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  • अमेरिका का नया टैरिफ प्लान तैयार, ट्रंप के फैसले से भारत-चीन को लग सकता है बड़ा झटका

    अमेरिका का नया टैरिफ प्लान तैयार, ट्रंप के फैसले से भारत-चीन को लग सकता है बड़ा झटका

     नई दिल्ली

    डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नया टैरिफ प्लान (Donald Trump Tariff Plan) तैयार कर लिया है और नए अमेरिकी टैरिफ रेट प्रस्तावित किए गए हैं. अमेरिका अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदारों से किए जाने वाले आयात पर कम से कम 10 फीसदी का टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहे हैं और उनका ये प्रपोजल जबरन श्रम प्रथाओं की जांच के बाद आया है.  रिपोर्ट्स की मानें, भारत और चीन को लेकर भी नया टैरिफ तय कर लिया गया है, जो 12 फीसदी से ज्यादा हो सकता है। 

    India-China समेत किन देशों पर कितना टैरिफ? 
    ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका द्वारा प्रस्तावित नए टैरिफ रेट्स को देखें, तो भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील और स्विट्जरलैंड जैसे देशों से आने वाले सामानों पर ट्रंप 12.5 फीसदी का टैरिफ लगा सकते हैं. वहीं दूसरी ओर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने साफ किया है कि कनाडा, मैक्सिको, यूरोपीय यूनियन, ताइवान और ब्रिटेन समेत अन्य देशों से आयात पर 10 फीसदी की टैरिफ दर लागू होगी। 

    इधर डील पर बात, उधर टैरिफ प्लान
    गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा दुनिया के तमाम देशों पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था. अब ट्रंप उन टैरिफ को फिर से लागू करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत को लेकर ये खास इसलिए भी है, क्योंकि Donald Trump Tariff Plan ऐसे समय में सामने आया है, जबकि US के मुख्य वार्ताकार द्विपक्षीय व्यापार समझौते (India-US BTA) को अंतिम रूप देने के लिए नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों के साथ तीन दिनों की बातचीत कर रहे हैं। 

    धारा 301, 60 जांचें, टैरिफ तैयारी
    रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि ने धारा 301 के तहत की गई 60 जांचों के निष्कर्ष जारी किए हैं, जिनमें भारत को उन 54 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया गया है, जिन्होंने जबरन लेबर बेस्ड सामानों के आयात पर प्रतिबंध नहीं लगाया है या प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया है। 

    अमेरिकी व्यापार मंत्रालय (USTR) के एक नोटिस में कहा गया है कि जिन अर्थव्यवस्थाओं में जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध है, या जिन्होंने पारस्परिक व्यापार समझौते के माध्यम से प्रतिबद्धता जताई है, या जिनके पास कुछ जबरन श्रम से बने उत्पादों को प्रतिबंधित करने वाली सीमित व्यवस्थाएं हैं, उन्हें अतिरिक्त 10% शुल्क का सामना करना पड़ेगा। 

    भारत सहित अन्य अर्थव्यवस्थाओं के लिए, अमेरिकी व्यापार मंत्रालय ने 12.5% ​​की हाई एक्स्ट्रा टैरिफ रेट प्रस्तावित किए हैं. ट्रंप प्रशासन के इस ने टैरिफ प्रपोजल में कपड़ों पर आयात का जिक्र भी किया गया है. जो कुछ अर्थव्यवस्थाओं से अमेरिका में एक निश्चित मात्रा में कपड़ा आयात को धारा 301 के तहत कम टैरिफ रेट पर करने की अनुमति देता है। 

  • Gold Price Today: कितना महंगा हुआ सोना और कितनी टूटी चांदी? देखें नए भाव

    Gold Price Today: कितना महंगा हुआ सोना और कितनी टूटी चांदी? देखें नए भाव

    इंदौर 

    सोना-चांदी की कीमतों में फिर गिरावट आई है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर दोनों कीमती धातुएं बुधवार को बाजार ओपन होने के साथ ही फिसल गईं. चांदी का वायदा भाव एक झटके में करीब 2000 रुपये कम हो गया, तो वहीं सोने के भाव में भी कमी आई है. इस ताजा गिरावट के बाद अब 1 किलो चांदी अपने हाई लेवल से 1.92 लाख रुपये सस्ती हो गई है. आइए जानते हैं 20, 22 और 24 कैरेट सोने का क्या रेट है? 

    चांदी का भाव तेजी से टूटा 
    एमसीएक्स सिल्वर प्राइस पर नजर डालें, तो सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को वायदा कारोबार की शुरुआत रेड जोन में हुई. 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव अपने पिछले बंद 2,66,707 रुपये प्रति किलो की तुलना में एक झटके में कम होकर 2,64,760 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से देखें, तो 1 Kg Silver Price 1947 रुपये कम हो गया। 

    चांदी ने इसी साल जनवरी महीने में 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार किया था और लाइफ टाइम हाई लेवल 4,57,328 रुपये छुआ था. इसके बाद इस कीमती धातु का भाव लगातार क्रैश होता चला गया. तमाम उतार-चढ़ाव के बाद अब ताजा गिरावट के बाद वायदा चांदी हाई से 1,92,568 रुपये प्रति किलो तक सस्ती मिल रही है। 

    सोना भी चांदी के साथ टूटा 
    सिर्फ चांदी ही नहीं, बल्कि एमसीएक्स पर सोने की कीमत में भी गिरावट आई है और ये कीमती धातु 1.60 लाख रुपये से नीचे आ गई है. MCX Gold Rate पर नजर डालें, तो बीते कारोबारी दिन ये कीमती पीली धातु 1,59,346 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुई थी, जबकि बुधवार को खुलते ही 5 अगस्त की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold गिरकर 1,58,780 रुपये पर आ गया। 

    सोने के हाई लेवल से वर्तमान रेट की तुलना करें, तो अब ये और भी सस्ता मिल रहा है. एमसीएक्स पर इस एक्सपायरी वाले वायदा गोल्ड का लाइफ टाइम हाई लेवल 2,04,375 रुपये है और यहां से अब सोना 45,595 रुपये सस्ता मिल रहा है। 

    घरेलू मार्केट में सोना-चांदी का हाल
    एमसीएक्स के अलावा अगर घरेलू मार्केट में सोना-चांदी के रेट में आए चेंज की बात करें, तो इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com के मुताबिक, तो 24 कैरेट सोने का दाम 1,56,294 रुपये से कम होकर 1,55,264 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है. वहीं चांदी की कीमत 2,65,300 रुपये प्रति किलो की तुलना में 3,300 रुपये कम होकर 2,62,000 रुपये पर आ गया. अलग-अलग क्वालिटी के गोल्ड रेट की बात करें, तो…

    गोल्ड क्वालिटी गोल्ड रेट/10 ग्राम
    24 Karat Gold 1,55,264 रुपये/10 ग्राम
    22 Karat Gold 1,54,642 रुपये/10 ग्राम
    20 Karat Gold 1,42,222 रुपये/10 ग्राम
    18 Karat Gold 1,16,448 रुपये/10 ग्राम
    14 Karat Gold 90,829 रुपये/10 ग्राम

    ध्यान रहे, घरेलू मार्केट में सोना-चांदी की ज्वेलरी खरीदने पर ग्राहक को आईबीजेए रेट्स के साथ ही मेकिंग चार्ज और इस पर लागू जीएसटी भी देना होता है, जिसके जुड़ने से इनकी कीमतों में बढ़ोतरी हो जाती है। 

     

     

     

  • पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा, कुवैत ने ईरान पर जताई कड़ी नाराजगी

    पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा, कुवैत ने ईरान पर जताई कड़ी नाराजगी

    कुवैत

     कुवैत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरान की मिसाइल और ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। कुवैत स्थित भारत के दूतावास ने इसकी पुष्टि कर दी है। कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि हमले में 63 लोग घायल हुए हैं, जिनमें हवाई अड्डे के कर्मचारी और यात्री शामिल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले में हवाई अड्डे की सुविधाओं और राजनयिक मिशनों को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है।

    इंडियन एंबेसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'कुवैत स्थित भारतीय दूतावास आज कुवैत के हवाई अड्डे पर हमले में एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत पर अपनी संवेदना व्यक्त करता है। दूतावास मृतक के परिवार के संपर्क में है और कुवैती अधिकारियों के साथ मिलकर मृतक के परिवार और घटना में घायल हुए लोगों को हर संभव सहायता देने के लिए समन्वय स्थापित किए हुए है।'

    कुवैत ने जताई कड़ी नाराजगी
    कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से उनकी जमीन पर क्रूर हमले किए हैं। ईरान के इस तरह के हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। बयान के अनुसार, इन हमले में कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित कई नागरिक और महत्वपूर्ण ढांचागत सुविधाओं को निशाना बनाया गया।

    कुवैती विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह ईरान के इन हमलों को पूरी तरह खारिज करता है। इस तरह की घटनाएं ना केवल क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाती हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और 2026 के सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2817 का भी उल्लंघन हैं। कुवैत की संप्रभुता, सुरक्षा और उसके नागरिकों की रक्षा रेड लाइन है, जिसे किसी भी हालत में पार नहीं किया जा सकता।

    कुवैत देगा ईरान को जवाब!
    कुवैत सरकार ने इन हमलों का जवाब देने के लिए संभावित उपायों पर विचार करने की बात कही है। कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस स्थिति पर ध्यान देने और तनाव कम करने के लिए तत्काल कूटनीतिक प्रयास तेज करने की अपील की है। कुवैती रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि हमले में कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल-1 (टी1) को कई ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया।

    कुवैत पर हमलों के समय ही बुधवार सुबह को बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी चेतावनी सायरन बजाए जाने की जानकारी दी है। गृह मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को एक चेतावनी सायरन बजाया गया जिसमें नागरिकों और निवासियों से शांत रहने और सुरक्षा संबंधी आधिकारिक निर्देशों को पालन करते हुए करीब सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई।

  • दिल्ली में बड़ा अग्निकांड, मालवीय नगर के रेस्टोरेंट में मची अफरा-तफरी; कई लोगों के बेसमेंट में फंसे होने की आशंका

    दिल्ली में बड़ा अग्निकांड, मालवीय नगर के रेस्टोरेंट में मची अफरा-तफरी; कई लोगों के बेसमेंट में फंसे होने की आशंका

    नई दिल्ली

     दिल्ली में पिछले दिनों आग लगने की घटनाएं बढ़ती दिख रही हैं। पॉश इलाका मालवीय नगर के एक रेस्टोरेंट में भयानक आग लग गई। इससे न केवल रेस्टोरेंट में अफरा-तफरी मच गई, बल्कि अभी तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। सूचना मिलते ही दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंचे। टीम ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया है। रिपोर्ट्स की मानें तो कई लोग बेसमेंट में भी फंसे हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

    इससे पहले मुकुंदपुर में एलपीजी सिलेंडर विस्फोट के बाद मकान ढह गया गया था। 2 जून को हुई इस घटना में 10 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर थी। इस तरह से सेवानिवृत्त IAS अधिकारी धनेंद्र कुमार की मृत्यु घर में एसी ब्लास्ट से होने से हुई।

    सीएम रेखा गुप्ता ने परिजनों को दीं संवेदनाएं
    दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने इस भीषण आग पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं। उन्होंने घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि हादसे की जानकारी मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, DDMA, कैट्स एम्बुलेंस सेवा और अन्य एमर्जंसी एजेंसियों की टीमों को फौरन मौके पर भेजा गया, जिन्होंने राहत और बचाव अभियान चलाकर कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। सीएम ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हर संभव चिकित्सा सहायता एवं जरूरी मदद उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दुख की घड़ी में दिल्ली सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।

    रेस्टोरेंट में भीषण आग पर बोले SDM जितेंद्र कुमार
    मालवीय नगर के रेस्टोरेंट में लगी आग पर, DDMA, दक्षिण जिले के SDM जितेंद्र कुमार ने कहा कि जैसे ही हमें कॉल मिली, हमने DDMA सेल को एक्टिवेट कर दिया। हमें पता चला है कि इस बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर एक रेस्टोरेंट चल रहा था। आग लगने की वजह अभी तक पता नहीं चली है। अब तक चार शव बरामद किए गए हैं। घायल लोगों समेत 7-8 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। ऊपर के फ्लोर पर मौजूद कुछ लोगों ने स्थानीय लोगों द्वारा सड़क पर बिछाए गए गद्दों पर कूदकर अपनी जान बचाई।

    हम बतौर कार्यकर्ता जो कर सकते हैं वो करेंगे। यह बहुत दुखद घटना है लेकिन आगे इस तरह की घटना न हो इस ओर ध्यान दिया जाएगा- सतीश उपाध्याय, विधायक, मालवीय नगर

    विधायक सतीश उपाध्याय ने जताया दुख
    इस भीषण आग पर मालवीय नगर के विधायक सतीश उपाध्याय ने दुख जताते हुए कहा कि बहुत ही दुखद घटना है। उन्होंने आगे कहा कि हमें सुबह 9 बजे के करीब आग लगने की सूचना मिली। हमने तत्काल पूरे सिस्टम को सक्रिय किया और स्वयं भी हम यहां पर पहुंचे। अब बाद में आग लगने के कारणों का पता चलेगा। मालवीय नगर विधायक ने आगे बताया कि सीएम से भी उनकी बातचीत हो चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि वह परिस्थिति का संज्ञान ले रहे हैं और कहा, 'हम बतौर कार्यकर्ता जो कर सकते हैं वो करेंगे। यह बहुत दुखद घटना है लेकिन आगे इस तरह की घटना न हो इस ओर ध्यान दिया जाएगा।'

    रेस्टोरेंट में मौजूद थे 60 से ज्यादा लोग
    रेस्टोरेंट के ऊपर गेस्ट हाउस भी था, उसमें विदेशी नागरिक थे। रेस्टोरेंट के ठीक सामने ही मैक्स अस्पताल है। वहां इलाज कराने आए मरीजों के तीमारदार इस गेस्ट हाउस में ठहरे थे। रेस्टोरेंट में भी घटना के समय नाश्ता चल रहा था। 60 से अधिक लोग मौजूद थे। बेसमेंट में रेस्टोरेंट के अलावा कई कमरे भी हैं, जहां लोग मौजूद फायर ब्रिगेड के अनुसार, सुबह 8.50 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद दमकल विभाग की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए बेसमेंट में फंसे तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।

    नेहरू प्लेस फायर स्टेशन के डिविजनल ऑफिसर (DO) रविंदर मौके पर मौजूद रहकर ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। दिल्ली अग्निशमन सेवा ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। 

    बिल्डिंग से नीचे गद्दों पर कूदे लोग
    इसी क्रम में DDMA (साउथ डिस्ट्रिक्ट) के SDM जितेंद्र कुमार ने कहा, "जैसे ही हमें कॉल मिली, हमने तुरंत DDMA सेल को एक्टिवेट कर दिया। हमें पता चला है कि इस बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर एक रेस्टोरेंट चल रहा था। आग लगने की वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है। अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं। घायलों समेत 7-8 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। ऊपर के फ्लोर पर मौजूद कुछ लोगों ने, स्थानीय लोगों द्वारा सड़क पर बिछाए गए गद्दों पर कूदकर अपनी जान बचाई।"

    भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों: बीजेपी विधायक
    मालवीय नगर आग हादसे को लेकर बीजेपी विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा, "यह घटना सुबह करीब 9 बजे हुई। इसके बारे में पता चलते ही, हमारी पहली प्रतिक्रिया थी कि आपदा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था को सक्रिय किया जाए और घटनास्थल पर पहुंचा जाए। इसमें कुछ लोगों की जान भी गई है। स्थानीय लोगों ने बहुत मदद की। 8-10 लोग घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। दिल्ली पुलिस, अग्निशमन विभाग और DM ने तुरंत कार्रवाई की। पूरा प्रशासन यहां मदद के लिए मौजूद है। हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।"

     

  • पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल तेज, ममता सरकार के खिलाफ 60 विधायकों की बड़ी तैयारी

    पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल तेज, ममता सरकार के खिलाफ 60 विधायकों की बड़ी तैयारी

    कलकत्ता

    पश्चिम बंगाल के सियासी अखाड़े से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है. मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) में एक ऐतिहासिक और बहुत बड़ी टूट की स्क्रिप्ट लगभग पूरी लिखी जा चुकी है. तृणमूल के करीब 60 असंतुष्ट और बागी विधायक आज यानी बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर रथींद्र बोस को एक सामूहिक आवेदन सौंप सकते हैं. इस बड़े कदम के साथ बागी गुट खुद को ‘असली टीएमसी’ बताने और पार्टी के सिंबल पर दावा ठोकने की फिराक में है, जिससे बंगाल में ‘महाराष्ट्र मॉडल’ का खेल अब हकीकत बनता नजर आ रहा है। 

    60 विधायकों का आज स्पीकर दफ्तर में महाधमाका
    कोलकाता के राजनीतिक गलियारों में इस बात की भयंकर चर्चा है कि बागी विधायकों ने अंदरखाने अपनी पूरी तैयारी मुकम्मल कर ली है. बागी गुट के नेताओं का दावा है कि उन्होंने 80 में से करीब 60 विधायकों के हस्ताक्षर वाला एक गुप्त आवेदन तैयार किया है. ये विधायक आज ही स्पीकर से मिलकर उन्हें यह दस्तावेज सौंपेंगे. इस आवेदन में साफ तौर पर हाल ही में पार्टी से निष्कासित किए गए कद्दावर नेता और विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में अपना नया नेता (नेता प्रतिपक्ष) मानने की बात कही गई है. इस बड़े घटनाक्रम से ममता बनर्जी कैंप में भारी हड़कंप मच गया है। 

    दो-तिहाई बहुमत जुटाकर दल-बदल कानून को मात
    किसी भी क्षेत्रीय दल में बगावत के वक्त सबसे बड़ा रोड़ा दल-बदल विरोधी कानून होता है. कानून के मुताबिक, बगावत करने वाले गुट को कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए कुल विधायकों के दो-तिहाई हिस्से की जरूरत होती है. टीएमसी के पास वर्तमान में कुल 80 विधायक हैं, जिसका मतलब है कि बागी गुट को कम से कम 54 विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी. बागी नेताओं का दावा है कि उनके पास 60 विधायकों का आंकड़ा है, जो कि इस जरूरी संख्या से कहीं ज्यादा है. अगर ऐसा हुआ तो ममता बनर्जी की पार्टी कानूनी रूप से दो फाड़ हो जाएगी। 

    भतीजे अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली से भड़की बड़ी आग
    पार्टी के भीतर इस कदर भड़की इस भयंकर बगावत की असली वजह भी अब खुलकर सामने आने लगी है. बागी गुट के नेताओं और सस्पेंड चल रहे टीएमसी नेता रिजु दत्ता का कहना है कि पार्टी के विधायक राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और उनके कॉरपोरेट स्टाइल (आई-पैक) से बुरी तरह नाराज चल रहे थे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव में हार के ठीक बाद 6 मई को बुलाई गई बैठक में विधायकों से जबरन अभिषेक बनर्जी के स्वागत में खड़े होकर तालियां बजवाई गईं, जिसने विधायकों के आत्मसम्मान को गहरी ठेस पहुंचाई और वहीं से बगावत के बीज बो दिए गए। 

    ऋतब्रत बनर्जी को ‘असली टीएमसी’ का नेता बनाने की जिद
    पार्टी से हाल ही में निकाले गए ऋतब्रत बनर्जी अब इस पूरे बागी गुट के नए चेहरे बनकर उभरे हैं. बागी नेताओं का साफ कहना है कि जो टीएमसी ममता बनर्जी ने जमीनी स्तर पर बनाई थी, उसे कॉरपोरेट कंपनी की तरह चलाया जाने लगा, जिसे जनता और विधायकों ने पूरी तरह खारिज कर दिया. बागी गुट के अनुसार, वे ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ के रूप में काम करेंगे और ममता बनर्जी को सम्मान देते हुए भी इस नए और युवा नेतृत्व के साथ आगे बढ़ेंगे। 

    बीजेपी नेता तापस रॉय का दावा- टीएमसी के टुकड़े-टुकड़े
    इस पूरे मामले पर राज्य की सत्तारूढ़ बीजेपी ने भी टीएमसी को आड़े हाथों लिया है. सुवेंदु अधिकारी कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री और बीजेपी नेता तापस रॉय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर साफ कहा कि तृणमूल कांग्रेस अब ताश के पत्तों की तरह बिखर चुकी है. उन्होंने दावा किया कि बंगाल में ठीक वैसा ही खेल हो चुका है जैसा महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी के साथ हुआ था. दूसरी तरफ, ममता बनर्जी के वफादार शोभनदेव चट्टोपाध्याय का अब भी दावा है कि पुराने नेता और बहुसंख्यक विधायक ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। 

  • कर्नाटक कांग्रेस में बढ़ती खींचतान के बीच सक्रिय हुई दिल्ली, डीके और सिद्धारमैया पर फोकस

    कर्नाटक कांग्रेस में बढ़ती खींचतान के बीच सक्रिय हुई दिल्ली, डीके और सिद्धारमैया पर फोकस

    नई दिल्ली

    कर्नाटक में सिद्धारमैया की जगह डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. बुधवार शाम चार बजे डीके शिवकुमार सीएम पद की शपथ लेंगे और 13 नेता कैबिनेट मंत्री बनाए जाएंगे.डीके शिवकुमार के अगुवाई वाली सरकार कैसे चलेगी, उसकी पूरी रूपरेखा दिल्ली में तय कर ली गई है. सीएम की कुर्सी छोड़ने वाले सिद्धारमैया को साधे रखने का ही नहीं बल्कि दिल्ली की राजनीति में अहम भूमिका की पटकथा लिख दी गई है। 

    कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धारमैया को मंगलवार को पार्टी के भीतर सबसे शक्तिशाली और सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था कांग्रेस कार्य समिति का स्थायी सदस्य नियुक्त किया है.सिद्धारमैया का यह प्रमोशन न केवल उनके कद को दर्शाता है,बल्कि यह भी साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में वे दिल्ली की राजनीति में एक बड़ी राष्ट्रीय भूमिका मिलने जा रही है। 

    सवाल उठता है कि क्या सिद्धारमैया कांग्रेस के आलाकमान के इस निर्णय से खुश होंगे क्योंकि, उनका मन तो राज्य की राजनीति में रहना था. उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद कहा था कि उनको राष्ट्रीय राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है और राज्य में ही रहकर जनता की सेवा करनी है. ऐसे में कांग्रेस ने डीके सरकार और सिद्धारमैया के बीच सियासी संतुलन बनाए रखने का खाका दिल्ली में ही खींच दिया है ताकि कर्नाटक में किसी तरह का सियासी नाटक न हो सके? 

    दिल्ली में लिखी गई कर्नाटक की पटकथा
    कर्नाटक की कमान अब पूरी तरह से नए हाथों में सौंप दी गई है. डीके शिवकुमार कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे. मंगलवार को शिवकुमार और सिद्धारमैया मंगलवार को दिल्ली में थे. कर्नाटक में बनने जा रहे नए मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर कांग्रेस हाईकमान से मीटिंग करनी थी, जिसके लिए इंतजार कर रहे थे। 

    हमेशा की तरह, मैं मंगलवार को कर्नाटक भवन पहुंचा, जो राज्य की सियासी गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है. कर्नाटक भवन में कांग्रेस नेताओं से ऑन-रिकॉर्ड और ऑफ-रिकॉर्ड मुलाकात हुई.इनमें एचके पाटिल और ईश्वर खंडारे भी शामिल थे, जो सिद्धारमैया की पिछली कैबिनेट में वरिष्ठ मंत्री थे. एक बात साफ ज़ाहिर थी कि सिद्धारमैया के जाने के बाद पिछली कैबिनेट में उनके वफ़ादार रहे नेताओं में थोड़ी घबराहट थी कि उन्हें नई कैबिनेट में जगह मिलेगी या नहीं। 

    सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की मंगलवार को दोपहर सवा एक बजे कांग्रेस हाईकमान के साथ मीटिंग हुई. इस मीटिंग में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल थे. सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार अपनी-अपनी पसंद के नामों के साथ मीटिंग में गए थे, जिन पर वे पहले ही केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला के साथ चर्चा कर चुके थे।  

    शिवकुमार सरकार के कौन होंगे सिपहसलार
    कांग्रेस हाईकमान के साथ सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की मीटिंग हुई. इस उच्च-स्तरीय बैठकों के दौरान कैबिनेट के लिए जिन नामों पर मुहर लगी है, उनके आधार पर लगभग 13 मंत्री बनाए जा सकते हैं. सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के खेमों के बीच संतुलन बनाते हुए कांग्रेस हाई कमान ने केजी जॉर्ज, जी परमेश्वर, रामलिंगा रेड्डी, केबी गौड़ा, यूटी खादर, एमपी पाटिल, सतीश जारकीहोली, प्रियंका खड़गे, यतींद्र और केएच मुनियप्पा की बेटी रूपा श्रीधर जैसे नामों को कैबिनेट में शामिल करने मंज़ूरी दे दी है। 

    डीके सरकार में साफ है कि शुरुआत अनुभवी मंत्रियों के साथ की जाए, लेकिन सूत्रों के अनुसार कैबिनेट को एक नया रूप और कलेवर दिया जाएगा. शिवकुमार की कैबिनेट में कुछ नए चेहरों को शामिल करवाएंगे ताकि मौजूदा कांग्रेस सरकार के खिलाफ 'सत्ता-विरोधी लहर' को कम किया जा सके. शिवकुमार के साथ-साथ 13 मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है. इसके बाद कैबिनेट का बाक़ी विस्तार 8 जून के बाद हो सकता है. राज्यसभा चुनावों के संपन्न होने के बाद कैबिनेट विस्तार होगा ताकि पार्टी के सभी नेता एकजुट और वफ़ादार बने रहें। 

    नए प्रदेश अध्यक्ष का एजेंडा फाइनल
    डीके शिवकुमार के सीएम बनने के साथ ही कर्नाटक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का पद खाली हो गया है. कैबिनेट के गठन के बाद दूसरी प्राथमिकता नए कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव करना है. सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने इस अहम पद के लिए सतीश जारकीहोली से संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने शर्त रखी कि वह प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी तभी स्वीकार करेंगे जब इसके साथ उन्हें कैबिनेट में कोई मंत्रालय भी दिया जाए। 

    सूत्रों ने बताया कि चूंकि ऐसा होने की संभावना कम है, इसलिए पार्टी अब उनके अलावा ईश्वर खंड्रे और बीके हरिप्रसाद जैसे अन्य नेताओं के नाम पर भी विचार कर रही है. कर्नाटक में अब मुख्यमंत्री एक प्रभावशाली जाति से आते हैं, इसलिए पार्टी चाहती है कि राज्य इकाई का नेतृत्व कोई OBC, ST या SC नेता करे, ताकि सामाजिक समीकरणों के बारे में सही संदेश दिया जा सके. बीजेपी पहले ही कांग्रेस का मज़ाक उड़ा रही है कि उन्होंने जातिगत भेदभाव के चलते अपने एकमात्र OBC मुख्यमंत्री को हटाकर एक सामान्य जाति के नेता के लिए रास्ता साफ कर दिया है। 

    राज्यसभा और एमएलसी चुनाव
    कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि राज्यसभा की 3 सीटों के लिए 80 से ज़्यादा दावेदार है  जबकि MLC की 7 सीटों के लिए 200 से ज़्यादा दावेदार हैं. ऐसे में राज्यसभा की सीटों के लिए केवल एक नाम लगभग तय माना जा रहा है और वह है कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का. इसके अलावा बाकी दो सीटों के लिए YS शर्मिला, सिद्धारमैया, केजे जॉर्ज, वीवी श्रीनिवास और मंसूर अली खान जैसे नामों पर चर्चा चल रही है। 

    MLC के लिए बीके हरिप्रसाद का नाम भी लगभग तय माना जा रहा है, जबकि वरिष्ठ दलित नेता और पूर्व सांसद एल हनुमंतैया और अनुभवी शिया नेता आगा सुल्तान के नामों की भी चर्चा हो रही है, पार्टी अगले 24-48 घंटों में नामों को अंतिम रूप देने का फैसला ले सकती है। 

    सिद्धारमैया के लिए राष्ट्रीय रोल की तैयारी
    सिद्धारमैया को CWC में शामिल करना कांग्रेस की उस दूरगामी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसकी चर्चा राजनीतिक गलियारों में काफी समय से थी. पहले सिद्धारमैया ने साफ तौर पर कहा था कि वे कर्नाटक की राजनीति छोड़कर केंद्र की राजनीति में नहीं जाना चाहते। 

    कांग्रेस आलाकमान द्वारा उन्हें राज्यसभा भेजने के प्रस्ताव को भी उन्होंने ठुकरा दिया था. लेकिन सूत्रों के अनुसार कांग्रेस पार्टी उन्हें 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले एक राष्ट्रीय स्तर के चेहरे के रूप में स्थापित करना चाहती थी. CWC की सदस्यता देकर पार्टी ने उन्हें बिना राज्यसभा भेजने की तैयारी में है ताकि ओबीसी समुदाय को कर्नाटक के साथ-साथ देशभर में साधे रखा जा सके। 

  • अमृतसर में धमकी भरा मेल मिलने से मचा हड़कंप, खालिस्तानी नारों के साथ बम धमाकों की चेतावनी

    अमृतसर में धमकी भरा मेल मिलने से मचा हड़कंप, खालिस्तानी नारों के साथ बम धमाकों की चेतावनी

    अमृतसर

    ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी से पहले अमृतसर में बम धमाकों की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। नगर निगम, मेयर कार्यालय, जिला अदालत, रेलवे स्टेशन और रेलवे पटरियों को निशाना बनाने संबंधी एक धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद पुलिस ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ई-मेल में तीन से पांच जून के दौरान नगर निगम कार्यालयों, मेयर कार्यालयों और जिला अदालतों में विस्फोट की धमकी दी गई है, जबकि छह जून को रेलवे स्टेशनों और रेलवे पटरियों पर बम एवं हथगोला हमला करने की चेतावनी दी गई है। संदेश में लोगों को रेल यात्रा न करने की भी चेतावनी दी गई है। 

    संवेदनशील स्थानों पर बढ़ाई गई सुरक्षा
    धमकी मिलने के बाद अमृतसर पुलिस, खुफिया एजेंसियों और रेलवे सुरक्षा बल ने जांच शुरू कर दी है। ई-मेल भेजने वाले की पहचान और उसके स्रोत का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, सरकारी कार्यालय, न्यायालय परिसर और अन्य संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

    नगर निगम मुख्यालय में भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। मुख्य गेट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि पीछे का प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया है। बेसमेंट पार्किंग से मेयर कार्यालय की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर भी आवाजाही रोक दी गई है। निगम परिसर में आने वाले वाहनों और आगंतुकों की जांच की जा रही है। ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के मद्देनजर पहले से लागू सुरक्षा प्रबंधों को और मजबूत किया गया है। शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर नाकाबंदी कर वाहनों की तलाशी ली जा रही है तथा संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी को गंभीरता से लिया गया है। साइबर विशेषज्ञ ई-मेल की तकनीकी जांच कर रहे हैं और सभी सुरक्षा एजेंसियां समन्वय के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है। धमकी बारे में ईमेल में खालिस्तानी नारे लिखे गए हैं। मेल में लिखा गया है। "ना पंजाब होगा, ना दिल्ली होगी ना हरियाणा होगा, केवल खालिस्तान होगा।"

  • केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से राज्य शासन को मिलेंगे 5 हजार करोड़ रुपये : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से राज्य शासन को मिलेंगे 5 हजार करोड़ रुपये : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    पेयजल आपूर्ति में कोई कमी न रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सूखे पेयजल स्रोतों की करायें जांच, नल जल योजनाएं बिना किसी बाधा के हो संचालित
    केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से राज्य शासन को मिलेंगे 5 हजार करोड़ रुपये
    जल स्रोतों के लिए टयूबवेल पर ही न रहें आश्रित, तालाब से जल संग्रहण और रिचार्जिंग दोनों में आसानी
    मार्च 2028 से पहले जल जीवन मिशन होगा कम्पलीट
    मध्यप्रदेश बना बोरवेल अधिनियम बनाने वाला देश का पहला राज्य
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों को समुचित पेयजल आपूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नागरिकों को पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। गर्मी के मौसम और बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था की सतत् निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि जहां जैसी आवश्यकता हो, वहां वैसी त्वरित व्यवस्थाएं की जाएं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जल अभाव की स्थिति बन रही है, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू कर पानी उपलब्ध कराया जाए। बैठक में पीएचई की मैदानी योजनाओं एवं पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पत्तिया उइके ने बताया कि विभाग तेजी से अपनी लक्ष्य पूर्ति की ओर बढ़ रहा है। मार्च 2028 से पहले प्रदेश में हर घर नल से जल के उद्देश्य से जल जीवन मिशन का काम पूरा कर लिया जायेगा। मिशन का 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। उज्जैन राजस्व संभाग सहित प्रदेश के 11 जिलों में जल जीवन मिशन का शत् प्रतिशत कार्य हो चुका है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शत-प्रतिशत कार्य करने वाले ऐसे गांवों/ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन/सम्मानित किया जाये, जिन्होंने बेहतर तरीके से नल जल योजनाओं का संचालन/संधारण किया। मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि बोरवेल में गिरने से होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं/मृत्यु को रोकने के लिए प्रदेश में बोरवेल अधिनियम बनाया गया है। ऐसा अधिनियम बनाने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। उन्होंने विभागीय संरचना और गतिविधियों को अधिक बेहतर बनाने के लिए विभाग के सिविल विंग, मैकेनिकल विंग और जल निगम को एकीकृत करने का सुझाव दिया। मंत्री श्रीमती उइके बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान- 2026 में डिंडोरी और मंडला जिले में 8 हजार से अधिक एकल ग्राम नल जल योजनाओं पर काम पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि इस काम को 'कर्म स्थान से जन्म स्थान की ओर' अवधारणा से जोड़ा जाये।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में जल आपूर्ति व्यवस्था एवं अधोसंरचनात्मक विकास के लिए केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से तत्काल समन्वय करें। केन्द्र सरकार से मध्यप्रदेश को जल जीवन मिशन अन्तर्गत लगभग 5 हजार करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त होना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने मध्यप्रदेश को यह आवंटन जारी करने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से राज्य में ऐसा मैकेनिज्म तैयार करने को कहा जिससे कि सभी नलजल योजनाएं बिना किसी बाधा के संचालित होती रहे। उन्होंने कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जल बचाने वाले और इस पुनीत कार्य में सहयोग देने वालों का राज्य एवं जिला स्तर पर सम्मान कार्यक्रम आयोजित करें। बताया गया कि विभाग द्वारा जल महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसमें प्रदेश में एकल एवं समूह नल जल योजना के संचालन एवं प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल महोत्सव कार्यक्रम को जल गंगा संर्वधन अभियान के साथ जोड़ने और जल बचाने के लिए अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जल गंगा संर्वधन अभियान के तहत विभाग द्वारा ग्रामीण, शहरी एवं स्कूलों में स्थापित जल स्रोतों की वाटर टेस्टिंग की जा रही है। साथ ही हैंडपंपों की जांच एवं नल जल योजना के ऑपरेटर्स को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल स्रोतों के लिए पीएचई केवल टयूबवेल जैसे माध्यम पर ही आश्रित न रहे। जल स्रोत के रूप में तालाब सरोवर निर्माण से कई लाभ होंगे। इससे जल संरक्षण के साथ जल स्तर में वृद्धि होगी। क्षेत्र में वॉटर रिचार्जिंग बढ़ेगी। जल संग्रहण क्षमता बढ़ने के साथ ही नल-जल योजना के संचालन के लिए स्थायी जल संरचना भी उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कार्य में म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिसर (मैपकास्ट) की विशेषज्ञ सेवाओं का भी लाभ लें।

    प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मनीष सिंह ने बताया कि विभागीय स्तर पर पेयजल आपूर्ति की गहन मॉनीटरिंग की जा रही है। प्रदेश के ग्रामीण अंचलों के साथ ही नगरीय क्षेत्रों में भी पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया गया है। पेयजल आपूर्ति में आ रही समस्या की सूचना मिलते ही उसे तत्काल दूर किया जा रहा है। पेयजल से निर्माण कार्य करने वालों पर सख्ती की जा रही है। उन्होंने बताया कि म.प्र. जल निगम के समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं के संचालन एवं संधारण खर्चे को कम करने के लिए प्रदेश में सौर ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित की जा रही हैं। पीएचई सोलर एण्ड विंड एनर्जी का बल्क यूजर है। प्रमुख सचिव सिंह ने बताया कि प्रदेश में दिसम्बर 2023 से अब तक 16.50 लाख से अधिक  क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन दिये गये, साथ ही 15 हजार 238 नवीन नलकूप/हैंडपंप भी स्थापित किये गये। प्रदेश के 14 हजार 200 गांवों में जल प्रदाय व्यवस्था का शत् प्रतिशत काम पूरा कर इन्हें हर घर जल घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 1 करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के करीब 75 प्रतिशत परिवारों को नल से जल के तहत कवर कर लिया गया है।  

    म.प्र. जल निगम के प्रबंध संचालक वी.एस. कोलसानी ने बताया कि उज्जैन राजस्व संभाग की एकल ग्राम नल जल योजनाओं के काम पूरे कर लिये गये है। यहां 7 लाख 9 हजार 65 परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन दे दिए गये है। प्रदेश की 155 प्रयोगशालाओं को एनएबीएल से प्रमाणित करा लिया गया है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं की उपयोगिता के आंकलन और हितग्राहियों से शिकायतें/सुझाव प्राप्त कर उनका निराकरण करने के लिए ऑनलाइन जल दर्पण पोर्टल भी तैयार किया गया है। उन्होंने बताया गया कि विभाग में प्रचलित प्रमुख विकास योजनाओं के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 5 हजार करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। जल जीवन मिशन का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। जल जीवन मिशन 2.0 की तैयारी की जा रही है। विभाग में रिक्त पदों की भर्ती भी तेजी से की जा रही है। विभागीय कार्यों में गुणवत्ता एवं सेवाओं में सुधार के लिए डिजिटल माध्यम से जल प्रदाय की मॉनिटरिंग, एकल नल जल योजनाओं आई.ओ.टी. सेंसर्स लगाने तथा राज्य एवं जिला स्तर पर एक कमांड एण्ड कंट्रोल सेन्टर की स्थापना का प्रस्ताव दिया है। अक्टूबर 2026 में जल उत्सव आयोजित किया जायेगा।

    बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव (वित्त) मनीष रस्तोगी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • अचानक बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के, IT स्टॉक्स में भारी क्रैश

    अचानक बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के, IT स्टॉक्स में भारी क्रैश

    मुंबई 

    शेयर बाजार में बुधवार को एक बार फिर बड़ी गिरावट (Stock Market Crash) देखने को मिली है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स अपने पिछले बंद के मुकाबले बुरी तरह फिसलकर ओपन हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex देखते ही देखते 800 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी 200 अंकों से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था. इस दौरान आईटी शेयर, जो बीते कारोबारी दिन गदर मचाए हुए थे, भरभराकर क्रैश हो गए. इनमें टीसीएस से लेकर इंफोसिस तक शामिल हैं। 

    सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही बिखरे 
    शेयर मार्केट में शुरुआती कारोबार पर नजर डालें, तो पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार धड़ाम हो गया. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,649.84 के स्तर से बुरी तरह फिसलकर 74,507 पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में ये 890 अंकों की गिरावट लेकर 73,759 के लेवल पर कारोबार करता नजर आया।  

    एनएसई निफ्टी की चाल भी सेंसेक्स के जैसी ही रही. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,483 के लेवल से फिसलकर 23,415 पर खुला और फिर देखते ही देखते ये इंडेक्स भी 200 अंकों से ज्यादा फिसलकर अचानक 23,244 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया। 

    IT शेयर देखते ही देखते क्रैश 
    शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के बीच आईटी कंपनियों के शेयर देखते ही देखते क्रैश हो गए. BSE की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल TCS Share (6.20%), Tech Mahindra Share (4.30%), Infosys Share (3.20%), HCL Tech Share (3%) तक बिखरकर कारोबार कर रहे थे। 

    वहीं मिडकैप कंपनियों में नजर डालें, तो Persistent Share (5%), Mphasis Share (3%), Coforge Share (2.90%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. खास बात ये है कि बीते कारोबारी दिन इन शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली थी, जिस पर अचानक से ब्रेक लग गया। 

    गिरावट का ये बड़ा कारण!
    शेयर बाजार में बुधवार को सेंसेक्स-निफ्टी में अचानक मचे कोहराम के पीछे के कारणों पर नजर डालें, तो इसके पीछे अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर जारी अनिश्चितता सबसे अहम है. इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी उथल-पुथल नजर आ रही है. ये बीते कुछ दिन टूटने के बाद अब फिर से छलांग लगाती हुई नजर आ रही हैं, खबर लिखे जाने तक Crude Oil Price 97 डॉलर प्रति बैरल के करीब चल रहा था. दूसरी ओर विदेशी निवेशकों की लगातार जारी बिकवाली से भी भारतीय शेयर बाजार दबाव में बना हुआ है।  

  • दिल्ली में जल संकट से राहत की तैयारी, रेखा गुप्ता सरकार सीवर के पानी के पुन: उपयोग पर जोर

    दिल्ली में जल संकट से राहत की तैयारी, रेखा गुप्ता सरकार सीवर के पानी के पुन: उपयोग पर जोर

    नई दिल्ली

    दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने राजधानी में जल संकट को दूर करने के लिए कई नए उपायों की घोषणा की है। भीषण गर्मी के बीच हो रही किल्लत को स्वीकार करते हुए दिल्ली सरकार ने पिछली सरकारों को इसके लिए कसूरवार ठहराया तो यह भी बताया कि अब स्थिति में बदलाव के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री प्रवेश वर्मा ने मंगलवार को बताया कि उनकी सरकार सीवर के पानी को साफ करके भी पानी की कमी को पूरा करने पर विचार कर रही है। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे सीवर के पानी को ट्रीट करके टॉयलेट या गाड़ी धोने जैसे काम में लाया जा सकता है।

    प्रवेश वर्मा ने बताया कि दिल्ली में रोजाना 1000 एमजीडी पानी घरों में सप्लाई हो रहा है। इसमें से 800 एमजीडी पानी प्रतिदिन सीवर में लौटता है, जबकि केवल 200 एमजीडी पानी का इस्तेमाल लोग पीने या अन्य उपभोग में लाते हैं। प्रवेश वर्मा ने कहा कि सीवर के पानी को एसटीपी प्लांट में इतना ट्रीट किया जाएगा कि वह पीने लायक बन जाएगा। लेकिन फिलहाल उन्हें टायलेट आदि में यूज किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'इस पानी को सबसे पहले सरकारी इमारतों में पहुंचाया जाएगा। इसके बाद कॉलोनियों में डबल पाइपलाइन से पानी पहुंचाया जाएगा। जो लोग डबल पाइपलाइन लगवाएंगे उन्हें बिल में छूट दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि एसटीपी में साफ किए गए पानी का इस्तेमाल लोग शौचालय, पौधे में डालने, गाड़ी धोने आदि कामों के लिए कर सकेंगे। इससे मीठे पानी की बचत होगी। प्रवेश वर्मा ने कहा कि कि इससे रोजाना करोड़ों लीटर पानी बचाया जा सकता है।

    कम हो रहा उत्पादन
    प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली में पानी की कमी को लेकर जानकारी मिल रही है। जनसंख्या के आधार पर अगर सभी को पानी मिले तो कुल मांग 1250 एमजीडी की है। लेकिन इतना उत्पादन नहीं होता है। आज के दिन में हरियाणा सरकार से लगभगएक हजार क्यूसेक पानी मिल रहा है। वजीराबाद में पानी सूख गई है जिसके चलते वहां प्लांट में पानी नहीं आ रहा है। वहां 200 क्यूसेक पानी से ज्यादा खींचा जाता था जो अभी केवल 75 क्यूसेक ही मिल रहा है।

    पिछली सरकारों पर फोड़ा ठीकरा
    प्रवेश वर्मा ने कहा कि टैंकर के माध्यम से लोगों को पानी पहुंचाया जा रहा है। जहां पिछली सरकारों ने पानी की पाइपलाइन नहीं डाली तो वहां टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। पिछले साल के मुकाबले दोगुने टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। पिछली सरकार 200 नए बोरवेल लगाती थी जबकि हमारी सरकार ने 560 बोरवेल लगाए हैं। पानी की समस्या पिछले एक साल की नहीं है। पिछली सरकार ने अगर बंदोबस्त किया होता तो इतनी परेशानी नहीं आती। आप सरकार ने अपने अंतिम वर्ष में लगभग 1200 करोड़ इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया था जबकि इस वर्ष जल बोर्ड ने लगभग 2900 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

    पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा
    मंत्री ने कहा कि दिल्ली में दशकों पुरानी पाइप लाइन से पानी लीक होता है। इन सभी पाइपलाइंस को बदलने के लिए योजना बन चुकी है। दिल्ली को हमने आठ जोन में बांटा है। चंद्रावल का टेंडर हो चुका है जबकि आगामी वजीरगंज जोन नवंबर तक टेंडर कर कंपनी को सौंप दिया जाएगा। दिल्ली सरकार पानी लीकेज को कम करने के लिए प्रयास कर रही है। यह कंपनिया सभी पाइपलाइन को बदलेगी और पानी का रिसाव खत्म करेगी। पिछले सवा साल में हमारी सरकार की पांच उपलब्धियों में से एक इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क को कम करना है। दिल्ली की 52 फीसदी पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा

    कनाल का पानी पाइपलाइन से आएगा
    हरियाणा से कैनाल के माध्यम से आने वाले पानी को पाइपलाइन के माध्यम से लाया जाएगा। रास्ते में किसान भाई निकाल लेते हैं। अन्य लोग भी पानी निकाल लेते हैं। इसलिए पाइपलाइन डालने की तैयारी की जा रही है। दिल्ली का पानी का कोटा तय है। हमने बांध के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार को पैसा दिया है जिससे 2032 से पानी मिलने लगेगा।