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  • किसानों को राहत का भरोसा, CM साय बोले- फसल नुकसान का सर्वे कर देंगे मुआवजा

    किसानों को राहत का भरोसा, CM साय बोले- फसल नुकसान का सर्वे कर देंगे मुआवजा

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश से बनी बाढ़ की स्थिति से कई जगहों पर हुए फसल नुकसान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों को बड़ा दिलाया दिया है. उन्होंने कहा कि फसल नुकसान का सर्वे होगा. हम स्वयं आकलन करने जा रहे हैं. आकलन के बाद मुआवजा दिया जाएगा.

    सुकमा के लिए रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि बारिश की कारण कई जगह पर बाढ़ की स्थिति बनी है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों से मुलाकात करने जा रहे हैं. फसल, मकान का नुकसान हुआ है. पीड़ित लोगों से मुलाकात करेंगे. वहीं सिंगापुर दौरे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति आने के बाद देश-विदेश में इन्वेस्टर मीट का आयोजन किया जा रहा है. इस कड़ी में 4, 5 और 6 अक्टूबर को सिंगापुर प्रवास पर रहेंगे. पिछले तीन दिन में हुई बारिश, अंधड़ से धान फसल को नुकसान हुआ है। जिले के सभी ब्लॉक में अच्छी बारिश होने से कहीं खेतों मंे फसल झुकी हुई है तो कहीं पानी में डूबी हुई है। फिलहाल राजस्व विभाग व पीएम फसल बीमा योजना के अधिकृत इंश्योरेंस कंपनी की ओर से सर्वे शुरु नहीं हो पाया है। बालोद से बघमरा, ओरमा, मेड़की, खरथुली, भोथली मार्ग किनारे कई खेतों में धान की फसल झुकी हुई है। इसी तरह डौंडीलोहारा से मालीघोरी, दुधली से पाररास, जुंगेरा, तरौद, लाटाबोड़, सिकोसा, गुंडरदेही क्षेत्र में भी ऐसी स्थिति है।
    अभी सर्वे नहीं हो पाया है, इस वजह से कितने एकड़ में लगी फसल को कितना नुकसान हुआ है, यह स्पष्ट नहीं है। किसान गजेंद्र सार्वा, नारायण साहू, पीयूष साहू, दिलीप साहू, लोकेंद्र हिरवानी ने बताया कि अब तक नुकसान का आंकलन करने सर्वे करने खेतों में कोई नहीं पहुंचे है। राजस्व व कृषि विभाग के अनुसार फसल को 33% से कम नुकसान होने पर आरबीसी 6-4 के तहत प्रभावित किसानों को राज्य शासन की ओर से सहायता राशि नहीं मिलती। 33% या इससे ज्यादा नुकसान होने की स्थिति में सहायता राशि देने का प्रावधान है। सर्वे कर रिपोर्ट जल्द भेजी जाए।

    कृषि विभाग के मुताबिक 1.5 लाख में से सिर्फ 2670 किसानों को लाभ पीएम फसल बीमा योजना के तहत पंजीयन करवाने के बावजूद मुआवजा मिलने की गारंटी नहीं रहती। एक साल पहले पंजीकृत किसानों में से सिर्फ 2.53% किसानों को मुआवजा सहायता राशि मिल पाया था। कृषि विभाग के अनुसार एक साल पहले खरीफ सीजन में प्रधानमंत्री बीमा योजना के अंतर्गत सिर्फ 2 हजार 670 और रबी सीजन में 3 हजार 412 किसानों को पीएम बीमा योजना के तहत मुआवजा राशि मिला था। जबकि खरीफ सीजन में एक लाख 5 हजार 867 किसानों ने पंजीयन कराया था। वहीं रबी सीजन में 11 हजार 591 किसानों ने पंजीयन कराया था। इस साल खरीफ सीजन में एक लाख से ज्यादा किसानों ने पंजीयन कराया है। जानिए, रबी की तुलना में खरीफ में 10 गुना किसान पंजीयन कराते हैं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत हर साल खरीफ सीजन में औसतन 10-11 करोड़ रुपए प्रीमियम राशि जमा कर जिले के लगभग एक साल किसान पंजीयन करवाते है।

    अधिकांश किसान धान के लिए पंजीयन कराने विभागीय प्रक्रिया पूरी करते है लेकिन रबी सीजन में धान का पंजीयन नहीं होने की वजह से स्थिति दूसरी रहती है। खरीफ की तुलना में रबी में 10 गुना कम किसान ही पंजीयन करवाते है। नुकसान होने की स्थिति में फसल कटाई प्रयोग के आधार पर सहायता राशि उपलब्ध कराने की बातें विभागीय अफसर कह रहे है। प्राकृतिक विपदा के कारण उपज में होने वाले नुकसान का आंकलन फसल कटाई प्रयोग से किया जाता है। बीमा कराने वाले पंजीकृत किसान को ही मुआवजा देने का प्रावधान आरबीसी 6-4 के तहत शासन से राशि स्वीकृत होने के बाद प्रभावित किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराया जाता है। वहीं ऐसे किसान जो पीएम फसल बीमा योजना के तहत पंजीयन करवाए है और 33% से कम नुकसान हुआ है तो इंश्योरेंस कंपनी की ओर से सहायता राशि उपलब्ध कराया जाएगा। अपर कलेक्टर अजय किशोर ने बताया कि जिले में अच्छी बारिश हुई है लेकिन फिलहाल मेरी जानकारी में जिले में फसल नुकसान होने की अभी कोई सूचना नहीं मिली है। जहां नुकसान की सूचना मिलेगी, वहां पटवारी, आरआई जाकर सर्वे करेंगे। नुकसान की स्थिति में किसानों को नियमानुसार मुआवजा, सहायता राशि मिलेगी।

  • उज्जैन में ई-बस सेवा का शुभारंभ, एक टिकट में 17+ मंदिर और ऐतिहासिक स्थल

    उज्जैन में ई-बस सेवा का शुभारंभ, एक टिकट में 17+ मंदिर और ऐतिहासिक स्थल

    उज्जैन
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  उज्जैन के श्री महाकाल लोक अन्नक्षेत्र पार्किंग परिसर से ‘उज्जैन दर्शन’ और ‘पीएम ई-बस सेवा’ की शुरूआत हरी झंडी दिखाकर की। इसके साथ ही उज्जैन में धार्मिक पर्यटन और सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देने की पहल शुरू हुई।

    महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले श्रद्धालु अब 200 रुपये के एक ही टिकट पर शहर के 17 से अधिक प्रमुख मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों की इलेक्ट्रिक एसी बसों में बैठकर सैर कर सकेंगे। 27 किलोमीटर लंबे रूट पर संचालित इन बसों की सबसे बड़ी सुविधा हॉप-ऑन हॉप-ऑफ है। मतलब- यात्री किसी एक मंदिर पर उतरकर दर्शन कर सकता है और उसी टिकट पर अगली उपलब्ध बस से आगे जा सकता है।

    एक ही टिकट पर सभी बसों में यात्रा
    हरी झंडी दिखाने के बाद शक्ति पथ पर मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ स्वयं बस में सफर कर परिवहन व्यवस्था का जायजा लिया। बस संचालन पर निगरानी रखने वाली कंपनी- उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक संदीप सोनी ने बताया कि ‘उज्जैन दर्शन’ बस सेवा की सबसे खास बात यह है कि यात्रियों को हर मंदिर तक पहुंचने के लिए अलग-अलग वाहन की व्यवस्था नहीं करनी होगी।

    200रु में उज्जैन दर्शन, 27.01 किलोमीटर का पूरा सर्किट
    उज्जैन दर्शन सेवा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका निर्धारण धार्मिक पर्यटन सर्किट है. सेवा मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होगी और महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, क्षिप्रा नदी, ऋण मुक्तेश्वर महादेव, भर्तहरि गुफा, गढ़कालिका माता मंदिर, कालभैरव, सिद्धि वट, अंगारेश्वर मंदिर, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता, चिंतामन गणेश, अष्टविनायक, शनि नवग्रह, इस्कॉन मंदिर बस स्टैंड और उज्जैन रेलवे स्टेशन से होते हुए वापस मेघदूत वन पार्किंग पहुंचेगी। 

    200 रुपये के टिकट पर यात्री निर्धारित स्टाप पर उतरकर दर्शन कर सकेंगे और फिर उसी टिकट से अगली उपलब्ध बस में बैठकर आगे की यात्रा जारी रख सकेंगे।

    ये है खास
    इस हॉप-ऑन हॉप-ऑफ व्यवस्था से श्रद्धालुओं को अपनी सुविधानुसार प्रमुख स्थलों पर रुकने का अवसर मिलेगा। टिकट का भुगतान डिजिटल माध्यम और यूपीआई से किया जा सकेगा। बस में यात्रियों को गाइड की सुविधा भी मिलेगी। बसों में जीपीएस आधारित लाइव ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे और रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा है। डिजिटल असिस्टेंट सह गाइड यात्रियों को प्रमुख मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों के पौराणिक महत्व की जानकारी देगा।

    27 किमी के दायरे में इन स्थलों को यात्रा के लिए जोड़ा
    27 किलोमीटर लंबे उज्जैन दर्शन मार्ग पर 17 से अधिक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ा गया है। मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होने वाली बस महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, शिप्रा नदी के घाट, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, भर्तृहरि गुफा, गढ़ कालिका माता मंदिर, काल भैरव, सिद्धवट, अंगारेश्वर, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता, चिंतामण गणेश, अष्ट विनायक, शनि नवग्रह मंदिर और इस्कान मंदिर होते हुए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन तक पहुंचेगी। इसके बाद बस वापस मेघदूत वन पार्किंग पर लौटेगी।

    शहर के 12 अन्य मार्ग भी सक्रिय
    उज्जैन शहर में कुल 12 मार्गों में जो शैक्षणिक, धार्मिक, आवासीय और व्यवसायिक क्षेत्रों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ेंगे उसमें तपोभूमि-पानविहार, उज्जैन रेलवे स्टेशन-कालियादेह महल, कानीपुरा-अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट-तपोभूमि, देवास-ताजपुर, देवास गेट-नए आरटीओ, महाकाल चौराहा-अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट-नानाखेड़ा, अवंतिका विश्वविद्यालय-नानाखेड़ा, देवास गेट-मुरलीपुरा, तपोभूमि-नजरपुर और उज्जैन दर्शन मार्ग शामिल हैं।

    इन 12 मार्गों से गुजरेगी बस
    शहर में स्थानीय परिवहन को सुगम बनाने के लिए 12 बस मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं। इनमें तपोभूमि से पान विहार, रेलवे स्टेशन से कालियादेह महल, कानीपुरा से अभिलाषा कालोनी, देवास गेट से नानाखेड़ा और अवंतिका विश्वविद्यालय से नानाखेड़ा जैसे मार्ग शामिल हैं। इनसे आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक और धार्मिक क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान बनाने का लक्ष्य है।

    सिंहस्थ से पहले महत्वपूर्ण कदम
    सिंहस्थ 2028 में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए यह व्यवस्था निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और शहर के धार्मिक पर्यटन को व्यवस्थित करने की दिशा में अहम पहल है। हालांकि, इसकी वास्तविक उपयोगिता नियमित संचालन, बसों की उपलब्धता और यात्रियों को समय पर सुविधा मिलने पर निर्भर करेगी।

    कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेश नाथ महाराज, डा. लता वानखेड़े, महापौर मुकेश टटवाल, हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

    बस सरकार की, संचालन ग्रीन सेल का
    बस सेवा की पूरी व्यवस्था कई स्तरों पर काम करेगी। राज्य स्तर पर मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवाईपीएल) व्यवस्था देखेगी। इसके तहत उज्जैन संभाग के लिए यूसीटीसीएल काम करेगी। यूसीटीसीएल के एमडी मनीष सिंह और कार्यकारी निदेशक संदीप सोनी हैं।

    नगर निगम आयुक्त, लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी व्यवस्था से जुड़े हैं। बसों का प्रत्यक्ष संचालन ग्रीन सेल कंपनी करेगी। ड्राइवर-कंडक्टर उपलब्ध कराने से लेकर बस के मेंटेनेंस तक की जिम्मेदारी ग्रीन सेल की रहेगी। इसके बदले यूसीटीसीएल द्वारा ऑपरेटर को 58 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।

    ये रहेगी संचालन की व्यवस्था
    यात्रियों से किराया लेने और फेयर कलेक्शन की जिम्मेदारी ‘चलो’ कंपनी को दी गई है। टिकट से मिलने वाली पूरी आय यूसीटीसीएल के पास जाएगी। ‘चलो’ कंपनी को बस संचालन के हिसाब से 8 रुपये प्रति किलोमीटर के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

    महाकाल लोक पुलिस स्टेशन शुरू
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने श्री महाकाल लोक पुलिस स्टेशन का भी शुभारंभ किया. महाकाल क्षेत्र में बढ़ती श्रद्धलुओं की संख्या और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

    14.42 किलोमीटर सड़क, आरओबी और पुल का निरीक्षण
    मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया. लोक निर्माण विभाग द्वारा सीआईआरएफ के तहत निर्मित की जा रही 42.14 किलोमीटर लंबी सड़क और आरओबी व पुल निर्माण कार्यो को देखा. मुख्यमंत्री ने कहा, ''अवंतिका प्राचीन काल से गौरवशाली नगरी है. उज्जैन के सौंदर्यीकरण में नागरिक भी अपना योगदान दे रहे हैं. उज्जैन में मेट्रो ट्रेन की सौगात जल्द मिलने वाली है.'' प्रदेश में उद्योगिक विकास और अलग अलग शहरों के विकास से जुड़े प्रयासों के बारे में बताया। 

    172.87 करोड़ की 15 विकास परियोजनाएं
    मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले को 172.87 करोड़ के 15 वि
    कास कार्यों की भूमिपूजन व लोकार्पण कर सौगात दी है. जिसमें 12 कार्य भूमिपूजन व 3 लोकार्पण है. भूमिपूजन में गौशाला मार्ग से शिप्रा विहार मार्ग निर्माण, महाकाल लोक क्षेत्र में पार्किंग, श्री महाकाल मंदिर परिसर का विकास और क्षिप्रा नदी के घाटों का जीर्णोद्धार शामिल है. साथ ही महाकाल मंदिर के पीछे लैंडस्केप, चिंतामण जवासिया में पुलिस आवास, उन्हेल में थाना भवन, पर्यटन विभाग से सबंधित कार्य. जिनकी लागत 153.31 करोड़ है. वहीं, 19.56 करोड़ के लोकार्पण में नीलगंगा और उन्हेल में निर्मित पुलिस आवास व थाना भवन, बड़नगर में निर्मित 33/11 के.वी विद्युत उपकेंद्र शामिल हैं। 

     

  • आमजन से बोले सीएम- घबराइए मत, सबकी समस्या का होगा समाधान

    आमजन से बोले सीएम- घबराइए मत, सबकी समस्या का होगा समाधान

    जनता दर्शन 

    शांति, खुशहाली व सुदृढ़ कानून व्यवस्था नए यूपी की पहचान, इसमें बाधा डालने वालों को सिखाएं सबकः मुख्यमंत्री

    रायबरेली से आए बुजुर्ग की पीड़ा सुन मुख्यमंत्री ने तत्काल दोषियों पर कार्रवाई का दिया निर्देश 

    राजस्व से जुड़े प्रकरणों का समय से निस्तारण करने पर रहा सीएम का जोर 

    आमजन से बोले सीएम- घबराइए मत, सबकी समस्या का होगा समाधान

    लखनऊ
     जनसेवा को सदैव सर्वोपरि रखने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और पीड़ितों को समाधान का भरोसा दिया। रायबरेली से आए एक बुजुर्ग अपनी पीड़ा कहते भावुक हो गए, इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल दोषियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कहा कि शांति, खुशहाली व सुदृढ़ कानून व्यवस्था ही नए उत्तर प्रदेश की पहचान है, इसमें बाधा डालने वालों को कानूनी ढंग से सबक सिखाएं। कब्जे की शिकायतों पर भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जमीन कब्जामुक्त कराने के साथ दोषियों पर कार्रवाई की जाए। 

    हर पीड़ित से मिले मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री ने कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचकर उनकी पीड़ा जानी। उन्होंने हर पीड़ित को आश्वस्त किया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री ने मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका समयबद्ध-पारदर्शी निस्तारण कराएं। 

    मुख्यमंत्री ने बुजुर्ग का सुना प्रकरण, आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश 
    रायबरेली से एक बुजुर्ग भी जनता दर्शन में पहुंचे। शरीर पर लगी चोट मुख्यमंत्री को दिखाते हुए उनका गला रुंध गया। इस पर मुख्यमंत्री ने उनसे पूरे प्रकरण की जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उन पर अकारण हमला कर दिया है। आरोपियों को लगता है कि वह कहीं बाहर रहते हैं। ऐसे में घात लगाए बदमाशों ने उन्हें पीटा और रुपये छीन लिए। इस पर मुख्यमंत्री ने मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि सख्त से सख्त कार्रवाई कर इस प्रकरण में तत्काल कार्रवाई करें। 

    राजस्व से जुड़े प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर 
    कुछ पीड़ितों ने जमीन जबरन कब्जा किए जाने की भी शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की जमीन हड़पी है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जमीन अवैध या जबरन कब्जे से मुक्त होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने राजस्व से जुड़े प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया।

  • मुख्यमंत्री योगी का हमला- सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था, बाकी गांवों और जिलों की नहीं थी चिंता

    मुख्यमंत्री योगी का हमला- सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था, बाकी गांवों और जिलों की नहीं थी चिंता

    नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रही सपा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    मिशन रोजगार के तहत 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री योगी ने विकसित गांव का दिया मंत्र
     
    बोले- नौजवानों के हक पर डकैती डालने वाले नए रूप में आ रहे सामने, भ्रम फैलाकर यूपी को फिर अराजकता में धकेलने की करेंगे कोशिश
     
    मुख्यमंत्री योगी का हमला- सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था, बाकी गांवों और जिलों की नहीं थी चिंता
     
    बोले- 2017 से पहले हर जिले में चलती थी माफिया की समानांतर सरकार, आज यूपी दंगा, उपद्रव और माफिया से मुक्त
     
    छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी का लक्ष्य, बोले- सपा-कांग्रेस के नेता गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र बांटते रहेंगे
     
    राजभर बोले- सपा सरकार में नौकरी के हिसाब से तय होता था रेट, शाही ने कहा- अब बिना घूसखोरी मिल रही सरकारी नौकरी
     
    ग्राम पंचायत जितनी बढ़ाएगी अपनी आय, सरकार उतनी ही देगी अतिरिक्त धनराशि, आत्मनिर्भर गांव बनाने पर जोर
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सरकारी नौकरियों और गांवों के विकास को लेकर समाजवादी पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने नौजवानों के हक पर डकैती डाली, दलितों को योजनाओं से वंचित रखा और पिछड़ों का हक मारा, वही आज नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं। सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था। मुख्यमंत्री योगी ने सपा-कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है। वे गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र वितरित करते रहेंगे।
     
    मुख्यमंत्री योगी मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि आयोग ने निष्पक्ष और शुचितापूर्ण चयन प्रक्रिया समय सीमा में पूरी की है।
     
    योग्यता थी, फिर भी नौकरी रहती थी दूर
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले सरकारी नौकरी का विज्ञापन निकलते ही आशंकाएं खड़ी हो जाती थीं। गरीब और बिना पहुंच वाले परिवार का बच्चा योग्य होने के बावजूद नौकरी से दूर रहता था। इस जकड़न और बेईमानी को समाप्त करने के लिए सरकार ने व्यवस्था बदली। आज साढ़े नौ लाख नौजवान सरकारी नौकरी प्राप्त कर चुके हैं।
     
    उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश की गिनती देश के पांच पिछड़े राज्यों में होती थी, जबकि आज प्रदेश शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट का दायरा तीन गुना हुआ है।
     
    सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई
    मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था। प्रदेश के बाकी गांवों और जिलों से उसे कोई मतलब नहीं था। केंद्र सरकार गरीबों को आवास और शौचालय देना चाहती थी, लेकिन तत्कालीन सरकार योजनाओं को लागू नहीं होने देती थी। गरीबों के आवास की बात आती थी तो सपा अपने कैडर को लाभ देना चाहती थी।
     
    हर जिले में चलती थी माफिया की समानांतर सरकार
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले हर जिले में माफिया की समानांतर सरकार चलती थी। असलहे लहराते हुए गाड़ियों के काफिले निकलते थे और पर्व-त्योहारों से पहले उपद्रव शुरू हो जाता था। उन्होंने कहा कि सरकार ने माफिया तंत्र और अराजकता पर प्रभावी कार्रवाई की। आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू, दंगा, उपद्रव और माफिया से मुक्त होकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
     
    अक्टूबर से फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपा अध्यक्ष नियुक्ति पत्र नहीं बांटे जाने की बात कर रहे थे। सितंबर में यह चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है। अक्टूबर के पहले सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। अगले छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य है।
     
    उन्होंने सरदार भगत सिंह की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मात्र 23 वर्ष की उम्र में देश के लिए बलिदान दिया। नियुक्ति पत्र पाने वाले बहुत से युवाओं की उम्र भी 20 से 27 वर्ष के बीच है। उन्हें अपनी ऊर्जा और प्रतिभा प्रदेश की समृद्धि में लगानी है।
     
    पंचायत भवन नहीं, अब ग्राम सचिवालय
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब गांवों में ग्राम सचिवालय बनाए गए हैं। इनमें ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी के कार्यालय के साथ लेखपाल, बीसी सखी और पंचायत सहायक के बैठने की व्यवस्था है। डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
     
    उन्होंने कहा कि जन्म, आय और निवास प्रमाणपत्र जैसी सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को ब्लॉक और तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे। बीसी सखी, पंचायत सहायक, अन्नपूर्णा भवन और उत्सव भवन से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
     
    अपनी आय बढ़ाने वाली पंचायत को अतिरिक्त धन
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ग्राम पंचायतें अपनी भूमि, दुकानों और तालाबों के बेहतर उपयोग से आय बढ़ा सकती हैं। धार्मिक महत्व न रखने वाले तालाबों में मत्स्य पालन कराया जा सकता है। ग्राम पंचायत जितनी अपनी आय अर्जित करेगी, सरकार उतनी ही अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराएगी। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों से मॉडल और स्मार्ट ग्राम पंचायत की सोच के साथ काम करने को कहा।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विकसित भारत का सपना विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना आत्मनिर्भर व विकसित ग्राम पंचायत से पूरा होगा। नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारी इसमें महत्वपूर्ण सारथी हैं।
     
    नौकरी के हिसाब से तय होता था रेट: राजभर

    पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में नौकरी का विज्ञापन निकलते ही गुर्गे सक्रिय हो जाते थे और पद के हिसाब से रकम तय होती थी। आज बिना पैसे सरकारी नौकरी मिल रही है।
     
    अब बिना घूसखोरी मिल रही नौकरी: शाही
    कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों से साढ़े नौ लाख युवाओं को बिना घूसखोरी और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी मिली है।
     
    कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
    कार्यक्रम में महापौर सुषमा खड़कवा
    ल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, विधायक डॉ. नीरज बोरा, प्रमुख सचिव पंचायती राज रविंद्र कुमार और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन सामन उपस्थित रहे।

  • LPU में तनाव के बाद 10 दिन की छुट्टी, इंटरनेट बंद; छात्र लौट रहे घर

    LPU में तनाव के बाद 10 दिन की छुट्टी, इंटरनेट बंद; छात्र लौट रहे घर

    फगवाड़ा/जालंधर
    सोमवार सुबह LPU के बाहर हाईवे पर आवाजाही सामान्य है। यूनिवर्सिटी के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। डीजीपी गौरव यादव ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर मीडिया से बात की। एसएसपी गौरव तूरा ने पुलिस फोर्स को गाइड किया।

    पंजाब से BJP के राज्यसभा मेंबर अशोक मित्तल की फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुए बवाल के बाद अगले आदेश तक यहां इंटरनेट बंद कर दिया गया है। किसी तरह के भड़काऊ वीडियो से माहौल फिर खराब न हो, इसके लिए ये आदेश दिए गए हैं। 

    छात्र प्रदर्शन के बीच डीजीपी गौरव यादव खुद स्थिति का जायजा लेने एलपीयू पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को हिंसा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। डीजीपी ने कहा कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। डीजीपी ने बताया कि छात्रों और यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट के बीच आज फिर बैठक होगी।

    उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की बात सुनी जाएगी और उनकी समस्याओं को मैनेजमेंट के सामने रखा जाएगा। वहीं, पुलिस के मुताबिक देर रात कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ते हुए पुलिस और मीडिया की गाड़ियों पर पथराव किया तथा तोड़फोड़ की। इस संबंध में जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है। डीजीपी ने पुलिस कमिश्नर और एसएसपी को निर्देश दिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जो भी दोषी मिले, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और मीडिया से भी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही खबर प्रकाशित करने की अपील की। 

    वहीं CM भगवंत मान ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उनके निर्देश पर DGP गौरव यादव ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

    इसके बाद DGP ने कहा-
    पुलिस ने मिनिमम फोर्स यूज की। स्टूडेंट्स से बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश की गई। अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बना दी गई है।

    वहीं हंगामे के बाद LPU को 10 दिन के लिए बंद कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी ने कहा है कि जो स्टूडेंट्स अपने घर जाना चाहते हैं, वह पेरेंट्स को बुला लें। जो स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी में ही रुकना चाहते हैं, वे बेवजह हॉस्टल से न निकलें। केवल जरूरी काम के लिए ही हॉस्टल से बाहर आएं।

    यूनिवर्सिटी में मिड-टर्म एग्जाम रद्द कर दिए गए। इसके अलावा, रविवार सुबह करीब 6 बजे से करीब 18 घंटे तक जाम रहा दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे रविवार रात करीब 12 बजे खुल गया। इसी बीच हंगामे के दौरान मॉल से सामान लूटा गया, अज्ञात लड़कों ने गर्ल्स हॉस्टल में घुसने की कोशिश की।

    बता दें कि यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप का मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शनिवार-रविवार की दरमियानी रात बवाल शुरू हुआ था, जो रविवार आधी रात को थमा। इस दौरान यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ हुई। इस माहौल को शांत करने के लिए पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले भी दागे। छात्रों ने भी पुलिस की गाड़ियां फूंक दीं, पथराव किया।

    अब स्थिति पुलिस के कंट्रोल में है और यूनिवर्सिटी में पुलिसबल तैनात है। पुलिस ने छात्रों की मांग पर यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप की FIR दर्ज कर ली है। रेप के मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का भी गठन किया है, जिसमें 5 स्टूडेंट्स हैं। DIG नवीन सिंगला ने छात्रों का भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच की जाएगी।

    शाह की जालंधर में रैली से पहले जानबूझकर तो नहीं भड़काई गई हिंसा: बलियावाल

    पंजाब भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के बवाल पर सवाल उठाया है। बलियावाल ने कहा कि एलपीयू में जो कुछ भी हो रहा है, वह पंजाब में कानून और व्यवस्था की एक गंभीर विफलता है। कैंपस में हिंसा, तोड़फोड़ और झड़पों की खबरों ने आम आदमी पार्टी सरकार के स्थिति से निपटने के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

    ऐसी प्रामाणिक रिपोर्टें आ रही हैं कि बाहरी लोग हथियारों या संचार उपकरणों के साथ परिसर में दाखिल हुए थे। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे कौन थे, उन्हें किसने भेजा था और उनका मकसद क्या था? इस बात पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या इस अशांति को जानबूझकर भड़काया गया था और क्या इसका 30 सितंबर को होने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के कार्यक्रम से कोई संबंध है? इन दावों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। भाजपा के 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' कार्यक्रमों के दौरान भी पंजाब आप कार्यकर्ताओं की ऐसी ही हरकतें देख चुका है। पंजाब की जनता तथ्यों, जवाबदेही और एक पारदर्शी जांच की हकदार है! पंजाब देख रहा है। भारत देख रहा है।

    बाहर से आए लोगों ने की तोड़फोड़
    विशाल कुमार नाम के एक छात्र ने एजेंसी को बताया कि छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन रात को बाहर से बड़ी संख्या में लोग मास्क पहनकर आए और स्थिति हिंसक हो गई। कैंपस में तोड़-फोड़ हुई। वे एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में जाकर सब कुछ तोड़-फोड़ रहे थे। वे छात्र नहीं थे। रात में बहुत हिंसा हुई। फिर हमें यूनिवर्सिटी से 10 दिन की छुट्टी का मैसेज मिला। अब सब घर जा रहे हैं। सुरक्षा एक चिंता का विषय है। कल रात के मंजर बहुत डरावने थे।  

    दातर के साथ पकड़े पांच युवक
    छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर 27वीं बटालियन की कमांडेंट गुरमीत कौर ने बताया कि पांच युवकों को पकड़ा गया है। उनके पास से एक 'दातर' और एक वॉकी-टॉकी सेट बरामद किया गया है। अब उनसे पूछताछ की जाएगी।  

    डीआईजी-एसएसपी की गाड़ियां तोड़ी
    शनिवार देर रात शुरू हुए हंगामे के बाद रविवार देर रात पुलिस के लाठीचार्ज के बाद हालात तेजी से बिगड़े। छात्रों ने पुलिस पर पथराव किया और पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला और एसएसपी की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त कर दी गईं। कई अन्य पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ हुई और कई वाहनों में आग लगाए जाने की सूचना है। तनाव को देखते हुए 5 हजार से ज्यादा पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।  

  • MP Weather: मानसून जल्द लेगा विदाई, सामान्य बारिश से सिर्फ 0.2% दूर; अब खिलेगी तेज धूप

    MP Weather: मानसून जल्द लेगा विदाई, सामान्य बारिश से सिर्फ 0.2% दूर; अब खिलेगी तेज धूप

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में मानसून अब आखिरी दौर में पहुंच गया है। प्रदेश में सीजन की कुल बारिश 37.7 इंच हो चुकी है, जो सामान्य कोटे का 95.8 प्रतिशत है। सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अब सिर्फ 0.2 प्रतिशत पानी की जरूरत है। अगले तीन-चार दिन में कहीं हल्की बारिश भी होती है तो प्रदेश सामान्य बारिश की श्रेणी में पहुंच सकता है। इसी बीच मानसून की विदाई की उल्टी गिनती भी शुरू हो गई है। मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार, अगले चार दिन प्रदेश में भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं है। सोमवार से बारिश की गतिविधियां कमजोर रहेंगी। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप का असर दिखाई देने लगेगा। आने वाले दिनों में प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में मौसम साफ रहने के आसार हैं।

    मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई एक सप्ताह के अंदर होने लगेगी। मौसम केंद्र (IMD), भोपाल के मुताबिक- अगले 4 दिन प्रदेश के किसी भी जिले में अति भारी या भारी बारिश होने का अनुमान नहीं है। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप खिलेगी।

    रविवार तक प्रदेश में औसत 37.7 इंच बारिश हो गई, जो कोटे की 95.8 प्रतिशत है। 0.2% बारिश होने के बाद प्रदेश 'सामान्य बारिश' की कैटेगिरी में आएगा। 3 दिन में यदि कहीं हल्की बारिश भी हुई तो प्रदेश सामान्य बारिश की कैटेगिरी में आ सकता है।

    48 घंटे की तेज बारिश के बाद थमा दौर
    पिछले दिनों गहरे अवदाब के असर से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में करीब 48 घंटे तक तेज बारिश हुई। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ा और बांधों के गेट खोलने पड़े। रविवार से मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने लगी, जिसके बाद भारी बारिश का दौर थम गया। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई शहरों में रविवार को धूप-छांव की स्थिति रही। अब बारिश की गतिविधि कमजोर होने के साथ तापमान बढ़ने और धूप तेज होने की संभावना है।

    पूर्वी एमपी में बारिश का आंकड़ा बेहतर
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग की औसत बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2 से 20 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी हिस्से में स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

    इन जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
    अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    48 घंटे भारी बारिश, फिर कमजोर हुआ सिस्टम
    गहरे अवदाब की वजह से 48 घंटे तक प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अति भारी या भारी बारिश का दौर बना रहा। इस वजह से नदियां उफान पर आ गईं, जबकि कई डैम के गेट भी खुल गए।

    रविवार से सिस्टम कमजोर होने लगा और भारी बारिश का दौर थमा रहा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों में धूप-छांव वाला मौसम रहा। सोमवार से सिस्टम की एक्टिविटी नहीं होने से कई जिलों में तीखी धूप खिलेगी।

    तीसरे दिन आधे से ज्यादा हिस्से में धूप खिलेगी। इसी बीच मानसून की विदाई भी शुरू होने का अनुमान है।

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 2% से 20% तक कम बारिश हुई है।

    वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है।

    इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में अबकी बार सामान्य की 100 प्रतिशत बारिश होने की उम्मीद कम है।

    जून की कमी पूरी नहीं हो पाई
    इस मानसून सीजन में जून की कम बारिश का असर अब भी कुल आंकड़े में दिखाई दे रहा है। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून के दो ब्रेक आए और कई दिनों तक बारिश गतिविधियां कमजोर रहीं। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश से कमी काफी हद तक कम हुई। सितंबर के आखिरी दौर में भी तेज बारिश हुई, लेकिन जून की पूरी कमी की भरपाई नहीं हो सकी। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश है। प्रदेश में सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है। अब मानसून की विदाई से पहले होने वाली हल्की बारिश ही प्रदेश को सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचा सकती है।

     

  • बैंक हड़ताल टली, आज से खुलेंगे बैंक; IBA और UFBU के बीच बातचीत से निकला हल

    बैंक हड़ताल टली, आज से खुलेंगे बैंक; IBA और UFBU के बीच बातचीत से निकला हल

    नई दिल्ली
     इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) से अपनी मांगों पर भरोसा मिलने के बाद जिसमें हफ्ते में पांच दिन काम करना भी शामिल है, बैंक यूनियनों ने अपनी तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल टाल दी. देशव्यापी हड़ताल सोमवार यानी आज से शुरू होने वाली थी. इससे कारोबारी समेत आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। 

    सोमवार से शुरू होने वाली हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने किया था. हड़ताल टालने के साथ बैंक सोमवार यानी आज से काम करेंगे. यूएफबीयू ने एक बयान में कहा, 'यह समिति सभी संभावित विकल्पों का पता लगाएगी, सभी हितधारकों के साथ चर्चा करेगी और सभी हितधारकों और अधिक महत्वपूर्ण रूप से ग्राहकों के लिए स्वीकार्य समाधान निकालेगी। 

    इस फैसले की घोषणा यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 27 सितंबर को रात 9:30 बजे IBA के साथ मीटिंग के बाद जारी एक सर्कुलर में की. स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम पर दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि यूनियनों और एसोसिएशनों द्वारा उठाए गए आपत्तियों को दूर करने के लिए इंडियन बैंक्स एसोसिएशन द्वारा सरकार को बदलाव का प्रस्ताव देने के साथ चर्चा शुरू हो सकती है। 

    सर्कुलर में कहा गया है कि 8 मार्च, 2024 के मिनट्स में बताए गए बाकी मुद्दों पर भी जल्द समाधान के लिए चर्चा की जाएगी. सर्कुलर में आगे कहा गया, 'इन बातों को देखते हुए यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस इस बात पर सहमत हुआ कि प्रस्तावित आंदोलनकारी प्रोग्राम और हड़ताल की कार्रवाई टाल दी जाएगी। 

    यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने शुक्रवार को तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की थी. यूएफबीयू हिमाचल प्रदेश के संयोजक और बैंकर्स यूनाइटेड फोरम ऑफ हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा ने कहा कि यूनियनों को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि ढाई साल से भी पहले सरकार के साथ हुए समझौते में किए गए वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। 

    शर्मा ने कहा, 'हमारी मुख्य मांग पांच दिन का बैंकिंग वीक लागू करना है, जिसमें शनिवार और रविवार को साप्ताहिक छुट्टियां हों. दूसरा बड़ा मुद्दा नई परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम को वापस लेना है, जिसे डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने एकतरफा लागू किया है। 

    समझौते पर साइन हुए ढाई साल से भी ज्यादा समय हो गया है, लेकिन इसमें किए गए वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं. इसलिए हमारे पास आंदोलन का सहारा लेने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है.' उन्होंने आगे कहा, 'हम यह साफ करना चाहते हैं कि बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का कस्टमर्स को परेशान करने का कोई इरादा नहीं है। 

    हम बिना रुकावट बैंकिंग सर्विस की अहमियत और हड़ताल के दौरान कस्टमर्स को होने वाली मुश्किलों को समझते हैं लेकिन, जब हमारी जायज मांगें और एग्रीमेंट में किए गए वादे इतने लंबे समय तक पेंडिंग रहते हैं, तो हम सरकार का ध्यान खींचने के लिए ऐसे एक्शन लेने पर मजबूर हो जाते हैं। 

  • बुलडोजर एक्शन से पहले उज्जैन में हंगामा, पुलिस पर पथराव; आंसू गैस दागी

    बुलडोजर एक्शन से पहले उज्जैन में हंगामा, पुलिस पर पथराव; आंसू गैस दागी

    उज्जैन
    शाही मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों की भीड़ जमा हो गई है। इसके बाद एक बार फिर से बवाल बढ़ गया है। मुस्लिम समाज के लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी है। साथ ही पत्थर फेंकने लगे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस आंसू गैस के गोले दागे हैं। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती है।

    सुबह में जमा हुए मुस्लिम समाज के लोग
    उज्जैन में शांति के बाद भोर में मुस्लिम समाज के लोग घर लौट गए थे। कुछ देर पहले समाज के लोगों की भीड़ वहां फिर से जमा होने लगी। इसके बाद नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। लोगों को रोकने के लिए 500 मीटर के एरिया को बैरिकेड कर दिया गया था।

    सोमवार सुबह हुआ पथराव 
    उज्जैन में आज सुबह नगर निगम की कार्रवाई से पहले ही शाही मस्जिद हटाने का विरोध शुरू हो गया. अचानक से यहां पुलिसबल की तरफ पथराव शुरू हो गया. जिसके बाद पुलिस ने   उपद्रव को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े हैं. कुछ देर तक पथराव के बाद पुलिस ने एक्शन तेज कर दिया और भीड़ को तितर-बितर किया गया. हालांकि मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है. लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी के दौरान महिला टीआई पुष्पा पांचाल के हाथ में चोट लगी है। 

    उज्जैन के टंकी चौराहे पर भीड़ जमा हुई
    उज्जैन के टंकी चौराहे बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी है. यही पर पत्थरबाजी हुई है. बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने विरोध के दौरान मस्जिद परिसर में जाने की कोशिश की है. जिन्हें पुलिस ने रोक दिया है. मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात है. स्थिति को नियंत्रण में रखने की लगातार कोशिश हो रही है. शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने के विरोध में मुस्लिम महिलाओं ने उज्जैन के नाका नंबर-5 पर चक्का जाम किया है. यहां बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर बैठी हैं. जिसकी वजह से सुबह से उज्जैन शहर का ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ है. यहां भी पुलिसबल महिलाओं को हटाने में जुटी है। 

    उज्जैन में 2000 पुलिसकर्मी तैनात 
    कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उज्जैन शहर में करीब 2000 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. जिसमें RAF और STF के जवान भी शामिल हैं. शहर के काजी खलीकुर्रहमान  के साथ प्रशासन ने बातचीत की है। 

    उज्जैन में क्या शाही मस्जिद का यह मामला
    दरअसल, उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की कवायद जारी है. इसी क्रम में गोपाल मंदिर रोड पर प्रस्तावित चौड़ीकरण को लेकर शाही मस्जिद का मामला सामने आया है. मस्जिद को चौड़ीकरण की कार्रवाई से प्रभावित किए जाने की आशंका के चलते मुस्लिम समाज ने विरोध दर्ज कराया है. इसको लेकर हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर हुई है. एकलपीठ से याचिका खारिज होने के बाद युगलपीठ में अपील की गई है. शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी थी. अब सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित है. शाही मस्जिद के इमाम मोहम्मद इब्राहिम ने धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताते हुए प्रशासन से इसे बचाने की अपील की है. फिलहाल सोमवार सुबह कार्रवाई शुरू होने से पहले ही विवाद बढ़ता जा रहा है। 

    भीड़ ने शुरू कर दी पत्थरबाजी
    इसके बाद भीड़ ने नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन की टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी है। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोल दागे हैं। शाही मस्जिद के पास स्थिति को देखते हुए 2500 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही दूसरे जिलों से भी बल बुलाया गया है।

    पूरे शहर में अलर्ट जारी
    स्थिति को देखते पूरे शहर में अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस बल हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। आंसू गैस के गोले से भीड़ को हटाया जा रहा है। एसपी समेत अन्य लोग वहां मौजूद हैं।

    क्यों हो रहा है विवाद
    सड़क चौड़ीकरण को लेकर उज्जैन शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा तोड़ा जाना है। इसे लेकर मुस्लिम समाज के लोग विरोध कर रहे हैं। इसी को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों के साथ पुलिस की मीटिंग हुई थी। रात में मामला सुलझ जाने के बाद सुबह में फिर से विवाद बढ़ गया है। इसके बाद प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने की कवायद शुरू कर दी है।

  • छत्तीसगढ़ बनेगा बड़ा टूरिज्म डेस्टिनेशन, पर्यटन कारोबारियों की B2B बैठक में साझेदारी पर जोर

    छत्तीसगढ़ बनेगा बड़ा टूरिज्म डेस्टिनेशन, पर्यटन कारोबारियों की B2B बैठक में साझेदारी पर जोर

    विश्व पर्यटन दिवस पर ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन

    छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की पहल, देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

    बीटूबी बैठक में पर्यटन कारोबारियों के बीच व्यावसायिक साझेदारी पर जोर, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से किया गया सम्मानित

    छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – राजेश अग्रवाल

    रायपुर, 
    विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट, नवा रायपुर में किया गया। आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देश-विदेश के पर्यटन बाजार से जोड़ना, पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देना तथा प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाना था। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों, विशेषकर पड़ोसी राज्यों के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटलियर्स, होम-स्टे संचालकों तथा विदेशी टूर एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, एलियांज इंडिया एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीप भगत, छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत भाटिया, कपिल जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही कलेक्टर विजय दयाराम के., होटल मेफेयर के जीएम नीलेश, जिला पंचायत जीपीएम के सीईओ मुकेश रावटे सहित पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि एवं पर्यटन मंडल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

    पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। छत्तीसगढ़ के पास बस्तर की जीवंत जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत, राजिम की धार्मिक आस्था, भोरमदेव की स्थापत्य कला और बारनवापारा का वन्यजीवन जैसी विविध पर्यटन संपदाएं हैं।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, कारीगरों एवं कलाकारों के लिए बाजार तथा ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार करना भी है।

    अग्रवाल ने कहा कि ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस’ पर्यटन कारोबारियों को देश-विदेश के पर्यटन बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। इससे व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने, नए पर्यटन बाजारों से जुड़ने, नए टूर पैकेज विकसित करने तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अधिक से अधिक पर्यटकों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र में पर्यटन विकास जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।

    पर्यटन मंडल अध्यक्ष ने बताया आयोजन का उद्देश्य

    छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव या औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। देश-विदेश के पर्यटन कारोबारियों और विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने तथा छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स पर्यटन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बीटूबी बैठक के माध्यम से नए पर्यटन पैकेज तैयार करने और व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने के अवसर मिले हैं। उन्होंने ट्रैवल एजेंट्स से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अपने टूर पैकेज में शामिल करने और प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को देश-दुनिया तक पहुंचाने में सहयोग करने का आह्वान किया।

    400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां पर्यटन मंडल से जुड़ीं

    नीलू शर्मा ने बताया कि दिल्ली, भुवनेश्वर, पुणे और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में रोड शो एवं विभिन्न राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में सहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन सुविधाओं का प्रचार-प्रसार किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस नेटवर्क को और विस्तारित किया जाएगा।

    डिजिटल तकनीक और एआई से पर्यटन को नई दिशा देने पर जोर

    छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने अपने प्रस्तुतीकरण में विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम क्पहपजंस ।हमदकं ंदक ।तजपपिबपंस प्दजमससपहमदबम जव त्मकमेपहद ज्वनतपेउ के संदर्भ में छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में निरंतर सीखने, नए प्रयोग करने और नई संभावनाओं की तलाश की आवश्यकता है। डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग पर्यटन संबंधी जानकारी, प्रचार-प्रसार, पर्यटक अनुभव, कंटेंट निर्माण और पर्यटन स्थलों की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रभावी माध्यम के रूप में किया जा सकता है।

    प्रस्तुतीकरण में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा, जलप्रपात, वन्यजीव, गुफाएं, जनजातीय संस्कृति, सामुदायिक पर्यटन, होम-स्टे, साहसिक पर्यटन और ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर-कैलाश-दंडक गुफाएं, मैनपाट, जशपुर, बस्तर दशहरा, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल गणेश, नारायणपाल और मल्हार जैसे पर्यटन एवं विरासत स्थलों की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।

    उन्होंने बताया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के साथ पर्यटन विकास की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। होम-स्टे के लिए 82 लाभार्थियों के 280 से अधिक कमरों की पहचान, डिजिटल रिजर्वेशन के लिए पर्यटन मंडल की वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप तथा निवेशक बैठकों और रोड शो के माध्यम से बाजार पहुंच बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सिरपुर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान, शक्तिपीठ कॉरिडोर, डेस्टिनेशन साइनेज एवं सुविधाओं सहित विभिन्न पहलें प्रगति पर हैं।

    स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में कार्य

    पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि पर्यटन को केवल भ्रमण का विषय न मानकर विकास, रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाना होगा। स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़कर रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संपदा को बेहतर पर्यटन उत्पादों और पैकेज में परिवर्तित करते हुए अन्य राज्यों एवं देशों के साथ पर्यटन साझेदारी विकसित करनी होगी।

    डॉ. भारतीदासन ने कहा कि आज के आयोजन का उद्देश्य केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यहां बने नए संपर्कों और साझेदारियों को वास्तविक पर्यटन विकास में परिवर्तित करना होना चाहिए। डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है।

    पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से नई दिशा

    छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत भाटिया ने कहा कि लगभग तीन वर्षों के अंतराल के बाद इस प्रकार का महत्वपूर्ण आयोजन पुनः होना प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को पर्यटन का उद्योग का दर्जा मिलने से इस क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली है। पर्यटन के क्षेत्र में गतिशीलता, समयबद्धता और बेहतर क्रियान्वयन आवश्यक है तथा शासन, पर्यटन विभाग और सभी हितधारकों को मिलकर कार्य करना होगा।

    राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में दिखी पर्यटन उद्योग की सहभागिता

    आयोजन स्थल पर विभिन्न टूर ऑपरेटर्स, होटलियर्स एवं पर्यटन संस्थाओं द्वारा प्रमोशनल स्टॉल लगाए गए। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एवं धमतरी जिला प्रशासन ने भी अपने पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार के लिए स्टॉल लगाए। देश के विभिन्न राज्यों एवं पड़ोसी राज्यों के पर्यटन कारोबारियों के साथ विदेशी टूर एजेंसियों की सहभागिता ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया।

    ट्रैवल एजेंट्स एवं अन्य पर्यटन हितधारकों के बीच बीटूबी बैठक आयोजित हुई। इसमें पर्यटन पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी, पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ लाने तथा प्रदेश के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस प्रकार आयोजन ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार से जुड़े हितधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण बिजनेस कनेक्ट मंच का स्वरूप लिया।

    पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान

    कार्यक्रम में पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। बेस्ट टूरिज्म डिस्ट्रिक्ट प्रमोशन अवार्ड गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को, बेस्ट इको टूरिज्म साइट अवार्ड तक्षक भोरमदेव को, बेस्ट होटल अवार्ड एम्बिशन जगदलपुर को, बेस्ट टूर ऑपरेटर अवार्ड डी. रमेश कैंप वन्स को, बेस्ट टूरिज्म स्टार्टअप अवार्ड हेरिटेज वाला के शिवम त्रिवेदी को, बेस्ट एडवेंचर टूर ऑपरेटर अवार्ड ट्रिपी हिल्स, जशपुर के सौरभ सिंह को तथा बेस्ट होम-स्टे अवार्ड धुरवा डेरा के मानसिंह को प्रदान किया गया।

    इसी क्रम में बेस्ट इन्फ्लुएंसर का पुरस्कार अनुपम सिन्हा को, बेस्ट टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर/स्टार परफॉर्मर सीटीबी का पुरस्कार डोंगरगढ़ के श्रीनिवास राव एवं टीम तथा बेस्ट स्टार परफॉर्मर रिसोर्ट सीटीबी का पुरस्कार इको हरेली रिसॉर्ट, बारनवापारा के सुभाष ठाकुर एवं टीम को प्रदान किया गया। सभी पुरस्कारों के अंतर्गत ₹11,000 की राशि का चेक, मोमेंटो एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पुरातात्विक स्थलों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया।

  • युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और रचनात्मकता से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री

    युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और रचनात्मकता से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री

    सीधी और सच्ची बात साहस के साथ रखें युवा, नई सोच को दें नई पहचान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव में हुए शामिल, विभिन्न क्षेत्रों की युवा प्रतिभाओं का किया सम्मान

    युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और रचनात्मकता से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री

    रायपुर, 
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आज की जनधारा मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव’ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर प्रदेश का नाम रोशन करने वाली युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया। उन्होंने आज की जनधारा की 36वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रकाशित ‘आज की जनधारा साहित्यिक वार्षिकी-2026’ का विमोचन भी किया।

    मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का युवा प्रतिभाशाली, परिश्रमी और संभावनाओं से भरपूर है। युवाओं की नई सोच, ऊर्जा और रचनात्मकता प्रदेश के भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति है। युवाओं को अपनी बात सीधी, सच्ची और साहस के साथ रखनी चाहिए तथा अपने विचारों और कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ युवाओं के सामने अवसरों का नया संसार खुला है। आवश्यकता इस बात की है कि वे अपनी प्रतिभा को पहचानें, बड़े लक्ष्य तय करें और पूरे आत्मविश्वास के साथ उन्हें हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ें।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और नए विचारों को साकार करने के लिए व्यापक अवसर मिल रहे हैं। आज भारत का युवा नवाचार, स्टार्टअप, विज्ञान, तकनीक, खेल, कला-संस्कृति सहित हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। छत्तीसगढ़ के युवाओं में भी अपार सामर्थ्य है और वे अपनी प्रतिभा तथा परिश्रम से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का सशक्त माध्यम बना है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, पोषण और जनभागीदारी के संदेश का उल्लेख करते हुए ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान की चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनगा पोषण का सहज और स्थानीय स्रोत है। इसे जनभागीदारी से घर-घर तक पहुंचाकर स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और मजबूत किया जा सकता है।

    प्रकृति और संस्कृति छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी पहचान

    मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक समृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा प्रदेश प्रकृति की अनुपम देन से समृद्ध है। यहां के वन, पहाड़, जलप्रपात, गांवों का सहज जीवन और विविध लोक परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने मधेश्वर पहाड़ और वहां की शिवलिंग सदृश प्राकृतिक संरचना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में अनेक ऐसे स्थल हैं, जिनमें पर्यटन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की असली आत्मा यहां के गांवों, लोकजीवन और संस्कृति में बसती है। सादरी सहित प्रदेश की विभिन्न बोलियां, लोककला, लोकगीत और नागपुरी संगीत हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाते हैं। नई पीढ़ी को आधुनिकता के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी जड़ों, भाषा-बोली और सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़े रहना चाहिए।

    संघर्ष से ही मिलता है आगे बढ़ने का संबल

    मुख्यमंत्री साय ने अपने जीवन के अनुभव युवाओं के साथ साझा करते हुए कहा कि कम उम्र में ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया था और परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। उन्होंने खेती-बाड़ी करते हुए परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं और अपने छोटे भाइयों की शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया। जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें संघर्ष करना और जिम्मेदारियों से पीछे न हटना सिखाया।

    उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन में परिस्थितियां हमेशा अनुकूल नहीं होतीं, लेकिन कठिनाइयों से घबराने के बजाय उनका सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। परिश्रम, धैर्य और संकल्प के साथ किया गया प्रयास व्यक्ति के लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते खोलता है।

    कार्यक्रम में प्रसिद्ध कलाकार पीयूष मिश्रा ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला एवं संस्कृति की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से पंडवानी की महान कलाकार पद्म विभूषण स्वर्गीय श्रीमती तीजन बाई के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अद्भुत कला के माध्यम से महाभारत के विभिन्न पात्रों को मंच पर जीवंत किया और पंडवानी को देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाई। मिश्रा ने कार्यक्रम में अपने प्रसिद्ध गीत ‘आरंभ है प्रचंड’ की प्रस्तुति भी दी।

    मुख्यमंत्री साय ने कॉन्क्लेव में सम्मानित युवा प्रतिभाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं के विचारों, उपलब्धियों और प्रतिभा को समाज के सामने लाने के साथ उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार कृष्णा दास,मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, आज की जनधारा के प्रधान संपादक सुभाष मिश्रा उपस्थित सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।