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  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय चित्रकला एवं भाषण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय चित्रकला एवं भाषण

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का जन्मदिवस सेवा के संकल्प को साकार करते हुए मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी ने विकास को विरासत से जोड़कर आगे बढ़ाया है। कई सालों तक ब्रिटिश काल में बने भवन में हमारी संसद चलती रही। लेकिन अब हमारी संसद का नया भवन ऐसा बना है, जिसमें भारतीयता के दर्शन होते हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने लोकतंत्र को गौरवान्वित करते हुए सार्वजनिक जीवन जिया है। यह गर्व का विषय है कि अमेरिका के राष्ट्रपति भी हमारी चुनाव प्रक्रिया की तारीफ करते हुए उसे अपनाने की मंशा जताते हैं। प्रधानमंत्री  मोदी की छवि वैश्विक नेताओं के बीच विशिष्ट दिखती है। प्रधानमंत्री  मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस उपलब्धि पर सेवा संकल्प अभियान-2026 में पूरा देश एक साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टी.टी. नगर भोपाल में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभकिया। कार्यक्रम वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुआ।

    55 जिलों से चयनित उत्कृष्ट चित्रकला कृतियों का हुआ प्रदर्शन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर प्रदेश के 55 जिलों से चयनित उत्कृष्ट चित्रकला कृतियों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में राज्य स्तरीय भाषण प्रतियोगिता के प्रथम तीन विजेताओं ने भाषण भी प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटे-बेटियों की चित्रकला प्रतिभा और भाषण की दक्षता की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारे विद्यार्थियों ने अपने मन के भाव को भाषण और चित्रों के माध्यम से बहुत प्रभावी तरीके से अंकित और अभिव्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेरे सपनों का भारत-राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त अशोक नगर की सु जी मिश्रा का वक्तव्य सुना। द्वितीय स्थान पर रहीं जिला धार की सु छवि मंगरोलिया और तृतीय पर रहीं गुना जिले की सु रानी रजक के विचार भी सुने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त नरसिंहपुर जिले की आयुष अहिरवार, द्वितीय स्थान पर रहीं बालाघाट की सु डीनू बोपचे और तृतीय स्थान पर रहीं टीकमगढ़ की सु आयुषी सिद्धी नामदेव को पुरस्कार प्रदान किए।

    पांच जिला शिक्षा अधिकारियों को मिला सम्मान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य के लिए अधिकारियों को भी सम्मानित किया। इसके अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारियों में सतना की  सलोनी शर्मा, नरसिंहपुर के  अनिल कुशवाहा, बालाघाट की सु धन जैन, अनूपपुर के  तुलाराम आरमो, उज्जैन के  महेंद्र खत्री तथा लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के संयुक्त संचालक  एच.एन. नेमा को उनके सराहनीय योगदान और निष्ठापूर्ण सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कार्यक्रम में शासकीय बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोरसा जिला मुरैना की कक्षा 10वीं छात्रा कुमारी इकरा ने सम्पर्क कर उनसे कठिन परिस्थितियों में आगे पढ़ाई संबंधी अपनी समस्या साझा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिटिया इकरा को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

    देश के साथ मध्यप्रदेश भी तेजी से बदल रहा है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी तीन बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने और अब तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में उन्होंने राज्य की अनेक चुनौतियों को समाप्त करते हुए गुजरात को एक सशक्त और समृद्ध प्रदेश बनाया। उनके कार्यकाल में पेट्रोकेमिकल की रिफाइनरी गुजरात में स्थापित हुईं, जिससे आज भारत ईंधन के मामले में आत्मनिर्भर बन पाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने मेरा भारत और विकसित भारत की संकल्पना के भाव से बड़े से बड़े फैसले लिए और उन्हें सरलता से लागू भी किया। आज हम डिजिटल भुगतान के माध्यम से दुनिया में सबसे अधिक यूपीआई ट्रांजैक्शन करने वाले देश हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने डीबीटी की शुरुआत की, इससे जरूरतमंदों को उनके हक की रकम सीधे बैंक खाते में पहुंचती है। देश के साथ मध्यप्रदेश भी तेजी से बदल रहा है।

    स्कूल शिक्षा की बेहतरी केलिए हरसंभव प्रयास जारी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के लाखों विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस के सेवा संकल्प अभियान में सहभागिता की है। विद्यार्थियों के लिए स्वच्छता, पौध-रोपण, प्रकृति संरक्षण, जल संरक्षण, गरीबों की मदद करना तथा माता-पिता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्यार्थियों ने सुशासन पर विश्वास रखते हुए देश के लिए प्रतिबद्धता से सभी कामों को ईमानदारी से करने का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा की बेहतरी केलिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी सरकार ने आगामी 2 वर्ष में स्कूलों के सभी जर्जर भवनों के स्थान पर नए भवन तैयार करने का संकल्प लिया है। मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी, लैपटॉप और किताब, ड्रेस भी नि:शुल्क दी जा रही हैं। हमारी सरकार ने वर्षों से लंबित शिक्षकों के प्रमोशन कर उन्हें भी नई सौगात दी है। स्कूलों के लिए शिक्षकों की भर्ती भी की जाएगी।

    अमृतकाल की युवा पीढ़ी विकसित भारत को आकार देगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 21 वर्ष बाद दोबारा सार्वजनिक बस सेवा की शुरुआत की गई है। ये बसें प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों में भी नागरिकों को सुगम परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराएंगी। स्कूलों में विद्यार्थियों के आवागमन के लिए भी बसें संचालित की जा रही हैं। हमारी सरकार राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक क्षेत्र में संकल्प के साथ कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य बना है। प्रदेश सरकार वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने जा रही है। हमारे अमृतकाल की युवा पीढ़ी वर्ष 2047 तक विकसित भारत को आकार देगी।

    भविष्य का भारत बेहतर होगा

    स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिता में स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रदेश के 41 हजार से अधिक विद्यालयों में जिला स्तर, ब्लॉक स्तर और राज्य स्तर पर 'मेरे सपनों का भारत' विषय पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें कक्षा 6 से 12वीं तक के 50 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों के विचार और संस्कार सामने आए, जिन्हें सुनकर और देखकर यह विश्वास मजबूत होता है कि भविष्य का भारत बेहतर होगा। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री  चैतन्य कुमार काश्यप, भोपाल महापौर  मालती राय, विधायक  भगवानदास सबनानी, स्कूल शिक्षा सचिव  संजय गोयल सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।

     

  • उद्योगों की जरूरत के मुताबिक युवाओं को तैयार करने ITE Education Services के साथ समझौता

    उद्योगों की जरूरत के मुताबिक युवाओं को तैयार करने ITE Education Services के साथ समझौता

    रायपुर 

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सिंगापुर यात्रा के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ ने कौशल विकास और निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण देने के लिए सिंगापुर की ITE Education Services के साथ एमओयू किया गया। वहीं एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में ₹350 करोड़ का नया निवेश प्रस्ताव भी मिला। इसके साथ ही सिंगापुर यात्रा में छत्तीसगढ़ को मिले एफडीआई निवेश प्रस्तावों की राशि बढ़कर ₹43,600 करोड़ हो गई है।

    मुख्यमंत्री  साय ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन से भी मुलाकात की। इसके अलावा दुनिया की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

    छत्तीसगढ़ ने विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के नामांकन पर पहले Singapore-India Network for Growth (SING) Forum 2026 में भाग लिया है।

    युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाली स्किलिंग पर जोर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ सरकार और ITE Education Services, Singapore के बीच तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल ने ITE कॉलेज का भ्रमण कर वहां के उद्योग आधारित प्रशिक्षण मॉडल को भी समझा।

    सिंगापुर में Cisco, BYD और Singapore Airlines जैसी बड़ी कंपनियां ITE कॉलेजों के साथ मिलकर पाठ्यक्रम तैयार करने, प्रशिक्षण देने और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने में सहयोग करती हैं। इसी अनुभव का लाभ छत्तीसगढ़ में भी लिया जाएगा। इससे उद्योगों की जरूरत के मुताबिक पाठ्यक्रम तैयार करने, प्रशिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने में मदद मिलेगी।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि “निवेश से उद्योग आते हैं और कुशल युवा उन उद्योगों की ताकत बनते हैं। सिंगापुर ने कौशल विकास का एक सफल मॉडल तैयार किया है। हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को भी उद्योगों की जरूरत के मुताबिक आधुनिक प्रशिक्षण मिले और वे अपने प्रदेश में ही बेहतर करियर बना सकें। प्रदेश में आने वाले उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुसार कुशल युवा यहीं मिलें।”

    किसानों की उपज को मिलेगा बड़ा बाजार

    मुख्यमंत्री  साय ने सिंगापुर की Valency International Pte Ltd को छत्तीसगढ़ में ₹350 करोड़ के निवेश का आमंत्रण दिया। 22 देशों में कारोबार करने वाली यह कंपनी प्रदेश में इंटीग्रेटेड एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब स्थापित करेगी।

    इस हब में काजू, तिल, दलहन और मूंगफली की प्रोसेसिंग की जाएगी। इससे किसानों की उपज का प्रदेश में ही मूल्य संवर्धन होगा, उन्हें नए बाजार मिलेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

    सिंगापुर के विदेश मंत्री से हुई मुलाकात

    मुख्यमंत्री  साय ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन से मुलाकात की। दोनों के बीच छत्तीसगढ़ और सिंगापुर के बीच निवेश, कौशल विकास, शहरी नियोजन और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। सिंगापुर के अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ के विकास में किस तरह लिया जा सकता है, इस पर भी विचार-विमर्श हुआ।

    15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के साथ निवेश पर चर्चा

    सीईओ राउंडटेबल में मुख्यमंत्री  साय ने 15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से संवाद किया। इनमें TCS, SMBC, Tolaram Group, Agrocorp, Indian Ocean Group और Blue Aqua शामिल थे।

    मुख्यमंत्री ने उन्हें छत्तीसगढ़ की निवेश-अनुकूल नीतियों, सुधारों और बेहतर कारोबारी वातावरण की जानकारी दी। बैठक में टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, एग्रीबिजनेस, एक्वाकल्चर और फूड सेक्टर में निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

    AI और डिजिटल फाइनेंस में युवाओं को प्रशिक्षण देने पर चर्चा

    मुख्यमंत्री  साय ने Global Finance & Technology Network (GFTN) के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की। बैठक में GFTN के ग्रुप सीईओ  Sopnendu Mohanty, इंडिया, एशिया, जापान एवं ASEAN के सीईओ  James Boey और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर  Anthony Thomas सहित उनकी टीम शामिल हुई।

    बैठक में छत्तीसगढ़ के युवाओं को AI और डिजिटल फाइनेंस में प्रशिक्षण देने, प्रदेश के स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने और नई तकनीकों के लिए टेक लैब स्थापित करने में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

    इन महत्वपूर्ण समझौतों और बैठकों के साथ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सिंगापुर यात्रा संपन्न हुई। इस यात्रा ने निवेश के साथ-साथ कौशल, तकनीक और वैश्विक साझेदारी के नए अवसर छत्तीसगढ़ के लिए खोले हैं। प्रतिनिधिमंडल 7 अक्टूबर को रायपुर लौटेगा।

  • मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने CM यादव की बड़ी पहल, मुंबई में उद्योग जगत से करेंगे सीधा संवाद

    मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने CM यादव की बड़ी पहल, मुंबई में उद्योग जगत से करेंगे सीधा संवाद

    मुंबई में उद्योग जगत से सीधा संवाद करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों पर प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें

    मुंबई में होगा उच्चस्तरीय निवेश संवाद
    जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले उद्योग समूहों के साथ संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों और औद्योगिक संभावनाओं को देश के प्रमुख उद्योग समूहों तक सीधे पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 अक्टूबर को मुंबई में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे। द सेंट रेजिस, लोअर परेल में आयोजित होने वाले मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों पर संवादात्मक सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपतियों के साथ वन टू वन बैठकें करेंगे और प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा भी करेंगे।

    मुंबई देश के प्रमुख औद्योगिक, वित्तीय और कारोबारी समूहों का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग जगत के साथ सीधा संवाद मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर चल रहे संपर्क अभियान का महत्वपूर्ण चरण होगा। संवाद के दौरान प्रदेश की औद्योगिक नीति, निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों तथा विभिन्न क्षेत्रों में विकसित हो रहे औद्योगिक आधार से उद्योग समूहों को अवगत कराया जाएगा।

    निवेशकों से सीधे संवाद पर होगा फोकस

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठक करेंगे । इसके बाद मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों पर केंद्रित प्रस्तुतिकरण और विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मुख्य संबोधन भी निवेशकों के साथ संवाद का प्रमुख केंद्र रहेगा।

    मध्यप्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश में उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, निवेश अनुकूल नीतिगत वातावरण और विभिन्न क्षेत्रों में विकसित हो रहे औद्योगिक अवसरों को विस्तार से सामने रखा जाएगा। औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर प्रस्तुतीकरण देंगे। संवाद में विशेष रूप से यह रेखांकित किया जाएगा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित होने के कारण बड़े बाजारों से जुड़ाव, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक अधोसंरचना और विभिन्न क्षेत्रों में विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स के माध्यम से निवेशकों के लिए व्यापक संभावनाएं उपलब्ध करा रहा है। प्रदेश में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप अधोसंरचना और निवेश सुविधा तंत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

    जनवरी 2027 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले बढ़ाया जा रहा सीधा संपर्क

    मध्यप्रदेश सरकार ने जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों के साथ देश और विदेश के प्रमुख उद्योग समूहों से सीधे संपर्क की प्रक्रिया तेज की है। इसी क्रम में मुंबई का यह संवाद महत्वपूर्ण है। सरकार का प्रयास है कि समिट से पहले विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग समूहों के साथ उनकी आवश्यकताओं, निवेश योजनाओं और प्रदेश में उपलब्ध अवसरों पर प्रत्यक्ष संवाद स्थापित हो।

    मुंबई संवाद में प्रमुख उद्योग क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। इससे प्रदेश में निवेश के इच्छुक उद्योग समूहों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप अवसरों और औद्योगिक क्षेत्रों की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ संभावित निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के लिए सीधा संवाद स्थापित करने का अवसर मिलेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उद्योगपतियों के साथ वन टू वन बैठकें इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं कि इनमें निवेशकों के प्रस्तावों और उनकी व्यावसायिक आवश्यकताओं को सीधे समझने का अवसर मिलेगा। प्रदेश सरकार की ओर से निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने, आवश्यक अनुमतियों और सुविधाओं को सुगम बनाने तथा उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की जाएगी।

    मुंबई में होने वाला यह निवेश संवाद मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देने और देश के प्रमुख उद्योग समूहों के साथ प्रदेश के संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आयोजित यह संवाद निवेश प्रस्तावों तक सीमित न रहकर उद्योगों की आवश्यकताओं को समझने और उन्हें मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों से जोड़ने पर विशेष रूप से केंद्रित रहेगा।

     

  • आयुर्वेद को नई पहचान देने पर जोर, राज्यपाल पटेल ने ‘नाड़ी विश्लेषण-2026’ का किया उद्घाटन

    आयुर्वेद को नई पहचान देने पर जोर, राज्यपाल पटेल ने ‘नाड़ी विश्लेषण-2026’ का किया उद्घाटन

    नाड़ी विश्लेषण, आयुर्वेद का विज्ञान और भारत का गौरव : राज्यपाल पटेल

    राज्यपाल ने किया राष्ट्रीय संगोष्ठी नाड़ी विश्लेषण- 2026 का शुभारंभ

    भोपाल 

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि नाड़ी विश्लेषण विज्ञान, भारत की समृद्ध चिकित्सकीय ज्ञान परंपरा है। यह विज्ञान के साथ भारतीय ज्ञान की गौरवशाली विरासत भी है। आधुनिक तकनीक और आयुष विज्ञान के साथ नाड़ी विश्लेषण को जोड़ना और विस्तारित करना स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत बनाने का मार्ग है। उन्होंने संगोष्ठी के आयोजन की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि “सबके लिए स्वास्थ्य” के लक्ष्य की पूर्ति में आयुर्वेद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, क्योंकि यह स्वस्थ जीवनशैली और स्व-देखभाल को बढ़ावा देता है। नाड़ी विश्लेषण, कम खर्चीली, बिना किसी शारीरिक नुकसान की जाँच विधि है, जिसमें जटिल उपकरणों की आवश्यकता नहीं होती है। इसलिए नाड़ी विश्लेषण ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सस्ती, सुलभ और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के द्वारा जन स्वास्थ्य को नया आयाम दे सकती है।

    राज्यपाल पटेल मंगलवार को नाड़ी विश्लेषण – 2026 पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी का आयोजन, राष्ट्रीय आयुष मिशन और पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में ''नाड़ी परीक्षा की व्यवहारिक तकनीकों की खोज एवं निदान में नाड़ी का नैदानिकी महत्व'' विषय पर किया गया था।

    स्वस्थ जीवन और वेलनेस को बढ़ाता है आयुर्वेद

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आज दुनिया आयुर्वेद केहॉलिस्टिक विजन और जीवन दर्शन की ओर लौट रही है। आयुर्वेद आरोग्य का ऐसा विज्ञान है, जो रोग के उपचार से आगे बढ़कर स्वस्थ जीवन और वेलनेस को बढ़ावा देता है। इसके बहुउद्देश्यीय महत्व के कारण आयुर्वेद का भविष्य स्वर्णिम है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, हमें अनुशासन सिखाता है। मौसम के अनुसार खान-पान और जीवन शैली में परिवर्तन का मार्गदर्शन देता है। आयुष की अलग-अलग विधाएं भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। योग, हौम्योपैथी और नैचुरोपैथी हर घर-हर व्यक्ति तक पहुँच गई है। परिणामस्वरूप आज विश्वभर में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासित जीवनशैली और संयमित खान-पान की उपयोगिता बताई। सभी को नियमित व्यायाम, पौष्टिक आहार, भरपूर नींद और पर्याप्त पानी को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी।

    एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली का हिस्सा बनाने पर हो चिंतन

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने आयुर्वेद को नई पहचान दिलाई है। समय की मांग है कि नाड़ी विश्लेषण के पारंपरिक ज्ञान से जुड़े दावों का आधुनिक वैज्ञानिक मानकों और शोध पद्धतियों के आधार पर विश्लेषण तथा सत्यापन किया जाए। नाड़ी विश्लेषण की व्यक्तिपरकता और विशिष्ट आकलन के अंतरों को कम करने पर चर्चा की जाए। आधुनिक वैज्ञानिक मापदण्डों के आधार पर प्रमाणित विश्लेषण द्वारा इसे एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली का हिस्सा बनाने पर भी चिंतन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन क्षेत्रों में जहाँ आधुनिक जाँच सुविधाएँ सीमित हैं, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में नाड़ी विश्लेषण विधि के द्वारा बड़ी संख्या में लोगों तक स्वास्थ्य परामर्श तथा प्रारंभिक स्वास्थ्य आकलन में आयुर्वेद चिकित्सक और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की संभावनाओं को भी खोजा जाना चाहिए।

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ भगवान धन्वतरी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उनका आयुष विभाग के प्रमुख सचिव शोभित जैन ने पौधा और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल पटेल ने ''आयु वर्धनम् – सिकल सेल'' लघु पुस्तिका का लोकार्पण किया। भारत के प्रतिष्ठित नाड़ी विशेषज्ञों का सम्मान किया। महाविद्यालय परिसर में औषधीय पौधे का रोपण किया।

    कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी ने आयुर्वेद को आगे बढ़ाने में महाविद्यालय की सतत और सक्रिय भूमिका की सराहना की। स्वागत उद्बोधन में आयुष विभाग के प्रमुख सचिव शोभित जैन ने नाड़ी विश्लेषण विज्ञान के प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन के उद्देश्य, महत्व और उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। आभार आयुष विभाग की आयुक्त सुउमा माहेश्वरी ने व्यक्त किया। संगोष्ठी का प्रारंभ और समापन राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रीय गान से हुआ। कार्यक्रम में पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य उमेश शुक्ला, नाड़ी विशेषज्ञ, महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के संकाय प्रमुख, आचार्यगण और विद्यार्थी उपस्थित थे।

     

  • MP में चीता संरक्षण को बड़ी उड़ान, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 2 चीते होंगे विमुक्त; 7 अक्टूबर को कार्यक्रम

    MP में चीता संरक्षण को बड़ी उड़ान, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 2 चीते होंगे विमुक्त; 7 अक्टूबर को कार्यक्रम

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 7 अक्टूबर को 2 चीतों को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में करेंगे विमुक्त

    मध्यप्रदेश में कूनो और गांधीसागर के बाद अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व बनेगा चीतों का तीसरा आवास

    वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन पर सागर और बुंदेलखंड के लिए ऐतिहासिक अवसर

    सागर

    वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन अवसर पर सागर और बुंदेलखंड के लिए वन्यजीव संरक्षण का एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अक्टूबर को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में कूनो से लाए गए दो चीतों को विमुक्त करेंगे। इसके साथ ही यह मध्यप्रदेश में चीतों का तीसरा आवास बन जाएगा।

    चीतों की मौजूदगी से सागर और बुंदेलखंड में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर सृजित होंगे। देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटकों के यहां पहुंचेंगे, जिससे होटल, रिसॉर्ट, होम-स्टे, परिवहन, गाइड, वाहन चालक, छोटे व्यवसाय और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

    439 हेक्टेयर क्षेत्र में चीतों के लिए विशेष व्यवस्थाएं

    कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य के बाद वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को मध्यप्रदेश में चीतों के तीसरे आवास के रूप में विकसित किया गया है। चीतों की सुरक्षा और अनुकूलन के लिए लगभग 439 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। आधुनिक बाड़ों (बोमा) और अन्य सुविधाओं से युक्त सुरक्षित आवास तैयार किया गया है। वन विभाग द्वारा चीतों की सुरक्षा, नियमित निगरानी और स्वास्थ्य देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। साथ ही, क्षेत्र में मौजूद अन्य वन्यजीवों के लिए भी सुरक्षित और अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया गया है।

    प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व

    वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, जिसे नौरादेही टाइगर रिजर्व के नाम से भी जाना जाता है, सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों में लगभग 2,339 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। वर्ष 1997 में स्थापित इस क्षेत्र को नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य के साथ एकीकृत करने के बाद 20 सितंबर 2023 को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया। यह क्षेत्र बाघ, तेंदुआ, चीतल, सांभर, नीलगाय और भालू सहित विविध वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है तथा संकटग्रस्त भारतीय गिद्ध प्रजातियों के संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है।

    चीता पुनर्स्थापना अभियान को मिला नया विस्तार

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से लाए गए चीतों को विमुक्त कर भारत में चीता पुनर्स्थापना अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका से भी चीते भारत लाए गए। अब यह अभियान मध्यप्रदेश के अन्य उपयुक्त वन क्षेत्रों तक विस्तार ले रहा है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों की विमुक्ति इसी व्यापक संरक्षण अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है।

    देश में चीतों की संख्या बढ़कर 60

    5 अक्टूबर 2026 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी मादा चीता KJP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया। इसके साथ देश में चीतों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है, जिनमें 41 भारत में जन्मे चीते शामिल हैं।

    7 अक्टूबर को कूनो से नर थोलो और मादा CCB-3 को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व लाया जाएगा। इनके स्थानांतरण के बाद कूनो में 54 चीतें रहेंगे। गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में दक्षिण अफ्रीकी मूल के नर चीते प्रभास और पावक, मादा धीरा तथा सितंबर 2026 में बोत्सवाना से लाकर विमुक्त की गई मादा राधा मौजूद हैं।

    वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों की विमुक्ति के साथ मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापना अभियान एक नए चरण में प्रवेश करेगा।

  • छोटे कारोबारियों को बड़ी सौगात! ₹10,000 करोड़ का Growth Fund, लॉजिस्टिक्स सिस्टम होगा मजबूत

    छोटे कारोबारियों को बड़ी सौगात! ₹10,000 करोड़ का Growth Fund, लॉजिस्टिक्स सिस्टम होगा मजबूत

    नई दिल्ली

    केंद्र सरकार ने ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और छोटे कारोबार को लेकर दो बड़े फैसले किए हैं. केंद्रीय कैबिनेट ने इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी यानी ITLA बनाने को मंजूरी दी है. साथ ही स्‍मॉल एंड मीड‍ियम एंटरप्राइजेज ग्रोथ फंड (SGF) के लिए 10,000 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दी गई है. सरकार एक तरफ देश में सड़क, रेलवे, बंदरगाह, हवाई सेवा और दूसरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम को आपस में जोड़कर काम कराने की तैयारी कर रही है. दूसरी तरफ छोटे और मझोले कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड बनाया जा रहा है. इससे आम आदमी, किसान, छोटे दुकानदार और छोटे कारोबारी को सीधा फायदा होगा। 

    आपके भी मन में सवाल होगा क‍ि आख‍िर इस तरह की अथॉर‍िटी की जरूरत क्‍यों पड़ी. मान लीजिए किसी किसान ने अपने खेत में गेहूं पैदा किया. गेहूं गांव से मंडी जाएगा, वहां से किसी दूसरे शहर में जाएगा और फिर किसी फैक्ट्री या गोदाम तक पहुंचेगा. इस पूरे सफर में सड़क, ट्रक, रेलवे, गोदाम और कई बार बंदरगाह तक की जरूरत पड़ सकती है. अगर सड़क अच्छी है लेकिन रेलवे कनेक्शन नहीं है, रेलवे है लेकिन माल उतारने-चढ़ाने की व्यवस्था कमजोर है या बंदरगाह तक पहुंचने में बहुत समय लग रहा है तो पूरे सिस्टम का खर्च बढ़ जाता है. यही खर्च आखिरकार सामान की कीमत में भी जुड़ता है. मोदी सरकार की नई ITLA का मकसद इसी पूरी कड़ी को एक साथ देखकर योजना बनाना है। 

    अभी कैसे होता है?
    अभी सड़क, रेलवे, बंदरगाह, हवाई सेवा, जलमार्ग और दूसरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम से जुड़े काम अलग-अलग मंत्रालयों और एजेंसियों के जरिए होते हैं. ITLA इन सबके बीच बेहतर तालमेल बनाने वाली संस्था के तौर पर काम करेगी. ITLA को आप सरकार का ऐसा सिस्टम समझ सकते हैं, जो यह देखने की कोशिश करेगा कि देश में माल और लोगों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए कौन सा रास्ता सबसे बेहतर है. इसमें सड़क, रेलवे, बंदरगाह, शिपिंग, हवाई सेवा, जलमार्ग, कोस्टल शिपिंग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक्स सभी को एक साथ देखा जाएगा। 

    यानी सरकार सिर्फ यह नहीं देखेगी कि सड़क कहां बनानी है. यह भी देखा जाएगा कि उस सड़क का रेलवे, बंदरगाह या दूसरे परिवहन साधनों से कनेक्शन कैसा है. इससे एक ही काम के लिए अलग-अलग विभागों में योजना बनाने की बजाय एक साझा प्लान के हिसाब से काम करने की कोशिश होगी। 

    10 साल या उससे ज्यादा का ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान बनेगा
    ITLA की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान तैयार करना होगी. यह छोटी अवधि की योजना नहीं होगी. सरकार ने इसे 10 साल या उससे ज्यादा की अवधि को ध्यान में रखकर बनाने की बात कही है. इसका मतलब यह है कि सरकार आने वाले वर्षों में देश में ट्रांसपोर्ट की जरूरत कहां बढ़ेगी, किस इलाके में सड़क चाहिए, कहां रेलवे कनेक्शन चाहिए, किस बंदरगाह की क्षमता बढ़ानी है और माल की आवाजाही किस तरह आसान बनाई जा सकती है] इन सबको पहले से प्लान करने की कोशिश करेगी. अगर किसी इलाके में अगले 10-15 साल में उद्योग, खेती या कारोबार बढ़ने वाला है तो वहां की सड़क और माल ढुलाई की जरूरत का अंदाजा पहले से लगाया जा सकता है। 

    500 करोड़ से बड़े प्रोजेक्ट की भी होगी जांच
    ITLA की भूमिका सिर्फ प्लान बनाने तक सीमित नहीं होगी. 500 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा लागत वाली केंद्र सरकार की ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की तकनीकी जांच भी ITLA करेगी. इन परियोजनाओं की निगरानी और उनके असर का आकलन भी किया जाएगा. यानी किसी बड़े सड़क, रेलवे या दूसरे ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट पर सैकड़ों-हजारों करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं तो यह देखने की व्यवस्था होगी कि परियोजना तकनीकी रूप से सही है या नहीं और इससे अपेक्षित फायदा मिल रहा है या नहीं. यानी बड़ा प्रोजेक्ट सिर्फ बनाना ही मकसद नहीं होगा, उससे कितना फायदा हुआ, यह भी देखा जाएगा। 

    FASTag से GSTN तक का डेटा एक जगह आएगा
    ITLA का एक और महत्वपूर्ण काम नेशनल ट्रांसपोर्ट डेटा रिपॉजिटरी बनाना होगा. इसमें FASTag, Vahan, GSTN e-way bill, GPS और ट्रैफिक सिस्टम जैसे अलग-अलग स्रोतों से मिलने वाले डेटा को एक साथ लाने की योजना है। 

    इसका फायदा क्या होगा?
    मान लीजिए किसी हाईवे पर हर दिन हजारों ट्रक गुजर रहे हैं. FASTag से टोल और वाहनों की आवाजाही का डेटा मिलता है. GSTN e-way bill से यह पता लगाया जा सकता है कि सामान की आवाजाही किस तरह हो रही है. GPS और ट्रैफिक सिस्टम से यह समझने में मदद मिल सकती है कि ट्रैफिक कहां और कितना है. अगर यह जानकारी एक साथ मिलेगी तो सरकार को यह समझने में आसानी होगी कि कहां सड़क पर दबाव बढ़ रहा है, माल किस रूट से ज्यादा जा रहा है और कहां नई सुविधा की जरूरत है. यानी भविष्य में ट्रांसपोर्ट से जुड़े फैसले ज्यादा डेटा के आधार पर लेने की कोशिश होगी। 

    इसका फायदा आम आदमी को क्‍या फायदा
    अगर माल एक शहर से दूसरे शहर तक जल्दी और कम खर्च में पहुंचता है तो कारोबारी की लागत घट सकती है. अगर किसान की फसल मंडी तक जल्दी पहुंचती है तो नुकसान कम हो सकता है. अगर फैक्ट्री तक कच्चा माल समय पर पहुंचता है तो उत्पादन बेहतर हो सकता है. और अगर पूरे सिस्टम की लागत कम होती है तो लंबे समय में इसका फायदा कारोबार, किसान और उपभोक्ता, तीनों को मिल सकता है। 

    10 हजार करोड़ का SGF फंड है क्‍या?
    SGF के लिए 10,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं. यह फैसला छोटे और मझोले कारोबार के लिए महत्वपूर्ण है. देश में बहुत से कारोबार ऐसे हैं जो छोटी या मध्यम इकाई से शुरू होते हैं. इनमें मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, सप्लायर, सर्विस कारोबार और दूसरी कारोबारी इकाइयां शामिल हैं. इन कारोबारों को आगे बढ़ने के लिए नई मशीन खरीदने, उत्पादन बढ़ाने, कारोबार का विस्तार करने या नई क्षमता तैयार करने के लिए पूंजी की जरूरत पड़ती है. SGF का उद्देश्य ऐसे छोटे और मझोले उद्यमों की ग्रोथ को सहारा देना है. हालांकि 10 हजार करोड़ रुपये का मतलब यह नहीं है कि हर छोटे दुकानदार या कारोबारी को सीधे उसके खाते में पैसा मिलेगा. यह एक ग्रोथ फंड है. इससे किस तरह के उद्यमों को और किन नियमों के तहत मदद मिलेगी। 

     

  • 12 नए मेडिकल कॉलेज और रोजगारपरक कोर्स के लिए 12 नए विश्वविद्यालय होंगे आरंभ

    12 नए मेडिकल कॉलेज और रोजगारपरक कोर्स के लिए 12 नए विश्वविद्यालय होंगे आरंभ

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष 2027 प्रदेश में युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा और एक वर्ष में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की एक नहीं, दो परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही प्रदेश में 12 नए मेडिकल कॉलेज और रोजगारपरक कोर्स के लिए 12 नए विश्वविद्यालय आरंभ किए जाएंगे, जो कौशल उन्नयन पर केन्द्रित होंगे। प्रदेश के एक लाख युवाओं को कौशल उन्नयन योजना से जोड़ा जाएगा। युवा वर्ष 2027 के लिए एक पोर्टल की भी शुरूआत की जाएगी, जिसमें युवा अपने विचार और सुझाव दे सकेंगे। राज्य सरकार उपयुक्त सुझावों को लागू करने की दिशा में कार्य करेगी। प्रदेश के सभी जिलों के शासकीय महाविद्यालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। कॉलेजों में विद्यार्थियों के बेहतर प्लेसमेंट के लिए विशेष एजेंसी निर्धारित की जाएगी, जो युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए काम करेगी। स्नातकोत्तर की छात्राओं को गांव की बेटी और प्रतिभा किरण योजना में शामिल किया जाएगा। सभी शासकीय महाविद्यालयों में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और एडवांस कम्प्युटिंग लैब की स्थापना की जाएगी। उच्च शिक्षा में शोध को प्रोत्साहन देने के लिए शोधार्थियों को मिलने वाली राशि को 16 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रूपए प्रतिमाह किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह घोषणाएं आज सीएम यूथ कॉन्क्लेव -2026 को संबोधित करते हुए कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाल परेड ग्राउंड पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

    युवाओं के लिये लगाए गए अनेक स्टॉल्स

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में सीएम यूथ कॉन्क्लेव में यूथ आइकॉनिक सिंगर  जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे द्वारा मंत्रमुग्ध करने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गयी। 'मेरी चौखट पर चलकर आज प्रभु राम आएं हैं', 'शंकर संकट हरना', 'कृष्ण गोविंद हरे मुरारी' जैसे भजनों पर युवा झूम उठे। लाल परेड मैदान युवाओं के उत्साह, उमंग और ऊर्जा से सराबोर हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर नेशनल एआई लिटरेसी मिशन के कौशल रथ द्वारा संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने युवाओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक भी देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर युवाओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य, योग, कॅरियर गाइडेंस, भारतीय ज्ञान परम्परा, कौशल उन्नयन, आयुष और नवाचार से उद्यमिता तक की थीम पर लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन भी‍किया। विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा भी अपने स्टॉल लगाए गए थे।

    'मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संग-बदलाव के रंग' की रॉक प्रस्तुति ने युवाओं को किया आकर्षित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  जुबिन नौटियाल के साथ छात्रों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिवादन किया। रोबोट संग सीएम की कदमताल के अंतर्गत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोबोट 'बडी' से हाथ मिलाया और उसके साथ वॉक भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के पंजीकरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेश के उद्योगों और विकसित भारत @2047 पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, साथ ही 'डॉ. मोहन यादव के संग-बदलाव के रंग' की रॉक शैली में वीडियो प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, विधायक  भगवानदास सबनानी, विधायक  रामेश्वर शर्मा तथा अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित थे।

    राज्य स्तर पर 5 करोड़ रूपए का आइडिया फंड बनाया जाएगा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं स्टार्टअप आइडिया को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्तर पर 5 करोड़ रूपए का आइडिया फंड बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय स्तर भी शोध को प्रोत्साहित किया जाएगा। राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रदेश में 500 नई इकाईयां बनाई जाएंगी। प्रत्येक संभाग में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2027 में पुन: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा, जिससे सम्पूर्ण प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एशियन गेम्स-2026 में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 5 स्वर्ण पदक जीते हैं। बदलते दौर में भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। युवा शक्ति के बल पर भारत आगे बढ़ेगा और इसी के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ेगा। मध्यप्रदेश सबसे युवा प्रदेश है। यहां बेरोजगारी दर देश में सबसे कम है। हम प्रदेश की समृद्धि और युवाओं के कल्याण के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

    राज्य सरकार तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में लगातार कदम उठा रही है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष 7 अक्टूबर को पूर्ण हो रहे हैं। सेवा और देश की प्रगति को समर्पित प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश में कई असंभव कार्य पूर्ण हुए हैं। मध्यप्रदेश को पहले केवल कृषि आधारित प्रदेश माना जाता था, लेकिन पिछले ढाई साल में हमारा प्रदेश उद्योग, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, मेडिकल एजुकेशन और आईटी सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ा है। प्रदेश सरकार ने सभी शासकीय विभागों में 85 हजार युवाओं को नौकरी दी। उन्होंने युवा साथियों में जोश भरते हुए कहा कि यही समय है – सही समय है। राज्य सरकार युवाओं के लिए तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में लगातार कई नए कदम उठा रही है। राज्य में नॉलेज सिटी और साइंस सिटी आकार ले रही हैं। हमारा प्रयास है‍कि राज्य के युवा नौकरी पाने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बने, इसीलिए आईटी पार्क इंदौर, रीवा, उज्जैन सहित हम देश का सबसे बड़ा टेली कम्यूनिकेशन केन्द्र ग्वालियर में बनाने जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से बड़े भाई के रूप में बातचीत की। वे रैम्प पर चलते हुए छात्रों के बीच पहुंचे, छात्रों से हाथ मिलाया और उनसे अनौपचारिक लहजे में संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को मंच पर बुलाकर उनसे, उनके सपनों, आकांक्षाओं और राज्य सरकार से अपेक्षाओं पर चर्चा की।

    भोपाल के ओरिएंटल कॉलेज की छात्रा सु आयशा खान ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पूछा कि – राज्य सरकार युवाओं को कृषि क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए क्या कर रही है ?

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि – कृषि क्षेत्र में समृद्धि के लिए सरकार ने पूरा वर्ष 2026 कृषक कल्याण को समर्पित किया है। हमारी सरकार फूड प्रोसेसिंग को लेकर वैल्यू चेन तैयार करने के लिए कार्य कर रही है। युवा साथी जैविक खेती के साथ नई फसलों की खेती भी कर रहे हैं। इसी वर्ष सरकार ने पौने 14 लाख किसानों से 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा। यह देश में सबसे अधिक है। अब किसानों को दिन में भी 10 घंटे बिजली मिलेगी। सरकार कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग और दूध उत्पादन को भी प्रोत्साहन दे रही है।

    एलएनसीटी कॉलेज की छात्रा सु नीशा वारस्कर ने पूछा कि मध्यप्रदेश सरकार एआई और स्टार्टअप फील्ड में क्या बदलाव ला रही है ?

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि- राज्य सरकार लगातार इनोवेशन के बल पर युवाओं को आगे बढ़ा रही है। भोपाल में एआई और नॉलेज सिटी बन रही है। उज्जैन में साइंस सिटी पर काम चल रहा है। अब सेमीकंडक्टर और नवाचारों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। युवाओं को स्टार्टअप के लिए 5 लाख रुपए तक अनुदान की व्यवस्था है। हमारे युवा रोजगार देने वाले बनें इस दिशा में प्रदेश सरकार काम कर रही है।

    स्कोप ग्लोबल यूनिवर्सिटी के छात्र  लक्ष्य वास्तव ने पूछा कि प्रदेश के युवाओं का रुझान तेजी से खेलों की ओर बढ़ा है। प्रदेश को स्पोर्ट्स हब बनाने के लिए क्या कार्य हो रहे हैं ?

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि- भोपाल में वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तैयार हो चुका है। जहां प्रशिक्षण ले रहे मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स में 11 पदक जीते, जिसमें 5 स्वर्ण पदक भी शामिल हैं। उच्च शिक्षा में स्पोर्ट्स को एक कोर्स के रूप में शामिल किया गया है। सभी कॉलेजों में स्पोर्ट्स कोच की नियुक्ति की है। प्रदेश की सभी 230 विधानसभाओं में युवाओं के लिए स्पोर्ट्स स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं। हमारे खिलाड़ी कुश्ती, कबड्डी, हॉकी, क्रिकेट के साथ अब हमारे खिलाड़ी आर्चरी और शूटिंग में भी गोल्ड मेडल जीत रहे हैं। युवा वर्ष में स्पोर्ट्स सेक्टर को हम सबसे अधिक प्राथमिकता देंगे।

    सरोजनी नायडू महाविद्यालय की छात्रा सु अपर्णा ने सवाल किया कि सोशल मीडिया के दौर में हम भारतीय और सनातन संस्कृति से कैसे जुड़े रहें और इस दिशा में सरकार क्या प्रयास करेगी ?

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि- हम नदी, प्रकृति और पहाड़ सभी से प्रेम करते हैं। हम जियो और जीने दो की संस्कृति के आधार पर चलते हैं। भारतीय मूल के युवा पायलट कैप्टन स्मित ने इसी का उदाहरण पेश किया है। उन्होंने फ्लाइट में 200 यात्रियों की जान बचाई। सिंहस्थ 2028 में करीब 30 करोड़ श्रद्धालु देश-दुनिया से उज्जैन आएंगे। इसमें भीड़ प्रबंधन के लिए एआई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। महाकाल के लड्डू अब कार्ड के जरिए मिल रहे हैं। बाबा महाकाल के दर्शन ही नहीं, तीर्थाटन से रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। अगले वर्ष 12 करोड़ श्रद्धालुओं के उज्जैन आने का अनुमान है।

    उत्कृष्ट महाविद्यालय भोपाल के छात्र  अनिकेत तिवारी का प्रश्न था कि प्रधानमंत्री  मोदी ने विकसित भारत के लिए खेल, रोड, रेल के विकास की बात कही है। राज्य सरकार इसमें कैसे योगदान देगी ?

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी पूरे देश को परिवार मानते हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रदेश हर क्षेत्र में विकास कर आगे बढ़ रहा है। हमारी सरकार हवाई सुविधाएं बढ़ाने के लिए काम कर रही है। पिछले ढाई साल में सतना, रीवा और दतिया में नए एयरपोर्ट शुरू हुए हैं। राज्य सरकार प्रत्येक 150 किलोमीटर पर एक एयरपोर्ट बनाएगी। आगामी वर्षों में कुल 15 एयरपोर्ट बनाए जाएंगे, जिसमें से 10 इसी वर्ष तैयार करने का प्रयास रहेगा। हेली सर्विस और नई टेक्नोलॉजी को प्रोत्साहन के साथ अब हाइड्रोजन ट्रेन भी संचालित हो रही है। हम राज्य को नई तकनीक के बल पर आगे बढ़ाएंगे।

    चिरायु मेडिकल कॉलेज भोपाल की छात्रा सु नीरा चटर्जी का सवाल था कि – युवाओं को नशे की बुराई से कैसे बचाएंगे ?

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार वर्ष 2029 तक प्रदेश को नशे से मुक्त कराएंगे। पिछले दिनों केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह ने राज्य सरकार के साथ अभियान को लेकर समीक्षा बैठक की है। नशे से समाज और परिवार बर्बाद हो जाता है। ड्रग्स के नशे के रोग से युवा पीढ़ी को बचाने के लिए राज्य सरकार कठोर कार्रवाई करेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का सफल क्रियान्वयन हुआ

    उच्च शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अथक प्रयासों से मध्यप्रदेश सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को क्रियान्वित करने में सफल हो पाई है। सीएम यूथ कॉन्क्लेव में शैक्षणिक संस्थान, व्यापारी, उद्योगपति, छात्र, शिक्षाविद् सहित समाज के सभी वर्गों के लोग मिलकर देश के भावी निर्माण के संकल्प को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने राष्ट्र के पुनर्निमाण के लिए विकसित भारत@2047 का सपना देखा है। विश्व में देश को सबसे शक्तिशाली बनाने में युवा शक्ति का योगदान महत्वपूर्ण रहेगा। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग  प्रबल सिपाहा ने आभार व्यक्त किया।

     

  • हर घर मिले स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा, PM सूर्यघर योजना को प्रभावी बनाने पर जोर

    हर घर मिले स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा, PM सूर्यघर योजना को प्रभावी बनाने पर जोर

    लोगों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का करें प्रभावी क्रियान्वयन : नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला

    भोपाल में सेवा सेतु अभियान अन्तर्गत आयोजित शिविर का किया शुभारंभ

    भोपाल 

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुसार लोगों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए जरूरी है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाये। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने यह बात मंगलवार को सेवा सेतु अभियान अन्तर्गत रवीन्द्र भवन भोपाल में आयोजित शिविर में कही।

    मंत्री शुक्ला ने कहा कि रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के लिए क्षेत्रवार लक्ष्य निर्धारित कर उसकी शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाये। इस कार्य की सतत मानीटरिंग होना चाहिए। योजना के क्रियान्वयन में आ रही कमियों को भी दूर करें। उन्होंने कहा कि आगे आने वाली पीढ़ी को हरा भरा और सोलर बिजली से युक्त मध्यप्रदेश सौंपना हम सबकी जिम्मेदारी है।

    अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने कहा कि सोलर संयत्र से मिलने वाली बिजली 2 रूपये प्रति यूनिट है, जबकि कोयला बनने वाली बिजली 6 रूपये प्रति यूनिट है। साथ ही सोलर एनर्जी पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। अत: इस अभियान में सभी लोग सक्रिय सहभागिता करें।

    एम.डी. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ऋषि गर्ग ने बताया कि प्रदेश में एक लाख 88 हजार रूफटॉप सोलर पैनल लग चुके हैं। प्रदेश में 750 मेगावॉट की सेालर एनर्जी की क्षमता विकसित हो चुकी है। उन्होंने बताया कि शिविरों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

    आर.ई.सी. के पदाधिकारी विजय कुलकर्णी ने बताया कि देश में एक करोड़ घरों में रूफटाप सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है। अभी तक 51 लाख लगाये गये हैं। वीडियो के माध्यम से सोलर पैनल के उपयोग की जानकारी दी गयी।

    मंत्री शुक्ला ने सोलर पैनल से संबंधित लगे स्टॉल का भी अवलोकन किया। आभार प्रदर्शन एम.डी. ऊर्जा विकास निगम अमित तोमर ने किया।

  • जेवर एयरपोर्ट पहुंचे स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन, योगी सरकार की ग्लोबल कनेक्टिविटी को मिली मजबूती

    जेवर एयरपोर्ट पहुंचे स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन, योगी सरकार की ग्लोबल कनेक्टिविटी को मिली मजबूती

    योगी सरकार की ग्लोबल कनेक्टिविटी और निवेश नीति को मिला नया आयाम, जेवर पहुंचे स्विस राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति, मंत्री सुनील शर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्वागत

    एविएशन के साथ आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर जोर

    स्विस कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी द्वारा विकसित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया निरीक्षण, करीब 65 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रहा मौजूद

    नोएडा/लखनऊ
     उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश और आधुनिक औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाने की योगी सरकार की नीति को आज उस समय एक और अंतरराष्ट्रीय आयाम मिला, जब स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति महामहिम गाय बर्नार्ड पारमेलिन अपने करीब 65 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर पहुंचे। यह दौरा उत्तर प्रदेश और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक, तकनीकी और एविएशन क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, नागरिक उड्डयन विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं आईआईडीसी दीपक कुमार तथा इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद ने राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन और उनके प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया।

    योगी सरकार की निवेश नीति से वैश्विक साझेदारी को मिल रहा विस्तार

    योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक बुनियादी ढांचे और निवेश के अनुकूल वातावरण को अपनी विकास नीति का प्रमुख आधार बनाया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इसी व्यापक विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जेवर में विकसित हो रहा यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश को वैश्विक हवाई संपर्क से जोड़ने के साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक, कारोबारी और निवेश गतिविधियों को नई गति देने की क्षमता रखता है। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति का जेवर एयरपोर्ट दौरा इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि एयरपोर्ट का विकास स्विस कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी द्वारा किया गया है। इससे उत्तर प्रदेश में स्विस तकनीकी विशेषज्ञता और निवेश के साथ बने इस महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहयोग का नया अवसर सामने आया है।

    आधुनिक सुविधाओं का लिया जायजा

    दौरे की शुरुआत एनआईए ऑफिस में हुई, जहां अवनी बोर्ड रूम में एयरपोर्ट से संबंधित प्रेजेंटेशन दिया गया। इस दौरान राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन ने भी प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया। इसके बाद एयरपोर्ट परिसर के आंगन में भारतीय संगीत की धुनों के बीच लंच का आयोजन किया गया और ग्रुप फोटो भी हुआ। इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल दो हिस्सों में विभाजित हुआ। राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन, उनकी पत्नी और चयनित अधिकारी एयरसाइड तथा एटीसी टॉवर के विशेष निरीक्षण के लिए गए। वहीं प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने टर्मिनल, सुरक्षा क्षेत्र, बोर्डिंग गेट्स, एप्रन और बैगेज रिक्लेम सहित एयरपोर्ट की विभिन्न सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। प्रतिनिधिमंडल दोपहर करीब दो बजे एयरपोर्ट से रवाना हुआ।

    एविएशन के साथ आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स में सहयोग की उम्मीद

    करीब 65 सदस्यीय स्विस प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रपति की पत्नी, स्विस राजदूत, राष्ट्रीय परिषद के सदस्य, राज्य सचिव और लगभग 40 उद्योगपति शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी ने इस दौरे को केवल एयरपोर्ट निरीक्षण तक सीमित न रखते हुए संभावित आर्थिक और औद्योगिक सहयोग की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बना दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश प्रोत्साहन नीतियों और आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों से राज्य में वैश्विक कंपनियों के लिए निवेश का अनुकूल माहौल तैयार हुआ है। ऐसे में स्विस राष्ट्रपति का जेवर दौरा एविएशन के अलावा आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, तकनीक और इससे जुड़े क्षेत्रों में भविष्य के सहयोग और निवेश की संभावनाओं को भी मजबूत कर सकता है।

  • तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार पर पीछे हटे अखिलेश तो राजभर ने कसा तंज, बोले- कभी-कभी समझदारी का काम भी कर लेते हैं

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    राज्यसभा चुनाव से पहले अखिलेश पर राजभर का वार, बोले- 'कभी-कभी समझदारी का काम भी कर लेते हैं'

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    अखिलेश यादव पर ओपी राजभर ने साधा निशाना, बोले- बस हो गया टांय-टांय फिस्स

    लखनऊ,
    समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी की तरफ से तीन की जगह दो ही उम्मीदवारों को उतारने का ऐलान किया है। सपा सुप्रीमो के इस फैसले पर यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने तीखा तंज कसा है। उन्होंने  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा कि अखिलेश कभी-कभी समझदारी का काम भी कर ही लेते हैं।

    'बस हो गया टांय-टांय फिस्स'
    ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, "मित्र अखिलेश जी, बस हो गया टांय टांय फिस्स!"। उन्होंने अखिलेश यादव के दो उम्मीदवार उतारने के फैसले पर कटाक्ष करते हुए लिखा, "वैसे कभी-कभी ही सही, आप कुछ समझदारी का काम भी कर ही लेते हैं। जैसे आज किया।"

    '403 के सपने देखना बुरी बात नहीं'
    राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव के 403 विधानसभा सीटों से जुड़े राजनीतिक दावे पर भी तंज कसा। उन्होंने लिखा, "रही बात 403 की तो बस यही कहूंगा कि सपने देखना बुरी बात नहीं है।" इसके जरिए राजभर ने राज्यसभा चुनाव से आगे विधानसभा चुनाव की सियासत को भी निशाने पर लिया। 

    बता दें कि राज्यसभा चुनाव के लिए सपा की तरफ से पहले ही दो उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया जा चुका है। लेकिन अखिलेश यादव लगातार दावा कर रहे थे कि वो तीसरे उम्मीदवार के जरिए बीजेपी को सरप्राइज देंगे। लेकिन अब अखिलेश अपनी ही बात से पीछे हट गए हैं। अब इसी को लेकर ओपी राजभर ने अखिलेश पर तंज कसा है।