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  • 100 महिलाओं की क्षमता वाला राजकीय महिला शरणालय तैयार, बुधवार को CM करेंगे लोकार्पण

    100 महिलाओं की क्षमता वाला राजकीय महिला शरणालय तैयार, बुधवार को CM करेंगे लोकार्पण

    राजकीय महिला शरणालय भवन का बुधवार को लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री

    8 करोड़ रुपये की लागत से 100 महिलाओं की क्षमता का बना है शरणालय

    निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का निरीक्षण भी करेंगे सीएम योगी

    गोरखपुर
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को गोरखपुर में, महिला कल्याण विभाग की तरफ से संचालित होने वाले राजकीय महिला शरणालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर वह निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का भी निरीक्षण करेंगे।

    चरगांवा में कृषि विभाग के बीज गोदाम के समीप 8 करोड़ 5 लाख 42 हजार रुपये की लागत से राजकीय महिला शरणालय के भवन का निर्माण कराया गया है। इस भवन की क्षमता 100 महिलाओं के रहने की है। इसमें आवासीय सुविधा के साथ आवश्यक सहायक सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त 10 डारमेट्री कक्ष, 4 अध्ययन कक्ष, रोगी कक्ष, क्रेच रूम, डाइनिंग हॉल, किचन, स्टोर, शौचालय एवं स्नानघर जैसी आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया गया है। प्रशासनिक एवं संचालन संबंधी कार्यों के लिए वर्कशॉप, वार्डन कक्ष एवं कार्यालय की व्यवस्था की गई है। संवासनियों के अध्ययन एवं ज्ञानवर्धन हेतु पुस्तकालय भी बना है।

    राजकीय महिला शरणालय, महिला कल्याण विभाग के अधीन संचालित एक संरक्षणात्मक एवं आवासीय संस्था है। इन शरणालयों की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य घरेलू हिंसा, जरूरतमंद, संकटपूर्ण परिस्थितियों, भटकाव अथवा अन्य सामाजिक एवं पारिवारिक कठिनाइयों से प्रभावित महिलाओं को सुरक्षित आश्रय, संरक्षण एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करना है। 

    राजकीय महिला शरणालय का लोकार्पण करने से पहले मुख्यमंत्री, किशोरों के लिए निर्माणाधीन संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण करेंगे। चरगांवा में कृषि विभाग के बीज गोदाम के समीप ही राजकीय संप्रेषण गृह (किशोर) का निर्माण 14 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इसकी क्षमता 100 किशोरों के रहने की होगी। इसी परिसर में किशोर न्याय बोर्ड के लिए पृथक ब्लॉक का प्रावधान किया गया है। इसका निर्माण फरवरी 2027 तक पूर्ण होने की उम्मीद है। राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का मुख्य उद्देश्य कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों को सुरक्षित, संरक्षित, बाल-अनुकूल एवं सुधारात्मक वातावरण उपलब्ध कराते हुए उनकी समुचित देखभाल, संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोसामाजिक सहयोग, कौशल विकास एवं पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। इस गृह में ऐसे बालकों को रखा जाता है जिन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया हो तथा जिनके संबंध में बोर्ड द्वारा विधि के अनुरूप आवश्यक आदेश पारित किए गए हों।  

    गोरखनाथ मंदिर में होने वाले सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में सम्मिलित होंगे मुख्यमंत्री
    बुधवार (23 सितंबर) को गोरखपुर दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ कार्यक्रम में भी सम्मिलित होंगे। यह कथा ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है। प्रख्यात कथावाचक वृंदावन के मलूकपीठाधीश्वर राजेंद्रदास श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा सुनाएंगे।

  • उत्तर प्रदेश के डेयरी-मछली कारोबार को मिलेगी नई उड़ान, UPITS 2026 में वैश्विक खरीदारों से संपर्क

    उत्तर प्रदेश के डेयरी-मछली कारोबार को मिलेगी नई उड़ान, UPITS 2026 में वैश्विक खरीदारों से संपर्क

    यूपीआईटीएस 2026 : डेयरी और मत्स्य क्षेत्र को मिलेगा वैश्विक बाजार

    निवेशकों और खरीदारों से सीधे जुड़ेंगे उत्तर प्रदेश के उद्यमी

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सशक्त मंच बनेगा यूपीआईटीएस

    मछली पालन से दुग्ध उत्पादन तक दिखेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई तस्वीर

    देश-विदेश के खरीदारों से रूबरू होंगे डेयरी क्षेत्र से जुड़े 14 प्रमुख स्टेकहोल्डर्स और मत्स्य क्षेत्र से जुड़ीं आठ प्रमुख कंपनियां

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 में प्रदेश के डेयरी व मत्स्य क्षेत्र की उपलब्धियों, संभावनाओं और उद्यमिता की नई तस्वीर देखने को मिलेगी। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो में मत्स्य एवं डेयरी को प्रमुख फोकस सेक्टर के रूप में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की विविध क्षमताओं को देश-विदेश के खरीदारों, निवेशकों और कारोबारियों के सामने प्रस्तुत करना है।

    बड़े बाजार से जुड़ेंगे डेयरी और मत्स्य क्षेत्र के स्टेकहोल्डर्स
    डेयरी और मत्स्य क्षेत्र प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और स्वरोजगार से सीधे जुड़े हैं। ट्रेड शो में इन क्षेत्रों से संबंधित सरकारी योजनाओं, उत्पादों, सेवाओं, तकनीकों और उद्यमिता के अवसरों को व्यापक मंच मिलेगा। इससे किसानों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, स्वयं सहायता समूहों व उद्यमियों को अपने कार्य और उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

    प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, पैकेजिंग और विपणन में विकसित होंगे उद्यमिता के अवसर
    मत्स्य क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने के साथ आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन, प्रसंस्करण और विपणन की संभावनाओं को भी सामने लाया जाएगा। यूपीआईटीएस 2026 में मछली पालन, इससे जुड़े उत्पादन, फीड, प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, पैकेजिंग और विपणन जैसे क्षेत्रों में उद्यमिता के अवसरों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे मत्स्य पालकों और उद्यमियों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।

    इसी तरह पशुधन, पशु स्वास्थ्य, दुग्ध उत्पादन और इससे जुड़े व्यवसायों की पूरी श्रृंखला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है। ट्रेड शो के माध्यम से इन गतिविधियों में उपलब्ध संभावनाओं और कारोबार के अवसरों को भी व्यापक बाजार के सामने रखने का प्रयास किया जाएगा।

    एक मंच पर प्रदर्शित होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की विविधता
    यूपीआईटीएस में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, घरेलू बी2बी खरीदारों, घरेलू बी2सी ग्राहकों के माध्यम से मत्स्य व डेयरी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए अपने उत्पादों और सेवाओं को नए खरीदारों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। डेयरी और मत्स्य विभाग की सरकारी योजनाओं एवं नीतियों के साथ निजी क्षेत्र, उद्यमियों, निवेशकों, निर्यातकों और खरीदारों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। मत्स्य और पशुपालन जैसे कृषि-संबद्ध क्षेत्रों की भागीदारी से प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ताकत और विविधता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, पैकेजिंग, विपणन और बाजार तक पूरी वैल्यू चेन में नए कारोबारी संपर्क विकसित होने की संभावनाएं बनेंगी।

     

    यूपीआईटीएस में मत्स्य विभाग की ओर से इन्हें मिलेगा मंच

    👉पीवीआर एक्वा – गाजियाबाद
    👉 ग्रोवेल फीड – लखनऊ
    👉 देवी फीड्स – बाराबंकी
    👉 फिश व्हाइट – वाराणसी
    👉 मणि एग्रो हब – मुरादाबाद
    👉 एबिस ग्रुप – अयोध्या
    👉 दयाल ग्रुप – लखनऊ
    👉 एडवांस फिश फार्म – मेरठ

    डेयरी क्षेत्र की देश-प्रदेश की 14 कंपनियों की रहेगी मौजूदगी

    👉 नमस्ते इंडिया
    👉 गंगोल सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड
    👉 भारत एसकेवाईआर एंड दूध प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड
    👉 सिंहानिया मिल्क प्रोडक्ट्स प्रा. लि. (मलाई धारा)
    👉 वीआरएस फूड्स लिमिटेड
    👉 क्रीमी फूड्स लिमिटेड
    👉 सीपी मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. (ज्ञान डेयरी)
    👉 भोले बाबा मिल्क
    👉 अमूल (गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड)
    👉 न्यू एरा डेयरी इंजीनियर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
    👉 ज्यूड्स मिल्क
    👉 अल्फा मिल्क फूड
    👉 श्याम डेयरी
    👉 पराग डेयरी

    वर्जन 
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण (25 से 29 सितंबर) के आयोजन में डेयरी व मत्स्य विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। अतिथि व आगंतुक दुग्ध-मत्स्य क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति से रूबरू होंगे। आयोजन में दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, स्टेक होल्डर्स, कंपनियों आदि की भी सहभागिता रहेगी। दोनों विभागों की तैयारी पूरी हो गई है।
    धनलक्ष्मी के. 
    दुग्ध आयुक्त/महानिदेशक, मत्स्य
    उत्तर प्रदेश

  • मुख्यमंत्री ने कहा- शिक्षक केवल नौकरी नहीं, नए भारत के निर्माण की आधारशिला तैयार करने का दायित्व संभालें

    मुख्यमंत्री ने कहा- शिक्षक केवल नौकरी नहीं, नए भारत के निर्माण की आधारशिला तैयार करने का दायित्व संभालें

    नियुक्ति पाने वालों से पैसे मांगने वाले को जेल में सड़ना पड़ेगा: सीएम योगी

    अब कोई सैफई सिंडिकेट प्रतिभावान छात्रों के हितों पर डकैती डालने का दुस्साहस नहीं कर सकता: मुख्यमंत्री

    पिछले एक सप्ताह में 5297 युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, सैफई सिंडिकेट गिनती रहे: सीएम योगी

    जिनके कारनामों से प्रदेश थर्राता था और दुनिया शक की निगाहों से देखती थी, वे आज उपदेश देते फिर रहे: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 3567 अभ्यर्थियों को वितरित किए नियुक्ति पत्र

    चयनितों में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता (पीजीटी) और सहायक अध्यापक (टीजीटी) के पद शामिल

    2015-16 में जिस अभ्यर्थी से मांगे गए थे आठ लाख रुपये, उसी अभ्यर्थी का सपना हुआ साकार: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने कहा- शिक्षक केवल नौकरी नहीं, नए भारत के निर्माण की आधारशिला तैयार करने का दायित्व संभालें

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए कहा कि अब कोई सैफई सिंडिकेट प्रतिभावान छात्रों के हितों पर डकैती डालने का दुस्साहस नहीं कर सकता। इसीलिए उत्तर प्रदेश पुलिस में अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को आयोग और बोर्डों की दिशा-दशा सुधारने का दायित्व दिया गया है। पहले युवाओं को उनके अधिकार से वंचित कर दिया जाता था। लेकिन, अब नियुक्ति पाने वाले किसी भी अभ्यर्थी से पैसे की मांग करने वाले को जेल में सड़ना पड़ेगा। आज का कार्यक्रम केवल नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा से जुड़े चारों स्तंभ, सहायक अध्यापक, प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य को एक साथ जोड़ने वाला विशेष अवसर है। यहां 3,567 लोगों का चयन कर उनके हाथों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने का महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया है। 

    हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, वे गिनते जाएं
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं और पिछले एक सप्ताह में वह 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित कर चुके हैं। पिछले नौ वर्ष में 9.5 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। हमने सैफई सिंडिकेट से कहा है कि हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, वे गिनते जाएं। सीएम ने तंज कसा कि यदि गिनती नहीं आती हो तो शिवपाल जी के सानिध्य में बैठ जाएं, बहुत अच्छी गिनती सीख जाएंगे। 

    2015-16 में घूसखोरी का शिकार बने युवा का सपना साकार
    मुख्यमंत्री ने हाल में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले एक नौजवान के इंटरव्यू का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस युवक की आंखों में आंसू भरे थे और उसने बताया कि 2015-16 में भी उसने इस पद के लिए आवेदन किया था। उससे आठ लाख रुपये की मांग की गई थी। वह खेत बेचकर पैसा लेकर आया, लेकिन तब तक उससे अधिक पैसा देने वाला दूसरा व्यक्ति आ गया और वह नौकरी से वंचित रह गया। आज उसका सपना साकार हुआ है और जिस पद के लिए उसने आवेदन किया था, उसी पद पर उसे नियुक्ति मिल गई है। पूरी प्रक्रिया निरस्त की गई और उस युवा को नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ। 

    किसी ने लेनदेन की बात की तो जेल में सड़ेगा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा सभी शिक्षकों को दी है। यह सुविधा शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी दी गई है। बेसिक शिक्षा में रसोइयों, शिक्षामित्रों और अन्य संबंधित कर्मियों को भी इसका लाभ दिया गया है, जिससे वे निश्चिंत होकर कार्य कर सकें। किसी भी शिक्षक को ज्वाइनिंग में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। यदि किसी प्रबंधक की कोई जिज्ञासा है तो वह शासन के समक्ष उपलब्ध कराए, लेकिन नियुक्ति पत्र प्राप्त होने के बाद यदि किसी प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता या शिक्षक से किसी ने लेनदेन की बात की तो उसे जेल में सड़ना पड़ेगा। हमें सख्त सख्त कार्रवाई पर मजबूर होना पड़ेगा।

    अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ साल में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। अगले छह महीने के अंदर एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रहे हैं। जब लोग परिणाम पूछते हैं तो मैं कहता हूं कि परिणाम यह है कि जो उत्तर प्रदेश नौ वर्ष पहले बीमारू राज्य कहा जाता था, आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बना हुआ है। बॉटम फाइव से टॉप-थ्री में आया है। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता मिली है। यही युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा है।

    यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा किया गया था
    सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी के नौजवानों के लिए पूरी दुनिया खुली है। जिन लोगों ने उनके सामने पहचान का संकट खड़ा किया था, वे यहां नौकरी देते नहीं थे और दुनिया ‘यूपी वाला’ कहकर हमारे युवाओं को शक की निगाहों से देखती थी। जिनके कारनामों से प्रदेश थर्राता था, वही लोग आज उपदेश देते फिर रहे हैं। आज नियुक्ति पाने वालों में बहुत से ऐसे होंगे जिन्होंने पहली बार प्रतियोगी परीक्षा दी होगी। कई ऐसे भी होंगे जिन्हें पहले अवसर नहीं मिला होगा। यदि किसी ने पहली बार प्रतियोगी परीक्षा दी है तो स्वाभाविक रूप से दस वर्ष पहले उसकी उम्र 13 से 16-17 वर्ष के बीच रही होगी। उस उम्र में बच्चा मां-बाप पर ज्यादा आश्रित रहता है और माता-पिता उसकी हर जरूरत पूरी करने में योगदान देते हैं। ऐसे बच्चों को यह बताने की आवश्यकता है कि 2017 के पहले क्या होता था। परीक्षा कोई देता था और नियुक्ति पत्र उसे दिया जाता था, जिसने फॉर्म तक नहीं भरा होता था। यह अराजकता, बेईमानी और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा थी।

    एक शिक्षक 100 छात्रों से संवाद करे तो 3,567 शिक्षक 3.5 लाख से अधिक बच्चों का मार्गदर्शन करेंगे
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि एक शिक्षक प्रतिवर्ष 100 छात्रों के साथ इंटरेक्शन करता है तो 3,567 शिक्षक एक वर्ष में 3.5 लाख से अधिक बच्चों के साथ संवाद और उनका मार्गदर्शन करेंगे। बच्चों को गाइड करना, उनका मार्गदर्शन करना ही नए भारत की आधारशिला है। भारत तब विश्वगुरु था, जब वह दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का संचालन करता था। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय भारत की धरोहर रहे हैं। यह धरोहर पहले से मौजूद है, केवल उसे पहचानने और जानने की आवश्यकता है। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर दे सकती है, लेकिन उस इंफ्रास्ट्रक्चर पर गति कैसे होनी चाहिए, यह शिक्षक द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी तय करेगा। सरकार उद्योग लगाने का माहौल दे सकती है और उद्योग लगाने में मदद कर सकती है, लेकिन वह उद्योग इनोवेशन और रोजगार का आधार बनेगा या नहीं, यह प्रशिक्षित छात्र तय करेंगे। सरकार लैब बना सकती है, लेकिन वह लैब बेहतरीन शोध का आधार बने और छात्र उसके योग्य बनें, यह शिक्षक द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी तय करेंगे। जब यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, तभी आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना पूरी होगी।

    श्रीराम, कृष्ण, चाणक्य से लेकर मालवीय और कलाम तक, गुरु की भूमिका रही विशिष्ट
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नियुक्ति पाने वाले सभी लोग एक बड़े और पवित्र अभियान के साथ जुड़ रहे हैं। उन्होंने श्रीराम के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके जीवन में पग-पग पर ऐसी परिस्थितियां आईं, जहां गुरु की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पहले गुरु वशिष्ठ का सानिध्य मिला। गुरुकुल में रहकर भगवान राम ने अपने अनुजों के साथ जीवन के बारे में जाना और गुरु विश्वामित्र के सानिध्य में आने पर जीवन का उद्देश्य समझा तथा दिव्य अस्त्र-शस्त्र का ज्ञान प्राप्त किया। राम मर्यादा के आदर्श हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। जब यही गुरुतर दायित्व महर्षि वाल्मीकि के हाथों में आया तो उन्होंने वाल्मीकि रामायण के माध्यम से इसे आगे बढ़ाया। उत्तर और दक्षिण को जोड़ने का दायित्व जब महर्षि अगस्त्य के सामने आया तो उन्होंने भी उस कार्य को पूरा किया। चाणक्य का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह तक्षशिला विश्वविद्यालय के आचार्य थे, लेकिन भारत के सामने मौजूद संकटों और विभाजित राजनीतिक ताकतों को देखकर उन्हें लगा कि केवल इससे काम नहीं चलेगा। किसी चंद्रगुप्त को तैयार करना होगा और उन्होंने पाटलिपुत्र में वह साम्राज्य खड़ा कर दिया।

    धरनारत बच्चों के लिए एनसीटीई को पत्र लिखने का निर्देश
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति का समाज में योगदान है, लेकिन शिक्षक की भूमिका अन्य से भिन्न है। एक प्रशासनिक अधिकारी अपने प्रशासनिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन कर सकता है, लेकिन वह अच्छा शिक्षक नहीं हो सकता। पुलिस अधिकारी अपने कार्यों के माध्यम से लोगों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा कर सकता है, लेकिन शिक्षक होने के लिए उसे भी सीखना पड़ता है। मैंने माध्यमिक शिक्षा मंत्री से कहा है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को पत्र लिखा जाए। प्रयागराज में कुछ युवा धरने पर बैठे हैं। एक बार के लिए उन बच्चों के लिए रिलैक्सेशन किया जाए अथवा ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि एक समय के बाद वे बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में अपीयर हो सकें। कोई एक सिस्टम तैयार किया जाना चाहिए। जड़ता की शिकार व्यवस्था नौजवानों के हौसलों को रोकने का काम करती है।

    9 साल में शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन
    सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा दोनों की स्थिति बहुत बदहाल थी। बेसिक शिक्षा में जर्जर भवन थे, टॉयलेट की व्यवस्था नहीं थी, पेयजल की व्यवस्था नहीं थी। स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी की बात तो दूर थी। बच्चों के लिए यूनिफॉर्म की भी व्यवस्था नहीं थी। ऑपरेशन कायाकल्प और निपुण भारत के तहत बेसिक शिक्षा परिषद में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। सैचुरेशन के टारगेट को 36 प्रतिशत से बढ़ाकर 96 प्रतिशत करने में सफलता मिली है। माध्यमिक शिक्षा में प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत अब तक 2,300 से अधिक विद्यालयों के नए भवन बने हैं और नया इंफ्रास्ट्रक्चर आया है। अच्छी लैब, लाइब्रेरी और क्लासरूम बनाए गए हैं।

    स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी व अटल टिंकरिंग लैब से बच्चों को मिलेगा नया वातावरण
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और अच्छी लैबोरेटरी होगी तो बच्चे उससे प्रभावित होंगे। विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब बन रही हैं। औद्योगिक घरानों के साथ मिलकर स्किल डेवलपमेंट के नए-नए कार्यक्रम भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं। यह काम 2017 के पहले भी हो सकता था, लेकिन रुचि का अभाव था। सरकार का विजन नहीं था और करने की इच्छाशक्ति नहीं थी। अपना एक सीमित एजेंडा था और उस सीमित एजेंडे के साथ यूपी के युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ होता था।

    2047 के भारत का नेतृत्व करने वाली पीढ़ी को तैयार करेंगे शिक्षक
    सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के सामने 2047 का लक्ष्य रखा है। आज जो नौजवान 13, 14 या 15 वर्ष का है, उसकी उम्र तब 33 से 38 वर्ष के बीच होगी। यही वर्ग उस समय भारत को नेतृत्व देने वाला होगा। कोई डॉक्टर बनेगा, कोई इंजीनियर, कोई सोशल वर्कर, कोई शिक्षक और कोई साइंटिस्ट। अलग-अलग क्षेत्रों में जाने वाले ये छात्र भारत को नेतृत्व देंगे और आगे बढ़ाने में योगदान करेंगे। कभी उन्हें स्मरण करना हो तो उनकी स्मृति में शिक्षक की तस्वीर होनी चाहिए। छात्र को यह भाव होना चाहिए कि आप उसके निर्माता हैं और आपके प्रति उसके मन में श्रद्धा हो। यह गुरुतर दायित्व शिक्षक को निभाना होगा। एक प्रिंसिपल का काम केवल विद्यालय का अनुशासन बनाए रखना नहीं है, बल्कि विद्यालय को छात्र की जिज्ञासा का केंद्र बनाना भी है। इसके लिए सकारात्मक वातावरण और परिस्थितियां पैदा करनी होंगी।

    छात्रों को नकारात्मकता से बचाना और महापुरुषों से परिचित कराना भी शिक्षक का दायित्व
    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक शिक्षक को सदैव शिक्षक की भूमिका में रहना चाहिए। समाज को बांटने वाले बहुत लोग होंगे। ऐसे लोगों से छात्रों को सावधान कराना भी शिक्षा का दायित्व होना चाहिए। बच्चों को पाठ्यक्रम के अलावा महापुरुषों की जीवनी के बारे में भी बताया जाए। देश और दुनिया में प्रतिदिन घटित होने वाली घटनाओं की जानकारी से अपडेट किया जाए। यह उनके जनरल नॉलेज के लिए भी उपयोगी होगा।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रशांत कुमार, सचिव माध्यमिक शिक्षा किंजल सिंह एवं माध्यमिक शिक्षा के अधिकारीगण उपस्थित रहे। 

    योग्यता और मेरिट के आधार पर चयन: ब्रजेश पाठक
    उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज को दिशा देने की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। भारत में गुरु-शिष्य परंपरा का गौरवशाली इतिहास रहा है और शिक्षकों ने हमेशा ज्ञान के साथ जीवन-मूल्यों की शिक्षा देने का काम किया है। नवनियुक्त शिक्षकों पर समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी है। शिक्षक प्रदेश की वर्तमान स्थिति और पूर्व की स्थिति का तुलनात्मक अध्ययन करते हुए समाज को सही दिशा देने का कार्य करें। 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनेक चुनौतियां थीं, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इन क्षेत्रों में व्यापक बदलाव हुए हैं। प्रदेश में सड़कों का विस्तार हुआ है, बिजली की उपलब्धता में सुधार हुआ है और मेडिकल कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गरीब कल्याण की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। वर्तमान सरकार में नियुक्तियां पारदर्शी और मेरिट के आधार पर हो रही हैं और आज का कार्यक्रम इसका उदाहरण है।

     

    शिक्षकों की जिम्मेदारी चरित्र निर्माण की भी: गुलाब देवी
    माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि आज योग्यता, परिश्रम और लगन के बल पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल रही है। अब उनकी वास्तविक जिम्मेदारी शुरू हो रही है। शिक्षक और विद्यार्थी का संबंध भावनात्मक होता है और अभिभावक अपने बच्चों को शिक्षकों को इस विश्वास के साथ सौंपते हैं कि वे उन्हें ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, चरित्र निर्माण, देशभक्ति और अच्छे व्यक्तित्व का विकास प्रदान करेंगे। शिक्षक स्वयं बच्चों के लिए आदर्श बनें, क्योंकि विद्यार्थी शिक्षक के व्यवहार, आचरण और कार्यशैली से सीखते हैं। नई शिक्षा नीति-2020 की भावना भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की है। सरकार शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, पारदर्शिता और तकनीक के उपयोग पर विशेष ध्यान दे रही है तथा शिक्षकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए भी अनेक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने चयनित शिक्षकों से निष्ठा, सजगता, उमंग और उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

     

    इन्हें मंच पर मिला नियुक्ति पत्र

    प्रधानाचार्य

    राम सिंह, कानपुर नगर
    राघवेंद्र प्रताप सिंह, वाराणसी

    प्रवक्ता (पीजीटी)

    आंचल शुक्ला, वाराणसी
    अनुराग श्रीवास्तव, बरेली
    प्रज्ञा सिंह, प्रयागराज
    गोपाल प्रजापति, आजमगढ़
    मोहम्मद शादाब, मुजफ्फरनगर

    सहायक अध्यापक (टीजीटी)

    कु. ऊषा सिंह, गोरखपुर
    आकाश कुमार, संभल
    रीना यादव, लखनऊ
    सोनम त्रिपाठी, झांसी
    अमन कुमार, कुशीनगर

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    UP Police की वैज्ञानिक जांच होगी मजबूत, 32 विशेषज्ञों को मिलेगी मास्टर ट्रेनिंग

    यूपी में अपराधियों पर और कसेगा शिकंजा, ‘स्पेशल 32’ संभालेंगे क्राइम सीन मैनेजमेंट

    योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस को वैज्ञानिक जांच की धार, मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर 75 जिलों की पुलिस होगी अपग्रेड

    छह बैच में प्रशिक्षित 600 अफसरों में से चुने गए 32 विशेषज्ञों को फॉरेंसिक साइंस और क्राइम सीन मैनेजमेंट की मास्टर ट्रेनिंग

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ अब और सख्ती की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को अब वैज्ञानिक जांच की धार देने की कवायद शुरू की गई है। अपराध के बाद घटनास्थल पर छूटे साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और वैज्ञानिक तरीके से जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस के ‘स्पेशल 32 अफसर’ तैयार किए जा रहे हैं। छह बैच में 100-100 अफसरों को 40 दिन का प्रशिक्षण दिए जाने के बाद चयनित इन 32 अधिकारियों को अब फॉरेंसिक साइंस और क्राइम सीन मैनेजमेंट में मास्टर ट्रेनिंग दी जा रही है। आगे इनकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल सभी 75 जिलों में पुलिस की क्राइम सीन मैनेजमेंट क्षमता को मजबूत करने में किया जाएगा।

    अब वैज्ञानिक तरीके से घटनास्थल को सुरक्षित कर छोटे से छोटे साक्ष्य की पहचान के जरिए जांच को मजबूत आधार मिलेगा। इसके साथ ही अपराधियों के खिलाफ तेजी से सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। इसी सोच के साथ उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट आफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS), लखनऊ में 32 अधिकारियों को मास्टर ट्रेनिंग के जरिए विशेष रूप से तैयार कर रहा है। प्रशिक्षण में कृत्रिम घटनास्थल तैयार कर अधिकारियों की व्यावहारिक दक्षता भी परखी जाएगी।

    600 की ट्रेनिंग से चुने गए ‘स्पेशल अफसर’

    छह बैच में 100-100 पुलिस अधिकारियों को पहले ही 40 दिन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इन अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में अन्य पुलिसकर्मियों को भी प्रशिक्षित किया। अब इन्हीं प्रशिक्षित अधिकारियों में से चयनित टॉप 32 अफसरों को फॉरेंसिक और क्राइम सीन मैनेजमेंट में विशेषज्ञता के अगले स्तर तक ले जाया जा रहा है। यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि यह स्पेशल ट्रेनिंग उन पुलिस अधिकारियों को दी जा रही है, जो प्रशिक्षण के दौरान टॉप पर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार पुलिस अधिकारियों की व्यावहारिक दक्षता को और बेहतर किया जाएगा। इसके लिए कृत्रिम घटनास्थल तैयार कर उनकी क्षमता का परीक्षण भी किया जाएगा।

    क्राइम सीन मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत : डॉ. जीके गोस्वामी 

    डॉ. गोस्वामी ने कहा कि आपराधिक जांच में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए क्राइम सीन मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से यूपीएसआईएफएस ने हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग की पहल की है। फॉरेंसिक साइंस और क्राइम सीन मैनेजमेंट की मास्टर ट्रेनिंग में व्यावहारिक अनुभव यानी एक्सपीरिएंशियल लर्निंग पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों के लेक्चर के साथ हैंड्स-ऑन सेशन के जरिए अधिकारियों को विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।

    हर सुराग की होगी वैज्ञानिक पड़ताल

    प्रशिक्षण में घटनास्थल से तलाशी और जब्ती के नियम, क्राइम सीन नोट्स, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, पहचान और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया पर फोकस किया जा रहा है। फिंगरप्रिंट और खून के नमूने जैसे साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से पहचानने और सुरक्षित रूप से एकत्र करने की बारीकियां भी सिखाई जा रही हैं। इसका उद्देश्य यह है कि घटनास्थल पर मौजूद महत्वपूर्ण साक्ष्य अनदेखे न रह जाएं और उन्हें सही तरीके से संरक्षित कर आगे की विवेचना में इस्तेमाल किया जा सके। इससे जांच को साक्ष्य आधारित मजबूत आधार मिलने की संभावना बढ़ेगी।

    दिन हो या रात, हर क्राइम सीन की तैयारी

    प्रशिक्षण में दिन और रात के अलग-अलग समय तथा विभिन्न स्थानों पर क्राइम सीन समेत व्यावहारिक जानकारी भी दी जा रही है। इसके अलावा वास्तविक घटनास्थल पर आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को फील्ड वर्क का महत्व समझाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों को ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए भी तैयार किया जा रहा है, जहां अपराध के साक्ष्य नष्ट करने, साक्ष्य छिपाने या गलत जानकारी देने का प्रयास किया जा सकता है। इसके जरिए घटनास्थल को सुरक्षित रखने और वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर है।

    ‘स्पेशल 32’ बनेंगे विशेषज्ञ कड़ी

    छह बैच में प्रशिक्षित 600 अफसरों के बाद अब 32 अधिकारियों को मास्टर ट्रेनिंग देने से प्रशिक्षण व्यवस्था को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी है। इनकी विशेषज्ञता का लाभ आगे जिलों में क्राइम सीन मैनेजमेंट से जुड़े अन्य पुलिस अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने में लिया जा सकेगा। इस पूरी कवायद का बड़ा उद्देश्य अपराध की जांच में घटनास्थल, सुराग, वैज्ञानिक साक्ष्य और विवेचना के बीच की कड़ी को मजबूत करना है। साक्ष्यों का बेहतर संरक्षण और वैज्ञानिक तरीके से संग्रह जांच को बेहतर आधार देगा और न्यायिक प्रक्रिया में तथ्य प्रस्तुत करने की गुणवत्ता को भी मजबूत करेगा।

    जीरो टॉलरेंस को मिलेगी वैज्ञानिक जांच की धार

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ पुलिस की जांच व्यवस्था को भी लगातार मजबूत करने पर जोर है। प्रदेशवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली व्यवस्था में गंभीर अपराधों के घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने और उनकी वैज्ञानिक जांच की क्षमता महत्वपूर्ण है। ‘स्पेशल 32’ इसी व्यवस्था की विशेषज्ञ कड़ी होंगे। इनका प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इनके अनुभव और विशेषज्ञता का इस्तेमाल व्यापक पुलिस प्रशिक्षण में किया जाएगा, जिससे 75 जिलों में क्राइम सीन मैनेजमेंट और वैज्ञानिक विवेचना की क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में काम आगे बढ़ सकेगा।

  • UP Rise 2026 में युवाओं की प्रतिभा का प्रदर्शन, ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने जीता खिताब

    UP Rise 2026 में युवाओं की प्रतिभा का प्रदर्शन, ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने जीता खिताब

    यूपी राइज 2026: इन्वर्टिस में युवाओं के विचारों को मिला मंच, ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने मारी बाजी

    युवाओं को नौकरी खोजने के बजाय रोजगार देने वाला बनने के लिए किया गया प्रेरित

    ‘संवाद, संकल्प, सफलता’ थीम पर विद्यार्थियों ने पेश किए नए कारोबारी विचार

    ‘ट्रैवल देखो’ दूसरे और ‘एसएस पार्ट्स प्लैनेट प्राइवेट’ लिमिटेड तीसरे स्थान पर रही

    बरेली
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन को युवाओं तक पहुंचाने के लिए इन्वर्टिस विश्वविद्यालय में ‘यूपी राइज-2026’ का आयोजन किया गया। संवाद, संकल्प, सफलता’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपने स्टार्टअप व नए व्यावसायिक विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में ‘ब्रह्माबाइट इनोवेशंस एंड टेक प्राइवेट लिमिटेड’ ने पहला स्थान हासिल किया। कार्यक्रम में युवा उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि बदलते दौर में युवाओं को केवल सरकारी या निजी नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें अपने विचारों को व्यावसायिक मॉडल में बदलकर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए।
    मुख्य अतिथि अध्ययन फाऊंडेशन फॉर पॉलिसी एंड रिसर्च के सीईओ शशांक सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए उन्हें नए भारत की मजबूत नींव बताया। कहा कि युवाओं में नए विचारों और नवाचार की कमी नहीं है। आवश्यकता अपने विचार पर विश्वास करने, सही मार्गदर्शन लेने और उसे धरातल पर उतारने की है।

    शक्ति क्षेत्र में युवाओं ने लिखे आत्मनिर्भर यूपी के सपने

    विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच देने के लिए आयोजन स्थल पर विशेष ‘शक्ति क्षेत्र’ बनाया गया। यहां छात्र-छात्राओं ने पर्चियों पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश को लेकर अपने विचार और सपने लिखकर साझा किए। युवाओं ने बताया कि वे अपने कौशल और नवाचार के माध्यम से प्रदेश के विकास में किस तरह योगदान देना चाहते हैं।
    कार्यक्रम में घूमते पहिये पर आधारित मनोरंजक गतिविधि भी आकर्षण का केंद्र रही। तत्काल तस्वीर निकालकर देने की व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों में खास उत्साह दिखाई दिया। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान 300 से अधिक तस्वीरें निकालकर छात्र-छात्राओं को दी गईं।

    सक्रिय भागीदारी करने वाले 200 विद्यार्थियों को मिले उपहार

    कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन और सक्रिय भागीदारी करने वाले करीब 200 विद्यार्थियों को विशेष उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया। इनमें डायरी, कपड़े के थैले, टी-शर्ट और डेटा सुरक्षित रखने वाले छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल रहे। विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने वाले मेंटर्स और प्रतियोगिता के निर्णायकों को भी स्मृति चिह्न, कॉफी मग और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन स्थल को 12 प्रचार पट्टिकाओं, छह बड़े प्रचार पटों, 10 दिशा-सूचक पट्टों और भव्य प्रवेश द्वार से सजाया गया था।

    मिष्टी, आशु, अन्नू और सचिन ने संभाली आयोजन की कमान
    आयोजन में विद्यार्थियों के नेतृत्व कौशल को विकसित करने पर भी जोर दिया गया। विश्वविद्यालय के चार विद्यार्थियों मिष्टी, आशु गुप्ता, अन्नू गंगवार और सचिन गंगवार को महाविद्यालय प्रतिनिधि बनाया गया। चारों विद्यार्थियों ने पंजीकरण से लेकर अतिथियों के प्रबंधन, मंच के आसपास की व्यवस्था और कार्यक्रम संचालन तक में सक्रिय भूमिका निभाई। 

    ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने जीता खिताब

    प्रतियोगिता में विद्यार्थियों और युवा उद्यमियों के कारोबारी विचारों का नवाचार, उपयोगिता और रोजगार सृजन की संभावनाओं के आधार पर मूल्यांकन किया गया। ‘ब्रह्माबाइट इनोवेशंस एंड टेक प्राइवेट लिमिटेड’ ने निर्णायकों को प्रभावित करते हुए विजेता का खिताब हासिल किया। ‘ट्रैवल देखो’ ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि ‘एसएस पार्ट्स प्लैनेट प्राइवेट लिमिटेड’ तीसरे स्थान पर रही। आयोजन के माध्यम से युवाओं को अपने विचारों को कारोबार में बदलने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

  • UP Home Guard Training: 41 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग, सरकार खरीदेगी 10 लाख कारतूस

    UP Home Guard Training: 41 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग, सरकार खरीदेगी 10 लाख कारतूस

    योगी सरकार 41,424 हजार होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के लिए खरीदेगी 10 लाख से अधिक कारतूस

    – 3 करोड़ 55 लाख रुपये की कीमत से 5.56 एमएम एसएलआर राइफल के लिए खरीदे जाएंगे कारतूस

    – ट्रेनिंग के लिए कारतूस के साथ 1 करोड़ 44 लाख की कीमत से खरीदी जाएंगी 5.56 एमएम की 155 एसएलआर राइफल

    – सितंबर के अंत तक जारी हो जाएगा 41,424 हजार होमगार्ड भर्ती का रिजल्ट, नवंबर से होगी ट्रेनिंग

    – रिजल्ट जारी होने के बाद अक्टूबर में पूरी कर ली जाएगी मेडिकल और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया

    -नव चयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों की फरवरी में फील्ड में कर दी जाएगी तैनाती

    लखनऊ,
    योगी सरकार 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के दौरान हथियार संचालन और फायरिंग अभ्यास के लिए 5.56 एमएम राइफल के 10 लाख से अधिक कारतूस खरीदने जा रही है। यह खरीदारी एसटीएफ के माध्यम से होमगार्ड विभाग करेगा। इसके लिए 3 करोड़ 55 लाख रुपये खर्च किये जाएंगे। यह उत्तर प्रदेश में पहली बार है, जब होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के लिए 10 लाख से अधिक कारतूस खरीदे जा रहे हैं। वर्तमान में होमगार्ड के 41,424 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया चल रही है। इन सभी की शारीरिक दक्षता परीक्षा अंतिम चरण में है। वहीं होमगार्ड के 41,424 रिक्त पदों का रिजल्ट जारी होने के बाद 7,600 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। 

    अंतिम दौर में शारीरिक दक्षता परीक्षा  
    डीजी होमगार्ड ध्रुवकांत ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके तहत पुलिस और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न स्तरों पर मानव संसाधन और प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योगी सरकार के मिशन रोजगार के तहत होमगार्ड विभाग में 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। वर्तमान में अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) चल रही है, जो अंतिम दौर में है। सितंबर के अंत तक भर्ती का परिणाम जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों की मेडिकल और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अक्टूबर में पूरी करने का लक्ष्य है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को नवंबर में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।

    1 करोड़ 44 लाख रुपये की लागत से खरीदी जाएंगी 155 एसएलआर राइफल  
    डीजी होमगार्ड डीके ठाकुर ने बताया कि नवचयनित 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग नवंबर से शुरू किए जाने की तैयारी है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें होमगार्ड की जिम्मेदारियों, अनुशासन, कानून-व्यवस्था में सहयोग, आपदा एवं आपात परिस्थितियों में भूमिका के साथ-साथ हथियार संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नवचयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था भी शुरू कर दी है। प्रशिक्षण के दौरान हथियार संचालन और फायरिंग अभ्यास के लिए 10 लाख से अधिक कारतूस खरीदे जाएंगे। इसके लिए करीब 3 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से एसटीएफ के माध्यम से 5.56 एमएम एसएलआर राइफल के कारतूस खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि विभाग एसटीएफ के माध्यम से कारतूस के साथ करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपये की लागत से 155 एसएलआर राइफल भी खरीदेगा। नवचयनित 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों को 90 दिनों की ट्रेनिंग दी जाएगी, जो नवंबर से शुरू करने की तैयारी है। वहीं अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग को जनवरी में पूरा कर लिया जाएगा और फरवरी में नवचयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों को फील्ड में तैनाती दे दी जाएगी।

    बॉक्स
    जल्द होमगार्ड स्वयंसेवकों के 7,600 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए जारी किया जाएगा विज्ञापन

    डीजी होमगार्ड ने बताया कि होमगार्ड के 41,424 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद होमगार्ड स्वयंसेवकों के 7,600 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रदेश में होमगार्ड स्वयंसेवकों के कुल 1,18,348 पद हैं। वर्तमान में 69,324 कार्यरत हैं। वर्तमान में भर्ती बोर्ड की ओर से 41,424 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। इसके बाद भी निर्धारित पदों के अनुसार 7,600 पद रिक्त हैं।

  • नियुक्ति पत्र मिलते ही खिले शिक्षकों के चेहरे, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

    नियुक्ति पत्र मिलते ही खिले शिक्षकों के चेहरे, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

    नियुक्ति पत्र पाकर बोले चयनित शिक्षक, पारदर्शी प्रक्रिया से मिला रोजगार, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

    पहले की सरकारों में रद्द हो जाती थीं परीक्षाएं, योगी सरकार में मिला नियुक्त पत्र: ममता मौर्या

    योगी सरकार में महिलाओं को बिना भेदभाव मिल रहे रोजगार के अवसर: आंचल शुक्ला

    पूर्व की सरकारों में होने वाली अव्यवस्था को योगी सरकार ने किया खत्म: गोपाल प्रजापति

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति-पत्र पाकर खिल उठे। पारदर्शी और त्वरित चयन प्रक्रिया के लिए उन्होंने योगी सरकार की खुलकर सराहना की। अभ्यर्थियों ने कहा कि निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए युवाओं को यह अवसर मिला है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी प्रकट किया।

    आंचल शुक्ला ने बताया कि उनकी नियुक्ति अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज टाउनहॉल वाराणसी में कला विषय, प्रवक्ता (पीजीटी) के पद पर हुई है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र मिलने पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि उनका बड़ा सपना पूरा हुआ है। योगी सरकार में महिलाओं को बिना भेदभाव रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। योगी सरकार ने महिला सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसी सुरक्षा के माहौल से महिलाओं की प्रदेश में भागीदारी बढ़ी है।

    पिछली सरकारों में रद्द हो जाती थी परीक्षाएं
    ममता मौर्या ने बताया कि उनका चयन टीजीटी संस्कृत के पद पर हुआ है। वह 2005 में एमए करने के बाद से इसके लिए प्रयास कर रही थीं। पहले बार-बार परीक्षाएं रद्द हो जाती थीं या लंबे समय तक परिणाम नहीं आता था। आज योगी सरकार की पारदर्शी व्यवस्था का नतीजा है कि परीक्षा में सफल होने के साथ ही नियुक्ति-पत्र भी मिल गया। इतने लंबे इंतजार के बाद चयनित होने पर खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। इसके लिए वह योगी सरकार का आभार व्यक्त करना चाहती हैं।

    टीजीटी गणित के पद पर चयनित मऊ के शिवम बरनवाल ने नियुक्ति-पत्र मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि योगी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। बिना रिश्वतखोरी, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं।

    योगी सरकार ने खत्म की अव्यवस्था
    गोपाल प्रजापति ने बताया कि उनका चयन श्री वैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज, आजमगढ़ में प्रवक्ता (पीजीटी) रसायन विज्ञान के पद पर हुआ है। योगी सरकार की त्वरित प्रक्रिया से उनका पूरा परिवार उत्साहित और खुश है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व की सरकारों में होने वाली अव्यवस्था को खत्म कर व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से मिल रहे हैं।

    कुमारी ऊषा सिंह ने बताया कि उनका चयन पं. दीनदयाल इंटर कॉलेज, गोरखपुर में गृह विज्ञान सहायक अध्यापक (टीजीटी) के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से चयन प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सकी है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र पाकर वह और उनका पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। मुख्यमंत्री की अपेक्षानुसार वह अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी।

    हजारों अभ्यर्थियों को मिला सीधा लाभ
    अमेठी के शिव प्रसाद मिश्रा ने बताया कि उनका चयन टीजीटी संस्कृत के पद पर हुआ है। उन्होंने योगी सरकार और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की सराहना की। कहा कि चयन प्रक्रिया त्वरित गति से पूरी हुई, जिससे हजारों अभ्यर्थियों को सीधे लाभ मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से जिस ईमानदारी की अपेक्षा की है, उसे वह पूरी निष्ठा से पूरा करेंगे।

  • सीएम की अपीलः पिछली सरकारों से तुलना कीजिए और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाइए

    सीएम की अपीलः पिछली सरकारों से तुलना कीजिए और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाइए

    मंगलवार को फिर 2500 युवाओं को मिलेंगे नियुक्ति पत्र: सीएम योगी

    मेरठ में युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    'राष्ट्र प्रथम' होना चाहिए हर युवा का भावः मुख्यमंत्री

    सीएम की अपीलः पिछली सरकारों से तुलना कीजिए और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाइए

    हमने प्रशासन से कहा कि बुलडोजर का स्टेयरिंग ऐसे घुमाओ कि वाहन कटने की घटनाएं बंद हों, अब मेरठ में चोरी के वाहन कटने बंद हो गए- सीएम

    पुलिस वालों से कहा कि मॉकड्रिल का ही प्रदर्शन ही कर दो, ताकि दंगाई भूल न जाएं कि कार्रवाई कैसी होती हैः सीएम योगी

    हर कार्य को नकारात्मक भाव से देखने वाला युवा नहीं हो सकताः मुख्यमंत्री

    सीएम का तंज, मुझसे वे लोग प्रश्न पूछ रहे हैं, जिनके शासन में एक भी भर्ती साफ-सुथरी नहीं रही

    मेरठ, 
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ की क्रांतिधरा पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का 'युवा संवाद' कार्यक्रम में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हमने सत्ता संभालते ही युवाओं के लिए सरकारी भर्तियों को लेकर पारदर्शी व्यवस्था बनाई। अब तक 9.50 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है। परसों से फिर मिशन रोजगार शुरू हुआ है। मंगलवार सुबह फिर ढाई हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलेंगे। छह महीने में एक लाख युवाओं को नौकरी देंगे। यह क्रम अनवरत चलेगा।

    सीएम योगी ने तंज कसा कि मुझसे प्रश्न वो लोग पूछ रहे हैं, जिनके शासन में एक भी भर्ती साफ-सुथरी नहीं थी। विज्ञापन निकलते ही महाभारत के रिश्ते (चाचा-भतीजे, भाई, मामा) वसूली करने निकल पड़ते थे। थाने-तहसीलें बिक जाती थीं। सपा शासन के समय जिसने परीक्षा भी नहीं दी, ऐसे लोगों को भी नियुक्ति पत्र दे दिया गया। यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन की एक परीक्षा ऐसी हुई, उसमें 86 में से 56 एक ही जाति के थे। उसका टॉपर वह हुआ, जो हाईस्कूल-इंटर, स्नातक में तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुआ। बाकी की शिक्षा भगवान भरोसे हुई। अयोग्य व्यक्ति को चेयरमैन बना दिया गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हर युवा का भाव राष्ट्र प्रथम होना चाहिए। डबल इंजन सरकार युवा ऊर्जा को प्लेटफॉर्म दे रही है। हर क्षेत्र में युवा शक्ति समेत सभी वर्गों के लिए कार्य हुए हैं। उन्होंने आह्वान किया कि पिछली सरकारों से तुलना कीजिए और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ाइए। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि यह महत्वपूर्ण नहीं कि आपकी शिक्षा कितना धनार्जन कराती है, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि शिक्षा राष्ट्र के प्रति कितना समर्पण का भाव पैदा करती है। सीएम ने छात्रों, युवाओं से कहा कि हर क्षेत्र में आपके लिए संभावनाएं हैं। उसके अनुरूप करियर को बढ़ाइए। 

    सीएम ने महाभारत, हस्तिनापुर, आजादी के दौर में मेरठ का जिक्र किया, कहा कि मेरठ ने कई दौर को अपने आंखों से देखा है। जब भारत की आजादी का आह्वान हुआ तो उप्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। मंगल पांडेय ने बैरकपुर में जो चिंगारी जलाई, मेरठ में कोतवाल धन सिंह गुर्जर के नेतृत्व में उस चिंगारी ने दिल्ली के सिंहासन को हिला दिया था। झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, बिठूर में नाना साहेब, तात्या टोपे ने इस आंदोलन को बढ़ाया। उत्तर प्रदेश का कोई भी ऐसा कस्बा और जनपद नहीं था, जहां भारत की आजादी के लिए ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ गूंज न उठी हो। हमारी एकता ने ब्रिटिश ताकत की चूलें हिला दी थीं।

    सीएम ने कहा कि आजाद भारत में मेरठ ने वह दौर भी देखा है, जब दंगे यहां की नियति बन गए थे। सीएम ने प्रदेश भर से लूटे व चोरी किए गए वाहनों को स्क्रैप किए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2017 में हमारे सामने वाहन चोरी के मामले आए तो हमने कहा कि वाहन कहां जा रहे हैं, पता चला कि मेरठ मे कट रहे हैं। हमने प्रशासन से कहा कि बुलडोजर का स्टेयरिंग ऐसे घुमाओ कि यह कारोबार बंद हो, फिर यहां चोरी के वाहन कटने बंद हुए। मेरठ अब 12 लेन के एक्सप्रेसवे, नमो भारत रैपिड रेल के साथ जुड़ गया। 

    सीएम ने कहा कि यूपी में साढ़े 9 साल में दंगा नहीं हुआ। मैंने पुलिस वालों से कहा कि मॉकड्रिल का प्रदर्शन ही कर दो ताकि दंगाई भूल न जाएं कि कार्रवाई कैसी होती है। अब डबल इंजन की सरकार है, इसलिए माता-पिता चिंतित नहीं होते हैं। 2017 के पहले हर मां-पिता को चिंता होती थी कि पश्चिमी उप्र में बच्चों को कैसे पढ़ाएं। 2017 के चुनावी अभियान का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि मेरा पहला कार्यक्रम बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद में था। पहली सभा में बोलने खड़ा हुआ तो कुछ लोग मेरे पास आए और बोले कि कुछ ऐसा-वैसा मत कह दीजिएगा। हमने कहा कि हमारी सरकार बनेगी तो दंगे बंद होंगे, बेटी सुरक्षित होगी। अच्छी शिक्षा मिलेगी। लोग देखते थे कि कोई देख तो नहीं रहा है, तब ताली बजाते थे। मैंने कहा कि कम से कम ताली तो खुलकर बजा दो। उस समय ताली बजाने में भी लोगों को डर लगता था। 

    सीएम ने कहा कि 2017 के पहले यूपी को बीमारू कहा जाता था। यहां कोई आना नहीं चाहता था। यहां से पलायन होता था। अब यहां पलायन, दंगा, कर्फ्यू, चोरी के वाहन की बिक्री बंद हो गई। अब हर व्यक्ति पसंद के अनुरूप संस्थान व रोजगार का चयन कर सकता है। हमने मेरठ में प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय बनाया। ओडीओपी में खेल उत्पाद की ब्रांडिंग करके उसे पहचान दी। अब किसान खुशहाल है, उसे चिंता नहीं है कि बेटी की शादी के लिए गन्ना मूल्य का भुगतान होगा कि नहीं होगा। सरकार अब गन्ना मूल्य भुगतान की गारंटी दे रही है। सरकार ने 2017 से 2026 के बीच 3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया। 

    सीएम ने कहा कि अब बिचौलिए समाप्त हो गए। अब 100 में से 15 पैसा नीचे नहीं जाता, बल्कि मोदी जी ने जनधन, मोबाइल व डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से ऐसी व्यवस्था कर दी है कि पूरे 100 रुपये लाभार्थी के खाते में जाते हैं। एक भी पैसा इधर-उधर नहीं हो सकता। पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने तकनीक की ताकत का अहसास कराया है। 

    सीएम ने कहा कि जब हम लोग सांसद थे तो कनेक्शन के 10-10 कूपन मिलते थे। कुछ लोग कूपन बेचने के लिए बदनाम हो गए थे। कांग्रेस की बेचने की प्रवृत्ति थी। उन लोगों की मानसिकता गलत थी तो उन्होंने चोरी करना सिखाया, लेकिन अटल जी प्रधानमंत्री बने तो टेलीकॉम क्षेत्र में रिफॉर्म किया। भारत इस क्षेत्र में बढ़ चुका है। स्मार्टफोन का श्रेय अटल जी व डिजिटल क्रांति का श्रेय मोदी जी को जाता है। दोनों के कार्य करने की नीयत और निर्णय लेने की क्षमता ही उनकी सबसे बड़ी पहचान बनी। 

    सीएम ने परोक्ष रूप से राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि हर कार्य को नकारात्मक भाव से देखने वाला युवा नहीं हो सकता। युवा का भाव सकारात्मक होता है। उसका दृष्टिकोण स्पष्ट होना चाहिए। भारत की युवा शक्ति ने पलायन नहीं किया, चुनौती को समस्या नहीं माना बल्कि समाधान का रास्ता निकाला। सीएम ने श्रीराम, श्रीकृष्ण, बुद्ध, स्वामी विवेकानंद, सुभाष चंद्र बोस, महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह का भी जिक्र किया। राक्षसों को नेस्तनाबूद करने के राम के संकल्प को बताया और कहा कि श्रीकृष्ण ने कंस के अत्याचार से त्रस्त मथुरा को मुक्ति दिलाई। श्रीकृष्ण ने कहा कि मुरली वृंदावन में बजेगी, मथुरा में सुदर्शन से काम चलाना पड़ेगा। 

    सीएम ने कहा कि 2017 के पहले यूपी में महीनों कर्फ्यू लगा रहता था। दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई की बजाय उन्हें मुख्यमंत्री आवास पर सम्मानित किया जाता था, लेकिन अब यूपी में ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है, जिससे पाकिस्तान के आका भी कांप उठते हैं। यूपी के पास सर्वाधिक युवा वर्कफोर्स है। सभी ने बदलते भारत के साथ बदलते यूपी को देखा है। अब इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही विकास और विरासत का सम्मान है। मेरठ से 40-45 मिनट में दिल्ली की दूरी तय की जा सकती है। हमारे जनप्रतिनिधि अब गंगा एक्सप्रेसवे से साढ़े तीन घंटे में लखनऊ पहुंचते हैं। यह गति प्रगति का आधार है। 

    सीएम ने कैराना के पलायन का जिक्र कर वहां के व्यापारी का दर्द भी सुनाया। फिर कहा कि 2021 में मैं कैराना गया था। अब वहां लोग वापस आ चुके हैं। मैं खुद जाकर लोगों से मिला और उनकी समस्या सुनी। उस परिवार की बेटी ने अपना दर्द बताया। यूपी में अब कैराना, सहारनपुर से सोनभद्र, बिजनौर से बलिया तक हर जगह सुरक्षा है। पिछली सरकारों ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नष्ट कर दिया। हमने ओडीओपी व एमएसएमई सेक्टर को संजोया। इससे 3.25 करोड़ लोगों को इसके माध्यम से रोजगार मिला। सुरक्षा का बेहतरीन वातावरण मिला तो 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए। 15 लाख करोड़ की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हुई। हर क्षेत्र में यूपी में निवेश आए। पिछली सरकारों ने एक जिला-एक माफिया दिया। हमने एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज दिया।

    सीएम ने युवाओं से कहा कि तकनीक से भागिए नहीं। उसके अनुरूप खुद को न ढालिए, बल्कि अपने अनुरूप उसे ढालिए। क्वांटम कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, एआई समेत हर फील्ड को टटोलिए, क्योंकि आपके पास संभावनाएं हैं। अच्छी पुस्तकों का अध्ययन कजिए। विरासत, मातृभूमि, पूर्वजों, राष्ट्रनायकों, तीर्थों, बड़ों-गुरुजनों के प्रति श्रद्धा का भाव रखें, यह आपको ज्ञानवान और चुनौतियों से जूझने का जज्बा देगा। सपनों को साकार करने की तैयारी कीजिए, डबल इंजन सरकार आपके लिए पलक पांवड़े बिछाकर इंतजार कर रही है। 

    इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, सुभारती विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण आदि मौजूद रहे।

  • गोरखपुर की माटी का हुनर दुनिया तक, UP ट्रेड शो में टेराकोटा की धूम

    गोरखपुर की माटी का हुनर दुनिया तक, UP ट्रेड शो में टेराकोटा की धूम

    वैश्विक पटल पर चमक बिखेरेगा गोरखपुर की माटी का शिल्प ‘टेराकोटा’

    ग्रेटर नोएडा के ‘उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो’ में लगेंगे टेराकोटा के चार स्टॉल

    ओडीओपी में शामिल किए जाने के बाद टेराकोटा शिल्पियों और कारोबारियों के जीवन में आई समृद्धि

    गोरखपुर
    गोरखपुर की तमाम विशिष्टताओं में से एक माटी का हस्तशिल्प ‘टेराकोटा’ वैश्विक पटल पर एक बार फिर अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने जा रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण में गोरखपुर के टेराकोटा उत्पादों के चार विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। इस अंतरराष्ट्रीय मंच के माध्यम से स्थानीय टेराकोटा शिल्पियों और कारोबारियों को सीधे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, निर्यातकों और बड़े व्यापारिक घरानों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल होने के बाद से इस पारंपारिक शिल्प को नया जीवन मिला है, जिससे शिल्पियों और कारोबारियों के जीवन में आर्थिक समृद्धि और सामाजिक सम्मान का नया दौर शुरू हुआ है।

    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार गोरखपुर के टेराकोटा के चार स्टॉल आकर्षण का प्रमुख केंद्र होंगे। ट्रेड शो में आने वाले विदेशी प्रतिनिधियों और बड़े कॉरपोरेट खरीदारों के सामने इन उत्पादों की सीधी ब्रांडिंग से निर्यात की संभावनाओं के नए द्वार खुलने की भी पूरी उम्मीद है। उद्योग विभाग ने जिन शिल्पियों और कारोबारियों को यूपीआईटीएस में स्टाल लगाने के लिए चयनित किया है, उनमें मेसर्स अतरंगी कलाकारी के बैनर तले टेराकोटा ज्वेलरी व होम डेकोरेशन प्रोडक्ट बनाने वाली दीपिका सिंह, रीतिका कृतिका क्रिएशन से सुनीता मौर्या, गिफ्ट सिटी से कमलेश तिवारी और मेसर्स रोशनी एक उम्मीद ट्रस्ट की कोमल मद्देशिया शामिल हैं।

    उद्योग उपायुक्त उज्ज्वल सिंह का कहना है कि इंटरनेशनल ट्रेड शो में लगने वाले टेराकोटा के स्टाल न केवल गोरखपुर के शिल्पियों की मेहनत और हुनर का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि यह साबित करेंगे कि यदि पारंपरिक हुनर को सही नीति, तकनीक और बाजार का सहारा मिले तो मिट्टी भी सोना उगल सकती है। यूपीआईटीएस में मिलने वाला अवसर गोरखपुर के टेराकोटा के निर्यात की दिशा में भी काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।

    योगी सरकार ने की ब्रांडिंग तो खूब बढ़ा कारोबार
    भटहट ब्लॉक के औरंगाबाद गांव को टेराकोटा शिल्प का मू
    ल गांव माना जाता है। औरंगाबाद और इसके आसपास के गांवों में पीढ़ियों से टेराकोटा का काम किया जाता रहा है। वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री ने एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना शुरू की और टेराकोटा को गोरखपुर का ओडीओपी उत्पाद घोषित किया गया। इसके तहत शिल्पकारों को विद्युत चालित चाक, पगमिल, अनुदान पर ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ी तो दूसरी तरफ योगी सरकार ने बड़े-बड़े मंचों से टेराकोटा की ब्रांडिंग की। परिणामस्वरूप इसकी मांग में लगातार वृद्धि होती गई। कारोबार में वृद्धि होने से टेराकोटा शिल्पकारों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ है। कच्ची झोपड़ियों में काम करने वाले कई शिल्पियों ने पक्के वर्कशॉप और पक्के मकान बना लिए हैं। नई पीढ़ी, जो कभी मिट्टी के इस काम से दूरी बना रही थी, अब आधुनिक डिजाइनिंग सीखकर अपने पुश्तैनी कारोबार में सक्रिय रूप से हाथ बंटा रही है।

  • मेरठ से गिनाईं पश्चिमी यूपी की उपलब्धियां, एक्सप्रेसवे, नमो भारत, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया जिक्र

    मेरठ से गिनाईं पश्चिमी यूपी की उपलब्धियां, एक्सप्रेसवे, नमो भारत, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया जिक्र

    समाज को जातियों में बांटने वालों से रहें सावधान, बूथ पर रहें तैयार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    मेरठ में भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी रहे मौजूद
     
    हर बूथ की करें समीक्षा, एक-एक परिवार की मैपिंग रखें, प्रभावी टीम बनाकर पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी करें तय
     
    बोले- पहले यूपी की पहचान थी ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’, आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’
     
    कहा- जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने की फिर होगी कोशिश, महापुरुष किसी जाति के नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के
     
    सपा, बसपा और कांग्रेस पर हमला, बोले- इन्होंने परिवारवाद और जातिवाद की बीमारी दी, भाजपा के लिए व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश
     
    कहा- साढ़े नौ लाख युवाओं को दी सरकारी नौकरी, परंपरागत उद्यमों से 3.25 करोड़ नौजवानों को मिला रोजगार
     
    मेरठ से गिनाईं पश्चिमी यूपी की उपलब्धियां, एक्सप्रेसवे, नमो भारत, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया जिक्र
     
    मेरठ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को भाजपा कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने वाली ताकतें फिर सक्रिय होंगी। शक्ति केंद्र संयोजक हर बूथ की समीक्षा करें, प्रभावी टीम बनाएं, पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी तय करें और एक-एक परिवार की मैपिंग अपने पास रखें। एक-एक घर की स्क्रीनिंग कर लोगों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी तय हो।
     
    सुभारती विश्वविद्यालय के जनरल मोहन सिंह प्लेग्राउंड में भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर परिवारवाद और जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन दलों ने सत्ता को परिवार और अपने हित साधने का माध्यम बनाया। भाजपा का मंत्र है कि व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर राष्ट्र है। कार्यकर्ता यह न सोचे कि उसे क्या मिला, बल्कि यह सोचे कि वह देश के लिए क्या कर रहा है।
     
    महापुरुष किसी एक जाति के नहीं
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नकारात्मक ताकतें समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने की कोशिश करेंगी। महापुरुषों को भी जातियों में बांटने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि महापुरुष सबके होते हैं। कोतवाल धन सिंह गुर्जर स्वाधीनता आंदोलन के नायक हैं। महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह राष्ट्रनायक हैं। दुर्गा भाभी ने क्रांतिकारियों का उत्साह बढ़ाया, इसलिए वह भी पूरे समाज की आदर्श हैं।
     
    उन्होंने कहा कि सरकार ने मेरठ में कोतवाल धन सिंह गुर्जर का भव्य स्मारक बनाया है। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि से जुड़े स्थानों, मंदिरों और मूर्तियों के सौंदर्यीकरण के लिए धनराशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने बाबा साहब के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज का नाम बदल दिया था और सीर गोवर्धन में संत रविदास की जन्मभूमि पर आयोजन नहीं होने दिया।
     
    ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ से बदली पहचान
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य माना जाता था, जबकि आज देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में है। पहले प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ से होती थी। आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन’ नई पहचान बन रहे हैं।
     
    उन्होंने मेरठ की रेवड़ी, हापुड़ के पापड़ और मुजफ्फरनगर के गुड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों और खान-पान को वैश्विक पहचान दिलाई जा रही है। पहले कट्टा और बम से प्रदेश की पहचान बनाई जाती थी। अब कोई कट्टा और बंदूक की राजनीति नहीं कर सकता।
     
    साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। परंपरागत उद्यमों को पुनर्जीवित करने से 3.25 करोड़ नौजवान रोजगार से जुड़े हैं। दंगाइयों की कमर तोड़ी गई और प्रदेश दंगा व कर्फ्यू मुक्त हुआ। इससे निवेश और रोजगार का रास्ता खुला।
     
    उन्होंने कहा कि पहले बेटी और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। महीनों कर्फ्यू रहता था, व्यापार प्रभावित होता था और युवाओं की नौकरियों पर डकैती पड़ती थी। कार्यकर्ताओं के परिश्रम से उत्तर प्रदेश को उसकी पहचान वापस मिली है।
     
    नमो भारत से स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी तक
    मुख्यमंत्री योगी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ के बीच नमो भारत ट्रेन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद के नाम पर प्रदेश का पहला स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय मेरठ में बन रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तैयार है। फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और सेमीकंडक्टर यूनिट भी विकसित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के 60 फीसदी कंपोनेंट उत्तर प्रदेश में बन रहे हैं और देश में बनने वाले 55 फीसदी मोबाइल फोन का उत्पादन भी प्रदेश में हो रहा है।
     
    राम मंदिर से काशी विश्वनाथ धाम तक
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नया भारत अपनी विरासत पर गर्व करता है। अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बना है और काशी विश्वनाथ धाम का नया स्वरूप सामने आया है। मथुरा-वृंदावन को सजाया-संवारा जा रहा है। शुकतीर्थ के पुनरुद्धार की कार्ययोजना बनाई गई है और विदुर कुटी के लिए धनराशि आवंटित की गई है।
     
    उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर कांवड़ यात्रा रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब कोई कांवड़ यात्रा नहीं रोक सकता। वह स्वयं इसमें शामिल होते हैं और पुष्पवर्षा करते हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को भी कोई नहीं रोक सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यकर्ता आने वाली पीढ़ियों से कह सकेंगे कि उनके समय में राम मंदिर बना, काशी विश्वनाथ धाम मिला, एक्सप्रेसवे बना और नमो भारत चली। उन्होंने कहा, “मुझे पहचान मिली है, मुझे मेरे राम मिले हैं, मुझे मेरे कृष्ण मिले हैं और मुझे भोले शंकर मिले हैं।”
     
    हर परिवार की मैपिंग रखें
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शक्ति केंद्र संगठन की ताकत हैं। हर शक्ति केंद्र के प्रत्येक बूथ की समीक्षा हो। बूथ की प्रभावी टीम बने और पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी तय हो। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने प्रत्येक नागरिक को वोट की ताकत दी है। इसलिए एक-एक परिवार की मैपिंग और सर्वे कार्यकर्ताओं के पास होना चाहिए।
     
    उन्होंने शक्ति केंद्र, बूथ संयोजक, प्रभारी और पन्ना प्रमुखों का शत-प्रतिशत गठन सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को भाजपा की यात्रा का सारथी बताते हुए कहा कि इतिहास ने शकुनि और मंथरा को सम्मान नहीं दिया, लेकिन भगवान कृष्ण जैसे सारथी को सम्मान दिया। कार्यकर्ता ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव से देश, समाज और अपने क्षेत्र के लिए काम करें।
     
    कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रदेश सह प्रभारी जगदीश पटेल, राष्ट्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. भोला सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल, प्रदेश महामंत्री एवं पश्चिम क्षेत्र प्रभारी राम प्रताप सिंह, पश्चिम क्षेत्र अध्यक्ष नवाब सिंह नागर समेत राष्ट्रीय, प्रदेश और क्षेत्र के पदाधिकारी तथा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक मौजूद रहे।