Author: NewseDay

  • Teacher Recruitment Exam Postponed: हाईकोर्ट के निर्देश पर परीक्षा स्थगित, आरक्षित वर्गों को अवसर मिलने के बाद ही अगला फैसला

    Teacher Recruitment Exam Postponed: हाईकोर्ट के निर्देश पर परीक्षा स्थगित, आरक्षित वर्गों को अवसर मिलने के बाद ही अगला फैसला

     बिलासपुर
     छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शिक्षक और सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा पर रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस कृष्णराम महापात्र की डिवीजन बेंच ने भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग आरक्षण व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका पर यह आदेश दिया।इसके बाद छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल ने शुक्रवार को हाई कोर्ट के आदेश के बाद परीक्षा स्थगित कर दी। बता दें कि भर्ती परीक्षा में पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया था।

    उल्लेखनीय है कि सहायक शिक्षक भर्ती के कुल 2,292 पदों के लिए लिखित परीक्षा 11 अक्टूबर को प्रस्तावित थी। वहीं शिक्षक भर्ती के 1,654 पदों में के लिए लिखित परीक्षा 25 अक्टूबर को होनी थी।याचिकाकर्ताओं का कहना है कि भर्ती में पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आरक्षण नहीं मिला। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर इस पर जवाब मांगा है।

    हालांकि, समाज कल्याण विभाग ने 11 सितंबर 2026 को संशोधित अधिसूचना जारी कर सहायक शिक्षक पद के लिए पूर्ण दृष्टिबाधित (बी) श्रेणी को शामिल किया।हालांकि, अधिसूचना जारी होने से पहले आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। इसलिए इस श्रेणी को वर्तमान भर्ती में शामिल करना कानूनी रूप से संभव नहीं था।

    संशोधित विज्ञापन जारी कर सकती है सरकार
    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने बताया कि संशोधन केवल सहायक शिक्षक भर्ती के लिए जारी किया गया है, शिक्षक भर्ती के लिए नहीं। परीक्षा की तारीखें नजदीक होने के कारण डिवीजन बेंच ने अंतरिम आदेश जारी किया है।

    कोर्ट के आदेश के मुताबिक, 11 अक्टूबर 2026 को होने वाली सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा और 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित शिक्षक भर्ती परीक्षा तब तक नहीं होगी, जब तक विज्ञापन में सभी आरक्षित श्रेणियों को शामिल कर संबंधित अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर नहीं दिया जाता।

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य शासन नियमानुसार संशोधित विज्ञापन जारी कर सकता है या सभी आरक्षित श्रेणियों को शामिल करते हुए नया विज्ञापन निकाल सकता है।

    दिव्यांग अभ्यर्थियों के आरक्षण में गड़बड़ी के आरोप
    कोरबा की रहने वाली मीनाक्षी मंगलेकर और बाकी ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने बताया कि भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण का प्रावधान होने के बावजूद पूर्ण दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को शामिल नहीं किया गया है।

    इससे वे भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के अवसर से वंचित हो रहे हैं। याचिका में इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए भर्ती विज्ञापन की शर्तों और आरक्षण व्यवस्था को चुनौती दी गई है।

    संशोधित विज्ञापन में भी दृष्टिबाधितों को शामिल नहीं किया
    सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने बताया कि 16 अप्रैल 2026 को जारी भर्ती विज्ञापन में संशोधन की सूचना 9 अक्टूबर को रायपुर और बिलासपुर के अखबारों में प्रकाशित की गई है। इसे विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है। संशोधन में आरक्षित पदों का श्रेणीवार बंटवारा किया गया है।

    शासन ने कहा कि आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 21 अगस्त 2026 निकल चुकी है। ऐसे में पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर देना संभव नहीं है।

    इस पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि जब संशोधन के जरिए आरक्षित पदों का श्रेणीवार बंटवारा किया गया है, तो दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों की श्रेणी को शामिल नहीं करने का प्रथम दृष्टया कोई उचित कारण नजर नहीं आता।

    जानिए… क्या है दिव्यांगों के लिए आरक्षण का नियम
    दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 34 के तहत सरकारी संस्थानों में सीधी भर्ती के लिए दिव्यांग व्यक्तियों को कम से कम 4% आरक्षण देने का प्रावधान है। इसमें दृष्टिहीन और कम दृष्टि वाले व्यक्ति भी शामिल हैं।

    आरक्षण का लाभ लेने के लिए सामान्यतः 40% या उससे अधिक दिव्यांगता का प्रमाणपत्र जरूरी है। याचिका में इसी 4% आरक्षण के तहत दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए पद आरक्षित नहीं करने को चुनौती दी गई है।

     

  • छत्तीसगढ़ के यात्रियों को मिलेगी राहत? हरिद्वार और वैष्णो देवी के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग तेज

    छत्तीसगढ़ के यात्रियों को मिलेगी राहत? हरिद्वार और वैष्णो देवी के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग तेज

     रायपुर
     आगामी त्योहारी मौसम में ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़, लंबी प्रतीक्षा सूची और यात्रियों की दिक्कतों को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने रेलवे प्रशासन से विशेष प्रबंध करने का आग्रह शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडेय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के महाप्रबंधक को पत्र प्रेषित किया है। सांसद ने पत्र में नवरात्र, दीपावली, छठ पूजा और क्रिसमस पर्व के दौरान छत्तीसगढ़ के यात्रियों की सुविधा के लिए दो महत्वपूर्ण मार्गों पर नई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग की है।

    सांसद संतोष पांडेय ने अपने पत्र में रेखांकित किया कि त्योहारी सीजन में छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और दर्शन के लिए उत्तराखंड के हरिद्वार तथा ऋषिकेश की यात्रा करते हैं। वर्तमान में इस मार्ग पर नियमित ट्रेनों में भारी वेटिंग चल रही है। अत: दुर्ग से हरिद्वार के बीच एक सीधी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन का परिचालन तत्काल शुरू किया जाना चाहिए। इससे नियमित ट्रेनों पर यात्रियों का अत्यधिक दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं को कंफर्म टिकट के साथ सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा।

    गोंदिया-माता वैष्णो देवी कटरा मार्ग के लिए मांग
    सांसद ने दूसरी महत्वपूर्ण मांग जम्मू स्थित माता वैष्णो देवी धाम जाने वाले यात्रियों के लिए रखी है। उन्होंने गोंदिया से श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने की जरूरत जताई है। इस ट्रेन का मार्ग गोंदिया से प्रारंभ होकर राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, उसलापुर और कटनी मुड़वारा होते हुए निर्धारित करने का प्रस्ताव दिया गया है। इस मार्ग से उत्तर भारत जाने वाले हजारों यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।

    रेल विकास संगठन का भी मिला समर्थन
    सांसद ने अपने पत्र के साथ छत्तीसगढ़ रेल विकास संगठन द्वारा प्राप्त मांग पत्र को भी संलग्न किया है। उन्होंने महाप्रबंधक से कहा कि जनभावनाओं और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इन दोनों ट्रेनों के संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इन ट्रेनों के चलने से न केवल आम यात्रियों को दलालों और भीड़भाड़ से मुक्ति मिलेगी, बल्कि रेलवे के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज होगी।

     

  • मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित

    मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित

    बलरामपुर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर की विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्म भी देखी। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, चाबी, लैपटॉप, स्वीकृति पत्र आदि प्रदान किया। सीएम ने बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया। महिलाओं को फलों समेत पोषण की पोटली दी। उन्होंने यहां विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल आदि का भी अवलोकन किया। 

    मुख्यमंत्री ने कराया बच्चों का अन्नप्राशन 

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर बच्चों का अन्नप्राशन कराया।  साथ ही महिलाओं को फलों समेत पोषण पोटली दी। उन्होंने यहां लगे विभिन्न विभागों के स्टॉल आदि का भी अवलोकन किया। सभी से जनपदों में चल रहे विभागीय कार्यों की जानकारी भी ली। 

    सीएम के हाथों इन्हें मिला सम्मान 

    विकास यादव- उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना- लैपटॉप 
    मो. शादाब- उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना- लैपटॉप
    किरन वर्मा- कस्टम हायरिंग सेंटर- चाबी
    हिमांशु यादव- कस्टम हायरिंग सेंटर- चाबी
    अजय कुमार पाल- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक 
    हसन रजा- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक 
    गुफरान अंसारी- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक
    किशना देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र 
    उर्मिला देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
    संगीता- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
    ननका देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
    गुड़िया वर्मा/पिंकी- एनआरएलएम के तहत 45 लाख का चेक ।

  • योगी सरकार मरीजों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट, बेकार एंबुलेंस को लेकर की कार्रवाई

    योगी सरकार मरीजों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट, बेकार एंबुलेंस को लेकर की कार्रवाई

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और मरीजों की सुरक्षित यात्रा के लिए योगी सरकार के निर्देशों के तहत परिवहन विभाग ने अनफिट एवं अनधिकृत एंबुलेंस के खिलाफ तीन दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। अभियान में नियमों का उल्लंघन करने वाली 772 एंबुलेंस के चालान किए गए, जबकि 135 एंबुलेंस को बंद कराया गया।

    परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने बताया कि अभियान के दौरान विभागीय प्रवर्तन टीमों ने निजी क्षेत्र में संचालित एंबुलेंस की जांच की। जांच में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य एंबुलेंस सेवाओं के संचालन में निर्धारित नियमों और मानकों का पालन सुनिश्चित करना है, ताकि मरीजों को सुरक्षित एवं भरोसेमंद परिवहन सुविधा मिल सके।

    परिवहन आयुक्त ने कहा कि एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा में वाहनों का फिट होना और सभी आवश्यक दस्तावेजों का वैध होना बेहद जरूरी है। अनफिट या अनधिकृत एंबुलेंस का संचालन मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है।

    वैध परमिट व नियमों का पालन अनिवार्य

    उन्होंने वाहन स्वामियों और एंबुलेंस संचालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों का संचालन करने से पहले पंजीकरण, वैध परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी अभिलेख पूरे रखें। निर्धारित मानकों का पालन करते हुए ही एंबुलेंस का संचालन करें, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। 

    परिवहन विभाग के अनुसार, अवैध और अनफिट वाहनों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य एंबुलेंस सेवाओं में नियमों का अनुपालन बढ़ाना और सड़क पर चलने वाले वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

  • झारखंड में प्रशासनिक अधिकारियों की वरिष्ठता पर बड़ा अपडेट, हाई कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने जारी की नई सूची

    झारखंड में प्रशासनिक अधिकारियों की वरिष्ठता पर बड़ा अपडेट, हाई कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने जारी की नई सूची

     रांची
    राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा (झाप्रसे) के अधिकारियों की बहुप्रतीक्षित और संशोधित औपबंधिक वरीयता सूची को जारी करते हुए अधिकारियों से आठ दिनों के भीतर आपत्ति मांगी है।

    हाई कोर्ट के स्तर से पूर्व में जारी न्यायादेशों और क्रमिक संशोधनों के आलोक में जारी इस सूची में राज्य गठन के बाद कैडर बंटवारे में झारखंड आए अधिकारियों की वरीयता सूची जारी की गई है।

    इनमें कई सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस सूची में झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा अनुशंसित एवं नियुक्त अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया है।

    कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह सूची फिलहाल औपबंधिक है।

    संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि उन्हें सूची में अंकित किसी भी तथ्य, जन्मतिथि, योगदान तिथि या अन्य विवरण पर आपत्ति अथवा दावा करना हो, तो वे पूर्ण साक्ष्यों के साथ आवेदन विभाग को सौंप सकते हैं।

    सूची में दर्ज तथ्यों पर दावा या आपत्ति रखने वाले पदाधिकारी प्रकाशन की तिथि से आठ दिन के भीतर पूर्ण साक्ष्यों के साथ विभागीय सचिव को लिखित आवेदन दे सकते हैं, अथवा विभाग के ई-मेल डीओपीजेएचएआरकेएचएएनडी@जीमेल.काम के माध्यम से दे सकते हैं।

    विचार के बाद अंतिम सूची
    इस अवधि में प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों पर सम्यक विचार के बाद ही अंतिम वरीयता सूची प्रकाशित की जाएगी। कार्मिक विभाग ने बताया है कि यह प्रक्रिया बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के अधीन अंतिम संवर्ग विभाजन के बाद झारखंड को आवंटित झाप्रसे अधिकारियों की वरीयता निर्धारण से जुड़ी है।

    इससे पहले 24 नवंबर 2003 के विभागीय आदेश के तहत अधिकारियों की वरीयता तय की गई थी। संवर्ग विभाजन के बाद एकल और पारस्परिक आधार पर स्थानांतरण के फलस्वरूप झारखंड आए कर्मियों की वरीयता को लेकर कई कानूनी अड़चनें उत्पन्न हुईं और मामला न्यायालय तक पहुंचा।

    इसी वर्ष एक जुलाई को उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के बाद राज्य सरकार को नियमों में संशोधन करना पड़ा। इस संशोधन में पारस्परिक स्थानांतरण और वरीयता दावों से संबंधित नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। इन्हीं संशोधनों और न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में यह औपबंधिक सूची जारी की गई है।

  • मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड की नई पहल : अनाथ बच्चों की शिक्षा प्रोत्साहन के लिए रु. 21 लाख से अधिक की सहायता

    मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड की नई पहल : अनाथ बच्चों की शिक्षा प्रोत्साहन के लिए रु. 21 लाख से अधिक की सहायता

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए राज्य सरकार और वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम समाज के अनाथ (यतीम) बच्चों की शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रखने के उद्देश्य से ऐतिहासिक निर्णय लिया है।योजना के अंतर्गत भोपाल में निवासरत ऐसे 289 बच्चों की स्कूल फीस के लिए 21 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। प्रत्येक चयनित बच्चे की पढ़ाई के लिए 10 हजार रुपये तक की फीस का भुगतान वक्फ बोर्ड द्वारा सीधे किया जाएगा। यह सहायता राशि मंगलवार, 13 अक्टूबर को वक्फ बोर्ड कार्यालय परिसर स्थित यतीमखाना ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदान की जाएगी। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड द्वारा सामाजिक कल्याण, शैक्षणिक उत्थान एवं निरंतर प्रगति के संकल्प को दोहराते हुए एक अभूतपूर्व एवं अनुकरणीय पहल की गई है।

    पारदर्शी प्रक्रिया से हुआ बच्चों का चयन

    मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यतीमखाना संपत्ति से प्राप्त आय का उपयोग वाकिफ (दानदाता) की मूल मंशानुरूप भोपाल के यतीम (अनाथ) बच्चों की भलाई और शैक्षणिक विकास के लिए किया जा रहा है। योजना का लाभ सभी पात्र बच्चों तक पहुँचाने के लिए बोर्ड द्वारा प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशित कर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। प्राप्त आवेदनों के सूक्ष्म परीक्षण एवं निष्पक्ष पारदर्शी सत्यापन के बाद 289 विद्यार्थियों को सहायता के लिए योग्य पाया गया।

    अवैध कब्जों से मुक्ति और वक्फ संपत्तियों का जनहित में उपयोग

    अध्यक्ष मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि नए वक्फ संशोधन प्रावधानों के बाद राज्य में वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का सघन अभियान चलाया गया है। संपत्तियों से प्राप्त हो रही वैध आय का ही परिणाम है कि इतनी बड़ी संख्या में ज़रूरतमंद और अनाथ बच्चों के भविष्य को संवारने में इस राशि का उपयोग बच्चों की स्कूल फीस भरने में किया जा रहा है।

    देशभर में मिसाल बना मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड

    यह संपूर्ण देश में अपनी तरह का पहला और अनूठा नवाचार है, जहाँ कोई राज्य वक्फ बोर्ड अपनी अर्जित आय का सीधे उपयोग मुस्लिम समाज के अनाथ एवं वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कर रहा है। बच्चों की शिक्षा को निरंतर जारी रखने के पवित्र उद्देश्य के साथ किया जा रहा यह प्रयास न केवल राज्य में बल्कि पूरे देश में सामाजिक सरोकार और जनकल्याण की एक अनुकरणीय मिसाल पेश करता है।

     

  • सड़कों की बदहाली दूर करने में जुटा PWD, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

    सड़कों की बदहाली दूर करने में जुटा PWD, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

    रायपुर

    उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव के निर्देश के बाद अंबिकापुर में सड़कों को गड्ढामुक्त करने की मुहिम तेज हो गई है। सरगुजा प्रवास के दौरान सड़कों की बदहाल स्थिति सुधारने और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के उनके निर्देशों पर लोक निर्माण विभाग ने अमल शुरू कर दिया है। शहर के महामाया चौक से लरंग साय चौक तक सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों की बीटी पैच मरम्मत युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई है। विभाग को वित्तीय वर्ष 2026-27 में वार्षिक संधारण मद से 3 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। इस राशि से लोक निर्माण विभाग के अंबिकापुर संभाग के विभिन्न मार्गों के कुल 150 किलोमीटर हिस्सों का संधारण किया जाएगा। सभी निर्धारित मरम्मत कार्यों को दिसम्बर तक पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है।

    उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने अपने सरगुजा प्रवास के दौरान विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए सड़कों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए थे। उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि सड़कों पर बने गड्ढों की शीघ्र मरम्मत की जाए, ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने सड़क संधारण कार्यों में तेजी लाने और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया था। उनके निर्देशों के अनुपालन में लोक निर्माण विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर सड़कों की मरम्मत के कार्य शुरू कर दिए हैं।

    लोक निर्माण विभाग ने अंबिकापुर में महामाया चौक से लरंग साय चौक तक बीटी पैच मरम्मत का काम प्रारंभ किया है। सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों और गड्ढों को दुरुस्त कर आवागमन सुगम बनाने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग स्वीकृत संधारण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तेजी से काम कर रहा है। मरम्मत पूरी होने से वाहन चालकों और आम नागरिकों को सड़क के गड्ढों से होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगा। विभाग द्वारा अन्य स्वीकृत संधारण कार्यों को भी तय समय-सीमा में पूरा करने आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

  • राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का बड़ा संदेश, विवेक, ईमानदारी और नैतिकता से समाज में फैलेगी खुशहाली

    राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का बड़ा संदेश, विवेक, ईमानदारी और नैतिकता से समाज में फैलेगी खुशहाली

    जयपुर
     राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि खुशी, कल्याण और स्वतंत्रता ही मानव विकास का मुख्य आधार है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर के समुदाय में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सभी मिलकर कार्य करे। उन्होंने कहा कि खुशी के लिए विवेक, समझदारी, ईमानदारी और नैतिकता ही सबसे महत्वपूर्ण है। यह सब गुण यदि समाज में व्याप्त हो जाएं तो सब ओर हैप्पीनेस का प्रसार हो सकता है। उन्होंने देश और समाज के लिए सबको चिंतन और मनन करने की आवश्यकता जताई।
    उन्होंने कहा कि इस समय में झूठ को सच बताने की होड़ मच रही है। पर, सजग रहेंगे सत्य सदा सत्य ही रहेगा। उन्होंने देश में 80 करोड़ लोगों को केंद्र सरकार मुफ्त अनाज प्रदान कर रही है। सभी के स्वास्थ्य की विश्व की सबसे बड़ी "आयुष्मान भारत" योजना चलाई जा रही है। देश तेजी से विकास की ओर आगे बढ़ रहा है, यह बहुत से देशों को पच नहीं रहा है। उन्होंने सुशासन और पारदर्शिता के साथ भेदभाव मुक्त वातावरण के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

    राज्यपाल ने कहा कि खुशहाली का पैमाना केवल धन-दौलत या भौतिक सुख-सुविधाएं नहीं हैं, बल्कि यह मानसिक शांति, अच्छे स्वास्थ्य और मजबूत रिश्तों का एक गहरा अहसास है। उन्होंने कहा कि विकास का जो मॉडल पश्चिम के देशों ने अपनाया है, उसमें जीडीपी दर में वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय, आर्थिक प्रगति को ही मुख्य आधार बनाया है। किसी भी विकसित देश के लिए यह सब जरूरी है परन्तु इन—सबसे अधिक जरूरी है मानवीय मूल्य।

    राज्यपाल बागडे शनिवार को बिड़ला सभागार में वर्ल्ड हैप्पीनेस फाउंडेशन, इण्डिया चैप्टर, जयपुर द्वारा आयोजित"ग्लोबल हैप्पीनेस फोर्म एण्ड फैस्टिवल जयपुर 2026" में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भारत को गुलामी के दौर में भूखे मरने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा कि लॉर्ड मैकाले ने भारतीय शिक्षा पद्धति को बर्बाद किया। हमारे गुरुकुल बंद करवा दिए। देश को गुलाम रखने के लिए उद्योग धंधे बंद कर लोगों को भूखे मरने की स्थितियां पैदा की। फिर भी अंग्रेजों के कहा कि हम भारत में समृद्धि ला रहे है। इसके जवाब में 1922 में महात्मा गांधी ने भाषण में बताया कि देश में भूखे मरने की स्थितियां आ रही है। इससे बचने के लिए हमें स्वदेशी पर जोर देना चाहिए।

    राज्यपाल ने कहा कि प्रसन्नता की कुंजी यह है कि हम अपने पास जो हैं, उसमें संतोष का अनुभव करें। खुशी केवल पैसे से नहीं आ सकती। इसके लिए बहुत भाग दौड़ के साथ शरीर पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने एलेन मस्क को सर्वाधिक धनी बताते हुए कहा कि पैसा सब कुछ नहीं है। वह चाहते हैं कि उनकी कम्पनिया यहां स्थापित हो। वह चाहते हैं उनका बाजार भारत बने, पर यहां के लोग सब समझते हैं।

    राज्यपाल ने कहा कि ऐसी कोई वस्तु नहीं जो भारत में पैदा नहीं होती। इससे बहुत से देशों का बाजार बंद हो रहा है। अब वह नहीं चाहते भारत तेजी से विकसित हो। इसलिए देश को कमजोर करने के लिए बहुत से ताकते काम कर रही है। उन्होंने कहा कि टेलेंट तो भारत में तैयार होते हैं, विकसित देशों में नहीं। उन्होंने कहा कि भारत को किसी से कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने व्यक्ति नहीं समग्रता के विकास पर सदा ध्यान दिया। इसी से व्यक्ति, परिवार, समाज का विकास हो सकता है। सभी की खुशहाली संभव है।

     

  • कम उम्र में बढ़ रहे हार्ट अटैक और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों के मामले, बचाव पर देना होगा ध्यान: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

    कम उम्र में बढ़ रहे हार्ट अटैक और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों के मामले, बचाव पर देना होगा ध्यान: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

    लखनऊ

    उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण कम उम्र के लोगों में भी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। युवाओं में हार्ट अटैक के मामले सामने आना चिंता का विषय है। ऐसे में बीमारियों के इलाज के साथ ही उनकी रोकथाम पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए खानपान की आदतों में सुधार, नियमित व्यायाम और व्यापक जनजागरूकता अभियान जरूरी हैं।

    उप मुख्यमंत्री शनिवार को द वीक मेटाबॉलिक हेल्थ समिट 2026 के उत्तर प्रदेश संस्करण में ‘बिल्डिंग ए हेल्दियर यूपी फॉर टुमॉरो: फ्रॉम विजन टू एक्शन’ विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मोटापा, असंतुलित खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और मानसिक तनाव को बीमारियों के बढ़ते बोझ के प्रमुख कारणों में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि जब तक हमारा मन और शरीर स्वस्थ नहीं होगा, तब तक हम अपने देश और प्रदेश के विकास में प्रभावी योगदान नहीं दे सकेंगे। बेहतर स्वास्थ्य के लिए आम लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है।

    चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज जीवनशैली में तेजी से बदलाव हो रहा है। उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारियां अब कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रही हैं। इसे देखते हुए लोगों को अपनी दिनचर्या और खानपान पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

    मोटापे से बचने के लिए खानपान पर नियंत्रण जरूरी

    डिप्टी सीएम ने मोटापे को बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बताते हुए कहा कि लोगों को इस बात के प्रति जागरूक होना चाहिए कि वे कितना भोजन कर रहे हैं और उनके शरीर को कितनी कैलोरी की जरूरत है। उन्होंने कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स के अत्यधिक सेवन से बचने तथा स्वस्थ खानपान की आदतें अपनाने की सलाह दी।

    उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उसे सक्रिय रखना जरूरी है। जिस तरह किसी वाहन को नियमित इस्तेमाल और रखरखाव की जरूरत होती है, उसी तरह मानव शरीर को भी सक्रियता और देखभाल की आवश्यकता होती है। इसके लिए जिम जाना या कठिन व्यायाम करना ही जरूरी नहीं है। तेज कदमों से पैदल चलना, सीढ़ियां चढ़ना और घर के सामान्य काम करना भी शारीरिक सक्रियता बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं। हर उम्र के लोगों को अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम शामिल करना चाहिए।

    अस्पतालों में बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करने की व्यवस्था हो

    ब्रजेश पाठक ने कहा कि अस्पतालों में केवल बीमारियों के इलाज पर ही नहीं, बल्कि उन्हें रोकने के उपायों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए अस्पतालों में ऐसे कर्मियों की तैनाती पर विचार किया जा सकता है, जो लोगों को बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जागरूक करें।

    उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, टेलीविजन और सोशल मीडिया के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। इन अभियानों में लोगों को यह बताया जाना चाहिए कि कौन-सी आदतें बीमारियों से बचाव में मदद करती हैं और किन आदतों से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ता है। डिप्टी सीएम ने चिकित्सा विशेषज्ञों से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव सरकार के साथ साझा करने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनस्वास्थ्य में सुधार के उद्देश्य से नीतियों में जरूरी बदलाव के सुझावों पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार करेगी।

    संचारी रोगों की रोकथाम के लिए जनभागीदारी जरूरी

    उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश में इंसेफेलाइटिस, मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन बेहतर परिणामों को बनाए रखने के लिए जनसहयोग जरूरी है। उन्होंने लोगों से घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, साफ-सफाई बनाए रखने और मच्छरों के पनपने की संभावनाओं को खत्म करने की अपील की। कूलर में जमा पानी और बेकार पड़े टायरों में इकट्ठा होने वाले पानी को नियमित रूप से साफ करने पर भी जोर दिया।

    ब्रजेश पाठक ने समिट के आयोजन के लिए द वीक और आयोजक टीम को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नीति-निर्माताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच इस तरह का संवाद उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में मददगार साबित होगा। कार्यक्रम में केजीएमयू वीसी डॉ. सोनिया नित्यानंद, द वीक के चीफ एसोसिएट एडिटर रियाद और द वीक दिल्ली की ब्यूरो चीफ नम्रता बीजी आहूजा आदि उपस्थित थे।

  • निवेशकों, स्टार्टअप्स और युवाओं को सहभागिता के लिए आमंत्रित

    निवेशकों, स्टार्टअप्स और युवाओं को सहभागिता के लिए आमंत्रित

    भोपाल 

    नगरीय विकास एवं आवास विभाग आयुक्त  संकेत भोंडवे ने कहा कि ‘अर्बन कॉन्क्लेव-2026‘ ऐसे अभिनव विचारों, अत्याधुनिक तकनीकों और निवेश प्रस्तावों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जो प्रदेश के शहरी विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।कॉन्क्लेव में सहभागिता के इच्छुक निवेशक, स्टार्टअप्स और युवा आधिकारिक पोर्टल ugconclave.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

    मध्यप्रदेश के शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुदृढ़, आधुनिक और समृद्ध बनाने के उद्देश्य से नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा आगामी 28 अक्टूबर 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 'अर्बन कॉन्क्लेव-2026' का आयोजन किया जा रहा है।

    नवाचार और युवाओं की भागीदारी पर विशेष बल

    अर्बन कॉन्क्लेव-2026 का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश में नगरीय विकास के क्षेत्र में निवेश, नवाचार, तकनीक और मजबूत स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, प्रदेश के विकास में युवाओं और निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करना है।

    इंदौर के एक दिवसीय समागम में नगरीय विकास के विविध आयामों, भविष्य की शहरी आवश्यकताओं, तकनीक आधारित समाधानों, निवेश की नई संभावनाओं तथा नवाचारों पर विषय-विशेषज्ञों द्वारा गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।