Author: NewseDay

  • SC-ST अत्याचार मामलों पर बिहार सरकार सख्त, दो महीने में लंबित मुकदमों के त्वरित निष्पादन का लक्ष्य

    SC-ST अत्याचार मामलों पर बिहार सरकार सख्त, दो महीने में लंबित मुकदमों के त्वरित निष्पादन का लक्ष्य

    पटना
     राज्य में एससी-एसटी (अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति) अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े 51 हजार से अधिक मुकदमे लंबित हैं। इन मुकदमों के जल्द निष्पादन के लिए 'ट्रायल इन एबसेंशिया' चलाया जाएगा।

    ऐसे मुकदमे जिनमें दस साल, आजीवन कारावास या मृत्युदंड की सजा का प्रविधान है और फरार अभियुक्त को विशेष न्यायालय के द्वारा अपराधी घोषित किया जा चुका है, उन मामलों में ट्रायल इन एबसेंशिया चलाने के लिए कोर्ट से लिखित अनुरोध किया जाएगा।

    भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के अंतर्गत ट्रायल इन एबसेंशिया में फरार अभियुक्तों की अनुपिस्थति में भी उनके विरुद्ध मुकदमा शुरू करने और अभियुक्त की अनुपिस्थति में सजा सुनाने का अधिकार कोर्ट को दिया गया है।

    अभियोजन निदेशालय के स्तर से एससी-एसटी के लंबित मुकदमों की समीक्षा बैठक में बताया गया कि राज्य के विशेष न्यायालयों में पुलिस पेपर के लिए 671 और आरोप गठन के लिए 516 मामले लंबित हैं।

    इसी तरह सफाई साक्ष्य के लिए 288, बहस के स्तर पर 379 और निर्णय के स्तर पर 67 यानी कुल 734 कांड लंबित हैं। इन सभी लंबित कांडों का दो माह में त्वरित निष्पादन करने का टास्क अभियोजन अधिकारियों को दिया गया है।

    कोर्ट में अधिक समय से बहस और निर्णय के स्तर पर लंबित मुकदमों की विवरणी विधि विभाग के साथ अभियोजन निदेशालय को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया है

    डीएम-एसपी की रिपोर्ट में सजा की संख्या में अंतर
    समीक्षा बैठक में पाया गया कि जिलों के डीएम-एसपी के स्तर से मिलने वाली मासिक रिपोर्ट में सजा की संख्या में अंतर होता है। इसके लिए सही-सही मिलान कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया।

    गवाहों की ससमय कोर्ट में उपिस्थति के लिए कोर्ट नायब की सूची भी निदेशालय ने तलब की है। कोर्ट में हाजिर न होने वाले गवाहों की सूचना जिले के एसपी के साथ अपराध अनुसंधान विभाग के कमजोर वर्ग की अपर पुलिस महानिदेशक को भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। कंटेस्टेड मुकदमों में अभियुक्तों के कोर्ट से रिहा होने पर अपील दायर करने को भी कहा गया है।

    ट्रायल इन एब्सेंशिया लागू करने वाल पहला राज्य है बिहार
    बिहार देश का पहला राज्य है जिसने ट्रायल इन एब्सेंशिया के तहत कोर्ट में विचारण की प्रक्रिया शुरू की है। पिछले साल दिसंबर में ही इसकी शुरुआत हुई थी।

    ट्रायल इन एब्सेंशिया में प्रविधान है कि यदि अभियुक्त या घोषित अपराधी मुकदमा से बचने के लिए भाग गया हो और उसे गिरफ्तार करने की तत्काल कोई संभावना न हो तो आरोप तय होने की तारीख से 90 दिनों की अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि के बाद मुकदमा शुरू किया जा सकता है।

     

  • कफ सिरप तस्करी मामले में बड़ा खुलासा, नेपाल-बांग्लादेश तक सप्लाई और दुबई निवेश की जांच तेज़

    कफ सिरप तस्करी मामले में बड़ा खुलासा, नेपाल-बांग्लादेश तक सप्लाई और दुबई निवेश की जांच तेज़

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप की कमाई से बढ़ा कारोबार दुबई और अन्य देशों तक पहुंचा है। कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार की जांच में अब सप्लाई नेटवर्क से लेकर रकम के कथित हवाला हस्तांतरण और दुबई में निवेश तक के साक्ष्य मिले है।

    उत्तर प्रदेश एसटीएफ की जांच से जुड़े इनपुट के अनुसार, मामले के आरोपित शुभम जायसवाल ने अपने पिता के नाम पर झारखंड में शैली ट्रेड्स फर्म बनाई थी। तीन अलग-अलग फर्मों के जरिए कई स्तरों पर बिलिंग कराता था और इसी व्यवस्था के माध्यम से कारोबार का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।

    500 करोड़ रुपये के दुबई में होटल कारोबार की जानकारी
    जांच में करीब 500 करोड़ रुपये के दुबई में होटल कारोबार की जानकारी भी सामने आई है। आरोप है कि कफ सिरप के कारोबार से अर्जित रकम का एक हिस्सा हवाला के जरिये दुबई पहुंचाया गया, जहां शुभम अपने मौसेरे भाई गौरव जायसवाल के साथ होटल कारोबार कर रहा है। इस रकम के स्रोत और निवेश से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के दस्तावेजों के आधार पर महत्वपूर्ण होगी।

    38 हजार पन्नों की चौथी चार्जशीट
    एसटीएफ ने इस मामले में करीब 38 हजार पन्नों की चौथी चार्जशीट लखनऊ एनडीपीएस, न्यायालय में दाखिल की है। इसमें शुभम जायसवाल, उसके मौसेरे भाई गौरव जायसवाल, विकास सिंह नर्वे और अमित जायसवाल को आरोपित किया गया है। चार्जशीट में लेनदेन, बिलिंग और वर्क ऑर्डर से जुड़े दस्तावेज शामिल किए जाने की जानकारी है।

    14 आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट
    इससे पहले दाखिल आरोपपत्रों के साथ अब तक 14 आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किए जाने की बात सामने आई है। एसटीएफ की जांच में वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र और गाजियाबाद समेत कई जिलों में शैली ट्रेड्स के माध्यम से बिलिंग किए जाने की कड़ियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित फर्मों के जरिए खरीदे और बेचे गए सिरप की वास्तविक सप्लाई कहां हुई और रकम का लेनदेन किन खातों के माध्यम से किया गया।

    कोडीनयुक्त सिरप की सप्लाई नेपाल व बांग्लादेश की सीमा पार
    एसटीएफ जांच में कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई नेपाल और बांग्लादेश की सीमा पार किये जाने की पुष्टी हुई हैं। इस पहलू में यह पता लगाना अहम है कि माल किन खरीदारों तक पहुंचा और सीमा पार नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका थी। कोडीनयुक्त कफ सिरप का नशे के लिए दुरुपयोग किए जाने की आशंका के बीच एसटीएफ बिलिंग और सप्लाई के दस्तावेजों का मिलान कर रही है।

    अवैध कारोबार करीब दो वर्ष से चल रहा
    जांच में यह भी आरोप है कि संबंधित अवैध कारोबार करीब दो वर्ष से चल रहा था। दिसंबर 2024 के अंतिम दिनों में जांच एजेंसी की ओर से नोटिस भेजे जाने के बाद कारोबार रोकने और जनवरी-मार्च 2025 में बचे हुए माल को फिर बेचने की कोशिश किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद जांच और गिरफ्तारियों का दायरा बढ़ने पर शुभम और गौरव भारत छोड़कर दुबई भाग गया। अब दुबई में होटल कारोबार, निवेश के स्रोत और भारत में संचालित फर्मों के साथ संभावित वित्तीय संबंधों की पुष्टि हुई है।

    बैंक खातों और सप्लाई रूट की पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए
    खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और एसटीएफ ने पिछले वर्ष इस सिंडिकेट का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि गिरोह एबॉट कंपनी से कफ सिरप की खेप खरीदकर विभिन्न राज्यों में बेचता था और इसकी आपूर्ति नेपाल व बांग्लादेश तक करता था। एसटीएफ ने नेटवर्क, बैंक खातों और सप्लाई रूट की पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए हैं। जांच के मुताबिक, अवैध कारोबार से कई सौ करोड़ रुपये की कमाई की गई। चार्जशीट में शुभम व गौरव के अलावा अमित जायसवाल और विकास सिंह नर्वे को भी आरोपी बनाया गया है।

     

  • दशहरा-दीपावली पर स्वच्छता, सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं की तैयारी में जुटी योगी सरकार

    दशहरा-दीपावली पर स्वच्छता, सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं की तैयारी में जुटी योगी सरकार

    लखनऊ
    योगी सरकार आगामी दशहरा, दीपावली सहित अन्य त्योहारों पर प्रदेशवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयारियों में जुट गई है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    ऊर्जा मंत्री ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में व्यापक साफ-सफाई, सड़कों को गड्ढामुक्त करने, जल निकासी, कूड़ा निस्तारण, फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। साथ ही मंदिरों, पूजा पंडालों और मूर्ति विसर्जन मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाने तथा सड़कों की मरम्मत समय से पूरी कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने नगर आयुक्तों से त्योहारों की तैयारियों की जानकारी लेकर व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने को कहा है।

    विद्युत सुरक्षा और निर्बाध आपूर्ति पर विशेष जोर
    ऊर्जा मंत्री ने त्योहारों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के साथ विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूजा पंडालों का निरीक्षण कर विद्युत सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने और जुलूस व शोभायात्राओं के मार्गों पर बिजली के तारों का सर्वेक्षण कराने के भी निर्देश दिए। मंत्री ने ढीले या नीचे लटके तारों को तत्काल दुरुस्त करने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है।

    ऊर्जा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहारों के दौरान रात के समय भी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने कुशल संविदा कर्मियों को फिर सेवा में रखने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए, ताकि विद्युत व्यवस्था के संचालन और रखरखाव में अनुभवी कर्मियों की सेवाएं ली जा सकें।

  • CG Farmers News: किसानों के लिए नया नियम लागू, अब खाद लेने के लिए मोबाइल ऐप जरूरी!

    CG Farmers News: किसानों के लिए नया नियम लागू, अब खाद लेने के लिए मोबाइल ऐप जरूरी!

    दुर्ग.

    किसानों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग उर्वरक विक्रय की नई डिजिटल व्यवस्था लागू कर रहा है।

    इस व्यवस्था के तहत किसानों को अब खरीफ और रबी सीजन की खेती के लिए मोबाइल ऐप के माध्यम से खाद की खरीदी करनी होगी। रबी सीजन में किसानो को टोकन के माध्यम से खाद मिलेगा। जानकारी के मुताबिक, मोबाइल ऐप आधारित उर्वरक वितरण प्रणाली को पहले गरियाबंद एवं बीजापुर जिलों में मॉडल के रूप में संचालित किया गया था। इसके सफल क्रियान्वयन के बाद अब रबी सीजन 2026-27 से इसे पूरे छत्तीसगढ़ में लागू किया जा रहा है। यह किसानों के लिए नई व्यवस्था होगी। कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण को सुव्यवस्थित करना, कालाबाजारी पर नियंत्रण रखना तथा किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में होने वाली अनावश्यक परेशानियों को कम करना है।

    नई प्रणाली के माध्यम से पीओएस मशीन से अनिवार्य विक्रय, उपलब्ध स्टाक का रियल टाइम मिलान, पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन एवं आधार लिंकिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। इससे उर्वरकों की अग्रिम मांग का आकलन करने, भंडारण एवं वितरण की बेहतर कार्ययोजना तैयार करने तथा अमानक उर्वरकों और कालाबाजारी पर निगरानी मजबूत करने में सहायता मिलेगी।

    टोकन के लिए करना होगा यह प्रक्रिया
    नई व्यवस्था के तहत किसान मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से उर्वरक खरीदी की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। जिन किसानों के पास स्वयं का मोबाइल फोन नहीं है, वे परिवार के किसी अन्य सदस्य के मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से एफएफएस फर्टिलाइजर ऐप इंस्टाल कर आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद टोकन अथवा क्यूआर कोड के माध्यम से नजदीकी निर्धारित केंद्र से अनुशंसित मात्रा में उर्वरक प्राप्त किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे।

  • मुरादाबाद की बेटियों की ढाल बनीं एसआई समीक्षा ठाकुर, शोहदों पर कसा शिकंजा

    मुरादाबाद की बेटियों की ढाल बनीं एसआई समीक्षा ठाकुर, शोहदों पर कसा शिकंजा

    मुरादाबाद
    नवरात्र में पूरा जनपद मां दुर्गा की आराधना में लीन है। पंडालों और मंदिरों में घंटियां गूंज रही हैं, और उसी समय सड़कों, बाजारों, चौराहों और गांव की चौपालों पर शक्ति का एक और रूप दिख रहा है- खाकी वर्दी में मुस्तैद महिला पुलिसकर्मी। इस मोर्चे का प्रतिनिधि रूप हैं मुरादाबाद की मिशन शक्ति सेल प्रभारी उप निरीक्षक समीक्षा ठाकुर, जो मानती हैं कि महिलाएं सिर्फ चहारदीवारी या सुरक्षित नौकरियों के लिए नहीं बनी हैं। वे खाकी पहनकर हर बहन-बेटी की ढाल भी बन सकती हैं। समीक्षा इसी संकल्प के साथ दिन-रात आधी आबादी को अभयदान देने में जुटी हैं।

    गांव की दहलीज से खाकी तक
    मां दुर्गा का एक रूप दृढ़ता का है, और समीक्षा की कहानी इसी से शुरू होती है। मेरठ के सरूरपुर खुर्द थाना क्षेत्र के पांची गांव की इस बेटी ने उस दौर में पढ़ाई और नौकरी का सपना देखा, जब गांवों में लड़कियों के लिए सोच बेहद सीमित थी। उन्होंने देखा कि अधिसंख्य महिलाएं लोकलाज व डर के मारे छेड़खानी व उत्पीड़न की तकलीफ दिल में दफन कर लेती थीं। यही टीस उनकी प्रेरणा बनी। 30 जून 2019 को पुलिस सेवा में शामिल होकर उन्होंने प्रशिक्षण पूरा किया और संकल्प लिया कि पीड़ितों की आवाज बनेंगी और उनका संकोच मिटाएंगी। आज वह ग्रामीण परिवेश की हर उस बेटी के लिए मिसाल हैं, जो सपनों को पंख देना चाहती है।

    चौपाल में संवाद: टूट रहा हिचक का दायरा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच के तहत 'मिशन शक्ति’ फेज-5.0 में समीक्षा के नेतृत्व में पुलिस टीम हर रविवार रोस्टर के अनुसार गांवों और कस्बों में 'बहू-बेटी सम्मेलन' और चौपाल कर रही हैं। कभी थाने जाने से कतराने वाली ग्रामीण महिलाएं अब महिला पुलिसकर्मियों को अपना साथी मानती हैं। स्कूल-कॉलेजों में शिकायत पेटिकाएं लगाई गई हैं। महिला बीट अधिकारी अपने मोबाइल नंबर छात्राओं से साझा कर रही हैं, ताकि नाम गोपनीय रखते हुए भी शिकायत दर्ज कराई जा सके। संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और पीआरवी की नियमित गश्त से माहौल सुरक्षित बनाया गया है।

    शोहदों पर जीरो टॉलरेंस का कहर
    समीक्षा बताती हैं कि जिले के सभी 20 थानों में एंटी रोमियो स्क्वाड और मिशन शक्ति केंद्र सक्रिय हैं। स्कूल-कॉलेज खुलने और छूटने के समय, कोचिंग संस्थानों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में विशेष चेकिंग अभियान चलता है। हाल में कटघर थाना क्षेत्र की चौकी दससराय में महिलाओं की शिकायत पर महिला उप निरीक्षक सोनम पुनिया की टीम ने राह चलती युवतियों पर अश्लील फब्तियां कसने वाले एक शोहदे को दबोच कर उसे जेल भेजा। महिला सुरक्षा दस्तों ने भी ऐसे शोहदों के खिलाफ कई मामले दर्ज कराए हैं।

    सख्ती के साथ संवेदना का चेहरा भी
    खाकी सिर्फ सख्ती का नाम नहीं है, उसमें ममता भी है। समीक्षा बताती हैं कि मूढापाण्डे थाने में मिशन शक्ति सेल की महिला उप निरीक्षक सुनीता और उनकी टीम ने जेल में निरुद्ध एक महिला के तीन मासूम बच्चों का भविष्य संवारा। टीम ने बच्चों को स्कूल में एडमिशन कराया और साल भर की फीस भी जमा कराई। बच्चों के लिए स्कूल ड्रेस व कॉपी-किताबें भी खरीदीं। इसी तरह सिविल लाइंस क्षेत्र से लापता हुए तीन बच्चों को महिला निरीक्षक ऊषा मलिक की टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तलाशा और सकुशल परिजनों को सौंपा। कोतवाली क्षेत्र में लापता तीन वर्षीय बच्चे को उप निरीक्षक चंद्रप्रभा गौतम की टीम ने एक घंटे के भीतर खोजकर परिवार की गोद में लौटाया।

    पीड़ितों का सहारा बने मिशन शक्ति केंद्र
    मिशन शक्ति केंद्र पर पॉक्सो एक्ट के मामलों से जुड़ी पीड़ित बालिकाओं और महिलाओं की विशेषज्ञों से काउंसिलिंग कराई जा रही है। मकसद है उन्हें मानसिक आघात से उबारना, चिकित्सीय जांच सुनिश्चित करना और पढ़ाई की आर्थिक अड़चनें दूर करना, जिसके लिए फीस माफी तक की व्यवस्था कराई जा रही है। समीक्षा के इस समर्पण के लिए उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह के अलावा कई सामाजिक संस्थाओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है।

    जिम्मेदारी मिलने से बढ़ा आत्मविश्वास
    समीक्षा कहती हैं कि पहले पुलिसिंग को केवल पुरुषों का दायित्व माना जाता था। अब हर बीट, हर चौराहे और संवेदनशील स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी मिलने से उनका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा है। नवरात्र के अवसर पर उनका संदेश साफ है कि हर बेटी और महिला बिना किसी भय के अपने सपने पूरे करे, उनकी सुरक्षा और संबल के लिए योगी सरकार की पुलिस चौबीसों घंटे तैनात है।

  • MP News: भोपाल के ज्यादातर प्रमुख चौराहों पर शोर का स्तर खतरनाक, 47 जगहों पर ध्वनि प्रदूषण की समस्या

    MP News: भोपाल के ज्यादातर प्रमुख चौराहों पर शोर का स्तर खतरनाक, 47 जगहों पर ध्वनि प्रदूषण की समस्या

    भोपाल.

    भोपाल के चौराहों पर ट्रैफिक और हॉर्न का शोर तय सीमा पार कर रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की जांच में 69 प्रमुख चौराहों में से 47 पर ध्वनि प्रदूषण निर्धारित मानक से ज्यादा मिला, जबकि 22 पर सीमा के भीतर रहा।

    सबसे ज्यादा औसत शोर काली मंदिर तिराहे पर 89.90 डेसिबल और अल्पना तिराहे पर 88.56 डेसिबल दर्ज हुआ। व्यावसायिक क्षेत्रों में दिन के समय निर्धारित सीमा 65 डेसिबल है। इस लिहाज से दोनों जगह क्रमशः 24.90 और 23.56 डेसिबल ज्यादा शोर मिला। पीसीबी ने 21 से 24 सितंबर 2026 के बीच सुबह 10 से शाम 6 बजे तक जांच की। नियम 5(4) के अलग आकलन में 21 चौराहों पर सीमा पार हुई। आम आदमी पर क्या असर यदि कोई यातायात पुलिसकर्मी, वाहन चालक, ठेला संचालक या दुकानदार रोज कई घंटे ऐसे शोर के बीच रहता है, तो उसका तनाव एक-दो मिनट वहां से गुजरने वाले व्यक्ति की तुलना में ज्यादा हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रीय व्यावसायिक सुरक्षा संस्थान ने काम के दौरान 85 डेसिबल के शोर पर 8 घंटे की सीमा सुझाई है। लंबे समय तक ऐसे शोर में खड़े रहने से कान, आंख में खराबी और मानसिक पीड़ा भी हो सकती है।

    रिहायशी इलाकों में भी राहत नहीं
    तय सीमा 55 डेसिबल है, लेकिन कोहेफिजा में 76.34 और त्रिलंगा में 75.02 डेसिबल शोर

    लाउडस्पीकर बंद, फिर भी शोर ज्यादा
    मामला ट्रैफिक सिग्नलों पर लगे सार्वजनिक लाउडस्पीकर की शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता राशिद नूर खान की याचिका पर एनजीटी ने 21 मई 2026 को पीसीबी को ध्वनि स्तर की व्यापक जांच, ध्वनि मानचित्रण और उद्घोषणा तंत्र के नियमों की समीक्षा के निर्देश दिए थे। इसके बाद पीसीबी ने 21 से 24 सितंबर 2026 तक सुबह 10 से शाम 6 बजे के बीच चौराहों पर शोर मापा। याचिकाकर्ता के वकील हर्षवर्धन तिवारी के मुताबिक, जांच में 69 में से 68 चौराहों पर लाउडस्पीकर बंद थे। केवल कोलार तिराहे पर चालू मिला। ज्यादा शोर का कारण केवल लाउडस्पीकर होना साबित नहीं होता। वाहनों की आवाजाही आसपास शोर बढ़ाती हैं। जांच में 22 चौराहों पर शोर तय सीमा के भीतर मिला। वहीं, नियम 5(4) के अलग आकलन में 21 चौराहों पर निर्धारित सीमा पार हुई।

  • F-35 खरीदने की चर्चा के बीच एपी सिंह का बयान, भारत को अब तक नहीं मिला आधिकारिक प्रस्ताव

    F-35 खरीदने की चर्चा के बीच एपी सिंह का बयान, भारत को अब तक नहीं मिला आधिकारिक प्रस्ताव

     नई दिल्ली
    भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने  अमेरिका के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान F-35 को लेकर तंज कसा. उन्होंने कहा कि अमेरिकी अधिकारी भारतीय अधिकारियों को इस लड़ाकू विमान के पास तक नहीं जाने देते, जबकि इसे भारत को बेचने की बात हो रही है. वायुसेना प्रमुख ने यह टिप्पणी अमेरिकी प्रशांत वायुसेना के कमांडर जनरल केविन श्नाइडर की मौजूदगी में की.

    दरअसल, जोधपुर में बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास 'तरंग शक्ति-2026' के समापन समारोह के मौके पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी. इसमें भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और अमेरिकी प्रशांत वायुसेना के कमांडर जनरल केविन श्नाइडर एक साथ मंच पर मौजूद थे. इस दौरान वायुसेना प्रमुख से पूछा गया कि क्या अमेरिका ने अपने पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान F-35 को भारत को बेचने का कोई आधिकारिक प्रस्ताव दिया है?

    इस सवाल पर एपी सिंह ने कहा, 'आपके लोग हमें विमान के पास भी नहीं जाने देते और आप इसे हमें बेचने की बात कर रहे हैं.' उनकी इस टिप्पणी ने अमेरिकी लड़ाकू विमान को भारत को बेचे जाने की चर्चाओं की ओर ध्यान खींचा.

    F-35 को लेकर अमेरिका ने नहीं दिया कोई आधिकारिक प्रस्ताव
    वायुसेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की ओर से F-35 लड़ाकू विमान की बिक्री को लेकर भारत को अब तक कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं मिला है. उन्होंने यह बात ऐसे समय में कही, जब अमेरिका की ओर से भारत को इस अत्याधुनिक लड़ाकू विमान की संभावित बिक्री को लेकर चर्चाएं सामने आ रही हैं. खास बात यह रही कि एपी सिंह ने यह टिप्पणी वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य कमांडर की मौजूदगी में की.

    रूस के Su-57 लड़ाकू विमान पर क्या बोले वायुसेना प्रमुख?
    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय वायुसेना प्रमुख से रूस के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान Su-57 को लेकर भी सवाल किया गया. इस पर उन्होंने बताया कि रूस की ओर से इस विमान को लेकर दिया गया प्रस्ताव भारतीय वायुसेना के संज्ञान में आया है. हालांकि, अभी तक इस बात पर कोई फैसला नहीं हुआ है कि इस लड़ाकू विमान का मूल्यांकन किया जाना चाहिए या नहीं.

    एपी सिंह ने कहा, 'एक बार सरकार की ओर से हमें फैसला बता दिया जाएगा, तो हम मूल्यांकन करेंगे कि Su-57 हमारी जरूरतों को किस हद तक पूरा करता है.' उनके बयान से स्पष्ट है कि रूसी लड़ाकू विमान को लेकर अभी मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय नहीं हुआ है.

    भारत खुद भी बना रहा पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान
    भारतीय वायुसेना प्रमुख की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब भारत अपनी भविष्य की लड़ाकू विमान संबंधी जरूरतों का आकलन कर रहा है. इसके साथ ही भारत स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के विकास पर भी काम कर रहा है.
    भारत की दीर्घकालिक रक्षा योजनाओं में स्वदेशी लड़ाकू विमानों का विकास और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है.

    तरंग शक्ति-2026 युद्धाभ्यास का समापन
    जोधपुर में आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास 'तरंग शक्ति-2026' में भारतीय वायुसेना समेत कुल आठ देशों की वायुसेनाओं ने भाग लिया. इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न देशों की वायुसेनाओं के बीच परिचालन सहयोग बढ़ाना और पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान करना था. इसी युद्धाभ्यास के समापन समारोह के दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय वायुसेना प्रमुख ने अमेरिकी F-35 और रूसी Su-57 लड़ाकू विमानों को लेकर भारत की स्थिति स्पष्ट की.

  • जयपुर समेत राजस्थान में नए गैस कनेक्शन का इंतजार, घरेलू सिलेंडर की कीमत 945 रुपये और कमर्शियल 1650 रुपये

    जयपुर समेत राजस्थान में नए गैस कनेक्शन का इंतजार, घरेलू सिलेंडर की कीमत 945 रुपये और कमर्शियल 1650 रुपये

    जयपुर
    राजस्थान में नए घरेलू गैस कनेक्शन नहीं मिलने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। करीब सात महीने से नए घरेलू गैस कनेक्शन जारी करने पर रोक के कारण उन परिवारों को इंतजार करना पड़ रहा है, जो नया घर बनाने या उसमें प्रवेश करने के बाद रसोई शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में लोगों के सामने खाना बनाने के लिए गैस की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है।

    1400 गैस एजेंसियों पर नए कनेक्शन के लिए पहुंच रहे लोग
    प्रदेश में करीब 1400 गैस एजेंसियों पर नए घरेलू कनेक्शन के लिए लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में नए घरेलू गैस कनेक्शन जारी नहीं किए जा रहे हैं। इसके चलते कुछ परिवार व्यावसायिक गैस कनेक्शन लेने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं।

    घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत में बड़ा अंतर
    घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमत में बड़ा अंतर होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 14.2 किलोग्राम का घरेलू गैस सिलेंडर 945 रुपए में मिलता है, जबकि 10 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत 1650 रुपए बताई गई है। ऐसे में व्यावसायिक सिलेंडर लेना लोगों के लिए महंगा विकल्प साबित हो सकता है

    मंत्रालय के राहत के ऐलान से भी नहीं मिली राहत
    रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान पैदा हुए गैस संकट के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने मार्च में नए घरेलू गैस कनेक्शन जारी करने पर रोक लगा दी थी। 25 जून को मंत्रालय की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बावजूद नए कनेक्शन शुरू होने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को राहत नहीं मिली।

    जल्द कदम उठाने की मांग, केंद्र को लिखा पत्र
    नए घरेलू गैस कनेक्शन नहीं मिलने से परेशान लोगों ने जल्द समाधान की मांग की है। रिपोर्ट में राजस्थान राज्य स्तरीय समन्वयक (गैस कंपनियां) मनोज गुप्ता के हवाले से कहा गया है कि इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से कदम उठाया जाएगा।

    वहीं, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा के अनुसार, नए कनेक्शन जारी करने पर लगी रोक हटाने का प्रयास किया गया है। अब लोगों को इंतजार है कि घरेलू गैस कनेक्शन की प्रक्रिया कब दोबारा शुरू होगी और उन्हें कब राहत मिलेगी।

  • झारखंड में बिहार के अधिकारियों की अध्ययन यात्रा, महिला समूहों से लेकर औद्योगिक परियोजनाओं तक समझीं कार्यप्रणालियां

    झारखंड में बिहार के अधिकारियों की अध्ययन यात्रा, महिला समूहों से लेकर औद्योगिक परियोजनाओं तक समझीं कार्यप्रणालियां

    रांची
     बिहार और झारखंड में आपसी सहयोग की नई पहल हुई है। कई सालों बाद बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान ने अपने सरकारी सेवकों को झारखंड में प्रशिक्षण दिलाने में रुचि दिखाई है। बिहार के नवचयनित 78 अधिकारियों को अध्ययन यात्रा पर झारखंड के श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में (स्कीपा) भेजा गया।

    पटना, दरभंगा, बेगूसराय, गया, वैशाली, कटिहार, औरंगाबाद, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, सीतामढ़ी, भागलपुर, बेतिया, नवादा, सिवान, शिवहर, बांका, किशनगंज समेत और जिलों के रहने वाले प्रशिक्षुओं को बेहतर प्रशासन चलाने के गुर बताए गए। उन्हें झारखंड में वैसे स्थानों पर भेजा गया जहां कुछ नया देख सके, जान सके, कुछ नया सीख सके।

    बिहार के सरकारी सेवकों को भारत सरकार के उपक्रम सेंट्रल कोल फील्ड लिमिटेड (सीसीएल) का चतरा के टंडवा में आम्रपाली प्रोजेक्ट दिखाया गया। वहां कोयला खनन की विधि बताई गई। फिर वहीं एनटीपीसी के थर्मल पावर प्रोजेक्ट का भ्रमण कराया गया।

    बेड़ो प्रखंड में स्वयं सहायता समूह पलाश के बेहतरीन कामकाज को समझने का अवसर मिला। हुंडरू और जोन्हा जलप्रपात भी दिखाया गया ताकि झारखंड के प्राकृतिक पर्यटन स्थल सदैव बिहार के अधिकारियों स्मृति में रहें।

    उन्हें जमशेदपुर के टेल्को में टाटा मोटर्स का कारखाना घूमने का भी मौका मिला। वहां बताया गया कि कैसे ट्रक का उत्पादन होता है। प्रशिक्षु अधिकारियों ने झारखंड विधानसभा का भी भ्रमण किया।

    इन सेवाओं के प्रशिक्षु आए
    बिहार प्रशासनिक सेवा, पुलिस, ग्रामीण विकास, राजस्व, श्रम प्रवर्तन, खाद्य आपूर्ति, लेखा, अल्पसंख्यक कल्याण, पंचायती राज, सहकारिता और नियोजन।

    बिहार से अधिकारियों को अध्ययन यात्रा पर भेजने का प्रस्ताव आया। वहां से आए सरकारी सेवकों को बेहतर प्रशासन के तौर तरीके बताए गए। झारखंड में वैसी जगहों की यात्रा कराई गई जहां कुछ नया ज्ञान मिले। उम्मीद है कि यह सिलसिला और आगे बदेगा।
        -मनीष रंजन, निदेशक, श्री कृष्ण लोक प्रशासन संस्थान

    श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान के निदेशक ने डाटा आधारित शासन व्यवस्था का प्रशिक्षण दिया। अनन्या मित्तल ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के बारे में बताया। टाटा स्टील देखे। आम्रपाली में कोयला खान देखने को मौका मिला। प्रकृति ने झारखंड को बहुत कुछ दिया है। यादगार अनुभव रहेगा।
        -विकास कुमार, प्रशिक्षु अधिकारी, राजस्व सेवा, बिहार सरकार

    प्रशिक्षण सत्र बेहतरीन रहा। झारखंड में बहुत कुछ देखने और समझने का मौका मिला। मिशन पलाश की दीदियों की तरक्की काबिले तारीफ है। महिला सशक्तिकरण का काम बेहतर हो रहा है। पतरातू देखे। यहां के पर्यटन स्थल वाकई खूबसूरत है। यहां के सीएम की माता के निधन की सूचना से दुख हुआ।
        -पूजा कुमारी, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार

     

  • पर्व से पहले पटना में खाद्य विभाग की कार्रवाई, लाखों की खाद्य सामग्री जब्त; रसोई की सफाई पर उठे सवाल

    पर्व से पहले पटना में खाद्य विभाग की कार्रवाई, लाखों की खाद्य सामग्री जब्त; रसोई की सफाई पर उठे सवाल

    पटना
    पर्व से पहले खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शनिवार को एसपी वर्मा रोड स्थित पिस्ता हाउस, पाइरेट्स आफ ग्रिल और अन्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।

    पिस्ता हाउस में 58.5 किलोग्राम ड्राय फ्रूट्स व अन्य खाद्य सामग्री जब्त की गई और एक्सपायरी तंदूरी व गरम मसाले के 117 पैकेट नष्ट किए गए। खाद्य संरक्षा विभाग ने कमियां दूर करने के निर्देश दिए।

    खाद्य संरक्षा आयुक्त सह स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि के निर्देश पर अभिहित पदाधिकारी सुदामा चौधरी और खाद्य संरक्षा पदाधिकारी डॉ. सुदिन कुमार सुमन ने भंडारण, रसोई की स्वच्छता, जल निकासी, कीट नियंत्रण और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता की जांच की।

    पिस्ता हाउस से 15 किलोग्राम ड्राय चेरी, 42 किलोग्राम ड्राय पाइनएप्पल, 32 किलोग्राम ड्राय जिंजर और 7.5 किलोग्राम डेट्स पेस्ट जब्त किया गया। इनका मूल्य करीब 56,400 रुपये बताया गया।

    डेट्स पेस्ट की ब्रांडिंग में अनियमितता और आयातित खाद्य पदार्थों पर आवश्यक विवरण का अभाव मिला। एमडीएच तंदूरी मसाले के 66 पैकेट (6,468 रुपये) और गरम मसाले के 51 पैकेट (5,559 रुपये) एक्सपायरी पाए गए। सभी पैकेट नष्ट करा दिए गए।

    पाइरेट्स आफ ग्रिल से पांच किलोग्राम लाल मिर्च पाउडर, पांच किलोग्राम धनिया पाउडर और सोंठ पाउडर के तीन पैकेट जब्त किए गए।

    इनकी कीमत क्रमशः 62,500 रुपये, 4,500 रुपये और 1,050 रुपये बताई गई। लाल मिर्च पाउडर की मात्रा और कीमत के अनुपात पर विभागीय विवरण की पुष्टि आवश्यक बताई गई।

    रसोई के जल निकासी मार्ग पर पानी जमा था और फ्रीजर में शाकाहारी-मांसाहारी खाद्य पदार्थ साथ रखे थे। बिल पर एफएसएसएआइ लाइसेंस संख्या नहीं थी।

    आटो-जेनरेटेड निरीक्षण रिपोर्ट में 116 में से 112 अंक यानी 97 प्रतिशत मिले। संचालक को खाद्य सामग्री अलग रखने, जल निकासी सुधारने और माप उपकरणों का कैलिब्रेशन कराने के निर्देश दिए गए। बर्गर सिंह हाउस से इमल्सीफाइड सास (फ्राइ डिप) और मेयोनेज के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए।