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  • यूपी के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से मिल रहे मिल रहे ऑर्डर

    यूपी के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से मिल रहे मिल रहे ऑर्डर

    सरकारी योजना से गांव की बेटी बनी सफल उद्यमी, सोमा ने गुड़ उद्योग से बदली तकदीर

    योगी सरकार के सहयोग से ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ का संकल्प साकार कर रहे युवा उद्यमी  

    25 लाख के ऋण से सोमा ने खड़ा किया उद्यम, हर महीने हो रही 80 से 90 हजार रुपए की कमाई

    यूपी के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से मिल रहे मिल रहे ऑर्डर

    लखनऊ
     योगी सरकार में महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और नारी स्वावलंबन का सपना अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि हकीकत बनता जा रहा है। योगी सरकार की नीतियों का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को ‘रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला’ बनाना है। सोमा गुप्ता की कहानी सरकार के इसी विजन को साकार करती है। सरकारी योजना का लाभ लेकर लखीमपुर-खीरी जिले के ग्राम सिंगहाखुर्द की रहने वाली सोमा आज दूसरों को रोजगार दे रहीं हैं।

    सोमा गुप्ता ने उत्‍तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’ के तहत वर्ष 2022 में 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर गुड़ कोल्हू उद्योग की शुरुआत की। आज उनका यह उद्योग न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहा है, बल्कि क्षेत्र के कई लोगों को रोजगार भी दे रहा है। सीजन के दौरान एक दिन में इसमें लगभग 18 क्विंटल गुड़ का उत्पादन किया जाता है। इसके लिए 6 एकड़ में स्वयं गन्ने की खेती करतीं हैं और अन्य किसानों से भी गन्ना खरीदतीं हैं। उनका उत्पाद उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार,  झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी सप्लाई हो रहा है। यह न केवल उनके व्यवसाय की सफलता को दर्शाता है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर बने उत्पादों की बढ़ती मांग को भी साबित करता है। हर महीने 80 से 90 हजार रुपये की आय अर्जित कर सोमा आज आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।

    ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’ महत्वपूर्ण स्वरोजगार की योजना है। उत्तर प्रदेश में इसका संचालन तीन एजेन्सियों क्रमशः जिला उद्योग केन्द्र, खादी और ग्रामोद्योग आयोग एवं उ0प्र0 खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा किया जाता है। यह योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करके रोजगार पैदा करती है। इस योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र के लिए 50 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र के लिए 20 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर सरकार सब्सिडी भी प्रदान करती है।

  • हर ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट को करीब 50 लाख रुपए से बनाया जाएगा हाईटेक-योगी

    हर ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट को करीब 50 लाख रुपए से बनाया जाएगा हाईटेक-योगी

    योगी सरकार 142 बीपीएचयू के जरिए उपलब्ध कराएगी आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं

    यूपी में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का ब्लॉक स्तर तक होगा व्यापक कायाकल्प

    हर ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट को करीब 50 लाख रुपए से बनाया जाएगा हाईटेक-योगी 

    इंचार्ज, रजिस्ट्रेशन रूम से लेकर वेटिंग रूम और सेंट्रल इंटीग्रेटेड लैब बनाई जाएंगी

    पीएचसी और सीएचसी के अंदर कराया जाएगा निर्माण

    लखनऊ
     प्रदेश में स्वा
    स्थ्य सेवाओं को ब्लॉक स्तर तक मजबूत और आधुनिक बनाने की तैयारी तेज हो गई है। योगी सरकार राज्य के विभिन्न ब्लॉकों में 142 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) स्थापित करने जा रही है। इन यूनिटों के जरिये ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जांच, पंजीकरण और प्राथमिक उपचार की बेहतर सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

    हर ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट को करीब 50 लाख रुपये की लागत से हाईटेक बनाया जाएगा। इनमें इंचार्ज कक्ष, रजिस्ट्रेशन रूम, वेटिंग रूम, सेंट्रल इंटीग्रेटेड लैब समेत कई आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। इनका निर्माण मौजूदा पीएचसी और सीएचसी के भीतर ही कराया जाएगा, ताकि पहले से उपलब्ध स्वास्थ्य ढांचे को और अधिक सक्षम बनाया जा सके।

    ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान होगी
    पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि योगी सरकार की योजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इन इकाइयों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इससे ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान होगी और मरीजों को जिला अस्पतालों पर निर्भरता कम रहेगी।

    सुविधाएं बढ़ने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी
    ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मरीजों को अब छोटी-बड़ी जांच और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। ब्लॉक स्तर पर सुविधाएं बढ़ने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में भी सुधार आएगा।

    गांव के करीब मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा
    पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि बीपीएचयू मॉडल के लागू होने के बाद ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य ढांचा मजबूत होगा। इससे मरीजों को पंजीकरण से जांच तक की कई सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध हो सकेंगी।

    जिलाधिकारी की समग्र देख-रेख में होगा काम
    जनपद स्तर पर जिला पंचायतों द्वारा स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर निर्माण के लिए समस्त कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप जिलाधिकारी की समग्र देख-रेख में किए जाएंगे। ब्लॉक और ग्राम पंचायतों को उनके क्षेत्राधिकार में आने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की इन घटकों की योजना बनाने एवं निगरानी में शामिल किया जाएगा।

  • रिंकू सिंह को सीएम योगी से मिलेगी सरकारी नौकरी, आज नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे

    रिंकू सिंह को सीएम योगी से मिलेगी सरकारी नौकरी, आज नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे

     लखनऊ

    क्रिकेट के मैदान पर अपने दमदार खेल से पहचान बनाने वाले रिंकू सिंह अब नई भूमिका में नजर आने वाले हैं. उन्हें यूपी में सरकारी नौकरी मिल जाएगी. उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर का नियुक्ति पत्र सौंपने जा रही है, जहां वे खेल के विकास में प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाएंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें यह नई जिम्मेदारी देंगे। 

    वैसे लखनऊ में आज का दिन खेल जगत के लिए खास होने जा रहा है. रिंकू के अलावा खेल के मैदान पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को भी अब प्रशासनिक जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज के समारोह में क्रिकेट, हॉकी, एथलेटिक्स और पैरालिंपिक जैसे विभिन्न खेलों से जुड़े कुल 14 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र देंगे। 

    अलीगढ़ की गलियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर तय करने वाले रिंकू सिंह की कहानी अब एक नए मोड़ पर पहुंच रही है. लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट में मेहनत करने के बाद उन्होंने आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाई. अब वही रिंकू प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ खेलों के विकास में योगदान देंगे. हाल के दिनों में उनके निजी जीवन में भी काफी उतार-चढ़ाव आए. उनके पिता का निधन हुआ, लेकिन उस कठिन समय में भी उन्होंने खेल से दूरी नहीं बनाई और टीम के साथ जुड़े रहे. उनके इस जज्बे की खेल प्रेमियों ने खुलकर तारीफ की थी. इसी बीच उनकी निजी जिंदगी भी चर्चा में रही. उनकी सगाई सपा सांसद प्रिया सरोज से हो चुकी है और समारोह में कई बड़े राजनीतिक चेहरे शामिल हुए थे, जिनमें अखिलेश यादव भी मौजूद रहे. अब लोगों को उनकी शादी का इंतजार है। 

    रिंकू सिंह की नौकरी पर हो चुका है विवाद 
    दरअसल, रिंकू सिंह को जनवरी 2025 में खेल कोटे के तहत बेसिक शिक्षा विभाग में बीएसए बनाने का निर्णय लिया गया था. विशेष नियमावली 2022 के तहत उनका चयन प्रस्तावित था और उन्हें जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए थे. हालांकि, उस समय उनकी शैक्षिक योग्यता को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसके चलते प्रक्रिया पर रोक लग गई थी. अब सरकार ने नई भूमिका तय करते हुए उन्हें खेल विभाग में जिम्मेदारी देने का फैसला किया है। 

    अन्य खिलाड़ियों को भी बड़ी जिम्मेदारी
    इस समारोह में सिर्फ रिंकू सिंह ही नहीं, बल्कि कई अन्य खिलाड़ियों को भी अहम पद दिए जाएंगे. हॉकी में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले राजकुमार पाल को उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी बनाया जाएगा. पेरिस पैरालिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रवीण कुमार को भी डिप्टी एसपी के पद पर नियुक्ति मिलेगी. उनकी उपलब्धि को देशभर में सराहा गया था और अब उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारी भी दी जा रही है. वहीं, पैरालिंपिक में रजत पदक जीतने वाले अजीत सिंह को जिला पंचायत राज अधिकारी बनाया जाएगा. 200 मीटर रेस में कांस्य पदक जीतने वाली सिमरन को भी इसी विभाग में जिम्मेदारी दी जाएगी. इसके अलावा 100 और 200 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतने वाली प्रतिपाल को खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) बनाया जाएगा। 

    सम्मान और अवॉर्ड भी
    सरकार की इस पहल का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा खिलाड़ियों का सम्मान है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले 9 खिलाड़ियों को लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड से नवाजा जाएगा. यह अवॉर्ड प्रदेश के खेल जगत में एक प्रतिष्ठित पहचान माना जाता है और इसे पाने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक प्रोत्साहन के साथ सामाजिक सम्मान भी मिलता है. स्पोर्ट्स अफसरों का कहना है कि इस पूरे आयोजन को केवल नियुक्तियों तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता. यह प्रदेश की खेल नीति का एक अहम संदेश भी देता है कि जो खिलाड़ी मैदान में मेहनत करते हैं, उन्हें भविष्य की सुरक्षा और सम्मान भी मिलेगा. सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित किया जा सकेगा. जब खिलाड़ी यह देखेंगे कि उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें स्थायी रोजगार और सम्मान मिल सकता है, तो वे खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए और प्रेरित होंगे। 

  • प्रयागराज हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संज्ञान, राहत कार्य तेज़

    प्रयागराज हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संज्ञान, राहत कार्य तेज़

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया प्रयागराज हादसे का संज्ञान 

    मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख व घायलों को 50-50 हजार रुपये आर्थिक मदद की घोषणा

    हादसे में घायल लोगों का समुचित इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया सीएम ने

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  प्रयागराज के फाफामऊ में हुए कोल्ड स्टोरेज हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन को तत्काल राहत उपलब्ध कराने और घायलों के समुचित उपचार का निर्देश दिया। 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे में मरने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों को तेजी से पूरा करे, घायलों के इलाज में किसी प्रकार को कोताही न हो और सभी घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित कराया जाए। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दु:ख की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह उनके साथ खड़ी है।

  • बेटियों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का कदम, द शैडो’ एप करेगा परछाईं की तरह काम

    बेटियों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का कदम, द शैडो’ एप करेगा परछाईं की तरह काम

    योगी सरकार का द शैडो एप परछाईं की तरह करेगा बेटियों की सुरक्षा 

    सीएम योगी की मंशा के अनुरुप यूपीएसआईएफएस ने लांच किया ‘द शैडो’ एप, बेटियों की सुरक्षा की दिशा में बड़ी पहल

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बेटियों की सुरक्षा के प्रति गंभीरता को देखते यूपी सरकार ने आधी आबादी को सम्मानजनक व सुरक्षित वातावरण देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसी क्रम में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज (यूपीएसआईएफएस) ने एक अनूठी पहल की है। संस्थान के बीटेक स्टूडेंट्स द्वारा विकसित “द शैडो” (यूपीएसआईएफएस एप) एप स्टूडेंट्स, विशेषकर बेटियों की सुरक्षा व शैक्षणिक प्रबंधन को एक साथ मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। यह एप एक समग्र सुरक्षा-आधारित डिजिटल इकोसिस्टम के रूप में तैयार किया गया है, जो हर स्टूडेंट के साथ उसकी “परछाईं” की तरह जुड़ा रहेगा। यह तकनीक बेटियों को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास है।

    ‘पैरेंट-फर्स्ट अप्रूवल’ से बेटियों की सुरक्षा को नई मजबूती
    यूपीएसआईएफएस के डिप्टी डायरेक्टर चिरंजीव मुखर्जी ने बताया कि “द शैडो” इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स द्वारा ही विकसित किया गया है। इस एप की खासियत केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह स्टूडेंट्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनके हर मूवमेंट को अधिकृत तरीके से ट्रैक करता है। कैंपस में प्रवेश, निकास, अवकाश अनुरोध और अन्य गतिविधियों को डिजिटल रूप से रिकॉर्ड किया जाता है, जिससे संस्थान प्रशासन को रियल-टाइम जानकारी मिलती रहती है। इसमें अटेंडेंस, असाइनमेंट, परीक्षा प्रदर्शन और अकादमिक प्रगति का पूरा डेटा भी उपलब्ध रहता है, जिससे स्टूडेंट्स, पैरेंट्स व टीचर तीनों एक ही प्लेटफॉर्म पर जुड़े रहते हैं। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि स्ट्डेंट्स की जिम्मेदारी भी तय होगी। एप में दिया गया ‘पैरेंट-फर्स्ट अप्रूवल सिस्टम’ इसे और खास बनाता है। इसके तहत किसी भी छात्रा के कैंपस से बाहर जाने या विशेष अनुमति से जुड़े अनुरोध पर सबसे पहले अभिभावकों की मंजूरी अनिवार्य है। इससे बेटियों की सुरक्षा को एक अतिरिक्त परत मिलती है और अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत होता है। इससे छात्राओं की स्वतंत्रता और सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित होगा। 

    एसओएस इमरजेंसी सिस्टम से मिलेगी तुरंत मदद, रहेगी हर खतरे पर नजर
    “द शैडो” एप का एक और महत्वपूर्ण पहलू इसका इंटीग्रेटेड एसओएस इमरजेंसी कॉल सिस्टम है। यदि कोई छात्रा किसी भी प्रकार की असुरक्षित स्थिति में आती है, तो एक बटन दबाते ही संस्थान प्रशासन और अभिभावकों को तुरंत अलर्ट मिल जाता है। यह सुविधा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करती है, जिससे किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सकता है। इसके साथ ही क्यूआर-कोड आधारित डिजिटल गेट पास सिस्टम भी लागू किया गया है, जिससे कैंपस में अनधिकृत प्रवेश और अवांछनीय गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जा सके। इंस्टीट्यूट की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेहा सिंह के मार्गदर्शन में इस एप को बीटेक छात्र हर्ष व आदित्य मिश्रा ने विकसित किया है। डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि “द शैडो” एप बेटियों की सुरक्षा को लेकर तकनीकी नवाचार का एक सशक्त उदाहरण है, जो सरकारी प्रयासों को संस्थागत स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाता है। यह ऐप दिखाता है कि कैसे डिजिटल तकनीक के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त किया जा सकता है। यह स्टूडेंट्स के लिए एक “डिजिटल साथी” की तरह है, जो हर पल उनकी सुरक्षा, निगरानी और शैक्षणिक प्रगति का ध्यान रखेगा।

  • अभ्युदय योजना का असर: यूपीएससी में यूपी की तीन बेटियों ने किया राज्य का नाम रोशन

    अभ्युदय योजना का असर: यूपीएससी में यूपी की तीन बेटियों ने किया राज्य का नाम रोशन

    नारी तू नारायणी

    योगी सरकार की अभ्युदय योजना का मिला लाभ, यूपीएससी में प्रदेश की तीन बेटियों ने लहराया परचम

    मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से यूपी की बेटियों को लगे ‘पंख’, अब तक ढाई सौ से अधिक ने पाई सफलता

    एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने अब तक कराया रजिस्ट्रेशन

    2025 में योजना का लाभ लेकर प्रदेश की तीन बेटियों ने हासिल की उल्लेखनीय सफलता

    महंगे कोचिंग संस्थानों के बिना भी बड़ी सफलता हासिल कर रहीं यूपी की बेटियां

    ‘नारी तू नारायणी’ की भावना को साकार करती ये बेटियां आज समाज के लिए बन रहीं हैं प्रेरणा

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश की बेटियां अब सिर्फ सपने नहीं देख रहीं, बल्कि उन्हें साकार भी कर रहीं हैं। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना इनके लिए ऐसे ‘पंख’ बनकर उभरी है, जिसके सहारे वे देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा में सफलता का परचम लहरा रही हैं। संघ लोकसेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में इस योजना का लाभ लेकर प्रदेश की तीन बेटियों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। खास बात ये है कि इस योजना के जरिए अब तक ढाई सौ से अधिक बेटियां सफलता हासिल कर चुकीं हैं और अधिकारी बनकर यूपी को दिशा दिखा रहीं हैं। यह उपलब्धि न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि योगी सरकार की शिक्षा केंद्रित योजनाओं की प्रभावशीलता का भी प्रमाण है। 

    महंगी कोचिंग के बिना भी बड़ी सफलता
    2021 में शुरू हुई मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने अब तक एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों को जोड़कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मजबूत मंच दिया है। खास बात यह है कि बेटियां इस योजना के जरिए महंगे कोचिंग संस्थानों के बिना भी बड़ी सफलता हासिल कर रहीं हैं।
    ‘नारी तू नारायणी’ की भावना को साकार करती ये बेटियां आज समाज के लिए प्रेरणा बन रहीं हैं।

    मानसी : सेल्फ स्टडी से 444वीं रैंक तक का सफर
    गाजियाबाद के प्रताप विहार की रहने वाली मानसी ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 444वीं रैंक हासिल की। प्राइवेट जॉब करने वाले पिता समेत परिवार में पांच सदस्य हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद मानसी ने घर पर ही तैयारी की और अभ्युदय योजना के मार्गदर्शन से सफलता हासिल की।

    अदिति सिंह: पढ़ाई के साथ दूसरों का भी किया मार्गदर्शन
    झांसी की अदिति सिंह ने 859वीं रैंक प्राप्त की। इंजीनियर पिता और शिक्षिका मां की बेटी अदिति ने सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन माध्यम से तैयारी की। खास बात यह रही कि वह स्वयं भी अभ्युदय योजना के तहत अन्य छात्रों को पढ़ाकर उनकी मदद करती रहीं।

    तनीषा सिंह : घर से पढ़ाई, बड़ा मुकाम
    आगरा की तनीषा सिंह ने 930वीं रैंक हासिल की। रेवेन्यू इंस्पेक्टर पिता और गृहिणी मां के परिवार से आने वाली तनीषा ने घर पर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई की और अभ्युदय योजना की सहायता से सफलता प्राप्त की।

    कीर्तिका सिंह : डिप्टी एसपी बन मिसाल बनीं
    लखनऊ की रहने वाली कीर्तिका सिंह 2022 में उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की परीक्षा में 58वीं रैंक हासिल कर डिप्टी एसपी बनीं। एटा में तैनात कीर्तिका किसान परिवार से हैं। उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से तैयारी की और अभ्युदय योजना का लाभ उठाया।

    बदलती तस्वीर : गांव-शहर हर जगह जल रही शिक्षा की लौ
    मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने न केवल शिक्षा को सुलभ बनाया है, बल्कि बेटियों में आत्मविश्वास भी जगाया है। अब वे बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस जुटा रहीं हैं। योगी सरकार की यह पहल साबित कर रही है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर यूपी की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।

    संदेश है साफ : अवसर मिला तो बेटियां उड़ान भरेंगी
    इन सफलताओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर सही दिशा और संसाधन मिलें, तो प्रदेश की बेटियां देश की प्रशासनिक व्यवस्था में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना आज उन लाखों सपनों को आकार दे रही है, जो कभी संसाधनों के अभाव में अधूरे रह जाते थे।

  • राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने रामनगरी में राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया

    राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने रामनगरी में राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया

    रामनगरी में राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने किया राष्ट्रपति का स्वागत 

    महापौर ने देश की प्रथम नागरिक को सौंपी ‘नगर की चाबी’ 

    एयरपोर्ट से राम मंदिर के रास्ते में कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से राष्ट्रपति का किया भव्य स्वागत

    अयोध्या
     चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रामनगरी पहुंचीं। यहां उनका भव्य स्वागत किया गया। उनका अयोध्या आगमन ऐतिहासिक व सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण रहा। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। 

    महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने राष्ट्रपति का अभिवादन करते हुए उन्हें ‘नगर की चाबी’ भेंट की। यह सम्मान अतिथि को नगर की ओर से दिया जाने वाला सर्वोच्च प्रतीकात्मक सम्मान माना जाता है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अयोध्या का यह दूसरा दौरा है।

    एयरपोर्ट से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से किया भव्य स्वागत
    अयोध्या एयरपोर्ट से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लिए जैसे ही राष्ट्रपति का काफिला रवाना हुआ, पूरे मार्ग पर उत्सव जैसा दृश्य देखने को मिला। सड़क के दोनों ओर करीब 20 सांस्कृतिक मंच सजाए गए थे, जहां लगभग 250 कलाकारों ने रामायण आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भारतीय वेशभूषा में कलाकारों ने स्वागत गीत, भजन, अवधी-भोजपुरी लोकगायन-लोकनृत्य समेत भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत कार्यक्रमों के जरिए मन मोह लिया। 

    हर ओर उत्साह व उल्लास
    अयोध्यावासियों ने भी सड़क किनारे खड़े होकर पुष्प वर्षा, जयकारों संग देश की प्रथम नागरिक का गर्मजोशी से स्वागत किया। राष्ट्रपति ने भी अयोध्यावासियों का अभिवादन किया। कार्यक्रम को और भव्य बनाने के लिए रामलीला के अंश, झांकियां, ढोल-नगाड़ा, शंखनाद, वेदपाठ और भजन-कीर्तन जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिससे अयोध्या की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर सजी अयोध्या नगरी में हर ओर श्रद्धा, उत्साह और उल्लास का वातावरण रहा।

  • अब नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाते हैं लोग: मुख्यमंत्री

    अब नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाते हैं लोग: मुख्यमंत्री

    श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र प्रतिष्ठापना कार्यक्रम 

    सनातन विरोध वाले स्थानों पर नहीं जाती वर्तमान पीढ़ी: सीएम योगी

    अब नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाते हैं लोग: मुख्यमंत्री 

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में की श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना

    मुख्यमंत्री ने कहा, दुनिया में युद्ध चल रहे और हम कर रहे रामराज्य की अनुभूति

    अयोध्या/लखनऊ
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की। इस अवसर पर राष्ट्रपति की उपस्थिति में गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने सबसे पहले प्रदेशवासियों को भारतीय नवसंवत्सर की शुभकामना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरयू मैया अयोध्या धाम को पवित्र करते हुए अपने निर्मल जल से पूरे क्षेत्र को पवित्र करती हैं। रामराज्य की अनुभूति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में युद्ध चल रहे हैं और हम श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना कार्यक्रम में सहभागी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वर्तमान पीढ़ी की प्रशंसा की और कहा कि यह पीढ़ी नववर्ष पर ऐसे किसी टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर नहीं जाती, जहां सनातन के विरोध में कोई कार्य हो रहा है। वह नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाती है।

    हर सनातन धर्मावलंबी व सच्चा भारतीय आनंदित
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व-मार्गदर्शन में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन, श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, रामदरबार के पवित्र विग्रह की स्थापना, ध्वजा आरोहण और आज श्रीराम यंत्र की स्थापना का कार्यक्रम हर सनातन धर्मावलंबी व सच्चे भारतीय को आनंद से विभोर कर देता है और यही भारत की आस्था है। 

    राम मंदिर को अंधविश्वास बताने वाले सत्ता बचाने के लिए नोएडा नहीं जाते थे
    सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा, कहा कि आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया था। इसे अपमानित करने वाले वही लोग हैं, जो सत्ता बचाने के लिए नोएडा नहीं जाते थे। नोएडा न जाना उनके लिए अंधविश्वास नहीं था, लेकिन राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, कृष्ण-कन्हैया के मथुरा-वृंदावन की बात करना अंधविश्वास का पर्याय था। लेकिन जो आस्था 500 वर्ष तक निरंतर बनी रही, संघर्षों का मुकाबला करती रही, वह न रुकी, न डिगी और न झुकी। आस्था को अपमानित करने वाली सत्ता के खिलाफ संघर्ष निरंतर जारी रहा। अंततः वह दिन आया, जब अयोध्या इस रूप में सबके सामने है। 

    श्रीराम मंदिर भारत के राष्ट्र मंदिर का बना प्रतीक 
    सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर भारत के राष्ट्र मंदिर का प्रतीक बन गया है। यह रामराज्य की आधारशिला भी है। दुनिया में तमाम युद्ध चल रहे हैं, अव्यवस्था, आर्थिक अराजकता, भय-आतंक है और अयोध्याधाम में हजारों की संख्या में उपस्थित हम लोग भयमुक्त होकर राष्ट्रपति जी के अभिवादन और श्रीराम यंत्र की स्थापना कार्यक्रम में सहभागी बनकर रामराज्य की अनुभूति कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि भारत इसलिए भारत बना है, क्योंकि इसे ऋषि-मुनियों की तपस्या, अन्नदाता किसानों के परिश्रम, कारीगरों की उद्यमिता और भारत की आस्था ने सदैव ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के रूप में बनाए रखा। श्रीराम जन्मभूमि यज्ञ की पूर्णाहुति कार्यक्रम के साथ जुड़कर न केवल प्रदेशवासी, बल्कि देश-दुनिया के सनातन धर्मावलंबी के मन में भी आनंद की अनुभूति हो रही है।

    2025 में 156 करोड़ श्रद्धालु आए उत्तर प्रदेश 
    सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2025 में 156 करोड़ श्रद्धालु-पर्यटक धार्मिक व आध्यात्मिक स्थलों की यात्रा करने उत्तर प्रदेश आए। अयोध्या, काशी, प्रयागराज महाकुम्भ, मथुरा-वृंदावन में दर्शन करने जितने लोग आए, उतनी आबादी कई देशों की नहीं है। यह नया और बदलता भारत है। वर्तमान पीढ़ी अब दिग्भ्रमित नहीं है, वह सही दिशा में जा रही है। वह नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाती है। लोग किसी ऐसे टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर नहीं जाते, जहां सनातन के विरोध में कोई कार्य हो रहा है।

    सीएम योगी ने बलिदान देने वाले रामभक्तों, संतों को किया नमन 
    सीएम ने राम मंदिर निर्माण यज्ञ में योगदान देने वाले संतों, रामभक्तों, कारीगरों/श्रमिकों का अभिनंदन किया। उन्होंने आंदोलन के दौरान बलिदान देने वाले रामभक्तों के साथ ही संतों व दिवंगत विहिप नेता अशोक सिंहल आदि को नमन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को स्मृति चिह्न प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किया।

    इस दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मां अमृतानंदमयी (अम्मा), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भैया जी, श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, ट्रस्टी अनिल मिश्रा, मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले कारीगरों के पारिवारिक सदस्यों समेत हजारों रामभक्त मौजूद रहे।

  • योगी सरकार का 9 दिवसीय भव्य आयोजन, नव निर्माण के नौ साल में हर जनपद में दिखेगा विकास

    योगी सरकार का 9 दिवसीय भव्य आयोजन, नव निर्माण के नौ साल में हर जनपद में दिखेगा विकास

    नव निर्माण के नौ वर्ष पर योगी सरकार कर रही प्रदेशभर में 9 दिवसीय भव्य आयोजन, हर जनपद में दिखेगी विकास की झलक

    26 मार्च तक मेलों, प्रदर्शनी, संवाद, रोजगार और सम्मान कार्यक्रमों की व्यापक श्रृंखला का होगा आयोजन

    जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समितियों का गठन, नोडल अधिकारी करेंगे समन्वय

    जनभागीदारी, योजनाओं के लाभ और भविष्य की विकास रणनीति पर रहेगा विशेष फोकस

    मुख्य सचिव की ओर से समस्त जिलाधिकारियों को किया गया निर्देशित

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के ‘नव निर्माण के नौ वर्ष’ पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश मुख्यालय सहित सभी जनपदों में 26 मार्च 2026 तक भव्य कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विगत नौ वर्षों की अभूतपूर्व उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों से आमजन को अवगत कराया जाएगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से समस्त जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देशित किया गया है। 

    जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में नौ दिवसीय मेले का उद्घाटन
    निर्देशों के अनुसार, कार्यक्रमों के सफल संचालन हेतु प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक परामर्शदाता समिति गठित की जाएगी, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संगठन, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पक्ष शामिल होंगे।जनपद मुख्यालयों पर प्रभारी मंत्री द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में नौ दिवसीय मेले का उद्घाटन किया जाएगा। साथ ही सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से साझा किया जाएगा। इस अवसर पर ‘नव निर्माण के नौ वर्ष’ पर आधारित विशेष लघु फिल्म का प्रदर्शन एवं विकास पुस्तिका का विमोचन भी कराया जाएगा।

    जनपद स्तर पर लगेगी प्रदर्शनी
    सभी विभागों द्वारा जनपद स्तर पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें केंद्र सरकार के 11 वर्षों एवं राज्य सरकार के 9 वर्षों की उपलब्धियों, योजनाओं एवं विकास कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही जनपद में लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाओं के शिलापट्टों की विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। नौ दिवसीय मेले के दौरान प्रत्येक दिन अलग-अलग थीम (युवा, महिला, किसान, श्रमिक आदि) पर आधारित विचार गोष्ठियों एवं संवाद सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। सत्रों के मध्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही, किसान सम्मेलनों में पशुपालन एवं गोसेवा के आर्थिक मॉडल के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिसमें नस्ल सुधार के माध्यम से कृषि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने पर चर्चा होगी। वहीं पर्यटन एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु जनपदों की पौराणिक, सांस्कृतिक विरासत एवं परंपराओं को दर्शाती प्रदर्शनियों का आयोजन भी किया जाएगा।

    विशिष्ट व्यक्तियों को किया जाएगा सम्मानित
    नौ दिवसीय मेले में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा तथा उनकी सफलता की कहानियों के माध्यम से युवाओं को प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, दिव्यांगजन ट्राई साइकिल वितरण योजना, प्रधानमंत्री स्टार्ट-अप योजना, मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना आदि) से वंचित पात्र लाभार्थियों को जोड़कर लाभान्वित किया जाएगा।

    आमजन से लिए जाएंगे सुझाव
    प्रदेश में दीर्घकालिक एवं सुनियोजित विकास को गति देने के लिए आमजन से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे, ताकि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप राज्य की विकास रणनीति को और सुदृढ़ किया जा सके। जनपदीय बैंकर समिति के समन्वय से ऋण मेलों का आयोजन तथा रोजगार एवं सेवायोजन विभाग के सहयोग से रोजगार मेलों का आयोजन कर युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। विगत नौ वर्षों में जनपदों में प्राप्त निजी निवेश एवं धरातल पर उतारी गई अथवा प्रक्रियाधीन परियोजनाओं को भी प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। मेले में ‘एक जनपद एक व्यंजन’ (ओडीओसी) के तहत फूड कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, जहां पारंपरिक व्यंजनों के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे।

    लघु उद्यमियों के लिए भी विशेष कार्यक्रम
    नगरीय क्षेत्रों में ‘मिशन व्यापारी कल्याण’ के अंतर्गत नगर निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत स्तर पर व्यापारियों एवं लघु उद्यमियों के लिए विभिन्न योजनाओं (प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टार्ट-अप योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना आदि) के लाभार्थी सम्मेलनों, टूलकिट वितरण, ऋण वितरण एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    अधिकाधिक जनभागीदारी पर विशेष जोर
    कार्यक्रमों में प्रभारी मंत्री की अनुपस्थिति में सांसद, विधायक अथवा विभिन्न बोर्डों के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजन सुनिश्चित किए जाएंगे तथा अधिकाधिक जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा।
    सभी विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं का आयोजन कर विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास कराया जाएगा। कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन हेतु जिलाधिकारी द्वारा जनपद मुख्यालय, विधानसभा एवं विकासखंड स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा, जो विभागों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रमों को सफल बनाएंगे। साथ ही नामित वरिष्ठ नोडल अधिकारी जनपदों का भ्रमण कर कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा करेंगे, ताकि सभी आयोजन सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सकें।

  • समाज के हर तबके व देश की समृद्धि के लिए अनेक कार्य किए बहुगुणा जी ने: सीएम योगी

    समाज के हर तबके व देश की समृद्धि के लिए अनेक कार्य किए बहुगुणा जी ने: सीएम योगी

    पूर्व सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री 

    बहुगुणा जी ने उत्तर प्रदेश के विकास को प्रदान की नई ऊंचाइयां: सीएम योगी 

    लोकप्रिय राजनेता व कुशल प्रशासक थे हेमवती नंदन बहुगुणाः मुख्यमंत्री 

    समाज के हर तबके व देश की समृद्धि के लिए अनेक कार्य किए बहुगुणा जी ने: सीएम योगी 

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूर्व सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा निवेदित की। सीएम योगी ने स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा को लोकप्रिय राजनेता, कुशल प्रशासक व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताया। सीएम ने कहा कि बहुगुणा जी ने उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं।

    सामाजिक जन-जागरूकता व राष्ट्रीय चेतना को प्रखर रूप से बढ़ाने के निरंतर प्रयास किए बहुगुणा जी ने

    सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा का जन्म तत्कालीन उत्तर प्रदेश (वर्तमान उत्तराखंड) के जनपद पौढ़ी के एक छोटे से गांव में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही अर्जित की। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने प्रयागराज की भूमि को चुना। वहीं उच्च शिक्षा ग्रहण करने के दौरान वह छात्रनेता के रूप में देश के स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के साथ ही सामाजिक जन-जागरूकता व राष्ट्रीय चेतना को प्रखर रूप से बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए। 

    समाज के प्रत्येक तबके, देश की समृद्धि व आमजन के कल्याण के लिए किए अनेक कार्य

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में 1942 में छात्रनेता के रूप में उनकी गिरफ्तारी हुई। स्वतंत्र भारत में जनप्रतिनिधि, प्रदेश सरकार के मंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। उन्होंने प्रयागराज को नई पहचान दी। हेमवती नंदन बहुगुणा द्वारा जनप्रतिनिधि के रूप में जो भी कार्य किए गए, वे समाज के प्रत्येक तबके, देश की समृद्धि व आमजन के कल्याण के लिए थे। 

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधायक जय देवी, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, डॉ. अम्मार रिजवी, पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी, पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया आदि ने भी स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।