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  • भोपाल में भवन नियमों की अनदेखी! सील दुकानें दोबारा खुलीं, नगर निगम पर उठे सवाल

    भोपाल में भवन नियमों की अनदेखी! सील दुकानें दोबारा खुलीं, नगर निगम पर उठे सवाल

     भोपाल
     रिहायशी इलाकों में धड़ल्ले से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और भवन नियमों के उल्लंघन पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश के बावजूद नगर निगम की कार्रवाई अब तक जमीन पर दिखाई नहीं दे रही है। 22 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि मौजूदा मास्टर प्लान और भवन नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए। आदेश को करीब एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन निगम ने अब तक कोई बड़ा अभियान शुरू नहीं किया है।

    सुप्रीम कोर्ट का आदेश बेअसर
    सबसे गंभीर स्थिति उन प्रतिष्ठानों की है, जिन्हें निगम ने स्वेच्छा से बंद कराने के बाद पंचनामा तैयार किया था। इनमें से भी बड़ी संख्या में प्रतिष्ठान अब दोबारा खुलने लगे हैं। यानी जिन दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बंद होने का निगम ने बाकायदा दस्तावेज तैयार किया, वे ही फिर से संचालित हो रहे हैं।

    सीलिंग पर कोर्ट में पहुंची शिकायतें
    22 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान भोपाल के रहवासियों की शिकायतों का हवाला दिया गया था। इनमें बताया गया कि कुछ प्रतिष्ठानों को दिन में सील किया गया, लेकिन शाम को वे फिर खोल दिए जाते हैं। कुछ मामलों में सीलिंग के कुछ घंटे या दिन बाद बिना किसी नए घटनाक्रम, शो-कॉज के जवाब या सक्षम प्राधिकरण के निर्णय के परिसर दोबारा खोले जाने की बात भी सामने आई।

    कोर्ट ने इन शिकायतों को रिकार्ड पर लेते हुए स्पष्ट किया कि सीलिंग के निर्देशों का सख्ती से पालन होना चाहिए। अधिकारियों को बिना भेदभाव कार्रवाई करने और ‘पिक एंड चूज’ से बचने के निर्देश भी दिए गए। इसके बावजूद निगम की ओर से अब तक ऐसा अभियान नजर नहीं आया, जिससे लगे कि इन निर्देशों को लेकर गंभीरता से कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    मास्टर प्लान-2047 जारी, फिर भी कार्रवाई का इंतजार
    सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद प्रदेश सरकार मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट भी जारी कर चुकी है। हालांकि, निगम प्रशासन को कार्रवाई मौजूदा नियमों के अनुसार ही कार्रवाई करनी है। इसके बावजूद रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों की जांच, चिन्हांकन और कार्रवाई को लेकर निगम की सुस्ती सवाल खड़े कर रही है।

        नगर निगम द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही है।- भुवन गुप्ता, उपायुक्त, नगर निगम।

     

  • स्मित मच्छार के परिजनों से PM मोदी ने की बात, बहादुरी के बाद परिवार को दिया भरोसा

    स्मित मच्छार के परिजनों से PM मोदी ने की बात, बहादुरी के बाद परिवार को दिया भरोसा

    नई दिल्ली
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से बात की है। उन्होंने स्मित मच्छार की पत्नी और माता-पिता से बातचीत में हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। इससे पहले पीएम मोदी ने स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ भी की थी। फ्लाईदुबई की फ्लाइट के दौरान पायलट स्मित मच्छार पर को पायलट ने ही हमला कर दिया था। हालांकि, भारतीय पायलट ने बड़े सूझबूझ से न केवल अपनी जान बचाई बल्कि फ्लाइट में मौजूद 180 लोगों की भी जान बचाने में सफल रहे। स्मित मच्छार ने यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने इरादे से पीछे नहीं हटे। उनकी बहादुरी की पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में जमकर तारीफ की।

    पहले पीएम मोदी ने की स्मित मच्छार की तारीफ
    प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्‍स' पर पोस्‍ट में लिखा कि कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। बेहद गंभीर खतरे के बीच और खुद बुरी तरह घायल होने के बावजूद उन्होंने जबरदस्त हिम्मत दिखाई और दूसरों की जान बचाने के अपने इरादे से पीछे नहीं हटे। उनकी बहादुरी की वजह से सैकड़ों लोगों की जान बचाई जा सकी और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। उनके जल्द ठीक होने, फिर से पूरी ताकत हासिल करने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।
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    स्मित मच्छाक के माता-पिता से की बात
    इस बीच पीएम मोदी ने स्मित मच्छार के परिजनों से भी बात की है। सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की पत्नी और माता-पिता से बात की है। प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित की बहादुरी की तारीफ की, जिससे सैकड़ों लोगों की जान बची। पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय मिशन हरसंभव मदद पहुंचा रहे हैं।

    ट्रंप और नेतान्याहू ने भी भारतीय पायलट की जमकर की तारीफ
    प्रधानमंत्री ने स्मित मच्छार के परिजनों से बात की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। भारतीय पायलट स्मित मच्छार की तारीफ पीएम मोदी ने ही नहीं की। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने असाधारण हिम्मत दिखाई। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय पायलट की बहादुरी को सराहा है।

    स्मित मच्छार के माता-पिता सऊदी के लिए रवाना
     फ्लाईदुबई फ्लाइट के हाईजैक कांड के हीरो बने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज जारी है. इस बीच उनके माता-पिता सऊदी अरब के लिए रवाना हो गए हैं। 

    भारतीय पायलट ने बचाई 174 यात्रियों की जान 
    हालांकि इन पूरे हालात को संभालने का काम मुख्य पायलट स्मित मच्छार ने किया, जो भारतीय नागरिक हैं. रिपोर्टों के मुताबिक घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान को संभालने की कोशिश की. इसी दौरान कई यात्री कॉकपिट की ओर पहुंचे और उन्होंने चालक दल के साथ मिलकर को-पायलट को काबू करने में मदद की. इसके बाद बाकी क्रू ने विमान का नियंत्रण संभाला और सुरक्षित रूप से तबूक में लैंडिंग कराई। 

    इजरायली नागरिकों की जांबाजी 
    विमान में 174 लोग सवार थे, जिनमें करीब 166 इजराइली नागरिक बताए गए हैं. घायल पायलट को तबूक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है. को-पायलट भी घायल हुआ और उसे अस्पताल ले जाया गया. इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, सऊदी अधिकारियों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की है. फ्लाईदुबई ने कहा है कि घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है. मामले की जांच पूरी होने तक एयरलाइन ने इजरायल आने-जाने वाली उड़ानें अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है। 

     

  • पेट्रोल-डीजल भरवाने से पहले संभल जाएं, PUC नहीं हुआ तो नहीं मिलेगा फ्यूल

    पेट्रोल-डीजल भरवाने से पहले संभल जाएं, PUC नहीं हुआ तो नहीं मिलेगा फ्यूल

     नई दिल्ली
    दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने का दौर शुरू होने से पहले सरकार ने कुछ नए कदम उठाए हैं. इनमें सबसे अहम है 'नो पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, नो फ्यूल' नियम. इसके तहत अगर आपकी गाड़ी के पास वैध PUC (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट) नहीं है, तो पेट्रोल पंप पर आपको फ्यूल नहीं दिया जाएगा। 

    इस नियम को लागू करने के लिए दिल्ली के करीब 500 पेट्रोल पंप पर ऑटोमैटिक सिस्टम लगाया गया है. इन पेट्रोल पंप पर कैमरे लगाए गए हैं. ये कैमरे परिवहन के डेटाबेस से जुड़े हैं. सिस्टम गाड़ी का नंबर स्कैन करके यह पता करता है कि उसका PUC वैध है या नहीं। 

    जैसे ही बिना वैध PUC वाली गाड़ी पेट्रोल पंप पर पहुंचती है, सिस्टम उसका नंबर पहचान लेता है. इसके बाद ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट होता है. इसमें गाड़ी के नंबर के साथ बताया जाता है कि उसके पास वैध पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं है. ऐसी गाड़ी को तुरंत ईंधन देने से रोक दिया जाता है. यानी पेट्रोल या डीजल लेने से पहले वाहन मालिक को PUC बनवाना होगा। 

    पेट्रोल पंप पर ही PUC बनवाने की सुविधा
    सरकार ने वाहन मालिकों के लिए एक ऑप्शन भी रखा है. कई पेट्रोल पंप पर PUC बनवाने वाले कियोस्क लगाए गए हैं. अगर किसी वाहन का PUC वैध नहीं है, तो वह वहीं अपना प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवा सकता है. इसके बाद वाहन में ईंधन भरवाया जा सकता है. यानी वाहन मालिक को PUC बनवाने के लिए अलग जगह जाने की जरूरत नहीं होगी। 

    अगर वाहन मालिक के पास PUC नहीं है, तो उसे इसे बनवाने के लिए कुछ समय दिया जा सकता है. लेकिन अगर तय समय के बाद भी वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं बनवाया गया, तो कार्रवाई हो सकती है. ऐसी गाड़ियों पर करीब ₹10 हजार तक का चालान लगाया जा सकता है। 

    दरअसल, दिल्ली में हर साल सर्दियों के दौरान प्रदूषण बड़ी समस्या बन जाता है. तापमान गिरने के साथ हवा की गुणवत्ता भी खराब होने लगती है. ऐसे में सरकार ने इस बार प्रदूषण बढ़ने से पहले ही कुछ कदम लागू किए हैं. अब करीब 500 पेट्रोल पंप पर यह सिस्टम काम कर रहा है. कैमरे, परिवहन डेटाबेस और ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट के जरिए नियम लागू किया जा रहा है। 
    हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि ऐसे कदमों से दिल्ली के प्रदूषण में कितना फर्क पड़ेगा. आने वाले दिनों में इसका असर साफ होगा. फिलहाल सरकार की कोशिश है कि बिना वैध PUC वाली गाड़ियों पर लगाम लगाई जाए और प्रदूषण को बढ़ने से पहले नियंत्रित किया जा सके। 

  • ‘अखिलेश ऑनलाइन भी जुड़ सकते थे’, इंडी गठबंधन की बैठक से दूरी पर राजभर ने घेरा

    ‘अखिलेश ऑनलाइन भी जुड़ सकते थे’, इंडी गठबंधन की बैठक से दूरी पर राजभर ने घेरा

    ‘अखिलेश से पूछिए, इंडी गठबंधन की बैठक में क्यों नहीं आए?’, ओपी राजभर का राहुल गांधी पर सीधा हमला

    इंडी गठबंधन की बैठक में नहीं पहुंचे अखिलेश तो राजभर ने राहुल से पूछा- ‘डिंपल या धर्मेंद्र को क्यों नहीं भेजा?’

    ‘अखिलेश ऑनलाइन भी जुड़ सकते थे’, इंडी गठबंधन की बैठक से दूरी पर राजभर ने घेरा

    'अखिलेश खुद नहीं गए तो डिंपल या धर्मेंद्र को भेज देते', इंडी गठबंधन की बैठक को लेकर राजभर का तीखा हमला

    ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष के आरोपों को लेकर राजभर का राहुल पर हमला- ‘पहले चुनावों का इतिहास देखिए’

    ओपी राजभर की राहुल गांधी को नसीहत- ‘ज्ञानेश कुमार पर ऊर्जा बर्बाद करने के बजाय जनता के बीच जाइए’

    ‘आरोप-आरोप खेलते रहिए, आपस में लड़ते रहिए’, राहुल गांधी पर ओपी राजभर का तीखा हमला

    लखनऊ
    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी को संबोधित करते हुए इंडी गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठाए हैं।

    राजभर ने कहा कि राहुल गांधी ने इंडी गठबंधन की बैठक की, लेकिन अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं हुए। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि अपने दोस्त अखिलेश यादव से पूछिए कि वह ऐसा कौन सा काम कर रहे थे कि बैठक में नहीं आ सके।

    '6 अक्टूबर तक नामांकन था, कल ही जाने की क्या जल्दी थी'

    ओपी राजभर ने कहा कि राज्यसभा का नामांकन 6 अक्टूबर तक होना है। ऐसे में उन्होंने सवाल किया कि अखिलेश यादव के लिए पहले ही नामांकन करने की ऐसी क्या जल्दी थी। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि मान लिया कि उस दिन नामांकन नहीं होता तो अखिलेश यादव के लिए पहाड़ टूट जाता, लेकिन अगर खुद नहीं जाना था तो डिंपल यादव या धर्मेंद्र यादव को क्यों नहीं भेजा गया।

    राजभर ने कहा कि डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव भी नामांकन में नहीं थे। उन्होंने आगे सवाल उठाया कि अगर नामांकन इतना जरूरी था और अखिलेश यादव खुद नहीं आ सकते थे तो वह ऑनलाइन भी इंडी गठबंधन की बैठक से जुड़ सकते थे।

    'अखिलेश एसी में बैठक पीसी करके ठहाके लगा रहे थे'

    राजभर ने अपने पोस्ट में कहा कि जब राहुल गांधी दिल्ली में बैठक कर रहे थे, तब अखिलेश यादव ‘एसी में बैठक पीसी करके ठहाके लगा रहे थे।’ उन्होंने कहा कि कई नेता ऑनलाइन बैठक में जुड़े थे, ऐसे में अखिलेश यादव भी ऑनलाइन जुड़ सकते थे।

    ज्ञानेश कुमार को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना

    ओपी राजभर ने अपने पोस्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार फरवरी 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं और बीजेपी के चुनावी इतिहास को देखा जाना चाहिए कि उनके पहले बीजेपी कितने चुनाव जीत चुकी है।

    राजभर ने कांग्रेस नेता अभिजीत दीपके के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वह कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार ने बीजेपी को हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली जिता दिया। राजभर ने कहा कि उन्हें बताया जाना चाहिए कि इन तीनों राज्यों में चुनाव ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने से पहले हो चुका था।

    उन्होंने अपने पोस्ट में 2014, 2019 और 2024 में बीजेपी की जीत का भी जिक्र किया और कहा कि उस समय ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे।

    'ज्ञानेश कुमार पर ऊर्जा बर्बाद करने की जगह जनता के बीच जाइए'

    ओपी राजभर ने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार पर अपनी ऊर्जा बर्बाद करने की जगह जनता के बीच जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाने पर ही जीत की कुछ संभावना बनेगी। राजभर ने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो विपक्ष आरोप-आरोप का खेल खेलता रहेगा, आपस में लड़ता रहेगा और विपक्ष में बैठे रहने के अलावा कुछ हासिल नहीं होगा।

  • लंका पर टीम इंडिया का तूफानी वार, 124 रन से जीतकर एशियन गेम्स के फाइनल में एंट्री

    लंका पर टीम इंडिया का तूफानी वार, 124 रन से जीतकर एशियन गेम्स के फाइनल में एंट्री

    निशिन

    एशियन गेम्स 2026 मेंस क्रिकेट प्रतियोगिता के दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने श्रीलंका 124 रनों से हरा दिया है. भारत के 169 रनों के जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 9.5 ओवर में 45 रनों पर ही ढेर हो गई. इस शानदार जीत के साथ भारत एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल मैच के लिए क्वालीफाई कर गया है, जहां उनका मुकाबला पाकिस्तान से होगा. जिसने आज ही खेले गए पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश के हराकर फाइनल में प्रवेश किया है। 

    श्रीलंका 45 के स्कोर पर ढेर
    170 रनों के जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 9.5 ओवर में ही ऑलआउट हो गई. जिसके साथ भारत ने ये मैच 124 रनों से अपने नाम कर लिया. बुमराह, अक्षर और अभिषेक ने दो-दो विकेट झटके, जबकि तीन विकेट रन आउट हुए. एक विकेट वाशिंगटन सुंदर को मिला. श्रीलंकाई बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों और फील्डरों के सामने ज्यादा देर तक नहीं टिक सके. 6 बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल सके जबकि 10 बल्लेबाज दोहरे अंक तक नहीं पहुंच सके. अब फाइनल में भारत का सामना 3 अक्टूबर को पाकिस्तान से होगा। 

    जवाब में खेलने उतरी श्रीलंका की टीम महज 9.5 ओवर्स में 45 रनों पर स‍िमट गई. इस तरह भारतीय टीम को गुरुवार को 124 रनों से व‍िशाल जीत म‍िली। अब भारत का ए‍श‍ियन गेम्स मेन्स क्रिकेट गोल्ड मेडल मैच में मुकाबला पाकिस्तान से 3 स‍ितंबर को होगा, जिसने गुरुवार को ही बांग्लादेश को 6 विकेट से हराया था। 

     

    श्रीलंका की पारी की हाइलाइट्स 
    रनचेज में श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही और सिनेथ जयवर्धने को दूसरी ही गेंद पर 0 के स्कोर पर जसप्रीत बुमराह ने एलबीडब्लू आउट कर दिया. इसी ओवर में जसप्रीत बुमराह ने सोहन डी लिवेरा (0) को व‍िकेट के पीछे संजू सैमसन के हाथों कैच आउट करवाया. इस तरह श्रीलंका को  रनचेज में पहले ही ओवर में दो झटके लगे। 

    वहीं ओपनर लसिथ क्रूसपुले भी ब‍िना खाता खोले रन आउट हो गए. इसके बाद आए कप्तान सहान अराच‍िगे भी 9 रन बनाकर चलते बने. वहीं एशेन बंडारा (0) पांचवें व‍िकेट के रूप में आउट हुए. छठा व‍िकेट नुवानिदु फर्नांडो (15) का रहा, जो रन आउट हुए. सातवां व‍िकेट वानुजा सहान का रहा, जो एक रन बनाकर वॉश‍िगन सुंदर की गेंद पर आउट हो गए.  जो श्रीलंका का सातवां व‍िकेट रहे. वहीं इसके बाद श्रीलंका की पूरी टीम 45 रनों पर स‍िमट गई. भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और अभ‍िषेक शर्मा को 2-2 सफलता म‍िलीं. वहीं उनके तीन बल्लेबाज रन आउट हुए। 

    विकेट पतन:  1-0 (सिनेथ जयवर्धने, 0.2 ओवर), 2-0 (सोहन डी लिवेरा, 0.5 ओवर), 3-2 (लसिथ क्रूसपुले, 1.1 ओवर), 4-18 (सहान अराचिगे, 3.1 ओवर), 5-18 (एशेन बंडारा, 3.4 ओवर), 6-31 (नुवानिदु फर्नांडो, 4.5 ओवर), 7-33 (वानुजा सहान, 6.2 ओवर), 8-45 (थरिंदु रत्नायके, 9.3 ओवर), 9-45 (चमिका करुणारत्ने, 9.4 ओवर), 10-45 (बिनुरा फर्नांडो, 9.5 ओवर)

    भारत की पारी की हाइलाइट्स 
    इस मुकाबले में श्रीलंका ने टॉस जीता और भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्र‍ित किया, ईशान किशन भारतीय बल्लेबाजी की सबसे बड़ी हाइलाइट रहे. उन्होंने 46 गेंदों पर नाबाद 80   रनों की पारी खेली. उनकी पारी में 4 चौके और 5 छक्के आए।  

    भारत की ओर से वैभव सूर्यवंशी और अभ‍िषेक शर्मा ओपन‍िंग करने के लिए उतरे. अभिषेक शर्मा ने आते ही आक्रामक अंदाज दिखाया, लेकिन उनकी पारी ज्यादा देर नहीं चल सकी. उन्होंने सिर्फ 3 गेंदों में 7 रन बनाए. कप्तान सहान अरच‍िगे ने सिनेथ जयवर्धने के हाथों उन्हें कैच आउट करवाया. संजू सैमसन भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके. उन्होंने 9 गेंदों में 7 रन बनाए. थरिंदु रत्नायके ने संजू को क्लीन बोल्ड कर दिया। 

    वहीं सहान अरच‍िगे ने वैभव सूर्यवंशी की 21 गेंदों में 38 रन की तूफानी पारी का अंत कर दिया. वैभव ने अपनी पारी में 6 चौके और 2 छक्के लगाए और 180.95 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए. वह ट्रैक से नीचे निकलकर ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंद को खेलने पहुंचे, लेकिन गेंद की पकड़ और टर्न ने उन्हें चौंका दिया. बल्ले का मोटा बाहरी किनारा लगा और गेंद शॉर्ट थर्ड की ओर उछली, जहां सिनेथ जयवर्धने ने जमीन से कुछ इंच ऊपर शानदार कैच लपक लिया। 

    वहीं श्रेयस अय्यर को वानुजा सहान ने 13 रन पर क्लीन बोल्ड किया. श्रेयस के आउट होते ही भारतीय टीम का स्कोर 87/ 4 हो गया. इसके बाद अक्षर पटेल कुछ खास नहीं कर सके और 8 रन बनाकर चलते बने. उनको लसिथ क्रूसपुले की गेंद पर सहान अराचिगे ने कैच पकड़ा. त‍िलक वर्मा भी 2 रन बनाकर आउट हुए. जो टीम का छठा व‍िकेट रहा। 

    वहीं ईशान किशन ने मुकाबले में एक छोर संभालकर रखा और 33 गेंदों पर अपनी फ‍िफ्टी पूरी की. ईशान की यह टी20 में सातवीं फ‍िफ्टी रही. 19वें ओवर में श‍िवम दुबे भी तेजी से रन बनाने के चक्कर में थरिंदु रत्नायके की गेंद पर 3 रन पर आउट हो गए. श्रीलंका की ओर से कप्तान सहार अरच‍िगे, थरिंदु रत्नायके को 2-2 सफलताएं म‍िलीं। 

    विकेट पतन: 1-12 (अभिषेक शर्मा, 1.2 ov), 2-24 (संजू सैमसन, 2.6 ov), 3-59 (वैभव सूर्यवंशी, 6.2 ov), 4-87 (श्रेयस अय्यर, 9.4 ov), 5-112 (अक्षर पटेल, 13.5 ov), 6-125 (तिलक वर्मा, 14.6 ov), , 7-151 (शिवम दुबे, 18.5 ओवर)

    श्रीलंका के भारत की प्लेइंग-11: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह

    श्रीलंका की प्लेइंग-11: लसिथ क्रूसपुले, सिनेथ जयवर्धने, सोहन डी लिवेरा (विकेट कीपर), एशेन बंडारा, सहान अराचिगे (कप्तान), नुवानिदु फर्नांडो, चामिका करुणारत्ने, वानुजा सहान, विजयकांथ व्यासकांथ, थरिंदु रत्नायके, बिनुरा फर्नांडो
     

    भारत का स्क्वॉड: संजू सैमसन (विकेट कीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, यश ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर, वैभव सूर्यवंशी, विप्रज निगम

    श्रीलंका स्क्वॉड: एशेन बंडारा, लसिथ क्रूसपुल, सिनेथ जयवर्धने, निरोशन डिकवेला (विकेट कीपर), नुवानिडू फर्नांडो, सहान अराचिगे (कप्तान), चमिका करुणारत्ने, दुशान हेमंथा, बिनुरा फर्नांडो, विजयकांथ व्यासकांथ, नुवान तुषारा, थारिंडू रत्नायके, वानुजा सहान, सोहन डी लिवेरा, गरुका संकेथ

  • बेअदबी कानून को लेकर पंजाब सरकार सक्रिय, PCS अधिकारी बने नोडल अफसर

    बेअदबी कानून को लेकर पंजाब सरकार सक्रिय, PCS अधिकारी बने नोडल अफसर

    चंडीगढ़ 
    पंजाब सरकार ने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (शोध) एक्ट 2026 को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने इस एक्ट से संबंधित संशोधनों पर सहमति बनाने के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस संबंध में जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब को पत्र लिखकर जानकारी दी गई है।

    यह कमेटी श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से गठित कमेटी के साथ बैठकें कर एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों पर सहमति बनाने का काम करेगी। दोनों कमेटियों के बीच तालमेल के लिए पंजाब सरकार ने पीसीएस अधिकारी हरजीत सिंह संधू को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

    समिति में श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, दमदमी टकसाल के मुखी संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा, संत बाबा सेवा सिंह रामपुर खेड़ा, सेवानिवृत्त न्यायाधीश जसपाल सिंह, सेवानिवृत्त न्यायाधीश गुरबीर सिंह और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी व पंजाब लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष जतिंदर सिंह औलख को शामिल किया गया है। विधि अधिकारी प्रीत इंदर पॉल सिंह भी इस सात सदस्यीय समिति के सदस्य हैं। 

    हरजीत संधू नोडल अफसर नियुक्त पंजाब सरकार द्वारा हरजीत सिंह संधू पीसीएस को 23.09.2026 के आदेशों के माध्यम से नोडल अफसर नियुक्त किया गया है। वह पंजाब सरकार द्वारा गठित कमेटी और श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से गठित कमेटी के बीच तालमेल स्थापित करने के लिए जिम्मेदार होंगे। इस कमेटी द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से प्राप्त सुझावों और मार्गदर्शन को पूरे सत्कार के साथ विचार के अधीन लाया जा रहा है।

    पंजाब सरकार ने पीसीएस अधिकारी हरजीत सिंह संधू को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। उनका कार्य दोनों समितियों के बीच तालमेल स्थापित करना होगा। यह समिति श्री अकाल तख्त साहिब की समिति के साथ बैठकें करेगी। इन बैठकों में एक्ट के संशोधनों पर सहमति बनाई जाएगी। 

    यह काम करेगी कमेटी पंजाब सरकार द्वारा गठित कमेटी विचार-विमर्श करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से गठित कमेटी के साथ आवश्यक विचार-विमर्श और तालमेल करेगी। सभी सुझावों एवं विचारों को ध्यान में रखते हुए मामले को अंतिम रूप दिया जाएगा।

  • महानदी जल विवाद सुलझने की उम्मीद, CM साय बोले- दोनों राज्य मानेंगे निर्णय

    महानदी जल विवाद सुलझने की उम्मीद, CM साय बोले- दोनों राज्य मानेंगे निर्णय

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दिल्ली रवाना हुए हैं। दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद को लेकर अहम बैठक होगी। बैठक में दोनों राज्यों के हितों और जल बंटवारे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

    दिल्ली रवाना होने से पहले सीएम साय ने कहा कि जल विवाद को लेकर केंद्रीय जल आयोग (CWC) को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रदेशों के हित में जो भी निर्णय होगा, दोनों सरकारें उसे मानेंगी।

    सिंगापुर दौरे को लेकर भी बोले CM साय
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने प्रस्तावित सिंगापुर दौरे को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ की विकास उपलब्धियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। सिंगापुर में वे निवेशकों और व्यापारियों से मुलाकात करेंगे तथा प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। सीएम ने कहा कि इस दौरे से कौशल विकास, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।

  • दूध के नए रेट से इंदौर में घमासान, ₹65 पर विक्रेता-किसान आमने-सामने

    दूध के नए रेट से इंदौर में घमासान, ₹65 पर विक्रेता-किसान आमने-सामने

     इंदौर
     आगामी त्योहारों से पहले शहर के परिवारों का मासिक बजट कुछ गड़बड़ा सकता है, क्योंकि एक अक्टूबर से दूध के दाम बढ़ने जा रहे हैं। इंदौर दूध विक्रेता संघ ने दूध उत्पादकों से खरीदी का भाव बढ़ाने के साथ उपभोक्ताओं के लिए भी नए भाव तय किए हैं। अब आमजन को घर पहुंच दूध 65 रुपये लीटर और दुकान-डेयरी से 68 रुपये लीटर मिलेगा। यानी रोज 2 लीटर दूध लेने वाले परिवार को महीने में करीब 120 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं। पांच लीटर प्रतिदिन खपत वाले परिवार का अतिरिक्त खर्च करीब 300 रुपये महीना हो सकता है।

    जानिए दूध के नए भाव
    वर्तमान में घर पर दूध पहुंचाने के दाम 63 रुपये प्रति लीटर हैं। इसमें 62 रुपये दूध और एक रुपये सेवा शुल्क शामिल है, लेकिन बढ़ोतरी के बाद दूध के दाम 65 रुपये प्रति लीटर हो जाएंगे। वहीं दुकान व डेयरी पर वर्तमान में 66 रुपये प्रति लीटर दूध मिलता है, जो गुरुवार से 68 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा। यानी दूध के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की सीधी बढ़ोतरी होगी। ये भाव 5.5 से 6 फैट वाले दूध के आधार पर तय किए गए हैं।

    जिस परिवार की रोजमर्रा की जरूरत में दूध की खपत ज्यादा है, उसके महीने के बजट पर इसका असर सीधे दिखाई देगा। संघ के अध्यक्ष भरत मथुरावाला का कहना है कि दूध के खरीदी और बिक्री दोनों दाम में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। आगे बारिश की कमी बनी रही और कपास्या खली, चापड़ व भूसे जैसे पशु आहार के दाम बढ़े तो दूध के भाव पर दोबारा विचार किया जा सकता है।

    9.24 रुपये प्रति फैट के हिसाब से खरीदी
    दूध उत्पादक किसानों से खरीदे जाने वाले दूध के दाम भी बढ़ाए गए हैं। अब उत्पादकों से दूध की खरीदी 9.23 रुपये प्रति फैट के हिसाब से होगी, जबकि अब तक 8.90 रुपये प्रति फैट खरीदी हो रही थी। इसके अनुसार दूध खरीदी के दाम करीब दो रुपये बढ़ेंगे। उत्पादक किसान लंबे समय से दूध के दाम बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में संघ ने दूध के दाम बढ़ाकर किसानों की मांगों को कुछ हद तक माना है। हालांकि किसान 12 रुपये प्रति फैट खरीदी की मांग कर रहे हैं।

     इतना बढ़ेगा खर्च
    दूध के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद विभिन्न परिवारों के मासिक और वार्षिक खर्च में होने वाली वृद्धि इस प्रकार है…

    एक लीटर रोज: 60 रुपये महीना, 730 रुपये वार्षिक
    दो लीटर रोज: 120 रुपये महीना, 1460 रुपये वार्षिक
    पांच लीटर रोज: 300 रुपये महीना, 3650 रुपये वार्षिक
    दूध मूल्य वृद्धि से जुड़ी मुख्य बातें
    33 पैसे प्रति फैट बढ़ाया गया किसानों से खरीदी का भाव।
    दो रुपये प्रति लीटर खरीदी और बिक्री दोनों के दाम बढ़े।
    12 रुपये प्रति फैट से खरीदी की मांग कर रहे थे किसान।
    12 लाख लीटर के करीब दूध प्रतिदिन डेयरी और बंदी में होता है विक्रय।

    किसानों की मांग-खरीद रेट 70 रुपए हो
    मध्यप्रदेश दूध किसान संघ के अध्यक्ष दिलीप सिंह पंवार ने कहा कि हाल में हुई 3 रुपए की बढ़ोतरी में भी 1 रुपए डिलीवरी चार्ज शामिल है।

    किसानों के लिए वास्तविक बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है। उनकी मांग है कि दूध का खरीद मूल्य 70 रुपए प्रति लीटर किया जाए। फैट के आधार पर भुगतान की व्यवस्था होने पर किसान तैयार हैं, लेकिन इसके लिए 12 रुपए प्रति फैट के हिसाब से भुगतान की मांग है।

    पंवार ने कहा कि इंदौर में कुछ अन्य दूध व्यापारियों के यहां 65 से 68 रुपए तक खरीद और 70 से 72 रुपए तक बिक्री की बात सामने आती है। ऐसे में किसानों को भी 68 से 70 रुपए तक उचित खरीद मूल्य मिलना चाहिए।

    विक्रेता संघ बोला- उपभोक्ता पर ज्यादा बोझ नहीं डाल सकते
    इंदौर दूध विक्रेता संघ के अध्यक्ष भरत मथुरावाला ने बताया कि अभी घर पहुंच दूध के 63 रुपए में 62 रुपए दूध और 1 रुपए डिलीवरी चार्ज शामिल है। 1 अक्टूबर से यह 64 रुपए दूध + 1 रुपए डिलीवरी होकर कुल 65 रुपए होगा। दुकानों पर खुले दूध की कीमत 68 रुपए प्रति लीटर रहेगी।

    मथुरावाला ने कहा कि संघ पिछले 38 वर्षों से काम कर रहा है और पंजीकृत संस्था है। संघ की जिम्मेदारी किसानों को उत्पादन लागत के अनुरूप भुगतान दिलाने के साथ उपभोक्ताओं पर अनावश्यक बोझ नहीं डालना भी है।

    फैट के हिसाब से भुगतान 9.23 रुपए तक पहुंचा
    मथुरावाला के मुताबिक किसानों को फैट के आधार पर भुगतान किया जाता है। पहले 8.90 रुपए प्रति फैट दिया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर 9.23 रुपए प्रति फैट किया गया है। उनका दावा है कि यह भुगतान सांची से अधिक है। उन्होंने कहा कि देवास, उज्जैन, धार और खंडवा सहित आसपास के क्षेत्रों में भी दूध के दाम में करीब 2 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हुई है।

    सप्लाई रुकी तो क्या होगा?
    किसान संगठन ने मांग पूरी नहीं होने पर दूध की सप्लाई रोकने की संभावना जताई है। हालांकि अभी सप्लाई बंद करने का कोई फैसला नहीं हुआ है। इसलिए 1 अक्टूबर से तय नए रेट लागू होंगे या नहीं, यह स्थिति आगे की बातचीत पर निर्भर करेगी।

    किस बात पर टकराव?
    विवाद मुख्य रूप से दूध के खरीद मूल्य, फैट के हिसाब से भुगतान और किसानों की उत्पादन लागत को लेकर है। दूध विक्रेता संघ का कहना है कि उपभोक्ताओं पर भी कीमत का असर पड़ता है, जबकि किसान संगठन का तर्क है कि मौजूदा खरीद मूल्य उनकी लागत के अनुरूप नहीं है। दोनों पक्ष अपने-अपने स्तर पर किसानों और उपभोक्ताओं के हित की बात कर रहे हैं।

     

  • मावां-धीयां सत्कार योजना: आज खाते में आएगी तीसरी किस्त, CM मान गोइंदवाल साहिब से करेंगे जारी

    मावां-धीयां सत्कार योजना: आज खाते में आएगी तीसरी किस्त, CM मान गोइंदवाल साहिब से करेंगे जारी

     चंडीगढ़

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज गोइंदवाल साहिब में 'मावां-धीयां सत्कार योजना' के तहत महिलाओं को सम्मान राशि की तीसरी किस्त जारी करेंगे। इस किस्त में 36 लाख 87 हजार 677 महिलाओं के खातों में 1,262 करोड़ 54 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।

    यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। यह योजना राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। मान सरकार ने अब तक इस योजना के तहत कुल 73 लाख 99 हजार महिलाओं को लाभ पहुंचाया है। इन महिलाओं के खातों में कुल 2,562 करोड़ 33 लाख रुपये की सम्मान राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। यह राशि दो किस्तों में वितरित की गई है। 

    कार्यक्रम में सरकार की ओर से योजना के तहत महिलाओं और बेटियों से जुड़ी आर्थिक सहायता की किस्त जारी की जाएगी।‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ का उद्देश्य महिलाओं और बेटियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। आज गोइंदवाल साहिब में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान इसी को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

    कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां की गई हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कार्यक्रम में शामिल होकर योजना को लेकर जानकारी साझा करेंगे और लाभार्थियों से भी संवाद करेंगे। इस के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह ₹1,000 और अनुसूचित जाति (SC/ST) की महिलाओं को प्रति माह ₹1,500 की वित्तीय सहायता दी जाती है।

    योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 3,000 रुपये की सम्मान राशि मिलती है। वहीं, अनुसूचित जाति की महिलाओं को 4,500 रुपये की सम्मान राशि दी जाती है। यह पहल महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़ना है।

    18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को लाभ योजना के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की पात्र महिलाओं को लाभ दिया जाता है। एक परिवार में पात्र महिलाओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं रखी गई है। राशि सीधे बैंक खातों में DBT के जरिए ट्रांसफर की जाती है। पहली किस्त जुलाई 2026 में तीन महीने की राशि एक साथ जारी की गई थी। सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹3,000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹4,500 मिले।

    ₹9,300 करोड़ का बजट प्रावधान पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए ₹9,300 करोड़ का प्रावधान किया है। सरकार की ओर से करीब 97% महिलाओं को योजना के दायरे में लाने का अनुमान बताया गया है।

  • स्वयं नशे से दूर रहें, दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए करें प्रेरित – मुख्यमंत्री साय

    स्वयं नशे से दूर रहें, दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए करें प्रेरित – मुख्यमंत्री साय

    रायपुर : नशामुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ही बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक नशामुक्ति पदयात्रा में हुए शामिल

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नशामुक्त समाज के निर्माण का दिया संदेश

    स्वयं नशे से दूर रहें, दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए करें प्रेरित – मुख्यमंत्री साय

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह

    युवा शक्ति को नशे से बचाकर शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

    27 वर्षों से नशामुक्ति, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए निकाली जा रही पदयात्रा की मुख्यमंत्री ने की सराहना

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक आयोजित नशामुक्ति पदयात्रा में शामिल हुए। बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ मुख्यमंत्री साय ने पदयात्रा कर नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया। पदयात्रा के समापन पर मुख्यमंत्री साय ने लाल चौक स्थित लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नशामुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा। नशा केवल किसी एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। विशेष रूप से युवाओं को नशे से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवा किसी भी प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। युवा स्वस्थ होंगे, शिक्षित और कुशल होंगे तथा अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाएंगे तो प्रदेश तेजी से आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, खेल और उद्यमिता के अवसरों का विस्तार कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता का उपयोग अपने परिवार, समाज और प्रदेश की प्रगति में करे।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। महात्मा गांधी ने संयम, स्वच्छता और स्वस्थ जीवन का संदेश दिया था। ऐसे में नशामुक्ति का यह अभियान उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का भी सशक्त माध्यम है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सेवा को सर्वोपरि रखा है। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रारंभ हुई उनकी शासन की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनसेवा गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा के विभिन्न कार्यों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि इसी अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना के साथ प्रदेशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही युवाओं को सेवा और राष्ट्र निर्माण के भाव से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। गुजरात के वडनगर से निकले बाइक राइडर्स का रायपुर पहुंचने पर स्वागत किया गया। इस यात्रा में बस्तर के युवा भी उत्साहपूर्वक सहभागी बने।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद की समस्या से प्रभावित रहा, जिसके कारण वहां विकास की गति बाधित हुई। आज क्षेत्र में शांति और विकास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार तथा रोजगार के अवसरों के विस्तार पर तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित करने के लिए नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर सहित आधुनिक और उभरते क्षेत्रों में निवेश से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए द्वार खुलेंगे। हमारा लक्ष्य ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करना है, जो नशे से दूर रहकर अपने सामर्थ्य, परिश्रम और नवाचार से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बने।

    मुख्यमंत्री साय ने विधायक पुरंदर मिश्रा द्वारा विगत 27 वर्षों से नशामुक्ति, वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसे सामाजिक विषयों को लेकर पदयात्रा आयोजित किए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से आता है। जब कोई अभियान समाज का अभियान बन जाता है, तभी उसके स्थायी और व्यापक परिणाम सामने आते हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि इन पदयात्राओं से प्रेरित होकर अब तक हजारों लोगों ने नशामुक्ति का संकल्प लिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह भी अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनेगा और विशेष रूप से युवाओं को स्वस्थ एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर प्रेरित करेगा।

    मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और युवाओं से आह्वान किया कि वे नशामुक्ति के संदेश को अपने परिवार, मित्रों और समाज तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ युवा, एक स्वस्थ परिवार और एक जागरूक समाज मिलकर ही स्वस्थ, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे।

    इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ममता साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, छात्र-छात्राएं, युवा, महिलाएं एवं आमजन उपस्थित थे।