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  • पेरिस ओलंपिक का टूटा सपना, फिर शानदार वापसी; सुजीत कलकल बने एशियन गेम्स चैंपियन

    पेरिस ओलंपिक का टूटा सपना, फिर शानदार वापसी; सुजीत कलकल बने एशियन गेम्स चैंपियन

    आइची-नागोया
    आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार (2 अक्टूबर) को भारतीय रेसलर सुजीत कलकल ने ऐसा मुकाबला जीता, जिसमें एक समय जीत की उम्मीदें लगभग खत्म होती दिख रही थीं. मेन्स फ्रीस्टाइल 65 किग्रा वर्ग के फाइनल में सुजीत एक समय 2-9 से पीछे थे, लेकिन उन्होंने आखिरी पलों में जबरदस्त वापसी करते हुए ताजिकिस्तान के वर्ल्ड मेडलिस्ट पहलवान अब्दुलमजीद कुडिएव को 10-9 से मात दे दी और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया.

    यह सिर्फ एक स्वर्णिम जीत नहीं, बल्कि सुजीत कलकल के संघर्ष और लगातार आगे बढ़ने की कहानी का एक और बड़ा अध्याय है. फाइनल से पहले भी उन्होंने बड़ा उलटफेर करते हुए जापान के मौजूदा ओलंपिक चैम्पियन कोटारो कियूका को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी. यानी गोल्ड मेडल तक पहुंचने के रास्ते में सुजीत ने एक के बाद एक बड़े नामों को चुनौती दी.

    फाइनल में अब्दुलमजीद कुडिएव ने शुरुआत से ही सुजीत पर दबाव बनाए रखा. मुकाबला आगे बढ़ा तो सुजीत कलकल 2-9 से पिछड़ गए. इस स्थिति में कुडिएव का पलड़ा भारी नजर आ रहा था, लेकिन सुजीत ने हार नहीं मानी. उन्होंने अपने डिफेंस को मजबूत रखते हुए मौके तलाशे और धीरे-धीरे स्कोर का अंतर कम करना शुरू किया. इसके बाद सुजीत ने लगातार अंक जुटाए और मुकाबले का रुख ही बदल दिया. देखते ही देखते 2-9 का स्कोर 10-9 हो गया. अंतिम सीटी बजते ही सुजीत की जीत पक्की हो गई और भारतीय खेमे में जश्न शुरू हो गया.

    सुजीत कलकल के लिए यह दिन इसलिए भी खास रहा क्योंकि फाइनल में पहुंचने से पहले उन्हें जापान के कोटारो कियूका की चुनौती का सामना करना पड़ा था. कियूका पेरिस ओलंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट हैं और 65 किग्रा कैटेगरी के सबसे बड़े नामों में शामिल हैं. सुजीत ने इस मुकाबले में भी धैर्य नहीं खोया. दोनों पहलवानों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ और स्कोर 3-3 पर बराबर रहा. इसके बाद बड़े स्कोरिंग मूव के आधार पर सुजीत को विजेता घोषित किया गया. उनके इस प्रदर्शन के बाद पूर्व भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने भी सुजीत के डिफेंस की तारीफ की. उन्होंने कहा कि जापानी पहलवान के खिलाफ सुजीत का डिफेंस बेहद मजबूत था और दूसरे भारतीय पहलवान उनसे काफी कुछ सीख सकते हैं.

    सुजीत कलकल की कहानी किसी बड़े शहर की अत्याधुनिक ट्रेनिंग सुविधा से शुरू नहीं हुई. उनका जन्म 5 नवंबर 2002 को हरियाणा के भिवानी जिले के इमलोटा गांव में हुआ. उनके पिता दयानंद कलकल खुद राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती कर चुके थे और उन्होंने बेटे को इस खेल के लिए प्रेरित किया. सुजीत ने गांव के ही स्थानीय अखाड़े में कुश्ती के दांव-पेच सीखने शुरू किए. सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन उन्होंने अभ्यास जारी रखा. 2020 तक इमलोटा में ट्रेनिंग करने के बाद वह 2021 में सोनीपत चले गए. यहां उन्हें बेहतर ट्रेनिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवानों के साथ अभ्यास करने का मौका मिला.यहीं से उनके करियर ने तेजी पकड़नी शुरू की.

    कम उम्र में ही जीते कई खिताब
    2022 में सुजीत कलकल ने अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता. इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने अंडर-20 एशियन चैम्पियनशिप का खिताब भी अपने नाम किया. उसी साल उन्होंने ट्यूनिस में सीनियर रैंकिंग सीरीज का गोल्ड जीतकर सीनियर स्तर पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. हालांकि, सीनियर कुश्ती में उनकी राह आसान नहीं थी. 65 किग्रा वर्ग में भारत के पास उस समय बजरंग पूनिया जैसा बड़ा नाम था. 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स के चयन ट्रायल में सुजीत का सामना बजरंग से हुआ, जहां उन्हें 0-4 से हार मिली. लेकिन यह हार उनके सफर का अंत नहीं बनी.

    2024 में सुजीत कलकल ने 65 किग्रा वर्ग के चयन ट्रायल में जीत हासिल कर एशियन और वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका पाया. लेकिन पेरिस ओलंपिक 2024 का टिकट हासिल करने की उनकी कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से खत्म हुई. एशियन ओलंपिक क्वालिफायर के लिए बिश्केक जाते समय सुजीत और दीपक पूनिया दुबई में खराब मौसम और फ्लाइट संचालन प्रभावित होने के कारण फंस गए. दोनों देर से बिश्केक पहुंचे और प्रतियोगिता के नियमों के कारण मुकाबले में नहीं उतर सके. इसके बाद उनके पास इस्तांबुल में वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर के जरिए पेरिस पहुंचने का मौका था. सुजीत सेमीफाइनल में हार गए और फिर ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में अमेरिका के जेन रदरफोर्ड से 2-2 के स्कोर पर हार गए. इस हार के साथ पेरिस ओलंपिक में खेलने का उनका सपना टूट गया.

    पेरिस की निराशा भूल की जबरदस्त वापसी
    पेरिस की निराशा के बाद सुजीत कलकल ने जिस तरह वापसी की, उसने उन्हें भारतीय कुश्ती के उभरते हुए बड़े नामों में शामिल कर दिया. 2025 में उन्होंने अंडर-23 एशियन चैम्पियनशिप का खिताब जीता. इसके बाद बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज में उन्होंने पेरिस ओलंपिक के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट इस्लाम दुदायेव को 11-0 से हराया. सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में वह क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे, जहां उन्हें ईरान के रहमान अमूजाद से 6-5 से हार मिली. अमूजाद बाद में विश्व चैम्पियन बने.

    इसके बाद सुजीत कलकल ने अंडर-23 वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 65 किग्रा का गोल्ड मेडल जीत लिया. उन्होंने खिताबी मुकाबले में उज्बेकिस्तान के स्टार रेसलर उमिदजोन जलोलोव को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया. 2026 की शुरुआत भी उनके लिए शानदार रही. उन्होंने जाग्रेब ओपन और तिराना में मुहम्मद मालो रैंकिंग सीरीज में खिताब जीते. इसके बाद बिश्केक में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप के 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीतकर सीनियर स्तर पर अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक हासिल की. इस जीत के बाद वह 65 किग्रा वर्ग में दुनिया के नंबर-1 पहलवान भी बने.

  • चहल ने रेड बॉल क्रिकेट को कहा अलविदा, टेस्ट नहीं खेल पाए लेकिन फर्स्ट क्लास में रहे एक्टिव

    चहल ने रेड बॉल क्रिकेट को कहा अलविदा, टेस्ट नहीं खेल पाए लेकिन फर्स्ट क्लास में रहे एक्टिव

    नई दिल्ली

     भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल ने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है। हालांकि, सिर्फ रेड बॉल क्रिकेट से ही उन्होंने संन्यास का ऐलान किया है। भारत के लिए तो कभी ये स्पिनर टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल पाया, लेकिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में काफी एक्टिव रहा। चहल हाल ही में लॉर्ड्स में आखिरी बार रेड बॉल क्रिकेट मैच खेलते नजर आए थे। चहल ने अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने की जानकारी इंस्टाग्राम पर दी है, जहां उन्होंने एक लंबा पोस्ट लिखा है।

    चहल ने अपनी कुछ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए लिखा, “मैंने जो पहली क्रिकेट बॉल पकड़ी थी, वह रेड बॉल थी। मैं 10 साल का था और मुझे तब कोई अंदाजा नहीं था कि मुझे इस खेल से इतना प्यार हो जाएगा। मेरे लिए, रेड-बॉल क्रिकेट कभी भी सिर्फ एक और फॉर्मेट नहीं था। यहीं पर मैंने सब्र, कैरेक्टर, मजबूती और घंटों तक मैदान पर रहने, हर रन और हर विकेट के लिए लड़ने की असली खुशी का मतलब सीखा।”

    उन्होंने आगे लिखा, “मैंने अपना आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच लॉर्ड्स में खेला था, ये शब्द कहना इमोशनल है, क्योंकि टेस्ट कैप हमेशा एक सपना था, जिसे मैंने कई सालों तक अपने साथ रखा। हो सकता है कि यह न हुआ हो, लेकिन मैं अपने सफर से सच में खुश हूं और इस फॉर्मेट में मुझे मिले हर मौके के लिए बहुत शुक्रगुजार हूं। रेड बॉल ने मुझे मेरी ज़िंदगी की कुछ सबसे खूबसूरत यादें दीं, और कोई भी चीज़ इसे कभी नहीं छीन सकती।"

    चहल का फर्स्ट क्लास करियर
    युजवेंद्र चहल के फर्स्ट क्लास करियर की बात करें तो वे इस फॉर्मेट में अर्धशतक भी पूरा नहीं कर पाए। 49 मैचों के बाद उन्होंने रिटायरमेंट की घोषणा की है। इन मैचों की 79 पारियों में उन्होंने कुल 148 विकेट अपने नाम किए थे। 99 रन देकर 9 विकेट एक मैच में उन्होंने चटकाए थे, जबकि एक पारी में उनकी बेस्ट परफॉर्मेंस 44 रन देकर 6 विकेट लेना रही। 6 बार फाइव विकेट हॉल और 8 बार 4 विकेट हॉल उन्हें प्रथण श्रेणी क्रिकेट में प्राप्त हुआ था। 32.27 का औसत और 3.13 का इकॉनमी रेट उनके करियर का रहा।

    3 नवंबर 2009 को युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था। हरियाणा के लिए खेलते हुए वे मध्य प्रदेश के खिलाफ रणजी मैच में उतरे थे। वहीं, आखिरी फर्स्ट क्लास मैच उन्होंने इंग्लैंड में खेला। 24 सितंबर 2026 से यह मैच शुरू हुआ था। वे मिडलसेक्स के खिलाफ नॉर्थेम्पटनशायर के लिए काउंटी मैच में खेले थे। लंदन के लॉर्ड्स में यह मुकाबला खेला गया था, जबकि इंदौर में वह पहला फर्स्ट क्लास मैच खेले थे।

  • खादी केवल वस्त्र नहीं, स्वदेशी का मंत्र और चरखा आत्मनिर्भरता का प्रतीक-मुख्यमंत्री योगी

    खादी केवल वस्त्र नहीं, स्वदेशी का मंत्र और चरखा आत्मनिर्भरता का प्रतीक-मुख्यमंत्री योगी

    खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी तक 25 फीसदी छूट: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    गांधी आश्रम और लाल बहादुर शास्त्री भवन में आयोजित जयंती कार्यक्रमों में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    बोले- बापू का स्वदेशी से स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला
     
    खादी केवल वस्त्र नहीं, स्वदेशी का मंत्र और चरखा आत्मनिर्भरता का प्रतीक
     
    शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ स्वाधीन भारत का बना मंत्र

    लखनऊ
     गांधी जयंती पर प्रदेश में खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूट मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए प्रदेशवासियों से खादी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि स्वदेशी का मंत्र है। इसे अपनाकर कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों के हुनर को सम्मान दिया जा सकता है।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को महात्मा गांधी की 157वीं और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम में उन्होंने बापू के स्वदेशी, स्वच्छता और ग्राम स्वराज के विचारों को याद किया। इसके बाद लाल बहादुर शास्त्री भवन में शास्त्री जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों स्थानों पर उन्होंने पत्रकारों से भी बातचीत की।
     
    बापू ने बिखरे आंदोलन को जन आंदोलन बनाया
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी ने अन्याय, शोषण और रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाई। भारत लौटने के बाद उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से नेतृत्व देकर जन आंदोलन बना दिया। गांव-गांव के लोग इससे जुड़े और ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।
     
    उन्होंने कहा कि बापू के स्वच्छता, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। चरखा आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। बापू का स्वदेशी से स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘लोकल टू ग्लोबल’ का आह्वान इसी सोच को आगे बढ़ा रहा है। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों को बाजार उपलब्ध कराना होगा।
     
    ग्राम सचिवालयों से ग्राम स्वराज की परिकल्पना को मजबूती
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत देशभर में बने करोड़ों शौचालय अच्छे स्वास्थ्य के साथ नारी सम्मान का आधार बने हैं। इसी तरह ग्राम सचिवालयों की स्थापना से बापू की ग्राम स्वराज की परिकल्पना को आगे बढ़ाया जा रहा है। लोगों को गांव में ही जन सुविधाएं मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञ रहता है, उसका भविष्य उज्ज्वल होता है।
     
    शास्त्री जी ने जो कहा, उसे करके दिखाया
    लाल बहादुर शास्त्री को नमन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह जितने सरल और सहज थे, उतने ही दृढ़ और संघर्षशील भी थे। उन्होंने जो कहा, उसे करके दिखाया और जितना किया, उतना ही बोला। देश पर संकट आया तो उन्होंने दिखाया कि राष्ट्र की रक्षा के लिए किस तरह दृढ़ता के साथ खड़ा हुआ जाता है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ नारा स्वाधीन भारत का मंत्र बना। एक तरफ जवान सीमाओं पर देश की रक्षा कर रहे थे तो दूसरी तरफ किसान भारत को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने में जुटे थे। कभी देश को खाद्यान्न के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। आज भारत अपने 140 करोड़ नागरिकों की जरूरत पूरी करने के साथ दुनिया के कई देशों को खाद्यान्न की आपूर्ति कर रहा है।
     
    ये रहे मौजूद
    गांधी आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री राकेश सचान, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मोहसिन रजा, क्षेत्रीय गांधी आश्रम के मंत्री देवी प्रसाद शर्मा, व्यवस्थापक अखिलेश उपाध्याय और साहित्यकार अखिलेश द्विवेदी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

  • PM मोदी ने जाना कैप्टन स्मित मछार का अनुभव, बातचीत में सामने आई हौसले की कहानी

    PM मोदी ने जाना कैप्टन स्मित मछार का अनुभव, बातचीत में सामने आई हौसले की कहानी

     नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई घटना में घायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से अभी फोन पर बात की. कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को घटना के दौरान अपने अनुभव और उन्हें हिम्मत देने वाली बातों के बारे में बताया. पीएम मोदी ने उनकी बहादुरी की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। 

    कैप्टन स्मित मछार दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट उड़ा रहे थे. उड़ान के दौरान उनके को-पायलट ने कथित तौर पर विमान को क्रैश कराने की कोशिश की थी. इस दौरान विमान अपनी क्रूजिंग ऊंचाई से अचानक हजारों फीट नीचे आ गया और कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प हुई। 

    खून से थे लथपथ, फिर भी नहीं हारी हिम्मत
    इस हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. खून से लथपथ होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने का तरीका खोजा, जिसके बाद आगे बैठे यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर पायलट को काबू किया। 

    फ्लाइट में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी फ्लाईदुबई पायलट भी कॉकपिट में पहुंचे और विमान को संभाला. इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक डायवर्ट किया गया और सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। 

    कैप्टन स्मित ने 9/11 जैसी त्रासदी रोकी- PM मोदी
    घटना के बाद कैप्टन स्मित की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई लोगों ने तारीफ की। 

    पीएम मोदी ने कहा कि कैप्टन स्मित ने अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी दिखाई और संभावित 9/11 जैसी त्रासदी को रोकने में अहम भूमिका निभाई. गुजरात सरकार ने भी उन्हें 'विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार' से सम्मानित करने का ऐलान किया है। 

    अस्पताल में भर्ती हैं कैप्टन मच्छर
    कैप्टन मच्छर ने प्रधानमंत्री को घटना के बारे में बताया। उन्होंने यह भी बताया कि उस दौरान उन्हें हिम्मत किस बात से मिली।

    प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद कैप्टन मच्छर की हालत स्थिर है। वह संयुक्त अरब अमीरात के एक अस्पताल में इलाज करा रहे हैं और तेजी से ठीक हो रहे हैं।

    संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल में घायल पायलट और उनके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मच्छर का हौसला मजबूत है और वह “मुस्कुरा भी रहे थे और हंस भी रहे थे।”

    PM मोदी पहले भी कर चुके हैं तारीफ
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और सूझबूझ की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने धैर्य और साहस दिखाया। उनकी बहादुरी से पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है। मोदी ने कहा, “इजराइल के प्रधानमंत्री ने भी कहा कि एक भारतीय ने 9/11 जैसी त्रासदी रोक दी। हमारे देश के हर नागरिक को स्मित की बहादुरी पर बहुत गर्व है।” प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छार के माता-पिता और पत्नी से भी बात की थी। उन्होंने पिता भूपेंद्रभाई, मां गीताबेन और पत्नी सोनलबेन से उनकी सेहत की जानकारी ली। साथ ही भरोसा दिलाया कि भारतीय मिशनों की ओर से पायलट और उनके परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी।

    राजदूत ने अस्पताल के दौरे के बाद प्रसार भारती से बात की। उन्होंने कहा कि कैप्टन को अच्छा इलाज मिल रहा है और भारतीय दूतावास अधिकारियों के लगातार संपर्क में है।

    उन्होंने कहा, “मैं उनसे और उनके परिवार से अस्पताल में मिला। वह अच्छा कर रहे हैं और उनकी हालत स्थिर है। उन्हें देखकर मुझे काफी राहत मिली।”

    मित्तल ने कहा, “वह बात कर रहे थे और बातचीत कर रहे थे। उन्हें थोड़ी परेशानी है, लेकिन संयुक्त अरब अमीरात में उन्हें अच्छा इलाज मिल रहा है।”

    राजदूत ने कैप्टन मच्छर को “भारत का बहादुर बेटा” बताया। उन्होंने कहा कि मिड-एयर इमरजेंसी के दौरान उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और बड़ी तबाही टली।

    पीएम मोदी ने घरवालों से भी की थी बात
    पीएम मोदी ने गुरुवार को पायलट की पत्नी और माता-पिता से भी बात की थी और उन्हें भरोसा दिलाया था कि मछार और उनके परिवार को भारतीय मिशनों की ओर से पूरी मदद मिलेगी।

    दुबई से तेल अवीव की ओर बढ़ रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 आसमान में सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी, तभी कॉकपिट के भीतर अचानक अप्रत्याशित संकट खड़ा हो गया।

    सह-पायलट ने दुर्भावनापूर्ण इरादे से विमान का नियंत्रण बिगाड़ते हुए उसे नीचे गिराने की कोशिश की, जिससे चंद सेकंडों में हवाई जहाज हजारों फीट नीचे गोता लगाने लगा।

    खतरे को भांपते ही मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मछार ने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों के बीच कॉकपिट में भीषण संघर्ष शुरू हो गया।

    गंभीर चोटों के बावजूद नहीं टूटने दिया हौसला
    इस खूनी हाथापाई में कैप्टन स्मित बुरी तरह जख्मी हो गए और शरीर से लगातार बहते खून के कारण उनकी स्थिति नाजुक होने लगी थी। इसके बावजूद उन्होंने होश नहीं खोया। बेहद फुर्ती और सूझबूझ दिखाते हुए उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का सुरक्षित लॉक खोल दिया।

    दरवाजा खुलते ही केबिन क्रू और अगली कतारों में बैठे मुसाफिर तुरंत भीतर दाखिल हुए और उपद्रव मचा रहे को-पायलट को दबोच कर काबू में कर लिया।

    सऊदी अरब में सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग
    इत्तेफाक से उसी फ्लाइट में बतौर यात्री सफर कर रहे फ्लाईदुबई के ही दो अन्य पायलट फौरन सक्रिय हुए। उन्होंने कॉकपिट में पहुंचकर अनियंत्रित हो रहे विमान का स्टीयरिंग थामा और उसे स्थिर किया।

    हवा में उपजे इस भारी तनाव के बीच सूझबूझ दिखाते हुए उड़ान का रुख सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की तरफ मोड़ा गया, जहां सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ विमान को सकुशल उतार लिया गया।

  • 25 साल बाद शेयर बाजार में ऐसा लंबा डाउनट्रेंड, 8 हफ्तों में ₹26 लाख करोड़ का नुकसान

    25 साल बाद शेयर बाजार में ऐसा लंबा डाउनट्रेंड, 8 हफ्तों में ₹26 लाख करोड़ का नुकसान

    मुंबई 

    भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स ने लगातार 8वें हफ्ते गिरावट दर्ज की है। यह करीब 25 वर्षों में सबसे लंबा गिरावट का दौर है। इस गिरावट के चलते 8 हफ्ते में निवेशकों के करीब ₹26 लाख करोड़ डूब गए। यह लगातार गिरावट 2020 में कोविड-19 क्रैश और 2008 के ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के दौर से भी लंबी है।

    अकेले इस सप्ताह निफ्टी में करीब 3.1 प्रतिशत और सेंसेक्स में करीब 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई है। सितंबर में भी सेंसेक्स-निफ्टी में करीब 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई थी। बता दें आज 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर घरेलू शेयर बाजार बंद है। इससे पहले 1 अक्टूबर को सेंसेक्स 570 अंक टूटकर 71,909 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 198 अंक गिरकर 22,421 पर।

    बाजार में गिरावट कितनी बड़ी?
    आठ हफ्तों की लगातार गिरावट में निफ्टी करीब 8.7 प्रतिशत और सेंसेक्स करीब 8.4 प्रतिशत नीचे आ चुका है। अंकों के लिहाज से देखें तो सेंसेक्स पिछले आठ हफ्तों में 6,590 अंक टूटा। जबकि, निफ्टी में 2,149 अंक की गिरावट आई। इस दौरान बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 26 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घटा और 467 लाख करोड़ रुपये के नीचे आ गया।

    4 दिन में FII ने निकाले करीब 35 हजार करोड़
    बाजार पर सबसे बड़ा दबाव विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का है। 1 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयरों में करीब 9,484 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की।

    इससे पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में उनकी कुल बिकवाली करीब 34,965 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1 अक्टूबर को करीब 10,042 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा देने की कोशिश की।

    सितंबर में भी विदेशी निवेशकों का रुख भारतीय बाजार के खिलाफ रहा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में FPI की इक्विटी बिकवाली करीब 46 हजार करोड़ रुपये रही।

    क्यों बेच रहे हैं विदेशी निवेशक?
    अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल: विदेशी निवेशकों की बिकवाली के पीछे एक साथ कई वैश्विक संकेत काम कर रहे हैं। पहला कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल है। अमेरिकी 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 5.33-5.34 प्रतिशत के आसपास पहुंच गई है। यह 2002 के बाद का ऊंचा स्तर है। 30 साल की यील्ड भी करीब 5.68 प्रतिशत तक पहुंची।

    बॉन्ड यील्ड क्यों है शेयर बाजार के लिए खतरा?
    बॉन्ड यील्ड और बॉन्ड की कीमत उलटी दिशा में चलते हैं। यील्ड बढ़ने का मतलब है कि बॉन्ड की कीमत गिर रही है और निवेशक बॉन्ड बेच रहे हैं। जब सरकारी बॉन्ड पर ब्याज दर ऊंची हो जाती है, तो निवेशकों के लिए कम जोखिम वाला डेट मार्केट ज्यादा आकर्षक हो जाता है। इससे शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले निवेश पर दबाव बढ़ता है।

    बाजार पर कच्चे तेल का भी दबाव
    कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी भारतीय बाजार के लिए चिंता बढ़ा रही है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में महंगा तेल आयात बिल, महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ा सकता है। 1 अक्टूबर को ग्लेाबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर रहा। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सप्लाई को लेकर चिंता ने कीमतों को बढ़ा दिया है।

    कमजोर रुपया भी कर रहा परेशान
    डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। 1 अक्टूबर को रुपया करीब 0.5 प्रतिशत कमजोर होकर 96.31 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह दो महीने का निचला स्तर है। कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय एसेट्स से मिलने वाले डॉलर रिटर्न को प्रभावित कर सकता है। साथ ही महंगे तेल और कमजोर रुपये का असर घरेलू महंगाई पर भी पड़ सकता है।

    अब बाजार के लिए सबसे बड़े संकेत क्या होंगे?
    आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से 4 चीजों पर रहेगी। पहला, FII की बिकवाली रुकती है या नहीं। दूसरा, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड किस दिशा में जाती है? तीसरा, कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के आसपास रहती है या घटती है और चौथा, रुपया डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर के आसपास टिकता है या और कमजोर होता है?

  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी हिंसा में गिरफ्तारी तेज, ‘वायरल शख्स’ समेत 12 पुलिस के हत्थे चढ़े

    लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी हिंसा में गिरफ्तारी तेज, ‘वायरल शख्स’ समेत 12 पुलिस के हत्थे चढ़े

    जालंधर 

    लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक नाबालिग छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी एलपीयू का ही छात्र है और मंडी जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके पिता मंडी के उपायुक्त कार्यालय में अधिकारी के तौर पर तैनात हैं। 

    पुलिस जांच में सामने आया है कि हिंसा के दौरान इस नाबालिग की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थी। तस्वीर में वह विश्वविद्यालय परिसर में लगे लड़ाकू विमान पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जबकि उसके पीछे आग की लपटें नजर आ रही हैं। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को उसे ‘हीरो’ की तरह पेश करते हुए प्रसारित किया गया। हालांकि, तस्वीर के आधार पर उसकी भूमिका और उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा। 

    आरोपी की गिरफ्तारी हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से हुई है। वह नाबालिग है, यूनिवर्सिटी का ही छात्र है और हिमाचल के मंडी जिले का रहने वाला है। उसके पिता मंडी के DC ऑफिस में बतौर अफसर तैनात हैं।

    यूनिवर्सिटी में हिंसा के दौरान उस नाबालिग लड़के को सोशल मीडिया पर हीरो की तरह दिखाया गया। उसका एक फोटो बहुत वायरल हुआ, जिसमें वह फाइटर जेट पर खड़ा है और बैकग्राउंड में आग लगी हुई है।

    इस घटना को लेकर यूनिवर्सिटी के चांसलर BJP राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने कहा कि यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर मिग-23 और 1971 की जंग में लड़ाई में इस्तेमाल टैंक लगे हुए हैं। ये फोर्स की हौसला अफजाई करते हैं और युवाओं को प्रेरणा देते हैं। उनके ऊपर चढ़कर सभी की बेइज्जती की गई है।

    चांसलर अशोक मित्तल ने बताया था सेना का अपमान
    हिंसा के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में लगे मिग-23 लड़ाकू विमान और 1971 के युद्ध में इस्तेमाल किए गए टैंक पर प्रदर्शनकारियों के चढ़ने का मामला भी सामने आया था। विश्वविद्यालय के चांसलर और भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। मित्तल ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर के बाहर मिग-23 और 1971 के युद्ध में इस्तेमाल किया गया टैंक लगाया गया है। उनका कहना है कि ये सैन्य उपकरण देश की सेनाओं का सम्मान और युवाओं में प्रेरणा पैदा करने के उद्देश्य से रखे गए हैं। हिंसा के दौरान इन पर चढ़कर प्रदर्शन करना सैनिकों और देश की बेइज्जती है। 

    ज्यादातर आरोपी एलपीयू के ही छात्र
    मित्तल ने कहा कि एलपीयू हिंसा के मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और गिरफ्तार आरोपियों के नाम आधिकारिक रूप से आज सामने रखे जाएंगे। उनके अनुसार गिरफ्तार लोगों में 2-3 बाहरी व्यक्ति हैं, जबकि बाकी अधिकतर एलपीयू के छात्र हैं। 

    पुलिस की जांच में हिंसा से जुड़े लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। इससे पहले पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था और जांच के दौरान करीब 40 लोगों की पहचान किए जाने की बात सामने आई थी। 

    मामले में अब तक 5 की गिरफ्तारी
    वहीं, पुलिस ने LPU हिंसा मामले में अब तक कुल 4 मामले दर्ज किए हैं। इनमें से 3 मामले हाईवे जाम करने, पुलिस की गाड़ी जलाने, यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ करने से जुड़े हैं। इनमें अब तक कुल 5 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है, जिनमें 2 पिज्जा डिलीवरी बॉय और 2 यूनिवर्सिटी के ही छात्र हैं।

    पुलिस ने मिग-23 फाइटर जेट पर चढ़े नाबालिग के अलावा हरियाणा में सोनीपत शहर की शिव कॉलोनी में रहने वाले जेम्स दहिया, फगवाड़ा के निवासी गगनदीप उर्फ कोठा और फगवाड़ा में ही स्वामी परम नगर के रहने वाले जसमीत कुमार को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस ने पांचवें आरोपी के रूप में साहिल नाम के युवक को पकड़ा है। वह जम्मू के डोडा जिले का रहने वाला है। यह भी यूनिवर्सिटी का ही छात्र है। पुलिस ने उसे उसके घर से ही गिरफ्तार किया। वहीं, कुछ अन्य लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में ले रखा है, जिनसे पूछताछ जारी है।

    कैसे पकड़ा गया मिग-23 पर चढ़ा आरोपी
        सोशल मीडिया पर बना गुमनाम स्टार: यूनिवर्सिटी में हिंसा के दौरान एंट्री पर लगे मिग फाइटर जेट पर लड़का चढ़ा था। उसकी फोटो आकर्षक लगने और वायरल होने से वह सोशल मीडिया पर रातोरात स्टार बनाया, लेकिन कोई भी उसे पहचान नहीं पा रहा था।

        CCTV से हुई पहचान: वहीं, पुलिस की एक टीम सिर्फ CCTV कैमरे ढूंढने में लगी थी। एंट्री पर लगे कैमरे में उस लड़के की तस्वीर साफ नजर आने लगी। इसके बाद पुलिस ने कॉलेज के डेटा से मिलाया तो पता लगा कि वह यूनिवर्सिटी का छात्र है और बी.टेक इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग का छात्र है।

        छापे के समय घर पर ही मिला छात्र: पुलिस ने पहचान के बाद आरोपी के घर पर छापा मारा तो छात्र घर में आराम से बैठा था। उसने अपनी वायरल तस्वीर को मोबाइल वॉलपेपर पर लगा रखा था। पुलिस ने उसे पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने के मामले में गिरफ्तार किया है। उससे मैकबुक M5 और एक iPhone-14प्रो बरामद किया है।

    लूट के लिए आए थे दोनों डिलीवरी बॉय
    पुलिस ने मामले में गुरुवार, 1 अक्टूबर को फगवाड़ा के रहने वाले गगनदीप और जसमीत को गिरफ्तार किया। पुलिस ने जांच के दौरान दोनों को ट्रेस किया था। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी डोमिनोज में पिज्जा डिलीवरी बॉय है। उन्हें सूचना मिली थी कि यूनिवर्सिटी में हिंसा हुई है, तभी ये दोनों लूट के इरादे से वहां पहुंचे थे।

    पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के आधार पर पहचान कर इन्हें गिरफ्तार किया। आरोपी गगनदीप के मामा ने बताया कि गगन डोमिनोज में पिज्जा डिलीवरी का काम करता है और डेढ़ महीने पहले ही वह नौकरी पर लगा था। गगन की गिरफ्तारी को लेकर परिवार काफी चितिंत है।

    दहिया यूनिवर्सिटी में चला रहा था रेस्टोरेंट
    वहीं, हिंसा मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जेम्स दहिया को गिरफ्तार किया है। उस पर कैंपस में तोड़फोड़ और सोशल मीडिया पर छात्रों को भड़काने के आरोप लगे हैं। जानकारी के मुताबिक, आरोपी यूनिवर्सिटी में छात्र है। वह कैंपस में एक रेस्टोरेंट भी चलाता है, जिसका नाम उसने टेस्ट ऑफ पंजाब रख रखा है।

    इसके इंस्टाग्राम पर 4500 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वह अक्सर सोशल मीडिया पर कैंपस के अंदर की वीडियो बना कर डालता था। वह हरियाणा के सोनीपत जिले का रहने वाला है और फगवाड़ा में ग्रीन वैली में एक पीजी में रहता था।

    क्या है LPU में हिंसा का मामला
    26 सितंबर 2026 की रात सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि LPU हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ बाहर से आए एक प्लंबर ने रेप किया है और प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। इस सूचना के बाद हजारों छात्र भड़क गए।

    छात्रों ने यूनिवर्सिटी के अंदरूनी हिस्सों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और परिसर में बने यूनि मॉल की दुकानों में तोड़फोड़ व लूटपाट की। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-फगवाड़ा मार्ग पर स्थित नेशनल हाईवे-44 को 18 घंटे से अधिक समय तक जाम रखा, जिससे भारी यातायात बाधित हुआ।

     

  • संवाद, वैज्ञानिक आकलन और आपसी सहमति से न्यायपूर्ण एवं स्थायी समाधान के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

    संवाद, वैज्ञानिक आकलन और आपसी सहमति से न्यायपूर्ण एवं स्थायी समाधान के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

    महानदी विवाद के समाधान की दिशा में बड़ी पहल

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा की उच्चस्तरीय बैठक

    महानदी हमें बांटने वाली नहीं, दोनों राज्यों को जोड़ने वाली जीवनधारा : समाधान ऐसा हो जिसमें दोनों राज्यों की जीत हो – मुख्यमंत्री साय

    संवाद, वैज्ञानिक आकलन और आपसी सहमति से न्यायपूर्ण एवं स्थायी समाधान के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

    दोनों राज्यों के किसानों, आम नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने पर जोर

    रायपुर 
     छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के सौहार्दपूर्ण और स्थायी समाधान की दिशा में आज नई दिल्ली में महत्वपूर्ण पहल हुई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में कर्तव्य भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने महानदी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की और अपने-अपने राज्यों का पक्ष रखा।

    बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्य सचिव सहित केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग तथा दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में छत्तीसगढ़ का पक्ष रखते हुए कहा कि महानदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि दोनों राज्यों की सभ्यता, संस्कृति, कृषि और जनजीवन से जुड़ी जीवनधारा है। महानदी छत्तीसगढ़ और ओडिशा को बांटने वाली नहीं, बल्कि दोनों राज्यों को जोड़ने वाली नदी है। इसलिए इसका समाधान भी प्रतिस्पर्धा या टकराव के बजाय सहयोग, विश्वास और सहमति की भावना से निकलना चाहिए।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास ऐसा समाधान निकालने का होना चाहिए जिसमें दोनों राज्यों और वहां के नागरिकों के हित सुरक्षित हों। छत्तीसगढ़ न्यायपूर्ण, निष्पक्ष, वैज्ञानिक, पारदर्शी और दीर्घकालिक समाधान का पक्षधर है। ऐसा समाधान दोनों राज्यों के किसानों, आम नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार होना चाहिए।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी का उद्गम छत्तीसगढ़ में होता है और इसके जलग्रहण क्षेत्र का बड़ा हिस्सा प्रदेश में स्थित है। राज्य में कृषि, सिंचाई, पेयजल और विशेष रूप से आदिवासी एवं ग्रामीण अंचलों की विकास आवश्यकताएं महानदी से जुड़ी हुई हैं। इसलिए किसी भी स्थायी समाधान में छत्तीसगढ़ की इन वास्तविक आवश्यकताओं का समुचित ध्यान रखा जाना आवश्यक है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ अपने हितों की बात करते हुए ओडिशा की आवश्यकताओं और हितों का भी पूरा सम्मान करता है। हीराकुंड ओडिशा की जीवनरेखा है और छत्तीसगढ़ उसके महत्व को भलीभांति समझता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हीराकुंड जलाशय के हितों और उसके सुचारु संचालन के लिए आवश्यक सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल जैसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन को  साझी समृद्धि का माध्यम बनाना चाहिए। दोनों राज्यों के बीच ऐसा तंत्र विकसित हो, जिसमें जल उपलब्धता, आवश्यकता और उपयोग से संबंधित तथ्य पारदर्शी ढंग से साझा हों और वैज्ञानिक आधार पर निर्णय लिए जाएं।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल से समाधान की उम्मीद

    मुख्यमंत्री साय ने महानदी जल विवाद के समाधान के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा की गई पहल का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की मध्यस्थता में दोनों राज्यों के बीच सकारात्मक संवाद से आपसी सहमति का रास्ता निकलने की उम्मीद मजबूत हुई है।

    उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्रीय एकीकरण में योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। आज राज्यों के बीच वर्षों से लंबित विषयों को संवाद और सहमति के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास भी सहकारी संघवाद और राष्ट्रीय एकता की इसी भावना को मजबूत करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच जल संबंधी प्रश्नों का सौहार्दपूर्ण समाधान राज्यों के बीच विश्वास, सहयोग और भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना के अनुरूप राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय से जटिल विषयों पर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का वातावरण बना है।

    संवाद और वैज्ञानिक तथ्यों से निकलेगा टिकाऊ समाधान

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी से संबंधित विषय में भावनाओं के साथ वैज्ञानिक तथ्यों का भी उतना ही महत्व है। छत्तीसगढ़ को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की मध्यस्थता तथा केंद्रीय जल आयोग के निष्पक्ष, वैज्ञानिक और पारदर्शी तकनीकी आकलन पर पूरा भरोसा है।

    उन्होंने कहा कि जल उपलब्धता, वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं, सिंचाई, पेयजल, पर्यावरणीय जरूरतों और दोनों राज्यों की विकास संबंधी आवश्यकताओं का समग्र अध्ययन करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। तकनीकी स्तर पर तथ्य स्पष्ट होंगे और राजनीतिक स्तर पर संवाद एवं विश्वास कायम रहेगा तो निश्चित रूप से ऐसा समाधान निकल सकता है, जो दोनों राज्यों को स्वीकार्य हो और आने वाली पीढ़ियों के हित में भी हो।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों के परामर्श और केंद्र सरकार की मध्यस्थता से जो न्यायसंगत एवं व्यावहारिक समाधान सामने आएगा, छत्तीसगढ़ उसे सकारात्मक भावना से आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करेगा।

    बस्तर की तरह दृढ़ इच्छाशक्ति और समन्वय से समाधान की दिशा में बढ़ने का विश्वास

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने केंद्र और राज्य के बीच मजबूत समन्वय के सकारात्मक परिणामों को बस्तर में करीब से देखा है। नक्सलवाद जैसी दशकों पुरानी चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा, विकास और जनविश्वास को साथ लेकर जिस समन्वित दृष्टिकोण से काम किया गया, उससे बस्तर में व्यापक बदलाव आया है।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जटिल और लंबे समय से लंबित विषयों में भी जब स्पष्ट इच्छाशक्ति, निरंतर संवाद और सभी पक्षों के बीच विश्वास हो, तो समाधान की दिशा में निर्णायक प्रगति संभव है। महानदी के विषय पर भी इसी सकारात्मक भावना से दोनों राज्य आगे बढ़ सकते हैं।

    महानदी विवाद नहीं, सहयोग की धारा बने : मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पड़ोसी राज्यों के लोगों के बीच आत्मीय संबंध सदियों पुराने हैं। दोनों प्रदेशों की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली में अनेक समानताएं हैं।

    उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ की आस्था और शिवरीनारायण से पुरी तक जुड़े सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी आस्था और संस्कृति हमें जोड़ती है। महानदी भी इसी साझा विरासत और जीवन का हिस्सा है। इसलिए महानदी को विवाद की रेखा नहीं, बल्कि सहयोग, विकास और विश्वास की धारा बनाना हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों की प्राथमिकता अपने किसानों और नागरिकों का हित है। दोनों राज्यों के नेतृत्व को जमीनी आवश्यकताओं की समझ है। इसलिए परस्पर विश्वास के साथ ऐसा रास्ता निकाला जा सकता है जिसमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों के किसानों को लाभ मिले और दोनों राज्यों के विकास की आवश्यकताएं भी पूरी हों।

    तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर संवाद रहेगा जारी

    उल्लेखनीय है कि महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच राजनीतिक एवं तकनीकी स्तर पर संवाद लगातार आगे बढ़ रहा है। इससे पूर्व भी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र सरकार के स्तर पर चर्चा हुई है। तकनीकी विषयों के समाधान के लिए केंद्रीय जल आयोग की भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया है।

    महानदी जल बंटवारे से संबंधित विवाद के समाधान के लिए वर्ष 2018 में महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया गया था। इसके समानांतर आपसी संवाद और तकनीकी विमर्श के माध्यम से दोनों राज्यों के लिए स्वीकार्य समाधान की संभावनाओं पर भी लगातार काम किया जा रहा है।

    आज की उच्चस्तरीय बैठक को इसी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक में सभी पक्षों ने संवाद और तकनीकी विचार-विमर्श को आगे बढ़ाने तथा महानदी से जुड़े विषयों का पारस्परिक सहमति से स्थायी समाधान तलाशने की दिशा में सकारात्मक चर्चा की।

    बैठक में छत्तीसगढ़ की ओर से मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा का जांजगीर में स्वागत, ओपी चौधरी ने बढ़ाया युवाओं का उत्साह

    वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा का जांजगीर में स्वागत, ओपी चौधरी ने बढ़ाया युवाओं का उत्साह

    सेवा संकल्प अभियान: वडनगर से वाराणसी की सेवा यात्रा पहुंची जांजगीर

    वित्त मंत्री एवं जांजगीर जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी बाइक रैली में हुए शामिल, युवाओं का बढ़ाया उत्साह

    युवा संवाद में सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान

    रायपुर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की जनसेवा को समर्पित ‘सेवा संकल्प यात्रा’ वडनगर (गुजरात) से वाराणसी (उत्तर प्रदेश) तक जनसेवा से राष्ट्रसेवा का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत निकली इस यात्रा के जांजगीर पहुंचने पर जिले के प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने बाइक यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया।

    इस अवसर पर वित्त मंत्री चौधरी स्वयं बाइक रैली में शामिल हुए और युवाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उन्हें सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा कर रहे युवाओं को शाल एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक जीवन यात्रा जनसेवा और राष्ट्रसेवा को समर्पित : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    युवा संवाद को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष केवल वर्षों का आंकड़ा नहीं, बल्कि जनसेवा, राष्ट्रसेवा और भारत के विकास के संकल्प की यात्रा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत से ही राष्ट्रहित और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक उनकी सार्वजनिक जीवन की यात्रा सेवा और समर्पण की भावना से जुड़ी रही है।

    मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन में प्रतिभाशाली और समाज के लिए योगदान देने की क्षमता रखने वाले लोगों को आगे आने के अवसर प्रदान किए हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। छत्तीसगढ़ को भी विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और सकारात्मक सोच इस विकास यात्रा को नई गति दे सकती है।

    विकास के साथ संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाना भी हमारी जिम्मेदारी : मंत्री चौधरी

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और विरासत को सहेजते हुए आगे बढ़ाना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे सेवा और समर्पण की भावना के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं तथा विकसित भारत के संकल्प से जुड़कर देश और प्रदेश के विकास में योगदान दें।

    सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने कहा कि 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने वडनगर से वाराणसी तक यात्रा कर रहे युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रभावी रूप से पहुंचता है।

    पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने सेवा संकल्प यात्रा में शामिल युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि अभियान के माध्यम से सेवा की भावना को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से नागरिकों तक जनसेवा, विकास और सुशासन से जुड़े कार्यों की जानकारी भी पहुंच रही है। उन्होंने यात्रा में शामिल युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।

    कार्यक्रम में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

  • World Cup 2027 Schedule: भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत 10 अक्टूबर को, फाइनल 21 नवंबर को; देखें पूरा शेड्यूल

    World Cup 2027 Schedule: भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत 10 अक्टूबर को, फाइनल 21 नवंबर को; देखें पूरा शेड्यूल

    नई दिल्ली
    आईसीसी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 का पूरा शेड्यूल 1 अक्टूबर (गुरुवार) को जारी कर दिया गया. साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाला 14 टीमों का यह टूर्नामेंट 2 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक खेला जाएगा. कुल 57 मुकाबले इन तीन देशों के 12 मैदानों पर होंगे. केपटाउन में आयोजित विशेष लॉन्च कार्यक्रम में ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल) ने टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी किया. वर्ल्ड कप की शुरुआत 2 अक्टूबर से नामीबिया में होने वाली तीन टीमों की सुपर सीरीज के साथ होगी, जबकि मुख्य ग्रुप स्टेज 7 अक्टूबर से शुरू होगा.

    भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत मौजूदा चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करेगी. दोनों टीमें 7 अक्टूबर को केप टाउन के न्यूलैंड्स क्रिकेट ग्राउंड में आमने-सामने होंगी. यह मुकाबला 2023 वर्ल्ड कप फाइनल की यादें भी ताजा करेगा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर खिताब जीता था. इसके बाद भारत का अगला ग्रुप मुकाबला 10 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ होगा. जोहानिसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में होने वाला यह मैच टूर्नामेंट के हाई-वोल्टेज मुकाबलों में शामिल रहेगा. फिर भारत 14 अक्टूबर को सेंचुरियन में अफगानिस्तान से भिड़ेगा, जबकि 17 अक्टूबर को ब्लोमफोंटेन में क्वालिफायर A के खिलाफ उतरेगा. ग्रुप चरण में भारत का आखिरी मुकाबला 24 अक्टूबर को जिम्बाब्वे के खिलाफ विक्टोरिया फॉल्स में होगा.

    भारत के ग्रुप मुकाबले
    7 अक्टूबर- भारत vs ऑस्ट्रेलिया, केप टाउन
    10 अक्टूबर- भारत vs पाकिस्तान, जोहानिसबर्ग
    14 अक्टूबर- भारत vs अफगानिस्तान,  सेंचुरियन
    17 अक्टूबर- भारत vs क्वालिफायर A, ब्लोमफोंटेन
    24 अक्टूबर- जिम्बाब्वे vs भारत, विक्टोरिया फॉल्स

    मुख्य टूर्नामेंट से पहले 2 अक्टूबर को नामीबिया की राजधानी विंडहोक में तीन टीमों की सुपर सीरीज खेली जाएगी. इसमें वर्ल्ड कप क्वालिफायर में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें हिस्सा लेंगी. तीनों टीमें राउंड-रॉबिन आधार पर एक-दूसरे से खेलेंगी. अंक तालिका में शीर्ष पर रहने वाली टीम मुख्य ग्रुप चरण में जगह बनाएगी.

    ग्रुप A में भारत, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्ता, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और क्वालिफायर A हैं. वहीं ग्रुप-बी में साउथ अफ्रीका, श्रीलंका, इंग्लैंड, बांग्लादेश, न्यूजीलैंड और क्वालिफायर B को रखा गया है. ग्रुप बी में बांग्लादेश को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि बाकी की टीम्स काफी तगड़ी दिख रही हैं. ग्रुप स्टेज में कुल 30 मुकाबले होंगे. प्रत्येक टीम अपने ग्रुप की बाकी टीमों से एक-एक मैच खेलेगी.

    दोनों ग्रुप से शीर्ष तीन-तीन टीमें सुपर-7 में पहुंचेंगी. इसके अलावा दोनों ग्रुप में चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों में से बेहतर रैंक वाली टीम भी अगले स्टेज में जगह बनाएगी. सुपर-7 में सातों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ एक-एक मैच खेलेंगी और कुल 21 मुकाबले होंगे. इसके बाद अंक तालिका की शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी. अगर कोई गैर-सीडेड टीम किसी सीडेड टीम से ऊपर रहते हुए क्वालीफाई करती है, तो वह संबंधित सीडेड स्थान हासिल कर लेगी.

    भारत से दो-दो बार भिड़ेंगे ऑस्ट्रेलिया-पाकिस्तान?
    देखा जाए तो भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत सिर्फ ग्रुप चरण तक सीमित नहीं रह सकती. अगर दोनों टीमें सुपर-7 चरण के लिए क्वालिफाई करती हैं, तो टूर्नामेंट में दोनों का दूसरी बार सामना होने की संभावना है. आईसीसी ने सुपर-7 के लिए टीमों को प्री-सीडिंग दी है. भारत को A1 और पाकिस्तान को A3 स्थान मिला है. इस व्यवस्था के तहत दोनों टीमें 7 नवंबर को केपटाउन में एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकती हैं. हालांकि यह मुकाबला तभी संभव होगा जब भारत और पाकिस्तान दोनों सुपर-7 में पहुंचें और उनकी स्थिति तय प्री-सीडिंग के अनुरूप रहे.

    भारत और ऑस्ट्रेलिया भी टूर्नामेंट में दो बार आमने-सामने आ सकते हैं. ग्रुप चरण में 7 अक्टूबर के मुकाबले के बाद दोनों टीमों की संभावित दूसरी भिड़ंत 28 अक्टूबर को विक्टोरिया फॉल्स में हो सकती है. ऑस्ट्रेलिया को A2 के तौर पर प्री-सीड किया गया है. ऐसे में दोनों के सुपर-7 में पहुंचने की स्थिति में टूर्नामेंट के अगले चरण में एक और मुकाबले की संभावना बनी हुई है.

    सुपर 7 प्री-सीडिंग
    A1: भारत
    A2: ऑस्ट्रेलिया
    A3: पाकिस्तान
    AB4: इंग्लैंड
    B1: न्यूजीलैंड
    B2: साउथ अफ्रीका
    B3: श्रीलंका

    सेमीफाइनल-फाइनल के लिए रिजर्व डे
    सुपर-7 के बाद पहला सेमीफाइनल 17 नवंबर को केप टाउन और दूसरा 18 नवंबर को सेंचुरियन में खेला जाएगा. सुपर-7 में पहले स्थान पर रहने वाली टीम चौथे स्थान वाली टीम से भिड़ेगी, जबकि दूसरे स्थान वाली टीम का सामना तीसरे स्थान की टीम से होगा. दोनों सेमीफाइनल के लिए आईसीसी ने रिजर्व डे रखा है, ताकि बारिश या किसी अन्य कारण से मैच निर्धारित दिन पूरा नहीं होने पर उसे अगले दिन पूरा कराया जा सके.

    वर्ल्ड कप 2027 का फाइनल 21 नवंबर को जोहानिसबर्ग में खेला जाएगा. फाइनल के लिए भी रिजर्व डे रखा गया है. अगर निर्धारित दिन मुकाबला पूरा नहीं हो पाता है तो 22 नवंबर को रिजर्व डे के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा. इस तरह भारत के लिए टूर्नामेंट में कम से कम पांच ग्रुप मैच तय हैं, लेकिन सुपर-7 में पहुंचने की स्थिति में ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के खिलाफ दोबारा मुकाबले की संभावनाएं भी बन सकती हैं.

    30 सितंबर 2026 की कटऑफ तारीख के आधार पर 10 टीमों ने सीधे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है. मेजबान साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को स्वत: जगह मिली, जबकि भारत, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, इंग्लैंड, श्रीलंका, अफगानिस्तान और बांग्लादेश ने आईसीसी ओडीआई रैंकिंग के आधार पर सीधे क्वालिफाई किया. बाकी चार स्थान आईसीसी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप क्वालिफायर 2027 से तय होंगे. क्वालिफायर जीतने वाली टीम सीधे ग्रुप चरण में पहुंचेगी, जबकि दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें सुपर सीरीज खेलेंगी. इनमें से शीर्ष टीम को ग्रुप स्टेज का टिकट मिलेगा.

    क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 का फुल शेड्यूल
    तारीख                             टीम 1                  टीम 2         वेन्यू
    2 अक्टूबर, शनिवार     क्वालिफायर 1     क्वालिफायर 3     विंडहोक
    4 अक्टूबर, सोमवार     क्वालिफायर 1     क्वालिफायर 2     विंडहोक
    6 अक्टूबर, बुधवार     क्वालिफायर 2     क्वालिफायर 3     विंडहोक
    7 अक्टूबर, गुरुवार     भारत     ऑस्ट्रेलिया     केपटाउन
    8 अक्टूबर, शुक्रवार     पाकिस्तान     अफगानिस्तान     सेंचुरियन
    8 अक्टूबर, शुक्रवार     इंग्लैंड     बांग्लादेश     विंडहोक
    9 अक्टूबर, शनिवार     जिम्बाब्वे     क्वालिफायर A     बुलावायो
    9 अक्टूबर, शनिवार     साउथ अफ्रीका     न्यूजीलैंड     केपटाउन
    10 अक्टूबर, रविवार     भारत     पाकिस्तान     जोहानिसबर्ग
    10 अक्टूबर, रविवार     श्रीलंका     क्वालिफायर B     विंडहोक
    11 अक्टूबर, सोमवार     जिम्बाब्वे     अफगानिस्तान     बुलावायो
    12 अक्टूबर, मंगलवार     ऑस्ट्रेलिया     क्वालिफायर A     पार्ल
    12 अक्टूबर, मंगलवार     न्यूजीलैंड     बांग्लादेश     ईस्ट लंदन
    13 अक्टूबर, बुधवार     इंग्लैंड     श्रीलंका     विंडहोक
    13 अक्टूबर, बुधवार     साउथ अफ्रीका     क्वालिफायर B     पार्ल
    14 अक्टूबर, गुरुवार     भारत     अफगानिस्तान     सेंचुरियन
    15 अक्टूबर, शुक्रवार     पाकिस्तान     क्वालिफायर A     ब्लोमफोंटेन
    15 अक्टूबर, शुक्रवार     जिम्बाब्वे     ऑस्ट्रेलिया     हरारे
    16 अक्टूबर, शनिवार     श्रीलंका     बांग्लादेश     डरबन
    16 अक्टूबर, शनिवार     साउथ अफ्रीका     इंग्लैंड     गकेबरहा
    17 अक्टूबर, रविवार     भारत     क्वालिफायर A     ब्लोमफोंटेन
    17 अक्टूबर, रविवार     न्यूजीलैंड     क्वालिफायर B     हरारे
    18 अक्टूबर, सोमवार     ऑस्ट्रेलिया     अफगानिस्तान     ईस्ट लंदन
    19 अक्टूबर, मंगलवार     जिम्बाब्वे     पाकिस्तान     हरारे
    19 अक्टूबर, मंगलवार     साउथ अफ्रीका     बांग्लादेश     डरबन
    20 अक्टूबर, बुधवार     न्यूजीलैंड     श्रीलंका     जोहानिसबर्ग
    20 अक्टूबर, बुधवार     इंग्लैंड     क्वालिफायर B     हरारे
    21 अक्टूबर, गुरुवार     अफगानिस्तान     क्वालिफायर A     ईस्ट लंदन
    22 अक्टूबर, शुक्रवार     ऑस्ट्रेलिया     पाकिस्तान     पार्ल
    22 अक्टूबर, शुक्रवार     साउथ अफ्रीका     श्रीलंका     जोहानिसबर्ग
    23 अक्टूबर, शनिवार     इंग्लैंड     न्यूजीलैंड     गकेबरहा
    23 अक्टूबर, शनिवार     बांग्लादेश     क्वालिफायर B     सेंचुरियन
    24 अक्टूबर, रविवार     जिम्बाब्वे     भारत     विक्टोरिया फॉल्स
    25 अक्टूबर, सोमवार     A2     B3     जोहानसबर्ग
    26 अक्टूबर, मंगलवार     B1     A3     गकेबरहा
    27 अक्टूबर, बुधवार     B2     AB4     सेंचुरियन
    28 अक्टूबर, गुरुवार     A1     A2     विक्टोरिया फॉल्स
    29 अक्टूबर, शुक्रवार     B1     B3     ईस्ट लंदन
    30 अक्टूबर, शनिवार     A3     AB4     विक्टोरिया फॉल्स
    31 अक्टूबर, रविवार     B2     A1     जोहानिसबर्ग
    1 नवंबर, सोमवार     A2     B1     विक्टोरिया फॉल्स
    2 नवंबर, मंगलवार     B3     AB4     केपटाउन
    3 नवंबर, बुधवार     B2     A3     डरबन
    4 नवंबर, गुरुवार     A1     B1     पार्ल
    5 नवंबर, शुक्रवार     A2     AB4     डरबन
    6 नवंबर, शनिवार     B2     B3     ब्लोमफोंटेन
    7 नवंबर, रविवार     A1     A3     केपटाउन
    8 नवंबर, सोमवार     B1     AB4     डरबन
    9 नवंबर, मंगलवार     B2     A2     गकेबरहा
    10 नवंबर, बुधवार     A3     B3     ब्लोमफोंटेन
    11 नवंबर, गुरुवार     A1     AB4     गकेबरहा
    12 नवंबर, शुक्रवार     B2     B1     केपटाउन
    13 नवंबर, शनिवार     A2     A3     ब्लोमफोंटेन
    14 नवंबर, रविवार     A1     B3     डरबन
    17 नवंबर, बुधवार     सेमीफाइनल 1     —–     केपटाउन
    18 नवंबर, गुरुवार     सेमीफाइनल 2     —–     सेंचुरियन
    21 नवंबर, रविवार     फाइनल     —–     जोहानिसबर्ग

  • एशियन गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन, लवलीना के गोल्ड से पदकों की संख्या 70 हुई

    एशियन गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन, लवलीना के गोल्ड से पदकों की संख्या 70 हुई

    टोक्यो 

    एशियन गेम्स 2026 के 13वें दिन भारत का दमदार प्रदर्शन जारी है। दिन की शुरुआत तीरंदाजी में गोल्ड मेडल के साथ हुई। भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने कॉन्टिनेंटल इवेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतकर एशियन गेम्स में इतिहास रचा। रोमांचक फाइनल में खिताब की प्रबल दावेदार दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराया। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ की भारतीय टीम ने 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया की टीम को मात दी। इसके बाद तीरंदाजी में ही भारत को दिन का दूसरा मेडल सिल्वर के रूप में मिला। कुमकुम मोहोद और धीरज बोम्मादेवरा की जोड़ी फाइनल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इसके बाद सेलिंग में भारत को नेत्रा कुमानन ने ब्रॉन्ज मेडल दिलाया। मुक्केबाजी में लवलीना चमकी, जन्मदिन के खास मौके पर उन्होंने गोल्ड मेडल जीता।

    पहलवान सुजीत कलकल ने ओलंपिक चैंपियन कोटारा कियूका को 3-3 से हराकर एशियाई खेलों में पुरुषों के 65kg वर्ग के फाइनल में जगह बनाई। उनका गोल्ड मेडल मैच 2.46 से शुरू होगा।

    बॉक्सिंग में लवलीना ने जीता गोल्ड मेडल
    लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं की 75kg बॉक्सिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीता है, उन्होंने चीन की बाओ जियाई को 5-0 के एकमत फैसले से हराया। यह उनका एशियन गेम्स में पहला गोल्ड है।महिला बॉक्सिंग में यह भारत का सिर्फ दूसरा गोल्ड मेडल है। 2014 में मैरी कॉम के मेडल के बाद यह पहला गोल्ड मेडल है। लवलीना ने महिलाओं की 75kg का फाइनल एकमत फैसले से जीता।

    सेलिंग में नेत्रा कुमानन ने जीता ब्रॉन्ज मेडल
    नेत्रा कुमानन ने महिलाओं की डिंगी में 14 नेट पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता और फाइनल रेस में पहला स्थान हासिल करके मेडल पक्का किया। रेस से पहले वह चौथे स्थान पर थीं। वह हांगकांग चीन की ओलंपियन स्टेफ़नी नॉर्टन के बराबर पॉइंट्स पर रहीं, लेकिन बेहतर हेड-टू-हेड रिकॉर्ड की वजह से ब्रॉन्ज मेडल जीता। यह इन एशियन गेम्स में भारत का तीसरा सेलिंग मेडल है, इससे पहले कल पुरुषों और महिलाओं के स्किफ़ इवेंट्स में क्रमशः सिल्वर और ब्रॉन्ज़ मेडल जीते थे।

    आर्चरी: दिहराज और कुमकुम ने रिकर्व मिक्स्ड टीम में सिल्वर जीता
    कुमकुम मोहोद और धीरज बोम्मादेवरा गोल्ड मेडल मैच में चीन से हार गए और सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

    आर्चरी: अंकिता, कीर्ति, कुमकुम ने रिकर्व आर्चरी महिला टीम में गोल्ड जीता
    अंकिता भक्त, कीर्ति और कुमकुम मोहोद की भारतीय महिला टीम ने हैवीवेट साउथ कोरिया को हराकर महिला टीम रिकर्व आर्चरी में ऐतिहासिक गोल्ड जीता।

     

    गोल्ड सिल्वर ब्रॉन्ज टोटल
    12 24 34 70
    नंबर एथलीट खेल इवेंट मेडल
    1 एलावेनिल वलारिवान, सोनम मास्कर, विदरसा विनोद शूटिंग वूमेंस 10मी एयर राइफल टीम सिल्वर
    2 एलावेनिल वलारिवन शूटिंग वूमेंस 10मी एयर राइफल सिल्वर
    3 रुद्रांक्ष पाटिल, पार्थ माने, हिमांशु ढिल्लों शूटिंग मेंस 10मी एयर राइफल टीम सिल्वर
    4 हिमांशु ढिल्लों शूटिंग मेंस 10मी एयर राइफल सिल्वर
    5 रुद्रांक्ष पाटिल शूटिंग मेंस 10मी एयर राइफल ब्रॉन्ज
    6 सुचिका तारियाल मिक्स्ड मार्शल आर्ट वूमेंस ट्रेडिशन -60किग्रा ब्रॉन्ज
    7 टीम इंडिया क्रिकेट वूमेंस टीम गोल्ड
    8 परिनाज धालीवाल, रायजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान शूटिंग वूमेंस स्कीट टीम ब्रॉन्ज
    9 अनंतजीत सिंह नरुका, भवतेग सिंह गिल, मैराज अहमद खान शूटिंग मेंस स्कीट टीम ब्रॉन्ज
    10 जय मीणा सॉफ्ट टेनिस मेंस सिंगल्स ब्रॉन्ज
    11 मीराबाई चानू वेटलिफ्टिंग वूमेंस 49 किग्रा सिल्वर
    12 टीम इंडिया बैडमिंटन मेंस टीम ब्रॉन्ज
    13 सतनाम सिंह, सलमान खान रोइंग मेंस डबल्स स्कल ब्रॉन्ज
    14 रोशिबिना देवी वुशु वूमेंस 60किग्रा सांडा सिल्वर
    15 अनंतजीत सिंह नरुका, परिनाज धालीवाल शूटिंग मिक्स्ड स्कीट टीम ब्रॉन्ज
    16 सीमा एथलेटिक्स वूमेंस 10,000 मीटर ब्रॉन्ज
    17 टीम इंडिया एथलेटिक्स मिक्स्ड 4×400 मीटर सिल्वर
    18 ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल, नीरज कुमार शूटिंग मेंस 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम सिल्वर
    19 कमलजीत, सुरुचि सिंह शूटिंग मिक्स्ड टीम 10 मीटर एयर पिस्टल गोल्ड
    20 दिया चितले/मानुष शाह टेबल टेनिस मिक्स्ड डबल्स ब्रॉन्ज
    21 मनप्रीत कौर एथलेटिक्स शॉट पुट ब्रॉन्ज
    22 गुलवीर सिंह एथलेटिक्स मेंस 10000 मीटर सिल्वर
    23 बरानिका इलांगोवन एथलेटिक्स वूमेंस पोल वॉल्ट ब्रॉन्ज
    24 सावन बरवाल एथलेटिक्स मैराथन सिल्वर
    25 तिलोत्तमा सेन, विदर्शा विनोद, आशी चौक शूटिंग वूमेंस 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम सिल्वर
    26 जोशना चिनप्पा, वेलवन सेंथिलकुमार स्क्वैश मिक्स्ड डबल्स ब्रॉन्ज
    27 टीम इंडिया कबड्डी वूमेंस गोल्ड
    28 टीम इंडिया कबड्डी मेंस गोल्ड
    29 तजिंदर पाल तूर एथलेटिक्स शॉट पुट सिल्वर
    30 पारुल चौधरी एथलेटिक्स वूमेंस 400मी ब्रॉन्ज
    31 अभय सिंह स्क्वैश मेंस सिंगल्स सिल्वर
    32 अनाहत सिंह स्क्वैश वूमेंस सिंगल्स सिल्वर
    33 हरिता भद्रा एथलेटिक्स वूमेंस 200मी ब्रॉन्ज
    34 एंसी सोजन एथलेटिक्स वूमेंस लॉन्ग जंप सिल्वर
    35 तेजस्विन शंकर एथलेटिक्स डेकाथलॉन ब्रॉन्ज
    36 पारुल चौधरी एथलेटिक्स वूमेंस 3000 मी स्टीपलचेज ब्रॉन्ज
    37 सर्वेश कुशारे एथलेटिक्स मेंस हाई जंप सिल्वर
    38 पिंकी बल्हारा कुराश वूमेंस -78 किग्रा ब्रॉन्ज
    39 ईशा सिंह शूटिंग वूमेंस 25 मीटर पिस्टल सिल्वर
    40 विथ्या रामराज एथलेटिक्स वूमेंस 400 मीटर हर्डल्स ब्रॉन्ज
    41 गुलवीर सिंह एथलेटिक्स मेेंस 1500 मीटर सिल्वर
    42 पारुल चौधरी एथलेटिक्स वूमेेंस 1500 मीटर ब्रॉन्ज
    43 मुरली श्रीशंकर एथलेटिक्स मेंस लॉन्ग जंप ब्रॉन्ज
    44 यशवीर सिंह एथलेटिक्स मेंस जैवलिन थ्रो सिल्वर
    45 रोहित यादव एथलेटिक्स मेंस जैवलिन थ्रो ब्रॉन्ज
    46 नीरू ढांडा, मनीषा कीर, आशिमा अहलावत शूटिंग वूमेंस ट्रैप टीम सिल्वर
    47 नीरू ढांडा शूटिंग वूमेंस ट्रैप गोल्ड
    48 नरेंद्र बेरवाल बॉक्सिंग मेंस +90किग्रा ब्रॉन्ज
    49 गुलवीर सिंह एथलेटिक्स मेंस 5000 मीटर ब्रॉन्ज
    50 गुरिंदरवीर सिंह, स्नेहा एसएस, अनिमेष कुजूर, हरिता भद्रा एथलेटिक्स 4×100 मिक्स्ड टीम ब्रॉन्ज
    51 पूजा सिंह एथलेटिक्स वूमेंस हाई जंप ब्रॉन्ज
    52 किरण पहल, मचेतिरा पूवम्मा, प्राची चौधरी, विथ्या रामराज एथलेटिक्स वूमेंस 4×400 मीटर रिले गोल्ड
    53 धर्मवीर चौधरी, मनु टीएस, जय कुमार, विशाल टीके एथलेटिक्स मेंस 4×400 मीटर रिले ब्रॉन्ज
    54 ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप, चिकिता तनिपार्थी आर्चरी वूमेंस कंपाउंड टीम गोल्ड
    55 चिकिता तनिपार्थी, साहिल जाधव आर्चरी कंपाउंड मिक्स्ड टीम गोल्ड
    56 प्रिया घंघास बॉक्सिंग वूमेंस 60किग्रा ब्रॉन्ज
    57 नीरूना ढांडा, किनान चेनाई शूटिंग ट्रैप मिक्स्ड टीम गोल्ड
    58 कपिल पोखरिया बॉक्सिंग मेंस 90 किग्रा ब्रॉन्ज
    59 साहिल जाधव, गणेश मणिरत्नम तिरुमुरु, कुशल दलाल आर्चरी मेंस कंपाउंड टीम गोल्ड
    60 सुनील कुमार रेसलिंग ग्रीको-रोमन 87किग्रा ब्रॉन्ज
    61 अनाहत सिंह, जोशना चिनप्पा, तन्वी खन्ना, शमीना रियाज स्क्वैश वूमेंस टीम ब्रॉन्ज
    62 प्रिंस कुरिसिंकल नोबल, मनु फ्रांसिस सेलिंग मेंस स्किफ सिल्वर
    63 गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु आर्चरी मेंस कंपाउंड इंडिविजुअल ब्रॉन्ज
    64 नीतेश कुमार रेसलिंग ग्रीको-रोमन 97 किग्रा सिल्वर
    65 अभय सिंह, वीर चोटरानी, ​​वेलावन सेंथिलकुमार, सूरज कुमार चंद स्क्वैश मेंस टीम ब्रॉन्ज
    66 हर्षिता तोमर, शीतल वर्मा सेलिंग वूमें स्किफ ब्रॉन्ज
    67 अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ तीरंदाजी महिला रिकर्व टीम गोल्ड
    68 कुमकुम मोहोड़ और धीरज बोम्मादेवरा तीरंदाजी मिक्स्ड रिकर्व टीम सिल्वर
    69 नेत्रा कुमानन सेलिंग महिलाओं की डिंगी ब्रॉन्ज
    70 लवलीना बोरगोहेन बॉक्सिंग महिलाओं की 75kg गोल्ड