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  • छत्तीसगढ़ में मानसून का कहर नहीं, मेहरबानी; सामान्य से 100.1% बारिश

    छत्तीसगढ़ में मानसून का कहर नहीं, मेहरबानी; सामान्य से 100.1% बारिश

    छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान 

    प्रदेश में 100.1% सामान्य वर्षा दर्ज

     बस्तर, नारायणपुर और बलरामपुर में झमाझम बरसे बादल

    ​रायपुर

          छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून की बारिश ने राज्य स्तर पर सामान्य आंकड़े को छू लिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी 25 सितंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार प्रदेश में अब तक 100.1% यानी शत-प्रतिशत सामान्य वर्षा दर्ज की जा चुकी है। 1 जून से 25 सितंबर की अवधि में राज्य में औसतन 1082.4 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि बीते 10 वर्षों के आधार पर इस अवधि की संभावित औसत वर्षा 1081.5 मि.मी. मानी जाती है। बीते 24 घंटों में ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में औसतन 52.8 मि.मी. पानी बरसा है। 

            ​क्षेत्रवार स्थिति पर नजर डालें तो इस बार सरगुजा, रायपुर और बस्तर संभाग के कई जिलों में बादलों ने जमकर मेहरबानी दिखाई है। बलरामपुर जिला 169.4% बारिश के साथ प्रदेश में प्रतिशत के हिसाब से सबसे आगे बना हुआ है, जहाँ अब तक 1527.7 मि.मी. पानी गिर चुका है। वहीं कुल वर्षा की मात्रा के मामले में नारायणपुर जिला शीर्ष पर है, जहाँ अब तक रिकॉर्ड 1600.4 मि.मी. बारिश दर्ज हो चुकी है। बस्तर जिले में एक ही दिन में सर्वाधिक 188.2 मि.मी. और कोंडागांव में 161.8 मि.मी. बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद नारायणपुर में 151.9 मि.मी. तथा गरियाबंद में 110.3 मि.मी. बारिश हुई।  

           ​मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में भी बारिश की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। रायपुर जिले में अब तक 1180.2 मि.मी. (129.5%), गरियाबंद में 1357.7 मि.मी. (126.5%), धमतरी में 1201.7 मि.मी. (113.4%), महासमुंद में 1204.2 मि.मी. (121.7%), और बालोद में 1192.1 मि.मी. (115.0%) बारिश के साथ सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।इसी तरह बिलासपुर संभाग के मुंगेली में 1026.5 मि.मी. (108.8%), सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1161.3 मि.मी. (134.1%), तथा सूरजपुर में 1173.6 मि.मी. (111.2%) वर्षा दर्ज की जा चुकी है। 

    ​       राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से पीछे चल रहा है। सरगुजा जिले में अब तक 606.6 मि.मी. (75.5%), जशपुर में 828.7 मि.मी. (79.7%), कबीरधाम में 672.0 मि.मी. (82.2%), बेमेतरा में 597.1 मि.मी. (74.5%), और कांकेर में 1110.7 मि.मी. (75.9%) बारिश दर्ज की गई है, जो औसत के मुकाबले कम की श्रेणी में आता है। इसी प्रकार मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (74.7%) तथा बीजापुर (78.7%) में भी प्रतिशत के लिहाज से औसत से कम बारिश दर्ज हुई है। इसके बावजूद बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोरबा, जांजगीर-चांपा, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य के काफी करीब बना हुआ है।  

            ​राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश भर की नदियों के जलस्तर और बारिश के आंकड़ों की लगातार निगरानी की जा रही है। जिन जिलों में हाल ही में भारी वर्षा हुई है, वहाँ निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

  • 27 सितंबर को बैंकिंग को लेकर पेच, खुलेंगी शाखाएं या रहेगी छुट्टी?

    27 सितंबर को बैंकिंग को लेकर पेच, खुलेंगी शाखाएं या रहेगी छुट्टी?

     नई दिल्‍ली

    बैंक कर्मचारियों ने 28 सितंबर से देशभर में हड़ताल करने का ऐलान किया है, जो तीन दिन यानी 30 सितंबर तक जारी रहेगा. यह हड़ताल वीकेंड के बाद शुरू हो रहा है, जिस कारण RBI और सरकार की ओर से रविवार को बैंक शाखाएं खोलने के लिए कहा गया है। 

    केंद्र सरकार ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक रविवार को खुले रहेंगे, लेकिन बैंक अधिकारियों के एक संघ ने अपने सदस्‍यों से रविवार को काम पर न आने का अनुरोध किया है. ऐसे में कस्‍टमर्स कंफ्यूज हो गए हैं कि क्‍या सच में रविवार को बैंक खुलेंगे या फिर बंद रहेंगें? 

    दरअसल, बैंक यूनियनों के यूनियन फोरम (UFBU) और सात अन्य यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का प्रस्ताव रखा है, जो 11 सितंबर को हुई एक दिवसीय हड़ताल के बाद दूसरी ऐसी कार्रवाई है। 

    किसने लिया रविवार को बैंक खोलने का फैसला? 
    ऐसे में केंद्र सरकार का 27 सितंबर को बैंकों को खुला रखने का निर्णय वित्त मंत्री और पब्लिक सेक्‍टर के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, भारतीय बैंक संघ (IBA) और नाबार्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के बीच 21 सितंबर को हुई बैठक के बाद लिया गया। 

    यह कदम बैंकिंग सेवाओं में लंबे समय तक व्यवधान को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है, क्योंकि प्रस्तावित हड़ताल की तारीखें 26 और 27 सितंबर को सप्‍ताह की छुट्टियों के बाद आ रही हैं. अगर रविवार को भी छुट्टी रहती है, तो ग्राहकों को नियमित बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच के बिना पांच दिनों तक की अवधि का सामना करना पड़ सकता है। 

    रविवार को लेकर बना हुआ है कंफ्यूजन
    RBI ने 27 सितंबर को बैंक शाखाओं, कार्यालयों, एटीएम से जुड़ी शाखाओं और करेंसी चेस्ट खोलने को भी मंजूरी दे दी है. हालांकि, अनिश्चितता बनी हुई है क्योंकि ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) ने अपने सदस्यों को रविवार को काम पर न आने की सलाह दी है, यह कहते हुए कि औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत 27 सितंबर एक हॉलिडे है। 

    3 दिन की हड़ताल जारी रहेगी 
    वहीं यूएफबीयू ने दोहराया है कि 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल जारी रहेगी. यह हड़ताल मुख्य रूप से पांच दिन बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर बुलाई गई है. अन्य मांगों में पेंशन संबंधी संशोधन और कुछ कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) और पेंशन योजनाओं में बदलाव शामिल हैं। 

    ग्राहकों के लिए, रविवार को शाखा सेवाएं इस बात पर निर्भर कर सकती हैं कि कर्मचारी ड्यूटी पर उपस्थित होते हैं या नहीं. डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और अन्य सेवाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है. जिन ग्राहकों को शाखा में काम करना है, वे इसे पहले से ही पूरा कर सकते हैं. खासकर सप्ताहांत के तुरंत बाद प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए। 

  • मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, 62% काम पूरा

    मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, 62% काम पूरा

    अहमदाबाद
    मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का कुल निर्माण कार्य जुलाई 2026 के अंत तक 62.16% पूरा हुआ था. सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिले जवाब में नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने यह जानकारी दी। 

    परियोजना के पूरा होने की संभावित तारीख या वर्ष पूछे जाने पर NHSRCL ने कहा, 'सभी ठेके दिए जाने और ट्रेनसेट की आपूर्ति के बाद ही परियोजना के पूरा होने की संभावित समयसीमा का आकलन किया जा सकेगा. 21 सितंबर 2026 का यह जवाब 17 अगस्त 2026 को दाखिल आरटीआई आवेदन पर दिया गया। 

    NHSRCL के मुताबिक, 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए आवश्यक 1,389.49 हेक्टेयर ज़मीन अधिग्रहित की जा चुकी है. इसमें गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली की 959.04 हेक्टेयर तथा महाराष्ट्र की 430.45 हेक्टेयर ज़मीन शामिल है। 

    निर्माण कार्य कहां तक पहुंचा?
    आरटीआई जवाब के अनुसार, 366 किलोमीटर वायाडक्ट पर गर्डर लगाए जा चुके हैं, जबकि लगभग 380 किलोमीटर के लिए गर्डर ढाले जा चुके हैं. 459.90 किलोमीटर में नींव का काम पूरा हो चुका है और 455.10 किलोमीटर में पियर तैयार किए जा चुके हैं. गुजरात के सभी स्टेशनों पर नींव और ऊपरी ढांचे का काम पूरा हो चुका है. वहां फिनिशिंग का काम चल रहा है. महाराष्ट्र में स्टेशनों का निर्माण जारी है। 

    सुरंग, डिपो और ट्रैक की स्थिति
    परियोजना में 21 किलोमीटर लंबी सुरंग शामिल है, जिसका सात किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे होगा. NHSRCL के मुताबिक, टनल बोरिंग मशीन से सुरंग बनाने का काम चल रहा है. न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड से बनाई जा रही सुरंग का 4.88 किलोमीटर हिस्सा पूरा हो चुका है. आठ पहाड़ी सुरंगों में से चार की खुदाई आर-पार पूरी हो गई है. आरटीआई जवाब के अनुसार, साबरमती डिपो का 32.28% और ठाणे डिपो का 17.23% काम पूरा हुआ था. 27 अगस्त 2026 तक CAM इंजेक्शन सहित 97 रूट किलोमीटर में ट्रैक स्लैब बिछाए जा चुके थे। 

    पहले ट्रेनसेट का निर्माण शुरू
    चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने कॉरिडोर के लिए दो हाई-स्पीड ट्रेनसेट के डिजाइन, निर्माण और कमीशनिंग का ऑर्डर BEML को दिया है. NHSRCL के मुताबिक, पहले ट्रेनसेट का निर्माण शुरू हो गया है. NHSRCL ने यह भी कहा कि मुंबई–अहमदाबाद लाइन फिलहाल उसकी एकमात्र स्वीकृत हाई-स्पीड रेल परियोजना है, जिस पर निर्माण कार्य चल रहा है। 

     

  • अक्टूबर में बड़े बदलाव, LPG से बस यात्रा तक बदलेगा सिस्टम

    अक्टूबर में बड़े बदलाव, LPG से बस यात्रा तक बदलेगा सिस्टम

    नई दिल्ली

    अक्टूबर 2026 की शुरुआत आम लोगों के लिए कई बड़े बदलाव लेकर आ रही है। घरेलू LPG गैस सिलेंडर की सब्सिडी से लेकर दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा, कारोबारियों के UPI भुगतान और प्रॉपर्टी खरीदने की टैक्स प्रक्रिया तक नियम बदलने जा रहे हैं। कुछ बदलाव सीधे जेब पर असर डाल सकते हैं, जबकि कुछ में कागजी कार्रवाई कम होगी।

    जेब पर सबसे बड़ा असर कहां?
    अक्टूबर के बदलावों में सबसे सीधा आर्थिक असर LPG सब्सिडी से जुड़ा है। आधार आधारित e-KYC पूरा नहीं करने वाले पात्र ग्राहक को सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। UPI के मामले में फिलहाल ग्राहक से सीधे अतिरिक्त शुल्क लेने का प्रावधान नहीं है। वहीं NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वालों को टैक्स प्रक्रिया में राहत मिलेगी, जबकि दिल्ली में बिना स्मार्ट कार्ड के महिलाओं को बस किराया देना पड़ सकता है।

    गैस सिलेंडर पर सब्सिडी के लिए आधार जरूरी
    1 अक्टूबर से घरेलू LPG सिलेंडर पर सब्सिडी का लाभ लेने के लिए Biometric Aadhaar Authentication (BAA) जरूरी होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू LPG ग्राहकों में करीब 89.9 फीसदी पहले ही यह प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। जिन लोगों ने BAA करा लिया है, उन्हें दोबारा कुछ करने की जरूरत नहीं होगी।

    जिन ग्राहकों ने अभी तक आधार ऑथंटिकेशन नहीं कराया है, उन्हें सब्सिडी वाले दाम पर सिलेंडर बुक कराने के लिए यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सरकार के मुताबिक सितंबर में 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर पर करीब 210 रुपये की अप्रत्यक्ष सब्सिडी थी। यानी ऑथंटिकेशन नहीं कराने पर पात्र उपभोक्ता को इस लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। BAA डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी के कार्यालय में या इंडेन के लिए IndianOil ONE, भारत गैस के लिए HelloBPCL और HP Gas के लिए HP PAY ऐप से किया जा सकता है।

    UPI पर 15 अक्टूबर से नया चार्ज, लेकिन ग्राहक से नहीं
    UPI को लेकर भी अक्टूबर में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। 15 अक्टूबर से चुनिंदा 2,000 रुपये से ज्यादा के P2M यानी ग्राहक से कारोबारी भुगतान पर 0.4 फीसदी MDR लागू होगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा। हालांकि आम ग्राहक से यह शुल्क लेने की अनुमति नहीं है।

    P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के भुगतान और 2,000 रुपये तक के P2M भुगतान इस MDR से बाहर रहेंगे। छोटे कारोबारियों के लिए भी छूट का प्रावधान है। सरकार के अनुसार करीब 96 फीसदी P2M लेनदेन प्रभावित नहीं होंगे।

    इसका सीधा असर फिलहाल ग्राहक की जेब पर नहीं होना चाहिए, लेकिन कारोबारियों का कहना है कि इससे उनकी लागत बढ़ सकती है। इसी मुद्दे पर कुछ राज्यों में व्यापारिक संगठनों ने 'No UPI Day' जैसे विरोध का ऐलान किया है।

    NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TAN की जरूरत नहीं
    1 अक्टूबर से NRI से अचल संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति या HUF के लिए TDS प्रक्रिया कुछ आसान होगी। नए आयकर कानून के तहत PAN आधारित प्रक्रिया और Form 141 का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे अलग से TAN लेने की जरूरत वाले अनुपालन को सरल बनाया गया है।

    हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS खत्म हो गया है। टैक्स काटने की जिम्मेदारी बनी रहेगी, केवल उसे जमा करने और रिपोर्ट करने की प्रक्रिया बदलेगी। इसलिए बड़ी प्रॉपर्टी खरीद में खरीदार को टैक्स विशेषज्ञ से सही दर और प्रक्रिया की पुष्टि करनी चाहिए।

    मध्य प्रदेश के 24 जिलों में ESIC का दायरा बढ़ेगा
    1 अक्टूबर से मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में ESIC का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि अधिसूचना के तहत आने वाले पात्र प्रतिष्ठानों और कर्मचारियों पर ESIC योगदान लागू होगा और संबंधित कर्मचारियों को ESIC के तहत मिलने वाले स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा लाभों का दायरा बढ़ेगा।

    यह बदलाव कर्मचारियों के लिए तत्काल नकद बचत के बजाय सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य कवर से जुड़ा है। कर्मचारी और नियोक्ता दोनों की निर्धारित हिस्सेदारी के अनुसार योगदान होगा।
    दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड

    दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए मुफ्त DTC और क्लस्टर बस यात्रा को लेकर भी बड़ा बदलाव है। 30 सितंबर तक पेपर पिंक टिकट की व्यवस्था जारी रहेगी, लेकिन 1 अक्टूबर से Saheli Pink Smart Card से टैप करने पर ही मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। यानी जिनके पास स्मार्ट कार्ड नहीं होगा, उन्हें सामान्य टिकट लेकर किराया देना पड़ सकता है। कार्ड का पहला निर्गमन मुफ्त है, जबकि खोने या खराब होने पर रिप्लेसमेंट के लिए 59 रुपये देने होंगे।

    परेशानी बढ़ा सकती है बैंक हड़ताल
    त्योहारों के महीना अक्टूबर उल्लास के बीच परेशानियां भी खड़ी कर सकता है। बैंक यूनियन पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे हैं। इनमें पेंशन में सुधार, सभी पेंशनर्स के लिए समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला और NPS से जुड़े कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था में जाने का विकल्प देने जैसी मांगें शामिल हैं। यूनियनों ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी है।

  • EPFO का बड़ा कैंप 28 सितंबर को, PF अकाउंट की समस्याएं होंगी दूर

    EPFO का बड़ा कैंप 28 सितंबर को, PF अकाउंट की समस्याएं होंगी दूर

       नई दिल्ली

    कई कर्मचारियों के लिए EPFO अकाउंट सिर्फ हर महीने सैलरी से कटने वाली PF की रकम तक सीमित रहता है. उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि अपने PF अकाउंट से जुड़ी कौन-सी जानकारी ऑनलाइन बदली जा सकती है, किसी गलती को कैसे ठीक कराया जा सकता है या EPFO की अलग-अलग ऑनलाइन सेवाओं और योजनाओं का फायदा कैसे लिया जाए. खासकर जो लोग तकनीक और ऑनलाइन प्रक्रियाओं के साथ सहज नहीं हैं, उनके लिए छोटी-सी प्रक्रिया भी परेशानी बन जाती है। 

    ऐसे कर्मचारियों और PF सदस्यों के लिए EPFO की 'निधि आपके निकट 2.0' पहल उपयोगी साबित हो सकती है. कर्मचारी अब 28 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले 'निधि आपके निकट 2.0' कैंप में EPFO की योजनाओं, सुविधाओं और प्रक्रियाओं की जानकारी सीधे अधिकारियों से ले सकेंगे. इतना ही नहीं, अगर PF अकाउंट या EPFO की किसी सेवा से जुड़ी शिकायत या सवाल है, तो उसे मौके पर अधिकारियों के सामने रखा जा सकेगा। 

    EPFO 28 सितंबर को लगाएगा कैंप

    कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके 'निधि आपके निकट 2.0' कैंप की जानकारी दी है. EPFO ने सदस्यों से 28 सितंबर को कैंप में पहुंचने की अपील करते हुए बताया कि यहां संगठन की योजनाओं और फायदों के बारे में जानकारी लेने के साथ सेवाओं और उनकी प्रक्रिया को भी समझा जा सकता है. इस पहल का मकसद EPFO की सेवाओं को सब्सक्राइबर के करीब पहुंचाना है, ताकि छोटी-बड़ी दिक्कतों के लिए उन्हें सिर्फ ऑनलाइन प्रक्रिया पर निर्भर न रहना पड़े। 

    अफसरों से सीधे पूछ सकेंगे सवाल
    कैंप में EPFO के अधिकारी सदस्यों से सीधे बातचीत करेंगे. अगर आपको यह समझ नहीं आ रहा कि किसी EPFO सेवा के लिए क्या प्रक्रिया अपनानी है, कौन-से दस्तावेज चाहिए या ऑनलाइन उपलब्ध सुविधा का इस्तेमाल कैसे करना है, तो कैंप में इसके बारे में जानकारी ली जा सकेगी. यह खास तौर पर उन PF सदस्यों के लिए मददगार हो सकता है, जो ऑनलाइन प्रक्रिया या डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल में सहज नहीं हैं। 

    शिकायतों का मौके पर होगा समाधान
    'निधि आपके निकट 2.0' कैंप का एक अहम पहलू खाताधारकों की शिकायतों का मौके पर निपटारा है. कैंप में मौजूद अधिकारी ईपीएफ सदस्यों की शिकायत और समस्याएं सीधे सुनेंगे. यानी अगर EPFO से जुड़ी कोई शिकायत लंबे समय से अटकी हुई है या किसी सेवा को लेकर परेशानी है, तो उसे संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जा सकेगा. हालांकि, हर मामले का समाधान उसी समय हो जाएगा, ऐसा मानना सही नहीं होगा. मामले की प्रकृति और जरूरी प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई भी हो सकती है। 

    EPFO लोकेटर से देखें नजदीकी कैंप
    EPFO ने अलग-अलग जगहों पर आयोजित होने वाले कैंप की जानकारी देखने के लिए एक कैंप लोकेटर लिंक भी शेयर किया है. सदस्य इस फोल्डर में जाकर अपने आसपास आयोजित होने वाले कैंप की लोकेशन देख सकते हैं। 

    'निधि आपके निकट 2.0' क्यों है खास?

    EPFO की सेवाएं लगातार डिजिटल हो रही हैं. PF बैलेंस देखने से लेकर कई दूसरी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं. लेकिन हर कर्मचारी डिजिटल प्रक्रिया में समान रूप से सहज नहीं होता. कई बार जानकारी की कमी या ऑनलाइन प्रक्रिया समझ नहीं आने की वजह से कर्मचारी ऐसी सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर पाते, जिसे घर बैठे पूरा किया जा सकता है। 

    ऐसे में 'निधि आपके निकट 2.0' का कैंप कर्मचारियों को सीधे अधिकारियों से बात करने और अपनी समस्या समझाने का मौका देता है. खासकर PF अकाउंट, EPFO की योजनाओं, सेवाओं और उनसे जुड़े नियमों को लेकर सवाल रखने वाले सदस्यों के लिए यह एक उपयोगी मौका हो सकता। 

    28 सितंबर कैंप में क्या साथ लेकर जाएं?
    अगर आप EPFO सब्सक्राइबर हैं और अपने PF अकाउंट से जुड़ी किसी समस्या या शिकायत का सामना कर रहे हैं, तो कैंप में जाने से पहले अपनी समस्या से जुड़े जरूरी दस्तावेज और उपलब्ध जानकारी साथ रखना उपयोगी रहेगा. इससे अधिकारी को मामला समझाने में आसानी हो सकती है। 

  • MP शिक्षकों की सैलरी बढ़ने की उम्मीद, जानें हाईकोर्ट का मामला

    MP शिक्षकों की सैलरी बढ़ने की उम्मीद, जानें हाईकोर्ट का मामला

     जबलपुर
    मध्य प्रदेश के करीब 70 हजार शिक्षकों के लिए बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, जबलपुर हाईकोर्ट ने शिक्षकों की पहली नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना करने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति दीपक खोट की एकलपीठ ने प्रदेश सरकार को अदालती आदेश का अनुपालन करने के लिए 4 हफ्तों का आखिरी समय दिया है। अदालत के इस फैसले से शिक्षकों की वरिष्ठता, वेतन बढ़ोतरी, पेंशन और एरियर जैसे लंबित वित्तीय और सेवा संबंधी फायदे मिलने का रास्ता खुलने की संभावना है।

    ऐसे में प्रदेश के संबंधित शिक्षकों को पहली नियुक्ति तारीख से सेवा लाभ मिलने पर सैलरी में हर महीने 15 से 20 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद बनी है। इसके अलावा, 6वें वेतनमान की पात्रता 1 जनवरी 2006 से माने जाने पर करीब 10 साल का एरियर भी मिल सकेगा, जो हर शिक्षक लगभग 7 से 8 लाख रुपए (12 प्रतिशत संभावित ब्याज की दर से) मिलना संभव है।

    प्रदेश सरकार को दिये 4 सप्ताह

    आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पिछले फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 24 अगस्त 2026 को खारिज कर दिया था। इसके बाद दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार को 4 हफ्तों का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर 2026 को होगी।

    यहां से शुरु हुआ पूरा विवाद
    इस मामले में शिक्षक राजेश पांडेय समेत एमपी के 497 अध्यापकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी 2018 से पहले की शिक्षकीय सेवाओं को संविलियन में शामिल न करने वाले सरकारी फैसले को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि, पहली नियुक्ति की तिथि से सेवा अवधि की गणना कर वरिष्ठता और सभी देय लाभ दिए जाएं। वहीं, अब इस मामले में हाईकोर्ट का रुख सामने आने के बाज शिक्षक नेताओं का कहना है कि, सुप्रीम कोर्ट से अपील निरस्त होने के बाद अब सरकार को बिना विलंब किए हाईकोर्ट के आदेश पर अमल करना चाहिए।

    शिक्षक संगठनों ने जताया आभार
    दूसरी तरफ प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 2 दिनों में 600 से अधिक दिवंगत शिक्षकों और कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र देने के त्वरित फैसले का स्वागत किया। संगठनों ने इस मानवीय पहल के लिए राज्य सरकार और विभागीय अधिकारियों का आभार जताया है।

  • 48 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी, TET के बाद पहली सूची जारी होगी

    48 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी, TET के बाद पहली सूची जारी होगी

    भोपाल 

    MP में प्रदेश के 30 हजार से ज्यादा शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के बाद खुलेगा। दिसंबर में प्रस्तावित TET का रिजल्ट आने के बाद विभाग प्रमोशन की पहली सूची जारी कर सकता है।

    प्रमोशन होने के बाद खाली होने वाले पदों और रिटायरमेंट से रिक्त पदों को मिलाकर अगले साल करीब 48 हजार पदों पर नई भर्ती की स्थिति बन सकती है।

    दरअसल, सरकार ने 30 जुलाई से सभी विभागों में प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू की थी। करीब एक लाख प्रमोशन भी हो चुके हैं, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षक संवर्ग के प्रमोशन अभी बाकी हैं।

    लिपिक संवर्ग और उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के प्रमोशन किए जा चुके हैं।

    दिसंबर में TET, इसके बाद प्रमोशन की पहली सूची
    शिक्षकों के प्रमोशन को TET से जोड़ा गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत दिसंबर 2028 तक छह बार TET कराई जानी है। पहली परीक्षा दिसंबर में माध्यमिक शिक्षा मंडल के जरिए प्रस्तावित है।

    रिजल्ट आने के बाद विभाग प्रमोशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। विभाग ने प्रमोशन के लिए शिक्षकों की सूची पहले ही तैयार कर रखी है।

    18 हजार पद मार्च 2027 तक हो सकते हैं खाली
    फिलहाल स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 10 हजार पद खाली हैं। मार्च 2027 तक करीब 8 हजार शिक्षक रिटायर होंगे। इससे रिक्त पदों की संख्या करीब 18 हजार हो सकती है।

    इसके अलावा 30 हजार से ज्यादा शिक्षकों के प्रमोशन होने पर उनके वर्तमान पद भी खाली होंगे। इस तरह करीब 48 हजार पदों पर भर्ती की स्थिति बन सकती है।

    शिक्षक संगठन जल्द प्रमोशन की मांग पर अड़े
    शिक्षक संगठन TET का विरोध करते हुए प्रमोशन जल्द करने की मांग कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और विभागीय अधिकारियों के साथ हुई चर्चाओं में भी यह मुद्दा उठाया गया है।

    अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने 27 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन आंदोलन में भी प्रमोशन की मांग को शामिल किया है।

    एमपी में टीईटी के आवेदन अब 5 अक्टूबर तक होंगे
    एमपी में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के आवेदन की अंतिम तारीख 5 अक्टूबर कर दी गई है। पहले 18 सितंबर तक आवेदन होना था। गुरुवार को आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। अब तक 19,100 शिक्षक आवेदन कर चुके हैं। परीक्षा दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में कराए जाने की संभावना है।

  • कैप्टन अमरिंदर सिंह का BJP पर बयान, बोले- 4 साल में कुछ हासिल नहीं हुआ

    कैप्टन अमरिंदर सिंह का BJP पर बयान, बोले- 4 साल में कुछ हासिल नहीं हुआ

    चंडीगढ़
     भाजपा में शामिल होने के करीब चार साल बाद पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पार्टी के भीतर अपने राजनीतिक सफर को लेकर खुलकर असंतोष जाहिर किया है।एक अखबार को दिए साक्षात्कार में कैप्टन ने कहा कि भाजपा के साथ चार साल में उन्होंने “वास्तव में कुछ भी हासिल नहीं किया।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस में वापस जाने की उनकी कोई योजना नहीं है। साथ ही कहा कि चुनाव लड़ने के उनके दिन अब प्रभावी तौर पर खत्म हो चुके हैं।

    सितंबर 2022 में भाजपा में शामिल हुए कैप्टन ने कहा कि किसी पार्टी में शामिल होने पर स्वाभाविक उम्मीद होती है कि वरिष्ठ नेता से सलाह ली जाएगी।

    खासकर ऐसे व्यक्ति से, जिसने पंजाब को करीब छह दशक तक करीब से देखा और समझा है। उन्होंने कहा, “मैं यह दावा नहीं कर रहा कि पंजाब के बारे में मेरे पास सभी जवाब हैं, लेकिन मैं इस राज्य को अच्छी तरह जानता हूं।”

    कैप्टन के बयान से शुरू हुई थीं सियासी चर्चाएं
    कैप्टन के इस बयान को भाजपा में उनके राजनीतिक प्रभाव और भूमिका को लेकर अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पद छोड़ने और कांग्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई थी और बाद में भाजपा में उसका विलय कर दिया था। हालांकि अब चार साल बाद वह खुद कह रहे हैं कि इस दौरान उन्हें पार्टी से कोई खास हासिल नहीं हुआ।

    भाजपा के साथ अपने भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर कैप्टन ने कहा कि उनके पास फिलहाल दूसरा विकल्प भी नहीं है।

    उन्होंने कहा कि वह अकाली दल में नहीं जा सकते और उन्हें नहीं लगता कि कांग्रेस उन्हें वापस लेगी। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि वह खुद भी कुछ हद तक उलझन में हैं और पहले उन्हें अपने स्तर पर चीजों को सुधारने की जरूरत है।

    चार साल में कुछ हासिल नहीं हुआ
    पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि किसी पार्टी में शामिल होने के बाद उम्मीद होती है कि खासकर उस व्यक्ति से सलाह ली जाएगी, जिसने करीब छह दशक तक पंजाब की राजनीति को करीब से देखा और समझा है, लेकिन उनके मुताबिक ऐसा नहीं हुआ. अमरिंदर सिंह ने बताया कि कांग्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई थी. बाद में उनके समर्थकों की राय थी कि पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया जाए. उनके मुताबिक, कांग्रेस में वापस जाने का विकल्प नहीं था और अकाली दल में लौटने का भी सवाल नहीं था, इसलिए भाजपा में विलय का फैसला किया गया। 

    पंजाब पर पांच साल में एक भी बैठक नहीं हुई
    कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा के भीतर अपनी भूमिका को लेकर सबसे बड़ा दावा यह किया कि पिछले पांच साल में पंजाब की नीति या राजनीति को लेकर उनकी पार्टी के साथ एक भी बैठक नहीं हुई. जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा वास्तव में उनसे सलाह नहीं लेती, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया कि पंजाब की राजनीति या नीति को लेकर भाजपा के साथ उनकी एक भी बैठक नहीं हुई. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को जमीनी राजनीति समझने वाले नेताओं से सलाह लेनी चाहिए. उनके मुताबिक, उन्होंने ब्लॉक स्तर से राजनीति देखी है और पंजाब में छह बार विधायक, दो बार सांसद और दो बार मुख्यमंत्री रहे हैं। 

    भाजपा पंजाब को नहीं समझती
    इंटरव्यू में जबकैप्टन अमरिंदर सिंह से सीधे पूछा गया कि क्या भाजपा पंजाब को समझती है, तो अमरिंदर सिंह ने जवाब दिया कि नहीं. उनके मुताबिक, भाजपा लंबे समय तक पंजाब में सत्ता में नहीं रही, इसलिए उसे राज्य की राजनीतिक व्यवस्था को समझने के लिए जमीनी स्तर से काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि केवल मंत्री बनने से किसी राज्य की राजनीति की पूरी समझ नहीं आती, राजनीति को समझने के लिए ब्लॉक और जिला स्तर से काम करना पड़ता है। 

    अमरिंदर सिंह ने कहा कि भाजपा को उनके जैसे अनुभवी लोगों से कम से कम सलाह तो लेनी चाहिए… अगर उनकी सलाह गलत लगे तो उसे खारिज किया जा सकता है, लेकिन अनुभव होने के बावजूद सलाह नहीं लेना उचित नहीं है। 

    फिर भाजपा में क्यों बने हुए हैं?
    अगर भाजपा में उन्हें तवज्जो नहीं मिल रही, तो क्या वह पार्टी में बने रहेंगे? अमरिंदर सिंह का जवाब था कि क्या विकल्प है? उन्होंने कहा कि वह अकाली दल में नहीं जा सकते और उन्हें नहीं लगता कि कांग्रेस उन्हें वापस लेगी… हालांकि उन्होंने कांग्रेस के प्रति अपने पुराने लगाव को भी स्वीकार किया. अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह करीब 50 साल कांग्रेस के साथ रहे हैं और पार्टी उनके जीवन का एक बड़ा हिस्सा रही है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस छोड़ने का फैसला उन्होंने खुद नहीं लिया था, कांग्रेस नेतृत्व ने उनसे अलग होने का फैसला किया और उन्होंने उसे स्वीकार कर लिया। 

    कांग्रेस में वापसी की अटकलों पर भी जवाब
    पिछले कुछ दिनों से अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में संभावित वापसी की चर्चा भी होती रही है, लेकिन उन्होंने ऐसी किसी संभावना से इनकार किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कांग्रेस छोड़ने के लिए खुद नहीं कहा था और पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जाने के लिए कहा था… अब वह कांग्रेस में वापसी के बारे में कोई पहल नहीं कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले पांच साल में उनकी सोनिया गांधी, राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से राजनीतिक बातचीत नहीं हुई है। 

    सक्रिय तौर पर राजनीति में नहीं नजर आएंगे कैप्टन
    84 वर्षीय कैप्टन ने साफ किया कि वह अब चुनावी राजनीति में सक्रिय उम्मीदवार के तौर पर नजर नहीं आएंगे। हालांकि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कई अहम राजनीतिक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कौन सी पार्टी बढ़त की स्थिति में है।

    आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच मुकाबले की बात करते हुए उन्होंने भाजपा के जमीनी समर्थन को लेकर भी सवाल उठाए और अकाली दल के साथ गठबंधन की पैरवी की।

    कैप्टन ने कहा कि अगर भाजपा पंजाब में सरकार बनाना चाहती है तो उसे अपने पुराने सहयोगी अकाली दल के साथ गठबंधन पर विचार करना चाहिए।

    उनके मुताबिक दोनों दल पहले भी मिलकर सरकारें बना चुके हैं। इससे साफ है कि चुनावी राजनीति से दूरी की घोषणा के बावजूद कैप्टन की नजर पंजाब के अगले राजनीतिक समीकरण पर बनी हुई है।

  • सिंहस्थ : 2028 की दृष्टिगत उज्जैन से जोड़ने वाली सभी सड़क परियोजनाओं को तेजी से किया जाए पूर्ण मुख्यमंत्री निवास में हुई समीक्षा बैठक

    सिंहस्थ : 2028 की दृष्टिगत उज्जैन से जोड़ने वाली सभी सड़क परियोजनाओं को तेजी से किया जाए पूर्ण मुख्यमंत्री निवास में हुई समीक्षा बैठक

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी की पहल से प्रदेश में सड़क परियोजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो रहा हैं। इससे औद्योगिक गतिविधियों के साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री  गडकरी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री  गडकरी को प्रदेश की प्रमुख परियोजनाओं और भविष्य के सड़क विस्तार योजनाओं की जानकारी भी दीं।

    सड़क परियोजनाओं को पूर्ण करने में न हो विलंब

    केन्द्रीय मंत्री  गडकरी ने कहा कि सड़क परियोजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। हर प्रोजेक्ट का डिजाइन सड़क सुरक्षा की दृष्टि से भी तकनीकी मानकों के अनुरूप हों। ऐसे स्थानों पर जहाँ क्षेत्रीय निवासियों को हो रही कठिनाईयों के कारण, सड़क परियोजनाएं लम्बित हो रही है, वहां परस्पर संवाद और समन्वय से समाधान निकाला जाए। भूमि अधिग्रहण और वन स्वीकृति के प्रकरणों में राज्य सरकार के अधिकारी केन्द्रीय मंत्रालयों से परस्पर सम्पर्क में रहें। किसी भी स्थिति में परियोजनाओं को पूर्ण करने में विलंब न हों। बैठक में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल उपस्थित थे।

    कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की नागपुर, जबलपुर और रायपुर से सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने के निर्देश

    केन्द्रीय मंत्री  गडकरी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का बटेश्वर (उ.प्र.) से विशेष संबंध रहा है। अटल एक्सप्रेस-वे का निर्माण बटेश्वर तक किया जाएगा। उन्होंने सिंहस्थ : 2028 के दृष्टिगत उज्जैन को जोड़ने वाले सभी मार्गों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। केन्द्रीय मंत्री  गडकरी ने जबलपुर के शहपुरा आर.ओ.बी. के क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित आवागमन के दृष्टिगत नागरिकों की परेशानी को देखते हुए शहपुरा टोल प्लाजा पर टोल वसूली स्थगित करने के निर्देश दिए। बैठक में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की सड़क कनेक्टिविटी नागपुर, जबलपुर और रायपुर से बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्य योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए।  गडकरी ने कहा कि बालाघाट जिले में बेहतर रोड नेटवर्क के लिए कार्य योजना बनाई जाए।

    केन्द्र और राज्य सरकार के अधिकारी रहे मौजूद

    बैठक में देवास जिले में सन्दलपुर से नसरूल्लागंज बायपास, उज्जैन झालाबड़ फोरलेन, सतना चित्रकूट फोरलेन, जबलपुर-लखनादौन-रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही लौनी-बुरहानपुर लिंक के संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव लोक निर्माण  सुखवीर सिंह सहित प्रदेश के वन और राजस्व विभाग तथा केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • रूस-भारत संवाद में व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग की नई संभावनाओं पर मंथन

    रूस-भारत संवाद में व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग की नई संभावनाओं पर मंथन

    ग्रेटर नोएडा

    इंटरनेशनल ट्रेड शो के पहले दिन अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित हुए। रूस और भारत के बीच व्यापार, निवेश एवं आर्थिक सहयोग को विस्तार देने के उद्देश्य से विशेष रूस-भारत बिजनेस डायलॉग आयोजित किया गया। वहीं वियतनाम ने अपने पवेलियन और विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापार, तकनीक, पर्यटन, खानपान और संस्कृति का व्यापक संगम प्रस्तुत किया। दोनों देशों की भागीदारी ने यूपीआईटीएस के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को और मजबूत किया।

    रूस-भारत : व्यापार और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा

    यूपीआईटीएस-2026 में ‘रूस-भारत : व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के नए अवसर’ विषय पर विशेष संवाद आयोजित किया गया। इसमें दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने, निवेश के नए अवसर तलाशने तथा औद्योगिक और तकनीकी सहयोग को विस्तार देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। रूस की ओर से भारत स्थित रूसी व्यापार प्रतिनिधित्व के ट्रेड कमिश्नर आंद्रेई सोबोलेव और डिप्टी ट्रेड कमिश्नर डॉ. येवगेनी ग्रिवा समेत वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संवाद के दौरान दोनों देशों के उद्योगों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क बढ़ाने और कारोबारी सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान पर विशेष जोर रहा। रूसी प्रतिनिधिमंडल ने यूपीआईटीएस को उत्तर प्रदेश के उद्योग एवं कारोबारी पारिस्थितिकी तंत्र को समझने और प्रदेश के उद्यमियों के साथ संभावित व्यापारिक साझेदारी तलाशने के अवसर के रूप में देखा। इस दौरान औद्योगिक तकनीक, गैस एवं संबंधित क्षेत्र, प्रयोगशाला और निदान समाधान, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम तथा व्यावसायिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं सामने आईं।

    चिकित्सा और औद्योगिक तकनीक में सहयोग की संभावनाएं

    रूस की प्रदर्शनी में विभिन्न औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं को प्रमुखता दी गई। इसमें औद्योगिक तकनीक एवं गैस, प्रयोगशाला एवं डायग्नोस्टिक समाधान, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम तथा बिजनेस सर्विसेज से जुड़े उत्पाद एवं समाधान शामिल रहे। यूपीआईटीएस में इन क्षेत्रों की मौजूदगी ने उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य, विनिर्माण और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय कारोबारी संपर्क का अवसर उपलब्ध कराया। रूस-भारत संवाद के माध्यम से तकनीक, उत्पादों और सेवाओं के आदान-प्रदान के साथ-साथ भविष्य में संयुक्त कारोबारी अवसरों की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।

    वियतनाम ने कारोबार के साथ दिखाई संस्कृति की विविधता

    यूपीआईटीएस-2026 में वियतनाम की भागीदारी भी पहले दिन विशेष आकर्षण का केंद्र रही। वियतनाम ने अपने पवेलियन को केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित न रखते हुए उसे व्यापार, निवेश, पर्यटन, संस्कृति और खानपान के समग्र अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया। वियतनाम के पवेलियन में विमानन, पर्यटन, स्वास्थ्य, कृषि, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र एवं परिधान, इलेक्ट्रिक वाहन और पुनर्चक्रित फाइबर जैसे विभिन्न क्षेत्रों को प्रदर्शित किया गया। इससे भारतीय और विदेशी खरीदारों को वियतनाम के कारोबारी एवं औद्योगिक क्षेत्रों की विविधता को करीब से जानने का अवसर मिला।

    ‘इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ पर विशेष कार्यक्रम

    वियतनाम की ओर से ‘वियतनाम : इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें तकनीकी नवाचार और पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को व्यापारिक अवसरों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में भारत और वियतनाम के बीच पर्यटन, विमानन, स्वास्थ्य, कृषि, विनिर्माण तथा अन्य कारोबारी क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर संवाद हुआ। वियतनाम के राजदूत त्रिन्ह मिन्ह मान्ह के साथ विभिन्न वियतनामी कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इनमें वियतनाम एयरलाइंस, वियतजेट और विंग्रुप सहित अन्य प्रमुख कारोबारी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल रहे।

    फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बढ़ाई रौनक

    वियतनाम की भागीदारी का एक महत्वपूर्ण पक्ष उसका फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। वियतनामी व्यंजनों के माध्यम से देश की खाद्य संस्कृति को प्रदर्शित किया गया, वहीं सांस्कृतिक दल की प्रस्तुतियों ने दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क और सांस्कृतिक संवाद को भी मंच दिया। इस पहल के जरिए व्यापारिक प्रदर्शनी को पर्यटन और संस्कृति से जोड़ा गया। इससे यूपीआईटीएस में आने वाले आगंतुकों को वियतनाम के उत्पादों के साथ उसकी खानपान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को जानने का अवसर मिला।

    वैश्विक कारोबार का केंद्र बन रहा यूपीआईटीएस

    रूस और वियतनाम की भागीदारी ने यूपीआईटीएस-2026 को केवल उत्पादों की प्रदर्शनी से आगे बढ़ाकर व्यापार, निवेश, तकनीक, पर्यटन और सांस्कृतिक संवाद के अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में स्थापित किया। एक ओर रूस के साथ औद्योगिक एवं तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई, तो दूसरी ओर वियतनाम ने व्यापार को पर्यटन और संस्कृति से जोड़ते हुए अपनी व्यापक आर्थिक क्षमता प्रदर्शित की। यूपीआईटीएस में साझेदार देशों के लिए तैयार किए गए विशेष कार्यक्रमों का उद्देश्य विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के बीच सीधे संपर्क को बढ़ाना है। बी2बी बैठकें, बिजनेस डायलॉग, देश विशेष सत्र और राउंडटेबल चर्चाएं इस अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को कारोबारी परिणामों से जोड़ने का माध्यम बन रही हैं। इससे प्रदेश के एमएसएमई, निर्यातकों, स्टार्टअप, युवा उद्यमियों और बड़े उद्योगों को वैश्विक बाजारों में नए साझेदार और कारोबारी अवसर तलाशने का मंच मिल रहा है।