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  • MP पुलिस में बड़े स्तर पर तबादले, 127 DSP समेत 10 IPS बदले; मनीष भारद्वाज बने ACP इंदौर

    MP पुलिस में बड़े स्तर पर तबादले, 127 DSP समेत 10 IPS बदले; मनीष भारद्वाज बने ACP इंदौर

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश में रविवार रात पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल किए गए हैं. गृह विभाग ने 10 IPS अधिकारियों और 127 राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों समेत कुल 137 पुलिस अफसरों के ट्रांसफर किए हैं. सभी अधिकारियों को आगामी आदेश तक नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। 

    2023-24 बैच के 10 आईपीएस यहां से वहां
    मध्यप्रदेश में 10 IPS समेत 137 पुलिस अफसरों के तबादला सूची जारी हो गई है. तबादला सूची में 2023 बैच के 4 और 2024 बैच के 6 IPS अधिकारी शामिल हैं. कई अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय से मैदानी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को एक जिले से दूसरे जिले में नई जिम्मेदारी दी गई है। 

    IPS अधिकारियों की नई पदस्थापना
    आईपीएस मनीष भारद्वाज को पुलिस मुख्यालय की साइबर शाखा से हटाकर ACP कोतवाली, नगरीय इंदौर की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं मनोज कुमार को ACP एमपी नगर, नगरीय भोपाल पदस्थ किया गया है. इसके अलावा आलोक कुमार वर्मा को देवास से CSP रीवा की जिम्मेदारी दी गई है. वैभव प्रिया को रतलाम से SDOP नेपानगर, शुभम सिंह ठाकुर को जबलपुर से SDOP गाडरवारा और अमित कुमार को खंडवा से SDOP सिंगरौली पदस्थ किया गया है। 

    प्रमुख आईपीएस अफसरों की नई पदस्थापना

     अधिकारी का नाम    वर्तमान पदस्थापना नई पोस्टिंग
    मनीष भारद्वाज डीएसपी, साइबर पुलिस मुख्यालय, भोपाल सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), कोतवाली, नगरीय इंदौर
    आलोक कुमार वर्मा  सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), देवास नगर पुलिस अधीक्षक (CSP), रीवा
    वैभव प्रिया सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), रतलाम SDOO नेपानगर, बुरहानपुर
    शुभम सिंह ठाकुर सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), जबलपुर SDOO गाडरवारा, नरसिंहपुर
    मनोज कुमार सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), ग्वालियर सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), एमपी नगर, नगरीय भोपाल
    लेखराज मीना सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), छतरपुर SDOP सैलना, रतलाम
    काजल सिंह सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), उज्जैन SDOP खुरई, सागर
    राजीव अग्रवाल सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), रीवा SDOP कुक्षी, धार
    दीपांशु सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), सागर SDOP मनावर, धार
    अमित कुमार सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), खंडवा SDOP सिंगरौली

     

    127 DSP स्तर के अधिकारियों का भी फेरबदल
    IPS अधिकारियों के साथ ही राज्य पुलिस सेवा के 127 अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव किया गया है. इनमें उप पुलिस अधीक्षक (DSP), SDOP, नगर पुलिस अधीक्षक (CSP), सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) और सहायक सेनानी स्तर के अधिकारी शामिल हैं. तबादला सूची में कई ऐसे अधिकारी भी हैं, जिन्हें पुलिस मुख्यालय से मैदानी जिम्मेदारियां दी गई हैं. वहीं अलग-अलग जिलों में तैनात SDOP और नगर पुलिस अधीक्षकों को भी दूसरी जगह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

       सूची में प्रशिक्षु DSP और कार्यवाहक DSP स्तर के अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं. बड़े स्तर पर हुए इस फेरबदल के बाद प्रदेश के कई जिलों और नगरीय पुलिस क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल गई हैं। 

    2024 बैच के इन आईपीएस के तबादले
    2024 बैच के IPS अधिकारियों में लेखराज मीना को सहायक पुलिस अधीक्षक छतरपुर से एसडीओपी सैलाना, काजल सिंह को सहायक पुलिस अधीक्षक उज्जैन से एसडीओपी खुरई (सागर) पदस्थ किया गया है।

    वहीं राजीव अग्रवाल को सहायक पुलिस अधीक्षक रीवा से एसडीओपी कुक्षी (धार), दीपांशु को सहायक पुलिस अधीक्षक सागर से एसडीओपी मनावर (धार) और अमित कुमार को सहायक पुलिस अधीक्षक खंडवा से एसडीओपी सिंगरौली भेजा गया है।

    127 राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों के भी तबादले
    IPS अधिकारियों के साथ राज्य पुलिस सेवा के 127 अधिकारियों की पदस्थापना में भी बदलाव किया गया है। इनमें पुलिस मुख्यालय, जिलों और नगरीय पुलिस इकाइयों में विभिन्न पदों पर तैनात अधिकारी शामिल हैं। इसी क्रम में रजनीश काश्यप को सहायक पुलिस आयुक्त मिसरोद से स्थानांतरित कर उप पुलिस अधीक्षक, पुलिस मुख्यालय पदस्थ किया गया है।

     

  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर हर बच्चे तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

    गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर हर बच्चे तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

    रायपुर : जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है शिक्षा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    शिक्षक बच्चों का भविष्य गढ़ते हैं और उनके माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं: मुख्यमंत्री साय

    गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर हर बच्चे तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

    जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, 81 सेवानिवृत्त शिक्षक और 42 मेधावी विद्यार्थी हुए सम्मानित

    मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा शहर में गौरव पथ निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए और ग्राम तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन निर्माण की घोषणा की

    रायपुर

    शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा आवश्यक है और इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व को गढ़ते हैं, उन्हें संस्कार और सही दिशा देते हैं तथा उनके माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

    जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है शिक्षा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

        मुख्यमंत्री साय ने समारोह में जिले के 81 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर बोर्ड एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के 42 मेधावी छात्र-छात्राओं को भी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से गोल्ड मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है शिक्षा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

        मुख्यमंत्री ने सम्मानित शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे देश में गुरु के सम्मान की गौरवशाली परंपरा रही है। शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और संस्कारों से पीढि़यों का निर्माण करते हैं। एक शिक्षक द्वारा दी गई शिक्षा का प्रभाव केवल एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, समाज और आने वाली पीढि़यों तक पहुंचता है। इसीलिए शिक्षक को राष्ट्र निर्माता कहा गया है।

        मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा ज्ञान का वह प्रकाश है, जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है। शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने के साथ उसमें आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है। शिक्षित और संस्कारित नागरिक ही सशक्त समाज तथा विकसित राष्ट्र का निर्माण करते हैं।

        उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ज्ञान और शिक्षा की भूमि रहा है। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध शिक्षा केंद्रों में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी ज्ञान अर्जित करने आते थे। हमारी यह समृद्ध ज्ञान परंपरा आज भी हमें प्रेरणा देती है। बदलते समय और नई तकनीकों के दौर में शिक्षा के स्वरूप में भी तेजी से बदलाव आ रहा है। ऐसे में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।

    हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर देना हमारा संकल्प

        मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में पीछे न रहे। गांव हो या शहर, गरीब हो या संपन्न परिवार – हर बच्चे को अपनी प्रतिभा निखारने, अच्छी शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को साकार करने के समान अवसर मिलें।

        उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए आईआईटी, आईआईएम, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाएं स्थापित हैं। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए अवसर सृजित हुए हैं।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को बेहतर वातावरण और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए नालंदा परिसर जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यहां विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर लाइब्रेरी, स्टडी मटेरियल और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नई दिल्ली में भी छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

        उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभावान विद्यार्थी की शिक्षा और उसके सपनों के रास्ते में बाधा न बनें, इसके लिए राज्य सरकार छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान कर रही है। हमारा उद्देश्य केवल शिक्षित युवा तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे आत्मविश्वासी, कुशल और सक्षम युवा तैयार करना है जो विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

    बेमेतरा को गौरव पथ और विद्युत सब-स्टेशन की सौगात

        मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बेमेतरा जिले के विकास के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बेमेतरा शहर में गौरव पथ के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने तथा ग्राम पंचायत तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण की घोषणा की।

        मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा के साथ-साथ सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शहरों और गांवों में बेहतर अधोसंरचना का निर्माण विकास की गति को तेज करने के साथ नागरिकों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाएगा।

    “मोर गांव मोर पानी” अभियान के उल्लेखनीय कार्यों का हुआ सम्मान

        समारोह में “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं भू-जल स्तर में सुधार के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों को भी सम्मानित किया गया। बेमेतरा जिले को क्रिटिकल जोन से सेमी-क्रिटिकल जोन की दिशा में लाने के लिए किए गए प्रयासों के लिए जनपद पंचायत बेमेतरा, बेरला एवं नवागढ़ को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

        मुख्यमंत्री साय ने जल संरक्षण को भविष्य की पीढि़यों से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। शासन के प्रयासों के साथ जनभागीदारी जुड़ने पर बड़े बदलाव संभव होते हैं। उन्होंने जल संरक्षण के क्षेत्र में जिले में किए गए प्रयासों की सराहना की।

        समारोह में प्रबुद्ध नागरिकों एवं समाजसेवी संस्थाओं द्वारा प्रकाशित “शिक्षक स्मृति” पत्रिका का भी विमोचन किया गया।

    जनकल्याण और सुशासन के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव

        मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ गरीब, किसान, महिला और युवा सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के पक्के आवास का सपना पूरा किया जा रहा है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है। वहीं तकनीक के उपयोग से शासन की सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिक-केंद्रित बनाया जा रहा है।

        उन्होंने कहा कि अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, सेवा सेतु और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी पहलों के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सरलता और समयबद्धता के साथ पहुंचे।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कुशल युवा शक्ति तथा सशक्त गांवों और शहरों से तैयार होगी।

        मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से 17 सितंबर की शाम अपने घरों में एक दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, विकास और जनकल्याण के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।

    शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माता: उप मुख्यमंत्री अरुण साव

        उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु का स्थान सदैव सर्वाेपरि रहा है। शिक्षक अज्ञानता के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और नई पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करते हैं। शिक्षक केवल विद्यार्थी का ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं।

        उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षकों का ज्ञान, अनुभव और मार्गदर्शन आने वाली पीढि़यों के लिए अमूल्य धरोहर है।

    शिक्षा के साथ संस्कार भी आवश्यक: मंत्री दयाल दास बघेल

        खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की शक्ति पैदा करती है। शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ उन्हें संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक दीपक की तरह ज्ञान का प्रकाश फैलाकर बच्चों का भविष्य संवारते हैं।

    मंत्री बघेल ने सम्मानित सभी शिक्षकों एवं मेधावी विद्यार्थियों को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

        इस अवसर पर विधायक दीपेश साहू, विधायक ईश्वर साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष स्वामी राजीव लोचन दास, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, कलेक्टर सुप्रतिष्ठा ममगाईं, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • निकाय चुनाव में राजस्थान में भाजपा का परचम, 1502 सीटों पर जीत; कांग्रेस से सीधा मुकाबला

    निकाय चुनाव में राजस्थान में भाजपा का परचम, 1502 सीटों पर जीत; कांग्रेस से सीधा मुकाबला

    जयपुर 

    राजस्थान में नगर निकाय चुनावों के नतीजे सामने आने लगे हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने 309 नगरीय निकायों (नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका) के लिए दो चरणों में निकाय चुनाव कराए थे. अब इनके नतीजों का ऐलान होने लगा है जिसमें बीजेपी बढ़त बनाती दिख रही है। 

    9 सितंबर 2026 को पहले चरण के चुनाव कराए गए थे. इस दौरान 162 निकायों के लिए मतदान हुआ था. इसके बाद 11 सितंबर 2026 को दूसरे चरण में 147 निकायों के लिए मतदान कराए गए. इस चरण में जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और बीकानेर जैसे राज्य के प्रमुख नगर निगम शामिल थे। 

    दोनों चरणों को मिलाकर कुल 10,167 वार्डों के लिए वोट डाले गए. अब सोमवार को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो गई है. चुनावी नतीजे घोषित होने के बाद 21 सितंबर 2026 को महापौर (मेयर), नगर परिषद सभापति और नगरपालिका चेयरमैन पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। 

    नगर परिषद और नगर पालिका में बीजेपी ही आगे
    राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के ताजा रुझानों में नगर परिषद और नगर पालिका दोनों ही स्तरों पर बीजेपी बढ़त बनाए हुए है. नगर परिषद की 47 सीटों में से बीजेपी 15 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 14 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. इसके अलावा 6 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी आगे हैं. नगर पालिका की 252 सीटों के रुझानों में बीजेपी 79 सीटों पर बढ़त के साथ सबसे आगे है. वहीं कांग्रेस 51 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि 9 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने बढ़त बनाई हुई है। 

     'आने वाला बोर्ड कांग्रेस पार्टी का ही बनेगा'
    अजमेर में कांग्रेस उम्मीदवार नोरत गुर्जर ने अपनी जीत के बाद जनता का आभार जताया. उन्होंने कहा, 'उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं. जनता ने इस बार बदलाव चुना है. आने वाला बोर्ड कांग्रेस पार्टी का ही बनेगा. लोग सालों से परेशान थे, लेकिन अब बदलाव पक्का है. मैं अपने इलाके के लोगों का भी शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने लगातार चौथी बार मुझ पर अपना अपार आशीर्वाद दिया। 

     1502 सीटों पर BJP का जलवा
    राजस्थान नगर निकाय के 3657 सीटों के नतीजे घोषित हो गए हैं. इनमें से 1502 सीटों पर BJP, 1397 सीटों पर कांग्रेस और 725 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। 

     10 नगर निगमों के नतीजे जारी
    राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के ताजा नतीजों के रुझानों में राज्य के 10 नगर निगमों में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है. अब तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक 5 नगर निगमों में बीजेपी आगे चल रही है, जबकि 4 नगर निगमों में कांग्रेस ने बढ़त बनाई हुई है। 

    10 नगर निगमों का हाल
    जयपुर: बीजेपी 65 और कांग्रेस 43 सीटों पर आगे चल रही है.
    अजमेर: कांग्रेस को 23 और बीजेपी को 20 सीटें मिली हैं.
    जोधपुर: कांग्रेस 22 और बीजेपी 16 सीटों पर आगे है.
    पाली:
    कांग्रेस 22 और बीजेपी 18 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.
    बीकानेर: कांग्रेस 5 और बीजेपी 2 सीटों पर आगे है.
    उदयपुर: बीजेपी 14 और कांग्रेस 7 सीटों पर आगे है.
    कोटा: बीजेपी 14 और कांग्रेस 5 सीटों पर आगे है.
    अलवर: बीजेपी 11 और कांग्रेस 8 सीटों पर आगे है.
    भीलवाड़ा: बीजेपी 10 और कांग्रेस 3 सीटों पर आगे है.
    भरतपुर: बीजेपी 7 और कांग्रेस 3 सीटों पर आगे है, जबकि 18 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी आगे चल रहे हैं.

    राजस्थान नगर निकाय चुनाव में भाजपा की भारी जीत हुई है। शहरी स्थानीय निकाय की जिन 309 सीटों के नतीजे घोषित किए गए हैं उनमें से भाजपा ने 163 सीटें, कांग्रेस ने 103 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 43 सीटें जीती हैं।

    इस चुनाव में 38,889 उम्मीदवार मैदान में थे। 10 नगर निगमों, 47 नगर परिषदों और 252 नगर पालिकाओं में गवर्निंग बोर्ड बनाने का रास्ता साफ हो गया है। वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हुई।
    स्थानीय निकायों के हिसाब से स्थिति

    नगर निगम (10): भाजपा 5 में, कांग्रेस 4 में और अन्य 1 में आगे हैं।

    नगर परिषद (47): भाजपा 15 में, कांग्रेस 15 में और अन्य 5 में आगे हैं, जबकि 2 में किसी को बहुमत नहीं मिला है। 10 के नतीजों का इंतजार है।

    नगर पालिकाएं (252): भाजपा 76 में, कांग्रेस 49 में और अन्य 11 में आगे हैं, जबकि 13 में किसी को बहुमत नहीं मिला है। 103 के नतीजों का इंतजार है।
    अजमेर नगर निगम: भाजपा ने 9 वार्ड जीते, कांग्रेस को 6 मिले

    राजस्थान के निकाय चुनावों में वोटों की गिनती जारी है। इस बीच अजमेर नगर निगम में भाजपा ने नौ वार्ड जीते हैं, जबकि कांग्रेस ने छह वार्डों में जीत हासिल की है।

    भीलवाड़ा नगर निगम: भाजपा ने 10 वार्ड जीते

    भाजपा ने भीलवाड़ा नगर निगम में 10 वार्ड जीते हैं, जबकि कांग्रेस ने दो वार्डों में जीत हासिल की है।
    जयपुर नगर निगम: भाजपा ने 17 वार्ड जीते

    जयपुर नगर निगम में भाजपा ने 17 वार्ड जीते हैं, जबकि कांग्रेस ने छह वार्डों में जीत हासिल की है।
    झालावाड़ नगर परिषद: कांग्रेस ने वसुंधरा राजे के गढ़ में बड़ी जीत हासिल की

    कांग्रेस ने राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गढ़, झालावाड़ नगर परिषद में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और 45 में से 29 वार्डों पर जीत दर्ज की है। बीजेपी ने 13 वार्ड जीते, जबकि दो निर्दलीय और एक आप उम्मीदवार भी विजयी रहे।

     

    दो चरणों में हुए थे चुनाव

    चुनाव 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में हुए और पूरे राज्य में वोटों की गिनती एक साथ की गई। दोनों चरणों में कुल 73.56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के मतदान प्रतिशत से तीन प्रतिशत से भी ज्यादा है। इन चुनावों में प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के साथ-साथ बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल थे।
    किस पार्टी के कितने उम्मीदवार

    बीजेपी ने 9,290 उम्मीदवार उतारे, जबकि कांग्रेस ने 9,027 उम्मीदवार खड़े किए। निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या 18,732 थी। मैदान में मौजूद अन्य पार्टियों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के 948, आम आदमी पार्टी (आप) के 311, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के 298, सीपीआई (एम) के 185 और भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के 98 उम्मीदवार शामिल थे।
    बीजेपी और कांग्रेस के लिए नतीजे क्यों अहम हैं?

    यह मुकाबला मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के लिए खास तौर पर अहम है। 2023 के विधानसभा चुनाव में सत्ता में आने के बाद पार्टी शहरी राजस्थान में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है।

    कांग्रेस के लिए ये निकाय चुनाव यह दिखाने का मौका है कि विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद राज्य में उसका संगठनात्मक आधार मजबूत बना हुआ है। नतीजों से राजस्थान के शहरी इलाकों में वोटरों के मूड और वार्ड स्तर पर दोनों मुख्य पार्टियों की ताकत का भी शुरुआती संकेत देखने को मिला।

  • BRICS समिट में PM मोदी की धाक, तीन दिन में 15 देशों से की बड़ी द्विपक्षीय बैठकें

    BRICS समिट में PM मोदी की धाक, तीन दिन में 15 देशों से की बड़ी द्विपक्षीय बैठकें

    नई दिल्ली
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स समिट से इतर तीन दिनों में देश और सरकार के प्रमुखों के साथ 15 द्विपक्षीय बैठकें कीं, इसके अलावा दुनिया के नेताओं और इंटरनेशनल संस्थाओं के नेताओं के साथ कई अलग-अलग बातचीत भी की।

    मीडिआ रिपोर्ट के मुताबिक, बिजी डिप्लोमैटिक शेड्यूल में पीएम मोदी रूस, चीन, ईरान, अफ्रीका, साउथ-ईस्ट एशिया, गल्फ और दूसरे इलाकों के नेताओं के साथ सीधे जुड़े। चर्चाओं में बाइलेटरल रिश्ते, ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, कनेक्टिविटी, जरूरी मिनरल्स और बड़े रीजनल और ग्लोबल डेवलेपमेंट शामिल थे।

    यह मीटिंग तब हुई जब भारत 2026 में अपनी अध्यक्षता में ब्रिक्स समिट होस्ट कर रहा था, जिसमें अलग-अलग जियोपॉलिटीकल पोजीशन वाले देशों को एक साथ लाया गया।

    बाइलेटरल मीटिंग्स ने नई दिल्ली को समिट के बड़े एजेंडा के साथ-साथ अपनी स्ट्रेटेजिक और इकोनॉमिक प्रायोरिटीज को आगे बढ़ाने का मौका दिया।

    पहला दिन: पुतिन, पेजेशकियन और UN चीफ
    11 सितंबर को, PM मोदी ने रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन और ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन के साथ अलग-अलग मीटिंग कीं। मोदी-पुतिन मीटिंग में इंडिया-रूस स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप पर फोकस था, जिसमें दोनों नेताओं ने डिफेंस, एनर्जी, ट्रेड, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, जरूरी मिनरल्स और सिविल न्यूक्लियर एनर्जी में कोऑपरेशन का रिव्यू किया।

    उन्होंने रूस-यूक्रेन झगड़े, वेस्ट एशिया के हालात और समुद्री ट्रेड और इंडियन सीफेयरर्स की सेफ्टी पर उनके असर पर भी चर्चा की।

    पीएम मोदी ने ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन से भी मुलाकात की, जिसमें इंडिया-ईरान रिलेशन, ब्रिक्स कोऑपरेशन और वेस्ट एशिया में डेवलपमेंट पर चर्चा हुई। PM मोदी ने बातचीत और डिप्लोमेसी के लिए इंडिया का सपोर्ट दोहराया और इस इलाके में लंबे समय तक चलने वाली शांति और स्टेबिलिटी की इंपॉर्टेंस पर जोर दिया।

    उसी दिन, PM मोदी ने UN सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की, जिससे उनके डिप्लोमैटिक एंगेजमेंट में एक मल्टीलेटरल डायमेंशन जुड़ गया।

    दूसरा दिन: शी के साथ मीटिंग
    12 सितंबर को, PM मोदी ने इथियोपिया के प्राइम मिनिस्टर अबी अहमद अली, मलेशिया के प्राइम मिनिस्टर अनवर इब्राहिम, UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, वियतनामी लीडरशिप और चीनी प्रेसिडेंट शी जिनपिंग के साथ बाइलेटरल मीटिंग की।

    शी के साथ मीटिंग समिट की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली मीटिंग्स में से एक थी। दोनों लीडर्स ने इंडिया-चाइना रिलेशनशिप, बाउंड्री क्वेश्चन, बॉर्डर पर शांति, इकोनॉमिक और ट्रेड रिलेशन, सप्लाई चेन और पीपल-टू-पीपल एक्सचेंज पर चर्चा की।

    PM मोदी ने जोर दिया कि मतभेद विवाद नहीं बनने चाहिए और बाइलेटरल रिलेशन को गाइड करने में आपसी सम्मान, सेंसिटिविटी और इंटरेस्ट के महत्व को अंडरलाइन किया। मलेशिया के प्राइम मिनिस्टर अनवर इब्राहिम के साथ मीटिंग में ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, डिफेंस, सेमीकंडक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी और फिनटेक जैसे एरिया शामिल थे।

    इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ PM मोदी की मीटिंग में बाइलेटरल कोऑपरेशन को मज़बूत करने और अफ्रीका के साथ भारत के जुड़ाव पर फोकस रहा।

    उन्होंने UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ भी बातचीत की, जिसमें भारत-UAE स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप और डिफेंस, टेक्नोलॉजी, एनर्जी, जरूरी मिनरल्स और कनेक्टिविटी जैसे एरिया में सहयोग पर चर्चा हुई।

    तीसरा दिन: अफ्रीका, सेंट्रल एशिया और साउथ-ईस्ट एशिया
    13 सितंबर को, PM मोदी ने साउथ अफ्रीका के प्रेसिडेंट सिरिल रामफोसा, कजाख प्रेसिडेंट कसीम-जोमार्ट टोकायेव, फिलीपींस के प्रेसिडेंट फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर, मिस्र के प्रेसिडेंट अब्देल फत्ताह अल-सिसी और बुरुंडी के प्रेसिडेंट एवरिस्टे नदायिशिमिये के साथ बाइलेटरल मीटिंग कीं।

    बाइलेटरल मीटिंग के शेड्यूल के मुताबिक, उन्होंने युगांडा और नाइजीरिया की लीडरशिप के साथ भी मीटिंग की। इन मीटिंग्स ने अफ्रीका, सेंट्रल एशिया और साउथ-ईस्ट एशिया में भारत की डिप्लोमैटिक पहुंच को बढ़ाया, जिसमें बाइलेटरल पार्टनरशिप को मज़बूत करने और आपसी फायदे वाले एरिया में सहयोग बढ़ाने पर फोकस रहा।

    साउथ अफ्रीका के प्रेसिडेंट सिरिल रामफोसा के साथ बातचीत ब्रिक्स ग्रुप के लिए खास तौर पर जरूरी थी, क्योंकि साउथ अफ्रीका इस बड़े ब्लॉक के फाउंडिंग मेंबर्स में से एक है और ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने में भारत का एक जरूरी पार्टनर है।

    मिस्र और बुरुंडी के साथ मीटिंग्स ने अफ्रीकी पार्टनर्स के साथ भारत के जुड़ाव को और मजबूत किया, जबकि कजाकिस्तान के साथ बातचीत ने सेंट्रल एशिया में भारत की पहुंच को बढ़ाया।

    मलेशिया के साथ उनकी पिछली मीटिंग के साथ-साथ फिलीपींस की बातचीत ने PM मोदी के डिप्लोमैटिक शेड्यूल में एक और जरूरी साउथईस्ट एशियाई पहलू जोड़ा।

    फॉर्मल समिट एजेंडा से आगे बाइलेटरल मीटिंग्स
    15 फॉर्मल मीटिंग्स के साथ-साथ दूसरे विजिटिंग लीडर्स और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशन्स के रिप्रेजेंटेटिव्स के साथ कई छोटी बातचीत भी हुईं। इस कूटनीतिक गतिविधि से पता चलता है कि भारत ने अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान द्विपक्षीय बातचीत को कितना महत्व दिया।

    जहां इस समिट ने बढ़े हुए ग्रुप के बीच सामूहिक चर्चा के लिए एक मंच दिया, वहीं अलग से हुई मुलाकातों ने पीएम मोदी को अलग-अलग नेताओं के साथ संबंधित देशों की खास प्राथमिकताओं पर सीधे बातचीत करने का मौका भी दिया।

    ये बैठकें ऐसे समय में हुईं जब भू-राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल था। पश्चिम एशिया और यूक्रेन में चल रहे संघर्षों का असर ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और ग्लोबल सप्लाई चेन पर पड़ रहा था।

    इसलिए, 15 द्विपक्षीय बैठकों और उनके अलावा हुई अनौपचारिक मुलाकातों ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान पीएम मोदी की कूटनीतिक कोशिशों में एक अहम भूमिका निभाई।

  • हरमनप्रीत कौर पर BCCI ने लिया बड़ा फैसला, नकवी के सामने नहीं झुका बोर्ड; दोहराया एशिया कप वाला रुख

    हरमनप्रीत कौर पर BCCI ने लिया बड़ा फैसला, नकवी के सामने नहीं झुका बोर्ड; दोहराया एशिया कप वाला रुख

     दुबई
    भारतीय टीम ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर महिला एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया, लेकिन चैम्पियन बनने के बाद भी हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम इंडिया को ट्रॉफी नहीं मिल सकी. रविवार (13 सितंबर) को दुबई के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में फाइनल खत्म होने के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में ट्रॉफी को लेकर गतिरोध पैदा हो गया। 

    खिताबी मुकाबला खत्म होने से कुछ देर पहले एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACB) के मौजूदा चेयरमैन और PCB (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) प्रमुख मोहसिन नकवी स्टेडियम पहुंचे. नकवी विजेता भारतीय टीम को ट्रॉफी खुद सौंपना चाहते थे. लेकिन भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की ओर से इस पर सहमति नहीं बनी. इसके बाद पुरस्कार वितरण समारोह में देरी हुई और पर्दे के पीछे दोनों पक्षों के बीच बातचीत चली. भारतीय पक्ष ने एसीसी के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी से ट्रॉफी दिलाने का विकल्प रखा था, लेकिन यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं हुआ। 

    आखिर में मोहसिन नकवी ने श्रीलंकाई टीम को रनरअप चेक सौंपा. उनके साथ खालिद अल जरूनी, श्रीलंका क्रिकेट ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के प्रमुख एरान विक्रमरत्ने, एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के महासचिव मुबाशिर उस्मानी और टाइटल स्पॉन्सर DP World की प्रतिनिधि मंच पर मौजूद थीं. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला स्टेडियम में थे, लेकिन उन्होंने मंच साझा नहीं किया. दोनों ने मैदान पर भारतीय टीम से मुलाकात की. भारतीय टीम को विजेता ट्रॉफी और मेडल्स दिए बिना ही पुरस्कार वितरण समारोह खत्म हो गया। 

    2025 में भी इसी मैदान पर हुआ था 'तमाशा'
    इस मामले ने सितंबर 2025 के मेन्स एशिया कप की यादें ताजा कर दीं. तब सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में ही पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था, लेकिन ट्रॉफी सौंपने को लेकर इसी तरह का गतिरोध सामने आया था. उस समय भी मोहसिन नकवी एसीसी प्रमुख थे और भारतीय टीम ने उनके हाथों ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था. करीब एक साल बाद महिला एशिया कप में भी बीसीसीआई ने अपने रुख में बदलाव नहीं किया। 

    भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार से जब इस घटनाक्रम पर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ किया कि टीम बीसीसीआई के रुख के साथ है. उन्होंने कहा कि भारत के लिए टूर्नामेंट खत्म हो चुका है और टीम इस बात पर गर्व कर रही है कि उसने एशिया कप जीता. उन्होंने यह भी कहा कि स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर भारत को चैम्पियन दिखाया गया था. मजूमदार ने दोहराया कि अब टीम का ध्यान अगले बड़े लक्ष्य यानी एशियन गेम्स पर है। 

    हम अपना स्टैंड नहीं बदल सकते
     बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने विस्ता
    र से बताया है कि भारतीय टीम ने यह फैसला क्यों लिया और आखिर बीसीसीआई की मांग क्या थी. देवजीत सैकिया ने स्पोर्ट्स टुडे से बात करते हुए सबसे पहले भारतीय महिला टीम के शानदार प्रदर्शन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि श्रीलंका को फाइनल में 72 रनax से हराने वाली टीम पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन रही. भारत ने पाकिस्तान को भी 55 रनों पर ऑलआउट कर एकतरफा जीत दर्ज की थी. सैकिया ने कहा कि सेमीफाइनल और फाइनल समेत पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा. उन्होंने कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि अब टीम की नजर एशियन गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने पर है। 

    ट्रॉफी विवाद पर देवजीत सैकिया ने कहा कि भारतीय टीम का फैसला देश के लोगों की भावनाओं और पिछले साल मेन्स टीम द्वारा लिए गए रुख को ध्यान में रखकर किया गया. उन्होंने कहा कि भारत बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हर औपचारिकता को स्वीकार करना जरूरी है। 

    उन्होंने साफ कहा कि कुछ लोगों से ट्रॉफी स्वीकार करना मौजूदा परिस्थितियों में भारत के लिए स्वीकार्य नहीं है. देवजीत सैकिया ने यह भी याद दिलाया कि करीब एक साल पहले पुरुष एशिया कप जीतने के बाद भी भारतीय टीम को ट्रॉफी नहीं मिली थी और बीसीसीआई अब तक उस ट्रॉफी को वापस पाने की कोशिश कर रहा है. उनके मुताबिक, जब मेन्स टीम के मामले में बोर्ड अपना रुख नहीं बदल रहा है तो महिला टीम के मामले में भी उससे अलग फैसला लेना संभव नहीं था। 

     'ट्रॉफी चोर' के नारों से गूंजा दुबई का मैदान

    दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार विमेंस एशिया कप का खिताब अपने नाम किया. भारतीय टीम की जीत के बाद पुरस्कार समारोह के दौरान ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने पिछले साल के विवाद की यादें ताजा कर दीं। 

    फाइनल खत्म होने के बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी प्रेजेंटेशन स्टेज पर मौजूद थे. हालांकि, भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम नकवी से ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं आई. नकवी ने श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को रनरअप चेक सौंपा और इसके बाद स्टेडियम से निकल गए। 

    पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी जब दुबई इंटरनेशन क्रिकेट स्टेडियम से बाहर निकल रहे थे, तभी दर्शकों की तरफ से 'ट्रॉफी चोर, ट्रॉफी चोर' के नारे सुनाई दिए. यह वही नारा है, जो 2025 के मेन्स एशिया कप फाइनल के बाद हुए ट्रॉफी विवाद के दौरान नकवी को लेकर चर्चा में आया था। 

  • योगी बोले- पहले एक व्यक्ति और एक परिवार के फैसलों का दंश झेलता था पूरा उत्तर प्रदेश

    योगी बोले- पहले एक व्यक्ति और एक परिवार के फैसलों का दंश झेलता था पूरा उत्तर प्रदेश

    एक व्यक्ति और एक परिवार की गलती की कीमत चुकाता था पूरा उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री योगी
     
    डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के छठे स्थापना दिवस समारोह को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित
     
    बोले मुख्यमंत्री- साढ़े नौ वर्ष में 9.5 लाख युवाओं को दी सरकारी नौकरी, नियुक्ति प्रक्रिया पर कोई नहीं उठा सकता उंगली
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंग प्रत्यारोपण यूनिट समेत अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का किया लोकार्पण, जल्द शुरू होगा बोन मैरो ट्रांसप्लांट
     
    प्रदेश में 41 से बढ़कर 85 हुए मेडिकल कॉलेज, एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 के पार
     
    संस्थान में 1,010 बेड का नया अस्पताल और 350 बेड का ट्रॉमा सेंटर बनाने की तैयारी

    टेलीमेडिसिन दूर-दराज के क्षेत्रों में चिकित्सकों की कमी पूरा कर सकती है, टेलीकंसल्टेशन को तेजी से बढ़ाने की जरूरत
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गलती एक व्यक्ति करता है, लेकिन उसकी कीमत पूरे संस्थान को चुकानी पड़ती है। ठीक वैसे ही एक व्यक्ति और एक परिवार की गलती की कीमत उत्तर प्रदेश को पहचान के संकट, कानून व्यवस्था के भीषण संकट, अराजकता और भ्रष्टाचार के रूप में चुकानी पड़ती थी। कृत्य एक व्यक्ति गलत करता था और कीमत पूरा प्रदेश चुकाने को मजबूर होता था। आज पारदर्शिता और शुचिता के साथ आगे बढ़ रहे उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट नहीं है। प्रदेश के लोग कहीं भी सीना तानकर कह सकते हैं कि वे उत्तर प्रदेश के हैं। मुख्यमंत्री योगी रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के षष्ठम स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
     
    साढ़े नौ वर्ष में 9.5 लाख सरकारी नौकरियां
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया जितनी पारदर्शी होगी, परिणाम उतने ही फलदायी होंगे। अच्छे लोगों का चयन नहीं होगा, चयन प्रक्रिया में विसंगति, भेदभाव और शुचिता का अभाव होगा तो उसकी कीमत पूरे संस्थान को चुकानी पड़ेगी। पिछले साढ़े नौ वर्ष में प्रदेश में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। कोई यह नहीं कह सकता कि नियुक्ति में उसके साथ भेदभाव हुआ या किसी प्रकार का लेनदेन हुआ। प्रदेश में लगभग 16 लाख सरकारी कर्मचारी हैं, जिनमें 9.5 लाख वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भर्ती हुए हैं। यह युवा कार्यबल प्रदेश की प्रगति को नई गति दे रहा है।

    अंग प्रत्यारोपण यूनिट समेत कई सुविधाओं का लोकार्पण

    मुख्यमंत्री योगी ने संस्थान में तैयार मुख्य चिकित्सा अंग प्रत्यारोपण यूनिट सहित कई अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लोकार्पण किया। इनमें 40 बेड का इमरजेंसी वार्ड, मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में 100 मरीजों की क्षमता वाला वेटिंग हाल आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट का भी विमोचन किया।
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अंग प्रत्यारोपण यूनिट से किडनी ट्रांसप्लांट की प्रतीक्षा सूची कम करने में मदद मिलेगी। बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा भी जल्द शुरू होने जा रही है। संस्थान रोबोटिक सर्जरी, गामा नाइफ, एआइ आधारित डायग्नोस्टिक, एडवांस इमेजिंग, टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के 10 जिलों में वर्चुअल आइसीयू का संचालन किया जा रहा है।

    अब चुनौती पैसे की नहीं, वेटिंग सूची कम करने की

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिला अस्पतालों में 10-10 बेड पर निशुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा और मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से जरूरतमंदों के उपचार के लिए धन उपलब्ध कराया जा रहा है। आज समस्या पैसे की नहीं है। सबसे बड़ी चुनौती किडनी ट्रांसप्लांट सहित गंभीर उपचार के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची को कम करने की है।
     
    20 बेड से 1,400 बेड का सुपर स्पेशियलिटी संस्थान

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में यह प्रश्न था कि यहां अस्पताल रहेगा या इसे संस्थान बनाया जाएगा। सरकार ने इसे संस्थान के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। कभी 20 बेड के छोटे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में शुरू हुआ परिसर आज 1,400 बेड के सुपर स्पेशियलिटी संस्थान में बदल चुका है। पहले यहां की शिकायतों से समाचारपत्र रंगे रहते थे, अब शिकायतें कम आती हैं। जनता की संतुष्टि ही किसी संस्थान की सफलता की कसौटी है। संस्थान में 1,010 बेड का नया अस्पताल और 350 बेड का ट्रॉमा सेंटर भी प्रस्तावित है।

    41 से बढ़कर 85 हुए मेडिकल कॉलेज

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर 41 मेडिकल कॉलेज थे, आज 85 मेडिकल कॉलेज और दो एम्स संचालित हैं। एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक और पीजी की सीटें 3,564 से बढ़कर 5,067 हो गई हैं। पहले केवल दो नर्सिंग कॉलेज थे, अब 26 बन चुके हैं और 33 निर्माणाधीन हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की संख्या 1,227 से बढ़कर 3,438 हो गई है।
     
    पिछली सरकार ने मेडिकल कॉलेज बनाने से किया था इनकार

    पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले चरण में उत्तर प्रदेश के लिए 17 मेडिकल कॉलेज और गोरखपुर एम्स स्वीकृत किया था, लेकिन तत्कालीन सरकार ने मेडिकल कॉलेज बनाने से इनकार कर दिया। गोरखपुर एम्स के लिए ऐसी भूमि उपलब्ध कराई गई जिस पर सुप्रीम कोर्ट का स्थगन था। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद नई भूमि उपलब्ध कराई गई और आज गोरखपुर एम्स सफलतापूर्वक संचालित है। रायबरेली एम्स की समस्याओं का भी समाधान किया गया।
     
    अपने मेडिकल डाटा पर खुद करें शोध

    मुख्यमंत्री योगी ने चिकित्सा संस्थानों से उपचार के साथ शोध, नवाचार और तकनीक को जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारे ही डाटा पर पश्चिमी देश शोधपत्र प्रस्तुत करते हैं, जबकि हम अपने डाटा को संरक्षित नहीं कर पाते। अपने मेडिकल डाटा को संरक्षित कर भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करनी होंगी। आइआइटी कानपुर के साथ मेडटेक सेंटर आफ एक्सीलेंस, एसजीपीजीआइ में सेंटर आफ एक्सीलेंस, मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क इसी दिशा में किए जा रहे प्रयास हैं। एआई भी चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
     
    100 वर्ष बनाम नौ महीने का दिया उदाहरण

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जापान ने इंसेफेलाइटिस की वैक्सीन 1905 में विकसित कर ली थी, लेकिन उसे भारत आने में 100 वर्ष लग गए। वहीं कोविड महामारी के दौरान भारतीय वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केवल नौ महीने में दो वैक्सीन विकसित कर दीं। भारत ने अपने नागरिकों को नि:शुल्क टीका उपलब्ध कराने के साथ करीब 100 मित्र देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बीमारी का पैटर्न बदल रहा है, इसलिए चिकित्सा संस्थानों को समय से 10 कदम आगे सोचने की जरूरत है। हीलिंग, लर्निंग और डिस्कवरी एक साथ चलेंगी तभी कोई संस्थान वास्तविक सेंटर आफ एक्सीलेंस बन सकेगा।
     
    194 पदों पर भर्ती, मुख्यमंत्री योगी ने दिए नियुक्ति पत्र

    प्रदेश सरकार के सहयोग से संस्थान में 194 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है। मुख्यमंत्री योगी ने नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें टेक्निकल आफिसर परफ्यूजन अनुज कुमार शुक्ला, डाइटीशियन ममता तिवारी और सावन कुमार समेत अन्य नवनियुक्त कार्मिक शामिल रहे। मुख्यमंत्री योगी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले संकाय और नर्सिंग कर्मियों को भी सम्मानित किया। सीएमएस एवं जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह को डायरेक्टर एक्सीलेंस अवार्ड दिया गया। डॉ. आलोक श्रीवास्तव, डॉ. अजय कुमार वर्मा समेत अन्य संकाय सदस्यों को डायरेक्टर्स अवार्ड आफ मेरिट प्रदान किया गया। नर्सिंग में उमा पांडेय को डायरेक्टर्स मेरिट अवार्ड और सीएनओ सुमन सिंह को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला।
     
    दो पुस्तकों और वार्षिक प्रगति रिपोर्ट का विमोचन
    मुख्यमंत्री योगी ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट के साथ डॉ. अजय कुमार वर्मा की पुस्तक ‘सही जानकारी सही देखभाल’ और डॉ. एसएस नाथ की पुस्तक ‘क्रिटिकल केयर फाल्स’ का विमोचन किया।

    सपा सरकार ने प्रदेश को गुंडागर्दी, अराजकता, भ्रष्टाचार और दंगों की ओर धकेला: ब्रजेश पाठक

    उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा पर आरोप लगाया कि पिछली सरकार में प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को ही टेंडर मिलते थे। लोहिया इंस्टीट्यूट समेत संस्थानों में भवन निर्माण से लेकर कपड़े धोने, कैंटीन और साइकिल स्टैंड तक के काम ‘भैया के आदमी’ को मिलते थे। ऐसे में शुचिता और पारदर्शिता की बात कैसे की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जनता ने निष्पक्ष हाथों में सत्ता सौंपी है। योगी सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। पहले प्रदेश में करीब 5000 डॉक्टर तैयार होते थे, अब 12,500 से अधिक चिकित्सक तैयार किए जा रहे हैं। एमडी-एमएस की सीटें कई गुनी हो चुकी हैं और मेडिकल कॉलेजों की संख्या 88 से अधिक हो गई है। प्रदेश में वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में काम हो रहा है और मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सपा सरकार ने प्रदेश को गुंडागर्दी, अराजकता, भ्रष्टाचार और दंगों की ओर धकेला। 

    20 बेड से 1,400 बेड तक पहुंचा संस्थान : मयंकेश्वर

    चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि एक समय यह अस्पताल केवल 20 बेड से शुरू हुआ था। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र ने लंबी छलांग लगाई है। छह वर्ष पहले मुख्यमंत्री योगी ने इसे संस्थान के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया और उसके बाद जिस तेजी से इसकी प्रगति हुई है, वह सराहनीय है। आज संस्थान में 1,400 बेड हैं और यह प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में अपनी जगह बना चुका है।

    कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष आदि उपस्थित रहे। संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रुद्राक्ष का पौधा भेंटकर स्वागत किया।

  • डॉलर के खिलाफ BRICS का बड़ा प्लान, भारत ने साझा करेंसी पर दिया बड़ा अपडेट

    डॉलर के खिलाफ BRICS का बड़ा प्लान, भारत ने साझा करेंसी पर दिया बड़ा अपडेट

    नई दिल्ली
     दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स सम्मेलन में अमेरिकी डॉलर के खिलाफ मुहिम शुरू हो गई है। वहीं साझा BRICS करेंसी को लेकर स्थिति साफ हो गई है। भारत सरकार ने कहा है कि फिलहाल समूह में ऐसी किसी करेंसी का प्रस्ताव नहीं है। हालांकि, सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार निपटाने और पेमेंट सिस्टम को जोड़ने पर चर्चा जारी है। यानी ब्रिक्स देश अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता करना चाहते हैं।

    विदेश मंत्रालय में आर्थिक संबंध सचिव सुधाकर दलेला ने बताया कि फिलहाल ब्रिक्स में साझा करेंसी शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्रा में व्यापार निपटाने को लेकर बातचीत काफी समय से चल रही है। दलेला के मुताबिक, स्थानीय मुद्रा में भुगतान को द्विपक्षीय व्यापार की लागत घटाने के एक व्यावहारिक तरीके के तौर पर देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य वैश्विक पेमेंट और सेटलमेंट सिस्टम के विकल्प के बजाय उसे पूरक बनाना है।

    Navbharat TimesBRICS डिनर में परोसी गई हिमालय की गुच्छी, कीमत ₹40000 किलो तक, जानें इस महंगी मशरूम से कैसे शुरू करें बिजनेस

    डॉलर पर निर्भरता घटाने की कोशिश
    ब्रिक्स देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने की चर्चा ऐसे समय हो रही है, जब डॉलर पर निर्भरता कम करने यानी डी-डॉलराइजेशन को लेकर दुनिया भर में चर्चा तेज है। ब्रिक्स सम्मेलन में शनिवार को जारी New Delhi Declaration में भी स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और निवेश के सेटलमेंट को बढ़ावा देने पर चल रही चर्चाओं का उल्लेख किया गया है।

    पीयूष गोयल ने की थी अपील
    भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी 11 सितंबर को BRICS बिजनेस फोरम में सदस्य देशों से अपने पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की अपील की थी।

    गोयल ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और UPI का उदाहरण देते हुए कहा था कि UPI अब 11 देशों में स्वीकार किया जाता है। उन्होंने BRICS देशों से पेमेंट सिस्टम को जोड़ने और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

    अमेरिका क्यों है चिंतित?
    BRICS में डॉलर से दूरी बनाने की किसी भी कोशिश को अमेरिका के लिए चुनौती के तौर पर देखा जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही BRICS देशों को साझा करेंसी बनाने या डॉलर के विकल्प का समर्थन करने के खिलाफ चेतावनी दे चुके हैं।

    नवंबर 2024 में ट्रंप ने कहा था कि अगर ब्रिक्स देश नई करेंसी बनाते हैं या डॉलर की जगह किसी दूसरी करेंसी को समर्थन देते हैं, तो उन पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है।

  • चीन-पाकिस्तान की दोस्ती में आई दरार? ब्रिक्स के बाद बदलते रिश्तों के संकेत

    चीन-पाकिस्तान की दोस्ती में आई दरार? ब्रिक्स के बाद बदलते रिश्तों के संकेत

    नई दिल्ली
    चीन और पाकिस्तान हमेशा कहते रहे हैं कि उनकी दोस्ती हर मौसम में चलती है। चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा साथी है। पाकिस्तान ने चीन को सीपीईसी जैसी परियोजनाओं से अरब सागर तक रास्ता दिया है। लेकिन नई दिल्ली में ब्रिक्स बैठक में एक बात खास रही। चीन उस बैठक में था, जिसमें 2025 के पहलगाम हमले की निंदा हुई। बैठक में आतंकवाद पर सख्ती की बात भी कही गई। घोषणापत्र में 22 अप्रैल 2025 के हमले की निंदा की गई। उस हमले में 26 लोग मारे गए थे। इसमें सीमा पार आतंकियों, आतंक को पैसे देने और उनके ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। पाकिस्तान का नाम नहीं लिया गया। भारत के ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन भी नहीं किया गया। फिर भी चीन का इस दस्तावेज पर दस्तखत करना बड़ी बात है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दोनों देशों के रिश्ते बदल रहे हैं?

    चीन की मौजूदगी क्यों जरूरी है?
    दरअसल, पहलगाम का जिक्र नया नहीं था। मई में भी ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों ने इस हमले की निंदा की थी। दिल्ली के लिए यह इसलिए बड़ा है क्योंकि चीन पाकिस्तान का करीबी दोस्त माना जाता है। यह बात उस समय हुई जब भारत और चीन 2020 के गलवान झगड़े के बाद रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। शी जिनपिंग नई दिल्ली आए। चीन ने ऐसे बयान पर दस्तखत किए जो भारत की बड़ी सुरक्षा चिंता से जुड़ा है। इसका मतलब यह नहीं कि चीन ने पाकिस्तान को छोड़ दिया। लेकिन सवाल यह है कि जब चीन के अपने फायदे दांव पर हों, तो वह पाकिस्तान का कितना साथ देगा।

    चीन की सबसे बड़ी समस्या क्या?
    बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच तनाव का बड़ा कारण भारत नहीं है। कारण है चीनी नागरिकों की सुरक्षा। सीपीईसी पर काम कर रहे चीनी मजदूरों पर, खासकर बलूचिस्तान में, बार-बार हमले हो रहे हैं। इस कारण चीन नाराज है। अब चीन खुलकर पाकिस्तान से सुरक्षा सुधारने को कह रहा है। कुछ परियोजनाएं हमलों के बाद कुछ समय के लिए रुकी भी थीं। 2026 में भी यही समस्या है। चीन सीपीईसी 2.0 आगे बढ़ाना चाहता है, लेकिन सुरक्षा पर जोर दे रहा है। पाकिस्तान ने चीनी लोगों और परियोजनाओं की सुरक्षा सुधारने का वादा किया है। यही कारण है कि रिश्ता टूटा नहीं है। लेकिन सीपीईसी पर सुरक्षा की दिक्कतें बढ़ रही हैं।

    निवेश को लेकर सवाल
    खबर है कि दोनों देशों के बीच निवेश को लेकर भी फर्क दिख रहा है। खबर है कि चीन की एक बड़ी कंपनी ने पाकिस्तान की बिजली कंपनी खरीदने का प्लान वापस ले लिया। वजह है पैसे की समस्या और सुरक्षा का खतरा। सीपीईसी बड़े चीनी निवेश पर बना था। अब चीन सिर्फ दोस्ती के लिए पैसा नहीं लगाना चाहता। वह देख रहा है कि पैसा वापस आएगा या नहीं और काम सुरक्षित है या नहीं। पाकिस्तान को चीन के पैसे की जरूरत है, लेकिन वह कर्ज और सुरक्षा की समस्या से जूझ रहा है।

    बता दें कि मई 2026 में शहबाज शरीफ चीन गए। शी जिनपिंग से मुलाकात हुई। दोनों ने दोस्ती और सीपीईसी को और मजबूत करने की बात कही। चीन ने सीपीईसी 2.0 का साथ दोहराया। पाकिस्तान ने सुरक्षा सुधारने का वादा किया। अगस्त में भी दोनों पक्षों ने सीपीईसी पर बात की। यानी चीन दूर नहीं हो रहा। वह पाकिस्तान से और ज्यादा मांग कर रहा है। शायद यही कारण है कि कुछ मुद्दे पर तनाव दिख रहा है।

    पाकिस्तान और ब्रिक्स
    पाकिस्तान 2023 से ब्रिक्स में शामिल होना चाहता है। उसने चीन और रूस से मदद मांगी। लेकिन सभी देशों की सहमति चाहिए। भारत का विरोध बड़ी रुकावट है। ब्रिक्स में जाने से पाकिस्तान को ज्यादा पहचान और नई ताकतों से बात करने का मौका मिल सकता है। चीन अब तक भारत के विरोध को पार नहीं कर पाया है। लगता है चीन पाकिस्तान के साथ रिश्ता भी रखना चाहता है और भारत के साथ भी बेहतर संबंध रखना चाहता है।

    पहलगाम वाले बयान के पीछे क्या कारण?
    चीन के पाकिस्तान में बड़े हित हैं। सीपीईसी कश्मीर के उस हिस्से से जाता है जो पाकिस्तान के पास है। ग्वादर से अरब सागर तक रास्ता मिलता है। पाकिस्तान भारत के सामने संतुलन भी बनाता है। लेकिन चीन का भारत से बड़ा व्यापार भी है। वह सीमा पर शांति और भारत से अच्छे रिश्ते चाहता है। मोदी और शी रिश्ते सुधारने पर काम कर रहे हैं। ऐसे में चीन नहीं चाहता कि हर मामले में उसे सिर्फ पाकिस्तान का पक्षधर माना जाए। इसलिए ब्रिक्स में पहलगाम की बात इसी दिशा में जाती है। चीन पाकिस्तान का साथी रह सकता है, बिना हर बात पर उसका साथ दिए।

    क्या रिश्ते खराब हो रहे हैं?
    पाकिस्तान में लगातार चीनी लोगों पर हमले हो रहे हैं। सीपीईसी की सुरक्षा कमजोर है। निवेश का फायदा साफ नहीं है। परियोजनाओं में देरी है। चीन अब पैसे और सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। साथ ही भारत से रिश्ते सुधारना चाहता है। लेकिन अभी बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। चीन अब भी पाकिस्तान को जरूरी साथी मानता है। पाकिस्तान अब भी चीन की मदद पर बहुत निर्भर है। चीन सीपीईसी 2.0 का साथ दे रहा है।

    बता दें कि पहले पाकिस्तान चीन को रास्ता और साथ देता था। चीन पाकिस्तान को पैसा, समर्थन और सुरक्षा देता था। अब चीन बदले में ज्यादा चाहता है- अपने लोगों की सुरक्षा, अपने पैसे की सुरक्षा और काम में साफ तस्वीर। इसलिए ब्रिक्स में पहलगाम का जिक्र अहम है। लेकिन यह नहीं कहा जा सकता है कि चीन ने पाकिस्तान को छोड़ दिया। बात यह है कि पाकिस्तान अब यह नहीं मान सकता कि भारत से टकराव होने पर चीन हर बार अपने आप भारत के खिलाफ खड़ा हो जाएगा। नई दिल्ली के लिए यही बात सबसे बड़ी है।

  • 80% भारतीय नॉन-वेज? राहुल गांधी के छोले-भटूरे पोस्ट पर घमासान

    80% भारतीय नॉन-वेज? राहुल गांधी के छोले-भटूरे पोस्ट पर घमासान

    नई दिल्ली
    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के एक पोस्ट ने सोशल मीडिया पर एक अलग बहस छेड़ दी है। अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने वेजिटेरियन और नॉन-वेजिटेरियन खाने का जिक्र किया, जिसके बाद लोगों उनकी पोस्ट पर काफी कमेंट कर रहे हैं । राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत में 80% लोग नॉन-वेजिटेरियन हैं। भारत का नॉन-वेज खाना बहुत स्वादिष्ट होता है। राहुल के इस पोस्ट को BRICS समिट में परोसे गए वेज फूड से जोड़कर देखा जा रहा है।

    राहुल गांधी ने किया ये पोस्ट
    बता दें कि, राहुल गांधी ने रविवार 13 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर किया। इस पोस्ट में उन्होंने छोले-भटूरे की फोटो शेयर की। साथ ही कैप्शन में उन्होंने इंडियन नॉन-वेज का जिक्र किया। X पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने लिखा, "80 प्रतिशत इंडियन नॉन-वेजिटेरियन हैं और इंडियन नॉन-वेज खाना बहुत ही ज्यादा स्वादिष्ट होता है। उन्होंने पोस्ट पर मजाकिया अंदाज में ये भी कहा कि उनकी बहन के बनाए छोले-भटूरे भी उतने ही स्वादिष्ट हैं। पोस्ट में शेयर की गई तस्वीर देखकर ऐसा लगता है कि ये छोले-भटूरे कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने अपने हाथों से तैयार किए थे।

    पोस्ट पर छिड़ी बहस
    दरअसस, BRICS के आधिकारिक गाला डिनर के मेन्यू में कोई नॉन-वेज डिश शामिल नहीं थी। शाकाहारी मेन्यू को लेकर सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। वहीं राहुल गांधी के इस पोस्ट को BRICS समिट में परोसे गए वेज फूड से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पोस्ट करते हुए लिखा कि मुझे यकीन नहीं हो रहा कि कांग्रेस पार्टी ब्रिक्स देशों के नेताओं को परोसे गए खाने के मेन्यू पर भी राजनीति कर रही है। हमारे मेहमानों ने भारतीय शाकाहारी भोजन का आनंद लिया, जो स्वाद और पोषण से भरपूर था और जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं की झलक थी।

    BRICS के मेन्यू में थे ये डिश
    दरअसल 12 सितंबर को आयोजित डिनर के मेन्यू में पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता, गुजराती खांडवी और मिलेट्स का पुलाव रखा गया था। कश्मीर की मशरूम डिश और मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी परोसी गई थी। मेन्यू के मुताबिक, स्टार्टर के तौर पर खांडवी मिल-फ्यूई थी। मेन स्टार्टर में पनीर लबाबदार से लेकर गुच्छी मार्मिक, केसर, किशमिशन और मामरा बदाम के साथ पकाए गए हिमाचली गुच्छी मशरूम और मिलेट पुलाव था।

    भारत ने की मेजबानी
    बता दें कि, भारत में आयोजित दो दिवसीय 18वां BRICS शिखर सम्मेलन रविवार को खत्म हुआ। इस सम्मेलन में 11 सदस्य देशों के नेता एक मंच पर जुटे और कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी। साल 2024 में इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को शामिल किया गया। इसके बाद 2025 में इंडोनेशिया भी BRICS का सदस्य बन गया। इसके अलावा, पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम को BRICS के साझेदार देशों का दर्जा दिया गया था।

  • मानसून की विदाई से पहले मौसम का पलटवार, 23 राज्यों में तूफान-बारिश

    मानसून की विदाई से पहले मौसम का पलटवार, 23 राज्यों में तूफान-बारिश

     नई दिल्ली
    देश में मानसून की विदाई से पहले मौसम विभाग ने एक बार फिर से टेंशन बढ़ाने वाला अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज यानी 14 सितंबर को यूपी, बिहार सहित 23 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। इस दौरान 85 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से आंधी चलने की चेतावनी है। वहीं, इस तेज हवा के झोंके के चलते पूर्वी राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तूफानी हवा लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा पूर्वी भारत में बिजली और वज्रपात का आक्रामक प्रहार देखने को मिल सकता है।

    वहीं, बंगाल की खाड़ी में चलने वाली तूफानी हवाओं की वजह से पूर्वी भारत के राज्यों में लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं, 4 से अधिक राज्यों में ओले गिरने की भी चेतावनी है। वहीं, मध्य असम और आसपास के इलाकों के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। वहीं, कब दबाव का क्षेत्र 24 घंटों के दौरान दक्षिण छत्तीसगढ़ और विदर्भ से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। तो चलिए हम आपलोगों को बताते हैं देश के अन्य राज्यों में आज यानी 14 सितंबर को मौसम का हाल कैसा रहेगा। हम जिलावार भी मौसम का हाल बताने जा रहे हैं…

    देश के 23 राज्यों में बारिश-आंधी की चेतावनी
    मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक आज यानी 14 सितंबर को देश के 23 राज्यों यूपी, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, त्रिपुरा, असम, मेघालय और नागालैंड में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अलर्ट है।

    दिल्ली में आज मौसम कैसा रहेगा
        दिल्ली (14 सितंबर-बारिश-आंधी का अलर्ट): दिल्ली में कल यानी 14 सितंबर को मध्यम बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तेज आंधी चल सकती है। वहीं, दिल्ली में कल यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

    यूपी में आज मौसम कैसा रहेगा
        यूपी (14 सितंबर- बारिश-आंधी की चेतावनी): मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, बुलंदशहर, झांसी, कानपुर, इटावा, सोनभद्र, मिर्जापुर, सीतापुर, उन्नाव, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मानपुरी, गाजीपुर, बलिया, बांदा, प्रयागराज, देवरिया, गोंडा, बलरामपुर और गोरखपुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी है। वहीं, लखनऊ में आज यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा।

    बिहार में आज मौसम कैसा रहेगा
        बिहार (14 सितंबर-भारी बारिश-तूफान का अलर्ट): गया, पूर्वी चंपारण, रोहतास, गया, नवादा, लखीसराय, मुंगेर, नालंदा, बक्सर, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया किशनगंज, कटिहार, अररिया, बेगूसराय, लखीसराय और खगड़िया में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, पटना में कल यानी 8 अगस्त को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस जाएगा।

    झारखंड में आज मौसम कैसा रहेगा
        झारखंड (14-15 सितंबर- भारी बारिश-आंधी की चेतावनी): रामगढ़, बोकारो, रांची, हजारीबाग, रामगढ़, जमशेदपुर, पलामू, खूंटी और दुमका में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, इस बारिश के चलते 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रांची में कल यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।

    उत्तराखंड में आज मौसम कैसा रहेगा
        उत्तराखंड (14 सितंबर- बारिश और आंधी की चेतावनी): बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, ऋषिकेश, हरिद्वार, पिथौरागढ़, पौड़ी गढ़वाल और अल्मोड़ा में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से आंधी चल सकती है। वहीं, देहरादून में कल यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस जाएगा तो न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।

    हिमाचल में आज मौसम कैसा रहेगा
        हिमाचल प्रदेश (14 सितंबर- बारिश-आंधी का येलो अलर्ट): कांगड़ा, सिरमौर, शिमला, मंडी, चंबा, कुल्लू और सोलन में मध्यम से तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। वहीं, मनाली में कल यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है।

    जम्मू-कश्मीर में आज मौसम कैसा रहेगा
        जम्मू-कश्मीर (14 सितंबर-भारी बारिश-आंधी की चेतावनी): मीरपुर, कुलगाम, कठुआ, जम्मू, शोपियां, डोडा, राजौरी, पुंछ किश्तवाड़ और अनंतनाग में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, श्रीनगर में कल यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा

    पश्चिम बंगाल में आज मौसम कैसा रहेगा
        पश्चिम बंगाल(14-15 सितंबर-भारी बारिश-आंधी का अलर्ट): पश्चिमी मेदिनीपुर, पुरबा मेदिनीपुर, दार्जिलिंग, हावड़ा, बांकुड़ा, झाड़ग्राम, दक्षिण 24 परगना, कोलकाता, नादिया, अलीपुरद्वार, बीरभूम और कलीम्पोंग में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, इस दौरान 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चलेंगे। वहीं, कोलकाता में कल यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचेगा।

    पंजाब में आज मौसम कैसा रहेगा
        पंजाब (14 सितंबर-भारी बारिश और आंधी की संभावना): पठानकोट, बरनाला, लुधियाना, चंडीगढ़, जालंधर, गुरदासपुर और पटियाला में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलेगी।

    राजस्थान में आज मौसम कैसा रहेगा
        राजस्थान (14 सितंबर-बारिश-आंधी की चेतावनी): अजमेर, भरतपुर, उदयपुर, जयपुर, भिलवाड़ा, सवाई माधोपुर, बारां, कोटा, पाली और बीकानेर में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।। इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी। वहीं, जयपुर में कल यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा।

    मध्य प्रदेश में आज मौसम कैसा रहेगा
        मध्य प्रदेश (14 सितंबर- बारिश-आंधी का येलो अलर्ट): नरसिंहपुर, देवास, होशंगाबाद, भोपाल, इंदौर, खांडवा, गुना, मुरैना, शेयोपुर, उज्जैन, विदिशा, अशोक नगर, नीमच, उमरिया, छिंदवाड़ा, अशोक नगर और कटनी में मध्यम से भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तेज हवा के झोंके चल सकते हैं। वहीं, भोपाल में कल यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा।

    छत्तीसगढ़ में आज मौसम कैसा रहेगा
        छत्तीसगढ़(14 सितंबर-भारी बारिश-आंधी की चेतावनी): बिलासपुर, सूरजपुर, रायपुर, सरगुंजा, जांजगीर, धमतरी दुर्ग, बेमेतरा, महासमुंद और बस्तर में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चलने की चेतावनी है।

    ओडिशा में आज मौसम कैसा रहेगा
        ओडिशा(14 सितंबर-भारी बारिश-आंधी का अलर्ट): पुरी, भद्रक, मयूरभंज, भुवनेश्वर, बालासोर और क्योंझर में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी है।