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  • एक ही ई-कार्ट से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ट्रेड शो का अवलोकन

    एक ही ई-कार्ट से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ट्रेड शो का अवलोकन

    यूपी के उत्पादों पर बढ़ा दुनिया का भरोसा, निर्यात दो लाख करोड़ के पार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ

    एक ही ई-कार्ट से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ट्रेड शो का अवलोकन
     
    मुख्यमंत्री बोले- जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है
     
    यूपी में संभावनाओं की कभी कमी नहीं थी, सही माहौल देकर हुनर को बाजार से जोड़ा: मुख्यमंत्री योगी
     
    टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़कर स्थानीय उत्पादों को बनाया ग्लोबल ब्रांड: मुख्यमंत्री योगी
     
    यूपी के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और उद्यमियों की विश्वसनीयता पर दुनिया को भरोसा: मुख्यमंत्री योगी
     
    79 उत्पादों को मिला जीआई टैग, 75 और नये उत्पादों के लिए किया गया आवेदन: मुख्यमंत्री योगी
     
    90 देशों से 600 से अधिक बायर्स पहुंचे, डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के शामिल होने की संभावना

     
     ग्रेटर नोएडा
     उत्तर प्रदेश के परंपरागत हुनर से लेकर आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तक की ताकत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में दुनिया के सामने दिखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं, जबकि 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स अपने उत्पादों के साथ ट्रेड शो में हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और यहां के उद्यमियों की विश्वसनीयता पर आज पूरी दुनिया को भरोसा है। आज प्रदेश दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश में तैयार होने वाले उत्पादों को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच बन गया है। पिछले वर्ष 72 देशों के 550 बायर्स इसमें शामिल हुए थे। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक बायर्स पहुंचे हैं और करीब डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के आयोजन में शामिल होने की संभावना है। यह बढ़ती भागीदारी उत्तर प्रदेश के कारीगरों के हुनर, युवाओं के इनोवेशन, एमएसएमई सेक्टर और अन्नदाता किसानों की मेहनत के प्रति बढ़ते वैश्विक भरोसे को दिखाती है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इसका उदाहरण है। यह ट्रेडिशन और टेक्नोलॉजी, हेरिटेज और इनोवेशन के साथ हुनर और बाजार की ताकत को एक साथ देखने का अवसर है।
     
    अमित शाह ने पहचानी थी परंपरागत उद्यमों की ताकत
    मुख्यमंत्री ने अमित शाह को प्रदेश के परंपरागत उद्यमों को नई पहचान देने की सोच का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के लोक कल्याण संकल्प पत्र के निर्माण के दौरान प्रदेश के परंपरागत उद्यमों की ताकत को पहचाना था। उनका मानना था कि जिस दिन उत्तर प्रदेश अपनी इस ताकत को पहचान लेगा, उसे मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पाएगा। सरकार बनने के बाद इसी सोच को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में ब्रांड दिया गया। 
     
    गांव के हुनर को मिला दुनिया का बाजार
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संभावनाओं की कभी कमी नहीं थी। जरूरत उस क्षमता को पहचानने, सही माहौल देने और उसे बड़े बाजार तक पहुंचाने की थी। आजादी के बाद दशकों तक कारीगरों को जरूरी संसाधन, सही दिशा, बाजार और मंच नहीं मिला। इसका असर यह हुआ कि नई पीढ़ी अपने पुश्तैनी हुनर से दूर होने लगी। सरकार ने जिलों, गांवों और स्थानीय क्लस्टर में मौजूद हुनर को पहचानकर आगे बढ़ने का अवसर दिया।
     
    उन्होंने कहा कि टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़ा गया। गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार के अनुरूप तैयार किया गया। एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और औद्योगिक ढांचे के विस्तार ने स्थानीय उत्पादों के लिए बड़े बाजार तक पहुंच आसान की है।
     
    79 उत्पादों को जीआई टैग, 75 और कतार में
    मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है और 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन किया गया है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की सिल्क साड़ियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत अब करोड़ों रुपये के कारोबार वाले ब्रांड में बदल चुकी है। ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं से कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ा गया है। ट्रेड शो में कारीगर और उद्यमी सीधे ग्लोबल बायर्स तक पहुंच रहे हैं।
     
    छह देशों के पवेलियन, कारोबार के नए रास्ते
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में जुड़े हैं। इनके विशेष पवेलियन भी लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन देशों की भागीदारी से द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी। रणनीतिक साझेदारी, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ज्वाइंट वेंचर के रास्ते भी खुलेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया के कई बड़े देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को यहां उत्पादन करने और यहीं से वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर दे रहा है।

    एक ही ई-कार्ट से शाह और योगी ने देखा ट्रेड शो
    कार्यक्रम की शुरुआत अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की। मुख्यमंत्री ने अमित शाह को फिरोजाबाद के ओडीओपी के तहत ओपल ग्लास से बनी राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट की। इसके बाद दोनों नेता ई-कार्ट से ट्रेड शो में लगे स्टॉल देखने पहुंचे। अलग-अलग स्टॉल पर रुककर उत्पाद देखे और उद्यमियों से उनकी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अमित शाह की मौजूदगी में ‘एक जनपद एक व्यंजन’ ओडीओसी पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
     

    एक करोड़ से अधिक एमएसएमई दे रहीं तीन करोड़ से अधिक को रोजगार
    एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश का ब्रांड बन चुका है। यहां विभिन्न देशों के खरीदारों के साथ बी2बी बैठकें होंगी और प्रदेश के छोटे उत्पादों को ग्लोबल एक्सपोजर मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। कृषि के बाद यह सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। ओडीओपी और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से अब तक छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट का लाभ मिला है। 14 नए ट्रेड जोड़कर अब 25 ट्रेड को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट से जोड़ा गया है। उद्यमियों को बिना ब्याज और गारंटी के ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
     
    कार्यक्रम में ये गणमान्य रहे मौजूद
    उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, बृजेश सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा और सुरेंद्र नागर समेत मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जापान के राजदूत ओनो केईची, भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त सायमन वोंग और बेलारूस के राजदूत मिखाइल कास्को समेत विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, विदेशी खरीदार, एग्जीबिटर्स और उद्यमी भी समारोह में शामिल हुए।

  • मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना समेत प्रशिक्षण केंद्रों के अभ्यर्थियों को मिल रहा नि:शुल्क अवसर

    मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना समेत प्रशिक्षण केंद्रों के अभ्यर्थियों को मिल रहा नि:शुल्क अवसर

    यूपीपीएससी-2025 मेंस के सफल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू की तैयारी का मॉक मंच, योगी सरकार ने बढ़ाया आत्मविश्वास

    उपाम के आईएएस-पीसीएस अधिकारियों ने लिया मॉक इंटरव्यू, परखी अभ्यर्थियों की तैयारी

    विशेषज्ञों ने बताईं इंटरव्यू की बारीकियां, व्यक्तित्व प्रस्तुति और आत्मविश्वास पर दिया जोर

    मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना समेत प्रशिक्षण केंद्रों के अभ्यर्थियों को मिल रहा नि:शुल्क अवसर

    लखनऊ, 
     उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की यूपीपीसीएस- 2025 मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को अब इंटरव्यू की चुनौती के लिए तैयार करने पर योगी सरकार का विशेष फोकस है। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग की ओर से गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में विशेष नि:शुल्क मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपाम (उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी) से जुड़े आईएएस-पीसीएस अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों का मॉक इंटरव्यू लेकर उनकी तैयारियों को परखा।

    मॉक इंटरव्यू के दौरान विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछकर उनकी विषयगत समझ, जवाब देने की क्षमता, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व प्रस्तुति का आकलन किया। अभ्यर्थियों को वास्तविक साक्षात्कार के माहौल का अनुभव देने के साथ ही इंटरव्यू की बारीकियों से भी अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने उन्हें सवालों का जवाब देते समय संतुलित और स्पष्ट दृष्टिकोण रखने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा अपने व्यक्तित्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के सुझाव दिए।

    कमियों को पहचानने और सुधारने का मिला अवसर

    मॉक इंटरव्यू का उद्देश्य केवल सवाल-जवाब तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अभ्यर्थियों को उनकी तैयारी की वास्तविक स्थिति से परिचित कराना भी रहा। विशेषज्ञों ने बातचीत के दौरान अभ्यर्थियों की कमजोरियों और सुधार की संभावनाओं पर मार्गदर्शन दिया। इससे अभ्यर्थियों को आगामी वास्तविक इंटरव्यू से पहले अपनी कमियों को पहचानने और उनमें सुधार करने का अवसर मिला।

    सभी वर्गों के सफल अभ्यर्थियों के लिए खुला रहा अवसर

    समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि नि:शुल्क मॉक इंटरव्यू में विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों और योजनाओं से जुड़े अभ्यर्थियों को अवसर दिया गया। इसमें छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन और परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों से प्रशिक्षण लेने वाले अभ्यर्थियों के साथ मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अभ्यर्थियों ने भी हिस्सा लिया। इसके अलावा यूपीपीसीएस- 2025 मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थी मॉक इंटरव्यू में शामिल हुए।

  • मुख्यमंत्री ने कहा- भारत अपनी ज्ञान परंपरा के कारण था विश्वगुरु, तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालय इसके प्रमाण

    मुख्यमंत्री ने कहा- भारत अपनी ज्ञान परंपरा के कारण था विश्वगुरु, तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालय इसके प्रमाण

    विदेशी आक्रांताओं ने भारत का वैभव ही नहीं लूटा, ज्ञान परंपरा को भी नष्ट करने का किया प्रयास: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर सप्त दिवसीय समारोह के व्याख्यान-सत्र का शुभारंभ
     
    मुख्यमंत्री बोले- अंग्रेजों ने भ्रम पैदा कर भारतीयों को अपनी परंपरा, मूल्यों और जड़ों से काटने का किया काम
     
    मुख्यमंत्री ने कहा- भारत अपनी ज्ञान परंपरा के कारण था विश्वगुरु, तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालय इसके प्रमाण
     
    मुख्यमंत्री बोले- सत्य को प्रमाण के साथ रखना होगा, विरोधी असत्य बताएंगे और दुष्प्रचार करने वाले पैदा करेंगे संशय
     
    मुख्यमंत्री ने कहा- भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का किया आह्वान
     
    गोरखपुर

     मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं का उद्देश्य केवल भारत का वैभव लूटना नहीं था, बल्कि उसकी ज्ञान परंपरा और बुद्धि को नष्ट करना भी था। मंदिरों पर हमले इसी सोच का हिस्सा थे। ब्रिटिश काल में तरीका बदला और भ्रम पैदा कर भारतीयों को अपनी परंपरा, मूल्यों और जड़ों से काटने का प्रयास किया गया। अब अपनी ज्ञान परंपरा को पहचानने, उसे प्रमाणों के साथ दुनिया के सामने रखने और आधुनिक तकनीक से जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का समय है।
     
    मुख्यमंत्री गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर आयोजित सप्त दिवसीय पुण्यतिथि समारोह के व्याख्यान-सत्र को संबोधित कर रहे थे।
     
    मंदिरों पर हमले के पीछे सनातन परंपरा पर प्रहार की सोच

    मुख्यमंत्री ने रामायण काल में दंडकारण्य में ऋषियों के आश्रमों पर हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि राक्षसी और दानवी शक्तियां हों या विदेशी आक्रांता, भारत पर हमले का उद्देश्य वैभव लूटने के साथ उसकी ज्ञान धरोहर को नष्ट करना भी रहा। उन्होंने सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनवी के आक्रमण का जिक्र करते हुए कहा कि मंदिर को तोड़ने का उद्देश्य केवल लूटपाट नहीं, बल्कि सनातन परंपरा को नष्ट करना भी था।
     
    अंग्रेजों ने भ्रम पैदा कर जड़ों से काटा
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ब्रिटिश काल में तरीका बदल गया। भारतीयों को अपनी भाषा, चिकित्सा पद्धति और ज्ञान परंपरा को लेकर भ्रमित किया गया। संस्कृत के स्थान पर अंग्रेजी और परंपरागत चिकित्सा पद्धति के स्थान पर आधुनिक चिकित्सा को महत्व दिया गया। परिणाम यह हुआ कि हम धीरे-धीरे अपनी परंपरा, मूल्यों और जड़ों से कटते गए।
     
    ज्ञान परंपरा के कारण विश्वगुरु था भारत

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अपनी ज्ञान परंपरा के कारण विश्वगुरु कहलाता था। आज के कई विकसित देशों का इतिहास 400 से 500 वर्षों का है, जबकि भारत में 2600 वर्ष पहले तक्षशिला और करीब 1700 से 1800 वर्ष पहले नालंदा जैसे विश्वविद्यालय थे। काशी, उज्जैन, कांची और नवद्वीप भी ज्ञान के प्रमुख केंद्र रहे।
     
    उन्होंने कहा कि कुंभ केवल स्नान का आयोजन नहीं था। प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक-त्र्यंबकेश्वर में संत और विद्वान अपने शोध और नवाचार पर चर्चा करते थे। भारतीय समाज ने अपने पर्व, त्योहार और मांगलिक कार्यों को आज भी भारतीय पंचांग से जोड़ रखा है।
     
    एक लाख से अधिक पांडुलिपियों का हो रहा संरक्षण
    मुख्यमंत्री ने बताया कि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय काशी में एक लाख से अधिक प्राचीन पांडुलिपियां एकत्र की गई हैं और उनके संरक्षण तथा डिजिटाइजेशन का कार्य चल रहा है। परिवारों, विद्वानों के घरों, प्राचीन मठों और मंदिरों में भी ऐसी ज्ञान धरोहर मौजूद है। अयोध्या, प्रयागराज, मथुरा-वृंदावन और लखनऊ समेत विभिन्न स्थानों पर पांडुलिपियां, ताम्रपत्र और शिलालेख मिले हैं।
     
    सत्य के साथ प्रमाण भी रखना होगा
    योगी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने में तीन पक्ष सामने होंगे। पहला सत्य का है, इसलिए जो भी कहें, प्रमाणित करके कहें। दूसरा विरोधियों का है, जो उसे असत्य ठहराने का प्रयास करेंगे और तीसरा दुष्प्रचार करने वालों का है, जो संशय पैदा करेंगे। तकनीक ऐसे संशय को दूर करने में बड़ी मदद कर सकती है। इसे समयानुकूल बनाकर ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाना होगा।
     
    पाणिनि से चाणक्य तक की विरासत को जानें
    मुख्यमंत्री ने कहा कि भाषा, व्याकरण, अर्थशास्त्र, विज्ञान, खगोल, ज्योतिष, आयुर्वेद, शिल्प और तकनीक समेत हर क्षेत्र में भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा रही है। नई पीढ़ी को पाणिनि, पतंजलि, आयुर्वेद के आचार्यों और चाणक्य के अर्थशास्त्र जैसी विरासत से परिचित कराना होगा। करीब तीन हजार वर्ष पहले नैमिषारण्य में 88 हजार ऋषि श्रवण परंपरा से प्राप्त ज्ञान को लिपिबद्ध करने के लिए एकत्र हुए थे।
     
    जड़ों से कटकर विकास संभव नहीं: विश्वकर्मा
    उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा ने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना में भारतीय ज्ञान परंपरा के सूत्र मौजूद हैं। अपनी जमीन और मूल से कटकर विकास संभव नहीं है। भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़कर ही भारत विश्वगुरु के पथ पर आगे बढ़ सकता है।
     
    नई पीढ़ी को विरासत से जोड़ें: रामनाथन
    आईआईटी बीएचयू के प्रो. वी. रामनाथन ने कहा कि भारतीय सभ्यता ने ज्ञान को हमेशा प्राथमिकता दी है। नई पीढ़ी को आधुनिक माध्यमों से अपनी विरासत की जानकारी देनी होगी। अपनी धरोहर को भूलना समाज में अलगाव का कारण बनता है।
     
    संस्कारयुक्त शिक्षा लोककल्याण का माध्यम: श्रीधराचार्य
    जगद्गुरु स्वामी श्रीधराचार्य ने कहा कि संस्कार के अभाव वाली शिक्षा अमंगलकारी है। भारतीयता से जुड़ी शिक्षा लोककल्याण का माध्यम बनती है। ज्ञान वही है, जो मनुष्य को आत्मबोध की ओर ले जाए।
     
    योग केवल आसन नहीं: विश्वेश प्रपन्नाचार्य
    जगद्गुरु विश्वेश प्रपन्नाचार्य ने यम, नियम, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, आसन, ध्यान और समाधि का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय योग परंपरा व्यापक है। इसे केवल आसन तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    व्याख्यान-सत्र की शुरुआत संतों ने ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की। कार्यक्रम में जगद्गुरु संतोषाचार्य सतुआ बाबा, महंत नारायण गिरि, महंत राजू दास, महंत शेरनाथ, स्वामी नरसिंह दास, महंत राम बालक दास व अन्य संतजन के साथ महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद से जुड़े संस्थानों के प्रधानाचार्य, शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

  • गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन, CM योगी ने दिया भरोसा- सबकी समस्या का होगा समाधान

    गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन, CM योगी ने दिया भरोसा- सबकी समस्या का होगा समाधान

    कब्जामुक्त कराएं जमीन, दबंगों को सिखाएं कानूनी सबक: मुख्यमंत्री

    बारिश के बावजूद सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया जनता दर्शन

    गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात कर सुनीं समस्याएं

    जनता से बोले सीएम – घबराइए मत, सबकी समस्या का होगा समाधान

    गोरखपुर
     जनता की सेवा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह बारिश होने के बावजूद ‘जनता दर्शन’ किया। दूरदराज से आए लोगों से उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। समस्या लेकर आए लोगों को मुख्यमंत्री ने समाधान का भरोसा दिया। इस अवसर पर अवैध कब्जे की शिकायतों पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जमीन कब्जामुक्त कराने के साथ जबरन कब्जा करने वालों को कड़ा कानूनी सबक सिखाया जाए। 

    बारिश की वजह से मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोगों की सुविधा के लिए जनता दर्शन का आयोजन गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में किया गया। इस दौरान सीएम योगी ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने का निर्देश दिया। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनकी पीड़ा जानी और आश्वस्त किया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं। 

    इस दौरान कुछ महिलाओं ने उनकी जमीन जबरन कब्जा कर लिए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की जमीन हड़पी है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जमीन अवैध या जबरन कब्जे से मुक्त होनी चाहिए। 

    हर बार की तरह जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। ऐसे मामलों में सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी।

  • छोटे-सीमांत किसानों के लिए सस्ता कर्ज, ब्याज दर 18% से घटकर 6%

    छोटे-सीमांत किसानों के लिए सस्ता कर्ज, ब्याज दर 18% से घटकर 6%

    योगी सरकार में 18 से छह प्रतिशत पर आया किसानों के कर्ज का ब्याज
     
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना से छोटे और सीमांत किसानों को सस्ता दीर्घकालिक ऋण
     
    11 प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत की गई ब्याज दर, पांच लाख किसानों को लाभ देने का लक्ष्य
     
    10 लाख के ऋण पर सालाना ब्याज में 50 हजार रुपये का अंतर
     
    लखनऊ

    खेती के लिए ट्रैक्टर लेना हो, कृषि यंत्र खरीदने हों या खेत से जुड़ा कोई दूसरा बड़ा काम करना हो, छोटे और सीमांत किसानों के लिए पूंजी जुटाना अब पहले के मुकाबले सस्ता होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के जरिए उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक यानी एलडीबी से मिलने वाले दीर्घकालिक ऋण की ब्याज दर घटाकर छह प्रतिशत कर दी है। कभी यही कर्ज किसानों को 18 प्रतिशत तक के ब्याज पर मिलता था। बाद में यह दर 14 प्रतिशत और फिर करीब 11 प्रतिशत तक पहुंची। अब किसान को छह प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलेगा।
     
    ब्याज दर में पांच प्रतिशत अंक की कमी का असर किसान की जेब पर सीधे पड़ेगा। इसे 10 लाख रुपये के ऋण से समझें तो 11 प्रतिशत की दर पर एक वर्ष का साधारण ब्याज 1.10 लाख रुपये बनता है। छह प्रतिशत की दर पर यह 60 हजार रुपये होगा। यानी समान मूलधन पर एक वर्ष में ब्याज का अंतर 50 हजार रुपये है। वास्तविक बचत ऋण की अवधि, किस्त और बकाया मूलधन के आधार पर अलग होगी।
     
    पांच लाख किसानों तक पहुंचेगा सस्ता कर्ज
    मुख्यमंत्री योगी ने योजना के शुभारंभ पर अगले कुछ वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को इस ऋण सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। खेती-बाड़ी और कृषि मशीनरी के लिए किसानों को कम ब्याज पर दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम में पांच किसानों को ऋण स्वीकृति पत्र देकर इसकी शुरुआत भी कर दी गई।
     
    मुख्यमंत्री का कहना है कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो भारत खुशहाल होगा और किसान समृद्ध होगा तो भारत भी समृद्ध होगा। इसी सोच के साथ किसानों की पूंजी की जरूरत को कम ब्याज वाले ऋण से पूरा करने पर जोर दिया गया है।
     
    18 से छह प्रतिशत तक ऐसे घटा ब्याज
    एलडीबी से किसानों को मिलने वाले ऋण पर ब्याज दर एक समय 18 प्रतिशत तक थी। इसे पहले घटाकर 14 प्रतिशत किया गया और बाद में करीब 11 प्रतिशत तक लाया गया। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के बाद अब यह छह प्रतिशत रह गई है। यानी 18 प्रतिशत के पुराने स्तर के मुकाबले ब्याज दर एक तिहाई रह गई है।
     
    सस्ते दीर्घकालिक कर्ज का सबसे अधिक लाभ उन छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा, जिन्हें खेती में एकमुश्त बड़े निवेश की जरूरत पड़ती है। कृषि मशीनरी और खेती की दूसरी जरूरतों के लिए कम ब्याज पर पूंजी मिलने से उन पर ब्याज का बोझ घटेगा। मुख्यमंत्री योगी का लक्ष्य इस व्यवस्था के जरिए किसान को खेती में निवेश के लिए सस्ता और संस्थागत ऋण उपलब्ध कराना है।

  • भारत टैक्सी के 5 सारथी सम्मानित, कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को मिला चेक

    भारत टैक्सी के 5 सारथी सम्मानित, कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को मिला चेक

    मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी के पांच सारथियों को किया सम्मानित, कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को प्रदान किया चेक

    भारत टैक्सी और तीन प्रमुख संस्थाओं के बीच एमओयू का आदान-प्रदान 

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत टैक्सी के पांच सारथियों सुमनदीप कौर, अमित कुमार अग्रवाल, अमरीश सोनकर, शशांक पांडेय और पंकज कुमार वर्मा को मंच पर शेयर प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को ऋण के चेक भी वितरित किए, जिसमें अनिल कुमार सिंह को छह लाख रुपये, अंकुश कुमार को पांच लाख रुपये, अवधेश कुमार को चार लाख 50 हजार रुपये, बाबूलाल राजपूत को तीन लाख रुपये और संजय को दो लाख रुपये का ऋण प्रदान किया गया। इस अवसर पर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता विभाग जेपीएस राठौर ने मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम के लाभांश के रूप में दो करोड़ 69 लाख रुपये का चेक भी सौंपा।

    मुख्यमंत्री के समक्ष भारत टैक्सी के साथ तीन एमओयू

    मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मंच पर भारत टैक्सी और तीन प्रमुख संस्थाओं के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। भारत टैक्सी के सीईओ हिमांशु ने अडानी एयरपोर्ट लखनऊ के चीफ कमर्शियल ऑफिसर शिव मोहन सिंह, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के मैनेजिंग डायरेक्टर सुशील कुमार तथा यातायात एवं सड़क सुरक्षा, लखनऊ के डीआईजी अरविंद कुमार मौर्य के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया।

    भारत टैक्सी से युवाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर : ब्रजेश पाठक
    उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सहकारिता विभाग समाज के गरीब, किसान और मध्यम वर्ग से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूर्ववर्ती सरकारों में यह विभाग अपनी मूल भावना से भटक गया था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सहकारिता विभाग को नई दिशा मिली है और आज सहकारी बैंक लाभ की स्थिति में हैं, जिसका लाभ किसानों और आम लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्तर पर सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद देश में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य तेजी से हुआ है। भारत टैक्सी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें अपनी गाड़ी, अपना ड्राइवर और अपनी कमाई की व्यवस्था होगी तथा पैसा स्थानीय स्तर पर परिवार और अर्थव्यवस्था में ही घूमेगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से भारत टैक्सी को सफल बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने तथा स्वयं को इसका ब्रांड एंबेसडर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब अपराध और कट्टा संस्कृति के स्थान पर कलम, शिक्षा और विकास की संस्कृति मजबूत हुई है। 

    उत्तर प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में हो रहा उल्लेखनीय कार्य: मुरलीधर मोहोल
    केंद्रीय सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि आज लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी भारत टैक्सी की सेवा शुरू हो रही है तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 50 हजार से अधिक लोग ऑनलाइन इस कार्यक्रम से जुड़े हैं। भारत टैक्सी के संबंध में उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ड्राइवर भाई-बहनों के खातों में पहुंच चुकी है। वर्तमान में भारत टैक्सी देश के करीब 15 शहरों में संचालित हो रही है और लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर तथा प्रयागराज के जुड़ने के साथ उत्तर प्रदेश में अब तक करीब 40 हजार ड्राइवरों ने पंजीकरण कराया है। 
    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर के नेतृत्व में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। प्रदेश में करीब 42 हजार सहकारी समितियां कार्यरत हैं। पैक्स के कंप्यूटरीकरण और ग्रामीण बैंकों के डिजिटलीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का सहकारिता मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी बन सकता है और भारत टैक्सी इस सहकारिता आंदोलन को मोबिलिटी के क्षेत्र में नई गति देने वाली महत्वपूर्ण पहल है।

  • कोयले की कमी से नहीं प्रभावित होगी बिजली सप्लाई, डिस्कॉम एमडी करेंगे रोज समीक्षा

    कोयले की कमी से नहीं प्रभावित होगी बिजली सप्लाई, डिस्कॉम एमडी करेंगे रोज समीक्षा

    योगी सरकार का निर्बाध बिजली आपूर्ति पर जोर, युद्धस्तर पर प्रयास के निर्देश

    त्योहारों पर नहीं होगी बिजली की किल्लत, वैकल्पिक व्यवस्था और फीडरवार निगरानी पर फोकस

    कोयले की कमी से न प्रभावित हो विद्युत आपूर्ति, बेहतर वैकल्पिक योजना बनाने के निर्देश

    डिस्कॉम के एमडी प्रतिदिन करेंगे समीक्षा, हर दो घंटे में फीडरवार रिपोर्ट भेजने का निर्देश

    लखनऊ
     योगी सरकार प्रदेश में निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने प्रदेश की विद्युत आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास करने के निर्देश दिए। रणवीर प्रसाद ने कहा कि बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जहां से भी विद्युत की व्यवस्था संभव हो, वहां से आवश्यक इंतजाम किए जाएं। उन्होंने भविष्य में कोयले की कमी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की बेहतर योजना तैयार करने पर जोर दिया।

    प्रमुख सचिव ने निर्देशित किया कि आपूर्ति की फीडर वाइज मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही विद्युत वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट कार्ययोजना के साथ परिणाम देने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय, तहसील एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति, फीडर मीटरों के आंकड़ों तथा वितरण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मानकों की जानकारी ली। अध्यक्ष ने कहा कि फीडर स्तर के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण करते हुए जहां भी कमियां सामने आएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें। अधिक लाइन हानि वाले फीडरों एवं क्षेत्रों में फीडरवार कार्य योजना बनाकर नियमित कार्रवाई की जाए।

    अध्यक्ष ने प्रदेश के वितरण निगम के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए अभी से प्रभावी योजना बना ली जाए, जिसे उस दौरान सभी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि डिस्कॉम स्तर पर सभी प्रबन्ध निदेशक विद्युत आपूर्ति की समीक्षा प्रतिदिन करें। उसकी एक विस्तृत रिपोर्ट लखनऊ भेजें। जिसमें जिलेवार फीडर की जानकारी होगी। ब्रेकडाउन के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। इसी तरह रोस्टिंग की जानकारी भी फीडर वाइज रहेगी।

    उन्होंने कहा कि डिस्कॉम स्तर पर कंट्रोल रूम में हर दो घंटे की फीडरवाइज रिपोर्ट मंगाई जाए। जिसमें कभी भी किसी फीडर की जानकारी मांगी जाए। शक्ति भवन में सम्पन्न इस बैठक में उन्होंने विद्युत आपूर्ति, व्यवस्थागत ढ़ाचे का सुदृढ़ीकरण, बिल वितरण, बिल वसूली, बिजली चोरी रोकने, विद्युत दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियन्त्रण तथा विद्युत कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने आदि मुद्दों पर समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि इंडीपेन्डेन्ट फीडर के उपभोक्ताओं से विद्युत निगमों के वरिष्ठ अधिकारी सम्पर्क कर विद्युत आपूर्ति का फीड बैक लेते रहें और बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें।

    अध्यक्ष ने बिजनेस प्लान के कार्यों को समय से पूर्ण कराने हेतु सख्त निर्देश दिये। अध्यक्ष ने कहाकि बिजनेस प्लान में लखनऊ सहित प्रदेश के ऐसे स्थानों के लिए विशेष कार्य योजना बनाई जाय, जहां विद्युत आपूर्ति को लेकर बार-बार समस्या आ रही है। शक्ति भवन में हुई आपूर्ति संबंधी इस समीक्षा बैठक में प्रबन्ध निदेशक नितीश कुमार सहित उत्पादन निगम एवं एस.एल.डी.सी. के अधिकारी तथा कारपोरेशन के निदेशक आदि वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • भारत टैक्सी में नहीं लगेगा कमीशन, ड्राइवरों को ₹5 लाख की सामाजिक सुरक्षा- CM योगी

    भारत टैक्सी में नहीं लगेगा कमीशन, ड्राइवरों को ₹5 लाख की सामाजिक सुरक्षा- CM योगी

    जीरो कमीशन पर चलेगी भारत टैक्सी, चालक को पांच लाख की सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया भारत टैक्सी एवं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ
     
    लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में संचालन शुरू, टैक्सी के साथ टू और थ्री व्हीलर चालक भी जुड़ेंगे
     
    भारत टैक्सी की तर्ज पर ग्रामीण बस सेवा को आगे बढ़ाने के निर्देश, लाखों युवाओं के लिए खुलेगा रोजगार का रास्ता
     
    महाकुंभ में रैपिडो की सेवा का दिया उदाहरण, बोले- यात्रियों को सुविधा मिली और यातायात भी नहीं हुआ बाधित
     
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी के ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत
     
    पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को ऋण देने का लक्ष्य, खेती और मशीनरी के लिए मिलेगा दीर्घकालिक कर्ज
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए टैक्सी चालकों और किसानों के लिए दो बड़े कदम उठाए। भारत टैक्सी से टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालक रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर जुड़ सकेंगे। उन्हें पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी। वहीं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी से किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत कर दी गई है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सहकारिता की कमान किन हाथों में है, उसी पर उसकी सफलता निर्भर करती है। अच्छा नेतृत्व सहकारिता को समृद्धि का माध्यम बनाता है, जबकि गलत नेतृत्व इसे अराजकता की ओर ले जा सकता है। आजादी के बाद पहली बार देश में अलग सहकारिता मंत्रालय बना और अब इसके परिणाम सामने आ रहे हैं।
     
    भारत की गति को प्रगति में बदलेगी भारत टैक्सी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालकों के बारे में पहले कोई नहीं सोचता था। अब वे रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे और पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पाएंगे। सामाजिक सुरक्षा मिलने से चालक निश्चिंत होकर जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर सकेगा।
     
    उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी केवल यात्रियों को ढोने वाली टैक्सी नहीं है। यह पूरे भारत की टैक्सी है, जो भारत की गति को प्रगति में बदलने का काम करेगी। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में इसका संचालन शुरू किया गया है। लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू भी हुए हैं।
     
    महाकुंभ में देखा था रैपिडो का सफल प्रयोग
    मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लाखों नौजवान रैपिडो के माध्यम से अपनी बाइक पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित संगम तक पहुंचा रहे थे। संगम से रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में भी उनका योगदान रहा। इससे यातायात बाधित नहीं हुआ और लोगों को आसानी से आवागमन की सुविधा मिली।
     
    उन्होंने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से ग्रामीण बस सेवा को भी भारत टैक्सी की तर्ज पर आगे बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मॉडल को आगे बढ़ाया गया तो लाखों नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
     
    पांच लाख किसानों को छह प्रतिशत पर ऋण
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था। इसे अब घटाकर छह प्रतिशत कर दिया गया है। खेती-बाड़ी और मशीनरी के लिए किसानों को पैसे की कमी न हो, इसके लिए दीर्घकालिक ऋण की व्यवस्था की गई है। आगामी कुछ वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को इसका लाभ देने का लक्ष्य है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो भारत खुशहाल होगा। अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो भारत समृद्ध होगा। सहकारिता क्षेत्र जितना मजबूत होगा, देश भी उतना ही मजबूत होगा।
     
    86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का ऋण माफ किया

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद 86 लाख लघु और सीमांत किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफ किए गए। दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को पूरा होने में करीब 50 वर्ष लगे। अर्जुन सहायक, बाणसागर और मध्य गंगा जैसी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया।
     
    उन्होंने कहा कि पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेल वाले किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। नहर और सरकारी ट्यूबवेल से सिंचाई भी मुफ्त है।
     
    3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें चल रही हैं। इनमें 100 से अधिक मिलें चौथे दिन गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने 29 चीनी मिलें बंद की थीं और इनमें से 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया था।
     
    उन्होंने कहा कि किसानों को बीज से बाजार तक सुविधा देने के लिए काम किया गया है। पैक हाउस बने, फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगीं और एफपीओ के गठन के साथ कृषि विज्ञान केंद्रों से तकनीकी सहयोग दिया गया। सहकारिता के माध्यम से प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता के वेयरहाउस भी तैयार किए जा रहे हैं।
     
    54 लाख नए सदस्य, 15 सहकारी बैंक मुनाफे में
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के 16 सहकारी बैंक निष्क्रिय हो चुके थे और उनके लाइसेंस जब्त हो गए थे। इनमें किसानों के हजारों करोड़ रुपये जमा थे। अब 16 में से 15 बैंक फिर मुनाफे में आ चुके हैं। एक अन्य बैंक को भी बेहतर करने पर काम चल रहा है।
     
    उन्होंने बताया कि पैक्स को पहले 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट की सुविधा दी गई थी, जिसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है। सहकारिता से 54 लाख नए सदस्य जुड़े हैं। किसानों को समय पर खाद, कीटनाशक और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
     
    कृषक समृद्धि पोर्टल लॉन्च, भारत टैक्सी को किया रवाना
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि पोर्टल ऐप यूपीसीडीसी लॉन्च किया। उर्वरक के लिए मोबाइल ऐप और सहकारिता की सेवाओं को आसानी से उपलब्ध कराने के लिए कोऑपरेटिव डाटा सेंटर तथा मोबाइल ऐप की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने पांच सारथियों को भारत टैक्सी के शेयर प्रमाण पत्र और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के पांच लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र सौंपे।
     
    भारत टैक्सी के सीईओ कर्नल हिमांशु और अडानी एयरपोर्ट लखनऊ के चीफ कमर्शियल ऑफिसर शिव मोहन ने विभिन्न संस्थाओं के साथ हुए एमओयू का आदान-प्रदान किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल समेत अतिथियों ने फ्लैग ऑफ कर भारत टैक्सी को रवाना किया।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर, परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति डॉ. विवेक कुमार सिंह तोमर, सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव पंकज कुमार बंसल, भारत टैक्सी के उपाध्यक्ष रोहित गुप्ता मौजूद रहे।

  • बरेली की जरी से पीलीभीत की नक्काशी तक, यूपी ट्रेड शो में दिखेगी रुहेलखंड की पहचान

    बरेली की जरी से पीलीभीत की नक्काशी तक, यूपी ट्रेड शो में दिखेगी रुहेलखंड की पहचान

    यूपी ट्रेड शो: अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में चमकेगा रुहेलखंड, बरेली की जरी से मेंथा-फार्मा को मिलेगा बड़ा बाजार

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप स्थानीय हुनर को मिलेगा बड़ा बाजार

    बरेली की सबसे बड़ी भागीदारी, जरी से मेंथा तक दिखेगा दम

    पीलीभीत की नक्काशी, शाहजहांपुर की जरी और रुहेलखंड का स्वाद

    बरेली
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप स्थानीय हुनर और उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की मुहिम में रुहेलखंड बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला-2026 में बरेली की जरी-जरदोजी, मेंथा, दवा, बांस-बेंत और खाद्य उत्पादों की चमक दिखाई देगी। पीलीभीत की लकड़ी की नक्काशी और शाहजहांपुर की जरी कारीगरी भी खरीदारों के सामने होगी। नए निर्यातकों से लेकर पहले से विदेशों में कारोबार कर रही इकाइयों तक को अलग-अलग मंडप में जगह दी गई है। मंडलायुक्त बरेली शंभू कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा स्थानीय उत्पादों और छोटे उद्यमों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराने की रही है। इसी दिशा में यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और निर्यातकों के लिए बड़ा मंच बन रहा है। बरेली मंडल से पारंपरिक जरी-जरदोजी और लकड़ी की नक्काशी के साथ दवा, मेंथा, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बांस-बेंत से जुड़े उद्यम भी इसमें शामिल हो रहे हैं। 

    बरेली की जरी-जरदोजी दिखाएगी अपना जलवा

    एक जिला-एक उत्पाद में बरेली की छह इकाइयों को जगह मिली है। मनीषा ज्वेलरी सुनारी उद्योग के हस्तशिल्प उत्पाद लेकर पहुंचेगी। कमल ट्रेडर्स, पिंकी जरी आर्ट्स, शिखा जरी आर्ट, ज्योत्सना जरी वर्क और कृष्णा गारमेंट्स बरेली की जरी-जरदोजी की कारीगरी प्रदर्शित करेंगे। पीलीभीत से राशिद हैंडीक्राफ्ट और फाइजाह मलिक लकड़ी की नक्काशी के उत्पाद लेकर पहुंचेंगे। 

    मसालों से रेजिन कला तक, छोटे उद्योग दिखाएंगे ताकत

     बरेली के छोटे और मझोले उद्योगों की विविधता भी दिखाई देगी। सृष्टिपूर्ति मसाले और मसाला मिश्रण, जबकि नंदू शेफ खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित करेगा। शील कलाकृति हाथ से तैयार रेजिन कला और ग्लिट्ज एंड थ्रेड्स आभूषण लेकर पहुंचेगा। हंकरी आर्ट एंड एसेंस सुगंधित मोमबत्तियां, रेजिन उत्पाद और धागे की चूड़ियां प्रदर्शित करेगा। फार्म टैब हेल्थ केयर दवा उत्पाद लेकर पहुंचेगा। इसके अलावा राजेश जरी गुड्स और रूबी जरी फैशन जरी-जरदोजी, हाथ की कढ़ाई और कृत्रिम आभूषणों के जरिए बरेली की कारीगरी दिखाएंगे। 

    नए निर्यातकों को बड़ा मौका, बरेली की तीन इकाइयों के पांच स्टॉल

    स्टॉल 14 नए निर्यातकों के लिए रखा गया है। इसमें बरेली की तीन इकाइयों को कुल पांच स्टॉल मिले हैं। एचएनवी फार्मा लिमिटेड (हम्बल हेल्थकेयर) दवा उत्पादों के लिए दो स्टॉल लगाएगी। दस्तकार बैम्बू केन डेवलपमेंट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बांस और बेंत से तैयार उत्पाद लेकर पहुंचेगी। सिरमौर सोप्स एंड एलाइड प्रोडक्ट्स साबुन, कपड़े धोने के उत्पाद और झाड़ू के साथ दो स्टॉल लगाएगी। पीलीभीत की पीटीआर ग्लोबल एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड भारतीय लकड़ी से तैयार उत्पादों के साथ यहां मौजूद रहेगी। इसे एक स्टॉल मिला है। 

    मेंथा की खुशबू से कपड़ों और पैकेजिंग तक बरेली की पहुंच

    नियमित निर्यातकों के लिए निर्धारित मंडप 15 में बरेली की तीन इकाइयां शामिल हैं। एसए इंटरनेशनल परिधान लेकर पहुंचेगी। केल्विन नेचुरल मिंट प्राइवेट लिमिटेड मेंथा तेल, पुदीना तेल, मेंथॉल क्रिस्टल और स्पीयरमिंट तेल जैसे उत्पाद प्रदर्शित करेगी। अंजनिनंदन प्रीमियर पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड पॉलीप्रोपाइलीन के थैले पेश करेगी। तीनों इकाइयों को एक-एक स्टॉल मिला है। वहीं पीलीभीत की राशिद हैंडीक्राफ्ट लकड़ी की नक्काशी के उत्पाद प्रदर्शित करेगी। दारक्षा मलिक और सुभुही जरी-जरदोजी के उत्पाद लेकर पहुंचेंगी। शाहजहांपुर से कुमकुम जरी वर्क्स जरी और उससे तैयार वस्तुओं के जरिए जिले की कारीगरी को खरीदारों के सामने रखेगी। 

    कारोबार के साथ बदायूं का पेड़ा और बरेली की बर्फी का स्वाद

    व्यापार मेले में सिर्फ उत्पादों का कारोबार नहीं होगा, रुहेलखंड का स्वाद भी लोगों को अपनी ओर खींचेगा। बरेली की अजंता स्वीट्स, रामपुर गार्डन और किप्स की बर्फी को पैकेज्ड खाद्य काउंटर में जगह मिली है। वहीं मोहित शर्मा नाश्ता कॉर्नर के छोले-भटूरे सीधे तैयार कर परोसे जाएंगे। वहीं बदायूं के हब्बू हलवाई का मशहूर पेड़ा भी व्यापार मेले में पहुंचेगा। पीलीभीत का पवन स्वीट हाउस खोया आधारित मिठाइयां और लौंज पेश करेगा। शाहजहांपुर से लोंजे को जगह मिली है। बदायूं के सूरज मिष्ठान भंडार, ककराला को भी स्थानीय व्यंजन के लिए स्टॉल संख्या 33 दिया गया है।  

    जरी के धागे से निर्यात की उड़ान तक

    रुहेलखंड की कारोबारी तस्वीर अब सिर्फ पारंपरिक हुनर तक सीमित नहीं है। एक तरफ बरेली की जरी-जरदोजी और पीलीभीत की लकड़ी की नक्काशी है तो दूसरी ओर दवा, मेंथा, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बांस-बेंत जैसे उद्योग भी हैं। यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में इन सभी को एक मंच मिलने जा रहा है। सबसे ज्यादा भागीदारी बरेली की दिखाई दे रही है, जिससे देश-विदेश से आने वाले खरीदारों के सामने जिले के पारंपरिक हुनर के साथ बदलती औद्योगिक तस्वीर भी रखी जाएगी।

  • किसानों और ग्रामीण परिवहन को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म, CM योगी करेंगे लॉन्च

    किसानों और ग्रामीण परिवहन को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म, CM योगी करेंगे लॉन्च

    सीएम योगी बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का करेंगे शुभारंभ

    मुख्यमंत्री करेंगे ई-पोर्टल व मोबाइल ऐप की लॉन्चिंग, किसानों और ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म

    मुख्यमंत्री आवास पर होगा एमओयू और ऋण स्वीकृति पत्र का वितरण

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार (23 सितंबर) को भारत टैक्सी एवं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करेंगे। लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के ई-पोर्टल mkksylb.in, सहकारिता विभाग के उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप एवं उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर के मोबाइल ऐप यूपीसीडीसी की लॉन्चिंग की जाएगी। 

    इस दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल, लखनऊ पुलिस एवं भारत टैक्सी के मध्य एमओयू होगा। साथ ही भारत टैक्सी के सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र वितरित किया जाएगा। सीएम योगी मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र भी वितरित करेंगे। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह मौजूद रहेंगे।