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  • पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी, पायलट के फीडबैक के बाद बड़ा फैसला

    पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी, पायलट के फीडबैक के बाद बड़ा फैसला

    चंडीगढ़ 

    पंजाब में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने गुरुवार को बताया कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के नए प्रभारी महासचिव सचिन पायलट द्वारा पिछले तीन हफ्तों में जुटाए गए फीडबैक के आधार पर कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पद छोड़ने के लिए कह दिया है।

    आपको बता दें कि 5 सितंबर को भूपेश बघेल की जगह पंजाब प्रभारी बने सचिन पायलट ने पंजाब के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों के साथ बैठकें की। पंजाब से कांग्रेस के 7 लोकसभा सांसदों में से बहुसंख्यक और कई वरिष्ठ क्षेत्रीय नेताओं ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग की थी। इसके बाद पार्टी आलाकमान ने एक ऐसे नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश शुरू कर दी है जो सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को संतुलित कर सके तथा पंजाब के इकलौते दलित मुख्यमंत्री रहे चरणजीत सिंह चन्नी के साथ मिलकर काम कर सके। पंजाब के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि जैसे ही पार्टी ने भूपेश बघेल को हटाकर सचिन पायलट को कमान सौंपी कि वडिंग की स्थिति कमजोर हो गई थी।

    पिछले नतीजों से तय हो रही रणनीति
    पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। 2022 के चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने 117 में से 92 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था। उस समय सत्ता में मौजूद कांग्रेस महज 18 सीटों पर सिमट गई थी, जबकि सुखबीर सिंह बादल की शिरोमणि अकाली दल को सिर्फ 3 सीटें मिली थीं। भूपेश बघेल के उलट सचिन पायलट ने संतुलन बनाए रखने के लिए चन्नी और वडिंग दोनों के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की। सचिन पायलट ने एक इंटरव्यू में कहा था, "चन्नी के साथ मेरी सौहार्दपूर्ण मुलाकात हुई और उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि वह चुनावों के लिए पार्टी के प्रयासों में अपना पूरा समर्थन देंगे।"

    नेताओं से फीडबैक लेने के बाद कांग्रेस आलाकमान को सौंपी अपनी रिपोर्ट में सचिन पायलट ने प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की सिफारिश की। उनका स्टैंड भूपेश बघेल द्वारा दी गई रिपोर्ट के बिल्कुल विपरीत था, जिसमें उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन की संभावना को खारिज कर दिया था। पार्टी के बदलते रुख के बारे में पूछे जाने पर सचिन पायलट ने गुरुवार को कहा, "राजनीति में बदलाव के लिए कभी देर नहीं होती।"

    सिंगला का नाम सबसे आगे
    पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय इंदर सिंगला राजा वडिंग की जगह लेने की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। पंजाब के एक सांसद ने कहा, "एक हिंदू चेहरा पंजाब कांग्रेस इकाई में अस्थायी शांति ला सकता है। वडिंग के हटने से चन्नी सहज महसूस करेंगे और जाट सिखों को भी इससे कोई आपत्ति नहीं होगी।" सिंगला की संभावित नियुक्ति से चुनाव से पहले गुटबाजी से जूझ रही पंजाब कांग्रेस में सुलह की उम्मीद जताई जा रही है।

    यदि सिंगला को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाता है तो जाट सिख समुदाय के प्रमुख चेहरों प्रताप सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा को संगठन में अधिक जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं ताकि वे जट्ट सिख समुदाय के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत कर सकें।

  • पुतिन ने की PM मोदी की पहल का जिक्र, यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर

    पुतिन ने की PM मोदी की पहल का जिक्र, यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर

    मॉस्‍को
     रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 23वें वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब के मुख्य सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। पुतिन ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने का मुद्दा उठाते हैं। वे ऐसे सुझाव लेकर आते हैं, जो दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य हैं। वे इस झगड़े को शांति से और जल्द सुलझाना चाहते हैं।

     रूसी समाचार एजेंसी 'टास' की र‍िपोर्ट के अनुसार, वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब के 23वें सत्र में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा क‍ि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने का मुद्दा उठाते हैं। उन्होंने कहा, “वह बहुत अच्छे सुझाव देते हैं, जिनका मकसद ऐसे समाधान तलाशना होता है जो दोनों पक्षों को स्वीकार हों, खास तौर पर ऐसे समाधान जिन पर दोनों पक्ष सहमत हो सकें।”

    न्‍यूज एजेंसी टास के अनुसार, पुति‍न ने कहा कि भारत सरकार के प्रमुख का रुख निष्पक्ष है, लेकिन उनकी कोशिश इस संघर्ष को खत्म कराने की दिशा में है।

    उन्होंने आगे कहा, “हम भारत के प्रधानमंत्री के आभारी हैं कि वह इस संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से और जितनी जल्दी हो सके, सुलझाना चाहते हैं।”
    टास के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता बेहद सराहनीय बताया।

    उन्होंने कहा क‍ि भारतीय संस्कृति में कुछ ऐसा है जो इसे बेहद खास बनाता है। यहां एक तरफ इतनी विविधता और अलग-अलग पहचान हैं, तो दूसरी तरफ एकता भी है। इस वजह से यह निश्चित रूप से एक मिसाल है और दूसरों के लिए उदाहरण बनने लायक है।

    सत्र के दौरान पुतिन ने कहा कि रूस भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए जोखिमों, मौकों और जरूरी लक्ष्यों का वास्तविकता के आधार पर आकलन करते हुए अपना रास्ता तय करने के लिए तैयार है।

    उन्होंने कहा क‍ि निश्चित रूप से रूस दूसरे देशों और वहां के लोगों के साथ मिलकर भी इस दिशा में काम करने के लिए तैयार है।

    सत्र के दौरान पुतिन ने कहा कि मौजूदा समस्याओं के बावजूद रूस का विकास जारी है और उसकी अर्थव्यवस्था मजबूत और टिकाऊ बनी हुई है।
    उन्होंने कहा, “हमारे सामने कुछ मुश्किलें जरूर हैं, लेकिन हम उनका समाधान कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था से जुड़े बड़े आंकड़े दिखाते हैं कि हमारी अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है और हमारी वित्तीय व्यवस्था और आर्थिक संस्थाएं स्थिर तरीके से काम कर रही हैं।”

  • 2004 से 2014 के बीच भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में था अविश्वास: मुख्यमंत्री योगी

    2004 से 2014 के बीच भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में था अविश्वास: मुख्यमंत्री योगी

    जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें प्रधानमंत्री मोदी ने खाली कराईं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    लोकभवन में ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ पर आधारित नाट्य श्रृंखला मंचन कार्यक्रम को किया संबोधित
     
    मुख्यमंत्री बोले- जनधन खाते खोलने पर विपक्ष उड़ाता था खिल्ली, अब गरीब के खाते में सीधे पहुंच रहा उसका पैसा
     
    2004 से 2014 के बीच भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में था अविश्वास: मुख्यमंत्री योगी
     
    प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्ष की यात्रा बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके सेवा की यात्रा
     
    प्रदेशभर में होगा नाट्य श्रृंखला का मंचन, स्थानीय बोलियों और लोकगीतों को भी जोड़ने के निर्देश
     
     लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनधन खाते खोले जा रहे थे तो विपक्ष खिल्ली उड़ाता था कि खाली खाते खोलकर क्या होगा। आज पता चल गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें खाली कराईं और गरीब का पैसा सीधे उसके खाते तक पहुंचाया। जिनकी जेबों तक जनता का पैसा पहुंचता था, उन्हें बुरा लगना और विरोध करना स्वाभाविक है।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकभवन सभागार में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ पर आधारित नाट्य श्रृंखला मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से चल रहे सेवा संकल्प अभियान के क्रम में संस्कृति विभाग के तहत भारतेंदु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने प्रस्तुति दी।
     
    बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके 25 वर्ष

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात अक्टूबर को गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे करेंगे। यह बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके सेवा की यात्रा है। इसमें विरासत और विकास के समन्वय के साथ बिना भेदभाव योजनाओं को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाया गया।
     
    उन्होंने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने ऐसे समय गुजरात की जिम्मेदारी संभाली, जब राज्य भूकंप की त्रासदी से जूझ रहा था। इसके बाद दंगों की चुनौती भी आई। इन परिस्थितियों के बीच गुजरात तेजी से उभरते राज्य और विकास के मॉडल के रूप में सामने आया।
     
    यूपीए सरकार के दस वर्षों पर साधा निशाना
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में अविश्वास था। आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के साथ अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी चुनौतियां थीं। वर्ष 2014 में गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताया।
     
    उन्होंने कहा कि इसके बाद किसी जाति, मत, मजहब, क्षेत्र या भाषा के बजाय 140 करोड़ भारतीयों को केंद्र में रखकर योजनाएं आगे बढ़ाई गईं। पहले योजनाएं बनती थीं, लेकिन प्रभावी ढंग से जमीन तक नहीं पहुंचती थीं। आज गरीबों तक आवास, रसोई गैस, शौचालय, स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त राशन जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
     
    हवाई चप्पल वाला भी कर रहा हवाई यात्रा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवाओं के लिए स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर बने हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो और एयरपोर्ट का विस्तार हुआ है। पहले कोई प्रधानमंत्री यह दावा नहीं कर पाया कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज की यात्रा कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे केवल कहा नहीं, करके दिखाया।
     
    उन्होंने कहा कि सात अक्टूबर हर भारतीय के लिए प्रेरणा का दिन होना चाहिए। यह यात्रा 15 अगस्त 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने से जुड़ी है।
     
    प्रदेशभर में होगा नाट्य श्रृंखला का मंचन

    नाट्य प्रस्तुति में वर्ष 2001 के गुजरात भूकंप की तबाही से लेकर कच्छ के पुनर्निर्माण और नरेंद्र मोदी की जनसेवा की यात्रा को मंच पर उतारा गया। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे पूरे प्रदेश में ले जाने के निर्देश दिए।
     
    उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में भोजपुरी, मध्य क्षेत्र में अवधी, ब्रज में ब्रज भाषा और बुंदेलखंड में बुंदेलखंडी के शब्दों के साथ स्थानीय लोकगीत भी प्रस्तुति में जोड़े जाएं। मुख्यमंत्री ने बाल कलाकारों और भारतेंदु नाट्य अकादमी की टीम की सराहना की और कार्यक्रम के बाद कलाकारों के साथ तस्वीर खिंचवाई।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर नमन करते हुए श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
     

    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    कार्यक्रम में भाजपा अवध क्षेत्र के अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, लखनऊ जिलाध्यक्ष विजय मौर्य, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, भाजपा के प्रदेश मंत्री अंकुर शर्मा व योगेंद्र पटेल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, पवन सिंह चौहान और प्रदेश सरकार के सलाहकार अवनीश अवस्थी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

  • AI रिश्तों पर चीन ने कसी लगाम, चैटबॉट्स की इमोशनल बातचीत पर नए नियम लागू

    AI रिश्तों पर चीन ने कसी लगाम, चैटबॉट्स की इमोशनल बातचीत पर नए नियम लागू

    बीजिंग 

    आज के समय में AI सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है. अब कई लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स से दोस्त, पार्टनर और यहां तक कि परिवार के सदस्य की तरह बात कर रहे हैं. लेकिन चीन ने एआई के इस इस्तेमाल को लेकर बड़ा कदम उठाया है. वहां अब ऐसे AI चैटबॉट्स पर सख्त नियम लागू किए गए हैं, जो लोगों के साथ लंबे समय तक इमोशनल रिलेशनशिप जैसा कनेक्शन बनाते हैं. आइए, जानते हैं पूरे मामले के बारे में। 

    चीन में AI रिश्तों पर नए नियम
    15 जुलाई को चीन ने ऐसे एआई चैटबॉट्स के लिए नए नियम लागू किए, जो इंसानों की तरह बातचीत करते हैं और लोगों को इमोशनल सपोर्ट देते हैं. इन नियमों का मकसद AI की वजह से होने वाली इमोशनल डिपेंडेंसी और दूसरी परेशानियों को कम करना बताया गया है। 

    इन नियमों के तहत एआई को यह साफ बताना होगा कि वह इंसान नहीं है. इसके अलावा चैटबॉट्स को हर दो घंटे में यूजर को यह भी बताना होगा कि वह कितनी देर से ऑनलाइन है। 

    AI को नहीं बढ़ानी होगी इमोशनल डिपेंडेंसी
    नए नियमों के मुताबिक एआई चैटबॉट यूजर को अपने ऊपर ज्यादा निर्भर नहीं बना सकते. उन्हें ऐसी बातें करने से भी रोका गया है, जिससे यूजर AI पर इमोशनल रूप से बहुत ज्यादा निर्भर हो जाए। 

    एआई को खुद को यूजर का सबसे करीबी या एकमात्र साथी बताने जैसी चीजों से भी बचना होगा. इसके अलावा चैटबॉट्स को आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाने या उसका संकेत देने की भी इजाजत नहीं है। 

    बच्चों के लिए और सख्त नियम
    बच्चों के लिए चीन ने इन नियमों को और सख्त रखा है. 14 साल से कम उम्र के बच्चों को इंसानों की तरह बातचीत करने वाले एआई का इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता की मंजूरी चाहिए। 

    वहीं 18 साल से कम उम्र के बच्चों को AI बॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड, पति-पत्नी या किसी करीबी रिश्ते वाले वर्चुअल पार्टनर का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। 

    AI कंपनियों पर जुर्माना
    अगर कंपनियां इन नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो उन पर 2 लाख युआन तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. कुछ बड़ी टेक कंपनियों ने नियम लागू होने से पहले ही अपने एआई असिस्टेंट्स से कम्पैनियन फीचर्स हटा दिए थे। 

    AI दोस्त बन रहा है या अकेलापन बढ़ा रहा है?
    रिसर्च में एआई कम्पैनियन ऐप्स को लेकर चिंता भी सामने आई है. एक स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों के पास कम दोस्त या करीबी परिवार वाले होते हैं, उनके AI चैटबॉट इस्तेमाल करने की संभावना ज्यादा होती है. साथ ही एआई चैटबॉट के ज्यादा इस्तेमाल को अकेलेपन से भी जोड़ा गया है। 

    चीन के इस कदम ने एक बड़ी बहस शुरू कर दी है. सवाल यह है कि AI से लोगों को भावनात्मक नुकसान से बचाने के लिए कितने नियम जरूरी हैं और लोगों की निजी जिंदगी में सरकार का कितना दखल होना चाहिए। 

  • UP आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सैलरी में 25% इजाफा, ₹23,200 हुआ मासिक मानदेय

    UP आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सैलरी में 25% इजाफा, ₹23,200 हुआ मासिक मानदेय

    लखनऊ 

    बेसिक शिक्षा के जिला परियोजना कार्यालयों में आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मियों के मानदेय में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। आशुलिपिक, लेखाकार, सहायक लेखाकार, टंकक, लिपिक व कंप्यूटर ऑपरेटरों की मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। फिलहाल इन्हें बढ़े मानदेय का तोहफा मिल गया है।

    महानिदेशक स्कूल शिक्षा व राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से बढ़ा मानदेय दिए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है। आशुलिपिक व लेखाकार को अभी तक प्रति महीने 18560 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा था। अब इन्हें 23200 रुपये प्रति महीने मानदेय दिया जाएगा। सहायक लेखाकार को 11600 रुपये प्रति महीने मानदेय दिया जा रहा था और अब 14500 रुपये प्रति महीने मानदेय दिया जाएगा। टंकक, लिपिकों व कंप्यूटर ऑपरेटरों को अभी तक 11020 रुपये प्रति महीने मानदेय मिल रहा था। अब इन्हें 13775 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। बढ़ा मानदेय इन्हें अक्तूबर से देने की तैयारी है। फिलहाल, इन्हें किसी भी तरह का कोई एरियर नहीं दिया जाएगा।

    375 कर्मियों को मिलेगा मानदेय बढ़ोत्तरी का लाभ
    वर्षों से कार्य कर रहे इन कर्मियों को बड़ी राहत मिल गई है। सभी जिलों के जिला परियोजना कार्यालयों में पांच-पांच कर्मचारी कार्यरत हैं। यूपी भर में कुल 375 आउटसोर्सिंग कर्मचारी कार्यरत हैं। सेवा प्रदाता के माध्यम से कार्यरत इन कर्मियों को अब बढ़ा मानदेय दिया जाएगा। राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह बढ़ा हुआ मानदेय आउटसोर्सिंग पर कार्यरत इन कर्मियों को दिलाना सुनिश्चित करें। किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न हो और पारदर्शी ढंग से मानदेय भुगतान किया जाए।

    डेढ़ महीने पहले आउटसोर्स कर्मियों के वेतन बढ़ोतरी को मिली थी मंजूरी
    डेढ़ महीने पहले उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम में तैनात आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की मंजूरी मिली थी। इनमें कम्प्यूटर ऑपरेटर, प्रोग्रामर, लेखाकर, टैली ऑपरेटर्स का मानदेय साल में दो बार जनवरी और जुलाई माह में पांच-पांच फीसदी बढ़ाने पर फैसला हुआ था। ऐसे में परिवहन निगम मुख्यालय से लेकर क्षेत्रों में तैनात आउटसोर्स कर्मियों के बेसिक मानदेय में पांच फीसदी की बढ़ोतरी जुलाई 2026 में करते हुए अगस्त माह के वेतन में मिलने की बात कही गई थी। बतादें कि मैकेनिकों की मजूदरी तय नहींरोडवेज बसों की कार्यशाला में वाह्यस्रोत से मैकेनिक कार्य पर रखे गए है। लेकिन इनका मानदेय श्रेणीवार पुन: निर्धारण नहीं किया गया। इस संबंध में क्षेत्रों के सेवा प्रबंधकों ने मुख्यालय पत्र भेजकर बताया कि पूर्व में जिस प्रकार 7500 रुपये प्रति कार्मिक में वृद्धि करते हुए 8400 प्रति कार्मिक किया गया था।

  • माउथ ऑर्गन के महाकुंभ में जुटे हैं 16 राज्यों के 180 कलाकार

    माउथ ऑर्गन के महाकुंभ में जुटे हैं 16 राज्यों के 180 कलाकार

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि माउथ ऑर्गन भगवान कृष्ण की बांसुरी के समान है। दोनों में सातों स्वर समाहित हैं। ईश्वर ने हमारे रोम-रोम में स्वरों का स्पंदन दिया है, बारिश की बूंद के आधार पर पैदा होने वाली ध्वनि से महादेव का डमरू दुनिया का पहला वाद्य यंत्र बना। यह सौभाग्य का विषय है कि प्रदेश में महाकाल और ओंकारेश्वर 2 ज्योतिर्लिंग हैं। बाबा महाकाल हमें जीवन देते हैं और ओंकारेश्वर के ॐ की ध्वनि से ही हम संगीत का रसास्वादन करते हैं। प्रभु  राम और भगवान कृष्ण के काल से ही हमारी संस्कृति में 64 कला और 14 विधाओं का विशिष्ट स्थान रहा है। हमारे सभी देवी-देवताओं के पास कोई एक वाद्य यन्त्र अवश्य मिलता है, देवताओं के हाथों में एक ओर शस्त्र नजर आता है तो दूसरी ओर शास्त्र। इन दोनों का मेल केवल सनातन संस्कृति में ही मिल सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार 13वें भारतीय हार्मोनिका महोत्सव 2026 के अंतर्गत इंडियन माउथ ऑर्गन प्लेयर्स मीट : 2026 के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में माउथ ऑर्गन वादकों के अखिल भारतीय सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित थी।

    मध्यप्रदेश की धरती से संगीत परंपरा समृद्ध हो रही है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री की जयंती पर भोपाल में भारतीय हार्मोनिका महोत्सव के विशेष आयोजन में देश के 16 राज्यों से लगभग 180 कलाकार प्रदेश की राजधानी भोपाल में जुटे हैं। इस अद्भुत आयोजन में 7 से 87 वर्ष की आयु तक के कलाकार अपनी माउथ ऑर्गन की प्रस्तुतियों से सभी को आनंदित कर रहे हैं। यह आयोजन केवल कलाकारों का मिलन नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों की भाषाई और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आने वाले हार्मोनिका के साधकों का महाकुंभ है। वर्तमान समय में मध्यप्रदेश की धरती से संगीत परंपरा समृद्ध हो रही है। राज्य सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए कला-संस्कृति, उदयीमान कलाकारों सहित प्रत्येक क्षेत्र को आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण की बांसुरी भी माउथ ऑर्गन के जैसी थी। उज्जैन स्थित  महाकाल मंदिर में प्राचीन वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई है।

    राज्य सरकार कला संस्कृति को कर रही है प्रोत्साहित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विरासत से विकास के संकल्प के आधार पर मध्यप्रदेश सरकार कला-संस्कृति क्षेत्र को विशेष प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। प्रदेश की सांगीतिक परम्परा संगीत सम्राट तानसेन, बैजू बावरा और कुमार गंधर्व जैसी विभूतियों से समृद्ध रही है। प्रधानमंत्री  मोदी ने "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" की कल्पना की है। प्रधानमंत्री  मोदी अपने "मन की बात" कार्यक्रम में देश के प्राचीन वाद्यों के कलाकारों का जिक्र करते हैं। भारत सरकार वाद्य यंत्रों के साधकों को पद्म पुरस्कार देकर सम्मानित भी कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय गीत-संगीत की परंपरा में बंगाल के कलाकारों का विशेष योगदान रहा है। प्रसिद्ध संगीतकार आरडी बर्मन और सचिन देव बर्मन, मिलन गुप्ता, अशोक भंडारी और उनके शिष्यों ने अपनी साधना से देश-दुनिया में भारत का नाम रौशन किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती खंडवा से ही निकलकर किशोर कुमार देश के महान गायक बने। कार्यक्रम में 7 से लेकर 87 वर्ष के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियों से बांधा समां।

    कार्यक्रम में 17 वर्षीय सु सिद्धि सोनी ने महात्मा गांधी के प्रिय भजन "वैष्णव जन…" से शुरुआत कर "रघुपति राघव राजा राम" सहित अनेक भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आग्रह पर 87 वर्षीय  वी.एम. त्रिवेदी और भारतीय हार्मोनिका ग्रुप के संस्थापक  अनुपम पॉल ने "आ जा सनम मधुर चांदनी में…" जैसी सुमधुर धुनों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर कर्नाटक के बेंगलुरू से आए  सांई तेजस ने शम्मी कपूर के फिल्मी गीतों पर हार्मोनिका की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माउथ आर्गन वादकों की प्रस्तुतियों की मुक्त कंठ से सराहना की। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी  मन शुक्ला, मती कल्पना वास्तव, प्रदेश महामंत्री  गौरव रणदिवे उपस्थित थे।

     

  • ‘वैष्णव जन…’ की धुन से गूंजा भोपाल, CM मोहन यादव ने बताया संगीत साधकों का कुंभ

    ‘वैष्णव जन…’ की धुन से गूंजा भोपाल, CM मोहन यादव ने बताया संगीत साधकों का कुंभ

     भोपाल
     मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे का सभागार 2 अक्टूबर को माउथ ऑर्गन की सुरीली स्वर लहरियों से गूंज उठा। किसी ने वैष्णव जन तो…, कहता है दिल…, तो किसी ने बार-बार देखो गीत का संगीत बजाया। श्रोता बड़ी देर तक इन स्वर लहरियों में खोए रहे।

    कलाकार अनुपम पॉल और देश की सुप्रसिद्ध 17 साल की हार्मोनिका वादिका सिद्धि सोनी ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौका था यहां आयोजित 'भारतीय हार्मोनिका महोत्सव-2026' का। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हार्मोनिका महोत्सव के 13वें संस्करण का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज के इस अवसर पर रोमांचित करने वाले संगीत के साधकों का मध्यप्रदेश सरकार की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं। संगीत के प्रति आपका समर्पण अद्भुत है। संगीत भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा है।

    असल में कला जगत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 'एक भारत – श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को साकार करता है। मोदी सरकार कला और संगीत के महान साधकों को पद्म पुरस्कार प्रदान कर उनकी साधना को सम्मानित कर रही है।

    भोपाल का कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह माउथ ऑर्गन की सुरीली स्वर लहरियों से गूंज उठा। किसी ने वैष्णव जन तो…, कहता है दिल…, तो किसी ने बार-बार देखो गीत का संगीत बजाया। श्रोता बड़ी देर तक इन स्वर लहरियों में खोए रहे। कलाकार अनुपम पॉल और देश की सुप्रसिद्ध 17 साल की हार्मोनिका वादिका सिद्धि सोनी ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौका था यहां आयोजित 'भारतीय हार्मोनिका महोत्सव-2026' का। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हार्मोनिका महोत्सव के 13वें संस्करण का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया।

    भारतीय माउथ आर्गन वादकों के सम्मेलन में सीएम मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि 16 प्रदेशों से 180 प्रतिभागी वादक भोपाल आए हैं। यह एमपी का 13वां संस्करण है। पाल साहब ने गंगा किनारे कोलकाता से यह सफर शुरू किया था। जहां आप कार्यक्रम कर रहे हैं, वो राज्य तानसेन, बैजूबावरा, कुमार गंधर्व से जुड़ा है। सांदीपनी की नगरी कालों में काल महाकाल मानव सृष्टि का यह अपने आप में उदाहरण है। मोहन यादव ने कहा कि हमारे महाकाल मंदिर प्रांगण में प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इस में बताया गया था कि हमें पहला वाद्य बनाने की जो प्रेरणा मिली, जब पानी की बूंद जब तालाब पर गिरती है तो ध्वनि निकलती है तो डमरू की कल्पना हुई। यह हमारा पहला वाद्य था जो महादेव का वाद्य है। मोहन यादव ने कहा कि जैसे ही महादेव को हमने स्मरण किया, भगवान कृष्ण की बांसुरी भी जो वाद्य है। बांस में सात स्वर बनते हैं।

    साधकों का स्वागत
    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा है कि आज के इस अवसर पर रोमांचित करने वाले संगीत के साधकों का मध्यप्रदेश सरकार की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूँ। संगीत के प्रति आपका समर्पण अद्भुत है। संगीत भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा है। असल में कला जगत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “एक भारत – श्रेष्ठ भारत” की परिकल्पना को साकार करता है। मोदी सरकार कला और संगीत के महान साधकों को पद्म पुरस्कार प्रदान कर उनकी साधना को सम्मानित कर रही है।

    संगीत की विधा को ऊंचाइयों तक ले जाएगा ये कार्यक्रम
    कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि हारमोनिका एसोसिएशन द्वारा भोपाल में आयोजित देश के 13वें सम्मेलन में सहभागी देशभर से पधारे माउथ ऑर्गन कलाकारों का मध्यप्रदेश की पावन धरा पर हार्दिक स्वागत है। संगीत और कला भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत के अभिन्न अंग हैं।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कला, संगीत एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करने तथा कलाकारों को सम्मान और उचित मंच प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुझे विश्वास है कि यह सम्मेलन देशभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ संगीत की इस मधुर विधा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • ‘नशामुक्त’ मध्य प्रदेश की ओर सरकार का कदम, अमित शाह के दौरे से पहले बोले CM मोहन यादव

    ‘नशामुक्त’ मध्य प्रदेश की ओर सरकार का कदम, अमित शाह के दौरे से पहले बोले CM मोहन यादव

     भोपाल 
    मध्यप्रदेश के मु
    ख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने एक बार फिर दोहराया है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश नक्सलमुक्त हुआ है। इसी के साथ ही हमारा राज्य अब शीघ्र नशामुक्ति की ओर अग्रसर है। अमित शाह शुक्रवार रात को भोपाल पहुंचने वाले हैं, शनिवार को भोपाल में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

    डा. मोहन यादव ने यह बात गांधी जयंती के मौके पर संबोधित करते हुए कही। मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल आ रहे हैं। इस दौरान राज्य में गोपालक सम्मेलन के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने तथा आइसर के माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी के कौशल विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा का उद्घाटन समेत विभिन्न विकास कार्यों की सौगात प्रदेश को मिलेगी।

    राज्य स्तरीय गौपाल सम्मेलन भोपाल में
    राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन भोपाल में होगा। इसमें विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ और भूमिपूजन होगा। दुग्ध उत्पादकों को बोनस राशि का वितरण किया जाएगा। गौपालक दीदियों का सम्मान होगा। वहीं डा. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र का वितरण किया जाएगा।

    आजादी के बाद मिल रही है पहचान
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री को नमन किया। इसके बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि हम सबका सौभाग्य है कि आजादी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का लोकतंत्र पूरी दुनिया में सर उठाकर अपनी पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी महात्मा गांधी की भावनाओं और स्वदेशी के विचार को आगे बढ़ाते हुए देश को आत्मनिर्भरता की दिशा में ले जा रहे हैं।

    कांग्रेस ने अंग्रेजों की सोच को आगे बढ़ाया
    उन्होंने कहा कि लंबे समय तक देश पर कांग्रेस ने शासन किया, लेकिन उस दौर में अंग्रेजों की सोच और उनकी व्यवस्थाओं की विरासत को ही आगे बढ़ाया गया। आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम "मेक इन इंडिया" और "मेड इन इंडिया" की भावना के साथ स्वदेशी को आगे बढ़ाते हुए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार कर रहे हैं। यह भी हमारे लिए गर्व का विषय है कि आज हम देश की आजादी के दो नायकों की जयंती मना रहे हैं।

    कैप्टन मछार ने किया सीना गर्व से चौड़ा
    भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने इजरायल के यात्री विमान में अपनी जान की बाजी लगाकर यात्रियों की जान बचाने का अद्भुत साहस दिखाया। उनके इस गौरवपूर्ण कार्य से प्रत्येक भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। उन्होंने न केवल यात्रियों की जान बचाई, बल्कि आतंकवादियों के नापाक मंसूबों को भी तार-तार करने का काम किया। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मछार को बधाई दी है। हम सभी देश और प्रदेशवासी भी उनके इस अदम्य साहस, शौर्य और मानवता की भावना को नमन करते हैं तथा उन्हें हार्दिक बधाई देते हैं।

  • बारिश में आवागमन की परेशानी दूर, बनमुंडा-लकराघरा सड़क से मजबूत हुआ गांवों का संपर्क

    बारिश में आवागमन की परेशानी दूर, बनमुंडा-लकराघरा सड़क से मजबूत हुआ गांवों का संपर्क

    रायपुर : बनमुंडा-लकराघरा सड़क निर्माण से ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत, शिक्षा-स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच हुई आसान

    मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से 1.70 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण पूरा

    बरसात में आवागमन की परेशानी हुई दूर, गांवों के बीच सड़क संपर्क हुआ मजबूत

    रायपुर, 

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में सड़क संपर्क को मजबूत करने और आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में फरसाबहार तहसील क्षेत्र के बनमुंडा से लकराघरा मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 1 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस सड़क से क्षेत्र के ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही पक्की सड़क की मांग पूरी हुई है।

    नई सड़क से ग्रामीणों के लिए दैनिक आवागमन आसान होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच अधिक सुविधाजनक हुई है। सड़क निर्माण से गांवों के बीच संपर्क भी मजबूत हुआ है, जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों, किसानों, मजदूरों और स्थानीय ग्रामीणों को मिल रहा है।

    बरसात में कीचड़ और जलभराव से मिली राहत
    बनमुंडा-लकराघरा मार्ग क्षेत्र के ग्रामीणों के दैनिक आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। पक्की सड़क नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में यहां आवाजाही चुनौतीपूर्ण हो जाती थी। कीचड़ और जलभराव के कारण दोपहिया सहित अन्य वाहनों के आवागमन में परेशानी होती थी। इसका असर विद्यार्थियों, किसानों, मजदूरों और रोजमर्रा के जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों पर पड़ता था।
    सड़क निर्माण पूरा होने के बाद अब ग्रामीणों को इन समस्याओं से राहत मिली है। बेहतर सड़क संपर्क से गांवों के बीच आवाजाही सुगम हुई है और ग्रामीणों के लिए स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाओं, बाजार तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है।

    लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर ग्रामीणों में खुशी
    बनमुंडा-लकराघरा सड़क का निर्माण पूर्ण होने पर क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि पक्की सड़क बनने से विशेष रूप से बरसात के दिनों में आवागमन में होने वाली परेशानी से बड़ी राहत मिली है।
    ग्रामीणों ने कहा कि सड़क बनने से गांवों के बीच संपर्क मजबूत होने के साथ दैनिक जरूरतों के लिए आने-जाने में सुविधा बढ़ी है। बेहतर सड़क संपर्क क्षेत्र के विकास के साथ ग्रामीणों के दैनिक जीवन को अधिक सुगम बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • सेवा संकल्प अभियान में बड़ा लक्ष्य, नगरीय निकायों में BLC कैंप से 30 हजार आवास होंगे स्वीकृत

    सेवा संकल्प अभियान में बड़ा लक्ष्य, नगरीय निकायों में BLC कैंप से 30 हजार आवास होंगे स्वीकृत

    सेवा संकल्प अभियान-प्रदेशभर के नगरीय निकायों में लगेंगे BLC कैंप

    17 अक्टूबर तक 30 हजार नवीन आवासों की स्वीकृति का लक्ष्य

    भोपाल

    प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को पक्के आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जा रहा है। यह विशेष अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत आगामी 17 अक्टूबर तक प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 30 हजार नवीन आवासों की स्वीकृति देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    BLC कैंपों के माध्यम से हितग्राहियों को दी जाएगी सुविधा

    निर्धारित लक्ष्य की समयसीमा में पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर के नगरीय निकायों में विशेष BLC (Beneficiary Led Construction) कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। इन कैंपों का मुख्य उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक योजना की संपूर्ण जानकारी पहुंचाना, पात्रता मानदंडों और आवश्यक दस्तावेजों से अवगत कराना तथा आवास स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाना है।

    नगरीय निकायों के लिए निर्धारित किए गए न्यूनतम लक्ष्य

    नगरीय विकास एवं आवास विभाग आयुक्त संकेत भोंडवे ने सभी नगरीय निकायों को समयसीमा में लक्ष्य हासिल करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत प्रशासनिक स्तर पर नगर परिषदों को न्यूनतम 50 नवीन आवास, नगर पालिकाओं को न्यूनतम 100 नवीन आवास तथा नगर पालिका निगमों को न्यूनतम 500 नवीन आवासों की स्वीकृति का लक्ष्य दिया गया है।

    किस्त वितरण में तेजी और निर्माण कार्यों को गति देने के निर्देश

    आयुक्त भोंडवे ने BLC कैंपों के जरिए अधिक से अधिक पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्व में स्वीकृत आवासों के पात्र हितग्राहियों को प्रथम एवं द्वितीय किस्त का शत-प्रतिशत और समय पर वितरण सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके और हितग्राहियों को आर्थिक सहायता सुलभ हो सके।

    प्रदेश सरकार का उद्देश्य सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों में हर पात्र परिवार तक पक्के मकान का लाभ पहुंचाना और योजना के क्रियान्वयन को अधिक पारदर्शी एवं व्यापक बनाना है।