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  • स्वस्थ समाज की नींव है स्वास्थ्य जागरूकता, राज्यमंत्री गौर ने दिया सजग रहने का संदेश

    स्वस्थ समाज की नींव है स्वास्थ्य जागरूकता, राज्यमंत्री गौर ने दिया सजग रहने का संदेश

    स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना आवश्यक : राज्यमंत्री गौर

    भोपाल 

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य के प्रति सजग और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने रेखांकित किया कि सेवा संकल्प अभियान का मूल ध्येय जनसेवा के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है। श्रीमती गौर शनिवार को मिसरोद स्थित शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत आयोजित स्वास्थ्य शिविर के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

    शिविर में नोबल हॉस्पिटल के विशेषज्ञों द्वारा विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा स्थानीय नागरिकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने शिविर का अवलोकन किया और उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य जांच प्रक्रियाओं एवं चिकित्सा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने तथा नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने विद्यालय प्रांगण में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने विद्यालय परिसर में आयोजित स्वच्छता अभियान में सहभागिता कर श्रमदान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संवर्धन और अपने परिवेश की स्वच्छता बनाए रखना हम सभी का सामूहिक एवं नैतिक दायित्व है। सार्वजनिक स्थलों तथा शैक्षणिक संस्थानों को स्वच्छ, निर्मल और हरा-भरा बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सक्रिय योगदान देना चाहिए।

    कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, स्वास्थ्य शिविर के चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ एवं बड़ी संख्या में गणमान्य स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

     

  • साइबर अपराध के खिलाफ यूपी की बड़ी कार्रवाई, 84 हजार जागरूकता अभियान से मजबूत हुआ डिजिटल डिफेंस

    साइबर अपराध के खिलाफ यूपी की बड़ी कार्रवाई, 84 हजार जागरूकता अभियान से मजबूत हुआ डिजिटल डिफेंस

    साइबर ठगों पर खाकी का ‘डिजिटल वज्रपात’

    ठगी के बाद धनराशि को रोकने में राष्ट्रीय औसत से आगे निकला यूपी

    यूपी में धनराशि फ्रीज दर सितम्बर में बढ़कर 34% हो गई, जबकि राष्ट्रीय औसत 31%

    सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी का साइबर डिफेंस हुआ मजबूत, 84 हजार साइबर अवेयरनेस ड्राइव से तोड़ी गई डिजिटल जालसाजों की रीढ़

    साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर बना डिजिटल ढाल, टेक्नोलॉजी से ठगों का नेटवर्क ध्वस्त कर रही योगी सरकार

    लखनऊ,
     साइबर ठगी के खिलाफ उत्तर प्रदेश में पुलिस की कार्रवाई को तकनीक के जरिए मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में साइबर अपराध की रोकथाम के साथ ही ठगी के बाद धनराशि को रोकने और वापस कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सितंबर में साइबर फ्रॉड की रकम फ्रीज कराने की प्रदेश की दर 34 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत 31 प्रतिशत से अधिक है। साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर के माध्यम से रियल टाइम रूटिंग के जरिये डाइवर्ट की गई रकम को फ्रीज और रिकवर कराने की कार्रवाई की जा रही है। कई मामलों में तय समय सीमा के भीतर 100 प्रतिशत तक रिकवरी दर्ज की गई है।

    प्रदेश में साइबर अपराध से बचाव के लिए 84 हजार साइबर अवेयरनेस ड्राइव भी चलाए गए हैं। इन अभियानों के माध्यम से लोगों को फिशिंग, फर्जी वेबसाइट, डेटा चोरी, फर्जी अप्रूवल और साइबर ठगी के दूसरे तरीकों के प्रति जागरूक किया गया। सिनेमा हॉल से लेकर रेलवे स्टेशन तक विभिन्न स्थानों पर लोगों को डिजिटल लेनदेन में सावधानी बरतने और किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की प्रामाणिकता जांचने की जानकारी दी गई।

    रियल टाइम ट्रैकिंग से रकम रोकने की कोशिश

    साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर साइबर ठगी की रकम रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शिकायत मिलते ही संबंधित बैंक के माध्यम से रकम को रोकने की कार्रवाई शुरू की जाती है। रियल टाइम रूटिंग और डेटा शेयरिंग के जरिये डाइवर्ट किए गए फंड को फ्रीज कराने और उसे वापस कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। इससे ठगी के बाद रकम के तेजी से दूसरे खातों में जाने की चुनौती से निपटने में मदद मिलती है।

    डीजी साइबर क्राइम ने जवानों को अत्याधुनिक तकनीक से किया लैस

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर डीजी साइबर क्राइम विनोद कुमार सिंह ने प्रदेश के पुलिस कर्मियों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया है। इसके अलावा जवानों को साइबर अपराध से मुकाबले के लिए नई तकनीक की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। एआई-डीपफेक, म्यूल अकाउंट और साइबर अपराध के बदलते तरीकों को देखते हुए पुलिस की तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

    गोल्डन आवर में शिकायत जरूरी

    एसपी साइबर क्राइम राजेश यादव ने बताया कि साइबर फ्रॉड में समय सबसे महत्वपूर्ण है। पहले एक घंटे के भीतर शिकायत करने पर रकम को होल्ड या फ्रीज कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि फिशिंग, फर्जी वेबसाइट, डेटा चोरी और फर्जी अप्रूवल समेत कई तरीकों से साइबर अपराधी लोगों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय उसकी प्रामाणिकता की जांच करना और सतर्क रहना जरूरी है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में साइबर अपराध से निपटने के लिए प्रदेश में मजबूत व्यवस्था की गई है। हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क है। वहीं लखनऊ में 1930 कॉल सेंटर और साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर संचालित किया जा रहा है। शिकायत मिलते ही संबंधित बैंक के माध्यम से रकम रोकने की कार्रवाई की जाती है।

    सिर्फ पुलिस नहीं, समाज की भागीदारी भी जरूरी

    साइबर अपराध की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती। इसलिए इससे मुकाबले के लिए पुलिस और बैंकों के साथ स्कूल-कॉलेज, ग्राम पंचायत, स्वयं सहायता समूह, यूथ एवं स्पोर्ट्स क्लब और स्थानीय संगठनों की भागीदारी भी जरूरी है। जागरूकता और त्वरित शिकायत के जरिये साइबर ठगी से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

  • छात्रों की पढ़ाई को मिला आर्थिक संबल, CM योगी ने एक क्लिक में 4.60 लाख विद्यार्थियों के खातों में भेजी राशि

    छात्रों की पढ़ाई को मिला आर्थिक संबल, CM योगी ने एक क्लिक में 4.60 लाख विद्यार्थियों के खातों में भेजी राशि

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4.60 लाख विद्यार्थियों की पढ़ाई को दिया ₹148 करोड़ का संबल
     
    एक क्लिक पर छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में पहुंची छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि
     
    मुख्यमंत्री ने लोक भवन में 11 छात्र-छात्राओं को अपने हाथों से प्रदान किए प्रमाणपत्र
     
    अन्य पिछड़ा वर्ग के 2.23 लाख और अनुसूचित जाति के 1.59 लाख विद्यार्थियों को मिला लाभ
     
    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश के 4,60,559 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई को शनिवार को आर्थिक संबल मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में एक क्लिक कर डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में ₹148.04 करोड़ की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि भेजी। उन्होंने मंच पर 11 छात्र-छात्राओं को अपने हाथों से छात्रवृत्ति प्रमाणपत्र भी प्रदान किए।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रमाणपत्र पाने वालों में रणबीर वर्मा, अजीत रावत, अंश मिश्रा, अलकैफ, अनन्या अवस्थी, मिली, अधिकांश वर्मा, करिश्मा, बुशरा, अभिषेक यादव और साइमा शामिल रहे। मुख्यमंत्री के हाथों प्रमाणपत्र पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे।
     
    सरकार की इस पहल का सबसे अधिक लाभ अन्य पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को मिला है। अन्य पिछड़ा वर्ग के 2,23,615 विद्यार्थियों के खातों में ₹60.01 करोड़ भेजे गए। अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों को ₹64.54 करोड़ की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति मिली। इसी तरह सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों के खातों में ₹11.43 करोड़ और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों के खातों में ₹12.06 करोड़ पहुंचाए गए।
     
    आर्थिक अभाव के कारण नहीं छूटेगी पढ़ाई
    योजना में अल्प आय वर्ग के पूर्वदशम यानी कक्षा नौ और दस के साथ दशमोत्तर कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी। इसके पीछे सरकार का उद्देश्य आर्थिक अभाव को किसी विद्यार्थी की शिक्षा की राह में बाधा नहीं बनने देना है।
     
    आधार आधारित भुगतान से बढ़ी पारदर्शिता
    छात्रवृत्ति आवेदन से लेकर भुगतान तक की व्यवस्था ऑनलाइन कर दी गई है। आधार आधारित भुगतान प्रणाली से धनराशि सीधे पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित पैकेट सिस्टम भी लागू किया गया है। इससे छात्रवृत्ति वितरण में बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और विद्यार्थियों को बिना किसी दौड़भाग के योजना का लाभ मिल रहा है।
     
    प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 65.95 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को ₹4,793 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति दी है। सरकार की कोशिश प्रक्रिया को और सरल बनाकर प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक योजना का लाभ पहुंचाने की है।

  • एशिया कप विजेता गीता यादव से मिले डिप्टी CM विजय शर्मा, कवर्धा की बेटी की उपलब्धि पर जताया गर्व

    एशिया कप विजेता गीता यादव से मिले डिप्टी CM विजय शर्मा, कवर्धा की बेटी की उपलब्धि पर जताया गर्व

    एशिया कप विजेता गीता यादव से मिले उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा

    कवर्धा की बेटी ने बढ़ाया देश-प्रदेश का मान – विधायक शर्मा

    महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी

    कवर्धा निवास कार्यालय में हुई आत्मीय मुलाकात, गीता की खेल यात्रा और क्षेत्र में खिलाड़ियों के लिए संभावनाओं पर हुई चर्चा

    रायपुर
    उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने अपने कवर्धा निवास कार्यालय में जूनियर महिला एशिया कप-2026 की विजेता भारतीय हॉकी टीम की सदस्य गीता यादव से मुलाकात कर उन्हें महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि आगे भी सफलता के नए कीर्तिमान प्राप्त करें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कवर्धा की बेटी ने देश-प्रदेश का मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। इस दौरान शर्मा ने गीता से उनकी अब तक की खेल यात्रा, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुभव, प्रशिक्षण और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में विस्तार से बातचीत की।

           कबीरधाम जिले के बोड़ला की रहने वाली गीता यादव ने चीन के मोकी में आयोजित एएचएफ महिला जूनियर एशिया कप-2026 में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। भारतीय टीम ने 13 सितंबर को खेले गए रोमांचक फाइनल में मेजबान चीन को 1-0 से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने लगातार तीसरी बार महिला जूनियर एशिया कप का खिताब जीता और एफआईएच जूनियर महिला विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई किया।

           टूर्नामेंट में मिडफील्डर के रूप में खेलीं गीता ने अपनी प्रतिभा की विशेष छाप छोड़ी। उन्होंने प्रतियोगिता में कुल चार गोल किए। मलेशिया के विरुद्ध भारत की 11-1 की बड़ी जीत में गीता ने दो गोल दागे, वहीं जापान के खिलाफ 7-0 की जीत में भी उन्होंने दो गोल कर टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

           उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गीता की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि एक सामान्य किसान परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। गीता ने अपनी प्रतिभा से कवर्धा के साथ पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता क्षेत्र की नई पीढ़ी, विशेषकर खेलों में आगे बढ़ने का सपना देख रही बेटियों के लिए प्रेरणादायी है।

            मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री शर्मा और गीता यादव के बीच कवर्धा में खेल एवं खिलाड़ियों के प्रोत्साहन, स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा क्षेत्र में खेलों की संभावनाओं को और विस्तार देने को लेकर भी चर्चा हुई। शर्मा ने गीता से उनके अनुभव और खिलाड़ियों की जरूरतों के बारे में जानकारी ली।

    बोड़ला से भारतीय टीम तक का शानदार सफर

             गीता ने हॉकी की शुरुआती शिक्षा कोच शिवा चौहान से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रशिक्षण लेकर अपने खेल को निखारा। लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर वह राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचीं और बाद में टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम से भी जुड़ीं। गीता ने वर्ष 2024 में नीदरलैंड और बेल्जियम दौरे से अपने अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत की। इसके बाद वह अर्जेंटीना तथा इंग्लैंड-स्कॉटलैंड दौरों में भी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
             उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से हुई मुलाकात के दौरान गीता ने अपनी खेल यात्रा के अनुभव साझा किए। शर्मा ने उन्हें भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ आगे बढ़ते हुए देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

  • श्री सिटी में फार्मा कंपनी में बड़ा हादसा, बॉयलर फटने से 5 की मौत; राहत-बचाव अभियान जारी

    श्री सिटी में फार्मा कंपनी में बड़ा हादसा, बॉयलर फटने से 5 की मौत; राहत-बचाव अभियान जारी

    तिरुपति 
    आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में एक प्राइवेट फ़ार्मास्युटिकल कंपनी में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हो गया है। तिरुपति ज़िले के सत्यवेदु मंडल इलाके में श्री सिटी स्थित एक प्राइवेट फार्मास्युटिकल कंपनी में बॉयलर फटने से 5 कर्मचारियों की मौत हो गई और 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। श्री सिटी स्थित TIL हेल्थकेयर फ़ार्मास्युटिकल कंपनी में हुए इस धमाके से अफ़रा-तफ़री मच गई, जिसके बाद बचाव और इमरजेंसी टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायल कर्मचारियों को इलाज के लिए ले जाया गया।

    अधिकारियों ने अभी तक मृतकों की पहचान उजागर नहीं की है और न ही हादसे के बारे में कोई विस्तृत जानकारी दी है। बचाव कार्य और घायलों की चिकित्सीय जांच पूरी होने के बाद ही हताहतों की अंतिम संख्या की पुष्टि होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने कहा कि वे इस बात की जांच करेंगे कि क्या यह हादसा किसी तकनीकी खराबी, सुरक्षा प्रणालियों की विफलता, कामकाज में किसी चूक या किसी अन्य कारण से हुआ है। 

    मंत्री ने जताया शोक
    आंध्र प्रदेश के शिक्षा और IT मंत्री नारा लोकेश ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। लोकेश ने अधिकारियों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि घायल कर्मचारियों को बेहतर से बेहतर इलाज मिले। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और उन्हें हर संभव मदद देगी। 

    तिरुपति के सांसद ने हादसे की जांच की मांग की
    तिरुपति के सांसद मड्डिला गुरुमूर्ति ने भी इस धमाके पर दुख जताया। उन्होंने मारे गए कर्मचारियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों से बचाव और राहत कार्यों में तेज़ी लाने को कहा। गुरुमूर्ति ने हादसे की वजह की गहन जांच की भी मांग की। सांसद ने कहा कि घायलों को बेहतर इलाज मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी से पता चला है कि इस हादसे में कई मज़दूरों की मौत हुई है, जिससे उन्हें गहरा सदमा लगा है।

    सांसद डॉ. मड्डिला गुरुमूर्ति ने सुझाव दिया कि हादसे के कारणों की अच्छी तरह से जांच की जाए और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं कि इंडस्ट्री में मज़दूरों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन हो। उन्होंने सरकार से अपील की कि प्रभावित परिवारों को तुरंत ज़रूरी मदद दी जाए। इससे पहले इसी साल अप्रैल में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से 20 मजदूरों की मौत हो गई थी।

    अधिकारी ने मृतकों की पहचान जारी नहीं की
    एक अधिकारी के मुताबिक, बॉयलर फटने की सही वजह अभी पता नहीं चली है। अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि हादसा तकनीकी खराबी, सुरक्षा व्यवस्था में चूक, संचालन संबंधी लापरवाही या किसी अन्य कारण से हुआ।

    अधिकारियों ने अभी सभी मृतकों की पहचान और हादसे की पूरी जानकारी जारी नहीं की है। बचाव अभियान और घायलों की मेडिकल जांच पूरी होने के बाद मृतकों और घायलों की संख्या की पुष्टि होने की उम्मीद है।

    राज्य में यह पिछले एक साल में हुआ एक और बड़ा औद्योगिक हादसा है। इसी साल जून में विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में पिघला हुआ स्टील ले जा रहा लैडल टूट गया था। इसके बाद आग में 8 कर्मचारियों की मौत हुई थी।

    बॉयलर फटने के संभावित कारण
    बॉयलर हादसे के पीछे कई तकनीकी कारण हो सकते हैं। सिर्फ पुराने बॉयलर या प्रेशर गेज को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता।

        अत्यधिक दबाव: प्रेशर गेज या सेफ्टी वाल्व खराब होने पर दबाव बढ़ सकता है और बॉयलर फट सकता है।
        पानी का स्तर कम होना: इससे बॉयलर ज्यादा गर्म होकर उसकी धातु कमजोर हो सकती है।
        पुराना या खराब रखरखाव: जंग, दरार और स्केल जमने से बॉयलर की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
        मानवीय गलती: गलत वाल्व संचालन, खराब प्रशिक्षण या सुरक्षा नियमों का पालन न करना भी हादसे की वजह बन सकता है।

  • नायरा का बड़ा फैसला, पेट्रोल ₹5 तक महंगा; डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी

    नायरा का बड़ा फैसला, पेट्रोल ₹5 तक महंगा; डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी

    मुंबई 

    ग्लोबल टेंशन के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने लगे हैं। भारत की सबसे बड़ी निजी ईंधन खुदरा विक्रेता नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दामों में पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल में तीन रुपये प्रति लीटर की तत्काल प्रभाव से बढ़ोतरी की है। ईंधन खुदरा विक्रेताओं पर ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों के कारण बने नए दबाव के बीच यह ताजा बढ़ोतरी की गई है। मामले से जुड़े सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि देश भर में 7,108 पेट्रोल पंपों का संचालन करने वाली नायरा ने शनिवार के शुरुआती घंटों से पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दी हैं। इस संबंध में टिप्पणी के लिए नायरा के प्रवक्ता को भेजा गया ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला।

    बता दें कि इस साल की शुरुआत में जब ईरान संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई थी, तब अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में हुई वृद्धि का बोझ उपभोक्ताओं पर डालने वाली नायरा पहली ईंधन खुदरा विक्रेता थी। कंपनी ने 26 मार्च को पेट्रोल की कीमतों में पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद सार्वजनिक क्षेत्र की ईंधन खुदरा कंपनियों ने मई में पंप कीमतों में वृद्धि करना शुरू किया था।

    नायरा ने बाद में अपनी मार्च की बढ़ोतरी को वापस ले लिया था। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बाद अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने पर कंपनी ने एक जुलाई को पेट्रोल के दाम पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम तीन रुपये प्रति लीटर घटा दिए थे।

    ईंधन बिक्री की सीमा पर सरकार को ऐतराज
    बता दें कि बीते कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल की बिक्री की सीमा की चर्चाएं चल रही हैं। इस बीच, सरकार ने ईंधन बिक्री पर किसी भी तरह की सीमा लगाने पर ऐतराज जताया है। हाल ही में पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने कहा कि किसी को भी पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित करने की अनुमति नहीं है। मित्तल ने डीजल की बिक्री पर सीमा लगाए जाने की खबरों पर कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता और इस मामले में सरकार के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब जियो-बीपी और नायरा एनर्जी ने अपने कुछ पेट्रोल पंप पर डीजल की खरीद सीमित कर दी है। खुदरा और थोक डीजल की कीमतों में अंतर बढ़ने से कारखानों, दूरसंचार कंपनियों, होटल, अस्पताल और अन्य बड़े उपभोक्ता खुदरा पंप से अपेक्षाकृत सस्ता डीजल खरीदने लगे हैं।

    डीजल की खुदरा और थोक कीमतों में अंतर करीब 50 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इससे कुछ औद्योगिक उपभोक्ता खुदरा पंप से एक बार में 400-600 लीटर तक डीजल खरीद रहे हैं। इससे कुछ पेट्रोल पंप के भंडार पर दबाव बढ़ रहा है जबकि उनकी भंडारण क्षमता सीमित होती है और दोबारा आपूर्ति में कुछ दिन लग सकते हैं। ऐसी स्थिति में जियो-बीपी ने कुछ पंप पर एक ग्राहक को प्रतिदिन अधिकतम 50 लीटर डीजल खरीदने की सीमा लगाई है जबकि नायरा एनर्जी के पंप पर यह सीमा 70 से 200 लीटर के बीच है। 

  • महिला के बाद पुरुष हॉकी टीम ने भी जीता गोल्ड, एशियन गेम्स में पहली बार भारत का डबल गोल्ड

    महिला के बाद पुरुष हॉकी टीम ने भी जीता गोल्ड, एशियन गेम्स में पहली बार भारत का डबल गोल्ड

    नागोया
     एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में भारतीय टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। भारत के लिए कप्तान हरमनप्रीत सिंह और जुगराज सिंह ने गोल किए। ये दोनों गोल पेनल्टी कॉर्नर पर आए। भारतीय पुरुष टीम एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीती है। इसके साथ ही हरमनप्रीत सिंह ने इतिहास रच दिया है। वह भारत को लगातार दूसरी बार एशियन चैंपियन बनाने वाले पहले भारतीय कप्तान बने हैं।

    पुरुषों से पहले भारत की महिला टीम ने भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। महिला टीम ने फाइनल में चीन को मात दी थी। यह पहला मौका है, जब एशियन गेम्स में भारत की महिला और पुरुष दोनों हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल जीता है। भारत की पुरुष टीम पांचवीं बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने में सफल रही है। वहीं, महिला टीम दूसरी बार गोल्ड जीती है।

    भारत ने की शानदार शुरुआत
    भारत ने इस मैच में हमेशा की तरह शानदार शुरुआत की और 10वें मिनट में गोल कर 1-0 की बढ़त बना ली। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया और टीम को मैच में आगे कर दिया। हालांकि, मलेशिया ने 4 मिनट बाद ही गोल कर मैच में बराबरी कर ली। मलेशिया के लिए सिल्वरस सेलो ने गोल दागा। पहले क्वार्टर का खेल 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ।

    भारत ने दूसरे क्वार्टर में बनाई बढ़त
    भारत ने मैच के दूसरे क्वार्टर में पेनल्टी कॉर्नर पर दूसरा गोल कर मलेशिया पर 2-1 की बढ़त बना ली। जुगराज ने 23वें मिनट पर बेहतरीन गोल किया। इसके बाद मलेशिया की टीम गोल करने के लिए छटपटाने लगी और बेहद आक्रामक खेल दिखाया। इसी प्रयास में उनसे गलतियां भी हुईं। हालांकि, दूसरे क्वार्टर के अंत तक स्कोर 2-1 से भारत के पक्ष में था।

    तीसरे क्वार्टर में भी भारत का गोल
    भारत ने तीसरे क्वार्टर में मलेशिया की टीम को पूरी तरह से दबाव में ला दिया। लगातार पेनल्टी कॉर्नर बनाकर भारत ने मलेशिया के खिलाड़ियों को दबाव में डाला और उनसे गलती होने पर पेनल्टी शूट हासिल कर लिया। हार्दिक ने मैच के 42वें मिनट में आसानी से पेनल्टी शूट पर गोल किया और टीम इंडिया 3-1 से आगे हो गई। यहां से भारत की जीत दिख रही थी, लेकिन सतर्क रहना जरूरी था।

    पांचवें क्वार्टर में चित हुआ मलेशिया
    पांचवें क्वार्टर के 54वें मिनट में शिलानंद ने फील्ड गोल कर भारत को 4-1 से आगे कर दिया। इसके बाद टीम के लिए पहला गोल करने वाले कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 57वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर टीम के लिए आखिरी गोल भी किया। इसके साथ ही टीम इंडिया ने फाइनल मैच 5-1 से जीतकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

  • नंदीग्राम उपचुनाव से पहले शुभेंदु का बड़ा बयान, ममता की चोट को बताया ‘राजनीतिक ड्रामा’

    नंदीग्राम उपचुनाव से पहले शुभेंदु का बड़ा बयान, ममता की चोट को बताया ‘राजनीतिक ड्रामा’

    कोलकाता
    पश्चिम बंगाल की राजनीति में 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद से मचा घमासान अब नंदीग्राम उप-चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में एक नया मोड़ ले चुका है। 2021 के ऐतिहासिक मुकाबले और 2026 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को नंदीग्राम और भवानीपुर से हराने के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट छोड़कर नंदीग्राम खाली करने की असली वजह का खुलासा किया है।

    शुक्रवार को नंदीग्राम में बीजेपी प्रत्याशी हसिरानी रथ के पक्ष में चुनाव प्रचार करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की 2021 की चर्चित 'पैर की चोट' पर एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि वह चोट कोई हादसा या साजिश नहीं, बल्कि केवल हमदर्दी बटोरने का एक 'राजनीतिक ड्रामा' था।

    भवानीपुर छोड़कर नंदीग्राम सीट खाली करने की वजह?
    हाल ही में हुए 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम- दोनों सीटों से भारी अंतर से जीत दर्ज की थी। लेकिन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद संवैधानिक नियमों के तहत उन्होंने भवानीपुर सीट को अपने पास बनाए रखने और नंदीग्राम सीट से इस्तीफा देने का फैसला किया।

    नंदीग्राम की जनसभा में इस फैसले की वजह बताते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "मुझसे कई लोग पूछते हैं कि दोनों जगह जीतने के बाद मैंने भवानीपुर क्यों चुना और नंदीग्राम सीट क्यों खाली की? इसका सीधा कारण यह है कि अगर मैं भवानीपुर सीट छोड़ देता, तो जिस नेता को राज्य की जनता (ममता बनर्जी) ने खारिज कर बाहर का रास्ता दिखा दिया था, उन्हें भवानीपुर उप-चुनाव के जरिए फिर से राजनीति में पैर जमाने का मौका मिल जाता। मैंने उस रास्ते को बंद किया।"

    कोई फ्रैक्चर नहीं था, मेरे पास SSKM की रिपोर्ट है: शुभेंदु अधिकारी
    10 मार्च 2021 को नंदीग्राम में नामांकन दाखिल करने के दौरान ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट की घटना को याद दिलाते हुए शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा दावा किया। 2021 में ममता बनर्जी ने व्हीलचेयर पर प्लास्टर बांधकर पूरे राज्य में चुनाव प्रचार किया था और आरोप लगाया था कि शुभेंदु अधिकारी के 'बाहरी गुंडों' ने उन पर हमला कर उनका पैर तोड़ा था।

    इस पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "मैं व्यक्तिगत हमला नहीं करता, लेकिन सच सामने आना चाहिए। मुख्यमंत्री बनने के बाद जब मैं SSKM अस्पताल गया, तो मैंने वहां का मेडिकल रिकॉर्ड देखा। एक्स-रे की रिपोर्ट मेरे पास है। तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का इलाज करने वाले डॉक्टरों ने रिपोर्ट में साफ लिखा था- 'नो फ्रैक्चर' (यानी कोई हड्डी नहीं टूटी थी)।"

    कैसे लगी थी चोट? शुभेंदु ने घटना की असलियत बताते हुए कहा, "गाड़ी का दरवाजा आगे लगे एक लोहे के खंभे से टकराकर वापस आया और उनके पैर में हल्की सी खरोंच आई थी। लेकिन सिर्फ राजनीतिक सहानुभूति पाने के लिए उन्होंने हफ्तों तक पैर पर प्लास्टर और पट्टी बांधकर पूरे बंगाल में प्रचार किया और मुझे बदनाम किया।"

    उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, "मैं अब राज्य का पुलिस मंत्री भी हूं। अगर मुझे चुनौती दी गई, तो मैं उचित समय आने पर अस्पताल की वो आधिकारिक एक्स-रे और मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक कर दूंगा।"

    नंदीग्राम उप-चुनाव पर पूरे राज्य की निगाहें
    शुभेंदु अधिकारी के इस दावे के बाद पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हलकों में जबर्दस्त भूचाल आ गया है।

    6 अक्टूबर को नंदीग्राम में उप-चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे, जबकि परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित होंगे। एक तरफ बीजेपी जहां अपनी इस परंपरागत सीट को बचाए रखने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, वहीं दूसरी तरफ जेल से जमानत पर बाहर आए कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान और टीएमसी के बागी नेताओं के चुनावी मैदान में होने से यह मुकाबला राज्य का सबसे हाई-प्रोफाइल चुनावी दंगल बन चुका है।

  • दूध उत्पादन में भारत का दबदबा, दुनिया में सबसे आगे निकला देश; अमित शाह ने गिनाई उपलब्धि

    दूध उत्पादन में भारत का दबदबा, दुनिया में सबसे आगे निकला देश; अमित शाह ने गिनाई उपलब्धि

    भोपाल 
    भोपाल आए अमित शाह को लेकर शनिवार को हलचल थी। अमित शाह सुबह से शाम तक विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने वाले थे, लेकिन गौपालकों के सम्मेलन में ही हिस्सा लेकर दिल्ली रवाना हो गए। इससे पहले, ताज होटल में ठहरे अमित शाह सुबह नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम में महालक्ष्मी के दर्शन करने जाने वाले थे, लेकिन बाद में उनके कार्यक्रम में बदलाव हुआ और वे सीधे भेल दशहरा मैदान स्थित गोपालकों के सम्मेलन में पहुंच गए थे। यहां प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था।

    ताज होटल से निकलकर सीधे अमित शाह भेल दशहरा मैदान पहुंचे, जहां गौपालकों के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। इससे पहले अमित शाह ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अमित शाह के साथ ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद हैं।

    दिसंबर 2029 तक मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाएंगे
    शाह ने कहा कि हम मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाना चाहते हैं। मध्यप्रदेश नारकोटिक्स से मुक्त हो जाए। 31 दिसंबर 2029 से पहले मुक्त हो जाए, इसकी बारीक प्लानिंग करने वाले हैं। 31 2029 दिसंबर के बाद आपके बेटे बेटियों के लिए मध्यप्रदेश में नशे की कोई जगह नहीं होगी। उनका भविष्य उज्वल होने वाला है।

    कांग्रेसियों ने नहीं बनने दिया था सहकारिता मंत्रालय
    कांग्रेसियों ने 75 साल तक सहकारिता मंत्रालय बनने नहीं दिया। नरेंद्र मोदी सरकार में आए तो सहकारिता मंत्रालय बनाया। इसका सबसे अधिक फायदा गौपालकों को होने वाला है। यदि खुले बाजार में गौपालक दूध बेचता है तो शोषण होता है। मलाई बिचौलियां खा जाते हैं। अब 35 की बजाय 55 रुपए मिलना शुरू हो जाएंगे। इसके लिए दूध लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाया जाना है। आज उज्जैन में 255 करोड़ की लागत से हर रोज तीन लाख लीटर दूध प्रोसेस करने के संयंत्र का भूमिपूजन हो रहा है। शाह ने कहा कि हमने मध्यप्रदेश सरकार से 50 एकड़ भूमि मांगी है। इसमें गायों की नस्लों का सुधार भी होगा। आधुनिक व्यवस्था से बछड़ा नहीं, बछड़ी ही पैदा होगी, ऐसी व्यवस्था कर दी जाएगी। यह कांग्रेसी अलग-अलग मुद्दों पर विरोध करते हैं, मैं उन्हें हिसाब देने आया हूं।

    मिल्क कैपिटल की ओर मध्यप्रदेश के बढ़ते कदम
    केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में प्रदेश को दुग्ध क्षेत्र के लिए कई सौगातें प्रदान कीं। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर हितलाभ वितरण किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शाह ने विभिन्न डेयरी परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ की लागत से प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता वाले दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया। भोपाल में 16.5 करोड़ की लागत से प्रतिदिन 40 हजार लीटर क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया। भोपाल में 12.42 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण हुआ। शिवपुरी में 6.5 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण हुआ। इन परियोजनाओं से प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण और डेयरी अधोसंरचना को विस्तार मिलेगा। तो वहीं रोजगार व स्वरोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव का संबोधन
    मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष किसान कल्याण के अंतर्गत “बलराम कृषि महोत्सव” के माध्यम से सभी 55 जिलों में उन्नत खेती, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न माध्यमों से उन्हें प्रोत्साहित किया है। आज मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन 12 लाख लीटर पर पहुंचा है। खेती और पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास हमारी सरकार कर रही है। यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में गाय और भैंस के रूप में 6 करोड़ पशुधन है। किसानों और पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि के लिए राज्य में उन्नत नस्ल के पशुधन के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा बड़ा कदम उठाया जाएगा। राज्य में 2 लाख गोपालक दीदीयों ने डेयरी सहकारिता व पशुपालन के आधार पर अपनी व परिवारजनों की ज़िंदगी बदली है। प्रदेश में 3,214 गोशालाओं में 5 लाख गोवंश का संरक्षण कर रहे हैं। राज्य में 313 ब्लॉक में वृंदावन ग्राम बनाने के लिए सरकार कार्यरत है।

    हेमंत खंडेलवाल का संबोधन
    कार्यक्रम की शुरुआत में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह ने देश में सहकारिता को नई दिशा दी है। अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सहकारिता की दिशा बदली है। प्रदेश में दुग्ध क्रांति की शुरुआत की गई है। अब तक प्रदेश में 1700 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं। सांची और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के एमओयू के बाद दूध का कलेक्शन 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचा है। प्रदेश के गौपालकों को अब दूध का ₹8.50 प्रति लीटर अधिक दाम मिल रहा है। दूध उत्पादन से कृषकों की आय बढ़ रही है। हमारा उद्देश्य है- दूध से किसानों की आय बढ़े, गोबर से खाद बने और सरकार के सहयोग से समृद्धि आए। अगले कुछ वर्षों में दूध कलेक्शन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का संकल्प है। मध्यप्रदेश में दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

  • अमित शाह के कार्यक्रमों में बदलाव, तीन कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद दिल्ली लौटे केंद्रीय गृह मंत्री

    अमित शाह के कार्यक्रमों में बदलाव, तीन कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद दिल्ली लौटे केंद्रीय गृह मंत्री

    भोपाल
    राजधानी भोपाल आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को तीन कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद शाम को दिल्ली रवाना होने वाले हैं।भोपाल आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली रवाना होने वाले हैं। गए। इससे पहले अमित शाह शुक्रवार देर रात को दिल्ली से भोपाल पहुंचे थे। शनिवार को भोपाल में उनके पांच कार्यक्रम थे। सुबह ताज होटल में ठहरने के बाद वे संगठन और सरकार के मंत्रियों से मिले। इसके बाद भेल दशहरा मैदान पर आयोजित गौपालकों के सम्मेलन में गए। इसके बाद कानून व्यवस्था को लेकर एमपी के गृहमंत्री, डीजीपी समेत बड़े अफसरों के साथ बैठक की। थोड़ी देर में 3.30 बजे प्रेस कांफ्रेंस होने वाली थी, लेकिन अमित शाह अचानक दिल्ली रवाना हो गए।

    इससे पहले शनिवार को सुबह अमित शाह ताज होटल में सीएम सहित एमपी के अन्य मंत्रियों के साथ बैठक करने के बाद नेहरू नगर स्थित करुणा धाम आश्रम में महालक्ष्मी मंदिर दर्शन करने आने वाले थे। उनके कार्यक्रम में बदलाव हुआ और वे मंदिर नहीं जाते हुए सीधे भेल दशहरा मैदान चले गए। जहां गौपालकों को संबोधित किया। इसके बाद ही वे ताज होटल वापस आए और एमपी के बड़े अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा की। इसी में वे मध्यप्रदेश को 2029 तक नारकोटिक्स मुक्त बनाने को लेकर बात कर रहे थे। इसके बाद वे प्रेस कांफ्रेंस करने वाले थे, जिसे अचानक कैंसिल कर दिया गया।

    दोपहर बाद के सभी कार्यक्रम रद्द
    भेल दशहरा मैदान में गौपालकों के कार्यक्रम के बाद वे सीधे ताज होटल पहुंचने का कार्यक्रम था। इसके बाद दोपहर 1:30 से 2:15 बजे तक का समय लंच के लिए आरक्षित था। लंच पर भी संगठन और सरकार से चर्चा का समय तय किया गया था। इसके बाद दोपहर 2:15 से शाम 4:15 बजे तक होटल ताज में मध्यप्रदेश सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय के मध्य लंबित विषयों पर बैठक प्रस्तावित थी। इसके बाद शाम 4:15 से 5:15 बजे तक नारकोटिक्स पर प्रेस कांफ्रेंस के लिए समय आरक्षित किया गया था। लंच के बाद अमित शाह के दिल्ली रवाना होने की सूचना दे दी गई। इसके बाद के सभी कार्यक्रम अमित शाह ने निरस्त कर दिए गए। अमित शाह का दिल्ली जाने का समय 7.50 बजे था, लेकिन वे दोपहर में ही रवाना हो गए।