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  • आंगन मिलन सेवा, रक्तदान एवं नि:शुल्क मेगा स्वास्थ्य शिविर में शामिल हुए मुख्यमंत्री  साय

    आंगन मिलन सेवा, रक्तदान एवं नि:शुल्क मेगा स्वास्थ्य शिविर में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मुंगेली जिले के ग्राम मदकू में 68 करोड़ 96 लाख 96 हजार रुपये की लागत के 21 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, बिजली, खेल और जनसुविधाओं के विस्तार से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री  साय ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा, रक्तदान एवं नि:शुल्क मेगा स्वास्थ्य शिविर’ में भी शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि विकास की गति तेज हो और जनसेवा की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो। गांवों में अच्छी सड़कें हों, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों, माताओं और बच्चों को पर्याप्त पोषण मिले और गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तक शासन की प्रत्येक योजना का लाभ सहजता से पहुंचे। इसी सोच के साथ हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को शासन के केंद्र में रखा है। उनके नेतृत्व में पिछले वर्षों में देश में विकास के साथ जनकल्याण का एक नया अध्याय लिखा गया है। छत्तीसगढ़ में भी हमारी सरकार प्रधानमंत्री जी की इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनसेवा के संकल्प को जनभागीदारी से और मजबूत करने का माध्यम है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और जनकल्याण की योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के साथ समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी विस्तार मिल रहा है।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ है कि नागरिक को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकना न पड़े, उसकी समस्या का समय पर समाधान हो और शासन की योजनाओं का लाभ उसे आसानी से मिले। इसी उद्देश्य से सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बना रही है। ई-ऑफिस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों जैसी पहलों के माध्यम से शासन को नागरिकों के और करीब लाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन में बदलाव लाने का काम हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। हमारा स्पष्ट प्रयास है कि पात्रता रखने वाला कोई भी परिवार जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में किसी योजना के लाभ से वंचित न रहे।

    स्वस्थ माता और सुपोषित बच्चा मजबूत समाज की नींव

    आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र हमारे बच्चों के पोषण और माताओं के स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्ष उनके संपूर्ण विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए उनके पोषण, स्वास्थ्य, टीकाकरण और प्रारंभिक देखभाल पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

    उन्होंने कहा कि आंगन मिलन के माध्यम से परिवार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और स्वास्थ्यकर्मी एक साथ बैठकर बच्चों के पोषण, गर्भवती माताओं की देखभाल, एनीमिया, टीकाकरण और स्वच्छता जैसे विषयों पर संवाद कर रहे हैं। यह पहल स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    मुख्यमंत्री ने मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को पहुंचाने में इनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इनकी सेवा और समर्पण के कारण शासन की अनेक योजनाएं घर-घर तक पहुंच रही हैं।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि माताओं-बहनों का सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे पहुंच रही है। यह राशि महिलाओं को अपनी और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक संबल प्रदान कर रही है।

    समय पर जांच कराएं, अपने स्वास्थ्य को भी दें प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री  साय ने मेगा स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित नागरिकों से स्वास्थ्य जांच की सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रक्तचाप, मधुमेह, एनीमिया सहित अनेक बीमारियों की समय रहते पहचान हो जाए तो उनका उपचार अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

    उन्होंने माताओं-बहनों से विशेष रूप से आग्रह किया कि परिवार की देखभाल के साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। स्वस्थ माता ही स्वस्थ परिवार की आधारशिला है और स्वस्थ परिवारों से ही स्वस्थ एवं सशक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।

    रक्तदान करने वाले सेवाभावियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। हमारे द्वारा दिया गया रक्त किसी अनजान जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। समाज के लिए आगे बढ़कर रक्तदान करने वाले युवा और सभी सेवाभावी अभिनंदन के पात्र हैं।

    मदकू की विरासत को विकास और पर्यटन से जोड़ेंगे

    मुख्यमंत्री  साय ने मदकू द्वीप के ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत हमारी पहचान और हमारा गौरव है। इसका संरक्षण करने के साथ इसे नई पीढ़ी से जोड़ना भी हमारी जिम्मेदारी है। मदकू द्वीप में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से इसकी विशिष्ट पहचान को और मजबूती मिलेगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी विकसित होंगे।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। मदकू द्वीप जैसे महत्वपूर्ण स्थलों को संरक्षित करते हुए यहां आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, ताकि प्रदेश और देश के अधिक से अधिक लोग छत्तीसगढ़ की इस समृद्ध धरोहर से परिचित हो सकें।

    स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और जनसुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं

    मुख्यमंत्री  साय ने सरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ट्रॉमा सेंटर प्रारंभ करने तथा पिपर डोल और लमती की प्राथमिक शालाओं को मिडिल स्कूल में उन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने ताला महोत्सव और मदकू द्वीप उत्सव के आयोजन के लिए 15-15 लाख रुपये तथा पथरिया के अवंती बाई लोधी कॉलेज में रानी अवंती बाई लोधी की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने मदकू द्वीप में इको टूरिज्म सेंटर की स्थापना के लिए 75 लाख रुपये, भाटापारा में इनडोर स्टेडियम निर्माण और भाटापारा क्षेत्र के 10 गांवों में प्रत्येक गांव में 10 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण की घोषणा की।

    उन्होंने मदकू और तुमाढेठा में 33 केवी सब स्टेशन स्थापित करने, चंदखुरी की कोर बस्ती में भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपये तथा मदकू में सामुदायिक भवन निर्माण की भी घोषणा की।

    68.96 करोड़ रुपये के 21 विकास कार्यों की सौगात

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने 34 करोड़ 77 लाख 19 हजार रुपये की लागत से पूर्ण कार्यों का लोकार्पण और 34 करोड़ 19 लाख 77 हजार रुपये की लागत के नए कार्यों का शिलान्यास किया।

    लोकार्पित कार्यों में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत लोरमी विधानसभा क्षेत्र में 20 करोड़ 07 लाख 61 हजार रुपये के आठ कार्य तथा बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में 10 करोड़ 68 लाख 06 हजार रुपये का एक कार्य शामिल है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा पुलिस विभाग के कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।

    शिलान्यास किए गए कार्यों में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के तहत मुंगेली विधानसभा क्षेत्र में 8 करोड़ 04 लाख 63 हजार रुपये का एक कार्य शामिल है। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत मुंगेली विधानसभा क्षेत्र में 20 करोड़ 88 लाख 29 हजार रुपये के तीन तथा बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में 4 करोड़ 83 लाख 85 हजार रुपये के दो कार्यों की आधारशिला रखी गई। बिल्हा क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के 43 लाख रुपये के कार्य का भी शिलान्यास किया गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विकास कार्यों से मुंगेली, लोरमी और बिल्हा विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य अधोसंरचना और अन्य जनसुविधाओं का विस्तार होगा तथा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

    विकास के साथ विरासत का संरक्षण भी प्राथमिकता : केंद्रीय राज्यमंत्री  तोखन साहू

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री  तोखन साहू ने समाजसेवी स्वर्गीय  शांताराम सराफ को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भी उनका स्मरण किया।

    केंद्रीय राज्यमंत्री  साहू ने कहा कि स्वर्गीय  शांताराम सराफ ने मदकू द्वीप के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को सामने लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके प्रयासों से यहां उत्खनन कार्य हुआ और इस क्षेत्र के प्राचीन इतिहास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के साथ अपनी विरासत को सहेजने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के मार्ग पर चलते हुए गरीब कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

    मदकू द्वीप की प्राचीन विरासत को मिलेगी नई पहचान : उप मुख्यमंत्री  अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि मदकू द्वीप छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत को अपने भीतर समेटे हुए है और यह 11वीं सदी का महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र रहा है। राज्य सरकार मदकू द्वीप के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से भी इसके विकास को सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में सम्मानित सभी सेवाभावियों को बधाई दी।

    पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक  धरमलाल कौशिक ने कहा कि स्वर्गीय  शांताराम सराफ ने मदकू द्वीप के विकास और इसकी ऐतिहासिक पहचान को स्थापित करने के लिए उल्लेखनीय कार्य किया। उनके कार्यों को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। 

    इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री  तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, पूर्व राज्यपाल  रमेश बैस, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री  दयाल दास बघेल, वाणिज्य एवं उद्योग तथा जिले के प्रभारी मंत्री  लखन लाल देवांगन, बिल्हा विधायक  धरमलाल कौशिक, बिलासपुर विधायक  अमर अग्रवाल, बेलतरा विधायक  सुशांत शुक्ला, मुंगेली विधायक  पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष  कांत पांडेय, गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष  राजीव लोचन महाराज सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    कार्यक्रम में बिलासपुर राजस्व संभाग के संभागायुक्त  सुनील जैन, बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक  राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर  अमृत विकास तोपनो, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  भोजराम पटेल सहित संबंधित अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • होर्मुज में अमेरिकी लेजर सिस्टम का इस्तेमाल, ड्रोन-मिसाइलों पर निशाना

    होर्मुज में अमेरिकी लेजर सिस्टम का इस्तेमाल, ड्रोन-मिसाइलों पर निशाना

    तेहरान 
    अमेरिकी सैन्य बल अब लेजर सिस्टम का इस्तेमाल असल मुकाबले में करने लगे हैं. पेंटागन ने पुष्टि की है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी ड्रोन और आने वाली क्रूज मिसाइलों को लेजर से मार गिराया जा रहा है. पारंपरिक इंटरसेप्टर मिसाइलों की तुलना में इसकी लागत बहुत कम है।  एक पारंपरिक मिसाइल लाखों डॉलर की पड़ती है जबकि लेजर शॉट की कीमत बिजली के खर्च जितनी ही होती है. इसी वजह से यह तकनीक आकर्षक बन गई है. उसी समय अमेरिकी दक्षिणी सीमा पर कार्टेल द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ड्रोनों के खिलाफ भी इस तकनीक का परीक्षण चल रहा है। ड्रग तस्करी और निगरानी के लिए छोटी ड्रोनें लगातार समस्या बन रही थीं. लेजर सिस्टम इन्हें तेजी से और कम खर्च में नष्ट कर सकता है. दशकों के शोध और विकास के बाद लेजर हथियार अब प्रयोगशाला से निकलकर युद्ध के मैदान तक पहुंच गए हैं। 

    लेजर सिस्टम कैसे काम करता है?
    उच्च ऊर्जा लेजर एक शक्तिशाली किरण पैदा करता है जो लक्ष्य पर टारगेट किया जाता है. टारगेट जला जाता है. उसके सेंसर और संरचना को नुकसान पहुंचाती है. ड्रोन या मिसाइल जैसे छोटे और तेज लक्ष्यों के खिलाफ यह बहुत प्रभावी साबित हो रहा है. पारंपरिक हथियारों में गोला-बारूद सीमित होता है लेकिन लेजर के लिए सिर्फ बिजली की जरूरत होती है. जहाज या जमीनी वाहन पर लगे जनरेटर से यह लगातार काम कर सकता है। 

    आर्मी ने वार-रेडी यानी युद्ध के लिए तैयार हाई एनर्जी लेजर सिस्टम के लिए 50 करोड़ डॉलर का ठेका दिया है. यह ठेका दिखाता है कि अब यह तकनीक सिर्फ प्रयोग नहीं बल्कि वास्तविक तैनाती के चरण में पहुंच चुकी है. दिलचस्प बात यह है कि ऑपरेटर इन्हें निशाना बनाने के लिए रीकॉन्फिगर्ड एक्सबॉक्स कंट्रोलर का इस्तेमाल कर रहे हैं. गेमिंग कंट्रोलर सस्ते, आसानी से उपलब्ध और सैनिकों के लिए परिचित होते हैं. इससे ट्रेनिंग का समय भी कम लगता है। 

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विश्व का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है. यहां ईरानी ड्रोन और मिसाइलों का खतरा लगातार बना रहता है. पारंपरिक रक्षा प्रणालियां महंगी पड़ती हैं. स्टॉक भी सीमित होता है. लेजर सिस्टम इस समस्या का समाधान पेश करता है. यह न सिर्फ ड्रोन बल्कि कम ऊंचाई पर आने वाली क्रूज मिसाइलों को भी निशाना बना सकता है. लागत कम होने से लंबे समय तक लगातार रक्षा संभव हो जाती है।   

    दक्षिणी सीमा पर स्थिति अलग है. यहां मुख्य चुनौती छोटी और कम ऊंचाई पर उड़ने वाली ड्रोनें हैं जो तस्करी के लिए इस्तेमाल होती हैं. पारंपरिक हथियार इनके खिलाफ बेकार साबित होते हैं. लेजर सटीक और कम कोलेटरल डैमेज वाला विकल्प देता है. दोनों जगहों पर परीक्षण और असल इस्तेमाल से सेना को अनुभव मिल रहा है कि अलग-अलग परिस्थितियों में यह तकनीक कितनी कारगर है।  

    फायदे और चुनौतियां
    सबसे बड़ा फायदा लागत का है. एक लेजर शॉट की कीमत कुछ डॉलर में सिमट जाती है जबकि एक इंटरसेप्टर मिसाइल कई लाख डॉलर की हो सकती है. दूसरा फायदा गति का है. लेजर प्रकाश की गति से चलता है इसलिए चकमा देना मुश्किल होता है. तीसरा फायदा यह कि गोला-बारूद खत्म होने की चिंता नहीं रहती। 

    फिर भी चुनौतियां बाकी हैं. खराब मौसम, धूल,धुंध या बारिश लेजर की प्रभावशीलता कम कर सकती है. उच्च ऊर्जा सिस्टम को ठंडा रखने के लिए अच्छी कूलिंग व्यवस्था चाहिए. बिजली की निरंतर आपूर्ति भी जरूरी है. इन सीमाओं के बावजूद तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है और सेना इसे व्यावहारिक बना रही है।   

    निर्देशित ऊर्जा हथियार भविष्य के युद्ध की तस्वीर बदल सकते हैं. ड्रोन स्वार्म यानी झुंड में आने वाले कई ड्रोनों के खिलाफ पारंपरिक हथियार अपर्याप्त साबित हो सकते हैं. लेजर एक के बाद एक लक्ष्य को तेजी से निपटा सकता है. समुद्री जहाजों, जमीनी ठिकानों और यहां तक कि विमानों पर भी इनकी तैनाती बढ़ने की उम्मीद है।  

    एक्सबॉक्स कंट्रोलर जैसी आम चीजों का इस्तेमाल बताता है कि सेना व्यावहारिक और सस्ते समाधान अपना रही है. इससे न सिर्फ लागत घटती है बल्कि सैनिकों के लिए सिस्टम संचालित करना आसान हो जाता है. पेंटागन का जोर इस बात पर है कि दशकों की रिसर्च अब असली नतीजे दे रही है। 

    कुल मिलाकर अमेरिकी सेना का लेजर सिस्टम इस्तेमाल करना सैन्य तकनीक में एक बड़ा बदलाव है. होर्मुज से लेकर दक्षिणी सीमा तक इसका प्रयोग साबित करता है कि निर्देशित ऊर्जा हथियार अब कल्पना नहीं बल्कि हकीकत बन चुके हैं. आने वाले वर्षों में इनकी संख्या और क्षमता दोनों बढ़ने वाली हैं. यह विकास न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया की सैन्य रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है। 

  • MP में 50 हजार कर्मचारियों के प्रमोशन की तैयारी, जनवरी 2027 से प्रक्रिया

    MP में 50 हजार कर्मचारियों के प्रमोशन की तैयारी, जनवरी 2027 से प्रक्रिया

    भोपाल 

    भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को निर्देश दिए हैं कि जनवरी 2027 से शुरू होने वाले पदोन्नति के दूसरे चरण की तैयारियां जल्द पूरी की जाएं। इस चरण में मुख्य रूप से उन अधिकारियों और कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके सेवानिवृत्त होने में केवल 1 से 2 साल का समय बचा है। सरकार का उद्देश्य विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के जरिए इन कर्मचारियों का प्रमोशन सुनिश्चित करना है, ताकि कानूनी विवादों के कारण कोई भी कर्मचारी अपने हक के प्रमोशन से वंचित न रह जाए।

    लंबित प्रमोशन होंगे पूरे
    नियमों के मुताबिक हर 5 साल में पदोन्नति का प्रावधान है, लेकिन 2016 से चले आ रहे कानूनी विवाद के कारण कर्मचारियों को 10 साल बाद 2026 में पहला प्रमोशन मिल सका। अब दूसरा प्रमोशन भी बकाया हो चुका है, जिसे जनवरी से डीपीसी कर नियमित किया जाएगा।

    इन पदों को मिलेगा लाभ
    प्रशासनिक कैडर में ग्रेड-2 से ग्रेड-
    1, सेक्शन ऑफिसर से अवर सचिव, अवर सचिव से डिप्टी सेक्रेटरी तथा सहायक संचालक से अतिरिक्त संचालक स्तर तक के पद शामिल हैं। वहीं इंजीनियरिंग सेक्शन में असिस्टेंट इंजीनियर से लेकर ईएनसी (Engineer-in-Chief) तक के पदों पर पदोन्नति मिलेगी। मध्य प्रदेश विधानसभा ने दूसरे चरण के प्रमोशन को लेकर अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं।

    पदोन्नति के आंकड़े और शिक्षकों की स्थिति
    चालू वर्ष में जुलाई से लेकर अब तक लगभग 1 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति दी जा चुकी है। हालांकि अभी भी विभिन्न कारणों से करीब 50 हजार प्रमोशन अटके हुए हैं। कुल अटके मामलों में सबसे बड़ी संख्या शिक्षा विभाग की है, जहां शिक्षक पात्रता परीक्षा के कारण 30 हजार शिक्षकों के प्रमोशन रुके हुए थे। विभाग ने इसका समाधान निकाल लिया है और दिसंबर से पहले इन शिक्षकों को पदोन्नत करने की योजना है।

    सीपीसीटी में जल्द मिलने जा रही राहत
    चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के प्रमोशन में परेशानी बनी सीपीसीटी परीक्षा की अनिवार्यता में राहत जल्द ही मिलने जा रही है. सामान्य प्रशासन विभाग इसको लेकर आदेश जारी करने जा रहा है. सीपीसीटी परीक्षा न होने से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का प्रमोशन तृतीय श्रेणी में नहीं हो पा रहा था, इसको देखते हुए पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसमें राहत देने का ऐलान किया था। 

     

  • सेवा-संकल्प माह में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर प्रदेश के लिए बनी ऐतिहासिक

    सेवा-संकल्प माह में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर प्रदेश के लिए बनी ऐतिहासिक

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी की उपस्थिति में प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश सुगम परिवहन सेवा की सौगात देकर आज के दिन को ऐतिहासिक बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सात शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम के बाद स्वयं भेल दशहरा मैदान से टिकिट लेकर बस से ही मुख्यमंत्री निवास पहुंचे।

    3500 से अधिक मार्गों पर 15 हजार से अधिक बसों का चरणबद्ध रूप से होगा विस्तार

    प्रदेशवासियों को सुगम, सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू की जा रही है। इस सेवा से शहरी ग्रामीण क्षेत्रों में बस कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। प्रदेश की 75% ग्राम पंचायतों तक परिवहन सेवा का विस्तार होगा। इस इण्टरसिटी और इण्टर स्टेट बस सेवा के अंतर्गत अगले 5 वर्षों में 3500 से अधिक मार्गों पर 15 हजार से अधिक बसों का चरणबद्ध विस्तार होगा। पूरे प्रदेश में नगरों, छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों तक आम आदमी के लिए सफर आसान होगा। यह ऐसा एकीकृत परिवहन तंत्र है जो यात्रा के समय को कम करेगा और सफर को अधिक सुगम बनाएगा। पूरे प्रदेश में आधुनिक-सुविधाजनक बस स्टॉप, बस टर्मिनल और निजी बस ऑपरेटरों के लिए बस डिपो विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में ऑनलाइन टिकटिंग, ईवी और सीएनजी बसों को प्राथमिकता देते हुए पर्यावरण अनुकूल आधुनिक बसें, शामिल होंगी। यात्री फीडबैक के आधार पर शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 24×7 कस्टमर केयर सुविधा रहेगी।

    कार्यक्रम स्थल से बसों को झंडी दिखाकर किया रवाना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के भेल दशहरा मैदान पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुआ। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई बस सेवा पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री  गडकरी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के संचालन के लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के प्रबंध संचालक  मनीष सिंह तथा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल के निर्देशक प्रोफेसर डॉ. कैलाश राव एम के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री  गडकरी ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत बसों का सिंगल क्लिक से लोकार्पण किया तथा कार्यक्रम स्थल से बसों का झंडी दिखाकर रवाना किया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, भोपाल के प्रभारी मंत्री  चैतन्य काश्यप, सहकारिता मंत्री  विश्वास सारंग, राज्य मंत्री कृष्णा गौर उपस्थित थी।

    जनता की सेवा के संकल्प की पूर्ति में लिखा गया नया अध्याय

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भेल दशहरा मैदान पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मोत्सव 17 सितंबर से 17 अक्टूबर के अवसर पर सेवा संकल्प माह और एकात्म मानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर 21 साल बाद मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन बस सेवा पुन: शुरू हो रही है। जनता की सेवा के संकल्प की पूर्ति का नया अध्याय लिखा गया है। हमारी सड़क परिवहन सेवाओं का लाभ प्रदेश के दूर-दराज स्थित जनजातीय क्षेत्रों को भी मिलेगा। गरीब और जरुरतमंदों के लिए प्रदेश सरकार ने सेवा का संकल्प लिया है। केंद्रीय मंत्री  गडकरी के माध्यम से प्रदेश में सड़कों और हाईवे का जाल बिछ रहा है।

    यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए हैं विशेष व्यवस्था

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन के एक आधुनिक और यूनिक मॉडल की शुरुआत हो रही है। बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, पैनिक बटन, इमरजेंसी डोर, जीपीएस मॉनिटरिंग, ऑनलाइन टिकटिंग, शिकायतों के समाधान सहित कई प्रकार से मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। बस ड्राइवरों की ट्रेनिंग और सुरक्षा के प्रबंधन भी किए गए हैं। वर्ष 2029 तक सभी रूटों पर भगवा रंग की बसें दौड़ती नजर आएंगी, जो प्रमुख शहरों के साथ देश के प्रमुख तीर्थस्थलों और महानगरों तक आवागमन को सुगम बनाएंगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बस स्टैंड, बस स्टॉप और चार्जिंग स्टेशनों के साथ सुव्यवस्थित नियंत्रण प्रणाली भी लागू की गई है।

    प्रदेशवासियों की आशा और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त हुए बालाघाट जिले को नई सौगात मिलने जा रही है। हमारी सरकार ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और शांति के लिए चुनौती बने सभी संकटों को समाप्त किया है। हमारी सरकार ने भोपाल से यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ट का समुचित प्रबंधन करते हुए निष्पादन किया है। प्रदेशवासियों की आशा और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सभी मंत्रीगण संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने बिजली, पानी, सड़क और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है।

    सभी क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार और नौकरी के उपलब्ध हैं अवसर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। सभी क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार और नौकरी के अवसर दिए गए हैं। पिछले एक साल में 85 हजार से अधिक शासकीय पदों पर भर्ती की गई है। गुरूवार 24 सितम्बर को ही खनिज विभाग के निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। पुलिस विभाग में 18 हजार पद, शिक्षक भर्ती और असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। प्रदेश सरकार मौजूदा वर्ष में एक लाख शासकीय पदों पर भर्ती करेगी। दूसरी ओर, किसान कल्याण वर्ष में प्रदेशवासियों को दो नदी जोड़ो अभियान केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना की सौगात मिली है। प्रदेश में गरीब-जरूरतमंदों को एयर एंबुलेंस की सुविधा मिल रही है। गरीब से गरीब की जान बचाना हमारी सरकार का संकल्प है।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों के लिए होगी लाभप्रद

    केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  गडकरी ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा का मार्ग दिखाया। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा की शुरुआत का यह निर्णय मध्यप्रदेश की जनता के लिए आवागमन सुविधाओं को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका लाभ प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों को भी मिलेगा। प्रदेश में राज्य परिवहन सेवा का एक दौर ऐसा भी था, जब बसों में घंटी छोड़कर सब बजता था। मध्यप्रदेश सरकार ने नवाचारी विचार के साथ सार्वजनिक परिवहन को दोबारा शुरू किया है। मध्यप्रदेश को 972 पीएम-ई बसें मिली हैं। मध्यप्रदेश में 25 हजार इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाने की आवश्यकता है। मध्यप्रदेश में अभी 8 व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर हैं,अभी 21 और शुरू करने की आवश्यकता है। प्रदेश में 6 और ऑपरेशनल टेस्टिंग सेंटर खोलने के लिए स्वीकृति दी गई है। प्रदेश में 29 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्वीकृत हैं। अब 61 सेंटर और दिए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री  गडकरी ने कहा कि कैब एग्रीगेटर्स के साथ जुड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाने की बहुत अधिक संभावनाएं हैं। राज्य सरकारों को इस दिशा में कार्य करना होगा, मध्यप्रदेश में इस पहल से 40 से 50 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।

    देश में 22 लाख करोड़ रुपए के पेट्रोल-डीजल और गैस आयात को कम करना हमारा मिशन

    केंद्रीय मंत्री  गडकरी ने कहा कि अब बेहतर शासन संचालन का मूल्यांकन सुखांक की गणना के आधार पर हो रहा है। हमारी सरकार जनता को अच्छी सड़कें, पानी, भोजन, स्वास्थ्य की सुविधा के माध्यम से खुशी जीवन देने की दिशा में कार्य कर रही है। बेहतर सड़कों का निर्माण भी इसी दिशा में एक प्रयास है। इसी दिशा में हम प्रदूषण को कम करना चाहते हैं। देश में 22 लाख करोड़ रुपए का पेट्रोल-डीजल और गैस आयात होता है। इसे कम करने को ही मैंने अपना मिशन बनाया है। मुझे देश में पहली इलेक्ट्रिस बस, कार, इलेक्ट्रिक स्कूटर और ऑटो को झंडी दिखाने का सौभाग्य मिला है। देश में फ्लेक्स इंजन के साथ वाहन तैयार किए जा रहे हैं। इनमें इथेनॉल को ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। दुनिया के कई देशों में इथेनॉल मिश्रित ईंधन से गााड़ियां चलती हैं। भारत में वर्ष 2022 से पेट्रोल में इथेनॉल को मिलाकर फ्यूल डाला जा रहा है। अभी देशभर में 4 करोड़ फोर व्हीलर और 20 करोड़ टू-व्हीलर में यह फ्लूड डाला जा रहा है। एक रिपोर्ट में सामने आया है कि इथेनॉल के इस्तेमाल से वाहन को नुकसान नहीं होता, बल्कि गाड़ी का एवरेज भी बढ़ा है। देश का किसान अब अन्नदाता से ऊर्जादाता भी बना है।

    इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सहित अन्य वैकल्पिक ईधन की व्यवस्था आवश्यक

    केंद्रीय मंत्री  गडकरी ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से पेट्रोल-डीजल का खर्च बचता है। गरीबों को इलेक्ट्रिक एयरकंडीशन बसों की सुविधाएं मिलनी चाहिए। इन बसों का किराया डीजल बसों की तुलना में 30 प्रतिशत कम होना चाहिए, यह हमारा सपना है। देश में 10 रूट्स पर हाइड्रोजन से चलने वाली बसें चलाने की पहल की गई है। अब सभी ऑटोमोबाइल कंपनियां फ्लेक्स फ्यूल इंजन के साथ वाहन तैयार करेंगे, जिनमें 100 प्रतिशत इथेनॉल का इस्तेमाल किया जाएगा। अब देश को 22 लाख करोड़ का पेट्रोल-डीजल आयात नहीं करना पड़ेगा। देश के किसान मक्का से इथेनॉल तैयार करेंगे और प्रदूषण का स्तर घटेगा। उत्तर प्रदेश और बिहार में किसानों को मक्का का भाव 2600 रुपए मिल रहा है। वैकल्पिक ईधन की व्यवस्था से ही देश में आर्थिक स्वावलंबन का मॉडल बनेगा।

    सिटी बसों को दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की सुविधा को देखते किया गया डिजाइन

    केंद्रीय मंत्री  गडकरी ने कहा कि तकनीक के जरिए हम वेस्ट को वेल्थ में बदल सकते हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर में हमने जापान को पीछे छोड़कर दुनिया में तीसरा स्थान हासिल किया है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था को अगले साल में तीसरे स्थान पर लेकर जाना है। इसमें ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की भूमिका सबसे अहम होगी। देश में ई-बसों के निर्माण के लिए वर्ल्ड क्लास बॉडी स्ट्रक्टर कोड लागू किया गया है। अब बसों का रजिस्ट्रेशन टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जांच करने के बाद किया जाएगा। अब चेक लिस्ट के भौतिक और वीडियो सत्यापन के बाद ही बसों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। आरटीओ ऑफिस की 17 सेवाओं को डिजिटल कर दिया गया है। हमारी सरकार ने सभी सिटी बसों को दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की सुविधा को देखते हुए डिजाइन तैयार किए हैं।

    आज प्रदेश के नागरिकों का सपना हो रहा है पूरा

    परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के जरिए प्रदेश के नागरिकों का सपना पूरा हो रहा है। पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री  गडकरी के द्वारा 351 इंटरसिटी एवं इंट्रासिटी बसों की सौगात मिली है। प्रदेश में 21 साल बाद फिर से राज्य परिवहन सेवा की शुरुआत हो रही है। लंबे समय से इसकी मांग की जा रही है। प्रदेश के इतिहास में आज का ऐतिहासिक दिन है। प्रदेशवासियों के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा महत्वपूर्ण है। इसमें बस मालिकों के हितों का भी ध्यान रखा गया है।

    लोकपथ ऐप नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर बन गया है

    लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने कहा कि प्रदेश में परिवहन सुविधा के क्षेत्र में आज स्वर्णिम दिन है। यह सर्वसुविधायुक्त बसें यात्रियों के लिए बड़ी सौगात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कनेक्टिविटी, मोबिलिटी, पर्यावरण संरक्षण के साथ सुगम यातायात सुविधा देने वाले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। लोक निर्माण विभाग सभी विभागों के साथ समन्वय करते हुए कार्य कर रहा है। विभाग ने सड़कों के गड्ढे सुधारने के लिए लोकपथ ऐप बनाया है, जो नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर भी बन चुका है। लोकपथ ऐप पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की बसों की समय सारणी भी उपलब्ध होगी। केंद्रीय मंत्री  गड़करी ने प्रदेश में जारी हाइवे प्रोजेक्ट्स के निर्माण कार्यों की समीक्षा की है। उन्होंने शहपुरा टोल नाके को अस्थाई रूप से बंद करने को मंजूरी दी है।

    शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बस कनेक्टिविटी होगी मजबूत

    प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक  हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर सेवा कार्य के रूप में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत हो रही है। इसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बस कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना तथा नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। केंद्रीय मंत्री  गडकरी ने प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया है और अब यह परिवहन सेवा प्रदेश की ग्राम पंचायतों को भी शहरों से जोड़ेगी। प्रदेश के किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं सहित सभी लोगों को बस सेवा का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में भोपाल महापौर मालती राय, विधायक  रामेश्वर शर्मा,  विष्णु खत्री,  भगवान दास सबनानी उपस्थित थे।

     

  • उप मुख्यमंत्री ने दर्रीपारा के आंगनबाड़ी केंद्र में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का किया शुभारंभ

    उप मुख्यमंत्री ने दर्रीपारा के आंगनबाड़ी केंद्र में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का किया शुभारंभ

    फूल लेकर आए नन्हे कदम, उप मुख्यमंत्री ने बच्चों को गोद में उठाया, बच्चों की मासूमियत ने जीता दिल

    दर्रीपारा कवर्धा के आंगनबाड़ी केंद्र में ‘आंगन मिलन सेवा’ में बच्चों से घुले-मिले उप मुख्यमंत्री

    उप मुख्यमंत्री ने दर्रीपारा के आंगनबाड़ी केंद्र में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का किया शुभारंभ

    उत्कृष्ट कार्य करने वाली माताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का किया सम्मान

    रायपुर
     आंगनबाड़ी केंद्र में जब दो-तीन साल के नन्हे बच्चे फूल लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के स्वागत के लिए आगे बढ़े, तो माहौल में सहज अपनापन दिखाई दिया। किसी बच्चे के हाथ में फूल था तो किसी के हाथ में अपनी बनाई हुई चित्रकारी। बच्चों ने मासूमियत से उप मुख्यमंत्री को फूल भेंट किए। शर्मा भी बच्चों के बीच पहुंचे और उनके साथ ऐसे घुल-मिल गए, जैसे परिवार के किसी बड़े के साथ बच्चे सहज होकर बातें करते हैं। उन्होंने बच्चों को गोद में उठाया, उनसे बातचीत की, तस्वीरें खिंचवाईं और उन्हें खिलौने व चॉकलेट भेंट किए।

           सेवा संकल्प अभियान के तहत कबीरधाम जिले के जिला मुख्यालय कवर्धा के आंगनबाड़ी केंद्र दर्रीपारा में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों और महिलाओं के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां आकर बिल्कुल घर जैसा माहौल महसूस हो रहा है। बच्चों की मासूमियत और उनका उत्साह देखकर मन प्रसन्न हो गया।

    नन्हे हाथों की चित्रकारी में दिखी बड़ी सोच

           बच्चों द्वारा बनाई गई चित्रकारी ने उप मुख्यमंत्री का विशेष ध्यान खींचा। नन्हे हाथों से बनाए गए चित्रों को देखकर उन्होंने बच्चों की रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे छोटी उम्र में ही कितनी अच्छी तरह सोचकर चित्र बना रहे हैं। एक बच्चे द्वारा सैनिक, भगवान शंकर और तिरंगे से जुड़ा चित्र बनाए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चे ने जिस तरह अपने विचार को चित्र के माध्यम से व्यक्त किया, वह बहुत बड़ी बात है। बच्चों की चित्रकारी को देखते हुए उप मुख्यमंत्री ने अपने बचपन को भी याद किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को इस उम्र में इस तरह अपनी सोच को चित्रों के माध्यम से व्यक्त करते देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने बच्चों, माताओं-बहनों, अभिभावकों और महिला एवं बाल विकास विभाग को शुभकामनाएं दीं।

    माताओं के हाथों में आई राशि से बेटियों का भविष्य संवर रहा

           उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कार्यक्रम में ‘महतारी वंदन योजना’ की राशि के उपयोग की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि वे योजना से मिलने वाली राशि को अपनी बेटियों के भविष्य के लिए ‘सुकन्या समृद्धि योजना’, ‘नोनी सुरक्षा योजना’ सहित अन्य जरूरतों में उपयोग कर रही हैं। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि माताओं के हाथ में राशि पहुंचती है तो उसका सदुपयोग ही होता है। कई माताएं इस राशि को अपनी बेटियों के भविष्य के लिए जमा कर रही हैं, तो कुछ परिवार की जरूरतों में इसका उपयोग कर रही हैं। यह इस बात का उदाहरण है कि महिलाओं के हाथ में पहुंची आर्थिक सहायता परिवार के भविष्य को मजबूत करने में उपयोगी साबित हो रही है।

    बच्चों की मुस्कान और महिलाओं की प्रतिभा बनी कार्यक्रम की पहचान

         कार्यक्रम में बच्चों के लिए चित्रकला तथा महिलाओं के लिए रंगोली, मेहंदी और पारंपरिक व्यंजन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। महिलाओं ने उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उप मुख्यमंत्री ने रंगोली, मेहंदी और पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा ‘महतारी वंदन योजना’ की राशि का उपयोग उपयोगी कार्यों और भविष्य की योजनाओं में करने वाली माताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। लाभार्थी लक्ष्मी साहू और नंद रानी साहू ने योजना से मिले सहयोग के अपने अनुभव साझा किए।

  • मुख्यमंत्री ने कहा – शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति से होता है जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण

    मुख्यमंत्री ने कहा – शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति से होता है जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण

    ‘वंदे मातरम्’  मां भारती की वंदना और राष्ट्रीय चेतना का स्वर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मुख्यमंत्री साय ने स्कूली बच्चों के साथ किया ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन, राष्ट्रभक्ति से गूंज उठा विद्यालय परिसर

    सरस्वती शिशु मंदिर के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने की 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा

    विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री का आह्वान – बड़ा सपना देखें, लक्ष्य तय करें और पूरी लगन से उसे हासिल करने के लिए आगे बढ़ें

    मुख्यमंत्री ने कहा – शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति से होता है जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण

    दूरस्थ अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर सुविधाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता

    रायपुर, 
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सामूहिक गायन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं, आचार्यों और उपस्थित नागरिकों के साथ ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। एक स्वर और एक लय में गूंजे ‘वंदे मातरम्’ से पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से सराबोर हो उठा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने सरस्वती शिशु मंदिर के विकास के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि मां भारती की वंदना, राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना का सशक्त स्वर है। स्वतंत्रता संग्राम के कठिन दौर में इस गीत ने देशवासियों के भीतर स्वाधीनता की चेतना जगाई और असंख्य क्रांतिकारियों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने की प्रेरणा दी। ‘वंदे मातरम्’ का उद्घोष स्वतंत्रता सेनानियों के लिए राष्ट्रप्रेम, साहस और संकल्प की अभिव्यक्ति बन गया था।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने का यह अवसर हमें अपने गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और उनके त्याग एवं बलिदान को स्मरण करने का अवसर देता है। इसके साथ ही यह नई पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का बोध कराने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज विद्या भारती के आह्वान पर देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों और नागरिकों द्वारा सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में एक साथ मां भारती की वंदना राष्ट्रीय एकता और चेतना का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को ‘वंदे मातरम्’ के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका से परिचित कराने के साथ उनके भीतर राष्ट्रप्रेम एवं कर्तव्यबोध की भावना को और मजबूत करते हैं।

    दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी मिल रहे आगे बढ़ने के बेहतर अवसर

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के हर बच्चे को, चाहे वह शहर में रहता हो या बस्तर-सरगुजा के किसी सुदूर अंचल में, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपनी प्रतिभा को निखारने के समान अवसर मिलें। इसके लिए प्रदेशभर में शैक्षणिक सुविधाओं और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध संसाधनों का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि संसाधनों के अभाव में प्रदेश के किसी भी प्रतिभाशाली बच्चे की आगे बढ़ने की राह न रुके।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल में विद्यार्थियों के लिए सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई है। उन्होंने कहा कि वहां अध्ययनरत छत्तीसगढ़ के 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और आगे बढ़ने की क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सही अवसर, मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर छत्तीसगढ़ के हमारे बच्चे देश के किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम हैं।

    शिक्षा केवल ज्ञान नहीं, चरित्र और जिम्मेदार नागरिक के निर्माण का माध्यम

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान या डिग्री प्राप्त करना नहीं है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो ज्ञान के साथ संस्कार दे, अनुशासन सिखाए, चरित्र का निर्माण करे और बच्चों में समाज तथा राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करे। संस्कारवान और राष्ट्रभक्त युवा ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव बनते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्या भारती के विद्यालय लंबे समय से शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, सामाजिक दायित्व और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य निर्माण में समर्पित सभी आचार्यों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि बच्चों के जीवन को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण दायित्व भी निभाते हैं।

    “बड़ा सपना देखिए और आज से ही उसके लिए मेहनत शुरू कीजिए”

    मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि आप सभी देश और छत्तीसगढ़ का भविष्य हैं। आने वाले वर्षों में देश और समाज की जिम्मेदारी आपके कंधों पर होगी। इसलिए जीवन में बड़ा सपना देखिए, अपना लक्ष्य तय कीजिए और उसे प्राप्त करने के लिए पूरी लगन, अनुशासन और ईमानदारी से मेहनत कीजिए।

    उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि कोई कलेक्टर, एसपी, डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक अथवा किसी अन्य क्षेत्र में जाकर देश और समाज की सेवा करना चाहता है तो अपने लक्ष्य को अभी से स्पष्ट करे और उसकी तैयारी शुरू कर दे। जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर परिश्रम से कठिन से कठिन लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी शिक्षा और व्यक्तिगत सफलता को राष्ट्र एवं समाज की प्रगति से जोड़कर देखें। अपने जीवन में जो भी दायित्व मिले, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएं तथा अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज और देश की सेवा में करें।

    छत्तीसगढ़ में 1500 स्थानों पर पांच लाख लोगों ने किया सामूहिक गायन

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माणिक लाल साहू ने कहा कि विद्या भारती के आह्वान पर देशभर में 25 हजार स्थानों पर लगभग एक करोड़ लोगों द्वारा एक साथ ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भी लगभग 1500 स्थानों पर पांच लाख लोगों ने इस आयोजन में सहभागिता की। मां सरस्वती बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नीलेश अग्रवाल ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की राष्ट्रीय चेतना, त्याग और गौरव की अभिव्यक्ति है। उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व-बोध और नागरिक कर्तव्य जैसे पंच परिवर्तन को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति और समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन से ही सशक्त राष्ट्र के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता है।

    कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, राजीव लोचन महाराज, मयंक बैस, राघवेंद्र सिंह ठाकुर, अजय कुलश्रेष्ठ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, आचार्यगण, विद्यालय परिवार के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • आयुष्मान भारत योजना में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, केंद्रीय मंत्री ने किया सम्मानित

    आयुष्मान भारत योजना में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, केंद्रीय मंत्री ने किया सम्मानित

    “स्वास्थ्य सुरक्षा से जनकल्याण” की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रतिष्ठित सम्मान

    पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के निराकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने किया सम्मानित

    मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को दी बधाई, कहा – प्रदेश के प्रत्येक परिवार तक गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हमारा लक्ष्य

    इलाज के अभाव में किसी जरूरतमंद परिवार की उम्मीद न टूटे, यही हमारी प्राथमिकता : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

    दूसरे राज्यों में उपचार लेने वाले छत्तीसगढ़ के हितग्राहियों के लिए पोर्टेबिलिटी सुविधा बन रही बड़ा संबल

    रायपुर 
     आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के प्रभावी क्रियान्वयन और हितग्राहियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया है।

    भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के आठ वर्ष तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित “आरोग्य मंथन 2026” में छत्तीसगढ़ को यह सम्मान प्रदान किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने छत्तीसगढ़ को पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के निराकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। छत्तीसगढ़ की ओर से आयुष्मान भारत योजना के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र गहवई ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।

    इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के किसी भी पात्र नागरिक को आर्थिक कठिनाई के कारण उपचार से वंचित न होना पड़े। बीमारी के समय परिवार को उपचार के साथ आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिले, इसी उद्देश्य से प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत योजना ने देश के करोड़ों जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत भरोसा दिया है। छत्तीसगढ़ में भी इस योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा१ है।

    प्रदेश से बाहर भी उपचार की चिंता नहीं, पोर्टेबिलिटी बनी स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना की पोर्टेबिलिटी सुविधा विशेष रूप से उन नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें रोजगार, कामकाज अथवा अन्य कारणों से अपने गृह राज्य से बाहर रहना पड़ता है या बेहतर उपचार के लिए दूसरे राज्य जाना पड़ता है। इस व्यवस्था के माध्यम से पात्र हितग्राही देश के अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में योजना से संबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जो हितग्राही दूसरे राज्यों में उपचार लेते हैं, उन्हें भी योजना का लाभ सहजता से मिले और उनके क्लेम का निराकरण समय पर हो, इसके लिए राज्य सरकार लगातार व्यवस्था को मजबूत कर रही है। पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के निराकरण में मिला राष्ट्रीय सम्मान इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, चिकित्सकों, अस्पतालों और योजना के क्रियान्वयन से जुड़े सभी लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। यह सम्मान हमें स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ, प्रभावी और हितग्राही-केंद्रित बनाने की प्रेरणा देगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि “स्वास्थ्य सुरक्षा से जनकल्याण” के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ आगे बढ़ रहा है। हमारा प्रयास है कि गंभीर बीमारी किसी परिवार के लिए आर्थिक संकट का कारण न बने और जरूरत के समय प्रत्येक पात्र नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो।

    क्लेम प्रोसेसिंग और तकनीकी निगरानी पर विशेष ध्यान

    प्रदेश में पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के समयबद्ध निराकरण के लिए क्लेम प्रोसेसिंग व्यवस्था, तकनीकी निगरानी, संबद्ध अस्पतालों के साथ समन्वय और लंबित प्रकरणों के निराकरण पर लगातार विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाओं को इस प्रकार सुदृढ़ किया जा रहा है कि उपचार प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को योजना का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

    राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान इस बात को भी रेखांकित करता है कि छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के संचालन के लिए विकसित की गई व्यवस्थाएं लाभार्थी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करने में प्रभावी भूमिका निभा रही हैं।

    हर पात्र परिवार तक पहुंचे आयुष्मान भारत का लाभ : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि प्रदेश में योजना के प्रभावी, पारदर्शी और लाभार्थी-केंद्रित क्रियान्वयन के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों को रेखांकित करती है।

    जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग का निरंतर प्रयास है कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ उनकी गुणवत्ता को भी लगातार बेहतर कर रही है।

    उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अधिकारियों, कर्मचारियों, चिकित्सकों, अस्पतालों और योजना के क्रियान्वयन से जुड़े सभी हितधारकों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। आने वाले समय में क्लेम प्रोसेसिंग की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को और मजबूत किया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार को गुणवत्तापूर्ण, निःशुल्क, समयबद्ध और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

    देशभर में पोर्टेबिलिटी से लाखों हितग्राहियों को मिला उपचार

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश के सभी 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। योजना की पोर्टेबिलिटी सुविधा ने लाभार्थियों के लिए राज्य की सीमाओं से परे भी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    30 जून 2026 तक पोर्टेबिलिटी सुविधा के अंतर्गत देशभर में 29.05 लाख अंतर-राज्यीय अस्पताल प्रवेश अधिकृत किए गए हैं, जिनसे संबंधित अधिकृत राशि 8,383.97 करोड़ रुपये से अधिक है। यह व्यवस्था विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों, रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में रहने वाले नागरिकों और गृह राज्य से बाहर उपचार की आवश्यकता वाले परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो रही है।

    डिजिटल तकनीक से और मजबूत होगा स्वास्थ्य सेवा तंत्र

    “आरोग्य मंथन 2026” में स्वास्थ्य आश्वासन और डिजिटल हेल्थ के अगले चरण को लेकर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

    इस दौरान क्लेम प्रोसेसिंग को अधिक तकनीक-सक्षम बनाने, डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करने तथा स्वास्थ्य डेटा के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग से संबंधित नई पहलों पर चर्चा हुई। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में भविष्य की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया।

  • किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, CM यादव ने तकनीक-नवाचार को बताया अहम

    किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, CM यादव ने तकनीक-नवाचार को बताया अहम

    तकनीक एवं नवाचार से बढ़ायेंगे किसानों का उत्पादन और आमदनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सिंगरौली में हुए बलराम कृषि महोत्सव में किसानों से वीसी से किया संवाद

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के हित में हमारी सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। हम तकनीक और नवाचार के जरिए किसानों का फसल उत्पादन और आमदनी दोनों बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा की सिंगरौली की रत्नगर्भा भूमि में अब प्राकृतिक खेती का तेजी से प्रसार हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस जिले के 3000 से अधिक किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर सिंगरौली जिले को कृषि के मामले में अग्रणी जिला बनायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जाधानी के रूप में मशहूर सिंगरौली जिले को अब प्राकृतिक खेती का बड़ा केंद्र बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को सिंगरौली जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने किसानों को अनंत चतुर्दशी की मंगलकामनाएं भी दीं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कहा कि हम प्रदेश में 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षमता का विस्तार करेंगे। उद्यानिकी का रकबा 30 लाख हेक्टेयर ले जाएगे। खाद्य प्रसंस्‌करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देंगे। एक जिला-एक उत्पाद से स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देंगे। पशुपालन और डेयरी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अंग बनाएगें। उन्होंने कहा कि हम खेती से जुड़े एक लाख किसानों, युवाओं और बेटियों को विशेष प्रशिक्षण देकर प्रदेश में कृषि उद्यमियों की नई पीढ़ी तैयार करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोन और गोपद नदी का संगम स्थल सिंगरौली जिला श्रीअन्न उत्पादन में अग्रणी है। कोदो और सामा यहां की प्रमुख फसलें है। सिंगरौली और डिंडोरी के किसानों की पहल पर ही सरकार ने कोदो-कुटकी की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी का निर्णय लिया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली जिले के प्रगतिशील किसानों से वीसी से संवाद कर उनके द्वारा की जा रही प्राकृतिक खेती, अन्न उत्पादन और विशेषकर हल्दी की खेती के बारे में जानकारी ली। किसानों ने बताया कि परम्परागत खेती के बजाय जैविक खाद के इस्तेमाल से प्राकृतिक खेती में ज्यादा फायदा होता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंगरौली के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीक और नई फसलों को भी अपना रहे हैं। उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी सिंगरौली जिले में काफी संभावनाएं हैं। जिले में आटा मिल, राइस मिल, ऑयल मिल, दुग्ध उत्पाद, बेकरी और खाद्य प्रसंस्‌करण की कई नई इकाइयां स्थापित की गई हैं। सरकार द्वारा किसान भाइयों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए फीडरों का विभक्तिकरण कर दिया गया है। इससे खेती के लिए बिजली की उपलब्धता और भी बेहतर होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी खेती-किसानी में फसल विविधीकरण अपनाएं। उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती में रूचि लें। साथ ही पशुपालन और मछली पालन व्यवसाय से भी जुड़ें।

    सिंगरौली में हुए बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम स्थल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, सीधी-सिंगरौली के लोकसभा सांसद डा. राजेश मिश्रा एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक सिंगरौली रामनिवास शाह, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पांचूलाल प्रजापति, कपिल यार्दे, राम लल्लन सिंह, जयपाल सिंह सहित प्रगतिशील किसान और बड़ी संख्या में जिले भर से आए किसान बंधु उपस्थित थे।

     

  • CM साय ने कलेक्टरों को किया अलर्ट, राहत-बचाव के दिए निर्देश

    CM साय ने कलेक्टरों को किया अलर्ट, राहत-बचाव के दिए निर्देश

    भारी बारिश को लेकर पूरा प्रशासन अलर्ट, आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं सहायता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

    नदी-नालों और उफनते जलस्रोतों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की मुख्यमंत्री ने की अपील

    आपात स्थिति में तत्काल डायल 112 सहित स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील

    रायपुर, 
    प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा, “हमने प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रखा है। सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि भारी बारिश के कारण कहीं भी किसी प्रकार की आवश्यकता उत्पन्न होती है तो तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।”

    मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से भी भारी बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

    मुख्यमंत्री ने लोगों से नदी-नालों, जलप्रपातों और उफनते जलस्रोतों के पास नहीं जाने की अपील की है, क्योंकि पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि जलमग्न पुल-पुलियों एवं सड़कों को किसी भी स्थिति में पार करने का प्रयास न करें और जिन स्थानों पर सुरक्षा की दृष्टि से बैरियर लगाए गए हैं, वहां प्रशासन के निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी बारिश के दौरान बिना आवश्यकता यात्रा करने से बचें, विशेषकर रात के समय अतिरिक्त सावधानी रखें। गिरे हुए बिजली के तारों अथवा विद्युत संबंधी किसी खतरे से दूर रहें और इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग, स्थानीय प्रशासन अथवा पुलिस को दें।

    उन्होंने अभिभावकों से बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा उन्हें अकेले बाहर नहीं जाने देने की अपील की। पहाड़ी क्षेत्रों एवं भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों पर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक डायल 112 अथवा स्थानीय प्रशासन से तत्काल संपर्क करें। मौसम और राहत संबंधी जानकारी के लिए केवल शासन-प्रशासन एवं अन्य अधिकृत स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें और अफवाहों अथवा भ्रामक संदेशों को आगे न बढ़ाएं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सतर्कता, संयम और परस्पर सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है। अपने आसपास किसी व्यक्ति को सहायता की आवश्यकता हो तो उसकी यथासंभव मदद करें और जरूरत पड़ने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें।

  • अरुण साव बोले- स्वच्छता को आदत बनाकर शहरों को बनाएं सुंदर

    अरुण साव बोले- स्वच्छता को आदत बनाकर शहरों को बनाएं सुंदर

    स्वच्छता को आदत बनाएं, तभी शहर होंगे स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ : अरुण साव

    महाराजबंध तालाब में उतरे जनप्रतिनिधि और नागरिक, श्रमदान कर दिया शहर को हमेशा साफ रखने का संदेश

    सेवा संकल्प अभियान में उप मुख्यमंत्री ने दिलाई स्वच्छता की शपथ, सफाई मित्रों का किया सम्मान

    रायपुर
    शहर को हमेशा साफ-सुथरा रखने और सुंदर बनाने का संदेश देने स्वच्छता ही सेवा और सेवा संकल्प अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारी, नगर निगम की टीम, ग्रीन आर्मी, स्वयंसेवी व सामाजिक संगठन और नागरिक एक साथ श्रमदान के लिए उतरे। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने खुद अभियान में सहभागिता करते हुए लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसे दैनिक जीवन की आदत बनाना होगा, तभी हमारे शहर स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनेंगे।

    रायपुर के मठपारा स्थित महाराजबंध तालाब में आयोजित अभियान में उप मुख्यमंत्री साव के साथ राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, महंत रामसुंदर दास, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन और सूडा के सीईओ सुमित अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।

    श्रमदान के दौरान सभी ने मिलकर महाराजबंध तालाब परिसर से कचरा और गंदगी साफ की। लोगों को तालाबों और जलस्रोतों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करते हुए तालाब में कचरा नहीं डालने और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई बनाए रखने का संदेश दिया गया। अभियान ने शहर की स्वच्छता को केवल नगर निगम या सफाई कर्मियों की जिम्मेदारी मानने के बजाय जनभागीदारी से आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

    उप मुख्यमंत्री साव ने जनसमुदाय को स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए इसे जीवन-शैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की कोशिश तभी स्थायी और प्रभावी होगी, जब हर नागरिक अपने आसपास सफाई रखने को अपनी आदत और जिम्मेदारी बनाए। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए सरकार की लगातार कोशिशों के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।

    कार्यक्रम में पांच सफाई मित्रों रमेश सोना, अवधेश सोनी, घना कुर्रे, अमित धीवर और राहुल राजपूत को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने सफाई मित्रों के कार्यों की सराहना करते हुए शहर को स्वच्छ रखने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

    विधायक सुनील सोनी ने सेवा, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ स्वच्छता अभियानों में अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने का आह्वान किया। अतिथियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ते हुए लोगों ने शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने का संकल्प लिया। “सेवा मेरा योगदान” की भावना के साथ महाराजबंध तालाब में हुए श्रमदान में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, नगर निगम, ग्रीन आर्मी, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी ने स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और जनसहभागिता का संदेश दिया।