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  • जेवर एयरपोर्ट पहुंचे स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन, योगी सरकार की ग्लोबल कनेक्टिविटी को मिली मजबूती

    जेवर एयरपोर्ट पहुंचे स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन, योगी सरकार की ग्लोबल कनेक्टिविटी को मिली मजबूती

    योगी सरकार की ग्लोबल कनेक्टिविटी और निवेश नीति को मिला नया आयाम, जेवर पहुंचे स्विस राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति, मंत्री सुनील शर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्वागत

    एविएशन के साथ आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर जोर

    स्विस कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी द्वारा विकसित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया निरीक्षण, करीब 65 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रहा मौजूद

    नोएडा/लखनऊ
     उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश और आधुनिक औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाने की योगी सरकार की नीति को आज उस समय एक और अंतरराष्ट्रीय आयाम मिला, जब स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति महामहिम गाय बर्नार्ड पारमेलिन अपने करीब 65 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर पहुंचे। यह दौरा उत्तर प्रदेश और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक, तकनीकी और एविएशन क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, नागरिक उड्डयन विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं आईआईडीसी दीपक कुमार तथा इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद ने राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन और उनके प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया।

    योगी सरकार की निवेश नीति से वैश्विक साझेदारी को मिल रहा विस्तार

    योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक बुनियादी ढांचे और निवेश के अनुकूल वातावरण को अपनी विकास नीति का प्रमुख आधार बनाया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इसी व्यापक विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जेवर में विकसित हो रहा यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश को वैश्विक हवाई संपर्क से जोड़ने के साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक, कारोबारी और निवेश गतिविधियों को नई गति देने की क्षमता रखता है। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति का जेवर एयरपोर्ट दौरा इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि एयरपोर्ट का विकास स्विस कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी द्वारा किया गया है। इससे उत्तर प्रदेश में स्विस तकनीकी विशेषज्ञता और निवेश के साथ बने इस महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहयोग का नया अवसर सामने आया है।

    आधुनिक सुविधाओं का लिया जायजा

    दौरे की शुरुआत एनआईए ऑफिस में हुई, जहां अवनी बोर्ड रूम में एयरपोर्ट से संबंधित प्रेजेंटेशन दिया गया। इस दौरान राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन ने भी प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया। इसके बाद एयरपोर्ट परिसर के आंगन में भारतीय संगीत की धुनों के बीच लंच का आयोजन किया गया और ग्रुप फोटो भी हुआ। इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल दो हिस्सों में विभाजित हुआ। राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन, उनकी पत्नी और चयनित अधिकारी एयरसाइड तथा एटीसी टॉवर के विशेष निरीक्षण के लिए गए। वहीं प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने टर्मिनल, सुरक्षा क्षेत्र, बोर्डिंग गेट्स, एप्रन और बैगेज रिक्लेम सहित एयरपोर्ट की विभिन्न सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। प्रतिनिधिमंडल दोपहर करीब दो बजे एयरपोर्ट से रवाना हुआ।

    एविएशन के साथ आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स में सहयोग की उम्मीद

    करीब 65 सदस्यीय स्विस प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रपति की पत्नी, स्विस राजदूत, राष्ट्रीय परिषद के सदस्य, राज्य सचिव और लगभग 40 उद्योगपति शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी ने इस दौरे को केवल एयरपोर्ट निरीक्षण तक सीमित न रखते हुए संभावित आर्थिक और औद्योगिक सहयोग की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बना दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश प्रोत्साहन नीतियों और आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों से राज्य में वैश्विक कंपनियों के लिए निवेश का अनुकूल माहौल तैयार हुआ है। ऐसे में स्विस राष्ट्रपति का जेवर दौरा एविएशन के अलावा आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, तकनीक और इससे जुड़े क्षेत्रों में भविष्य के सहयोग और निवेश की संभावनाओं को भी मजबूत कर सकता है।

  • तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार पर पीछे हटे अखिलेश तो राजभर ने कसा तंज, बोले- कभी-कभी समझदारी का काम भी कर लेते हैं

    तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार पर पीछे हटे अखिलेश तो राजभर ने कसा तंज, बोले- कभी-कभी समझदारी का काम भी कर लेते हैं

    राज्यसभा का तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारेगी सपा, राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज; बोले- बस हो गया टांय-टांय फिस्स

    '403 सीट पर है निगाहें', अखिलेश की पोस्ट पर राजभर का तंज, बोले- सपने देखना बुरी बात नहीं

    तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार पर पीछे हटे अखिलेश तो राजभर ने कसा तंज, बोले- कभी-कभी समझदारी का काम भी कर लेते हैं

    राज्यसभा चुनाव से पहले अखिलेश पर राजभर का वार, बोले- 'कभी-कभी समझदारी का काम भी कर लेते हैं'

    अखिलेश के राज्यसभा दांव पर राजभर ने कसा तंज, बोले- कभी-कभी समझदारी का काम भी कर लेते हैं

    अखिलेश यादव पर ओपी राजभर ने साधा निशाना, बोले- बस हो गया टांय-टांय फिस्स

    लखनऊ,
    समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी की तरफ से तीन की जगह दो ही उम्मीदवारों को उतारने का ऐलान किया है। सपा सुप्रीमो के इस फैसले पर यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने तीखा तंज कसा है। उन्होंने  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा कि अखिलेश कभी-कभी समझदारी का काम भी कर ही लेते हैं।

    'बस हो गया टांय-टांय फिस्स'
    ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, "मित्र अखिलेश जी, बस हो गया टांय टांय फिस्स!"। उन्होंने अखिलेश यादव के दो उम्मीदवार उतारने के फैसले पर कटाक्ष करते हुए लिखा, "वैसे कभी-कभी ही सही, आप कुछ समझदारी का काम भी कर ही लेते हैं। जैसे आज किया।"

    '403 के सपने देखना बुरी बात नहीं'
    राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव के 403 विधानसभा सीटों से जुड़े राजनीतिक दावे पर भी तंज कसा। उन्होंने लिखा, "रही बात 403 की तो बस यही कहूंगा कि सपने देखना बुरी बात नहीं है।" इसके जरिए राजभर ने राज्यसभा चुनाव से आगे विधानसभा चुनाव की सियासत को भी निशाने पर लिया। 

    बता दें कि राज्यसभा चुनाव के लिए सपा की तरफ से पहले ही दो उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया जा चुका है। लेकिन अखिलेश यादव लगातार दावा कर रहे थे कि वो तीसरे उम्मीदवार के जरिए बीजेपी को सरप्राइज देंगे। लेकिन अब अखिलेश अपनी ही बात से पीछे हट गए हैं। अब इसी को लेकर ओपी राजभर ने अखिलेश पर तंज कसा है।

  • UPI पेमेंट पर चार्ज का असर! 76% यूजर्स बदल सकते हैं भुगतान का तरीका, बड़े ट्रांजैक्शन पर भी पड़ेगा असर

    UPI पेमेंट पर चार्ज का असर! 76% यूजर्स बदल सकते हैं भुगतान का तरीका, बड़े ट्रांजैक्शन पर भी पड़ेगा असर

    नई दिल्ली

    UPI से 2,000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगाने की तैयारी है। यह नियम 15 अक्टूबर से लागू हो सकता है। इसमें UPI P2P यानी ग्राहक से व्यापारी वाले भुगतान शामिल होंगे। यह चार्ज व्यापारी को देना है। लेकिन, सवाल यह है कि अगर व्यापारी या दुकानदार यह खर्च ग्राहकों पर डाल देते हैं, तो क्या होगा? लोकल सर्कल्स के नए सर्वे में इसका बड़ा असर दिख रहा है। सर्वे में 291 जिलों के 67,000 से ज्यादा UPI यूजर्स ने जवाब दिए।

    ग्राहक क्या करेंगे अगर UPI पर फीस लगे?
    सर्वे के मुताबिक, अगर व्यापारी UPI पेमेंट पर अलग से फीस जोड़ते हैं, तो…

        14 प्रतिशत लोग कहते हैं वे UPI से ही पेमेंट करेंगे और फीस भी देंगे।
        27 प्रतिशत लोग कैश से पेमेंट करेंगे।
        26 प्रतिशत लोग क्रेडिट कार्ड पर शिफ्ट हो जाएंगे।
        14 प्रतिशत लोग डेबिट कार्ड इस्तेमाल करेंगे।
        4 प्रतिशत लोग बैंक ट्रांसफर, NEFT या IMPS चुनेंगे।
        नौ प्रतिशत लोग व्यापारी से कोई और ऐसा पेमेंट ऑप्शन मांगेंगे जिस पर अलग चार्ज न हो।
        2 प्रतिशत लोग खरीदारी टाल देंगे या करेंगे ही नहीं।
        4 प्रतिशत लोग तय नहीं कर पाए कि वे क्या करेंगे।

    ₹2,000 से ऊपर की खरीद में कौन से पेमेंट मोड का करेंगे इस्तेमाल ?
    जब लोगों से पूछा गया कि अगर UPI पर अलग चार्ज लगे तो ₹2,000 से ऊपर की खरीद में वे सबसे ज्यादा कौन सा तरीका इस्तेमाल करेंगे तो उनका जवाब कुछ ऐसा रहा..

        26 प्रतिशत लोग क्रेडिट कार्ड चुनेंगे।
        26 प्रतिशत लोग कैश चुनेंगे।
        13 प्रतिशत लोग डेबिट कार्ड चुनेंगे।
        11 प्रतिशत लोग बैंक ट्रांसफर, NEFT या IMPS चुनेंगे।
        सिर्फ 20 प्रतिशत लोग UPI का इस्तेमाल करते रहेंगे।
        4 प्रतिशत लोग अनिश्चित हैं।

    यानी LocalCircles का मानना है कि 76 प्रतिशत UPI यूजर्स बड़े पेमेंट के लिए UPI छोड़ सकते हैं, अगर उस पर अतिरिक्त शुल्क लगता है।

    क्या व्यापारी भी MDR नहीं देना चाहते?
    सर्वे में व्यापारियों की राय भी सामने आई है। 242 जिलों के 32,000 से ज्यादा व्यापारियों ने ये जवाब दिए…

        सिर्फ 17 प्रतिशत व्यापारी ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत MDR देने को तैयार हैं।

        41 प्रतिशत व्यापारी कोई भी MDR देने को तैयार नहीं हैं।

        9 प्रतिशत व्यापारी UPI ही नहीं लेते।

        15 प्रतिशत व्यापारियों ने 0.04 प्रतिशत को अधिकतम सीमा बताया।

    UPI ट्रांजैक्शन वैल्यू 10 प्रतिशत क्यों गिर सकती है?
    लोकल सर्कल्स का अनुमान है कि 15 अक्टूबर से 0.4 प्रतिशत MDR लागू होने के बाद पहले पूरे महीने में UPI ट्रांजैक्शन वैल्यू 10 प्रतिशत तक घट सकती है। दरअसल, ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट संख्या में बहुत कम हैं। मर्चेंट ट्रांजैक्शन वॉल्यूम का 5 प्रतिशत से भी कम, लेकिन वैल्यू के हिसाब से ये करीब 67 प्रतिशत हैं, यानी लगभग ₹6 लाख करोड़ महीना। यह कुल UPI ट्रांजैक्शन वैल्यू का करीब एक-पांचवां हिस्सा है।

    अनुमान है कि UPI ट्रांजैक्शन वॉल्यूम 4 प्रतिशत गिर सकती है। इसमें 1 पर्सेंटेज पॉइंट सीधा नुकसान MSME व्यापारियों पर होगा और 3 पर्सेंटेज पॉइंट नेटवर्क इफेक्ट से, क्योंकि लोग उन व्यापारियों के साथ कुल UPI इस्तेमाल भी कम कर सकते हैं।

    चूंकि 83 प्रतिशत व्यापारी 0.4 प्रतिशत MDR खुद नहीं झेलना चाहते, इसलिए हो सकता है कि वे यह खर्च सरचार्ज, प्रोडक्ट की कीमत बढ़ाकर, या ग्राहकों को दूसरे पेमेंट मोड की तरफ मोड़कर वसूल करें। अगर ऐसा हुआ, तो 76 प्रतिशत ग्राहक ₹2,000 से ऊपर की खरीद में दूसरा पेमेंट मोड चुन सकते हैं।

  • ‘असेंबली से AI तक’ नए यूपी की उड़ान, CM योगी ने प्रदेशवासियों को दिखाई प्रगति की तस्वीर

    ‘असेंबली से AI तक’ नए यूपी की उड़ान, CM योगी ने प्रदेशवासियों को दिखाई प्रगति की तस्वीर

    असेंबली से एआई तक: नए उत्तर प्रदेश की नई उड़ान…

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को 'उप्र की प्रगति' से कराया साक्षात्कार

    सीएम योगी ने 'एक्स' पर किया पोस्ट- जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व 8 यूनिकॉर्न हैं

    पीएम मोदी के विजन को डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा: मुख्यमंत्री

    पूर्ववर्ती सरकार को कटघरे में खड़ा कर सीएम ने लिखा- जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा

    तकनीक का निर्माता बन रहा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री 

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेशवासियों को उप्र की प्रगति से  साक्षात्कार कराया। उन्होंने 2017 के बाद प्रदेश की उड़ान को अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। वहीं पूर्ववर्ती सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा?

    पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का नहीं किया उपयोग
    मुख्यमंत्री ने लिखा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे 'बीमारू' ही बनाए रखा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का जो विजन दिया, डबल इंजन सरकार ने उसे उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है।

    मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही विकास यात्रा
    मुख्यमंत्री ने बताया कि आज साढ़े 9 वर्ष के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी है। जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही है, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके हैं और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व8 यूनिकॉर्न हैं। यानी यात्रा मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है।

    2017 से पहले सैफई महोत्सव ही था सांस्कृतिक उत्थान
    मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की तस्वीर भी दिखाई। कहाकि आज के परिदृश्य से अलग पहले सिर्फ घोषणाएं होती थीं, पर परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए संघर्ष करती थीं। क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था।

    भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा उप्र
    मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने प्राथमिकता बदली। परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी पर जोर दिया। इलेक्ट्रॉनिक्स बढ़ा तो डेटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ी और डेटा बढ़ा तो आज उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है।

    तकनीक का निर्माता बन रहा उत्तर प्रदेश
    मुख्यमंत्री ने बताया कि एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम भी युवाओं को नौकरी खोजने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला बना रहा है। कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार था, आज उसका निर्माता बन रहा है। असेंबली  से एआई तक यह यात्रा केवल तकनीक की नहीं, हमारे युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि की यात्रा है।

    'नए उत्तर प्रदेश' की दिख रही नई उड़ान 
    सीएम ने बताया कि इसी कड़ी में आज (मंगलवार)  लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करूंगा। इस अवसर पर HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी होगा। 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प के साथ यही 'नए उत्तर प्रदेश' की नई उड़ान है।

  • UP Shikshamitra: 1.28 लाख शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का लाभ, सितंबर-अक्टूबर के लिए ₹460.23 करोड़ जारी

    UP Shikshamitra: 1.28 लाख शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का लाभ, सितंबर-अक्टूबर के लिए ₹460.23 करोड़ जारी

    योगी सरकार में 1.28 लाख शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का लाभ, सितंबर-अक्टूबर के लिए ₹460.23 करोड़ जारी

    – ₹10 हजार से बढ़कर ₹18 हजार प्रतिमाह हुआ मानदेय, बढ़ी दर पर सितंबर-अक्टूबर के लिए धनराशि जारी

    – शैक्षिक सत्र 2026-27 में समग्र शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत 1,27,841 शिक्षामित्रों को मिलेगा लाभ

    – प्रत्येक माह ₹230.11 करोड़, दो माह के लिए कुल ₹460.23 करोड़ का प्रावधान

    – जनपदवार आवंटित धनराशि के अनुसार मानदेय भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने समग्र शिक्षा के अंतर्गत शिक्षामित्रों के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया है। ₹10 हजार से बढ़ाकर ₹18 हजार प्रतिमाह किए गए मानदेय की बढ़ी दर पर शैक्षिक सत्र 2026-27 में कार्यरत 1,27,841 शिक्षामित्रों के सितंबर और अक्टूबर माह के मानदेय के लिए ₹460.23 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। दोनों माह के मानदेय भुगतान के लिए जनपदवार धनराशि निर्धारित की गई है।

    सितंबर के मानदेय के लिए ₹230.11 करोड़ तथा अक्टूबर के लिए भी ₹230.11 करोड़ की धनराशि निर्धारित की गई है। इस प्रकार दोनों माह के लिए कुल ₹460.23 करोड़ का प्रावधान किया गया है। संबंधित जनपदों को निर्धारित आवंटन के अनुसार भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

    प्रदेश के लगभग 1.28 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। शैक्षिक सत्र 2026-27 में समग्र शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत 1,27,841 शिक्षामित्रों के लिए सितंबर और अक्टूबर के मानदेय का जनपदवार आवंटन किया गया है। इसके माध्यम से बढ़ी हुई दर पर मानदेय भुगतान की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाएगी।

    मानदेय में 80 प्रतिशत की वृद्धि
    योगी सरकार द्वारा समग्र शिक्षा के अंतर्गत शिक्षामित्रों के मानदेय में ₹8 हजार प्रतिमाह की वृद्धि की गई है। इससे मानदेय ₹10 हजार से बढ़कर ₹18 हजार प्रतिमाह हो गया है, यानी इसमें 80 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बढ़ी दर से मानदेय मिलने से शिक्षामित्रों को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिलेगा।

    “योगी सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि कर उनके आर्थिक हितों को मजबूती दी है। बढ़े मानदेय के साथ सितंबर और अक्टूबर के लिए ₹460.23 करोड़ की धनराशि जारी होना शिक्षामित्रों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।”
    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

    “मानदेय में वृद्धि से शिक्षामित्रों को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिलेगा। इससे वे और अधिक उत्साह एवं प्रतिबद्धता के साथ विद्यालयों में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को सशक्त बनाने में योगदान दे सकेंगे।”
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

  • उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बड़ा फैसला, 6 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी; तुरंत काम शुरू करने के निर्देश

    उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बड़ा फैसला, 6 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी; तुरंत काम शुरू करने के निर्देश

    बरसात के बाद अब धरातल पर दिखेंगे सड़कों के काम, लोक निर्माण विभाग ने 6 कार्यों की निविदा को दी मंजूरी

    कुल 101.24 करोड़ की लागत से सड़कें होंगी चौड़ी और मजबूत, गौरव पथ निर्माण और सौंदर्यीकरण भी होगा

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यादेश जारी कर तत्काल काम शुरू कराने के दिए निर्देश 

    रायपुर. 
     राज्य शासन ने बरसात के बाद सड़कों के निर्माण में तेजी लाने की तैयारी पूरी कर ली है। लोक निर्माण विभाग ने धमतरी जिले में 6 कार्यों के लिए कुल 101 करोड़ 23 लाख 55 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। इनमें पांच सड़कों के मजबूतीकरण और चौड़ीकरण तथा आमदी नगर पंचायत में फोरलेन गौरव पथ एवं सौंदर्यीकरण का काम शामिल है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नए कार्यों की निविदा मंजूर करते हुए धमतरी संभाग के कार्यपालन अभियंता को चयनित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को कार्यादेश जारी कर तत्काल कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए हैं। 

    कई महत्वपूर्ण मार्गों का होगा चौड़ीकरण और मजबूतीकरण

    लोक निर्माण विभाग ने धमतरी जिले में मेघा रोड तिराहा-स्टेशन रोड-चरमुड़िया राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में 3.75 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 45 लाख 12 हजार रुपए, पचपेड़ी-तर्रागोंदी-भेलवाकूदा-टिपानी-सेमरा (बी) मार्ग में पांच किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 13 करोड़ 32 लाख 82 हजार रुपए, नौ किलोमीटर छाती-गागरा-कंडेल-देवपुर मार्ग के लिए 23 करोड़ 12 लाख 46 हजार रुपए तथा 10 किलोमीटर अर्जुनी-भानपुरी-तरसींवा-कुर्रा-अमलीडीह-हसदा सड़क के लिए 19 करोड़ 42 लाख 22 हजार रुपए की निविदा मंजूर की है।

    विभाग ने राजनांदगांव-गुंडरदेही-धमतरी-नगरी सिहावा-बोराई राज्य मार्ग में 23 किलोमीटर लंबाई के मजबूतीकरण एवं डामरीकरण के लिए 11 करोड़ 70 लाख 83 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा इसी मार्ग में पड़ने वाले आमदी नगर पंचायत में 3.50 किलोमीटर फोरलेन गौरव पथ के निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य के लिए भी 19 करोड़ 26 लाख 10 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की है। विभाग द्वारा इन निविदाओं का अनुमोदन अनुबंध के पूर्व ठेकेदारों से संपूर्ण कार्यावधि के लिए प्रभावशील एपीएस (Additional Performance Security) की राशि की बैंक गारंटी प्राप्त करने की शर्त पर की गई है।

    मापदंडों के अनुसार कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें, गुणवत्ता व समय-सीमा पर दें विशेष ध्यान – अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने धमतरी संभाग के कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुसार सुनिश्चित करते हुए कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ये कार्य किसी अन्य को सबलेट नहीं करने तथा कार्य संपादन के लिए पॉवर-ऑफ-अटॉर्नी को मान्य नहीं करने भी कहा है। साव ने अनुबंधित समयावधि में कार्यों को पूर्ण करने, कार्यों का संपादन अनुबंधानुसार प्रशासकीय स्वीकृति एवं आबंटन की सीमा में करने के भी निर्देश दिए हैं।

  • लाड़ली बहना की 41वीं किस्त इस महीने, ₹1,500 मिलेंगे; अब तक 40 किस्तों में ₹65,396 करोड़ ट्रांसफर

    लाड़ली बहना की 41वीं किस्त इस महीने, ₹1,500 मिलेंगे; अब तक 40 किस्तों में ₹65,396 करोड़ ट्रांसफर

    भोपाल 

    फिलहाल 1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिलते हैं। अक्टूबर यानी इसी महीने में 41वीं किस्त आने वाली है, जिसकी राशि अब भी 1,500 रुपये ही तय है। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक, यानी जून 2023 से सितंबर 2026 तक 40 किस्तों में महिलाओं के खातों में कुल 65,396 करोड़ रुपये जा चुके हैं।

    आमतौर पर लाड़ली बहना योजना की राशि महीने में एक बार पात्र महिलाओं के आधार लिंक बैंक खाते में 10 से 15 तारीख के बीच DBT के जरिए भेजी जाती है. इसी वजह से अक्टूबर की किस्त को लेकर 10 से 15 अक्टूबर के आसपास राशि आने की उम्मीद जताई जा रही है. लेकिन जब तक सरकार की ओर से तारीख का ऐलान नहीं होता, इसे पक्की तारीख नहीं माना जा सकता. मौजूदा सरकारी जानकारी के मुताबिक पात्र महिला को 1,500 रुपये प्रति माह उसके स्वयं के आधार लिंक और DBT सक्रिय बैंक खाते में दिए जाते हैं। 

    किस्त से पहले ये काम जरूर जांच लें
    किस्त आने से पहले लाभार्थी महिलाओं को अपने बैंक खाते और योजना की जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए. सरकारी पोर्टल के मुताबिक, महिला के नाम पर अपना बैंक खाता होना जरूरी है. संयुक्त बैंक खाता मान्य नहीं है. बैंक खाते में आधार लिंक होना चाहिए और डीबीटी भी चालू होना जरूरी है. इसके अलावा समग्र पोर्टल पर आधार की ई-केवाईसी भी पूरी होनी चाहिए. अगर बैंक खाते, आधार, मोबाइल नंबर या समग्र की जानकारी में कोई गलती है, तो उसे समय रहते ठीक करा लेना चाहिए. इससे किस्त आने के समय परेशानी नहीं होगी। 

    ऐसे चेक करें 41वीं किस्त का स्टेटस
        सबसे पहले लाड़ली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट (cmladlibehna.mp.gov.in) खोलें.
        वहां ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ विकल्प पर क्लिक करें.
        अब अपना आवेदन नंबर या समग्र आईडी डालें
        इसके बाद कैप्चा भरें.
        रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को डालकर वेरिफिकेशन करें.
        वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद स्क्रीन पर आवेदन और किस्त से जुड़ी जानकारी दिखाई देगी.
        लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त कब आएगी? जानें लेटेस्ट अपडेट

    पैसा नहीं आए तो क्या करें?
    अगर किस्त जारी होने के बाद भी खाते में पैसा नहीं पहुंचता है तो महिला लाड़ली बहना योजना के हेल्पडेस्क नंबर 0755-2700800 पर संपर्क कर सकती है. योजना के आधिकारिक पोर्टल पर भी हेल्पडेस्क की जानकारी दी गई है। 

    इसके अलावा भुगतान से जुड़ी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 के जरिए भी दर्ज कराई जा सकती है. इसलिए किस्त जारी होने के बाद सबसे पहले बैंक खाते की स्थिति और योजना के भुगतान स्टेटस की जांच जरूर करें। 

    40वीं किस्त में ट्रांसफर हुए ₹1,835 करोड़ से ज्यादा
    13 सितंबर 2026 को जारी की गई 40वीं किस्त में 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार 150 महिलाओं के खातों में 1,835 करोड़ रुपये से ज्यादा गए। मौजूदा दर पर यह खर्च सालाना करीब 22,000 करोड़ रुपये बैठता है।

    राज्य के कुल बजट का 5.4% हिस्सा योजना के नाम
    वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 23,883 रुपये करोड़ रखे गए हैं। यह राशि राज्य के कुल बजट (4.38 लाख करोड़ रुपये) का करीब 5.4 प्रतिशत है।

    शुरुआती अनुमान से दोगुना हुआ खर्च
    घोषणा के वक्त योजना का अनुमान इससे आधा था। फरवरी 2023 में जब शुरुआती गणना की गई थी, तब सालाना खर्च करीब 12,000 करोड़ रुपये आंका गया था, क्योंकि उस समय सहायता राशि 1,000 रुपये तय की गई थी।

  • UP राज्यसभा चुनाव: दो सीटों पर सपा की जीत तय, तीसरे कैंडिडेट पर अखिलेश ने दिया बड़ा संकेत

    UP राज्यसभा चुनाव: दो सीटों पर सपा की जीत तय, तीसरे कैंडिडेट पर अखिलेश ने दिया बड़ा संकेत

     नई दिल्ली

    समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के एक पोस्ट ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है. अखिलेश ने एक्स पर लिखा, "अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है." उनके इस बयान को राज्यसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि सपा अब राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए कोई और उम्मीदवार नहीं उतारेगी और उसका पूरा फोकस विधानसभा चुनाव पर रहेगा। 

    दरअसल, उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है और एक सीट जीतने के लिए 37 विधायकों के वोट चाहिए. मौजूदा तौर पर विधानसभा की प्रभावी संख्या 396 है. सपा के पास 98 विधायक हैं। 

    जेल में बंद रमाकांत यादव को वोटिंग की इजाजत नहीं मिलती है तो यह संख्या 97 रह सकती है. कांग्रेस के दो विधायकों का समर्थन मिलने पर सपा के पास 99 वोट हो सकते हैं. ऐसे में दो राज्यसभा सीटों के लिए जरूरी 74 वोट उसके पास आसानी से हैं। 

    तीसरी सीट के लिए 111 वोट की जरूरत
    सपा अगर तीसरे उम्मीदवार को उतारती तो तीनों सीटें जीतने के लिए 111 प्रथम वरीयता वोट चाहिए होते. दो सीटें जीतने के बाद करीब 25 वोट बचते. ऐसे में तीसरी सीट जीतने के लिए कम से कम 12 और विधायकों के समर्थन 
    इसी नंबर को पूरा करने के लिए सपा की नजर विपक्षी और तटस्थ विधायकों पर थी. सुभासपा के तीन ऐसे विधायक, जिनकी पृष्ठभूमि सपा से जुड़ी रही है, उनके समर्थन की उम्मीद थी. सपा के कुछ बागी विधायकों के वापस आने की भी चर्चा थी. इसके अलावा आरएलडी, अपना दल और कुछ दूसरे गैर-बीजेपी विधायकों के रुख पर भी नजर थी। 

    अखिलेश के पोस्ट से बदल गया गेम
    अखिलेश यादव पहले कह चुके थे कि तीसरा उम्मीदवार तभी उतारा जाएगा, जब जरूरी नंबर पूरा हो. लेकिन अब "तीन नहीं, चार सौ तीन" वाले पोस्ट के बाद संकेत मिल रहे हैं कि सपा ने तीसरी राज्यसभा सीट की दौड़ से पीछे हटने का फैसला कर लिया है। 

    ऐसे में राज्यसभा चुनाव में सपा की रणनीति फिलहाल दो सीटों तक सीमित होती दिख रही है, जबकि अखिलेश यादव की नजर अब उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर है। 

  • BHEL दशहरा मैदान में न्याय व्यवस्था का सजीव प्रदर्शन, डायल-112 से वैज्ञानिक साक्ष्य तक समझाया पूरा सिस्टम

    BHEL दशहरा मैदान में न्याय व्यवस्था का सजीव प्रदर्शन, डायल-112 से वैज्ञानिक साक्ष्य तक समझाया पूरा सिस्टम

    डायल-112 से क्राइम सीन और वैज्ञानिक साक्ष्य तक—न्याय की पूरी प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन

    बीएचईएल दशहरा मैदान में 14 विशेष ज़ोन में नवीन न्याय संहिताओं की दी जा रही है जानकारी
    नाट्य मंचन से समझाई जा रही पुलिस और न्याय व्यवस्था की कार्यप्रणाली

    भोपाल 

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा 03 अक्टूबर को भेल दशहरा मैदान में शुभारंभ की गई नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आधुनिक पुलिसिंग और न्याय प्रक्रिया को आमजन के लिए सरल एवं सहज तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रदर्शनी में अपराध की सूचना प्राप्त होने से लेकर पुलिस रिस्पॉन्स, घटनास्थल की जांच, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, फॉरेंसिक जांच, अभियोजन और न्यायालयीन प्रक्रिया तक की पूरी यात्रा को 14 विशेष ज़ोन में मॉडल, डिजिटल तकनीक, वीडियो और सजीव नाट्य मंचनके माध्यम से समझाया जा रहा है।नागरिकों, विद्यार्थियों और अन्य आगंतुकों को पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा इस व्यवस्था की कार्यप्रणाली की जानकारी दी जा रही है।

    07 अक्टूबर तक चलने वाली इस पांच दिवसीय प्रदर्शनी में प्रतिदिन सुबह 11:30 बजे, दोपहर 1:00 बजे, 3:30 बजे तथा शाम 5:00 बजेस्थानीय रंगकर्मियों, पुलिस अधिकारियों, डॉक्टर्स एवं अभियोजन अधिकारियों द्वारा सजीव नाट्य मंचन किया जा रहा है। संजीव नाट्य मंचन के माध्यम से यह बताया जा रहा है कि किसी घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस किस प्रकार कार्रवाई करती है और विभिन्न चरणों से गुजरते हुए मामला न्यायालय तक कैसे पहुंचता है।

    डायल-112—एक कॉल से पुलिस रिस्पॉन्स तक की पूरी प्रक्रिया लाइव

    प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश पुलिस कीडायल-112 की प्रर्दशनी प्रमुख आकर्षण बनी हुई है। इसमें आपातकालीन कॉल प्राप्त होने से लेकर पुलिस टीम के घटनास्थल तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को लाइव डेमो के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है।

    कंपनी प्रतिनिधियों द्वाराकॉल टेकरकी भूमिका निभाते हुए आपातकालीन कॉल प्राप्त करने, कॉलर से आवश्यक जानकारी लेने और घटना का विवरण दर्ज करने की प्रक्रिया दिखाई जा रही है। इसके बाद पुलिस कर्मचारियों द्वाराडिस्पैचरकी भूमिका में सूचना का विश्लेषण कर संबंधित पुलिस टीम को घटनास्थल के लिए रवाना करने की प्रक्रिया समझाई जा रही है।

    प्रदर्शनी में यह भी बताया जा रहा है कि डायल-112 पर प्राप्त सूचना की रिसीविंग, सूचना संकलन, डिस्पैच, पुलिस रिस्पॉन्स और वरिष्ठ अधिकारियों की मॉनिटरिंग किस प्रकार एक समन्वित व्यवस्था के तहत की जाती है। प्रदेश स्तर से लेकर संभागीय एवं जिला स्तर तक 1200 FRV वाहनोंकी गतिविधियों की निगरानी और समीक्षा की व्यवस्था को भी प्रदर्शित किया गया है।

    डायल-112 के माध्यम से आधुनिक संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियों, त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स और विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय को सरल भाषा में समझाया जा रहा है।

    क्राइम सीन से न्यायालय तक—हर साक्ष्य की अपनी भूमिका

    प्रदर्शनी के एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्से में 3D क्राइम सीन मॉडलके माध्यम से गंभीर अपराध के घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच को सजीव रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है।

    नाट्य मंचन के माध्यम से ग्रामीण परिवेश में एक झोपड़ी के सामने का घटनास्थल दिखाया गया है, जहां गोली चलने और चाकू से हमला किए जाने की सूचना प्राप्त होती है। घटनास्थल पर चाकू, बोतल, बटन, कारतूस का खोखा और रक्त के संभावित निशान जैसे साक्ष्यों को प्रदर्शित किया गया है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस द्वारा सबसे पहले घटनास्थल को सुरक्षित किए जाने और साक्ष्यों के संरक्षण पर ध्यान देने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार FSL टीम, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ और डॉग स्क्वाडकी सहायता लेकर वैज्ञानिक जांच किस प्रकार आगे बढ़ाई जाती है, इसे रोल-प्ले के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है।

    घटनास्थल कीस्केल फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी, संभावित फिंगरप्रिंट और जैविक साक्ष्यों का परीक्षण, कारतूस के खोखे के आधार पर आसपास के क्षेत्र की व्यवस्थित सर्च तथा अन्य भौतिक साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन की प्रक्रिया को भी सरल भाषा में बताया जा रहा है।

    यदि घटना की परिस्थितियों के अनुसार किसी संदिग्ध की पहचान होती है, तो मोबाइल फॉरेंसिक वैन में उपलब्ध GSR परीक्षण किटसे प्राथमिक परीक्षण की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की जा रही है। प्राथमिक परीक्षण का परिणाम प्राप्त होने के बाद अंतिम वैज्ञानिक निष्कर्ष के लिए आवश्यक नमूनों को कन्फर्मेटरी परीक्षण हेतु राज्य न्यायालय विज्ञान प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया समझाई जा रही है।

    इसी प्रकार फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ द्वारा संभावित फिंगरप्रिंट विकसित एवं लिफ्ट किए जाने तथा उन्हें नियमानुसार सुरक्षित रखने की प्रक्रिया बताई जा रही है।

    साइबर सुरक्षा—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

    प्रदर्शनी में साइबर अपराधों से बचाव और ठगी की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी जा रही है। नागरिकों को बताया जा रहा है कि साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। साइबर ठगी के मामलों में ‘गोल्डन ऑवर’ का विशेष महत्व है। घटना की सूचना जितनी जल्दी मिलेगी, ठगी की रकम को ट्रैक करने और उपलब्ध प्रक्रिया के माध्यम से उसे फ्रीज कराने के प्रयास उतने ही प्रभावी हो सकते हैं।

    प्रदर्शनी में ₹25,000 से अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में E-Zero FIR, ऑनलाइन जॉब स्कैम, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड एवं इन्वेस्टमेंट फ्रॉड जैसे मामलों से सावधान रहने की जानकारी दी जा रही है।

    नागरिकों को म्यूल अकाउंट के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है—किसी अन्य व्यक्ति को अपना बैंक खाता उपयोग करने देना अथवा अनजान लोगों से खाते में राशि लेकर नकद देना साइबर अपराध में संलिप्तता का कारण बन सकता है।

    साथ ही ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर होने वाली ठगी के प्रति सचेत करते हुए बताया जा रहा है कि पुलिस में डिजिटल अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं है। किसी भी संदिग्ध कॉल, वीडियो कॉल या धनराशि की मांग पर घबराएं नहीं और तत्काल संबंधित माध्यम से शिकायत करें।

    आज नाट्य मंचन से आगे बढ़ेगी प्रदर्शनी की कहानी

    प्रदर्शनी मेंआज 06 अक्टूबर को वैज्ञानिक अनुसंधान चरणका विशेष रूप से नाट्य मंचन किया जाएगा। इस चरण में घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों को वैज्ञानिक जांच के लिए आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को FSL विशेषज्ञों, फोरेंसिक विशेषज्ञों तथा डॉक्टर/मेडिकल टीमकी भूमिका के माध्यम से समझाया जाएगा।

    इसके अतिरिक्‍त प्रदर्शनी में ‘ऑपरेशन मुस्कान’को विशेष फीचर के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके माध्यम से गुम हुए बालक-बालिकाओं की तलाश, विभिन्न स्थानों पर पुलिस टीमों की कार्रवाई, पहचान एवं सत्यापन तथा उन्हें सुरक्षित रूप से परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को संवेदनशील तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा।

    आमजन के सवालों का समाधान, पुलिस व्यवस्था की जानकारी एक ही स्थान पर

    प्रदर्शनी मेंहेल्प डेस्कभी स्थापित किया गया है, जहां आने वाले नागरिकों एवं विद्यार्थियों को प्रदर्शनी के विभिन्न ज़ोन, पुलिस की आधुनिक व्यवस्थाओं तथा प्रदर्शित प्रक्रियाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। हेल्प डेस्क के माध्यम से आगंतुकों को उनकी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करने और प्रदर्शनी के विभिन्न हिस्सों को समझने में सहायता मिल रही है।

     

  • MP में बदलेगा मौसम का मिजाज, पहाड़ों पर एक्टिव होगा पश्चिमी विक्षोभ; इन राज्यों में बारिश संभव

    MP में बदलेगा मौसम का मिजाज, पहाड़ों पर एक्टिव होगा पश्चिमी विक्षोभ; इन राज्यों में बारिश संभव

    भोपाल 
    उत्तरी हवा से वातावरण में ठंडक का अहसास अब धीरे-धीरे होने लगा है। सर्दी के आगमन के बीच सुबह की गुनगुनी धूप अब लोगों को भाने लगी है। मौसम के इस बदलते मिजाज से ये संभावना जताई जा रही है आगामी दिनों में ठंड का असर बढ़ सकता है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। इसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना है। जबलपुर सहित आस-पास का मौसम भी आंशिक रूप से प्रभावित हो सकता है। इसके बाद जबलपुर सहित मप्र में भी ठंड का असर तेजी से बढ़ सकता है।

    फिलहाल मौसम पूरी तरह से शुष्क है। सुबह और रात में हल्की ठंडक का अहसास हो रहा है वहीं दिन में धूप निकल रही है। सात से 12 अक्टूबर तक आंशिक रूप से मौसम में बदलाव देखा जा सकेगा।

    इंदौर में रात का तापमान सबसे कम प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है, लेकिन चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। हालांकि, दिन में तेज धूप खिल रही है। इससे अधिकतम तापमान 37 डिग्री से ऊपर चल रहा है। दूसरी ओर, रात में ठंडक बढ़ गई है। बीती रात इंदौर में सबसे कम 17.2 डिग्री, बैतूल में 17.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 17.6 डिग्री, पचमढ़ी में 18 डिग्री और अमरकंटक में 18.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया, पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही होने का अनुमान है। अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिल गई। वहीं, रात में ठंडक है।

    इस बार सामान्य से कम हुई बारिश बता दें कि इस बार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 100 दिन सक्रिय रहा। 24 जून को यह एंटर हुआ था और 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से विदाई ले ली।

    इस बार कम पानी गिरा, 30 जिलों में असर दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है।

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।

    वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है।

    इन 25 जिलों में कोटा फुल भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है।

    बाकी 30 जिलों में कम बारिश हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    तापमान 21 डिग्री के आसपास

    फिलहाल दिन का तापमान जहां 32 डिग्री के ऊपर बना हुआ है वहीं रात का न्यूनतम तापमान 20-21 डिग्री के आसपास बना हुआ है। सोमवार को हवा का रुख उत्तर-पश्चिमी रहा। अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

    मौसम का पूर्वानुमान

    मौसम शुष्क रहेगा

    सूर्योदय- 6: 04

    सूर्यास्त- 5: 53

    तापमान अधिकतम -34.0

    न्यूनतम – 21.5

    आर्दता-66 -45