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  • हैदराबाद, अहमदाबाद और दिल्ली की चार कंपनियों से हटे अमेरिकी प्रतिबंध, कारोबार बहाल।

    हैदराबाद, अहमदाबाद और दिल्ली की चार कंपनियों से हटे अमेरिकी प्रतिबंध, कारोबार बहाल।

    नई दिल्ली
     भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर जल्दी ही सहमति बन सकती है। बताया जा रहा है कि यह फाइनल स्टेज में है। इससे पहले अमेरिका की ओर से भारतीय उद्योग जगत के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर आई है। अमेरिका ने अपनी उस पाबंदी सूची से चार भारतीय कंपनियों के नाम हटा दिए हैं, जिन पर रूस के सैन्य-औद्योगिक क्षेत्र को उन्नत तकनीक और उपकरण सप्लाई करने के आरोप लगे थे।

    अमेरिकी वित्त विभाग ने मंगलवार को इस फैसले की घोषणा की। इन कंपनियों को अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) की विशेष रूप से नामित नागरिकों और अवरुद्ध व्यक्तियों (SDN) की सूची से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है।
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    कौन सी हैं ये 4 भारतीय कंपनियां?
    प्रतिबंधों की सूची से हटाए गए नामों में दो कंपनियां हैदराबाद की, एक अहमदाबाद की और एक नई दिल्ली की है। इन चारों के नाम इस प्रकार हैं:

        आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (हैदराबाद)
        लोकेश मशीन्स लिमिटेड (हैदराबाद)
        गैलेक्सी बियरिंग्स लिमिटेड (अहमदाबाद)
        शौर्य एयरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड (नई दिल्ली)

    इन कंपनियों पर क्या थे आरोप?
    साल 2024 में अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को दरकिनार करने के आरोप में इन कंपनियों पर पाबंदियां लगाई थीं। अमेरिकी प्रशासन का दावा था कि ये कंपनियां रूस को दोहरे उपयोग वाले सामान और तकनीक भेज रही थीं, जिनका इस्तेमाल नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
    गैलेक्सी बियरिंग्स लिमिटेड: अक्टूबर 2024 में इस कंपनी पर आरोप लगा था कि उसने रूसी संस्थाओं को रोलर बियरिंग्स और रोलर असेंबली जैसे दर्जनों संवेदनशील सामान निर्यात किए थे।
    शौर्य एयरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड: इस कंपनी पर रूस को रडार उपकरण, रेडियो नेविगेशन सहायता उपकरण, रेडियो रिमोट कंट्रोल सिस्टम और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भेजने का आरोप था।
    आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज: अमेरिका ने आरोप लगाया था कि इस कंपनी ने ब्लैकलिस्टेड रूसी फर्म आर्टेक्स लिमिटेड को माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक की 100 से अधिक खेप भेजी थीं।
    लोकेश मशीन्स लिमिटेड: इस कंपनी पर विभिन्न रूसी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को दर्जनों मशीन टूल्स निर्यात करने का आरोप लगाया गया था।

    क्या हैं इस फैसले के मायने?
    अमेरिकी सरकार ने फिलहाल इन कंपनियों को सूची से हटाने की कोई आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं की है। हालांकि, माना जा रहा है कि भारत सरकार द्वारा लगातार अमेरिकी प्रशासन के साथ किए गए कूटनीतिक संवाद और भारतीय कंपनियों द्वारा निर्यात नियमों के कड़ाई से पालन के आश्वासनों के बाद यह कदम उठाया गया है।

    कंपनियों के लिए बड़ी राहत
    अमेरिकी प्रतिबंधों की सूची में होने के कारण इन कंपनियों के वैश्विक व्यापार, बैंक लेनदेन और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर पूरी तरह रोक लग गई थी। ऐसा इसलिए क्योंकि वैश्विक वित्तीय प्रणालियां काफी हद तक अमेरिकी डॉलर और वहां के नियमों से जुड़ी हैं। अब पाबंदियां हटने के बाद ये कंपनियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामान्य रूप से अपना बिजनेस दोबारा शुरू कर सकेंगी।

  • West Bengal Politics: TMC के तीनों गुटों को एक दिन में झटका, शुभेंदु अधिकारी ने बढ़ाया सियासी दबाव

    West Bengal Politics: TMC के तीनों गुटों को एक दिन में झटका, शुभेंदु अधिकारी ने बढ़ाया सियासी दबाव

    कलकत्ता

    पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य की कमान अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के हाथों में है, सरकार बदलने के बाद तृणमूल कांग्रेस इतिहास के अपने सबसे बड़े संगठनात्मक और राजनीतिक संकट से गुजर रही है. महज दो महीनों के भीतर 28 साल पुरानी टीएमसी न सिर्फ सत्ता से बाहर हुई, बल्कि तीन अलग-अलग धड़ों में बंट गई है. अब तीनों ही गुट शुभेंदु सरकार के निशाने पर है। 

    टीएमसी में टूट का आगाज चुनाव से पहले ही हो गया था. हुमांयू कबीर टीएमसी से अलग होकर अपनी पार्टी बना लगी थी और दो सीटों से चुनाव जीतने में सफल रहे थे. चुनाव नतीजे के बाद ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के 80 में से 60 विधायकों और काकोली घोष की अगुवाई में 20 लोकसभा सांसद ने ममता बनर्जी से अलग राह चुन ली. एक धड़ा ममता बनर्जी के वफादार का भी है। 

    बंगाल की सत्ता पर काबिज बीजेपी और उसकी अगुवाई कर रहे सीएम शुभेंदु अधिकारी की सरकार के निशाने पर इन दिनों टीएमसी के तीनों धड़े हैं. ममता बनर्जी का वफादार खेमा हो या फिर बागी गुट. इसके अलावा हुमायूं कबीर पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। 
     
    ममता बनर्जी गुट पर सरकार की टेंढी नजर
    विधानसभा चुनाव की शिकस्त और पार्टी में हुई ऐतिहासिक टूट (80 में से करीब 60 विधायकों का साथ छोड़ना) के बाद ममता बनर्जी अपने बचे-खुचे वफादार नेताओं के साथ सड़क पर संघर्ष कर रही हैं. हालांकि, शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा के पटल से साफ एलान कर दिया है कि तृणमूल कांग्रेस अब एक बंद अध्याय है और ममता कभी सत्ता में नहीं लौटेंगी। 

    शुभेंदु सरकार अब पूरी तरह ममता बनर्जी गुट को सियासी रूप से पूरी तरह पंगु बनाने के लिए 2011 से 2026 के शासनकाल के दौरान हुए 'संस्थागत भ्रष्टाचार', भाई-भतीजावाद और राशन-भर्ती घोटालों की जांच को तेज कर रही है, शाहजहां शेख, शौकत मोल्ला और जहांगीर खान जैसे ममता के करीबी और बाहुबली नेताओं पर कानूनी शिकंजा कसना सीधे तौर पर ममता गुट की रीढ़ तोड़ने की रणनीति का हिस्सा है। 

    कोलकाता की राजनीति में21 जुलाई का 'शहीद दिवस' की अपनी सियासी अहमियत है. टीएमसी के लिए यह केवल एक तारीख नहीं, बल्कि पार्टी की आत्मा है. ममता बनर्जी का आधिकारिक खेमा इस दिन रैली करने की तैयारी की है, लेकिनप्रशासन ने पूरे इलाके में धारा 163 लागू कर कार्यक्रम के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया है. इसके चलते ममता खेमे के शक्ति प्रदर्शन की तैयारी पर पुलिस की सख्ती ने पानी फेर दिया। 

    ऋतब्रत बनर्जी की खिलाफ सरकार गुई सख्त
    मई 2026 में दिल्ली के बंगा भवन में सीएम शुभेंदु अधिकारी से एक 'आकस्मिक मुलाकात' के बाद टीएमसी विधायक ऋतब्रत बनर्जी  ने पार्टी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया था. अभिषेक बनर्जी के बढ़ते प्रभाव से नाराज ऋतब्रत बनर्जी ने 60 विधायकों को अपने साथ मिला लिया और विधानसभा में खुद को 'असली टीएमसी' बताते हुए विपक्ष के नेता बन गए। 

    हालांकि, शुरुआत में ऋतब्रत बनर्जी की बगावत से शुभेंदु को फायदा हुआ, लेकिन अब ऋतब्रत गुट सरकार के निशाने पर है. हाल ही में जब शुभेंदु सरकार ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता(UCC) विधेयक की समीक्षा के लिए कमेटी गठित करने का प्रस्ताव रखा, तो ऋतब्रत बनर्जी  के नेतृत्व वाले इस बागी गुट ने इसका कड़ा विरोध किया और सदन से वॉकआउट कर दिया। 

    सीएम शुभेंदु ने साफ कर दिया है कि सरकार के एजेंडे में बाधा डालने वाले किसी भी गुट को बख्शा नहीं जाएगा. ममता बनर्जी की तरह ऋतब्रत बनर्जी के अगुवाई वाले बागी गुट ने शहीद दिवस पर रैली करने की योजना बनाई थी. इसे बागी गुट एक नई शुरुआत के तौर पर पेश करना चाहता है, लेकिन शुभेंदु सरकार ने शहीद दिवस पर होने वाले कार्यक्रम के लिए इजाजत नहीं दिया. इस तरह ऋतब्रत बनर्जी के गुट के सियासी अरमानों पर पानी फिर गया है। 

    हुमायूं कबीर के खिलाफ कसता कानूनी शिकंजा
    टीएमसी से निलंबित होने के बाद 'आम जनता उन्नयन पार्टी' (AJUP) बनाने वाले नौदा के विधायक हुमायूं कबीर इस समय शुभेंदु सरकार के सबसे तीखे निशाने पर हैं. मुर्शिदाबाद में एक जनसभा के दौरान हुमायूं कबीर ने भाजपा नेतृत्व को धमकी देते हुए कहा था कि जिस दिन मैंने हजारों मुस्लिमों को एकजुट कर सड़कों पर उतार दिया, उस दिन इतना कड़ा प्रहार करूंगा कि भाजपा का झंडा उठाने वाला कोई नहीं बचेगा। 

    हुमांयू कबीर के भड़काऊ और सांप्रदायिक बयान पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब बहुत हुआ, ऐसे तत्वों को स्थायी सबक सिखाने का समय आ गया है. शुभेंदु सरकार ने कबीर के खिलाफ रेजिनगर और शक्तिपुर थानों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज कराए हैं. शुभेंदु ने चेतावनी देते हुए कि यह हुमायूं कबीर का आखिरी ऐसा बयान होगा और राज्य में कानून का राज स्थापित करने के लिए गुंडागर्दी को पूरी तरह कुचल दिया जाएगा। 
     
    बंगाल में हुमायूं कबीर जैसे नेताओं पर भड़काऊ बयानों के लिए कानूनी चाबुक चलाकर,शुभेंदु सरकार ने यह साफ संदेश दे दिया है कि टीएमसी का कोई भी धड़ा यदि उनके एजेंडे के आड़े आया, तो सियासी अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे। 

  • दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती, 3 महीने तक कई वाहनों की एंट्री बंद; पार्किंग शुल्क भी होगा डबल

    दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती, 3 महीने तक कई वाहनों की एंट्री बंद; पार्किंग शुल्क भी होगा डबल

     नई दिल्ली

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हर साल सर्दियों का मौसम प्रदूषण की मार लेकर आता है. इस बार प्रदूषण पर नकेल के लिए सरकार पहले से ही एक्शन प्लान तैयार करने में जुटी है. दिल्ली सरकार ने इस बार प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कड़े नियमों का ऐलान कर दिया है. दिल्ली में इस बार एक नवंबर से 28 फरवरी तक वाहनों की आवाजाही से लेकर निर्माण कार्य तक, कड़े नियम लागू रहेंगे। 

    दिल्ली सरकार का कहना है कि पिछले तीन वर्ष में सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता लगातार बहुत खराब से गंभीर श्रेणी तक पहुंचती रही है, इसलिए अब स्थायी और सख्त उपाय लागू किए जा रहे हैं. दिल्ली में अब बिना पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) सर्टिफिकेट के वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा. दिल्ली के सभी पेट्रोल और सीएनजी पंपों पर पूरे साल केवल उन्हीं वाहनों को ईंधन मिलेगा, जिनके पास वैध पीयूसी होगा। 

    दिल्ली में अब एएनपीआर कैमरों और डिजिटल डेटाबेस के जरिये निगरानी की जाएगी. बिना पीयूसी के पकड़े जाने पर जुर्माना लगाया जाएगा. एक नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली में दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-VI से नीचे के वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. दिल्ली से बाहर के सभी वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर इस अवधि के दौरान रोक रहेगी. हालांकि, CNG के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस की गाड़ियों को छूट दी जाएगी। 

    दोगुनी होगी पार्किंग फी
    एक नवंबर से 28 फरवरी तक पार्किंग की फीस भी महंगी होगी. अधिकृत पार्किंग स्थलों पर वाहन पार्क करने की फीस इस अवधि में दोगुनी वसूली जाएगी. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के पार्किंग स्थलों को इस फैसले से बाहर रखा गया है. इसके पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि इससे लोग मेट्रो का अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। 

    दफ्तर आएगा 50% स्टाफ
    एक नवंबर से 31 जनवरी तक सरकारी और निजी कार्यालयों में केवल 50% कर्मचारी ही शारीरिक रूप से उपस्थित रह सकेंगे. बाकी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य होगा. निजी कंपनियों को कार-पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और अलग-अलग शिफ्ट लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. इस अवधि में निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर भी रोक रहेगी. 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच अधिकांश निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े काम पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा। 

    इस दौरान निर्माण सामग्री लेकर आने वाले वाहनों को भी दिल्ली में एंट्री नहीं दी जाएगी. तीन हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाली सभी व्यावसायिक ऊंची इमारतों, मॉल, होटल और कार्यालय भवनों में एंटी-स्मॉग गन या मिस्ट सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा. सभी संस्थानों को 15 अगस्त तक यह व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी. एक हजार वर्गमीटर से बड़े निर्माण स्थलों पर भी मिस्ट सिस्टम लगाना जरूरी होगा। 

    खुले में कूड़ा या पत्ते जलाने पर एक्शन
    दिल्ली में आरडब्ल्यूए, हाउसिंग सोसाइटी, संस्थानों और सरकारी-निजी प्रतिष्ठान को अपने-अपने परिसर में खुले में आग जलाने की घटनाएं रोकने की जिम्मेदारी दी गई है. कूड़ा, पत्तियां, प्लास्टिक या बायोमास जलाने पर सख्त कार्रवाई होगी. खुले में आग जलाने और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन आधारित निगरानी की जाएगी. रात के समय निगरानी और अधिक की जाएगी। 

    नियम तोड़ने वालों पर केस
    दिल्ली सरकार ने सख्त लहजे में कहा है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत कार्रवाई की जाएगी. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ जुर्माना, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति, परिसर सील करने से लेकर अभियोजन तक की कार्रवाई की जा सकती है. दिल्ली सरकार ने कहा है कि पिछले तीन वर्षों में नवंबर से फरवरी के बीच दिल्ली का AQI लगातार 312 से 342 के बीच रहा, जबकि अधिकतम AQI 461 से 494 तक पहुंचा। 

    अधिकारियों का कहना है कि इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए सर्दियों के लिए यह स्थायी प्रदूषण नियंत्रण ढांचा तैयार किया गया है. कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण को आपदा के स्तर तक पहुंचने से रोकने के लिए अब तक का सबसे व्यापक और सख्त शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण आदेश जारी किया है. इसका असर सीधे आम नागरिकों, वाहन चालकों, दफ्तरों, बिल्डरों और व्यावसायिक संस्थानों पर पड़ेगा। 

  • Pakistan-Afghanistan Tension: पाक हमलों के जवाब में तालिबान का एक्शन, ड्रोन से ISIS ठिकानों पर एयरस्ट्राइक

    Pakistan-Afghanistan Tension: पाक हमलों के जवाब में तालिबान का एक्शन, ड्रोन से ISIS ठिकानों पर एयरस्ट्राइक

    काबुल 

    पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सैन्य टकराव के कारण अब हालात काफी तनावपूर्ण हैं. अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर आतंकी संगठन ISIS-K के ठिकानों पर बड़ी एयरस्ट्राइक की है. तालिबान के मुताबिक,  इन ठिकानों से अफगानिस्तान में नागरिकों पर हमलों की साजिश रची जा रही थी. यह दावा पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों के दो दिन बाद सामने आया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। 

    तालिबान का कहना है कि यह बड़ी सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में की गई है. अफगानिस्तान के न्यूज चैनल 'टोलो न्यूज' ने भी इस दावे की पुष्टि की है. रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के ड्रोन विमानों ने सीधे उन ठिकानों को हिट किया जहां ISIS-K के आतंकी छिपे थे. खैबर पख्तूनख्वा के सरान इलाके में तो एक स्कूल को मलबे में तब्दील कर दिया गया, क्योंकि आतंकी उसे अपना गुप्त ठिकाना बनाकर रह रहे थे. तालिबान ने साफ किया कि इस हमले में कई आतंकी ढेर हुए हैं, जबकि किसी भी आम नागरिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। 

    पाकिस्तान के हमले का करारा पलटवार

    तालिबान का यह बड़ा एक्शन रविवार को पाकिस्तान द्वारा की गई बमबारी का नतीजा माना जा रहा है. दरअसल, दो दिन पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा में घुसकर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए थे. संयुक्त राष्ट्र (UNAMA) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की उस कार्रवाई में कम से कम 28 बेकसूर लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे. वहीं, अफगानिस्तान के सरकारी प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने मरने वाले नागरिकों की संख्या 38 बताई थी, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. तालिबान के इस ताजा एक्शन को उसी पाकिस्तानी हमले का सीधा और करारा जवाब माना जा रहा है। 

    सोमवार को भारत ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर अफगानिस्तान पर हुए पाकिस्तानी हमलों की निंदा की. भारत का कहना है कि किसी दूसरे देश की सीमा में घुसकर हमला करना उसकी संप्रभुता का सीधा उल्लंघन है, जिससे पूरे इलाके की शांति खतरे में पड़ती है. भारत ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान अपनी घरेलू नाकामियों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए पड़ोसियों पर ऐसे हमले करता रहा है। 

    फिलहाल, पाकिस्तान हमेशा की तरह आरोप लगा रहा है कि अफगानिस्तान आतंकियों को पनाह दे रहा है, जबकि तालिबान का कहना है कि आतंकवाद पाकिस्तान की खुद की पैदा की हुई अंदरूनी समस्या है. अब इस ताजा एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच जंग का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। 

  • America Weather Alert: 115°F जैसी महसूस हो रही गर्मी, भीषण हीटवेव से 6 करोड़ लोगों पर संकट

    America Weather Alert: 115°F जैसी महसूस हो रही गर्मी, भीषण हीटवेव से 6 करोड़ लोगों पर संकट

    वाशिंगटन 
    अमेरिका इस समय साल की सबसे खतरनाक हीटवेव का सामना कर रहा है. देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कई इलाकों में तापमान से ज्यादा खतरनाक गर्मी का एहसास होगा, जहां ह्यूमिडिटी की वजह से लोगों को 115 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 46 डिग्री सेल्सियस जैसी गर्मी महसूस होगी। 

    अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस (NWS) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में 18 राज्यों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ सकती है. हालात इतने गंभीर हैं कि 6 करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए हीट अलर्ट जारी किया गया है। 

    मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाएगा. लेकिन असली चिंता तापमान नहीं, बल्कि हीट इंडेक्स को लेकर है. ज्यादा नमी यानी ह्यूमिडिटी की वजह से लोगों को गर्मी 115 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 46 डिग्री सेल्सियस जैसी महसूस होगी। 

    अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी चेतावनी में कहा है कि देश के पूर्वी दो-तिहाई हिस्से में खतरनाक और कई जगह रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने वाली है. एजेंसी के मुताबिक, यह हीटवेव 4 जुलाई यानी अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस वाले लंबे वीकेंड तक जारी रह सकती है। 

    दिन तो दिन, रात में भी नहीं मिलेगी राहत
    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिन ही नहीं, रातों में भी राहत नहीं मिलेंगी. कई शहरों में रात का तापमान भी 80 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. इसका मतलब है कि लोगों को रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी, जिससे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा काफी बढ़ जाएगा। 

    NWS के मुताबिक, हीट इंडेक्स वह पैमाना है जिसमें एक्चुअल तापमान के साथ हवा में मौजूद नमी को भी शामिल किया जाता है. इसलिए कई बार थर्मामीटर पर तापमान कम दिखाई देता है, लेकिन शरीर को उससे कहीं ज्यादा गर्मी महसूस होती है. यही वजह है कि इस बार हीट इंडेक्स 100 से 110 डिग्री फारेनहाइट तक रहने का अनुमान है, जबकि कुछ इलाकों में यह 115 डिग्री तक पहुंच सकता है। 

    हीट एग्जॉशन और जानलेवा हीट स्ट्रोक का खतरा
    स्वास्थ्य एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे धूप में निकलने से बचें, खूब पानी पिएं, एयर कंडीशनर या ठंडी जगहों पर रहें और बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का खास ध्यान रखें. डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक तेज धूप में रहने से हीट क्रैम्प्स, हीट एग्जॉशन और जानलेवा हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। 

    दिलचस्प बात यह है कि जहां अमेरिका का पूर्वी हिस्सा आग उगलती गर्मी से जूझ रहा है, वहीं पश्चिमी हिस्से में मौसम बिल्कुल उल्टा है. मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी राज्यों में तापमान सामान्य से 20 से 35 डिग्री फारेनहाइट तक कम रहने का अनुमान है. हालांकि देश के बड़े हिस्से में फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यही खतरनाक हीटवेव बनी हुई है, जिसने करोड़ों लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है और आने वाले कई दिनों तक राहत मिलने के आसार भी कम नजर आ रहे हैं। 

  • मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: बालाघाट और डिंडौरी में रेड अलर्ट जैसी स्थिति, 7 जिलों में भारी बारिश का खतरा

    मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: बालाघाट और डिंडौरी में रेड अलर्ट जैसी स्थिति, 7 जिलों में भारी बारिश का खतरा

    ​भोपाल
     ​मध्य प्रदेश में जून के महीने में मानसून की सुस्ती के कारण औसत से काफी कम पानी बरसा है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 30 जून 2026 तक पूरे राज्य में दीर्घावधि औसत से 33 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई. हालांकि जून के आखिरी दिन मानसून ने जोरदार वापसी की है. जिसको देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल ने राज्य के सभी 55 जिलों में आंधी-तूफान, वज्रपात और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसमें बालाघाट और डिंडौरी समेत 7 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की विशेष चेतावनी दी गई है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिनों में मानसून पूरे राज्य को कवर कर लेगा। 

    ​7 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट
    ​मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में सिस्टम बेहद मजबूत हो गया है. इसके चलते जिलों को अलग-अलग श्रेणियों में अलर्ट पर रखा गया है. बालाघाट और डिंडौरी जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और झंझावात के साथ अति भारी बारिश की चेतावनी है. यहां 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. जबकि देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन सहित प्रदेश के बाकी सभी जिलों में आंधी-बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। 

    ​जून महीने में पूर्वी मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा सूखा
    ​इस साल जून के महीने में मानसून की रफ्तार बेहद असमान रही. पूरे जून महीने में राज्य में कुल 88.2 मिमी पानी गिरा, जबकि सामान्य तौर पर यह आंकड़ा 131.1 मिमी होना चाहिए था. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, ​पूर्वी मध्य प्रदेश के हिस्से में सबसे अधिक सूखे जैसे हालात रहे. यहां दीर्घावधि औसत से -59 प्रतिशत कम बारिश रिकार्ड की गई. रीवा, सीधी, सतना और शहडोल संभागों में जून के दौरान सूखे जैसे हालात रहे. इसके अलावा ​पश्चिमी मध्य प्रदेश में स्थिति काफी बेहतर रही, जहा औसत से केवल -7 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 

    ​आंधी-बारिश से गिरा पारा, कई जिलों में जलभराव और हादसे
    ​मंगलवार को प्रदेश के 23 जिलों में बारिश रिकार्ड की गई. सतना में डेढ़ इंच पानी गिरा, जिससे सड़कों पर जलभराव हो गया. वहीं आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट आई है. भोपाल में अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री, इंदौर में 33 डिग्री और जबलपुर में 32 डिग्री दर्ज किया गया. हालांकि, इस दौरान बिजली गिरने से हरदा और खरगोन में 3 लोगों की मृत्यु हो गई। 

    यह है ​मानसून की मौजूदा स्थिति
    ​30 जून 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्य प्रदेश के कुछ और भागों को कवर कर लिया है. इस समय मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, सागर और सीधी से होकर गुजर रही है. मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ''अगले 2 से 4 दिनों में भोपाल, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग के बाकी हिस्सों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा. इसके साथ ही गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। 

  • Haryana-Chandigarh News: स्कूल खुलते ही बम धमकी से हड़कंप, CM को भी मिली जान से मारने की धमकी

    Haryana-Chandigarh News: स्कूल खुलते ही बम धमकी से हड़कंप, CM को भी मिली जान से मारने की धमकी

    चंडीगढ़ 

    चंडीगढ़ के स्कूलों और हरियाणा सीएम नायब सैनी के दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी आई है। यह धमकी मेल पर आई है। जिसके बाद पुलिस अलर्ट पर आ गई है। चंडीगढ़ के स्कूल आज ही गर्मी की छुटि्टयों के बाद खुले है।इसके बाद यह मेल आई है। 

    इसके बाद एक-एक कर सेक्टर-37बी और 37डी के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-38 के विवेक हाई स्कूल, सेक्टर-26 के सेक्रेड हार्ट स्कूल और स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाई स्कूल, सेक्टर-40 के डीपीएस तथा सेक्टर-9 के कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल को भी इसी तरह के धमकी भरे ई-मेल मिलने की सूचना मिली।

    मेल में कहा कि बम धमाके, आईडी ड्रोन। चंडीगढ़ के सारे स्कूलों में दोपहर 1.11 बजे, जबकि सीएम सैनी हरियाणा आफिस दोपहर 3.11 बजे का समय दिया है। वहीं, एक दिलचस्प बात यह है कि इस बार यह धमकी मेल जीमेल से नहीं, जबकि रेडिफमेल से आई है।

    अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर का भी जिक्र
    धमकी भरे ई-मेल में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी निशाना बनाया गया है। इसके साथ ही दावा किया गया है कि रेलवे ट्रैक भी उनके निशाने पर हैं। लोगों से रेल यात्रा नहीं करने और 15 अगस्त को अपने बच्चों को परेड में नहीं भेजने की धमकी भी दी गई है।

    अब जानिए मेल में क्या लिखा है

    चंडीगढ़ बनेगा खालिस्तान

    15 अगस्त पंजाब सिखों का आजादी दिवस नहीं

    हरियाणा सीएम सैनी को ठोकना

    बम धमाका – आईडी, ड्रोन

    चंडीगढ़ स्कूल्स – 1.11 बजे

    सीएम सैनी हरियाणा ऑफिस – 3.11 बजे

    खालिस्तान बच्चों के खिलाफ नहीं है – अपने बच्चों को बचाएं

    कोई भी बच्चा 15 अगस्त को परेड में न जाए, जिस दिन चंडीगढ़ हरियाणा बोलेगा खालिस्तान, खालिस्तान।

    हरियाणा रेल ट्रैक निशाने पर

    अंबाला से दिल्ली ट्रेन सफर न करो

    जंग हिंदी, पंजाब दी है – इस बीच हरियाणा सीएम सैनी – ठोका, साथ ही जयशंकर, अमित शाह

    जुलाई – अगस्त 15 आईडी मनुखी

    हरियाणा, चंडीगढ़ पर कब्जा खालिस्तान दा

    खालिस्तान नेशनल आर्मी

    इंजीनियर गुरखंक सिंह रुकन वाला

    डॉ. गुरु निरवैर सिंह

    खान राजदा

    2026 में चंडीगढ़ के स्कूलों को कब-कब मिली धमकी
    21 मई 2026: चितकारा, सेंट स्टीफंस और सेक्रेड हार्ट समेत कई बड़े स्कूलों के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय और मेयर कार्यालय को भी ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली।

    16 अप्रैल 2026: चंडीगढ़ के 4 से 5 स्कूलों को खालिस्तान के नाम से धमकी भरे ई-मेल भेजे गए।

    5-6 अप्रैल 2026: चंडीगढ़ के कुछ स्कूलों के साथ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को भी बम धमाके की धमकी मिली।

    11 फरवरी 2026: चंडीगढ़ और मोहाली के कई निजी स्कूलों को सुबह-सुबह धमकी भरे ई-मेल भेजे गए।

    28 जनवरी 2026: साल की शुरुआत में चंडीगढ़ के 26 से अधिक स्कूलों को एक साथ बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद स्कूलों को खाली कराकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।

    गिरफ्तार करने का दावा कर चुकी पुलिस
    चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब सिविल सचिवालय, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और शहर के नामी स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां भेजने के मामले में पश्चिम बंगाल निवासी सौरव बिस्वास को तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया था कि वही चंडीगढ़ में ई-मेल के जरिए धमकी भरे संदेश भेजता था। हालांकि, अब एक बार फिर इसी तरह की धमकियां मिलने लगी हैं। ऐसे में पुलिस के पहले किए गए दावों पर सवाल उठने लगे हैं।

    पुलिस स्टेशन-3 की ओर से बताया गया था कि आरोपी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर है और डार्क वेब पर ई-मेल आईडी से जुड़ा डेटा बेचता था। पुलिस के अनुसार, वह विभिन्न संस्थानों को धमकी भरे ई-मेल भेजने के साथ-साथ फर्जी ई-मेल आईडी और वीपीएन का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाने में भी मदद करता था। जांच में यह भी सामने आया था कि वह ई-मेल से संबंधित डेटा सीमा पार बैठे लोगों को करीब 24 हजार रुपए में बेचता था।

  • LPG Price Today: जुलाई की शुरुआत राहत भरी, सस्ता हुआ LPG सिलेंडर, चेक करें नए रेट

    LPG Price Today: जुलाई की शुरुआत राहत भरी, सस्ता हुआ LPG सिलेंडर, चेक करें नए रेट

     नई दिल्ली

    LPG Price Cut: जुलाई महीने की शुरुआत हो गई है और ये राहत भरी है. दरअसल, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती की है. LPG Cylinder Price Cut 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर किए गए हैं. ताजा रेट्स की बात करें, तो दिल्ली में 3,113 रुपये का मिलने वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब सस्ता होकर 2,930 रुपये का रह गया है. इस हिसाब से गैस सिलेंडर की कीमत 183 रुपये घटाई गई है. हालांकि, इस बार भी घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14 Kg LPG Cylinder Price को स्थिर रखा गया है। 

    राहत भरी जुलाई की शुरुआत 
    ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में संशोधन करती हैं और जुलाई महीने की शुरुआत राहत भरी रही है. बीते कुछ समय में मिडिल ईस्ट टेंशन के चलते कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में ताबड़तोड़ इजाफा किया गया था. अब 1 जुलाई 2026 को दिल्ली समेत अन्य शहरों में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर का रेट कम कर दिया गया है. बता दें कि साल 2026 में ये पहली बार है जबकि तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम घटाए हैं। 

    19 Kg LPG Cylinder की कीमत पर इस साल लगभग हर महीने महंगाई का बम फूटा था. शुरुआती महीने जनवरी में इसी कीमत 1691 रुपये प्रति सिलेंडर थी, जो कि लगातार बढ़ोतरी के बाद महंगा होता चला गया. बीते दो महीनों में देखें, तो मई ये 993 रुपये महंगा होकर पहली बार 3000 रुपये के पार पहुंचा था और जून की शुरुआत में भी ये 42 रुपये महंगा हुआ था. इसके बाद कमर्शियल सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 3113.50 रुपये पहुंच गई थी। 

    कोलकाता से लखनऊ तक अब ये रेट 
    राजधानी दिल्ली के अलावा अन्य शहरों में 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में किए गए बदलाव की बात करें, तो कोलकाता में अब ये कमर्शियल  सिलेंडर 3255.50 रुपये से घटकर 3,081.50 रुपये का हो गया है. इसके अलावा अन्य शहरों की बात करें, तो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अब कमर्शियल सिलेंडर का दाम 3,052.50 रुपये रह गया है, जबकि बिहार की राजधानी पटना में नई कीमत 3,227 रुपये पर आ गई है. सिलेंडर की नई कीमतें 1 जुलाई से लागू कर दी गई हैं। 

    घरेलू गैस सिलेंडर के नहीं बदले दाम 
    जहां एक ओर तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती करते हुए राहत दी है. तो वहीं घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14 Kg LPG Cylinder) के दाम यथावत बने हुए हैं, यानी इनमें कोई चेंज नहीं किया गया है. दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर का दाम 942 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये है. तो वहीं मुंबई में 14 किलो वाला सिलेंडर 941.50 रुपये, जबकि चेन्नई में ये 957.50 रुपये का मिल रहा है। 

  • Punjab News: आज से शुरू हुई ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’, महिलाओं के खाते में ₹3000-₹4000 ट्रांसफर

    Punjab News: आज से शुरू हुई ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’, महिलाओं के खाते में ₹3000-₹4000 ट्रांसफर

     बरनाला
     पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने महलकलां में कहा कि राज्य महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक दिन लिखने को तैयार है, क्योंकि आम आदमी पार्टी सरकार ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू करके एक और बड़ी गारंटी पूरी कर रही है।

    उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे के बाद पूरे पंजाब में मोबाइल फोन बजने लगेंगे, क्योंकि हर महिला के बैंक खाते में तीन हजार और अनुसूचित जाति (एससी) की महिलाओं के खाते में चार हजार रुपये की तीन महीने की ‘सत्कार राशि’ एक ही किश्त में जमा की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब के तेज़ी से हो रहे विकास से घबराए विरोधी राज्य की प्रगति में बाधा डालने की साजिश कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "एक जुलाई से महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में पैसे मिलने लगेंगे। 'मावां-धीयां सत्कार योजना' के तहत, हर महिला को हर महीने एक हजार मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे।

    यह रकम सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी और जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन पा रही हैं, वे भी इसके लिए पात्र होंगी। उम्मीद है कि पंजाब की लगभग 97% महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा, जिसके लिए राज्य सरकार ने बजट में कुल 9,300 करोड़ का प्रावधान किया है।"

    मान ने कहा, "हमारी सरकार लोगों की भलाई के लिए लगातार काम कर रही है। हमने घरों को मुफ़्त बिजली दी है, बिना किसी भ्रष्टाचार के 68,000 से ज़्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं, सड़कों को बेहतर बनाया है, टोल प्लाज़ा बंद करके रोज़ाना लगभग 70 लाख की बचत की है, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत किया है, बुनियादी ढांचा तैयार किया है और कई अन्य अहम पहल की हैं।

    जब हमारी सरकार सत्ता में आई थी, तब सिंचाई के लिए नहर के पानी का सिर्फ़ 22% ही इस्तेमाल हो रहा था। आज यह आंकड़ा बढ़कर 80% से ज़्यादा हो गया है। हम राज्य भर में गांवों के विकास के लिए अनुदान भी दे रहे हैं।" राज्य में हेल्थकेयर में किए गए सुधारों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "मुख्यमंत्री सेहत योजना देश की अपनी तरह की पहली योजना है जो पंजाब के हर परिवार को 10 लाख तक का कैशलेस इलाज देती है। इसका मकसद राज्य के हर परिवार को यूनिवर्सल हेल्थकेयर देना है, और लोग इस योजना के तहत 650 करोड़ से ज़्यादा का मुफ़्त इलाज करवा चुके हैं।"

    AAP ने पूरी की आखिरी गारंटी 

    मुख्यमंत्री वेब लिंक लॉन्च कर योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। अब तक योजना के तहत करीब 50 लाख महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है। जनरल वर्ग की महिलाओं को एक हजार रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। बाद में रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं को भी इस स्कीम का पूरा लाभ मिलेगा।

    सीएम मान आज तीन महीने की सम्मान राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर करेंगे। यह राशि 3500 रुपये से लेकर 4000 रुपये के बीच होगी।

    क्या है मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना?
    मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण महिला कल्याण स्कीम है। सीएम मान ने इस योजना का एलान पंजाब बजट 2026–27 के दौरान किया था। योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

    इस योजना के अंतर्गत पंजाब की सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये सम्मान राशि दी जाएगी। योजना की शुरुआत आज से होगी।

    कैसे मिलेंगे रुपये?
    योजना के अंतर्गत राशि महिलाओं के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। पंजाब राज्य की 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं।

    क्या है पात्रता?

        योजना का लाभ लेने के लिए महिला का पंजाब का निवासी होना आवश्यक है।
        महिला की उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए।
        महिला का आधार कार्ड बैंक अकाउंट से लिंक होना चाहिए।

    जरूरी दस्तावेज

        महिला का आधार कार्ड।
        महिला की बैंक पासबुक की फोटोकॉपी।
        पंजाब का राशन कार्ड या वोटर आईडी कार्ड।
        मोबाइल नंबर- आधार कार्ड और बैंक पासबुक से लिंक होना चाहिए।

    आज 97 फीसदी महिलाओं को मिलेगा लाभ
    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को घोषणा की बुधवार को दोपहर 12 बजे के बाद राज्य की महिलाओं के मोबाइल फोन पर खास संदेश आएगा। संदेश में लिखा होगा कि आपके खाते में 4,500 या 3,000 रुपये जमा हो गए हैं। यह राशि पंजाब सरकार की ओर से राज्य की महिलाओं के लिए शुरू की जा रही मांवां धीयां सत्कार योजना के तहत डाली जाएगी।

     

  • Petrol Diesel Price Today: 2 साल बाद घटे पेट्रोल-डीजल के दाम, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 सस्ता

    Petrol Diesel Price Today: 2 साल बाद घटे पेट्रोल-डीजल के दाम, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 सस्ता

    नई दिल्ली

    प्राइवेट सेक्टर की दिग्गज तेल कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने देश के आम नागरिकों को राहत देते हुए रिटेल नेटवर्क पर पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है. नई दरें बुधवार, 1 जुलाई 2026 से लागू कर दी गई हैं।  अब भोपाल में पेट्रोल की कीमत 119.79 रुपए और डीजल 102.57 रुपए पर आ गया है। नायरा के देशभर में 7 हजार से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं।

    इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, कंपनी की तरफ से कम की गईं कीमतें पूरे देश में नयारा (Nayara) के 7000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों  पर लागू होगी.हालांकि, अलग-अलग राज्यों में वैट (VAT) और दूसरे लोकल टैक्स में अंतर के कारण पंप की कीमतों में थोड़ा-बहुत अंतर दिख सकता है। 

    आज प्राइवेट रिटेलर ने भले ही पेट्रोल-डीजल के दाम घटा दिए हैं, लेकिन सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) – ने रिटेल फ्यूल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. ये तीनों कंपनियां मिलकर भारत के एक लाख से ज्यादा फ्यूल स्टेशनों को संभालती हैं। 

    प्रमुख शहरों में अनुमानित कीमतें
    शहर            पेट्रोल की अनुमानित कीमत     डीजल की अनुमानित कीमत     सरकारी तेल कंपनियों के रेट
    दिल्ली            97.12 रुपये                                          92.20 रुपये            102.12 और 95.20 रुपये
    नोएडा            96.96 रुपये                                          87.03 रुपये           101.96 और 90.03 रुपये
    मुंबई              106.21 रुपये                                       91.50 रुपये            111.21 और 94.50 रुपये

    7000 पेट्रोल पंपों पर सस्ता पेट्रोल-डीजल
    Nayara Energy रूस की रोसनेफ्ट समर्थित फ्यूल कंपनी है. इसने हाल ही  भारत में अपने पेट्रोल पंप की संख्या 7,000 के पार पहुंचाई है और इसके साथ ही ये प्राइवेट सेक्टर की देश की सबसे बड़ी पेट्रोल-डीजल रिटेल सेलर के रूप में उभरी है. तेल की कीमतों पर बीते कुछ समय में महंगाई की मार से इस कंपनी ने अब अपने देशव्यापी नेटवर्क पर पेट्रोल प्राइस में 5 रुपये और डीजल प्राइस में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती का तोहफा दिया है। 

    इंडस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि नायरा के 7,000 से ज्यादा फ्यूल स्टेशनों पर नई कीमतें 1 जुलाई 2026 से लागू कर दी गई हैं. यहां ध्यान रहे कि विभिन्न राज्यों में पेट्रोल पंपों पर Petrol-Diesel Price अलग-अलग हो सकती हैं, जो लोकल टैक्स जैसे वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) पर निर्भर करती हैं। 

    सरकारी तेल कंपनियों की कीमतें स्थिर
    एक ओर जहां प्राइवेट सेक्टर की नायरा एनर्जी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती करते हुए लोगों को राहत दी है, तो वहीं सरकारी फ्यूल रिटेलर्स ने अपनी कीमतों में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL),  जो मिलकर भारत के एक लाख से ज्यादा पेट्रोल-पंपों में से 90 फीसदी से ज्यादा का संचालन करती हैं, इनपर फ्यूल प्राइस यथावत बने हुए हैं. राजधानी दिल्ली में, IOC आउटलेट्स पर पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है। 

    जितनी बढ़ोतरी, उतनी ही की कटौती
    गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान युद्ध (US-Iran War) से पैदा हुई ग्लोबल टेंशन के बीच इंटरनेशनल ऑयल प्राइस में तेज उछाल देखने को मिला था. इस दौरान पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा करने के मामले में पहली फ्यूल रिटेलर्स में नायरा एनर्जी भी शामिल थी. बीते 26 मार्च को कंपनी ने अपने पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. अब इतनी ही कटौती भी की है। 

    नायरा के बाद करीब चार साल तक स्थिर रखने के बाद भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने भी पेट्रोल-डीजल पर महंगाई का बम फोड़ते हुए देशवासियों को झटका दिया था. इंडियन ऑयल से बीपी, एचपी तक ने मई महीने में एक के बाद एक कई बार Petrol-Diesel Price में बढ़ोतरी की थी और इनकी कीमतों में कुल मिलाकर 7.50 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था. इसके पीछे कंपनियों ने मिडिल ईस्ट युद्ध से पैदा हुए तेल संकट से बढ़ती लागत का हवाला दिया था। 

    युद्ध थमने, क्रूड सस्ता होने का असर
    नायारा एनर्जी गुजरात के वाडिनार में हर साल 20 मिलियन टन क्षमता वाली तेल रिफाइनरी संचालित करती है. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह कटौती वेस्ट एशिया में तनाव कम होने और एक अहम समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) के फिर से खुलने के बाद ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के बाद की गई है. समुद्री रास्ते के खुलने से क्रूड ऑयल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है और इससे सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हो गई है।