Author: NewseDay

  • Navratri 2026 Day 1: मां शैलपुत्री की आराधना से मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद, जानें मंत्र और भोग

    Navratri 2026 Day 1: मां शैलपुत्री की आराधना से मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद, जानें मंत्र और भोग

    Navratri 1st Day Maa Shailputri ; शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के साथ मनाया जाता है. नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधि-विधान से माता की उपासना करने से भक्तों को सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद मिलता है. इस दौरान देवी को प्रिय वस्तुओं का भोग लगाने और श्रद्धापूर्वक पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है. उज्जैन के आचार्य पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन कुछ खास बातों का ध्यान रखकर माता की आराधना की जा सकती है.

     आज  से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि
    वैदिक पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होती है. वर्ष 2026 में प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9 बजकर 18 मिनट से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 9 बजकर 31 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि के आधार पर नवरात्रि का पहला दिन 11 अक्टूबर को मनाया जाएगा. इसी दिन घट स्थापना के साथ मां दुर्गा के नौ दिवसीय पर्व की शुरुआत होगी.

    मां शैलपुत्री की पूजा का क्या है महत्व?
    नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता ने पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया था, इसलिए उनका नाम शैलपुत्री पड़ा. देवी के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल सुशोभित है. उनका वाहन वृषभ यानी बैल है. मां शैलपुत्री को शक्ति, स्थिरता और प्रकृति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि उनकी पूजा करने से चंद्रमा से जुड़े अशुभ प्रभावों को शांत करने में सहायता मिलती है.

    सफेद मिठाई और घी का लगाएं भोग
    आचार्य के अनुसार, मां शैलपुत्री को सफेद रंग प्रिय माना जाता है. ऐसे में नवरात्रि के पहले दिन उन्हें सफेद बर्फी, दूध से बनी मिठाई, रबड़ी, मावे के लड्डू या गाय के घी से तैयार हलवे का भोग अर्पित कर सकते है. पूजा के दौरान स्वच्छता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखें. भक्त अपनी सामर्थ्य के अनुसार माता को भोग लगाकर सुख-शांति और परिवार की खुशहाली की कामना कर सकते हैं.

    जरूर करें इन मंत्रों का जाप
    ऊं देवी शैलपुत्र्यै नमः।।
    या देवी सर्वभूतेषु शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:।।
    वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्।।

  • Shardiya Navratri 2026: अखंड ज्योति जलाते समय न करें ये गलतियां, जानें शुभ दिशा और जरूरी सावधानियां

    Shardiya Navratri 2026: अखंड ज्योति जलाते समय न करें ये गलतियां, जानें शुभ दिशा और जरूरी सावधानियां

    Shardiya Navratri Akhand Jyoti Niyam: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है. यह पर्व मां दुर्गा को समर्पित है, जो पूरे नौ दिनों तक चलता है.  इस दौरान मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के साथ अखंड ज्योति जलाने की भी परंपरा है. कई भक्त नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योति जलाते हैं. मान्यता है कि नौ दिनों तक लगातार जलने वाली ज्योति मां दुर्गा के प्रति आस्था और भक्ति का प्रतीक है. हालांकि, अखंड ज्योति जलाने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए.

    अखंड ज्योति जलाने के लिए सही दीपक, बत्ती और घी या तेल का इस्तेमाल करना जरूरी है. साथ ही, इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि दीपक में घी या तेल कम न हो और उसकी लौ लगातार जलती रहे. तो आइए जानते हैं नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने का सही तरीका क्या है. साथ ही जानिए इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

    अखंड ज्योति जलाने की शुभ दिशा
    वास्तु के अनुसार, नवरात्रि में अखंड ज्योति रखने के लिए घर की दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण को शुभ माना जाता है. इस दिशा का संबंध अग्नि तत्व से है. पूजा घर में जगह हो, तो यहां दीपक रख सकते हैं. ध्यान रखें कि ज्योति ऐसी जगह हो, जहां उसकी देखभाल आसानी से हो सके और आग लगने का खतरा भी न रहे.

    नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने की सही विधि
    नवरात्रि के पहले दिन सुबह स्नान करने के बाद पूजा घर की सफाई कर लें. इसके बाद मां दुर्गा की पूजा की तैयारी करें.  फिर अखंड ज्योति रखने के लिए साफ-सुथरा जगह चुनें. अब एक लकड़ी की चौकी पर साफ लाल कपड़ा बिछाकर उसके ऊपर दीपक रखें. दीपक ऐसी जगह रखें, जहां वह स्थिर रहे और आसानी से गिर न सके.

    अखंड ज्योति के लिए ऐसी बत्ती चुनें, जो लंबे समय तक जल सके.  आप गाय के घी का इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर घी उपलब्ध न हो तो तिल या सरसों के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.  इस बात का ध्यान रखें कि बत्ती को दीपक में ठीक तरह से लगाएं, ताकि लौ स्थिर बनी रहे.

    दीपक जलाने से पहले मां दुर्गा का ध्यान करें. नवरात्रि के नौ दिनों तक पूजा करने का संकल्प लें. मन में अपनी श्रद्धा और मनोकामना व्यक्त करते हुए देवी से पूजा पूरी करने की प्रार्थना करें. इसके बाद अखंड ज्योति प्रज्वलित करें. फिर दीपक के पास फूल और अक्षत अर्पित करें. इसके बाद मां दुर्गा की पूजा करें. साथ ही, आरती के साथ उनका स्मरण करें.

    अखंड ज्योति जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
    अगर आपने नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलाने का संकल्प लिया है, तो इसकी देखभाल के लिए पहले से इंतजाम कर लें. घर में कोई न कोई व्यक्ति इसकी निगरानी  जरूर करें. जलते हुए दीपक को अकेला छोड़ने से आग लगने का खतरा हो सकता है.

    अखंड ज्योति को चौकी पर रखना शुभ माना जाता है. दीपक को हमेशा समतल और सुरक्षित जगह पर रखें. इसके आसपास पर्दे, कागज या कपड़े जैसी चीजें न रखें. साथ ही, दीपक को बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें.

    दीपक में घी या तेल कम होने पर ज्योति बुझ सकती है. इसलिए समय-समय पर घी या तेल की मात्रा चेक करते रहें. इसे डालते समय सावधानी बरतें और दीपक को पूरा न भरें. साथ ही, बत्ती का आकार दीपक के हिसाब से रखें. इसके अलावा अखंड ज्योति से दूसरा दीपक जलाने और बार-बार उसकी बत्ती बदलने से बचना चाहिए.

    अखंड ज्योति का धार्मिक महत्व
    हिंदू धर्म में दीपक को रोशनी, आस्था और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाकर भक्त मां दुर्गा की पूजा करते हैं और नौ दिनों तक उनकी आराधना करते हैं. मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है.

  • Rashifal 11 October 2026: रविवार का दिन इन राशियों के लिए रहेगा खास, नौकरी और कारोबार में मिल सकती है सफलता

    Rashifal 11 October 2026: रविवार का दिन इन राशियों के लिए रहेगा खास, नौकरी और कारोबार में मिल सकती है सफलता

    मेष

    आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। माता का साथ मिलेगा। किसी मित्र के सहयोग से धन प्राप्ति हो सकती है। भवन या जमीन जायदाद के सुख में वृद्धि होगी। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। आय में वृद्धि होगी।
    वृषभ

    आज आपको निवेश से बचना चाहिए, वरना नुकसान हो सकता है। सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी। अपनों का साथ मिलेगा। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात के संकेत हैं। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहेगा। यात्रा फलदायी रहेगी। व्यापार में उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे। परिवार में खुशियों का आगमन होगा।
    मिथुन

    आज आपका आर्थिक बोझ बढ़ेगा। अगर आप ग्रुप एक्टिविटी में शामिल होंगे तो आप नए दोस्त बनाएंगे। आपके आस-पास के लोग कुछ ऐसा कर सकते हैं जिसके कारण आपका जीवनसाथी एक बार फिर आपके प्यार में पड़ जाएगा। कार्यों को सफलतापूर्वक करने में सफल रहेंगे। धर्म-कर्म में हिस्सा लेंगे। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहने वाली है।
    कर्क

    आज आपको किसी पुरानी बीमारी से राहत मिल सकती है। जिन लोगों ने किसी अनजान व्यक्ति की सलाह पर अपना पैसा निवेश किया था उन्हें आज लाभ मिलने की प्रबल संभावना है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले जातकों को शुभ समाचार मिल सकता है। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात होने से आपका दिन बनेगा।
    सिंह

    आज का दिन आपके लिए खुशी व आनंद से भरा रहने वाला है। कार्यस्थल पर आपके पिता की कोई सलाह फायदेमंद साबित हो सकती है। आप काम से समय निकालकर दोस्तों के साथ घूमने का प्लान बना सकते हैं। किसी को प्यार में सफल होने की कल्पना करने में मदद करें। आज आपका खाली समय किसी बेकार के काम की वजह से बर्बाद होगा। आज आप अपने जीवनसाथी के प्यार की गर्माहट महसूस करेंगे।
    कन्या

    आज फिट रहने के लिए दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करें। अगर आप पैसों से जुड़े किसी मामले में फंसे थे तो आज कोर्ट आपके पक्ष में फैसला सुनाएगा। आपको आर्थिक लाभ होगा। प्रेमी-प्रेमिका के बीच अनबन हो सकती है। विवाहित जातकों को जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। नौकरी में बदलाव के नए अवसरों की प्राप्ति होगी।
    तुला

    आज मानसिक परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए योग व ध्यान का सहारा लें। लंबी दूरी की यात्रा संभव है। किसी इवेंट या फंक्शन में शामिल होने का मौका मिल सकता है। अगर आप आज का काम कल के लिए टाल रहे हैं तो आपको प्रतिकूल परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। आर्थिक रूप से दिन ठीक ठाक रहने वाला है। व्यापारियों को पार्टनरशिप के नए मौके मिलेंगे।
    वृश्चिक

    सेहत पर आज नजर रखने की जरूरत है। आर्थिक स्थिति में सुधार निश्चित है। आज का दिन आपके परिवार में खुशियों की सौगात ला सकता है। यह आपके रिश्ते को सुधारने की बजाय बिगाड़ भी सकता है। जीवनसाथी के साथ दिन अच्छा बीतेगा। कार्यस्थल पर आपको सीनियर्स का साथ मिलेगा।
    धनु

    आज आपका आत्मविश्वास व एनर्जी बढ़ी हुई रहेगी। एनर्जी बढ़ने से कार्यों में गति आएगी। जिन लोगों ने किसी से पैसा उधार लिया है उन्हें किसी भी परिस्थिति में उधार चुकाना पड़ सकता है। आज रोमांस की कोई उम्मीद नहीं है। आपका जीवनसाथी आज कठिन परिस्थितियों में आपका साथ देगा। व्यापारिक रूप से दिन सामान्य रहने वाला है।
    मकर

    आज आपको मानसिक तनाव से राहत मिलेगी। अपने भविष्य को समृद्ध बनाने के लिए आपने अतीत में जो भी पैसा निवेश किया था, उसका आज फल मिलेगा। आपके व्यक्तिगत मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण विकास होगा- जो आपके और आपके पूरे परिवार के लिए खुशी लाएगा। आप लंबे समय के बाद दोस्तों के साथ मौज-मस्ती कर सकते हैं, लेकिन अपने स्वास्थ्य को इग्नोर नहीं करें।
    कुंभ

    आज आपको घरेलू परेशानियां घेर सकती हैं लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं है आप इनका हल निकाल लेंगे। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। दोस्तों व रिश्तेदारों का साथ मिलने से किसी काम में सफलता मिल सकती है। आपका जीवनसाथी दूसरों के प्रतिकूल प्रभाव में आ सकता है और आपसे झगड़ सकता है। व्यापारिक उन्नति के संकेत हैं।
    मीन

    आज खर्चों में वृद्धि हो सकती है। परिवार के बड़े-बुजुर्ग धन से जुड़ी कीमती सलाह दे सकते हैं। लव लाइफ के लिहाज से दिन अच्छा रहने वाला है। ज्यादा खाली समय होने से आज नकारात्मक विचार आपको परेशान कर सकते हैं। कार्यस्थल पर आपको उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक रूप से दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है।

  • सौ रुपए की बचत से लिखी सफलता की इबारत

    सौ रुपए की बचत से लिखी सफलता की इबारत

    कभी परिवार की सीमित आमदनी और तंगहाली के बीच घर का खर्च चलाना और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना मती अहिल्या निषाद के लिए एक बड़ी चुनौती थी। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम बिलाईगढ़ (अ) की रहने वाली अहिल्या का जीवन सामान्य गृहिणियों की तरह ही आर्थिक संघर्षों से घिरा हुआ था। लेकिन कहते हैं कि मजबूत इरादे और सही दिशा में उठाया गया एक छोटा कदम भी तकदीर बदल सकता है।     

    अहिल्या की यह प्रेरक कहानी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान योजना) और उनकी खुद की कड़ी मेहनत का एक बेहतरीन उदाहरण है।

    ​बिहान योजना और लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बदली तकदीर

    अहिल्या निषाद के जीवन में वास्तविक बदलाव 15 मार्च 2018 को आया, जब वे बिहान योजना के अंतर्गत लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। इस जुड़ाव के साथ ही उन्होंने अपनी आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए हर महीने मात्र 100 रुपए की बचत करने की शुरुआत की।
           ​समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल वित्तीय अनुशासन का पाठ मिला, बल्कि आगे बढ़ने का एक नया मंच भी प्राप्त हुआ। समूह की मदद से उन्होंने बैंक से 1 लाख रुपए का ऋण प्राप्त किया और अपने गांव की मुख्य सड़क पर 'निषाद होटल' के नाम से नाश्ते की दुकान की शुरुआत की।

    ​आत्मनिर्भरता की नई उड़ान: 'लखपति दीदी' तक का सफर

    पति  किर्तीलाल निषाद के सहयोग और अपनी अटूट मेहनत के बल पर अहिल्या का यह व्यवसाय धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने लगा। आज स्थिति यह है कि उनके होटल से प्रतिदिन लगभग 500 से 800 रुपए की आमदनी हो रही है, जिससे उनकी मासिक आय 15,000 से 24,000 रुपए तक पहुंच चुकी है।
     ​इस नियमित आय ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य और बेहतर शिक्षा की राह को भी आसान बना दिया है। आज वे क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं और गर्व से 'लखपति दीदी' के रूप में पहचानी जाती हैं।मती अहिल्या निषाद कहती है कि ​मैं बिहान योजना को दिल से धन्यवाद देती हूं, जिसकी बदौलत आज मैं आत्मनिर्भर बन पाई हूं और अपने परिवार को एक बेहतर जीवन दे रही हूं।

    यह कहानी राज्य स्तर पर ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, महिला स्व-सहायता समूहों की ताकत और 'बिहान' योजना के जरिए आजीविका संवर्धन की सफलता का एक जीवंत प्रमाण है।

     

  • स्वास्थ्य सेवाओं का नया आयाम: सारंगढ़ की ‘अटल आरोग्य लैब’ बनी मरीजों का सहारा

    स्वास्थ्य सेवाओं का नया आयाम: सारंगढ़ की ‘अटल आरोग्य लैब’ बनी मरीजों का सहारा

    ​रायपुर

    छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी स्वास्थ्य नीतियों और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य के शासकीय अस्पतालों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल की पहल से आम नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के जिला चिकित्सालय में संचालित 'अटल आरोग्य लैब' आम जनता और विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस लैब ने महज चार महीनों के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए 23 हजार से अधिक मरीजों की विभिन्न प्रकार की 86 हजार 975 पैथोलॉजी जांचें पूरी तरह निःशुल्क की हैं।

     जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। जिला चिकित्सालय में यह लैब बेहतरीन सेवाएं दे रही है। अत्याधुनिक जांच मशीनों से सुसज्जित इस प्रयोगशाला में वर्तमान में 134 प्रकार की उच्चस्तरीय पैथोलॉजी जांच सुविधाएं एक ही छत के नीचे पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। पैथोलॉजिस्ट और प्रयोगशाला में कार्यरत चिकित्सा प्रयोगशाला तकनीशियनों व कर्मचारियों की समर्पित टीम की बदौलत ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को अब छोटी-छोटी जांचों के लिए अन्यत्र भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।
     ​इस व्यवस्था से मरीजों को निजी प्रयोगशालाओं में अपनी गाढ़ी कमाई खर्च करने से भारी राहत मिली है। चार माह की इस अल्पावधि में इतनी बड़ी संख्या में मरीजों की जांच होना इस बात का प्रमाण है कि जिला चिकित्सालय में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ बड़े पैमाने पर लोग उठा रहे हैं। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन का यह प्रयास ग्रामीण अंचल के जरूरतमंदों के लिए बेहद राहतकारी साबित हो रहा है।

     ​सिविल सर्जन ने नागरिकों से अपील की है कि आवश्यक जांच के लिए निजी प्रयोगशालाओं में अधिक राशि खर्च करने के बजाय जिला चिकित्सालय की इस निःशुल्क अटल आरोग्य लैब का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। साथ ही, मरीजों को और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस लैब में शीघ्र ही माइक्रोबायोलॉजी (सूक्ष्मजीव विज्ञान) जांच की सुविधा भी निःशुल्क प्रारंभ करने की तैयारी है, जिससे विभिन्न प्रकार के संक्रमण और जटिल बीमारियों की पहचान में और अधिक सहायता मिल सकेगी।

  • सरकार प्रदेश के प्रत्येक नगर और गांव के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध – मंत्री  टंक राम वर्मा

    सरकार प्रदेश के प्रत्येक नगर और गांव के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध – मंत्री टंक राम वर्मा

    रायपुर

    सरकार द्वारा प्रदेश के प्रत्येक नगर और गाँव के सर्वांगीण विकास तथा बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और ऐतिहासिक पहल की गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री  टंक राम वर्मा के विशेष प्रयासों से बलौदाबाजार विधानसभा को बुनियादी सुविधाओं, सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर तथा शैक्षणिक ढाँचे को नई मजबूती प्रदान करने के लिए लगभग पौने पांच करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी गई है। इस निर्णय से क्षेत्र के ग्रामीणों, व्यापारियों और विद्यार्थियों के बीच भारी उत्साह की लहर दौड़ गई है।
    ​
    2 करोड़ 15.24 लाख रूपए के 42 नए कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति

    ग्रामीण क्षेत्रों के चहुंमुखी विकास, शिक्षा के स्तर को सुधारने और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए पूरी सरकार तरह संकल्पित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन विकास कार्यों के धरातल पर उतरने से ग्रामीण अंचलों में नागरिकों को आधुनिक एवं बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में सुगमता होगी और विभिन्न सार्वजनिक आयोजनों व आवश्यकताओं के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार हो सकेगा।

    वर्ष 2026-27 के लिए बलौदाबाजार और सिमगा विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु 2 करोड़ 15 लाख 24 हजार रुपये की अनुमानित लागत से 42 नए विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम संस्कार और धार्मिक आयोजनों को सुगम बनाने के उद्देश्य से मुडियाडीह, झोंका, बिटकुली, खैरवारी, बुड़गहन, कसहीडीह, खैरवारडीह, करमनडीह, खैराटा, गोडखपरी, पौंसरी, भांठागांव, रसेड़ा, सोनपुर, चरौटी, अचानकपुर, ढाबाडीह और भालेसुर जैसे अनेक गांवों के मुक्तिधामों में शेड, अहाता तथा प्रतीक्षालय निर्माण के कार्य संपन्न कराए जाएंगे। इसके साथ ही, शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में बालिकाओं की स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए केशडबरी, हलवाई खपरी, चापा, पुरान, छुईहा, सेमराडीह, पारागांव, बिलाईडबरी, मोहभट्ठा, भैंसा, भोथाडीह, जागडा, सिकारी केशली और मगरवाय में बालिका शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। शिक्षा के ढांचे को और अधिक मजबूत करने की दिशा में सिमगा विकासखंड के ग्राम मानिपुर (आमाकोनी), नेवधा और टेकारी की शासकीय प्राथमिक शालाओं में दो-दो अतिरिक्त कक्षों का निर्माण भी इस स्वीकृति का प्रमुख हिस्सा है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ग्रामीण अंचलों में नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं देने और शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
    ​
    2.72 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की प्राविधिक स्वीकृति

    इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए तिल्दा-नेवरा विकासखंड के नगरीय व ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देने के लिए 2.72 करोड़ रुपए से अधिक के प्रमुख विकास कार्यों की प्राविधिक स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत क्षेत्र के यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय चौक से साहू भवन तक रोड एवं डिवाइडर निर्माण के लिए 101.68 लाख रुपए तथा मंगलम पेट्रोल पंप से पं. दीनदयाल उपाध्याय चौक होते हुए ओवर ब्रिज तक रोड एवं डिवाइडर निर्माण के लिए 95.79 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न ग्रामों के चौतरफा विकास के लिए ग्राम तरपोंगी के बाजार चौक में नाली निर्माण के लिए 10 लाख रुपए, ग्राम टंडवा, ग्राम नकटी-तुलसी के महामाया मंदिर तथा ग्राम तुलसी-नेवरा के बालाजी मंदिर तक सीसी रोड निर्माण के लिए विभिन्न स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं। शैक्षणिक और सामाजिक परिसरों के रखरखाव हेतु ग्राम मोहदी और ग्राम जोता की प्राथमिक शालाओं, ग्राम सरारीडीह के गौधाम तथा ग्राम तुलसी-मानपुर एवं खपरीकला व ग्राम सिरवे के पीएम  स्कूल में प्रार्थना शेड और अहाता निर्माण के कार्य भी शामिल हैं।

    ​गुणवत्ता और पारदर्शिता पर रहेगा विशेष ज़ोर

    राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की बात कहते हुए बताया कि ये सभी कार्य 'छत्तीसगढ़ वर्क्स डिपार्टमेंट मैनुअल' के नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएंगे। आधुनिक सड़कों और डिवाइडरों के निर्माण से जहां यातायात सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा, वहीं विद्यालयों में प्रार्थना शेड और बाउंड्री वॉल निर्माण से बच्चों को धूप और बारिश से सुरक्षा मिलेगी, जिससे उन्हें एक सुरक्षित व व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण प्राप्त हो सकेगा। शासन की इस सौगात के लिए बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के वासियों ने राज्य सरकार और मंत्री  टंक राम वर्मा का सहृदय आभार व्यक्त किया है।

  • ‘ऑरेंज ओकलीफ’ को छत्तीसगढ़ की पहली राजकीय तितली घोषित करने का प्रस्ताव आगे की कार्यवाही के लिए हुआ अनुमोदन

    ‘ऑरेंज ओकलीफ’ को छत्तीसगढ़ की पहली राजकीय तितली घोषित करने का प्रस्ताव आगे की कार्यवाही के लिए हुआ अनुमोदन

    रायपुर

     छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण और वनांचल के ग्रामीणों की सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। वन मंत्री  केदार कश्यप की अध्यक्षता में शनिवार को नवा रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की पहली बैठक हुई। इसमें अंबिकापुर के संजय पार्क में आधुनिक वन्यजीव ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दी गई। साथ ही संरक्षित वन क्षेत्रों की 18 ग्रामीण सड़कों के उन्नयन संबंधी प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने की अनुशंसा की गई।

    वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण के साथ वनांचल के ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम, घायल वन्यप्राणियों के त्वरित उपचार और वन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। 

    अंबिकापुर में प्रस्तावित उपचार केंद्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष और दुर्घटनाओं में घायल वन्यप्राणियों के त्वरित बचाव, प्राथमिक उपचार और अल्पकालिक देखरेख की सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं, पीएम जनमन योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत भोरमदेव अभयारण्य की 3, इंद्रावती टाइगर रिजर्व की 14 और जशपुर के बादलखोल अभयारण्य की एक सड़क के उन्नयन की अनुशंसा की गई। इन सड़कों के उन्नयन से बैगा सहित अन्य विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदायों की बस्तियों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच बेहतर हो सकेगी।

    बैठक में जनभागीदारी के आधार पर चयनित ‘ऑरेंज ओकलीफ’ को छत्तीसगढ़ की पहली राजकीय तितली घोषित करने के प्रस्ताव का परीक्षण पूर्ण कर आगे की कार्यवाही करने की मंजूरी दी गई। बारनवापारा अभयारण्य में काले हिरणों के सफल संरक्षण के बाद गोमर्डा अभयारण्य में 50 काले हिरणों के स्थानांतरण को भी स्वीकृति दी गई। 

    समिति ने हाथियों एवं अन्य वन्यजीवों से फसल क्षति के मुआवजे की दरों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जिलावार एवं फसलवार बीमित राशि के आधार पर अद्यतन करने के प्रस्ताव पर आगे विचार करने का निर्णय लिया। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में कच्चे मकानों को पक्का करने के लिए विशेष मुख्यमंत्री आवास योजना के प्रस्ताव को उच्चस्तरीय बैठक में विचारार्थ रखने के निर्देश दिए गए।

    बैठक में विधायक  धर्मजीत सिंह,  गोमती साय और  चैतराम अटामी, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव  अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक  ओ.पी. यादव सहित समिति के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • फिल्म में है बाघों की दुनिया के लिये वनकर्मियों के समर्पण की कहानी

    फिल्म में है बाघों की दुनिया के लिये वनकर्मियों के समर्पण की कहानी

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन्य प्राणी सप्ताह के समापन अवसर पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, मोहली में वन और वन्य प्राणी संरक्षण के लिये वन कर्मियों के समर्पण को प्रदर्शित करती लघु फिल्म ‘ए डे इन द लैंड ऑफ टाइगर्स’ को रिलीज किया। बांधवगढ़ के घने वन, बाघों की स्वच्छंद गतिविधियां और अनूठा प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, लेकिन प्रकृति की इस संपदा को सुरक्षित रखने के लिए जो वनकर्मी कठिन परिस्थितियों में दिन-रात काम करते हैं, उनकी कहानियां अक्सर अनकही रह जाती हैं। इन्हीं पहलुओं को लघु फिल्म ‘ए डे इन द लैंड ऑफ टाइगर्स’ में दर्शाया गया है। समारोह में फिल्म का एक अंश भी प्रदर्शित किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास वन्य जीव संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वन और वन्य जीव केवल प्राकृतिक संपदा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य विरासत हैं। इनके संरक्षण के लिए समाज की भागीदारी और जागरूकता आवश्यक है।

    नियमित गश्त, संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा, वन्य जीवों के स्वास्थ्य की देखभाल और मानव-वन्य जीव संघर्ष की आशंकाओं पर नजर रखना भी इसकी अहम जिम्मेदारियां हैं। फिल्म वनों के इसी पक्ष से दर्शकों को परिचित कराएगी, जिसे सामान्य पर्यटक अक्सर नहीं देख पाते। लगभग 13 मिनट 13 सेकंड की यह फिल्म बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक सौंदर्य, गौरवशाली इतिहास, समृद्ध जैव विविधता और बाघों के जीवन के साथ वन्य जीव संरक्षण में जुटे वन अमले की भूमिका को दर्शाती है। बांधवगढ़ जैसे बाघ बहुल क्षेत्र में संरक्षण केवल वन्य जीवों की निगरानी तक सीमित नहीं है।

    संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास

    ‘ए डे इन द लैंड ऑफ टाइगर्स’ का निर्माण ‘उड़न गिलहरी’ कंपनी ने किया है। फिल्म निर्माण में  ओजैर और  अमन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। फिल्म से बांधवगढ़ की खूबसूरती के साथ उन वनकर्मियों और मैदानी कार्यकर्ताओं के समर्पण को भी पहचान मिलेगी, जो कठिन परिस्थितियों में इस प्राकृतिक धरोहर की रक्षा कर रहे हैं।

    228 अधिकारी-कर्मचारी संभाल रहे वन सुरक्षा की जिम्मेदारी

    उमरिया जिला स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण और प्रबंधन के लिए 228 अधिकारी-कर्मचारी दिन-रात तैनात हैं। इनमें क्षेत्र संचालक, उप संचालक, 5 सहायक वन संरक्षक, एक वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी, 10 वन क्षेत्रपाल, 11 उप वन क्षेत्रपाल, 31 वनपाल और 155 वनरक्षक सहित हाथी, महावत दल एवं वाहन चालक शामिल हैं।

    इनके साथ 101 स्थाईकर्मी, 37 टीपीएफ जवान और 583 ईडीसी श्रमिक भी वन सुरक्षा एवं संरक्षण कार्यों में योगदान दे रहे हैं। दुर्गम वन क्षेत्रों में गश्त, वन्यजीवों की निगरानी और आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई कर यह अमला बांधवगढ़ की प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में जुटा है। संरक्षण व्यवस्था के सुचारु संचालन में क्षेत्र संचालक कार्यालय की टीम भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यहां 32 कर्मचारी प्रशासनिक, वित्तीय, अभिलेखीय और तकनीकी कार्यों के माध्यम से मैदानी अमले को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराते हैं।

     

  • बिलासपुर और भिलाई में 1 नवम्बर तक 20-20 बसें शुरू करने का लक्ष्य

    बिलासपुर और भिलाई में 1 नवम्बर तक 20-20 बसें शुरू करने का लक्ष्य

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के चार बड़े शहरों में 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए 11 अक्टूबर को कंसेशन एग्रीमेंट किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव की मौजूदगी में रायपुर, बिलासपुर, भिलाई और कोरबा नगर निगम का चयनित एजेंसी चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के साथ कंसेशन एग्रीमेंट होगा। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत होने वाले इस समझौते से चारों शहरों में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने का रास्ता साफ होगा। 

    उप मुख्यमंत्री  अरुण साव के नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित कंसेशन एग्रीमेंट कार्यक्रम में प्रदेश के आठ नगरीय निकायों के महापौर और आयुक्त शामिल होंगे। इनमें रायपुर की महापौर मती मीनल चौबे, बिलासपुर की महापौर मती पूजा विधानी, कोरबा की महापौर मती संजू देवी राजपूत, दुर्ग की महापौर मती अलका बाघमार, रिसाली की महापौर मती शशि सिन्हा, भिलाई के महापौर  नीरज पाल, बीरगांव के महापौर  नंदलाल देवांगन तथा भिलाई-चरोदा के महापौर  निर्मल कोसरे शामिल हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, संचालक  नीलेश क्षीरसागर और सूडा के सीईओ  सुमीत अग्रवाल भी इस दौरान मौजूद रहेंगे।

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के पहले चरण में प्रदेश के चार नगर निगमों में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना है। इनमें सबसे अधिक 100 बसें रायपुर में चलेंगी। दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर को 50-50 तथा कोरबा को 40 बसें मिलेंगी। बसों के संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बिलासपुर और भिलाई में 1 नवम्बर 2026 तक प्रतीकात्मक रूप से 20-20 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

    प्रमुख सचिव  बोरा ने बताया कि ई-बसों में यात्रियों की सुविधा के साथ सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। बसें आधुनिक और हाईटेक सुविधाओं से लैस होंगी। यात्रियों को मोबाइल स्कैनर के माध्यम से किराए का भुगतान करने और ऑनलाइन टिकट लेने की सुविधा मिलेगी। सुरक्षा के लिए प्रत्येक बस में छह कैमरे लगाए जाएंगे। यात्री मोबाइल एप से बसों के रूट की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।

     बोरा ने बताया कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना का उद्देश्य शहरी सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल बनाना है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने, वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी। इससे नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ शहरों की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के प्रयासों को भी गति मिलेगी।

     

  • मानव–वन्य प्राणी संघर्ष और फसल क्षति कम करने के लिए कृष्ण-मृग स्थानांतरण अभियान का दूसरा चरण हुआ प्रारंभ

    मानव–वन्य प्राणी संघर्ष और फसल क्षति कम करने के लिए कृष्ण-मृग स्थानांतरण अभियान का दूसरा चरण हुआ प्रारंभ

    भोपाल 

    शाजापुर–शुजालपुर क्षेत्र में कृष्ण-मृगों (ब्लैकबक) को पकड़ने और स्थानांतरित करने के अभियान का दूसरे चरण का शनिवार को प्रारंभ किया गया। अभियान के पहले दिन हन्नूखेड़ी में 97 कृष्णमृगों को सफलतापूर्वक पकड़ा गया। इन्हें अनुकूल वन क्षेत्र में स्थानांतरित करने के लिए कूनो राष्ट्रीय उद्यान रवाना किया गया। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में लंबे समय से फसलों को नुकसान पहुंचा रहे वन्य प्राणियों के कारण किसानों और ग्रामीणों को होने वाली परेशानियों को कम करना है।

    कृष्ण-मृगों को उनके अनुकूल वन क्षेत्रों में स्थानांतरित करने से मानव–वन्य प्राणी संघर्ष और फसल क्षति कम करने के साथ कृषि उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। दूसरे चरण में कुल 2 हजार कृष्ण-मृगों के स्थानांतरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल वन्य प्राणियों के संरक्षण और ग्रामीणों की आजीविका से जुड़ी चुनौतियों के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    विशेषज्ञों और वन अमले की संयुक्त भागीदारी

    अभियान में दक्षिण अफ्रीका की विशेषज्ञ संस्था ‘कंजर्वेशन सॉल्यूशंस’ का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। मालवा अंचल के साथ प्रदेश के अन्य जिलों से आए वन्यप्राणी चिकित्सक, वन अधिकारी और प्रशिक्षित मैदानी कर्मचारी भी इसमें भागीदारी कर रहे हैं।

    कृष्ण-मृगों को पकड़ने, उनकी देखभाल करने और सुरक्षित परिवहन के दौरान निर्धारित स्थानांतरण प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है, ताकि वन्य प्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    पहले चरण में 913 वन्यप्राणियों का हुआ था स्थानांतरण

    कृष्ण-मृग स्थानांतरण अभियान का पहला चरण पिछले वर्ष संचालित किया गया था। इस दौरान 846 कृष्ण-मृग और 67 नीलगाय सहित कुल 913 वन्य प्राणियों को पकड़ा गया था। पहले चरण से प्राप्त अनुभवों के आधार पर दूसरे चरण को बेहतर समन्वय के साथ संचालित किया जा रहा है।

    किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए जनसहयोग की अपील

    अभियान में जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है। वन विभाग ने वन्य प्राणी संरक्षण और किसानों की फसलों की सुरक्षा के इस प्रयास को सफल बनाने के लिए आमजन से निरंतर सहयोग की अपील की है