Author: NewseDay

  • कैंसर अस्पताल के काम में लापरवाही पर नाराजगी, हेल्थ मिनिस्टर ने तय की 25 दिसंबर की डेडलाइन

    कैंसर अस्पताल के काम में लापरवाही पर नाराजगी, हेल्थ मिनिस्टर ने तय की 25 दिसंबर की डेडलाइन

    बिलासपुर

    बिलासपुर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के निरीक्षण के साथ ही राज्य कैंसर अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री ने ठेका कंपनी के कर्मचारियों से काम पूरा होने की तारीख पूछी। कर्मचारी ने जल्द काम पूरा करने की बात कही, लेकिन स्पष्ट समय-सीमा नहीं बताई।

    इस पर विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा- डेट बताओ, ऐसा नहीं चलेगा। पहले ही तीन बार समय बढ़ाया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 25 दिसंबर तक हर हाल में काम पूरा किया जाए, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

    10 एकड़ में बनेगी सिम्स की नई बिल्डिंग
    दरअसल, कोनी स्थित सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के निरीक्षण में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और अस्पताल की सुरक्षा से जुड़े कई फैसले लिए। उनके साथ स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, डॉ. बीपी सिंह, सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति, डॉ. भूपेन्द्र कश्यप सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान सिम्स की नई बिल्डिंग के लिए जमीन, अस्पताल के खुले रैंप की सुरक्षा, मशीनों की मरम्मत के लिए बजट और अस्पताल तक पहुंचने के लिए नई सड़क बनाने पर चर्चा हुई।

    मंत्री सीधे जमीन देखने जाने के बजाय सुपरस्पेशलिटी अस्पताल की छठी मंजिल पर पहुंचे। यहां से विधायक सुशांत शुक्ला ने पीछे स्थित करीब 10 एकड़ खाली सरकारी जमीन दिखाई। उन्होंने बताया कि इस जमीन पर सिम्स की नई बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव है। इसमें करीब 2.5 एकड़ जमीन वन विभाग की है। डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि इस संबंध में विभाग से पहले ही पत्राचार किया जा चुका है।

    खुले रैंप पर जाली लगेगी, जूदेव की प्रतिमा भी लगेगी
    निरीक्षण के दौरान अस्पताल के खुले रैंप को देखकर विधायक सुशांत शुक्ला ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रैंप खुला रहने से दुर्घटना की आशंका है और यह आत्महत्या जैसी घटनाओं के लिहाज से भी संवेदनशील स्थान बन सकता है। इस पर मंत्री ने तत्काल रैंप पर सुरक्षा जाली लगाने की स्वीकृति दी।

    विधायक ने अस्पताल परिसर में स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी रखी। मंत्री ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। वहीं डॉ. बीपी सिंह ने अस्पताल की मशीनों में आने वाली छोटी-मोटी खराबियों को तत्काल दूर करने के लिए अलग से बजट जारी करने की मांग की, ताकि उपकरण खराब होने पर मरीजों के इलाज में बाधा न आए।

    ज्यादा लोग सवार हुए तो लिफ्ट नहीं चली
    निरीक्षण के बाद 5वीं मंजिल से नीचे उतरते समय एक लिफ्ट में क्षमता से अधिक लोग सवार हो गए। 12 से ज्यादा लोगों के चढ़ने के कारण लिफ्ट आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद डॉ. बीपी सिंह, डॉ. अर्चना सिंह और सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति को दूसरी लिफ्ट से नीचे उतरना पड़ा। इस घटना ने अस्पताल में लिफ्ट के सुरक्षित उपयोग और क्षमता के पालन का मुद्दा भी सामने ला दिया।

    कैंसर अस्पताल का काम 25 दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश
    सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के निरीक्षण के बाद मंत्री का काफिला सिम्स के लिए रवाना हो रहा था। इसी दौरान विधायक सुशांत शुक्ला ने याद दिलाया कि निर्माणाधीन राज्य कैंसर अस्पताल का निरीक्षण बाकी है। इसके बाद काफिला कैंसर अस्पताल पहुंचा, जहां अधिकारियों ने निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी दी।

    मंत्री ने ठेका कंपनी के कर्मचारियों से काम पूरा होने की तारीख पूछी। कर्मचारी ने जल्द काम पूरा करने की बात कही, लेकिन स्पष्ट समय-सीमा नहीं बताई। इस पर विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा- डेट बताओ, ऐसा नहीं चलेगा। पहले ही तीन बार समय बढ़ाया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 25 दिसंबर तक हर हाल में काम पूरा किया जाए, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

    डिप्टी सीएम अरुण साव भी पहुंचे
    इस दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव का फोन आया। वे भी मौके पर पहुंचे और प्रस्तावित योजनाओं और निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद अधिकारियों के साथ अस्पताल से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा की गई।

    तीन रास्तों से जुड़ सकेगा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल
    अस्पताल तक पहुंच आसान बनाने के लिए कामधेनु विश्वविद्यालय के पास से और अस्पताल के पीछे से नई सड़क निकालने पर सहमति बनी। लिंक रोड बनने से सुपरस्पेशलिटी अस्पताल परिसर तक पहुंचने के लिए कुल तीन रास्ते उपलब्ध हो सकेंगे।

    इससे मरीजों और उनके परिजनों को आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। मंत्री ने विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों को आपसी समन्वय से प्रस्ताव पर जल्द काम करने के निर्देश दिए।

  • छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित कर रही इंस्पायर अवार्ड योजना, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताई अहमियत

    छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित कर रही इंस्पायर अवार्ड योजना, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताई अहमियत

    इंस्पायर अवार्ड योजना से बच्चों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को मिल रहा प्रोत्साहन – शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव

    शिक्षा मंत्री ने इंस्पायर मानक में चयनित 40 प्रतिभागियों का किया सम्मान

    रायपुर
    शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इंस्पायर अवार्ड कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के चयनित लगभग 40 विद्यार्थियों को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता का अवसर मिला यह बहुत हर्ष की बात है।केंद्र सरकार की पहल से संचालित इंस्पायर अवार्ड योजना बच्चों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई मौलिक प्रतिभा होती है, आवश्यकता है उसे पहचानने और उचित अवसर प्रदान करने की। ड्रोन तकनीक, सौर ऊर्जा और दैनिक जीवन में उपयोगी विभिन्न आविष्कारों का उदाहरण देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित किया।

    उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगभग 80 हजार नवाचारी विचार सामने आए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार के साथ शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने तथा अपने आविष्कारों को समाज के लिए उपयोगी बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और बच्चों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने में सहयोग देने वाले अभिभावकों एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया ।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा विभाग के सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को नवाचार, रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। नवाचार का अर्थ केवल नई चीजों का आविष्कार करना नहीं, बल्कि पुराने कार्यों को नए और बेहतर तरीकों से करना भी है। विद्यार्थियों को नए विचार विकसित करने, प्रयोग करने तथा अपनी गलतियों से सीखना चाहिए।उन्होंने कहा कि विद्यार्थी चाहे ग्रामीण क्षेत्र, आदिवासी अंचल अथवा किसी भी सामाजिक परिवेश से आते हों, उन्हें स्वयं को कभी कम नहीं समझना चाहिए। सफलता का आधार व्यक्ति की पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि उसकी क्षमता, मेहनत और सोच होती है।भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजी, हिंदी, छत्तीसगढ़ी अथवा कोई भी भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम है। वास्तविक महत्व विषय की समझ, ज्ञान और कार्य करने की योग्यता का है।

    रायपुर के बीटीआई ग्राउण्ड परिसर में स्थित एससीआरटी भवन के सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से चयनित चालीस विद्यार्थियों के साथ ही जुलाई माह में इंस्पायर मानक प्रतियोगिता में राज्य के पाँच प्रतिभागियों को जापान देश जाने और सीखने का अवसर मिला उनको भी सम्मानित किया गया । साथ ही जापान से वापस आए प्रतिभागी रमन दास मानिकपुरी, समीक्षा साहू, सुनयना और शैयाद अली ने अपने अनुभव को भी साझा किया । इस अवसर पर  लोक शिक्षण विभाग के संचालक ऋतुराज रघुवंशी, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित चयनित छात्र एवं छात्राएँ, शिक्षकगण उपस्थित रहे । 

    ज्ञात हो कि इंस्पायर–मानक अवार्ड योजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (NIF) के सहयोग से संचालित की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को प्रोत्साहित करना है। योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को उनके मौलिक एवं नवाचारी विचारों पर आधारित प्रोजेक्ट या मॉडल विकसित करने के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलता है।

  • यूपी में बाढ़ से किसानों को राहत, 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित

    यूपी में बाढ़ से किसानों को राहत, 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित

    योगी सरकार ने बाढ़ से 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की, किसानों को मिली राहत
     
    बाढ़ सुरक्षा के अब तक 1549 प्रोजेक्ट पूरे होने से 2.21 करोड़ की आबादी को मिला लाभ

    यूपी में बाढ़ के खतरे से बचाव के लिए व्यापक इंतजाम, भूमि और आबादी को मिला संरक्षण

    सभी 75 जनपदों में नहरों, जलाशयों और नलकूपों का नेटवर्क भी किया गया मजबूत

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में बाढ़ के खतरे से आबादी और कृषि भूमि को सुरक्षित रखने के लिए योगी सरकार ने बाढ़ सुरक्षा के कार्यों को गति दी है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक अब तक लगभग 1,549 बाढ़ परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इन कार्यों के माध्यम से 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को बचाने के साथ 2.21 करोड़ से अधिक आबादी को लाभान्वित किया गया है। बाढ़ सुरक्षा के इन इंतजामों से किसानों की जमीन, ग्रामीण आबादी और खेती-किसानी से जुड़ी आजीविका को सुरक्षा प्रदान करने में मदद मिली है।

    25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को सुरक्षा
    सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुताबिक प्रदेश में बाढ़ से बचाव के लिए पूरी की गई परियोजनाओं का प्रमुख उद्देश्य बाढ़ के प्रभाव को कम करना और आबादी व कृषि भूमि को सुरक्षित रखना है। 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि का संरक्षण किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि बाढ़ से खेतों में खड़ी फसल, उपजाऊ जमीन और कृषि गतिविधियों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। ऐसे में बाढ़ सुरक्षा के कार्यों से प्रभावित क्षेत्रों में भूमि की सुरक्षा को मजबूती मिली है।

    2.21 करोड़ आबादी को मिला लाभ
    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखने के लिहाज से भी इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2.21 करोड़ से अधिक आबादी को लाभ मिलने से बाढ़ के जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के प्रयासों को बल मिला। बाढ़ से घरों, ग्रामीण संपर्क मार्गों और स्थानीय जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए बाढ़ सुरक्षा संबंधी कार्यों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है।

    सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को भी राहत
    प्रदेश में जल प्रबंधन और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक कुल 1,300 सिंचाई परियोजनाएं भी पूरी की गई हैं। इनके माध्यम से 24.11 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता का सृजन हुआ और 1.90 करोड़ से अधिक किसानों को लाभान्वित किया गया है। सिंचाई सुविधाओं के इस विस्तार से खेती के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर बनाने और किसानों को कृषि कार्यों में सहायता देने की दिशा में काम किया गया। वहीं इसके अतिरिक्त प्रदेश के 75 जनपदों में 76,527 किलोमीटर नहरों की लंबाई, 71 जलाशयों और 36,342 नलकूपों के जरिए सिंचाई व्यवस्था के व्यापक नेटवर्क को मजबूत किया गया है।

  • बिहार में शिक्षा पर जाति की राजनीति का असर, प्रह्लाद जोशी ने बताया नई शिक्षा नीति का ल

    बिहार में शिक्षा पर जाति की राजनीति का असर, प्रह्लाद जोशी ने बताया नई शिक्षा नीति का ल

    पटना
     बिहार की शिक्षा व्यवस्था और नई शिक्षा नीति को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पटना में बड़ा बयान दिया। बापू सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय सेवा, चित्र एवं भाषण प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में एक दौर ऐसा भी रहा, जब जाति और 'डिवाइड एंड रूल' की राजनीति ने शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा।

    जोशी ने कहा कि अब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में किए गए प्रयासों का असर दिखाई दे रहा है। उनके बयान ने शिक्षा के मुद्दे पर बिहार की पुरानी व्यवस्था और मौजूदा बदलावों को लेकर राजनीतिक चर्चा को फिर सामने ला दिया

    रटकर परीक्षा पास करना नहीं, नए विचार पैदा करना है लक्ष्य
    केंद्रीय मंत्री ने नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए कहा कि पढ़ाई का मकसद केवल रटकर परीक्षा पास करना या नौकरी हासिल करना नहीं होना चाहिए। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों की सोचने-समझने की क्षमता, रचनात्मकता और कल्पनाशक्ति विकसित हो।

    उन्होंने कहा कि आज का दौर ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का है। ऐसे समय में एक नया विचार भी पूरे उद्योग को जन्म दे सकता है।

    इसलिए बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय सवाल पूछने, नए प्रयोग करने और अपनी प्रतिभा विकसित करने के अवसर मिलने चाहिए।

    38 जिलों के 95,195 स्कूलों की भागीदारी पर जताई खुशी
    समारोह में आयोजित राज्यस्तरीय सेवा, चित्र एवं भाषण प्रतियोगिता में बिहार के 38 जिलों के 95,195 स्कूलों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए जोशी ने प्रसन्नता जताई।

    उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं में बच्चों को मिलने वाले पुरस्कार केवल इनाम नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा और क्षमता की पहचान हैं।

    केंद्रीय मंत्री के अनुसार, ऐसी गतिविधियां बच्चों को अपनी बात रखने, रचनात्मकता दिखाने और नए विषयों पर सोचने का अवसर देती हैं। पढ़ाई के साथ इस तरह की भागीदारी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में मददगार हो सकती है।

    2047 के विकसित भारत की जिम्मेदारी आज के युवाओं पर
    प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब देश के विकास की जिम्मेदारी आज के युवाओं के कंधों पर होगी। उन्होंने युवाओं की प्रतिभा और नए विचारों को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ते हुए शिक्षा की भूमिका पर जोर दिया।

    उनके मुताबिक, विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना जरूरी है। इसके लिए ऐसी शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है, जिसमें ज्ञान के साथ रचनात्मकता और अपनी क्षमता को पहचानने का अवसर भी मिले।

    अभिभावकों से बोले- बच्चों पर अपनी पसंद न थोपें
    कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों से खास अपील की। उन्होंने कहा कि माता-पिता को बच्चों की वास्तविक रुचि और प्रतिभा पहचाननी चाहिए।

    बच्चों पर अपनी पसंद का करियर थोपने के बजाय उन्हें उस क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए, जिसमें उनकी दिलचस्पी हो।

    उन्होंने संदेश दिया कि हर बच्चे की क्षमता और रुचि अलग होती है। ऐसे में उसे अपनी प्रतिभा के अनुसार आगे बढ़ने का मौका देना जरूरी है।

    शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या नौकरी तक सीमित न रहकर बच्चों को सोचने, सीखने और अपनी पहचान बनाने में सक्षम करना भी होना चाहिए।

  • बिहार के मखाना की विदेशों में बढ़ी डिमांड, 20 से ज्यादा देशों में निर्यात; किसानों की कमाई बढ़ाने पर जोर

    बिहार के मखाना की विदेशों में बढ़ी डिमांड, 20 से ज्यादा देशों में निर्यात; किसानों की कमाई बढ़ाने पर जोर

    पटना
     कृषि विभाग के अनुसार, राज्य सरकार कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से जीआई टैग प्राप्त मिथिला मखाना को अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है। सिन्हा ने बताया कि सरकार वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल के लिए ‘मखाना से समृद्धि अभियान’ चला रही है। इसके तहत मखाना की खेती का रकबा दोगुना करने, उत्पादन बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिहार की हिस्सेदारी मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

    मखाना का मार्केट तगड़ा
    उन्होंने कहा कि देश के कुल मखाना उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी करीब 80 से 85 प्रतिशत है। मंत्री के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 20 से अधिक देशों को 7,200 मीट्रिक टन से अधिक मखाना और उससे बने अन्य उत्पादों का निर्यात किया। इससे 2.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर की आय हुई। अमेरिका, पश्चिम एशिया और अफ्रीका सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय मखाना की मांग बढ़ रही है।

    20 देशों तक पहुंचा मखाना
    उन्होंने बताया कि इस साल जीआई (भौगोलिक संकेत) टैग प्राप्त मिथिला मखाना की खेप अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और ग्रीस पहुंची है। पहली बार बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) के बिहटा औद्योगिक क्षेत्र से जीआई टैग वाले मिथिला मखाना की 18 मीट्रिक टन की खेप समुद्री मार्ग से ऑस्ट्रेलिया भेजी गई। सिन्हा ने कहा कि मखाना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, जीआई टैग के जरिये उसकी पहचान मजबूत करने और किसानों की बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने से उनकी आय बढ़ाने के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

    मंत्री ने दी पूरी जानकारी
    मंत्री के अनुसार, अभियान के तहत मखाना की खेती का रकबा वित्त वर्ष 2025-26 के 41 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 2030-31 तक 82 हजार हेक्टेयर करने का लक्ष्य है। ध्यान रहे कि विदेशों में मखाना की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। अभी हाल में ग्रीस भेजा गया था। उसके अलावा पूर्णिया जिले के अलावा अन्य जिलों से भी मखाना विदेशों में भेजा जा रहा है। मखाना की खेती करने वाले किसानों की बल्ले- बल्ले है।

     

  • Jaipur Traffic Alert: आमेर से जयपुर आने वाले वाहनों के रूट बदले, मालवाहक गाड़ियों को रात में ही मिलेगी एंट्री

    Jaipur Traffic Alert: आमेर से जयपुर आने वाले वाहनों के रूट बदले, मालवाहक गाड़ियों को रात में ही मिलेगी एंट्री

    जयपुर
     टूरिस्ट सीजन में पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही और यातायात के दबाव को देखते हुए जयपुर यातायात पुलिस ने 10 और 11 अक्टूबर को चारदीवारी और आमेर क्षेत्र में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। इसके तहत वाहनों के रूट में बदलाव किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए पुरातत्व विभाग की ओर से परियों का बाग पार्किंग भी शुरू की जाएगी। आमेर से जयपुर आने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना होगा। वहीं, चारदीवारी क्षेत्र में मालवाहक वाहनों के प्रवेश का समय भी तय किया गया है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और पर्यटकों को परेशानी का सामना न करना पड़े

    आमेर किला ट्रैफिक डायवर्जन: जयपुर पुलिस ने जारी किया नया प्लान
    आमेर से जयपुर आने वाले वाहन आमेर तिराहा, दिल्ली रोड, गलता गेट चौराहा और ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा होकर गुजरेंगे। दिल्ली रोड की तरफ से आने वाले पर्यटक आमेर तिराहा से धोबीघाट चौराहा, रामगढ़ मोड़ और आमेर रोड होते हुए आमेर फोर्ट पहुंच सकेंगे।

    जयगढ़ टी-पॉइंट से रामगढ़ मोड़ की ओर ट्रैफिक बंद रहेगा। जयगढ़ से वाहन केवल आमेर की ओर जा सकेंगे। आमेर से रामगढ़ मोड़ और आमेर तिराहा से आमेर गांधी चौक की तरफ प्रवेश निषेध रहेगा।

    जयपुर चारदीवारी ट्रैफिक अपडेट: पर्यटकों के लिए पार्किंग और नए रूट
    बड़ी पर्यटक बसें रामनिवास बाग में होंगी पार्कः बड़ी टूरिस्ट बसों को रामनिवास बाग सैटेलाइट पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा। व्यापारियों से अपने वाहन जेडीए भूमिगत पार्किंग (रामनिवास बाग), चौगान स्टेडियम पार्किंग या आतिया मार्केट के अंदर पार्क करने की अपील की गई है।

    रात 11 से सुबह 7 बजे तक मालवाहक वाहनों को प्रवेशः चारदीवारी क्षेत्र में मालवाहक वाहनों को रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक ही प्रवेश मिलेगा।

    सुभाष चौक से आने-जाने का रूट बदलेगाः बड़ी चौपड़ से सुभाष चौक की ओर दोनों तरफ से वाहनों का संचालन होगा। वहीं, सुभाष चौक से बड़ी चौपड़ की ओर आने वाले यातायात को चार दरवाजा और घोड़ा निकास रोड होते हुए रामगंज चौपड़ की तरफ डायवर्ट किया जाएगा।

    गणगौरी बाजार में भी बदलावः बांदरवाल गेट से आने वाले वाहन नगर परिषद की मोरी और शार्दुल सिंह की नाल से होते हुए गणगौरी बाजार जा सकेंगे। गणगौरी बाजार से शार्दुल सिंह की नाल होते हुए सिटी पैलेस की ओर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी।

     

  • मतदाता सूची में नाम जुड़वाना हुआ आसान, चुनाव आयोग ने SIR के अतिरिक्त घोषणा पत्र की अनिवार्यता हटाई

    मतदाता सूची में नाम जुड़वाना हुआ आसान, चुनाव आयोग ने SIR के अतिरिक्त घोषणा पत्र की अनिवार्यता हटाई

     इटावा
     मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने की प्रक्रिया अब पहले की तरह आसान हो जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा की बाध्यता समाप्त कर दी है। इससे मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के इच्छुक लोगों को फॉर्म संख्या-6 के साथ अलग से घोषणा पत्र भरने की जरूरत नहीं होगी।

    अब पात्र नागरिक पूर्व की भांति ऑनलाइन या बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगे।
    एसआईआर के दौरान फॉर्म-6 के साथ अतिरिक्त घोषणा पत्र जोड़ा गया था। इसमें आवेदक से केवल उसकी व्यक्तिगत जानकारी ही नहीं, बल्कि माता-पिता और परिवार के पुराने मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित विवरण भी मांगे जाते थे।

    इस व्यवस्था को लेकर राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए थे। घोषणा पत्र की अनिवार्यता और उसमें मांगी जा रही जानकारियों को लेकर विवाद बढ़ने के बाद निर्वाचन आयोग ने एसआइआर की प्रक्रिया पूरी हो चुके राज्यों में इसे हटाने का निर्णय लिया। आयोग के इस कदम से नए मतदाताओं को आवेदन करते समय अतिरिक्त जानकारी जुटाने की परेशानी से राहत मिलेगी।

    अतिरिक्त घोषणा पत्र में आवेदक के माता-पिता अथवा अभिभावक से संबंधित विवरण भरने का प्राविधान था। इसके अलावा परिवार के सदस्यों के पुराने मतदाता रिकॉर्ड की जानकारी भी मांगी जाती थी। आवेदक या संबंधित परिजन का नाम पिछली एसआईआर की मतदाता सूची में दर्ज था या नहीं, इसकी जानकारी देनी होती थी।

    यदि नाम दर्ज था तो संबंधित विधानसभा क्षेत्र, मतदेय स्थल (बूथ), भाग संख्या और मतदाता सूची में क्रम संख्या जैसी जानकारियां उपलब्ध करानी पड़ सकती थीं। माता-पिता अथवा अन्य संबंधित परिजन का मतदाता पहचान पत्र नंबर उपलब्ध होने पर उसका विवरण भी मांगा जाता था।

    इस अतिरिक्त प्रक्रिया के चलते ऐसे युवाओं और नए आवेदकों को परेशानी हो रही थी, जिनके पास अपने माता-पिता या परिवार के पुराने मतदाता रिकॉर्ड की पूरी जानकारी नहीं थी।

    अब सामान्य प्रक्रिया से होगा आवेदन
    उप जिला निर्वाचन अधिकारी अपर जिला अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि फॉर्म-6 का इस्तेमाल 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके या निर्धारित पात्रता के तहत नए मतदाता बनने वाले नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए किया जाता है।

    आवेदन में नाम, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर, परिवार के सदस्य से संबंधित उपलब्ध विवरण और निर्धारित पहचान एवं आयु संबंधी दस्तावेजों की जानकारी देनी होती है। आवेदन की जांच और आवश्यक सत्यापन के बाद पात्र आवेदक का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाता है।

    आवेदन ऑनलाइन निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित बीएलओ की मदद से ऑफलाइन फार्म भी जमा किया जा सकता है। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया में हुए बदलाव और अन्य निर्वाचन संबंधी जानकारियों से राजनीतिक दलों को अवगत कराया जा रहा है।

  • अखिलेश को योगी की खुली चुनौती, अयोध्या में चेलों से क्यों लड़ना, आमने-सामने हो मुकाबला

    अखिलेश को योगी की खुली चुनौती, अयोध्या में चेलों से क्यों लड़ना, आमने-सामने हो मुकाबला

    बलरामपुर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी। कहा कि अखिलेश यादव अयोध्या से नामांकन करें, वह भी वहीं से चुनाव मैदान में उतरेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, 'लड़ाई चेलों से क्यों? लड़ाई तो आमने-सामने होनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि अयोध्या उनकी आस्था की स्थली है और वहां हो रहे विकास कार्यों की निगरानी के लिए वह लगातार जाते हैं। अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में चुनावी मुकाबला भी आमने-सामने हो जाए। मुख्यमंत्री बलरामपुर के रेहरा बाजार विकासखंड के बिलरिया गांव में 803 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने सपा अध्यक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सपा के बबुआ अभी से बौखला गए हैं। अभी तो विकास की शुरुआत हुई है, आगे बहुत कुछ होना बाकी है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में अयोध्या को तीन-चार घंटे बिजली मिलती थी। विकास में बाधाएं खड़ी की जाती थीं। आज वही अयोध्या रामराज्य के नए उदाहरण के रूप में त्रेतायुग का स्मरण करा रही है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में 80 प्रतिशत सीटों पर भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए जीतेगा। विपक्ष के हिस्से अधिकतम 20 प्रतिशत सीटें ही आएंगी।
     
    सीमावर्ती क्षेत्र में छांगुर जैसे लोगों को नहीं पनपने देंगे
    मुख्यमंत्री योगी ने सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी और अवैध गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां किसी छांगुर जैसे व्यक्ति को पनपने नहीं दिया जाएगा। किसी को डेमोग्राफी बदलने की छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सपा सरकार में यह क्षेत्र तस्करी और अपराधियों की गतिविधियों का केंद्र बन गया था। अब वही क्षेत्र विकास की नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।
     
    माफिया को संरक्षण देने वालों पर बरसे मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में माफिया और अपराधियों को संरक्षण मिलता था। अपराधियों के हौसले बुलंद थे और आम नागरिक भय के माहौल में रहते थे। अब प्रदेश में कानून का राज है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी माफिया को कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जाएगी। बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा तीसरा रास्ता नहीं है।
     
    सपा का पीडीए परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी
    सपा पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उसका पीडीए वास्तव में 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' है। इसका दूसरा अर्थ 'प्रदेश डुबाऊ अलायंस' भी है। राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने दलितों, पिछड़ों और अन्य वर्गों की उपेक्षा की। एक सीट परिवार के सदस्य को दी गई, जबकि दूसरी धनबल के आधार पर बांटी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के एजेंडे में परिवार के बाहर किसी के लिए स्थान नहीं है।
     
    जीत पर पुरुषार्थ, हार पर ईवीएम को दोष
    मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव जीतने पर ये दल इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, जबकि हारने पर ईवीएम को दोष देते हैं। चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हैं और न्यायालय पर टिप्पणी करते हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर भ्रष्टाचार, दंगों और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए। कहा कि प्रदेश में अब कोई दंगा नहीं कर सकता।
     
    आपदा और वन्यजीव संघर्ष में 24 घंटे में मुआवजा
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। मानव-वन्यजीव संघर्ष में जनहानि अथवा पशुहानि होने पर भी अगले 24 घंटे में मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।
     
    बलरामपुर में दस हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में बलरामपुर के लिए दस हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की धनराशि भेजी गई है। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का सत्र शुरू हो चुका है। भवन तैयार होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। रिंग रोड, चीनी मिल विस्तार, थारू संग्रहालय और मथुरा घाट पुल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बलरामपुर को विकास के मामले में पिछड़ने नहीं दिया जाएगा।
     
    लाभार्थियों को लैपटॉप, चेक और स्वीकृति पत्र
    मुख्यमंत्री योगी ने विभागीय प्रदर्शनियां देखीं और छात्रा के विज्ञान मॉडल की सराहना की। एक बच्चे का अन्नप्राशन कराया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में विकास यादव और मोहम्मद शादाब को लैपटॉप दिए। किरण वर्मा और हिमांश यादव को कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए चार-चार लाख रुपये की सहायता से संबंधित चाबियां सौंपीं। अजय कुमार पाल, हसन रजा और गुफरान अंसारी को युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत पांच-पांच लाख रुपये के चेक दिए। किसना देवी और ननका देवी को आवास स्वीकृति पत्र तथा गुड़िया वर्मा और पिंकी को आजीविका मिशन के तहत 45 लाख रुपये का चेक दिया।
     
    जनप्रतिनिधियों ने गिनाईं उपलब्धियां
    बलरामपुर विधायक पल्टूराम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश विकास के रास्ते पर है। उन्होंने 2027 में सभी 403 विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत का दावा करते हुए लोगों से योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने का आह्वान किया। उतरौला विधायक रामप्रताप वर्मा ने कहा कि 2017 से पहले व्यापारी और महिलाएं भय के माहौल में रहते थे। योगी सरकार ने अपराधियों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर प्रदेश में शिक्षा और विकास को गति दी है।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्रा और अवधेश कुमार सिंह उर्फ मंजू सिंह, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू तथा उतरौला नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सविता गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

  • ‘कॉफी विद करण’ के बाद नया चैट शो लाने की तैयारी में करण जौहर, प्रोडक्शन राइट्स भी होंगे अपने

    ‘कॉफी विद करण’ के बाद नया चैट शो लाने की तैयारी में करण जौहर, प्रोडक्शन राइट्स भी होंगे अपने

    फिल्ममेकर करण जौहर बीते कई सालों से अपने चैट शो 'कॉफी विद करण' के जरिए दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। इस शो का 9वां सीजन 14 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है और दर्शक इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर एन्जॉय कर पाएंगे। करण जौहर इस सीजन की शुरुआत के पहले ही साफ कर चुके हैं कि यह उनका आखिरी सीजन होगा। हालांकि दर्शकों को मायूस होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि एक ताजा जानकारी के मुताबिक इधर KWK खत्म होगा और उधर करण जौहर अपने नए चैट शो की तैयारी कर रहे हैं। जिसके प्रोडक्शन राइट्स उनके पास होंगे।

    अपना अलग शो शुरू करेंगे करण?
    मिड-डे की एक रिपोर्ट के मुताबिक करण जौहर का सिर्फ इसलिए 'कॉफी विद करण' छोड़ना, ताकि वह अपनी फिल्मों के डायरेक्शन पर फोकस कर सकें, पूरा सच नहीं है। खबर के मुताबिक करण जौहर अपना खुद का चैट शो शुरू करने की प्लानिंग कर रहे हैं, जिसके प्रोडक्शन राइट्स उनके बैनर के पास होंगे। इसकी मदद से वह इस शो को इसके ऑरिजनल फॉरमैट में ला सकेंगे। ऐसे कई शोज हैं जो शुरू तो यूट्यूब पर हुए थे, लेकिन फिर उनकी पॉपुलैरिटी को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर जगह मिल गई।

    अभी मिलने हैं इन सवालों के जवाब
    एक नए चैट शो फॉर्मेट से करण जौहर को अपना खुद का आईपी बनाने के साथ-साथ इस मॉडल को एक्सप्लोर करने का मौका मिल सकता है। हालांकि उनके नए चैट शो का फॉरमैट क्या होगा, यह किस प्लेटफॉर्म पर आएगा, इसकी लॉन्च डेट क्या होगी और इसके अलावा किन मेहमानों के साथ वह शुरुआत करेंगे जैसे सवालों के जवाब मिलना अभी बाकी हैं। करण जौहर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कैसे यह उनका आखिरी सीजन होगा और यह शो उनकी जिंदगी में क्या जगह रखता है। इसके अलावा करण ने यह भी बताया कि कैसे वह डायरेक्शन को प्राथमिकता देना चाहते हैं।

    शो छोड़ने के बारे में क्या कहा था?
    करण जौहर ने इसी इंटरव्यू में कहा, "मनोरंजन जगत में 'कॉफी विद करण' मेरी पहचान का अहम हिस्सा रहा है। मुझे अभी भी यकीन नहीं होता है कि 22 साल बीत चुके हैं और मैं इस शो का 9वां सीजन होस्ट करने जा रहा हूं।" यह शो खत्म करने की बात पर करण जौहर ने कहा- मैं अपनी जिंदगी का अगला दशक और ज्यादा फिल्में डायरेक्ट करते हुए बिताना चाहता हूं। लोगों को और ढेर सारी कहानियां सुनाना चाहता हूं। तो एक भारी दिल के साथ मैं इस सीजन को अपना आखिरी सीजन बनाने जा रहा हूं।"

  • पुराना भरोसा, नया कारोबार! हाउसिंग बोर्ड के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में अतुल लालवानी ने चुनी नई जगह

    पुराना भरोसा, नया कारोबार! हाउसिंग बोर्ड के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में अतुल लालवानी ने चुनी नई जगह

    सेवा संकल्प अभियान

    सेवा की कहानी: 15 वर्षों का भरोसा फिर बना नई शुरूआत का आधार, हाउसिंग बोर्ड के नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में अतुल लालवानी ने चुना कारोबार का नया ठिकाना

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आवास के साथ व्यावसायिक अधोसंरचना के विकास को मिल रहा प्रोत्साहन

    वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में व्यापारियों को बेहतर सुविधाओं के साथ व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने की पहल

    एम्स के नजदीक बेहतर लोकेशन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और किफायती कीमत बनी आकर्षण का केंद्र

    रायपुर,
     किसी भी संस्था के प्रति विश्वास उसकी सेवाओं और कार्यों से बनता है। जब यही विश्वास वर्षों तक कायम रहता है और व्यक्ति दोबारा उसी संस्था को अपनी नई शुरूआत के लिए चुनता है, तो यह उसकी विश्वसनीयता का उदाहरण बन जाता है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के प्रति ऐसा ही भरोसा राजधानी रायपुर के टाटीबंध निवासी व्यवसायी अतुल लालवानी ने व्यक्त किया है। पिछले 15 वर्षों से हाउसिंग बोर्ड के व्यावसायिक परिसर में दुकान संचालित कर रहे लालवानी ने अब मंडल के नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में भी अपना व्यवसाय आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आवासीय सुविधाओं के विस्तार के साथ व्यावसायिक अधोसंरचना के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा नागरिकों और व्यापारियों की आवश्यकताओं के अनुरूप आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं को विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य बेहतर लोकेशन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और उचित कीमत पर संपत्तियां उपलब्ध कराकर व्यापार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।

    15 वर्षों का अनुभव बना भरोसे की सबसे बड़ी वजह

    टाटीबंध स्थित हाउसिंग बोर्ड के व्यावसायिक परिसर में पिछले 15 वर्षों से अपनी दुकान संचालित कर रहे अतुल लालवानी बताते हैं कि इतने लंबे समय तक यहां व्यवसाय करने का अनुभव उनके लिए संतोषजनक रहा है। यही कारण है कि जब हाउसिंग बोर्ड ने इसी क्षेत्र में नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की पहल की, तो उन्होंने एक बार फिर मंडल की परियोजना को प्राथमिकता दी।

    लालवानी कहते हैं, “पिछले 15 वर्षों से मैं हाउसिंग बोर्ड के व्यावसायिक परिसर में अपनी दुकान चला रहा हूं। इतने वर्षों का अनुभव ही मेरे भरोसे की सबसे बड़ी वजह है। आज जब इसी क्षेत्र में हाउसिंग बोर्ड नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स लेकर आया है, तो मैंने एक बार फिर उसी भरोसे के साथ इसे चुना है।”

    एम्स के नजदीक लोकेशन और किफायती कीमत बनी खासियत

    लालवानी के अनुसार किसी भी व्यवसाय की सफलता में उसकी लोकेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। टाटीबंध क्षेत्र में एम्स के नजदीक स्थित नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स व्यापारियों के लिए उपयोगी विकल्प बन सकता है। आसपास विकसित व्यावसायिक गतिविधियां, बेहतर आवागमन और स्थापित बाजार की उपलब्धता इस परियोजना की प्रमुख विशेषताएं हैं।

    उन्होंने बताया कि अच्छी लोकेशन के साथ निर्माण की गुणवत्ता और किफायती कीमत भी इस परियोजना को आकर्षक बनाती है। नए परिसर में बेहतर व्यावसायिक सुविधाओं और स्थापित बाजार का लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे व्यापारियों को अपने कारोबार का विस्तार करने के अवसर मिल सकते हैं।

    “हाउसिंग बोर्ड पर मेरा भरोसा आज भी कायम है”

    अतुल लालवानी का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड की व्यावसायिक परियोजनाएं छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध करा सकती हैं। अच्छी लोकेशन पर उचित कीमत में दुकान या व्यावसायिक स्थान मिलने से कारोबार को स्थायित्व और विस्तार की संभावनाएं मिलती हैं।

    वे कहते हैं, “एम्स के नजदीक लोकेशन, निर्माण की गुणवत्ता और किफायती कीमत इस परिसर की खासियत हैं। हमारे जैसे व्यापारियों के लिए अच्छी जगह पर उचित कीमत में कारोबार बढ़ाने का अवसर मिलना सराहनीय है। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड पर मेरा भरोसा आज भी कायम है।”

    आवास के साथ व्यापार और स्वरोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आवासीय परियोजनाओं के साथ व्यावसायिक परिसरों के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से व्यापारियों को सुव्यवस्थित व्यावसायिक स्थान उपलब्ध कराने तथा स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

    व्यावसायिक परिसरों का विकास केवल दुकानों और भवनों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार, स्वरोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावनाएं जुड़ी हैं।

    सरकार और हाउसिंग बोर्ड के प्रति जताया आभार

    अतुल लालवानी ने छत्तीसगढ़ सरकार और हाउसिंग बोर्ड के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार आवास के साथ व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी बहुत अच्छा काम कर रही है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ सरकार और हाउसिंग बोर्ड का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”

    लालवानी की कहानी बताती है कि किसी संस्था की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल नई परियोजनाओं का निर्माण नहीं, बल्कि हितग्राहियों का लंबे समय तक कायम रहने वाला विश्वास भी है। 15 वर्षों से हाउसिंग बोर्ड के व्यावसायिक परिसर में कारोबार कर रहे लालवानी का नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स को दोबारा चुनना इसी भरोसे का उदाहरण है। उनके लिए यह नया व्यावसायिक परिसर केवल कारोबार का नया ठिकाना नहीं, बल्कि वर्षों पुराने विश्वास के साथ आगे बढ़ने और व्यवसाय के विस्तार की नई उम्मीद भी है।