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  • शाही मस्जिद क्षेत्र में हाई अलर्ट, 500 मीटर तक बैरिकेडिंग और ड्रोन से निगरानी

    शाही मस्जिद क्षेत्र में हाई अलर्ट, 500 मीटर तक बैरिकेडिंग और ड्रोन से निगरानी

    उज्जैन 

    उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को तोड़ने के दौरान सोमवार को हुए उपद्रव के पांचवें दिन भी उज्जैन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। गुरुवार को मीनार का हिस्सा गिरने के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा बनाया। 

    शाही मस्जिद से करीब 500 मीटर से भी आगे तक पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है। इस क्षेत्र के आगे लोगों की आवाजाही रोक दी गई है।

    गुदरी चौराहा, कंठाल से आगे भी आवाजाही रोकी
    शाही मस्जिद की ओर जाने वाले रास्तों पर गुदरी चौराहा, कंठाल, खारा कुआं थाना और गेबी हनुमान मंदिर क्षेत्र के आगे भी लोगों को रोका जा रहा है। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है। चेकिंग पॉइंट बनाकर आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है।

    1 से 3 बजे तक इन इलाकों में नमाज
    शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच जुमे की नमाज के लिए मुस्लिम समाज के लोगों के अलग-अलग मस्जिदों में पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने जामा मस्जिद सब्जी मंडी, केसवानी मोहल्ला, कबाड़ा बाजार, केडी मदीना मस्जिद, लोहे का पुल, कोट मोहल्ला चौराहा, महाकाल मंदिर चौराहा और लखेरवाड़ी क्षेत्र में भी सुरक्षा बढ़ाई है।

    इन इलाकों में नमाज के दौरान भीड़ जमा होने को देखते हुए पुलिस बल को अलग-अलग पॉइंट पर तैनात किया गया है।

    RAF-STF-CRPF की 3 कंपनियां तैनात
    एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में RAF, STF और CRPF की कुल 3 कंपनियां तैनात हैं। भीड़ प्रबंधन, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल को अलग-अलग स्थानों पर लगाया गया है। 8 ड्रोन और करीब 100 CCTV कैमरों से भी निगरानी की जा रही है।

    नमाज और भीड़ प्रबंधन पर फोकस
    प्रशासन ने शुक्रवार को नमाज के दौरान भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी है। संवेदनशील इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा अतिरिक्त बल को रिजर्व रखा गया है। बैरिकेडिंग और चेकिंग पॉइंट के जरिए शाही मस्जिद की ओर जाने वाले रास्तों पर निगरानी रखी जा रही है।

    आठ एफआईआर, 34 आरोपित; 24 गिरफ्त में
    उपद्रव को लेकर पुलिस ने अब तक आठ एफआइआर दर्ज की हैं। इनमें 34 लोगों को आरोपित बनाया गया है। इनमें से 24 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आरोपितों की संख्या बढ़ सकती है। एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, इंटरनेट मीडिया और तकनीकी जांच के आधार पर अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।

    शाही मस्जिद की मीनार का हिस्सा टूटकर छत पर गिरा
    वहीं, शाही मस्जिद के 10 फीट हिस्से को मस्जिद कमेटी द्वारा हटवाने का कार्य जारी है। इस दौरान गुरुवार को मीनार का हिस्सा टूटकर मुख्य छत पर गिर गया। इससे छत को नुकसान पहुंचा और मलबा अंदर बिखर गया।

    शहर काजी खलीकुर्रहमान ने स्पष्ट किया कि मीनार का हिस्सा तकनीकी दुर्घटना के कारण टूटकर गिरा। इसको लेकर कोई भ्रामक बातें न फैलाए। मीनार को जल्द ही दोबारा बनाया जाएगा। वहीं, उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि दुर्घटनावश टूटकर गिरे हिस्से से किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, न ही किसी को चोट आई है।

    उधर, महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर महाकाल घाटी चौराहा तक मार्ग को 24 मीटर करने के लिए गुरुवार को नगर निगम ने 39 होटल, मकान और दुकानों के बाधक हिस्सों पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया।

     

  • महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को CM साय ने किया याद, राष्ट्रसेवा के आदर्शों को बताया प्रेरणादायक

    महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को CM साय ने किया याद, राष्ट्रसेवा के आदर्शों को बताया प्रेरणादायक

    सत्य, अहिंसा और सादगी के आदर्श हमें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते रहेंगे : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर किया नमन

    नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और मानवता के मार्ग पर चलते हुए पूरी दुनिया को शांति और सद्भाव का संदेश दिया। उनके विचारों में समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और आत्मनिर्भर भारत की भावना निहित थी। उनका जीवन हमें सत्य के मार्ग पर अडिग रहते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।

    मुख्यमंत्री साय ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री का स्मरण करते हुए कहा कि उनका सादगीपूर्ण जीवन, दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका दिया ‘जय जवान-जय किसान’ का मंत्र देश की सुरक्षा और समृद्धि में हमारे जवानों तथा किसानों के अमूल्य योगदान को रेखांकित करता है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं आदर्श हमें जनकल्याण, सुशासन और राष्ट्रसेवा के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

  • महानदी को लेकर संवाद और सहयोग पर जोर, बोले CM साय- दोनों राज्य मिलकर आगे बढ़ रहे

    महानदी को लेकर संवाद और सहयोग पर जोर, बोले CM साय- दोनों राज्य मिलकर आगे बढ़ रहे

    महानदी हमारी जीवनधारा और हमारी समृद्धि का आधार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    महानदी के बेहतर जल प्रबंधन और दोनों राज्यों के हितों के अनुरूप समाधान को लेकर नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की उपस्थिति में हुई बैठक

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी हुए शामिल

    आपसी संवाद, सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही हैं दोनों राज्यों की सरकारें : मुख्यमंत्री साय

    रायपुर 
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि महानदी हमारी जीवनधारा और हमारी समृद्धि का आधार है। महानदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों के जनजीवन, कृषि और संस्कृति से जुड़ी जीवनदायिनी नदी है। उन्होंने कहा कि हम सबका प्रयास है कि महानदी के जल के बेहतर प्रबंधन से दोनों राज्यों में सिंचाई व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके तथा नई परियोजनाओं के द्वार खुल सकें।

    मुख्यमंत्री साय आज नई दिल्ली में महानदी के बेहतर जल प्रबंधन और छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के हितों के अनुरूप समाधान को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की उपस्थिति रही। बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में दोनों राज्यों की डबल इंजन सरकारें आपसी संवाद, सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

  • बठिंडा में सड़क निर्माण को रफ्तार, F&CC बैठक में 14 विकास प्रस्तावों पर लगी मुहर

    बठिंडा में सड़क निर्माण को रफ्तार, F&CC बैठक में 14 विकास प्रस्तावों पर लगी मुहर

    बठिंडा

    बठिंडा नगर निगम की फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी की बैठक मेयर पदमजीत सिंह मेहता की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई। इसमें शहर के विकास, सड़क निर्माण, पार्कों के रखरखाव और निगम के प्रशासनिक कार्यों से जुड़े कुल 14 एजेंडों पर चर्चा करने के बाद मंजूरी दी गई। 

    शहर के विभिन्न वार्डों में पत्थर की मेटल, प्रीमिक्स कारपेट (पीसी), बिटुमिनस कंक्रीट (बीसी) और सड़क निर्माण से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट पर प्रमुखता से चर्चा हुई। इस काम के लिए करीब 32.52 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया, जोकि रॉयल दीप कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने अनुमानित लागत से 8.89 प्रतिशत कम दर पर करीब 29.62 करोड़ रुपए में हासिल किया।

    बैठक में सड़क निर्माण का काम जल्द आवंटित करने पर जोर दिया गया, ताकि सर्दी का मौसम पूरी तरह शुरू होने से पहले प्रीमिक्स से जुड़े काम पूरे किए जा सकें।

    जॉगर पार्क के पास बनेगा मेयर कार्यालय जॉगर पार्क के पास करीब 1.62 करोड़ रुपए की लागत से नए मेयर कार्यालय का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए प्राप्त तीन टेंडरों में श्री दुर्गा बिल्डर्स ने 7.86 प्रतिशत कम दर पर करीब 1.49 करोड़ रुपए की बोली लगाई है। बैठक में शहर के अलग-अलग जोन और वार्डों में पार्कों की मरम्मत और सिविल वर्क्स से जुड़े कई प्रस्ताव रखे गए। जोन-1 में पुराने थाने के पीछे स्थित पार्क में 8 लाख रुपए के काम के लिए पनाव कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 13.13 प्रतिशत कम दर यानी करीब 6.94 लाख रुपए में काम करने की पेशकश की।

    पार्कों के रखरखाव पर भी प्रस्ताव जोन-2 के वार्ड 19 स्थित पार्क नंबर 15 में 21.62 लाख रुपए के काम के लिए बीएस इंफ्रा सॉल्यूशंस ने बातचीत के बाद 13.10 प्रतिशत कम दर पर काम करने की सहमति दी। शक्ति नगर वार्ड-47 के पार्कों की मरम्मत के लिए 12.60 लाख रुपए और मॉडल टाउन फेस-3, वार्ड-9 के पार्कों के रखरखाव से जुड़े टेंडर भी बैठक में रखे गए।

    फर्मों के आधार पर कमेटी के समक्ष रखे गए नई बस्ती में पार्क के जीर्णोद्धार के लिए 16.87 लाख रुपए के काम पर जीडी गैलेक्सी इंफ्रा ने 16.30 प्रतिशत कम दर पर काम करने की सहमति जताई। जोन-3, 4 और 5 में विभिन्न सिविल रिपेयरिंग कार्यों के प्रस्ताव भी कम दर वाली फर्मों के आधार पर कमेटी के समक्ष रखे गए।

    सीए/कॉस्ट अकाउंटेंट फर्म के चयन नगर निगम के आंतरिक ऑडिट, वार्षिक बैलेंस शीट, टीडीएस, जीएसटी रिटर्न और सिटी फाइनेंस मॉड्यूल से जुड़े कार्यों के लिए सीए/कॉस्ट अकाउंटेंट फर्म के चयन का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया। इसके लिए मोहन एंड मोहन की टेक्निकल बिड प्राप्त होने की जानकारी दी गई। कमेटी की मंजूरी के बाद संबंधित विकास कार्यों के लिए टेंडर आवंटन और आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

  • कुमकुम के 10 ने बदला मैच का रुख, भारत ने कोरिया को हराकर जीता ऐतिहासिक स्वर्ण

    कुमकुम के 10 ने बदला मैच का रुख, भारत ने कोरिया को हराकर जीता ऐतिहासिक स्वर्ण

    नई दिल्ली
     भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में एक नया सुनहरा पन्ना दर्ज हो गया है। एशियन गेम्स 2026 में अंकिता भगत, कीर्ति और कुमकुम अनिल मोहौद की तिकड़ी ने महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में भारत के लिए पहला ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीत लिया है। भारतीय टीम ने फाइनल के बेहद रोमांचक मुकाबले में मजबूत साउथ कोरियाई टीम को धूल चटाई। एशियाई खेलों के इतिहास में भारत ने कभी भी महिला टीम स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश नहीं किया था लेकिन इस बार भारतीय तीरंदाजों ने कांग चेयोंग, ली यूंजी और ओ येजिन की मजबूत कोरियाई तिकड़ी को पछाड़कर इतिहास रच दिया।

    पहले एंड में कांटे की टक्कर कुमकुम ने किया कमाल
    फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। पहले एंड की शुरुआती तीन तीरों में भारत ने 28-26 की बढ़त बना ली थी। हालांकि, कीर्ति के 7 अंक पर निशाना चूकने से भारत का पलड़ा थोड़ा हल्का हुआ और स्कोर 54-54 से बराबर हो गया। लेकिन दबाव के इस क्षण में युवा कुमकुम ने बिल्कुल सटीक 10 का स्कोर बनाकर स्कोर बराबर रखा जिससे पहला एंड 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।

    दूसरे एंड में भी बरकरार रहा दबाव
    दूसरे एंड में कोरियाई खिलाड़ियों ने 10-9-9 के साथ 28 अंक बनाए। जवाब में भारत की ओर से अंकिता ने शानदार शुरुआत करते हुए 10 अंक पर निशाना मारा। कीर्ति के 8 पर चूकने के बाद एक बार फिर कुमकुम संकटमोचक बनकर उभरीं और 10 अंक साधकर स्कोर 28-28 कर दिया। दूसरे रोटेशन में भी कोरिया ने फिर से 28 अंक बटोरे। भारत के लिए अंकिता ने एक बार फिर 10 लगाया और कीर्ति के 8 के बाद कुमकुम ने दबाव में बेहद खूबसूरत 10 का स्कोर कर एंड को 56-56 से टाई कराया, जिससे दो एंड के बाद स्कोर 2-2 की बराबरी पर पहुंच गया।

    तीसरे एंड में कीर्ति की शानदार वापसी
    तीसरे एंड में भारतीय टीम ने अपनी रणनीति बदलते हुए ऑर्डर में बदलाव किया। इस बार कीर्ति ने भारत के लिए शुरुआत की और पिछली गलतियों को सुधारते हुए सीधा 10 पर निशाना साधा। अंकिता और कुमकुम ने इसके बाद 9-9 का स्कोर किया, जिससे भारत को कोरिया के 27 अंक के मुकाबले 28-27 की मामूली बढ़त मिल गई।

    भारत ने पक्का किया ऐतिहासिक गोल्ड
    इसके बाद कोरियाई तीरंदाज दबाव में आ गईं और अपनी आखिरी तीन कोशिशों में केवल 8-8-8 के स्कोर ही कर सकीं। भारत के पास मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बनाने का सुनहरा मौका था। भारतीय तिकड़ी ने कोई गलती नहीं की और 8, 9 और 10 का स्कोर बनाकर तीसरे एंड को 55-51 से अपने नाम कर लिया। इस शानदार प्रदर्शन के बदौलत भारत ने फाइनल मुकाबले में 4-2 की बढ़त बना ली और एशियन गेम्स का ऐतिहासिक गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

  • महाराष्ट्र के रायगढ़ में दर्दनाक हादसा, समुद्र में डूबे पुणे के 8 छात्र

    महाराष्ट्र के रायगढ़ में दर्दनाक हादसा, समुद्र में डूबे पुणे के 8 छात्र

    रायगढ़ 

    महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में बड़ा हादसा सामने आया है। पुणे के एक निजी कोचिंग क्लास से आए आठ छात्रों की समुद्र में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा रायगढ़ जिले के दिवेआगर बीच पर हुआ। समुद्र में नहाने के दौरान तेज लहरों की चपेट में आने पर छात्र खुद को नहीं बचा पाए। छात्र महाराष्ट्र के पुणे जिले के आलंदी से पिकनिक मनाने आए थे। कड़ी मशक्कत के बाद समुद्र से सभी आठ छात्रों के शव बाहर निकाल लिए गए। पुणे से रायगढ़ के इस बीच की दूरी करीब 166 किलोमीटर है।

    11वीं-12वीं कक्षा के छात्र
    जानकारी के अनुसार सभी छात्र पुणे के आलंदी के रहने वाले हैं। वे दिवेआगर बीच नहाते वक्त ही हादसे का शिकार बने। ये छात्र पुणे के आलंदी की एक प्राइवेट कोचिंग क्लास से आए थे। सभी छात्र 11वीं और 12वीं कक्षा के साइंस के स्टूडेंट हैं। स्थानीय लोग पीड़ितों को बचाने के लिए दौड़े और उन्हें बोरली प्राइमरी हेल्थ सेंटर ले गए। जहां पहुंचने पर मेडिकल अधिकारियों ने सभी आठों को मृत घोषित कर दिया।

    मृतक छात्रों की पहचान तन्मय दत्तात्रेय वाहिले, सुमित भरत अहिरे, प्रणव रामदास बनसोडे, कैवल्य सतीश वासनकर, राजवीर युवराज वाहिले, यश किरण वानखेड़े, सोहम तुकाराम भंडवलकर और कौस्तुभ संदीप दौंड के रूप में हुई है। ये सभी आठ छात्र 16 साल के थे और पुणे के आलंदी के रहने वाले थे।

    जैसे ही घटना की खबर फैली, स्थानीय लोगों और पर्यटकों में हड़कंप मच गया। दिवेआगर में 'भाऊ मारुति सालुंखे महाकाली वॉटर स्पोर्ट्स' के मालिक भाऊ मारुति सालुंखे और उनकी टीम ने तुरंत खोज अभियान शुरू किया। बता दें कि रायगढ़ जिले में अलीबाग, कशिश, और दिवेआगर जैसे कई मशहूर समुद्री तट (बीचेस) हैं, जो अपनी खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं, लेकिन मॉनसून या हाई टाइड के दौरान यहां सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

    प्रसिद्ध तीर्थस्थल है यह बीच
    पुलिस और अधिकारियों ने इस दुखद घटना की जांच शुरू कर दी है। ऐसा मान जा रहा है कि समुद्र के पानी की गहराई और लहरों का अंदाजा नहीं होने के कारण यह दर्दनाक हादसा होने की प्राथमिक जानकारी सामने आई है। दिवेआगर रायगड के श्रीवर्धन तालुका का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। सभी छात्रों के शवों को आगे की कार्रवाई के लिए बोर्ली पंचतन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है।

    चार किलोमीटर लंबा है यह बीच
    यह बीच लगभग 4 किलोमीटर लंबा है और नारियल, सुपारी तथा सुरु के पेड़ों से घिरा हुआ है। पर्यटकों के लिए यहां जेट स्की, बनाना राइड और बोट राइड जैसी कई वाटर एक्टिविटी उपलब्ध हैं। सुबह के समय यहां हजारों की संख्या में सीगल्स दिखाई देते हैं और यहां से सूर्यास्त का नजारा बहुत मनमोहक होता है। यहां प्रसिद्ध सुवर्णा गणेश मंदिर और प्राचीन रूपनारायण मंदिर भी स्थित हैं।

    सुनेत्रा पवार ने की कलेक्टर से बात
    इस हादसे को लेकर राज्य की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार रायगढ़ के कलेक्टर से बात की। उन्होंने दिवेआगर बीच पर हुई दुखद घटना में मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। सुनेत्रा पवार ने प्रशासन को सभी जरूरी मदद तुरंत उपलब्ध कराने और उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

  • आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में निरंतर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे बापू के आदर्श, सादगी और विचारः मुख्यमंत्री

    आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में निरंतर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे बापू के आदर्श, सादगी और विचारः मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर किया पुष्पार्चन 

    सीएम योगी ने बापू की 157वीं जयंती पर निवेदित की श्रद्धा, प्रदेशवासियों को दी ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ की शुभकामना

    स्कूली बच्चों ने भजनों व गीतों पर दी सुमधुर प्रस्तुति 

    आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में निरंतर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे बापू के आदर्श, सादगी और विचारः मुख्यमंत्री 

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर उनके प्रति श्रद्धा निवेदित की। मुख्यमंत्री ने जीपीओ स्थित राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने 'रघुपति राघव राजा राम', 'वह शक्ति हमें दो दयानिधे', 'वैष्णव जन तो तेने कहिए' आदि भजनों/गीतों पर संगीतमयी प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने भजनों का श्रवण किया।

    मुख्यमंत्री ने दी 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' की शुभकामना
    मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदेशवासियों को 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर संपूर्ण विश्व को स्वदेशी व अहिंसा के माध्यम से स्वाधीनता का संदेश देने वाले, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पावन जयंती पर कोटिश: नमन। प्रदेशवासियों को 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' की शुभकामनाएं।

    सीएम ने लिखा कि बापू के आदर्श, सादगी और विचार आज भी हम सभी को आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में निरंतर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।

    पुष्पांजलि कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, पवन सिंह चौहान, डॉ. नीरज बोरा, राजेश्वर सिंह, जय देवी, अमरेश कुमार, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

  • ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ की किस्त ट्रांसफर, महिलाओं के खाते में पहुंची सम्मान राशि

    ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ की किस्त ट्रांसफर, महिलाओं के खाते में पहुंची सम्मान राशि

    चंडीगढ़

     पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि ‘मावां-धीआं सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं के बैंक खातों में तीन महीने की दूसरी किस्त के रूप में 1,262.54 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 36.87 लाख महिलाओं को अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर की किस्त एक साथ मिल रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब तक इस योजना के तहत महिलाओं के खातों में कुल 3,824.87 करोड़ रुपये सीधे भेजे जा चुके हैं।

    श्री गोइंदवाल साहिब में आयोजित विशाल समागम को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि महिलाओं के मोबाइल फोन पर बैंक खाते में राशि पहुंचने की पुष्टि के ‘टूं-टूं’ संदेश उनकी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का असर दिखाते हैं। उन्होंने दावा किया कि जब तक उनकी सरकार सत्ता में रहेगी, महिलाओं के मोबाइल पर ऐसे संदेश आते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों से लिए गए कर के पैसे को उनकी भलाई पर खर्च कर रही है।

    मान ने कहा कि योजना का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास, स्वाभिमान और आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाना है। उनके अनुसार पंजाब की करीब 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना का लाभ लेने के योग्य होंगी और सरकार का लक्ष्य सम्मान राशि का लाभ एक करोड़ महिलाओं तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि योजना में कोई शर्त नहीं रखी गई है। यदि एक परिवार में तीन महिलाएं पात्र हैं तो तीनों को सम्मान राशि मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के पंजीकरण में 1.37 लाख ‘सत्कार सखियों’ ने योगदान दिया है और उन्हें प्रोत्साहन राशि के तौर पर अब तक 51 करोड़ रुपये से अधिक दिए जा चुके हैं। पंजीकरण में सहयोग कर रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी 25 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यह सामाजिक क्रांति है’

    मान ने खडूर साहिब की ऐतिहासिक धरती का जिक्र करते हुए कहा कि इसी क्षेत्र में गुरु अमरदास जी ने सती प्रथा के खिलाफ आवाज उठाई और लंगर की परंपरा को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि इसी वजह से ‘मावां-धीआं सत्कार योजना’ के लिए इस ऐतिहासिक धरती को चुना गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले 73.99 लाख महिलाओं को सम्मान राशि के रूप में 2,562.33 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने योजना को महिलाओं की आर्थिक आजादी से जोड़ते हुए इसे ‘सामाजिक क्रांति’ बताया। 

    विपक्षी दलों पर साधा निशाना
    भगवंत मान ने कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि ये दल सत्ता में आते हैं तो महिलाओं की मासिक सम्मान राशि, मुफ्त बिजली और मुफ्त बस यात्रा जैसी सुविधाएं बंद हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कार्यकर्ताओं की तुलना में मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखने वाले नेताओं की संख्या अधिक है।
     
    कांग्रेस को लेकर मान ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद से हटा दिया गया है और नया अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि नए अध्यक्ष के आने के बाद भी कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई खत्म नहीं होगी।

    अकाली दल पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बादल, कैप्टन और मजीठिया परिवारों का लंबे समय तक पंजाब की राजनीति पर प्रभाव रहा, लेकिन अब राजनीतिक परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने अकाली नेताओं पर धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। 

    शिक्षा में सुधार का दावा
    मान ने अपनी सरकार के शिक्षा क्षेत्र के कामकाज का जिक्र करते हुए दावा किया कि केंद्र के मूल्यांकन के अनुसार पंजाब स्कूली शिक्षा में 27वें स्थान से पहले स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्मार्ट क्लासरूम बनाए, अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती की।

    मुख्यमंत्री ने नीट परीक्षा का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उन्होंने सत्ता संभाली थी तो पंजाब से करीब 80 छात्र ही नीट परीक्षा पास करते थे। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त प्रशिक्षण शुरू करने के बाद इस साल 882 विद्यार्थियों के नीट पास करने का दावा उन्होंने किया। मान ने कहा कि इनमें बड़ी संख्या ऐसे परिवारों के बच्चों की है, जिन्होंने आर्थिक कठिनाइयों के बीच अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखी।

     

  • अफ्रीका में क्रिकेट वर्ल्ड कप का महासंग्राम, भारत समेत 3 देशों के शेड्यूल की पूरी ABCD

    अफ्रीका में क्रिकेट वर्ल्ड कप का महासंग्राम, भारत समेत 3 देशों के शेड्यूल की पूरी ABCD

    नई दिल्ली
    आईसीसी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 का पूरा शेड्यूल 1 अक्टूबर (गुरुवार) को जारी कर दिया गया. साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाला 14 टीमों का यह टूर्नामेंट 2 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक खेला जाएगा. कुल 57 मुकाबले इन तीन देशों के 12 मैदानों पर होंगे. केपटाउन में आयोजित विशेष लॉन्च कार्यक्रम में ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल) ने टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी किया. वर्ल्ड कप की शुरुआत 2 अक्टूबर से नामीबिया में होने वाली तीन टीमों की सुपर सीरीज के साथ होगी, जबकि मुख्य ग्रुप स्टेज 7 अक्टूबर से शुरू होगा। 

    भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत मौजूदा चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करेगी. दोनों टीमें 7 अक्टूबर को केप टाउन के न्यूलैंड्स क्रिकेट ग्राउंड में आमने-सामने होंगी. यह मुकाबला 2023 वर्ल्ड कप फाइनल की यादें भी ताजा करेगा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर खिताब जीता था. इसके बाद भारत का अगला ग्रुप मुकाबला 10 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ होगा. जोहानिसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में होने वाला यह मैच टूर्नामेंट के हाई-वोल्टेज मुकाबलों में शामिल रहेगा. फिर भारत 14 अक्टूबर को सेंचुरियन में अफगानिस्तान से भिड़ेगा, जबकि 17 अक्टूबर को ब्लोमफोंटेन में क्वालिफायर A के खिलाफ उतरेगा. ग्रुप चरण में भारत का आखिरी मुकाबला 24 अक्टूबर को जिम्बाब्वे के खिलाफ विक्टोरिया फॉल्स में होगा। 

    भारत के ग्रुप मुकाबले
    7 अक्टूबर- भारत vs ऑस्ट्रेलिया, केप टाउन 
    10 अक्टूबर- भारत vs पाकिस्तान, जोहानिसबर्ग 
    14 अक्टूबर- भारत vs अफगानिस्तान,  सेंचुरियन
    17 अक्टूबर- भारत vs क्वालिफायर A, ब्लोमफोंटेन 
    24 अक्टूबर- जिम्बाब्वे vs भारत, विक्टोरिया फॉल्स 

    मुख्य टूर्नामेंट से पहले 2 अक्टूबर को नामीबिया की राजधानी विंडहोक में तीन टीमों की सुपर सीरीज खेली जाएगी. इसमें वर्ल्ड कप क्वालिफायर में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें हिस्सा लेंगी. तीनों टीमें राउंड-रॉबिन आधार पर एक-दूसरे से खेलेंगी. अंक तालिका में शीर्ष पर रहने वाली टीम मुख्य ग्रुप चरण में जगह बनाएगी। 

    ग्रुप A में भारत, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्ता, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और क्वालिफायर A हैं. वहीं ग्रुप-बी में साउथ अफ्रीका, श्रीलंका, इंग्लैंड, बांग्लादेश, न्यूजीलैंड और क्वालिफायर B को रखा गया है. ग्रुप बी में बांग्लादेश को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि बाकी की टीम्स काफी तगड़ी दिख रही हैं. ग्रुप स्टेज में कुल 30 मुकाबले होंगे. प्रत्येक टीम अपने ग्रुप की बाकी टीमों से एक-एक मैच खेलेगी। 

    दोनों ग्रुप से शीर्ष तीन-तीन टीमें सुपर-7 में पहुंचेंगी. इसके अलावा दोनों ग्रुप में चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों में से बेहतर रैंक वाली टीम भी अगले स्टेज में जगह बनाएगी. सुपर-7 में सातों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ एक-एक मैच खेलेंगी और कुल 21 मुकाबले होंगे. इसके बाद अंक तालिका की शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी. अगर कोई गैर-सीडेड टीम किसी सीडेड टीम से ऊपर रहते हुए क्वालीफाई करती है, तो वह संबंधित सीडेड स्थान हासिल कर लेगी। 

    भारत से दो-दो बार भिड़ेंगे ऑस्ट्रेलिया-पाकिस्तान?
    देखा जाए तो भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत सिर्फ ग्रुप चरण तक सीमित नहीं रह सकती. अगर दोनों टीमें सुपर-7 चरण के लिए क्वालिफाई करती हैं, तो टूर्नामेंट में दोनों का दूसरी बार सामना होने की संभावना है. आईसीसी ने सुपर-7 के लिए टीमों को प्री-सीडिंग दी है. भारत को A1 और पाकिस्तान को A3 स्थान मिला है. इस व्यवस्था के तहत दोनों टीमें 7 नवंबर को केपटाउन में एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकती हैं. हालांकि यह मुकाबला तभी संभव होगा जब भारत और पाकिस्तान दोनों सुपर-7 में पहुंचें और उनकी स्थिति तय प्री-सीडिंग के अनुरूप रहे। 

    भारत और ऑस्ट्रेलिया भी टूर्नामेंट में दो बार आमने-सामने आ सकते हैं. ग्रुप चरण में 7 अक्टूबर के मुकाबले के बाद दोनों टीमों की संभावित दूसरी भिड़ंत 28 अक्टूबर को विक्टोरिया फॉल्स में हो सकती है. ऑस्ट्रेलिया को A2 के तौर पर प्री-सीड किया गया है. ऐसे में दोनों के सुपर-7 में पहुंचने की स्थिति में टूर्नामेंट के अगले चरण में एक और मुकाबले की संभावना बनी हुई है। 

    सुपर 7 प्री-सीडिंग
    A1: भारत
    A2: ऑस्ट्रेलिया
    A3: पाकिस्तान
    AB4: इंग्लैंड
    B1: न्यूजीलैंड
    B2: साउथ अफ्रीका
    B3: श्रीलंका

    सेमीफाइनल-फाइनल के लिए रिजर्व डे
    सुपर-7 के बाद पहला सेमीफाइनल 17 नवंबर को केप टाउन और दूसरा 18 नवंबर को सेंचुरियन में खेला जाएगा. सुपर-7 में पहले स्थान पर रहने वाली टीम चौथे स्थान वाली टीम से भिड़ेगी, जबकि दूसरे स्थान वाली टीम का सामना तीसरे स्थान की टीम से होगा. दोनों सेमीफाइनल के लिए आईसीसी ने रिजर्व डे रखा है, ताकि बारिश या किसी अन्य कारण से मैच निर्धारित दिन पूरा नहीं होने पर उसे अगले दिन पूरा कराया जा सके। 

    वर्ल्ड कप 2027 का फाइनल 21 नवंबर को जोहानिसबर्ग में खेला जाएगा. फाइनल के लिए भी रिजर्व डे रखा गया है. अगर निर्धारित दिन मुकाबला पूरा नहीं हो पाता है तो 22 नवंबर को रिजर्व डे के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा. इस तरह भारत के लिए टूर्नामेंट में कम से कम पांच ग्रुप मैच तय हैं, लेकिन सुपर-7 में पहुंचने की स्थिति में ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के खिलाफ दोबारा मुकाबले की संभावनाएं भी बन सकती हैं.

    30 सितंबर 2026 की कटऑफ तारीख के आधार पर 10 टीमों ने सीधे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है. मेजबान साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को स्वत: जगह मिली, जबकि भारत, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, इंग्लैंड, श्रीलंका, अफगानिस्तान और बांग्लादेश ने आईसीसी ओडीआई रैंकिंग के आधार पर सीधे क्वालिफाई किया. बाकी चार स्थान आईसीसी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप क्वालिफायर 2027 से तय होंगे. क्वालिफायर जीतने वाली टीम सीधे ग्रुप चरण में पहुंचेगी, जबकि दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें सुपर सीरीज खेलेंगी. इनमें से शीर्ष टीम को ग्रुप स्टेज का टिकट मिलेगा.

    क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 का फुल शेड्यूल

    तारीख टीम 1 टीम 2 वेन्यू
    2 अक्टूबर, शनिवार क्वालिफायर 1 क्वालिफायर 3 विंडहोक
    4 अक्टूबर, सोमवार क्वालिफायर 1 क्वालिफायर 2 विंडहोक
    6 अक्टूबर, बुधवार क्वालिफायर 2 क्वालिफायर 3 विंडहोक
    7 अक्टूबर, गुरुवार भारत ऑस्ट्रेलिया केपटाउन
    8 अक्टूबर, शुक्रवार पाकिस्तान अफगानिस्तान सेंचुरियन
    8 अक्टूबर, शुक्रवार इंग्लैंड बांग्लादेश विंडहोक
    9 अक्टूबर, शनिवार जिम्बाब्वे क्वालिफायर A बुलावायो
    9 अक्टूबर, शनिवार साउथ अफ्रीका न्यूजीलैंड केपटाउन
    10 अक्टूबर, रविवार भारत पाकिस्तान जोहानिसबर्ग
    10 अक्टूबर, रविवार श्रीलंका क्वालिफायर B विंडहोक
    11 अक्टूबर, सोमवार जिम्बाब्वे अफगानिस्तान बुलावायो
    12 अक्टूबर, मंगलवार ऑस्ट्रेलिया क्वालिफायर A पार्ल
    12 अक्टूबर, मंगलवार न्यूजीलैंड बांग्लादेश ईस्ट लंदन
    13 अक्टूबर, बुधवार इंग्लैंड श्रीलंका विंडहोक
    13 अक्टूबर, बुधवार साउथ अफ्रीका क्वालिफायर B पार्ल
    14 अक्टूबर, गुरुवार भारत अफगानिस्तान सेंचुरियन
    15 अक्टूबर, शुक्रवार पाकिस्तान क्वालिफायर A ब्लोमफोंटेन
    15 अक्टूबर, शुक्रवार जिम्बाब्वे ऑस्ट्रेलिया हरारे
    16 अक्टूबर, शनिवार श्रीलंका बांग्लादेश डरबन
    16 अक्टूबर, शनिवार साउथ अफ्रीका इंग्लैंड गकेबरहा
    17 अक्टूबर, रविवार भारत क्वालिफायर A ब्लोमफोंटेन
    17 अक्टूबर, रविवार न्यूजीलैंड क्वालिफायर B हरारे
    18 अक्टूबर, सोमवार ऑस्ट्रेलिया अफगानिस्तान ईस्ट लंदन
    19 अक्टूबर, मंगलवार जिम्बाब्वे पाकिस्तान हरारे
    19 अक्टूबर, मंगलवार साउथ अफ्रीका बांग्लादेश डरबन
    20 अक्टूबर, बुधवार न्यूजीलैंड श्रीलंका जोहानिसबर्ग
    20 अक्टूबर, बुधवार इंग्लैंड क्वालिफायर B हरारे
    21 अक्टूबर, गुरुवार अफगानिस्तान क्वालिफायर A ईस्ट लंदन
    22 अक्टूबर, शुक्रवार ऑस्ट्रेलिया पाकिस्तान पार्ल
    22 अक्टूबर, शुक्रवार साउथ अफ्रीका श्रीलंका जोहानिसबर्ग
    23 अक्टूबर, शनिवार इंग्लैंड न्यूजीलैंड गकेबरहा
    23 अक्टूबर, शनिवार बांग्लादेश क्वालिफायर B सेंचुरियन
    24 अक्टूबर, रविवार जिम्बाब्वे भारत विक्टोरिया फॉल्स
    25 अक्टूबर, सोमवार A2 B3 जोहानसबर्ग
    26 अक्टूबर, मंगलवार B1 A3 गकेबरहा
    27 अक्टूबर, बुधवार B2 AB4 सेंचुरियन
    28 अक्टूबर, गुरुवार A1 A2 विक्टोरिया फॉल्स
    29 अक्टूबर, शुक्रवार B1 B3 ईस्ट लंदन
    30 अक्टूबर, शनिवार A3 AB4 विक्टोरिया फॉल्स
    31 अक्टूबर, रविवार B2 A1 जोहानिसबर्ग
    1 नवंबर, सोमवार A2 B1 विक्टोरिया फॉल्स
    2 नवंबर, मंगलवार B3 AB4 केपटाउन
    3 नवंबर, बुधवार B2 A3 डरबन
    4 नवंबर, गुरुवार A1 B1 पार्ल
    5 नवंबर, शुक्रवार A2 AB4 डरबन
    6 नवंबर, शनिवार B2 B3 ब्लोमफोंटेन
    7 नवंबर, रविवार A1 A3 केपटाउन
    8 नवंबर, सोमवार B1 AB4 डरबन
    9 नवंबर, मंगलवार B2 A2 गकेबरहा
    10 नवंबर, बुधवार A3 B3 ब्लोमफोंटेन
    11 नवंबर, गुरुवार A1 AB4 गकेबरहा
    12 नवंबर, शुक्रवार B2 B1 केपटाउन
    13 नवंबर, शनिवार A2 A3 ब्लोमफोंटेन
    14 नवंबर, रविवार A1 B3 डरबन
    17 नवंबर, बुधवार सेमीफाइनल 1 —– केपटाउन
    18 नवंबर, गुरुवार सेमीफाइनल 2 —– सेंचुरियन
    21 नवंबर, रविवार फाइनल —– जोहानिसबर्ग

     

  • आर्द्रभूमि संरक्षण से मजबूत होगी गंगा की सेहत, तीन जिलों में 5.36 करोड़ की परियोजनाओं पर काम

    आर्द्रभूमि संरक्षण से मजबूत होगी गंगा की सेहत, तीन जिलों में 5.36 करोड़ की परियोजनाओं पर काम

    स्वच्छ गंगा: योगी सरकार के प्रयासों से आर्द्रभूमि संरक्षण को नई दिशा, गंगा पुनर्जीवन के लिए तेज हुआ वैज्ञानिक प्रबंधन

    यूपी में आर्द्रभूमियों के संरक्षण का व्यापक अभियान, 22 उच्च प्राथमिकता वाली आर्द्रभूमियां अधिसूचित

    आर्द्रभूमि संरक्षण से मजबूत होगी गंगा की सेहत, तीन जिलों में 5.36 करोड़ की परियोजनाओं पर काम

    275 आर्द्रभूमियों का सर्वे और हेल्थ कार्ड पूरा, अब एकीकृत प्रबंधन योजनाओं पर जोर

    8 आर्द्रभूमियों की प्रबंधन योजनाएं तैयार, अनुमोदन के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को भेजने की तैयारी

    भूजल रिचार्ज और प्रदूषण नियंत्रण में अहम भूमिका, आर्द्रभूमियों के संरक्षण से बढ़ेगा नदी तंत्र का स्वास्थ्य

    लखनऊ
     योगी सरकार में उत्तर प्रदेश में आर्द्रभूमि संरक्षण को केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित रखने के बजाय इसे गंगा पुनर्जीवन, जल सुरक्षा और स्थानीय पारिस्थितिकी से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में गंगा नदी के किनारे स्थित 22 उच्च प्राथमिकता वाली आर्द्रभूमियों को विधिवत अधिसूचित किया जा चुका है। अब इनके वैज्ञानिक और समन्वित प्रबंधन के लिए एकीकृत प्रबंधन योजनाओं (आईएमपी) को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में 8 आर्द्रभूमियों के प्रबंधन प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं, जिनकी समीक्षा चल रही है और इन्हें जल्द अनुमोदन के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को भेजा जाएगा।

    राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह ने कहा कि आर्द्रभूमियों को कानूनी संरक्षण मिलने से इनके संरक्षण, पुनर्स्थापन और वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए संस्थागत आधार मजबूत हुआ है। एकीकृत प्रबंधन योजनाओं में आर्द्रभूमि के प्राकृतिक आवास का पुनर्स्थापन, प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय लोगों की भागीदारी जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका सीधा संबंध गंगा और उसकी सहायक नदियों के नदी तंत्र को मजबूत करने से है।

    तीन जिलों में 5.36 करोड़ की परियोजनाएं
    वर्तमान में मुजफ्फरनगर, प्रयागराज और बलिया में आर्द्रभूमि विकास की परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन से वित्तीय सहायता मिल रही है और तीनों परियोजनाओं की कुल लागत 5.36 करोड़ रुपये है। प्रयागराज में नुमईया दह झील एवं खेड़ुवा ताल, बलिया में दहताल रेवती और मुजफ्फरनगर में कालेवाला झील को लेकर अलग-अलग संरक्षण एवं विकास कार्य किए जा रहे हैं।

    प्रयागराज की 591.78 हेक्टेयर क्षेत्र वाली आर्द्रभूमि में आर्द्रभूमि स्वास्थ्य सुधार, प्रदूषण नियंत्रण और जैव विविधता संरक्षण के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी से आवास पुनर्स्थापन व जल गुणवत्ता सुधार पर काम हो रहा है। बलिया की 34.70 हेक्टेयर दहताल रेवती में जल संचयन संरचनाओं को मजबूत करने, तटवर्ती पौधरोपण और भूजल पुनर्भरण से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। वहीं मुजफ्फरनगर की 88.36 हेक्टेयर कालेवाला झील में प्रदूषण नियंत्रण, तटवर्ती क्षेत्र संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन उपाय लागू किए जा रहे हैं।

    275 आर्द्रभूमियों का सर्वे पूरा
    प्रदेश में गंगा तटवर्ती 27 जिलों में 10 किलोमीटर की सीमा के भीतर स्थित कुल 275 आर्द्रभूमियों का सूचीकरण, दस्तावेजीकरण और हेल्थ कार्ड तैयार करने का कार्य पूरा हो चुका है। इनके लिए इंटीग्रेटेड वेटलैंड मैनेजमेंट प्लान का निरूपण भी किया गया है। जानकारी के अनुसार 231 आर्द्रभूमियां गंगा के अलग-अलग नदी-खंडों में शामिल हैं, जिसमें बिजनौर से रामगंगा संगम तक 93, रामगंगा संगम से गोमती संगम तक 106 और गोमती संगम से घाघरा संगम तक 32 आर्द्रभूमियां हैं।

    भूजल और नदी तंत्र को मिलेगा लाभ
    आर्द्रभूमियां प्राकृतिक रूप से पानी को रोकने, प्रदूषकों को छानने और भूजल पुनर्भरण में मदद करती हैं। इनके संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन से जल सुरक्षा मजबूत होने के साथ जैव विविधता और स्थानीय पारिस्थितिकी को भी लाभ मिलता है। यही वजह है कि इन क्षेत्रों को गंगा पुनर्जीवन की व्यापक कार्ययोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है।

    आठ नई योजनाओं पर आगे बढ़ेगा काम
    राज्य स्वच्छ गंगा मिशन (उत्तर प्रदेश) के यूनिट हेड नॉलेज एंड प्लानिंग मिथिलेश कुमार (पद) ने बताया कि बदायूं, बुलंदशहर, कानपुर नगर, उन्नाव और मुजफ्फरनगर की आठ आर्द्रभूमियों के आईएमपी प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं। इनमें बदायूं की पिपरौल पुख्ता और खैरपुर खैराती, बुलंदशहर की मोहम्मदपुर मुबारकपुर, कानपुर नगर की जैसरमऊ, उन्नाव की कुशराजपुर और मेला रामकुंवर तथा मुजफ्फरनगर की चौरावाला और मिलाखेड़ी शामिल हैं। इन प्रस्तावों की समीक्षा के बाद इन्हें अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। इस तरह आर्द्रभूमियों को कानूनी संरक्षण देने, उनका वैज्ञानिक आकलन करने और मौके पर संरक्षण परियोजनाएं चलाने की प्रक्रिया उत्तर प्रदेश में गंगा पुनर्जीवन के साथ जल सुरक्षा, भूजल संरक्षण, जैव विविधता और स्थानीय आजीविका को जोड़ रही है।

    22 अधिसूचित आर्द्रभूमियां, 10 जिलों में करीब 409.63 हेक्टेयर
    उच्च प्राथमिकता वाली कुल 22 अधिसूचित आर्द्रभूमियां 10 जिलों में दर्ज हैं। इनमें अलीगढ़ की मुरारखास प्रेतनगर, सिसई और सीकरी आर्द्रभूमियां, कासगंज की बस्तौली-ब्रह्मपुर, सिकंदरपुर खुर्द और रामनछौनी, बदायूं की पिपरौल पुख्ता और खैरपुर खैराती, उन्नाव की मेला रामकुंवर और कुशराजपुर तालाब, प्रयागराज की बड़ा तालाब, उपरिहा तालाब और नुमाईया दाही झील, फर्रुखाबाद की कुठिला झील, खरगपुर खंडौली और रामपुर टफरपुर आर्द्रभूमि, कानपुर नगर की जैसरमऊ, चंदौली की बबरना, बुलंदशहर की मोहम्मदपुर मुबारकपुर, मुजफ्फरनगर की मिलाखेड़ी व चौरावाला तालाब और भदोही की समदा ताल आर्द्रभूमि शामिल हैं। इन 22 अधिसूचित आर्द्रभूमियों का कुल क्षेत्रफल लगभग 409.63 हेक्टेयर है।