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  • मोदी-पुतिन-जिनपिंग की ‘त्रिमूर्ति’ ने बटोरी सुर्खियां, BRICS में साथ नजर आए तीनों नेता

    मोदी-पुतिन-जिनपिंग की ‘त्रिमूर्ति’ ने बटोरी सुर्खियां, BRICS में साथ नजर आए तीनों नेता

    नई दिल्ली

    दिल्ली के ब्रिक्स सम्मेलन से एक तस्वीर सामने आई है, जो दुनिया को संदेश देने वाली है. एशिया की तीन महाशक्ति कहे जाने वाले भारत, चीन और रूस के नेता एक तस्वीर में नजर आए हैं. हाथों में हाथ और चेहरे पर मुस्कान वाली इस तस्वीर में पीएम नरेंद्र मोदी बीच में हैं, जबकि उनके बाईं ओर व्लादिमीर पुतिन हैं और दाईं ओर शी जिनपिंग हैं. पीएम मोदी ने दोनों के हाथों को थाम रखा है और तीनों ही एक फ्रेम में मुस्कुराते नजर आ रहे हैं. यह तस्वीर इसलिए अहम है क्योंकि चीन और भारत को लंबे समय से प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखा जाता रहा है. लेकिन पिछले कुछ समय से दोनों देशों के रिश्तों में सुधार आया है। 

    इसके अलावा रूस के साथ भारत के संबंध ऐतिहासिक हैं, लेकिन अमेरिका की शिकायत भी रही है कि भारत उसे ज्यादा तवज्जो क्यों देता है. अब यह तस्वीर भी अमेरिका तक एक संदेश पहुंचाने वाली है. इस तस्वीर की खासियत यह भी है कि एक तरफ रूस दुनिया के बड़े ऊर्जा सप्लायर्स में से एक है तो वहीं चीन और भारत ऊर्जा के सबसे बड़े आयातक देश हैं. पीएम नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं कि 21वीं सदी एशिया की है. अब एशिया की तीन महाशक्तियों के नेता यदि एक साथ नजर आ रहे हैं तो यह बड़ी खबर है. इसके संदेश भी कई हैं और मायने भी निकाले जाएंगे. ब्रिक्स सम्मेलन में चीन, रूस, भारत, साउथ अफ्रीका, ब्राजील समेत कुल 11 बड़े देशों के नेता पहुंचे हैं. वहीं 10 पार्टनर देशों के नेता भी आए हैं। 

    इस तस्वीर को पीएम नरेंद्र मोदी की डिप्लोमेसी के तौर पर भी देखा जा रहा है. वह अकसर भारत से दोस्ती रखने वाले नेताओं को अपनी गर्मजोशी के साथ एक संदेश देने की कोशिश करते हैं. बता दें कि शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स की ताकत की बात की थी और उनका कहना था कि हम दुनिया की 50 फीसदी आबादी हैं और 40 फीसदी जीडीपी यहीं की है. ऐसे में अब ऐसी तस्वीर आने पर अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया होगी. यह देखने वाली बात होगी. इस बीच ब्रिक्स के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है. नई दिल्ली घोषणा पत्र 2026 को सर्व सम्मति से स्वीकार कर लिया गया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद इसका ऐलान किया है और कहा कि नई दिल्ली डिक्लेरेशन पर किसी की कोई आपत्ति नहीं है और सभी ने स्वीकार किया है। 

     

  • ‘सेवा संकल्प अभियान’ PM मोदी के 25 वर्षों की सेवा और जिम्मेदारी के प्रति आभार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ PM मोदी के 25 वर्षों की सेवा और जिम्मेदारी के प्रति आभार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी के सेवा और जिम्मेदारी के 25 वर्षों के प्रति आभार का प्रकटीकरण है सेवा संकल्प अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 17 सितम्बर को आ रहे जन्मदिवस पर उज्जैन स्थित महाकाल महालोक सहित संपूर्ण प्रदेश में 58 लाख आशीर्वाद के दीपक प्रज्जवलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक मोदी ने गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्ग को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है। प्रदेशवासियों द्वारा किया जा रहा है यह दीप प्रज्ज्वलन प्रधानमंत्री मोदी के सेवा और जिम्मेदारी के 25 वर्षों के प्रति आभार का प्रकटीकरण है। वस्तुत: हम ऐसे व्यक्तित्व की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने जीवन को पद नहीं, सेवा का माध्यम माना। प्रधानमंत्री मोदी की सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई यह सेवा यात्रा आज एक ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुंच रही है। इस क्रम में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में सेवा को राजनैतिक संस्कार बनाने के संकल्प के रूप में सेवा संकल्प अभियान का आयोजन किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब कल्याण को शासन संचालन के केन्द्र में रखा

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में गरीब कल्याण को शासन संचालन के केन्द्र में रखा। करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन, करोड़ों परिवारों को आवास, शौचालय, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिला। इससे पहले मोदी गुजरात के लंबे समय तक निर्वाचित मुख्यमंत्री रहे। कृषि, उद्योग और निवेश के साथ शासन में गति और परिणाम पर विशेष ध्यान, उनकी कार्यशैली की पहचान रही।

    भारत बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। जिस भारत को कभी आर्थिक कमजोरी के रूप में देखा जाता था, वही भारत आज विश्व मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को मजबूती मिली है। आतंकवाद और नक्सलवाद के विरूद्ध निर्णायक कार्रवाई की गई है। परिणामस्वरूप देशवासियों के मन में सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना मजबूत हुई है। स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों ने युवाओं को नई दिशा, नई ऊर्जा और नए अवसर प्रदान किए हैं।

    आत्मनिर्भर भारत का संकल्प मजबूत हुआ

    प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आरंभ किए गए स्वच्छ भारत अभियान ने देश में जनभागीदारी की एक नई संस्कृति की रचना की। प्रधानमंत्री आवास योजना ने करोड़ों परिवारों के लिए पक्के घर के आकांक्षा को नई गति दी और जल जीवन मिशन ने घर-घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प को आगे बढ़ाया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में 35 वर्षों के अंतराल के बाद शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी। आयुष्मान भारत ने गरीब परिवारों को गंभीर बीमारी के आर्थिक बोझ से सुरक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से लेकर लाड़ली बहना, लखपति दीदी और नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक महत्वपूर्ण पहल हुई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने विविधीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर भारत का संकल्प मजबूत हुआ है।

    'सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास' को धरातल पर उतार रही राज्य सरकार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी के 'सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास' के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। प्रदेश में 85 हजार से अधिक युवाओं की शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां की गई हैं। आने वाले समय में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प है। प्रदेश में संचालित "लाड़ली बहना" योजना ने महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास और परिवार में उनके निर्णयकारी स्थान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत किए गए नवाचारों के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भू-अर्जन पर बाजार दर पर चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में सिंचाई क्षमता का लगतार विस्तार किया रहा है।

    मध्यप्रदेश एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश लाने वाला देश का तीसरा राज्य बना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता लागू होगी। मध्यप्रदेश नए नियमों के तहत वक्फ बोर्ड का गठन करने वाला देश का पहला राज्य बना है। प्रदेश में लाल सलाम को आखिरी सलाम कह दिया है, यह बड़ी उपलब्धि है। मध्यप्रदेश एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश लाने वाला देश का तीसरा प्रदेश बन गया है। अब तक लगभग 34 लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, बड़ी उपलब्धि यह भी है कि लगभग 15 लाख करोड़ के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। रीवा, दतिया और सतना हवाई अड्डे के लोकार्पण के बाद प्रदेश में हवाई अड्डो की संख्या आठ हो गई है। वर्षों से लंबित केन-बेतवा लिंक परियोजना के भूमि-पूजन और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान और केन्द्र सरकार के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते ने सिंचाई सुविधा के विस्तार के नए द्वार खोले हैं। प्रदेश में दो मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र क्रमश: इंदौर-उज्जैन-देवास-धार और भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा आकार लेने की ओर अग्रसर हैं। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से करने के लक्ष्य पर कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार महाकाल महालोक, ओंकारेश्वर, ओरछा, चित्रकूट, अमरकंटक, सांची और खजुराहो का विकास भारत की सभ्यता और संस्कृति के जीवंत केन्द्रों के रूप में कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव, प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा से प्रेरणा लेते हुए विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सेवा और सुशासन के संकल्प के साथ निरंतर कार्य जारी है।

     

  • CM विष्णु देव साय का बड़ा ऐलान- खिलाड़ियों के लिए बढ़ेंगे संसाधन और अवसर, प्रतिभाओं को मिलेगा पूरा मंच

    CM विष्णु देव साय का बड़ा ऐलान- खिलाड़ियों के लिए बढ़ेंगे संसाधन और अवसर, प्रतिभाओं को मिलेगा पूरा मंच

    खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों और अवसरों की नहीं होगी कमी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    प्रदेश में खेल अधोसंरचना का तेजी से हो रहा विस्तार, रायपुर में 60 करोड़ रुपए की लागत से बन रही आर्चरी अकादमी

    जशपुर के पंडरापाठ में 20–25 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी, वनांचल की प्रतिभाओं को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण

    शासन और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के बीच बेहतर समन्वय के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी को दी जाएगी विशेष जिम्मेदारी

    बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से दूरस्थ अंचलों की प्रतिभाओं को मिल रहा बड़ा मंच, खेल उत्कर्ष मिशन से प्रतिभाओं को तराशने पर जोर

    40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दिलाने के लिए शासन स्तर पर किए जाएंगे प्रयास

    रायपुर 
     छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश के गांवों, वनांचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। आवश्यकता है कि उनकी समय पर पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। प्रदेश में खेल अधोसंरचना का विस्तार करने के साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए संसाधनों और अवसरों की कमी नहीं होने दी जाएगी।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की एग्जीक्यूटिव बॉडी मीटिंग एवं जनरल काउंसिल मीटिंग को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता और पदक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के अनुरूप तैयार करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए खेल अधोसंरचना के विकास के साथ प्रशिक्षण और प्रतिभा चयन की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के विभिन्न खेल संघों को उद्योग समूहों से जोड़ने की पहल में तेजी लाने की बात कही। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अनेक बड़े उद्योग समूह कार्यरत हैं। इन समूहों के सहयोग को खेलों के विकास से जोड़ा जाए तो खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, प्रतियोगिताओं के आयोजन और खेल अधोसंरचना के विस्तार में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने उद्योग जगत और खेल गतिविधियों के बीच बेहतर समन्वय के सकारात्मक परिणामों को करीब से देखा है। यदि अलग-अलग उद्योग समूह विभिन्न खेलों और खेल संघों के साथ जुड़कर सहयोग करें, तो प्रदेश में खेलों के विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने इस दिशा में सुनियोजित ढंग से पहल करने को कहा।
                  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और राज्य शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। खेल संघों से जुड़े विषयों, उनकी आवश्यकताओं और शासन स्तर पर जरूरी प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को विशेष रूप से छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के साथ समन्वय की जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे खेल संघों की आवश्यकताओं और विभिन्न प्रस्तावों पर शासन स्तर पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि खेलों के विकास से जुड़े विषयों का समयबद्ध समाधान हो और खिलाड़ियों को योजनाओं तथा सुविधाओं का पूरा लाभ मिले, इसके लिए शासन और खेल संगठनों के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है।

    रायपुर में 60 करोड़ रुपए की लागत से बन रही आर्चरी अकादमी

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित करने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। रायपुर, रायगढ़ और कुनकुरी में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। रायपुर में लगभग 60 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक आर्चरी अकादमी का निर्माण भी किया जा रहा है। इन सुविधाओं के विकसित होने से प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और अभ्यास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी खेल अधोसंरचना तैयार करने का प्रयास है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ी आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और आवश्यक संसाधनों के साथ अपनी क्षमता को निखार सकें। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।

    पंडरापाठ में बनेगी आर्चरी अकादमी, वनांचल की नैसर्गिक प्रतिभाओं को मिलेगा अवसर

    मुख्यमंत्री साय ने जशपुर अंचल में तीरंदाजी की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के युवाओं में तीरंदाजी की नैसर्गिक प्रतिभा है। विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय में यह खेल जीवन और परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है। इन प्रतिभाओं को आधुनिक प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर बड़े खेल मंचों तक पहुंचाया जा सकता है।

    उन्होंने बताया कि जशपुर के पंडरापाठ में लगभग 20 से 25 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी की स्थापना की जा रही है। अकादमी के माध्यम से जशपुर सहित आसपास के वनांचल के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र में ही आधुनिक प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी। इससे ग्रामीण और जनजातीय अंचलों की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त होगा।

    बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से सामने आ रही नई प्रतिभाएं

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे अंचलों में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर ओलंपिक ने दूरस्थ क्षेत्रों के हजारों युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बड़ा मंच उपलब्ध कराया है। राज्य सरकार बस्तर ओलंपिक का आयोजन प्रत्येक वर्ष करेगी। सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से भी क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे आने के अवसर मिल रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और विकास के नए वातावरण के बीच खेलों को भी नई गति देने का समय है। क्षेत्र के युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि और असाधारण क्षमता है। उन्हें उचित प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं। खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का भी प्रभावी माध्यम हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल उत्कर्ष मिशन के माध्यम से प्रदेश की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ी चाहे किसी बड़े शहर से हो या दूरस्थ गांव और वनांचल से, उसे आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।

    खेल अलंकरण की पुनः शुरुआत से खिलाड़ियों का बढ़ा उत्साह

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों और खिलाड़ियों को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिला है। प्रधानमंत्री खिलाड़ियों से नियमित संवाद करते हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन का उत्साहवर्धन करते हैं। इससे देश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण बना है और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के साथ प्रदेश के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य में खेल अलंकरण समारोह की पुनः शुरुआत की गई है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित और प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें आवश्यक आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। खेल प्रतिभाओं को शासकीय सेवा में अवसर देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

    40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी के लिए प्रयास करेगा छत्तीसगढ़

    बैठक में 40वें नेशनल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में कराने के विषय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ अब बड़े राष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की दिशा में भी गंभीरता से आगे बढ़ने का समय है। 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दिलाने के लिए शासन स्तर पर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिलती है, तो इसके आयोजनों को बस्तर से भी जोड़ने की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है। बस्तर में शांति, विकास और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है। राष्ट्रीय स्तर का बड़ा खेल आयोजन यहां के युवाओं को प्रेरणा देने के साथ देश-दुनिया के सामने बदलते और आगे बढ़ते बस्तर तथा छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर प्रस्तुत करने का अवसर भी बनेगा।

    उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों जैसे बड़े आयोजन से प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास को और गति मिलेगी, स्थानीय खिलाड़ियों को देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों को करीब से देखने और उनसे सीखने का अवसर मिलेगा तथा प्रदेश में खेल संस्कृति व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित होगी।

    वनांचल में तीरंदाजी और मलखम्ब की अपार संभावनाएं : वन मंत्री केदार कश्यप

    वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। खेल अधोसंरचना के निर्माण और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बजट में आवश्यक प्रावधान किए जा रहे हैं। लंबे अंतराल के बाद खेल अलंकरण समारोह आयोजित कर खिलाड़ियों को सम्मानित करने से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं का उत्साह बढ़ा है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के वनांचलों में तीरंदाजी जीवन और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। यहां प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन देने की है। बस्तर के जनजातीय युवा मलखम्ब में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। सामूहिक खेलों के साथ व्यक्तिगत खेलों में भी खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है।

    सांसद विजय बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल गतिविधियों का तेजी से विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों से सीधे संवाद कर उनका उत्साहवर्धन करते हैं। इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है और भारतीय खिलाड़ी दुनिया के विभिन्न खेल मंचों पर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इसी भावना के अनुरूप मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों और खेल अधोसंरचना के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। खेल अलंकरण की पुनः शुरुआत और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में अवसर प्रदान करने जैसे निर्णयों ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया है। उन्होंने खेल संबंधी विषयों में बेहतर समन्वय के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी दिए जाने की पहल का स्वागत किया।

    अन्य जिलों में भी गठित किए जाएंगे जिला ओलंपिक संघ

    छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. विक्रम सिसोदिया ने पिछली एग्जीक्यूटिव बॉडी बैठक का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रदेश में खेलों के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों, संघ की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।

    बैठक में 23 जून को ओलंपिक दिवस के आयोजन, विभिन्न खेल गतिविधियों, नेशनल गेम्स, खेल संघों की आवश्यकताओं और आगामी गतिविधियों के लिए जरूरी बजटीय प्रावधानों पर चर्चा हुई। संघ की आय-व्यय की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। प्रदेश में वर्तमान जिला ओलंपिक संघों के अतिरिक्त अन्य जिलों में भी जिला ओलंपिक संघ गठित करने के लिए समिति बनाए जाने पर सहमति प्रदान की गई। हैंडबॉल एसोसिएशन सहित विभिन्न खेल संघों से जुड़े विषयों तथा प्रदेश में खेल गतिविधियों के विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया।

    बैठक में ओलम्पिक संघ के उपाध्यक्ष विजय बघेल, डॉ. हिमांशु द्विवेदी, शरद शुक्ला, रमेश कुमार श्रीवास्तव और सुनील कुमार अग्रवाल समेत छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के पदाधिकारी, विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधि एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री मांडविया से की मुलाकात, विकास और रोजगार से जुड़े विषयों पर चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री मांडविया से की मुलाकात, विकास और रोजगार से जुड़े विषयों पर चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय श्रम एवं रोज़गार तथा युवा कार्य खेल मंत्री मांडविया से की सौजन्य भेंट

    मध्यप्रदेश के विकास, रोजगार और युवाओं से जुड़े विषयों पर हुई सार्थक चर्चा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया से सौजन्य भेंट की। इस अवसरपर मध्यप्रदेश के विकास, रोजगार सृजन, युवाओं के कौशल विकास तथा प्रदेश में रोजगार के नए अवसरों के विस्तार से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। साथ ही प्रदेश के युवाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने तथा केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सहयोग से रोजगार एवं कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया के बीच युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों के विस्तार, कौशल विकास को बढ़ावा देने तथा केंद्र और राज्य के समन्वय से रोजगारपरक गतिविधियों को गति देने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।

     

  • टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश बढ़ाने पर मंथन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से सार्थक चर्चा

    टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश बढ़ाने पर मंथन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से सार्थक चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से की भेंट

    मध्यप्रदेश में वस्त्र एवं टेक्सटाइल क्षेत्र के विस्तार और निवेश संभावनाओं पर हुई सार्थक चर्चा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से भेंट की। इस दौरान मध्यप्रदेश में वस्त्र एवं टेक्सटाइल क्षेत्र के विस्तार, निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास तथा रोजगार सृजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में वस्त्र उद्योग के लिए उपलब्ध संभावनाओं और राज्य सरकार द्वारा उद्योग एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों से केंद्रीय वस्त्र मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने प्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर को और अधिक गति प्रदान करने तथा इस क्षेत्र में नए निवेश आकर्षित करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।

    इस अवसर पर केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव,मध्यप्रदेश सरकार के आवासीय आयुक्त रश्मि अरुण शमी तथा  केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • युवाओं से बोले सीएम योगी- किताबों से बनाएं अपना बुक बैंक, जीवन को मिलेगी नई दिशा

    युवाओं से बोले सीएम योगी- किताबों से बनाएं अपना बुक बैंक, जीवन को मिलेगी नई दिशा

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर बच्चे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ जरूर पढ़नी और आत्मसात करनी चाहिए। यह कहना अन्याय होगा कि युवा किताब नहीं पढ़ता, जरूरत किताबों को उन तक पहुंचाने की थी। ज्ञान को संकुचित दायरे में सीमित करने के दुष्परिणाम समाज और राष्ट्र, दोनों को भुगतने पड़ते हैं। 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर दिया गया था। यूपी के नौजवान के सामने पहचान का संकट था और नागरिक अपनी पहचान बताने से बचते थे। सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज प्रदेश की तस्वीर बदली है। डिजिटल युग ने शहर और गांव की दूरी को कम किया है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का शुभारंभ करने के उपरांत युवाओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सीएम ने वहां मौजूद बच्चों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ वितरित की।

    उन्होंने कहा कि हर बच्चे को यह पुस्तक पढ़नी और आत्मसात करनी चाहिए। यह केवल स्कूली छात्रों के लिए नहीं, बल्कि हर युवा और नागरिकों के लिए भी उपयोगी है। जीवन में हर व्यक्ति को किसी न किसी परीक्षा से गुजरना पड़ता है। कभी डिग्री के लिए, कभी सर्टिफिकेट कोर्स के लिए और कभी जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में। जब मुश्किल समय में व्यक्ति की हिम्मत जवाब देने लगती है, तब ‘एग्जाम वॉरियर्स’ उसका संबल और मार्गदर्शक बन सकती है। सीएम के हाथों पुस्तक पाने वाले बच्चों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के साथ तस्वीर भी खिंचवाई।

    युवा किताब नहीं पढ़ता, यह कहना अन्याय
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कहना कि युवा पुस्तकों से दूर हो गया या सोशल मीडिया पर अपना समय खराब कर रहा, पूरी तरह सही नहीं। ऐसा कहना युवा के साथ अन्याय होगा। जरूरत पुस्तकों को उसके पास पहुंचाने की व्यवस्था करने की है। जब पहली बार युवराज मलिक ने लखनऊ में पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था, तब मैंने तत्कालीन अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से चर्चा की। इसे प्रोत्साहित करने की बात कही। इसके बाद लखनऊ में पुस्तक महोत्सव शुरू हुआ। इसका जब अच्छा परिणाम मिला तो मैंने गोरखपुर में भी पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का सुझाव दिया। वहां लखनऊ से भी ज्यादा लोग पहुंचे और अधिक पुस्तकों की बिक्री हुई। इससे यह धारणा पूरी तरह गलत साबित हुई कि आज का युवा पुस्तक नहीं पढ़ता।

    पहले संकुचित दायरे में बांधने का प्रयास किया गया
    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति की तरह ही समाज और राष्ट्र भी तब बीमार होता है, जब उसकी क्षमता समाप्त होने लगती है और वह अपनी विरासत से दूरी बनाने लगता है। पहले भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को संकुचित दायरे में बांधने का प्रयास किया गया, जिसके परिणाम सहने पड़े। उत्तर प्रदेश की धरती भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण केंद्र रही है। लखनऊ से करीब 70 किलोमीटर दूर नैमिषारण्य में ऋषियों ने चिंतन और ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाया। काशी ज्ञान और संवाद की भूमि रही है। इसी प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित शुक्रतीर्थ में करीब 5 हजार वर्ष पहले श्रीमद्भागवत महापुराण की पहली कथा के वाचन की परंपरा जुड़ी है।

    पुस्तक मेला ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान का मंच
    सीएम योगी ने कहा कि पुस्तक महोत्सव युवाओं, छात्रों, लेखकों और प्रकाशकों को मंच उपलब्ध कराता है। यहां युवा विभिन्न ज्ञानवर्धक, मनोरंजक और रोचक पुस्तकों को देख सकते हैं, उनके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अगले 9 दिनों तक चलने वाले गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 में पुस्तकों के विमोचन के साथ लेखकों से संवाद और उनकी रचनात्मक यात्रा को समझने का अवसर भी मिलेगा। आत्मकथाओं के माध्यम से महापुरुषों के जीवन संघर्ष को जाना जा सकता है। वैज्ञानिकों के शोध और उनकी यात्राओं को पुस्तकों के माध्यम से समझा जा सकता है। यह रचनात्मकता को आगे बढ़ाने और जीवन में नई दिशा देने का माध्यम बन सकता है।

    ज्ञान को सीमित मत करें, सभी रास्ते खुले रखें
    मुख्यमंत्री ने भारतीय ऋषि परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि ज्ञान को सीमित नहीं किया जाना चाहिए। हमारी परंपरा ज्ञान को चारों ओर से आने देने के लिए द्वार खुले रखने की पक्षधर रही है। केवल स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय जाकर पाठ्यक्रम पढ़ लेना ही व्यक्ति को पूर्ण रूप से ज्ञानवान नहीं बनाता। समाज, देश और दुनिया को समझने के लिए अलग-अलग विषयों और विचारों से परिचित होना जरूरी है। भारत की ज्ञान परंपरा श्रुति और स्मृति से आगे बढ़कर शास्त्रों, पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों और विभिन्न अभिलेखों के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ी। लखनऊ साहित्य की पुरानी भूमि है और यहां से अनेक साहित्यकारों ने अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से देश-समाज को दिशा दी है

    डिजिटल युग ने घटाई गांव-शहर की दूरी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग ने गांव और शहर की दूरी कम करने का काम किया है। उन्होंने ग्राम सचिवालयों का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले ग्राम प्रधान गांव की व्यवस्था अपने घर से संचालित करता था। सरकार ने ग्राम सचिवालय की व्यवस्था विकसित की और उसमें केवल प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी के बैठने की व्यवस्था नहीं की, बल्कि ग्रामीणों के लिए कॉन्फ्रेंस रूम और डिजिटल लाइब्रेरी भी बनाई।

    प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय की व्यवस्था की गई है। इनमें नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। पहले सरकारों ने युवाओं और ग्रामीणों को प्लेटफार्म नहीं दिया, इसके बावजूद प्रतिभा के कम उपयोग के लिए उनके बारे में गलत शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था। सुविधा मिलने पर वही युवा और ग्रामीण अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

    सरकारें जर्जर थीं तो सिस्टम का जर्जर होना स्वाभाविक था
    मुख्यमंत्री ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले इन स्कूलों की स्थिति ऐसी थी कि उनके भवन और व्यवस्थाएं जर्जर नजर आती थीं। जब सरकारें ही जर्जर थीं तो सिस्टम का जर्जर होना स्वाभाविक था। प्रदेश में ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से स्कूलों की तस्वीर बदली गई। भवनों का निर्माण हुआ और स्मार्ट क्लास की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

    चित्रकूट का उदाहरण देते हुए सीएम ने बताया कि जब मैं वहां गया तो स्थिति बेहद खराब थी। एक वर्ष बाद जब मैं दोबारा पहुंचा तो एक विद्यालय में तीसरी कक्षा की छात्रा ने डिजिटल लाइब्रेरी संचालित करके दिखाई और पाठ्यक्रम से संबंधित सामग्री भी प्रदर्शित की। पहले सुविधा नहीं थी, इसलिए बच्ची अपनी क्षमता प्रदर्शित नहीं कर पाती थी। सुविधा मिलने के बाद वही बच्ची आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा दिखा रही थी।

    अपना बुक बैंक बनाएं, सुविधा मिले तो बेहतर उपयोग करें
    मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी जरूरत के अनुसार किताबें खरीदने और पढ़ने की आदत विकसित करें। उन्होंने कहा कि जब भी कोई पुस्तक खरीदने का अवसर मिले तो पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ रचनात्मकता और सकारात्मक सोच विकसित करने वाली पुस्तकों को भी प्राथमिकता दें। अच्छी साहित्यिक कृति, धार्मिक ग्रंथ, किसी महापुरुष की आत्मकथा या वैज्ञानिक के शोध से जुड़ी पुस्तक व्यक्ति को जीवनभर प्रेरणा दे सकती है।

    सीएम ने युवाओं से अपना ‘बुक बैंक’ बनाने की अपील करते हुए कहा कि खाली समय में पुस्तक पढ़ने की आदत जीवन में नई दिशा दे सकती है। कोई भी मंजिल कठिन नहीं है। युवाओं को अपनी राह स्वयं तैयार करनी है और पुस्तक मेले इस राह को बनाने में महत्वपूर्ण प्लेटफार्म साबित हो सकते हैं।

    सरकार नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकों की सबसे बड़ी खरीदार
    मुख्यमंत्री ने गोमती पुस्तक महोत्सव आयोजन के लिए आयोजकों, नेशनल बुक ट्रस्ट व सहयोगी संस्थाओं का आभार जताते हुए कहा कि पुस्तक मेले को केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे प्रदेश के अन्य स्थानों तक व्यापक रूप से ले जाने की जरूरत है।

    उत्तर प्रदेश सरकार इसके लिए पूरा सहयोग करेगी। प्रदेश सरकार नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकों की सबसे बड़ी खरीदार है। गांवों, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पुस्तकालय उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। यह आज की आवश्यकता है और ज्ञान की इस परंपरा को और व्यापक बनाने की जरूरत है।

  • लाड़ली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी! 13 सितंबर को मिलेगी 40वीं किस्त, CM डॉ. यादव करेंगे अंतरित

    लाड़ली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी! 13 सितंबर को मिलेगी 40वीं किस्त, CM डॉ. यादव करेंगे अंतरित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 सितंबर को आगर मालवा से अंतरित करेंगे लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त

    प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में पहुंचेंगे 1,835 करोड़ रुपये

    अब तक 65,395 करोड़ से अधिक का अंतरण
    मुख्यमंत्री 225.95 करोड़ के 33 कार्यों का भूमि-पूजन, 28.14 करोड़ के 17 कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे

    आगर मालवा

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 13 सितंबर को आगर मालवा से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की सितंबर माह की 40वीं किस्त का अंतरण करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार 150 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,835 करोड़ 09 लाख 22 हजार 450 रुपये की मासिक आर्थिक सहायता सीधे अंतरित की जाएगी। सितंबर की किस्त के साथ ही योजना के प्रारंभ से अब तक महिलाओं को नियमित मासिक सहायता के रूप में अंतरित राशि 65,395.99 करोड़ रुपये हो जाएगी।

    1,000 रुपये से शुरू हुई सहायता अब 1,500 रुपये प्रतिमाह

    मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। उस समय पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी। अक्टूबर 2023 से इसमें 250 रुपये की वृद्धि कर सहायता राशि 1,250 रुपये प्रतिमाह की गई। नवंबर 2025 से एक बार फिर 250 रुपये की वृद्धि के बाद पात्र महिला हितग्राहियों को वर्तमान में 1,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

    योजना में ऐसी पात्र लाभार्थी महिलाओं को भी प्रावधान के अनुसार लाभ दिया जा रहा है, जिन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से प्रतिमाह 900 रुपये प्राप्त हो रहे हैं। इस व्यवस्था के तहत उन्हें अंतर की राशि उपलब्ध कराई जा रही है ।

    जून 2023 से अगस्त 2026 तक लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत 39 नियमित मासिक किस्तों का भुगतान किया जा चुका है। अब सितंबर में 40वीं किस्त अंतरित की जाएगी। इसके अतिरिक्त रक्षाबंधन के अवसर पर अगस्त 2023, अगस्त 2024, अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की विशेष आर्थिक सहायता भी दी गई है।

    महिलाओं तक पहुंची 65 हजार करोड़ से अधिक की राशि

    लाड़ली बहना योजना के माध्यम से जून 2023 से अगस्त 2026 तक 63,560.90 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर 2026 तक योजना के अंतर्गत 11,300 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है।वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके अलावा आगर मालवा में 225 करोड़ रुपये से अधिक के कुल 33 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 28 करोड़ से अधिक के17 कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे।

  • मानव अधिकार आयोग का 32वां स्थापना दिवस कल, CM डॉ. यादव करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ

    मानव अधिकार आयोग का 32वां स्थापना दिवस कल, CM डॉ. यादव करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 सितंबर को मानव अधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस कार्यक्रम का करेंगे शुभारंभ

    जनजातीय मानव अधिकारों के संरक्षण और योजनाओं की उन तक पहुंच पर होगा मंथन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार, 13 सितंबर को भोपाल स्थित आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समारोह के मुख्य अतिथि और जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह विशिष्ट अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष (कार्यवाहक) डॉ. अवधेश प्रताप सिंह करेंगे।

    अनुसूचित जनजाति वर्ग के मानव अधिकारों पर होगा विचार-विमर्श

    कार्यक्रम में ‘अनुसूचित जनजाति वर्ग के मानव अधिकारों का संरक्षण एवं शासकीय योजनाओं की उन तक पहुंच’ विषय पर वक्ताओं के उद्बोधन होंगे, साथ ही प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनजातीय कार्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में मिशन कर्मयोगी अंतर्गत साधना सप्ताह में अच्छे प्रदर्शन के लिए जनजातीय कार्य विभाग के उत्कृष्ट अधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

    स्मारिका और डायरी का होगा विमोचन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और आयोजन के अतिथि मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग, भोपाल द्वारा प्रकाशित विषय आधारित ‘स्मारिका’ एवं बहुउपयोगी डायरी का विमोचन करंगे। स्मारिका में विभिन्न लेखकों के विषय आधारित आलेखों के साथ जनजातीय वर्ग के मानव अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की उन तक पहुंच से संबंधित जानकारी शामिल की गई है।

    जनजातीय प्रतिनिधि एवं विद्यार्थी होंगे शामिल

    कार्यक्रम में म.प्र. राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा, आयुक्त तरुण राठी सहित मानव अधिकार आयोग एवं जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, विभागीय हितग्राही, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि और जनजातीय वर्ग के विद्यार्थी उपस्थित रहेंगे।

     

  • PM मोदी के BRICS डिनर में जुटेंगे दिग्गज, जिनपिंग-पुतिन के साथ CM योगी समेत कई मुख्यमंत्री रहेंगे मौजूद

    PM मोदी के BRICS डिनर में जुटेंगे दिग्गज, जिनपिंग-पुतिन के साथ CM योगी समेत कई मुख्यमंत्री रहेंगे मौजूद

    नई दिल्ली

    दिल्ली में इन दिनों दुनिया भर की निगाहें टिकी हैं. मौका है 18वें ब्रिक्स समिट (BRICS Summit 2026) का, जहां अलग-अलग देशों के बड़े नेता और मेहमान जुट रहे हैं. इस सम्मेलन में दुनिया भर के मुद्दों पर गंभीर बातचीत हो रही है, लेकिन कमान सिर्फ मीटिंग रूम तक ही सीमित नहीं है. असली जादू तो होटल के डाइनिंग टेबल और किचन में चल रहा है, जहां खाने के जरिए दिलों को जोड़ने की पूरी तैयारी कर ली गई है. मेनू में नल्ली निहारी से लेकर बादाम पेपर फ्राई और बहुत कुछ खास है। 

    ​राजधानी के मशहूर ताज होटल (Taj Mahal, New Delhi) में इन दिनों गजब की हलचल है. यहां मेहमानों के स्वागत के लिए एक बेहद खास और दिल को छू लेने वाला इंडिया फ्रेंडशिप मेनू तैयार किया गया है. इसे डिजाइन करने वाले हैं होटल के एग्जीक्यूटिव शेफ कौशिक मिश्रा. शेफ और उनकी पूरी टीम ने पिछले 3 से 6 महीनों तक कड़ी मेहनत करके इस मेनू को फाइनल किया है. उनका मकसद सिर्फ खाना परोसना नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति और मेहमानों के दिलों तक अपनापन पहुंचाना है। 

    ​शेफ कौशिक मिश्रा ने बताया कि इस मेनू को तैयार करने से पहले मेहमानों की पसंद और नापसंद का पूरा ध्यान रखा गया है. उन्होंने कहा, यह परंपरा पिछले 48 सालों से चली आ रही है. हमने मेहमानों के लिए कई खास चीजें सोची हैं. इसमें भारत के अपने मसाले, हर्ब और फूलों का इस्तेमाल किया गया है. इसके साथ ही, हमने इंडिया फ्रेंडशिप मेनू बनाया है जो खासतौर पर इन-रूम डाइनिंग के लिए है। 

    मेनू में क्या है खास-
    ​इस खास मेनू में दिल्ली के मशहूर खान-पान के साथ-साथ पूरे देश के बेहतरीन स्वाद को शामिल किया गया है. नल्ली निहारी (Nalli Nihari), बादाम के साथ पेपर फ्राई और कई दूसरे पारंपरिक लजीज व्यंजन शामिल हैं. खास बात यह है कि खाने में भारत के अलग-अलग राज्यों की खुशबू और स्वाद साफ झलकेगा. ​मेहमानों को सिर्फ खाना ही नहीं परोसा जा रहा, बल्कि उन्हें भारत की संस्कृति से रूबरू कराने के लिए कई और अनोखे इंतजाम भी किए गए हैं। 

    शेफ और उनकी टीम ने डेलिगेट्स के देशों के हिसाब से कमल और ऑर्किड जैसे फूलों से प्रेरणा लेकर चॉकलेट, प्रालीन, मिठाइयां और नमकीन तैयार किए हैं. इसके अलावा, भारत का एक खास फूड मैप भी बनाया गया है, जो देश के अलग-अलग राज्यों और राजधानियों के स्थानीय स्नैक्स के बारे में बताता है। 

    इससे विदेशी मेहमान आसानी से समझ पाएंगे कि भारत के किस कोने में क्या खास खाया जाता है. ​इस पूरे तजुर्बे को और खास बनाने के लिए एक कॉन्सेप्ट नोट भी तैयार किया गया है, जिसमें खाने की हर डिश और उसमें इस्तेमाल होने वाली चीजों के महत्व के बारे में विस्तार से लिखा गया है. लेकिन इन सबके बीच सबसे खूबसूरत चीज है वह रेसिपी बुक, जो मेहमानों को तोहफे में दी जाएगी। 

    ​शेफ कौशिक मिश्रा ने बताया कि इस रेसिपी बुक में शेफ की अपनी माताओं की खास रेसिपीज शामिल हैं, जिन्हें मेहमान समिट खत्म होने के बाद अपने साथ अपने देश ले जा सकेंगे. यह एक ऐसा तोहफा है जो कूटनीति के माहौल में एक बेहद निजी और घरेलू अहसास जोड़ देता है। 

    ​ताज होटल की यह किचन इन दिनों सिर्फ चूल्हे और बर्तनों की जगह नहीं, बल्कि भारत की मेहमाननवाज संस्कृति का असली चेहरा बन चुकी है. क्षेत्रीय व्यंजनों के साथ-साथ विदेशी मेहमानों के घरों जैसे स्वाद का यह मेल साबित करता है कि खाना सिर्फ भूख मिटाने का जरिया नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों को करीब लाने का सबसे बेहतरीन और आसान तरीका है। 

     डिनर में दिखेंगे कौन से मुख्यमंत्री आमंत्रित

    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को ही दिल्ली आ गए थे. उनकी पीएम नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय वार्ता हुई थी और दोनों नेताओं ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया था. इस बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी अब दिल्ली पहुंच गए हैं. आज ही यानी शनिवार की शाम को 7:30 बजे एक विशेष भोज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देने वाले हैं. इस भोज में ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्ष और अन्य नेता शामिल रहेंगे. यही नहीं इस रात्रि भोजन में भारत के भी तमाम प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. केंद्र सरकार के मंत्रियों के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी रहेंगे. इनमें योगी आदित्यनाथ का नाम प्रमुख है. भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री दिल्ली पहुंच रहे हैं और वे रात्रिभोज में रहेंगे। 

    अब तक मिली जानकारी के अनुसार यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा इस भोज का हिस्सा बनेंगे. इसके अलावा गुजरात के सीएम भूपेंद्र सिंह पटेल, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी रात्रि भोजन का हिस्सा बनेंगे. गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी दिल्ली पहुंच रहे हैं. इस रात्रि भोज में कई और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. जानकारी मिली है कि पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी भी इसके लिए दिल्ली आ रहे हैं. देश भर के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इसमें न्योता मिला है। 

    आज शाम को होना वाला रात्रि भोज राष्ट्रपति भवन में होगा. इस आयोजन में 160 सदस्यों वाला एक दल सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश करेगा. इस प्रोग्राम में चीन, रूस और ईरान समेत ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी. इस डिनर का मेन्यू दिल्ली के खास शेफों द्वारा तैयार कराया गया है. चीन, रूस, ईरान, सऊदी अरब, इथियोपिया समेत सभी सदस्य देशों की संस्कृति का ख्याल भी खानपान में रखा जा रहा है. व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग जैसे नेताओं के खाने की पसंद का भी इसमें विशेष ख्याल रखा गया है। 

    दूसरा दिन: 13 सितंबर को साझेदार देशों की भी भागीदारी
    शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन कार्यक्रम का दायरा और व्यापक होगा। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के अलावा साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के नेता भी शामिल होंगे। इसके बाद समावेशी वैश्विक विकास से जुड़े मुद्दों पर खुला सत्र आयोजित किया जाएगा।

        सुबह 9:55 बजे: ब्रिक्स देशों, साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के नेताओं का आगमन।
        सुबह 10:35 बजे: नेताओं की आधिकारिक सामूहिक तस्वीर।
        सुबह 10:50 बजे: खुला सत्र शुरू होगा। इसका विषय होगा 'मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी: समावेशी ग्लोबल ग्रोथ के लिए भविष्य को आकार देना'।

    द्विपक्षीय बैठकों पर भी नजर
    दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान औपचारिक कार्यक्रमों के साथ नेताओं के बीच होने वाली अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकों पर भी नजर रहेगी। सम्मेलन के अंत में किसी संयुक्त घोषणा या नए समझौते की घोषणा होती है या नहीं, इस पर भी खास ध्यान रहेगा। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में आयोजित हो रहे इस शिखर सम्मेलन के कार्यक्रम में वैश्विक शासन, बहुपक्षीय सहयोग, लचीलापन, नवाचार और सतत विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई है।

  • गुरुग्राम की तर्ज पर हरियाणा में बनेगी नमो सिटी, दिल्ली-नोएडा और फरीदाबाद से जुड़ेगा नया शहर

    गुरुग्राम की तर्ज पर हरियाणा में बनेगी नमो सिटी, दिल्ली-नोएडा और फरीदाबाद से जुड़ेगा नया शहर

    चंडीगढ़ 

    हरियाणा में गुरुग्राम जैसा नया शहर बसाने की तैयारी हो गई है. कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) किनारे 9 हजार एकड़ में नमो सिटी बसाने का ऐलान हुआ है. दिल्ली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की दो महीने पहले हुई बैठक में जिन चार राज्यों में ऐसे नमो शहर विकसित करने का फैसला हुआ था, उसमें एक यूपी, दिल्ली, राजस्थान के अलावा हरियाणा शामिल था. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे 5000 एकड़ से बढ़ाकर 9 हजार एकड़ करने का फैसला किया है.दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक घटाने के लिए कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के किनारे स्मार्ट नमो सिटी बसाया जाएगा.सरकार ने इन गांवों में जमीनों की मैपिंग और फिर उन्हें चिन्हित करने की तैयारी की है। 

    NCR प्लानिंग बोर्ड के तहत 4 नमो सिटी
    नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) ने क्षेत्रीय योजना 2041 (Regional Plan 2041) के तहत 4 राज्यों में नए नमो शहर बनाने के फैसले में सबसे पहले पहल की है.ये नया शहर पूरी तरह से ग्रीनफील्ड होगा, यानी पूरी टाउनशिप की नए सिरे से प्लानिंग की गई है. केएमपी एक्सप्रेसवे किनारे दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हाई स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी. इसमें व्यापारियों के लिए वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क, कॉर्पोरेट ऑफिस और वॉक टू वर्क के साथ हाउसिंग सोसायटी होंगी। 

    KMP एक्सप्रेसवे के किनारे बसेगा शहर
    केएमपी एक्सप्रेसवे के किनारे जमीनों के दाम पहले से ही आसमान छू रहे हैं. किसानों से भूमि अधिग्रहण या लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत जमीनें लेने की तैयारी है.दिल्ली सरकार ने कृषि भूमि के सर्किल रेट बढ़ाने के बाद हरियाणा के किसान भी अपनी जमीनों के लिए ऊंचे मुआवजे की मांग कर रहे हैं. हरियाणा के सीएम ने जून में दिल्ली के बड़े व्यापारिक संगठनों के साथ अहम बैठक की थी. उन्होंने दिल्ली के चांदनी चौक, सदर बाजार और खारी बावली जैसे भीड़भाड़ वाले थोक बाजारों के कारोबारियों को हरियाणा में आकर बसने का न्योता दिया था.हरियाणा सरकार उन्हें हाईवे कनेक्टिविटी के साथ सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और रियायतें देने का ऑफर दिया। 

    नमो सिटी (KMP) के करीब एक्सप्रेसवे 
    1. कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे 

    कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे या वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे इस नमो सिटी की बैकबोन होगा.136 किमी लंबा यह 6 लेन का एक्सप्रेसवे पूरे दिल्ली को पश्चिम छोर से घेरता है. यह यूपी, दिल्ली और हरियाणा के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी का जरिया बना है। 

    2. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है. केएमपी एक्सप्रेसवे सोहना के पास खलीलपुर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होता है. नमो सिटी से मुंबई, जयपुर, वडोदरा और इंदौर तक आवाजाही आसान होगी। 

    3. डीएनडी-फरीदाबाद-केएमपी एक्सप्रेसवे 
    डीएनडी-फरीदाबाद-केएमपी एक्सप्रेसवे (DND-Faridabad-KMP Expressway) 59 किमी लंबा 6-लेन एक्सप्रेसवे दिल्ली के महारानी बाग (DND Flyway) को फरीदाबाद बाईपास से होते हुए केएमपी (खलीलपुर) से जोड़ता है. इससे नमो सिटी को दिल्ली से मुंबई तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी। 

    4. दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे 
    दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (Delhi-Amritsar-Katra Expressway) एक्सप्रेसवे केएमपी के उत्तरी छोर (निलौठी पॉइंट) से प्रारंभ होता है.पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक तेज आवाजाही देता है। 

     5. फरीदाबाद-जेवर एयरपोर्ट एक्सप्रेसवे 
    फरीदाबाद-जेवर एयरपोर्ट एक्सप्रेसवे भी केएमपी और डीएनडी एक्सप्रेसवे के जंक्शन सेक्टर 65 फरीदाबाद से एक 31 किमी लंबा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे सीधे यूपी के जेवर में बने नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ा है. इससे नमो सिटी से जेवर एयरपोर्ट की दूरी महज 20-25 मिनट रह जाएगी। 

    एनसीआर का दिल बनेगी नमो सिटी
    नमो सिटी की हरियाणा ही नहीं, बल्कि NCR के सभी बड़े इंडस्ट्रियल और आबादी वाले शहरों से सीधी कनेक्टिविटी होगी. केएमपी के जरिये गुरुग्राम और न्यू गुरुग्राम के आईटी हब और आबादी वाले इलाकों तक 15-20 मिनट में पहुंच सकते हैं। 

    मानेसर और सोहना
    मानेसर का विशाल ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग बेल्ट सीधे केएमपी कॉरिडोर पर है. सोहना का लॉजिस्टिक्स और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर नमो सिटी के नजदीक है. फरीदाबाद और बल्लभगढ़ भी डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे के जरिये नमो सिटी से जुड़ेंगे. केएमपी से इन शहरों की दूरी 2 घंटे की जगह 30 मिनट रह जाएगी। 

    दिल्ली, नोएडा से सीधी कनेक्टिविटी
    दिल्ली के ओखला, कालिंदी कुंज, सराय काले खां और नोएडा से केएमपी एक्सप्रेसवे के जरिये नमो सिटी की कनेक्टिविटी होगी. केएमपी के उत्तरी छोर में सोनीपत, कुंडली, बहादुरगढ़ भी आवाजाही आसान होगी. पलवल शहर और आगरा-मथुरा हाईवे (NH-19) तक सीधी पहुंच होगी।

    हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर 
    केएमपी एक्सप्रेसवे के बराबर से 121 किमी लंबे हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के तहत इलेक्ट्रिक पैसेंजर और मालगाड़ी रेलवे लाइन बिछाई जा रही है. यह पलवल से सोनीपत को कनेक्ट करेगी. नमो सिटी के पास मानेसर, सोहना, पंचगांव और बहादुरगढ़ होंगे.माल ढुलाई और यात्रियों की आवाजाही तेज होगी।