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  • ईरान पर बढ़ा दबाव! मार्को रुबियो ने कहा- होर्मुज बंद हुआ तो रूस-चीन पर भी पड़ेगा असर

    ईरान पर बढ़ा दबाव! मार्को रुबियो ने कहा- होर्मुज बंद हुआ तो रूस-चीन पर भी पड़ेगा असर

    नई दिल्ली

    दिल्ली में आज क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक शुरू हो गई. इस बैठक की शुरुआत में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया और कहा कि क्वाड देशों के बीच साझा गतिविधियों और साझा चुनौतियों पर गंभीर चर्चा की जा रही है. उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में कई बड़े मौके और चुनौतियां सामने हैं, जिन पर मिलकर काम करने की जरूरत है। 

    वहीं इस बैठक में शामिल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज हर हाल में खुला रहना चाहिए और रहेगा. उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जो कुछ हो रहा है, वह गैरकानूनी, अस्थिर और दुनिया के लिए अस्वीकार्य है। 

    माना जा रहा है कि बैठक का सबसे बड़ा फोकस चीन के बढ़ते प्रभाव और खासकर क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर में उसके दबदबे को चुनौती देना होगा. दरअसल, पिछले साल क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स पहल शुरू की गई थी. अब इस बैठक में सप्लाई चेन को विविध बनाने और आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई बड़े कदमों का ऐलान हो सकता है. अमेरिका इस पहल की अगुवाई कर रहा है और माना जा रहा है कि QUAD देश मिलकर चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। 

    इस बैठक में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा होगी. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके असर को देखते हुए क्वाड देश ऊर्जा सुरक्षा को लेकर साझा रणनीति बना सकते हैं. इसके अलावा समुद्री सुरक्षा, ट्रांसनेशनल क्राइम, मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं। 

    समुद्र, मिनरल्स और ऊर्जा… QUAD ने खोला नया मोर्चा, जयशंकर बोले- हुई बेहद अहम बैठक
    दिल्ली में हुई QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि चारों देशों के बीच बेहद ‘उपयोगी और उत्पादक’ चर्चा हुई है. भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कई बड़े फैसलों पर सहमति बनाई है। 

    इंडो-पैसिफिक में क्वाड की नई रणनीति, अमेरिका ने लॉन्च किया सर्विलांस प्लान
    दिल्ली में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह साझेदारी अब सिर्फ चर्चा का मंच नहीं रह गई है, बल्कि ‘फ़ोरम ऑफ एक्शन’ बन चुकी है. उन्होंने भारत को सफल मेज़बानी के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि बैठक में बेहद उपयोगी और सार्थक चर्चा हुई. रुबियो ने कहा कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया चारों देश मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करते हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

    अमेरिकी विदेश मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि QUAD देशों ने इंडो-पैसिफिक सर्विलांस लॉन्च करने का फैसला किया है. उनका कहना था कि इंडो-पैसिफिक दुनिया का सबसे अहम समुद्री क्षेत्र है, जहां से करीब 60 प्रतिशत वैश्विक समुद्री व्यापार गुजरता है. ऐसे में समुद्री सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है। 

    रुबियो ने कहा कि बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क लॉन्च करने का भी फैसला लिया गया है. माना जा रहा है कि इसका मकसद चीन पर निर्भरता कम करना और वैकल्पिक सप्लाई चेन को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि QUAD सिर्फ सदस्य देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और अन्य देशों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। 

    इंडो-पैसिफिक पर क्वाड का फोकस, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर बनी रणनीति
    दिल्ली में आयोजित क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक खत्म होने के बाद भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों ने साझा बयान जारी किया. विदेश मंत्री एस. जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वांग और जापान के विदेश मंत्री मोटेगी ने बैठक को सकारात्मक और उपयोगी बताया। 

    इस बैठक के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि QUAD देशों के बीच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि चारों देशों ने सुरक्षित समुद्री व्यापार और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। 

    जयशंकर ने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए सप्लाई चेन को मजबूत और भरोसेमंद बनाना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि QUAD देशों ने इस दिशा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है. विदेश मंत्री के मुताबिक बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, फर्टिलाइजर्स और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. माना जा रहा है कि चीन पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक सप्लाई नेटवर्क तैयार करने को लेकर QUAD देशों के बीच रणनीतिक तालमेल और मजबूत हुआ है। 

     

  • लगातार फिसल रहे Gold-Silver Rates, चांदी में बड़ी गिरावट; आज 10 ग्राम सोने की कीमत कितनी?

    लगातार फिसल रहे Gold-Silver Rates, चांदी में बड़ी गिरावट; आज 10 ग्राम सोने की कीमत कितनी?

     नई दिल्ली

    सोना-चांदी फिर सस्ता (Gold-Silver Cheaper) हुआ है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर मंगलवार को दोनों कीमती धातुओं के दाम में खुलते ही तेज गिरावट देखने को मिली. चांदी का भाव तो अचानक 4400 रुपये प्रति किलो से ज्यादा कम हो गया. सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बाद अचानक आए तेज उछाल के बाद से अब तक 1 Kg Silver Price 27,000 रुपये से ज्यादा गिर चुका है. वहीं ताजा गिरावट के बाद अब अपने हाई से चांदी अब 1.85 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती मिल रही है. सोना भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए टूटा है। 

    13 दिन में 27000 रुपये टूटी चांदी 
    सरकार ने कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया था, तो बीते 13 मई को अचानक चांदी का भाव एमसीएक्स पर (MCS Silver Price) 3 लाख रुपये के पार निकल गया था. लेकिन इसके बाद ये एक-दो दिन को छोड़ दें, तो बिखरी ही है. तब से अब तक 13 दिनों में इसका भाव 3,00,238 रुपये से टूटकर ताजा गिरावट के साथ 2,72,265 रुपये पर आ गया है और इस हिसाब से देखें तो Silver 27,973 रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। 

    गौरतलब है कि बीते कारोबारी दिन सोमवार को दिनभर के कारोबार के बाद 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली वायदा चांदी 2,76,716 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी और मंगलवार को खुलते ही ये 4,451 रुपये सस्ती हो गई. वहीं इसके हाई लेवल से तुलना करें, तो जनवरी में रिकॉर्ड तेजी के साथ चांदी 4,57,328 रुपये प्रति किलो के लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंची थी और यहां से अब 1,85,063 रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। 

    Gold हाई से अब इतना सस्ता 
    न सिर्फ चांदी का भाव टूटा है, बल्कि वायादा सोना भी मंगलवार को फिसला है. एमसीएक्स पर कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही 5 जून की एक्सपायरी वाला 24 Karat Gold अपने पिछले बंद 1,59,081 रुपये की तुलना में गिरकर 1,58,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर आ गया. इस गिरावट के साथ 10 ग्राम सोने का भाव अब अपने हाई लेवल 2,02,984 रुपये से 44,884 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हो चुका है। 

    चांदी की तरह सोना भी इंपोर्ट ड्यूटी हाईक के बाद तेज रफ्तार से भागता हुआ नजर आया था. 13 मई को ये 1,62,186 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गया था, लेकिन अब इसकी कीमत यहां से 4,086 रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिर चुकी है। 

    मई में अब तक कैसा रहा हाल? 
    वायदा कारोबार में मई महीने में सोना-चांदी की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव पर नजर डालें, तो ये महंगे हुए हैं. जहां बीते महीने के आखिरी दिन यानी 30 अप्रैल को 1 किलो चांदी की कीमत 2,44,456 रुपये प्रति किलो थी और ताजा भाव से तुलना करें, तो ये करीब 27 हजार रुपये से ज्यादा बढ़ चुकी है. वहीं सोना इस दौरान 1,51,111 रुपये प्रति 10 ग्राम से 7 हजार रुपये से अधिक महंगा हुआ है। 

  • इबोला वायरस को लेकर छत्तीसगढ़ में अलर्ट, रायपुर एयरपोर्ट पर शुरू हुई सख्त स्क्रीनिंग व्यवस्था

    इबोला वायरस को लेकर छत्तीसगढ़ में अलर्ट, रायपुर एयरपोर्ट पर शुरू हुई सख्त स्क्रीनिंग व्यवस्था

    रायपुर 

     इबोला वायरस को लेकर वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंता के बीच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर अलर्ट जारी कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग ने बाहरी राज्यों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की अनिवार्य जांच शुरू कर दी है. अभी तक भारत में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें एहतियाती तौर पर पूरी तरह सतर्क हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर एयरपोर्ट और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। 

    रायपुर एयरपोर्ट पर सख्ती, यात्रियों की जांच अनिवार्य
    इबोला संक्रमण की आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी गई है. इसके लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी की जा रही है, जो स्क्रीनिंग, निगरानी और आपातकालीन व्यवस्था का समन्वय करेगा. संदिग्ध लक्षण वाले यात्रियों की तुरंत पहचान कर उन्हें आइसोलेशन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। 

    देशभर में निगरानी तेज, केंद्र सरकार अलर्ट मोड में
    इबोला के खतरे को लेकर केंद्र सरकार भी सतर्क है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल भारत में इबोला का एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है. देश के सभी एयरपोर्ट, बंदरगाह और सीमावर्ती क्षेत्रों पर स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है. एनसीडीसी, आईसीएमआर और अन्य एजेंसियों को ट्रैकिंग, टेस्टिंग और सर्विलांस के लिए लगातार तैयार रहने को कहा गया है। 

    WHO के अलर्ट के बाद बढ़ी सतर्कता
    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में अफ्रीका के कांगो और युगांडा में फैले इबोला प्रकोप को ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न' घोषित किया है. इस प्रकोप के बाद दुनिया भर के देशों ने निगरानी बढ़ा दी है. भारत में भी इसी के चलते एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच को अनिवार्य किया गया है। 

    SOP और एडवाइजरी जारी, राज्यों को निर्देश
    स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इनमें स्क्रीनिंग, क्वारंटाइन, इलाज, लैब जांच और संक्रमण रोकथाम से जुड़े प्रोटोकॉल शामिल हैं. साथ ही, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में बुखार या अन्य लक्षणों पर विशेष नजर रखने और तुरंत रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

    क्या है इबोला और कितनी है गंभीरता
    इबोला एक खतरनाक वायरल रोग है, जिसमें मृत्यु दर काफी अधिक होती है. यह संक्रमित व्यक्ति या जानवर के खून और शारीरिक तरल पदार्थ के संपर्क से फैलता है. इसके लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, उल्टी, दस्त और गंभीर मामलों में रक्तस्राव शामिल हैं. इस बीमारी का ऊष्मायन काल 2 से 21 दिनों तक हो सकता है। 

    फिलहाल भारत सुरक्षित, लेकिन सतर्कता जरूरी
    स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि भारत में अभी तक इबोला का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है. हालांकि वैश्विक यात्रा और संक्रमण के खतरे को देखते हुए सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. रायपुर समेत देशभर के एयरपोर्ट पर बढ़ाई गई निगरानी और सख्ती इसी दिशा में उठाया गया एहतियाती कदम है, ताकि समय रहते किसी भी खतरे को टाला जा सके। 

  • सभी थानों की सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए बने सेंट्रल डैशबोर्ड: मुख्यमंत्री

    सभी थानों की सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए बने सेंट्रल डैशबोर्ड: मुख्यमंत्री

    सभी थानों की सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए बने सेंट्रल डैशबोर्ड: मुख्यमंत्री

    पुलिस की गोपनीय सूचनाओं और संचार सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा, हर जरूरी तकनीकी सुधार करें: मुख्यमंत्री

    12 जनपदों में शुरू होगी डिजिटल वायरलेस सेवा, 47 करोड़ की कार्ययोजना

    रिवर्स ऑक्शन से पुलिस रेडियो उपकरण खरीद में 1.23 करोड़ रुपये की बचत

    डीआईजी रेडियो पूर्वी का मुख्यालय आजमगढ़ तथा डीआईजी रेडियो पश्चिमी का मुख्यालय अलीगढ़ में बनाने पर विचार

    रेडियो कार्मिकों की चरित्र पंजिका संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से सत्यापित कराने पर भी हुई चर्चा

    लखनऊ,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित तथा तकनीक आधारित बनाने के लिए पुलिस रेडियो विभाग को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की लोकेशन, मूवमेंट और संचार गतिविधियों की गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी प्रकार की तकनीकी सेंधमारी की संभावना नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस रेडियो नेटवर्क को अत्याधुनिक तकनीकों से सशक्त किया जाए तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक निर्बाध संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 

    मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी पुलिस थानों की सीसीटीवी फुटेज की लाइव मॉनिटरिंग के लिए एक सेंट्रल डैशबोर्ड विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कानून व्यवस्था की निगरानी अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी। 

    मुख्यमंत्री ने बेहतर पर्यवेक्षण और निगरानी के लिए विभागीय ढांचे को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। इस क्रम में डीआईजी रेडियो पूर्वी का मुख्यालय आजमगढ़ तथा डीआईजी रेडियो पश्चिमी का मुख्यालय अलीगढ़ में स्थापित किए जाने पर विचार किया गया। साथ ही रेडियो कार्मिकों की चरित्र पंजिका संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से सत्यापित कराने तथा वायरलेस सेटों को निष्प्रयोजन घोषित करने से पहले तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।

    बैठक में जानकारी दी गई कि गत वित्तीय वर्ष में संचार उपकरणों की खरीद के अंतर्गत थानों के लिए 275 फ्लैट बेस मास्ट, 5322 बैटरियां, 120 बैकपैक सेट तथा केबल, चार्जर और एंटीना सहित अन्य सहायक उपकरण खरीदे गए। आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत 50 पीए सिस्टम भी स्थापित किए गए। रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया अपनाने से उपकरणों की खरीद में लगभग 1.23 करोड़ रुपये की बचत हुई।

    वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 47 करोड़ रुपये की लागत से 12 जनपदों में डिजिटल वायरलेस सेवाएं शुरू करने की योजना है। इसके अतिरिक्त मापक उपकरण, पोर्टेबल संचार के लिए 5जी फिल्टर, दूरस्थ थानों के लिए सेल्फ सपोर्टेड मास्ट तथा पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के लिए हैंड हेल्ड वायरलेस संचार व्यवस्था विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।

    मुख्यमंत्री ने विभागीय मानव संसाधन प्रबंधन को भी तकनीक आधारित बनाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी कार्मिकों का डेटा मानव सम्पदा पोर्टल पर अद्यतन किया जाए तथा चरित्र पंजिका, अवकाश और अन्य सेवा संबंधी कार्य पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित हों। उन्होंने कर्मचारियों को नवीनतम तकनीकों, कंप्यूटर प्रशिक्षण और संचार संदेशों की गुणवत्ता सुधार से संबंधित प्रशिक्षण दिए जाने पर भी विशेष बल दिया।

  • गलत रिपोर्ट और डेड बॉडी न मिलने से कांगो में गुस्सा, इबोला को लेकर बढ़ा तनाव

    गलत रिपोर्ट और डेड बॉडी न मिलने से कांगो में गुस्सा, इबोला को लेकर बढ़ा तनाव

     बुनिया
    दुनिया एक बार फिर महामारी के खतरे का सामना कर रही है. अफ्रीका के कुछ देशों में इबोला वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने इबोला वायरस को इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी  घोषित किया है. WHO प्रमुख ने बताया कि कांगो में इबोला के 900 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें से 101 मामलों की पुष्टि की गई है। 

    कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के इतुरी प्रांत में रवामपारा और मोंगबवालु इलाकों में उपचार केंद्रों को जलाए जाने की घटना भी सामने आई है. जहां सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं. कुछ समुदायों में बढ़ता विरोध महामारी से निपटने की कोशिशों को और जटिल बना रहा है। 

    लोगों के गुस्से की बड़ी वजह इबोला से संदिग्ध मौतों के अंतिम संस्कार को लेकर बनाए गए सख्त नियम माने जा रहे हैं. क्योंकि बीमारी के और फैलाव को रोकने के लिए प्रशासन जहां संभव हो, अंतिम संस्कार की प्रक्रिया खुद संभाल रहा है।  

    लोग स्थानीय सरकार की विफलता और अंतरराष्ट्रीय सहायता में कटौती जैसी समस्याओं से भी जूझ रहे हैं. रॉयटर्स के मुताबिक, इबोला को लेकर जांच प्रक्रिया में खामियों का मामला भी सामने आया है. कई चुनौतियों और गलतियों की वजह से संक्रमण की पहचान में देरी हुई है। 

     कई लोगों ने इस बीमारी के फैलने की गति को लेकर चिंता व्यक्त की है, खासकर इसलिए कि इबोला को अभी भी उन वायरसों में से एक माना जाता है जिनकी मृत्यु दर बहुत अधिक है और जिन देशों में इसका प्रकोप हुआ है वहां सामाजिक जीवन पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में वर्तमान में इबोला के 82 पुष्ट मामले और 7 मौतें दर्ज की गई हैं, साथ ही लगभग 750 संदिग्ध मामले और 177 संदिग्ध मौतें भी निगरानी में हैं। वहीं, पड़ोसी देश युगांडा में 5 मामलों की पुष्टि हुई है, जो सीमा पार संक्रमण फैलने के बढ़ते खतरे का संकेत देता है।

    अफ्रीकी संघ (एयू) ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस प्रकोप को नियंत्रण में नहीं लाया गया तो क्षेत्र के कम से कम 10 देश – जिनमें इथियोपिया, केन्या, रवांडा और दक्षिण सूडान शामिल हैं – प्रभावित होने के जोखिम का सामना कर सकते हैं।

    अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना ​​है कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की सीमाओं और क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को देखते हुए, बीमारियों के प्रकोप के राष्ट्रीय सीमाओं से परे फैलने का खतरा बहुत वास्तविक है, जो मध्य और पूर्वी अफ्रीका में स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करता है।

    * एक संबंधित घटनाक्रम में, अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मध्य और पूर्वी अफ्रीका में तेजी से फैल रहे इबोला प्रकोप से निपटने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए 314 मिलियन डॉलर से अधिक की तत्काल धनराशि की अपील जारी की है।

    योजना के अनुसार, उपर्युक्त धनराशि का अधिकांश हिस्सा कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा को बीमारी के उपचार, महामारी विज्ञान निगरानी, ​​​​नियंत्रण और प्रसार की रोकथाम के लिए आवंटित किया जाएगा।

    प्राथमिकता वाले उपायों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट प्रबंधन प्रणाली की स्थापना, क्षेत्र के देशों के बीच समन्वित सीमा नियंत्रण को मजबूत करना, इबोला बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के लिए विशेष रूप से एक वैक्सीन पर अनुसंधान में तेजी लाना, अतिरिक्त त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की तैनाती और व्यापक प्रकोप की आशंका में आपातकालीन चिकित्सा आपूर्ति का भंडारण करना शामिल है।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इबोला के खतरे का स्तर बढ़ाकर "बहुत उच्च" कर दिया है, जबकि कई पड़ोसी देश इस प्रकोप को पूरे क्षेत्र में फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य नियंत्रणों को कड़ा करने और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य से यात्रा पर प्रतिबंध लगाने सहित निवारक उपायों को बढ़ा रहे हैं।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनी
    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि इस आउटब्रेक का जोखिम कांगो के लिए बहुत ज्यादा है। लेकिन दुनिया के बाकी देशों में फैलने का खतरा अभी कम है। इस आउटब्रेक को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया जा चुका है।

    स्वास्थ्य केंद्रों पर हमले
    पूर्वी कांगो में स्वास्थ्य कर्मी और ईबोला ट्रीटमेंट सेंटरों पर हमले हो रहे हैं। पिछले हफ्ते दो शहरों में दो केंद्रों को आग लगा दी गई। इस इलाके में सालों से सशस्त्र विद्रोही समूहों की हिंसा, लोगों का विस्थापन और सरकार की नाकामी चल रही है। अंतरराष्ट्रीय मदद में कटौती ने स्वास्थ्य सुविधाओं को और कमजोर कर दिया है। लोगों में गुस्सा और शक की भावना है। कई लोग विदेशी मदद समूहों पर भरोसा नहीं करते। एक घटना में रवाम्पारा में युवकों का एक समूह अपने दोस्त का शव वापस लेने के लिए केंद्र जलाने आया। वे आरोप लगा रहे थे कि मदद करने वाले लोग ईबोला के बारे में झूठ बोल रहे हैं।

    दफनाने की प्रक्रिया पर विवाद
    ईबोला फैलने से रोकने के लिए सरकार और मदद एजेंसियां संदिग्ध मरीजों के दफनाने का जिम्मा खुद ले रही हैं। पारंपरिक तरीके में परिवार वाले शव को तैयार करते हैं और लोग जमा होते हैं, जो संक्रमण बढ़ा सकता है। इस वजह से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। अब उत्तर-पूर्वी कांगो में शोक सभा और 50 से ज्यादा लोगों के जमा होने पर पाबंदी लगा दी गई है। कुछ दफनों की सुरक्षा के लिए सैनिक और पुलिस तैनात किए गए हैं।

    क्या है इलाके की स्थिति
    बताया जाता है कि पूर्वी कांगो में कई विद्रोही समूह सक्रिय हैं। कुछ विदेशी देशों से जुड़े हैं, कुछ ISIS से लिंक रखते हैं। रवांडा समर्थित M23 विद्रोही कुछ हिस्सों पर काबिज हैं। इटूरी प्रांत में कांगो सरकार का नियंत्रण है, लेकिन वह कमजोर है। एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेस (ADF) नामक युगांडन इस्लामिस्ट समूह यहां हमले करता रहता है।

    डॉक्टर विदाउट बॉर्डर्स के अनुसार, सुरक्षा की वजह से डॉक्टर और नर्स भाग गए हैं। स्वास्थ्य केंद्र ओवरलोड हो गए हैं और कुछ जगहों पर हालात बहुत खराब हैं। UN के मुताबिक, इटूरी में करीब 10 लाख लोग हिंसा से विस्थापित हो चुके हैं। बुनिया शहर के आसपास के डिस्प्लेसमेंट कैंप्स में फैलने का डर है, जहां पहले मामले आए थे।

    सामग्री की कमी
    मदद करने वाली टीमों के पास जरूरी उपकरण नहीं हैं – फेस शील्ड, प्रोटेक्टिव सूट, टेस्टिंग किट, बॉडी बैग आदि। एक लोकल मदद समूह की अध्यक्ष जुलिएन लुसेंगे ने बताया कि उनके पास सिर्फ हैंड सैनिटाइजर और कुछ मास्क हैं। उन्होंने मदद मांगी है लेकिन अभी कुछ नहीं मिला। यह बुन्डीबुग्यो प्रकार का ईबोला वायरस है, जिसके लिए कोई मंजूरशुदा वैक्सीन या इलाज उपलब्ध नहीं है। कांगो में पहले भी ईबोला के 12 से ज्यादा आउटब्रेक आ चुके हैं। इस बार सुरक्षा, विस्थापन और स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरी के बीच यह लड़ाई और मुश्किल हो गई है।

     

  • NEET UG Re-Exam अपडेट: सिर्फ पुराने अभ्यर्थियों को मौका, नए स्टूडेंट्स नहीं कर सकेंगे आवेदन

    NEET UG Re-Exam अपडेट: सिर्फ पुराने अभ्यर्थियों को मौका, नए स्टूडेंट्स नहीं कर सकेंगे आवेदन

    भोपाल.

    नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG री-एग्जाम और परीक्षा शुल्क रिफंड को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एजेंसी के अनुसार री-एग्जाम 21 जून को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस बार परीक्षा अवधि में 15 मिनट का अतिरिक्त समय जोड़ा गया है। पहले परीक्षा शाम 5:00 बजे तक समाप्त होती थी, लेकिन अब डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और अन्य औपचारिकताओं के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा।

    परीक्षा के लिए नहीं देनी होगी अतिरिक्त फीस
    NTA ने स्पष्ट किया है कि री-एग्जाम में शामिल होने वाले उम्मीदवारों से किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। पहले जमा की गई परीक्षा फीस वापस की जाएगी और दोबारा परीक्षा के लिए भी कोई फीस नहीं देनी होगी। इस तरह री-एग्जाम उम्मीदवारों के लिए पूरी तरह निशुल्क रहेगा।

    27 मई तक जमा करनी होगी बैंक डिटेल्स
    परीक्षा शुल्क का रिफंड प्राप्त करने के लिए उम्मीदवारों को NTA के पोर्टल पर अपनी बैंक जानकारी जमा करनी होगी। इसके लिए एजेंसी ने ऑनलाइन सुविधा शुरू की है। उम्मीदवार लॉगिन आईडी और पासवर्ड की मदद से पोर्टल पर लॉगिन कर ‘रिफंड लिंक’ के माध्यम से अपनी बैंक डिटेल्स भर सकते हैं। बैंक डिटेल्स में खाताधारक का नाम, बैंक का नाम, अकाउंट नंबर और IFSC कोड दर्ज करना अनिवार्य होगा। उम्मीदवार चाहें तो कैंसिल चेक की स्कैन कॉपी भी अपलोड कर सकते हैं। हालांकि यह वैकल्पिक रखा गया है। NTA ने साफ किया है कि एक बार जानकारी सबमिट होने के बाद उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। बैंक डिटेल्स जमा करने की अंतिम तिथि 27 मई निर्धारित की गई है।

    नए उम्मीदवार नहीं भर सकेंगे फॉर्म
    NTA के अनुसार री-नीट परीक्षा केवल उन्हीं उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जा रही है जिन्होंने पहले आवेदन किया था। नए अभ्यर्थियों को आवेदन करने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही उम्मीदवार अपने चुने गए परीक्षा माध्यम में भी कोई बदलाव नहीं कर पाएंगे।

    सभी उम्मीदवारों को मिलेगा फीस रिफंड
    एजेंसी ने कहा है कि रद्द हुई परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले सभी उम्मीदवारों को फीस रिफंड दिया जाएगा, चाहे वे री-एग्जाम में शामिल हों या नहीं। हालांकि रिफंड पाने के लिए पोर्टल पर बैंक जानकारी देना अनिवार्य होगा।

    परीक्षा केंद्र और शिकायत प्रक्रिया
    NTA के मुताबिक री-एग्जाम के लिए पहले वाला परीक्षा केंद्र मिलना जरूरी नहीं है। परीक्षा केंद्र उम्मीदवारों द्वारा चुने गए शहरों के आधार पर रैंडम तरीके से आवंटित किए जाएंगे। उम्मीदवार अपने वर्तमान पते को अपडेट कर परीक्षा केंद्र के लिए दो शहरों का विकल्प चुन सकते हैं। एग्जाम सेंटर से जुड़ी किसी भी शिकायत के लिए उम्मीदवार सबूतों के साथ NTA की आधिकारिक हेल्पडेस्क ईमेल neetug2026@nta.ac.in पर संपर्क कर सकते हैं।

  • तेल कंपनियों ने फिर बढ़ाए दाम! पेट्रोल ₹102 और डीजल ₹113 पहुंचा, जनता पर बढ़ा बोझ

    तेल कंपनियों ने फिर बढ़ाए दाम! पेट्रोल ₹102 और डीजल ₹113 पहुंचा, जनता पर बढ़ा बोझ

    नई दिल्ली
     सोमवार को ईंधन की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी की गई, जिससे पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई, जो दो सप्ताह से भी कम समय में चौथी बढ़ोतरी है।

    इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

    प्रमुख शहरों में अब क्या है पेट्रोल की कीमत?
    अगर बात करें भारत के प्रमुख शहरों में तेल की कीमतों की तो दिल्ली में 102.12 रुपये, कोलकाता में 113.51, मुंबई में 111.21, नोएडा में 101.9 रुपये, बेंगलुरु में 110.6 रुपये, भूवनेश्वर में 108.8 रुपये, चंडीगढ़ में 101.5 रुपये, जयपुर में 113.4 रुपये, लखनऊ में 101.9 रुपये, पटना में 113.5 रुपये प्रति लीटर है।

    प्रमुख शहरों में अब क्या है डीजल की कीमत?
    अगर बात करें भारत के प्रमुख शहरों में डीजल के कीमत की तो नई दिल्ली में 95.2 रुपये, कोलकाता में 99.8 रुपये, मुंबई में 97.8 रुपये, चेन्नई में 99.6 रुपये, गुड़गांव में 95.4 रुपये, नोएडा में 95.4 रुपये, बेंगलुरु में 98.5 रुपये, भुवनेश्वर में 100.6 रुपये, चंडीगढ़ में 89.5 रुपये, हैदराबाद में 103.8 रुपये, जयपुर में 98.4 रुपये, लखनऊ में 95.4 रुपये, पटना में 99.5 रुपेय प्रति लीटर है।

    इस महीने यह चौथी बढ़ोतरी
    ईंधन की कीमतों में इस महीने में यह चौथी बढ़ोतरी है। 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हो गया। इससे पहले 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे, डीजल 91 पैसे महंगा किया गया था। जबकि, 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी। 15 मई को भी कीमतों में ₹3 प्रति लीटर का भारी इजाफा किया गया था।

    अधिकतर राज्यों में पेट्रोल 100 के पार
    उत्तर प्रदेश में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.76 और पश्चिम बंगाल में ₹114.20 पर पहुंच गई है। आंध्र प्रदेश में पेट्रोल ₹117.35 वहीं, असम में ₹106.21, मध्य प्रदेश में ₹115.77,बिहार में ₹114.79, राजस्थान में ₹113.93 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। महाराष्ट्र में एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹113.05, दिल्ली में ₹102.11, छत्तीसगढ़ में ₹109.59, गुजरात में ₹102.92, हरियाणा में ₹103.57, हिमाचल प्रदेश में ₹101.64 और जम्मू और कश्मीर में ₹108.47 प्रति लीटर हो गई है।

    झारखंड में 1 लीटर पेट्रोल का दाम आज से ₹107.02, केरल में ₹114.31, मणिपुर में ₹114.76, मिजोरम में ₹104.74,ओडिशा में ₹110.30, पंजाब में ₹105.90, सिक्किम में ₹109.88 हो गया है। वहीं, तेलंगाना में ₹116.78, त्रिपुरा में ₹104.89, उत्तराखंड में ₹100.96 एक लीटर पेट्रोल का दाम अब इस रेट पर है।

    इन राज्यों में डीजल भी 100 के पार
    mypetrolprice के मुताबिक आंध्र प्रदेश में डीजल की कीमत ₹10
    5.92 पर पहुंच गई है। बिहार में भी कई शहरों में डीजल के दाम 100 रुपये लीटर के पार पहुंच गए हैं। अररिया में, औरंगाबाद, बांका, भागलपुर में डीजल 100 के पार है। छत्तीसगढ़ में डीजल के रेट 100 के पार पहुंच गया है। गुजरात के राजकोट में डीजल 100.01 रुपये लीटर है। झारखंड, केरल, मध्यप्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के कुछ शहरों में डीजल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है।

    क्यों बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम
    ईरान युद्ध के चलते तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार, कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा था।

    चुनाव से पहले सरकार की कोशिशें
    कीमतें स्थिर रखने के लिए सरकार ने पहले ही पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 प्रति लीटर की कटौती कर दी थी। पेट्रोल पर यह ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से पहले एक लीटर पेट्रोल पर कुल ₹21.90 एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी, जो घटकर ₹11.90 रह गई। इसी तरह, डीजल पर कुल केंद्रीय उत्पाद शुल्क ₹17.8 से घटकर ₹7.8 पर आ गया। इसी निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे।

    पिछले शनिवार को बढ़ी थी कीमतें
    पेट्रोल-डीजल की कीमतें पिछले शनिवार को बढ़ी थी, जब पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे और डीजल की कीमत में 91 पैसे की वृद्धि की गई थी। शनिवार को ही दिल्ली में सीएनजी की कीमत में भी 1 रुपया प्रति किलोग्राम की वृद्धि के साथ 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।

    क्यों दोबारा बढ़ी ईंधन की कीमतें?
    अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के दौरान ईरान ने होर्मुज पर नियंत्रण कर लिया। जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो रही है। होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।

    पिछले कई हफ्तों से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद भारत की तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल और डीजल को पुरानी कीमतों पर ही बेच रही थी। लेकिन पिछले दो हफ्तों से तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है।

    अनुमानों के अनुसार, तीनों तेल और गैस कंपनियां – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) – प्रतिदिन सामूहिक रूप से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा उठा रही थीं। इसलिए, सरकार को कीमतें बढ़ानी पड़ीं।

  • लुधियाना में हाई अलर्ट! दिलजीत दोसांझ और मेयर के घर को बम से उड़ाने वाला ईमेल आया

    लुधियाना में हाई अलर्ट! दिलजीत दोसांझ और मेयर के घर को बम से उड़ाने वाला ईमेल आया

    लुधियाना 
    पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ और लुधियाना की मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर के घर को बम से उड़ने की धमकी भरा मेल मिला है. यह मेल सोमवार की सुबह लुधियाना नगर निगम कमिश्नर की सरकारी ईमेल आईडी पर आया है. इस मेल में कहा गया है कि लुधियाना की मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर के घर को दोपहर 1:11 पर बम से उड़ा दिया जाएगा जबकि रात 9:11 पर दिलजीत दोसांझ के घर पर हमला होगा. यह मेल खालिस्‍तान नेशनल आर्मी की तरफ से भेजा गया बताया जा रहा है।

     पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह-सुबह नगर निगम कमिश्नर के आधिकारिक ईमेल अकाउंट पर एक धमकी भरा मेल आया. बता दें कि इससे पहले पंजाब के कई स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकियां दी जा चुकी हैं। 

    इस ईमेल में लिखा था कि लुधियाना की मेयर और सिंगर दिलजीत दोसांझ के ठिकानों पर जोरदार धमाके किए जाएंगे. धमकी देने वाले ने इस हरकत को अंजाम देने के लिए बकायदा एक खास तारीख और समय का भी जिक्र किया था। 

    ईमेल में खास लोगों और संगठन के नामों का भी हवाला
    सूत्रों ने बताया कि इस ईमेल में कुछ खास लोगों और एक संगठन के नामों का भी हवाला दिया गया है. पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स की टीमें इस ईमेल की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके। 

    बम की इस खौफनाक धमकी के मिलते ही प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया. सुरक्षा के मद्देनजर मेयर के कैंप ऑफिस और शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है। 

    क्या लिखा है धमकी भरे ईमेल में? सुबह करीब 7:28 बजे आई ईमेल आईडी का विषय "B"0mb Blast – Mayor Office Ludhiana!" रखा गया है। ईमेल में धमाकों का समय भी निर्धारित किया गया है। दोपहर 1:11 बजे लुधियाना मेयर पर हमले की धमकी दी गई है। इसके साथ ही रात 9:11 बजे दिलजीत दोसांझ के लुधियाना स्थित घर पर धमाके की चेतावनी दी है। हमलावरों ने स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि “कोई भी मदद दिलजीत दोसांझ करेगा, मारा जाएगा।”

    1984 के दंगों का जिक्र, 6 जून तक का अल्टीमेटम
    ईमेल में 1984 के सिख दंगों का हवाला देते हुए "खून का बदला खून" की बात लिखी गई है। धमकी देने वालों ने लिखा है कि 6 जून तक बम धमाकों के जरिए निशाना बनाया जाएगा। किसने भेजी है यह धमकी? ईमेल के अंत में इसे 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' (KHALISTAN National ARMY) की तरफ से भेजा गया बताया गया है। इसमें भेजने वालों के रूप में दो नाम लिखे गए हैं: 1. इंजीनियर गुरनख सिंह (रुकन शाहवाला) 2. डॉ. गुरनिरवैर सिंह (खान राजादा)

    पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट
    धमकी के बाद पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट पर है। ईमेल के आईपी एड्रेस और सेंडर को ट्रेस करने की त्वरित जांच शुरू कर दी गई है। मेयर कार्यालय और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा कड़ी किए जाने की संभावना है।

    जांच में जुटी पुलिस और खुफिया एजेंसियां
    लुधियाना पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस धमकी की गंभीरता को परखने और ईमेल भेजने वाले के आईपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुट गई हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक जांच के दौरान किसी भी जगह से कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है। 

    इसके बावजूद, प्रशासन इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है और पूरी सतर्कता के साथ चप्पे-चप्पे पर सर्च ऑपरेशन और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। 

     

  • महाराष्ट्र में भीषण सड़क हादसा, 800 फीट नीचे गिरी कार; 8 युवकों की मौके पर मौत

    महाराष्ट्र में भीषण सड़क हादसा, 800 फीट नीचे गिरी कार; 8 युवकों की मौके पर मौत

     महाबलेश्वर
    महाराष्ट्र के महाबलेश्वर में रविवार देर रात एक भयावह सड़क हादसे ने आठ लोगों की जिंदगी छीन ली. पोलादपुर-आंबेनळी घाट मार्ग पर एक स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर लगभग 700 से 800 फीट गहरी खाई में जा गिरी. हादसा इतना भीषण था कि वाहन में सवार सभी लोगों की मौत की आशंका ताई जा रही है. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। 

    बताया जा रहा है कि हादसा देर रात करीब 12:30 बजे से 1 बजे के बीच हुआ. रात का अंधेरा और घाट क्षेत्र का दुर्गम रास्ता बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बन गया. सूचना मिलते ही महाबलेश्वर ट्रैकर्स की टीम, स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे. गहरी खाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को बेहद सावधानी के साथ चलाना पड़ा। 

    मृतकों की पहचान सातारा जिले के कोरेगांव तहसील के आसगांव गांव के रहने वाले लोगों के रूप में हुई है. इनमें 25 वर्षीय महेश अनिल पवार, 21 वर्षीय आदित्य अशोक सालुंखे, 25 साल के रितेश राजेंद्र लोखंडे, 20 साल के सुहास जितेंद्र लोखंडे, 18 साल के अंश समीर चव्हाण, 21 साल के उत्कर्ष आनंद शिंगटे, 25 साल के अनिल अभिमन्यू शिंगटे और 35 वर्षीय नितीन किसन नायकोंडे शामिल हैं। 

    कोंकण से लौटते समय तड़के हुआ हादसा
    यह दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी सतारा जिले के कोरेगांव तालुका के आसगांव की है. यह हादसा तब हुआ जब ये सभी लोग कोंकण से वापस सतारा की ओर लौट रहे थे. आंबेनली घाट में तड़के करीब 2:45 बजे यह दर्दनाक हादसा हुआ. यह घटना उसी क्षेत्र में हुई है, जहां साल 2018 में दापोली कृषि विश्वविद्यालय की बस खाई में गिरी थी। 

    खाई अत्यधिक गहरी होने के कारण बचाव दल ने शुरुआत में दूरबीन की मदद से तलाश शुरू की, जिसमें पहला शव दिखाई दिया. बेहद कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू टीम को करीब 500 से 700 फीट की गहराई पर 2 शवों को ढूंढने में सफलता मिल चुकी है. पोलादपुर पुलिस और बचाव दल द्वारा दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी और बाकी शवों को बाहर निकालने के लिए खोजी अभियान लगातार जारी है। 

    सभी मृतक सतारा के रहने वाले
    शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी सतारा जिले की है. गाड़ी में सवार पर्यटक सतारा, आसगांव और कोरेगांव इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं. बचाव दल द्वारा स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार अन्य यात्रियों के शवों को ढूंढने का काम लगातार जारी है। 

    पोलादपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारी आनंद रावड़े ने बताया कि मृतक सतारा के आसगांव के थे. 24 तारीख को तड़के वे हरणे बीच से वापस सतारा की ओर जा रहे थे, तब पोलादपुर मार्ग से आंबेनळी घाट में दाबेली गांव की सीमा में उनकी गाड़ी पर से नियंत्रण छूट गया और गाड़ी गहरी खाई में गिर गई। 

    सुबह करीब छह बजे से चार अलग-अलग रेस्क्यू टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान में जुटी हुई हैं. अब तक दो शवों को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी शवों को खाई से बाहर लाने की प्रक्रिया जारी है. स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। 

    फिलहाल दुर्घटना की असली वजह सामने नहीं आई है. पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि घाट मार्ग के खतरनाक मोड़, रात का समय या वाहन के नियंत्रण खोने जैसी परिस्थितियां हादसे की वजह बन सकती हैं. इस हादसे के बाद मृतकों के गांव में शोक की लहर है और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। 

  • आर्ट ऑफ लिविंग से मिलता है मन और तन का संतुलन : सीएम डॉ. यादव

    आर्ट ऑफ लिविंग से मिलता है मन और तन का संतुलन : सीएम डॉ. यादव

    मन की शांति ही तन का योग सादृश्य…यही है आर्ट ऑफ लिविंग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    रविशंकर जी का 70वां जन्मोत्सव
    प्रदेशवासियों की ओर से रविशंकर के लिए जन्मोत्सव की मंगलकामनाएं लेकर
    स्वयं उदयपुरा पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    के जन्मोत्सव एवं आर्ट ऑफ लिविंग के स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिल

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमने कभी दुनिया को हथियारों के बल पर जीतने की चेष्ठा नहीं की। हमने विश्वशक्ति नहीं, विश्वगुरु बनने का मार्ग चुना है। हमने हमेशा सबके सुख की कामना की है और वैश्विक कल्याण का नारा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की शांति ही तन के योग सादृश्य है। जब मन शांत होता है, तभी शरीर सही संतुलन, स्वास्थ्य और सामंजस्य में रहता है। यही आर्ट ऑफ लिविंग है। 'वसुधैव कुटुम्बकम्' हमारी संस्कृति का मूल है और रविशंकर जी इसी संदेश को पूरे विश्व में प्रसारित कर रहे हैं। ने दुनिया के लाखों-करोड़ों लोगों को तनाव से मुक्ति दिलाकर शांत, स्वस्थ और सुखी जीवन का मार्ग दिखाया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को कर्नाटक राज्य में आर्ट ऑफ लिविंग के इंटरनेशनल सेन्टर, उदयपुरा, बैंगलुरू में रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव एवं आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित वैश्विक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री ने रविशंकर से कहा कि वे मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से उन्हें जन्मोत्सव की अनंत और अशेष मंगलकामनाएं देने स्वयं यहां (उदयपुरा) आए हैं। उन्होंने कहा कि बीते 7 दशक की की ऊर्जा और करुणा इस व्यस्त और ऊथल पुथल के दौर में भी हर दिन नई और चिरयुवा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग इस विश्व को की देन है। यह सेवा, साधना और शांति का परम संगम है। आर्ट ऑफ लिविंग पवित्र श्रीमद्भगवद्गीता में बताये गये निष्काम कर्मयोग और जीवन को एक उत्सव की तरह जीने की कला का सहज मार्ग है, एक नव वैश्विक स्वरूप है। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग सिर्फ जीवन जीने की कला नहीं, जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग ने योग, प्राणायाम, ध्यान और भारतीय संस्कृति की मूल भावना से जोड़कर लोगों को आत्मिक शांति प्रदान की है। करीब एक माह का यह आर्ट ऑफ लिविंग वैश्विक सम्मेलन वास्तव में मानवता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि जहां मन शांत होता है, वहीं समाज भी समृद्ध होता है। मुख्यमंत्री ने आर्ट ऑफ लिविंग आध्यात्मिक संगठन को वैश्विक पुनीत सामाजिक कार्यों के लिए बधाई देते हुए कहा कि आप सब भारत की ध्यान, योग, साधना, मेडिटेशन, सुदर्शन क्रिया जैसी प्राचीन आध्यात्मिक परम्पराओं को पुनर्जीवित कर व्यक्ति, समाज और राष्ट्र का भी उत्थान कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि आर्ट ऑफ लिविंग अंतरराष्ट्रीय केंद्र, बेंगलुरु आकर देवलोक जैसा आनंद प्राप्त हो रहा है। भारतीय संस्कृति में भाषाओं का गुलदस्ता है। भाषा कोई भी हो, लेकिन चेहरे के भाव से ही बहुत कुछ स्पष्ट हो जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया है। गुजरात के सोमनाथ में गुरूदेव के आशीर्वाद से सोमनाथ उत्सव भी मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी प्रत्येक सांस के साथ जीवन और मृत्यु साथ-साथ चलती है। दोनों परमपिता परमात्मा के हाथ में है। श्रीरविशंकर जी ने 70वें जन्मदिन के अवसर पर 20 दिवसीय उत्सव मनाने का निर्णय लिया है। संपूर्ण विश्व से श्रद्धालु स्वयं से साक्षात्कार करने के लिए बेंगलुरु स्थित इस केंद्र में आते हैं। हमारी संस्कृति में हमारे गुरु ही हमें अंधेरे से प्रकाश की ओर लेकर जाते हैं। हमारा जीवन यत् पिंडे तत् ब्रह्मांडे यानी जैसा पिंड है, वैसा ही ब्रह्मांड है की अवधारणा पर चलता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनुष्य का भोजन तीन प्रकार का है। बगैर भोजन के 30 दिन तक जीवित रह सकते हैं। पानी हमें 7 दिन तक जिंदा रख सकता है। गुरुदेव ने हमें प्राण से परमानंद और परमानंद से परमात्मा की ओर जाने का मार्ग दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसारिक जीवन में प्रत्येक मनुष्य का जीवन नियत है। हमारा यह जीवन ऊर्जा और चेतना के साथ प्रकृति से भी जुड़ा रहे, इसके लिए के सभी सामाजिक सेवा प्रकल्प विशेष महत्व रखते हैं। बेंगलुरु के इस आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र में हमें सांस्कृतिक चेतना और शांति का मार्ग प्राप्त होता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल के जय घोष के साथ गुरुदेव रविशंकर जी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सह्स्त्रायु को प्राप्त हों और दीर्घकाल तक हम सबके जीवन का मार्गदर्शन करते रहें।

    कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। न्यूज फर्स्ट मीडिया हाऊस के सीईओ एस. रवि कुमार एवं टीवी 9 के वरिष्ठ एंकर रंगनाथ भारद्वाज ने कन्नड़ भाषा में दिये संबोधन में कहा कि गुरुदेव रविशंकर विश्व शांति के दूत हैं। आपने पूरे विश्व के लोगों को आर्ट ऑफ लिविंग के साथ-साथ आर्ट ऑफ लविंग भी सिखाया है।

    कार्यक्रम में तेलंगाना राज्य के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, श्रीमती जानकी शुक्ला, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव, केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी, उत्तरप्रदेश के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, फिल्म अभिनेता जैकी श्राफ, एशियन पेंट के मालिक जलस दानी भी विशेष रूप से उपस्थित थे।