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  • WPL 2027 Auction से पहले बड़ा बदलाव, सभी 5 टीमों ने जारी की रिलीज-रिटेन खिलाड़ियों की लिस्ट

    WPL 2027 Auction से पहले बड़ा बदलाव, सभी 5 टीमों ने जारी की रिलीज-रिटेन खिलाड़ियों की लिस्ट

    नई दिल्ली
    महिला प्रीमियर लीग 2027 के पांचों फ्रेंचाइजी ने रिटेंशन लिस्ट जारी कर दी है। आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स ने अपने बड़े खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। रिलीज किए गए और रिटेन किए गए खिलाड़ियों की पूरी सूची देखिए।
    WPL 2027 के लिए सभी टीमों द्वारा रिलीज किए गए प्लेयर्स की सूची

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू: WPL 2027: गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लिन्से स्मिथ, ग्रेस हैरिस, दयालन हेमलता और गौतमी नाइक को रिलीज कर दिया है।

    ग्रेस हैरिस आरसीबी की बड़ी प्लेयर थीं।
    दिल्ली कैपिटल्स: WPL 2027: दिल्ली कैपिटल्स ने एलाना किंग, एडला सृजना, लिजेल ली, प्रगति सिंह, स्नेहा राणा, तानिया भाटिया को महिला प्रीमियर लीग 2027 के लिए अपनी टीम से रिलीज कर दिया है।

    लिजेल ली और स्नेहा राणा दिल्ली कैपिटल्स की बड़ी प्लेयर थीं।
    मुंबई इंडियंस: WPL 2027: दो बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने जी कमलिनी, मिल्ली इलिंगवर्थ, क्रांति रेड्डी, पूनम खेमनार, सैका इशाक और त्रिवेणी वशिष्ठ को रिलीज कर दिया है।

    गुजरात जायंट्स: WPL 2027: गुजरात जायंट्स ने डैनी व्याट-हॉज, आयुषी सोनी, तितास साधु और शिवानी सिंह को रिलीज कर दिया है।
    यूपी वारियर्स: WPL 2027: यूपी वॉरियर्स ने आशा शोभना, श्वेता सहरावत, किरण नवगिरे, डिएंड्रा डॉटिन, एमी जोन्स और क्लोट्रायोन को टीम से बाहर कर दिया है।

    WPL 2027 के लिए सभी टीमों द्वारा रिटेन किए गए प्लेयर्स की सूची
    दल्ली कैपिटल्स रिटेंशन लिस्ट: एनाबेल सदरलैंड, चिनेल हेनरी, दीया यादव, जेमिमा रोड्रिग्स, लौरा वोल्वार्ड्ट, लकी हैमिल्टन, ममता मदिवाला, मरिज़ाने काप, मिन्नू मनी, एन श्री चरणी, नंदनी शर्मा, निकी प्रसाद, शेफाली वर्मा।

    गुजरात जायंट्स द्वारा रिटेन किए गए प्लेयर: अनुष्का शर्मा, एश्ले गार्डनर, बेथ मूनी, भारती फुलमाली, जॉर्जिया वेयरहैम, हैप्पी कुमारी, जिंतीमनी कलिता, कनिका अहूजा, काश्वी गौतम, किम गार्थ, राजेश्वरी गायकवाड़, रेणुका सिंह, सोफी डिवाइन, तनुजा कंवर,
    यास्तिका भाटिया

    मुंबई इंडियंस द्वारा रिटेन किए गए खिलाड़ी: अमनजोत कौर, अमेलिया केर, हरमनप्रीत कौर, हेली मैथ्यूज, नेट साइवर-ब्रंट, निकोला केरी, राहिला फिरदौस, सजीवन सजना, संस्कृति गुप्ता, शबनिम इस्माइल, वैष्णवी शर्मा

    आरसीबी द्वारा रिटेन किए गए खिलाड़ी: स्मृति मंधाना, ऋचा घोष, श्रेयंका पाटिल, पूजा वस्त्रकार, अरुंधति रेड्डी, राधा यादव, नादिन डी क्लर्क, जॉर्जिया वॉल, सायली सतघारे, प्रेमा रावत, प्रत्युषा कुमार, लॉरेन बेल

    यूपी वारियर्स द्वारा रिटेन किए गए खिलाड़ी: दीप्ति शर्मा, हरलीन देओल, क्रान्ति गौड़, मेग लैनिंग, फीबी लिचफील्ड, प्रतिका रावल, शिखा पांडे, शिप्रा गिरी, सिमरन शेख, सोफी एक्लेस्टोन, तारा नॉरिस।

    28 अक्टूबर को होगा ऑक्शन
    बता दें कि कोई भी फ्रेंचाइजी अधिकतम 18 खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल कर सकती है। इनमें से अधिकतम 6 विदेशी खिलाड़ी हो सकते हैं। महिला प्रीमियर लीग का ऑक्शन अगले महीने यानी अक्टूबर में 28 तारीख को कोच्चि में आयोजित किया जाएगा। टाटा महिला प्रीमियर लीग का 2027 संस्करण 14 जनवरी से 7 फरवरी तक खेला जाएगा।

  • TMC Name-Symbol Row: 4 हफ्ते में दोनों गुट देंगे जवाब, फिर 3 महीने में ECI का फैसला

    TMC Name-Symbol Row: 4 हफ्ते में दोनों गुट देंगे जवाब, फिर 3 महीने में ECI का फैसला

     नई दिल्ली

    तृणमूल कांग्रेस के नाम और उसके पारंपरिक चुनाव चिह्न ‘जोड़ा घास फूल’ को लेकर पार्टी के दो गुटों के बीच चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को साफ समय सीमा तय कर दी है। शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों को चार हफ्ते के अंदर चुनाव आयोग के सामने अपनी दलीलें और दस्तावेज पूरे करने का निर्देश दिया है। इसके बाद आयोग को तीन महीने के अंदर अंतिम फैसला देना होगा।

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने यह आदेश पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के मूल नाम और आरक्षित चुनाव चिह्न को फिलहाल इस्तेमाल करने से रोक दिया गया है।

    बता दें कि मामला पार्टी के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच है। एक गुट ममता बनर्जी के नेतृत्व में है और दूसरा गुट ऋतब्रत बनर्जी का है। दोनों गुट पार्टी के मूल नाम और ‘जोड़ा घास फूल’ चिह्न पर अपना दावा कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने इस विवाद के चलते अंतरिम व्यवस्था के तहत मूल नाम और चिह्न फ्रीज कर दिए थे। फिलहाल दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चिह्न दिए गए हैं।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए, लेकिन मामला लंबे समय तक नहीं खिंचना चाहिए। इसीलिए अदालत ने दो चरणों में समय तय किया। पहले चरण में दोनों गुट चार सप्ताह में आयोग के समक्ष अपनी सारी दलीलें, सबूत और कागजात दाखिल करेंगे। दूसरे चरण में आयोग इन दस्तावेजों के आधार पर तीन महीने के भीतर फैसला करेगा।

    साफ है कि सुप्रीम कोर्ट ने आयोग के अंतरिम फैसले को फिलहाल रद्द नहीं किया है। अदालत ने सिर्फ यह सुनिश्चित किया है कि अंतिम फैसला तय समय में आए। अब दोनों गुटों को चार हफ्ते के अंदर अपनी तैयारी पूरी करनी होगी। उसके बाद चुनाव आयोग के पास तीन महीने का समय होगा, जिसमें वह तय करेगा कि तृणमूल कांग्रेस का मूल नाम और ‘जोड़ा घास फूल’ चिह्न किस गुट को मिलेगा।

  • आंगनबाड़ी से हर परिवार का जुड़ाव बच्चों के बेहतर पोषण की ताकत बनेगा—मंत्री  राजवाड़े

    आंगनबाड़ी से हर परिवार का जुड़ाव बच्चों के बेहतर पोषण की ताकत बनेगा—मंत्री राजवाड़े

    मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे

    अभनपुर के निमोरा और धुसेरा में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े  हुईं शामिल, गोद भराई और अन्नप्राशन संस्कार में लिया भाग

    आंगनबाड़ी से हर परिवार का जुड़ाव बच्चों के बेहतर पोषण की ताकत बनेगा—मंत्री  राजवाड़े

    रायपुर
    महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के निमोरा और धुसेरा आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने बच्चों से आत्मीय बातचीत की, उन्हें चॉकलेट वितरित की और न्योता भोज में पौष्टिक भोजन कराया। मंत्री ने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा छोटे बच्चों के अन्नप्राशन संस्कार में भाग लेकर माताओं और परिवारों को शुभकामनाएं दीं। 

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित आंगन मिलन सेवा का उद्देश्य बच्चों के पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल विकास में परिवार तथा समुदाय की भागीदारी बढ़ाना है। इसी भावना के साथ मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दोनों केंद्रों में बच्चों, माताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ समय बिताया। उन्होंने बच्चों से उनकी रूचियों के बारे में बात की और कार्यकर्ताओं से केंद्रों में संचालित पोषण एवं देखभाल संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली।

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि बच्चे स्वस्थ रहेंगे और अच्छी तरह सीखेंगे, तभी उनका भविष्य मजबूत होगा। इसके लिए परिवार और आंगनबाड़ी केंद्र का निरंतर जुड़ाव जरूरी है। उन्होंने माताओं से बच्चों के भोजन में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध दाल, हरी सब्जियों और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने तथा आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाली सेवाओं का नियमित लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गोद भराई और अन्नप्राशन जैसे अवसर परिवारों से पोषण पर संवाद करने का भी माध्यम बनते हैं।

    कार्यक्रम के दौरान ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में मुनगा का पौधा लगाया गया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने माताओं और महिलाओं को भी मुनगा के पौधे भेंट किए। उन्होंने उन्हें घर की बाड़ी या आसपास उपयुक्त स्थान पर पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। मंत्री ने कहा कि मुनगा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध उपयोगी पौधा है। इसके पौधों को घरों और पोषण वाटिकाओं तक पहुंचाकर परिवारों को पौष्टिक आहार के एक अतिरिक्त स्रोत से जोड़ा जा सकता है।

    महिलाओं और ग्रामीणों से संवाद में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवाओं और योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों के आने का स्थान नहीं, बल्कि गर्भवती महिलाओं, माताओं और परिवारों तक पोषण, देखभाल तथा प्रारंभिक शिक्षा की जानकारी पहुंचाने का केंद्र हैं। समुदाय की सक्रिय भागीदारी से इन सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

  • हर प्रभावित परिवार तक मदद पहुंचाने का भरोसा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी का बयान

    हर प्रभावित परिवार तक मदद पहुंचाने का भरोसा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी का बयान

    संकट की घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है हमारी सरकार : वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी

    बाढ़ के पानी के बीच नाव से बोरिदा, ठेंगागुरी और तोरा पहुंचे वित्त मंत्री, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल

    जलमग्न गांवों में ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद, अधिकारियों को तत्काल सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश

    रायपुर
     चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से महानदी का जलस्तर बढ़ने के कारण रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सरिया तहसील के कई गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। संकट की इस घड़ी में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी स्वयं प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव दल के साथ नाव के जरिए जलमग्न ग्राम बोरिदा, ठेंगागुरी और तोरा पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की तथा बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों का जमीनी जायजा लिया।

    चारों ओर पानी से घिरे गांवों में श्री चौधरी ने प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर माताओं-बहनों, बुजुर्गों, बच्चों और युवाओं का हालचाल जाना। उन्होंने ग्रामीणों से उनकी परेशानियों और तत्काल आवश्यकताओं के संबंध में सीधे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी सुरक्षा तथा सहायता के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।

    “आप चिंता न करें, सरकार और पूरा प्रशासन आपके साथ है”

    वित्त मंत्री श्री चौधरी ने प्रभावित ग्रामीणों से कहा कि बाढ़ के कारण उत्पन्न इस कठिन परिस्थिति में उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन-प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। किसी भी प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को प्रभावित लोगों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने तथा जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

    श्री चौधरी ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता और उनका सुरक्षित बचाव सुनिश्चित करने के लिए सरकार और प्रशासन निरंतर जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे हैं। महानदी के जलस्तर और प्रभावित गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुरूप राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं।

  • उप्र में अब नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता हैः सीएम योगी

    उप्र में अब नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता हैः सीएम योगी

    नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रही सपा: सीएम योगी

    मिशन रोजगार: 1375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को मिली नियुक्ति, 11 नवचयनितों को मुख्यमंत्री ने मंच पर दिया नियुक्ति पत्र 

    छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी का लक्ष्य, सपा-कांग्रेस के नेता गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र बांटते रहेंगे, अक्टूबर से फिर होगा नियुक्ति पत्र वितरण

    ग्राम पंचायत जितनी बढ़ाएगी अपनी आय, सरकार उतनी ही देगी अतिरिक्त धनराशि, आत्मनिर्भर गांव बनाने पर जोर

    कोई टोटी चोरी कर लेगा तो पानी बहता रहेगा, जिससे गांव की ही क्षति होगी: मुख्यमंत्री

    उप्र में अब नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता हैः सीएम योगी

    28 सितंबर है भगत सिंह की जयंती, इसी दिन 57,600 से अधिक गांवों ने ओडीएफ प्लस का लक्ष्य प्राप्त किया थाः मुख्यमंत्री

    बच्चे इंसेफेलाइटिस से मरते थे, लेकिन सपा के स्वास्थ्य मंत्री ने भी हॉस्पिटल का दौरा नहीं कियाः सीएम

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सरकारी नौकरियों और गांवों के विकास को लेकर समाजवादी पार्टी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने नौजवानों के हक पर डकैती डाली, पिछड़ों-दलितों को योजनाओं से वंचित किया, नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, जिनके लिए विकास का मतलब सिर्फ सैफई था, वही आज नए स्वरूप में नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदलते दिख रहे हैं। इनसे सावधान रहना है। यह भ्रम पैदा कर राज्य को अराजकता की तरफ धकेलने की साजिश करेंगे। सीएम ने सपा-कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने का हमारा लक्ष्य है। वे गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र वितरित करते रहेंगे।
     
    मुख्यमंत्री योगी मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। 11 नवचयनितों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र सौंपा। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि मैंने 15 सितंबर के आसपास कहा था कि हर सप्ताह नियुक्ति पत्र वितरण करेंगे और छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र देंगे। 20 सितंबर से यह चौथी नियुक्ति पत्र प्रक्रिया संपन्न हुई। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र वितरण होगा।

    यूपी में अब सिर झुकाकर चलता है माफिया
    सीएम ने कहा कि सपा शासनकाल में संवेदनहीनता की चरमता थी। बेईमानी से जकड़े वे लोग माफिया के सामने झुकते थे, परंतु अब ऐसा नहीं है। अब कोई माफिया असलहों के साथ गाड़ियों का काफिला लेकर नहीं चल सकता। आज यूपी में नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता है। उसे पता है कि गरीब की झोपड़ी पर कब्जा और व्यापारी से फिरौती मांगने जाएंगे तो काम तमाम हो जाएगा। अब माफिया और उनके आका भयभीत हैं। भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण देना सरकार की प्राथमिकता है। 

    युवाओं के लिए यही होली-दीवाली
    मुख्यमंत्री ने समयसीमा के अंदर निष्पक्ष व शुचितापूर्ण नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र एक नौजवान प्राप्त कर रहा है, लेकिन खुशी पूरे परिवार व रिश्तेदारों में है। उनके लिए यही होली-दीवाली है। जो राज्य 10 साल पहले बीमारू था,  उसे निष्पक्षता व ईमानदारी के साथ हमने सबसे समृद्ध राज्य के रूप में खड़ा किया है। युवाओं के सपनों को उड़ान और मंजिल प्राप्त करने के लिए प्लेटफॉर्म चाहिए। आपकी पीढ़ी सौभाग्यशाली है कि आपको यह वातावरण मिल रहा है।

    योग्यता पर भी नहीं मिलती थी 2017 के पहले नौकरी 
    सीएम योगी ने कहा कि हम युवा बल को प्लेटफॉर्म देकर उस
    की ऊर्जा-प्रतिभा का उपयोग उप्र की समृद्धि में करने में सफल होते हैं। 2017 के पहले युवाओं में सिर्फ आशंका, हताशा-निराशा थी। योग्यता के बावजूद सिर्फ पहुंच न होने की वजह से गरीब बच्चों से नौकरी कोसों दूर रहती थी। 2017 में हमने इस जकड़न, बेईमानी व माफियाराज से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया था। अब सरकारी नियुक्ति पाने वाले साढ़े 9 लाख युवाओं की प्रतिभा से यूपी विकास की नई कहानी लिख रहा है।

    शहीद भगत सिंह की जयंती पर नियुक्ति पत्र
    मुख्यमंत्री ने साढ़े 9 वर्ष में हुए परिवर्तन को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले यूपी सबसे पिछड़े 5 राज्य में था, अब टॉप-3 में हैं। यूपी ने अपनी अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय व बजट को तीन गुना करने में सफलता हासिल की है। यह बदलाव पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में हर योजना को ईमानदारी से लागू करने का परिणाम है। आज सरदार भगत सिंह की जयंती है। जब उन्होंने देश के लिए बलिदान दिया, तब उनकी आयु मात्र 23 वर्ष थी। आज नियुक्ति पत्र पाने वाले अनेक जवानों की आयु भी 20-27 वर्ष के बीच में है। सरदार भगत सिंह ने देश के लिए इसलिए बलिदान दिया था कि आने वाले समय में नौजवानों का जीवन उज्ज्वल हो। 28 सितंबर 2023 को यूपी के 57,600 से अधिक गांवों ने ओडीएफ प्लस का लक्ष्य प्राप्त किया था। 2017 के बाद 3.32 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया।

    बच्चे इंसेफेलाइटिस से मरते थे, मंत्री अस्पताल नहीं जाते थे
    सीएम योगी ने कहा कि लगभग 30 जनपदों में गंदगी के कारण मस्तिष्क ज्वर से दलित, पिछड़े व गरीब वर्ग के सैकड़ों बच्चों की मौत होती थी। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कड़क धूप में एक बेड पर चार-चार बच्चे भर्ती होते थे। सपा ने चार बार शासन किया, लेकिन तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल तक का दौरा नहीं किया। सपा के लिए विकास का मायने केवल सैफई था, बाकी गांवों, जनपदों से इन्हें कोई मतलब नहीं था। भारत सरकार 2017 के पहले भी पैसा देती थी, लेकिन लाभ सिर्फ सपा के लोगों को मिलता था। हम चुनाव जरूर पार्टी पर लड़ते हैं, लेकिन सत्ता में आते हैं तो बिना भेदभाव सबको योजनाओं का लाभ देते हैं। 

    हर ग्राम पंचायत कर रही रोजगार का सृजन 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 1996 में त्रिस्तरीय पंचायत की व्यवस्था लागू हुई। तब से ग्राम प्रधानों के पास कार्यालय नहीं था। उनके घऱ से व्यवस्था संचालित होती थी। विरोधी दल का व्यक्ति कैसे उनके घर जाता। लेकिन, जो काम इतने वर्षों में नहीं हुआ, वह अब हो गया है। अब ग्राम पंचायत का कार्यालय (ग्राम सचिवालय) भी है। चार से लेकर छह कमरे हैं। इसमें ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल, बीसी सखी आदि बैठते हैं। वहां डिजिटल लाइब्रेरी व कॉन्फ्रेंस रूम भी है। एनडीए सरकार ने गांधी जी के सपनों को साकार किया है। गांव की बेटी बीसी सखी व रोजगार सेवक लोगों को जन्म, निवास, आय प्रमाण पत्र आदि सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। गांव में ही सारी सुविधाएं मिल रही हैं। अन्नपूर्णा भवन, फेयर प्राइस शॉप के साथ वेयरहाउस से भी गांवों में रोजगार सृजन हुए हैं। सामुदायिक शौचालय की देखरेख महिला स्वयंसेवी समूह से जुड़ी महिलाएं करती हैं, जिन्हें पैसा भी मिलता है। उत्सव भवन कुछ गांवों में बन चुके हैं, कुछ में बन रहे हैं। यहां भी लोगों को रोजगार मिल सकता है। हर गांव 5-7 रोजगार का सृजन कर रहा है।

    ग्राम पंचायतों को अतिरिक्त धनराशि
    सीएम ने पिछले 4 दिन मूसलाधार बारिश का जिक्र करते हुए कहा कि यदि 65 लाख गरीबों को पीएम/सीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिला होता तो ये सभी बेघर हो गए होते। सभी एहतियात करने के बावजूद कुछ निर्दोषों की जान चली गई। उन्होंने सपा मुखिया पर तंज कसते हुए कहा कि जो कुछ कर नहीं पाए, वह आक्षेप लगाते हैं। जिनमें सामर्थ्य नहीं था, वह टिप्पणी करते हैं। सीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारियों को नींव का पत्थर बताते हुए कहा कि आपकी स्थिति मजबूत होगी तो ग्राम पंचायतों की भूमिका प्रभावी होगी। ग्राम पंचायत भी आय अर्जित कर सकती है। जो ग्राम पंचायत जितनी आय करेगी, सरकार उसे उतनी ही अतिरिक्त धनराशि देगी।

    कोई टोटी चोरी कर लेगा तो पानी बहता रहेगा
    सीएम ने कहा कि गंदगी व शुद्ध पेयजल का अभाव गांव में बीमारी का कारण है। सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान से गंदगी को समाप्त किया। हर घर नल योजना गांव तक पहुंचेगी। उन्होंने तंज कसा कि गांवों में युवाओं को प्लंबर की ट्रेनिंग दें, जिससे कोई टोटी चोरी कर ले गया तो वे उसकी मरम्मत कर सके। टोटी चोरी होने से पानी बहता रहेगा, जिससे क्षति गांव की होगी। युवाओं के पास आइडिया, इनोवेशन व गांव को अच्छा बनाने का जज्बा होना चाहिए। विकसित भारत का सपना तब साकार होगा, जब यूपी विकसित होगा। यूपी तब विकसित होगा, जब ग्राम पंचायत की इकाई विकसित व आत्मनिर्भर होगी। आप इस परिकल्पना को साकार करने के सारथी बनने जा रहे हैं।

    नौकरी के हिसाब से तय होता था रेट: राजभर
    इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में नौकरी का विज्ञापन निकलते ही गुर्गे सक्रिय हो जाते थे और पद के हिसाब से रकम तय होती थी। आज बिना भेदभाव, बिना लेनदेन सरकारी नौकरी मिल रही है।
     
    अब बिना घूसखोरी मिल रही नौकरी: शाही
    नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों से साढ़े नौ लाख युवाओं को बिना घूसखोरी और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी मिली है। यह बड़ी उपलब्धि है।

    इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, विधायक डॉ. नीरज बोरा, जय देवी, अमरेश कुमार, उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत आदि मौजूद रहे।

  • UPI MDR पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, रोक नहीं लगाई लेकिन सरकार-RBI से किए कई सवाल

    UPI MDR पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, रोक नहीं लगाई लेकिन सरकार-RBI से किए कई सवाल

    नई दिल्ली

    UPI पर 0.4 फीसदी MDR ( Merchant Discount Rate) लगाने का सरकार का फैसला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है. यूपीआई से भुगतान पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर (MDR) लगाने के केंद्र के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. सोमवार यानी 28 सितंबर 2026 को कोर्ट ने इस मामले में RBI और यूपीआई का प्रबंधन देखने वाली संस्था NPCI को नोटिस जारी किया. हालांकि नए MDR स्ट्रक्चर पर तत्काल रोक लगाने से इनकार किया. माने 15 अक्टूबर से लागू होने वाला नया नियम फिलहाल अपनी तय समयसीमा के मुताबिक आगे बढ़ेगा।

    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार के उस फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसके तहत 15 अक्टूबर से 2,000 से ज़्यादा के कुछ खास UPI 'पर्सन-टू-मर्चेंट' ट्रांजैक्शन पर MDR लगाया जाना है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से कई सवाल जरूर किए हैं। 

    MDR से कौन कमाई करेगा?
    सुप्रीम कोर्ट में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने पूछा है कि आखिर इस एमडीआर से कमाई किसे हो रही है और यह चार्ज कोई फीस है या फिर एक तरह का टैक्स? आजतक की अनीषा माथुर की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने पूछा है कि 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर लगाए जाने वाले इस चार्ज से कौन कमाई करेगा? इसमें कौन सी टैक्स देने वाली संस्था शामिल है? कोर्ट ने चार हफ्तों में सरकार से स्थिति साफ करने को कहा है. सीजेआई सूर्यकांत की बेंच के सामने बहस में सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल वेंकटरमन पेश हुए। 

    यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट के सवालों का सिलसिला आगे भी जारी रहा, जिनका जवाब सरकार से मांगा गया है. कोर्ट ने सरकार और केंद्रीय बैंक से MDR को लेकर ये भी पूछा है कि अगर एक टैक्सपेयर से दूसरे टैक्सपेयर के पास कैश जाता है, तो उस पेमेंट का कानूनी स्वरूप आखिर क्या होगा?

    UPI MDR पर वित्त मंत्री ने दी थी ये सफाई
    बता दें कि यूपीआई एमडीआर से जुड़ा नोटिफिकेशन ने
    शनल पेमेंट बैंक कॉर्पोरेशन (NPCI) की ओर से जारी किए जाने के बाद विपक्ष इसे लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए नजर आई. बीते सप्ताह खुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने UPI पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) ट्रांजैक्शन चार्ज को तस्वीर साफ की थी। 

    वित्त मंत्री ने साफ किया था कि यह 2,000 रुपये से कम के यूपीआई लेनदेन पर लागू नहीं होता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा था, 'UPI Payment MDR न तो कोई टैक्स है और न ही कोई सेस है. यह पैसा भारत के कंसोलिडेटेड फंड में जमा नहीं होगा, बल्कि यह सर्विस प्रोवाइडर्स द्वारा सिस्टम को बेहतर बनाने और अच्छी सर्विस देने के लिए लगाया जाने वाला चार्ज है, छोटे ट्रांजैक्शन के लिए तो बिल्कुल नहीं.' FM के मुताबिक, यह एमडीआर ऑपरेटर्स के बीच का चार्ज है, इसका बोझ कंज्यूमर पर नहीं डाला जाएगा। 

    कहां कितना लगेगा यूपीआई चार्ज?
    गौरतलब है कि यूपीआई पेमेंट एमडीआर 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर 0.4% तय किया गया है, लेकिन सभी पेमेंट के लिए एक एक जैसा नहीं है. जैसे इसमें फ्लैट-रेट-मॉडल कैटेगरी को भी शामिल किया गया है. इसके तहत आने वाले तमाम यूपीआई पेमेंट्स, जिनमें पेट्रोल पंप ट्रांजैक्शंस भी आते हैं, उनपर फिक्स्ड एमडीआर वसूला जाएगा, जो 5 रुपये तय किया गया है. इसके अलावा ₹100000 तक पेमेंट वाले व्यापारियों को राहत दी गई है, यानी इन्हें मर्चेंट डिस्काउंट रेट जीरो (Zero MDR) वाली कैटेगरी में शामिल किया गया है। 

    किसने लगाई है याचिका?
    यूपीआई पर MDR लगाने के विरोध में एडवोकेट अंजन दत्ता ने PIL दाखिल की है. याचिका में केंद्र की 14 सितंबर की अधिसूचना और 15 सितंबर को घोषित MDR फ्रेमवर्क को चुनौती दी गई है. याचिका में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट 2007 (Payment and Settlement Systems Act, 2007) की धारा 10A में किए गए बदलाव की संवैधानिक वैधता पर भी सवाल उठाया गया है। 

    क्या है MDR?
    15 अक्टूबर से 2000 रुपये के 'पर्सन-टू-मर्चेंट' पेमेंट पर 0.4 फीसदी MDR लगेगा. हालांकि ये चार्ज ग्राहक को नहीं, बल्कि दुकानदार को देना होगा. रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और कृषि इनपुट से जुड़े 2,000 रुपए से ज्यादा के पेमेंट पर 5 रुपए का फ्लैट MDR लगेगा. वहीं म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉक ब्रोकर और डीलर से जुड़े पेमेंट पर 0.02% MDR होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये है. पर्सन टू पर्सन यानी एक-दूसरे को यूपीआई से लेनदेन पर कोई चार्ज नहीं है। 

  • मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भारत गौरव ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

    मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भारत गौरव ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

    मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

    रायपुर से रवाना हुए श्रद्धालु, शिर्डी, शनि शिंगणापुर और त्र्यंबकेश्वर के करेंगे दर्शन

    वरिष्ठ नागरिकों की आस्था और तीर्थ दर्शन की अभिलाषा को सम्मान दे रही राज्य सरकार: मंत्री  राजवाड़े

    रायपुर,
    मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत आज रायपुर रेलवे स्टेशन से भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन तीर्थयात्रियों को लेकर रवाना हुई। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने यात्रियों से आत्मीय संवाद किया और उन्हें सुखद, सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

    यह यात्रा 28 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक आयोजित है। इस दौरान श्रद्धालु महाराष्ट्र के शिर्डी में साईं बाबा, शनि शिंगणापुर में शनिदेव तथा त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगे। प्रस्थान से पहले रायपुर रेलवे स्टेशन पर तीर्थयात्रियों में उत्साह दिखाई दिया।

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष अवसर है, जो वर्षों से तीर्थयात्रा की इच्छा रखते हैं, लेकिन विभिन्न परिस्थितियों के कारण यात्रा नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि तीर्थ दर्शन आस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव का अनुभव है। राज्य सरकार का प्रयास है कि पात्र हितग्राही आवश्यक सुविधाओं के साथ सहज और सुरक्षित वातावरण में तीर्थस्थलों के दर्शन कर सकें।

    समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों को प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जाता है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने यात्रियों से यात्रा के दौरान अपना ध्यान रखने और इस अवसर का आनंद लेने का आग्रह किया।

    रवानगी के अवसर पर समाज कल्याण विभाग और रेलवे के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • मस्जिद तोड़ने के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे थे याचिकाकर्ता, याचिका खारिज; उज्जैन में तनाव के बाद FIR

    मस्जिद तोड़ने के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे थे याचिकाकर्ता, याचिका खारिज; उज्जैन में तनाव के बाद FIR

    उज्जैन 
     प्रदेश की पावन नगरी उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच मार्ग चौड़ीकरण की मुहिम के तहत शहर के कंठाल मार्ग पर स्थित शाही मस्जिद के बाधक हिस्से को हटाने को लेकर जहां सोमवार को बवाल हो गया, वहीं इस बीच इस संदर्भ में हाई कोर्ट का अहम फैसला भी आया है।

    उज्जैन की शाही मस्जिद पर नगर निगम की कार्रवाई को उचित ठहराते हुए हाई कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी है। मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लैई की युगलपीठ ने भोजनावकाश के बाद मामले में सुनवाई करते हुए मस्जिद तोड़ने की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। विस्तृत आदेश देर शाम तक जारी होगा।

     शाही मस्जिद मामले में दायर याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जिला प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते के आधार पर मामले को डिस्पोज ऑफ कर दिया।

    याचिकाकर्ता शाही मस्जिद कमेटी के एडवोकेट कुलदीप पाठक ने कहा- कमेटी और प्रशासन के बीच समझौते के तहत सड़क के लिए 3 फीट जगह के साथ कुछ दुकानें हटाने पर सहमति बनी है। बड़ी मीनार को दूसरी ओर शिफ्ट किया जाएगा। दुकानों के लिए दूसरी जगह दी जाएगी।

    इससे पहले सोमवार सुबह मस्जिद का एक हिस्सा तोड़े जाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। पुलिस पर पथराव किया गया। जवाब में लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़ी गई। भीड़ को हटाने के दौरान महिला थाना प्रभारी घायल हो गईं।

    विवाद के बाद फोर्स तैनात कर दी गई, लेकिन दोपहर होते-होते फिर पथराव होने लगा। पुलिस ने दोबारा लाठीचार्ज कर आंसू गैस छोड़ी। हंगामे के बीच कार्रवाई जारी रही। हालांकि, नमाज के समय इसे रोक दिया गया। इसके बाद मामला शांत हो गया।

    पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में लिया है। 7 लोगों के खिलाफ FIR की गई है, इनमें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शामिल हैं। इन पर माहौल बिगाड़ने का आरोप है।

    सड़क के दायरे में आए 15 धर्मस्थल, 12 हटाए

    सिंहस्थ प्रोजेक्ट के तहत उज्जैन में कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक डेढ़ किलोमीटर एरिया की सड़क 15 मीटर चौड़ी की जाएगी। इसके लिए 323 मकान तोड़े जाएंगे। इनमें 15 धर्मस्थल हैं। अब तक 12 धर्मस्थल हटाए जा चुके हैं।

    सड़क के दायरे में शाही मस्जिद का भी करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा आ रहा है। दस्तावेज में इस मस्जिद के 100 साल से ज्यादा पुरानी होने की पुष्टि होती है। हालांकि, इमाम का दावा है कि यह 600 साल से ज्यादा पुरानी है।

    गौरतलब है कि शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने के विरोध में मस्जिद कमेटी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। मस्जिद पक्ष का दावा है कि यह 100 साल से अधिक पुरानी ऐतिहासिक इमारत है और इसके समर्थन में दस्तावेज भी मौजूद हैं।

    करीब 15 दिन पहले एकलपीठ में याचिका खारिज होने के बाद मस्जिद कमेटी ने युगलपीठ के समक्ष यह मामला प्रस्तुत किया। मस्जिद पक्ष का तर्क था कि वर्ष 1975 में यातायात के लिए मस्जिद की ओर से जमीन दी गई थी और उसी जमीन पर 40 फीट चौड़ी सड़क बनी हुई है। अब हाई कोर्ट की युगलपीठ के फैसले से उज्जैन नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई पर मुहर लग गई है।

    भोपाल में भी पुलिस अलर्ट, सोशल मीडिया पर निगरानी
    उज्जैन में पथराव-हंगामे के चलते भोपाल में भी पुलिस अलर्ट मोड पर है। शहर के संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में फोर्स तैनात की गई है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा- सभी थानों को अलर्ट रखा गया है। पुलिस अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सोशल मीडिया पर भी निगरानी है। आपत्तिजनक या भ्रामक पोस्ट करने वालों पर नजर रखी जा रही है।

    मस्जिद कमेटी के वकील ने क्या कहा?
    मस्जिद कमेटी की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अज़हर वारसी ने बताया कि इससे पहले 9 सितंबर को सिंगल बेंच ने याचिका पर आदेश जारी किया था। 

    उन्होंने बताया, "उस आदेश में मास्टर प्लान के अनुरूप कार्रवाई और उसके पालन की बात कही गई थी. इसके बाद कमेटी की ओर से डिवीजन बेंच में रिट अपील दायर की गई। 

    सुनवाई के दौरान वैकल्पिक मार्ग तलाशने का सुझाव भी अदालत के सामने रखा गया। 

    वारसी के अनुसार, "प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुई चर्चा में मस्जिद के करीब तीन फीट हिस्से को यथावत रखने का मुद्दा भी उठाया गया था. वहीं नगर निगम ने अपने शपथ पत्र में कहा था कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान लिए जाने वाले हिस्से के बदले नियमानुसार एफ़एआर और टीडीआर का लाभ दिया जाएगा। 

    डिवीजन बेंच ने निगम को उसके शपथ पत्र में दी गई शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। 

    कोर्ट के आदेश के बाद उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई आगे जारी रहेगी. मस्जिद कमेटी की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था और प्रभावित हिस्से से जुड़े मुद्दे सुनवाई के दौरान प्रमुखता से रखे गए। 

    सड़क चौड़ीकरण को लेकर विवाद

    उज्जैन नगर निगम के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण का काम उज्जैन विकास योजना 2035 के तहत किया जा रहा है। शाही मस्जिद भी सड़क के उसी हिस्से में मौजूद है, जिसे 15 मीटर तक चौड़ा करने की योजना है. मस्जिद का एक हिस्सा इस प्रस्तावित सड़क की जद में आ रहा है। क़ाज़ी खलीक उर रहमान ने कहा कि मुस्लिम समुदाय सिंहस्थ का विरोध नहीं करता। 

    उन्होंने पत्रकारों से कहा, "सिंहस्थ पहले भी हुआ था आगे भी होगा. मुस्लिम समुदाय हमेशा उसका पक्षधर रहा है. हम बस ये कह रहे हैं कि वैकल्पिक व्यवस्था तलाशी जाए और किसी भी धार्मिक स्थल को न तोड़ा जाए. क्योंकि इनमें से कई तो हिस्टोरिकल मॉन्यूमेंट्स हैं. अब शाही मस्जिद को ही ले लीजिए, यह लगभग 650 साल पुरानी है। 

     

  • सोने-चांदी के भाव में तेज गिरावट, MCX पर गोल्ड करीब 2% टूटा; जानें आज के रेट

    सोने-चांदी के भाव में तेज गिरावट, MCX पर गोल्ड करीब 2% टूटा; जानें आज के रेट

    नई दिल्ली
     आज सोमवार 28 सितंबर को सोने के भाव में बड़ी गिरावट आई। एक ही दिन में सोने का दाम 1.50 लाख रुपये के नीचे आ गया। बुलियन मार्केट में आज सोने का दाम 4,140 रुपये सस्ता हो गया है। इसके अलावा सर्राफा बाजार में 22 कैरेट सोने का भाव 1.35 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। यही नहीं, घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमत करीब 2 फीसदी तक गिर गई, जबकि चांदी में भी तेज गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बढ़ता तनाव माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच पिछले हफ्ते बातचीत हुई थी, लेकिन अब फिर से तनाव बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। यही कारण है कि सोमवार को सोने के दाम में बड़ी गिरावट आ गई।

    आखिर क्यों सस्ता हुआ सोना?
    ईरान ने रविवार को कहा कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मूज को दोबारा खोलने के लिए अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सात दिन के सीजफायर प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है।

    ट्रंप के बयान से बढ़ी चिंता
    रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को जल्द खत्म कर देगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी मिडटर्म चुनावों से पहले नए सैन्य हमले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

    आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानकर इसकी तरफ रुख करते हैं। हालांकि, सोमवार को घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में इसके उलट गिरावट देखने को मिली।

    आज रिटेल मार्केट में सोने का भाव
    इंडियन बुलियन एसोसिएशन (IBA) के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को देश में 24 कैरेट सोने का भाव 1,48,910 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव 1,36,501 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं 999 फाइन सिल्वर का भाव 2,28,780 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। दिनभर के कारोबार के दौरान सोने के दाम में और ज्यादा गिरावट आने लगी।

    बड़े शहरों में आज सोने का भाव
    मुंबई में सोने का भाव — 28 सितंबर
    24 कैरेट सोने का भाव — 1,47,430 रुपये प्रति 10 ग्राम
    22 कैरेट सोने का भाव — 1,35,100 रुपये प्रति 10 ग्राम
    नई दिल्ली में सोने का भाव — 28 सितंबर
    24 कैरेट सोने का भाव — 1,46,960 रुपये प्रति 10 ग्राम
    22 कैरेट सोने का भाव — 1,34,620 रुपये प्रति 10 ग्राम
    बेंगलुरु में सोने का भाव — 28 सितंबर
    24 कैरेट सोने का भाव — 1,48,700 रुपये प्रति 10 ग्राम
    22 कैरेट सोने का भाव — 1,36,308 रुपये प्रति 10 ग्राम
    कोलकाता में सोने का भाव — 28 सितंबर
    24 कैरेट सोने का भाव — 1,48,380 रुपये प्रति 10 ग्राम
    22 कैरेट सोने का भाव — 1,36,015 रुपये प्रति 10 ग्राम
    हैदराबाद में सोने का भाव — 28 सितंबर
    24 कैरेट सोने का भाव — 1,48,810 रुपये प्रति 10 ग्राम
    22 कैरेट सोने का भाव — 1,36,409 रुपये प्रति 10 ग्राम
    चेन्नई में सोने का भाव — 28 सितंबर
    24 कैरेट सोने का भाव — 1,49,070 रुपये प्रति 10 ग्राम
    22 कैरेट सोने का भाव — 1,36,648 रुपये प्रति 10 ग्राम

    शहर का नाम    22 कैरेट गोल्ड का रेट (10 ग्राम-रुपये में)    24 कैरेट गोल्ड का रेट (10 ग्राम-रुपये में)
    दिल्ली                    1,34,620                                           1,46,960
    लखनऊ                 1,34,300                                            1,47,300
    कानपुर                  1,34,300                                            1,47,300
    पटना                    1,34,470                                             1,47,379
    जयपुर                  1,34,499                                             1,47,377
    भोपाल                    1,34,500                                           1,47,356
    मुंबई                     1,35,100                                             1,47,430
    चंडीगढ़                 1,34,540                                              1,47,370
    सूरत                   1,35,070                                                1,47,440

    MCX पर सोना और चांदी के दाम गिरे
    सोमवार सुबह एमसीएक्स (MCX) गोल्ड 5 अक्टूबर फ्यूचर का दाम घटकर 1,48,092 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, एमसीएक्स सिल्वर 4 दिसंबर फ्यूचर 2.6 फीसदी गिरकर 2,28,566 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया।

    ज्वैलर्स के पास महंगा क्यों मिलती है गोल्ड ज्वैलरी?
    ज्वेलरी खरीदते समय इन कीमतों के ऊपर मेकिंग चार्ज, GST और दूसरे टैक्स जुड़ सकते हैं। इसलिए दुकान पर मिलने वाला अंतिम बिल इससे ज्यादा हो सकता है।

    सोने-चांदी ने अब तक कितना रिटर्न दिया?
    पिछले साल सोने में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। इसकी कीमत में अब तक 75 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हाल के महीनों में भी वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग ने सोने को सपोर्ट किया है।

  • महानदी में बढ़े जलस्तर के बीच प्रशासन सतर्क, CM साय ने दिए सुरक्षा के निर्देश

    महानदी में बढ़े जलस्तर के बीच प्रशासन सतर्क, CM साय ने दिए सुरक्षा के निर्देश

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर महानदी के तटीय क्षेत्रों में राहत-बचाव के लिए प्रशासन मुस्तैद

    कलेक्टर-एसपी ने शिवरीनारायण पहुंचकर बैराज, पुल और प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

    प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, राहत शिविर में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सहित सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित

    पुल पर बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए आवागमन बंद, संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी

    रायपुर
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार महानदी के बढ़ते जलस्तर और जांजगीर-चांपा जिले के तटीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे एवं पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने शिवरीनारायण पहुंचकर बैराज, पुल और महानदी के तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने नदी के जलस्तर एवं बहाव की स्थिति के साथ सुरक्षा, राहत और बचाव की तैयारियों का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को सतत निगरानी और आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

    कलेक्टर-एसपी ने शिवरीनारायण बैराज और पुल के साथ तटीय क्षेत्रों तथा महंत लालदास महाविद्यालय में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण किया। राहत शिविर में प्रभावित लोगों के ठहरने के साथ भोजन, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश, स्वच्छता और शौचालय सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    महानदी पुल पर आवागमन बंद, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई

    महानदी के पुल पर पानी का बहाव बढ़ने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन बंद कर दिया गया है। कलेक्टर-एसपी ने पुल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा लोगों को तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से रोकने के निर्देश दिए हैं। नदी के जलस्तर एवं बहाव को देखते हुए अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

    प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें सक्रिय, नियमित स्वास्थ्य जांच

    प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात हैं और नागरिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ जलभराव के कारण होने वाली संभावित बीमारियों और संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं।

    कलेक्टर-एसपी ने राजस्व, पुलिस, नगर सेना, जल संसाधन और स्वास्थ्य सहित संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। तटीय एवं जलभराव संभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक मानव संसाधन एवं अन्य संसाधनों को तैयार रखा गया है।

    तटीय क्षेत्रों में मुनादी, लोगों को सतर्क रहने की समझाइश

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। तटीय और पूर्व में जलभराव से प्रभावित आबादी वाले क्षेत्रों में मुनादी के माध्यम से नागरिकों को संभावित जलभराव तथा सुरक्षा संबंधी सावधानियों की जानकारी दी जा रही है। नदी के जलस्तर, पुल-पुलियों और आवागमन वाले मार्गों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि स्थिति में बदलाव होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

    कलेक्टर-एसपी ने नागरिकों से नदी, पुल, घाट और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि तेज बहाव वाले पानी के पास सेल्फी या वीडियो बनाने का जोखिम न उठाएं तथा प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से बंद किए गए मार्गों और स्थानों पर जाने का प्रयास न करें। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय पर राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।

    जिला प्रशासन द्वारा महानदी के तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा, राहत और आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। राहत शिविर में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्वास्थ्य जांच में जुटी हैं, वहीं पुलिस, राजस्व, नगर सेना और जल संसाधन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।

    निरीक्षण के दौरान नगर पालिका शिवरीनारायण के अध्यक्ष राहुल थवाईत, एसडीएम जांजगीर सुब्रत प्रधान, एसडीएम शिवरीनारायण सुभावना साहू, कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।