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  • गोरखपुर में CM योगी का बड़ा संदेश, बोले- मुश्किल परिस्थितियों में भी न डिगे लोक कल्याण का भाव

    गोरखपुर में CM योगी का बड़ा संदेश, बोले- मुश्किल परिस्थितियों में भी न डिगे लोक कल्याण का भाव

    गोरखपुर
    गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने उनके जीवन और आदर्शों को याद किया।  आयोजित समारोह में सीएम योगी ने कहा कि जिस महापुरुष या आराध्य का हम गुणगान करते हैं, उसके आदर्शों के अनुरूप जीवन जीने का प्रयास भी करना चाहिए। 

    मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का उदाहरण देते हुए कहा कि विषम और सम परिस्थितियों में खुद को एक समान रखते हुए निश्छल भाव से समाज और लोक कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने विषम परिस्थितियों में विष को अपने कंठ में धारण किया, इसलिए उन्हें नीलकंठ कहा जाता है।

    शिवत्व का अर्थ समाज और लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना
    सीएम योगी ने कहा कि समाज की विसंगतियों को अपने भीतर समाहित कर समाज और लोक कल्याण के लिए आदर्श स्थापित करना ही शिवत्व है। उन्होंने कहा कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, व्यक्ति को अपने लक्ष्य और कर्तव्य के प्रति स्थिर रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ महाराज और महंत अवेद्यनाथ महाराज की पुण्यस्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि दोनों संतों के जीवन से स्थिरता और संकल्प की प्रेरणा मिलती है। 

    महंत दिग्विजयनाथ और अवेद्यनाथ के जीवन से मिलती है प्रेरणा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन में सिद्धि का सबसे बड़ा मंत्र स्थिरता है। स्थिरता का भाव व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि दोनों संतों के जीवन चरित्र का अध्ययन करने पर समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने महंत अवेद्यनाथ के जीवन को उनके गुरु महंत दिग्विजयनाथ के आदर्शों और मूल्यों का विस्तार बताया। साथ ही कहा कि समाज में जब विसंगतियां पैदा होती हैं तो उनका परिमार्जन करने का सामर्थ्य समाज में होना चाहिए।

    गोरक्षपीठ में सात दिवसीय श्रद्धांजलि समारोह का समापन
    गोरखनाथ मंदिर में महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 24 से 30 सितंबर तक साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इसके अंतिम दिन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा हुई। कार्यक्रम में देशभर से संत-धर्माचार्यों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भी सहभागिता की। समारोह के दौरान महंतद्वय के सामाजिक, धार्मिक और लोक कल्याण से जुड़े कार्यों को याद किया गया।

  • सीएम योगी गुरुवार को 87 इंटरसेप्टर वाहनों को दिखाएंगे हरी झंडी

    सीएम योगी गुरुवार को 87 इंटरसेप्टर वाहनों को दिखाएंगे हरी झंडी

    सीएम योगी गुरुवार को 87 इंटरसेप्टर वाहनों को दिखाएंगे हरी झंडी

    पुलिसकर्मियों का होगा पदक अलंकरण, 'संघर्ष' पुस्तक का भी होगा विमोचन

    लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यमंत्री असीम अरुण भी रहेंगे मौजूद

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार, 1 अक्टूबर को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 87 इंटरसेप्टर वाहनों का फ्लैग ऑफ करेंगे। इनमें चारपहिया और दोपहिया वाहन शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुलिसकर्मियों का पदक अलंकरण भी करेंगे। 

    इस दौरान मुख्यमंत्री योगी पुलिस सुधारों पर आधारित पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी करेंगे। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण भी मौजूद रहेंगे।

  • PM श्री स्कूलों में नया मॉडल, 1,565 स्कूलों में विद्यालय-अभिभावक-ग्राम समुदाय मिलकर करेंगे बदलाव

    PM श्री स्कूलों में नया मॉडल, 1,565 स्कूलों में विद्यालय-अभिभावक-ग्राम समुदाय मिलकर करेंगे बदलाव

    योगी सरकार में 1,565 पीएम श्री स्कूलों में विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय मिलकर गढ़ेंगे शिक्षा का नया परिवेश

    – नवंबर में होगा विशेष आयोजन, विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय की सहभागिता से बच्चों को मिलेगा समृद्ध शैक्षिक परिवेश

    – रैली, प्रभातफेरी, नाटक, कहानी-वाचन, खेल एवं पोस्टर प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों से सजेगा ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’

    – बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता के साथ उत्कृष्ट विद्यार्थियों का होगा सम्मान

    – कक्षा 5, 8 और 10 के विद्यार्थियों को क्रमशः अगली कक्षाओं में नामांकन के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित

    – 1,565 पीएम श्री विद्यालयों के लिए कुल ₹46.95 लाख का वित्तीय प्रावधान

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के पीएम श्री स्कूलों को शिक्षा के साथ जनभागीदारी और सामुदायिक सहभागिता के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रदेश के 1,565 पीएम श्री स्कूलों में नवंबर में ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया जाएगा। ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ आयोजन के लिए 1,565 पीएम श्री स्कूलों के लिए कुल ₹46.95 लाख की वित्तीय सीमा निर्धारित की गई है। 

    ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम के माध्यम से पीएम श्री स्कूलों को स्थानीय समुदाय से जोड़ने, अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने और बच्चों की प्रतिभा को मंच देने का प्रयास किया जा रहा है। विद्यालय, परिवार और ग्राम समुदाय की साझेदारी से तैयार यह पहल बच्चों की शिक्षा को सामाजिक सहयोग से जोड़ते हुए पीएम श्री स्कूलों को स्थानीय स्तर पर सीखने, सहभागिता और विकास के केंद्र के रूप में और भी सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 

    विद्यालय और समुदाय की साझेदारी को मिलेगा नया आयाम
    ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय को उसके सामाजिक परिवेश से जोड़ते हुए अभिभावकों, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों, शिक्षकों और अन्य स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इन्हें एक साझा मंच पर लाकर बच्चों की शिक्षा, नामांकन, ठहराव और सीखने की प्रक्रिया को और अधिक समृद्ध बनाया जाएगा। इस दौरान समुदाय को विद्यालय की गतिविधियों तथा समग्र शिक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। 

    रैली से खेल तक, बच्चों की प्रतिभा को मिलेगा मंच
    इस दौरान रैली/ प्रभातफेरी, नाटक एवं कहानी-वाचन, पोस्टर एवं कलाकृतियों की प्रदर्शनी तथा खेल प्रतियोगिताओं जैसी गतिविधियां होंगी। इसके साथ हस्ताक्षर अभियान और सेल्फी प्वाइंट जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों, अभिभावकों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में विद्यालय के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किए जाने का भी प्रावधान है, जिससे बच्चों में उपलब्धि के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास को प्रोत्साहन मिलेगा। 

    बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश
    आयोजन में बाल अधिकारों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा। इसके माध्यम से अभिभावकों और ग्राम समुदाय को बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए उनकी शिक्षा और संरक्षण के प्रति सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाया जाएगा। 

    कोट:
    “पीएम श्री स्कूलों को समुदाय से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखेंगे।”
    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

    कोट:
    “विद्यालय और समुदाय की सहभागिता से बच्चों की शिक्षा को नई ऊर्जा मिलेगी। ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम में गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा, सीखने और आगे बढ़ने के अवसरों को प्रोत्साहित किया जाएगा।”
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

  • जिसका गुणगान करें, उसके अनुरूप बनने का प्रयास भी करें, स्थिरता ही जीवन में सिद्धि का सबसे बड़ा मंत्र: मुख्यमंत्री

    जिसका गुणगान करें, उसके अनुरूप बनने का प्रयास भी करें, स्थिरता ही जीवन में सिद्धि का सबसे बड़ा मंत्र: मुख्यमंत्री

    श्रीराम मंदिर के लिए जीवन समर्पित किया गोरक्षपीठ के पूज्य संतों ने: मुख्यमंत्री

    राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन

    समय, समाज और राष्ट्र के अनुकूल चलना ही महापुरुषों का गुण: सीएम योगी

    जिसका गुणगान करें, उसके अनुरूप बनने का प्रयास भी करें, स्थिरता ही जीवन में सिद्धि का सबसे बड़ा मंत्र: मुख्यमंत्री

    विसंगति को अपने अंदर समाहित कर लोक कल्याण का आदर्श स्थापित करना ही शिवत्व: सीएम योगी

    गोरखपुर, 
     गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए गोरक्षपीठ के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि अयोध्या में रामलला के प्रकटीकरण के समय महंत दिग्विजयनाथ जी उपस्थित रहे तो गुलामी का ढांचा हटाने के लिए श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति का नेतृत्व महंत अवेद्यनाथ जी ने किया। गोरक्षपीठ के दोनों पूज्य संतों ने संत समाज को एकजुट करने के साथ ही श्रीराम मंदिर, समाज व राष्ट्र के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। समय, समाज और राष्ट्र के अनुकूल चलना ही महापुरुषों का गुण होता है।

    सीएम योगी युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह के अंतिम दिन बुधवार (आश्विन कृष्ण चतुर्थी) को अपने पूज्य गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन दोनों महंतकी पुण्यस्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि जीवन में सिद्धि का सबसे बड़ा मंत्र है, स्थिरता। स्थिरता का भाव हमें आगे बढ़ाने का माध्यम होता है। जब हम दोनों पूज्य संतों ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के जीवन चरित्र को पढ़ते हैं तो हम सबको ऐसी ही प्रेरणा मिलती है।

    शिवभक्त हैं तो सम-विषम परिस्थितियों में समान रहें
    भगवान शिव और शिवभक्ति के महात्म्य को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जिसका गुणगान करते हैं, हमें उसके अनुरूप बनने का प्रयास भी करना होता है। यदि हम शिवभक्त हैं तो भगवान शंकर की तरह सम-विषम परिस्थितियों में एक समान व निश्छल भी रहना चाहिए। हमें विसंगतियों के बीच लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना है। भगवान शिव ने विषम परिस्थितियों में कंठ में विष धारण किया और इसीलिए वह नीलकंठ कहे जाते हैं। समाज की विसंगति को अपने अंदर समाहित कर समाज और लोक कल्याण के लिए आदर्श स्थापित करना ही शिवत्व है। 

    महंत दिग्विजयनाथ के आदर्शों का विस्तार हैं महंत अवेद्यनाथ के जीवन संकल्प
    मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी के जीवन संकल्प गुरु परंपरा में महंत दिग्विजयनाथ जी के आदर्शों व मूल्यों का विस्तार हैं। समाज में जब विसंगतियां आती हैं तो उसका परिमार्जन करने का सामर्थ्य हिंदू समाज रखता है। यही भाव हमें ब्रह्मलीन महंतद्वय के जीवन में भी देखने को मिलता है। महंत दिग्विजयनाथ जी हिंदू समाज की ताकत को प्रबल वेग से बढ़ाने के पक्षधर थे तो महंत अवेद्यनाथ जी ने इसके लिए हिंदू समाज को एकजुट करने का अहर्निश कार्य किया। उनके द्वारा प्रारंभ किया गया सहभोज अभियान हिंदू समाज की बिखरी ताकत को एकसूत्र में पिरोने के लिए था। 

    गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार किया महंत जी ने
    सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में शिक्षा गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए, यह महंत दिग्विजयनाथ जी का विचार था। महंत अवेद्यनाथ जी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ इसके विस्तार और विस्तार से स्वावलंबन से जोड़ने का भी कार्य किया। उन्होंने एजुकेशन को स्किलिंग के साथ जोड़ने का भी काम किया। शिक्षा और कौशल विकास के लिए उन्होंने अनेक संस्थाओं की स्थापना की। शिक्षा के संग खेल को प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने स्कालरशिप की भी व्यवस्था की। छात्रों को रहने की बेहतर व्यवस्था देने के लिए महंत जी ने प्रताप आश्रम और अन्य छात्रावासों की व्यवस्था की। 

    राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध कराती है गोरक्षपीठ: बालकनाथ
    श्रद्धांजलि समारोह में मस्तनाथ पीठ अस्थल बोहर (रोहतक) के महंत एवं राजस्थान विधानसभा के विधायक महंत बालकनाथ ने महंतद्वय को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दोनों पूज्य संतों ने गोरक्षपीठ का नेतृत्व करते हुए सनातन संस्कृति की पहचान को मजबूत किया। गोरक्षपीठ सभी लोगों को राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध कराती है। इस पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की ख्याति देश-दुनिया में फैल रही है। योगी जी, बिना भेदभाव जन-कल्याण व विकास के लिए दिन-रात कार्य करते हैं।  

    दिव्यदर्शी व दूरदर्शी संत थे महंत अवेद्यनाथ: डॉ. रामकमलाचार्य
    इस अवसर पर श्रीरामजानकी मंदिर वाराणसी से पधारे जगद्गुरू रामानंदाचार्य डॉ. रामकमलाचार्य जी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज दिव्यदर्शी व दूरदर्शी संत थे। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण में उनकी भूमिका युगों-युगों तक स्मरित की जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि वह अपने कार्यों के बल पर दिग्विजयी यात्रा जारी रखते हुए तीसरी बार भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे।

    गोरक्षा व राष्ट्रीय संस्कृति के संरक्षण में गोरक्षपीठ की अग्रणी भूमिका: विद्या चैतन्य
    नैमिषारण्य से पधारे स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने कहा कि गोरक्षा, सनातन धर्म, राष्ट्रीय संस्कृति के संरक्षण के लिए गोरक्षपीठ सदैव अग्रणी भूमिका निभाती रही है। वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ, अपने पूर्ववर्ती ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी और ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी के संकल्पों को आगे बढ़ा रहे हैं। नीमच, मध्य प्रदेश से आए महंत योगी लालनाथ जी महाराज ने ब्रह्मलीन महंतद्वय की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रसंत अवेद्यनाथ जी ने रामजन्मभूमि मुक्ति यज्ञ की कमान उस कालखंड में संभाली, जब कोई अन्य इसके लिए तैयार नहीं था। हनुमानगढ़ी अयोध्या से आए महंत राजूदास ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के जीवन का मिशन था। आज अयोध्या में न केवल मंदिर बन गया है, बल्कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का वैभव पूरे विश्व में गुंजायमान है। श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीयता और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी का योगदान अनिर्वचनीय है। 

    लोक कल्याण को समर्पित रहा ब्रह्मलीन महंतद्वय का जीवन: महापौर
    कार्यक्रम में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ब्रह्मलीन महंतद्वय का पूरा जीवन राष्ट्रधर्म, शैक्षिक जागरण और लोक कल्याण के प्रति समर्पित रहा। वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ब्रह्मलीन महंतद्वय की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए लोक कल्याण की अनवरत मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।

    श्रद्धांजलि सभा को कुशीनगर के सांसद विजय दूबे, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के कुलपति प्रो. कृष्णपाल सिंह, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर की कुलपति प्रो. अनुपमा शर्मा कौशिक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक के प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल, विधान परिषद सदस्य एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधान परिषद सदस्य ध्रुव त्रिपाठी, विधायक राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, राज्यसभा के पूर्व सदस्य जयप्रकाश निषाद, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता ने भी संबोधित किया।

    विभिन्न संगठनों की ओर से दी गई श्रद्धांजलि
    इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संगठनों की ओर से भी ब्रह्मलीन महंतद्वय को श्रद्धांजलि दी गई। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से सचिव डॉ. वाई सिंह, डॉ. आरपी त्रिपाठी, चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की तरफ से संरक्षक एसके अग्रवाल, दवा विक्रेता समिति की तरफ से अध्यक्ष योगेंद्र दूबे, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जटाशंकर की तरफ से संयुक्त सचिव सरदार जगनैन सिंह नीटू, सिंधी समाज की तरफ से अर्जुन बालानी, भारत सेवाश्रम संघ की तरफ से स्वामी निःश्रेयसानंद ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी तथा ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के व्यक्तित्व, कृतित्व और आदर्शों का स्मरण किया।

    रामजन्म सिंह की पुस्तक का विमोचन किया सीएम योगी ने
    इस अवसर पर महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य एवं महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संयुक्त सचिव रामजन्म सिंह की पुस्तक ‘रामकथा के प्रथम बलिदानी जटायु’ का विमोचन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं मंचासीन अतिथिगण द्वारा किया गया। सरस्वती वंदना तथा श्रद्धांजलि गीत महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज रमदत्तपुर की छात्राओं ने,  वैदिक मंगलाचरण डॉ. रंगनाथ त्रिपाठी, गोरक्षाष्टक पाठ मृत्युंजय उपाध्याय व गौरव तिवारी एवं आदित्य पांडेय, महंत अवेद्यनाथ स्त्रोतपाठ डॉ. प्रांगेश मिश्र ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रीभगवान सिंह ने किया। 

    श्रद्धांजलि सभा में इनकी रही प्रमुख सहभागिता  
    प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, हरिद्वार से आए योगी महासभा के महामंत्री योगी चेताईनाथ जी महाराज, काशी से पधारे जगद्गुरु विष्णुस्वामी सम्प्रदायाचार्य संतोषाचार्य जी महाराज 'सतुआ बाबा', बाघम्बरी पीठाधीश्वर, प्रयागराज महंत बलबीर गिरी जी महाराज, सोंगल, हरियाणा से पधारे पीर शेरनाथ जी महाराज, अयोध्या से पधारे महंत धर्मदास जी महाराज, अयोध्या से पधारे महंत बलरामदास जी महाराज, तपसीधाम, बस्ती से पधारे महंत जयबक्शदास जी, दिगम्बर अखाड़ा, अयोध्याधाम से पधारे महंत रामलखनदास जी तथा कालीबाड़ी, गोरखपुर के महंत रविंद्रदास जी महाराज।

  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, तत्परता और संवेदनशीलता से कराएं समस्याओं का निराकरण

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, तत्परता और संवेदनशीलता से कराएं समस्याओं का निराकरण

    सुनिश्चित होगा हर व्यक्ति की समस्या का समाधान : मुख्यमंत्री

    गोरखपुर में लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं करीब 150 लोगों की समस्याएं

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, तत्परता और संवेदनशीलता से कराएं समस्याओं का निराकरण

    गोरखपुर
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के प्रति आश्वस्त किया। उन्होंने समस्या/शिकायत लेकर आए लोगों से कहा कि चिंता मत करिए, सरकार हर व्यक्ति की समस्या का समाधान प्रतिबद्धता से कराएगी। इस अवसर पर सीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पूरी तत्परता और संवेदनशीलता से यह सुनिश्चित करें कि बिना भेदभाव सबको न्याय मिले। हर पात्र को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था हो, जमीन कब्जाने वाले भू माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। 

    गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान सुनिश्चित कराएगी। मुख्यमंत्री ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में शीघ्रता से निस्तारण के निर्देश दिए।

    बुधवार को भी जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार विवेकाधीन कोष से धन उपलब्ध कराएगी। 

    गुरु पूजा करने के बाद सीएम योगी ने की गोसेवा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भी गोरखनाथ मंदिर प्रवास पर होते हैं तो प्रातःकाल गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद अपने पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की समाधि स्थल पर जाकर शीश झुकाना, आशीर्वाद लेना उनकी दिनचर्या में शामिल होता है। पर, इस बुधवार उनके लिए गुरु की विशेष पूजा का अवसर था। बुधवार (आश्विन कृष्ण चतुर्थी) को ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी विशेष पूजा अर्चना की। मंदिर प्रवास के दौरान पारंपरिक दिनचर्या के अनुसार मुख्यमंत्री गोसेवा करने गोशाला में भी पहुंचे। यहां उन्होंने गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़ खिलाया। गोशाला में मुख्यमंत्री के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से आए संतजन भी उपस्थित रहे।

  • योगी का बयान- सनातन भारत का मूल धर्म, यही राष्ट्र की पहचान

    योगी का बयान- सनातन भारत का मूल धर्म, यही राष्ट्र की पहचान

    लखनऊ 
    युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की पुण्यस्मृति के उपलक्ष्य में श्रीमद्भागवत कथा के विराम पर बोले मुख्यमंत्री 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के विराम सत्र को संबोधित करते हुए सनातन धर्म और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सनातन भारत का मूल धर्म है और देश की पहचान उसकी धर्मनगरी अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज की परंपराओं से जुड़ी है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान गोवंश संरक्षण, प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया तथा प्रदेश में गोशालाओं के संचालन और गोवंश संरक्षण के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

    अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज का किया उल्लेख
    दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में कथा श्रवण और व्यासपीठ के समक्ष श्रद्धावनत होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग उत्तर प्रदेश की सनातन धर्मनगरियों के मर्म को नहीं पहचानते, वे उत्तर प्रदेश और भारत को नहीं समझ पाएंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्या की मर्यादा, काशी की चेतना, मथुरा-वृंदावन की भक्ति और कुंभनगरी प्रयागराज की सामाजिक समरसता को समझे बिना उत्तर प्रदेश और भारत को समझना संभव नहीं है।

    गोमाता में सनातन धर्म की पहचान: योगी
    मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म में गोमाता की प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन की पहचान गोमाता में है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में पहला ग्रास गोमाता का माना गया है। उनके अनुसार, यदि हर सनातनी इस परंपरा का पालन करता तो गोमाता सड़कों पर नहीं विचरतीं। उन्होंने कहा कि इसी तरह अंतिम ग्रास श्वान का माना गया है। यदि इस परंपरा का पालन किया जाता तो सड़क पर निराश्रित कुत्ते राहगीरों को शिकार नहीं बनाते। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में लोगों ने अपने ऋषि-मुनियों की परंपरा का अनुसरण नहीं किया।

    गोमाता के संरक्षण पर दिया जोर
    सीएम योगी ने कहा कि धरती माता का एक नाम गोमाता भी है और धरती माता को बचाने के लिए गोमाता को भी बचाना होगा। उन्होंने कहा कि गोमाता के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार अपने स्तर से प्रयास कर रही है, लेकिन नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सात हजार से अधिक गोशालाओं के माध्यम से 16 लाख से अधिक गोवंश का लालन-पालन किया जा रहा है। उन्होंने गोवंश संरक्षण के लिए नागरिकों की सहभागिता पर भी जोर दिया।

    भारतीय नस्ल की गोमाता का दूध अमृततुल्य
    मुख्यमंत्री ने बताया कि गोमाता और गोवंश के संरक्षण के लिए सरकार निराश्रित गोवंश को रखने पर किसानों को प्रति गोवंश प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता भी देती है। इसी तरह निराश्रित गोआश्रय स्थलों से कुपोषित परिवारों के लिए बियाही गाय और उसके भरण पोषण की धनराशि दी जाती है। सीएम ने कहा कि देसी भारतीय नस्ल की गोमाता का दूध अमृततुल्य होता है। आमजन भी गोशाला के संचालन में भागीदार बनकर पुण्य लाभ ले सकते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि गोशाला में गोवंश को गोद लीजिए। उसके अनुरूप व्यवस्था करिए और गोपाष्टमी पर तिलक लगाकर उनका पूजन करिए। ऐसा करने पर आपका घर धन-धान्य से पूर्ण होगा, जीवन सुखमय होगा, सभी प्रकार की आरोग्यता की प्राप्ति होगी और गोमाता के आशीर्वाद से दुख, दरिद्रता नहीं रहेगी।

    हर बीमारी का रामबाण उपचार है देसी गाय
    मुख्यमंत्री ने कैंसर, किडनी और लिवर की खराबी
    जैसी बीमारियों पर चिंता जताते हुए कहा कि यह सब सिस्टम की गलती का नतीजा है, जिसने रासायनिक उर्वरकों और खतरनाक दवाओं के इस्तेमाल से हर खाद्यान्न को प्रभावित कर दिया है। इसका समाधान सिर्फ उपचार नहीं है। इस समस्या का समाधान भारतीय गोमाता आधारित प्राकृतिक खेती में है। गाय के गोबर से की गई प्राकृतिक खेती से उपजा अन्न उपयोग किया जाएगा तो कैंसर, किडनी व लीवर की खराबी, डायबिटीज जैसी बीमारियां नहीं होगी और तनाव भी नहीं होगा। गंभीर बीमारियों का रामबाण उपचार भारतीय नस्ल की गोमाता हैं, इसलिए हमें गोवंश का संरक्षण और संवर्धन करना होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान कार्ड से इलाज के अतिरिक्त, गरीबों की गंभीर बीमारियों के इलाज में उन्होंने अपने विवेकाधीन कोष से 1400 करोड रुपये अलग से दिए हैं।

    कथा व्यास की मुक्त कंठ से सराहना की सीएम योगी ने
    कथा व्यास मलूकपीठाधीश्वर, वृंदावन से पधारे स्वामी श्री राजेंद्रदास द्वाराचार्य की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि स्वामी जी ने अत्यंत सरलता और सहजता से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया। इस कथा के मध्य में देश के कई राज्यों में भीषण आपदा ने जन जीवन को प्रभावित किया। पर, गोरखपुर में शिवावतार महायोगी गोरखनाथ की पावन भूमि पर कथा व्यास के मुखारविंद से पावन कथा अनवरत श्रद्धाभाव से चलती रही। आपदा भी इसके मार्ग में बाधक नहीं बनी और यही भारत की पहचान है। आपदाओं का सामना करके भी कथा अनवरत ससमय प्रारंभ होती रही और सभी श्रद्धालुओं ने मर्यादा, समता, भक्ति और जीवंतता से कथा का आनंद लिया।

    कथा के विराम पर मुख्यमंत्री, संतजन व यजमानगण ने श्रीमद्भागवत महापुराण और व्यासपीठ की आरती उतारी। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के जलशक्तमंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मस्तनाथ पीठ अस्थल बोहर रोहतक हरियाणा के महंत एवं राजस्थान विधानसभा के विधायक बालकनाथ, वाराणसी से आए डॉ. रामकमल दास वेदांती, अयोध्या से आए स्वामी रामदिनेशाचार्य, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास सहित कई साधु संत, यजमानगण और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।

    निराश्रित गोवंश के लिए 1500 रुपये की सहायता
    मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार निराश्रित गोवंश को रखने वाले किसानों को प्रति गोवंश प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता देती है। इसी तरह निराश्रित गोआश्रय स्थलों से कुपोषित परिवारों के लिए बियाही गाय और उसके भरण-पोषण की धनराशि दी जाती है। सीएम ने कहा कि देसी भारतीय नस्ल की गोमाता का दूध अमृततुल्य होता है। उन्होंने आमजन से गोशालाओं के संचालन में भागीदार बनने और गोवंश को गोद लेने का आह्वान किया।

    प्राकृतिक खेती को बताया समाधान
    मुख्यमंत्री ने कैंसर, किडनी और लिवर की खराबी जैसी बीमारियों पर चिंता जताते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों और खतरनाक दवाओं के इस्तेमाल से खाद्यान्न प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि इसका समाधान केवल उपचार नहीं, बल्कि भारतीय गोमाता आधारित प्राकृतिक खेती में है।

    उन्होंने कहा कि गाय के गोबर से की गई प्राकृतिक खेती से उपजा अन्न उपयोग करने से कैंसर, किडनी व लिवर की खराबी और डायबिटीज जैसी बीमारियां नहीं होंगी तथा तनाव भी नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने भारतीय नस्ल की गोमाता को गंभीर बीमारियों का रामबाण उपचार बताते हुए गोवंश के संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान कार्ड से इलाज के अतिरिक्त गरीबों की गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए उन्होंने अपने विवेकाधीन कोष से 1400 करोड़ रुपये अलग से दिए हैं।

    कथा व्यास स्वामी राजेंद्रदास की सराहना
    मुख्यमंत्री ने वृंदावन से आए कथा व्यास, मलूकपीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेंद्रदास द्वाराचार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने सरलता और सहजता से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया। सीएम योगी ने कहा कि कथा के दौरान देश के कई राज्यों में भीषण आपदा ने जनजीवन को प्रभावित किया, लेकिन गोरखपुर में महायोगी गोरखनाथ की भूमि पर कथा अनवरत श्रद्धाभाव से चलती रही। उन्होंने कहा कि आपदा भी कथा के मार्ग में बाधक नहीं बनी और यही भारत की पहचान है।

    संतों और श्रद्धालुओं ने की आरती
    कथा के विराम पर मुख्यमंत्री, संतजन और यजमानगण ने श्रीमद्भागवत महापुराण और व्यासपीठ की आरती उतारी। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मस्तनाथ पीठ अस्थल बोहर रोहतक हरियाणा के महंत एवं राजस्थान विधानसभा के विधायक बालकनाथ, वाराणसी से डॉ. रामकमल दास वेदांती, अयोध्या से स्वामी रामदिनेशाचार्य और गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ मौजूद रहे। कार्यक्रम में कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास सहित कई साधु-संत, यजमानगण और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

  • सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग अलर्ट, UPITS में ऑपरेशन कवच की जानकारी

    सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग अलर्ट, UPITS में ऑपरेशन कवच की जानकारी

    यूपीआईटीएस में दिखा परिवहन विभाग का सड़क सुरक्षा पर जोर, 28 से 30 सितंबर तक चलेगा ऑपरेशन कवच

    योगी सरकार में सुरक्षित और तकनीक आधारित परिवहन को मिल रहा बढ़ावा

    एनसीआर की हवा सुधारने की कवायद, ईओएल वाहनों को अधिकृत स्क्रैप केंद्रों तक पहुंचाए स्वामी: अमृत अभिजात

    बीएस-1 से बीएस-4 वाहनों के लिए परिवर्तन पोर्टल, वाहन स्वामियों से आवेदन की अपील

    52 सेवाएं फेसलेस और 40 ऑटो अप्रूवल, परिवहन विभाग में बढ़ा डिजिटल सुविधा का दायरा

    लखनऊ/ग्रेटर नोएडा
     योगी सरकार के कार्यकाल में परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, सुगम और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की झलक उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में भी देखने को मिल रही है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपीआईटीएस के चौथे संस्करण में परिवहन विभाग ने अपने स्टॉल के माध्यम से विभागीय सेवाओं, सड़क सुरक्षा और वाहन संबंधी नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। यहीं पर परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि सड़क सुरक्षा के तहत 28 से 30 सितंबर तक प्रदेश में अनधिकृत बसों के विरूद्ध ऑपरेशन कवच अभियान चलाया जाएगा।

    28 से 30 सितंबर तक ऑपरेशन कवच
    परिवहन विभाग की तकनीकी कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव ने बताया कि अवैध रूप से संचालित बसों के खिलाफ ऑपरेशन कवच के तहत 28 से 30 सितंबर तक प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य परिवहन नियमों के अनुपालन को प्रभावी बनाना और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।

    एनसीआर के प्रदूषण पर ईओएल वाहनों पर फोकस
    उन्होंने एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण और खराब होती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए एंड ऑफ लाइफ (ईओएल) वाहनों को अधिकृत स्क्रैप केंद्र पर स्क्रैप कराने की अपील की। एनसीआर के वाहन स्वामियों से पुराने और निर्धारित मानकों के अनुरूप जीवन पूरा कर चुके वाहनों को अधिकृत केंद्र तक पहुंचाने का आग्रह किया, ताकि पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सके।

    परिवर्तन पोर्टल से पुराने वाहनों को बदलने का लाभ
    उन्होंने परिवहन विभाग की परिवर्तन योजना की जानकारी देते हुए यूरो मानक बीएस 1,2,3 व 4 वाले वाहनों के स्वामियों से परिवर्तन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की अपील की। वहीं कार्यशाला में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए यातायात नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया गया। लोगों से नियंत्रित गति से वाहन चलाने, दोपहिया पर हेलमेट और चारपहिया में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने, शराब पीकर वाहन न चलाने व ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई।

    परिवहन विभाग ने बताया कि जनसुविधा के लिए उसकी 52 सेवाओं को फेसलेस किया गया है, जबकि 40 सेवाएं ऑटो अप्रूवल मोड में संचालित की जा रही हैं। ट्रेड शो में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी आधुनिक तकनीक और सिमुलेटर के जरिए युवाओं को जानकारी भी दी जा रही है।

  • मिशन रोजगार के तहत 10 दिन में चार बड़े कार्यक्रम, 6,672 युवाओं को मिले सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र

    मिशन रोजगार के तहत 10 दिन में चार बड़े कार्यक्रम, 6,672 युवाओं को मिले सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र

    नियुक्ति पत्र मिला तो छलकी खुशी, अपनी कहानी बताते हुए रुंधा युवाओं का गला
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, 11 अभ्यर्थियों को मंच पर मिला पत्र
     
    किसी को परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरने की उम्मीद तो किसी को बच्चे के भविष्य की चिंता से मिली राहत
     
    ससुराल की पहली महिला बनीं सरकारी कर्मचारी, श्रुति बोलीं- गर्भावस्था में भविष्य को लेकर थी चिंता, अब मिला भरोसा
     
    किसान परिवार के आदित्य को मिला प्रदेश की सेवा का मौका, ब्यूटी शाही बोलीं- नौकरी से परिवार की परिस्थितियां भी बदलेंगी
     
    मिशन रोजगार के तहत 10 दिन में चार बड़े कार्यक्रम, 6,672 युवाओं को मिले सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र
     
    लखनऊ

    सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र हाथ में आया तो किसी को परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरने की उम्मीद जगी, किसी को अपने बच्चे के भविष्य की चिंता से राहत मिली। वर्षों की मेहनत के बाद नौकरी मिलने की खुशी साझा करते हुए कुछ अभ्यर्थी भावुक हुए तो बोलते-बोलते गला भी रुंध गया। मौका था सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
     
    मुख्यमंत्री ने 11 नवचयनित अभ्यर्थियों को मंच पर प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपे। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थियों ने अपनी संघर्ष यात्रा और परिवार की परिस्थितियां साझा कीं। उन्होंने चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बताते हुए मुख्यमंत्री योगी का आभार जताया।
     
    ससुराल की पहली महिला जिसे मिली सरकारी नौकरी
    लखनऊ की श्रुति श्रीवास्तव ने बताया कि वह अपने ससुराल की पहली महिला हैं, जो सरकारी सेवा में जा रही हैं। गर्भावस्था के दौरान उन्हें भविष्य को लेकर चिंता रहती थी। नियुक्ति मिलने से उन्हें नई उम्मीद और आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
     
    कुशीनगर के आदित्य सिंह किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में चयन से उन्हें प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला है। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रही।
     

    गोरखपुर की ब्यूटी शाही ने कहा कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। सरकारी नौकरी मिलने से वह जनसेवा के साथ परिवार की परिस्थितियों को भी बेहतर कर सकेंगी। अपनी बात रखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।
     
    इन 11 अभ्यर्थियों को मंच पर मिला नियुक्ति पत्र
    मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाने वालों में प्रयागराज के आशुतोष त्रिपाठी, आगरा के ओम बघेल, गाजीपुर के प्रवीण कुमार, प्रतापगढ़ की सुधा, कुशीनगर के आदित्य सिंह, हमीरपुर की नेहा देवी, फतेहपुर की रूपाली गुप्ता, लखनऊ की श्रुति श्रीवास्तव, गोरखपुर की ब्यूटी शाही, गाजीपुर के शुभम कुमार और प्रतापगढ़ के अमित कुमार सिंह शामिल रहे।
     
    10 दिन में 6,672 युवाओं को नियुक्ति पत्र
    मिशन रोजगार के तहत पिछले 10 दिनों में यह
    चौथा बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है। 19 सितंबर को लोकभवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा, आयुष, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अभ्यर्थी शामिल थे।
     
    20 सितंबर को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड से चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल थे।
     
    शिक्षा विभाग में 3,567 को मिली नियुक्ति
    22 सितंबर को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित 3,567 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष शामिल थे। प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापक के पदों पर इनका चयन हुआ।
     
    सोमवार को 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र मिलने के साथ 19 से 28 सितंबर के बीच हुए चार बड़े कार्यक्रमों में कुल 6,672 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।

  • अभ्यर्थियों ने कहा- बिना सोर्स-सिफारिश और हेरफेर के योग्यता व मेहनत के आधार पर मिली सरकारी नौकरी

    अभ्यर्थियों ने कहा- बिना सोर्स-सिफारिश और हेरफेर के योग्यता व मेहनत के आधार पर मिली सरकारी नौकरी

    मेहनत को मिला सम्मान, ग्राम पंचायत अधिकारी पद के चयनित अभ्यर्थी बोले- चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

    अभ्यर्थियों ने कहा- बिना सोर्स-सिफारिश और हेरफेर के योग्यता व मेहनत के आधार पर मिली सरकारी नौकरी

    आशुतोष त्रिपाठी बोले- निष्पक्षता और पारदर्शिता सिर्फ जुमला नहीं, भर्ती प्रक्रिया में दिखी इसकी बानगी

    ओम बघेल बोले- चार साल की मेहनत रंग लाई, मुख्यमंत्री योगी के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना जीवन का यादगार पल

    रूपाली, नेहा और मिथिलेश ने जताई खुशी, कहा- पारदर्शी प्रक्रिया से युवाओं का मेहनत पर भरोसा हुआ मजबूत

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया से चयनित 1375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे। अभ्यर्थियों ने कहा कि बिना किसी सिफारिश और हेरफेर के, सिर्फ मेहनत के आधार पर उन्हें सरकारी सेवा में नियुक्ति का अवसर मिला है। एक भी चयन पर कोई सवाल नहीं उठा सकता है।

    योगी जी की ईमानदारी पर सवाल उठाना सूरज को दीया दिखाने जैसा

    प्रयागराज निवासी आशुतोष त्रिपाठी का चयन ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि भर्ती परीक्षा 2025 में हुई थी और साल के भीतर परिणाम आ गया है। प्रदेश में उन्हें प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है और मुख्यमंत्री योगी के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। आशुतोष ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता केवल जुमला नहीं है। बिना किसी हेरफेर के नियुक्ति मिली है। योगी जी की ईमानदारी पर सवाल उठाना सूरज को दीया दिखाने जैसा है। हमारा नेतृत्व ईमानदार है और इसकी बानगी भर्ती प्रक्रिया में भी देखने को मिली है। 

    नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रही

    ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर चयनित प्रतापगढ़ निवासी अमित कुमार सिंह को बरेली में तैनाती मिली है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रही है। कहीं भी सोर्स या सिफारिश नहीं चली है। जिसने मेहनत की, उसका चयन हुआ। अमित सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में बिहार में सरकारी नौकरी के साथ ही परीक्षा की भी तैयारी कर रहे थे। अब अपने ही प्रदेश में नौकरी मिलने से खुशी है।

    मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाना गर्व का विषय

    ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर चयनित रूपाली गुप्ता को फतेहपुर में तैनाती मिली है। उन्होंने कहा कि पूरी नियुक्ति प्रक्रिया बेहद निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलेगा, ऐसा कभी नहीं सोचा था। यह उनके और उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है। इसी पद पर चयनित नेहा देवी ने कहा कि इस नियुक्ति के लिए उन्हें केवल फॉर्म भरने का खर्च आया और योग्यता व मेहनत के आधार पर नौकरी मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके हाथों नियुक्ति पत्र मिलना बेहद खुशी का क्षण है। 

    मेहनत करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं 

    ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर चयनित ओम बघेल ने प्रदेश में दूसरी रैंक हासिल की है। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में किसी ने उनसे एक रुपया भी नहीं मांगा और नियुक्ति पूरी तरह निष्पक्ष रही। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके जीवन का यादगार पल है। ओम ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से तैयारी कर रहे थे और अब उनकी मेहनत रंग लाई है। योगी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है और मेहनत करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं। आजमगढ़ निवासी मिथिलेश पाल ने भी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत और योगी सरकार को दिया। उन्होंने बताया कि चार वर्षों से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और पारदर्शी नीति के कारण आखिरकार मेहनत रंग लाई।

  • उप्र में अब नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता हैः सीएम योगी

    उप्र में अब नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता हैः सीएम योगी

    नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रही सपा: सीएम योगी

    मिशन रोजगार: 1375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को मिली नियुक्ति, 11 नवचयनितों को मुख्यमंत्री ने मंच पर दिया नियुक्ति पत्र 

    छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी का लक्ष्य, सपा-कांग्रेस के नेता गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र बांटते रहेंगे, अक्टूबर से फिर होगा नियुक्ति पत्र वितरण

    ग्राम पंचायत जितनी बढ़ाएगी अपनी आय, सरकार उतनी ही देगी अतिरिक्त धनराशि, आत्मनिर्भर गांव बनाने पर जोर

    कोई टोटी चोरी कर लेगा तो पानी बहता रहेगा, जिससे गांव की ही क्षति होगी: मुख्यमंत्री

    उप्र में अब नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता हैः सीएम योगी

    28 सितंबर है भगत सिंह की जयंती, इसी दिन 57,600 से अधिक गांवों ने ओडीएफ प्लस का लक्ष्य प्राप्त किया थाः मुख्यमंत्री

    बच्चे इंसेफेलाइटिस से मरते थे, लेकिन सपा के स्वास्थ्य मंत्री ने भी हॉस्पिटल का दौरा नहीं कियाः सीएम

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सरकारी नौकरियों और गांवों के विकास को लेकर समाजवादी पार्टी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने नौजवानों के हक पर डकैती डाली, पिछड़ों-दलितों को योजनाओं से वंचित किया, नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, जिनके लिए विकास का मतलब सिर्फ सैफई था, वही आज नए स्वरूप में नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदलते दिख रहे हैं। इनसे सावधान रहना है। यह भ्रम पैदा कर राज्य को अराजकता की तरफ धकेलने की साजिश करेंगे। सीएम ने सपा-कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने का हमारा लक्ष्य है। वे गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र वितरित करते रहेंगे।
     
    मुख्यमंत्री योगी मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। 11 नवचयनितों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र सौंपा। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि मैंने 15 सितंबर के आसपास कहा था कि हर सप्ताह नियुक्ति पत्र वितरण करेंगे और छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र देंगे। 20 सितंबर से यह चौथी नियुक्ति पत्र प्रक्रिया संपन्न हुई। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र वितरण होगा।

    यूपी में अब सिर झुकाकर चलता है माफिया
    सीएम ने कहा कि सपा शासनकाल में संवेदनहीनता की चरमता थी। बेईमानी से जकड़े वे लोग माफिया के सामने झुकते थे, परंतु अब ऐसा नहीं है। अब कोई माफिया असलहों के साथ गाड़ियों का काफिला लेकर नहीं चल सकता। आज यूपी में नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता है। उसे पता है कि गरीब की झोपड़ी पर कब्जा और व्यापारी से फिरौती मांगने जाएंगे तो काम तमाम हो जाएगा। अब माफिया और उनके आका भयभीत हैं। भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण देना सरकार की प्राथमिकता है। 

    युवाओं के लिए यही होली-दीवाली
    मुख्यमंत्री ने समयसीमा के अंदर निष्पक्ष व शुचितापूर्ण नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र एक नौजवान प्राप्त कर रहा है, लेकिन खुशी पूरे परिवार व रिश्तेदारों में है। उनके लिए यही होली-दीवाली है। जो राज्य 10 साल पहले बीमारू था,  उसे निष्पक्षता व ईमानदारी के साथ हमने सबसे समृद्ध राज्य के रूप में खड़ा किया है। युवाओं के सपनों को उड़ान और मंजिल प्राप्त करने के लिए प्लेटफॉर्म चाहिए। आपकी पीढ़ी सौभाग्यशाली है कि आपको यह वातावरण मिल रहा है।

    योग्यता पर भी नहीं मिलती थी 2017 के पहले नौकरी 
    सीएम योगी ने कहा कि हम युवा बल को प्लेटफॉर्म देकर उस
    की ऊर्जा-प्रतिभा का उपयोग उप्र की समृद्धि में करने में सफल होते हैं। 2017 के पहले युवाओं में सिर्फ आशंका, हताशा-निराशा थी। योग्यता के बावजूद सिर्फ पहुंच न होने की वजह से गरीब बच्चों से नौकरी कोसों दूर रहती थी। 2017 में हमने इस जकड़न, बेईमानी व माफियाराज से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया था। अब सरकारी नियुक्ति पाने वाले साढ़े 9 लाख युवाओं की प्रतिभा से यूपी विकास की नई कहानी लिख रहा है।

    शहीद भगत सिंह की जयंती पर नियुक्ति पत्र
    मुख्यमंत्री ने साढ़े 9 वर्ष में हुए परिवर्तन को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले यूपी सबसे पिछड़े 5 राज्य में था, अब टॉप-3 में हैं। यूपी ने अपनी अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय व बजट को तीन गुना करने में सफलता हासिल की है। यह बदलाव पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में हर योजना को ईमानदारी से लागू करने का परिणाम है। आज सरदार भगत सिंह की जयंती है। जब उन्होंने देश के लिए बलिदान दिया, तब उनकी आयु मात्र 23 वर्ष थी। आज नियुक्ति पत्र पाने वाले अनेक जवानों की आयु भी 20-27 वर्ष के बीच में है। सरदार भगत सिंह ने देश के लिए इसलिए बलिदान दिया था कि आने वाले समय में नौजवानों का जीवन उज्ज्वल हो। 28 सितंबर 2023 को यूपी के 57,600 से अधिक गांवों ने ओडीएफ प्लस का लक्ष्य प्राप्त किया था। 2017 के बाद 3.32 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया।

    बच्चे इंसेफेलाइटिस से मरते थे, मंत्री अस्पताल नहीं जाते थे
    सीएम योगी ने कहा कि लगभग 30 जनपदों में गंदगी के कारण मस्तिष्क ज्वर से दलित, पिछड़े व गरीब वर्ग के सैकड़ों बच्चों की मौत होती थी। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कड़क धूप में एक बेड पर चार-चार बच्चे भर्ती होते थे। सपा ने चार बार शासन किया, लेकिन तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल तक का दौरा नहीं किया। सपा के लिए विकास का मायने केवल सैफई था, बाकी गांवों, जनपदों से इन्हें कोई मतलब नहीं था। भारत सरकार 2017 के पहले भी पैसा देती थी, लेकिन लाभ सिर्फ सपा के लोगों को मिलता था। हम चुनाव जरूर पार्टी पर लड़ते हैं, लेकिन सत्ता में आते हैं तो बिना भेदभाव सबको योजनाओं का लाभ देते हैं। 

    हर ग्राम पंचायत कर रही रोजगार का सृजन 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 1996 में त्रिस्तरीय पंचायत की व्यवस्था लागू हुई। तब से ग्राम प्रधानों के पास कार्यालय नहीं था। उनके घऱ से व्यवस्था संचालित होती थी। विरोधी दल का व्यक्ति कैसे उनके घर जाता। लेकिन, जो काम इतने वर्षों में नहीं हुआ, वह अब हो गया है। अब ग्राम पंचायत का कार्यालय (ग्राम सचिवालय) भी है। चार से लेकर छह कमरे हैं। इसमें ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल, बीसी सखी आदि बैठते हैं। वहां डिजिटल लाइब्रेरी व कॉन्फ्रेंस रूम भी है। एनडीए सरकार ने गांधी जी के सपनों को साकार किया है। गांव की बेटी बीसी सखी व रोजगार सेवक लोगों को जन्म, निवास, आय प्रमाण पत्र आदि सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। गांव में ही सारी सुविधाएं मिल रही हैं। अन्नपूर्णा भवन, फेयर प्राइस शॉप के साथ वेयरहाउस से भी गांवों में रोजगार सृजन हुए हैं। सामुदायिक शौचालय की देखरेख महिला स्वयंसेवी समूह से जुड़ी महिलाएं करती हैं, जिन्हें पैसा भी मिलता है। उत्सव भवन कुछ गांवों में बन चुके हैं, कुछ में बन रहे हैं। यहां भी लोगों को रोजगार मिल सकता है। हर गांव 5-7 रोजगार का सृजन कर रहा है।

    ग्राम पंचायतों को अतिरिक्त धनराशि
    सीएम ने पिछले 4 दिन मूसलाधार बारिश का जिक्र करते हुए कहा कि यदि 65 लाख गरीबों को पीएम/सीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिला होता तो ये सभी बेघर हो गए होते। सभी एहतियात करने के बावजूद कुछ निर्दोषों की जान चली गई। उन्होंने सपा मुखिया पर तंज कसते हुए कहा कि जो कुछ कर नहीं पाए, वह आक्षेप लगाते हैं। जिनमें सामर्थ्य नहीं था, वह टिप्पणी करते हैं। सीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारियों को नींव का पत्थर बताते हुए कहा कि आपकी स्थिति मजबूत होगी तो ग्राम पंचायतों की भूमिका प्रभावी होगी। ग्राम पंचायत भी आय अर्जित कर सकती है। जो ग्राम पंचायत जितनी आय करेगी, सरकार उसे उतनी ही अतिरिक्त धनराशि देगी।

    कोई टोटी चोरी कर लेगा तो पानी बहता रहेगा
    सीएम ने कहा कि गंदगी व शुद्ध पेयजल का अभाव गांव में बीमारी का कारण है। सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान से गंदगी को समाप्त किया। हर घर नल योजना गांव तक पहुंचेगी। उन्होंने तंज कसा कि गांवों में युवाओं को प्लंबर की ट्रेनिंग दें, जिससे कोई टोटी चोरी कर ले गया तो वे उसकी मरम्मत कर सके। टोटी चोरी होने से पानी बहता रहेगा, जिससे क्षति गांव की होगी। युवाओं के पास आइडिया, इनोवेशन व गांव को अच्छा बनाने का जज्बा होना चाहिए। विकसित भारत का सपना तब साकार होगा, जब यूपी विकसित होगा। यूपी तब विकसित होगा, जब ग्राम पंचायत की इकाई विकसित व आत्मनिर्भर होगी। आप इस परिकल्पना को साकार करने के सारथी बनने जा रहे हैं।

    नौकरी के हिसाब से तय होता था रेट: राजभर
    इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में नौकरी का विज्ञापन निकलते ही गुर्गे सक्रिय हो जाते थे और पद के हिसाब से रकम तय होती थी। आज बिना भेदभाव, बिना लेनदेन सरकारी नौकरी मिल रही है।
     
    अब बिना घूसखोरी मिल रही नौकरी: शाही
    नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों से साढ़े नौ लाख युवाओं को बिना घूसखोरी और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी मिली है। यह बड़ी उपलब्धि है।

    इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, विधायक डॉ. नीरज बोरा, जय देवी, अमरेश कुमार, उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत आदि मौजूद रहे।