Tag: featured

  • राजस्थान में पंचायत चुनाव का बिगुल, चार चरणों में मतदान; जानें नामांकन से वोटिंग तक पूरा शेड्यूल

    राजस्थान में पंचायत चुनाव का बिगुल, चार चरणों में मतदान; जानें नामांकन से वोटिंग तक पूरा शेड्यूल

    जयपुर
     राजस्थान में निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब पंचायत चुनाव का ऐलान हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने मीडिया से रूबरू होकर पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव का पूरा शेड्यूल जारी किया। चुनाव की तिथियों का ऐलान होने के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है। अगले दो महीने तक चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक आचार संहिता प्रभावी रहेगी।

    नामांकन 8 अक्टूबर से
    मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि पंच सरपंच और जिला परिषद सदस्यों के लिए 8 अक्टूबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर है। 15 अक्टूबर तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। जिला प्रमुख के चुनाव 25 नवंबर को होंगे। पंचायती राज संस्थाओं की चुनावी प्रक्रिया 28 नवंबर को पूरी हो जाएगी।

    जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य चुनाव कार्यक्रम

    चरण / प्रक्रिया अधिसूचना (Notification) नामांकन अंतिम तिथि नाम वापसी व प्रतीक आवंटन मतदान तिथि (सुबह 7 से शाम 6 बजे)
    प्रथम चरण 08.10.2026 (गुरुवार) 13.10.2026 (दोपहर 3 बजे) 15.10.2026 23.10.2026 (शुक्रवार)
    द्वितीय चरण 13.10.2026 (मंगलवार) 16.10.2026 (दोपहर 3 बजे) 19.10.2026 29.10.2026 (गुरुवार)
    तृतीय चरण 19.10.2026 (सोमवार) 23.10.2026 (दोपहर 3 बजे) 26.10.2026 04.11.2026 (बुधवार)
    चतुर्थ चरण 31.10.2026 (शनिवार) 04.11.2026 (दोपहर 3 बजे) 06.11.2026 14.11.2026 (शनिवार)

     

    पंच एवं सरपंच चुनाव कार्यक्रम (बैलेट पेपर से)

    चरण अधिसूचना नामांकन, जांच व प्रतीक आवंटन मतदान व मतगणना तिथि उपसरपंच चुनाव
    प्रथम चरण 08.10.2026 24.10.2026 (सुबह 11 से दोपहर 3 बजे) 25.10.2026 (रविवार) 26.10.2026
    द्वितीय चरण 13.10.2026 30.10.2026 (सुबह 11 से दोपहर 3 बजे) 31.10.2026 (शनिवार) 01.11.2026
    तृतीय चरण 19.10.2026 05.11.2026 (सुबह 11 से दोपहर 3 बजे) 06.11.2026 (शुक्रवार) 07.11.2026
    चतुर्थ चरण 31.10.2026 15.11.2026 (सुबह 11 से दोपहर 3 बजे) 16.11.2026 (सोमवार) 17.11.2026

    सरपंच और पंच पद की मतगणना मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद उसी दिन होगी।

    Playing Picture-in-picture

    Diwali Special Train 2026: दिवाली पर मिलेगा कंफर्म टिकट, रेलवे ने 10 स्पेशल ट्रेन की शुरू

    मतगणना एवं शीर्ष पदों के चुनाव की तिथियां

    • जिला परिषद व पंचायत समिति मतगणना: 20 नवंबर 2026 (शुक्रवार) प्रातः 8:00 बजे से
    • प्रधान का चुनाव: 25 नवंबर 2026 (बुधवार)
    • उप प्रधान का चुनाव: 26 नवंबर 2026 (गुरुवार)
    • जिला प्रमुख का चुनाव: 27 नवंबर 2026 (शुक्रवार)
    • उप जिला प्रमुख का चुनाव: 28 नवंबर 2026 (शनिवार)
    • इसी के साथ चुनावी प्रक्रिया संपन्न होगी

     

    महिला आरक्षण और वर्गवार समीकरण 

    पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू होने से ग्रामीण निकायों में महिलाओं की बड़ी भागीदारी रहेगी।

    • महिला सरपंच: कुल 14,403 ग्राम पंचायतों में से 7,201 ग्राम पंचायतों में महिलाएं सरपंच बनेंगी।
    • महिला वार्ड पंच: 1,30,584 वार्डों में से 65,000 से अधिक वार्ड पंच महिलाएं होंगी।
    • महिला प्रमुख व प्रधान: 41 जिलों में से 20 जिलों में महिला जिला प्रमुख और 457 पंचायत समितियों में से 227 महिला प्रधान चुनी जाएंगी।
    • एसटी आरक्षित जिले: बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर जिलों में सरपंच के सभी पद अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
    • वर्गवार सरपंच पद आरक्षण: ST – 3,058 | SC – 2,493 | OBC – 1,961 पद।
    • मुख्य बिंदु और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश
    • मतदाता संख्या: कुल मतदाता संख्या में 2.08 करोड़ पुरुष मतदाता शामिल हैं। जयपुर जिला परिषद में सबसे अधिक, जबकि जैसलमेर में सबसे कम मतदाता हैं। खंडेला सबसे बड़ी पंचायत समिति है।
    • मतदान केंद्र व स्टाफ: कुल 45,384 मतदान केंद्रों पर 3.17 लाख कर्मचारी चुनाव संपन्न कराएंगे। बुजुर्ग और दिव्यांग वोटरों के लिए घर से लाने-ले जाने की व्यवस्था होगी।
    • पहचान पत्र: मतदान के लिए मतदाता पहचान पत्र (EPIC) के अलावा 11 वैकल्पिक दस्तावेज़ मान्य होंगे।
    • चुनावी खर्च सीमा: जिला परिषद सदस्य हेतु रुपये 3 लाख, पंचायत समिति सदस्य हेतु रुपये 1.50 लाख तथा सरपंच पद हेतु रुपये 1 लाख की खर्च सीमा तय की गई है।
    • कड़े नियम: नामांकन के दौरान रैली निकालने और जीत के बाद विजय जुलूस निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सरकारी स्तर पर नए कार्यादेश जारी करने पर रोक रहेगी।

     

    महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण
    निकाय चुनाव में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिला था जबकि पंचायती राज संस्थाओं में 50 फीसदी आरक्षण का नियम है। ऐसे में गांव की सरकार में महिलाओं का बोलबाला होगा। वार्ड पंच, सरपंच, उप सरपंच, प्रधान और प्रमुख की कुर्सियों में ज्यादातर जगह महिलाएं ही नजर आने वाली है क्योंकि उन्हें 50 फीसदी आरक्षण प्राप्त है और कई अन्य ग्राम पंचायतों और जिलों में भी महिलाओं नेत्रियां राजनीति में सक्रिय हैं। वे भी चुनाव मैदान में उतरने वाली हैं।

    7201 गांवों में महिलाएं बनेंगी सरपंच
    प्रदेश में कुल 14,403 ग्राम पंचायतें हैं जहां सरपंच और उपसरपंच के चुनाव होने हैं। पंचायती राज संस्थानों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण का नियम लागू है। ऐसे में 14,403 में से 7201 ग्राम पंचायतों में महिलाएं सरपंच बनने वाली हैं। इन ग्राम पंचायतों में कुल 1 लाख 30 हजार 584 वार्ड हैं जहां पंच चुने जाएंगे। आरक्षण के हिसाब से करीब 65 हजार से ज्यादा महिलाएं वार्ड पंच बनने वाली हैं।

    20 जिलों में प्रमुख बनेंगी महिलाएं
    राजस्थान में कुल 41 जिले हैं। इनमें से 20 जिलों में महिलाएं जिला प्रमुख बनेंगी। जिला परिषद सदस्यों के कुल 1,403 पदों पर और पंचायत समिति के सदस्य के 8,245 पदों पर चुनाव होने हैं। आरक्षण व्यवस्था के मुताबिक जिस तरह से 20 जिलों में महिलाएं प्रमुख बनेंगी। उसी तरह 457 प्रधानों में से 227 पंचायतों में महिला प्रधान बनेंगी।

    4 जिलों में सरपंच के सभी पद एसटी वर्ग के लिए आरक्षित
    पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में महिलाओं के साथ अन्य वर्गों को आरक्षण प्राप्त है। सरपंचों के कुल पदों में से अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 3058, अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 2,493 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 1,961 पद आरक्षित हैं। इसी तरह से वार्ड पंचों के कुल पदों में से 21,962 पद एससी, 19,117 पद एसटी और करीब 15 हजार पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर ऐसे जिले हैं जहां सरपंच के सभी पद एसटी वर्ग के लिए आरक्षित है।

     

     
  • भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने किया मुख्यमंत्री साय का आत्मीय स्वागत

    भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने किया मुख्यमंत्री साय का आत्मीय स्वागत

    वैश्विक निवेश मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की मजबूत पहचान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

    SING फोरम 2026 में सहभागिता के लिए सिंगापुर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने किया मुख्यमंत्री साय का आत्मीय स्वागत

    वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत होंगी छत्तीसगढ़ की उपलब्धियां, विकास की संभावनाएं और निवेश के अवसर

    CEO राउंडटेबल में सिंगापुर के प्रमुख निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से होगी चर्चा

    रायपुर 
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राज्य में निवेश की नई संभावनाओं को विस्तार देने के उद्देश्य से आज सिंगापुर पहुंचे। सिंगापुर पहुंचने पर भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने मुख्यमंत्री साय का आत्मीय स्वागत किया।

    मुख्यमंत्री साय सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा आयोजित प्रथम SING फोरम 2026 में छत्तीसगढ़ की ओर से सहभागिता करेंगे। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच के माध्यम से वैश्विक निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, विकास की अपार संभावनाओं और प्रदेश में उपलब्ध आकर्षक निवेश अवसरों को प्रस्तुत किया जाएगा।

    SING फोरम 2026 के दौरान आयोजित CEO राउंडटेबल में मुख्यमंत्री साय सिंगापुर के प्रमुख निवेशकों एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा करेंगे। इस दौरान प्रदेश में निवेश की संभावनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को प्रमुखता से रखा जाएगा।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का दृढ़ प्रयास है कि नई औद्योगिक नीति, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, सुदृढ़ अधोसंरचना, कुशल मानव संसाधन तथा उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि वैश्विक निवेश मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की मजबूत पहचान बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

    मुख्यमंत्री साय की SING फोरम 2026 में सहभागिता वैश्विक निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ की विकास संभावनाओं और निवेश अवसरों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर होगी।

  • मां-पिता को कम उम्र में खोया, नहीं मानी हार; अमन सहरावत ने एशियन गेम्स में रचा गोल्डन इतिहास

    मां-पिता को कम उम्र में खोया, नहीं मानी हार; अमन सहरावत ने एशियन गेम्स में रचा गोल्डन इतिहास

     नागोया
    गोया में भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने आखिरकार एशियन गेम्स के मेडल का रंग बदल दिया. 23 साल के अमन ने पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में गोल्ड मेडल जीत लिया. शनिवार को फाइनल में उन्होंने नॉर्थ कोरिया के वर्ल्ड चैम्प‍ियन चोंग सोंग हान को 11-7 से हराया। 

    अमन ने मुकाबले में शानदार रणनीति दिखाई और हान की हर कोशिश का जवाब दिया. नॉर्थ कोरियाई पहलवान ने भारतीय पहलवान को पछाड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन अमन पूरे मुकाबले में नियंत्रण बनाए रखने में सफल रहे। 

    फाइनल से पहले अमन ने सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्यूब्स्की को 14-8 से हराया था. इस जीत के साथ उन्होंने पहली बार एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने का मौका बनाया और फाइनल में उसे हासिल भी कर लिया। 

    अमन ने 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. अब उन्होंने उसी मेडल का रंग बदलकर गोल्ड कर दिया. शुक्रवार को सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता था, यानी कुश्ती में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। .

    10 साल की उम्र में मां को खोया
    अमन सहरावत का सफर बेहद संघर्ष भरा रहा है. उन्होंने 10 साल की उम्र में अपनी मां को खो दिया था और इसके एक साल बाद पिता का भी निधन हो गया. इसके बाद उनके चाचाओं ने उनका साथ दिया. हरियाणा के बिरोहर के मिट्टी वाले अखाड़ों से अमन की कुश्ती की शुरुआत हुई। 

    बाद में वह दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम पहुंचे, जहां कोच ललित कुमार के मार्गदर्शन में उनकी कुश्ती निखरी. अमन की पहचान उनकी तेज रफ्तार, आक्रामक अंदाज और लगातार मूवमेंट वाली कुश्ती से बनी। 

    सबसे कम उम्र के ओलंपिक मेडलिस्ट बने
    अमन ने 2018 और 2019 में अंडर-17 वर्ल्ड चैम्प‍ियनशिप में ब्रॉन्ज जीता. 2019 में अंडर-17 एशियन चैम्प‍ियनशिप का गोल्ड भी उनके नाम रहा. 2022 में उन्होंने अंडर-23 वर्ल्ड चैम्प‍ियनशिप और अंडर-23 एशियन चैम्प‍ियनशिप में गोल्ड जीता। 

    मई 2024 में इस्तांबुल में हुए वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट में उन्होंने 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में भारत का ओलंपिक कोटा हासिल किया. पेरिस ओलंपिक से पहले वह रोज करीब आठ घंटे ट्रेनिंग कर रहे थे। 

    पेरिस 2024 में अमन ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के सबसे कम उम्र के व्यक्तिगत ओलंपिक मेडलिस्ट बनने का गौरव हासिल किया। 

    हार से वापसी, अब एशियन गेम्स GOLD
    पेरिस के बाद भी अमन का सफर आसान नहीं रहा. चोट के कारण वह एशियन चैम्प‍ियनशिप में नहीं उतर सके. इसके बाद मंगोलिया के रैंकिंग टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज जीता और तीन हफ्ते से भी कम समय बाद जून 2025 में तुर्की की इंटरनेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड हासिल किया। 

    2025 वर्ल्ड चैम्प‍ियनशिप में पेट की बीमारी के कारण वह वजन नहीं कर पाए और मुकाबले से पहले ही डिस्क्वालिफाई हो गए। 

    अब एशियन गेम्स में वर्ल्ड चैम्प‍ियन को हराकर अमन ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है. उनके खाते में अब ओलंपिक ब्रॉन्ज के साथ एशियन गेम्स गोल्ड भी है। 

    अमन सहरावत की प्रमुख उपलब्धियां

        2024 ओलंपिक- ब्रॉन्ज
        2026 सीनियर एशियन चैम्प‍ियनशिप- सिल्वर
        2023 एशियन गेम्स- ब्रॉन्ज
        2023 सीनियर एशियन चैम्प‍ियनशिप- गोल्ड
        2022 अंडर-23 वर्ल्ड चैम्प‍ियनशिप- गोल्ड
        2022 अंडर-23 एशियन चैम्प‍ियनशिप- गोल्ड
        2022 अंडर-20 एशियन चैम्प‍ियनशिप- ब्रॉन्ज
        2018 और 2019 अंडर-17 वर्ल्ड चैम्प‍ियनशिप- ब्रॉन्ज
        2019 अंडर-17 एशियन चैम्प‍ियनशिप- गोल्ड

     

  • मध्य प्रदेश में चीतों का तीसरा घर तैयार, नौरादेही में 7 अक्टूबर को छोड़े जाएंगे 2 चीते

    मध्य प्रदेश में चीतों का तीसरा घर तैयार, नौरादेही में 7 अक्टूबर को छोड़े जाएंगे 2 चीते

    नौरादेही 

    मध्यप्रदेश में चीतों का कुनबा अब बुंदेलखंड तक बढ़ने जा रहा है। चीता स्टीयरिंग कमेटी ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) में 4 चीतों को बसाने की मंजूरी दे दी है। शुरुआत 7 अक्टूबर को 2 चीतों से होगी। कूनो नेशनल पार्क से नर थोलो और मादा CCB-3 को नौरादेही लाया जाएगा। CCB-3 गांधी सागर में छोड़ी गई राधा की बहन है। सीएम डॉ. मोहन यादव दोनों को रिलीज करेंगे। इसी दिन नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 25 साल पूरे हो रहे हैं। नौरादेही के साथ प्रदेश में चीतों के 3 ठिकाने-कूनो, गांधी सागर और नौरादेही हो जाएंगे।

    पहले गुजरात में बसाने की तैयारी थी, अब नौरादेही पर राजी Q. नौरादेही ही क्यों चुना, कितना बड़ा इलाका है? – वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व 2,340 वर्ग किमी में फैला मप्र का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। यहां खुले जंगल और लंबे घास के मैदान हैं। यह नर्मदा, बेतवा और केन नदी प्रणालियों का कैचमेंट भी है। Q. चीते कहां रहेंगे, सुरक्षा की क्या तैयारी है? – पहले 439 हेक्टेयर के सॉफ्ट रिलीज बोमा में रखेंगे। यह भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क जितना बड़ा है। 5 हिस्सों वाले बोमा में पावर फेंसिंग और 24 घंटे ट्रैकिंग की व्यवस्था है। Q. पहले गुजरात के बन्नी भेजने का प्लान था? – गुजरात के बन्नी ग्रासलैंड में भी चीते बसाने की तैयारी चल रही है, लेकिन वहां रिलीज की तारीख तय नहीं है। 7 अक्टूबर को नौरादेही में पहला जोड़ा पहुंच जाएगा।

    गुजरात के बन्नी से पहले नौरादेही चुना
    गुजरात के बन्नी ग्रासलैंड में भी चीतों को बसाने की तैयारी चल रही है। हालांकि बन्नी ग्रासलैंड में चीतों को रिलीज करने की तारीख अभी तय नहीं हुई है। इस बीच मध्यप्रदेश के नौरादेही में 7 अक्तूबर को यहां पहला जोड़ा पहुंच जाएगा। पहले चार चीतों की मंजूरी में से शुरुआती दो चीतों के आने के बाद नौरादेही चीतों का नया प्राकृतिक घर बन जाएगा। वन विभाग ने इसके लिए सभी जरूरी मैदानी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

    वन्यजीव संरक्षण को नई गति
    मध्यप्रदेश में कूनो और गांधी सागर के बाद नौरादेही में चीतों की पुनर्स्थापना से वन्यजीव संरक्षण को नई गति मिलेगी। विशाल घास के मैदानों और समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र से युक्त यह क्षेत्र चीतों के अनुकूल पाया गया है। चीता स्टीयरिंग कमेटी की मंजूरी मिलने के बाद अब 7 अक्तूबर का दिन प्रदेश के वन्यजीव इतिहास में नया अध्याय जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा चीतों को सॉफ्ट रिलीज बोमा में छोड़े जाने के साथ ही बुंदेलखंड की धरती पर चीतों की चहल-पहल शुरू हो जाएगी।

    नौरादेही और गुजरात भी बनेगा नया ठिकाना
    गांधीसागर के अलावा चीतों को गुजरात के बन्नी सेंचुरी ओर रानी दुर्गावर्ती टाइगर रिजर्व नौरादेही भी भेजे जाने की तैयारी है. इन दोनों ही स्थानों पर चीतों को रखे जाने की प्रारंभिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. बन्नी सेंचुरी में सवाना जैसी परिस्थितियों वाला सॉफ्ट रिलीज एनक्लोजर तैयार किया गया है. यहां के घास के मैदान चीतों को खासे पसंद आ सकते हैं. कच्छ जिले में मौजूद बन्नी ग्रासलैंड एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक घास का मैदान है. यहां 600 हेक्टेयर में बाड़ा तैयार किया गया है और चीतल, सांभर जैसे शाकाहारी जानवरों की संख्या बढ़ाई गई है. उधर, नौरादेही में 35 किलोमीटर चैनलिंग फैसिंग का काम भी अंतिम चरण में है। 

  • MP Weather Update: अक्टूबर में दिखा मौसम का दोहरा रंग, रातें ठंडी और दिन में तपन बढ़ी

    MP Weather Update: अक्टूबर में दिखा मौसम का दोहरा रंग, रातें ठंडी और दिन में तपन बढ़ी

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश में मानसून का दौर खत्म होते ही मौसम ने करवट ले ली है। अक्टूबर की शुरुआत में प्रदेश में दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। रातें ठंडी हो रही हैं, जबकि दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास बढ़ गया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड हुआ है। बीती रात अमरकंटक में पारा 17.1 डिग्री, शाजापुर में 17.3, धार में 17.5, इंदौर और पचमढ़ी में 17.6 तथा भोपाल और उज्जैन में 18 डिग्री दर्ज हुआ। दूसरी ओर, दिन में बड़वानी, धार, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम में तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच रहा है। यानी प्रदेश में सुबह-रात ठंडक और दोपहर में गर्मी का असर दिखाई देने लगा है।

    अगले तीन दिन तेज धूप, बारिश के आसार नहीं
    मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के मुताबिक, 3, 4 और 5 अक्टूबर को प्रदेश में बारिश के आसार नहीं हैं। इन दिनों अधिकांश हिस्सों में धूप खिली रहेगी। 6 अक्टूबर से पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में बूंदाबांदी का अनुमान है।

    मानसून की विदाई भी शुरू होगी
    30 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य समय पूरा हो चुका है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, फिलहाल मानसून वापसी की रेखा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से गुजर रही है। मध्य प्रदेश में यह ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के ऊपर बनी हुई है। अगले 2-3 दिन में प्रदेश से मानसून की वापसी शुरू होने के संकेत हैं। पहले उज्जैन और ग्वालियर-चंबल, इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से मानसून विदा हो सकता है। 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून की विदाई संभव है। 

    अक्टूबर में सामान्य से ज्यादा गर्म रह सकते हैं दिन
    मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, अक्टूबर के पहले पखवाड़े में रात के तापमान में गिरावट आती है, जबकि दिन में गर्मी बनी रहती है। इसे मौसम के बदलाव का दौर माना जाता है। इस बार भी इसी तरह का मौसम देखने को मिल रहा है। अक्टूबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है।

    मानसून ने छोड़ी 4 फीसदी बारिश की कमी
    इस बार मानसून सीजन में प्रदेश में 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच है। इस हिसाब से प्रदेश में करीब 4 फीसदी कम बारिश हुई। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4 फीसदी ज्यादा, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई। जून में 14 फीसदी कम बारिश इसका बड़ा कारण रही। जुलाई में अच्छी बारिश के बाद भी मानसून के दो ब्रेक आए। सितंबर के आखिरी सप्ताह में बारिश का दौर फिर मजबूत हुआ, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल मिलाकर 4 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। वहीं पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में कमी बनी हुई है। 

  • क्रिकेट में रोहित शर्मा ने रचा नया इतिहास, बतौर ओपनर 10,000 रन पूरे कर सचिन को पीछे छोड़ा

    क्रिकेट में रोहित शर्मा ने रचा नया इतिहास, बतौर ओपनर 10,000 रन पूरे कर सचिन को पीछे छोड़ा

    चंडीगढ़
    भारत के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा ने शनिवार को न्यू चंडीगढ़ में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में दो रन बनाते ही इतिहास रच डाला। वह वनडे क्रिकेट में बतौर ओपनर सबसे तेज 10 हजार रन कंप्लीट करने वाले प्लेयर बन गए हैं। उन्होंने 202 पारियों में यह कीर्तिमान हासिल किया। 'हिटमैन' के नाम से मशहूर रोहित ने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त किया है। सचिन ओपनर के रूप में 214 पारियों में 10 हजारी बने थे। उनके बाद वेस्टइंडीज के पूर्व धाकड़ ओपनर क्रिस गेल (268 पारी) और श्रीलंका के पूर्व खतरनाक सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या (303 पारी) हैं। वनडे इतिहास में सिर्फ चार क्रिकेटर ही बतौर ओपनर 10 हजार या उससे अधिक रनों का आंकड़ा पार कर पाए हैं।

    रोहित शर्मा इस लिस्ट में चौथे नंबर पर
    39 वर्षीय वनडे क्रिकेट में बतौर ओपनर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में फिलहाल चौथे स्थान पर हैं। उनसे आगे गेल हैं, जिन्होंने 10179 रन बटोरे। जयसूर्या 12740 रनों के साथ दूसरे नंबर हैं। सचिन ने 15310 रन बनाए। टॉप 10 लिस्ट में तीन भारतीय शामिल हैं। भारत के पूर्व कप्तान सौर गांगुवी ने सलामी बल्लेबाज के रूप में 9146 रन जुटाए। बता दें कि रोहित ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में शतक जमाया था। उन्होंने गुवाहाटी में 75 गेंदों में 101 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 6 सिक्स थे। यह उनके वनडे करियर का 35वां शतक था।

    वनडे क्रिकेट इतिहास में बतौर ओपनर सबसे ज्यादा रन

    15310 – सचिन तेंदुलकर (भारत)

    12740 – सनथ जयसूर्या (श्रीलंका)

    10179 – क्रिस गेल (वेस्टइंडीज)

    10000 – रोहित शर्मा (भारत)

    9200 – एडम गिलक्रिस्ट (ऑस्ट्रेलिया)

    9146 – सौरव गांगुली (भारत)

    8648 – डेसमंड हेन्स क्रिस गेल (वेस्टइंडीज)

    8357 – तमीम इकबाल (बांग्लादेश)

    8156 – सईद अनवर (पाकिस्तान)

    8083 – हाशिम अमला (साउथ अफ्रीका)

    रोहित ने पहली बार कब ओपनिंग की?
    रोहित ने सितंबर 2007 में वनडे डेब्यू किया था। हालांकि, रोहित को लंबे समय बाद ओपनिंग करना का चांस मिला। उन्होंने वनडे में पहली बार पारी की शुरुआथ जनवरी 2011 में साउथ अफ्रीका दौरे पर की। रोहित ने तीन मैचों में ओपनिंग की लेकिन कुछ कास प्रभाव नहीं छोड़ पाए। वह उसके बाद टीम से अंदर-बाहर होते रहे। रोहित को फिर जनवरी 2013 में ओपनर के तौर पर आजमाने का फैसला किया गया, जिसके बाद 'हिटमैन' ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह टेस्ट और टी20 इंटरनेलनल से संन्यास ले चुके हैं और भारत के लिए सिर्फ वनडे में एक्टिव हैं।

  • MP में श्रमिकों को राहत, 50 लाख कामगारों का बढ़ा DA; उद्योगों और सरकारी विभागों में मिलेगा लाभ

    MP में श्रमिकों को राहत, 50 लाख कामगारों का बढ़ा DA; उद्योगों और सरकारी विभागों में मिलेगा लाभ

    भोपाल 

    प्रदेश के सरकारी और निजी सेक्टर में काम करने वाले करीब 50 लाख श्रमिकों को एक अक्टूबर से 6 रुपए प्रतिदिन के मान से बढ़ा हुआ परिवर्तनशील महंगाई भत्ता दिया जाएगा।श्रम विभाग ने प्रदेश के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन दरों में बदलाव कर दिया है। 27 मार्च 2027 तक लागू रहने वाली इन नई दरों में बदलाव में सरकारी क्षेत्रों के 10 लाख और निजी सेक्टर खासतौर पर उद्योगों में काम कने वाले करीब 40 लाख श्रमिकों को न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के अंतर्गत यह लाभ मिलेगा, इसमें परिवर्तनशील महंगाई भत्ता भी शामिल है।

    श्रमायुक्त ने यह बदलाव महंगाई सूचकांक के आधार पर किया है। श्रमायुक्त शीतला पटले द्वारा जारी आदेश में नई न्यूनतम वेतन दरें प्रतिदिन श्रम के आधार पर तय की गई हैं, जिसमें 67 सामान्य नियोजन में काम करने वाले श्रमिकों को 26 दिन के आधार पर न्यूनतम वेतन इस तरह दिया जाएगा।

    इन 67 कैटेगरी में काम करने वालों को इसी आधार पर आने वाले समय में वेतन मिलेगा। अकुशल श्रमिक को महीने में 12575, अर्द्धकुशल श्रमिक को 13571, कुशल श्रमिक को 15294 और उच्च कुशल श्रमिक को 16919 रुपए प्रतिमाह वेतन मिलेगा जो 26 दिन के मान से दिया जाएगा।

    मुद्रणालय (प्रिंटिंग प्रेस) और कृषि सेक्टर में काम करने वालों का वेतन
    लिपिकीय वर्ग में अकुशल श्रमिक को ₹484, श्रेणी 1 को ₹588, श्रेणी 2 को ₹522 रुपए 26 दिन के मान से मासिक वेतन मिलेगा। उच्च कुशल श्रमिक को ₹651 मिलेंगे और इसमें भी श्रेणी एक को 648 रुपए, श्रेणी दो के श्रमिक को 634 और श्रेणी तीन के श्रमिक को 588 रुपए मिलेंगे। अर्द्धकुशल कैटेगरी में श्रेणी एक के श्रमिक को 588 और श्रेणी दो के श्रमिक को 522 रुपए प्रति दिन मिलेंगे।

    अगरबत्ती श्रमिकों के लिए नई दरें:

    अगरबत्ती रोलिंग (1000 अगरबत्ती रोल करने पर)- कुल ₹74.75

    सुगंधित (सेंटेड) स्टिक- कुल ₹75

    छह माह पहले बढ़ाए थे 9 रुपए प्रतिदिन
    श्रम विभाग ने 1 अप्रैल 2026 से नई न्यूनतम वेतन दरें लागू की थीं। इसमें परिवर्तनशील महंगाई भत्ते के कारण श्रमिकों के वेतन में औसतन ₹9 प्रतिदिन यानी करीब ₹234 मासिक की बढ़ोतरी हुई थी। इसका फायदा सरकारी विभागों के करीब 10 लाख और निजी सेक्टर व उद्योगों के लगभग 40 लाख श्रमिकों को हुआ था।

  • साइबर अपराध से माफिया नेटवर्क तक यूपी पुलिस की कार्रवाई, 23 हजार से ज्यादा इनामी गिरफ्तार

    साइबर अपराध से माफिया नेटवर्क तक यूपी पुलिस की कार्रवाई, 23 हजार से ज्यादा इनामी गिरफ्तार

    योगी सरकार में अपराधियों पर शिकंजा, 23 हजार से अधिक इनामी गिरफ्तार, 15,233 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त

    साइबर अपराध पर कार्रवाई से लेकर माफिया की संपत्ति जब्ती तक, यूपी पुलिस का दिखा एक्शन मोड

    साइबर अपराध की रोकथाम में यूपी सबसे आगे निकला, 874.58 करोड़ रुपये की धनराशि फ्रीज कराई

    इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी और माफिया नेटवर्क पर प्रहार, बीमारू से सुरक्षित प्रदेश बना यूपी

    लखनऊ

     उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए योगी सरकार में पुलिस और प्रशासन ने कई स्तरों पर कार्रवाई की है। साइबर अपराध के मामलों में 874 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की धनराशि फ्रीज या होल्ड कराई गई। वहीं 23,601 इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं गैंगस्टर एक्ट के तहत 15,233 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अवैध चल-अचल संपत्तियां जब्त की गई हैं।

    साइबर अपराध पर कार्रवाई में देश में पहला स्थान
    यूपी पुलिस साइबर अपराध की रोकथाम के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम थाने संचालित कर रही है। इसके साथ ही सभी जनपदों के पुलिस थानों में साइबर सेल और हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। साइबर अपराध पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से अगस्त 2019 से जून 2026 तक 874 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की धनराशि फ्रीज या होल्ड कराई गई। इन उपलब्धियों के आधार पर मार्च 2026 में साइबर अपराध संबंधी रैंकिंग में उत्तर प्रदेश, देश में पहले स्थान पर रहा।

    अपराधियों पर कार्रवाई, अवैध संपत्तियों पर भी शिकंजा
    20 मार्च 2017 से अब तक पुलिस मुठभेड़ों में 303 अपराधी मारे गए, जबकि 12,202 घायल हुए। इसी अवधि में 23,601 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। गैंगस्टर एक्ट के तहत 87,835 अपराधियों और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत 995 अपराधियों पर कार्रवाई की गई। गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत 152 अरब 33 करोड़ रुपये से अधिक (यानी करीब 15,233 करोड़ रुपये) मूल्य की अवैध चल-अचल संपत्तियां जब्त की गईं।

    चिह्नित माफिया और गिरोहों के खिलाफ भी कार्रवाई
    प्रदेश स्तर पर चिह्नित 68 माफिया और उनके गिरोह के सदस्यों एवं सहयोगियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। इनके विरुद्ध कुल 909 मुकदमे दर्ज किए गए, जबकि 651 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

  • भोपाल में बनेंगे वंदे भारत के मोटर, BHEL को 80 ट्रेनों का ऑर्डर; 176 किमी/घंटा होगी स्पीड

    भोपाल में बनेंगे वंदे भारत के मोटर, BHEL को 80 ट्रेनों का ऑर्डर; 176 किमी/घंटा होगी स्पीड

    भोपाल
    देश में अर्ध-तेज गति वाली रेल सेवाओं के विस्तार में भोपाल की भूमिका अब और ज्यादा मजबूत होने जा रही है। भारतीय रेल नेटवर्क पर दौड़ने वाली आधुनिक ट्रेनों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। BHEL-टीटागढ़ वैगन्स लिमिटेड (Titagarh Wagons Ltd) समूह को 80 वंदे भारत ट्रेनसेट के निर्माण के लिए 23,000 करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम ऑर्डर मिला है। इस मेगा प्रोजेक्ट में ट्रेनों के निर्माण के साथ-साथ अगले 35 साल तक उनके रखरखाव की बड़ी जिम्मेदारी भी शामिल है।

    भोपाल यूनिट तैयार करेगी ट्रेनों का मोटर और विद्युत तंत्र
    इस महत्वाकांक्षी परियोजना में BHEL की भोपाल इकाई मुख्य रूप से ट्रेनों के मोटर तैयार करने का काम करेगी। इसके अलावा, कंपनी की भोपाल, बेंगलुरु और झांसी इकाइयां मिलकर इन आधुनिक ट्रेनों के लिए जरूरी प्रणोदन और विद्युत तंत्र का निर्माण करेंगी। ये सभी प्रणालियां ट्रेन के सुचारू संचालन के लिए बेहद जरूरी होती हैं। यही तंत्र ट्रेन में बिजली की आपूर्ति और उसे तेज गति प्रदान करने का काम करते हैं, इसलिए इन्हें तकनीकी रूप से ट्रेन का 'इलेक्ट्रिक हार्ट' भी कहा जा सकता है।

    बड़ा प्रोजेक्ट और लंबी जिम्मेदारी
    BHEL-टीटागढ़ वैगन्स समूह को 80 वंदे भारत ट्रेनसेट के लिए 23,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर मिला है। इस अनुबंध में ट्रेनों के निर्माण के साथ-साथ 35 साल तक का लंबा रखरखाव भी शामिल है।

    176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए तैयार होंगी ट्रेनें
    नई पीढ़ी की इन वंदे भारत ट्रेनों को अधिकतम 176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया जाएगा, जबकि इनका नियमित परिचालन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाएगा। इस पूरी परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल ट्रेन डिब्बों का निर्माण ही शामिल नहीं है, बल्कि उनके एकीकरण, परीक्षण और दीर्घकालिक रखरखाव का जिम्मा भी संयुक्त रूप से उठाया जाएगा।

    तीन इकाइयों की विशेषज्ञता का होगा इस्तेमाल
    इस परियोजना के जरिए BHEL अपनी अलग-अलग निर्माण इकाइयों की विशेषज्ञता का पूरा इस्तेमाल करेगा। भोपाल के साथ-साथ बेंगलुरु और झांसी की यूनिट्स भी मिलकर काम करेंगी। ट्रेनसेट पूरी तरह तैयार होने के बाद उनके परीक्षण और मेंटेनेंस का काम दोनों कंपनियां मिलकर संभालेंगी, जिससे रेलवे सफर को और अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाया जा सके।

  • सरकारी स्कूलों की बदलेगी तस्वीर, पंजाब में 3602 स्कूलों के लिए 80.45 करोड़ रुपये जारी

    सरकारी स्कूलों की बदलेगी तस्वीर, पंजाब में 3602 स्कूलों के लिए 80.45 करोड़ रुपये जारी

    चंडीगढ़
     पंजाब के सरकारी स्कूल अब एक जैसे तय रंगों में नजर आएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 3602 सरकारी स्कूलों में व्हाइटवाश, पेंट और कलर कोडिंग कराने के लिए 80 करोड़ 45 लाख 40 हजार रुपये की राशि जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    खास बात यह है कि विभाग ने केवल रंग-रोगन कराने तक ही निर्देश सीमित नहीं रखे हैं, बल्कि स्कूल की हर दीवार पर कौन सा रंग होगा, कितनी परतें लगेंगी और सामग्री की खरीद से लेकर भुगतान तक का हिसाब कैसे रखा जाएगा, यह भी तय कर दिया है।

    एक अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार यह राशि ईडीएस-53 ‘कन्वर्टिंग गवर्नमेंट स्कूल्स इनटू स्मार्ट स्कूल’ योजना के तहत दी जा रही है। इसके तहत 764 सीनियर सेकेंडरी, 411 हाई, 1895 मिडिल और 532 प्राइमरी स्कूलों में काम होगा। कुल 67.04 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में व्हाइटवाश और पेंट कराया जाएगा। विभाग ने प्रति वर्ग फुट 12 रुपये की दर से खर्च का अनुमान लगाया है।

    अमृतसर में सबसे ज्यादा स्कूल, लुधियाना में सबसे ज्यादा राशि
    जिलेवार देखें तो अमृतसर में 334 स्कूलों को इस योजना में शामिल किया गया है। यहां करीब 6.13 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लुधियाना के 261 स्कूलों के लिए सबसे अधिक 7.50 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

    गुरदासपुर के 240 स्कूलों पर 5.89 करोड़, जालंधर के 231 स्कूलों पर 6.05 करोड़ और होशियारपुर के 236 स्कूलों पर 5.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पटियाला के 326 स्कूलों के लिए 4.88 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

    सिर्फ सफेदी नहीं, रंग भी सरकार ने तय किया
    विभाग ने स्कूलों के लिए रंगों की पूरी कोडिंग तय की है। कमरों के अंदर तीन फुट तक एनामेल पेंट ब्रॉन्ज मिस्ट और इसके ऊपर सेन ओट्स रंग कराया जाएगा।

    बरामदे, कोरिडोर और गलियारे में तीन फुट तक रैप्सोडी और ऊपर एग कस्टर्ड रंग होगा। दरवाजों और खिड़कियों पर गोल्डन ब्राउन पेंट के कम से कम दो कोट करने होंगे। बाहरी दीवारों पर वेदर प्रूफ पेंट लगाने के निर्देश हैं।

    पुरानी दरार और लीकेज पहले ठीक होगी
    विभाग ने स्पष्ट किया है कि पेंटिंग से पहले दीवारों की दरारें भरने और लीकेज ठीक करने का काम होगा। पुराने रंग को रगड़कर साफ करने, पुट्टी और प्राइमर लगाने के बाद कम से कम दो कोट पेंट करने होंगे। आईएसआई मार्क वाली सामग्री खरीदना अनिवार्य किया गया है।

    एसएमसी प्रस्ताव के बिना काम नहीं
    काम शुरू करने से पहले जेई से संपर्क और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का प्रस्ताव जरूरी होगा। खरीदी गई सामग्री का स्टाक रजिस्टर, अकाउंट रजिस्टर, लेजर और कैशबुक अपडेट करनी होगी।

    विभाग ने साफ किया है कि जारी राशि का इस्तेमाल केवल व्हाइटवाश और पेंटिंग के लिए ही किया जाए। जिस स्कूल में पहले से यह काम हो चुका है, वहां की राशि मुख्यालय की मंजूरी के बाद दूसरे जरूरतमंद स्कूल को दी जा सकती है। निर्माण कार्य चल रहे स्कूलों में सिविल वर्क पूरा होने के बाद ही रंग-रोगन शुरू होगा।