Author: NewseDay

  • अभिषेक बनर्जी की याचिका पर बढ़ी हलचल, TMC के 20 बागी सांसदों को जवाब देने के लिए मिली नई समयसीमा

    अभिषेक बनर्जी की याचिका पर बढ़ी हलचल, TMC के 20 बागी सांसदों को जवाब देने के लिए मिली नई समयसीमा

    नई दिल्ली
     लोकसभा स्पीकर के ऑफिस ने TMC नेता अभिषेक बनर्जी की याचिका का जवाब देने के लिए 20 बागी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसदों को 20 अक्टूबर तक का समय दिया है। स्पीकर के ऑफिस ने शुक्रवार को इन 20 सांसदों को चिट्ठी भेजी। इससे पहले, 25 सितंबर को स्पीकर ने उन्हें 8 अक्टूबर तक का समय दिया था।

    गुरुवार, 8 अक्टूबर को सांसदों ने स्पीकर को चिट्ठी लिखकर समय सीमा 22 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग की, जो उनकी पिछली मांग थी। यह तीसरी बार था जब सांसदों ने समय बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि, स्पीकर ने अब उन्हें 22 अक्टूबर के बजाय 20 अक्टूबर तक का समय दिया है, जबकि सांसदों ने 22 अक्टूबर तक का समय मांगा था।

    ममता के नेतृत्व वाली टीएमसी से अलग हो गए थे सांसद
    इन सांसदों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ बगावत की थी और बाद में एक अलग राजनीतिक पार्टी के तौर पर मान्यता पाने के लिए NCPI में शामिल हो गए थे। संसद के मॉनसून सत्र से पहले, स्पीकर ने इन 20 बागी सांसदों के लिए बैठने की अलग व्यवस्था की थी। हालांकि, स्पीकर के ऑफिस ने अभी तक उन्हें संसदीय पार्टी के तौर पर मान्यता नहीं दी है।

    अभिषेक बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया था निर्देश
    25 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि लोकसभा स्पीकर को इस याचिका पर जल्द से जल्द फैसला लेना चाहिए। बनर्जी की याचिका में 'लोकसभा सदस्य (दल-बदल के आधार पर अयोग्यता) नियम, 1985' के नियम 6 के तहत 20 बागी सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग की गई है।

     

  • Punjab News: संतान सुख मिलने पर निभाई आस्था की परंपरा, अमृतसर में बच्चों ने धारण किया ‘लंगूर का बाना’

    Punjab News: संतान सुख मिलने पर निभाई आस्था की परंपरा, अमृतसर में बच्चों ने धारण किया ‘लंगूर का बाना’

    अमृतसर.

    पवित्र नगरी अमृतसर स्थित ऐतिहासिक श्री दुर्ग्याणा तीर्थ परिसर के बड़े हनुमान मंदिर में रविवार से प्रसिद्ध लंगूर मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले इस मेले में भाग लेने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु अपने बच्चों के साथ मंदिर पहुंच रहे हैं।

    लाल गोटेदार पोशाक, सिर पर शंकु आकार की टोपी और हाथ में छोटी छड़ी लिए नन्हे-मुन्ने बच्चे पूरे परिसर में बजरंगबली के स्वरूप में नजर आ रहे हैं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा है।

    संतान प्राप्ति की मन्नत से जुड़ी है गहरी आस्था
    बड़े हनुमान मंदिर में लगने वाले इस मेले को लेकर श्रद्धालुओं में अटूट श्रद्धा है। मान्यता है कि जिन निसंतान दंपतियों की मनोकामना श्री हनुमान जी के आशीर्वाद से पूरी होती है, वे नवरात्र के दौरान अपने बच्चे को यहां लेकर आते हैं और उसे लंगूर का बाना पहनाते हैं। इस अवधि में बच्चों को साक्षात बजरंगबली का स्वरूप मानकर पूजा जाता है।

    10 दिनों तक चलता है कठिन साधना का दौर
    धार्मिक परंपरा के अनुसार, लंगूर का रूप धारण करने वाले बच्चों को नवरात्र के पूरे 10 दिनों तक इसी विशेष वेशभूषा में रहना पड़ता है। इस दौरान बच्चों और उनके परिजनों को कई कड़े नियमों व धार्मिक मर्यादाओं का पालन करना होता है। जमीन पर सोना, सात्विक दिनचर्या और विशेष पूजा-अर्चना इस साधना का हिस्सा होती है।

    दशहरे के अगले दिन उतरता है चोला
    मंदिर परंपरा के मुताबिक, विजयादशमी (रावण दहन) के अगले दिन सुबह लंगूर बने बच्चे बड़े हनुमान मंदिर में नतमस्तक होते हैं। इसके पश्चात विधि-विधान से उनका यह चोला उतारा जाता है और इसी के साथ नवरात्र से शुरू हुई 10 दिवसीय धार्मिक साधना संपन्न होती है। विशिष्ट आस्था और अनूठी संस्कृति को समेटे इस मेले को देखने और बाल-लंगूरों का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर परिसर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।

  • योगी सरकार किसानों की मदद को आगे आई, आंधी-तूफान से गिरे पेड़ों के निस्तारण में मिलेगी राहत

    योगी सरकार किसानों की मदद को आगे आई, आंधी-तूफान से गिरे पेड़ों के निस्तारण में मिलेगी राहत

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में सितंबर-अक्टूबर महीने में चक्रवाती तूफान, तेज आंधी और अतिवृष्टि से कई स्थानों पर किसानों के खेतों व निजी भूमि पर बड़ी संख्या में पेड़ों के उखड़ने और गिरने की घटनाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों को राहत देने और गिरे हुए वृक्षों का नियमानुसार तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलाधिकारियों, प्रभागीय वनाधिकारियों (डीएफओ) और उत्तर प्रदेश वन निगम को निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

    किसानों के आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि निजी भूमि और खेतों में गिरे पेड़ों को हटाने व उनके निस्तारण के लिए किसानों की ओर से दिए जाने वाले आवेदनों पर वन विभाग और उत्तर प्रदेश वन निगम तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करें। आवेदनों के निस्तारण में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो, ताकि प्रभावित किसान जल्द राहत प्राप्त कर सकें। गिरे हुए पेड़ों की लकड़ी के परिवहन और निस्तारण में किसानों को किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए आवश्यक अभिवहन अनुज्ञा पत्र (ट्रांजिट परमिट) प्राथमिकता के आधार पर जारी किए जाएं। परमिट जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित वन नियमों के अनुरूप पूरी की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी भूमि पर गिरे वृक्षों की लकड़ी के निस्तारण में अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।

    सड़कों पर गिरे पेड़ तत्काल हटाए जाएं
    सीएम योगी के निर्देशानुसार, तेज आंधी और तूफान के कारण सार्वजनिक मार्गों पर गिरे पेड़ों को तत्काल हटाया जाए। मार्ग अवरोधों का शीघ्र समाधान किया जाए, जिससे यातायात सुचारु बना रहे और आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों और प्रभागीय वनाधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रभावित किसानों को पेड़ों के निस्तारण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के मानसिक या आर्थिक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।

    पारदर्शिता से होगा गिरे पेड़ों का निस्तारण
    मुख्यमंत्री ने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर जोर दिया है। गिरे हुए वृक्षों को हटाने और उनके निस्तारण से संबंधित सभी कार्य निर्धारित वन नियमों के अनुसार किए जाएंगे। सीएम ने स्पष्ट कहा है कि संकट की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए संकल्पबद्ध है।

  • नारी का सम्मान और स्वावलंबन ही रामराज्य का आधार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    नारी का सम्मान और स्वावलंबन ही रामराज्य का आधार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    बलरामपुर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नारी को सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन मिलेगा तो रामराज्य की स्थापना को कोई ताकत नहीं रोक सकती। मां भगवती की आराधना का वास्तविक अर्थ भी यही है कि समाज हर महिला के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में हर पांचवीं बेटी स्कूल में दाखिला लेने के बाद बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती थी। स्कूलों में शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाएं नहीं थीं। आज प्रदेश के 1.60 करोड़ बच्चों को हर साल दो यूनिफॉर्म, बैग, पुस्तकें, स्वेटर और जूते-मोजे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बेटियों की शिक्षा और महिलाओं का स्वावलंबन सरकार की प्राथमिकता है।
     
    मुख्यमंत्री योगी रविवार को देवीपाटन मंदिर प्रांगण में शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित 'शिक्षा की उड़ान' पहल के तहत स्टडी टेबल एवं आशीर्वाद पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवदुर्गा स्वरूप नौ कन्याओं का तिलक किया, चुनरी ओढ़ाई और चॉकलेट भेंट की। बेटियों को सम्मानित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति की उपासना की परंपरा रही है। नवरात्रि इसी संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और विजयदशमी पर भगवान राम के विजय उत्सव को भव्यता से मनाने की बात कही।
     
    स्कूल छोड़ने वाली बेटियों की जांच कराई तो सामने आई हकीकत
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद उन्होंने बड़ी संख्या में बेटियों के स्कूल छोड़ने की वजह पूछी। पहले विद्यालयों की दूरी को कारण बताया गया। जांच के लिए टीम गठित की तो सामने आया कि स्कूलों में शौचालय और पेयजल तक की व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालय बनवाने, पेयजल उपलब्ध कराने और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। उस समय 60 से 70 प्रतिशत बेटियां नंगे पैर स्कूल जाती थीं। कई बच्चों के पास सर्दियों में स्वेटर तक नहीं होते थे। सरकार ने बच्चों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और अन्य सुविधाएं देने की व्यवस्था शुरू की।
     
    सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प से सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदली जा रही है। स्कूलों में बेहतर फर्श और फर्नीचर के साथ स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित हो रही हैं। जिन बच्चों की पहुंच कभी कंप्यूटर तक नहीं थी, वे भी आधुनिक शिक्षा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने आकांक्षी जनपद में मंडलायुक्त और जिला प्रशासन की स्टडी टेबल वितरण पहल की सराहना की। कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और स्वावलंबन का लाभ बिना भेदभाव हर वर्ग तक पहुंचेगा।
     
    घर की मालकिन के नाम जाएगी आवास की धनराशि
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना में धनराशि घर की महिला मुखिया के नाम जाएगी। मकान का मालिकाना अधिकार भी उसी का होगा। उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन महिलाओं के नाम दिए जा रहे हैं। एक करोड़ से अधिक परिवारों को मिली घरौनी में महिला सदस्यों को मालिकाना अधिकार मिला है। तीन करोड़ से अधिक घरों में शौचालय निर्माण नारी गरिमा की रक्षा का भी अभियान है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 1.10 करोड़ परिवारों को वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन के तहत सालाना 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
     
    अहिल्याबाई से लक्ष्मीबाई तक नारी शक्ति के उदाहरण
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि माता कौशल्या, जानकी, शबरी, देवकी, यशोदा, द्रौपदी, मैत्रेयी और गार्गी भारतीय नारी के सामर्थ्य की प्रतीक हैं। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और केदारनाथ सहित अनेक मंदिरों का पुनरुद्धार कराया। रानी लक्ष्मीबाई ने 25 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध किया और 26 वर्ष में बलिदान हो गईं। अवंतीबाई लोधी, ऊदा देवी पासी और झलकारी बाई ने भी देश के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि भारत में संविधान निर्माण के साथ ही महिलाओं को पुरुषों के बराबर मतदान का अधिकार मिला।
     
    फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन, किसानों को सौंपे उपकरण
    मुख्यमंत्री योगी ने फीता काटकर विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कृषि, उद्यान, रेशम विकास, पराग मिल्क और कृषि विज्ञान केंद्र के स्टॉलों का अवलोकन किया। विराट किसान मेले में कस्टम हायरिंग सेंटर के तहत किसानों को चाबियां सौंपीं और कीटनाशक छिड़काव यंत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सरयू नहर परियोजना पूरी हो चुकी है। इसकी शाखाओं का विस्तार कृषि विकास को गति देगा। कृषि मेले से किसानों को नई तकनीक और नवाचार समझने का अवसर मिलेगा।
     
    बच्चों को स्टडी टेबल, आशीर्वाद पत्र और स्टेशनरी किट
    मुख्यमंत्री योगी ने बेसिक और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के बच्चों को स्टडी टेबल देकर प्रोत्साहित किया। हीरालाल, अर्चना, काजल, प्रभु जायसवाल, निसफा, गणेश, चांदनी, शालू, बेबी, रुद्राणी, सानिया और सुधा को आशीर्वाद पत्र तथा स्टेशनरी किट दी। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं को ट्रैक सूट वितरित किए। बच्चों ने अपनी लिखी कविताओं की प्रकाशित पुस्तक भी मुख्यमंत्री योगी को भेंट की।
     
    बेटियों का सम्मान सनातन परंपरा का उदाहरण : कैलाश नाथ शुक्ला
    तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने कहा कि देवीपाटन मंदिर प्रांगण में नवरात्रि पर कन्याओं का पूजन और प्रतिभावान बच्चों का सम्मान सनातन परंपरा का उदाहरण है। मुख्यमंत्री योगी ने बच्चों को प्रोत्साहित कर उनका उत्साह बढ़ाया है। उन्होंने क्षेत्र और जनपद की ओर से मुख्यमंत्री योगी का आभार जताया।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    देवीपाटन मंदिर के महंत मिथलेश नाथ, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधायक पलटू राम, राम प्रताप वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, नगरपालिका परिषद अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू सहित प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

  • छत्तीसगढ़: भिलाई निगम का बड़ा प्लान, ₹662 करोड़ से बदलेंगी शहर की तस्वीर, 5 परियोजनाओं पर फोकस

    छत्तीसगढ़: भिलाई निगम का बड़ा प्लान, ₹662 करोड़ से बदलेंगी शहर की तस्वीर, 5 परियोजनाओं पर फोकस

    भिलाई नगर.

    नगर निगम भिलाई ने अर्बन चैलेंज फंड के तहत पीपीपी मोड़ पर 5 बड़ी परियोजनाओं के लिए 662 करोड़ रुपये का प्रस्ताव एमआईसी में रखा है।

    इसमें केंद्र का हिस्सा 25% यानी 165.50 करोड़ और बैंक, बाहरी स्रोत से 50% यानी 496.50 करोड़ जुटाया जाएगा। पीपीपी मोड पर कुल परियोजना लागत करोड़ रुपए केंद्र का हिस्सा 25% रुपए करोड़ बैंक, बाहरी स्रोत 25% / 50% करोड़ रुपए परियोजना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है। आकाश गंगा सुपेला मार्केट शहरी पुनविर्कास, सुपेला मुख्य बाजार 45 वर्ष पुराना परिसर तोड़कर आकाश गंगा के रूप में नया निर्माण बहुमंजिला नया व्यावसायिक परिसर कई प्रकार के व्यवसाय पूरे निगम की नीलामी / विक्री से निर्माण लागत का 50% क्रॉस-सब्सिडी मॉडल।

    एसटीपी से उपचारित गंदे पानी का उद्योग में पुनः भिलाई नगर निगम का 150 एमएलडी एसटीपी उपचारित पानी उद्योगों को बेचा जाएगा। शीतल कॉम्प्लेक्स बहुमंजिला मार्केट पुनविर्कास, शीतल मार्केट, पावर हाउस क्षेत्र 150 पुरानी दुकानों तोड़कर नया निर्माण बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर, फूड जोन, आधुनिक दुकानें, व्यवस्थित पार्किंग नगर निगम की नीलामी, बिक्री से निर्माण लागत का 50% क्रॉस-सब्सिडी मॉडल, प्रियदर्शिर्नी परिसर में 6 मंजिला व्यावसायिक परिसर उत्तरी गंगा विस्तार क्षेत्र में प्रमुख व्यावसायिक विकास, परिसर की बिक्री, किराया क्षेत्र में जमीन के मूल्य में वृद्धि होगी।

  • Kanha Tiger Reserve: मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की नई पहल, CM मोहन यादव आज छोड़ेंगे 8 जंगली भैंसे

    Kanha Tiger Reserve: मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की नई पहल, CM मोहन यादव आज छोड़ेंगे 8 जंगली भैंसे

    बालाघाट.

    लगभग 150 साल बाद मध्य प्रदेश के जंगलों में जंगली भैंसों (एशियाई जंगली जल भैंस) की ऐतिहासिक वापसी की अगली कड़ी में आज रविवार को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव कान्हा टाइगर रिजर्व के सुपखार रेंज में जंगल भैंसों को प्राकृतिक आवास में विमुक्त करेंगे।

    लगभग 165 दिन पहले 28 अप्रैल को मुख्यमंत्री ने पुनर्स्थापन योजना के तहत चार जंगली भैंसों को सुपखार रेंज में विमुक्त किया था। मुख्यमंत्री मोहन यादव नरसिंहपुर से निकलकर शाम चार बजे सुपखार पहुंचेंगे। 4.30 से पांच बजे के बीच वह करीब आठ जंगली भैंसों को प्राकृतिक आवास में विमुक्त करेंगे। वह सुपखार के गेस्ट हाउस में ही रात्रि विश्राम करेंगे।

    बाघ राज्य के बाद ‘व्हाइट बफेलो स्टेट’ बनने का लक्ष्य
    गौरतलब है कि पुनर्स्थापन अभियान 28 अप्रैल को शुरू हुआ था, जब मुख्यमंत्री ने शुरुआत में असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाए चार जंगली भैंसों (एक नर और तीन मादा) को बाड़े में छोड़ा। मप्र सरकार का लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश को बाघ राज्य के बाद ‘व्हाइट बफेलो स्टेट’ के रूप में भी पहचान मिले।

    इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण पहल
    जानकारी के अनुसार, 1960 और 1970 के दशक में बालाघाट के जंगलों में जंगली भैंसे पाए जाते थे, लेकिन समय के साथ वे विलुप्त हो गए। सरकार की यह पुनर्स्थापन मुहिम जिले के पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह कार्य वन विभाग की ‘कान्हा टाइगर रिजर्व में जंगली भैंसा पुनर्स्थापन योजना' के तहत किया जा रहा है।

  • असम उपचुनाव में BJP का बड़ा उलटफेर, नगांव में कांग्रेस तीसरे नंबर पर पहुंची; जानिए जीत की रणनीति

    असम उपचुनाव में BJP का बड़ा उलटफेर, नगांव में कांग्रेस तीसरे नंबर पर पहुंची; जानिए जीत की रणनीति

    नई दिल्ली
    देश में आंदोलन के जरिए विपक्ष लगातार सरकार विरोधी माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। सोशल मीडिया से लेकर मीडिया तक में इस बा की चर्चा हो रही है। हालांकि, जब चुनावी राजनीति की बात आती है तो यहां आज भी भाजपा का वर्चस्व दिखता है। हाल ही में संपन्न विधानसभा और लोकसभा उपचुनाव के नतीजों ने तो और चौंका दिया है। बंगाल की रेजीनगर विधानसभा और असम की नगांव विधानसभा सीट के नतीजे ने जरूर विपक्ष की चिंता बढ़ा दी होगी। इन दोनों मुस्लिम बहुत सीट पर भाजपा ने शानदार जीत हासिल की है। रेजीनगर जीतने के बाद तो पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने तो यहां तक कह दिया है कि मुस्लिम हमारे (भाजपा के) दोस्त बन गए हैं।

    रेजीनगर की चर्चा हमने पहले भी की थी। आज हम असम के नगांव लोकसभा सीट के बारे में आपको बताने वाले हैं, जहां करीब 13 मुस्लिम बताए जा रहे हैं। यहां हिंदू मतदाताओं की आबादी महज सात लाख के करीब है। विपक्ष यह मानकर चलता है कि मुस्लिम और भाजपा एक-दूसरे के लिए सियासी अछूत हैं। हालांकि इस दोनों नतीजों ने इस धारना को बदलकर रख दिया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि असम में भाजपा ने यह कमाल कैसे कर दिखाया।

    सरमा रहे जीत के रणनीतिकार
    असम की इस सीट पर जीत के सबसे बड़े रणनीतिकार मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को माना जा रहा है। इस उपचुनाव में भाजपा की रणनीति और प्लानिंक काफी हद तक काम की है। 2023 में सीटों के नए बंटवारे के बाद नगांव सीट साफ तौर पर मुस्लिम-बहुमत वाली लोकसभा सीट बन गई। यहां BJP की जीत मुश्किल लग रही थी। सरमा ने उम्मीदवार चयन से लेकर चुनाव प्रचार तक की रणनीति खुद संभाली। भाजपा ने यहां पूर्व IAS अधिकारी और इसी जिले में अपनी सेवा दे चुके देवाशीष शर्मा को उम्मीदवार बनाया। उन्होंने बदरुद्दीन अजमल को करीब 1.4 लाख मतों से हरा दिया। कांग्रेस यहां पिछड़कर तीसरे नंबर पर जा पहुंची।

    मुस्लिम वोटरों का विपरीत ध्रुवीकरण रोका
    हिमंत सरमा ने उपचुनाव से काफी पहले ही देवाशीष शर्मा को नगांव का कमिश्नर नियुक्त कर दिया था। इस दौरान उन्होंने सभी समुदायों तक कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने की कोशिश की। इससे क्षेत्र में उनकी छवि अच्छी बन गई। जब उपचुनाव के लिए प्रचार अभियान चलाए जा रहे थे तब इस बात का ध्यान रखा गया कि मुस्लिम वोटरों का विपरीत ध्रुवीकरण नहीं हो। इससे बचने के लिए प्रचार को जान-बूझकर लो प्रोफाइल रखा गया। वहीं, हिंदू वोट मजबूती से एकजुट हो गए।

    इस उपचुनाव में बदरुद्दीन अजमल देर से मैदान में उतरे। इसकी वजह से विपक्ष बंट गया और उपचुनाव होने की वजह से विचारधारा से जुड़े बड़े मुद्दों का असर भी कम रहा। वहीं, हिमंत सरमा को चुनाव मैनेजमेंट का माहिर खिलाड़ी माना जाता है। उनके बारे में कहा जाता है कि वह पिछली हार से सीखते हैं। यही वजह है कि उन्होंने इस उपचुनाव की तैयारी पहले से ही शुरू कर दी थी।

  • रांची की शुक्ला कॉलोनी में दिखेगा गोलगप्पों वाला पंडाल, पश्चिम बंगाल से मंगाए गए 10 हजार से ज्यादा गोलगप्पे

    रांची की शुक्ला कॉलोनी में दिखेगा गोलगप्पों वाला पंडाल, पश्चिम बंगाल से मंगाए गए 10 हजार से ज्यादा गोलगप्पे

     रांची
     दुर्गा पूजा में रांची हर साल अपने अनोखे पूजा पंडालों और आकर्षक सजावट से लोगों का ध्यान खींचती है। कहीं मंदिरों की झलक देखने को मिलती है, तो कहीं कलाकारी के जरिए अलग-अलग थीम को जीवंत किया जाता है। इस बार हिनू की शुक्ला कॉलोनी में एक ऐसा ही अनोखा पंडाल तैयार किया जा रहा है, जिसकी थीम गोलगप्पे और चनाचूर पर आधारित है। पंडाल की यह खास सजावट श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनने वाली है।

    सनातन संघ दुर्गा पूजा समिति की ओर से करीब 21 लाख रुपये की लागत से इस अनोखे पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत सजावट में गोलगप्पों और चनाचूर का इस्तेमाल है। आमतौर पर लोगों के मुंह में पानी लाने वाले गोलगप्पे इस बार पूजा पंडाल की खूबसूरती बढ़ाते नजर आएंगे। इसके जरिए पश्चिम बंगाल की मशहूर स्ट्रीट फूड संस्कृति को कलात्मक अंदाज में प्रस्तुत करने की तैयारी है।

    पंडाल को खास रूप देने के लिए पश्चिम बंगाल से 10 हजार से अधिक गोलगप्पे मंगवाए गए हैं। इन गोलगप्पों के साथ चनाचूर का इस्तेमाल कर सजावट को आकर्षक बनाया जा रहा है। समिति की कोशिश है कि इस अनोखी थीम के माध्यम से श्रद्धालुओं को कुछ अलग देखने का अवसर मिले। यही वजह है कि पंडाल की चर्चा अभी से होने लगी है।

    डेढ़ महीने से जुटे हैं कारीगर
    पंडाल को तैयार करने के लिए पश्चिम बंगाल से आए कारीगर पिछले करीब डेढ़ महीने से लगातार मेहनत कर रहे हैं। कारीगर गौतम प्रधान के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम दिन-रात काम में जुटी है। टीम पंडाल की सजावट को अंतिम रूप देने में लगी हुई है।

    दुर्गा पूजा के दौरान इस अनोखी थीम को देखने के लिए श्रद्धालुओं की उत्सुकता बढ़ने की उम्मीद है। गोलगप्पे और चनाचूर जैसी लोकप्रिय खाद्य सामग्री को पूजा पंडाल की सजावट का हिस्सा बनाकर समिति ने इस बार कुछ नया करने की कोशिश की है। अब श्रद्धालुओं को इस अनोखे पंडाल के तैयार होने और उसकी सजावट देखने का इंतजार है।

  • ‘जेपी की आड़ में अपने भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर पर्दा डालते हैं अखिलेश’: ब्रजेश पाठक का हमला

    ‘जेपी की आड़ में अपने भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर पर्दा डालते हैं अखिलेश’: ब्रजेश पाठक का हमला

    लखनऊ
    |लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उनके योगदान और स्मृतियों को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नमन किया है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना भी साधा। पाठक ने कहा कि जयप्रकाश नारायण की जयंती पर अखिलेश यादव नाटक करेंगे, दीवार कूदेंगे और लोकनायक जयप्रकाश की आड़ में, उनकी स्मृतियों को नमन करने के बजाय सपा प्रमुख अपने भ्रष्टाचार और अपने परिवारवाद पर पर्दा डालने का काम करेंगे।

    ‘JPNIC बिका नहीं लीज पर दिया गया है’
    ब्रजेश पाठक ने कहा कि सपा प्रमुख बयान देंगे कि JPNIC को बेच दिया गया है लेकिन मैं स्पष्ट कर दूं कि JPNIC के बेहतर संचालन के लिए उसे लीज पर दिया गया है। डिप्टी सीएम ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार सभी महापुरुषों का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण, लोहिया, नरेंद्र देव, ऐसे महापुरुष हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कथनों में सिर्फ उद्धृत ही नहीं करते हैं बल्कि उनके बताए गए मार्ग पर भी चलने का काम करते हैं।

    पाठक ने कहा, “डबल इंजन की सरकार ने माननीय योगी जी के नेतृत्व में JPNIC को लीज पर देकर लोकनायक की स्मृतियों को संजोते हुए चलाने का काम किया है।” उन्होंने परिवारवाद को लेकर अखिलेश यादव की सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दावा तो यह भी किया जा रहा है कि उस समय की तत्कालीन सरकार के मुखिया ने अपने परिवार को ही JPNIC को चलाने का जिम्मा दे दिया था।

    डिप्टी सीएम ने तंज कसते हुए कहा, “सबसे बड़ी बात यह है कि JPNIC में फाइव स्टार सुविधाओं के साथ-साथ स्विमिंग पूल भी है और वो किस राजनीतिक समाजवादी नेता के उपयोग में आएगा, प्रदेश की जनता इसे अच्छी तरह समझती है।”

    डिप्टी सीएम ने अखिलेश यादव से किया सवाल
    ब्रजेश पाठक ने सवाल करते हुए कहा कि सपा प्रमुख को बताना चाहिए कि प्रदेश की जनता की गाढ़ी कमाई के टैक्स से कमाया हुआ धन क्या सुख-सुविधा के लिए खर्च किया जाना चाहिए? उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण जीवन भर लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्ष करते रहे और कभी भी अपने लिए उन्होंने पूंजी एकत्र नहीं की। वहीं दूसरी तरफ सपा के लोग ढिंढोरा पीटकर अपने कदाचार को जयप्रकाश नारायण के नाम पर छुपाने का काम कर रहे हैं।

  • राजस्थान में भारत का बहुराष्ट्रीय वायुसेना अभ्यास, जर्मन और फ्रेंच अधिकारियों ने भारतीय व्यवस्था को बताया शानदार

    राजस्थान में भारत का बहुराष्ट्रीय वायुसेना अभ्यास, जर्मन और फ्रेंच अधिकारियों ने भारतीय व्यवस्था को बताया शानदार

    जोधपुर
    राजस्थान के जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर आयोजित बहुराष्ट्रीय वायुसेना अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' के दौरान दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों और शीर्ष वायुसेना अधिकारियों की नजरें भारत के आसमान पर टिकी रहीं। जोधपुर के रेगिस्तानी इलाके में आयोजित इस अभ्यास में हिस्सा ले रहे यूरोपीय मित्र देशों के वायुसेना प्रमुखों ने भारतीय वायुसेना (IAF) के साथ अपने परिचालन समन्वय और उच्च स्तरीय पेशेवर क्षमता की खुलकर सराहना की है। जर्मन और फ्रेंच एयर चीफ्स ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत के आसमान में उड़ान भरना बिल्कुल वैसा ही अनुभव देता है जैसा कि यूरोप में उड़ान भरते समय महसूस होता है।

    भारतीय व्यवस्था को बताया शानदार
    जोधपुर एयरवेस पर आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जर्मन वायुसेना कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल गुंटर कात्ज ने अपने पायलटों के अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपने एयरक्रू से जोधपुर के मरुस्थलीय इलाकों में उड़ान भरने के अनुभव के बारे में पूछा, तो पायलटों का जवाब था कि उन्हें यूरोप में अपने होम बेस और भारत में मिशन को अंजाम देने में कोई अंतर महसूस नहीं हुआ। जर्मन एयर चीफ के अनुसार, भारत में भी बिल्कुल वही सेटअप, वही प्रक्रियाएं और वही फ्लो है जो वे अपने देश में अपनाते हैं।

    इसी तरह फ्रांस के सशस्त्र बलों के इंस्पेक्टर जनरल, जनरल स्टीफन ग्रोएन ने भी अपने राफेल स्क्वाड्रन कमांडर के हवाले से यही बात दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच वर्षों से चले आ रहे मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और नियमित संयुक्त अभ्यासों की वजह से बहुराष्ट्रीय स्तर के ऐसे बड़े अभियानों में किसी भी प्रकार की कोई रुकावट या परेशानी नहीं आती है।

    अमरिकी वायुसेना ने भी भारतीय नेतृत्व और अनुभवों को सराहा
    यूएस एयर फोर्स पेसिफिक एयर फोर्सेज (PACAF) के कमांडर जनरल केविन श्नाइडर ने भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई चर्चा का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान 'ऑपरेशन सिंदूर' के अनुभवों और रणनीतियों पर विचार-विमर्श हुआ। श्नाइडर ने कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों के बीच एक-दूसरे के अनुभवों से सीखना सभी मित्र देशों की सेनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि भविष्य की चुनौतियों से मिलकर निपटा जा सके

    अभ्यास में छाया 'ऑपरेशन सिंदूर'
    इस बहुराष्ट्रीय युद्ध अभ्यास के दौरान अभ्यास निदेशक एयर वाइस मार्शल राज ठाकुर ने एक विशेष जानकारी साझा करते हुए बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर प्रतिभागी देशों ने काफी गहरी रुचि दिखाई। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत द्वारा 7 मई 2025 को सीमा पार संचालित 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत लश्कर-ए-तैयाबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के 9 बड़े ठिकानों को तबाह कर 100 से अधिक आतंकवादियों को ढेर किया गया था।

    सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट एक्सचेंज (SMEE) सत्रों के दौरान भारतीय वायुसेना ने मित्र देशों के अधिकारियों को इस सफल और रणनीतिक ऑपरेशन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी, जिसे सभी देशों ने बेहद ध्यान से सुना और सराहा।