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  • ठेकेदारी सिस्टम पर मान सरकार का बड़ा वार, 65 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा नियमितीकरण का लाभ

    ठेकेदारी सिस्टम पर मान सरकार का बड़ा वार, 65 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा नियमितीकरण का लाभ

    चंडीगढ़.

    पंजाब में नगर निकाय चुनावों के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में सोमवार को पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। खास बात यह है कि निकाय चुनावों के बाद शनिवार को भी मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी और अब दो दिन के भीतर दूसरी बार कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है।

    सूत्रों के अनुसार बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा जनहित से जुड़े मुद्दों, विकास परियोजनाओं और लंबित प्रशासनिक मामलों पर भी चर्चा होने की संभावना है। कुछ विभागों की ओर से भेजे गए प्रस्तावों को मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जा सकता है। हालांकि सरकार की ओर से बैठक का विस्तृत एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि राज्य में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। इसके साथ ही वित्तीय मामलों और विभागीय कार्यों से जुड़े मुद्दों पर भी मंत्रियों के साथ चर्चा हो सकती है।

    निकाय चुनावों के नतीजों के बाद यह लगातार दूसरी कैबिनेट बैठक है। ऐसे में सरकार की आगामी प्राथमिकताओं और प्रशासनिक रणनीति को लेकर भी बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि मंत्रिमंडल की बैठक में कौन-कौन से फैसले लिए जाते हैं और उनका राज्य की राजनीति तथा प्रशासन पर क्या असर पड़ता है। कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री आवास, सेक्टर-2, चंडीगढ़ में आयोजित होगी। बैठक के बाद सरकार की ओर से लिए गए फैसलों की जानकारी साझा की जाएगी।

    पक्की नौकरी का दमदार फॉर्मूला
    सरकार ने कर्मचारियों को रेगुलर करने का पारदर्शी और कड़ा ब्लूप्रिंट तैयार किया है. नियम के तहत जिन ग्रुप-C और ग्रुप-D के कर्मचारियों ने 5 साल की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, उन्हें अब सीधे सरकारी ठेके के अधीन लाया जाएगा. वहीं, अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी करने वाले फायर सर्विस कर्मचारी, पी.एस.पी.सी.एल. लाइनमैन, सीवर वर्कर और सफाई कर्मचारियों को महज 3 साल की सेवा के बाद ही यह लाभ मिल जाएगा. इसके बाद, सरकारी ठेके पर 10 साल पूरे करने वाले कर्मचारियों को मंजूरशुदा खाली पदों पर पूरी तरह से ‘रेगुलर’ कर दिया जाएगा। 

    ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने का ऐलान
    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘पंजाब के 65,000 से अधिक कॉन्ट्रैक्ट वर्करों ने सूबे की सेवा में अपनी जिंदगी के कई-कई साल दिए हैं. इस फैसले के साथ पंजाब सरकार ने उन्हें वह दे दिया है, जो उनका हक है. अब कोई भी ठेकेदार इन कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच खड़ा नहीं होगा.’ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘इन कर्मचारियों को अब सीधा रोजगार, पूरा सम्मान और पक्की नौकरी का स्पष्ट रास्ता मिलेगा. पंजाब सरकार के विभागों और संस्थाओं में निजी ठेकेदारों के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों को सीधे राज्य सरकार की अपनी रोजगार प्रणाली के अधीन लाया जाएगा, जिससे बिचौलिया ठेकेदारी प्रथा समाप्त हो जाएगी। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब राज्य आउटसोर्स्ड पर्सनल (ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्टुअल एंगेजमेंट) बिल, 2026 के तहत आउटसोर्स्ड ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के कर्मचारियों, जिन्होंने पांच साल की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, को सीधे सरकारी ठेके पर रोजगार के अधीन लाया जाएगा. जोखिम वाली श्रेणियों में काम करने वाले कर्मचारी तीन साल की सेवा पूरी करने के बाद योग्य हो जाएंगे. पांच साल की निरंतर आउटसोर्स्ड सेवा के बाद सीधे राज्य सरकार के अधीन रोजगार प्रदान किया जाएगा. इसके बाद सरकारी ठेके पर 10 साल सेवा पूरी करने के बाद, कर्मचारियों को रेगुलर मंजूरशुदा असामियों के विरुद्ध रेगुलर करने के लिए विचार किया जाएगा. दो नए कानून लाए जा रहे हैं, जिनमें से एक आउटसोर्स्ड रोजगार से सीधे राज्य सरकार के अधीन ठेके पर करने के लिए और दूसरा मंजूर खाली असामियों के विरुद्ध सरकारी ठेके से रेगुलर कैडर में करने के लिए है। 

    51 विभागों के 65 हजार कामगार को सरकारी नौकरी
    इस पहल के पैमाने को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ’51 विभागों में कुल 65,048 आउटसोर्स कामगार इस सुधार के दायरे में आते हैं और 26,000 से अधिक कामगार पहले लाभार्थियों में शामिल होंगे.’ उन्होंने आगे घोषणा की कि जीवन और स्वास्थ्य के लिए जोखिम से संबंधित ड्यूटी निभाने वाले कामगारों पर नीति के तहत तेजी से विचार किया जाएगा. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘जिन कामगारों की रोजाना ड्यूटी में खतरा होता है, उन्हें पांच साल की बजाय तीन साल बाद विचार किया जाएगा. इनमें फायर सर्विसेज कर्मचारी, पी.एस.पी.सी.एल. लाइनमैन, सीवर वर्कर, शहरी स्थानीय संस्थाओं के सेनिटेशन कर्मचारी, कूड़ा-कर्कट संभालने वाले कर्मचारी और फील्ड शिकायत स्टाफ शामिल हैं। 

    लाभार्थी में किस विभाग से कौन-कौन?
    लाभ लेने वाले विभागों का विवरण देते हुए बयान में कहा गया है कि सुधार में बिजली क्षेत्र के 15,753 कर्मचारियों को शामिल किया गया है, जिसमें शिकायतों का समाधान करने वाला स्टाफ, पैसको कर्मचारी, मीटर रीडर और नोडल सेंटर वर्कर शामिल हैं. स्थानीय सरकार विभाग के 8,436 कर्मचारी, जिनमें मुख्य रूप से सफाई कर्मचारी, चीनी मिलों, स्पिनफेड और मार्कफेड समेत सहकारी संस्थाओं के 8,373 कामगार; स्कूल शिक्षा के 7,704 कर्मचारी, परिवहन विभाग के 4,746 कर्मचारी और 1,472 आउटसोर्स्ड फायर कर्मचारी शामिल हैं। 

    इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के 2,688 कर्मचारी, जल आपूर्ति और सेनिटेशन के 1,575 कर्मचारी, कृषि के 1,533 कर्मचारी, जेलों के 1,311 कर्मचारी, तकनीकी शिक्षा के 1,251 कर्मचारी, पी.डब्ल्यू.डी. (बी एंड आर) के 1,570 कर्मचारी, सामान्य प्रशासन विभाग के 1,322 कर्मचारी और मेडिकल शिक्षा के 1,231 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। 

    ठेकेदारी खत्म, मजदूर-मालिक के बीच और कोई नहीं
    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘मजदूरों का अब मालिकों से सीधा संपर्क होगा. इस प्रणाली में अब ठेकेदारों के लिए कोई जगह नहीं होगी.’ मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘मेहनताने के बिना किसी एजेंसी की कटौती या कमीशन के सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा की जाएंगी. कर्मचारियों को हर कैलेंडर वर्ष में कानूनी प्रसूति लाभ और 10 दिनों की कैजुअल छुट्टी मिलेगी. वे बायोमेट्रिक हाजिरी और आई.एच.आर.एम.एस. प्रणालियों के अधीन भी कवर किए जाएंगे। 

    काम में पारदर्शिता, मनमानी पर कार्रवाई
    कर्मचारियों की सुरक्षा के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यहां पारदर्शिता और मनमानी वाली कार्रवाई नहीं चलेगी. किसी भी कर्मचारी को लिखित कारण दर्ज किए बिना और सुनवाई का मौका दिए बिना हटाया नहीं जाएगा.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल की मंजूरी के 45 दिनों के अंदर लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और अमला एवं वित्त विभागों द्वारा योग्य श्रेणियों को चरणबद्ध तरीके से नोटिफाई किया जाएगा. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘मुख्य सचिव की अगुवाई वाली राज्य स्तरीय अधिकृत समिति इस फैसले को लागू करने की निगरानी करेगी. जबकि कई राज्य ठेकेदारी की ओर बढ़ रहे हैं, पंजाब इस रुझान को उलट रहा है और ठेकेदारी प्रणाली को समाप्त किया जा रहा है। 

    हालांकि सरकार की ओर से बैठक का विस्तृत एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि राज्य में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। इसके साथ ही वित्तीय मामलों और विभागीय कार्यों से जुड़े मुद्दों पर भी मंत्रियों के साथ चर्चा हो सकती है।

    राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि मंत्रिमंडल की बैठक में कौन-कौन से फैसले लिए जाते हैं और उनका राज्य की राजनीति तथा प्रशासन पर क्या असर पड़ता है। कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री आवास, सेक्टर-2, चंडीगढ़ में आयोजित होगी। बैठक के बाद सरकार की ओर से लिए गए फैसलों की जानकारी साझा की जाएगी।

     

  • डमी पुतला और डंबल के साथ गिरिबाला सिंह के घर पहुंची CBI, ट्विशा केस में जांच का नया मोड़

    डमी पुतला और डंबल के साथ गिरिबाला सिंह के घर पहुंची CBI, ट्विशा केस में जांच का नया मोड़

    भोपाल
     ट्विशा शर्मा केस की जांच तेज हो गई है। सीबीआई की टीम सोमवार को क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए गिरिबाला सिंह के घर पहुंची है। गिरिबाला सिंह ने कहा था कि समर्थ ने ही फंदे से ट्विशा को उतारा था। रीक्रिएशन के लिए सीबीआई की टीम ट्विशा शर्मा का डमी पुतला लेकर पहुंची है। साथ ही वेट के लिए पुलिस के जवान डंबल भी ले आए हैं।

    पूरा सीन क्रिएट करेगी सीबीआई
    दरअसल, समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह अभी सीबीआई की रिमांड पर हैं। दोनों से पूछताछ में सीबीआई को कई तरह की जानकारी मिली है। सीबीआई की टीम अब गिरिबाला सिंह के घर पर क्राइम सीन को रीक्रिएट कर रही है। इसके लिए सीबीआई की टीम पूरी तैयारी के साथ पहुंची है। सीबआई की टीम गिरिबाला सिंह के घर में ट्विशा शर्मा का डमी पुतला लेकर पहुंची है। साथ ही वेट के लिए डंबल भी लेकर पहुंची है।

    फंदे पर लटकाया जाएगा पुतला
    पुतले को फंदे पर लटकाया जाएगा। पुतले का वेट ट्विशा शर्मा के वजन के अनुसार ही होगा। साथ ही ट्विशा के ससुरालवालों ने कहा था कि उसने बेल्ट से फंदा लगाया है। सीबीआई टीम बेल्ट भी लेकर आई है। छत पर पूरा सीन रीक्रिएशन करवाया जाएगा। साथ ही ट्विशा के वजन जितना पुतले को समर्थ से उतरवाया जाएगा। ट्विशा और गिरिबाला सिंह ने सीबीआई को जो जानकारी दी है, उसी हिसाब से सीन को रिक्रिएट की जाएगी।

    दो जून को रिमांड खत्म हो रहा
    ट्विशा की सासा गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह अभी सीबीआई की रिमांड पर है। दोनों की रिमांड दो जून को दो बजे खत्म हो रही है। इनके बयानों और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद सीबीआई की तरफ से मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। इसके बाद कोर्ट में मामले की सुनवाई होगी।

    फरारी के दौरान जबलपुर और भोपाल में रहा समर्थ
    वहीं, ट्विशा शर्मा की मौत के बाद समर्थ सिंह फरार हो गया था। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि समर्थ सिंह कुछ दिनों तक भोपाल में छुपा रहा। इसके बाद वह जबलपुर में जाकर छुप गया था। हाईकोर्ट से जमानत याचिका वापस लेने के बाद समर्थ सिंह ने जबलपुर हाईकोर्ट में ही सरेंडर किया था।

    सीबीआई ने आरोपियों के दर्ज किए हैं बयान
    गौरतलब है कि इस मामले में सीबीआई ने सभी आरोपियों और केस से संबंधित लोगों से पूछताछ की है। ट्विशा के शव उतारने में जिनलोगों ने समर्थ की मदद की थी, उनसे भी पूछताछ की गई है।

     

  • दो दोस्तों ने रचा इतिहास! JEE Advanced 2026 में शुभम-कबीर ने हासिल की AIR 1 और 2, देशभर में चर्चा

    दो दोस्तों ने रचा इतिहास! JEE Advanced 2026 में शुभम-कबीर ने हासिल की AIR 1 और 2, देशभर में चर्चा

    नई दिल्ली
     इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रुड़की (IIT Roorkee) द्वारा आज यानी 1 जून को जेईई एडवांस रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। परिणाम की घोषणा ऑनलाइन माध्यम से ऑफिशियल वेबसाइट jeeadv.ac.in पर की गई है। परीक्षा में भाग लेने वाले स्टूडेंट्स साइट पर जाकर या सीधे इस पेज पर दिए डायरेक्ट लिंक से स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

    शुभम कुमार ने हासिल की AIR-1
    जेईई एडवांस एग्जाम 2026 में आईआईटी दिल्ली जोन के शुभम कुमार ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करके टॉप किया है। उन्होंने 360 में से 330 अंक (CRL 1) हासिल कर यह मुकाम हासिल किया है।

    गर्ल्स में आरोही देशपांडे ने हासिल किया शीर्ष स्थान
    जेईई एडवांस एग्जाम में कुल 56880 स्टूडेंट्स ने सफलता प्राप्त की है जिसमें से लड़कियों की संख्या 10107 है। इन सभी गर्ल्स में दिल्ली जोन से परीक्षा देने वाली आरोही देशपांडे ने देश में टॉप किया है। उन्होंने 360 में से 280 अंक (CRL 77) प्राप्त करके यह मुकाम हासिल किया। आपको बता दें कि जेईई एडवांस एग्जाम से पहले आरोही ने जेईई मेन में भी ऑल इंडिया रैंक (AIR) 99 हासिल की थी।

    आपको बता दें कि इस बार जेईई एडवांस के लिए कुल 187389 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। इसमें से 179694 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी जिसमें से 56880 स्टूडेंट्स ने एग्जाम क्वालीफाई किया है। इसमें से मेल स्टूडेंट्स की संख्या 46773 वहीं फीमेल स्टूडेंट्स की संख्या 10107 है।

    स्कोरकार्ड एवं फाइनल आंसर की यहां से करें डाउनलोड
    आपको बता दें कि जेईई एडवांस एवं फाइनल आंसर की ऑफिशियल वेबसाइट jeeadv.ac.in पर जारी हुआ है। आप सीधे साइट पर जाकर या नीचे दिए जा रहे डायरेक्ट लिंक से स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं और साथ ही फाइनल उत्तर कुंजी भी प्राप्त कर सकते हैं।

    साथ पढ़कर, साथ खेलकर दो यार बने ऑल इंड‍िया टॉपर
    कोटा से आई यह खबर इस साल की सबसे खूबसूरत और प्रेरणादायी कहानी है. जब देश की सबसे कठिन परीक्षा का नतीजा आता है, तो अक्सर हमें सिर्फ नंबर्स और कट-ऑफ की बातें सुनाई देती हैं. लेकिन इस बार कोटा की वादियों से जो कहानी निकली है, वह सिर्फ कामयाबी की नहीं बल्कि एक सच्ची दोस्ती, अनुशासन और जिद की दास्तान है। 

    आईआईटी रुड़की ने जब देर रात 1 बजे जेईई एडवांस्ड 2026 का परिणाम घोषित किया, तो कोटा में एक नया इतिहास रचा जा चुका था. यहाँ साथ रहने वाले, साथ पढ़ने वाले और शाम को साथ खेलकर तनाव दूर करने वाले दो दोस्तों ने देश की टॉप-2 रैंक पर अपना नाम लिख दिया। 

    बिहार के गया के रहने वाले शुभम कुमार ने 360 में से 330 अंक लाकर ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR-1) हासिल की. वहीं उनके सबसे पक्के दोस्त, गुरुग्राम के कबीर छिल्लर महज 1 नंबर से पीछे रह गए और 329 अंकों के साथ AIR-2 बने. इस त्रिकोणीय मुकाबले में तीसरा स्थान यानी AIR-3 सीकर के जतिन चाहर को मिला, जिन्होंने 319 अंक हासिल किए. इन तीनों ने ही कोटा में रहकर पढ़ाई की। 

    हॉस्टल की दोस्ती से देश की टॉप रैंक तक का सफर
    शुभम और कबीर की यह जुगलबंदी कोटा के एक ही हॉस्टल में परवान चढ़ी. शुभम चौथी मंजिल पर रहते थे और कबीर सातवीं मंजिल पर. दिनभर की थका देने वाली पढ़ाई के बाद दोनों का एक ही नियम था, शाम को बैडमिंटन कोर्ट पर उतरना और खेल के जरिए अपने दिमाग को बिल्कुल फ्रेश करना. आज उनकी इसी संतुलित लाइफस्टाइल और कड़े अनुशासन ने उन्हें देश के सबसे ऊंचे शिखर पर लाकर खड़ा कर दिया है. अब इन दोनों यारों का अगला सपना भी साझा है यानी आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करना। 

    इस महापरीक्षा में बेटियों ने भी अपना परचम लहराया है. दिल्ली जोन की आरोही देशपांडे महिला अभ्यर्थियों में सबसे आगे रहीं. उन्होंने 280 अंक हासिल कर कॉमन रैंक लिस्ट में 77वीं रैंक अपने नाम की। 

    शुभम की 'क्वालिटी स्टडी' का जादुई मंत्र
    शुभम कुमार पिछले दो सालों से कोटा में तपस्या कर रहे थे. इससे पहले जेईई मेन 2026 में भी उन्होंने 300 में से 295 अंक लाकर AIR-6 पाई थी. शुभम का मानना है कि सफलता इस बात से नहीं मिलती कि आप कितने घंटे कुर्सी पर बैठे हैं, बल्कि इस बात से मिलती है कि आपकी पढ़ाई कितनी फोकस्ड है। 

    शुभम ने कभी 16-16 घंटे की मैराथन पढ़ाई नहीं की, बल्कि रोज सिर्फ 6 घंटे पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ा. उन्होंने अपना एक बॉडी क्लॉक सेट कर लिया था, रोज रात 10:30 बजे सो जाना और सुबह 6:30 बजे बिना किसी अलार्म के खुद-ब-खुद उठ जाना. अपनी तैयारी के दौरान उन्होंने खुद को सुख-सुविधाओं से दूर रखा. वह एसी के आदी नहीं बने ताकि परीक्षा के दिन चाहे जैसा भी माहौल हो, उनका ध्यान न भटके। 

    खाने में भारी नाश्ते की जगह अंकुरित मूंग और फल, सोशल मीडिया और फिल्मों से मुकम्मल दूरी, और खुद को हमेशा सकारात्मक रखना ही उनकी रणनीति थी. शुभम के भीतर आत्मविश्वास इस कदर था कि वह अपनी रफ कॉपी पर पहले से ही 'JEE Advanced Topper' लिख दिया करते थे ताकि खुद को याद दिला सकें कि लक्ष्य क्या है. शुभम के पिता शिवकुमार एक व्यवसायी हैं और मां कंचन देवी गृहिणी हैं, जिन्होंने हमेशा अपने बेटे के इस सधे हुए सफर का साथ दिया। 

    दोस्त की जीत पर कबीर का बड़ा दिल
    कबीर छिल्लर, जिन्होंने जेईई मेन 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की थी, इस बार एडवांस्ड में दूसरे स्थान पर रहे. लेकिन उनके चेहरे पर इस बात का कोई मलाल नहीं था, बल्कि अपने दोस्त की जीत की एक अलग ही चमक थी। 

    कबीर कहते हैं, शुभम ने दो साल तक बहुत कड़ा संघर्ष किया है, वह इस कामयाबी का हकदार है. अगर कोई दूसरा मुझसे आगे निकलता तो शायद थोड़ा दुख होता, लेकिन मेरे दोस्त ने टॉप किया है, इससे बड़ी खुशी मेरे लिए और कुछ नहीं हो सकती। 

    गुरुग्राम के रहने वाले कबीर के रगों में भी इंजीनियरिंग और अनुशासन है. उनके पिता अमोल छिल्लर खुद आईआईटी खड़गपुर से पढ़े सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और मां प्रियंका एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं. कबीर ने अपनी 10वीं तक की पढ़ाई उसी स्कूल से की जहां उनकी मां पढ़ाती थीं. इसके अलावा कबीर राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी रह चुके हैं, जिसने उन्हें खेल भावना और दबाव से लड़ना सिखाया। 

    आने वाले छात्रों के लिए टॉपर्स का पैगाम
    इन दोनों टॉपर्स ने देश के लाखों छात्रों को एक बेहद खूबसूरत संदेश दिया है. कबीर कहते हैं कि कभी भी खुद पर रैंक का दबाव मत बनाओ, परिणाम की चिंता करने से बेहतर है कि आप अपनी तैयारी के इस पूरे सफर का आनंद लें. वहीं शुभम की सलाह है कि चीजों को रटने की आदत छोड़ें, लॉजिक और कॉन्सेप्ट की गहराई को समझें, वही असली कुंजी है. पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य, भरपूर नींद और खेल भी उतने ही जरूरी हैं। 

    इस साल जेईई एडवांस्ड के दोनों पेपरों में लगभग 1 लाख 87 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी बैठे थे, जिनमें से 56 हजार 880 छात्रों ने इस कठिन बाधा को पार किया है. इसमें 10 हजार 107 महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं. अब ये सभी सफल छात्र 2 जून से शुरू होने वाली जोसा (JoSAA) काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में दाखिला लेंगे. आईआईटी रुड़की के निदेशक और संयुक्त प्रवेश बोर्ड के अध्यक्ष प्रोफेसर कमल किशोर पंत ने सभी सफल छात्रों को बधाई देते हुए काउंसलिंग में हिस्सा लेने की अपील की है. साथ ही उन्होंने यह बड़ी राहत भी दी कि इस बार काउंसलिंग के लिए 12वीं के अंकों की कोई बाध्यता नहीं होगी। 

    कोटा को लोग अक्सर एक तनाव भरा कोचिंग हब मान लेते हैं, लेकिन शुभम और कबीर ने साबित कर दिया कि अगर आपके पास अनुशासन, सही नजरिया और एक सच्चा दोस्त हो, तो आप तनाव को मात देकर इतिहास रच सकते हैं. अंकों में भले ही एक नंबर का फासला हो, लेकिन कामयाबी के इस आसमान पर दोनों दोस्त बराबर के चमकते सितारे हैं। 

     

     

  • अमेरिकी फाइटर जेट हादसा जांच के घेरे में, चीन की भूमिका पर बढ़ी अंतरराष्ट्रीय चिंता

    अमेरिकी फाइटर जेट हादसा जांच के घेरे में, चीन की भूमिका पर बढ़ी अंतरराष्ट्रीय चिंता

     नई दिल्ली

     ईरान के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में पिछले महीने दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस लड़ाकू विमान को चीन निर्मित शोल्डर-फायर्ड मिसाइल (MANPADS) से निशाना बनाया गया हो सकता है।

    NBC News की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने ईरान को संघर्ष के दौरान अतिरिक्त सैन्य सहायता भी दी हो सकती है। इसमें स्टेल्थ एयरक्राफ्ट तकनीक और लंबी दूरी की रडार प्रणालियां शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इन प्रणालियों की मदद से ईरान को F-15E स्ट्राइक ईगल जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों को ट्रैक करने में मदद मिली होगी।

    ट्रंप ने भी कहा था- मिसाइल से गिरा जेट
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उस समय कहा था कि विमान को एक शोल्डर-लॉन्च्ड मिसाइल से मार गिराया गया। MANPADS छोटे पोर्टेबल मिसाइल सिस्टम होते हैं, जिन्हें कंधे पर रखकर दागा जा सकता है और इनका इस्तेमाल कम ऊंचाई पर उड़ रहे विमानों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है।

    36 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
    विमान गिरने के बाद दोनों क्रू मेंबर्स की तलाश के लिए 36 घंटे तक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया गया। दोनों ने हादसे से पहले इजेक्ट कर अपनी जान बचा ली थी। पेंटागन के मुताबिक, पायलट को करीब 7 घंटे में सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दूसरे अधिकारी वेपन्स सिस्टम्स ऑफिसर को बचाने में लगभग दो दिन लग गए। वह ईरान के ज़ाग्रोस पर्वतीय इलाके में छिपा रहा, जिसके बाद उसे सुरक्षित निकाला गया

    अमेरिका कर रहा जांच
    अमेरिकी अधिकारी अभी भी जांच कर रहे हैं कि अप्रैल में यह लड़ाकू विमान आखिर कैसे गिराया गया। रिपोर्ट के अनुसार, यदि यह पुष्टि होती है कि अमेरिकी जेट दुश्मन की गोलीबारी से गिराया गया, तो यह दशकों में पहली ऐसी घटना होगी।

    चीन-ईरान संबंधों पर बढ़ेगी चिंता
    रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि चीन ने ईरान को यह सैन्य उपकरण कब उपलब्ध कराए। लेकिन यदि ईरान वास्तव में चीनी हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है, तो इससे अमेरिका-चीन संबंधों में और तनाव बढ़ सकता है।

    अमेरिका पहले ही चीन पर ईरान को चीनी सैटेलाइट सेवाओं तक पहुंच देने का आरोप लगा चुका है। वॉशिंगटन का कहना है कि इससे ईरान को अमेरिकी सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिल सकती है। इसी आरोप के बाद अमेरिका ने तीन चीनी सैटेलाइट कंपनियों पर प्रतिबंध भी लगाए थे। हालांकि चीन ने इन आरोपों को खारिज किया है।

    ट्रंप बोले- शी जिनपिंग ने दिया भरोसा
    इसी महीने डोनल्ड ट्रंप ने Fox News से बातचीत में कहा था कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि चीन ईरान को हथियार नहीं भेज रहा। ट्रंप ने कहा, "राष्ट्रपति शी ने मुझसे वादा किया है कि चीन ईरान को कोई हथियार नहीं भेज रहा। यह एक खूबसूरत वादा है और मैं उनकी बात पर भरोसा करता हूं।"

     

  • आम आदमी को बड़ा झटका! LPG सिलेंडर के दाम दोगुने, लगातार 7वीं बार हुई बढ़ोतरी, देखें नई कीमतें

    आम आदमी को बड़ा झटका! LPG सिलेंडर के दाम दोगुने, लगातार 7वीं बार हुई बढ़ोतरी, देखें नई कीमतें

    नई दिल्ली

    आज एक जून को आम जनता को फिर से महंगाई का तगड़ा झटका लगा है. गैस कंपनियों ने एक बार फिर एलपीजी के कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं. दिल्ली-एनसीआर में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में 42 रुपए की बढ़ोतरी की गई है, जिससे इसकी कीमत बढ़कर अब 3113.50 रुपए हो गई है। 

    वहीं कोलकाता में कीमतों में 53.50 रुपए की बढ़ोतरी हुई है, जिससे कीमत 3255.50 रुपए हो गई है. 5 किलोग्राम वाले FTL (फ्री ट्रेड LPG) सिलेंडरों की कीमतों में 11 रुपये की बढ़ोतरी की गई है और दिल्ली में इनकी कीमत 821.50 रुपए होगी. नई कीमतें आज यानी एक जून से लागू हो गई हैं। 

    ठीक एक महीने बाद फिर बढ़े दाम
    बता दें कि गैस कंपनियों ने ठीक एक महीने बाद दोबारा कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाने का फैसला किया है. इससे पहले एक मई को कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई थी. तब कीमतों में सीधे 993 रुपए का इजाफा किया गया था. कमर्शियल सिलेंडरों का इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों की ओर से किया जाता है. यानी अब बाहर खाना खाना आपके लिए और महंगा हो जाएगा। 

    महानगरों में बढ़ा वित्तीय बोझ
    कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में अलग-अलग शहरों में अलग-अलग बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में व्यापारिक उपभोक्ताओं को अब प्रति सिलेंडर 42 रुपये अधिक चुकाने होंगे, जबकि कोलकाता में यह बढ़ोतरी 53.50 रुपये की है। इसके साथ ही दोनों शहरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। ऐसे समय में यह फैसला आया है, जब कारोबारी पहले से ही ईंधन और परिवहन लागत में लगातार बढ़ोतरी का सामना कर रहे हैं।

    5 किलो एफटीएल सिलेंडर भी हुआ महंगा
    तेल कंपनियों ने सिर्फ कमर्शियल सिलेंडर ही नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों और नागरिकों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर की कीमत में भी 11 रुपये की बढ़ोतरी की है। इस संशोधन के बाद दिल्ली में 5 किलो का एफटीएल सिलेंडर अब 821.50 रुपये में मिलेगा। हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है।

    6 महीने में दोगुनी के करीब पहुंची कीमत
    साल 2026 की शुरुआत से ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। जनवरी में दिल्ली में 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत 1,691.50 रुपये थी। इसके बाद फरवरी में 49 रुपये, मार्च में 115 रुपये, अप्रैल में 195.50 रुपये और मई में रिकॉर्ड 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई। अब जून में 42 रुपये की नई वृद्धि के बाद इसकी कीमत 3,113.50 रुपये तक पहुंच गई है।

    लगातार हो रही मूल्य वृद्धि का सीधा असर होटल, रेस्तरां, कैटरिंग कारोबार और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। पिछले 6 महीनों में बार-बार हुए संशोधनों ने कमर्शियल एलपीजी को कारोबारियों के लिए एक बड़ी लागत में बदल दिया है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल कीमतों में स्थिरता से राहत मिली हुई है।  

    महंगाई का डबल अटैक: पेट्रोल-डीजल और गैस के बाद अब दालों की कीमतों ने बिगाड़ा रसोई का बजट

    हालांकि राहत की बात यह है कि एलपीजी घरेलू सिलेंडरों की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है. राजदानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत अभी भी 913 रुपए ही है. इससे उन लाखों परिवारों को राहत मिली है, जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं।  

    वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते बढ़ाए गए दाम
    गौरतलब है कि एलपीजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते की गई है, क्योंकि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है. इससे पता चलता है कि भारत इन दिनों सप्लाई में आई रुकावट और आयात पर बढ़े हुए खर्च का भारी दबाव झेल रहा है। 

  • सिर्फ 15 साल की उम्र और खेल दिग्गजों वाला! वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में बनाए बल्लेबाजी के नए मानक

    सिर्फ 15 साल की उम्र और खेल दिग्गजों वाला! वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में बनाए बल्लेबाजी के नए मानक

    अहमदाबाद 

    •     –776 रन, 237.30 का स्ट्राइक रेट और 72 छक्के… सूर्यवंशी ने ऐसे आंकड़े खड़े किए जो IPL इतिहास में पहले कभी नहीं दिखे.
          -अभिषेक शर्मा, आंद्रे रसेल और एलेक्स हेल्स जैसे नामों वाले एलीट क्लब में सूर्यवंशी सबसे ऊपर नजर आए.
          -16 गेंद की फिफ्टी, 36 गेंद का शतक और 29 गेंदों पर 97 रन… हर बड़ी पारी रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गई.
          -1000 IPL रन तक  440 गेंदों और 23 पारियों में यह मुकाम हासिल कर सूर्यवंशी ने कई दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया.
          -521 रन और 46 छक्के… पहले छह ओवर उनके लिए रन बरसाने का मंच बन गए.
          -पावरप्ले में सूर्यवंशी ने अकेले CSK, RCB, KKR, GT और DC से ज्यादा छक्के जड़ दिए.
          -हर 4.5 गेंद पर एक छक्का लगाकर सूर्यवंशी ने T20 हिटिंग के नए मानक तय किए.
          -बुमराह, स्टार्क, कमिंस और हेजलवुड जैसे दिग्गज भी उनकी आक्रामक बल्लेबाजी से नहीं बच सके.
          -मोहसिन खान और सुनील नरेन उन चुनिंदा नामों में रहे जिनके खिलाफ वह खुलकर नहीं खेल सके.
          – प्रफुल्ल  हिंगे की पहली गेंद पर आउट होने के बाद सूर्यवंशी ने अगली भिड़ंत में लगातार चार छक्के जड़कर हिसाब बराबर किया।
       

    15 साल की उम्र में रिकॉर्डों का पहाड़ खड़ा करने वाले सूर्यवंशी के लिए यह सिर्फ शुरुआत मानी जा रही है. आने वाले द‍िनों में वो क्या करेंगे, इस पर अब अनुमान लगाना भी मुश्क‍िल है. ऊपर जो तथ्य बताए गए हैं, वो केवल वैभव की इस आईपीएल की हाइलाइट्स मात्र हैं. आईपीएल फाइनल में उननकी टीम भले नहीं जीती हो, लेकिन उन्होंने आईपीएल के कई ख‍िताबों को अपने नाम किए. वहीं जता द‍िया कि आने वाले द‍िनों में क्या करेंगे।  

    इंडियन प्रीमियर लीग के 19 साल के इतिहास में राजस्थान रॉयल्स युवा प्रतिभाओं को तराशने वाली सबसे सफल फ्रेंचाइजी रही है. रवींद्र जडेजा, संजू सैमसन, रियान पराग और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी इसी मंच से निकले. लेकिन 2026 का सीजन इस सूची में एक ऐसे नाम को सबसे ऊपर ले आया, जिसकी उम्र अभी महज 15 साल है. वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ शानदार प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि T20 बल्लेबाजी की उन सीमाओं को भी तोड़ दिया, जिन्हें अब तक अछूता माना जाता था। 

    सूर्यवंशी ने IPL 2026 में 776 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 237.30 रहा. उन्होंने सिर्फ 327 गेंदों का सामना किया, जिनमें से 135 बार गेंद बाउंड्री के पार गई. इनमें 72 छक्के शामिल रहे. पूरे सीजन में उनके बल्ले से छह बार 50 से ज्यादा स्कोर निकले, जिनमें एक 36 गेंदों का शतक भी था. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उनकी चार फिफ्टी 16 गेंद या उससे कम में पूरी हुईं। 

    उनकी बल्लेबाजी का असर इस बात से भी समझा जा सकता है कि उनका स्ट्राइक रेट बाकी राजस्थान बल्लेबाजों से 87.03 ज्यादा रहा. IPL इतिहास में किसी सीजन में 300 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों के बीच यह सबसे बड़ा अंतर है। 

    IPL इतिहास के 18 सीजन में सिर्फ चार बल्लेबाज ही किसी एक सीजन में उनसे ज्यादा रन बना पाए हैं, लेकिन किसी का स्ट्राइक रेट उनके आसपास भी नहीं पहुंचा. T20 क्रिकेट के इतिहास में 500 से ज्यादा रन और 200 से अधिक स्ट्राइक रेट वाले बल्लेबाजों की सूची बेहद छोटी है. इसमें वैभव सूर्यवंशी सबसे ऊपर नजर आते हैं. उनके 776 रन इस विशेष क्लब में दूसरे नंबर पर मौजूद अभिषेक शर्मा के 563 रनों से 38 प्रतिशत ज्यादा हैं. इस सूची में आंद्रे रसेल और एलेक्स हेल्स जैसे नाम भी शामिल हैं। 

    अगर 300 से ज्यादा रन और 200 से ऊपर स्ट्राइक रेट वाले T20 टूर्नामेंटों को देखा जाए तो केवल अभिषेक शर्मा ने उनसे बेहतर स्ट्राइक रेट दर्ज किया, लेकिन वह सिर्फ 304 रन ही बना सके थे. दूसरी तरफ सूर्यवंशी ने पूरे सीजन में 230 से ज्यादा स्ट्राइक रेट बनाए रखते हुए 776 रन ठोक दिए। 

    2025 में अपने डेब्यू सीजन में प्रतिभा की झलक दिखाने वाले सूर्यवंशी के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि क्या वह दूसरे साल भी उसी स्तर का प्रदर्शन कर पाएंगे. उन्होंने इसका जवाब धमाकेदार अंदाज में दिया. राजस्थान रॉयल्स ने सीजन की शुरुआत लगातार चार जीतों से की और उसमें सूर्यवंशी की अहम भूमिका रही। 

    वह IPL इतिहास के पहले बल्लेबाज बने, जिन्होंने अपने शुरुआती दोनों सीजन में शतक लगाया. 2025 में गुजरात  टाइटन्स के खिलाफ 35 गेंदों में शतक लगाने वाले सूर्यवंशी ने 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 36 गेंदों में सैकड़ा जड़ दिया। 

    वह IPL में दो शतक लगाने वाले पहले अनकैप्ड बल्लेबाज भी बने. इतना ही नहीं, उन्होंने यशस्वी जायसवाल के नाम दर्ज अनकैप्ड बल्लेबाज के सर्वाधिक रन बनाने के रिकॉर्ड को 151 रन के बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया। 

    2026 में सूर्यवंशी ने चार बार 16 गेंद या उससे कम में अर्धशतक पूरा किया. IPL इतिहास में किसी बल्लेबाज ने अपने पूरे करियर में भी इतनी बार ऐसा नहीं किया है. इससे पहले  ट्रेव‍िस हेड और निकोलस पूरन ने 2024 में एक सीजन में दो-दो बार यह उपलब्धि हासिल की थी। 

    एलिमिनेटर में SRH के खिलाफ उनकी 16 गेंदों की फिफ्टी IPL प्लेऑफ इतिहास की संयुक्त रूप से सबसे तेज फिफ्टी रही. जयपुर में स्ट्राइक SRH के खिलाफ लगाया गया 36 गेंदों का शतक IPL इतिहास का तीसरा सबसे तेज शतक था. दिलचस्प बात यह है कि दूसरे नंबर पर भी उनका ही नाम दर्ज है. एलिमिनेटर में वह 29 गेंदों पर 97 रन बनाकर आउट हुए, नहीं तो सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड भी उनके नाम हो सकता था। 

    सीजन की आखिरी पारी में उन्होंने IPL में 1000 रन पूरे किए और ऐसा करने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए. सिर्फ 440 गेंदों में 1000 रन तक पहुंचकर उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, जिनको यह उपलब्धि हासिल करने में 545 गेंदें लगी थीं. सूर्यवंशी ने केवल 23 पारियों में 1000 IPL रन पूरे किए, जो लीग के इतिहास में संयुक्त रूप से दूसरा सबसे तेज और किसी भारतीय बल्लेबाज का सबसे तेज रिकॉर्ड है। 

    पावरप्ले सूर्यवंशी का सबसे पसंदीदा शिकार क्षेत्र साबित हुआ. उनके 776 रनों में से 521 रन पहले छह ओवरों में आए. IPL इतिहास में किसी बल्लेबाज ने एक सीजन में पावरप्ले में इतने रन नहीं बनाए थे. इससे पहले यह रिकॉर्ड 2016 में डेविड वॉर्नर के 467 रनों का था। 

    उन्होंने चार बार पावरप्ले के भीतर ही अर्धशतक पूरा किया और ट्रेव‍िस हेड के रिकॉर्ड की बराबरी की. IPL करियर में उनके नाम अब पांच पावरप्ले फिफ्टी हैं. उनसे आगे सिर्फ डेविड वॉर्नर हैं, जिन्होंने छह बार यह कारनामा किया। 

    छक्कों के मामले में भी सूर्यवंशी ने अलग ही लेवल की बल्लेबाजी दिखाई. उन्होंने पावरप्ले में 223 गेंदों पर 46 छक्के लगाए. यह IPL इतिहास का रिकॉर्ड है. दिलचस्प बात यह है कि 2023 तक किसी पूरी IPL टीम ने एक सीजन के पावरप्ले में इतने छक्के नहीं लगाए थे. 2026 में अकेले सूर्यवंशी ने पावरप्ले में CSK, RCB, KKR, GT और DC जैसी पांच टीमों से ज्यादा छक्के जड़ दिए। 

    अगर T20 छक्केबाजी की बात होती है तो क्रिस गेल का नाम सबसे पहले लिया जाता है. लेकिन सूर्यवंशी ने उस पैमाने को भी बदल दिया. गेल ने 2012 में 456 गेंदों पर 59 छक्के लगाए थे, यानी हर 7.7 गेंद पर एक छक्का. सूर्यवंशी ने 327 गेंदों में 72 छक्के जड़ दिए, यानी हर 4.5 गेंद पर एक छक्का। 

    पूरे सीजन में दो छक्कों के बीच उनका सबसे लंबा इंतजार सिर्फ 20 गेंदों का रहा. IPL इतिहास में 30 से ज्यादा छक्कों वाले सीजन में सिर्फ तीन बल्लेबाज ही उनसे बेहतर छक्का-फ्रीक्वेंसी दर्ज कर पाए हैं। 
    उन्होंने तीन अलग-अलग पारियों में 10 या उससे ज्यादा छक्के लगाए, जो IPL इतिहास में पहली बार हुआ. इससे पहले सिर्फ फिन एलन ने 2026 में एक सीजन में यह उपलब्धि एक से ज्यादा बार हासिल की थी। 

    सूर्यवंशी ने दो बार एक पारी में 12-12 छक्के लगाए. यह किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा IPL में एक पारी में लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं. उन्होंने अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ा. एलिमिनेटर में स्ट्राइक रेट के खिलाफ उनके 12 छक्के IPL नॉकआउट मुकाबलों का रिकॉर्ड भी बने. इनमें से आठ छक्के सिर्फ पावरप्ले में आए। 

    स्ट्राइक रेटH के खिलाफ जयपुर में लगाए गए शतक के दौरान वह IPL में सबसे तेजी से 50 छक्के पूरे करने वाले बल्लेबाज भी बने. उन्होंने यह मुकाम सिर्फ 15 पारियों और 250 गेंदों में हासिल किया. इससे पहले यह रिकॉर्ड क्रिस गेल और प्रियांश आर्य के नाम था। 

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    उनके 72 छक्कों में 50 छक्के लेग साइड पर आए, जबकि 34 छक्के स्क्वायर लेग और मिडविकेट के बीच के क्षेत्र में लगे. सिर्फ रिकॉर्ड ही नहीं, दुनिया के बड़े गेंदबाज भी सूर्यवंशी के सामने बेबस दिखे. जसप्रीत बुमराह, पैट कमिंस, जोश हेजलवुड, मैट हेनरी, मिचेल स्टार्क और लुंगी एनगिडी जैसे दिग्गजों की पहली ही गेंद पर उन्होंने चौका जड़ दिया। 

    तेज गेंदबाजों के खिलाफ उन्होंने 648 रन 239.11 के स्ट्राइक रेट से बनाए. स्पिनरों के खिलाफ भी उनका स्ट्राइक रेट 228.57 रहा. यॉर्कर को छोड़ दें तो लगभग हर लेंथ उनके लिए रन बनाने का मौका बन गई. उन्होंने लेंथ गेंदों पर 268 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए, जबकि बाउंसर पर यह आंकड़ा 300 से ऊपर रहा। 

    सीजन में उन्होंने 46 अलग-अलग गेंदबाजों का सामना किया और 34 के खिलाफ छक्के लगाए. केवल चार गेंदबाज ऐसे रहे, जिन्होंने उन्हें तीन से ज्यादा गेंदें डालने के बावजूद छक्का नहीं खाने दिया. इनमें मोहसिन खान सबसे सफल रहे. उन्होंने 12 गेंदों में सिर्फ दो रन दिए और एक विकेट भी लिया. IPL में सूर्यवंशी के खिलाफ पहला मेडन ओवर फेंकने वाले गेंदबाज भी मोहसिन ही बने.सुनील नरेन भी उन चुनिंदा गेंदबाजों में रहे, जिनके खिलाफ सूर्यवंशी का स्ट्राइक रेट 100 से कम रहा। 

    सीजन की सबसे दिलचस्प कहानी सनराइजर्स हैदराबाद के युवा गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे और बिहार के उनके साथी साकिब हुसैन से जुड़ी रही. IPL के अपने पहले ओवर में सूर्यवंशी प्रफुल्ल हिंगे की पहली ही गेंद पर आउट हो गए थे. उसी ओवर में हिंगे ने तीन विकेट भी लिए थे। 

    लेकिन वापसी मुकाबले में सूर्यवंशी ने हिसाब बराबर कर दिया. उन्होंने पारी के पहले ओवर में हिंगे की लगातार चार गेंदों पर चार छक्के जड़ दिए. IPL इतिहास में पहली बार किसी बल्लेबाज ने मैच के पहले ओवर में ऐसा किया. पूरे सीजन में उन्होंने हिंगे के खिलाफ 17 गेंदों पर 57 रन बनाए। 

    साकिब हुसैन के खिलाफ भी उनका बल्ला जमकर बोला. उन्होंने 19 गेंदों में 59 रन ठोक दिए. पर्पल कैप की दौड़ में शीर्ष-10 गेंदबाजों के खिलाफ सूर्यवंशी ने 113 गेंदों पर 241 रन बनाए और हर गेंदबाज के खिलाफ 160 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बटोरे। 

    भारत की T20 विश्व कप जीत के बाद IPL 2026 कई नई कहानियों की तलाश में था, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में एक कहानी सबसे ऊपर रही. वह थी 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की. उन्होंने सिर्फ रिकॉर्ड नहीं तोड़े, बल्कि बल्लेबाजी की नई परिभाषा लिख दी. और सबसे डराने वाली बात यह है कि यह खिलाड़ी अभी सिर्फ 15 साल का है. उसके करियर का सर्वश्रेष्ठ शायद अभी आना बाकी है। 
     
    आइए अब वैभव की आईपीएल 2026 की र‍िकॉर्ड कथा पर एक और नजर डाल लेते हैं. 

    1. सबसे ज्यादा  आक्रामक प्रदर्शन (हाई स्ट्राइक रेट रिकॉर्ड)
    50+ रन 300+ स्ट्राइक रेट के साथ एक  गेंदबाज के ख‍िलाफ (IPL सीजन)

    ऋषभ पंत पंत vs मोहित शर्मा (2024) – 62 रन (18 बॉल), स्ट्राइक रेट : 344.44
    मुरली विजय vs एस नरवाल (2010) – 58 रन (17 बॉल), स्ट्राइक रेट: 341.17
    वैभव सूर्यवंशी vs पीपी हिंगे (2026) – 57 रन (17 बॉल), स्ट्राइक रेट: 335.29
    हाश‍िम अमला vs लसिथ मलिंगा (2017) – 51 रन (16 बॉल), स्ट्राइक रेट: 318.75
    वैभव सूर्यवंशी vs साकिब हुसैन (2026) – 59 रन (19 बॉल),  स्ट्राइक रेट: 310.52

    2. पावर हिटिंग रिकॉर्ड्स (सिक्स-हिटिंग रिकॉर्ड्स)
    वैभव सूर्यवंशी (2026)- 72 रन (16 मैच, 327 बॉल), बॉल्स/6: 4.5
    क्रिस गेल गेल (2012) – 59 रन
    आंद्रे रसेल रसेल (2019) – 52 रन
    क्रिस गेल (2013) – 51 रन
    जोस बटलर (2022) – 45 रन

    3. पावरप्ले परफॉर्मेंस (पावरप्ले रिकॉर्ड्स)
    पावरप्ले (ओवर 1-6) में सबसे ज्यादा रन

    वैभव सूर्यवंशी (2026) – 521 रन ,  स्ट्राइक रेट: 233.63 ,  Ave: 74.42
    डेव‍िड वॉर्नर (2016) – 467 रन ,  स्ट्राइक रेट: 150.16
    ट्रेव‍िस हेड (2024) – 402 रन ,  स्ट्राइक रेट: 208.29
    साई सुदर्शन (2025) – 402 रन ,  स्ट्राइक रेट: 158.11
    एडम गिलक्रिस्ट (2009) – 382 रन ,  स्ट्राइक रेट: 165.36

    4. सबसे ज्यादा  रन (ओवरऑल बैटिंग रिकॉर्ड)
    एक IPL सीजन  में सबसे ज्यादा  रन

    व‍िराट कोहली (2016) – 973 रन
    शुभमन गिल (2023) – 890 रन
    जोस बटलर (2022) – 863 रन
    डेव‍िड वॉर्नर (2016) – 848 रन
    वैभव सूर्यवंशी (2026) – 776 रन

    5-अनकैप्ड बैट्समैन द्वारा सबसे ज्यादा  रन
    वैभव सूर्यवंशी (2026) – 776 रन
    यशस्वी  जायसवाल (2023) – 625 रन
    शॉन मार्श (2008) – 616 रन
    र‍ियान पराग (2024) – 573 रन

    5. टीम के बाकी बैट्समैन से अलग परफॉर्मेंस
    टीममेट्स की तुलना में सबसे ज्यादा  स्ट्राइक रेट डिफरेंस

    वैभव सूर्यवंशी (RR, 2026)- 237.30 स्ट्राइक रेट (टीम स्ट्राइक रेट: 150.28),  डिफरेंस: 87.02
    जेएम फ्रेजर-मैकगर्क (DC, 2024) – 234.04 स्ट्राइक रेट (टीम स्ट्राइक रेट: 148.16 ) डिफरेंस: 85.84

  • दिनदहाड़े दिखा आग का गोला, मैसाचुसेट्स-न्यू हैम्पशायर के ऊपर उल्कापिंड विस्फोट से मचा हड़कंप

    दिनदहाड़े दिखा आग का गोला, मैसाचुसेट्स-न्यू हैम्पशायर के ऊपर उल्कापिंड विस्फोट से मचा हड़कंप

     नई दिल्ली

     शनिवार दोपहर पूर्वोत्तर अमेरिका के आसमान में एक विशाल उल्कापिंड के फटने से जोरदार धमाका हुआ। नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस विस्फोट से पैदा हुई सोनिक बूम की ताकत करीब 300 टन टीएनटी के बराबर थी। इस जोरदार आवाज और कंपन ने कई राज्यों के निवासियों को चौंका दिया।

    यह घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर 2:06 बजे हुई। चमकीला उल्कापिंड उत्तर-पूर्वी मैसाचुसेट्स और दक्षिण-पूर्वी न्यू हैम्पशायर के ऊपर आसमान में ही टूटकर बिखर गया। इसके फटने से इतनी तेज आवाज हुई कि पूरे न्यू इंग्लैंड क्षेत्र में गूंज सुनाई दी और कई इलाकों में इमारतें तक हिल गईं।

    नासा की डिप्टी न्यूज चीफ जेनिफर डोरेन ने कहा कि यह उल्कापिंड फिलहाल सक्रिय किसी भी उल्का बौछार का हिस्सा नहीं था। यह एक प्राकृतिक खगोलीय पिंड था, न कि अंतरिक्ष का कचरा या किसी सैटेलाइट के वापस धरती पर गिरने का मामला। इसके टूटने से करीब 300 टन टीएनटी के बराबर ऊर्जा निकली, जिससे यह भयंकर आवाज पैदा हुई।

    75,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार
    नासा के आंकड़ों के मुताबिक, जब इस उल्कापिंड ने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया, तब इसकी रफ्तार करीब 1,20,700 किलोमीटर प्रति घंटा थी। जमीन से लगभग 64 किलोमीटर ऊपर आते ही यह भीषण दबाव के कारण टुकड़ों में बंट गया।

    अमेरिकन मीटियोर सोसाइटी ने बताया कि यह खगोलीय चट्टान लगभग तीन फीट चौड़ी थी। इसने बोस्टन के उत्तर में, मैसाचुसेट्स और न्यू हैम्पशायर की सीमा के पास वायुमंडल में प्रवेश किया।

    इस घटना की गवाही देने वाले लोगों की रिपोर्ट दक्षिण में डेलावेयर से लेकर उत्तर में मॉन्ट्रियल तक से मिली हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने दिन के उजाले में एक बेहद चमकदार आग का गोला देखने, तेज विस्फोट की आवाज सुनने और जमीन हिलने का दावा किया।

    आम उल्कापिंडों से काफी बड़ा था आकार
    अमेरिकन मीटियोर सोसाइटी के प्रोग्राम मॉनिटर रॉबर्ट लंसफोर्ड ने कहा कि यह घटना आम तौर पर दिखने वाले उल्कापिंडों से बहुत बड़ी थी। उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से एक सामान्य फायरबॉल से बड़ा था।

    लंसफोर्ड के अनुसार, इस बात की संभावना बहुत कम है कि इसका कोई भी हिस्सा जमीन तक पहुंचा हो। उन्होंने कहा कि यह जानने के लिए कि क्या इसका कोई टुकड़ा जमीन पर गिरा, हमें इसके रास्ते और गति की और अधिक जानकारी चाहिए होगी।

    लेकिन अगर यह पूरी तरह हवा में नहीं जला होगा, तो इसका मलबा समुद्र में गिरा होगा। वैसे, अधिकांश उल्कापिंड जमीन पर पहुंचने से पहले ही जलकर राख हो जाते हैं।

    सोनिक बूम था वजह
    विस्फोट की भयानक आवाज के बाद घबराए स्थानीय लोगों ने इमारतों के हिलने की शिकायत पुलिस और यूएस जियोलॉजिकल सर्वे से की। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए कई वीडियो में लगातार दो तेज धमाकों की आवाजें सुनी जा सकती हैं, हालांकि जमीन पर नुकसान या आग लगने का कोई निशान नहीं मिला।

    यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने पुष्टि की कि उन्हें क्षेत्र भर के निवासियों से कई शिकायतें मिली हैं, क्या आपने इसे महसूस किया? हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि कोई भूकंपीय गतिविधि का पता नहीं चला, जिससे भूकंप को इस कंपन का कारण होने की संभावना से इनकार किया जा सकता है। नासा ने भी अंत में दोहराया कि यह महज एक प्राकृतिक अंतरिक्षीय घटना थी।

  • संकटग्रस्त बच्चों के लिए वरदान बनी 1098 हेल्पलाइन, मिशन वात्सल्य दे रहा सुरक्षा का भरोसा

    संकटग्रस्त बच्चों के लिए वरदान बनी 1098 हेल्पलाइन, मिशन वात्सल्य दे रहा सुरक्षा का भरोसा

    मिशन वात्सल्य की चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 बनी संकटग्रस्त बच्चों का सशक्त सुरक्षा कवच

    24×7 मुस्तैदी: वित्तीय वर्ष 2025-26 में 30 हजार से अधिक बच्चों को मिला नया जीवन

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लगभग ढाई साल के कार्यकाल में राज्य ने महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में संवेदनशीलता और गवर्नेंस के एक नये प्रतिमान स्थापित किये है। उनके नेतृत्व में 'चाइल्ड हेल्पलाइन-1098' प्रदेश के संकटग्रस्त, शोषित और बेसहारा बच्चों के लिए एक बेहद सशक्त और अभेद्य सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 'मिशन वात्सल्य' योजना में चाइल्ड हेल्पलाइन 24 घंटे कार्य कर रही है। यह हेल्पलाइन प्रदेश में हजारों बच्चों को हिंसा, बाल श्रम और मानव तस्करी के चंगुल से छुड़ाकर उनका पुनर्वास सुनिश्चित कर रही है। सरकार के इस प्रभावी कदम से न केवल संकट के समय बच्चों को आपातकालीन मदद मिल रही है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण भी मिल रहा है।

    इस हेल्पलाइन की व्यापकता और रिस्पॉन्स टाइम में अभूतपूर्व सुधार आया है, जिसका अंदाजा विभागीय आंकड़ों से साफ लगाया जा सकता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस हेल्पलाइन से रिकॉर्ड 30 हजार 810 संकटग्रस्त बच्चों को सहायता पहुंचाई गई। वहीं, वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी हेल्पलाइन की टीम पूरी मुस्तैदी से डटी हुई है, जहां महज़ 15 मई तक ही 4 हजार 376 बच्चों तक त्वरित मदद पहुंचाई जा चुकी है। अब तक 2 हजार 367 मामलों का पूरी तरह से निराकरण किया जा चुका है, जबकि शेष बचे मामलों में जिला स्तर पर फॉलो-अप कार्रवाई तेजी से जारी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की 'जीरो टॉलरेंस' नीति

    'मिशन वात्सल्य' के अंतर्गत नए स्वरूप में संचालित इस हेल्पलाइन को और अधिक हाईटेक और चुस्त रिस्पॉन्स सिस्टम से लैस किया गया है। हेल्पलाइन पर आने वाली कॉल्स को उनकी गंभीरता के आधार पर 2 हिस्सों में बांटा जाता है। कोई बच्चा किसी गंभीर या तत्काल खतरे में होता है, तो मुख्यमंत्री डॉ. यादव की 'जीरो टॉलरेंस' नीति में उस आपातकालीन मामले को तुरंत 'रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम' यानी आरएसएस-112 को ट्रांसफर किया जाता है, जिससे गृह विभाग और पुलिस की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच सके। गैर-आपातकालीन मामलों को संबंधित जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) को प्रेषित किया जाता है।

    इस हेल्पलाइन से प्रदेश के बच्चों को केवल रेस्क्यू ही नहीं किया जा रहा, बल्कि उन्हें समुचित सुरक्षा दी जा रही है। इसमें बच्चों को हिंसा और शोषण से बचाना, उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देना, मानसिक एवं सामाजिक परामर्श उपलब्ध कराना, बाल श्रम से मुक्ति और सबसे महत्वपूर्ण—लापता बच्चों का उनके परिवारों से पुनर्मिलन कराना शामिल है। बेघर हुए या मानव तस्करी के शिकार बच्चों के लिए यह हेल्पलाइन एक नई जिंदगी की शुरुआत साबित हो रही है।

    इन शहरों में दिखा सबसे ज्यादा असर

    प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और सतना जैसे बड़े जिलों में हेल्पलाइन का नेटवर्क सबसे ज्यादा सक्रिय रहा है और यहां बड़ी संख्या में बच्चों को रेस्क्यू किया गया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि हमारा उद्देश्य केवल आपातकालीन सहायता देना नहीं, बल्कि हर बच्चे के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है।

    विभाग ने मध्यप्रदेश के सभी जागरूक नागरिकों, प्रबुद्ध वर्ग और ग्रामीणों से अपील की है कि वे सूबे के बच्चों के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं। प्रदेश के किसी भी कोने में यदि कोई बच्चा संकट में, बाल विवाह का शिकार, बाल श्रम करता हुआ या किसी भी प्रकार के शोषण से पीड़ित दिखाई दे, तो मूकदर्शक न बनें। राज्य सरकार की 'चाइल्ड हेल्पलाइन-1098' पर तुरंत इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते मध्यप्रदेश के हर मासूम का भविष्य सुरक्षित और खुशहाल बनाया जा सके।

     

  • हिंद महासागर से दुनिया तक बढ़ रहा भारत का प्रभाव, US रक्षा मंत्री बोले- सुपरपावर बनने की राह पर India

    हिंद महासागर से दुनिया तक बढ़ रहा भारत का प्रभाव, US रक्षा मंत्री बोले- सुपरपावर बनने की राह पर India

    नई दिल्ली

    अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सिंगापुर में कहा कि भारत एक ताकतवर देश है और अपनी सेना को आधुनिक बना रहा है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच शांति कराने में अहम भूमिका निभाई. हालांकि भारत इस दावे को पहले से नकारता आया है। 

    सिंगापुर में हर साल एक बड़ी सुरक्षा बैठक होती है जिसे शांगरी-ला संवाद कहते हैं. इसमें दुनियाभर के रक्षा मंत्री और सेना के बड़े अधिकारी आते हैं. इस साल 44 देश इसमें शामिल हुए. शनिवार को अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने यहां भाषण दिया और कई बड़ी बातें कहीं। 

    डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाक के बीच शांति कराई, हेगसेथ का दावा

    हेगसेथ ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच शांति कराने में मदद की. बात यह है कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक आतंकी हमला हुआ था जिसमें 26 लोग मारे गए थे. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक सैन्य टकराव हुआ. फिर दोनों देशों के बीच सीजफायर यानी युद्ध विराम हुआ। 

    ट्रंप और अमेरिका बार-बार यह दावा करते रहे हैं कि उन्होंने यह शांति कराई. लेकिन भारत शुरू से यह कहता आया है कि यह समझौता सीधे भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ. किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी. भारत ने किसी भी बाहरी मध्यस्थता को साफ नकारा है। 

    हेगसेथ ने यह भी कहा कि दोनों देश एक दूसरे को खतरे की नजर से देखते रहेंगे और दोनों अपनी सुरक्षा के लिए मिसाइल जैसी ताकत बढ़ाना चाहेंगे. लेकिन अमेरिका इनमें से किसी को अपना दुश्मन नहीं मानता। 

    पाकिस्तान की भी तारीफ, ईरान से शांति वार्ता में निभा रहा भूमिका
    हेगसेथ ने पाकिस्तान की भी खूब तारीफ की. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के फील्ड मार्शल और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शांति वार्ता में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. यह एक अनोखा और अच्छा विकास है। 

    दरअसल पाकिस्तान इस वक्त अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ी शांति वार्ता में बीच का रास्ता बना रहा है. इस्लामाबाद दोनों देशों का भरोसेमंद दोस्त माना जाता है. पिछले महीने इस्लामाबाद में दोनों पक्षों की बैठक हुई लेकिन कोई डील नहीं हो पाई. पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने कहा है कि अगली बैठक जल्द ही इस्लामाबाद में होगी। 

    भारत की तारीफ, अमेरिका के साथ मिलकर हथियार बनाने की बात
    हेगसेथ ने भारत को लेकर कई अच्छी बातें कहीं. उन्होंने कहा कि भारत एक ताकतवर देश है और अपनी सेना को लगातार आधुनिक बना रहा है. भारत खासतौर पर हिंद महासागर में ताकत का संतुलन बनाए रखने में मदद कर रहा है। 

    उन्होंने यह भी बताया कि भारत बड़ी और भारी सैन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी फैक्ट्री और सप्लाई की व्यवस्था तैयार कर रहा है. अमेरिका ने भारत के साथ मिलकर हथियार और सैन्य उपकरण बनाने का वादा किया है. इसे को-प्रोडक्शन कहते हैं यानी दोनों देश साथ मिलकर बनाएंगे। 

    अमेरिका की बड़ी इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटेजी क्या है?
    हेगसेथ ने यह भी बताया कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र यानी इंडो-पैसिफिक दुनिया का सबसे अहम इलाका है. अमेरिका इस इलाके में शांति और संतुलन बनाए रखना चाहता है. वह नहीं चाहता कि कोई एक देश पूरे इलाके पर अपना दबदबा बना ले. उन्होंने सीधे चीन का नाम लेते हुए कहा कि कोई भी देश, चीन सहित, इस इलाके में अपना वर्चस्व नहीं थोप सकता। 

    हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका चीन से कोई टकराव नहीं चाहता और ट्रंप के समय से अमेरिका-चीन के रिश्ते पहले से बेहतर हुए हैं। 

    अमीर देश अपनी सुरक्षा का खर्च खुद उठाएं
    हेगसेथ ने एक और बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि जो देश पैसे वाले हैं वे अपनी सुरक्षा का खर्च खुद उठाएं. अमेरिका अब उनके लिए पैसे नहीं लगाएगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका को सहयोगी चाहिए, न कि ऐसे देश जो सिर्फ उस पर निर्भर हों. जापान, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, फिलीपींस और भारत जैसे देशों की उन्होंने तारीफ की कि वे अपनी रक्षा में खुद निवेश कर रहे हैं। 

  • साइप्रस सिर्फ बहाना, असली निशाना ग्रीस? ब्रह्मोस डील की अटकलों से तुर्की की बढ़ी टेंशन

    साइप्रस सिर्फ बहाना, असली निशाना ग्रीस? ब्रह्मोस डील की अटकलों से तुर्की की बढ़ी टेंशन

    नई दिल्ली

    अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के बिसात पर भारत ने एक बहुत बड़ा दांव चला है, जिसने तुर्की और उसके सदाबहार दोस्त पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। हाल ही में भारत और साइप्रस के बीच 'रणनीतिक साझेदारी' हुई है, जिसके तहत भारत की सबसे घातक मिसाइल 'ब्रह्मोस' के साइप्रस और ग्रीस तक पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के हालिया साइप्रस दौरे ने इस पूरे घटनाक्रम में आग में घी का काम किया है, जिससे तुर्की में दहशत का माहौल है। साइप्रस द्वारा भारत से 'ब्रह्मोस' सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और कामिकाजे ड्रोन्स खरीदने की गहरी दिलचस्पी दिखाने के बाद, तुर्की के रणनीतिक और सुरक्षा हलकों में हड़कंप मच गया है।

    क्या है पूरा विवाद और ब्रह्मोस की एंट्री?
    हाल ही में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स ने भारत का दौरा किया था, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अहम बैठक हुई। इसके तुरंत बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर साइप्रस पहुंच गए। इन दौरों के बाद एक रक्षा सहयोग रोडमैप तैयार किया गया है।

    ताजा रक्षा रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइप्रस ने दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक 'ब्रह्मोस' के साथ-साथ भारत के घातक कामिकाजे ड्रोन (जैसे नागास्त्र-1 और स्काईस्ट्राइकर) हासिल करने की इच्छा जताई है। यह संभावित ब्रह्मोस खरीद यूरोपीय संघ (EU) के 'SAFE' प्रोग्राम के तहत ग्रीक साइप्रस प्रशासन को आवंटित लगभग 1.2 बिलियन यूरो के रक्षा पैकेज के अंतर्गत की जा सकती है।

    तुर्की की नींद क्यों उड़ी है?
    तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और अंकारा के रक्षा विश्लेषकों के लिए यह एक बड़ा झटका है। इसके पीछे कई ठोस कारण हैं। तुर्की ने दशकों से उत्तरी साइप्रस पर अवैध कब्जा कर रखा है। साइप्रस के पास ब्रह्मोस और घातक ड्रोन्स जैसी मारक क्षमता आने से क्षेत्रीय सैन्य संतुलन पूरी तरह से बदल सकता है और तुर्की की सुरक्षा को सीधा खतरा पैदा हो सकता है।

    तुर्की की मीडिया और रक्षा विशेषज्ञों को डर है कि भारतीय हथियारों की मदद से साइप्रस और ग्रीस मिलकर तुर्की के खिलाफ एक मजबूत और अजेय रक्षा दीवार तैयार कर लेंगे। तुर्की के लोगों का मानना है कि भारत के लिए 'साइप्रस तो बहाना है, अपनी ब्रह्मोस को ग्रीस तक पहुंचाना है।' क्योंकि ग्रीस और तुर्की के बीच भी गहरे भू-राजनीतिक और समुद्री सीमा विवाद हैं।

    भारत का रणनीतिक पलटवार
    मई 2025 में हुए भारत-पाक संघर्ष के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान को गुपचुप तरीके से सैकड़ों ड्रोन मुहैया कराए थे। इसके अलावा एर्दोगन कश्मीर मुद्दे पर लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते रहे हैं। अब भूमध्य सागर में तुर्की की नाक के नीचे भारतीय हथियारों की संभावित तैनाती को नई दिल्ली द्वारा एर्दोगन को दिया गया करारा जवाब माना जा रहा है।

    साइप्रस और ग्रीस (यूनान) दोनों तुर्की के कट्टर प्रतिद्वंद्वी हैं। अगर ब्रह्मोस साइप्रस के पास आती है, तो यह सीधे तौर पर तुर्की के लिए एक बड़ा सैन्य खतरा बन जाएगा, क्योंकि यह मिसाइल मैक 2.8 से मैक 3 की गति से अचूक हमला करने में सक्षम है। भारत और साइप्रस के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग (2026-2031) के लिए एक अहम रोडमैप पर मुहर लगी है, जो दोनों देशों को रणनीतिक साझेदार बनाता है।

    मंडराए ग्रीक फाइटर जेट्स कि तुर्की को लगी मिर्ची?
    तुर्की और ग्रीस के बीच पूर्वी एजियन सागर के द्वीपों को लेकर पुराना विवाद फिर से भड़क गया है। हाल ही में तुर्की के F-16 फाइटर जेट्स और CN-235 सर्विलांस विमानों ने ग्रीस के हवाई क्षेत्र का बार-बार उल्लंघन किया। इसके जवाब में ग्रीस के लड़ाकू विमानों ने तुरंत उड़ान भरी और दोनों देशों के जेट्स के बीच आसमान में ही 'सिम्युलेटेड डॉगफाइट' (छद्म युद्ध जैसी स्थिति) देखने को मिली।

    तुर्की के रक्षा मंत्री यासर गुलर ने पश्चिमी तुर्की के सैन्य बेस से बौखलाहट में बयान दिया कि ग्रीस पूर्वी एजियन द्वीपों का अवैध रूप से सैन्यीकरण कर रहा है। उन्होंने ग्रीस को धमकी देते हुए कहा कि तुर्की एजियन सागर, पूर्वी भूमध्यसागर और साइप्रस में अपने हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। एथेंस ने इस पर पलटवार करते हुए तुर्की के दावों को मनगढ़ंत बताकर सिरे से खारिज कर दिया।

    सोशल मीडिया पर बहस
    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर
    तुर्की के यूजर्स ग्रीस और साइप्रस पर जमकर निशाना साध रहे हैं। उनका आरोप है कि ग्रीस भारत को मोहरा बनाकर तुर्की को घेरने की साजिश रच रहा है। तुर्की के रक्षा विशेषज्ञ और राष्ट्रवादी इस बात से खफा हैं कि भारत का इस क्षेत्र में आना उनके देश की रणनीतिक सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।

    दूसरी ओर, ग्रीस और साइप्रस के नागरिक 'X' पर भारत की जमकर तारीफ कर रहे हैं। ग्रीक यूजर्स इस बात से बेहद खुश हैं कि भारत जैसा शक्तिशाली देश उन्हें आधुनिक हथियार और कूटनीतिक समर्थन उपलब्ध कराएगा, जिससे वे तुर्की की धमकियों का डटकर मुकाबला कर सकेंगे।