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  • एक ही ई-कार्ट से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ट्रेड शो का अवलोकन

    एक ही ई-कार्ट से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ट्रेड शो का अवलोकन

    यूपी के उत्पादों पर बढ़ा दुनिया का भरोसा, निर्यात दो लाख करोड़ के पार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ

    एक ही ई-कार्ट से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ट्रेड शो का अवलोकन
     
    मुख्यमंत्री बोले- जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है
     
    यूपी में संभावनाओं की कभी कमी नहीं थी, सही माहौल देकर हुनर को बाजार से जोड़ा: मुख्यमंत्री योगी
     
    टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़कर स्थानीय उत्पादों को बनाया ग्लोबल ब्रांड: मुख्यमंत्री योगी
     
    यूपी के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और उद्यमियों की विश्वसनीयता पर दुनिया को भरोसा: मुख्यमंत्री योगी
     
    79 उत्पादों को मिला जीआई टैग, 75 और नये उत्पादों के लिए किया गया आवेदन: मुख्यमंत्री योगी
     
    90 देशों से 600 से अधिक बायर्स पहुंचे, डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के शामिल होने की संभावना

     
     ग्रेटर नोएडा
     उत्तर प्रदेश के परंपरागत हुनर से लेकर आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तक की ताकत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में दुनिया के सामने दिखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं, जबकि 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स अपने उत्पादों के साथ ट्रेड शो में हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और यहां के उद्यमियों की विश्वसनीयता पर आज पूरी दुनिया को भरोसा है। आज प्रदेश दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश में तैयार होने वाले उत्पादों को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच बन गया है। पिछले वर्ष 72 देशों के 550 बायर्स इसमें शामिल हुए थे। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक बायर्स पहुंचे हैं और करीब डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के आयोजन में शामिल होने की संभावना है। यह बढ़ती भागीदारी उत्तर प्रदेश के कारीगरों के हुनर, युवाओं के इनोवेशन, एमएसएमई सेक्टर और अन्नदाता किसानों की मेहनत के प्रति बढ़ते वैश्विक भरोसे को दिखाती है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इसका उदाहरण है। यह ट्रेडिशन और टेक्नोलॉजी, हेरिटेज और इनोवेशन के साथ हुनर और बाजार की ताकत को एक साथ देखने का अवसर है।
     
    अमित शाह ने पहचानी थी परंपरागत उद्यमों की ताकत
    मुख्यमंत्री ने अमित शाह को प्रदेश के परंपरागत उद्यमों को नई पहचान देने की सोच का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के लोक कल्याण संकल्प पत्र के निर्माण के दौरान प्रदेश के परंपरागत उद्यमों की ताकत को पहचाना था। उनका मानना था कि जिस दिन उत्तर प्रदेश अपनी इस ताकत को पहचान लेगा, उसे मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पाएगा। सरकार बनने के बाद इसी सोच को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में ब्रांड दिया गया। 
     
    गांव के हुनर को मिला दुनिया का बाजार
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संभावनाओं की कभी कमी नहीं थी। जरूरत उस क्षमता को पहचानने, सही माहौल देने और उसे बड़े बाजार तक पहुंचाने की थी। आजादी के बाद दशकों तक कारीगरों को जरूरी संसाधन, सही दिशा, बाजार और मंच नहीं मिला। इसका असर यह हुआ कि नई पीढ़ी अपने पुश्तैनी हुनर से दूर होने लगी। सरकार ने जिलों, गांवों और स्थानीय क्लस्टर में मौजूद हुनर को पहचानकर आगे बढ़ने का अवसर दिया।
     
    उन्होंने कहा कि टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़ा गया। गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार के अनुरूप तैयार किया गया। एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और औद्योगिक ढांचे के विस्तार ने स्थानीय उत्पादों के लिए बड़े बाजार तक पहुंच आसान की है।
     
    79 उत्पादों को जीआई टैग, 75 और कतार में
    मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है और 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन किया गया है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की सिल्क साड़ियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत अब करोड़ों रुपये के कारोबार वाले ब्रांड में बदल चुकी है। ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं से कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ा गया है। ट्रेड शो में कारीगर और उद्यमी सीधे ग्लोबल बायर्स तक पहुंच रहे हैं।
     
    छह देशों के पवेलियन, कारोबार के नए रास्ते
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में जुड़े हैं। इनके विशेष पवेलियन भी लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन देशों की भागीदारी से द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी। रणनीतिक साझेदारी, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ज्वाइंट वेंचर के रास्ते भी खुलेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया के कई बड़े देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को यहां उत्पादन करने और यहीं से वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर दे रहा है।

    एक ही ई-कार्ट से शाह और योगी ने देखा ट्रेड शो
    कार्यक्रम की शुरुआत अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की। मुख्यमंत्री ने अमित शाह को फिरोजाबाद के ओडीओपी के तहत ओपल ग्लास से बनी राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट की। इसके बाद दोनों नेता ई-कार्ट से ट्रेड शो में लगे स्टॉल देखने पहुंचे। अलग-अलग स्टॉल पर रुककर उत्पाद देखे और उद्यमियों से उनकी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अमित शाह की मौजूदगी में ‘एक जनपद एक व्यंजन’ ओडीओसी पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
     

    एक करोड़ से अधिक एमएसएमई दे रहीं तीन करोड़ से अधिक को रोजगार
    एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश का ब्रांड बन चुका है। यहां विभिन्न देशों के खरीदारों के साथ बी2बी बैठकें होंगी और प्रदेश के छोटे उत्पादों को ग्लोबल एक्सपोजर मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। कृषि के बाद यह सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। ओडीओपी और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से अब तक छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट का लाभ मिला है। 14 नए ट्रेड जोड़कर अब 25 ट्रेड को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट से जोड़ा गया है। उद्यमियों को बिना ब्याज और गारंटी के ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
     
    कार्यक्रम में ये गणमान्य रहे मौजूद
    उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, बृजेश सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा और सुरेंद्र नागर समेत मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जापान के राजदूत ओनो केईची, भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त सायमन वोंग और बेलारूस के राजदूत मिखाइल कास्को समेत विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, विदेशी खरीदार, एग्जीबिटर्स और उद्यमी भी समारोह में शामिल हुए।

  • सड़क चौड़ीकरण में CM यादव और बहन का मकान प्रभावित होगा

    सड़क चौड़ीकरण में CM यादव और बहन का मकान प्रभावित होगा

    उज्जैन 

     सिंहस्थ-2028 को लेकर उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। विस्तारीकरण मार्ग में आड़े आ रहे मकानों को तोड़ा जा रहा है। इस जद में सीएम मोहन यादव का भी मकान आ गया है। उनके पैतृक मकान का कुछ हिस्सा टूटेगा। इसके साथ ही उनकी बहन कलावती यादव का मकान भी इस जद में है।

    खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा तक चौड़ीकरण
    दरअसल, उज्जैन के खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण होना है। यह मार्ग करीब 730 मीटर लंबा है इसे 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इस क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण की जद में 272 इमारतें आ रही हैं। इसमें सीएम मोहन यादव का पैतृक मकान और उनकी बड़ी बहन एवं नगर निगम सभापति कलावती यादव का घर भी शामिल है।

    मध्यप्रदेश में सिंहस्थ महाकुम्भ 2028 की तैयारी के सिलसिले में उज्जैन में बड़े पैमाने पर सड़कों के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। अब इस काम की जद में राज्य के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उनकी बड़ी बहन व निगम सभापति कलावती यादव का पैतृक मकान का भी आ गया है। जिसके बाद नगर निगम की टीम ने उनके मकानों की नप्ती कर लाल निशान लगा दिए हैं। उधर सीएम के परिजन भी शहर के विकास के लिए अपने मकान के प्रभावित हिस्से को तोड़ने के लिए तैयार हैं।

    बता दें कि उज्जैन में साल 2028 में लगने वाले सिंहस्थ महाकुम्भ को देखते हुए उज्जैन की प्रमुख सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। इसमे इंदौर रोड सहित कई स्थानों पर पुल के निर्माण किए जा रहे हैं, वहीं शहर के भीतर करीब 62 प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा शहर के सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी डैम और खान डायवर्सन सहित कई बड़े प्रोजेक्ट भी सिंहस्थ की तैयारियों का हिस्सा हैं। इसी के तहत शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर करीब 29 किमी लंबे घाट भी विकसित किए जा रहे है।

    730 मीटर लंबी रोड को 15 मीटर चौड़ा किया जाना बाकी
    इसके साथ ही उज्जैन में कई मंदिरों व मस्जिदों सहित कई धर्म स्थलों के कुछ हिस्सों को तोड़ने की तैयारी की जा रही है, इसमे कंठाल, तेलीवाड़ा, सर्राफा, पाटनी बाजार जैसे कुछ इलाकों में सड़कों का चौड़ीकरण पूरा हो चुका है। अब खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक जाने वाली 730 मीटर लंबी रोड को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसकी जद में 272 इमारतें आ रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान और उनकी बड़ी बहन नगर निगम सभापति कलावती यादव का घर भी शामिल है।

    सीएम के घर पर लगाए लाल निशान
    नगर निगम की टीम ने प्रभावित मकानों की नपती कर लाल निशान लगाए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिजनों का कहना है कि शहर के विकास और सिंहस्थ की तैयारियों को देखते हुए वे मकान के प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए तैयार हैं।

    दादा ने बनवाया था मकान
    बताया जा रहा है कि सीएम मोहन यादव के दादा रामचंद्र यादव ने वर्ष 1974 में यह मकान बनवाया था। इसी मकान में उनके दोनों बेटे पूनमचंद्र यादव और शंकरलाल यादव समेत परिवार के सदस्यों का बचपन बीता। पूनमचंद्र यादव के पांच बच्चों में नंदलाल यादव, नारायण यादव, मुख्यमंत्री मोहन यादव, ग्यारसी बाई और नगर निगम सभापति कलावती यादव शामिल हैं।

    अब यहां नहीं रहता है कोई
    हालांकि इस घर में अभी कोई नहीं रह रहा है। परिवार के सदस्य दूसरी जगह रहते हैं। लेकिन उनका आना-जाना लगा रहता है। नगर निगम की कार्रवाई को लेकर परिवार को कोई एतराज नहीं है। निगम ने लाल निशान लगा दिए हैं, जल्द ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी।

    किसी के साथ भेदभाव नहीं हो रहा
    नगर निगम सभापति कलावती यादव ने कहा कि खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक होने वाले सड़क चौड़ीकरण में उनका पैतृक मकान भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में रहने वाले सभी लोग उनके परिवार जैसे हैं और किसी के साथ भाजपा-कांग्रेस या हिंदू-मुस्लिम के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। प्रभावित नागरिकों की समस्याओं को अधिकारियों से चर्चा कर दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। सभी लोग सहयोग भी कर रहे है।

    सिंहस्थ के लिए पूरे शहर में बदल रहा यातायात ढांचा
    सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में केवल इस 730 मीटर मार्ग पर ही काम नहीं हो रहा है। शहर के कई प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण और यातायात ढांचे में सुधार की योजनाएं चल रही हैं। अगस्त में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के विभिन्न कार्यों का निरीक्षण भी किया था और अधिकारियों को निर्माण कार्य समय सीमा तथा गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों द्वारा अपने मकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रभावित हिस्से हटाने में दिए जा रहे सहयोग का भी उल्लेख किया था। कंठाल, सती गेट, गोपाल मंदिर और अन्य महत्वपूर्ण मार्गों पर भी चौड़ीकरण तथा यातायात सुधार से जुड़े काम किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य पुराने शहर और नए शहर के बीच संपर्क को बेहतर बनाना और सिंहस्थ के दौरान यातायात के दबाव को व्यवस्थित करना है।

    सिंहस्थ के दौरान क्यों महत्वपूर्ण है यह मार्ग?
    उज्जैन देश के प्रमुख धार्मिक नगरों में शामिल है और महाकाल मंदिर के कारण यहां वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। सिंहस्थ के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में शहर के पुराने हिस्से की संकरी सड़कें, बाजार क्षेत्र, धार्मिक स्थल और घनी आबादी वाले इलाके यातायात प्रबंधन के लिहाज से चुनौती बन जाते हैं। सड़क को 15 मीटर तक चौड़ा करने का उद्देश्य इसी दबाव को कम करना है। चौड़े मार्ग से वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने, पैदल यात्रियों के लिए अधिक स्थान उपलब्ध कराने और आपात स्थिति में पुलिस, एंबुलेंस तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की आवाजाही को सुगम बनाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही सड़क चौड़ीकरण को केवल सिंहस्थ के कुछ महीनों की जरूरत के रूप में नहीं देखा जा रहा है। उज्जैन में धार्मिक पर्यटन बढ़ने के साथ यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसलिए शहर में किए जा रहे कई निर्माण कार्यों का उद्देश्य सिंहस्थ के साथ-साथ लंबे समय के लिए यातायात ढांचे को मजबूत करना भी है। मुख्यमंत्री ने हाल के निरीक्षण में भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित आवागमन को विकास कार्यों की प्राथमिकताओं से जोड़ा था।

    272 भवनों के सामने भी बदलाव की चुनौती
    सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित 272 भवनों के लिए यह प्रक्रिया व्यक्तिगत और व्यावसायिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगी। पुराने शहर में कई मकान और दुकानें वर्षों से एक ही स्थान पर हैं। ऐसे में सड़क की सीमा में आने वाले हिस्से को हटाना संबंधित परिवारों और कारोबारियों के लिए आसान निर्णय नहीं होता। इसके बावजूद उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के लिए कई स्थानों पर नागरिकों और व्यापारियों द्वारा अपने निर्माण का प्रभावित हिस्सा हटाने का सहयोग सामने आया है। अगस्त में मुख्यमंत्री ने भी सड़क चौड़ीकरण के दौरान स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना की थी। मुख्यमंत्री के पैतृक मकान का इस परियोजना में आना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह वही प्रक्रिया है जिसमें शहर के अन्य लोगों की संपत्तियां भी प्रभावित हो रही हैं। परिवार की ओर से प्रभावित हिस्सा हटाने की सहमति जताए जाने के बाद अब परियोजना के अगले चरण में नगर निगम और प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई आगे बढ़ने की उम्मीद है।

    विकास बनाम विरासत की चुनौती
    उज्जैन के पुराने हिस्से में सड़क चौड़ीकरण अपने साथ एक दूसरी चुनौती भी लेकर आता है। यहां बड़ी संख्या में पुराने मकान, बाजार, धार्मिक स्थल और ऐतिहासिक महत्व वाली इमारतें मौजूद हैं। इसलिए सड़क का विस्तार करते समय यातायात जरूरतों के साथ पुराने शहर की पहचान और स्थानीय लोगों की संपत्तियों से जुड़े पहलुओं का संतुलन भी महत्वपूर्ण रहेगा। खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक प्रस्तावित 730 मीटर का मार्ग इसी पुराने और घने शहर का हिस्सा है। 15 मीटर चौड़ाई हासिल करने के लिए 272 भवनों का प्रभावित होना बताता है कि परियोजना का असर काफी व्यापक है। प्रशासन के सामने चुनौती यह होगी कि निर्माण और चौड़ीकरण का काम समय पर पूरा हो, लेकिन साथ ही प्रभावित परिवारों और दुकानदारों के लिए निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया भी पारदर्शी तरीके से पूरी हो।

    उज्जैन में बड़ा आधारभूत बदलाव
    सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में जिस बड़े पैमाने पर आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जा रहा है, उसमें सड़क चौड़ीकरण महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री के पैतृक मकान और उनकी बहन के घर का प्रभावित होना इस परियोजना को और चर्चा में ले आया है। फिलहाल नगर निगम की ओर से नपती और चिन्हांकन की प्रक्रिया सामने आई है और परिवार ने सार्वजनिक रूप से प्रभावित हिस्से को हटाने में सहयोग की बात कही है। आगे की कार्रवाई परियोजना की स्वीकृत सीमा, प्रशासनिक प्रक्रिया और सड़क निर्माण की प्रगति के अनुसार होगी।

    1974 में बना था मकान, CM का बचपन बीता
    प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दादा रामचंद्र यादव ने 1974 में यह मकान बनवाया था और इस मकान में ही उनके दोनों बेटे पूनमचंद्र यादव और शंकरलाल यादव सहित सभी परिजनों का बचपन बीता। पूनमचंद्र यादव के 5 बच्चे हैं। इनमें नंदलाल यादव, नारायण यादव, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बेटी ग्यारसी बाई और उज्जैन की नगर निगम सभापति कलावती यादव शामिल हैं। फिलहाल, इस मकान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के चाचा शंकरलाल यादव का परिवार रहता है। सड़क चौड़ीकरण में इस मकान के साथ कलावती यादव के मकान का भी करीब 15 फीट हिस्सा आ रहा है।

    'शहर के विकास के लिए प्रभावित हिस्से को तोड़ने को तैयार'
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की बहन और निगम सभापति कलावती यादव का कहना है कि वे शहर के विकास के लिए अपने मकान के प्रभावित हिस्से को तोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक सड़क चौड़ीकरण में हमारा पैतृक मकान भी आ रहा है। इस इलाके में रहने वाले सभी लोग हमारे परिवार जैसे हैं। किसी के साथ भाजपा-कांग्रेस, हिंदू-मुस्लिम के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। जिन नागरिकों के मकान प्रभावित हो रहे हैं, उनकी समस्याओं को अधिकारियों से चर्चा कर दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।

  • ‘फाइव स्टार रथ में घूम रहे, दलित-पिछड़ों से हाथ नहीं मिलाते’, अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का हमला

    ‘फाइव स्टार रथ में घूम रहे, दलित-पिछड़ों से हाथ नहीं मिलाते’, अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का हमला

    ‘दलित-पिछड़ों को अछूत मानते हैं अखिलेश’, ओमप्रकाश राजभर ने सपा की रथयात्रा पर साधा निशाना

    अखिलेश के रथ पर राजभर का तंज- ‘दलित-पिछड़ों को अछूत मानते हैं, सत्ता में जनता स्पेस नहीं देगी’

    ‘फाइव स्टार रथ में घूम रहे, दलित-पिछड़ों से हाथ नहीं मिलाते’, अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का हमला

    ‘2027 का सपना देखिए, 2032 तक संघर्ष कीजिए’, अखिलेश की रथयात्रा पर राजभर का तीखा तंज

    'संघर्ष के नाम पर लग्जरी का पूरा इंतजाम', अखिलेश की रथयात्रा पर राजभर का तंज

    लखनऊ
    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की रथयात्रा पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव के रथ को लेकर तंज कसा और दलितों-पिछड़ों से उनके जुड़ाव पर सवाल उठाए।

    'रथ में कितने दलितों-पिछड़ों से हाथ मिलाया?'

    ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा, 'महाराज, आपका रथ तो एकदम फाइव स्टार है। ये बताइए कल रथ में बैठकर कितने दलितों और कितने पिछड़ों से आपने हाथ मिलाया?'उन्होंने आगे तंज कसते हुए लिखा कि अखिलेश यादव दलितों और पिछड़ों से हाथ नहीं मिलाना चाहते और उन्हें अछूत मानते हैं।

    'संघर्ष के नाम पर लग्जरी का पूरा इंतजाम'

    राजभर ने अखिलेश यादव के रथ को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अखिलेश यादव रथ के नाम पर 'हॉलीवुड वाली वैनिटी वैन' या 'पहियों पर बने फाइव स्टार सुइट' में घूम सकते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश की दलित, अति पिछड़ी और गरीब जनता उन्हें सत्ता में कोई 'स्पेस' नहीं देने वाली।

    उन्होंने आगे लिखा कि उन्होंने अखिलेश यादव को रथयात्रा के दौरान देखा कि वह 'लग्जरी रथ' में सवार थे और हाइड्रोलिक ट्रॉली से निकलकर हाथ हिला रहे थे। राजभर ने इसे लेकर तंज किया कि संघर्ष के नाम पर लग्जरी का पूरा इंतजाम था, लेकिन सत्ता में स्पेस का इंतजाम नहीं हो पा रहा।

    '2027 का सपना देखिए, 2032 तक संघर्ष कीजिए'

    ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा, '2027 का सपना देखिए, 2032 तक संघर्ष कीजिए। उसके बाद भी कुछ होने नहीं वाला है।'

  • भोपाल से 351 सरकारी बसों की शुरुआत, 7 शहरों को मिलेगा परिवहन लाभ

    भोपाल से 351 सरकारी बसों की शुरुआत, 7 शहरों को मिलेगा परिवहन लाभ

    भोपाल
    मध्यप्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा की वापसी हुई है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और CM मोहन यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया। 351 बसें 7 शहरों में इंटरसिटी और इंट्रासिटी सेवा देंगी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी ने भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा एवं पीएम ई-बस सेवा" कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

    CM मोहन यादव ने कहा- नई सेवा के तहत 180 इलेक्ट्रिक बसें भी सड़कों पर उतारी गई हैं। इसका मकसद शहरों के साथ गांवों को भी बेहतर बस कनेक्टिविटी से जोड़ना है। सरकार ने 75% ग्राम पंचायतों तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। बसों में आधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षा और रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी रहेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जी को "रोड नेटवर्क ऑफ मध्यप्रदेश विजन-2047" से अवगत कराया।इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में जारी विभिन्न विकास एवं सड़क परियोजनाओं की प्रगति की भी जानकारी दी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी ने भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा एवं पीएम ई-बस सेवा" कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

    उन्होंने कहा- सरकार ने पहले साल 1,500 बसें चलाने और 2031 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 15 हजार करने का लक्ष्य रखा है। सेवा PPP मॉडल पर संचालित होगी, जिसमें निजी ऑपरेटर भी शामिल होंगे। उन्हें विज्ञापन और कार्गो से अतिरिक्त आय के अवसर भी मिलेंगे।

    – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज भोपाल के लालघाटी में अंत्योदय एवं एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता श्रद्धेय स्व. पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की एवं उन्हें नमन किया।

    – इस अवसर पर उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के राष्ट्रसेवा, समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान एवं मानव कल्याण के प्रति समर्पित विचारों का स्मरण किया। साथ ही पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रदेश के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा –

    * प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के जरिए प्रदेशवासियों का सपना पूरा हो रहा है।

    * पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी के कर कमलों से 351 इंटरसिटी एवं इंट्रासिटी बसों की सौगात मिली है।

    * प्रदेश में 21 साल बाद फिर से राज्य परिवहन सेवा की शुरुआत हो रही है।

    * राज्य परिवहन सेवा की लंबे समय से मांग की जा रही थी, जो आज पूरी हो रही है।

    * आज का दिन प्रदेश के इतिहास में ऐतिहासिक है।

    * यह परिवहन सेवा प्रदेश के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी।

    * मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनेगी।

    * इस सेवा की शुरुआत में बस मालिकों के हितों का भी ध्यान रखा गया है।

    * मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रदेशवासियों को बेहतर यात्री परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा –

    – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कनेक्टिविटी, मोबिलिटी और पर्यावरण संरक्षण के साथ सुगम यातायात सुविधा देने वाले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।

    * प्रदेश में परिवहन सुविधा के क्षेत्र में आज स्वर्णिम दिन है।

    * सर्वसुविधायुक्त बसें प्रदेश के यात्रियों के लिए बड़ी सौगात हैं।

    * लोक निर्माण विभाग सभी विभागों के साथ समन्वय कर कार्य कर रहा है।

    * सड़कों के गड्ढे सुधारने के लिए विभाग ने लोकपथ ऐप बनाया है।

    * लोकपथ ऐप नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर बन चुका है।

    * लोकपथ ऐप पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की बसों की समय-सारणी भी उपलब्ध होगी।

    * केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश में जारी हाईवे प्रोजेक्ट्स के निर्माण कार्यों की समीक्षा की है।

    * केंद्रीय मंत्री  गडकरी ने शहपुरा टोल नाके को अस्थायी रूप से बंद करने की मंजूरी दी है।
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  • 225 करोड़ का हेलीकॉप्टर खरीदा, हर 50 KM पर बनेंगे हेलीपैड

    225 करोड़ का हेलीकॉप्टर खरीदा, हर 50 KM पर बनेंगे हेलीपैड

    भोपाल

    मध्य प्रदेश सरकार के हवाई बेड़े में जल्द ही दो नए विमान शामिल होने जा रहे हैं। सरकार ने करीब 225 करोड़ रुपए की लागत से एयरबस ACH160 हेलीकॉप्टर खरीदा है। वहीं, करीब 350 करोड़ रुपए की कीमत वाला बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 बिजनेस जेट भी सरकारी बेड़े में शामिल होने वाला है। जानकारी के मुताबिक, जेट की डिलीवरी सितंबर के आखिरी तक होने की संभावना है।

    नए हेलीकॉप्टर को राज्य सरकार के वीआईपी और आधिकारिक यात्राओं के लिए इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। एयरबस ACH160 आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस हेलीकॉप्टर है। इसके शामिल होने के बाद राज्य सरकार के पास मौजूद हेलीकॉप्टर बेड़े में एक और आधुनिक विमान जुड़ जाएगा।

    वहीं, बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट को लंबी दूरी की आधिकारिक यात्राओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। करीब 350 करोड़ रुपए की लागत वाले इस विमान की डिलीवरी सितंबर के अंत तक होने की संभावना बताई जा रही है। जेट के शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की लंबी दूरी की यात्राओं के लिए सरकारी स्तर पर एक नया विकल्प उपलब्ध होगा।

    सरकारी हवाई बेड़े में नए हेलीकॉप्टर और जेट को शामिल किए जाने के पीछे प्रशासनिक और आधिकारिक यात्राओं को सुगम बनाने का उद्देश्य बताया जा रहा है। मध्य प्रदेश का क्षेत्रफल बड़ा होने के कारण मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नियमित रूप से दौरे करने पड़ते हैं। ऐसे में सरकारी विमान और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल यात्रा के समय को कम करने में मदद करता है।

    एयरबस ACH160 अपनी आधुनिक तकनीक के कारण दुनिया के नए पीढ़ी के हेलीकॉप्टरों में शामिल है। वहीं बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 को बिजनेस एविएशन श्रेणी के आधुनिक जेट के तौर पर जाना जाता है। इसमें लंबी दूरी की उड़ानों और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी कई आधुनिक सुविधाएं होती हैं।

    दोनों विमानों की खरीद और बेड़े में शामिल होने की जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब सरकारी परिवहन व्यवस्था में आधुनिक संसाधनों को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, इन विमानों के संचालन, रखरखाव और उपयोग से जुड़ी विस्तृत जानकारी तथा कुल वार्षिक खर्च अलग-अलग प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।

    फिलहाल एयरबस ACH160 हेलीकॉप्टर करीब 225 करोड़ रुपए की लागत से खरीदे जाने की जानकारी है, जबकि बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट की अनुमानित कीमत करीब 350 करोड़ रुपए बताई जा रही है। जेट की डिलीवरी सितंबर के अंतिम सप्ताह तक होने की संभावना है। इसके बाद दोनों आधुनिक विमान मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक हवाई बेड़े का हिस्सा होंगे

    अधिकतम उड़ान अवधि 4 घंटे 30 मिनट
    मध्यप्रदेश सरकार फ्रांस की एयरबस से ACH160 हेलीकॉप्टर खरीद रही है। टैक्स और शुल्क समेत इसकी कीमत करीब 225 करोड़ रुपए बताई गई है। इसकी डिलीवरी नवंबर में प्रस्तावित है। सरकार के लिए तैयार हेलीकॉप्टर में दो पायलट समेत 9 लोग बैठ सकेंगे।

    एयरबस के आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक ACH160 को अधिकतम 10 यात्रियों की क्षमता के साथ तैयार किया जा सकता है। इसकी अधिकतम उड़ान अवधि 4 घंटे 30 मिनट और क्रूज स्पीड 155 नॉट है। हेलीकॉप्टर में आधुनिक तकनीक और कैमरों की सुविधा भी रहेगी।

    MP के पायलटों ने कनाडा में ली ट्रेनिंग
    नए जेट के संचालन की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। मध्यप्रदेश के पायलट विश्वास राय और अरविंद सिंह जुलाई में कनाडा गए थे। दोनों ने बॉम्बार्डियर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया है।

    सरकार नए हेलीकॉप्टर और जेट को बेड़े में शामिल करने के साथ उनके इस्तेमाल के लिए एयर कनेक्टिविटी का ढांचा भी तैयार कर रही है। एक तरफ 63 नए हेलीपैड बनाने की योजना है, वहीं दूसरी तरफ करीब 20 हवाई पट्टियों के विस्तार की तैयारी है।

    नए जेट के लिए कम से कम 1800 मीटर रनवे चाहिए
    सरकार के सामने नए बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट को ज्यादा से ज्यादा एयरफील्ड पर उतारने की चुनौती है। यह मिड-साइज जेट है। इसके लिए कम से कम करीब 1800 मीटर और बेहतर संचालन के लिए करीब 2100 मीटर लंबे रनवे की जरूरत है।

    विभागीय आकलन के मुताबिक प्रदेश के 28 एयरफील्ड में से करीब 10 जगहों पर यह जेट अभी उतर सकता है। इनमें 7 एयरपोर्ट और 3 हवाई पट्टियां शामिल हैं।

    सिर्फ 3 हवाई पट्टियों पर 1800 मीटर से लंबा रनवे
    प्रदेश की करीब 20 हवाई पट्टियों में फिलहाल सिर्फ तीन ऐसी हैं, जहां रनवे की लंबाई 1800 मीटर या उससे ज्यादा है। इनमें मंदसौर की नौलखा बीड, सिवनी और मंडला की कान्हा हवाई पट्टी शामिल हैं।

    सतना में एयरपोर्ट बन चुका है, लेकिन यहां रनवे करीब 1300 मीटर लंबा है। इसलिए नया चैलेंजर-3500 यहां नहीं उतर पाएगा। एयरपोर्ट बन जाना ही काफी नहीं है। इस जेट के लिए रनवे की लंबाई और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी बढ़ानी होंगी।

    वीआईपी यात्राओं के लिए किया जाएगा इस्तेमाल करीब 350 करोड़ रुपए का बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट सरकार के लिए तैयार कराया जा रहा है। इसमें 9 यात्री और 2 पायलट बैठ सकेंगे। इसका इस्तेमाल मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी यात्राओं के लिए किया जाएगा। विमान का इंटीरियर मध्यप्रदेश सरकार की जरूरत के हिसाब से तैयार कराया गया है।

    इसकी अधिकतम रेंज करीब 3500 समुद्री मील और क्रूज स्पीड करीब 870 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। विभागीय जानकारी के मुताबिक इसकी फ्यूल क्षमता लंबी दूरी की उड़ान के लिए पर्याप्त है, जिससे बीच में ईंधन भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    20 हवाई पट्टियों के विस्तार पर 300 से 400 करोड़ खर्च
    विमानन विभाग ने हवाई पट्टियों वाले जिलों के कलेक्टरों को पत्र भेजकर विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध होने की जानकारी मांगी है। एक हवाई पट्टी के विस्तार में औसतन 10 से 15 करोड़ रुपए खर्च हो सकते हैं।

    विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगर निजी जमीन लेनी पड़ी तो खर्च करीब 30 से 40 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। रनवे बढ़ाने के साथ जमीन, एप्रोच रोड, सुरक्षा क्षेत्र और दूसरी जरूरी विमानन सुविधाओं पर काम करना होगा। करीब 20 हवाई पट्टियों के विस्तार पर 300 से 400 करोड़ रुपए तक खर्च का अनुमान है।

    हर साल बचेंगे 60-70 करोड़ रुपए
    ढाई साल में मोहन सरकार को विमान और हेलीकॉप्टर किराए पर औसतन 60-70 करोड़ रुपए सालाना खर्च करने पड़े। नया जेट और हेलीकॉप्टर आने के बाद यह किराया बचेगा।

    सरकार के पास 13 साल पुराना हेलीकॉप्टर
    मप्र सरकार का मौजूदा एयरबस EC155 B1 हेलीकॉप्टर 2011 में खरीदा गया था। करीब 13 साल पुराने इस हेलीकॉप्टर के बढ़ते मेंटेनेंस खर्च के चलते सरकार अब बेड़ा अपग्रेड कर रही है।

     

  • UN मुख्यालय में शहबाज शरीफ से हाफिज सईद पर सवाल, बिना जवाब आगे बढ़े

    UN मुख्यालय में शहबाज शरीफ से हाफिज सईद पर सवाल, बिना जवाब आगे बढ़े

    लाहौर 

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में में किरकिरी झेलनी पड़ गई। उनसे जब पत्रकारों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक आतंकवादी हाफिज सईद के बारे सवाल पूछा तो वह वहां से भाग खड़े हुए। उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया। बताते चलें कि 81वीं UN जनरल असेंबली के लि जैसे जब शहबाज शरीफ UN मुख्यालय में दाखिल हुए तो पत्रकारों ने उनसे पूछा, "प्रधानमंत्री आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?" शरीफ ने कोई जवाब नहीं दिया।

    बाद में जब वे वहां से निकले तो उनसे फिर पूछा गया कि पाकिस्तान हाफिज सईद पर कब मुकदमा चलाएगा, लेकिन प्रधानमंत्री ने एक बार फिर जवाब देने से इनकार कर दिया।

    इससे एक दिन पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाते हुए आईना दिखाया। भारत ने साफ शब्दों में कहा कि पाक को सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के बजाय कर्ज में डूबी बदहाल अर्थव्यवस्था को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।

    जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के ध्यान भटकाने वाले एजेंडे की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की प्राथमिकताएं पूरी तरह गलत हैं और उसका भारतविरोधी रवैया उसकी डूबती अर्थव्यवस्था को नहीं बचा सकता। त्यागी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नागरिकों के दमन को उजागर किया। उन्होंने बताया कि पीओके में भोजन, ईंधन और दवाओं की आपूर्ति रोककर पाकिस्तानी सरकार किस तरह प्रदर्शनकारियों के साथ जानलेवा हिंसा कर रही है।

    26/11 हमले में आरोपी है हाफिज सईद
    हाफिज मोहम्मद सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और भारत में उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत नामित आतंकवादी किया गया है. वह 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में भारत में वांटेड आरोपी है. कई हमलों का मास्टरमाइंड है. पाकिस्तान में वह खुला घूमता है और आईएसआई पर उसे सुरक्षा देने के आरोप लगते हैं। 

    हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले की जांच से जुड़े मामले में भी NIA ने हाफिज सईद का नाम अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी नंबर 8 के तौर पर रखा है. NIA का आरोप है कि 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम हमले की बड़ी साजिश में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव शामिल थे। 

    UN में भारत ने पाकिस्तान को घेरा
    शहबाज शरीफ से ये सवाल ऐसे वक्त पूछे गए, जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान पर आतंकवाद और आर्थिक संकट को लेकर हमला बोला था. भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान से कहा कि उसे दूसरे देशों की जमीन पर नजर रखने और सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के बजाय अपनी अर्थव्यवस्था और विकास पर ध्यान देना चाहिए। 

    भारत ने पाकिस्तान में मानवाधिकारों के हालात का भी मुद्दा उठाया. क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में नागरिकों के मारे जाने और जरूरी सामान की सप्लाई से जुड़े आरोपों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को दूसरे देशों के मामलों पर सवाल उठाने के बजाय अपने यहां के हालात पर ध्यान देना चाहिए। 

    कश्मीर भारत का अहम हिस्सा
    जम्मू-कश्मीर के भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा होने की बात दोहराते हुए भारत ने मांग की कि पाकिस्तान अपने गैरकानूनी कब्जे वाले सभी इलाकों को तुरंत खाली करे।

    नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र में सिंधु जल संधि के मसले पर पाकिस्तान की ओर से बांटे गए पाकिस्तनी पत्र को खारिज कर दिया। पाकिस्तान ने कथित ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन’ के फैसले को लेकर ये पत्र वितरित किए थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने कहा कि पाकिस्तान झूठ फैलाकर अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं को गलत तरीके से पेश कर रहा है।

  • Asian Games 2026: 5 भारतीय शूटरों का कमाल, भारत पदक तालिका में 12वें स्थान पर

    Asian Games 2026: 5 भारतीय शूटरों का कमाल, भारत पदक तालिका में 12वें स्थान पर

    नागोया
     एशियन गेम्स 2026 में भारत ने शुक्रवार को 2 मिनट के अंदर 2 पदक जीते। इनमें एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल शामिल है। पहले भारत की पुरुष टीम ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसके तुरंत बाद मिश्रित टीम ने गोल्ड जीता। इन दो पदकों के दम पर भारत ने पदक तालिका में लंबी छलांग लगाई और 12वें स्थान पर पहुंच गया। भारत को एशियन गेम्स 2026 में सबसे ज्यादा 10 पदक शूटिंग में ही मिले हैं। इनमें एक स्वर्ण, 5 रजत और 4 कांस्य पदक शामिल हैं।

    5 शूटरों ने किया कमाल
    पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय टीम ने सटीक निशानेबाजी का मुआयना पेश करते हुए भारत के खाते में सिल्वर मेडल जोड़ दिया। क्वालिफिकेशन और टीम इवेंट में निरंतरता दिखाते हुए भारतीय शूटर्स ने दूसरा स्थान हासिल कर पोडियम पर तिरंगा लहराया। इसके तुरंत बाद मिक्स इवेंट में कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने गोल्ड मेडल जीता।

    पांचों शूटर के बारे में जानिए…
    हरियाणा के रेवाड़ी के सुलखा के रहने वाले कमलजीत एक इंडियन पिस्टल शूटर हैं, जो 10 मीटर एयर पिस्टल और 50 मीटर पिस्टल में एक्सपर्ट हैं। उन्होंने 2019 में शूटिंग शुरू की, जब एक चोट की वजह से उन्हें अपना ट्रैक-एंड-फील्ड एथलेटिक्स करियर छोड़ना पड़ा। एक मिडिल-क्लास परिवार से आने वाले कमलजीत को अपने शूटिंग करियर के शुरुआती दौर में पैसे की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कोचिंग, कोर्स की फीस और कॉम्पिटिशन के लिए अपने खर्चे खुद मैनेज किए और कई बार उन्होंने यह खेल छोड़ने के बारे में भी सोचा। इन दिक्कतों के बावजूद, उनके माता-पिता ने लगातार उनका साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए जो कुछ भी जरूरी था, वह दिया। अगले दो से तीन सालों में उनकी लगन ने उन्हें पैसे और खेल की दिक्कतों से उबरने और खुद को एक कॉम्पिटिटिव शूटर के तौर पर स्थापित करने में मदद की। कमलजीत ने जूनियर इंटरनेशनल सर्किट में अपनी मजबूत पहचान बनाई, कोरिया के चांगवोन में 2023 ISSF जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 50 मीटर पिस्टल जूनियर मेन इवेंट में गोल्ड जीता।

    सुरुचि इंदर सिंह हरियाणा के झज्जर की रहने वाली एक भारतीय 10 मीटर एयर पिस्टल शूटर हैं, जिनका जन्म 28 अप्रैल 2006 को हुआ था। अपने परिवार के मजबूत स्पोर्टिंग बैकग्राउंड की वजह से, शुरू में उन्हें रेसलिंग में हाथ आजमाने के लिए बढ़ावा मिला, जिसके बाद उन्होंने 13 साल की उम्र में शूटिंग शुरू की। उन्होंने भिवानी में गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग एकेडमी में कोच सुरेश सिंह के अंडर ट्रेनिंग शुरू की। सुरुचि ने 2025 में सीनियर इंटरनेशनल सर्किट पर एक बड़ी कामयाबी हासिल की, ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख में लगातार तीन इंडिविजुअल ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल जीते। उन्होंने लीमा वर्ल्ड कप में मिक्स्ड टीम इवेंट में भी गोल्ड जीता। उनके शानदार 2025 सीज़न का अंत दोहा में ISSF वर्ल्ड कप फाइनल में गोल्ड मेडल जीतने के साथ हुआ, जहाँ उन्होंने 10m एयर पिस्टल फाइनल में 245.1 का जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। 2026 में, उन्होंने म्यूनिख में ISSF वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतकर अपना शानदार फॉर्म जारी रखा, जिससे वह भारत की टॉप इंटरनेशनल 10 मीटर एयर पिस्टल शूटर्स में से एक बन गईं। उन्होंने 2026 एशियन चैंपियनशिप में 10 एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में सिल्वर भी जीता।

    21 जनवरी 2000 को जन्मे नीरज कुमार 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में स्पेशलिस्ट हैं। वह इंटरनेशनल लेवल पर लगातार अच्छे परफॉर्मेंस से भारत के लीडिंग राइफल शूटर्स में से एक बन गए हैं। नीरज ने कई ISSF वर्ल्ड कप, ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन चैंपियनशिप में भारत को रिप्रेजेंट किया है, जिससे उनकी वर्ल्ड रैंकिंग लगातार बेहतर हुई है और उन्होंने इस इवेंट में दुनिया के टॉप कॉम्पिटिटर्स में अपनी जगह बनाई है। वह अभी पुरुषों के 50मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में दुनिया के टॉप 15 शूटर्स में शामिल हैं। नीरज ने काहिरा में 2022 ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप में टीम ब्रॉन्ज मेडल के साथ अपना पहला सीनियर ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीता। उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में मेडल जीतकर अपनी तरक्की जारी रखी, जिसमें नई दिल्ली में 2026 एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप में इंडिविजुअल सिल्वर मेडल भी शामिल है, जहां उन्होंने भारत के टीम गोल्ड में भी योगदान दिया।

    रुद्रान्क्ष बालासाहेब पाटिल का जन्म 16 दिसंबर 2003 को महाराष्ट्र ठाणे में हुआ था। वह 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में स्पेशलिस्ट हैं और भारत के सबसे अच्छे राइफल शूटरों में से एक हैं। वह काहिरा में 2022 ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल में गोल्ड मेडल जीतने के बाद इंटरनेशनल लेवल पर मशहूर हुए और इस इवेंट में इंडिविजुअल वर्ल्ड टाइटल जीतने वाले अभिनव बिंद्रा के बाद दूसरे भारतीय बने। इस जीत ने भारत को पेरिस 2024 गेम्स के लिए ओलंपिक कोटा भी दिलाया। रुद्रान्क्ष ने ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप, ISSF वर्ल्ड कप, एशियन चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और पेरिस 2024 ओलंपिक गेम्स में भारत को रिप्रेजेंट किया है। कई बार ISSF मेडलिस्ट रहे रुद्रांक ने दो वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडल, एक जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल, एक ISSF प्रेसिडेंट्स कप टाइटल, तीन ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल और एशियन चैंपियनशिप में कई मेडल जीते हैं। 2022 में उनके शानदार परफॉर्मेंस के बाद उन्हें पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में वर्ल्ड नंबर 1 रैंक मिली और वे दुनिया के टॉप राइफल शूटर्स में से एक बने हुए हैं। प्रेशर में अपनी कंसिस्टेंसी और शांत रहने के लिए जाने जाने वाले रुद्रांक भारतीय शूटिंग टीम के एक अहम सदस्य बने हुए हैं और बड़े इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन में देश के सबसे मजबूत मेडल प्रॉस्पेक्ट्स में से एक हैं।

    ऐश्वर्य का जन्म 3 फरवरी 2001 को हुआ था। वह भारत के जाने-माने राइफल शूटर्स में से एक हैं, जो 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में स्पेशलिस्ट हैं। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के रतनपुर गांव के रहने वाले तोमर ने अपने चचेरे भाई और ओलंपियन नवदीप सिंह राठौर को देखकर शूटिंग शुरू की। उन्होंने 2015 में भोपाल की मध्य प्रदेश शूटिंग एकेडमी में फॉर्मल ट्रेनिंग शुरू की। तोमर 2019 में सुहल में ISSF जूनियर वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतने के बाद मशहूर हुए, जहां उन्होंने 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। उसी साल, उन्होंने एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में इंडिविजुअल और टीम दोनों इवेंट्स में ब्रॉन्ज मेडल जीते, जिससे भारत को ओलंपिक कोटा मिला। उन्होंने नई दिल्ली में 2021 ISSF वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतकर और पेरू के लीमा में 2021 ISSF जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ एक और गोल्ड जीतकर अपनी शानदार तरक्की जारी रखी। ऐश्वर्य ने टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 ओलंपिक गेम्स में पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में भारत को रिप्रेजेंट किया है। इतने सालों में, उन्होंने खुद को भारत के सबसे काबिल राइफल शूटर्स में से एक के तौर पर स्थापित किया है, ISSF वर्ल्ड कप, ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और दूसरे बड़े इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन में कई मेडल जीते हैं, जिससे वह इंडियन शूटिंग टीम के एक अहम सदस्य बन गए हैं।

     

  • पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां पहुंचीं

    पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां पहुंचीं

     चंडीगढ़
      पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार सुबह हड़कंप मच गया। धमकी भरी कॉल मिलने की सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया। हाई कोर्ट परिसर में तत्काल पीसीआर वाहन, दमकल की गाड़ियां और एंबुलेंस पहुंच गईं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें हाईकोर्ट परिसर में संदिग्ध वस्तुओं और वाहनों की जांच कर रही हैं। फिलहाल जांच के दौरान पुलिस को परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। धमकी देने वाले व्यक्ति और कॉल के स्रोत के संबंध में अभी आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    सूचना मिलते ही पुलिस ने हाई कोर्ट परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। बम की धमकी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई हैं। परिसर में संदिग्ध वस्तुओं और वाहनों की भी जांच की जा रही है।

    फिलहाल धमकी देने वाले व्यक्ति और कॉल के स्रोत के संबंध में आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। सुरक्षा के मद्देनजर हाई कोर्ट परिसर में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

    पहले भी कई सरकारी जगहों को मिल चुकी धमकी चंडीगढ़ में इससे पहले भी स्कूल, पासपोर्ट ऑफिस और हाईकोर्ट को कई बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। चंडीगढ़ जिला अदालत को भी बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है। इसके अलावा पंजाब सचिवालय और सेक्टर-43 बस स्टैंड को भी बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इन सभी मामलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी, लेकिन जांच के दौरान वहां से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी।

    कॉल के स्रोत की जांच जारी धमकी भरी कॉल मिलने के बाद पुलिस कॉल के स्रोत और धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे परिसर की जांच कर रही हैं और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

     

  • Gold-Silver Price: लगातार 4 दिन गिरावट, क्या अभी और सस्ता होगा सोना-चांदी?

    Gold-Silver Price: लगातार 4 दिन गिरावट, क्या अभी और सस्ता होगा सोना-चांदी?

    इंदौर 
    सोमवार से गुरुवार तक सोने-चांदी के भाव लगातार 4 दिन तक गिरे। क्या गिरावट आगे भी जारी रहेगी या फिर से गोल्ड-सिल्वर के भाव चढ़ेंगे। क्योंकि, आगे करवाचौथ, धनतेरस और दिवाली जैसे बड़े त्योहार हैं। इन त्योहारों में सोने-चांदी की डिमांड बढ़ जाती है। अगर पिछले चार दिनों की बात करें तो इस अवधि में चांदी करीब 7000 रुपये और सोना करीब 2,500 रुपये सस्ता हो चुका है।

    इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक गुरुवार को भी 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,231 रुपये सस्ता होकर 1.51 लाख रुपये पर आ गया। वहीं, एक किलो चांदी 4,518 रुपये टूटकर 2.28 लाख रुपये पर पहुंच गई।

    क्या सोने-चांदी में यह गिरावट आगे भी रहेगी जारी

    ऑस्ट्रेलिया के हेज फंड मैनेजर राफेल लैम का मानना है कि सोने में हाल की गिरावट टेंपरेरी है। उनका लॉन्ग-शॉर्ट गोल्ड फंड पिछले साल लॉन्च होने के बाद से निवेशकों को 200% से ज्यादा नेट रिटर्न दे चुका है। लैम का तर्क है कि सोने की लॉन्ग-टर्म तेजी को सहारा देने वाली मुख्य ताकतें अभी भी बरकरार हैं।

    क्यों बढ़ेंगे सोने के दाम

    ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक लैम ने कहा कि “बड़े बाजारों की राजकोषीय हालत टिकाऊ नहीं है”, खासकर अमेरिकी सरकार का 40 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का कर्ज और केंद्रीय बैंकों की बढ़ती खरीदारी सोने को मीडियम से लॉन्ग टर्म में सपोर्ट देगी। उन्होंने कहा कि नजदीकी समय में कीमतें अमेरिका-ईरान युद्ध, रियल ब्याज दरों और महंगाई के आंकड़ों से तय होंगी। लैम, मार्क लांडाऊ के साथ 1.5 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (1.1 अरब अमेरिकी डॉलर) के एल1 गोल्ड फंड को को-मैनेज करते हैं।

    ईरान युद्ध और ब्याज दरों का दबाव

    जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद से सोने पर दबाव है। एनर्जी की कीमतें चढ़ने और फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें बढ़ाने के दांवों से सोने जैसी ब्याज न देने वाली धातु पर असर पड़ा है। फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से सोना करीब 16% गिर चुका है।

    लैम ने एक इंटरव्यू में कहा, “ईरान युद्ध के बाद से सोने के बाजार और कीमतों के लिए कुछ विपरीत हवाएं जरूर आई हैं, लेकिन हमारे हिसाब से ये बहुत टेंपरेरी हैं। सोने की मांग को चलाने वाले ज्यादातर मुख्य कारक मीडियम टर्म में बने रहेंगे, बल्कि और मजबूत होंगे।”

    सोना 4,286 डॉलर प्रति औंस पर

    सिडनी में गुरुवार शाम सोना 4,286.01 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। लैम ने कहा, “जब सोने की कीमत 4,000 डॉलर के नीचे गई, तो हमने अपनी लॉन्ग पोजिशन काफी आक्रामक तरीके से बढ़ानी शुरू की। अब हम इसे वहीं रखे हुए हैं, यानी लो-टू-मिड 60% नेट लॉन्ग।” उन्होंने कहा कि अगर सोने की कीमत में और तेजी की उम्मीद सच होती है, तभी फंड लॉन्ग पोजिशन घटाने पर विचार करेगा।

  • स्टेटकॉन-2026 में CM साय का जोर, विकास में रियल एस्टेट की भूमिका अहम

    स्टेटकॉन-2026 में CM साय का जोर, विकास में रियल एस्टेट की भूमिका अहम

    विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में रियल एस्टेट सेक्टर की होगी अहम भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में हुए शामिल

    मुख्यमंत्री ने कहा – 2047 के विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण आवास और मजबूत अधोसंरचना पर रहेगा विशेष जोर

    स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा प्रदेश के विकास का नया ग्रोथ इंजन, रायपुर के साथ दुर्ग-भिलाई और राजनांदगांव के विकास को मिलेगी नई गति

    सुशासन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए 400 से अधिक सुधार, प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण से बढ़ी पारदर्शिता

    नई औद्योगिक विकास नीति के बाद छत्तीसगढ़ को मिले 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव

    रायपुर,
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में रियल एस्टेट सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और शहरीकरण के साथ प्रदेश में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ आवास तथा मजबूत अधोसंरचना की आवश्यकता भी बढ़ रही है। राज्य सरकार रियल एस्टेट सेक्टर के विकास के लिए पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाओं और निवेश के अनुकूल वातावरण के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रही है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अपना घर प्रत्येक परिवार का सपना होता है। समाज के हर वर्ग की आकांक्षा होती है कि उसके पास सुरक्षित और सुविधाजनक आवास हो। पिछले पौने तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट सेक्टर ने तेजी से प्रगति की है। आने वाले वर्षों में प्रदेश में बढ़ते निवेश, औद्योगिकीकरण, बेहतर कनेक्टिविटी और नए शहरी केंद्रों के विकास के साथ इस क्षेत्र में संभावनाएं और बढ़ेंगी। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े उद्यमियों से कहा कि वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनें और गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं के निर्माण में योगदान दें।

    विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप तैयार किया ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ तैयार किया है। राज्य ने अपनी अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास इस लक्ष्य को प्राप्त करने की अपार क्षमता है। प्रदेश का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। यहां प्रचुर खनिज संपदा, पर्याप्त बिजली और जल संसाधन उपलब्ध हैं। देश के प्रमुख क्षेत्रों से प्रदेश की कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है और यहां के मेहनतकश लोग हमारी सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ केवल एक कहावत नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों की सरलता, परिश्रम और सामर्थ्य की पहचान है।

    मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कार्य करने के अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली को निकट से देखा है। प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत आधुनिक अधोसंरचना, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और जनकल्याण के नए अध्याय लिख रहा है।

    हर परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने देश के करोड़ों परिवारों के पक्के घर के सपने को साकार किया है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में भी बड़ा परिवर्तन दिखाई दे रहा है और पक्के आवास तेजी से ग्रामीण जीवन की तस्वीर बदल रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति दी है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों के लिए भी आवास बनाए जा रहे हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए तैयार नीति के अंतर्गत 15 हजार आवासों के निर्माण को भी स्वीकृति मिली है।

    स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा छत्तीसगढ़ का नया ग्रोथ इंजन

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित एवं दीर्घकालीन विकास के लिए स्टेट कैपिटल रीजन विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत रायपुर के साथ दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव क्षेत्र को जोड़ते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की योजना बनाई जा रही है। स्टेट कैपिटल रीजन से आवास, उद्योग, व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में उभरेगा।

    उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण को अवसर में बदलने के लिए सुनियोजित विकास आवश्यक है। शहरों में नागरिक सुविधाओं, परिवहन, आवास और अन्य बुनियादी अधोसंरचनाओं का विकास भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसमें रियल एस्टेट सेक्टर की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

    नक्सलवाद की समाप्ति के साथ बस्तर में खुल रहे विकास के नए द्वार

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के विकास में बड़ी बाधा रहा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है और आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होकर विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।

    उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता ने लगभग चार दशकों तक नक्सल हिंसा का दंश झेला। नक्सलियों द्वारा स्कूल, अस्पताल, सड़क और अन्य विकास कार्यों का विरोध किए जाने के कारण अनेक क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे। राज्य सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। गोंडी भाषा में ‘नियद नेल्लानार’ का अर्थ ‘आपका अच्छा गांव’ है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है और लगभग 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है। ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय अमला गांवों में ठहरकर पात्र परिवारों तक योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रहा है।

    पर्यटन और होमस्टे से बस्तर में बन रहे रोजगार के नए अवसर

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब हिंसा की पहचान से आगे बढ़कर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं के लिए देश-दुनिया में नई पहचान बना रहा है। बस्तर के धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया गया है। यहां विदेशी पर्यटक होमस्टे में रहकर स्थानीय परिवारों के साथ जनजातीय जीवनशैली और संस्कृति को निकट से जान रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश में होमस्टे पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए ऋण और सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पर्यटन क्षेत्र की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए नई औद्योगिक विकास नीति में पर्यटन को भी शामिल किया गया है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा।

    सुशासन और रिफॉर्म से निवेश के लिए बन रहा बेहतर वातावरण

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुशासन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 400 से अधिक सुधार किए हैं। विभिन्न शासकीय प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया गया है और ई-फाइल प्रणाली लागू की गई है।

    उन्होंने कहा कि प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और डिजिटलीकरण से लीकेज रोकने में मदद मिली है और प्रदेश के राजस्व में भी वृद्धि हुई है। सरकार का प्रयास है कि नागरिकों और निवेशकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें तथा अधिक से अधिक सेवाएं सरल और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हों।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति को निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और प्रदेश को अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल सहित अनेक क्षेत्रों में परियोजनाएं धरातल पर उतरनी प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग, आवास, अधोसंरचना और शहरी विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इन सभी क्षेत्रों की समन्वित प्रगति विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को गति देगी।

    रजिस्ट्री प्रक्रियाओं का लगातार हो रहा सरलीकरण : आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी

    आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का पूरा फोकस गवर्नेंस और रिफॉर्म पर है। उद्योग, व्यापार और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार निर्णय लिए जा रहे हैं।

    चौधरी ने कहा कि रजिस्ट्री की प्रक्रियाओं को सरल और नागरिक अनुकूल बनाया जा रहा है। व्हाट्सएप के माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराने से लेकर ऑटो म्यूटेशन तक तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। महिला सशक्तीकरण की दिशा में महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी गई है। गाइडलाइन दर से अधिक मूल्य पर होने वाली रजिस्ट्री के संबंध में भी पंजीयन शुल्क से जुड़ी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन छत्तीसगढ़ के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। सरकार की कोशिश है कि शहरीकरण केवल शहरों के विस्तार तक सीमित न रहे, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और नागरिक सुविधाओं के साथ नए आर्थिक अवसरों का भी निर्माण करे।

    कार्यक्रम में क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर पटेल, निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष जी.वाई. रेड्डी, क्रेडाई के राष्ट्रीय सदस्य आनंद सिंघानिया, क्रेडाई रायपुर के अध्यक्ष पंकज लाहोटी, अभिषेक बछावत, अशोक मूंदड़ा सहित बड़ी संख्या में वास्तुविद, इंजीनियर, उद्यमी, रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि तथा क्रेडाई के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित थे।