीय संस्कृति जैसे पर्यटन आकर्षण छत्तीसगढ़ को अन्य राज्यों से अलग पहचान प्रदान करते हैं।

    छत्तीसगढ़ में प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, आध्यात्मिकता और रोमांच का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यहां के घने वन, जलप्रपात, पर्वतीय क्षेत्र, वन्यजीव अभ्यारण्य, प्राचीन मंदिर, पारंपरिक लोककलाएं, हस्तशिल्प और जनजातीय जीवनशैली पर्यटकों को विविध अनुभव प्रदान करते हैं। राज्य में इको टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म के विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

    छत्तीसगढ़ आने का दिया आमंत्रण, पर्यटन स्थलों के प्रत्यक्ष अनुभव पर जोर

    ट्रैवल मार्ट के दौरान छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक  सौमिल रंजन चौबे ने विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ भ्रमण के लिए आमंत्रित किया।

    इस आमंत्रण का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों को छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों और वन्यजीव पर्यटन की संभावनाओं से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है। ऐसे भ्रमण से राज्य के पर्यटन स्थलों की विशेषताओं को बेहतर ढंग से समझने तथा उन्हें विभिन्न पर्यटन पैकेजों और यात्रा कार्यक्रमों में शामिल करने की संभावनाओं को बल मिलेगा।

    इसके साथ ही अन्य राज्यों के टूर ऑपरेटरों और पर्यटन व्यवसायियों के साथ संपर्क बढ़ने से छत्तीसगढ़ के अपेक्षाकृत कम चर्चित किंतु अत्यंत आकर्षक पर्यटन स्थलों को भी व्यापक पहचान दिलाने में सहायता मिल सकती है।

    अंतरराज्यीय पर्यटन सर्किट और नए पर्यटन बाजारों की संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा

    छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति इसे मध्य भारत के प्रमुख पर्यटन केंद्रों से जोड़ने की महत्वपूर्ण संभावनाएं प्रदान करती है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा अन्य राज्यों के साथ पर्यटन क्षेत्र में समन्वय बढ़ने से भविष्य में संयुक्त पर्यटन सर्किट, थीम आधारित यात्रा कार्यक्रम और बहुराज्यीय पर्यटन पैकेज विकसित करने की संभावनाओं को प्रोत्साहन मिल सकता है।

    विशेष रूप से धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक एवं वन्यजीव पर्यटन के क्षेत्रों में विभिन्न राज्यों के बीच सहयोग से पर्यटकों को एक ही यात्रा में विविध अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जा सकती है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच बढ़ाने तथा राज्य को घरेलू पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित करने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

    पर्यटन के माध्यम से स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर जोर

    छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन को केवल भ्रमण और मनोरंजन तक सीमित न रखते हुए स्थानीय विकास, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक संरक्षण के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं, गाइडों, होटल एवं होमस्टे संचालकों, परिवहन व्यवसायियों, हस्तशिल्पियों और ग्रामीण समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

    राज्य में ग्रामीण एवं जनजातीय पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय समुदायों को पर्यटन विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे एक ओर पर्यटकों को छत्तीसगढ़ की मौलिक संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली का अनुभव मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय कला, शिल्प, खानपान और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को प्रोत्साहन मिलेगा।

    राष्ट्रीय पर्यटन मंचों पर लगातार मजबूत हो रही छत्तीसगढ़ की उपस्थिति

    छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित ट्रैवल मार्ट, पर्यटन प्रदर्शनियों, रोड शो और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े आयोजनों में निरंतर सहभागिता की जा रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य राज्य के पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान दिलाना, देशभर के टूर ऑपरेटरों के साथ व्यावसायिक संबंध विकसित करना और छत्तीसगढ़ को पर्यटकों के लिए एक प्रमुख पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

    मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट में सहभागिता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। आयोजन के दौरान विभिन्न राज्यों के पर्यटन अधिकारियों के साथ हुए संवाद से भविष्य में पारस्परिक सहयोग, पर्यटन विपणन और नए पर्यटन अवसरों की संभावनाओं को बल मिला है।

    छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक गौरव और अनूठी पर्यटन विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध है। मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट जैसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन छत्तीसगढ़ की पर्यटन पहचान को सशक्त बनाने, नए पर्यटन बाजारों तक पहुंच बढ़ाने और राज्य में पर्यटन आधारित समावेशी विकास की संभावनाओं को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।