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  • अक्टूबर की पहली तारीख से बड़ा बदलाव, LPG सिलेंडर महंगा; जानें नए नियम

    अक्टूबर की पहली तारीख से बड़ा बदलाव, LPG सिलेंडर महंगा; जानें नए नियम

     नई दिल्ली
    अक्टूबर महीने की शुरुआत देश में कई बड़े बदलावों (Rule Change From 1st October) के साथ हो गई है. इन बदलाव का असर हर घर हर जेब पर देखने को मिलेगा. 1 अक्टूबर 2026 से जहां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर महंगाई का बम फूटा है और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली से मुंबई तक बढ़ गई है, तो वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से फ्री निकासी की लिमिट से जुड़ा नियम भी बदल (ATM Rule Change) दिया गया है. आइए ऐसे ही बड़े बदलावों के बारे में विस्तार से जानते हैं… 

    पहला बदलाव: LPG सिलेंडर हुआ महंगा
    फेस्टिव सीजन की शुरुआत से पहले ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने महंगाई का बड़ा झटका दिया है और 1 अक्टूबर 2026 को सुबह-सुबह LPG Cylinder महंगा कर दिया है. ये बढ़ोतरी 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में की गई है और दिल्ली में इसका दाम 62.50 रुपये बढ़कर अब 2,810 रुपये हो गया है. वहीं पटना में ये 3100 रुपये से भी महंगा हो गया है. हालांकि, 14 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई चेंज नहीं किया गया है। 

    दूसरा बदलाव: LPG e-KYC का नियम
    एक ओर जहां Commercial LPG Cylinder Price Hike का झटका लगा है, तो वहीं 1 अक्टूबर 2026 से एलपीजी सिलेंडर बुकिंग से जुड़ा नया नियम भी लागू हो गया है. अब उन यूजर्स को LPG Subsidy पाने में दिक्कत पेश आ सकती है, जिन्होंने अपने एलपीजी कनेक्शन का आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन या ई-केवाईसी (LPG eKYC) पूरा नहीं किया है, ये अनिवार्य किया गया है। 

    तीसरा बदलाव: डीजल-ATF पर घटा ये Tax
    1 अक्टूबर से देश में दूसरा बदलाव डीजल और हवाई ईंधन से जुड़ा हुआ लागू हो गया है. दरअसल, सरकार ने बुधवार को डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर में कटौती की है और ये 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए लागू हो गई है. वहीं पेट्रोल (Petrol) पर इसे स्थिर रखा गया है. डीजल निर्यात पर लगने वाले SAED को 20 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. वहीं एटीएफ के निर्यात पर लगने वाला शुल्क भी पहली तारीख से 15 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 10.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। 

    चौथा बदलाव: FD Rule चेंज 
    RBI कमर्शियल बैंकों द्वारा थोक फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें तय करने और सार्वजनिक करने के तरीके में बदलाव कर रहा है. नए नियम 1 अक्टूबर, 2026 से लागू हो गए हैं. संशोधित फ्रेमवर्क के तहत, बैंकों को अपनी थोक जमा दरें पहले से ही सार्वजनिक करनी होंगी. उन्हें हरदिन सुबह 10 बजे लागू थोक जमा दरों की जानकारी भी देनी होगी. बैंकों को आम तौर पर समान थोक जमा पर एक ही ब्याज दर देनी होगी. हालांकि, वे अलग-अलग स्थितियों के आधार पर दरों में अंतर कर सकते हैं। 

    पांचवां बदलाव: NPS के नियम में बदलाव 
    पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और एनपीएस लाइट के तहत ग्राहकों से प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (POP) द्वारा वसूले जाने वाले शुल्कों में संशोधन किया है. संशोधित शुल्क 1 अक्टूबर, 2026 से लागू हो रहे हैं. नई संरचना के तहत, पीओपी के माध्यम से रजिस्‍ट्रेशन करने वाले ग्राहक को हर PRAN के लिए 200 रुपये का एकमुश्त ऑनबोर्डिंग शुल्क देना होगा. यह 200 रुपये का शुल्क ग्राहक के खाते से एकमुश्त राशि के रूप में नहीं काटा जाएगा। 

    छठा बदलाव:  SBI ATM विद्ड्रॉल का नियम 
    देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई अपने सैलरी पैकेज अकाउंट होल्‍डर्स के लिए अन्य बैंकों के ATMs और ऑटो डिपॉजिट विड्रॉल मशीनों (ADWM) पर एसबीआई डेबिट कार्ड का उपयोग करने पर उपलब्ध मुफ्त मासिक लेनदेन की संख्या में संशोधन कर रहा है. संशोधित नियम 1 अक्टूबर, 2026 से लागू होंगे. सभी एसबीआई वेतन पैकेज खाता प्रकारों के लिए, अन्य बैंकों के एटीएम पर मुफ्त लेनदेन की संख्या सभी केंद्रों पर प्रति माह 10 से घटाकर पांच कर दी जाएगी. बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खातों के लिए, एक महीने में चार बार कैश निकासी निःशुल्क रहेगी, जिसके बाद प्रत्येक लेनदेन पर 15 रुपये + जीएसटी का शुल्क लगेगा। 

    सातवां बदलाव: NRI निवेश 
    अभी तक किसी प्रवासी भारतीय से संपत्ति खरीदना सामान्य संपत्ति सौदों की तुलना में थोड़ा अधिक कागजी कार्रवाई वाला होता है. लेकिन 1 अक्टूबर से इसका प्रॉसेस बदल रहा है, क्योंकि आयकर विभाग प्रवासी खरीदारों के लिए टीडीएस प्रक्रिया को सरल बना रहा है. पहली तारीख से NRI से अचल संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) को टीडीएस के लिए अलग से टैक्स कटौती और TNN की जरूरत नहीं होगी. इसके बजाय, खरीदार अपने पैन (PAN Card) का उपयोग करके TDS की कटौती, जमा और रिपोर्टिंग कर सकेंगे। 

    आठवां बदलाव: PUC के बिना पेट्रोल-CNG नहीं
    दिल्ली-NCR में पेट्रोल पंपों पर गाड़ी में Petrol या CNG भरवाने से पहले अब सिर्फ जेब में पैसे होना काफी नहीं होगा. 1 अक्टूबर से अगर आपकी गाड़ी का प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र (PUC) वैध नहीं है, तो फ्यूल लेने में दिक्कत आ सकती है. यानी गाड़ी लेकर पेट्रोल पंप पहुंचने से पहले अब एक और चीज चेक करनी होगी- आपके वाहन का PUC वैध है या नहीं. सर्दियों में बढ़ने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने इस व्यवस्था को लागू किया है. CAQM के मुताबिक, पहली तारीख से पूरे NCR में बिना वैध PUC प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन देने पर रोक लगाने का प्रावधान लागू हो गया है। 

    नौवां बदलाव: लाइफ सर्टिफिकेट का नियम
    1 अक्‍टूबर से लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का समय शुरू हो रहा है. अगर आप पेंशन का लाभ पाना चाहते हैं तो आपको लाइफ सर्टिफिकेट ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा करना होगा. यह हर साल अक्‍टूबर से जमा होना शुरू होता है। 

    दसवां बदलाव: 16 दिन बैंक हॉलिडे
    अक्टूबर महीने में अगर बैंक से जुड़ा कोई काम है, तो फिर आरबीआई की बैंक हॉलिडे लिस्ट देखकर ही घर से निकलें. बता दें कि अगले महीने साप्ताहिक अवकाशों को मिलाकर कुल 16 दिन बैंक बंद रहेंगे. दशहरा, गांधी जयंती समेत अनेक मौकों पर बैंक ब्रांच बंद रहेंगी. हालांकि, इस दौरान ऑनलाइन बैंकिंग, एटीएम सर्विस के जरिए लेन-देन या बैंकिंग काम निपटाए जा सकते हैं। 

    ये बदलाव भी बढ़ाएंगे टेंशन
    अक्टूबर महीने की शुरुआत से अन्य बड़े बदलावों पर गौर करें, तो इनमें

    फेस्टिव सीजन (Festive Season) पर घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम खरीदना महंगा पड़ सकता है. अगर आप टीवी, फ्रिज, एसी समेत अन्य होम इलेक्ट्रॉनिक्स चीजें खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो बता दें इस सेक्टर की कंपनियों ने कच्चे माल की लागत में तेज बढ़ोतरी का हवाला देते हुए अपने आइटम्स की कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। 

    इसके साथ ही 15 अक्टूबर, 2026 से, व्यापारियों द्वारा किए गए UPI लेनदेन पर चुनिंदा लेनदेनों पर व्यापारी छूट दर (MDR) लागू होगी. एमडीआर 2,000 रुपये से अधिक के व्यापारी लेनदेनों पर लागू होगा. 2,000 रुपये तक के भुगतान और छोटे व्यापारियों के लिए शून्य-एमडीआर ढांचे के तहत किए गए लेनदेन निःशुल्क रहेंगे। 

     

  • नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उप अभियंताओं को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र

    नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उप अभियंताओं को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र

    रायपुर : युवाओं को रोजगार, नागरिकों को सुगम सेवाएं और आधुनिक कौशल से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
    मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास की दिशा में तीन महत्वपूर्ण पहल

    नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उप अभियंताओं को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र

    चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच हुआ एमओयू, नागरिकों तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच होगी और आसान

    कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा सेतु केंद्रों में होगी एकरूपता, एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी अधिक सेवाएं

    सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं ऑनलाइन, 16 हजार से अधिक केंद्रों से मिल रही सुविधा

    नवा रायपुर में स्थापित होगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा

    लगभग 250 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा संस्थान, प्रतिवर्ष करीब 4 हजार युवाओं को मिलेगा आधुनिक कौशल प्रशिक्षण

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मंत्रालय महानदी भवन में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास के क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण पहलों को आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में चयनित युवा उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। नागरिकों तक शासकीय डिजिटल सेवाओं की पहुंच को अधिक व्यापक और सुविधाजनक बनाने के लिए छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू किया गया। साथ ही नवा रायपुर में प्रस्तावित नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा गया।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर, नागरिकों को सरल और पारदर्शी शासकीय सेवाएं तथा नई पीढ़ी को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक कौशल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार रोजगार सृजन, कौशल विकास, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक अधोसंरचना को एक-दूसरे से जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ नागरिकों तक आसानी और समयबद्धता के साथ पहुंचे। तकनीक के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम की जा रही है। वहीं युवाओं को सरकारी सेवाओं के साथ उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता और कौशल आधारित रोजगार के लिए भी तैयार किया जा रहा है।

    नवा रायपुर के निर्माण में युवा अभियंताओं की होगी महत्वपूर्ण भूमिका

    मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में उप अभियंता के पद पर चयनित युवा अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं के अभिभावकों को भी बधाई दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर भविष्य के छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं का शहर है। यहां आधुनिक अधोसंरचना, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं और योजनाबद्ध विकास को निरंतर विस्तार दिया जा रहा है। नवनियुक्त अभियंताओं को इस आधुनिक शहर के निर्माण और विकास में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है।

    उन्होंने युवा अभियंताओं से कहा कि वे अपने ज्ञान और तकनीकी दक्षता का उपयोग जनहित में करते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। विभिन्न विभागों में नियमित भर्तियां की जा रही हैं और भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाया गया है। सभी युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हो सकतीं, इसलिए राज्य सरकार उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता, स्टार्टअप और कौशल विकास के माध्यम से भी व्यापक अवसर तैयार कर रही है।

    उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024-30 में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए हैं और अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है। आने वाले वर्षों में लगभग पौने दो लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है। स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्योगों के लिए औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से पारदर्शी चयन प्रक्रिया को मजबूत किया गया है। गरीब, किसान और सामान्य परिवारों के बच्चे अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर चयनित होकर आगे बढ़ रहे हैं। भर्ती प्रक्रियाओं को और गति देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का भी गठन किया गया है।

    डिजिटल गवर्नेंस को नई गति, चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। चिप्स की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल तथा कॉमन सर्विस सेंटर स्पेशल पर्पस व्हीकल की ओर से स्टेट हेड जय नारायण पटेल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

    इस एमओयू के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल पर उपलब्ध नागरिक-केंद्रित सेवाओं को कॉमन सर्विस सेंटर के डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जाएगा। इसी तरह कॉमन सर्विस सेंटर पर उपलब्ध सेवाओं को सेवा सेतु से जोड़ने की दिशा में कार्य होगा। इससे नागरिकों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की आवश्यकता कम होगी और अधिक सेवाएं उनके नजदीकी केंद्रों पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।

    कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा सेतु केंद्रों की पहचान को नागरिकों के लिए अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से इन केंद्रों पर एकरूप ब्रांडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। केंद्रों पर उपलब्ध प्रमुख सेवाओं की जानकारी भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अंतिम छोर तक शासकीय सेवाएं पहुंचाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के ग्राम स्तरीय उद्यमी नेटवर्क और सेवा सेतु केंद्रों का समन्वित उपयोग किया जाएगा।

    16 हजार से अधिक सेवा सेतु केंद्र, 54 लाख से अधिक आवेदन

    वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं 16,619 केंद्रों के जरिए ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु पोर्टल पर 54 लाख 23 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है।

    प्रदेश में 28,450 सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी 600 से अधिक शासकीय एवं व्यावसायिक सेवाएं नागरिकों को प्रदान की जा रही हैं। एमओयू के बाद सेवा सेतु की 907 शासकीय सेवाओं की पहुंच सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटरों तक भी विस्तारित होगी। इससे विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को अपने नजदीक ही अधिक सेवाएं प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।

    एक हजार से अधिक सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेवा सेतु को नागरिक सेवाओं के एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार की सेवाओं के साथ केंद्र सरकार की 166 सेवाओं को भी इससे जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इससे एक हजार से अधिक सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ, पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का उद्देश्य नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर से बचाना, सेवाओं की डिलीवरी को समयबद्ध बनाना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही बढ़ाना है।

    उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी शुरू की गई है। इससे तहसीलदार से लेकर सचिव स्तर तक लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हैं और शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। शासन का प्रयास है कि नागरिक को अपनी समस्या लेकर व्यवस्था के पीछे न जाना पड़े, बल्कि व्यवस्था स्वयं उसके समाधान के लिए जवाबदेह बने।

    नवा रायपुर में लगभग 250 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट

    कार्यक्रम में नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र भी सौंपा गया। प्रस्तावित संस्थान के निर्माण पर लगभग 250 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। यहां प्रतिवर्ष करीब 4 हजार युवाओं को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण देने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

    संस्थान में लगभग 20 अलग-अलग ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों और रोजगार बाजार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा, जिससे युवाओं को नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो और वे रोजगार के साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों का भी लाभ उठा सकें।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए आधुनिक कौशल और रोजगार के अवसरों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। बदलती तकनीक के इस दौर में युवाओं को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप आधुनिक कौशल से लैस करना भी आवश्यक है। यह संस्थान प्रदेश के युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा और कौशल संस्थानों के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा नवा रायपुर : ओ.पी. चौधरी

    आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने नवनियुक्त युवा अभियंताओं और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें नवा रायपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे आधुनिक शहर के निर्माण में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है। अधोसंरचना किसी भी राज्य के आर्थिक विकास की बुनियाद होती है और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    चौधरी ने कहा कि सरकारी नौकरी के प्रति युवाओं का आकर्षण स्वाभाविक है, लेकिन वर्तमान समय में रोजगार और करियर की संभावनाएं केवल सरकारी क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। निजी क्षेत्र, उद्यमिता, तकनीक और कौशल आधारित क्षेत्रों में भी व्यापक अवसर पैदा हो रहे हैं। राज्य सरकार सरकारी भर्तियों के साथ युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया युवाओं में व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत करती है। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं का आह्वान किया कि जिस पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से उन्हें सेवा का अवसर मिला है, उसी भावना के साथ वे अपने पूरे सेवाकाल में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

    नागरिकों को केंद्रों पर स्पष्ट रूप से मिलेगी उपलब्ध सेवाओं की जानकारी

    सचिव अंकित आनंद ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार सेवा केंद्रों पर नागरिकों से जुड़ी प्रमुख सेवाओं की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी। इनमें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, बिजली कनेक्शन, भूमि उपयोग संबंधी जानकारी, व्यापार अनुज्ञप्ति, निर्माण श्रमिक पंजीयन, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सेवाएं शामिल हैं।
    इसके साथ ही केंद्र सरकार से संबंधित आधार, आयुष्मान, गैस कनेक्शन, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन, फसल बीमा, फास्टैग, उद्यम परिचय पत्र, कृषि ड्रोन सेवा तथा निजी बैंकों से जुड़ी सेवाएं भी नागरिकों को उपलब्ध होंगी। 

    इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा नवनियुक्त अभियंता उपस्थित थे।

  • फ्लाईदुबई फ्लाइट में मचा हड़कंप, कॉकपिट कांड पर नेतन्याहू का बड़ा बयान

    फ्लाईदुबई फ्लाइट में मचा हड़कंप, कॉकपिट कांड पर नेतन्याहू का बड़ा बयान

     नई दिल्ली
    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि फ्लाईदुबई के पायलटों और यात्रियों ने विमान में '9/11 जैसी आपदा' होने से रोक दिया. इजरायल जा रही इस फ्लाइट में एक पायलट ने अपने साथी पर चाकू से हमला कर दिया था, जिसके बाद विमान हजारों फीट नीचे चला गया. नेतन्याहू ने सीएनएन को बताया कि भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला होने के बाद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था। 

    नेतन्याहू के मुताबिक, दरवाजा खुलने के बाद इजरायली यात्री यानिव हयून कॉकपिट में पहुंचे. हयून पेशे से प्लंबर हैं. उन्होंने वहां ओमानी पायलट को विमान के कंट्रोल के साथ छेड़छाड़ करते हुए देखा. नेतन्याहू ने कहा कि उस समय यात्रियों ने कॉकपिट से चीखने और चिल्लाने की आवाजें भी सुनी थीं। 

    Flydubai ने इजरायल रूट की सभी उड़ानें रोकीं, आने-जाने वाली सभी फ्लाइट्स सस्पेंड 

    'कैप्टन स्मित मच्छार असली हीरो, 170+ लोगों की बचाई जान', RSS ने की तारीफ

    प्लंबर यात्री ने संभाला विमान का कंट्रोल
    नेतन्याहू ने बताया कि हयून ने विमान के कंट्रोल को पीछे की ओर खींचा. इसी दौरान एक अन्य यात्री और क्रू के सदस्य ने हमलावर पायलट को काबू में किया. इसके बाद रिजर्व पायलट कॉकपिट में पहुंचे और विमान को स्थिर किया। 

    इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने एयरपोर्ट पर यानिव हयून से मुलाकात की थी. उनके मुताबिक, हयून भारतीय पायलट के खून से पूरी तरह सने हुए थे. इस घटना में घायल भारतीय पायलट की पहचान कैप्टन स्मित मच्छार के तौर पर हुई है। 

    सऊदी अरब में हो रही संदिग्ध पायलट से पूछताछ
    नेतन्याहू ने बताया कि हमले के आरोपी पायलट को सऊदी अरब में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात ने इजरायल को इस पूछताछ में शामिल होने की अनुमति दी है। 

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी घटना के बारे में जानकारी दी गई थी. ट्रंप ने भारतीय पायलट को 'हीरो' बताया और कहा कि हमला होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद मांगना बेहद अहम था. उन्होंने यानिव हयून के कदम की भी तारीफ की। 

    कैप्टन स्मित मच्छार ने कैसे बचाई यात्रियों की जान
    यह लैंडिंग बिलकुल भी आसान नहीं थी। यात्रियों ने बताया कि ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार को नीचे गिरा दिया था और उन पर चाकू से हमले कर रहा था। सब जगह खून फैला हुआ था। कैप्टन स्मित मच्छार की आवाज तक नहीं निकल रही थी। इस दौरान सिर्फ 1 मिनट में विमान करीब 14000 फीट नीचे गिर गया। जिसके बाद कैप्टन स्मित मच्छार ने विमान के कंट्रोल को संभाला और उसे सुरक्षित तबुक हवाई अड्डे पर उतारा। घायल पायलट और फर्स्ट ऑफिसर को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। सऊदी अरब की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने को-पायलट को गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ कर रही हैं।

    कैप्टन स्मित मच्छार कौन हैं?
    कैप्टन स्मितत मच्छार 2022 से अमीराती सरकार के स्वामित्व वाली कम लागत वाली एयरलाइन फ्लाईदुबई में काम कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने 10 साल तक स्पाइसजेट में काम किया था। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, कैप्टन मच्छर के पास बोइंग 737 विमानों पर 13 वर्षों से अधिक का वाणिज्यिक उड़ान का अनुभव है। उन्होंने वनलाइनर ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में व्यापक रूप से कार्य किया है और उनके पास 9,750 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। कैप्टन मच्छर 2011 में स्पाइसजेट में शामिल हुए।

    इजरायल में फ्लाईदुबई की फ्लाइट पर रोक
    इजरायल के परिवहन मंत्री मिरी रेगेव ने शिन बेट से देश में आने-जाने वाली फ्लाईदुबई की सभी उड़ानों को रोकने का अनुरोध किया है, क्योंकि ऐसी अपुष्ट खबरें हैं कि इस घटना के लिए जिम्मेदार पायलट ओमानी मूल का था। तबुक हवाई अड्डे के बयान में पुष्टि की गई है कि इस घटना में पायलट और फर्स्ट ऑफिसर दोनों घायल हो गए थे और विमान के उतरने के बाद उन्हें चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। बयान में उनके घायल होने के कारण का स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। एक यात्री ने बताया कि चाकू से घायल पायलट की हालत गंभीर थी और विमान में मौजूद एक इजरायली डेंटिस्ट ने उसका इलाज किया और उसकी जान बचाई।

    बेंजामिन नेतन्याहू ने क्या कहा?
    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना पर बयान जारी करते हुए हमलावर को-पायलट को काबू करने वालों की तारीफ की है। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार, बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, "आज सुबह, दुबई से इजरायल आ रही एक फ्लाइट में सुरक्षा से जुड़ी एक गंभीर घटना हुई। फ्लाइट में मौजूद लगभग सभी यात्री इजरायली थे। फ्लाइट के दौरान, जब वे देश के करीब पहुंच रहे थे, तो एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला किया और ऐसा लगता है कि उसने प्लेन में सवार सभी लोगों के साथ प्लेन को क्रैश करने की कोशिश की।

    नेतन्याहू ने सभी को किया सलाम
    नेतन्याहू ने कहा, मैंने एक इजरायली यात्री से बात की। उसने मुझे बताया कि प्लेन घूमने लगा और तेज़ी से नीचे की ओर जाने लगा। उसने बताया कि किसी तरह वह और क्रू का एक सदस्य कॉकपिट में घुसने में कामयाब रहे, और उन्होंने मिलकर उस पायलट को काबू में किया जो प्लेन के सिस्टम को खराब करने की कोशिश कर रहा था। फ़्लाइट के क्रू का एक और सदस्य कॉकपिट में पहुंचा और प्लेन को संभालने में कामयाब रहा। मैं इन नायकों को सलाम करता हूं, जिन्होंने असाधारण सूझबूझ और हिम्मत दिखाई। उन्होंने कई जानें बचाईं। उन्होंने एक बड़ी तबाही को रोका।

    नेतन्याहू बोले- सभी यात्री खतरे से बाहर
    उन्होंने कहा कि प्लेन सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा। सभी यात्री खतरे से बाहर हैं। चाकू से हमला करने वाले पायलट को गिरफ़्तार कर लिया गया है और सऊदी अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं। हम यात्रियों की सुरक्षा और उनके सुरक्षित घर लौटने को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। मैंने सुरक्षा एजेंसियों को भविष्य में संभावित खतरों के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। हम स्थिति का लगातार जायजा ले रहे हैं, और जैसे-जैसे हालात बदलेंगे, हम आपको जानकारी देते रहेंगे।

    ईरान कनेक्शन की जानकारी नहीं
    नेतन्याहू ने अपनी बातचीत में यह भी साफ किया कि जांचकर्ताओं के पास अभी ऐसी कोई खास जानकारी नहीं है, जिससे इस घटना का ईरान से संबंध साबित हो. उन्होंने कहा कि फिलहाल इस तरह का कोई ठोस इनपुट सामने नहीं आया है। 

    नेतन्याहू ने अपने पुराने अनुभव का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि 1972 में एक हाईजैक विमान से यात्रियों को छुड़ाने वाली इजरायली कमांडो कार्रवाई के दौरान वह घायल हुए थे. उनके भाई योनी की 1976 में एंटेबे बंधक बचाव अभियान का नेतृत्व करते हुए मौत हो गई थी. नेतन्याहू ने कहा, "उन पायलटों ने 9/11 जैसी आपदा होने से रोक दी, क्योंकि ऐसा ही लग रहा था कि उस वक्त होने वाला था। 

  • गुवाहाटी में रिकॉर्ड्स की झड़ी, गिल-रोहित ने पलटा 406 का खेल

    गुवाहाटी में रिकॉर्ड्स की झड़ी, गिल-रोहित ने पलटा 406 का खेल

    गुवाहाटी 

    गुवाहाटी में रिकॉर्ड टूटे, 406 का लक्ष्य पिघला और भारत ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हास‍िल कर ली. वेस्टइंडीज ने बुधवार (30 स‍ितंबर) को  405/7 का विशाल स्कोर बनाया था, लेकिन शुभमन गिल और रोहित शर्मा की तूफानी बल्लेबाजी के सामने यह लक्ष्य भी छोटा पड़ गया. भारत ने सिर्फ 43.3 ओवर में 406/2 बनाकर 8 विकेट से मुकाबला जीत लिया और तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।  यह 400+ लक्ष्य का सिर्फ दूसरा सफल चेज है. इससे पहले 2006 में साउथ  अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 438 रन का लक्ष्य हासिल किया था। 

    कप्तान शुभमन गिल ने ऐसी पारी खेली, जो ODI रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गई. उन्होंने 117 गेंदों में डबल सेंचुरी पूरी की, जो 50 ओवर के क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक है. गिल ने अपनी पारी में 133 गेंदों का सामना करते हुए 26 चौके और 8 छक्के लगाए। 

    गिल ने इस दौरान ईशान किशन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा. ईशान ने 126 गेंदों में ODI डबल सेंचुरी पूरी की थी. गिल का यह ODI में 11वां शतक भी था, जिसे उन्होंने सिर्फ 62 गेंदों में पूरा किया. यह वनडे में उनका सबसे तेज शतक रहा। 

    शुभमन गिल ने कप्तानी पारी खेलते हुए 223 रन नाबाद बनाए, जबकि रोहित शर्मा ने 101 रन की पारी खेली. दोनों ने पहले विकेट के लिए 255 रन जोड़े. गिल की नाबाद 223 रन की पारी ने उन्हें सभी लिस्ट-ए क्रिकेट में रन चेज के दौरान सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाला बल्लेबाज भी बना दिया. उन्होंने बांग्लादेश के सौम्य सरकार के नाबाद 208 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। 

    यह 400+ लक्ष्य का सिर्फ दूसरा सफल चेज है. इससे पहले 2006 में साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 438 रन का लक्ष्य हासिल किया था। 
     
    भारत-वेस्टइंडीज दूसरे ODI में बने ये बड़े रिकॉर्ड

        14वीं लगातार सीरीज जीत: भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 2-0 की अजेय बढ़त बना ली. इसके साथ ही भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार 14वीं ODI सीरीज जीत ली। 

        दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज: भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 406 रन का लक्ष्य सिर्फ 43.3 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल किया. यह ODI इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज है। 

        सबसे तेज डबल सेंचुरी: शुभमन गिल ने सिर्फ 117 गेंदों में डबल सेंचुरी पूरी की. उन्होंने ईशान किशन का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 126 गेंदों में 200 रन बनाए थे। 
        गिल की पारी तीसरे नंबर पर: शुभमन गिल ने नाबाद 233 रन बनाए. उन्होंने सिर्फ 133 गेंदों की पारी में 26 चौके और 8 छक्के लगाए. यह ODI क्रिकेट में किसी बल्लेबाज की तीसरी सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है। 
        रोहित का 35वां शतक: रोहित शर्मा ने 75 गेंदों में 101 रन बनाए. यह ODI क्रिकेट में उनका 35वां शतक है. सबसे ज्यादा ODI शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में रोहित तीसरे नंबर पर हैं। 
        12 हजार ODI रन पूरे: रोहित शर्मा ने इस मैच में ODI क्रिकेट में 12,000 रन भी पूरे किए. वह ऐसा करने वाले दुनिया के सातवें और भारत के तीसरे बल्लेबाज बने. उनसे पहले सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली यह मुकाम हासिल कर चुके हैं। 
        वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा ODI स्कोर: वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 405/7 रन बनाए. यह उसका ODI क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर है. इससे पहले उसका सबसे बड़ा स्कोर 2019 में इंग्लैंड के खिलाफ 389 रन था। 
        मैच में 811 रन बने: दोनों टीमों की पारियों को मिलाकर मैच में कुल 811 रन बने. यह ODI इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा मैच एग्रीगेट है। 
        सबसे ऊपर ऑस्ट्रेलिया-साउथ अफ्रीका मैच: ODI में सबसे ज्यादा मैच एग्रीगेट का रिकॉर्ड 2006 में जोहान्सबर्ग में ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के मैच के नाम है. उस मुकाबले में कुल 872 रन बने थे. दूसरे नंबर पर 2009 का भारत-श्रीलंका राजकोट ODI है, जिसमें 825 रन बने थे। 

    एक मैच में 5 शतक, पहली बार ऐसा
    वेस्टइंडीज की ओर से जॉन  कैम्पबेल, शाई होप और अमीर जंगू ने शतक लगाए. भारत की तरफ से रोहित और गिल ने सेंचुरी जड़ी. इस तरह पुरुषों के वनडे में पहली बार एक ही मैच में पांच बल्लेबाजों ने शतक लगाए. इससे पहले पुरुषों के तीन वनडे और एक महिला वनडे में चार-चार शतक का रिकॉर्ड था। 

    रोहित ने भी जड़ा शतक
    दूसरे छोर पर रोहित शर्मा ने अपने पुराने अंदाज में बल्लेबाजी की. उन्होंने पुल और पिक-अप शॉट्स के साथ ऑफ साइड में शानदार ड्राइव लगाए और 75 गेंदों में 101 रन बनाए। 

    रोहित ने इस पारी के दौरान ODI क्रिकेट में 12,000 रन भी पूरे किए. वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले दुनिया के सिर्फ सातवें बल्लेबाज और सचिन तेंदुलकर तथा विराट कोहली के बाद तीसरे भारतीय बने. शतक पूरा करने के बाद रोहित ने अपने अंदाज से अलग उछलकर जश्न मनाया। 

    255 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप
    गिल और रोहित ने शुरुआत से ही वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया. भारत ने 12 ओवर के अंदर 100 रन पूरे कर लिए. गिल ने 38 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि रोहित ने सिर्फ 32 गेंदों में फिफ्टी जड़ दी। 

    22वें ओवर तक भारत का स्कोर बिना विकेट खोए 200 रन हो गया. 350 से ज्यादा के लक्ष्य का पीछा करते हुए किसी ODI में पहली बार किसी ओपनिंग जोड़ी ने 200 रन पूरे किए। 

    दोनों ने पहले विकेट के लिए 255 रन जोड़े. यह साझेदारी 26.2 ओवर में टूटी, जब रोहित 101 रन बनाकर आउट हुए. उस समय भारत को जीत के लिए 151 रन और चाहिए थे और 24 ओवर बाकी थे. गिल ने इसके बाद भी रफ्तार कम नहीं होने दी और भारत को लक्ष्य तक पहुंचाकर ही दम लिया। 

    पहले विंडीज ने भी मचाया था तूफान
    इससे पहले वेस्टइंडीज ने भारतीय गेंदबाजों की अनुभवहीन पेस अटैक की पोल खोलते हुए 405/7 का स्कोर बनाया था. जॉन  कैम्पबेल ने 68 गेंदों में 101, शाई होप ने 94 गेंदों में 104 और आमिर जांगू ने 77 गेंदों में 114 रन बनाए। 

    कैम्पबेल ने सिर्फ 65 गेंदों में शतक पूरा किया था. क्रिस गेल के प्रशंसक कैम्पबेल ने उनकी तरह आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और 9 चौके तथा 5 छक्के लगाए। 

    होप को 27 रन पर विराट कोहली ने शॉर्ट मिडविकेट पर कैच छोड़ दिया था. इसके बाद उन्होंने पारी को संभाला और फिर तेजी से रन बनाए. उनकी पारी में 8 चौके और 3 छक्के रहे। 

    जंगू ने सिर्फ 69 गेंदों में अपना दूसरा ODI शतक पूरा किया. उनके बल्ले से 13 चौके और 3 छक्के निकले. वेस्टइंडीज ने पहली बार किसी ODI में तीन शतक लगाने का कारनामा किया और अपना पिछला सर्वश्रेष्ठ 389 रन का स्कोर भी पीछे छोड़ दिया। 

    गेंदबाजों के लिए फिर सवाल
    जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी और मोहम्मद सिराज के नहीं खेलने के बीच भारत ने युवा गेंदबाजों को मौका दिया, लेकिन प्रदर्शन सवाल छोड़ गया. आकिब नबी ने 8.5 ओवर में 84 रन दिए. वह ODI डेब्यू पर किसी भारतीय गेंदबाज द्वारा सबसे ज्यादा रन देने वाले गेंदबाज बन गए। 

    गुरनूर बरार ने 10 ओवर में 96 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने 5 ओवर में 45 रन देकर एक विकेट लिया. नमन धीर को भी गेंदबाजी के दौरान टखने की चोट लगी और 6.1 ओवर के बाद वह मैदान से बाहर चले गए। 

    भारत के लिए राहत की बात यह रही कि कुलदीप यादव ने 2/65 लेकर ODI में अपने 200 विकेट पूरे किए. रवींद्र जडेजा ने भी 2/75 का प्रदर्शन किया। 

    सबसे तेज ODI डबल सेंचुरी
    117 गेंद – शुभमन गिल vs वेस्टइंडीज, गुवाहाटी, 2026
    126 गेंद – ईशान किशन vs बांग्लादेश, चटगांव, 2022
    128 गेंद – ग्लेन मैक्सवेल vs अफगानिस्तान, वानखेड़े, 2023
    136 गेंद – पथुम निसांका vs अफगानिस्तान, पल्लेकेले, 2024
    138 गेंद – क्रिस गेल vs जिम्बाब्वे, कैनबरा, 2015

    ODI में भारत के लिए सबसे बड़ी ओपनिंग पार्टनरशिप
    258 तेंदुलकर-गांगुली बनाम केन पार्ल 2001
    255 रोहित-गिल गुवाहाटी 2026
    252 तेंदुलकर-गांगुली बनाम SL कोलंबो RPS 1998
    231 शिखर-रहाणे बनाम SL कटक 2014

    वहीं इस मुकाबले से पहले तक भारतीय टीम ने 8 बार 400 प्लस का स्कोर बनाया था, लेकिन यह सभी स्कोर भारतीय टीम ने पहली पारी में खेलते हुए बनाए थे. भारत साउथ अफ्रीका के बाद दूसरी ऐसी टीम बन गई जिसने वनडे इत‍िहास में 400 प्लस का स्कोर चेज किया हो। 

    स्कोर ओवर विपक्षी ग्राउंड रिजल्ट तारीख
    418/5 50.0 वेस्टइंडीज इंदौर जीत 8 दिसंबर 2011
    414/7 50.0 श्रीलंका राजकोट जीत 15 दिसंबर 2009
    413/5 50.0 बर्मूडा पोर्ट ऑफ स्पेन जीत 19 मार्च 2007
    410/4 50.0 नीदरलैंड्स बेंगलुरु जीत 12 नवंबर 2023
    409/8 50.0 बांग्लादेश चटगांव जीत 10 दिसंबर 2022
    406/2 43.3  वेस्टइंडीज  गुवाहाटी  जीत  30 नवंबर 2026 
    404/5 50.0 श्रीलंका ईडन गार्डन्स जीत 13 नवंबर 2014
    402 49.5 अफगानिस्तान लखनऊ जीत 17 जून 2026
    401/3 50.0 साउथ अफ्री फ्रीका ग्वालियर जीत 24 फरवरी 2010

    भारत में सबसे बड़ा वनडे रनचेज कौन सा?

    नंबर टीम स्कोर ओवर टारगेट विपक्षी टीम साल वेन्यू
    1 भारत 406/2 43.3  405 वेस्टइंडीज 2026 गुवाहाटी
    2 भारत 362/1 43.3 360 ऑस्ट्रेलिया 2013 जयपुर
    3 साउथ फ्रीका 362/6 49.2 360 भारत 2025 रायपुर
    4 ऑस्ट्रेलिया 359/6 47.5 359 भारत 2019 मोहाली
    5 भारत 356/7 48.1 351 इंग्लैंड 2017 पुणे
    6 भारत 351/4 49.3 351 ऑस्ट्रेलिया 2013 नागपुर
  • भोपाल में 3 अक्टूबर को अमित शाह का दौरा, MP को मिलेंगी कई बड़ी सौगातें; जानें कार्यक्रम

    भोपाल में 3 अक्टूबर को अमित शाह का दौरा, MP को मिलेंगी कई बड़ी सौगातें; जानें कार्यक्रम

    भोपाल 
    केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह तीन अक्टूबर को भोपाल दौरे पर होंगे. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह प्रदेश को कई सौगातें देने भोपाल आ रहे हैं. मध्यप्रदेश में अक्टूबर महीने की शुरुआत से दिग्गज नेताओं का मध्यप्रदेश में डेरा रहेगा. एक अक्टूबर को राहुल गांधी का बालाघाट दौरा है और उसके ठीक बाद तीन अक्टूबर को केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह भोपाल के दौरे पर होंगे। 

    ये है भोपाल में अमित शाह का पूरा कार्यक्रम
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  मंत्रालय में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित आगमन के संबंध में मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों से बैठक कर इस बारे में चर्चा की. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कांफ्रेंस द्वारा कलेक्टर, कमिश्नर भोपाल और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियों ने निर्देश भी दिए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि शनिवार, 3 अक्टूबर को भेापाल के भेल दशहरा मैदान में राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. गोपालक सम्मेलन स्थल पर केंद्रीय मंत्री शाह न्याय संहिता पर केंद्रित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन व अवलोकन करेंगे। 

    केंद्रीय मंत्री शाह इसके बाद राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन को संबोधित करेंगे. अमित शाह भोपाल बायपास भौरी के पास आईआईएसईआर परिसर का शिलान्यास और परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे। 

    मध्यप्रदेश को ये सौगातें देंगे अमित शाह
    प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री शाह प्रदेश में दुग्ध संयंत्र, डेयरी प्रसंस्करण और गुणवत्ता जांच लैब की विभिन्न सौगात भी देंगे. इन परियोजनाओं में उज्जैन में 255 करोड़ रुपए की लागत का डेयरी प्लांट और भोपाल में फर्मेंटेड प्रोडक्ट दूध प्लांट भी शामिल है. इस अवसर पर भोपाल पश्चिमी बायपास का भूमि पूजन भी किया जाएगा. केंद्रीय गृहमंत्री शाह भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ पशुपालकों को बोनस वितरण, गौशालाओं की सहायता के लिए राशि प्रदान करेंगे. साथ ही गोपालक दीदीयों के सम्मान और उन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र वितरित किए जाएंगे। 

    करीब ₹3774 करोड़ का यह सड़क प्रोजेक्ट 35.61 किलोमीटर लंबा एक प्रमुख फोर-लेन प्रोजेक्ट है। यह बायपास मंडीदीप के समीप इटायाकलां में भोपाल-जबलपुर मार्ग से शुरू होकर कोलार और रातीबड से होते हुए भोपाल-देवास इंदौर मार्ग पर ग्राम फंदा कलां तक जाएगा। पहले इसकी लंबाई 40.90 किमी रखी गई थी। संशोधित अलाइनमेंट के बाद घटाकर 35.61 किमी कर दी गई।

    भोपाल पश्चिमी बायपास प्रोजेक्ट में सर्विस रोड, फ्लाईओवर, बड़े ग्रेड सेपरेटर और एक बड़ा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) शामिल होगा। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए रातापानी क्षेत्र के पास विशेष एलिवेटेड रास्ते (वाइल्डलाइफ वायडक्ट) भी बनाए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को इस परियोजना का भूमि पूजन करेंगे।

    35 हजार से ज्यादा गोपालक पहुंचेंगे
    कार्यक्रम में गृह विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, सहकारिता विभाग, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग के कार्यों के प्रेजेंटेशन भी होंगे. कार्यक्रम में भोपाल, सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन नर्मदापुरम जिलों के साथ प्रदेश के 35 हजार से अधिक गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों की भागीदारी रहेगी। 

  • 1 October Rules Change: LPG-बैंकिंग समेत 9 बदलाव लागू, जानें क्या होगा महंगा-क्या बदलेगा

    1 October Rules Change: LPG-बैंकिंग समेत 9 बदलाव लागू, जानें क्या होगा महंगा-क्या बदलेगा

    नई दिल्ली

    हर नए महीने की शुरुआत के साथ ही देश में बैंकिंग, टैक्स, बचत और रोजमर्रा के खर्चों से जुड़े कई नियमों में बदलाव होता है। 1 अक्टूबर 2026 से आम नागरिकों, निवेशकों, टैक्सपेयर्स और बैंक ग्राहकों को प्रभावित करने वाले कई बड़े बदलाव प्रभावी हो रहे हैं।

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समीक्षा से लेकर एसबीआई के एटीएम नियम, यूपीआई एमडीआर (UPI MDR), एलपीजी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की तारीखों तक जानिए अक्टूबर महीने में लागू होने वाले सभी बड़े वित्तीय बदलावों की पूरी डिटेल।

    1. आरबीआई की एमपीसी बैठक: 7 अक्टूबर को आएगा रेपो रेट पर फैसला
    भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जा रही है। अगस्त 2026 की समीक्षा के बाद से आरबीआई की रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर बनी हुई है। 7 अक्टूबर को आने वाले ब्याज दरों के फैसले का सीधा असर लोन की EMI (होम लोन, कार लोन) और बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों पर पड़ेगा।

    2. SBI के ATM नियम में बदलाव: फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा घटी
    भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अपने सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए दूसरे बैंकों के एटीएम (ATM) और ADWMs (डिपॉजिट-कम-विड्रॉल मशीन) के इस्तेमाल से जुड़े नियमों में बदलाव कर रहा है:

    नए नियम के तहत 1 अक्टूबर 2026 से सैलरी अकाउंट वाले ग्राहक अन्य बैंकों के एटीएम से महीने में केवल 5 बार ही मुफ्त ट्रांजैक्शन (फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल मिलाकर) कर सकेंगे। पहले यह सीमा 10 ट्रांजैक्शन की थी।

    बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खातों(BSBD) के लिए महीने में 4 बार कैश विड्रॉल मुफ्त रहेगा। इसके बाद प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर ₹15 + GST का शुल्क लागू होगा।

    3. इनकम टैक्सपेयर्स को राहत: टैक्स ऑडिट और ITR फाइलिंग की तारीख बढ़ी
    केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले करदाताओं को बड़ी राहत दी है:

    टैक्स ऑडिट रिपोर्ट: टैक्स ऑडिट रिपोर्ट सबमिट करने की अंतिम तिथि को 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दिया गया है।

    ITR फाइलिंग डेट: टैक्स ऑडिट वाले कारोबारियों और प्रोफेशन्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न जमा करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है।

    4. UPI Payments & MDR Rules: ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट पेमेंट पर नया ढांचा
    15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट (व्यापारी) ट्रांजैक्शन के लिए नया UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट(MDR) फ्रेमवर्क लागू किया जा रहा है। यह चार्ज मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम और बैंकों के बीच का मामला है। सामान्य ग्राहकों को यूपीआई पेमेंट करते समय कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। व्यक्ति से व्यक्ति होने वाले सभी ट्रांसफर और ₹2,000 तक की खरीदारी पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेगी।

    5. LPG आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन: सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक जरूरी
    सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाने वाले घरेलू LPG ग्राहकों के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से जुड़ा नया नियम लागू हो रहा है। रेगुलेटेड रिटेल सेलिंग प्राइस (RSP) और सरकारी सब्सिडी पर सिलेंडर बुक करने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करना अनिवार्य होगा। जिन ग्राहकों की बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, उन्हें गैस सिलिंडर तो मिलेगा, लेकिन उन्हें बिना सब्सिडी वाला मार्केट प्राइस चुकाना होगा।

    6. बल्क डिपॉजिट की दरों के लिए 10 AM का नया नियम
    रिजर्व बैंक का बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरों के डिस्क्लोजर (प्रकटीकरण) से जुड़ा नया नियम 1 अक्टूबर से प्रभावी हो गया है। सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) सहित अन्य बैंकों को बल्क डिपॉजिट की दरें अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर पहले से शेड्यूल के मुताबिक शेयर करनी होंगी। बैंकों को हर वर्किंग डे सुबह 10:00 बजे (अधिकतम 10:10 AM का ग्रेस टाइम) अपनी बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरें सार्वजनिक करनी होंगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

    7. NRI से प्रॉपर्टी खरीदना हुआ आसान: TAN की बाध्यता खत्म
    1 अक्टूबर 2026 से किसी नॉन-रेजिडेंट (NRI) से प्रॉपर्टी खरीदने वाले भारतीय निवासियों और HUF के लिए टैक्स कम्प्लायंस की प्रक्रिया को आसान बना दिया गया है। एनआरआई से अचल संपत्ति खरीदते समय टीडीएस (TDS) काटने के लिए अब अलग से टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर(TAN) लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

    खरीदार अब केवल अपने PAN के जरिए ही निर्धारित TDS कटौती, डिपॉजिट और रिपोर्टिंग का काम पूरा कर सकेंगे। (नोट: टीडीएस काटने का नियम जारी रहेगा, सिर्फ प्रोसेस आसान हुआ है)।

    8. NPS में नया फीस स्ट्रक्चर: PoP चार्जेस में बदलाव
    पेंशन फंड नियामक (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और NPS Lite के तहत पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoP) के शुल्क ढांचे में संशोधन किया है। PoP के जरिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले नए सब्सक्राइबर को प्रति परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर(PRAN) ₹200 का एकमुश्त ऑनबोर्डिंग चार्ज देना होगा। यह फीस सब्सक्राइबर के पेंशन खाते से एक बार में नहीं काटी जाएगी, बल्कि तय दिशानिर्देशों के तहत ली जाएगी।

    9. स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की दरों की समीक्षा
    सरकार अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं (PPF, NSC, SCSS, सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र और पोस्ट ऑफिस एफडी) की ब्याज दरों की समीक्षा कर नई दरों का ऐलान करेगी। जुलाई-सितंबर तिमाही में दरों को यथावत रखा गया था, इसलिए इस बार ब्याज दरों में संभावित बदलाव पर देश के निवेशकों की निगाहें टिकी हैं।

  • El Nino की चिंता के बीच बड़ा बदलाव, खरीफ-रबी के लिए 373.93 MT अनाज उत्पादन का लक्ष्य-मंत्री चौहान

    El Nino की चिंता के बीच बड़ा बदलाव, खरीफ-रबी के लिए 373.93 MT अनाज उत्पादन का लक्ष्य-मंत्री चौहान

    नई दिल्ली
    सरकार ने अल नीनो की चिंताओं के बीच 2026-27 फसल वर्ष (जुलाई-जून) के लिए अनाज उत्पादन का लक्ष्य घटाकर 373.93 मिलियन टन तय किया है। अनाज उत्पादन का कुल लक्ष्य 2025-26 फसल वर्ष में हासिल हुए 376.56 मिलियन टन के वास्तविक उत्पादन से 2.63 मिलियन टन कम है. लेकिन इस साल तय किया गया लक्ष्य, 2025-26 फसल वर्ष के लिए तय 362 मिलियन टन के लक्ष्य से अभी भी ज्यादा है.
    2026-27 के लिए तय कुल लक्ष्य में से, 2026 खरीफ सीजन के लिए अनाज उत्पादन का लक्ष्य 196.21 मिलियन टन और रबी फसल सीजन के लिए 177.72 मिलियन टन है। 

    भारत खरीफ (गर्मी) और रबी (सर्दी) सीजन में अलग-अलग फसलें उगाता है. धान जैसी खरीफ फसलों की बुवाई अभी-अभी खत्म हुई है, जबकि गेहूं जैसी रबी फसलों की बुवाई अक्टूबर से शुरू होगी। 

    अनाज उत्पादन पर अल नीनो का असर
    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "अल नीनो के वैज्ञानिक आकलन के आधार पर, 2026-27 के लिए 373.93 मिलियन टन का कुल राष्ट्रीय अनाज उत्पादन लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें रबी सीजन के लिए 177.72 मिलियन टन का लक्ष्य शामिल है। 

    उन्होंने यह भी कहा कि अनाज उत्पादन के लक्ष्य पानी की उपलब्धता और मिट्टी की नमी को ध्यान में रखकर और खराब स्थितियों में फसल के पैटर्न को बदलने के लिए राज्यों के साथ बातचीत करके तय किए गए हैं। 

    जहां तक ​​रबी की बुवाई की बात है, मंत्री ने कहा कि योजना बनाते समय अल नीनो की स्थितियों और हाल ही में खत्म हुए खरीफ सीज़न के दौरान कुछ हिस्सों में आई सूखे और बाढ़ जैसी चुनौतियों को ध्यान में रखा जा रहा है। 

    उन्होंने कहा, "हमारा मकसद उन इलाकों में अधिक पानी वाली फसलें न उगाना है जहां बारिश कम हुई है और जहां जलाशय का स्तर और मिट्टी में नमी कम है. इसके बजाय, हम उन इलाकों में दाल और तिलहन जैसी फ़सलें उगाना चाहते हैं. ये लक्ष्य इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर तय किए गए हैं। 

    सूखे के इमरजेंसी हालात पर सरकार में चिंता
    जब उनसे 2026 के आखिर तक अल नीनो के "बहुत मजबूत" होने के ग्लोबल अनुमान के बारे में पूछा गया, तो चौहान ने कहा कि सरकार मौजूदा हालात में उगाई जाने वाली फसलों और उनकी किस्मों पर राज्यों के साथ विस्तार से बातचीत कर रही है। 

    उन्होंने कहा कि बारिश, पानी की उपलब्धता और मिट्टी की नमी में क्षेत्रीय अंतर के हिसाब से फसल की योजना में बदलाव किया जा रहा है, और जहां भी सूखे जैसे हालात बनेंगे, वहां आपातकालीन उपाय अपनाए जाएंगे। 

    उन्होंने कहा, "हालांकि अभी बारिश में लगभग 12 प्रतिशत की कमी है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ा संकट नहीं है." उन्होंने आगे कहा कि मुश्किलें कुछ खास इलाकों तक ही सीमित हैं। 

    खाद के बारे में चौहान ने कहा कि कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव के बावजूद – कुछ मामलों में तो कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं – खाद की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है। 

    उन्होंने कहा, "देश में खाद की कोई कमी नहीं है और रबी सीजन के लिए पर्याप्त सप्लाई उपलब्ध रहेगी। 

    राज्यों द्वारा 2026-27 के लिए बताई गई जरूरतों के आधार पर, खाद की कुल जरूरत का अनुमान 380 लाख टन लगाया गया है। 
    मौजूदा शुरुआती स्टॉक 163 लाख टन से अधिक है, जो पिछले साल रबी सीजन की शुरुआत में उपलब्ध 122 लाख टन से काफी ज़्यादा है। 

    अभी-अभी खत्म हुए खरीफ बुवाई सीजन पर मंत्री ने कहा कि अल नीनो की चिंताओं और देश के कुछ हिस्सों में सूखे और बाढ़ के बावजूद खरीफ अनाज के उत्पादन में कोई बड़ी गिरावट नहीं आएगी। 

    उन्होंने कहा कि सरकार ने अप्रैल में ही व्यापक तैयारी शुरू कर दी थी।

    खरीफ फसलों के बुवाई क्षेत्र में कमी
    कुछ खरीफ फसलों के बुवाई क्षेत्र में कमी आई है, लेकिन कुल बुवाई क्षेत्र मोटे तौर पर पिछले साल के बराबर ही है. उन्होंने कहा कि अभी बारिश में लगभग 12 प्रतिशत की कमी है, जबकि सूखे की स्थिति आम तौर पर तब मानी जाती है जब संबंधित अवधि में बारिश की कमी 20 प्रतिशत से ज़्यादा हो. उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि इस कमी से उत्पादन पर कोई खास असर पड़ेगा." उन्होंने यह भी कहा कि उत्पादन के अंतिम आंकड़े जल्द ही जारी किए जाएंगे। 

    खेती के रकबे में सबसे ज्यादा कमी धान की खेती में आई है, जहां खेती का रकबा लगभग 16.32 लाख हेक्टेयर कम हो गया है. मक्का, सोयाबीन और कपास की खेती के रकबे में भी कमी आई है. वहीं, उड़द, बाजरा, ज्वार, तिल, सूरजमुखी, मूंग और अरहर की खेती का रकबा बढ़ा है। 

    मंत्री ने कहा, "इससे पता चलता है कि किसान अब दालों और मोटे अनाजों की खेती की ओर बढ़ रहे हैं। 

    महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में खेती के रकबे में कमी की सूचना मिली है. इन राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ से लगभग 6.11 लाख हेक्टेयर में फसलें प्रभावित हुई हैं और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है.

    मंत्री ने यह भी कहा कि कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, तेलंगाना और राजस्थान में सूखे की स्थिति को लेकर चिंता है.

    उन्होंने कहा, "अब तक मिली जानकारी से कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों (जिसमें रायलसीमा और आसपास के इलाके शामिल हैं), तेलंगाना के कुछ हिस्सों और राजस्थान के कुछ हिस्सों को लेकर चिंता है. राज्यों से विस्तृत रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है। 

    राज्य के अनुरोध पर एक केंद्रीय टीम 3 अक्टूबर को कर्नाटक का दौरा करेगी। 

  • सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में कितना बढ़ेगा पैसा? 8वें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर से समझें गणित

    सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में कितना बढ़ेगा पैसा? 8वें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर से समझें गणित

    नई दिल्ली
     केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चा तेज है। अभी आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करने की प्रक्रिया में है और अलग-अलग कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और अन्य हितधारकों से सुझाव ले रहा है। आयोग की ओर से अक्टूबर में बेंगलुरु और मुंबई में भी बैठकें प्रस्तावित हैं। वहीं, बेंगलुरु का दौरा 7-8 अक्टूबर और मुंबई का 22-23 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। इन बैठकों में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर की हो रही है। आइए यह समझने की कोशिश करते हैं कि 8वें वेतन आयोग में भी अगर 7वें वेतन आयोग का समान फिटमेंट फैक्टर लगता है तो कर्मचारियों की सैलरी में कितनी वृद्धि होगी?

    दरअसल, 7th पे कमीशन (7th Pay Commission) में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। इसका इस्तेमाल पुराने बेसिक पे को नए पे मैट्रिक्स में तय करने के लिए किया गया था। उदाहरण के तौर पर 7th CPC में ₹7,000 के पुराने बेसिक पे को 2.57 से गुणा करने पर ₹17,990 आता है, जिसे नए पे स्ट्रक्चर में ₹18,000 किया गया। सरकार के आधिकारिक दस्तावेजों में भी 7th CPC के लिए 2.57 फिटमेंट फैक्टर का उल्लेख है।

    अब अगर केवल एक समान कैलकुलेशन उदाहरण के तौर पर 8th CPC में भी 2.57 फिटमेंट फैक्टर मान लिया जाए, तो नए बेसिक पे की कैलकुलेशन इसी फॉर्मूले से होगी

        मौजूदा बेसिक पे × 2.57 = संशोधित बेसिक पे। इस कैलकुलेशन के हिसाब से 18,000 बेसिक पे पर यह कैलकुलेशन 46,260 होगी। 25,500 पर 65,535 और 35,400 पर 90,978। हालांकि, ये सिर्फ उदाहरण हैं। वास्तविक 8th CPC में फिटमेंट फैक्टर कितना होगा और पे मैट्रिक्स किस तरह बदलेगा, यह आयोग की अंतिम सिफारिश और सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।

    यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है कि फिटमेंट फैक्टर को सीधे सैलरी में उतने प्रतिशत की बढ़ोतरी के रूप में नहीं देखा जा सकता। बेसिक पे के अलावा DA, HRA और अन्य अलाउंस भी कुल वेतन को प्रभावित करते हैं। 8th CPC को वेतन के साथ-साथ भत्तों, पेंशन और अन्य सेवा शर्तों की समीक्षा भी करनी है। आयोग की टर्म्स ऑफ रेफरेंस में आर्थिक स्थिति, सरकारी वित्त और कर्मचारियों के मौजूदा वेतन-भत्तों सहित कई पहलुओं को ध्यान में रखने की बात कही गई है।

     

    पे मैट्रिक्स लेवल 6th CPC बेसिक पे 2.57 फिटमेंट फैक्टर के बाद 7वें CPC के तहत बेसिक सैलरी 8वें CPC का अनुमान: 2.57 फिटमेंट फैक्टर
    Level 1 ₹7,000 ₹18,000 ₹46,260
    Level 2 ₹7,743 ₹19,900 ₹51,143
    Level 3 ₹8,444 ₹21,700 ₹55,769
    Level 4 ₹9,922 ₹25,500 ₹65,535
    Level 5 ₹11,362 ₹29,200 ₹75,044
    Level 6 ₹13,774 ₹35,400 ₹90,978
    Level 7 ₹17,471 ₹44,900 ₹1,15,393
    Level 10 ₹21,829 ₹56,100 ₹1,44,177
    Level 13 ₹47,899 ₹1,23,100 ₹3,16,367
    Level 18 ₹97,276 ₹2,50,000 ₹6,42,500

    फिलहाल, कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स की ओर से अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर की मांगें सामने आती रही हैं, लेकिन 8th CPC ने अभी कोई आधिकारिक फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया है। इसलिए 1.83, 2.57 या 3.83 जैसे आंकड़ों को अंतिम फैसला मानना सही नहीं होगा। आयोग की मौजूदा संरचना में न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई अध्यक्ष हैं, जबकि पंकज जैन सदस्य-सचिव और प्रोफेसर पुलक घोष अंशकालिक सदस्य हैं।

    समयसीमा की बात करें तो 8th सेंट्रल पे कमीशन (8th Central Pay Commission) का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था और सरकार के टर्म्स ऑफ रेफरेंस के अनुसार आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें देनी हैं। इसका मतलब रिपोर्ट की निर्धारित समयसीमा मई 2027 के आसपास बनती है। इसके बाद सिफारिशों पर सरकार का फैसला और लागू करने की प्रक्रिया होगी। इसलिए अभी कर्मचारियों के लिए सबसे अहम बात यह है कि 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर होने वाली कैलकुलेशन को संभावित उदाहरण के रूप में देखें, न कि 8th CPC की तय सैलरी वृद्धि के रूप में।

    Level 8 कर्मचारी की बेसिक सैलरी
    मान लीजिए किसी Level 8 कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 47,600 रुपये है और उसकी मौजूदा ग्रॉस सैलरी करीब 90,440 रुपये प्रति माह है। ऐसे में अगर फिटमेंट फॉर्मूला 2 लागू होता है तो बेसिक सैलरी 95 हजार रुपये से ज्यादा हो जाएगी। इस बेसिक सैलरी का मतलब हुआ कि इस लेवल की कैटेगरी के केंद्रीय कर्मचारी की ग्रॉस सैलरी 1 लाख रुपये से ज्यादा होगी। जैसे-जैसे फिटमेंट फॉर्मूला बढ़ेगा वैसे केंद्रीय कर्मचारी की सैलरी में भी बढ़ोतरी होगी।

    ग्रॉस सैलरी में रहती हैं ये चीजें
    वेतन आयोग में किसी कर्मचारी के लिए एक निश्चित फिटमेंट फैक्टर के आधार पर नई बेसिक सैलरी तय होती है। इस नई बेसिक पर उस समय लागू HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और दूसरे भत्ते जोड़कर कुल ग्रॉस सैलरी तय होगी। कहने का मतलब है कि बेसिक पे में बड़ी बढ़ोतरी और हाथ में आने वाली सैलरी में उतनी ही प्रतिशत बढ़ोतरी, दो अलग बातें हैं। 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिश आने और सरकार की ओर से उसे मंजूरी मिलने के बाद ही वास्तविक फिटमेंट फैक्टर, नई पे मैट्रिक्स और भत्तों की व्यवस्था स्पष्ट होगी।

    बता दें कि आठवें वेतन आयोग की बेंगलुरु में 7-8 अक्टूबर और मुंबई में 22-23 अक्टूबर 2026 को बैठकें प्रस्तावित हैं। इससे पहले चंडीगढ़, चेन्नई, पुडुचेरी और जयपुर में भी कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के साथ चर्चा हो चुकी है। इन बैठकों में सैलरी रिविजन और फिटमेंट फैक्टर कर्मचारियों से जुड़े प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं।

     

  • PM श्री स्कूलों में नया मॉडल, 1,565 स्कूलों में विद्यालय-अभिभावक-ग्राम समुदाय मिलकर करेंगे बदलाव

    PM श्री स्कूलों में नया मॉडल, 1,565 स्कूलों में विद्यालय-अभिभावक-ग्राम समुदाय मिलकर करेंगे बदलाव

    योगी सरकार में 1,565 पीएम श्री स्कूलों में विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय मिलकर गढ़ेंगे शिक्षा का नया परिवेश

    – नवंबर में होगा विशेष आयोजन, विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय की सहभागिता से बच्चों को मिलेगा समृद्ध शैक्षिक परिवेश

    – रैली, प्रभातफेरी, नाटक, कहानी-वाचन, खेल एवं पोस्टर प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों से सजेगा ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’

    – बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता के साथ उत्कृष्ट विद्यार्थियों का होगा सम्मान

    – कक्षा 5, 8 और 10 के विद्यार्थियों को क्रमशः अगली कक्षाओं में नामांकन के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित

    – 1,565 पीएम श्री विद्यालयों के लिए कुल ₹46.95 लाख का वित्तीय प्रावधान

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के पीएम श्री स्कूलों को शिक्षा के साथ जनभागीदारी और सामुदायिक सहभागिता के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रदेश के 1,565 पीएम श्री स्कूलों में नवंबर में ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया जाएगा। ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ आयोजन के लिए 1,565 पीएम श्री स्कूलों के लिए कुल ₹46.95 लाख की वित्तीय सीमा निर्धारित की गई है। 

    ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम के माध्यम से पीएम श्री स्कूलों को स्थानीय समुदाय से जोड़ने, अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने और बच्चों की प्रतिभा को मंच देने का प्रयास किया जा रहा है। विद्यालय, परिवार और ग्राम समुदाय की साझेदारी से तैयार यह पहल बच्चों की शिक्षा को सामाजिक सहयोग से जोड़ते हुए पीएम श्री स्कूलों को स्थानीय स्तर पर सीखने, सहभागिता और विकास के केंद्र के रूप में और भी सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 

    विद्यालय और समुदाय की साझेदारी को मिलेगा नया आयाम
    ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय को उसके सामाजिक परिवेश से जोड़ते हुए अभिभावकों, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों, शिक्षकों और अन्य स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इन्हें एक साझा मंच पर लाकर बच्चों की शिक्षा, नामांकन, ठहराव और सीखने की प्रक्रिया को और अधिक समृद्ध बनाया जाएगा। इस दौरान समुदाय को विद्यालय की गतिविधियों तथा समग्र शिक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। 

    रैली से खेल तक, बच्चों की प्रतिभा को मिलेगा मंच
    इस दौरान रैली/ प्रभातफेरी, नाटक एवं कहानी-वाचन, पोस्टर एवं कलाकृतियों की प्रदर्शनी तथा खेल प्रतियोगिताओं जैसी गतिविधियां होंगी। इसके साथ हस्ताक्षर अभियान और सेल्फी प्वाइंट जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों, अभिभावकों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में विद्यालय के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किए जाने का भी प्रावधान है, जिससे बच्चों में उपलब्धि के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास को प्रोत्साहन मिलेगा। 

    बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश
    आयोजन में बाल अधिकारों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा। इसके माध्यम से अभिभावकों और ग्राम समुदाय को बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए उनकी शिक्षा और संरक्षण के प्रति सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाया जाएगा। 

    कोट:
    “पीएम श्री स्कूलों को समुदाय से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखेंगे।”
    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

    कोट:
    “विद्यालय और समुदाय की सहभागिता से बच्चों की शिक्षा को नई ऊर्जा मिलेगी। ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम में गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा, सीखने और आगे बढ़ने के अवसरों को प्रोत्साहित किया जाएगा।”
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

  • कम बारिश ने बढ़ाई उज्जैन की टेंशन, फरवरी-मार्च में सूख सकते हैं कुएं-बोरिंग; डैम में 90 दिन का पानी

    कम बारिश ने बढ़ाई उज्जैन की टेंशन, फरवरी-मार्च में सूख सकते हैं कुएं-बोरिंग; डैम में 90 दिन का पानी

    उज्जैन
     मानसून की अधिकारिक विदाई बुधवार को हो जाएगी। 30 सितंबर के बाद होने वाली किसी भी वर्षा को मौसम विभाग मानसूनोत्तर वर्षा (आफ्टर रैनी सीजन) की श्रेणी में दर्ज करेगा। लेकिन इस बार मानसून की विदाई शहर के लिए राहत नहीं, बल्कि एक भीषण जल संकट का अलार्म बजाकर जा रही है। सात लाख की आबादी की प्यास बुझाने वाले गंभीर बांध में इस समय जल संकट का सन्नाटा पसरा है।

    2250 एमसीएफटी की क्षमता वाले इस बांध में फिलहाल महज 715 एमसीएफटी पानी ही बचा है- यानी बांध 68 प्रतिशत खाली है। ऊपर से वाष्पीकरण और रोजमर्रा की सप्लाई के चलते बांध से हर दिन 7 से 8 एमसीएफटी पानी तेजी से घट रहा है।

    इस हिसाब से गंभीर बांध में अगले 90 दिन नियमित जल प्रदाय करने जितना पानी ही उपलब्ध है। जीवाजी वेधशाला के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि इस सीजन में औसत 906 मिमी के मुकाबले महज 682 मिमी (75 प्रतिशत) बारिश हुई- यानी सीधी 25 प्रतिशत की बड़ी गिरावट। उज्जैन में करीब एक दशक (10 साल) बाद ऐसे सूखे जैसे हालात बने हैं।

    गंभीर बांध : शहर की निर्भरता और बड़ा संकेतक
    राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के समक्ष अगस्त में पेश की गई संयुक्त समिति की रिपोर्ट के अनुसार, उज्जैन शहर की मौजूदा जलापूर्ति का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा अकेले गंभीर बांध से पूरा होता है। अल्प वर्षा के कारण बांध में क्षमता का एक-तिहाई पानी ही बच पाना आने वाले शीतकाल और ग्रीष्मकाल के लिए बड़े संकट की दस्तक है।

    अल्प बारिश की वजह से भूजल रिचार्ज भी नगण्य रहा है। आशंका जताई जा रही है कि जो कुएं, हैंडपंप और बोरिंग अमूमन मई-जून की भीषण गर्मी में सूखते थे, वे इस बार शीतकाल समाप्त होते-होते (फरवरी-मार्च में) ही दम तोड़ देंगे। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि रबी फसलों (गेहूं और चना) के लिए मिट्टी में आवश्यक शुरुआती नमी नहीं मिलेगी। फसलों के उत्पादन में गिरावट का सीधा असर किसान की जेब और अंततः शहर के व्यापार पर पड़ेगा।

    नर्मदा का सहारा : राहत बड़ी, लेकिन वित्तीय लागत भी भारी
    गंभीर बांध में जलस्तर घटने पर नर्मदा-आधारित जल प्रदाय योजना उज्जैन के लिए लाइफलाइन बनती है। लेकिन नर्मदा का पानी शहर तक लाना वित्तीय रूप से अत्यधिक खर्चीला है। पंपिंग, बिजली और रखरखाव का लगातार भारी खर्च उठाना पड़ता है। वर्तमान में नर्मदा जल की लागत 22.60 प्रति घन मीटर है। यह दर वर्ष 2014 से लागू है, जिसे अब तक बढ़ाया नहीं गया है।

    बीते 12 वर्षों में नर्मदा का पानी उज्जैन लाने और गंभीर में खाली स्थान भरने के मद में अरबों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। कम वर्षा का सीधा अर्थ है कि नगर निगम और प्रशासन को आगामी दिनों में वैकल्पिक नर्मदा जल पर निर्भरता बढ़ानी होगी, जिससे सरकारी खजाने पर वित्तीय दबाव कई गुना बढ़ जाएगा।

    सिंहस्थ 2028 से पहले जल रणनीति की परीक्षा
    एनजीटी की रिपोर्ट में सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन की अनुमानित जल मांग 410 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) बताई गई है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि मेला अवधि में आने वाली करोड़ों की तैरती आबादी की प्यास बुझाना सामान्य दिनों से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होगा।

    इस वर्ष का मानसून केवल एक मौसमी आंकड़ा नहीं, बल्कि उज्जैन की अगले दो वर्षों की जल प्रबंधन नीति का शुरुआती अलर्ट है। यदि आने वाले दिनों में मानसूनोत्तर वर्षा से राहत नहीं मिलती, तो प्रशासन को समय रहते जल वितरण, सीवरेज रिसाइकलिंग और भूजल संरक्षण की आपातकालीन योजना पर काम शुरू करना होगा।